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15 जुलाई के शिक्षक आंदोलन को जागरूक शिक्षक संघ का खुला समर्थन, बोले जाकेश साहू—"अऊ नई सहिबो... अब आंदोलन करके रहीबो"

रायपुर। प्रदेश में 15 जुलाई को प्रस्तावित शिक्षक आंदोलन को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने भी छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के आंदोलन को खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। उन्होंने कहा, "अऊ नई सहिबो... अब हड़ताल/ करके रहीबो।"

संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाड़ेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू सहित प्रदेश कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेशभर के शिक्षक एलबी संवर्ग से 15 जुलाई को रायपुर में होने वाले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का समाधान, प्रथम सेवा की गणना करते हुए क्रमोन्नति, पेंशन सहित सभी सेवा लाभ, लंबित मांगों का निराकरण और शिक्षकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। 20 से 25 वर्ष की सफल सेवा के बाद किसी कर्मचारी से दोबारा परीक्षा की अपेक्षा करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में आवश्यक कानूनी संशोधन करने की मांग भी उठाई।

संघ ने वीएसके ऐप को भी अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के अनेक ग्रामीण और दूरस्थ स्कूलों में मोबाइल नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में ऐप आधारित व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। तकनीकी खामियों के कारण भी शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जागरूक शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षकों और कर्मचारियों से कई वादे किए थे, लेकिन सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बाद भी शिक्षकों की प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हो सका है। इसके विपरीत लगातार नए नियम और ऑनलाइन कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों को 26 से अधिक मोबाइल ऐप पर कार्य करना पड़ रहा है, जिससे पढ़ाई का समय प्रभावित होने के साथ मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इन्हीं समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने 15 जुलाई को रायपुर में एक दिवसीय आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। जागरूक शिक्षक संघ ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदेशभर के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में राजधानी पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि 15 जुलाई का शिक्षक आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है।

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केलो नदी किनारे बनेगा रायगढ़ का अत्याधुनिक फोरलेन कॉरिडोर, उर्दना चौक से संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक मिलेगी निर्बाध कनेक्टिविटी, शहर में प्रवेश किए बिना जशपुर रोड से सीधे एनएच पहुंचेंगे वाहन

रायगढ़, 10 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से केलो नदी के किनारे प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के निर्माण स्थल का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उर्दना चौक से लेकर संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग विकसित करने के लिए नए सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग शहर के भविष्य के यातायात प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
            प्रस्तावित सड़क परियोजना के अंतर्गत एसईसीएल क्षेत्र से बोंदाटिकरा पुल, बोंदाटिकरा पुल से आकाशवाणी रोड होते हुए मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण कार्य शामिल किया गया है। कलेक्टर ने इस परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां एवं भू-अर्जन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने हेतु लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना से जुड़े सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ होकर निर्धारित समय में पूर्ण किया जा सके।

*यातायात व्यवस्था होगी सुगम, समय और ईंधन दोनों की होगी बचत*

प्रस्तावित मार्ग के निर्माण के बाद उर्दना मोड़ चौक से बड़े रामपुर, सर्किट हाउस, केलो नदी तट एवं मरीन ड्राइव होते हुए सीधे बोंदाटिकरा पुल तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही जशपुर रोड से आने वाले वाहन बिना शहर के भीतरी हिस्से में प्रवेश किए सीधे बिलासपुर-संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तथा आगे रायपुर मार्ग तक पहुंच सकेंगे। इस नई व्यवस्था से शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा तथा भारी वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इससे आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ-साथ यात्रा समय में भी कमी आएगी।

*इंटरनल रिंग रोड से शहर के ट्रैफिक दबाव में आएगी बड़ी कमी*

प्रस्तावित इंटरनल रिंग रोड के विकसित होने से शहर के यातायात दबाव में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। यह परियोजना भविष्य में रायगढ़ शहर के नियोजित शहरी विकास और बेहतर यातायात प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। प्रस्तावित चार मरीन ड्राइव परियोजनाओं में से तीन पर वर्तमान में कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 2.3 किलोमीटर लंबाई के मरीन ड्राइव मार्ग के निर्माण के लिए कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना के लिए राज्य शासन से पीडब्ल्यूडी को सैद्धांतिक सहमति भी प्राप्त हो चुकी है, जिससे इसके शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे

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जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने प्रशासन की व्यापक तैयारी, 24 घंटे संचालित रहेगी कंट्रोल रूम हेल्पलाइन

मानसून अलर्ट: 17 गांवों पर विशेष निगरानी, 48 वार्डों के लिए नोडल अधिकारी तैनात

रायगढ़। मानसून के दौरान बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों को राहत-बचाव, स्वास्थ्य, बिजली, जलभराव और कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में हीराकुंड बांध के जलभराव से प्रभावित 17 गांवों की विशेष मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया गया। इन गांवों में जलस्तर पर लगातार नजर रखने, समय पर सूचना देने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी। वहीं रायगढ़ नगर निगम के सभी 48 वार्डों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और चारों जोन में विशेष प्रभारी तैनात रहेंगे। जल निकासी, नालों की सफाई, पंपों की उपलब्धता और आपातकालीन टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश देते हुए शहर के वार्ड क्रमांक 17, 19 और 20 में डेंगू रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों और पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही आकाशीय बिजली से बचाव के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रस्सी और राहत सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा की गई। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों के लिए भवन पहले से चिन्हित करने तथा जिला बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन 07762-223750 को 24 घंटे संचालित रखने का निर्णय लिया गया।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, आपदा की सूचना पर तत्काल कार्रवाई और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की भी समीक्षा की गई।

