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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा संदेश—वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति-सुरक्षा का नया अध्याय, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता से बस्तर में विकास की नई रोशनी

रायपुर, 21 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता हमारे वीर पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बना है। इस ऐतिहासिक परिवर्तन के पीछे उन असंख्य वीर जवानों का त्याग और बलिदान है, जिन्होंने प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अमर शहीदों का बलिदान सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय साय ने आज पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के प्रांगण में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके प्रति कृतज्ञता और संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की अमर शौर्यगाथा को स्मरण करने का दिन है। हमारे पुलिस और सुरक्षा बल कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी वीरता और समर्पण के कारण ही समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण सुनिश्चित होता है।

उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का अदम्य साहस के साथ सामना किया था। इस संघर्ष में हमारे 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हमें उन सभी पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की महान परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिन है। एक जवान जब देश और समाज की सुरक्षा के लिए कर्तव्य पथ पर खड़ा होता है, तब उसके पीछे उसके पूरे परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। इसलिए हमारे शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की जिम्मेदारी और सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शहीद परिवारों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। शहीदों के परिजनों ने जिस साहस और धैर्य के साथ अपने प्रियजनों के बलिदान को राष्ट्रसेवा के गौरव में परिवर्तित किया है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रदेश अपने अमर शहीदों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।

*नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में जवानों ने रचा शौर्य का इतिहास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस वर्ष का पुलिस स्मृति दिवस विशेष महत्व रखता है। प्रदेश ने नक्सलवाद के विरुद्ध लंबे संघर्ष के बाद शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों का योगदान अविस्मरणीय है।

उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने जीवन की परवाह किए बिना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष किया। उनके अदम्य साहस और पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता सुनिश्चित हुई है। अनेक जवानों ने इस संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन का संकल्प साकार हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है।

*जहां कभी भय का साया था, वहां अब पहुंच रही विकास की रोशनी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं और सेवाएं पहुंच रही हैं तथा लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था और शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सुरक्षा और विकास के समन्वित प्रयासों से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की नई यात्रा प्रारंभ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद अब प्रदेश के सामने शांति को स्थायी बनाने और विकास की गति को और तेज करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हमारी सरकार बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को समृद्धि और खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला है।

*पुलिस बल के आधुनिकीकरण और जवानों के कल्याण पर विशेष जोर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से सशक्त बनाने, बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा जवानों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कानून का शासन, नागरिकों की सुरक्षा और जनता का विश्वास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ प्रदेश की शांति, सुरक्षा और प्रगति के प्रहरी बने रहेंगे। अमर शहीदों का त्याग और बलिदान वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।

*कर्तव्य पथ पर बलिदान देने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा*

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पुलिस स्मृति दिवस पर अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 की अवधि में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के अनेक वीर जवानों ने वीरगति प्राप्त की। इन जवानों ने अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण के साथ कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर किए। उनका बलिदान पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। आज हमारे जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जवानों की वीरता के साथ उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और साहस भी उतना ही महान है।

*नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में मिली निर्णायक सफलता : पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम*

पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों का वीरतापूर्वक सामना करते हुए शहीद हुए 10 पुलिस जवानों की शौर्यगाथा का स्मरण किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग से देश की सुरक्षा, शांति और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।

पुलिस महानिदेशक श्री गौतम ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय तक माओवादी हिंसा की गंभीर चुनौती से जूझता रहा है। इस कठिन संघर्ष में छत्तीसगढ़ पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयासों, साहस और बलिदान से सशस्त्र नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह वीर जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।

पुलिस महानिदेशक ने शहीद परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी जवान की शहादत के साथ उसके परिवार का त्याग, धैर्य और मौन संघर्ष भी जुड़ा होता है। शहीद परिवार छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों से अमर शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए कानून के शासन, जनसुरक्षा, शांति और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

*राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका में मुख्यमंत्री श्री साय ने अर्पित किया श्रद्धासुमन*

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका भी पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री श्री साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों का बलिदान छत्तीसगढ़ की स्मृतियों में सदैव अमर रहेगा और उनका शौर्य आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र एवं समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी और शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

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ट्रेलर चालक से चाकू की नोक पर मोबाइल और नकदी लूटने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लूट के मोबाइल की खरीद-बिक्री करने वाले पांच अन्य आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े, कुल 6 गिरफ्तार

    *रायगढ़, 21 अक्टूबर* । जूटमिल पुलिस ने ट्रेलर चालक से चाकू की नोक पर मोबाइल और नकदी लूटने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी शनि केंवट सहित लूटे गए मोबाइल की खरीद-बिक्री में शामिल पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूटे गए मोबाइल की जांच के दौरान उसमें इस्तेमाल हो रहे दूसरे सिम कार्ड के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पुलिस लूट की वारदात के मुख्य आरोपी तक पहुंच गई। मामले में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया गया है।

*चाकू दिखाकर ट्रेलर चालक से लूटा था मोबाइल और नकदी*

        मामले के अनुसार, प्रार्थी दीपक कुमार पिता लालदेव राम, उम्र 29 वर्ष, निवासी कृष्णवाटिका बोईरदादर, थाना चक्रधर नगर, जिला रायगढ़ ने दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को थाना जूटमिल में लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

       प्रार्थी ने बताया कि 10 अक्टूबर 2026 को वह ट्रेलर क्रमांक CG 13 AS 9699 में झारसुगुड़ा से कोयला लोड कर तमनार जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब 5 बजे अमलीभौना स्थित शीला पेट्रोल पंप के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका मोबाइल फोन तथा 200 रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 642/2026 धारा 651(3), 309(1), 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू की।

*मोबाइल में दूसरे सिम से खुला राज, पुलिस पहुंची आरोपियों तक*

      विवेचना के दौरान पुलिस ने लूटे गए POCO M7 मोबाइल की जांच की। मोबाइल में दूसरा सिम कार्ड चालू पाया गया। सिम नंबर की पड़ताल करने पर वह मोबाइल दुकान संचालक नीरज परियानी के नाम पर पंजीकृत मिला।

     पुलिस ने नीरज परियानी से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसकी दुकान में काम करने वाले भुवन निषाद ने उक्त मोबाइल लाकर बेचा था, जिसे उसने खरीद लिया था। इसके बाद जूटमिल पुलिस ने भुवन निषाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। भुवन ने मोबाइल रोहित दुलेवाले से खरीदना बताया।

       पुलिस ने रोहित दुलेवाले को पकड़कर पूछताछ की तो उसने मोबाइल संजय कुमार सिंह से खरीदने की बात कही। संजय कुमार सिंह ने मोबाइल आकाश डेविड से खरीदना बताया, जबकि आकाश डेविड ने मोबाइल शनि केंवट से खरीदने की जानकारी दी।

      इस तरह मोबाइल की खरीद-बिक्री की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस मुख्य आरोपी शनि केंवट तक पहुंची।

*शनि केंवट ने साथियों के साथ मिलकर की थी लूट*

   आरोपी शनि केंवट, निवासी नाकाडेरा एफसीआई गोदाम के पास, थाना जूटमिल, ने पूछताछ में अपने दो साथियों के साथ मिलकर घटना के दिन ट्रेलर चालक से POCO M7 मोबाइल लूटना स्वीकार किया। उसने लूटे गए मोबाइल को आकाश डेविड के पास 3,000 रुपये में बेचने की बात भी बताई।

