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विश्व हेपेटाइटिस दिवस: स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान, नर्सिंग छात्राओं का हुआ हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय रायगढ़ के सभाकक्ष में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हेपेटाइटिस की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार और टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही नर्सिंग अंतिम वर्ष की छात्राओं का हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने की। इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम हेपेटाइटिस: आइए इसे खत्म करें के अनुरूप लोगों को जागरूक करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और टीकाकरण से हेपेटाइटिस संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
          मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि बरसात के मौसम में दूषित भोजन और पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नागरिकों से फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने, स्वच्छ पानी पीने, भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाने तथा खुले एवं दूषित खाद्य पदार्थों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाना और सुरक्षित जीवनशैली संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। विशेषज्ञों ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी के प्रमुख लक्षणों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते, भूख कम लगना, अत्यधिक थकान, जोड़ों में दर्द एवं अवसाद शामिल हैं, जबकि हेपेटाइटिस-सी में लगातार थकान, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली तथा गहरे रंग का मूत्र जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
           कार्यक्रम में हेपेटाइटिस से बचाव के लिए सुरक्षित रक्त का उपयोग, एक बार उपयोग होने वाले रेजर ब्लेड एवं इंजेक्शन का प्रयोग, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं साझा नहीं करने, असुरक्षित यौन संबंधों से बचने तथा घावों को सुरक्षित ढंककर रखने की सलाह दी गई। साथ ही नवजात शिशुओं को जन्म के बाद निर्धारित समय में हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाने, सभी गर्भवती महिलाओं की हेपेटाइटिस-बी जांच कराने तथा संक्रमित माता से जन्म लेने वाले शिशुओं को आवश्यक इम्यूनोग्लोब्युलिन एवं टीकाकरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
          कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, एएनएम, मितानिनों एवं शहरी स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटिस के साथ-साथ मौसमी बीमारियों की रोकथाम, उपचार और जनजागरूकता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में भी विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं, जहां ग्रामीण एवं शहरी नागरिकों को हेपेटाइटिस से बचाव, स्वच्छता, सुरक्षित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल, जिला नोडल अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी, डॉ. जाविद मारीकर, डॉ. सुमीत कुमार शैलेन्द्र मंडल, डॉ. अविनाश चंद्रा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा तथा जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कल्याणी पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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स्मार्ट मीटर बना उपभोक्ताओं का भरोसेमंद साथी,सटीक रीडिंग, पारदर्शी बिल...स्मार्ट मीटर से बदला बिजली सेवाओं का अनुभव

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर योजना प्रभावी साबित हो रही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली की सटीक रीडिंग के साथ रियल टाइम में खपत की जानकारी मिल रही है। रायगढ़ निवासी मोहन सोनी का कहना है कि वे स्वयं भी अपनी बिजली खपत पर आसानी से नजर रख पा रहे हैं। मोहन सोनी ने बताया कि उनके घर में स्मार्ट मीटर स्थापित होने के बाद बिजली की रीडिंग पूरी तरह सटीक मिल रही है। जितनी बिजली की खपत होती है, उसका रिकॉर्ड स्वतः दर्ज हो जाता है, जिससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है। उन्होंने बताया कि मोर बिजली मोबाइल एप के माध्यम से भी वे कभी भी अपने मोबाइल पर बिजली की खपत और मीटर की रीडिंग देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग पर नियमित निगरानी रखना आसान हो गया है और आवश्यकता के अनुसार बिजली की खपत को नियंत्रित करने में भी सुविधा मिल रही है।
          मोहन सोनी ने कहा कि यह सुविधा उपभोक्ताओं के हित में है। इससे बिजली की सटीक रीडिंग, पारदर्शी बिलिंग और खपत की वास्तविक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध होती है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा छत्तीसगढ़ शासन और विद्युत विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। स्मार्ट मीटर व्यवस्था से बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत हो रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से बिजली सेवाओं को सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

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सिर्फ दो दिन बाकी: 31 जुलाई तक कराएं फसल बीमा, प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/खरीफ मौसम 2026 में फसलों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए किसान 31 जुलाई तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। योजना के अंतर्गत जिले के किसान धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, मूंगफली, मसूर, अरहर तथा रागी जैसी अधिसूचित फसलों का बीमा कराकर संभावित प्राकृतिक एवं उत्पादन संबंधी जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 
          प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बुवाई एवं रोपण जोखिम, स्थानीयकृत प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम तथा फसल कटाई के बाद निर्धारित अवधि में होने वाले नुकसान से उत्पन्न आर्थिक जोखिमों के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित रखना तथा कृषि क्षेत्र में जोखिम कम करना है। यह योजना ऋणी एवं अऋणी दोनों श्रेणी के किसानों के लिए उपलब्ध है। अऋणी किसान अपने निकटतम बैंक, वित्तीय संस्था अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से बीमा प्रस्ताव पंजीकृत करा सकते हैं, जबकि ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक के माध्यम से किया जाएगा। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद किसी भी बीमा प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। योजना के अंतर्गत किसानों को कुल बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। धान (सिंचित) के लिए किसान अंश 1,210 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा धान (असिंचित) के लिए 946 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। उप संचालक कृषि ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम कृषि विभाग कार्यालय अथवा संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

*आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज*

बीमा पंजीकरण के लिए किसानों को आधार कार्ड, नवीनतम भूमि अभिलेख, बैंक पासबुक की प्रति, फसल बुवाई प्रमाण-पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने का स्वघोषणा पत्र, मोबाइल नंबर तथा बटाईदार किसानों की स्थिति में वैध सहमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

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तीन माह में स्मार्ट बनेंगे रायगढ़ के सभी राजस्व कार्यालय, सेवाएं होंगी तेज और पारदर्शी कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई बड़ी पहल

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ जिले में राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
           बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि राही ने कहा कि जिले के सभी तहसील कार्यालयों को आगामी तीन माह के भीतर स्मार्ट राजस्व कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कार्यालय केवल भवनों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सेवा वितरण प्रणाली को भी अधिक व्यवस्थित और नागरिक हितैषी बनाया जाएगा।

*आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे कार्यालय*

स्मार्ट कार्यालयों में रंग-रोगन, साफ-सफाई, सुव्यवस्थित साइन बोर्ड, एलईडी डिस्प्ले, पेयजल, प्रतीक्षालय, छायादार व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही कार्यालय परिसर को व्यवस्थित एवं सुगम बनाते हुए आमजनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा।

*सेवा वितरण होगा अधिक सरल और पारदर्शी*

अपर कलेक्टर श्री रवि राही ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यालय में सेवा वितरण की स्पष्ट कार्यप्रणाली विकसित की जाए। आम नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न राजस्व सेवाओं की प्रक्रिया का स्टैंडर्ड फॉर्मेट तैयार किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो तथा निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कार्यालयीन कर्मचारियों के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

*राजस्व प्रकरणों की हुई विस्तृत समीक्षा*

बैठक में डिजिटल किसान किताब, स्वामित्व योजना, ऑनलाइन डायवर्जन, नगरीय निकाय क्षेत्र की सेवा भूमि, अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई, नक्शा बटांकन, डिजिटल हस्ताक्षर, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, ग्राम पंचायत स्तर पर लंबित नामांतरण, खाता विभाजन तथा ई-कोर्ट सहित विभिन्न राजस्व विषयों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज: सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए जीवनरक्षक बनी पीएम-राहत योजना, रायगढ़ प्रशासन ने तेज किए जागरूकता अभियान के निर्देश

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर बहुमूल्य जीवन बचाने के उद्देश्य से भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम-राहत (प्रधानमंत्री राहत) नकदरहित (कैशलेस) उपचार योजना का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में इस योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर आमजन को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
           कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद समय पर उपचार ही किसी घायल व्यक्ति का जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को इस योजना की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने परिवहन, स्वास्थ्य, पुलिस सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। बैठक में कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिल्पा भगत एवं जिला परिवहन अधिकारी श्री गौरव साहू को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता गतिविधियों के संचालन तथा विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ योजना की जानकारी गांव-गांव एवं शहरों तक पहुंचाई जाए।

*पात्र मामलों में 1.5 लाख रुपये तक का नकदरहित (कैशलेस) उपचार*

बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का नकदरहित (कैशलेस) उपचार उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना के बाद अधिकतम सात दिनों तक उपचार का व्यय निर्धारित सीमा तक सरकार द्वारा वहन किया जाता है। योजना का लाभ शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ अधिकृत निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है। इससे आर्थिक तंगी के कारण उपचार में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा तथा पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

*स्वर्णिम घंटा (गोल्डन ऑवर) में उपचार से बच सकती है जान*

सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे स्वर्णिम घंटा (गोल्डन ऑवर) कहा जाता है, जीवन बचाने की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में घायल व्यक्ति को शीघ्र अस्पताल पहुंचाकर उपचार प्रारंभ कर देने से मृत्यु एवं गंभीर जटिलताओं की संभावना काफी कम हो जाती है। पीएम-राहत योजना का प्रमुख उद्देश्य भी यही है कि किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित का उपचार धन के अभाव में प्रभावित न हो तथा उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।

*उपचार के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) आवश्यक नहीं*

योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ित का उपचार प्रारंभ करने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज होना अनिवार्य नहीं है। अस्पताल तत्काल उपचार प्रारंभ करेंगे। वहीं, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति (गुड सेमेरिटन/सद्भावी नागरिक) से पुलिस अनावश्यक पूछताछ नहीं करेगी। इससे लोग बिना किसी भय के घायल व्यक्तियों की सहायता के लिए आगे आ सकेंगे।

*दुर्घटना होने पर तुरंत करें 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल*

दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 112 आपातकालीन सेवा पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाएं तथा घायल को निकटतम अधिकृत अस्पताल तक पहुंचाएं। समय पर दिया गया उपचार किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।

