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समान नागरिक संहिता पर छत्तीसगढ़ में गहन मंथन, दो दिवसीय परामर्श बैठक में अलग-अलग सामाजिक वर्गों ने रखी अपनी बात, समिति ने समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार करने का दिया भरोसा

रायपुर, 12 सितंबर 2026/ समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए दो दिवसीय  बैठक 10 सितंबर से आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के सदस्य श्री एम. के. राउत की अध्यक्षता में पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार उपस्थित थे।

      पुराना सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों,  जनप्रतिनिधियों और राज्य आयोगों के प्रमुखों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। दो दिनों तक चले इस गहन मंथन सत्र के दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव लिए गए।

             इस दौरान गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय सचिव श्री गजानंद नुरूटी ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। वहीं, दूसरी ओर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने समाज में लैंगिक समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने महिला एवं पुरुष को समान अधिकार देने, बेटे और बेटी को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार सौंपने, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का सुझाव दिया। क्रिश्चन समाज के श्री राजेश जॉन पाल सहित समाज के आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव में कहा कि विवाह को ईश्वर के द्वारा बनाई गई अटूट जोड़ी मानी जाती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। लिव-इन संबंध को समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

            इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। ​समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।

   बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बृजेश पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दिनेश देवांगन, अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री प्रमोद तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती भारती राठौर ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक कारगर, स्पष्ट व पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा बैठक के द्वितीय सत्र में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा तथा श्री आशीष बाजपेयी ने समान नागरिक संहिता पर अपने विचार एवं अभिमत समिति के समक्ष दर्ज कराया। इसी प्रकार मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप सोलंकी, डॉ. सुरभि दुबे तथा डॉ. के.पी. आजमानी ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के संबंध में अपनी राय दी तथा उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सुझाव दिए।

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नारायणपुर में कुपोषण के खिलाफ बड़ी पहल, 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोज मिलेगा पौष्टिक नाश्ता, आंगनबाड़ियों में लड्डू योजना की भी शुरुआत

​रायपुर, 12 सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।

        ​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।

         ​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

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नारायणपुर के होनहार युवाओं को मिलेगी सफलता की नई उड़ान, 50 मेधावी अभ्यर्थियों के लिए शुरू हुआ निःशुल्क पीएससी-व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर



रायपुर, 12 सितंबर 2026/  बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपनों को साकार करने के लिए नारायणपुर में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।

       ​जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।

      ​शुभारंभ समारोह के दौरान मंत्रियों और अतिथियों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और आवश्यक स्टडी किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन अभ्यर्थियों को न केवल सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी, बल्कि विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।

       ​आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, छोटेडोंगर सरपंच, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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सेवा, समर्पण और जनभागीदारी से मजबूत होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागों को समयबद्ध तैयारियों और नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

रायपुर. 12 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दन्तेवाड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से आयोजित किए जाएं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वसहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा की कहानी’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ ‘जल जन सेवा संकल्प’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वच्छता एवं जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।

कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने जिले में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक जनभागीदारी के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर दिनवार एवं तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर तैयारियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल शासकीय कार्यक्रमों की श्रृंखला न होकर सेवा, समर्पण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर बने। डीएफओ श्री रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्र सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव, Negative List आधारित व्यवस्था से विकास और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार, अनावश्यक नियामकीय बाधाएं होंगी कम

रायपुर, 12 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ में विकास गतिविधियों को गति देने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित संशोधन में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए Negative List आधारित व्यवस्था अपनाने का प्रावधान किया गया है। यह पहल केंद्र सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने के व्यापक सुधारों के अनुरूप है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए तथा विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी तथा प्रदेश में निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। Negative List आधारित व्यवस्था के माध्यम से प्रतिबंधित गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए अनावश्यक नियामकीय बाधाएं कम होंगी। इससे बदलती आर्थिक एवं सामाजिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन@2047 के अनुरूप और भारत सरकार के डीरिगुलेशन एवं ईज ऑफ लिविंग से जुड़े सुधारों की दिशा में छत्तीसगढ़ लगातार नीतिगत सुधार कर रहा है। आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में ग्रामीण और शहरी विकास को गति देने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव प्रदेश के आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति देगा।

उन्होंने कहा कि इस सुधार से मास्टर प्लान में निर्धारित विभिन्न भूमि उपयोगों को अधिक लचीला, व्यावहारिक और समयानुकूल बनाया जा सकेगा। इसका लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा और भूमि उपयोग से संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयों को कम करने का मार्ग प्रशस्त होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ नियोजित विकास और आवश्यक प्रतिबंधों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

*प्रतिबंधित गतिविधियों की स्पष्ट सूची, अन्य गतिविधियों के लिए व्यापक अवसर*

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों में केवल निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। संबंधित भूमि उपयोग श्रेणी की Negative List में शामिल नहीं होने वाली गतिविधियों को अनुमत माना जाएगा। इससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में विकसित होने वाली नई गतिविधियों के लिए भी अधिक व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रस्ताव में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन, आमोद-प्रमोद तथा कृषि भूमि उपयोग के लिए अलग-अलग निषिद्ध गतिविधियों की सूची निर्धारित की गई है। इससे प्रत्येक क्षेत्र की प्रकृति, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और विकास की जरूरतों के अनुरूप स्पष्ट नियामकीय व्यवस्था विकसित होगी।

*आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता*

आवासीय भूमि उपयोग के अंतर्गत प्रदूषणकारी उद्योगों, बड़े भंडारण, कबाड़खानों, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन एवं मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है। इससे आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा, पर्यावरणीय गुणवत्ता और बेहतर जीवन-परिस्थितियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

*वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्पष्ट नियोजन*

वाणिज्यिक भूमि उपयोग में नारंगी, लाल एवं नीली श्रेणी के उद्योगों, खतरनाक एवं विषाक्त रसायनों तथा विस्फोटक पदार्थों के भंडारण सहित पशुपालन, मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन गतिविधियों को निषिद्ध करने का प्रावधान किया गया है।

वहीं औद्योगिक भूमि उपयोग में पूर्णतः आवासीय टाउनशिप, अनुमत कर्मचारी आवास को छोड़कर छात्रावास एवं शयनागार, विद्यालय, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और असंगत गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।

*कृषि, सार्वजनिक और परिवहन क्षेत्रों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था*

कृषि भूमि उपयोग में आवासीय अभिन्यास, किफायती जन आवास एवं एकीकृत उपनगर को छोड़कर बड़े वाणिज्यिक परिसर, खतरनाक वाणिज्यिक उपयोग, विभिन्न श्रेणी के उद्योग, उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनाएं तथा बड़े मॉल जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है।

इसी प्रकार सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन तथा आमोद-प्रमोद भूमि उपयोग के लिए भी असंगत, प्रदूषणकारी, खतरनाक एवं अत्यधिक भारी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निषिद्ध किया गया है। इससे निर्धारित भूमि उपयोग और संबंधित क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।

*नई अर्थव्यवस्था और बदलती जरूरतों के अनुरूप नियोजन*

तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था के साथ नई सेवाओं, संस्थाओं, व्यवसायों और तकनीकी गतिविधियों के स्वरूप भी लगातार विकसित हो रहे हैं। ऐसे में पहले से तय गतिविधियों की लंबी सूची के बजाय स्पष्ट रूप से निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों के आधार पर नियमन करने से नई और उभरती गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रस्तावित व्यवस्था से अनावश्यक अनुपालन बोझ कम होने के साथ विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही निवेशकों के लिए अधिक स्पष्ट और पूर्वानुमानित नियामकीय वातावरण तैयार होगा। इससे प्रदेश के शहरों और कस्बों में नियोजित विकास को बढ़ावा देने के साथ आवास, व्यापार, सेवाओं और अधोसंरचना से जुड़ी बदलती जरूरतों को पूरा करने में भी सुविधा होगी।

*नागरिकों और संबंधित पक्षों से मांगे गए सुझाव*

प्रस्तावित संशोधन पर नागरिकों एवं संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 15 दिवस की अवधि में प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर शासन द्वारा विचार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमों में प्रस्तावित संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव छत्तीसगढ़ में सरल नियमन, कम अनुपालन बोझ, स्पष्ट नियोजन और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार है। इससे प्रदेश की बदलती विकास आवश्यकताओं के अनुरूप नियोजन व्यवस्था को अधिक लचीला और भविष्य के लिए तैयार बनाने में मदद मिलेगी।

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जशपुर के सती तालाब से कांकेर के दुधावा तक बदलेगी तस्वीर, चार शहरों के तालाबों के कायाकल्प को 22.18 करोड़ की मंजूरी

रायपुर. 12 सितम्बनर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 4 शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने मिशन अमृत 2.0 के तहत बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा चारों शहरों में इन कार्यों के लिए आज प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

राज्य शासन द्वारा शहरों में तालाबों को पुनर्जीवित करने और उनके जीर्णोद्धार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मिशन अमृत 2.0 के वॉटर बॉडी रिज्यूविनेशन घटक के अंतर्गत 4 शहरों के लिए कुल 22 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। सूडा द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भूजल संवर्धन की मजबूती के काम किए जाएंगे।

मिशन अमृत (अटल शहरी नवीकरण एवं परिवर्तन मिशन) 2.0 के तहत सूडा द्वारा जशपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 में सती तालाब के पुनर्जीवन के लिए 4 करोड़ 17 लाख रुपए, कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-19, अघननगर में दुधावा तालाब के लिए 5 करोड़ 4 लाख रुपए, अहिवारा नगर पालिका में छटवा तालाब के लिए 9 करोड़ 60 लाख रुपए तथा डोंगरगढ़ नगर पालिका में सिंघोला बांधा तालाब के पुनर्जीवन के लिए 3 करोड़ 38 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। स्वीकृत राशि में इन परियोजनाओं के 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण (O&M) के प्रावधान भी शामिल है। इनके निर्माण कार्यों की निगरानी भारत सरकार द्वारा नियुक्त थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (IRMA) द्वारा की जाएगी।