इस बीच रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शहर के रेलवे अंडरब्रिज (गंधरी पुलिया) को आवागमन के लिए बंद कर दिया है। प्रशासन ने नागरिकों से मानसून के दौरान इस मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

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ऑपरेशन आघात: रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 34 लीटर अवैध शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 11 जुलाई। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन आघात" के तहत खरसिया और घरघोड़ा क्षेत्र में तीन स्थानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान करीब 34 लीटर अवैध महुआ व अंग्रेजी शराब जब्त कर तीन आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार खरसिया थाना क्षेत्र के प्रिंसी ढाबा, बोतल्दा में दबिश देकर संचालक संजय पटैल के कब्जे से बिक्री के लिए रखी 15 लीटर महुआ शराब जब्त की गई।

वहीं ग्राम छोटे देवगांव स्थित अनुराग किराना एंड कोल्ड्रिंक्स स्टोर में छापे के दौरान दुकान संचालिका ममता अग्रवाल के पास से 45 पाव अंग्रेजी गोवा स्पेशल व्हिस्की और 5 पाव देशी प्लेन शराब, कुल लगभग 9 लीटर शराब बरामद की गई।

इधर घरघोड़ा बायपास स्थित हरि पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने नंदकिशोर यादव उर्फ नंदू को 10 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।

पुलिस ने बताया कि तीनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) एवं 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।

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टांगी से जानलेवा हमला कर मोबाइल-बाइक लूटने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, "ऑपरेशन क्लीन हंट" में पुसौर पुलिस की बड़ी सफलता

रायगढ़, 11 जुलाई। रायगढ़ पुलिस के "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत पुसौर पुलिस ने हत्या के प्रयास और लूट के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। आरोपी घटना के बाद अपना घर बेचकर फरार हो गया था और जम्मू में छिपा हुआ था। पुलिस टीम ने उसका पीछा करते हुए उसके ससुराल से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार यह मामला 10 मार्च 2025 की रात का है। ग्राम पुजेरीपाली, थाना चंद्रपुर (जिला सक्ती) निवासी कृष्णा सिदार रात में घर से निकला था लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह परिजनों को सूचना मिली कि रावनखोंदरा के पास उसके साथ अज्ञात लोगों ने मारपीट की है। कुछ देर बाद कृष्णा गंभीर रूप से घायल अवस्था में घर पहुंचा और बेहोश हो गया। उसके सिर से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। परिजनों ने तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

घटना की रिपोर्ट पर पुसौर थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट से पता चला कि कृष्णा के सिर और मस्तिष्क पर टांगी से गंभीर वार किया गया था। डॉक्टरों ने चोटों को जानलेवा बताते हुए कहा कि समय पर इलाज नहीं मिलने पर उसकी मौत भी हो सकती थी या गंभीर मस्तिष्क क्षति हो सकती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हमले के बाद घायल का मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल लूट ली थी। इसके बाद मामले में हत्या के प्रयास और लूट सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।

विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि वारदात का मुख्य आरोपी प्रकाश सिदार है, जो घटना के बाद अपना घर बेचकर फरार हो गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जम्मू रवाना हुई। वहां पतासाजी के दौरान पता चला कि आरोपी अपने ससुराल बड़े भंडार गांव में छिपा हुआ है। स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया और एक विधि से संघर्षरत बालक की संलिप्तता का भी खुलासा किया।

इसके बाद तहसील न्यायालय पुसौर के माध्यम से शिनाख्त परेड कराई गई, जिसमें घायल कृष्णा सिदार ने दोनों की पहचान की। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने लूटा गया वीवो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक CG-13 Y-5024) बरामद कर ली। वहीं वारदात में प्रयुक्त टांगी पहले से थाना के एक अन्य प्रकरण में जब्त होना पाया गया।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रकाश सिदार (27 वर्ष), निवासी लिटाईपाली, थाना पुसौर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना अभी जारी है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर नायक, प्रधान आरक्षक चन्द्रहास नायक तथा आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा और दिलीप सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस लूट और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी अपराधी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

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ऑपरेशन प्रहार : दो जगह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6.5 टन संदिग्ध कबाड़ और दो वाहन जब्त

ऑपरेशन प्रहार : दो जगह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6.5 टन संदिग्ध कबाड़ और दो वाहन जब्त

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने जिले में चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत अवैध कबाड़ परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में करीब 6.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़, एक 14 चक्का ट्रक और एक माजदा वाहन जब्त किया है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 28.48 लाख रुपये बताई गई है। दोनों मामलों में वाहन चालक कबाड़ के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी की संपत्ति के परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत थाना लैलूंगा और थाना छाल पुलिस ने यह कार्रवाई की।