      विवेचना के दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे प्रभारी थाना जूटमिल द्वारा प्रार्थी दीपक कुमार से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी शनि केंवट की शिनाख्तगी कराई गई। पुलिस ने लूटे गए POCO कंपनी के M7 मॉडल मोबाइल को भी जब्त कर लिया।

*लूट के मोबाइल की रकम से खरीदा था Samsung A36*

     आरोपी भुवन निषाद ने लूटे गए मोबाइल को बेचने और बिक्री से प्राप्त रकम से Samsung A36 मोबाइल खरीदने की जानकारी दी। पुलिस ने इस मोबाइल को भी गवाहों के समक्ष जब्त किया है।

      विवेचना में नीरज परियानी, भुवन निषाद, रोहित दुलेवाले, संजय कुमार सिंह और आकाश डेविड के चोरी अथवा लूट की संपत्ति होने की जानकारी के बावजूद मोबाइल खरीदने की बात सामने आने पर प्रकरण में धारा 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) विस्तारित की गई।

        जूटमिल पुलिस ने लूट के मुख्य आरोपी शनि केंवट और लूट की संपत्ति खरीदने के आरोप में पांच अन्य आरोपियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है।

???????? *एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*

     *“चोरी अथवा लूट की संपत्ति खरीदने वाले लोग भी कानूनी कार्रवाई से नहीं बच सकते। चंद रुपयों के लालच में अपराधियों से सामान खरीदना भारी पड़ सकता है और ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने पर जेल जाना पड़ सकता है।“*

      जूटमिल पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि लूट या चोरी की संपत्ति खरीदने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर है और अपराध की प्रत्येक कड़ी तक पहुंचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

*गिरफ्तार आरोपी*-
(1) नीरज परियानी पिता अशोक परियानी उम्र 36 वर्ष निवासी सिंधी कॉलोनी वार्ड नंबर 23 चक्रघर नगर थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़ 
(2) भुवन निषाद पिता राजेश निषाद उम्र 24 वर्ष निवासी सोनुमूडा नयापारा थाना जूटमिल जिला रायगढ़ 
(3) रोहित दुलेवाले पिता मोरेश्वर दुलेवाले उम्र 30 वर्ष निवासी खरबी चौक औरेंज नगर वार्ड नंबर 58 थाना वाथोड़ा जिला नागपुर महाराष्ट्र हाल मुकाम कैदीमुड़ा अनिल चौहान के किराया का मकान थाना जूटमिल जिला रायगढ 
(4) संजय कुमार सिंह पिता किशन सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी बाजीराव पारा नेहा आप्सेट के सामने थाना जूटमिल जिला रायगढ 
(5) आकाश डेविड पिता रामचरण डेविड उम्र 20 वर्ष निवासी कबीर चौक डिपापारा थाना जूटमिल जिला रायगढ़ 
(6) शनि केंवट पिता श्रीराम केवट उम्र 19 वर्ष निवासी नाकाडेरा एफसीआई गोदाम थाना जूटमिल जिला रायगढ़

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केलो डेम में युवक और उसकी महिला मित्र से मारपीट कर लूटपाट करने वाला तीसरा आरोपी गिरफ्तार, फरारी के दौरान बदलता रहा ठिकाना, पुलिस ने लूटा गया आईफोन और वारदात में प्रयुक्त बाइक की जब्त

      *रायगढ़, दिनांक 21 अक्टूबर 2026* । केलो डेम के पास युवक और उसकी महिला मित्र से मारपीट कर लूटपाट करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने फरार आरोपी रामकुमार मेहता को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी घटना के बाद से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था तथा उसने अपना और लूटे गए मोबाइल का सिम कार्ड निकाल दिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा हुआ आईफोन तथा वारदात में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल जब्त की है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

*11 अक्टूबर की शाम केलो डेम के पास हुई थी लूटपाट*

      मामले में प्रार्थी सानू सारथी, पिता सोहन सारथी, उम्र 22 वर्ष, निवासी जोगीडीपा, रायगढ़ ने दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 11 अक्टूबर की शाम वह अपनी महिला मित्र के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से केलो डेम घूमने गया था। शाम करीब 7:30 बजे जब दोनों वापस लौटने के लिए निकले, तभी 3-4 अज्ञात युवक वहां पहुंचे और महिला मित्र के साथ वहां घूमने को लेकर सवाल करते हुए प्रार्थी के साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने प्रार्थी की जेब में रखे 1,500 रुपये, आईफोन 12 मिनी मोबाइल तथा उसकी महिला मित्र का मोटोरोला कंपनी का मोबाइल लूट लिया। वारदात के बाद आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल की चाबी भी फेंककर फरार हो गए।
           प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 597/2026, धारा 115(2), 309(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

*एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने तेज की कार्रवाई*

        मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सीएसपी श्री राहुल उईके एवं कोतवाली पुलिस को आरोपियों की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने एएसआई कोसो सिंह जगत एवं पुलिस स्टाफ के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने प्रार्थी, पीड़ित एवं गवाहों से पूछताछ कर आरोपियों के हुलिए की जानकारी जुटाई और संदिग्धों की तलाश शुरू की।

          त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सोहेल अंसारी, पिता मोहम्मद खुर्शीद अंसारी, उम्र 23 वर्ष, निवासी इंदिरा नगर, रायगढ़ तथा रणवीर कुमार, पिता मिथलेस भगत, उम्र 22 वर्ष, निवासी चेहराकला, थाना महुवा, जिला वैशाली (बिहार), हाल मुकाम उर्दना डीपापारा, रायगढ़ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद प्रार्थी से कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष आरोपियों की पहचान संबंधी कार्रवाई कराई गई।

*लगातार ठिकाने बदल रहा था फरार आरोपी*

        मामले में शामिल तीसरे आरोपी रामकुमार मेहता की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था तथा अपना और लूटे गए मोबाइल का सिम कार्ड निकाल दिया था। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के ग्राम कुरमापाली, थाना कोतरारोड़ क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना पर मुखबिरों को सक्रिय कर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

     गिरफ्तार आरोपी की पहचान *रामकुमार मेहता, पिता रामचन्दर मेहता, उम्र 24 वर्ष, निवासी उधमपुर, थाना छातापुर, जिला सुपौल (बिहार), हाल मुकाम कुरमापाली, थाना कोतरारोड़, जिला रायगढ़* के रूप में हुई है। आरोपी की पहचान संबंधी कार्रवाई प्रार्थी सानू सारथी से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष कराई गई।

*लूटा हुआ आईफोन और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त*

    पूछताछ में आरोपी रामकुमार मेहता ने अपने साथियों सोहेल अंसारी, रणवीर कुमार भगत एवं एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से पीड़ित युवक का लूटा हुआ आईफोन 12 तथा अपराध में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AX 1602 जब्त की गई है। आरोपी ने पीड़ित युवती से लूटा गया मोटोरोला मोबाइल अपने फरार साथी के पास होना बताया है।

          मामले में आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वारदात में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की पतासाजी जारी है।

      उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, एएसआई कोसो सिंह जगत, आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा एवं मुरली मनोहर पटेल की अहम भूमिका रही।

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पुलिस स्मृति दिवस पर रायगढ़ पुलिस ने अमर शहीदों को किया नमन, 154 वीर पुलिसकर्मियों के नामों का हुआ वाचन, शहीद परिवारों का सम्मान कर उनकी समस्याओं के निराकरण का दिया भरोसा

