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वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की उपस्थिति में केलो विहार समिति के सदस्यों से संवाद, पात्र हितग्राहियों को किया गया मांग पत्र वितरण

रायगढ़, 24 अप्रैल 2026/ 
प्रदेश के वित्तमंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन कक्ष में केलो विहार शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायगढ़ के पंजीकृत सदस्यों से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मंत्री श्री चौधरी ने समिति के सदस्यों से संवाद करते हुए आवासीय सुविधाओं के विस्तार, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र परिवार को आवासीय अधिकार एवं मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों।
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री द्वारा पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण भी किया गया। मौके पर ही  समिति के 2400 वर्गफुट श्रेणी में डॉ. धनराज प्रसाद साहू, श्री दुलीचंद देवांगन एवं श्री एस.एच. खोड़यार को, 1800 वर्गफुट श्रेणी में श्री भवानी शंकर पटनायक को,
इसी प्रकार 1500 वर्गफुट श्रेणी में श्री आई.एस. परिहार, श्री केदारनाथ प्रधान एवं श्रीमती बासंती सरकार को, 1200 वर्गफुट श्रेणी में श्री खगेश्वर पटेल एवं श्री मथुरा प्रसाद नामदेव को मांग पत्र जारी किया गया। वहीं 960 वर्गफुट श्रेणी में श्री सूर्यकुमार पांडा, श्री त्रिलोकी नाथ पुजारी, श्रीवत्स पांडा एवं श्री बालकृष्ण डनसेना को पट्टा प्रदान किया गया। जिला प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई कि समिति से संबंधित कुल 103 पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन किया गया है तथा शेष प्रकरणों में भी नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, जिला प्रशासन के अधिकारीगण, कर्मचारीगण, समिति पदाधिकारी एवं पंजीकृत सदस्य उपस्थित रहे।
इस दौरान मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि केलो विहार पट्टा प्रकरण लंबे समय से लंबित और अत्यंत संवेदनशील विषय था। यहां के नागरिकों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने युवावस्था में अपने सपनों का घर बनाया, प्लॉट लिया, मकान निर्मित किया, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें मालिकाना हक नहीं मिल पाया था।
उन्होंने कहा कि आज जब पात्र हितग्राहियों को पट्टा मिला है, तो यह उनके जीवन के सपनों के साकार होने जैसा है। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जब लोकतंत्र में सरकार और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं, तब लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन आता है। केलो विहार के निवासियों के साथ आज ऐसा ही सकारात्मक कार्य हुआ है।
उन्होंने कहा कि अधिकतर हितग्राही सेवानिवृत्त आयु वर्ग के हैं, जिनकी आयु 60 से 70 वर्ष या उससे अधिक है। ऐसे समय में उन्हें उनके अधिकार दिलाना अत्यंत संतोष का विषय है। मंत्री श्री चौधरी ने इस कार्य के लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसडीएम, नजूल विभाग तथा संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए केलो विहार के सभी निवासियों को शुभकामनाएं दीं।

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स्वास्थ्य अमले ने किया स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने औचक निरीक्षण,हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण पर विशेष जोर


रायगढ़, 23 अप्रैल 2026। राज्य शासन एवं कलेक्टर के निर्देश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनिल जगत एवं जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा तथा डॉ. कल्याणी पटेल की संयुक्त टीम द्वारा विकासखंड लोईंग एवं पुसौर में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हाई रिस्क गर्भवती महिला वार्ड, ओपीडी सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
टीम ने विकासखंड लोईंग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनोरा एवं जामगांव तथा पुसौर क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र औरदा, कुसमुरा और कोड़ातरई का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
निरीक्षण के दौरान संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने तथा एनीमिक गर्भवती माताओं की नियमित जांच, उपचार एवं पोषण संबंधी परामर्श देने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों को प्रत्येक माह की 25 तारीख को संभावित प्रसव तिथि वाली गर्भवती महिलाओं की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पोर्टल एंट्री, एचपीवी टीकाकरण, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और औचक मूल्यांकन जैसे पहलुओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी संबंधितों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

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सट्टा नेटवर्क की कमर तोड़ने में जुटी रायगढ़ पुलिस, बड़े खाईवालों पर लगातार शिकंजा, दबाव में एक-एक कर सरेंडर कर रहे आरोपी, अब एजाज खान भी पहुंचा कोतवाली, जीरो टॉलरेंस नीति से अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप”

 रायगढ़, 24 अप्रैल* ।  एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के प्रभाव से जुआ-सट्टा कारोबारियों में लगातार दबाव बन रहा है। इसी कड़ी में रायगढ़ का एक और बड़ा सट्टा खाईवाल एजाज खान निवासी पतरापाली रायगढ़ ने कोतवाली पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है। जुआ-सट्टा के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की सख्त और लगातार कार्रवाई के चलते पूर्व में दो बड़े खाईवाल पप्पू बरेठ और शहनवाज उर्फ सानू द्वारा आत्मसमर्पण किया जा चुका है, वहीं अब सानू का साला और सट्टा नेटवर्क से जुड़ा बड़ा नाम एजाज खान भी पुलिस के सामने सरेंडर करने को मजबूर हुआ है।

