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आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, 160.580 लीटर अवैध शराब जब्त, बाइक भी सीज; जिलेभर में ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप

रायगढ़, 19 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 160.580 लीटर विदेशी मदिरा एवं महुआ शराब जब्त की है।
           सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो ने बताया कि आबकारी वृत्त रायगढ़ (दक्षिण) की टीम ने 18 जून को नवापारा निवासी नोमेश साहू के कब्जे से 31 पाव गोवा व्हिस्की, कुल 5.580 लीटर विदेशी मदिरा बरामद की। मदिरा के परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 13 एक्यू 7741 को भी जब्त किया गया। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण क्रमांक 28ध्2026-27 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
            इसी प्रकार आबकारी वृत्त रायगढ़ (उत्तर) द्वारा नंदेली निवासी लाकेश्वर निषाद के कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इस संबंध में प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं थाना चक्रधरनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंगुरसिया तालाब के किनारे दबिश देकर 140 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई। मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। सहायक आयुक्त आबकारी श्री खलखो ने कहा कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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विकसित भारत के सपनों को रंगों और शब्दों में मिली नई उड़ान, मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा महिला मोर्चा ने जिलेभर में कराईं रंगोली, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं

जशपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा जिले के सभी मंडलों में रंगोली, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में महिलाओं, युवतियों एवं छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विकसित भारत के संकल्प को रंगों, रेखाओं एवं विचारों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पिंकी गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिताओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छता अभियान, राष्ट्रभक्ति एवं विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना था।

जिले के विभिन्न मंडलों में आयोजित रंगोली प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को आकर्षक रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों एवं युवाओं ने विकसित भारत की कल्पना को अपने चित्रों में साकार करते हुए नवाचार, प्रगति और समृद्धि का संदेश दिया।

भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीब कल्याण, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने देश के विकास में युवाओं और महिलाओं की भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं बौद्धिक गतिविधियां समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं तथा नई पीढ़ी को राष्ट्रहित और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाती हैं।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि जिले के सभी मंडलों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में महिला मोर्चा की जिला एवं मंडल स्तरीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला।

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ऑपरेशन शंखनाद के तहत लैलूंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घने जंगल में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में 20 गौवंश तस्करों के चंगुल से मुक्त

रायगढ़, 19 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने गुरुवार रात एक साहसिक और जोखिमभरी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 20 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। घने जंगल, अंधेरी रात और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बावजूद पुलिस टीम ने जंगल में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाकर गाय, बछिया और बछड़ों को सुरक्षित बचाया।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर ग्राम कमरगा के जंगल मार्ग से गौवंशों को मारते-पीटते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव अपनी टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों ने जंगल में अजगर और जहरीले सांपों की मौजूदगी के कारण साथ जाने में हिचक दिखाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाइश देकर अभियान में सहयोग के लिए तैयार किया।

जंगल के भीतर पहुंचकर पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। इसी दौरान टीम का सामना एक विशाल अजगर से भी हुआ, लेकिन पुलिसकर्मियों ने हिम्मत और सतर्कता का परिचय देते हुए अभियान जारी रखा। कुछ देर बाद जंगल के भीतर 20 गौवंश लावारिस हालत में मिले। पुलिस की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से मवेशियों के मालिकों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई दावा करने सामने नहीं आया। इसके बाद गवाहों की उपस्थिति में सभी गौवंशों को विधिवत जप्त कर सुरक्षित देखभाल के लिए सलखिया गौशाला को सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस अब फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी हुई है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में गौ तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, एएसआई परमेश्वर नाथ सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चंद्रा तथा आरक्षक शशिभूषण साहू, विकास तिर्की और सुमीत एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत रायगढ़ पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है और आगे भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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रेलवे की लाइन पर चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: घरघोड़ा पुलिस ने 48 घंटे की ताबड़तोड़ कार्रवाई में चार शातिर चोर दबोचे, 178 मीटर तांबा तार और नकदी बरामद, चार बड़े मामलों का हुआ सनसनीखेज खुलासा

रायगढ़, 19 जून। रेलवे लाइन और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) तारों की चोरी कर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले सक्रिय गिरोह का घरघोड़ा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रेलवे तांबा तार चोरी के तीन मामलों और मोटरसाइकिल की डिक्की से नकदी चोरी के एक मामले का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से 178 मीटर रेलवे तांबा तार और 3 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से रेलवे लाइन और साइडिंग क्षेत्र में तांबा तार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे तथा चोरी का माल फेरी कबाड़ियों को बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।

एक के बाद एक चार वारदातों ने बढ़ाई थी पुलिस की चिंता

मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई जब ग्राम कारीछापर स्थित रेलवे लाइन के पास से ओएचई और तांबा तार चोरी कर लिया गया। इसके बाद 7 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे एक ग्रामीण की मोटरसाइकिल की डिक्की से 40 हजार रुपये पार कर दिए गए।