लैलूंगा में 14 चक्का ट्रक से 4.5 टन कबाड़ बरामद

पुलिस के अनुसार 9 जुलाई को थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली कि पत्थलगांव की ओर से एक 14 चक्का ट्रक में भारी मात्रा में संदिग्ध लोहे का स्क्रैप लैलूंगा होते हुए घरघोड़ा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने खम्हार मोड़ मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी कर ट्रक क्रमांक CG-14 MF-0223 को रोककर जांच की।

वाहन चालक महेन्द्र लहरे (36 वर्ष) निवासी गोढ़ीकला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर से कबाड़ परिवहन के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। तलाशी के दौरान ट्रक से लगभग 4.5 टन लोहे का स्क्रैप बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 1.08 लाख रुपये आंकी गई। ट्रक की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस ने कुल 16.08 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर बीएनएसएस की धारा 35(क), 35(ङ) तथा बीएनएस की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक देव प्रसाद राठिया एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छाल पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी की कार्रवाई

इधर थाना छाल पुलिस ने लगातार दूसरे दिन भी अवैध कबाड़ परिवहन पर कार्रवाई करते हुए ग्राम बोजिया के पास माजदा वाहन क्रमांक CG-12 AZ-3191 को रोककर जांच की।

थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को सूचना मिली थी कि वाहन में अवैध रूप से कबाड़ भरकर घरघोड़ा की ओर ले जाया जा रहा है। वाहन चालक भूपेन्द्र यादव (36 वर्ष) निवासी ढोढ़ीपारा, जिला कोरबा से कबाड़ संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह भी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

वाहन की तलाशी में लोहे की छड़, एंगल, वाहनों के टूटे-फूटे पार्ट्स सहित लगभग 2 टन कबाड़ मिला। बरामद कबाड़ की कीमत 40 हजार रुपये तथा माजदा वाहन की कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस ने कुल 12.40 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर इस्तगासा क्रमांक 13/26 के तहत बीएनएसएस की धारा 35(1)(ड) एवं बीएनएस की धारा 303(2) के अंतर्गत कार्रवाई की। इस कार्रवाई में निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन तथा पुलिस टीम शामिल रही।

कबाड़ के नेटवर्क की भी हो रही जांच

रायगढ़ पुलिस के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल अवैध कबाड़ परिवहन ही नहीं बल्कि कबाड़ के स्रोत, स्वामित्व और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त किया गया कबाड़ चोरी की संपत्ति तो नहीं है और इसका संबंध किन लोगों से है।

एसएसपी का संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अवैध कबाड़ का कारोबार चोरी और संगठित अपराधों की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे मामलों में बिना वैध दस्तावेज कबाड़ का परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार के माध्यम से पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

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बिरहोर बस्ती से केलो उद्गम तक पहुंचे जिला पंचायत सीईओ, शिक्षा-पोषण और पर्यटन विकास का लिया जायजा

रायगढ़, 10 जुलाई 2026/ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने विकासखण्ड लैलूंगा के बिरहोर बस्ती कुर्रा का निरीक्षण किया। उन्होंने बिरहोर समुदाय के परिवारों से चर्चा कर उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, शासकीय योजनाओं के लाभ तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुर्रा के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया। विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों को प्रदान किए जा रहे पूरक पोषण आहार, टीकाकरण एवं अन्य सेवाओं की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने तथा शिक्षा एवं पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
           सीईओ जिला पंचायत श्री पठारे ने ग्राम पंचायत पहाड़लुडेग पहुंचकर केलो नदी के उद्गम स्थल का भी अवलोकन किया। उन्होंने केलो उद्गम स्थल के संरक्षण, संवर्धन एवं पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के संबंध में जिला स्तरीय समिति तथा केलो उद्गम संरक्षण समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उद्गम स्थल के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए वहां आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही क्षेत्र को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए संभावित कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।
            जिला पंचायत सीईओ श्री पठारे ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही जिले की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डीडी पंचायत सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का शिक्षा विभाग को स्पष्ट संदेश—बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता नहीं, शिक्षक मोबाइल या गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में मिले तो होगी सख्त कार्रवाई