       जानकारी के मुताबिक 31 मार्च को मुखबिर सूचना पर कोतवाली पुलिस ने बापूनगर निवासी नरेंद्र दीप को सट्टा पट्टी लिखते रंगे हाथ पकड़ा था। उसके कब्जे से मोबाइल, 2070 रुपये नगद और सट्टा पट्टी जब्त की गई थी। पूछताछ में नरेंद्र दीप ने कमीशन पर सट्टा लिखना और इसके पीछे खाईवाल शहनवाज उर्फ सानू तथा एजाज खान के नेटवर्क का खुलासा किया था। इस आधार पर कोतवाली पुलिस ने जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6 के तहत प्रकरण क्रमांक 174/2026 दर्ज कर नरेंद्र दीप के साथ शहनवाज और एजाज खान को आरोपी बनाया था। नरेंद्र दीप को पूर्व में रिमांड पर भेजा गया था जबकि दोनों खाईवाल फरार थे।

       रायगढ़ पुलिस की लगातार दबिश और “ऑपरेशन अंकुश” के दबाव में पहले शहनवाज उर्फ सानू ने सरेंडर किया और अब कल *आरोपी एजाज खान पिता मो. हुसैन उम्र 30 साल निवासी टीपी नगर पतरापाली थाना कोतरारोड़* ने भी कोतवाली पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि रायगढ़ पुलिस सिर्फ सट्टा पट्टी लिखने वालों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे नेटवर्क और खाईवालों पर सीधी चोट कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* :

*“जुआ-सट्टा जैसे अवैध कारोबार सामाजिक अपराध हैं। रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे कारोबारियों पर लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोग सरेंडर करें, अन्यथा कानून अपना काम करेगा।”*

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“बरभांठा चौक में घेराबंदी…तमनार पुलिस ने दबोचा बाइक चोर, चोरी की HF Deluxe बरामद—आदतन आरोपी अर्जुन सिदार फिर चढ़ा पुलिस के हत्थे

           *24 अप्रैल, रायगढ़* । तमनार पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई बाइक बरामद की है। प्रार्थी रूपानंद राठिया निवासी ग्राम टांगरघाट द्वारा 11 अप्रैल 2026 को थाना तमनार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 2 अप्रैल की शाम वह अपनी HF Deluxe (क्रमांक CG 13 AH 0199) घर के पास खड़ी कर शादी कार्यक्रम में गया था, और अगले दिन सुबह लौटने पर बाइक गायब मिली।

                 प्रकरण में थाना तमनार में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 70/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी गई बाइक ग्राम चिर्रामुडा के एक युवक के पास देखी गई है। सूचना पर थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बरभांठा चौक में घेराबंदी कर संदेही अर्जुन सिदार (19 वर्ष) निवासी चिर्रामुडा को पकड़ लिया।

             पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी करना स्वीकार किया, जिसके कब्जे से चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पूर्व में भी चोरी के मामलों में संलिप्त रहा है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। वाहन चोरी के खुलासा में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव एवं उनके हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही है ।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* :

*“चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों पर रायगढ़ पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। आदतन अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”*

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ग्राम रजौटी, कलिबा व कुरकुंगा में पशुओं की जांच, बैक्टीरियल रोग की रिपोर्ट नेगेटिव,स्थिति नियंत्रण में, 129 पशुपालकों के 549 पशुओं का हुआ टीकाकरण

जशपुरनगर, 24 अप्रैल 2026/ जिले में एक सप्ताह के भीतर 5 पशुओं की मौत एवं कई मवेशियों के बीमार होने की शिकायत मिलने के संबंध में  उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने जानकारी देते हुए बताया कि पशु चिकित्सा विभाग जशपुर की टीम के द्वारा 17 अप्रैल को ग्राम रजौटी, कलिबा एवं कुरकुंगा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया गया। गठित जांच दल ने पशुपालकों से मुलाकात कर बीमार पशुओं की जानकारी एकत्र की तथा प्रभावित ग्रामों से रक्त पट्टी के नमूने लेकर जिला पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला, जशपुर में परीक्षण कराया गया। जांच में बैक्टीरियल रोग की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। इसके अलावा राज्य स्तरीय पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट भी नेगेटिव प्राप्त हुई है। अब अतिरिक्त पुष्टि के लिए रक्त नमूने RTPCR जांच हेतु WRDDL Pune भेजे जा रहे हैं। टीम द्वारा बीमार पशुओं का लगातार उपचार किया गया, जिससे ग्राम रजौटी के 01  एवं कलिबा के 01 प्रभावित पशु अब स्वस्थ हो चुके हैं। साथ ही सभी प्रभावित गांवों में रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।   
     उन्होंने बताया कि अब तक 129 पशुपालकों के 549 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जिसमें हाल ही में 73 पशुपालकों के 450 पशु शामिल हैं। पशुपालकों को जागरूक करते हुए बताया गया है कि पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय, औषधालय या मोबाइल वेटनरी यूनिट के टोल-फ्री नंबर 1962 पर सूचना दें। वर्तमान में ग्राम पंचायत कलिबा एवं रजौटी में किसी भी पशु के बीमार होने की सूचना नहीं है। संबंधित सरपंचों द्वारा भी प्रमाणित किया गया है कि सभी पशु स्वस्थ हैं और टीकाकरण कार्य किया गया है। उप संचालक ने बताया कि बीमार पशुधन चिकित्सा उपरांत स्वस्थ हैं, पिछले तीन दिनों में किसी भी पशु की मृत्यु की सूचना नहीं मिली है तथा स्थिति नियंत्रण में है।