इसके बाद 8 मई की रात घरघोड़ा रेलवे साइडिंग से करीब 85 हजार रुपये मूल्य का तांबा तार चोरी हुआ। वहीं 17 जून की रात छाल-घरघोड़ा रेलवे लाइन से फिर तांबा तार और अन्य सामग्री चोरी कर ली गई। लगातार हो रही घटनाओं से रेलवे और स्थानीय प्रशासन दोनों चिंतित थे।

मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी, ढोरम बायपास में घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी

थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ढोरम बायपास क्षेत्र में घेराबंदी कर मनोज धनवार, शशिभूषण दास बैरागी, अजय धनवार और लखन राठिया को हिरासत में लिया।

कड़ी पूछताछ में चारों आरोपी टूट गए और रेलवे तांबा तार चोरी सहित उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई शुरू की।

जंगल में छिपाकर रखा था लाखों का तांबा तार, पुलिस ने किया बरामद

आरोपियों ने चोरी किए गए तांबा तार को मुस्कुरा जंगल में छिपाकर रखा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 72 मीटर, 40 मीटर और 66 मीटर तांबा तार अलग-अलग स्थानों से बरामद किया। कुल 178 मीटर रेलवे तांबा तार की कीमत 1 लाख 38 हजार 840 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उठाईगिरी से जुड़े मामले में आरोपी अजय धनवार के कब्जे से 3 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।

कबाड़ियों को बेचते थे रेलवे का सामान, शराब और मौज-मस्ती में उड़ाते थे रकम

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि रेलवे लाइन से चोरी किए गए तांबा तार और अन्य सामग्री को घूम-घूमकर खरीदने वाले कबाड़ियों को बेच दिया जाता था। चोरी से मिली रकम को चारों आरोपी आपस में बांटकर शराब पीने और अन्य खर्चों में उड़ा देते थे। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों की भी जानकारी जुटा रही है।

रेलवे संपत्ति की चोरी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा : एसएसपी शशि मोहन सिंह

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रेलवे संपत्ति की चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

  • मनोज धनवार (28 वर्ष), निवासी बनाई, थाना घरघोड़ा
  • शशिभूषण दास बैरागी (28 वर्ष), निवासी कोटरीमाल, थाना घरघोड़ा
  • अजय धनवार (19 वर्ष), निवासी बनाई, थाना घरघोड़ा
  • लखन राठिया (20 वर्ष), निवासी रेंगालबहरी, थाना घरघोड़ा

पुलिस टीम की भूमिका रही सराहनीय

इस पूरे मामले के सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, सहायक उप निरीक्षक डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और उद्योराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है।

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रायगढ़ में लूटेरों पर पुलिस का शिकंजा: शराब भट्टी के पास युवक से मोबाइल और नकदी लूटने वाले तीन बदमाश 48 घंटे में गिरफ्तार, लूटा गया मोबाइल भी बरामद

रायगढ़, 19 जून। शहर में लगातार बढ़ रही लूटपाट की घटनाओं पर लगाम कसते हुए रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बड़पारा शराब भट्टी के पास एक युवक से मारपीट कर मोबाइल और नकदी लूटने वाले तीन आरोपियों को घटना के महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार अखोराखुर्द थाना राजपुर, जिला बलरामपुर निवासी राजेश प्रसाद (34 वर्ष) ने 16 जून को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अंबिकापुर निवासी शिव गोयल की चार पहिया वाहन चलाते हैं और निजी कार्य से रायगढ़ आए थे। काम खत्म होने के बाद रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल में भोजन करने के बाद वह बड़पारा शराब भट्टी की ओर गए थे। इसी दौरान तीन युवकों ने उन्हें रोककर पैसे मांगे। विरोध करने पर आरोपियों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी और एक आरोपी ने पत्थर से सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद उनकी जेब में रखे 100 रुपये और रेडमी 5जी मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की।

जांच के दौरान नवीन सोनवानी, चंद्रशेखर राठिया और रोशन वैष्णव की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में लिया। पहचान परेड में प्रार्थी ने तीनों आरोपियों की पहचान की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद आरोपी नवीन सोनवानी के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों आरोपियों को 18 जून को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक सुखनंदन पटेल, सहायक उप निरीक्षक गौतम ठाकुर और कोतवाली थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में लूटपाट, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

गिरफ्तार आरोपी :

  • नवीन सोनवानी (20 वर्ष), निवासी बाबाधाम कॉलोनी, चमड़ा गोदाम, थाना जूटमिल, रायगढ़।
  • चंद्रशेखर राठिया (32 वर्ष), निवासी पंजरी प्लाट, त्रिमूर्ति मंदिर के पास, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़।
  • रोशन वैष्णव (28 वर्ष), निवासी गातर खाल्हेन, जेलपारा, थाना जूटमिल, रायगढ़।
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पहले दिया मुनाफा, फिर लगाया करोड़ों का चूना: रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में निवेश घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायगढ़। निवेश पर हर महीने 6 प्रतिशत रिटर्न और मूलधन वापसी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत की गई कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी विश्वजीत देवनाथ को जांजगीर-चांपा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को शेयर मार्केट ट्रेडिंग और एलईडी बल्ब व्यवसाय से जुड़ा बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को नियमित ब्याज देकर भरोसा जीत लिया गया, जिसके बाद कई लोगों ने बड़ी रकम निवेश कर दी।