*अस्पतालों के लिए भी जारी हैं स्पष्ट निर्देश*

योजना के अंतर्गत सभी संबंधित अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि सड़क दुर्घटना पीड़ित को बिना किसी विलंब के तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्रदान करें। यदि घायल की पहचान तत्काल उपलब्ध न हो, तब भी उपचार में देरी न की जाए। अस्पतालों को ई-डीएआर (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना प्रतिवेदन प्रणाली) एवं टीएमएस 2.0 (ट्रॉमा प्रबंधन प्रणाली 2.0) पोर्टल पर आवश्यक जानकारी समय पर दर्ज करने तथा संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

*डिजिटल प्रणाली से होगा पारदर्शी संचालन*

योजना का संचालन ई-डीएआर एवं टीएमएस 2.0 डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इससे दुर्घटना की सूचना, उपचार की प्रक्रिया तथा भुगतान संबंधी समस्त जानकारी का समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिलने के साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं, तत्काल 112 आपातकालीन सेवा पर सूचना दें तथा उसे शीघ्र अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पीएम-राहत योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समय पर उपचार उपलब्ध कराकर अनमोल जीवन बचाने का प्रभावी माध्यम है। व्यापक जनजागरूकता तथा सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से इस योजना का लाभ अधिक से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों तक पहुंचाया जा सकेगा।

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रायगढ़ में कानून व्यवस्था पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध अप्रवासियों की पहचान, ट्रैफिक सुधार, सड़क सुरक्षा और अवैध उत्खनन पर सख्त निर्देश

रायगढ़, 28 जुलाई 2026/ जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, सड़क सुरक्षा को बेहतर करने तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
           बैठक में जिले के भीतर अवैध रूप से निवास कर रहे अथवा निवास की योजना बना रहे अवैध अप्रवासियों की पहचान एवं उनकी सतत मॉनिटरिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधिकारी तथा संबंधित विभाग संयुक्त रूप से सत्यापन अभियान चलाकर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करें तथा प्रत्येक सूचना पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अवैध रूप से रह रहे लोगों एवं परिवार की पहचान एवं राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-233-1905 जारी की है, जो सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे संचालित रहेगी। नागरिक अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों अथवा उनकी गतिविधियों की सूचना इस हेल्पलाइन पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
              बैठक में रायगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने पर विशेष चर्चा हुई। नगर निगम आयुक्त ने उद्योगों द्वारा कर्मचारियों के आवागमन के लिए संचालित बसों के शहर के भीतर प्रवेश से बढ़ रहे यातायात दबाव का विषय रखा। इस पर कलेक्टर ने सहमति देते हुए नगर निगम, राजस्व विभाग, यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को शहर के बाहरी हिस्सों में उपयुक्त बस स्टॉप विकसित करने के लिए स्थल चयन के निर्देश दिए। कुछ दिन पूर्व जिला प्रशासन, ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन, उद्योग एवं खनन कंपनियों के साथ हुई बैठक में उठाई गई मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि घरघोड़ा बाईपास मार्ग, बंजारी मंदिर क्षेत्र, पूंजीपथरा मार्ग, तमनार, खरसिया के रानीसागर चौक तथा गिरवानी मार्ग सहित चिन्हित स्थलों पर भारी वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल का चयन 30 सितंबर तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
            बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संचालित पीएम-राहत (प्रधानमंत्री राहत) नकदरहित (कैशलेस) उपचार योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद समय पर उपचार मिलने से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। परिवहन, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से जनजागरूकता अभियान चलाकर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना की जानकारी पहुंचाएं।
            कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख सड़कों पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) पर आवश्यक सुधार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में सड़क सुरक्षा, जिला सड़क सुरक्षा कार्यबल, नशा नियंत्रण अभियान, औद्योगिक सुरक्षा, अवैध उत्खनन, खाद्य एवं औषधि सुरक्षा, मोटरयान अधिनियम, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, जिला जेल, पैरोल, हिट एंड रन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, चिटफंड प्रकरण, पीएम रिपोर्ट, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट तथा अभियोजन स्वीकृति के लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी भी प्रस्तुत की।
              जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 23 जुलाई तक अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से संबंधित 120 प्रकरण दर्ज कर 64.37 लाख रुपए से अधिक की अर्थदंड राशि वसूल की गई है। कलेक्टर ने खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
             इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ.प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, सुश्री शिल्पा भगत, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व पुलिस, तहसीलदार एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

*सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने लगातार चल रहा विशेष अभियान*

बैठक में बताया गया कि ओवर स्पीड वाहनों एवं मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग के विरुद्ध इंटरसेप्टर वाहन एवं स्पीड रडार गन के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गत वर्ष 3,762 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर सुधार कार्य कराए जा रहे हैं। संवेदनशील मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक तथा विद्यालयों में यातायात शिक्षा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया, स्थानीय चौनलों, एलईडी बोर्ड एवं आकाशवाणी के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