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महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली करने वालों पर चला कलेक्टर का डंडा, 9 सीएससी ऑपरेटर्स की आईडी निलंबन की अनुशंसा, जांच के बाद केंद्र सील करने तक की चेतावनी

जशपुरनगर 24 अप्रैल 2026/ महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई केवाईसी प्रक्रिया में अनाधिकृत शुल्क वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने सीएससी ई गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के राज्य प्रमुख सहित जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए दोषी ऑपरेटर्स के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशानुसार ई केवाईसी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है, लेकिन जिले में प्राप्त शिकायतों और साक्ष्यों से यह सामने आया है कि कुछ सीएससी ऑपरेटर्स हितग्राहियों से अवैध रूप से राशि वसूल रहे हैं। यह न केवल शासन के निर्देशों का उल्लंघन है, बल्कि जनकल्याणकारी योजना के प्रति आमजन में भ्रम उत्पन्न करने वाला गंभीर कृत्य है। कलेक्टर ने इस कृत्य में लिप्त पाए जाने वाले 9 सीएससी ऑपरेटर्स के विरुद्ध राज्य प्रमुख से कार्रवाई की अनुशंसा की है। इनमें सीएससी आईडी 739223660016 वीएलई श्री विनोद राम ग्राम पंचायत बघिमा, सीएससी आईडी 218461490016 वीएलई श्री श्यामल कुमार विश्वकर्मा ग्राम पंचायत लोदम, सीएससी आईडी 671766600019 वीएलई श्री पंचराम गुप्ता ग्राम पंचायत कद्रो, सीएससी आईडी 211327260016 वीएलई श्री कामेश्वर प्रसाद ग्राम पंचायत पंडरीपानी, सीएससी आईडी 354757720010 वीएलई श्री अजर कुमार गुप्ता ग्राम पंचायत कुडकेलखजरी, सीएससी आईडी 776082170015 वीएलई श्री रमेश्वर नायक ग्राम पंचायत कोहपानी, सीएससी आईडी 527561370018 वीएलई श्री शिवनारायण यादव ग्राम पंचायत लरंगा, सीएससी आईडी 564445310011 वीएलई श्रीमती कुसुम प्रभा सिंह ग्राम पंचायत सेमरकछार एवं सीएससी आईडी 462661760017 वीएलई श्री अरमान खान ग्राम पंचायत गोरिया शामिल है। इन सभी के विरुद्ध यूजर आईडी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा की गई है।

*सभी सीएससी ऑपरेटर्स को कड़ी चेतावनी*-

कलेक्टर ने जिले के सभी सीएससी ऑपरेटर्स को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ई केवाईसी के नाम पर किसी भी प्रकार की राशि वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई ऑपरेटर इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाया जाता है, तो उसका केंद्र तत्काल बंद कर दिया जाएगा, यूजर आईडी स्थायी रूप से निलंबित की जाएगी तथा भविष्य में किसी भी डिजिटल सेवा संचालन के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा।

*एसडीएम को जांच और औचक निरीक्षण के निर्देश*-

कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देशित किया है कि वे संबंधित सीएससी केंद्रों की तत्काल जांच करें। ई केवाईसी शिविरों का औचक निरीक्षण करें तथा हितग्राहियों के लिखित बयान लें। दोषी पाए जाने पर संबंधित केंद्र को सील कर उपकरण जब्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।


*पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखने पर जोर* -

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि महतारी वंदन योजना आमजन के हित में संचालित महत्वपूर्ण योजना है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाते हुए हितग्राहियों को निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। यह कार्रवाई जिले में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जनकल्याणकारी योजनाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

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डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर लाखों की ठगी करने वाला हाईटेक गैंग ध्वस्त — रायगढ़ पुलिस की सटीक कार्रवाई में बैंक कर्मचारी मास्टरमाइंड समेत 5 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, देशभर में फैले साइबर जाल का बड़ा खुलासा

रायगढ़, 24 अप्रैल 2026। तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में साइबर अपराधी भी नए-नए हथकंडे अपनाकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन इस बार रायगढ़ पुलिस ने ऐसे ही एक शातिर और संगठित गिरोह की कमर तोड़ दी है, जो “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों को डराकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने राजस्थान के भीलवाड़ा से महिला सहित पांच अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

पूरा मामला उस समय सामने आया जब रायगढ़ के केसर परिसर निवासी और विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक नरेन्द्र ठाकुर साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्हें एक अज्ञात महिला का फोन आया, जिसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी से जुड़ा अधिकारी बताया और उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर मोबाइल नंबर से आपराधिक गतिविधि होने की बात कही। इसके बाद कॉल को बड़े ही सुनियोजित तरीके से तथाकथित पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ा गया, जिन्होंने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में फंसाने और तत्काल गिरफ्तारी की धमकी दी।