13 से अधिक निवेशकों से जुटाए 1.77 करोड़ रुपये

जांच में सामने आया कि आरोपी ने रायगढ़ के 13 से अधिक लोगों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये निवेश कराए थे। बाद में जब निवेशकों को पता चला कि कथित शेयर ट्रेडिंग के लिए जरूरी डीमैट खाते और दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा।

जांजगीर-चांपा से हुई गिरफ्तारी

कोतवाली थाना में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन जांजगीर-चांपा में मिली। रायगढ़ और चांपा पुलिस के संयुक्त प्रयास से उसे हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया। आरोपी के खिलाफ चांपा थाना में भी धोखाधड़ी का एक अन्य मामला दर्ज है।

पूछताछ में किया बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में विश्वजीत देवनाथ ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में रकम लगाता था। शुरुआती दौर में निवेशकों को भुगतान किया गया, लेकिन बाद में बाजार में नुकसान होने के कारण वह रकम वापस नहीं कर सका।

बैंक खातों और निवेश नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस निवेश नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए थे।

एसएसपी की अपील

रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, दस्तावेज और पंजीकरण की पूरी जांच करें। अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

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संकल्प संस्थानों में प्रवेश का आखिरी मौका: 63 रिक्त सीटों के लिए 23 जून को काउंसलिंग, जशपुर-कुनकुरी-पत्थलगांव में मिलेगा विकल्प

जशपुर नगर। 

संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर, कुनकुरी एवं पत्थलगांव में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10   वीं 11 वीं एवं 12 वीं की रिक्त सीट में प्रवेश हेतु काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन 23  जून को संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में प्रातः 10.30 बजे से आयोजित है । 
 उक्त जानकारी देते हुए संकल्प के प्राचार्य ने बताया कि इन कक्षाओं में प्रवेश हेतु दिनांक  8 जून को आयोजित परीक्षा के उपरांत प्रावीण्य  सूची जारी कर दी गई है। चयन सूची एन आई सी जशपुर के साईट में देख सकते है | 
प्रवेश के समय चयनित विद्यार्थियों को  उत्तीर्ण कक्षा की अंकसूची की मूलप्रति और 02 फोटोकॉपी , स्थानांतरण प्रमाण पत्र की मूलप्रति और 03 फोटोकॉपी , आधार कार्ड की मूलप्रति और 03 फोटो कॉपी, अपार आईडी और विद्यार्थी पेन नंबर , आय प्रमाणपत्र की मूलप्रतियदि बना है तो , जाति और निवास प्रमाण पत्र की मूलप्रति एवं 02-02 फोटोकॉपी ,  बैंक पासबुक, राशन कार्ड तथा मेडिकल जांच रिपोर्ट, 06 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और माता-पिता के 03-03 पासपोर्ट साइज फोटो प्रस्तुत करना अनिवार्य  है । तीनों संकल्प में कक्षा 10 वीं की 11 , कक्षा 11 वीं की 34 एवं कक्षा 12 वीं की 18 सीट रिक्त है । संकल्प जशपुर में कक्षा 10वीं/11वीं/12वीं में क्रमश 06/09/ 04 सीटें, कुनकुरी में क्रमशः 02/11/06 सीटें तथा पत्थलगाँव में क्रमशः 03/14/08 सीटें रिक्त है जिनमे प्रवेश के लिए चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग की जाएगी और स्थान आवंटित किया जाएगा l 
 चयनित उम्मीदवारों को प्रावीण्य सूची के क्रम से संकल्प संस्थान जशपुर , कुनकुरी या पत्थलगाँव चयन करने का अवसर दिया जाएगा l

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जशपुर के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर: स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में रिक्त सीटों पर फिर शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया, 24 जून तक आवेदन और 25 जून को होगी प्रवेश परीक्षा