*शराब पीकर वाहन चलाने वाले पर होगी कार्यवाही*

शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। वर्तमान वर्ष में अब तक 226 चालकों के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किए जा चुके हैं। मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज रफ्तार एवं अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई जारी है। दुर्घटना संभावित मोड़ों पर झाड़ियों की कटाई, ट्री मार्कर, कैट-आई तथा आवारा मवेशियों को रेडियम बेल्ट लगाने जैसे सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं।

*अत्याचार निवारण अधिनियम के 53 प्रकरण स्वीकृत, 88.81 लाख रुपये की सहायता वितरित*

बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत प्रकरणों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राहत सहायता से संबंधित कुल 67 प्रकरणों में से 53 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। अब तक 49 हितग्राहियों को ₹88.81 लाख की सहायता राशि वितरित की गई है। कलेक्टर ने शेष लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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ऑपरेशन आघात का तमनार में बड़ा प्रहार: ढोलनारा में 10 लीटर महुआ शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, आबकारी एक्ट के तहत भेजा गया जेल

रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन आघात' के तहत तमनार पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम ढोलनारा से 10 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 जुलाई 2026 को थाना तमनार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम ढोलनारा निवासी सिताम्बर भगत अपने घर में अवैध महुआ शराब का संग्रह कर उसकी बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के निर्देशन तथा प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगल किशोर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।

पुलिस को देखकर वहां मौजूद शराब पीने वाले लोग मौके से फरार हो गए, जबकि घर में मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम सिताम्बर भगत (41 वर्ष), पिता स्वर्गीय जागेश्वर भगत, निवासी ढोलनारा बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 10 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

आरोपी के विरुद्ध थाना तमनार में धारा 34(2) एवं 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगल किशोर यादव, आरक्षक रंजीत भगत एवं आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार की सराहनीय भूमिका रही।

रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध 'ऑपरेशन आघात' के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती रहेगी।

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चोरी के 24 घंटे के भीतर पुलिस की बड़ी सफलता: ढाबा और गैरेज से सामान चुराने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल, प्रेसर जैक और बाइक बरामद

रायगढ़। जिले के छाल थाना क्षेत्र में मितान ढाबा और समीप स्थित गैरेज में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी गया एंड्रॉयड मोबाइल, दो प्रेसर जैक तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की प्रभावी विवेचना और तकनीकी जांच का बेहतर उदाहरण माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को ग्राम हाटी स्थित मितान ढाबा के संचालक भागीरथी साहू (42) ने थाना छाल में शिकायत दर्ज कराई कि 25 जुलाई की रात ढाबा बंद करने के बाद सभी कर्मचारी सो गए थे। अगले दिन सुबह बिल काउंटर पर रखा उनका वीवो वाई-12 मोबाइल फोन गायब मिला और काउंटर का सामान बिखरा हुआ था। इसी दौरान ढाबे के पास स्थित गैरेज संचालक अशरफ अली ने भी अपने गैरेज से दो प्रेसर जैक चोरी होने की सूचना पुलिस को दी।

शिकायत के आधार पर थाना छाल में अपराध क्रमांक 183/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 301(4) एवं 305(ए) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में रात करीब 2:15 बजे एक युवक बिल काउंटर से मोबाइल चोरी करते और बाद में गैरेज से दो प्रेसर जैक मोटरसाइकिल में ले जाते हुए स्पष्ट दिखाई दिया।

चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब ₹17 हजार आंकी गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, जिसके बाद ग्राम कुडेकेला निवासी महेश दास महंत पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने चोरी की पूरी वारदात स्वीकार कर ली।

आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने बोकरामुड़ा और रिलो के बीच जंगल में छिपाकर रखे गए दोनों प्रेसर जैक और चोरी किया गया एंड्रॉयड मोबाइल बरामद कर लिया। इसके अलावा चोरी की घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BC 0658 भी जब्त कर ली गई।

पुलिस ने आरोपी महेश दास महंत (32 वर्ष), पिता बिरजू उर्फ तेजू दास महंत, निवासी ग्राम कुडेकेला, थाना छाल, जिला रायगढ़ को 27 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इस पूरे मामले के सफल खुलासे में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्रिय तथा आरक्षक भगवती लक्ष्मे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के बेहतर समन्वय से आरोपी तक बहुत कम समय में पहुंचना संभव हुआ।

इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने छाल पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधों पर त्वरित नियंत्रण के लिए तकनीकी जांच और सतर्क पुलिसिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रखें, नकदी और कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि जनता की सतर्कता और पुलिस की सक्रियता से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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रायगढ़: शराबखोरी और मुआवजा राशि के विवाद में पति की हत्या, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

रायगढ़, 27 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय गनपती लाल भगत की संदिग्ध मौत का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी। मामले में मृतक की पत्नी और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