ठगों ने अपने खेल को और विश्वसनीय बनाने के लिए वीडियो कॉल का सहारा लिया, जिसमें एक व्यक्ति खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर सामने आया और “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते हुए पीड़ित को मानसिक दबाव में ले लिया। भय और घबराहट के माहौल में पीड़ित से उसके बैंक खाते, संपत्ति और पूरी वित्तीय जानकारी हासिल कर ली गई। इसके बाद जांच प्रक्रिया का हवाला देते हुए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने को कहा गया। लगातार दबाव और डर के कारण पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच कुल 36 लाख 97 हजार 117 रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जब परिजनों को इस पूरी घटना की जानकारी हुई, तब जाकर ठगी का एहसास हुआ और पीड़ित ने 17 फरवरी को साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए तकनीकी जांच शुरू की और बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल लोकेशन तथा साइबर इंटेलिजेंस के जरिए ठगों के नेटवर्क तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के विभिन्न बैंक खातों में जमा की गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने भीलवाड़ा पहुंचकर सुनियोजित तरीके से दबिश दी और गिरोह के मास्टरमाइंड राहुल व्यास को हिरासत में लिया। पूछताछ में राहुल व्यास, जो कि बंधन बैंक का कर्मचारी है, ने पूरे गैंग का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने रविराज सिंह, उसकी पत्नी आरती राजपूत, संजय मीणा और गौरव व्यास को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया।

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय था और शुरुआत में इनके खातों में विदेश नंबरों से संदिग्ध रकम आती थी। धीरे-धीरे इन लोगों ने साइबर ठगी के तरीके सीखे और खुद ही ठगी का नेटवर्क खड़ा कर लिया। आरती राजपूत, जो कि वेब डेवलपर है, तकनीकी काम संभालती थी, जबकि अन्य सदस्य बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की जिम्मेदारी निभाते थे।

गिरोह का पूरा सिस्टम प्रतिशत आधारित था, जिसमें ठगी की रकम का हिस्सा सभी आरोपियों में बांटा जाता था। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप से कई अहम सबूत मिले हैं, जिनमें व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि केवल एक आरोपी के खाते में ही करीब 60 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, जबकि पूरे गैंग द्वारा देशभर में करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की ठगी किए जाने की जानकारी मिली है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल और एक लैपटॉप जब्त किया है तथा सभी संदिग्ध बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। मामले में और भी लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने अहम भूमिका निभाई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इतने बड़े गिरोह तक पहुंच बनाई और उसे धर दबोचा।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर आने वाले कॉल पूरी तरह ठगी का हिस्सा हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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“हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पूर्व सेवा गणना पर शिक्षकों की बड़ी जीत, राज्य सरकार की अपील खारिज—अब हजारों एलबी संवर्ग शिक्षकों को मिलेगा पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ

जशपुर, 23 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के एलबी संवर्ग शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है, जहां “पूर्व सेवा गणना” को लेकर चल रही कानूनी जंग में हाईकोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की अपील को सिरे से खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही अब हजारों शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) का रास्ता लगभग साफ हो गया है, जिससे पूरे प्रदेश के शिक्षक समुदाय में खुशी और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

पूरा मामला चिरमिरी नगर निगम में वर्ष 1998 से शिक्षा कर्मी के रूप में कार्यरत शिक्षक राजेंद्र प्रसाद पटेल से जुड़ा है, जिन्होंने संविलियन के बाद भी अपनी पूर्व सेवा को पेंशन गणना में शामिल नहीं किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अधिवक्ता संजीव वर्मा के माध्यम से याचिका क्रमांक WPS 777/2021 दायर करते हुए संविलियन निर्देश 01 की कंडिका 04 और 06 को चुनौती दी थी। याचिका में स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि जब संविलियन के समय पूर्व सेवा को मान्यता दी गई है, तो पेंशन निर्धारण में उसे नकारना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण है।

इस मामले में पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने शिक्षकों के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह पूर्व सेवा को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने पर विचार करे और इसके लिए 120 दिनों की समय सीमा भी तय की गई थी। लेकिन सरकार ने इस आदेश पर अमल करने के बजाय डिवीजन बेंच में अपील दायर कर दी, जिससे मामला और लंबा खिंच गया।

23 अप्रैल 2026 को चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपने पक्ष में यह दलील दी कि संविलियन के समय तय शर्तों के आधार पर ही पेंशन का निर्धारण किया जाना चाहिए और 30 जून 2018 तक शिक्षा कर्मी शासकीय कर्मचारी नहीं थे, इसलिए उस अवधि की सेवा को पेंशन योग्य नहीं माना जा सकता। सरकार ने यह भी तर्क रखा कि वर्ष 2012 में NPS लागू होने के बाद OPS की मांग करना देरी का मामला है, जिसे खारिज किया जाना चाहिए।

सरकार के इन तर्कों पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तीखी टिप्पणी की और सवाल खड़ा किया कि क्या वित्त सचिव सर्वोच्च हैं कि उनके निर्णय के कारण इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पेंशन के सेवानिवृत्त होते रहें और न्याय के लिए दर-दर भटकते रहें। कोर्ट की इस टिप्पणी से साफ संकेत मिल गया था कि न्यायालय इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजीव वर्मा ने मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार का रुख पूरी तरह विरोधाभासी है, क्योंकि एक तरफ संविलियन के समय वर्षों की पूर्व सेवा को जोड़कर कर्मचारियों को नियमित किया जाता है, वहीं दूसरी तरफ उसी सेवा को पेंशन के लिए अमान्य घोषित कर दिया जाता है। यह न केवल न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि कर्मचारियों के साथ अन्याय भी है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की रिट अपील को खारिज कर दिया और सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा। इस फैसले के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि पूर्व सेवा को नजरअंदाज कर पेंशन निर्धारण नहीं किया जा सकता।