     जशपुर नगर। जिले के  स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट (अंग्रेजी माध्यम) नवीन आदर्श उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर नगर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया के बाद की रिक्त सीटों पर पुनः प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गयी  है। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के निर्देशानुसार विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं की रिक्त सीटों पर विद्यार्थियों का चयन पूर्व में किया गया, उसके पश्चात कुछ सीटों के लिए पात्र विद्यार्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण रिक्त सीटों के लिए पुनः प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। आवेदन पत्र प्राप्त व जमा करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 निर्धारित है।बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के कारण इस विद्यालय में हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं।  प्राप्त जानकारी के अनुसार  विद्यालय स्तर पर ऑफलाइन आवेदन की सुविधा  उपलब्ध कराई गई है, 24 जून तक कार्यालयीन दिवस में सुबह 8:30  से दोपहर 12:30 बजे तक विद्यालय के कार्यालय में यह सुविधा उपलब्ध है ।
विद्यालय के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी अनुसार कक्षा 9 वी और इससे ऊपर की कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश लिया जाता है , यह प्रवेश परीक्षा पिछले कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्नों  पर आधारित होगी, जिसके मेरिट के अंकों के आधार पर प्रवेश हेतु चयन सूची जारी की जाएगी परंतु प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यकहै l यह प्रवेश परीक्षा 25 जून 2026 को समय प्रातः 9:00 बजे से 11:00 तक विद्यालय में आयोजित की जाएगी। इसके  पश्चात चयनित विद्यार्थियों को 28 जून 2026 तक प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। अंग्रेजी माध्यम में रिक्त सीट कक्षा ग्यारहवी ( गणित ) - 04 व जीव विज्ञान - 12  तथा हिंदी माध्यम की रिक्त सीट कक्षा नवमी - 24, दसवीं - 07, ग्यारहवी ( जीव विज्ञान ) - 10, (कला)  - 26, बारहवी ( जीव विज्ञान ) - 03, (कला ) - 03 निर्धारित है 
                  विद्यालय में सह-शिक्षा व्यवस्था लागू है, जिसके तहत 50 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए निर्धारित की गई हैं। यदि छात्राओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलती है, तो शेष सीटों को छात्रों से भरा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थापना राज्य शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी व हिंदी माध्यम शिक्षा को आम विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। जशपुर नगर स्थित यह विद्यालय भी आधुनिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और प्रशिक्षित शिक्षकों के कारण प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अभिभावकों में उत्साह का माहौल है।  विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि प्रवेश में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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358 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त, जनभागीदारी और औद्योगिक सहयोग से रायगढ़ बना क्षय उन्मूलन अभियान का मॉडल जिला

रायगढ़, 18 जून 2026/ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय क्षय उन्मूलन कार्यकारिणी की अंतरविभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उत्कृष्ट योगदान देने वाले निक्षय मित्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल शासकीय प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की व्यापक सहभागिता से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे औद्योगिक संस्थानों एवं निक्षय मित्रों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
             बैठक में बताया गया कि एनटीपीसी लारा, जेपीएल, हिंडालको, अडानी, जिंदल साउथ वेस्ट स्टील, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स, नालवा, जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड तथा एसईसीएल सहित विभिन्न औद्योगिक संस्थान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इन संस्थानों द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पंजीकृत उपचारत समस्त टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें नियमित फूड बास्केट, पोषण सहायता एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही लैब तकनीशियनों की व्यवस्था कर जांच एवं उपचार सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। 
             बैठक में टीबी मरीजों की वर्तमान स्थिति, उपचार सफलता दर, निक्षय पोषण योजना के तहत भुगतान, टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी तथा टीबी मुक्त पंचायत अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि जिले की 550 ग्राम पंचायतों में से 358 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है, जो जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बैठक में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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रिश्तों को किया शर्मसार: नशे के लिए पैसों की मांग पूरी नहीं हुई तो वृद्ध महिला से मारपीट, जान से मारने की धमकी देकर चाकू से किया वार

रायगढ़, 18 जून। रायगढ़ पुलिस ने वृद्ध महिला के साथ मारपीट और चाकू से हमला करने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की है।

मिली जानकारी के अनुसार रामभांठा स्थित अंश होटल के पीछे रहने वाली 65 वर्षीय श्रीमती उषा यादव ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि उनका नाती विशाल यादव उर्फ बजरंग यादव शराब पीने का आदी है और अक्सर पैसों की मांग कर विवाद करता रहता है। 16 जून 2026 की दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी ने फिर पैसे मांगे। पैसे नहीं होने की बात कहने पर वह आगबबूला हो गया और अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा।

आरोप है कि इसके बाद विशाल यादव ने अपनी वृद्ध नानी के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और चाकू से उनकी भुजा के पास वार कर घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़िता ने थाना कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 326/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3) और 115(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने पर डॉक्टर की रिपोर्ट में धारदार हथियार से चोट लगने की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामले में बीएनएस की धारा 118(1) भी जोड़ी गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी विशाल यादव उर्फ बजरंग यादव (22 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और उनकी टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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अभियान संवेदना" का असर: महिला गार्ड से छेड़छाड़ करने वाला सिक्योरिटी इंचार्ज गिरफ्तार, रायगढ़ पुलिस ने फरार आरोपी को घेराबंदी कर दबोचा

रायगढ़। जिले में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रायगढ़ पुलिस द्वारा संचालित "अभियान संवेदना" के तहत महिला थाना पुलिस ने एक महिला सिक्योरिटी गार्ड से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के आरोपी सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस कार्रवाई को महिला अपराधों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और सख्ती का उदाहरण माना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने 15 जून 2026 को महिला थाना रायगढ़ पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि वह फरवरी 2026 से चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित एक औद्योगिक प्लांट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत है। उसी प्लांट में गार्ड इंचार्ज के पद पर कार्यरत आरोपी राजा बनर्जी लंबे समय से उस पर गलत नजर रखता था और अश्लील टिप्पणियां करता था।

पीड़िता के अनुसार 5 मई 2026 को आरोपी ने रजिस्टर जांच कराने के बहाने उसे अपने केबिन में बुलाया और वहां अश्लील बातें कीं। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने नौकरी से निकालने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी उस पर लगातार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाता रहा।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि 13 जून 2026 को आरोपी ने कॉलोनी स्थित अपने कमरे में सफाई कार्य के बहाने बुलाया। वहां अकेला पाकर उसने युवती का हाथ और बांह पकड़कर छेड़छाड़ की। युवती ने साहस दिखाते हुए आरोपी का विरोध किया और खुद को छुड़ाकर वहां से निकल गई। बाद में उसने घटना की जानकारी अपने सहकर्मियों और सहेलियों को दी तथा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