चारों कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने चारों निकायों में कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 'अमृत मिशन 2.0' का मुख्य उद्देश्य हमारे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाना है। अहिवारा, कांकेर, जशपुरनगर और डोंगरगढ़ में स्वीकृत ये 4 परियोजनाएं न केवल हमारे प्राकृतिक जल निकायों का अस्तित्व बचाएंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखेंगी। 

जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तालाब केवल जल संग्रहण के साधन नहीं हैं, बल्कि वे शहरों के पर्यावरणीय संतुलन और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री बोरा ने कहा कि इन तालाबों के पुनर्जीवन से जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को मजबूती मिलेगी तथा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरणीय गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने चारों निकायों को सभी कार्यों को निर्धारित मापदंडों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा है।

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कभी रोजगार के लिए करना पड़ता था पलायन, अब बैगन बाड़ी ने बदली जिंदगी; कृष्णा साहू बनीं लखपति दीदी, 10 एकड़ खेती से सालाना करीब 7 लाख रुपए की आय

सारंगढ़-बिलाईगढ़,11 सितम्बर  2026। कभी रोजगार की तलाश में दूसरे स्थानों पर पलायन करने वाली विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम रोहीना निवासी श्रीमती कृष्णा साहू आज अपनी मेहनत और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से मिले सहयोग के बल पर आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। बैगन की व्यावसायिक खेती को आजीविका का माध्यम बनाकर उन्होंने लखपति दीदी बनने तक का सफर तय किया है और वर्तमान में लगभग 7 लाख रुपए की वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं।

परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कृष्णा साहू के सामने जीवन-यापन की गंभीर चुनौती थी। स्थायी आय का साधन नहीं होने से परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ता था। इसी दौरान स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक बदलाव की शुरुआत हुई।
कृष्णा साहू ने गांव की 10 महिलाओं को संगठित कर राधा रानी महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। समूह की सदस्याओं ने नियमित बचत शुरू की और आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम शुरू किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत समूह को सीआईएफ के रूप में 60 हजार रुपए, रिवॉल्विंग फंड के रूप में 15 हजार रुपए तथा बैंक ऋण की किश्तों के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।
समूह से मिले सहयोग और अपनी बचत के आधार पर कृष्णा साहू ने शुरुआत में तीन एकड़ भूमि में बैगन की खेती शुरू की। उत्पादन से अच्छा लाभ मिलने पर उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया। बाद में बैंक से 3 लाख रुपए का ऋण लेकर उन्होंने लगभग 10 एकड़ भूमि में बैगन बाड़ी विकसित की। आज इस खेती से उनकी वार्षिक आय लगभग 7 लाख रुपए हो गई है।
कृष्णा साहू अब गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बचत और स्वरोजगार की गतिविधियां अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि संगठित प्रयास, मेहनत और उपलब्ध अवसरों का सही उपयोग महिलाओं को
आर्थिक रूप से सशक्त बना सकता है।

*लखपति  दीदियां  17 सितंबर को जलाएंगी “आशीर्वाद का दीया”*

प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर लखपति दीदी कृष्णा साहू भी 17 सितंबर की संध्या अपने घर में “आशीर्वाद का दीया” प्रज्वलित करेंगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के अवसर पर आयोजित इस अभियान के माध्यम से वह जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत @2047 के निर्माण के संकल्प में सहभागी बनेंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन सरकार द्वारा जनकल्याण और विकास को केंद्र में रखकर सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों को जोड़ते हुए जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत के संकल्प को व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
लखपति दीदी कृष्णा साहू ने जिले की अन्य लखपति दीदियों एवं शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से भी 17 सितंबर की संध्या “आशीर्वाद का दीया” जलाकर अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है।
जिला प्रशासन सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने भी केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यक्तिमूलक एवं समूह मूलक हितग्राहियों से अभियान में सहभागिता करने का आह्वान किया है। एक माह तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों द्वारा जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने, शासन की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प से नागरिकों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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नवगठित जिले के प्रशासनिक भवनों को लेकर कलेक्टर सख्त, निर्माण में गुणवत्ता बरकरार रखते हुए तेजी से काम पूरा करने और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 11 सितंबर 2026/ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने शुक्रवार को सुबह नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निर्माणाधीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन एवं नवीन तहसील-एसडीएम कार्यालय भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के महत्वपूर्ण प्रशासनिक भवनों के निर्माण में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए तथा सभी कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित निर्माण एजेंसी को उच्च गुणवत्ता के साथ कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा प्रत्येक सप्ताह कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी अथवा विलंब का समय रहते निराकरण किया जा सके।

*18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का लिया जायजा*

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के विभिन्न कक्षों, कार्यालयीन व्यवस्थाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान भवन के कुछ कमरों में सीपेज की समस्या सामने आने पर कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को उचित तकनीकी समाधान के माध्यम से समस्या का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन नवगठित जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख केंद्र होगा, इसलिए निर्माण के प्रत्येक कार्य को पूरी गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा किया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने, गुणवत्ता परीक्षण पर विशेष ध्यान देने तथा शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में भवन को पूर्ण करने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें।