इस ऐतिहासिक निर्णय पर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला जशपुर के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के एलबी संवर्ग शिक्षकों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और न्याय की लड़ाई की बड़ी विजय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा कर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को संभाला है और उनकी सेवा को पेंशन में शामिल करना उनका अधिकार है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से हजारों शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना का मार्ग प्रशस्त होगा और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। अजय कुमार गुप्ता ने याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद पटेल, अधिवक्ता संजीव वर्मा और इस लड़ाई में जुड़े सभी साथियों को बधाई देते हुए कहा कि यह फैसला आने वाले समय में पूरे शिक्षक समुदाय के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

अब सभी की नजरें राज्य सरकार पर टिकी हुई हैं कि वह न्यायालय के इस आदेश का शीघ्र पालन करते हुए बिना किसी देरी के सभी पात्र शिक्षकों को पूर्व सेवा गणना का लाभ प्रदान करे, ताकि वर्षों से लंबित यह मुद्दा हमेशा के लिए समाप्त हो सके और शिक्षकों को उनका हक मिल सके।

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घरघोड़ा बना नशा मुक्ति की मिसाल: पुलिस-जनभागीदारी से अवैध शराब पर कसा शिकंजा, गांव ने लिया पूर्ण शराबबंदी का संकल्प

रायगढ़, 23 अप्रैल। जिले के घरघोड़ा क्षेत्र से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां पुलिस और ग्रामीणों की साझा पहल ने एक गांव को नशा मुक्ति की दिशा में मिसाल बना दिया है। ग्राम घरघोड़ी में अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद अब जागरूकता की अलख ऐसी जगी है कि पूरा गांव खुद आगे आकर शराबबंदी लागू करने में जुट गया है।

दरअसल, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पिछले महीने गांव में अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने भट्ठियों को ध्वस्त कर भारी मात्रा में शराब जब्त की थी। इस सख्त कार्रवाई के बाद पुलिस ने गांव के जनप्रतिनिधियों, महिला समिति और ग्रामीणों के साथ बैठक कर नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प दिलाया।

इस पहल का असर अब साफ नजर आ रहा है। ग्राम घरघोड़ी के लोग एकजुट होकर न केवल अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा रहे हैं, बल्कि मुनादी कर पूरे गांव में निगरानी भी रख रहे हैं। ग्रामीणों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से गांव में नशे के खिलाफ मजबूत माहौल बन चुका है।

इसी कड़ी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में थाना प्रभारी कुमार गौरव ने ग्रामीणों को बताया कि “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस जहां एक ओर अवैध नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को जागरूक कर इस सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित भी कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कई गांवों में महिलाएं खुद आगे आकर शराबबंदी लागू कर रही हैं, जो समाज में बदलाव का बड़ा संकेत है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय, महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 9479270533 की जानकारी दी गई। साथ ही बीट आरक्षक प्रणाली के जरिए गांव-गांव पुलिस की निगरानी और संपर्क व्यवस्था मजबूत किए जाने पर जोर दिया गया। सड़क सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।

इस कार्यक्रम में सरपंच, जनप्रतिनिधि, महिला समिति के सदस्य, पुलिस स्टाफ और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प दोहराया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अपील की कि अवैध शराब और नशे के खिलाफ चल रही इस मुहिम में हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए, ताकि समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सके।

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शादी सीजन में जाम पर सख्ती—रायगढ़ ट्रैफिक डीएसपी की मैरिज गार्डन संचालकों संग बड़ी बैठक, अब बिना प्लानिंग नहीं होंगे आयोजन

रायगढ़, 23 अप्रैल। शहर में बढ़ते शादी समारोहों के बीच लगने वाले ट्रैफिक जाम पर लगाम कसने के लिए रायगढ़ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह ने शहर के मैरिज गार्डन संचालकों के साथ अहम बैठक कर साफ कर दिया है कि अब बिना तैयारी और व्यवस्था के कोई भी आयोजन नहीं चलेगा।

बैठक में डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि शादी सीजन में बारात और कार्यक्रमों के दौरान मैरिज गार्डन के बाहर अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से आम जनता को भारी जाम का सामना करना पड़ता है, जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि हर मैरिज गार्डन संचालक अपने यहां पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, और जहां जगह कम है, वहां वैकल्पिक अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।

ट्रैफिक डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोजनों के दौरान प्राइवेट गार्ड और वालंटियर की तैनाती जरूरी होगी, जो वाहनों की पार्किंग और ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद करेंगे। साथ ही हर आयोजन की पूर्व सूचना संबंधित थाना और यातायात शाखा को देना अनिवार्य किया गया है, ताकि जरूरत के मुताबिक पुलिस बल तैनात कर यातायात को सुचारू रखा जा सके।

बैठक में संचालकों के सुझावों को भी गंभीरता से लिया गया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। इसमें गार्डन के बाहर सड़क पर वाहन खड़े न होने देना, स्पष्ट पार्किंग संकेतक लगाना, बारात के लिए तय रूट निर्धारित करना, कार्यक्रम के समय की पूर्व जानकारी देना और ट्रैफिक पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाना शामिल है।

बैठक के अंत में सभी मैरिज गार्डन संचालकों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और शहर में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश:
“यातायात व्यवस्था बनाए रखना सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आयोजकों और संचालकों की भी उतनी ही भागीदारी जरूरी है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिक भी नियमों का पालन कर पुलिस का सहयोग करें।