महिला थाना रायगढ़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने रणनीतिक घेराबंदी कर उसे प्लांट के पास से हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण सहित सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं और न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पूरी कार्रवाई डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण तथा महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, महिला प्रधान आरक्षक मालती कंवर, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, प्रधान आरक्षक संदीप भगत तथा आरक्षक राज सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान है और रायगढ़ पुलिस "अभियान संवेदना" के माध्यम से महिला अपराधों पर संवेदनशीलता एवं सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल का दिखने लगा असर, अब रायगढ़-सक्ती-सारंगढ़ की पुलिस को नहीं जाना पड़ेगा बिलासपुर; फॉरेंसिक रिपोर्ट समय पर मिलने से अपराधियों पर शिकंजा होगा और मजबूत

रायगढ़, 18 जून 2026। अपराध अनुसंधान को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में रायगढ़ जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। रायगढ़ में स्थापित क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस प्रयोगशाला में जांच के लिए पहला जप्त मादक पदार्थ थाना लैलूंगा द्वारा एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में जमा कराया गया, जिससे क्षेत्रीय एफएसएल की कार्यप्रणाली का विधिवत शुभारंभ माना जा रहा है।

थाना लैलूंगा के प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव अपने स्टाफ के साथ 17 जून 2026 को जप्त गांजा परीक्षण हेतु क्षेत्रीय एफएसएल रायगढ़ पहुंचे और नमूना जमा कराया। यह प्रयोगशाला में जांच के लिए प्रस्तुत किया गया पहला मादक पदार्थ है, जो क्षेत्र में वैज्ञानिक पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि 17 मई 2026 को सुशासन तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ के राजमहल के समीप स्थापित क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला का लोकार्पण किया था। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह प्रयोगशाला रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस के लिए बड़ी राहत साबित होने जा रही है। यहां वर्तमान में नारकोटिक्स, केमिस्ट्री तथा बायोलॉजी से संबंधित विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक परीक्षण किए जा रहे हैं।

अब तक इन तीनों जिलों की पुलिस को ब्लड सैंपल, व्हीसरा, स्लाइड, मादक पदार्थ, केमिकल तथा अल्कोहल परीक्षण के लिए बिलासपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ता था। लंबी दूरी और कार्यभार के कारण रिपोर्ट प्राप्त करने में काफी समय लग जाता था, जिससे कई मामलों की विवेचना प्रभावित होती थी। लेकिन रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल शुरू होने के बाद अधिकांश जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी। इससे जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध होगी और अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी, सटीक तथा पारदर्शी बनेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में होने वाली देरी कई बार न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध यह सुविधा न केवल विवेचना को गति देगी बल्कि लंबित मामलों के निराकरण में भी तेजी लाएगी। इससे अभियोजन पक्ष को मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य मिलेंगे और न्यायालय में अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी संभव हो सकेगी।

सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि वर्तमान आपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक साक्ष्यों को विशेष महत्व दिया गया है। वैज्ञानिक जांच अपराधों की सच्चाई तक पहुंचने का सबसे विश्वसनीय माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय एफएसएल के संचालन से साक्ष्यों की जांच में तेजी आएगी और पुलिसिंग व्यवस्था तकनीकी रूप से अधिक सक्षम एवं आधुनिक बनेगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लागू होने के बाद अपराध अनुसंधान में फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। नए कानून वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना को प्रोत्साहित करते हैं ताकि न्यायालय में मजबूत और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना इसी सोच का परिणाम है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वैज्ञानिक जांच सुविधा से विवेचना की गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। समयबद्ध फॉरेंसिक रिपोर्ट से गंभीर अपराधों की जांच को मजबूती मिलेगी, अभियोजन अधिक प्रभावी होगा और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में सहायता मिलेगी। यह प्रयोगशाला आधुनिक, तकनीक-संचालित और वैज्ञानिक पुलिसिंग को नई दिशा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

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भीषण गर्मी में पक्षियों की प्यास बुझाने से शुरू हुई मुहिम, अब राष्ट्रीय स्तर पर जशपुर की गूंज — श्रीमती सरिता नायक बनीं ‘पर्यावरण सारथी स्टार कैंपेनर’, हजारों लोगों को जोड़कर रचा प्रेरणादायी इतिहास

जशपुर। भीषण गर्मी के दौर में जब इंसान के साथ-साथ पशु-पक्षी भी जल, भोजन और सुरक्षित आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे समय में राज्यपाल सम्मानित समाजसेवी, शिक्षिका एवं लेखिका श्रीमती सरिता नायक ने प्रकृति संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, कृत्रिम घोंसलों का निर्माण तथा उनके संरक्षण के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के चलते उन्हें “मैं हूं पक्षी मित्र राष्ट्रीय बर्ड फीडर अभियान 2026” के अंतर्गत सम्मानित किया गया।