  21 अक्टूबर, रायगढ़* । देश की सुरक्षा और नागरिकों की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में बुधवार को रक्षित केंद्र उर्दना, रायगढ़ स्थित शहीद परेड ग्राउंड में गरिमामय शहीद परेड एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्री सलीम निहारिया, विशिष्ट अतिथि रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बब्बन पठारे, वार्ड पार्षद श्री आनंद भगत तथा शहीद परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।

      एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की उपस्थिति में शहीद परेड की कार्यवाही प्रारंभ हुई।  इस दौरान 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देश के विभिन्न राज्यों में कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले विभिन्न रैंक के 154 पुलिसकर्मियों के नामों का वाचन एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा किया गया। शहीद परेड में दो प्लाटून शामिल रहीं, जिनमें छठवीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की एक प्लाटून तथा जिला पुलिस बल रायगढ़ एवं जिला पुलिस बल सारंगढ़ की संयुक्त प्लाटून सम्मिलित थी। प्रशिक्षु सूबेदार श्री उदय चंद कोसले ने प्लाटून कमांडर की जिम्मेदारी निभाई। परेड कमांडर के निर्देश पर शोक शस्त्र की कार्यवाही संपन्न हुई और उपस्थित जवानों ने शीश झुकाकर अमर शहीदों के अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

          कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने शहीद परिवारों के सदस्यों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके पश्चात जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, जवानों एवं शहीद परिवारों के सदस्यों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परेड निष्क्रमण की कार्यवाही के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

     इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं का ध्यान रखेंगे। शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और उनके कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रयास करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

       एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों के बलिदान को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी दिन है। कार्यक्रम में जिले के शहीद परिवारों को आमंत्रित कर उनसे सम्मानपूर्वक आत्मीय चर्चा की गई। इस दौरान परिवारों से उनकी समस्याएं एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनके शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस आमजन की सेवा, सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर है। कार्यक्रम में शहीद परिवारों के आवागमन एवं स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई तथा सभी परिवारों को सम्मानपूर्वक उनके निवास स्थान तक पहुंचाया गया।

          कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री पुष्पेन्द्र बघेल, डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर, सीएसपी श्री राहुल उइके,  श्री उत्तम प्रताप सिंह, श्री सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह, प्रभारी जिविशा निरीक्षक किशोर कुमार केरकेट्टा, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक श्री अमित तिवारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं पुलिस परिवारजन उपस्थित रहे।

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घरघोड़ा में झपटमारी और लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 24 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू दिखाकर ट्रेलर चालक से लूटे थे रुपये

  *रायगढ़, 21 अक्टूबर* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर घरघोड़ा थाना क्षेत्र में युवक से आईफोन छीनने और ट्रेलर चालक के साथ मारपीट कर मोबाइल व नकदी लूटने के दो मामलों में घरघोड़ा पुलिस को  बड़ी सफलता मिली है। टीआई घरघोड़ा कुमार गौरव तथा PSI सिद्धांत एरेवार के साथ पुलिस स्टाफ ने लूटपाट को अंजाम देने वाले आरोपी सुरेन्द्र चौहान एवं सुमेष प्रधान को हिरासत में लेकर कार्यपालिक दण्डाधिकारी घरघोड़ा के समक्ष पहचान परेड कराई। पीड़ितों ने आरोपियों की पहचान की आरोपियों से लूटा बाइक और मोटर सायकल बरामद किया गया है । आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी समीर महंत उर्फ पप्पू, निवासी फोकटपारा घरघोड़ा, के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है जो आरोपी समीर फरार है ।

*झपटमारी —  रास्ता रोककर छीना था आईफोन*

         जानकारी के मुताबिक ग्राम टेरम निवासी सूरज राठिया (24 वर्ष) ने 18 अक्टूबर को थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9 बजे घरघोड़ा-धरमजयगढ़ मार्ग पर बंगाली ढाबा के सामने गतिअवरोधक के पास काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार 3 अज्ञात युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। इसी दौरान पीछे बैठे युवक ने उसकी जेब से आईफोन छीन लिया और तीनों रायगढ़ रोड की ओर फरार हो गए। मामले में घरघोड़ा थाना में अपराध क्रमांक 314/2026 के तहत धारा 126(2), 304(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत झपटमारी का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

*गिरोह ने ट्रेलर चालक को चाकू दिखा लूटे रूपये*

      दूसरी घटना में बिहार निवासी ट्रेलर चालक रंजीत कुमार सिंह (33 वर्ष) ने 18 अक्टूबर को थाना घरघोड़ा में दर्ज कराई कि 16 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे घरघोड़ा बाईपास स्थित हनुमान ईंट भट्ठे के सामने काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने उसके ट्रेलर को ओवरटेक कर रास्ता रोक दिया। आरोपियों ने चाकू दिखाकर उसे वाहन से नीचे उतारा और गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों तथा बेल्ट से मारपीट की। पांच हजार रुपये की मांग पूरी नहीं करने पर आरोपियों ने उसका रेडमी मोबाइल लूट लिया। मोबाइल कवर में रखे 3,000 रुपये नकद और ड्राइविंग लाइसेंस भी लूटे गए। आरोपियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गए। इस मामले में अपराध क्रमांक 315/2026 के तहत संबंधित धारा 126(2),296,115(2),119(1),309(6),351(3),3(5),238 बी.एन.एस. में अपराध दर्ज किया गया था।

*पुलिस की छापेमारी—  साक्ष्य छिपाने की कोशिश, आईफोन और मोटरसाइकिल बरामद*

         घटना की जानकारी मिलते हुए टीआई घरघोड़ा कुमार गौरव तथा PSI सिद्धांत एरेवार थाने के स्टाफ के साथ आरोपियों का हुलिये की जानकारी लेकर संदिग्धों की धरपकड़ की गई और शीघ्र की 2 संदेही को धरदबोचा जो दोनों लड़के लूटा हुआ मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर फेंक दिए और मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। पूछताछ के दौरान संदेही सुरेन्द्र चौहान एवं सुमेष प्रधान ने अपने साथी समीर महंत उर्फ पप्पू के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किये। संदेहियों को अभिरक्षा में लेकर कार्यपालिक दण्डाधिकारी घरघोड़ा के समक्ष शिनाख्तगी परेड कराई गई जिसमें प्रार्थी/पीड़ित द्वारा सेदहियों को बतौर आरोपी पहचान किया गया।

        आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर आरोपी सुरेन्द्र चौहान से घटना में प्रयुक्त काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल मय चाबी तथा आरोपी सुमेष प्रधान से पीड़ित का सफेद रंग का आईफोन अलग-अलग गवाहों के समक्ष जप्त कर पुलिस ने कब्जे में लिया।

       दोनों मामलों में घरघोड़ा पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। वारदात में शामिल बताए गए तीसरे आरोपी की भूमिका और अन्य लूटी गई संपत्तियों के संबंध में विवेचना जारी है।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

               *“राहगीरों एवं वाहन चालकों को निशाना बनाकर झपटमारी, लूटपाट और मारपीट करने वाले अपराधियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।  नागरिक किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।”*
  
               एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर दोनों मामलों का शीघ्र खुलासा करने में निरीक्षक कुमार गौरव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सिद्धांत एरेवार आरक्षक हरीश पटेल, उद्यो पटेल, भानु चंद्रा की सराहनीय भूमिका रही है ।

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रायगढ़ पुलिस लाइन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शस्त्र पूजन, एसएसपी शशि मोहन सिंह की उपस्थिति में पुलिस अधिकारियों ने की मां भगवती की आराधना