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आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए 8 मई तक आवेदन आमंत्रित

रायगढ़, 23 अप्रैल 2026/ एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (शहरी)अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र दिनदयाल कालोनी वार्ड क्रमांक 6 एवं आंगनबाड़ी केन्द्र हनुमान नगर वार्ड क्रमांक 26 में आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए 8 मई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदिका महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑनलाईन पोर्टल aww.e-Bharti.in पर आवेदन कर सकती है। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश व नियम शर्तो की जानकारी के लिए परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन कर सकते है।

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ज्ञानभारतम् सर्वे में रायगढ़ ने पकड़ी रफ्तार, जिला प्रशासन ने बुद्धिजीवियों संग बनाई ठोस कार्ययोजना

रायगढ़, 23 अप्रैल 2026। ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रायगढ़ जिले में कार्यों को तेज गति देने के लिए प्रशासन ने व्यापक पहल शुरू कर दी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल होकर जिले की प्रगति से अवगत कराया और प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने अपने कार्यालय में जिले के साहित्यकारों, इतिहासकारों एवं प्रबुद्ध वर्ग के साथ विशेष बैठक आयोजित कर अभियान को लेकर गहन चर्चा और विचार-विमर्श किया। बैठक में प्रो. अंबिका वर्मा, श्री जगदीश मेहर, श्री सुभाष त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित अन्य साहित्यकार, वरिष्ठजन नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों, दुर्लभ ग्रंथों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सांस्कृतिक धरोहरों की पहचान, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में बताया गया कि रायगढ़ का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली है, जिसे व्यवस्थित रूप से संकलित और संरक्षित करना आवश्यक है। इस कार्य को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जन-आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। कलेक्टर ने कहा कि कई महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ऐतिहासिक सामग्रियां निजी स्तर पर सुरक्षित होती हैं, जिनकी जानकारी सामने नहीं आ पाती, ऐसे में आम नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
चर्चा में बताया गया कि  जिला स्तर पर सर्वेक्षण दलों का गठन, उनका प्रशिक्षण तथा कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही एकत्रित की जाने वाली पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों, पुराने दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक सामग्रियों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं और सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान रायगढ़ के गौरवशाली इतिहास को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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मनरेगा कार्यों में तेजी लाने कलेक्टर सख्त, जिला स्तरीय समिति की बैठक में लंबित कार्यों की गहन समीक्षा

रायगढ़, 23 अप्रैल 2026। जिले में विकास कार्यों की गति को तेज करने और मनरेगा के तहत लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति  की महत्वपूर्ण बैठक आज कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी हालिया एडवाइजरी के परिप्रेक्ष्य में जिले में लंबित कार्यों की स्थिति पर गंभीरता से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि नरेगा सॉफ्ट पोर्टल पर पूर्व वर्षों के जो कार्य लंबित या अपूर्ण दर्ज हैं, उनका यथोचित परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें क्लोज या एक्सटेंड किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई 2026 तक हर हाल में इन कार्यों को पूर्ण किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी ‘विकसित भारत-ग्राम एवं आजीविका मिशन अधिनियम, 2025’ के प्रभावी क्रियान्वयन से पूर्व पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का शुद्धिकरण अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा गठित विशेष समिति सक्रिय रूप से कार्य कर रही है, जो कार्यों के क्लोजर एवं एक्सटेंशन से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय ले रही है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में एक समयबद्ध विशेष अभियान चलाकर लंबित कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जाए और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नए कार्यों की स्वीकृति देने से पहले पुराने और वर्तमान में चल रहे कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। जिन कार्यों का भौतिक रूप से निर्माण पूरा हो चुका है, उनके दस्तावेजीकरण और वित्तीय औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण कर सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कार्यों के सत्यापन और समापन की प्रक्रिया में जनभागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे सहित सहायक परियोजना अधिकारी, वनमंडलाधिकारी, कृषि, जल संसाधन, रेशम एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, सभी विकासखंडों के कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा), जिला स्तरीय तकनीकी एवं समन्वयक दल तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर पार्षद उप निर्वाचन के लिए रिटर्निंग व सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति

रायगढ़, 23 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ नगर पालिका निर्वाचन नियमों के प्रावधानों तथा राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के निर्देशानुसार नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के वार्ड क्रमांक 6 में पार्षद उप निर्वाचन 2026 के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रायगढ़ द्वारा रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसरों की नियुक्ति कर दी गई है। जारी आदेश के अनुसार अतिरिक्त तहसीलदार रायगढ़ श्रीमती नेहा उपाध्याय मोबा. 7389360406 को रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं नायब तहसीलदार रायगढ़ श्री हरनंदन बंजारे एवं नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री देवेंद्र बहादुर सिंह को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

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“प्रेमजाल में फंसाकर भरोसे का किया दुरुपयोग—शादी के नाम पर लगातार दुष्कर्म, विरोध करने पर मारपीट, फिर छोड़ दिया बेसहारा

रायगढ़, 23 अप्रैल 2026। जिले में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली है। शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 21 अप्रैल को महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वर्ष 2025 में दिल्ली में काम करने के दौरान उसकी पहचान रायगढ़ निवासी युवक बादल सारथी (20 वर्ष) से हुई थी। पहचान के बाद आरोपी ने शादी का वादा किया और उसे अपने घर में करीब तीन महीने तक पत्नी की तरह रखकर शारीरिक संबंध बनाता रहा।