श्रीमती नायक को पक्षियों के प्रति सेवा भाव, नियमित दाना-पानी उपलब्ध कराने, सुरक्षित आश्रय तैयार करने तथा समाज में जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए सम्मान पत्र प्रदान किया गया। लेकिन उनकी भूमिका केवल सम्मान प्राप्त करने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए अपने परिवार, परिचितों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, युवाओं, ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों को इससे जोड़ा।

उनके अथक प्रयासों का ही परिणाम रहा कि जशपुर से शुरू हुई यह मुहिम रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, बलरामपुर, अंबिकापुर और सूरजपुर सहित प्रदेश के कई जिलों तक पहुंची। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने और बड़ी संख्या में नागरिकों को पक्षी मित्र अभियान से जोड़ने के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर “पर्यावरण सारथी – Our Star Campaigner” सम्मान से नवाजा गया।

इस अभियान में गरियाबंद की संयोजिका श्रीमती समीक्षा गायकवाड़ का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने में निरंतर सहयोग प्रदान किया।

श्रीमती सरिता नायक के मार्गदर्शन में जशपुर जिले के अनेक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी पक्षियों के संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़े और “पक्षी मित्र” बनकर दाना-पानी एवं आश्रय की व्यवस्था कर रहे हैं। इनमें श्रीमती ममता सिन्हा, सीमा गुप्ता (संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर), श्रीमती मीना सिन्हा (प्राथमिक शाला टीकैतगंज), अनिल कश्यप (प्राथमिक शाला पैंकू), ममता कायता (प्राथमिक शाला खारीझरिया, कुनकुरी), बिहारी राम नायक (प्राथमिक शाला आम्बाचुआं), जेन सेलेस्टीना तिर्की (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ढोढींडाड़), राखी गुप्ता (शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बाबू साजबहार), आरती ओहदार (प्राथमिक शाला डीपाटोली), प्रेमलता पैकरा (प्राथमिक शाला दपकला), प्रवीण कुमार पाठक (राज्यपाल सम्मानित शिक्षक, डुमरटोली), रेणु प्रधान (प्राथमिक शाला कस्तुरा), कुसूम सोरेन (प्राथमिक शाला ढोड़ीआरा), भवेन्द्र कुमार कायता (स्वामी आत्मानंद स्कूल कांसाबेल), संतोषी डनसेना (प्राथमिक शाला छिन्दबहरी, पत्थलगांव) तथा शिल्पा मैडम (स्वामी आत्मानंद स्कूल बगीचा) प्रमुख हैं।

अभियान की विशेषता यह है कि इसमें केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक, पालकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी जुड़ रहे हैं। वे अपने घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने के साथ-साथ सुरक्षित घोंसलों की व्यवस्था कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति करुणा का यह संदेश आज जशपुर जिले को एक नई पहचान दिला रहा है। पक्षी संरक्षण की यह अनूठी पहल न केवल प्रकृति संतुलन बनाए रखने में सहायक बन रही है, बल्कि युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी विकसित कर रही है। जशपुर से शुरू हुआ यह अभियान आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दे रहा है।

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यशस्वी जशपुर की बड़ी शैक्षणिक मुहिम: हर विद्यार्थी को प्रथम श्रेणी दिलाने का लक्ष्य, मास्टर ट्रेनरों को सौंपी गई शिक्षा गुणवत्ता सुधार की अहम जिम्मेदारी

जशपुर। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत मास्टर ट्रेनरों की एक दिवसीय कार्यशाला संकल्प शिक्षण संस्थान में आयोजित की गई। जिला कलेक्टर रोहित व्यास एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अभी और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग सात प्रतिशत विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो रहे हैं, जबकि करीब तीस प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में लक्ष्य केवल परीक्षा में उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि अधिकतम विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी दिलाना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मास्टर ट्रेनर केवल प्रशिक्षक नहीं बल्कि अपने-अपने विषयों के विशेषज्ञ भी हैं। इसलिए उन्हें अपने विषय ज्ञान को और अधिक समृद्ध एवं प्रभावी बनाते हुए उसका लाभ शिक्षकों और अंततः विद्यार्थियों तक पहुंचाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें श्रेष्ठ नागरिक बनाने का भी माध्यम है।

श्री गुप्ता ने कहा कि किसी भी बच्चे की सोच उसके परिवेश से निर्मित होती है और उसी सोच के अनुरूप उसके कर्म तथा जीवन की उपलब्धियां निर्धारित होती हैं। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। एक शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है।

उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के भीतर मौजूद नकारात्मकता को दूर कर उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। शिक्षक यदि स्वयं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करेंगे तो उसका सीधा प्रभाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर दिखाई देगा।

कार्यशाला के दौरान मास्टर ट्रेनरों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कार्यरत विषय शिक्षकों के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। इसलिए शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को अधिक प्रभावशाली, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए गंभीर चिंतन एवं नवाचार की आवश्यकता है।