*नवीन तहसील एवं एसडीएम कार्यालय भवन के प्रत्येक कक्ष का किया निरीक्षण*

कलेक्टर इसके बाद ने सारंगढ़ में लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नवीन तहसील एवं एसडीएम कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के विभिन्न कक्षों में पहुंचकर निर्माण कार्यों और प्रस्तावित कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर भवन का निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न्यायालयीन कार्यों के संचालन को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित कोर्ट रूम के आकार एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। पर्याप्त स्थान की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कोर्ट रूम को और अधिक विस्तृत एवं न्यायालयीन कार्यों के अनुरूप सुविधाजनक ढंग से तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि नवीन कार्यालय भवनों का निर्माण केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं और आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। भवन की व्यवस्थाएं ऐसी हों कि कार्यालय प्रारंभ होने के बाद नागरिकों तथा अधिकारी-कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, कार्यपालन अभियंता एवं संबंधित ठेकेदारों को नियमित निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और साप्ताहिक प्रगति की प्रभावी समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

*सेवा संकल्प अभियान के तहत खाड़ाबांध तालाब में चलेगा स्वच्छता अभियान*

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों के मद्देनजर सारंगढ़ स्थित खाड़ाबांध तालाब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब परिसर एवं आसपास के क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेते हुए यहां व्यापक स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तालाब एवं उसके आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों और जलस्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सारंगढ़ उमेश साहू, डिप्टी कलेक्टर राणा विजय, नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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स्थानीय अवकाश के चलते बदली समय-सीमा बैठक की तारीख, अब 16 सितंबर को जिला कार्यालय के सभा कक्ष में होगी बैठक; 15 सितंबर का कलेक्टर जनदर्शन भी रहेगा स्थगित

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 11 सितंबर 2026/ जिले में 15 सितंबर 2026 को स्थानीय अवकाश घोषित होने के कारण आगामी समय-सीमा की बैठक अब 16 सितंबर 2026, बुधवार को प्रातः 10 बजे जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की जाएगी।
स्थानीय अवकाश के कारण दिनांक 15 सितंबर को आयोजित होने वाला कलेक्टर जनदर्शन भी स्थगित रहेगा। समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों, योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा जिले के समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विभाग से संबंधित अद्यतन जानकारी एवं आवश्यक अभिलेखों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि बैठक में विभागीय कार्यों की प्रभावी समीक्षा की जा सके।

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माँ के सम्मान से हरियाली के संकल्प तक पहुंचा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, सक्ती के जेठा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर

रायपुर 11 सितम्बर 2026/ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान और मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से विद्यार्थियों को मिला करियर की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर, आईआईआईटी और एआईआईएमएस पहुंचकर छात्रों ने जानी उच्च शिक्षा की राह

रायगढ़, 11 सितम्बर 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी की पहल एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में रायगढ़ के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने, उन्हें उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थानों से परिचित कराने और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़ातराई, विकासखंड पुसौर के कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने आईआईआईटी नया रायपुर एवं एआईआईएमएस रायपुर का शैक्षणिक भ्रमण किया।
            भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया, आधुनिक सुविधाओं तथा विभिन्न करियर विकल्पों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। आईआईआईटी नया रायपुर में विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की संभावनाओं को समझा। वहीं एआईआईएमएस रायपुर में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मेडिकल क्षेत्र में करियर के अवसरों की जानकारी ली।
          प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों का प्रत्यक्ष अनुभव विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा। इससे उन्हें स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के विकल्पों को समझने, अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए प्रेरणा मिली। शैक्षणिक भ्रमण के सफल आयोजन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू एवं जिला मिशन समन्वयक श्री आलोक स्वर्णकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा रायगढ़ द्वारा विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक वातावरण से परिचित कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों से विद्यार्थियों को अपने करियर को लेकर बेहतर समझ विकसित करने का अवसर मिल रहा है। भ्रमण को सफल बनाने में पीएम श्री कोड़ातराई के प्राचार्य श्री अजय सिन्हा सहित विद्यालय स्टाफ का विशेष योगदान रहा। विद्यार्थियों के साथ व्याख्याता श्री खेमराम चौधरी, श्री दीपेश नायक, श्रीमती अपराजिता पटनायक एवं श्रीमती सुमन दास ने रहकर उनका मार्गदर्शन किया।

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सड़क हादसों पर जिला प्रशासन सख्त, 16 ब्लैक स्पॉट के साथ दुर्घटना संभावित नए स्थलों का भी होगा सर्वे; स्पीड ब्रेकर, संकेतक, स्ट्रीट लाइट और रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग से हादसों पर लगेगी लगाम

रायगढ़, 11 सितम्बर 2026/ जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने जिला कार्यालय के सभा कक्ष में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पिछले दो वर्षों में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों, दुर्घटना संभावित स्थलों, ब्लैक स्पॉट, घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, यातायात व्यवस्था तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों पर बिंदुवार चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं एवं उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के लिए विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिक दुर्घटना वाले स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, संकेतक एवं सूचना बोर्ड, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सहित आवश्यकतानुसार अन्य यातायात सुरक्षा उपाय किए जाने को कहा।