पीड़िता के मुताबिक, जब भी वह शादी की बात करती, आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में उसने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। इसके बावजूद आरोपी ने पीछा नहीं छोड़ा। जनवरी 2026 में जब पीड़िता दोबारा काम के सिलसिले में दिल्ली गई, तब आरोपी भी वहां पहुंच गया और लगभग एक महीने तक उसके साथ रहा। इस दौरान पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर आरोपी ने जल्द शादी करने का भरोसा दिलाया, लेकिन 24 मार्च को वह अचानक रायगढ़ लौट आया।

इसके बाद 2 अप्रैल को पीड़िता रायगढ़ पहुंची और आरोपी के घर गई, जहां आरोपी ने उसे घर में घुसने तक नहीं दिया और शादी से साफ इंकार कर दिया। खुद को ठगा महसूस करते हुए पीड़िता ने पुलिस की शरण ली।

महिला थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धारा 69 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया और तत्काल कार्रवाई शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने टीम के साथ आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में महिला थाना की टीम—एसआई कुसुम कैवर्त, एएसआई सरस्वती महापात्रे, एएसआई विल्फ्रेड मसीह, हेड कांस्टेबल संदीप भगत, राजेश उरांव एवं अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर पुलिस की सख्त नजर है। ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की घटना होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके।

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एक सप्ताह में तीसरी बड़ी कार्रवाई, खरसिया में 52 किलो गांजा के साथ ओडिशा के तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार— पुलिस ने नशा तस्करी नेटवर्क की तोड़ी कमर

 रायगढ़ 23 अप्रैल 2026  । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर “ऑपरेशन आघात” के तहत जिले में अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने लगातार तीसरी बड़ी सफलता हासिल की है। सप्ताह के भीतर तमनार से 60 किलो और चक्रधरनगर से 36 किलो गांजा जब्त करने के बाद 22 अप्रैल को खरसिया क्षेत्र में 52 किलोग्राम गांजा के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

       पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से तीन युवक बड़े-बड़े बैग में गांजा लेकर निकले हैं। सूचना पर एसएसपी शशि मोहन द्वारा सड़क और रेल मार्ग से तस्करी की संभावना को देखते हुए सभी थानों और साइबर टीम को अलर्ट किया गया। इसी दौरान खरसिया रेलवे कॉलोनी के पास तीन संदिग्ध युवकों के बड़े बैग के साथ घूमने की सूचना मिली, जो संभवतः ग्राहकों की तलाश में थे।

       तत्काल चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में थाना साइबर और चौकी खरसिया की संयुक्त टीम द्वारा योजनाबद्ध घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम (1) दिनेश कुमार बेहरा उम्र 22 वर्ष, (2) शिवा बेहरा उम्र 21 वर्ष और (3) देवी प्रसाद कंहर उम्र 19 वर्ष, सभी निवासी जिला कंधमाल (ओडिशा) बताया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ट्रेन से गांजा लेकर आ रहे थे, लेकिन रेलवे पुलिस की चेकिंग के कारण खरसिया में उतरकर भागने की कोशिश कर रहे थे।

         तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से क्रमशः 16.1 किलो, 20.4 किलो और 15.5 किलो, कुल *52 किलोग्राम गांजा बरामद* किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत *लगभग ₹25 लाख 62 हजार* है। आरोपियों के विरुद्ध चौकी खरसिया में *अपराध क्रमांक 189/2026 धारा 20(B) एनडीपीएस एक्ट* के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

       पूरी कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस टास्क में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी एवं एएसआई उदय सिदार,  बिलासपुर &  रेलवे सुरक्षा बल, रायगढ़ के निरीक्षक कुलदीप कुमार, उप निरीक्षक डी. के. सिंह, प्र.आ रजनीश द्विवेदी, प्र.आ रणवीर, प्र.आ सत्यम सरकार , प्रआ माधव प्रसाद, आ.बैद्यनाथ थाना साइबर के प्रधान आरक्षक बृजलाल गुर्जर, रेणु मंडावी, आरक्षक धनन्जय कश्यप, महेश पंडा, नवीन शुक्ला, गोविंद पटेल, तथा चौकी खरसिया के प्रधान आरक्षक संजय मिंज, आरक्षक किशोर राठौर और साविल चन्द्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*गिरफ्तार आरोपी*-
(1) दिनेश कुमार बेहरा पिता लिंगराज बेहरा उम्र 22 वर्ष ग्राम कत्रिंगया थाना गोछापडा जिला कंधमाल 
(2) शिवा बेहरा पिता राहुल बेहरा उम्र 21 वर्ष सा. डडकी थाना सदर जिला कंधमाल 
(3) देवी प्रसाद कंहर पिता बंशीधर कंहर उम्र 19 वर्ष सा. सीगाकेता थाना गोछापड़ा जिला कंधमाल
*कुल बरामदगी- 52 किलोग्राम गांजा, कीमत लगभग ₹25 लाख 62 हजार*

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* :