रायगढ़, 10 जुलाई 2026/ जिले के शासकीय विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि विद्यालयों का उद्देश्य केवल पठन-पाठन संचालित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना और उसके सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर कक्षाओं का संचालन, प्रभावी अध्यापन तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
            कलेक्टर ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे ऐसे परिवारों से आते हैं, जिनके लिए शिक्षा ही बेहतर भविष्य का सबसे बड़ा आधार है। इसलिए प्रत्येक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करे और विद्यालय का पूरा समय विद्यार्थियों के अध्यापन, मार्गदर्शन तथा सीखने का बेहतर वातावरण तैयार करने में लगाए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल शिक्षकों की उपस्थिति नहीं, बल्कि कक्षाओं में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन और उसका परिणाम भी दिखाई देना चाहिए। कलेक्टर ने अभिभावकों एवं आम नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि यदि किसी विद्यालय में शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग अथवा अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में संलग्न रहते हों और इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही हो, तो इसकी जानकारी सीधे कलेक्टर अथवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दें। शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में समाज और अभिभावकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
              कलेक्टर ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि कक्षाओं में जाकर अध्यापन व्यवस्था, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रगति का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाए। यदि किसी विद्यालय में लगातार शिकायतें मिलती हैं अथवा अपेक्षित शैक्षणिक सुधार नहीं दिखता है, तो संबंधित शिक्षक के साथ-साथ प्राचार्य, संकुल समन्वयक और विकासखंड शिक्षा अधिकारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखंड की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी और आवश्यक होने पर प्रशासनिक निर्णय भी लिए जाएंगे। उन्होंने नए प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने तथा पंचायत प्रतिनिधियों एवं अभिभावकों के सहयोग से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्था, भवनविहीन एवं जर्जर विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, विद्यालय परिसरों में मुनगा सहित पोषणयुक्त पौधों का रोपण तथा प्रत्येक विकासखंड में मॉडल स्कूल विकसित करने के निर्देश भी दिए।
         बैठक में वर्ष 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणाम, कमजोर एवं अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्ययोजना, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुविधाएं, समग्र शिक्षा, राष्ट्रीय साधन-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा तथा विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की आगामी सप्ताह बैठक लेकर शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश डीईओ एवं डीएमसी को दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर. के., जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू, डीएमसी श्री आलोक स्वर्णकार, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, एबीईओ, बीआरसी तथा शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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नैनो डीएपी और नैनो यूरिया से खेती हुई अधिक किफायती, कम लागत में बेहतर उत्पादन और बढ़ा किसानों का मुनाफा

रायगढ़, 10 जुलाई 2026/ खरीफ सीजन में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे नैनो डीएपी और नैनो यूरिया किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि इन उत्पादों के उपयोग से जहां उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
            ग्राम उसरौट के किसान नरेश कुमार पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान में नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसके परिणामस्वरूप खेत में पारंपरिक मात्रा की तुलना में आधी डीएपी डालने के बावजूद धान में अधिक कंसे, मजबूत तने और बेहतर वृद्धि देखने को मिली। वहीं नैनो यूरिया के उपयोग से यूरिया पर होने वाला खर्च लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गया। उन्होंने कहा कि दोनों तरल उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत घटी है और किसानों का लाभ बढ़ा है। नरेश कुमार पटेल ने कहा कि इस वर्ष पारंपरिक उर्वरकों की कमी के बीच भी नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
          बता दें कि सहकारी समितियों में इन उत्पादों की नियमित उपलब्धता तथा कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर दी जा रही तकनीकी जानकारी किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। किसानों को उत्पाद उपलब्ध होने की सूचना भी समय पर दी जाती है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं होती। नैनो डीएपी का उपयोग धान के बीज उपचार में किया जाता है। बुआई से लगभग आधा घंटा पहले प्रति किलोग्राम धान बीज में 5 मिलीलीटर नैनो डीएपी मिलाकर उपचारित करने के बाद बीज को सुखाकर बुवाई करने से बेहतर अंकुरण और पौधों की शुरुआती वृद्धि में लाभ मिलता है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का उपयोग फसल की वृद्धि अवस्था में स्प्रे के माध्यम से किया जाता है। धान की फसल 20 से 22 दिन की होने पर एक एकड़ क्षेत्र में एक बोतल नैनो यूरिया का छिड़काव करने से पारंपरिक यूरिया की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे एक एकड़ में यूरिया की खपत को लगभग 25 से 30 किलोग्राम तक सीमित किया जा सकता है, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आती है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी सौगात, धरमजयगढ़ जिला यूनियन की 58 समितियों के 46,840 हितग्राहियों के खातों में पहुंचने लगे 17.43 करोड़ रुपये के बोनस

रायगढ़, 10 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल से वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन के लिए प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य स्तरीय सहकारिता सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर 3 जुलाई 2026 से बोनस वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके तहत जिला यूनियन धरमजयगढ़ अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्राहकों को कुल 17 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य तेन्दूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक संबल प्रदान करना है, जिससे वे कृषि कार्य, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर ढंग से कर सकें।
              वनमंडलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित धरमजयगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला यूनियन धरमजयगढ़ के अंतर्गत 58 समितियों में बोनस वितरण किया जा रहा है, जिसमें अधिकतम दर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति बोरो में 4710.58 रूपये प्रति मानक बोरा दर प्राप्त हुई है। इसके बाद प्राथमिक समिति रायमेर को 4616.76 रूपये प्रति मानक बोरा का प्रोत्साहन पारिश्रमिक मिला है। जिला यूनियन धरमजयगढ़ के अंतर्गत 59 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से वर्ष 2023 सीजन में 70945.485 मानक बोरा संग्रहण हुआ था, इसके एवज में 46,840 हितग्राहियों को कुल 17 करोड़ 43 लाख रूपये का बोनस वितरण किया जा रहा है। इससे इन समितियों से जुड़े संग्राहकों में विशेष उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है।

*सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल*

वन विभाग द्वारा ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के माध्यम से बोनस राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है तथा हितग्राहियों को समय पर राशि प्राप्त हो रही है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों का कहना है कि बोनस राशि से उन्हें खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। समय पर मिली इस आर्थिक सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी तथा संग्राहकों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दे रहा है।

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रायगढ़ प्रशासन पूरी तरह अलर्ट: बाढ़, जलभराव और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने कलेक्टर-एसएसपी ने तैयारियों की कसी कमान

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रायगढ़, 10 जुलाई 2026/ सक्रिय मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने, राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने आज एसपी कार्यालय में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, पुलिस, नगर सेना सहित सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
            बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, नगर सेना, राजस्व विभाग, तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि मानसून के दौरान जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग पूरी सतर्कता, आपसी समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई की कार्ययोजना के साथ कार्य करें। किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का पूर्व निर्धारण कर मैदानी स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित करे। बैठक में नगर निगम, नगर पालिकाओं से लेकर बाढ़ प्रभावित गांवों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों तक की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। हीराकुंड बांध के जलभराव से प्रभावित चिन्हित 17 गांवों में विशेष मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इन गांवों में जलस्तर की निरंतर निगरानी, समय पर सूचना प्रसारित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की पूरी कार्ययोजना तैयार रखने को कहा गया।
           रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 48 वार्डों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा निगम के चारों जोन के लिए विशेष प्रभारी बनाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में आयुक्त नगर निगम ने भी नगर निगम की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जल निकासी व्यवस्था, नालों की नियमित साफ-सफाई, जलभराव वाले चिन्हित स्थलों पर त्वरित कार्रवाई, पंपों की उपलब्धता, आपातकालीन टीमों की तैनाती तथा राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही निगम क्षेत्र के सभी 48 वार्डों में सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।

*स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश*

कलेक्टर ने मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। विशेष रूप से रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 17, 19 एवं 20 में डेंगू की रोकथाम एवं जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया। इन वार्डों में स्थानीय पार्षदों के माध्यम से व्यापक स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के सख्त निर्देश दिए। आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। विशेष रूप से जिले के पहाड़ी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
            बैठक में कुनकुनी सड़क मार्ग के जलभराव वाले हिस्से को शीघ्र सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं लैलूंगा विकासखंड के राजपुर पहुंच मार्ग की स्थिति पर भी विशेष चर्चा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बरसात के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने तथा विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विद्युत विभाग को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

*राहत शिविरों की पूर्व तैयारी और संसाधनों की समीक्षा*

बैठक में जिले में उपलब्ध नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रस्सी, राहत सामग्री एवं अन्य संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संभावित बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत शिविरों के लिए स्थानीय सामुदायिक भवनों सहित उपयुक्त भवनों को पहले से चिन्हित करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। जिले में बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आम नागरिकों की सहायता के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन 07762-223750 को 24 घंटे संचालित रखने तथा कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

*एसएसपी ने दिए सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, त्वरित पुलिस सहायता तथा प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। बैठक में शहर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव, उनकी कार्यशीलता तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

*बॉक्स समाचार*

*रेलवे अंडरब्रिज गंधरी पुलिया में आवागमन प्रतिबंधित, वैकल्पिक मार्ग का करें उपयोग*

रायगढ़ शहर के मध्य स्थित रेलवे अंडरब्रिज (गंधरी पुलिया) को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे प्रशासन द्वारा आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान इस मार्ग पर अनावश्यक आवागमन न करें तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन ने कहा है कि जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, जिसका पालन करना सभी नागरिकों के हित में आवश्यक है।

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छत्तीसगढ़ में नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां अंतिम चरण में, केंद्र सरकार ने समीक्षा बैठक में श्रमिक हितों, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सुधारों पर दिया विशेष जोर

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रायपुर,09 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में नवीन श्रम संहिताओं (New Labour Codes) के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिक कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार ने गुरुवार को राज्य में चल रही प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। नया रायपुर स्थित 'छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में श्रम कानूनों को धरातल पर उतारने को लेकर गंभीर मंथन किया गया।

*चारों प्रमुख श्रम संहिताओं पर हुई चर्चा* 

             बैठक के दौरान केंद्र सरकार द्वारा अधिनियमित चारों नवीन श्रम संहिताओं के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अब तक जारी की गई अधिसूचनाओं और उनके अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई, वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019)औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code, 2020)सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020)व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियाँ संहिता, 2020 (OSH Code, 2020)।  बैठक में राज्य के अधिकारियों ने केंद्र सरकार को अवगत कराया कि इन नवीन संहिताओं को छत्तीसगढ़ में सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। 

*श्रमिक हितों और डिजिटल पहलों पर विशेष जोर* 

          समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग के अधिकारियों ने राज्य में श्रमिकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की जानकारी दी। संयुक्त सचिव को विभाग द्वारा अपनाई गई आधुनिक डिजिटल पहलों और तकनीकी नवाचारों (Digital Initiatives) से भी रू-ब-रू कराया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नई व्यवस्था के आने से श्रम प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगा, जिससे श्रमिकों के हितों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा।