*ब्लैक स्पॉट के साथ अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर भी निगरानी*

बैठक में जिले में चिन्हित 16 ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ ऐसे स्थान भी हैं, जो निर्धारित मापदंडों के अनुसार ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित नहीं हैं, लेकिन वहां दुर्घटनाओं के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। कलेक्टर ने ऐसे स्थानों को भी चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में थाना-वार दुर्घटना संभावित टॉप-10 स्थलों की भी जानकारी ली गई। सड़क की स्थिति, मोड़, विजिबिलिटी, सड़क के किनारे झाड़ियां, धूल, सड़क के सोल्डर, स्थानीय मार्गों से हाईवे पर मिलने वाले स्थान तथा अन्य कारणों का सर्वे कर दुर्घटना रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने पर जोर दिया गया।

*रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग के लिए बनेगी कार्ययोजना*

जिले में रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने यातायात व्यवस्था की प्रभावी निगरानी एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आगामी 15 दिनों के भीतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की निगरानी, यातायात दबाव और आवश्यक हस्तक्षेप के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए।

*हेलमेट और शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्ती*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब का सेवन कर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के साथ लोगों को इसके गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों एवं एसडीएम को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी और यातायात नियमों के पालन को और मजबूत करने को कहा गया।

*गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार और एंबुलेंस व्यवस्था पर जोर*

बैठक में सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा गोल्डन ऑवर के महत्व पर भी चर्चा हुई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता, डायल-112 के प्रभावी उपयोग तथा घायलों को समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित मार्गों पर पेट्रोलिंग और सड़क की साफ-सफाई सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई।

*स्थानीय सड़कों और हाईवे कनेक्टिविटी वाले स्थानों का होगा सर्वे*

बैठक में हाईवे से गांवों एवं स्थानीय सड़कों के जुड़ने वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। ऐसे स्थानों पर विजिबिलिटी, झाड़ियों, सड़क की ऊंचाई, मोड़, धूल एवं सड़क के सोल्डर की स्थिति का सर्वे कर आवश्यक सुधार करने को कहा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने वाली स्थानीय सड़कों के किनारे स्थित स्थानों को सड़क के समतल करने तथा वाहन चालकों को पर्याप्त दृश्यता उपलब्ध कराने जैसे उपायों पर भी चर्चा की गई।

*उद्योगों के सहयोग से यातायात मित्र बनाने पर भी चर्चा*

औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित उद्योगों के माध्यम से ट्रैफिक दूत अथवा यातायात मित्र चयनित कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने और यातायात जागरूकता में सहयोग लेने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम द्वारा कोतरा रोड थाना क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में खड़े होने वाले दोपहिया वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए उन्हें आरओबी के नीचे निर्धारित स्थान पर रखने का सुझाव दिया गया। बैठक में सीएसपी एवं डीएसपी यातायात द्वारा तैयार पिछले दो वर्षों के दुर्घटना संबंधी आंकड़ों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें दुर्घटनाओं की संख्या, मृत्यु एवं घायलों की स्थिति, दुर्घटना वाले प्रमुख स्थानों तथा दुर्घटनाओं के कारणों पर चर्चा की गई। 
             इस अवसर पर सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, डीएसपी यातायात प्रभारी श्री उत्तम प्रताप सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, जिला खनिज अधिकारी सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

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स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच और उपचार सुनिश्चित करें-कलेक्टर,स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश

रायगढ़, 11 सितम्बर 2026/ जिले में स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं की कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति, जांच एवं उपचार व्यवस्था तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। कलेक्टर ने राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संदिग्ध मामलों की त्वरित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            कलेक्टर ने कहा कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की पहचान होने पर उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार तत्काल आवश्यक जांच एवं उपचार की व्यवस्था की जाए। मरीजों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण संबंधी प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करने तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*हाई रिस्क समूह पर विशेष निगरानी*

कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों जैसे हाई रिस्क समूह पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर जांच एवं उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रखते हुए लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

*बचाव एवं जागरूकता पर भी जोर*

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू से बचाव एवं सावधानियों के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। नागरिकों को खांसते या छींकते समय मुंह एवं नाक ढकने, हाथों की नियमित सफाई रखने तथा स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें और संदिग्ध मामलों में जांच से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें।

*पृथक उपचार एवं जांच की सुविधा*

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में पृथक व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखते हुए चिकित्सकीय निगरानी में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए वीटीएम किट एवं आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकतानुसार मरीजों के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। उपचार के लिए ओसेल्टामिविर सहित आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। इसके साथ ही पीपीई किट, आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता के समय उपचार व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनिल कुमार जगत, डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, डॉ राजकुमार गुप्ता, नोडल अधिकारी नशा मुक्ति अभियान केंद्र के डॉ.एम.जे.जावेद मारिकर, नोडल अधिकारी डॉ कैनन डेनियल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ कल्याणी पटेल एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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कलेक्टर की सख्ती का असर: तीन दिन में शासन को मिली 10 एकड़ ईडब्ल्यूएस जमीन ,कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई तेज, रायगढ़ में 6.40 और पुसौर में 3.70 एकड़ भूमि हुई उपलब्ध