रायगढ़ पुलिस नशे के अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्ती से कार्य कर रही है। तस्करी के इस नेटवर्क के हर स्तर—सप्लाई से लेकर वितरण तक—एंड टू एंड कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील है कि नशे से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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वर्दी की गरिमा तार-तार: रायगढ़ में आरक्षक का बेसुध वीडियो वायरल होते ही SSP का एक्शन — तत्काल निलंबन, अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस

रायगढ़ में वर्दी की गरिमा पर दाग: बेसुध हालत में सड़क पर मिला आरक्षक, वीडियो वायरल होते ही SSP की ताबड़तोड़ कार्रवाई — तत्काल निलंबन

अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस: SSP शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “वर्दी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार, धरमजयगढ़ थाने में पदस्थ आरक्षक दिलेश चन्द्रा निलंबित

रायगढ़, 22 अप्रैल 2026।
जिले में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां वर्दीधारी आरक्षक का बेसुध अवस्था में सड़क पर पड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित आरक्षक को निलंबित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, थाना धरमजयगढ़ में पदस्थ आरक्षक दिलेश चन्द्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में आरक्षक वर्दी की स्थिति में किसी सार्वजनिक स्थान पर बेसुध हालत में सड़क पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने न केवल आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जैसे ही वीडियो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना देर किए तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरक्षक द्वारा अपने पदीय दायित्वों के विपरीत आचरण किया गया है, जो पुलिस विभाग की अनुशासनात्मक मर्यादा के खिलाफ है।

इसी के चलते SSP ने सख्त रुख अपनाते हुए आरक्षक क्रमांक 251 दिलेश चन्द्रा, थाना धरमजयगढ़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केन्द्र रायगढ़ निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

इस पूरे मामले पर SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है। वर्दी की गरिमा के विपरीत कोई भी आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

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रायगढ़ में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और नशामुक्ति पर सख्त रुख,प्रशासन की व्यापक कार्ययोजना तय ,सरप्राइज चेकिंग, हिट एंड रन मामलों के त्वरित निराकरण और कड़े प्रवर्तन पर जोर

रायगढ़, 22 अप्रैल 2026 रायगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रभावी अमल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रातः 10 बजे प्रारंभ हुई बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए गए।
 बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने एजेंडा वार बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए ठोस रणनीति तय की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से हो रही असामयिक मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। दुर्घटनाओं के समय और कारणों का विश्लेषण करते हुए यह निर्णय लिया गया कि जिले में हेवी वाहनों, कार एवं मोटरसाइकिल चालकों के विरुद्ध अलग-अलग स्थानों पर लगातार तीन सप्ताह तक सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए सामान्य प्रशासन, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर समन्वित रूप से कार्रवाई करने को कहा गया।
हिट एंड रन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघनों पर की जा रही कार्रवाई की तुलनात्मक समीक्षा कर उसे और तेज करने तथा व्यापक यातायात जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
यातायात प्रबंधन के तहत जिले में जारी प्रयासों की समीक्षा में बताया गया कि स्पीड रडार गन, इंटरसेप्टर वाहन, सतत पेट्रोलिंग और रोड सेफ्टी मानकों के पालन के माध्यम से नियम उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर रंबल स्ट्रिप, संकेत बोर्ड, हाई मास्ट लाइट, सोलर ब्लिंकर एवं कन्वेक्स मिरर लगाने जैसे सुधार कार्य किए जा रहे हैं, जबकि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। स्कूलों, कॉलेजों, नुक्कड़ नाटकों, मीडिया और रेडियो के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान भी संचालित किया जा रहा है।
बैठक में नशामुक्ति अभियान की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नवजीवन व्यसन एवं पुनर्वास नशामुक्ति केंद्र, कोहाकुंडा में नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास का कार्य निरंतर जारी है। यहां निःशुल्क भोजन, आवास, स्वास्थ्य परीक्षण, योग, मनोरंजन और कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जोगीडीपा स्लम एरिया में 705 घरों का सर्वे कर नशा पीड़ितों के पुनर्वास हेतु कार्ययोजना पर अमल किया जा रहा है। पुलिस एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से थाना स्तर पर जनचौपाल, कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान को और प्रभावी बनाया जा रहा है। ‘मानस’ पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
औद्योगिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा की गई। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल, ओआरएस, शेड, कूलर, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फ्लाई ऐश प्रबंधन और श्रमिकों के पंजीयन जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही उत्खनन क्षेत्र में भी वाहन चालकों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्धता सुनिश्चित हो इसके लिए भी संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया। 
बैठक में जिला जेल से संबंधित मामलों एवं बंदियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बंदियों के अधिकारों और उनके पुनर्वास से जुड़े सभी पहलुओं पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार को सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह छत्रिय सहित समस्त एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
 

*बॉक्स समाचार*

*शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन-पुलिस की समन्वित रणनीति*

जिले में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य समूहों द्वारा समय-समय पर धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस एवं आंदोलन आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा पूर्व तैयारी और समन्वय स्थापित किया जाता है।
आंदोलनों की संभावित रूपरेखा के आधार पर संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों, शांति समिति के सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। इन बैठकों में साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के उपायों पर विशेष चर्चा की जाती है।

इसी कड़ी में जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन के लिए विशेष स्थान आरक्षित एवं चिन्हांकित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस विभाग द्वारा प्रत्येक आयोजन का विश्लेषण कर रणनीति तैयार की जाती है, जिससे जिले में शांति और कानून-व्यवस्था कायम रहे तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।

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