    *रायगढ़, 21 अक्टूबर* । बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक विजयदशमी पर्व के अवसर पर रायगढ़ पुलिस लाइन में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पारंपरिक एवं वैदिक विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह की उपस्थिति में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री पुष्पेंद्र सिंह बघेल सहित जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शस्त्र पूजन में भाग लिया।

      शस्त्र पूजन से पूर्व पुलिस के सभी अस्त्र-शस्त्रों एवं वाहनों की विधिवत साफ-सफाई कर उन्हें सुसज्जित रूप से पूजा स्थल पर रखा गया। इसके पश्चात मां भगवती की आराधना करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अस्त्र-शस्त्रों एवं वाहनों का पूजन किया गया। परंपरा के अनुसार देवी को प्रसन्न करने के लिए राखिया फल की बलि भी दी गई। पूजन के पश्चात विजयदशमी की परंपरा का निर्वहन करते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह सहित उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों ने हर्ष फायरिंग की।

     इस अवसर पर डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर, सीएसपी श्री राहुल उइके, डीएसपी श्री रोहित शुक्ला, श्री उत्तम प्रताप सिंह, श्री सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह, कोतवाली निरीक्षक श्री अमित तिवारी सहित पुलिस लाइन का समस्त अमला उपस्थित रहा।

*एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिलेवासियों को दी विजयदशमी की शुभकामनाएं*

     इस अवसर पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने समस्त जिलेवासियों को विजयदशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजयदशमी सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक है। उन्होंने जिलेवासियों से आपसी सौहार्द, शांति एवं भाईचारे के साथ हर्षोल्लासपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि रायगढ़ पुलिस नागरिकों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर है।

*जिले के सभी थाना-चौकियों में भी हुआ शस्त्र पूजन*

विजयदशमी के अवसर पर रायगढ़ जिले के सभी थाना एवं चौकी परिसरों में भी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में अस्त्र-शस्त्रों की साफ-सफाई कर विधिवत शस्त्र पूजन किया गया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने परंपरा का निर्वहन करते हुए जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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ऐतिहासिक रावणभाठा दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सत्य और धर्म की विजय का दिया संदेश, आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये देने की घोषणा

रायपुर, 21 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है। विजयादशमी हमें अपने जीवन में सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम प्रतिवर्ष रावण का पुतला दहन करते हैं, लेकिन इस पर्व की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपने भीतर विद्यमान काम, क्रोध, मद और लोभ रूपी रावण का भी वध करें। विजयादशमी आत्ममंथन का अवसर है। यह पर्व हमें अपनी कमजोरियों और बुराइयों पर विजय प्राप्त कर सद्गुणों को अपनाने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर का ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान दशहरा उत्सव की लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का साक्षी है। पीढ़ियों से यहां विजयादशमी का पर्व पूरे उल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। यह मैदान केवल रावण दहन का स्थल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। उन्होंने इस ऐतिहासिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति और इससे जुड़े सभी लोगों की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत का संरक्षण तथा संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

*प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का आत्मीय और अटूट संबंध*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का विशेष महत्व है, क्योंकि प्रभु श्रीराम का इस पावन धरती से अत्यंत गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वनवास काल में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने छत्तीसगढ़ की धरती पर लंबा समय व्यतीत किया। यही कारण है कि प्रभु श्रीराम की स्मृतियां और उनके आदर्श प्रदेश की लोकसंस्कृति, लोकजीवन और जनमानस में गहराई से रचे-बसे हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन सत्य, मर्यादा, धैर्य, साहस, त्याग और न्याय के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। वनवास के दौरान उन्हें अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। रावण के पास विशाल सेना, अपार सामर्थ्य और अस्त्र-शस्त्र थे, फिर भी भगवान श्रीराम ने अपने दृढ़ संकल्प और धर्मबल से उसे परास्त किया। यह हमें सिखाता है कि उद्देश्य न्यायपूर्ण हो, संकल्प दृढ़ हो और मार्ग सत्य का हो, तो बड़ी से बड़ी चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि सत्य का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय सत्य की ही होती है। प्रभु श्रीराम का रावण के विरुद्ध संघर्ष केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि अन्याय, अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध धर्म एवं मानवीय मूल्यों की स्थापना का महान अभियान था।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति के चरित्र की वास्तविक पहचान कठिन परिस्थितियों में होती है। यह महत्वपूर्ण है कि संकट और संघर्ष के समय हम सत्य और न्याय के पक्ष में खड़े होते हैं या नहीं। रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन भी हमें यही संदेश देता है कि असत्य और अन्याय का साथ देने वाला व्यक्ति चाहे कितना ही सामर्थ्यवान क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है।

*आतंकवाद और अन्याय के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी का संदेश केवल पौराणिक संदर्भों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है। भारतीय सेना द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर देश के साहस, पराक्रम और आतंकवाद के विरुद्ध अडिग संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि चाहे पौराणिक काल का रावण हो अथवा आधुनिक युग में आतंकवाद और अन्याय जैसी बुराइयां, समाज और राष्ट्र को इनके विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। सत्य और न्याय की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प तथा सामूहिक शक्ति आवश्यक है।

*श्रीरामलला का भव्य मंदिर भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि 22 जनवरी 2024 का दिन भारत के इतिहास में आस्था, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना के अविस्मरणीय अवसर के रूप में अंकित हो चुका है। सदियों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीरामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। यह क्षण करोड़ों देशवासियों की आस्था, विश्वास और संकल्प की पूर्णता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों की प्रभु श्रीराम के प्रति गहरी आस्था और आत्मीय संबंध को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ने का अवसर मिले।

*अपने भीतर की बुराइयों पर विजय का संकल्प लें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि विजयादशमी केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने और सद्गुणों को अपनाने का अवसर है। हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारा, न्याय और सेवा की भावना को और मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि विकास के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को भी सहेजकर आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप हम सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आइए, इस पावन विजयादशमी पर हम सभी सत्य, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर चलते हुए एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को विजयादशमी की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रावणभाठा का दशहरा उत्सव लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा है, जिसका आयोजन दूधाधारी मठ द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश अपनी प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़े। उन्होंने माता दुर्गा और प्रभु श्रीराम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी सहित श्री अंजय शुक्ला, श्री सुभाष तिवारी, श्री मनोज वर्मा, श्री सुशील ओझा, श्री उमेश गुप्ता, श्री संजू नारायण, सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ बना अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट का नया गवाह, भारत-जिम्बाब्वे टी-20 श्रृंखला से बेटियों को मिलेगा आगे बढ़ने का हौसला, मुख्यमंत्री साय ने कहा—खेल प्रतिभाओं को अवसर देना हमारी प्राथमिकता