आत्महत्या का रूप देने की कोशिश

25 जुलाई को ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में गनपती लाल भगत का शव मिला था। शव के गले में साड़ी बंधी थी और बाईं कलाई पर कटने के निशान थे। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच में हत्या की आशंका सामने आई।

पूछताछ में खुला हत्या का राज

पुलिस की गहन पूछताछ में मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत ने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार करीब एक वर्ष पहले पैतृक जमीन के अधिग्रहण के बाद मृतक को 25 से 30 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। आरोप है कि वह लगातार शराब पर रकम खर्च कर रहा था और नशे में पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था।

23 जुलाई को भी शराब के नशे में विवाद और मारपीट के बाद गुस्से में पत्नी और दो अपचारी बालकों ने साड़ी और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई काटकर घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने गंगाबाई भगत (45 वर्ष) और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

48 घंटे में हुआ अंधे कत्ल का खुलासा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पूंजीपथरा पुलिस टीम ने वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर 48 घंटे के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।

एसएसपी का संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस हर संदिग्ध मृत्यु की वैज्ञानिक और तथ्यपरक जांच करती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म विवेचना, साक्ष्यों के विश्लेषण और प्रभावी पूछताछ के जरिए इस हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया गया और दोषियों को कानून के दायरे में लाया गया।

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शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, रायगढ़ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को किया गिरफ्तार

रायगढ़, 27 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती का कथित रूप से शारीरिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और डीएसपी उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे 'अभियान संवेदना' के तहत की गई।

पुलिस के अनुसार, 24 वर्षीय पीड़िता ने 26 जुलाई को महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई कि चक्रधरनगर क्षेत्र में काम करने के दौरान उसकी पहचान चाय-नाश्ते की दुकान संचालित करने वाले नरेन्द्र कुमार बारिक उर्फ राजू से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और आरोपी ने शादी का वादा कर उसे अपने विश्वास में लिया। पीड़िता का आरोप है कि जनवरी 2026 से जुलाई 2026 के बीच आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

शिकायत के मुताबिक, 21 जुलाई को जब युवती ने विवाह की बात दोबारा उठाई तो आरोपी ने साफ तौर पर शादी करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 70/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी से पूछताछ के बाद विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेन्द्र कुमार बारिक उर्फ राजू (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ओडिशा के भद्रक जिले के ग्राम जगन्नाथ प्रसाद नवासाही का निवासी है और वर्तमान में रायगढ़ के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित अंकुर हॉस्पिटल के सामने टीधी टावर में किराए के मकान में रह रहा था।

इस कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, एएसआई सरस्वती महापात्रे, एएसआई परमेश्वर गुप्ता, प्रधान आरक्षक संदीप भगत, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव तथा आरक्षक हेमंत एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिलाओं से आगे आने की अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित महिलाओं से बिना किसी भय या संकोच के पुलिस को सूचना देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि 'अभियान संवेदना' के तहत ऐसे मामलों में त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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रायगढ़: 24 घंटे में बुजुर्ग हत्याकांड का खुलासा, जमीन विवाद में आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 27 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस ने रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र के ग्राम धरमपुर साजापाली में 76 वर्षीय बंधन राम पण्डो की हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी मकरदम उर्फ मुड़ी माझी (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस जांच में हत्या की वजह नजूल जमीन पर कब्जे और हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को मृतक के पुत्र नोहर साय पण्डो ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खेत से लौटने पर उनके पिता गांव के मकरदम उर्फ मुड़ी माझी से पुराने जमीन विवाद पर बात कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने टांगी से उनके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल बंधन राम पण्डो की उपचार के दौरान सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में मृत्यु हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को उसके गांव धरमपुर से घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि नजूल जमीन के कब्जे और सीमांकन को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था। उसने आरोप लगाया कि मृतक हर वर्ष उसकी खेती वाली जमीन का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में ले लेते थे, जिससे आक्रोशित होकर उसने टांगी से हमला किया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी, घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एसएसपी का संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि "कानून अपने हाथ में लेने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया से करें। हिंसा का रास्ता अपनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"

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हाईवे पर मवेशियों को पहनाए गए रेडियम बेल्ट, सड़क हादसे रोकने रायगढ़ पुलिस की नई पहल

रायगढ़, 27 जुलाई। बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रायगढ़ यातायात पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में यातायात पुलिस ने रायगढ़-खरसिया राष्ट्रीय राजमार्ग-49 और कोतरारोड क्षेत्र में घूम रहे मवेशियों के गले में रेडियम रिफ्लेक्टिव बेल्ट लगाए।

ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह और यातायात थाना प्रभारी रोहित बंजारे के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस मित्रों और पशुपालकों को भी रेडियम कॉलर बेल्ट वितरित किए गए, ताकि वे अपने मवेशियों के गले में इन्हें बांध सकें।

पुलिस ने बताया कि बारिश और रात के समय कम दृश्यता के कारण सड़क पर बैठे या अचानक सड़क पार करने वाले मवेशी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। रेडियम बेल्ट वाहन की हेडलाइट पड़ते ही चमकते हैं, जिससे चालक दूर से ही मवेशियों को देखकर सतर्क हो सकते हैं।