बैठक में प्रशिक्षण मॉड्यूल, वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर, मासिक मूल्यांकन व्यवस्था, तिमाही एवं छमाही परीक्षाओं की तैयारी सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि इस वर्ष प्रशिक्षण मॉड्यूल में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जा रहे हैं ताकि शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक, प्रभावी और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बन सके।

इसके अंतर्गत प्रत्येक विषय की इकाईवार एवं विषयवार शिक्षण योजना तैयार की गई है, जिससे कक्षा शिक्षण को अधिक व्यवस्थित और परिणामकारी बनाया जा सके। साथ ही शिक्षकों में सेवा भाव, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रत्येक दिवस विशेष प्रेरणात्मक सत्र आयोजित किए जाने की भी योजना बनाई गई है।

कार्यशाला में यशस्वी जशपुर के सहयोगी संजीव शर्मा, संजय दास सहित विभिन्न विषयों के मास्टर ट्रेनर एवं शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

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पहाड़ी कोरवा परिवारों तक योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने लैलूंगा में सर्वे दलों को मिला विशेष प्रशिक्षण

रायगढ़, 17 जून 2026/ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के अंतर्गत आने वाले पहाड़ी कोरवा परिवारों के समग्र विकास और शासन की योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत लैलूंगा के सभा कक्ष में मंगलवार को पहाड़ी कोरवा परिवारों के हाउसहोल्ड डाटा कैप्चर कार्य हेतु गठित सर्वे दलों का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
           प्रशिक्षण कार्यक्रम में लैलूंगा विकासखंड के सभी सर्वे दलों को मोबाइल आधारित सर्वे एप्लीकेशन के माध्यम से परिवारों की जानकारी संकलित करने, दस्तावेजों के सत्यापन, पात्रता निर्धारण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के संतृप्तिकरण संबंधी जानकारी विस्तार से प्रदान की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य सर्वे कार्य को त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना है। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि शासन द्वारा जारी नवीन परिसीमन आदेश के अनुसार जिला रायगढ़ के कुल 28 ग्रामों में 556 पहाड़ी कोरवा परिवारों की पहचान की गई है, जिनकी कुल जनसंख्या 2385 है। इनमें से लैलूंगा विकासखंड के 10 ग्रामों में 81 पहाड़ी कोरवा परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 321 है। इन सभी परिवारों का विस्तृत सामाजिक एवं आर्थिक डाटा एकत्रित कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
            प्रशिक्षण में सर्वे दलों को मोबाइल सर्वे एप के उपयोग की चरणबद्ध जानकारी दी गई। परिवारवार विवरण दर्ज करने, आधारभूत दस्तावेजों के सत्यापन, बैंकिंग, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं को ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही सर्वे के दौरान आने वाली तकनीकी एवं व्यवहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आदिवासी विकास विभाग रायगढ़ के मास्टर ट्रेनर्स श्री आरिफ खान एवं सुश्री मनीषा चौहान ने सर्वे दलों को मोबाइल एप का लाइव डेमो देकर हाऊस होल्ड की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि सही और प्रमाणिक जानकारी का संकलन ही शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार पीवीटीजी पहाड़ी कोरवा परिवारों का सर्वे विशेष अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना है। कार्यक्रम में जनपद पंचायत लैलूंगा के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि तथा सर्वे दल के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर सभी सर्वे दलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं शत-प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

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एसडब्ल्यूएम रुल्स-2026 के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन सख्त, हर ग्राम पंचायत के लिए बनेगा अलग एक्शन प्लान, सितंबर 2026 और मार्च 2027 के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने की तैयारी तेज

रायगढ़, 17 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में मंगलवार को जनपद पंचायत घरघोड़ा एवं जनपद पंचायत रायगढ़ के सभा कक्ष में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सभी घटकों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीईओ द्वारा की गई, जिसमें दोनों जनपदों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की ब्लॉक स्तरीय टीम उपस्थित रही।
           बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा एसडब्ल्यूएम रुल्स 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजनाओं की प्रगति का आकलन किया।

*स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, 4-डस्टबिन प्रणाली एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष निर्देश*

समीक्षा बैठक के दौरान एसडब्ल्यूएम रुल्स 2026 के तहत ग्राम पंचायतवार (जीपी-वाईस) एक्शन प्लान की गहन समीक्षा की गई। सभी ग्राम पंचायतों को निर्धारित श्रेणीकरण के अनुरूप अपनी कार्ययोजना तैयार करने तथा समयबद्ध तरीके से उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में घर-घर से कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने, स्रोत स्तर पर सूखे एवं गीले कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने, 4-डस्टबिन प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने तथा सेग्रीगेशन शेड के नियमित संचालन पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, घरेलू कम्पोस्टिंग को प्रोत्साहित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी व्यवहार परिवर्तन के लिए व्यापक सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सतत अभियान है। इसलिए ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों, स्वच्छता रैलियों, ग्राम सभाओं एवं अन्य माध्यमों से लोगों को अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाए।

*नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश*

बैठक में सितंबर 2026 एवं मार्च 2027 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने पर जोर दिया गया। सभी ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करें। सीईओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण तथा प्रगति प्रतिवेदन समय-समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों की सफलता के लिए सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। बैठक के अंत में स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों के निर्माण के लिए सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पंचायत स्तरीय अमले से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।