रायपुर 21 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव और हर्ष का अवसर है कि नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट श्रृंखला का आयोजन प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बनाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे और भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे मुकाबले का आनंद लिया। उन्होंने दोनों देशों की महिला क्रिकेट टीमों के खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से पहचान बनाने वाली महिला खिलाड़ी देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों का आयोजन खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। यह केवल एक क्रिकेट श्रृंखला नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने वाला अवसर भी है। हमारी बेटियां जब विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को अपने सामने खेलते हुए देखेंगी, तो उनमें भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम रोशन करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक श्रृंखला के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों के लिए स्टेडियम में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इसके पीछे उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रत्यक्ष देखने का अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि आज हमारी बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को अपने ही प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण खेल अधोसंरचना है। राज्य सरकार द्वारा स्टेडियम को छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को लीज पर दिए जाने से यहां नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे न केवल प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को विश्वस्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों को भी बड़े खिलाड़ियों से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते समय में नवा रायपुर में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का सफल आयोजन किया गया। राज्य सरकार की विशेष पहल पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो आईपीएल मुकाबलों का भी सफल आयोजन हुआ। अब भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े खेल आयोजन किसी प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ उसकी अर्थव्यवस्था और पहचान को भी नई ऊर्जा देते हैं। देश-दुनिया से खिलाड़ी, खेल अधिकारी और दर्शक जब छत्तीसगढ़ आते हैं, तो इससे पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होते हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर तेजी से आधुनिक अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य नवा रायपुर को केवल एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में विकसित करना नहीं, बल्कि इसे देश के प्रमुख स्पोर्ट्स एवं इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार, मौजूदा अधोसंरचना का बेहतर उपयोग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सकारात्मक वातावरण बना है। खेलों में भारत की बेटियां लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और विश्व मंच पर तिरंगे का मान बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह श्रृंखला उत्कृष्ट खेल भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और दोनों देशों के बीच मैत्री का यादगार उदाहरण बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवा रायपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक श्रृंखला प्रदेश की नई पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा देगी और छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदाधिकारी, खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से छत्तीसगढ़ के शहरों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, शहरी अधोसंरचना के लिए खुलेंगे निवेश के नए द्वार

रायपुर, 21 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित एवं टिकाऊ विकास, आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विस्तार और नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।

कार्यशाला में देशभर के शहरी विकास, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना क्षेत्र के नीति-निर्माता एवं विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस दौरान शहरों के विकास के लिए नए वित्तीय संसाधन जुटाने, निजी निवेश आकर्षित करने, म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से अधोसंरचना विकसित करने तथा किफायती आवास परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा हुडको तथा सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। इन समझौतों के माध्यम से नगरीय निकायों की संस्थागत एवं वित्तीय क्षमता को मजबूत करने, आधुनिक शहरी नियोजन को बढ़ावा देने और निवेश आधारित अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने की दिशा में सहयोग बढ़ाया जाएगा।

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और हुडको द्वारा संयुक्त रूप से नवा रायपुर स्थित होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित कार्यशाला में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड तथा अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) के माध्यम से शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और नगरीय निकायों को निवेश योग्य परियोजनाएं तैयार करने में सक्षम बनाने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही शहरी परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने, उनकी वित्तीय योजना तैयार करने और दीर्घकालिक वित्तीय प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।

कार्यशाला में हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ मुख्य वक्तव्य देंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा प्रदेश में शहरी विकास की प्राथमिकताओं, नगरीय अधोसंरचना की आवश्यकताओं तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर अपने विचार रखेंगे।

*तीन तकनीकी सत्रों में होगा शहरी विकास के वित्तीय मॉडल पर मंथन*

कार्यशाला के अंतर्गत दोपहर 12 बजे से तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में देश के विभिन्न राज्यों एवं संस्थाओं के विशेषज्ञ शहरी विकास के सफल मॉडल, वित्तीय नवाचार और परियोजनाओं को निवेश योग्य बनाने के व्यावहारिक पहलुओं पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

पहले तकनीकी सत्र में हुडको के महाप्रबंधक डॉ. विवेक अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो की अवधारणा, कार्यप्रणाली और शहरी विकास परियोजनाओं में इनके उपयोग की संभावनाओं पर प्रस्तुति देंगे। तेलंगाना शासन की सचिव डॉ. टी.के. श्रीदेवी तेलंगाना में अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के अनुभव साझा करेंगी। इससे नगरीय निकायों को शहरी विकास के विभिन्न मॉडलों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन को समझने का अवसर मिलेगा।

*बैंकेबल प्रोजेक्ट और पीपीपी मॉडल पर रहेगा विशेष फोकस*

दोपहर दो बजे से आयोजित दूसरे तकनीकी सत्र में अर्बन स्पेशलिस्ट सुश्री आस्था जैन परियोजनाओं की अवधारणा तैयार करने से लेकर उनके निर्माण तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया पर प्रस्तुति देंगी।

सिटीज (CITIES) फोरम के श्री प्रकाश गौर बैंकेबल शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं, किफायती आवास परियोजनाओं और पीपीपी स्ट्रक्चरिंग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। विश्व बैंक के श्री रघु केसवन म्युनिसिपल फाइनेंस तथा रेवेन्यू रिंग फेंसिंग के माध्यम से शहरी परियोजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तरीकों की जानकारी देंगे।

यह सत्र नगरीय निकायों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा, क्योंकि इससे उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसी परियोजनाएं तैयार करने में मार्गदर्शन मिलेगा, जिनमें संस्थागत वित्त और निजी निवेश आकर्षित करने की क्षमता हो।

*म्युनिसिपल बॉन्ड से शहरों के विकास के लिए संसाधन जुटाने पर चर्चा*

शाम सवा चार बजे आयोजित तीसरे तकनीकी सत्र में टिपसन्स के श्री उमेश खंडेलवाल म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से शहरी विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। म्युनिसिपल बॉन्ड जैसे आधुनिक वित्तीय साधनों के प्रभावी उपयोग से नगरीय निकाय बड़े अधोसंरचना प्रोजेक्ट्स के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

इसके बाद हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख श्री हितेश बोरड अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत बैंकेबल शहरी अधोसंरचना और किफायती आवास परियोजनाओं के लिए हुडको द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली वित्तीय सुविधाओं की जानकारी देंगे।

शाम 5:20 बजे हुडको के महाप्रबंधक डॉ. विवेक के साथ पैनल डिस्कशन एवं प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी शहरी विकास, परियोजनाओं की वित्तीय संरचना, निवेश जुटाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक विषयों पर विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर सकेंगे।

*नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*

कार्यशाला के माध्यम से राज्य के नगरीय निकायों को परंपरागत वित्तीय संसाधनों के साथ-साथ निवेश आधारित विकास, म्युनिसिपल बॉन्ड, पीपीपी और संस्थागत वित्त जैसे आधुनिक विकल्पों के प्रभावी उपयोग की जानकारी मिलेगी। इससे नगरीय निकायों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने तथा उनके लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला में होने वाला विचार-मंथन छत्तीसगढ़ के शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण, किफायती आवास, बेहतर नागरिक सुविधाओं और निवेश आधारित विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके साथ ही नगरीय निकायों को दीर्घकालिक रूप से वित्तीय रूप से सक्षम बनाते हुए प्रदेश के शहरों को अधिक सुव्यवस्थित, सुविधाजनक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी यह पहल उपयोगी होगी।

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श्रीराम के आदर्शों से समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें प्रदेशवासी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में रावण दहन के साथ दिया सत्य और धर्म का संदेश