अभियान के दौरान हाईवे किनारे बसे गांवों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और पशुपालकों से भी संवाद कर मवेशियों को सड़कों पर खुला नहीं छोड़ने, उनके लिए घर या गौठान में चारा-पानी की व्यवस्था करने और रेडियम बेल्ट लगाने की अपील की गई।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पशुपालकों से मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ने तथा वाहन चालकों से बारिश और रात्रि के समय निर्धारित गति सीमा का पालन करते हुए सावधानी से वाहन चलाने की अपील की।

रायगढ़ यातायात पुलिस का कहना है कि जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा को मिला बल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों से डीएमएफ से 10.86 करोड़ के 13 विकास कार्यों को मंजूरी

रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक विकास एवं अधोसंरचना कार्यों के लिए डीएमएफ मद से कुल 13 कार्यों के लिए 10 करोड़ 86 लाख 53 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 12 कार्यों के लिए 1 करोड़ 30 लाख 35 हजार रुपये तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के कार्य के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये शामिल हैं। 

*12 गांवों में पेयजल व्यवस्था के लिए 1.30 करोड़ रुपये मंजूर*

डीएमएफ मद से स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को  सुदृढ़ करने के लिए रखा गया है। कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रायगढ़ के माध्यम से कुल 12 पेयजल संबंधी कार्यों के लिए 1 करोड़ 30 लाख 35 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें ग्राम गोपालपुल, विकासखंड रायगढ़ में 19.20 लाख रुपये, विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम नावागांव में 18.19 लाख रुपये, ग्राम कापू में 9.97 लाख रुपये, ग्राम कुड़ेकेला में 9.99 लाख रुपये, ग्राम किरीया में 9.98 लाख रुपये, ग्राम हाटी में 9.74 लाख रुपये, ग्राम बंधापाली में 4.53 लाख रुपये, ग्राम गोलाबुड़ा में 9.85 लाख रुपये, ग्राम बोजिया में 9.18 लाख रुपये, ग्राम-अमलीटीकरा में 9.99 लाख रुपये तथा पत्थलगांव खुर्द में 9.98 लाख रुपये एवं तमनार विकासखंड के ग्राम जीवरी में 9.75 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूरा होने से संबंधित गांवों में पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद का उपयोग स्थानीय जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है।

*मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर निर्माण एवं विकास कार्य के लिए 9.56 करोड़ रुपये स्वीकृत*

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायगढ़ के माध्यम से विकासखंड धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार एवं घरघोड़ा में मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर भवन निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डीएमएफ मद से स्वीकृत इस राशि से जिले में आवश्यक अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांगों की उम्मीद, एक कॉल पर अजय शंकर चौहान को मिली मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल

रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ शासन की जनहितकारी पहल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जरूरतमंदों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम बन रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां विकासखंड लैलूंगा के ग्राम दर्रीपारा- गहनाझरिया निवासी दिव्यांग हितग्राही अजय शंकर चौहान की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई। इससे अब उनका आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
           अजय शंकर चौहान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में बताया था कि दिव्यांगता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। शिकायत मिलते ही कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग रायगढ़ ने प्रकरण का परीक्षण कराया, पात्रता की प्रक्रिया पूरी की और उन्हें मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्रदान की। मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल मिलने के बाद अजय शंकर चौहान ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अपने दैनिक कार्य अधिक सहजता से कर सकेंगे और आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और समाज कल्याण विभाग का आभार जताते हुए कहा कि उनकी समस्या का समय पर समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का भी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

*चार स्तर पर होता है शिकायतों का निराकरण*

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। सबसे पहले शिकायत का निराकरण ब्लॉक स्तर पर किया जाता है। निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर शिकायत स्वतः जिला स्तर, फिर संभागीय/निदेशालय स्तर और अंत में सचिव अथवा विभागाध्यक्ष स्तर तक पहुंच जाती है। इस व्यवस्था से प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होती है और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे सम्मानित: रायगढ़ के आदिवासी अंचल के तीन विद्यार्थियों ने NEET-2026 में रचा इतिहास, एकलव्य विद्यालय छोटे मुड़पार की सफलता बनी पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा


रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ जिले के विकासखंड खरसिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार के तीन होनहार विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा-2026 में शानदार सफलता हासिल कर रायगढ़ जिले, अपने विद्यालय और माता-पिता का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए 28 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आयोजित भेंट-संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों राजू राठिया, धेनु राठिया और डिगेंद्र राठिया सम्मानित होंगे। आदिवासी अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले इन तीनों विद्यार्थियों की उपलब्धि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है।
            भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली द्वारा दूरस्थ आदिवासी अंचलों में निवासरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। रायगढ़ जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और लगन का शानदार प्रदर्शन करते हुए नीट परीक्षा-2026 में सफलता हासिल की है। विद्यालय के राजू राठिया ने 720 में से 405 अंक, धेनु राठिया ने 375 अंक तथा डिगेंद्र राठिया ने 374 अंक प्राप्त किए हैं।
           आदिवासी अंचल से आने वाले इन विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और निरंतर अध्ययन के बल पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि उचित मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।