रायगढ़, 11 सितम्बर 2026/ ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए निर्धारित जमीन में अनियमितता को लेकर रायगढ़ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश के बाद प्रशासन की कार्रवाई का असर महज तीन दिनों में सामने आया है। रायगढ़ और पुसौर तहसील में जांच के बाद करीब 10.10 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के हक में उपलब्ध हुई है।
           कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़ ने दोनों तहसीलों में कॉलोनी विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों को वैधानिक नोटिस जारी कर ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों और भूमि के लेखा-जोखा की जांच शुरू की। जांच के बाद तहसील रायगढ़ के ग्राम पण्डरीपानी पूर्व, बड़े अतरमुड़ा, बेन्द्राचुआं, खैरपुर और गोपालपुर में 7 खसरा क्रमांकों के अंतर्गत करीब 6.40 एकड़ तथा तहसील पुसौर के ग्राम पुसौर, छींच और गढ़उमरिया में 4 खसरा क्रमांकों के अंतर्गत करीब 3.70 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि उपलब्ध हुई।

*अनियमितता पर कॉलोनाइजर का लाइसेंस निरस्त*

प्रशासन ने ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े मामलों में केवल जांच तक सीमित न रहते हुए कार्रवाई भी शुरू कर दी है। तहसील रायगढ़ के बड़े अतरमुड़ा स्थित एक कॉलोनी के कॉलोनाइजर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने उसका कॉलोनाइजर लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय पर स्थगन आदेश भी जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईडब्ल्यूएस के लिए निर्धारित भूमि शासन के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रावधान है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कॉलोनाइजरों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ईडब्ल्यूएस भूमि को शासन के हक में सुरक्षित कराने के साथ-साथ ऐसे मामलों की आगे भी जांच और कार्यवाही की जा रही है।

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महिला एवं नाबालिग अपराधों पर रायगढ़ पुलिस का कड़ा एक्शन, ‘अभियान संवेदना’ के तहत छाल और लैलूंगा पुलिस की कार्रवाई से दो आरोपी गिरफ्तार, एक ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण, पुलिस रिमांड के बाद भेजा गया जेल

रायगढ़, 11 सिंतबर* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर महिला एवं नाबालिग से संबंधित अपराधों में त्वरित कार्रवाई हेतु जिले में चलाये जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत थाना छाल एवं लैलूंगा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

*छाल पुलिस के चौतरफा दबाव में आरोपी का कोर्ट में सरेंडर, पुलिस रिमांड लेकर छाल पुलिस ने जांच प्रक्रिया कर भेजा जेल*

       दिनांक 08.08.2026 को थाना चक्रधरनगर में स्थानीय महिला द्वारा आवेदन देकर उसकी रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 17.02.2026 को इसकी बेटी जो रायपुर में पढ़ाई कर रही है, बतायी कि परिवार का परिचित के अमित उर्फ पुष्पेंद्र गोयल लड़की के इंस्टाग्राम आईडी पर फ्रेंड भेज कर दोस्ती बढ़ाया फिर गंदी गंदी मैसेज करता था । लड़की ने बताया कि दिसंबर 2022 में जब नाना का देहांत होने पर छाल गये थे । तब अमित अकेले पाकर छेडछाड करता था और दिनांक 25.12.2022 में पुराने घर में फोन कर बुलाया और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया । डर से घटना किसी को कुछ नहीं बतायी । उसके बाद भी अमित मोबाइल फोन में अश्लील मैसेज भेजा था और बोलता था कि अगर तुम किसी को बताओगी तो तुम्हारी ही बदनामी होगी । लड़की ने यह भी बताया कि जब वह रायपुर पढ़ने गई, वहां भी होटल ले जाकर गलत काम करता था । महिला के आवेदन पर थाना चक्रधरनगर में शून्य पर अपराध दर्ज कर थाना छाल में असल अपराध आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 186/2026 धारा 64(2)(m) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट पंजीबद्ध किया गया । अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था, छाल पुलिस की लगातार छापेमारी और न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए अन्तत: आरोपी द्वारा न्यायालय में समर्पण किया गया । दिनांक 09.09.2026 को न्यायालय से मिली सूचना पर छाल पुलिस द्वारा आरोपी का एक दिन पुलिस रिमांड लिया गया । आरोपी से पूछताछ कर आगे विवेचना कार्यवाही की है और आरोपी अमित उर्फ पुष्पेंद्र गोयल पिता बुधराम गोयल 46 वर्ष निवासी छाल को विधिवत गिरफ्तार कर रिमांड अवधि पश्चात आरोपी को न्यायालय पेश कर जेल दाखिल किया गया है ।

*नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को लैलूंगा पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा रिमांड पर*