रायपुर 21 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विजयादशमी का पर्व केवल बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने का शाश्वत संदेश देने वाला महान सांस्कृतिक पर्व है। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि सत्य का मार्ग कितना भी कठिन और चुनौतियों से भरा क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। जीवन में जब भी सही और गलत में से किसी एक पक्ष को चुनने का अवसर आए, हमें सदैव सत्य, न्याय और मानवता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए, क्योंकि हम किसके साथ खड़े हैं, यही हमारे चरित्र और संस्कारों की वास्तविक पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने हजारों लोगों की उपस्थिति और प्रभु श्रीराम के जयकारों के बीच धनुष-बाण से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सद्भाव, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर का डब्ल्यूआरएस मैदान पांच दशकों से अधिक समय से विजयादशमी उत्सव की गौरवशाली परंपरा का साक्षी रहा है। प्रतिवर्ष यहां रावण दहन के माध्यम से अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश जन-जन तक पहुंचता है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें यह स्मरण कराती है कि समाज और राष्ट्र की वास्तविक शक्ति सत्य, सदाचार, एकता और न्याय में निहित होती है। हमारी सांस्कृतिक परंपराओं में निहित यही मूल्य पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमें सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे हैं।

*प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का गहरा और आत्मीय संबंध*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए विजयादशमी का पर्व विशेष महत्व रखता है, क्योंकि प्रभु श्रीराम का इस पावन धरती से अत्यंत गहरा और आत्मीय नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में लंबा समय व्यतीत किया था। इसीलिए छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में भगवान श्रीराम रचे-बसे हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। वनवास के दौरान अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करने के बावजूद वे कभी अपने कर्तव्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं हुए। उनका जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, मर्यादा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

*शक्ति से बड़ी है सत्य और धर्म की सामर्थ्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रावण के पास अपार सैन्य शक्ति, अस्त्र-शस्त्र और महाबली योद्धाओं की विशाल सेना थी। दूसरी ओर प्रभु श्रीराम वनवासी जीवन व्यतीत कर रहे थे। उन्होंने वनवासियों और वानर सेना को संगठित कर रावण जैसी प्रबल शक्ति का सामना किया और विजय प्राप्त की। यह प्रसंग हमें बताता है कि संसाधनों और बाहुबल से कहीं अधिक बड़ी शक्ति सत्य, धर्म, दृढ़ संकल्प और सामूहिक पुरुषार्थ की होती है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें अपने जीवन में सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा सत्य के पक्ष में दृढ़ता से खड़े होने का साहस देती है। प्रभु श्रीराम का संघर्ष केवल रावण के विरुद्ध युद्ध नहीं था, बल्कि अन्याय, अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध धर्म एवं न्याय की स्थापना का संघर्ष था।

*अधर्म का साथ देने वाला भी उसके परिणाम से नहीं बच सकता*

मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन भी एक गहरा संदेश देता है। असत्य और अधर्म का साथ देने वाला व्यक्ति चाहे कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः उसे उसके परिणाम का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमें जीवन के प्रत्येक अवसर पर सत्य, न्याय, करुणा और मानवता को सर्वोच्च स्थान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों का वास्तविक अनुसरण केवल उनकी आराधना में नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को अपने आचरण में उतारने में है। समाज में न्याय के पक्ष में खड़ा होना, कमजोर और जरूरतमंद का साथ देना तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही रामराज्य की मूल भावना है।

*आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है ऑपरेशन सिंदूर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने विजयादशमी के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा और नागरिकों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास स्थापित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। बस्तर सहित प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विश्वास, विकास और खुशहाली का वातावरण निर्मित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शांति और सुरक्षा के साथ विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है।

*रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा करोड़ों भारतीयों के संकल्प और आस्था की सिद्धि*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन हमें संकल्प लेने और उसे पूर्ण करने की प्रेरणा देता है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, तप और लंबे संघर्ष से जुड़े संकल्प की पूर्ति का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2024 का दिन भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। इस दिन अयोध्या में नवनिर्मित भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। यह अवसर देश और दुनिया के करोड़ों रामभक्तों के लिए अत्यंत भावुक, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण था।

*49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए श्रीरामलला के दर्शन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों की भगवान श्रीराम के प्रति अगाध श्रद्धा और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है और भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों का इसमें विशिष्ट स्थान है। राज्य सरकार प्रदेश की संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

*प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलकर समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की पुनः शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि हम सभी प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। सत्य, न्याय, सद्भाव, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें तथा एक शांतिपूर्ण, समरस, सुरक्षित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं।

कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, श्री जयंती भाई पटेल, श्री सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख श्री जी. स्वामी, नेशनल क्लब एवं आयोजन समिति के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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पत्थलगांव में धूमधाम से हुआ रावण दहन, विधायक गोमती साय ने की भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का दिया संदेश

पत्थलगांव।19 अक्टूबर : विजयादशमी के पावन पर्व पर पत्थलगांव में विशाल विजयादशमी महोत्सव समिति, पत्थलगांव द्वारा आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक, उपाध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण एवं गुजरात सह-प्रभारी गोमती साय शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

रावण दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और बुराई के अंत तथा सत्य, सदाचार और धर्म की विजय का प्रतीक है। विजयादशमी का यह पर्व हमें संदेश देता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां आएं, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

कार्यक्रम में शामिल होकर गोमती साय ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विजयादशमी हमें अपने भीतर के अहंकार, नकारात्मकता और बुराइयों का त्याग कर समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देती है।

इस अवसर पर उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, सद्भाव और खुशहाली का प्रकाश सदैव बना रहे।

रावण दहन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अंकित बंसल, समिति अध्यक्ष एवं महामंत्री सुनील गर्ग, महामंत्री नरेश यादव, अनिल मित्तल, सुनील अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिपाठी, रामनिवास जिंदल, एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल, थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार सहित भाजपा के पदाधिकारी, नगर के वरिष्ठ व्यापारीगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

विजयादशमी के अवसर पर पत्थलगांव में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम ने सत्य की असत्य पर विजय और धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश दिया।

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आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची रेल, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई यात्री रेल सेवाओं को दिखाई हरी झंडी, छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिली ऐतिहासिक गति

रायपुर 21अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट - रायपुर एवं रायपुर - कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी अवसर पर ताड़ोकी - रावघाट तथा अभनपुर - कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया और रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी गई।

ताड़ोकी से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ आजादी के बाद पहली बार रावघाट रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों के लिए यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नई रेल सेवाओं से इन क्षेत्रों का राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख केंद्रों से संपर्क बेहतर होगा तथा आवागमन के साथ व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार का अभूतपूर्व दौर चल रहा है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहली बार रेल पहुँचना केवल एक रेल परियोजना की पूर्णता नहीं, बल्कि बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार खुलना है। रेल जहाँ पहुँचती है, वहाँ विकास की गति बढ़ती है। इससे लोगों का आवागमन आसान होता है, बाजारों तक पहुँच बढ़ती है, उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहन मिलता है तथा युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर निर्मित होते हैं।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रदेश को मिली यह सौगात छत्तीसगढ़ के लिए विशेष प्रसन्नता और गौरव का विषय है। रावघाट - रायपुर और रायपुर - कुरूद रेल सेवाएँ प्रदेश की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ विकास के नए द्वार खोलेंगी।

*प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में रेल अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश*

केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 54 हजार करोड़ रुपए की रेल विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इस वर्ष रेलवे द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए 7,470 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।

उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होना और रावघाट - रायपुर तथा रायपुर - कुरूद यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत इसी व्यापक विकास यात्रा की महत्वपूर्ण कड़ी है। आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही रावघाट - जगदलपुर - कोरापुट - विशाखापत्तनम रेल संपर्क के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख रेल नेटवर्क और आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी।

*आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुँची रेल*

दल्लीराजहरा - रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक है। लगभग 1,628 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हो गया है।

आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुँचना बस्तर अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस रेल संपर्क के माध्यम से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों को राजधानी एवं अन्य प्रमुख केंद्रों से जोड़ने का मार्ग और सुदृढ़ हुआ है। इससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, व्यापार एवं औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

*रायपुर - कुरूद रेल सेवा से धमतरी तक ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम*

अभनपुर - धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। इसके साथ रायपुर से कुरूद के बीच नई यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से इस क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहले रायपुर और धमतरी के बीच नैरो गेज रेल सेवा संचालित होती थी। अब इस रेलमार्ग को ब्रॉडगेज में परिवर्तित किए जाने से यात्रियों को आधुनिक और बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कुरूद से धमतरी तक शेष कार्य पूरा होने के बाद रायपुर से धमतरी तक रेल सेवा के विस्तार का मार्ग और प्रशस्त होगा।

*2014 के बाद छत्तीसगढ़ में बिछाई गईं 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास की तस्वीर तेजी से बदली है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय छत्तीसगढ़ को रेलवे विकास के लिए प्रतिवर्ष लगभग 300 करोड़ रुपए का बजट मिलता था, जबकि आज यह बढ़कर सात हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में लगभग 32 किलोमीटर नई रेल लाइन का विस्तार हुआ था, जबकि वर्ष 2014 के बाद छत्तीसगढ़ में लगभग 1,328 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं। यह परिवर्तन बताता है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के रेल विकास को कितनी बड़ी प्राथमिकता मिली है।

उन्होंने कहा कि रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ नई रेल लाइन, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम हो रहा है।

*32 रेलवे स्टेशनों का हो रहा विश्वस्तरीय विकास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इनमें से आठ रेलवे स्टेशन विकसित होकर तैयार हो चुके हैं। इन स्टेशनों में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं, बेहतर परिसर और सुविधाजनक वातावरण के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं का विस्तार नहीं हैं, बल्कि ये संबंधित शहरों में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं। प्रदेश में विकसित हो रही नई रेल अधोसंरचना आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

*रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी*

कार्यक्रम के दौरान रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला भी रखी गई। इस अत्याधुनिक सुविधा के विकसित होने पर भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी।

इस सुविधा से रेल इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था और बेहतर होगी, रेल परिचालन क्षमता बढ़ेगी तथा माल परिवहन की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को रेलवे की आधुनिक तकनीकी एवं मेंटेनेंस अधोसंरचना के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।

*नई रेल परियोजनाओं से दूरस्थ अंचलों तक पहुँचेगा विकास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार और नई परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने खरसिया - परमालकसा, रावघाट - जगदलपुर तथा डोंगरगढ़ - कटघोरा सहित विभिन्न रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में रेल संपर्क और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पत्थलगांव से लोहरदगा क्षेत्र की ओर रेल संपर्क विस्तार की मांग को विशेष पैकेज में शामिल किए जाने के लिए भी केंद्रीय रेल मंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भौगोलिक दृष्टि से विशाल प्रदेश है और यहां बड़ी जनसंख्या दूरस्थ, वनांचल एवं जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है। ऐसे क्षेत्रों तक रेल नेटवर्क का विस्तार नागरिकों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने वाला है। रेल संपर्क बढ़ने से विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, किसानों और उत्पादकों को बड़े बाजारों तथा युवाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुँचने में आसानी होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास के लाभ को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना है और आधुनिक परिवहन अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

*बस्तर के विकास की नई संभावनाओं का द्वार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास की नई यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली, दूरसंचार और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। रावघाट तक रेल का पहुँचना इस परिवर्तनकारी यात्रा को और गति देगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर रेल संपर्क से बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा को देश-दुनिया तक नई पहचान मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने में सुविधा होगी और पर्यटन, व्यापार तथा औद्योगिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएँ विकसित होंगी।

*विजयादशमी पर छत्तीसगढ़ को मिली विकास की बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विजयादशमी सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का पावन पर्व है। ऐसे शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ को नई रेल सेवाओं और आधुनिक रेल अधोसंरचना की सौगात मिलना हम सभी के लिए आनंद और गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि रावघाट तक पहुँची रेल विकास की नई यात्रा की शुरुआत है। आने वाले समय में प्रदेश के और अधिक दूरस्थ क्षेत्रों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़कर छत्तीसगढ़ को बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत अर्थव्यवस्था और व्यापक अवसरों वाला विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद एवं विधायक श्री विक्रम उसेंडी,  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधिगण नागरिक उपस्थित थे।

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महाअष्टमी पर माता की भक्ति में रंगे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मां दंतेश्वरी, परमेश्वरी और चंडी मंदिर में की पूजा-अर्चना, खप्पर यात्रा में दर्शन कर श्रद्धालुओं के साथ गाए जसगीत

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026/ नवरात्रि की महाअष्टमी पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के कवर्धा नगर स्थित प्रसिद्ध मां दंतेश्वरी मंदिर, मां परमेश्वरी मंदिर एवं मां चंडी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कवर्धा की ऐतिहासिक धार्मिक परंपरा के अंतर्गत रात्रि में निकलने वाली माता काली की खप्पर यात्रा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान वे श्रद्धालुओं के साथ माता सेवा में शामिल हुए और जसगीत गाकर मां भगवती की आराधना की।

कवर्धा में महाअष्टमी की रात्रि में खप्पर निकालने की परंपरा सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। मां दंतेश्वरी, मां चंडी और मां परमेश्वरी मंदिरों से जुड़ी यह अनूठी परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता काली के स्वरूप में खप्पर धारण कर नगर भ्रमण की यह परंपरा नगर की सुख-शांति, सुरक्षा और लोक कल्याण की कामना के साथ निभाई जाती है। माता के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस विशेष अनुष्ठान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने खप्पर वाली माता के श्रद्धापूर्वक दर्शन किए और इस प्राचीन परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कवर्धा सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से दर्शन के लिए पहुंचे युवाओं और श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की। माता सेवा में शामिल होकर उन्होंने सभी के साथ जसगीत गाए। भक्ति गीतों और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। उन्होंने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए उनका हालचाल जाना।

      उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कवर्धा की खप्पर यात्रा हमारी प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था की अनमोल धरोहर है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़े हुए है। उन्होंने कहा कि महाअष्टमी के पावन अवसर पर माता के दर्शन और श्रद्धालुओं के साथ सेवा एवं आराधना में शामिल होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने मां भगवती से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

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नवरात्रि पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पिपरिया में विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों के पंडालों में पहुंचकर की पूजा-अर्चना

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026/ नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम पिपरिया में विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों के पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान आस्था, भक्ति और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा भी माता की भक्ति में सराबोर नजर आए। कहीं उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ मंजीरे बजाकर माता के जसगीत गाए, तो कहीं ग्रामीणों के साथ भजनों में शामिल होकर उत्सव की खुशियां साझा की।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पिपरिया में बजरंग दल दुर्गा उत्सव समिति, मां भवानी दुर्गा उत्सव समिति, सर्व दुर्गा उत्सव समिति, मां शीतला दुर्गा उत्सव समिति, मां संतोषी दुर्गा उत्सव समिति तथा लक्ष्मी चौक स्थित तिरंगा दुर्गा उत्सव समिति के पंडालों में पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया।

     इस अवसर पर उन्होंने उत्सव समितियों के सदस्यों एवं ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।