*मुख्यमंत्री निवास में होगा भेंट-संवाद*

नीट परीक्षा-2026 में सफल विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन एवं सम्मान के लिए 28 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास रायपुर में भेंट-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार के तीनों सफल विद्यार्थियों को शामिल होने का अवसर मिला है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इन विद्यार्थियों से भेंट-संवाद करेंगे तथा उनकी सफलता के लिए उन्हें सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने का अवसर विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से गौरव और प्रेरणा का क्षण होगा। इससे न केवल इन विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि विद्यालय में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।

*कलेक्टर ने दी बधाई*

तीनों विद्यार्थियों की सफलता पर जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। विद्यालय के प्राचार्य श्री अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ पीजीटी श्री जवाहरलाल सिन्हा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी राजू राठिया, धेनु राठिया और डिगेंद्र राठिया को नीट में सफलता प्राप्त करने पर बधाई दी है। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है और उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर मेहनत करने की प्रेरणा देगी।

*आदिवासी विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणा*

राजू, धेनु और डिगेंद्र की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को मिल रहे शैक्षणिक अवसरों की सफलता भी है। तीनों विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वे किसी भी ऊंचाई को हासिल कर सकते हैं।

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कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को दी सख्त समय-सीमा, सीएम हेल्पलाइन-जनदर्शन की समीक्षा के साथ जलाशयों पर अतिक्रमण रोकने के लिए विशेष सर्वे के निर्देश

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रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जनसरोकार से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आनलाईन बैठक लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, सुशासन तिहार तथा पीजीएन पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं से संबंधित लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को समय पर राहत मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी लंबित प्रकरणों का नियमित अनुश्रवण करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण, संतोषजनक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
             बैठक में कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 268 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 175 आवेदन 10 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। कलेक्टर ने अधिक लंबित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निराकरण स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का समाधान आवेदक की संतुष्टि एवं शासन के मापदंडों के अनुरूप होना चाहिए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 41 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 20 आवेदन 10 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। गत सप्ताह के दौरान 6 आवेदनों का निराकरण किया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 दिनों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
           बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 30 हजार 326 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 28 हजार 518 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 1 हजार 808 आवेदन लंबित हैं। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शेष लंबित आवेदनों का 10 अगस्त तक अनिवार्य रूप से उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
            कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा पीजीएन पोर्टल में प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पोर्टलों पर प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता दिखाई जाए, जिससे नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो। बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने विशेष रूप से विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य सभी विभागों को जनसरोकार से जुड़े लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के दौरान नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान अत्यंत आवश्यक है, इसलिए सभी विभाग मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर कार्य करें तथा शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें।
            बैठक में जिले के प्रमुख जलाशयों, तालाबों एवं शासकीय जलभराव क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षाकाल के दौरान इन स्थलों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही जलाशयों एवं शासकीय जलभराव क्षेत्रों में संभावित अतिक्रमण को रोकने के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिल्पा भगत सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी आनलाइन उपस्थित थे।

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रायगढ़ दौरे पर हाईकोर्ट के जस्टिस सचिन सिंह राजपूत का वार्षिक निरीक्षण, न्यायालयों की कार्यप्रणाली परखी और जिला जेल में बंदियों के साथ बैठकर स्वयं किया भोजन, दिए बेहतर न्यायिक व्यवस्था व मानवीय सुविधाओं के निर्देश

रायगढ़, 26 जुलाई 2026/ माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर के न्यायाधीश एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियो जज श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत द्वारा 25 एवं 26 जुलाई 2026 को रायगढ़ जिले के विभिन्न न्यायालयों तथा जिला जेल का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालयीन व्यवस्थाओं, न्यायिक कार्यप्रणाली, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, पक्षकारों तथा जेल में निरुद्ध बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।

*जिला एवं सत्र न्यायालय सहित घरघोड़ा और खरसिया न्यायालय का किया निरीक्षण*

25 जुलाई को न्यायाधिपति श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने जिला एवं सत्र न्यायालय रायगढ़, बाह्य न्यायालय घरघोड़ा तथा बाह्य न्यायालय खरसिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालयों की कार्यप्रणाली, न्यायालयीन अभिलेखों के संधारण, आधारभूत संरचना, न्यायिक प्रशासन तथा विभिन्न न्यायालयीन व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
          निरीक्षण के दौरान न्यायाधिपति ने न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों से न्यायिक प्रकरणों के निराकरण, अभिलेखों के रख-रखाव तथा न्यायालयीन कार्यों के सुचारू संचालन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिवक्तागण एवं न्यायालय में उपस्थित पक्षकारों से भी सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने न्यायिक कार्यों के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर देते हुए न्यायालयीन प्रशासन में दक्षता बढ़ाने तथा न्यायिक सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुगम, सरल एवं जनोन्मुखी बनाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी आवश्यक सुझाव दिए।