     दिनांक 20.08.2026 को थाना लैलूंगा में स्थानीय महिला द्वारा रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसकी बेटी (14 वर्ष) कुछ दिनों से गुमशुम थी, बातचीत नहीं कर रही थी । तब उससे पूछताछ की तो बताई कि दिनांक 04.08.2026 की रात करीब 09.00 बजे गांव का सूर्यान्श यादव (20 साल) घर में आया अपने साथ में घर जाने के लिए बोला जिसे मना की फिर भी बहला फुसलाकर डरा धमकाकर अपने घर ले गया और शारीरिक संबंध बनाया । सुबह करीब 04.00 बजे घर पहुँचा दिया और बोला कि किसी को मत बताना । महिला के आवेदन पर आरोपी सूर्यान्श यादव पर अपराध क्रमांक 262/2026 धारा 65(1),351(3) BNS तथा 6 पॉक्सो एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था जिसकी गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा मुखबीर लगाकर रखा गया था । कल गांव आने की मुखबीर सूचना पर छापेमारी कर आरोपी  सूर्यान्श यादव को गिरफ्तार किया गया जिसे कोर्ट पेश कर पॉक्सो एक्ट में रिमांड पर भेजा गया है ।

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मोबाइल दुकान में चोरी के बाद बैंकों को लूटने की साजिश रचने वाले गिरोह पर घरघोड़ा पुलिस की सख्त कार्रवाई, चार माह में पांच आरोपियों को न्यायालय से 2-2 साल की सजा

 रायगढ़, 11 सितंबर* । नवीन आपराधिक कानूनों में त्वरित न्याय और समयबद्ध विवेचना पर जोर दिए जाने का असर अब पुलिस की विवेचना और न्यायालयीन परिणामों में भी दिखाई दे रहा है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में चोरी और इसके बाद बैंकों में चोरी की साजिश रचने वाले संगठित अपराध के पांच आरोपियों को अपराध के चार माह के भीतर ही न्यायालय से सजा दिलाने में घरघोड़ा पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन महत्वपूर्ण साबित हुआ।

        न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा के न्यायालय ने 8 सितंबर 2026 को मामले में सभी पांच आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री सत्यनारायण प्रकाश महिलाने द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।

*थाना प्रभारी के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक की सटीक विवेचना*

           पूरे प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विवेचनाधिकारी प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक द्वारा की गई। पुलिस टीम ने घटना के बाद महज आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि घटनास्थल से लेकर आरोपियों की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, मौके पर उनकी मौजूदगी, चोरी की संपत्ति की बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को वैज्ञानिक एवं कानूनी तरीके से संकलित किया।

      थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा सभी गवाहों के समयबद्ध कथन सुनिश्चित कराए गए, जबकि प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक ने विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को व्यवस्थित करते हुए 23 मई 2026 को न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की। इसके बाद न्यायालयीन प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ी और चार माह के भीतर 8 सितंबर को न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाते हुए पांचों आरोपियों को दोषसिद्ध कर दिया।

*मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर 83 मोबाइल समेत सामान किया था पार*

          मामले की शुरुआत 17 फरवरी 2026 को हुई, जब ग्राम कुडुमकेला निवासी भोजपाल साव ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सड़कपारा मेन रोड, कुडुमकेला स्थित उसकी साव कम्प्यूटर एंड मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली है।
          दुकान से 43 नए मोबाइल, 40 पुराने मोबाइल, 11 ब्लूटुथ स्पीकर, 3 ब्लूटुथ हेडफोन, दस्तावेजों से भरा बैग तथा करीब 3000 रुपये नकद चोरी किए गए थे। मामले में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 52/2026, धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

*चोरी के बाद बैंक लूट की थी साजिश*

          विवेचना में सामने आया कि पांच आरोपियों ने रात करीब 1 से 1:30 बजे कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी का सामान कार में भरकर घरघोड़ा-लैलूंगा मार्ग पर ग्राम मुस्कुरा के पास जंगल में छिपाया गया था। आरोपियों की योजना चोरी किए गए मोबाइल और अन्य सामान को बेचने की थी।

         इसके बाद गिरोह ने बैंक चोरी की योजना बनाई। आरोपियों ने 15 मार्च 2026 की रात खम्हार स्थित ग्रामीण बैंक में चोरी का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। साक्ष्य मिटाने की नीयत से बैंक का सीसीटीवी कैमरा सिस्टम निकालकर अपने साथ ले गए।
            इसके बाद 16 मार्च की रात पटेलपाली स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी का प्रयास किया गया। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी बैंक का वॉल्ट नहीं तोड़ सके और वहां से भी सीसीटीवी सिस्टम निकालकर फरार हो गए।

*26 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद*
            घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मारुति सियाज कार क्रमांक CG-17-KN-2212 और महिंद्रा XUV-500 क्रमांक CG-04-KZ-5674 बरामद की। इसके साथ ही आरोपियों से कुल 60 नए/पुराने मोबाइल एवं एक एयरपॉड्स बरामद किए गए।
           बरामद संपत्ति की कुल कीमत 26 लाख 47 हजार 100 रुपये बताई गई है। आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र कर योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर अपराध करना पाए जाने पर प्रकरण में धारा 112(2), 61(2), 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई।