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राष्ट्रीय मंच पर चमका छत्तीसगढ़, जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और रंगमंचीय परंपरा के लिए यह अत्यंत गौरवशाली उपलब्धि है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मेघदूत थिएटर परिसर, रविन्द्र भवन, नई दिल्ली में 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित समारोह में प्रदेश के दो प्रतिभाशाली कलाकार प्रसिद्ध रंगमंच में योगदान के लिए जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय एवं विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू को संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया।

उल्लेखनीय है कि सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की अलख जगाने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय तथा सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। दोनों कलाकारों की इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ की रचनात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक समृद्धि और नाट्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

छत्तीसगढ़ के वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले इन कलाकारों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और सृजनशीलता किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। कला के प्रति समर्पण, निरंतर साधना और रचनात्मक प्रतिबद्धता के बल पर प्रदेश के कलाकार राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिदृश्य में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

*जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय ने रंगमंच को दी नई पहचान*

छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाने और अभिनय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि जशपुर सहित पूरे सरगुजा अंचल और छत्तीसगढ़ के रंगमंच से जुड़े कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है।

डॉ. पाण्डेय की कला साधना इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर भी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनका सम्मान छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में विद्यमान रचनात्मक संभावनाओं और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को नई प्रेरणा प्रदान करने वाला है।

*सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू ने नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को दिलाया गौरव*

सारंगढ़ के प्रतिभाशाली लेखक श्री घनश्याम साहू को उनके विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में उत्कृष्ट पटकथा लेखन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की साहित्यिक, नाट्य और सिनेमाई रचनात्मकता के लिए महत्वपूर्ण है।

नाट्य लेखन और पटकथा लेखन किसी भी रंगमंचीय प्रस्तुति अथवा फिल्म की आत्मा होते हैं। प्रभावशाली कथानक, संवेदनशील संवाद और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदान करने में लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्री साहू को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में कार्यरत रचनाकारों के लिए उत्साहवर्धक है।

*छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बना राष्ट्रीय सम्मान*

संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार भारतीय प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को यह सम्मान प्राप्त होना प्रदेश की जीवंत नाट्य परंपरा और रचनात्मक क्षमता का परिचायक है।

लोककला, लोकनाट्य, संगीत, नृत्य, साहित्य और रंगमंच की समृद्ध विरासत वाला छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। यहां की लोक परंपराएं, जनजीवन, बोलियां और सामाजिक संवेदनाएं कलाकारों को सृजन की व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं। ऐसे में प्रदेश के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली पहचान नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

*पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दी हार्दिक बधाई*

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. आनन्द पाण्डेय और श्री घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मंत्री श्री अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती कला, संस्कृति और सृजनशीलता की अनमोल विरासत से समृद्ध है। प्रदेश के सुदूर वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि डॉ. आनन्द पाण्डेय और श्री घनश्याम साहू की उपलब्धि प्रदेश की युवा पीढ़ी, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और कला साधना से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की अपार संभावनाएं हैं।

मंत्री श्री अग्रवाल ने दोनों कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश के कलाकारों की ऐसी उपलब्धियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाती हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करती हैं।

छत्तीसगढ़ के इन दोनों कलाकारों को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश की सामूहिक सांस्कृतिक चेतना, कला साधना और रचनात्मक प्रतिभा का सम्मान है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि  है।

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आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंचेगी रेल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में आज खुलेगा विकास का नया द्वार

रायपुर 19 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के रेल इतिहास में 20 अक्टूबर का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुँचेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में ताड़ोकी - रावघाट रेल लाइन एवं अभनपुर - कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। इस अवसर पर रावघाट - रायपुर एवं रायपुर - कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं का शुभारंभ तथा रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी होगा। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पहुँचना केवल रेल नेटवर्क का विस्तार नहीं, बल्कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय अंचलों तक भी आधुनिक परिवहन सुविधाएँ पहुँचें और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो।

*रावघाट तक रेल - बस्तर के विकास को नई रफ्तार*

दल्लीराझरा से रावघाट के मध्य लगभग 1,628 करोड़ रुपए की लागत से 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के साथ ही यह महत्वपूर्ण परियोजना पूर्ण हो गई है।

रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के अवसरों तक पहुँच आसान होगी। इससे औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क के परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र सहित देश के इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं की दृष्टि से भी यह रेल संपर्क महत्वपूर्ण होगा।

*अभनपुर - कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से राजधानी तक आवागमन होगा सुगम*

अभनपुर - धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य पूरा हो गया है। इसके उद्घाटन से क्षेत्र में रेल संपर्क का विस्तार होगा और यात्रियों को राजधानी रायपुर तक बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। परियोजना के शेष कुरूद- धमतरी सेक्शन में कार्य प्रगति पर है।

रावघाट - रायपुर एवं रायपुर - कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं के शुरू होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, व्यापारियों और आम यात्रियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, कृषि और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

*रायपुर में विकसित होगी आधुनिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा*

रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का भी शिलान्यास किया जाएगा। इस आधुनिक सुविधा के विकसित होने पर भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी। इससे रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने और बढ़ती माल परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई रेल लाइनें, यात्री सेवाएँ और आधुनिक रेल अधोसंरचना छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई गति देंगी। रावघाट तक रेल की सीटी अब केवल यात्रा की शुरुआत नहीं, बल्कि बस्तर में विकास, विश्वास और नई संभावनाओं के एक नए दौर का प्रारम्भ है।

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मां दुर्गा के दरबार में भक्तिमय हुआ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का अंदाज, ग्रामीणों के बीच बैठकर गाए जसगीत और अधिकारियों को दिए समस्याओं के निराकरण के निर्देश

रायपुर, 19 अक्टूबर 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा बीती देर रात कबीरधाम जिले के ग्राम ढोंघा और कोडार में आयोजित मां दुर्गा पूजन एवं ज्योति कलश पूजन कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उनका अलग ही भक्तिमय अंदाज देखने को मिला। माता के भजनों और जसगीतों के बीच उन्होंने स्वयं हाथों में मंजीरा थाम लिया और ग्रामीणों के साथ भक्ति में रम गए। ढोलक, झांझ और मंजीरे की मधुर थाप पर उप मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ झूम उठे। माता के जयकारों और पारंपरिक जसगीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दोनों गांवों में माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर भजन-कीर्तन में सहभागिता की। इस दौरान आस्था, लोक संस्कृति और आत्मीयता का अनूठा संगम देखने को मिला।

     धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें भी सुनीं। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए और देर रात तक ग्रामीणों के बीच भक्ति रस में डूबे हुए दिखे।

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गृह निवास मुंडाडीह में गोमती साय ने किया नव कन्या पूजन, हवन-अर्चना कर मांगी क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि

फरसाबहार। पत्थलगांव विधायक, उपाध्यक्ष सरगुजा विकास प्राधिकरण एवं गुजरात सह-प्रभारी गोमती साय ने आज अपने गृह निवास मुंडाडीह में विधि-विधानपूर्वक हवन-पूजन एवं माता रानी की अर्चना की।

इस पावन अवसर पर उन्होंने नव कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक भोज कराया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कन्याओं को माता स्वरूप मानकर किए गए इस पूजन में पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ माता रानी की आराधना की गई।

विधायक गोमती साय ने माता रानी से क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमें शक्ति, भक्ति और संस्कारों से जोड़ता है तथा कन्या पूजन हमारी सनातन परंपरा में नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है।

इस दौरान गृह निवास में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने माता रानी के जयकारों के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया।

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