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रायगढ़ में निवेश को नई रफ्तार देने की तैयारी, जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर, सिंगल विंडो सिस्टम से लेकर भूमि, अनुदान और औद्योगिक क्लीयरेंस तक सभी मामलों की हुई गहन समीक्षा

रायगढ़, 17 जून 2026/ जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, निवेश संबंधी लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती अंजू नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्पंज आयरन एवं पावर प्लांट इकाइयों के प्रतिनिधि, शासन से एमओयू निष्पादित इकाइयों तथा आईओआई प्रमाण-पत्र धारित उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
            बैठक में मुख्य महाप्रबंधक ने एजेंडा बिंदुओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए निवेश संवर्धन एवं औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। इस दौरान जिले में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, परियोजना प्रतिवेदन, उत्पादन प्रमाण-पत्र, मंडी शुल्क एवं स्टाम्प शुल्क छूट तथा मार्जिन मनी अनुदान से जुड़े लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई। संबंधित विभागों को इन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया। औद्योगिक विकास से जुड़े आधारभूत विषयों के अंतर्गत लैंड बैंक, औद्योगिक भूमि, निजी भूमि अर्जन एवं शासकीय भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। साथ ही केंद्र सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
           बैठक में जिला स्तर पर लंबित इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस, एमओयू, इन्विटेशन टू इन्वेस्ट तथा अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग प्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं एवं लंबित मामलों को रखा, जिनके समाधान के लिए आवश्यक समन्वय एवं कार्यवाही पर विचार किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे ने उद्योग प्रतिनिधियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनके शीघ्र समाधान के लिए प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में लीज पर आवंटित भूमि के खसरों के दुरुस्तीकरण से जुड़े मामलों तथा धरमजयगढ़ में प्रस्तावित एग्रो प्रोसेसिंग सेक्टर परियोजना पर भी चर्चा की गई। बैठक के अंत में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायगढ़ की मुख्य महाप्रबंधक ने उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

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विश्व मंच पर भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विकास यात्रा की झलक देखने उमड़े नागरिक, मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित भव्य फोटो प्रदर्शनी का रायगढ़ में शुभारंभ

रायगढ़, 17 जून 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रायगढ़ के सिंदूर पार्क में आयोजित तीन दिवसीय भव्य फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ आज राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
             प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
            राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, गरीब एवं वंचित वर्गों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल मिला है, वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को सुरक्षा प्रदान की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है, जबकि जल जीवन मिशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण संपर्कता में आई क्रांतिकारी वृद्धि, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा तथा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
             इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश डिजिटल, आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक सशक्त हुआ है। गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की आय वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और पात्रतानुसार उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
             सिंदूर पार्क में आयोजित यह प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को आकर्षक चित्रों, ग्राफिक्स, तथ्यात्मक आंकड़ों एवं सफलता की कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया है। इसके माध्यम से नागरिकों को यह जानने का अवसर मिल रहा है कि बीते वर्षों में संचालित योजनाओं ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। प्रदर्शनी में वित्तीय समावेशन, आवास, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कार्यों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।
            प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों के बैंक खाते खुलने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने, स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से स्वच्छता के क्षेत्र में आए बदलावों, आयुष्मान भारत योजना से गरीब परिवारों को मिल रही स्वास्थ्य सुरक्षा तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को प्रदर्शनी में प्रमुखता से स्थान दिया गया है। डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत डिजिटल भुगतान प्रणाली, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार, ई-गवर्नेंस तथा सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण से आए बदलावों को भी रोचक और तथ्यपरक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी में यह भी दर्शाया गया है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से शासन और नागरिकों के बीच संवाद एवं सेवा वितरण प्रणाली किस प्रकार अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ हुई है।
             देश में सड़क, रेल, हवाई अड्डों, बंदरगाहों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्यों को भी प्रदर्शनी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। चित्रों और तथ्यों के माध्यम से यह बताया गया है कि आधारभूत सुविधाओं के विस्तार ने आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ आम नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाया है। प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की झलक है। राज्य में सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, जल संरक्षण, डिजिटल सेवाओं तथा जनकल्याण से जुड़े कार्यों को चित्रों एवं विस्तृत विवरणों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की है, ताकि वे केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकें तथा पात्रतानुसार उनका लाभ उठा सकें।
            फोटो प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्रीकांत सोमवार, श्री सुरेश गोयल, श्री जतिन साव, श्री अनुपम पाल, श्री पवन शर्मा, श्री पावन अग्रवाल, श्री संजय अग्रवाल, श्री शैलेश माली, श्रीमती पूनम सोलंकी, श्रीमती मधुलता पटेल, श्री असलम हुसैन, सतनाम पोथीवल, श्री अरुण सिंह, श्री राज सहगल, श्री चीकू केशरवानी, नेहा देवांगन, श्री प्रशांत ठाकुर, मुकेश चतुर्वेदी, लल्ला देवांगन, नियाज खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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