*जिला जेल में बंदियों से किया संवाद, भोजन की गुणवत्ता जांचने स्वयं ग्रहण किया भोजन*

26 जुलाई को न्यायाधिपति श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने जिला जेल, रायगढ़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण करते हुए बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। न्यायाधिपति ने बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, आवास, चिकित्सा सुविधाओं सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की और उनके समुचित एवं त्वरित निराकरण के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।
          निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों के लिए तैयार किए गए भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। भोजन की गुणवत्ता एवं निर्धारित मापदंडों की जांच के लिए  न्यायाधिपति महोदय ने स्वयं बंदियों के लिए तैयार भोजन ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं उपलब्धता के संबंध में आवश्यक जानकारी ली और जेल प्रशासन को बंदियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
         न्यायाधिपति का यह वार्षिक निरीक्षण न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के माध्यम से जहां न्यायालयीन कार्यप्रणाली एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया, वहीं जिला जेल में निरुद्ध बंदियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों, स्वास्थ्य, गरिमापूर्ण जीवन तथा मूलभूत सुविधाओं के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की रामलला दर्शन योजना से रायगढ़ के हजारों श्रद्धालुओं का वर्षों पुराना सपना हुआ साकार, 16 जत्थों में निःशुल्क अयोध्या धाम पहुंच रहे ग्रामीण-शहरी श्रद्धालु

रायगढ़, 26 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए केवल एक यात्रा योजना नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए गए धार्मिक सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक अथवा अन्य कारणों से अयोध्या धाम नहीं पहुंच पाने वाले नागरिकों को निःशुल्क प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ की धरती के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में इस योजना का प्रभाव अत्यंत सकारात्मक और व्यापक रूप से देखने को मिला है। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले से 15 जत्थों में कुल 1,524 श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना किए जा चुके हैं। इनमें 1,137 ग्रामीण तथा 387 शहरी श्रद्धालु शामिल हैं। इस योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचा है। कुल यात्रियों में लगभग 75 प्रतिशत ग्रामीण और 25 प्रतिशत शहरी श्रद्धालु रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि शासन की यह पहल समाज के उस वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है, जिसके लिए अयोध्या की यात्रा पहले आसान नहीं थी।
रायगढ़ जिले से रवाना होने वाले प्रत्येक जत्थे में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। "जय श्रीराम" के उद्घोष के साथ श्रद्धालु भाव-विभोर होकर यात्रा प्रारंभ करते हैं। अनेक श्रद्धालु इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक अवसर बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बचपन से रामायण में श्रीराम जन्मभूमि की कथा सुनते आए थे, लेकिन कभी यह कल्पना नहीं की थी कि उन्हें स्वयं अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।

*ग्रामीण अंचलों में सबसे अधिक प्रभाव, हर जत्थे के साथ बढ़ रहा उत्साह*

योजना की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह है कि इसका लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा है। अब तक यात्रा कर चुके 1,137 ग्रामीण श्रद्धालु इस बात के साक्षी हैं कि शासन की यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है। जिन परिवारों के लिए आर्थिक परिस्थितियों के कारण अयोध्या जाना संभव नहीं था, उन्हें अब निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

रायगढ़ जिले में अब तक आयोजित यात्राओं में अधिकांश जत्थों में 110 से 112 श्रद्धालु शामिल रहे। कई बार सभी 112 सीटें पूर्ण रूप से भरी गईं, जो योजना के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास और उत्साह को दर्शाता है। 
शहरी क्षेत्रों से भी इस योजना को अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब तक 387 शहरी श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर अयोध्या धाम पहुंच चुके हैं। प्रत्येक जत्थे में औसतन 28 शहरी यात्रियों की सहभागिता रही, जिससे स्पष्ट है कि योजना समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रही है।

*सुरक्षित, व्यवस्थित और जनहितकारी यात्रा प्रबंधन बना योजना की सफलता का आधार*
रामलला दर्शन योजना की सफलता का एक महत्वपूर्ण पक्ष इसका सुव्यवस्थित संचालन भी है। रायगढ़ से श्रद्धालुओं को बसों के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जाता है, जहां से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या धाम के लिए रवाना होते हैं। संपूर्ण यात्रा के दौरान जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम श्रद्धालुओं के साथ रहती है, जिससे उन्हें यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रायगढ़ जिले से हाल ही में 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था भी अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता, श्रद्धा और भावुकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। "जय श्रीराम" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्री रामलला दर्शन योजना आज रायगढ़ जिले में सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और जनकल्याण का सशक्त उदाहरण बन चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस दूरदर्शी पहल ने हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर देकर उनके जीवन में अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव जोड़ा है। लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में यह योजना और अधिक लोगों के लिए आस्था एवं विश्वास की नई राह खोलती रहेगी।

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