*जल्द पूरे होंगे राज्य के नियमों के निर्माण कार्य*

           बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की संहिताओं के अनुरूप राज्य के स्तर पर नियमों (Rules) के निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र ही अंतिम रूप देकर इन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। इस पहल से छत्तीसगढ़ के लाखों श्रमिकों के साथ-साथ नियोजकों (Employers) को भी नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों का लाभ समयबद्ध, सरल और सुगम तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। 

           इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की ओर से श्री एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा, श्री गिरीश रामेटेके, श्री अजीतेश पाण्डेय, श्री एस.एस. पैकरा, श्री डी.पी. तिवारी, श्री बी.एस. बरिहा, श्री मनीष श्रीवास्तव, श्री विवेक चेलकर, श्रीमती श्रद्धा केशरवानी एवं श्री देवेन्द्र देवांगन उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के प्रतिनिधि के रूप में श्री साकेत कुमार पाण्डेय, श्री भूपेन्द्र कुमार, श्री रोहित गुप्ता, श्री गौरव डोगरा, श्री अखिलेश राय, श्री सौरभ त्यागी, सुश्री जयंती सिंह सहित केंद्र व राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी सम्मिलित हुए।

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पीएम जनमन सड़क में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: सहायक अभियंता और उप अभियंता निलंबित, ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट

रायपुर, 09 जुलाई 2026/ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क के धंसने की शिकायत के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराने के लिए कोर कटिंग कराई गई तथा विभिन्न तकनीकी मानकों पर सड़क की जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि नवनिर्मित सड़क हैवी लोड वाहनों के आवागमन के कारण क्षतिग्रस्त हुई। जिस सड़क पर केवल 10-12 टन क्षमता वाले वाहनों के संचालन की अनुमति है, वहां 60-70 टन क्षमता तक रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।

*सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित किए जाने के दिए निर्देश*

         सचिव श्री सिंह ने दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे रितेश नायडू को तत्काल निलंबित किया गया। वहीं कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर को निलंबित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त है उसे उखाड़कर पुनः बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। वहीं पूरी सड़क के शोल्डर को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ सुधार करवाने के निर्देश दिये गये हैं।

*ओवरलोड वाहन और शोल्डर निर्माण में खामी बना सड़क धंसने का मुख्य कारण*

        जांच के दौरान अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। जीएसबी एवं डब्ल्यूबीएम परतों के परीक्षण में ग्रेडेशन तथा कम्पैक्शन संतोषजनक रहा। वहीं बीटी कार्य के तहत पीएमसी एवं सील कोट के लिए किए गए बाइंडर कंटेंट  परीक्षण में 6 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि सड़क के शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मापदंड (100 प्रतिशत) से कम था। आर.डी. 1400 मीटर पर यह 95 प्रतिशत और आर.डी. 2100 मी. पर केवल 94.68 प्रतिशत पाया गया, जो कि मानकों से कम है। जांच में आर.डी. 1400 मी. पर निर्मित पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी मापदंड के अनुसार नहीं किया गया था। इस वजह से वर्षाऋतु में बारिश का पानी शोल्डर से होते हुए सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया, जिससे सड़क के अंदरूनी हिस्से कमजोर हो गए।

*पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा*

         सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर अधिक्षण अभियंता श्री अखिलेश तिवारी, श्री बलवंत पटेल, श्री अमित गुलहरे कार्यपालन अभियंता श्री संतोष ठाकुर, सहायक अभियंता श्री सौरभ देशमुख श्री मुरारी साहू, उप अभियंता जे रितेश नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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नारायणपुर के दुर्गम जंगलों में प्रशासन की मिसाल, ट्रैक्टर से पहुंचाया 3 महीने का राशन; 6 गांवों के 151 परिवारों को मिली बड़ी राहत

रायपुर, 09 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष रणनीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश है कि राज्य के पहुच विहीन क्षेत्रों में वर्षा व भौगोलिक बाधाओं को पार करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानें खोलना, ट्रैक्टर के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी और मॉनसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन भंडारण करने के निेर्दश दिए हैं।

          मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक विशेष और सराहनीय पहल की है। बारिश के मौसम और कठिन रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैक्टरों के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक तीन माह का खाद्यान्न सुरक्षित पहुंचाया है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित छह गांवों मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल के राशनकार्डधारी हितग्राहियों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया।

*6 गांवों के 151 परिवारों को मिला लाभ*

         खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम क्षेत्रों में बसे कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को उनकी निर्धारित मात्रा में तीन महीने का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। लाभान्वित गांवों और परिवारों में मुरुमवाड़ा के 98 परिवार, दिवालूर के 32 परिवार, गुडेकोर के 13 परिवार, धोबे के 03 परिवार, हरबेल के 03 परिवार, बोटेर के 02 परिवार शामिल हैं।