*मजबूत साक्ष्य, समय पर चार्जशीट और प्रभावी पैरवी से पहुंचा फैसला*

        घरघोड़ा पुलिस की विवेचना में सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी, चोरी की संपत्ति की बरामदगी, घटना में प्रयुक्त वाहनों सहित अन्य पुख्ता साक्ष्यों को संकलित कर चार्जशीट के साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।  घरघोड़ा पुलिस ने ठान रखा था कि संगठित अपराध के आरोपियों को सजा दिलानी है और इस दौरान आरोपियों के कई बार जमानत आवेदन निरस्त भी हुआ । घरघोड़ा पुलिस की समयबद्ध विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मामले में चार्जशीट पेश होने के करीब साढ़े तीन माह के भीतर ही न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।

*न्यायालय से दंडित आरोपी*
(1) मोह. अरसलान पिता मोह. जब्बीर खान उम्र 19 वर्ष निवासी सारथी नगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(2) करण महंत पिता कुमार दास महंत उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बांसाझार थाना छाल जिला रायगढ़ (छ.ग.)
(3) अलतमस खान पिता मोह. आफताब खान उम्र 19 वर्ष निवासी बिलाईटांगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(4) जॉनसन बेक पिता बुधियार बेक उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) 
(5) कवलेश यादव पिता पलकधारी यादव उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बरिमा मेनपाट थाना कमलेश्वरपुर जिला सरगुजा (छ.ग.)  
        सभी पांच आरोपियों को धारा 305(ए), 331(4) एवं संगठित अपराध से संबंधित धारा 112(2) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

            एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर इस पूरे प्रकरण में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व और प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक की प्रभावी विवेचना ने यह सुनिश्चित किया कि संगठित तरीके से अपराध करने वाले आरोपियों के विरुद्ध केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक पुख्ता साक्ष्य भी समय पर प्रस्तुत किए जाएं।

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सक्ती जिले को 121.70 करोड़ की बड़ी सौगात: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 38 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन, सड़क से शिक्षा-स्वास्थ्य और ग्रामीण अधोसंरचना तक मजबूत होंगे विकास के आधार

रायपुर 11 सितम्बर 2026/ केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित कार्यक्रम में जिले को लगभग 122 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। दोनों अतिथियों ने 121 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक की लागत के कुल 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

इनमें लगभग 79.25 करोड़ रुपए की लागत के 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 42.46 करोड़ रुपए की लागत के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों से जिले में सड़क संपर्क के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में लगभग 25.82 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा, बरतुंगा, तुलसीडीह, अण्डा, चरौदा होते हुए सपिया नहरपार तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तथा लगभग 15.30 करोड़ रुपए की लागत से छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली होते हुए सेमराडीह तक 12 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण शामिल है। इसके साथ ही अण्डी-किरकार-जगमहन से सातबहिनिया तक सड़क, नगझर-नवापारा मार्ग और गुरेराडीह किरारी से केसला मुख्य मार्ग सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।

शिक्षा और युवाओं के लिए शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती के नवीन भवन, बेदराम शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा में अतिरिक्त भवन तथा नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा महिलाओं के लिए महतारी सदनों के निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखी गई। 

लोकार्पित प्रमुख कार्यों में लगभग 14.35 करोड़ रुपए की लागत से मालखरौदा क्षेत्र में कलमी नहरपार से चिखली, छोटेकोट, बड़ेकोट, सिंघरा होते हुए बेल्हाडीह तक सड़क तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा से कठरापाली, निमोही, सिंघीतराई, बेनीपाली होते हुए ओड़ेकेरा मुख्य मार्ग तक पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण शामिल है। बुंदेली-अड़भार मार्ग का भी लोकार्पण किया गया।

इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंप, चन्द्रपुर एवं हसौद के नवीन तहसील कार्यालय भवन, डभरा, चन्द्रपुर एवं जैजैपुर के नवीन पुलिस थाना भवन, अड़भार पुलिस चौकी भवन, सुलौनी हाईस्कूल भवन, गोपालपुर प्रशिक्षण भवन तथा गोबरा में महतारी सदन सहित अन्य विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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निर्माण कार्यों में देरी और घटिया गुणवत्ता पर अब नहीं चलेगी लापरवाही, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी—समय-सीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो तय होगी जवाबदेही

रायपुर. 11 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दंतेवाड़ा में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने चारों विभागों के स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। 

श्री साव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्य शैली और कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए परिणाम आधारित कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियां सड़कों, भवनों, पुल-पुलियों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कार्यों में अनावश्यक विलंब होने पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी शासकीय कार्यालयों एवं परिसरों को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं नागरिकों के अनुकूल रखने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बनाए जा रहे आवासों के निर्माण में तेजी लाने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की पूर्ण हो चुकी योजनाओं को संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने को कहा। उन्होंने प्रगतिरत नल जल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने तथा ठेकेदारों व संबंधित एजेंसियों के लंबित बिलों के भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जल आपूर्ति योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा।

श्री साव ने बरसात की समाप्ति के तुरंत बाद सभी निर्माण कार्यों में तत्परता से गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता, सक्रियता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करें। विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। वनमंडलाधिकारी श्री रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बस्तर संभागीय कार्यालय और दंतेवाड़ा जिला कार्यालय के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

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