बारिश और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को दी मात

       इन वनांचल गांव घने जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों से घिरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी परिवहन के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को राशन के लिए कई किलोमीटर की पैदल और जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ती थी। इस समस्या को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान राशन सामग्री को सीधे ट्रैक्टर के जरिए गांवों तक भिजवाया, जिससे ग्रामीणों को अपने घर के पास ही राशन मिल गया।

बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मिली बड़ी राहत

        खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। गांव में ही राशन मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पहल से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं रही, क्योंकि उन्हें अब राशन के लिए कठिन रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ा।

अंतिम छोर के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य

        इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था की कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि भौगोलिक कठिनाइयां भी जनता तक उनका हक पहुंचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।

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12 जुलाई को सूबेदार-उप निरीक्षक प्रारंभिक परीक्षा: रायगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 3 उड़नदस्ता दल तैनात, कलेक्टर ने अधिकारियों की ड्यूटी तय की

रायगढ़, 9 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 का आयोजन 12 जुलाई 2026, रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने आदेश जारी कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्न पत्रों के सुरक्षित परिवहन तथा परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी के लिए तीन सदस्यीय उड़नदस्ता दल सह परिवहन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये दल परीक्षा अवधि के दौरान अपने-अपने केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या व्यवधान की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

*उड़नदस्ता दलों को सौंपी गई परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी*

जिला प्रशासन द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में प्रथम उड़नदस्ता दल में उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा (मो. 96690-63346), थाना चक्रधर नगर के सहायक उप निरीक्षक श्री दिनेश मिंज (मो. 90095-98385) तथा प्रधान आरक्षक श्री महेंद्र कर्ष (मो. 79993-64821) को शामिल किया गया है। इस दल को पी.एम. श्री शासकीय नटवर इंग्लिश मीडियम स्कूल रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1501), के.एम.टी. शासकीय कन्या महाविद्यालय गांधी चौक रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1506), सेठ किरोड़ीमल आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाल मंदिर घड़ी चौक रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1507) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह द्वितीय दल में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिव शंकर पाण्डेय (मो. 75872-31121), सिटी कोतवाली के सहायक उप निरीक्षक श्री डी.के. बेहरा (मो. 94792-69216) तथा प्रधान आरक्षक श्री सुरेन्द्र ठाकुर (मो. 83700-37193) को शामिल किया गया है। इस दल को किरोड़ीमल शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज चक्रधर नगर रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1503) तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चक्रधर नगर रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1502) की जिम्मेदारी दी गई है। तृतीय उड़नदस्ता दल में नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के उप संचालक श्री नवीन कुमार (मो. 96852-39793), थाना पुसौर के सहायक उप निरीक्षक श्री कुंदन लाल गौर (मो. 79997-00123) तथा प्रधान आरक्षक श्री बाबूलाल पटेल (मो. 76976-76464) को शामिल किया गया है। इस दल को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सर्किट हाउस रोड, वार्ड क्रमांक-09 चांदमारी रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1505) तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोष्टापारा रायगढ़ (केंद्र क्रमांक-1504) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग की महाप्रबंधक सुश्री अंजू नायक (मो. 97525-15837) को आरक्षित अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

*सुबह 7 बजे जिला कोषालय पहुंचेंगे दल, गोपनीय सामग्री की रहेगी जिम्मेदारी*

उड़नदस्ता दलों को परीक्षा दिवस पर सुबह 7 बजे जिला कोषालय रायगढ़ में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। यहां से वे प्रश्न पत्र एवं अन्य गोपनीय सामग्री प्राप्त करेंगे और परीक्षा प्रारंभ होने से डेढ़ घंटे पूर्व संबंधित परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाएंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी दल केंद्राध्यक्षों से सीलबंद गोपनीय सामग्री प्राप्त कर उसे सुरक्षित रूप से पुनः जिला कोषालय में जमा करेंगे। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जा सके।

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धान छोड़ें, कमाएं ज्यादा! ऊंची जमीन पर दलहन-तिलहन की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, कृषि महाविद्यालय रायगढ़ ने जारी की उन्नत किस्मों की पूरी सूची

रायगढ़, 9 जुलाई 2026/ कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, रायगढ़ ने किसानों को मौसम एवं भूमि की परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी है। विशेष रूप से ऊंची भूमि वाले क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अनुशंसा की गई है। इससे किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
           कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि ऊंची भूमि में धान के स्थान पर अरहर, मूंग, उड़द जैसी दलहनी तथा सोयाबीन, मूंगफली, रामतिल और तिल जैसी तिलहनी फसलों की खेती किसानों के लिए लाभकारी विकल्प है। इन फसलों की खेती से उत्पादन में विविधता आने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों से कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित उन्नत किस्मों का चयन कर वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की अपील की।
डॉ. सिंह ने बताया कि धान की कम अवधि वाले किस्म बस्तर धान-1, इंद्रावती धान-1, इंदिराबरानी धान-1, छत्तीसगढ़ तेजस्वी बरानी धान-2, छत्तीसगढ़ धान-1919, विक्रम टीसीआर सहित प्रोटाजीन किस्मों की अनुशंसा की गई है। वहीं कोदो के लिए इंदिरा कोदो-1, छत्तीसगढ़ कोदो-2 एवं 3, कुटकी के लिए छत्तीसगढ़ कुटकी-1, छत्तीसगढ़ कुटकी-2 एवं छत्तीसगढ़ सोन कुटकी तथा रागी के लिए इंदिरा रागी-1, 2 एवं 3 उपयुक्त किस्में बताई गई हैं। दलहनी फसलों में अरहर की राजीवलोचन, छत्तीसगढ़ अरहर-1, छत्तीसगढ़ अरहर-2 (सावित्री), बीडीएन-716 एवं केआरजी-33, कुल्थी की बस्तर कुल्थी, इंदिरा कुल्थी-1, छत्तीसगढ़ कुल्थी-2 एवं 3, शबरी कुल्थ, अलख तथा बिलासा कुल्थी, मूंग की विराट एवं शिखा तथा उड़द की ठंदिरा उड़द प्रथम, नर्मदा एवं दृष्टि किस्मों की अनुशंसा की गई है।
          इसी प्रकार तिलहनी फसलों में इंदिरा सोया-9, छत्तीसगढ़ सोयाबीन-1, आरएससी-10, आरएससी-10-52 (ई), आरएससी-10-07, आरएससी-10-71, आरएससी-11-35 एवं सीजी सोया-11-15 सोयाबीन की उन्नत किस्में, मूंगफली की छत्तीसगढ़ मूंगफली-1 एवं छत्तीसगढ़ ट्राम्बे मूंगफली, रामतिल की जेएनसी-9 एवं जेएनएस-6 तथा तिल की टीकेजी-21, टीकेजी-22, जवाहर तिल-12 एवं जवाहर तिल-14 किस्में किसानों के लिए अनुशंसित की गई हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि किसान अपनी भूमि की प्रकृति के अनुरूप इन अनुशंसित फसलों एवं उन्नत किस्मों का चयन कर वैज्ञानिक तकनीकों के साथ खेती करें। इससे खेती अधिक लाभकारी बनने के साथ उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी।

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राजस्थान से सकुशल लौटे रामदास महंत ने एसएसपी शशि मोहन सिंह से की मुलाकात, रायगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन की त्वरित पहल से परिवार को मिली खोई हुई खुशी

      *9 जुलाई, रायगढ़* । लगभग 100 दिनों बाद सकुशल अपने घर लौटे ग्राम पुटकापुरी, पुसौर निवासी रामदास महंत ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान एसएसपी ने रामदास से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें नियमित रूप से घर पर रहकर स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने किसी भी प्रकार की आवश्यकता या परेशानी होने पर बिना संकोच पुलिस एवं प्रशासन से संपर्क करने का भरोसा भी दिलाया।

       इस दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा एवं थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस भी उपस्थिति थे । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि समय-समय पर रामदास महंत एवं उनके परिवार से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जानें तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएं।

      उल्लेखनीय है कि ग्राम पुटकापुरी, विकासखंड पुसौर निवासी रामदास महंत मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण लगभग 100 दिन पूर्व घर से कहीं चले गए थे। परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा लगातार खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से उनके राजस्थान के सिरोही जिले में होने की सूचना प्राप्त हुई।

   सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन और रायगढ़ पुलिस सक्रिय हुई। थाना प्रभारी पुसौर द्वारा राजस्थान स्थित मानव सेवा आश्रम से संपर्क कर पुष्टि की गई कि रामदास महंत वहां सुरक्षित हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने उनकी सकुशल घर वापसी के लिए त्वरित पहल करते हुए यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था, आर्थिक सहायता एवं रेल आरक्षण उपलब्ध कराया। इस प्रक्रिया में क्षेत्रीय सांसद श्री राधेश्याम राठिया का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

    दिनांक 30 जून 2026 को रामदास महंत को राजस्थान से रवाना किया गया और वे सकुशल अपने गांव लौटे, जहां परिवार एवं ग्रामीणों ने भावुक होकर उनका स्वागत किया। इस पूरी पहल में जिला प्रशासन, रायगढ़ पुलिस, ग्राम पंचायत पुटकापुरी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से एक परिवार को उसकी खोई हुई खुशी वापस मिली।

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महिला सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने सभी विभाग मिलकर करें काम, एसएसपी शशिमोहन सिंह ने दिए सख्त निर्देश

रायगढ़, 9 जुलाई। महिला सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिला स्तरीय महिला उत्पीड़न एवं अनैतिक व्यापार निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने की।

बैठक में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण और पुनर्वास से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने कहा कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें।

उन्होंने मानव तस्करी की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान कर लगातार निगरानी रखने, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख आवागमन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एसएसपी ने पंचायतों, स्कूल-कॉलेजों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। साथ ही महिला अपराध और मानव तस्करी से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण तथा पीड़ितों को आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में पीड़ित महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं, परामर्श, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर पीड़ितों के सम्मानजनक पुनर्वास के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, डीएसपी उन्नति ठाकुर, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेश पटेल सहित महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, आदिवासी विकास विभाग, महिला थाना, डॉयल-112 तथा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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