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एक व्यक्ति का नेत्रदान दो दृष्टिहीन लोगों को दे सकता है नई रोशनी, रायगढ़ जिले में नेत्रदान को लेकर बढ़ाई जा रही जनचेतना

रायगढ़, 31 अगस्त 2026/ जिले में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत जिले के सभी विकासखंडों में जागरूकता कार्यक्रम, रैली तथा विभिन्न माध्यमों से नेत्रदान के प्रति जनचेतना बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से शुरू हुआ यह अभियान 8 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान आमजन को मरणोपरांत नेत्रदान के महत्व की जानकारी देकर नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
            राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार एवं सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी लाने के लिए समाज को प्रेरित करना है। जिला अंधत्व निवारण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. श्रीमती मीना पटेल ने बताया कि कॉर्निया में चोट या अन्य कारणों से सफेदी आने पर दृष्टि प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में कॉर्नियल प्रत्यारोपण के माध्यम से दृष्टि वापस लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद किए गए नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है।
           उन्होंने बताया कि सामान्यतः 5 से 60 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्तियों की आंखें नेत्रदान के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं। हालांकि रेबीज, टिटनेस, हेपेटाइटिस, सर्पदंश, जहर सेवन, जलने या डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में नेत्रदान उपयुक्त नहीं माना जाता। नेत्रदान के लिए विशेष औपचारिकताओं की आवश्यकता नहीं होती। मृत व्यक्ति के परिजन या उत्तराधिकारी की अनुमति से चिकित्सकीय टीम द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। नेत्रदान की प्रक्रिया मृत्यु के 6 घंटे के भीतर पूरी किया जाना आवश्यक है। इसलिए किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर परिजनों को यथाशीघ्र चिकित्सकीय टीम को इसकी सूचना देनी चाहिए। डॉ. पटेल ने आमजन से नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नेत्रदान को महादान की संज्ञा दी गई है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में नई उम्मीद और रोशनी लाई जा सकती है।
           नेत्र सहायक अधिकारी श्री अर्जुन बेहरा ने बताया कि जिला अंधत्व निवारण समिति, मेडिकल कॉलेज रायगढ़ एवं देवकी रामधारी फाउंडेशन के सहयोग से जिले में अब तक 30 व्यक्तियों द्वारा नेत्रदान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ शरीर वाले ऐसे मृत व्यक्ति का नेत्रदान संभव है, जिसे कैंसर का संक्रमण न हो। उन्होंने लोगों से इस पुनीत कार्य के लिए आगे आने और अन्य लोगों को भी नेत्रदान के प्रति जागरूक करने की अपील की।

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रायगढ़ में झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, अवैध क्लीनिकों की लगातार जांच; बिना अनुज्ञा इलाज करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायगढ़, 31 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों तथा बिना वैध अनुज्ञा के चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुज्ञा के लोगों का उपचार करने अथवा किसी भी प्रकार की चिकित्सा या शल्य चिकित्सा करने वालों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा ऐसे मामलों में लगातार निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रखी जा रही है और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी बीमारी की स्थिति में झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराने के बजाय निकटतम शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा पंजीकृत चिकित्सक से ही उपचार कराएं, ताकि सही जांच और उचित उपचार सुनिश्चित हो सके।

इधर, आम लोगों को महंगे इलाज और दवाइयों के खर्च से राहत दिलाने के उद्देश्य से जिले के लगभग सभी विकासखंडों में जनऔषधि केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां सामान्य बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जनऔषधि केंद्रों में कई दवाइयां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों के उपचार पर होने वाला खर्च काफी कम हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जेनेरिक दवाइयां गुणवत्ता और प्रभावशीलता के मामले में निर्धारित मानकों के अनुरूप होती हैं। इन दवाओं की उपलब्धता का उद्देश्य लोगों को किफायती दर पर आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराना और उपचार के आर्थिक बोझ को कम करना है। दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में जनऔषधि केंद्रों की उपलब्धता से लोगों को आवश्यक दवाइयां आसानी से मिल रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि दवाइयां हमेशा चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही लें और अधिक कीमत वाली दवाइयों के विकल्प के रूप में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के बारे में चिकित्सक या फार्मासिस्ट से जानकारी प्राप्त करें। साथ ही किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना वैध अनुमति चिकित्सा कार्य किए जाने की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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रायगढ़ में 1 से 15 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा, ‘हर नागरिक साक्षर बनेगा, रायगढ़ विकसित बनेगा’ के संकल्प के साथ जिलेभर में होंगे विशेष आयोजन

रायगढ़, 31 अगस्त 2026/ जिले में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायगढ़ द्वारा 1 से 15 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाना और ‘हर नागरिक साक्षर बनेगा, रायगढ़ विकसित बनेगा’ के संकल्प को साकार करना है। साक्षरता पखवाड़े के दौरान जिले के सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में अलग-अलग जागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत साक्षरता शपथ, असाक्षरों का घर-घर सर्वेक्षण, उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से नामांकन तथा विद्यालय स्तर पर साक्षरता संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।

*शिक्षक दिवस से अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस तक होंगे विशेष कार्यक्रम*

पखवाड़े के दौरान शिक्षक दिवस पर विशेष कार्यक्रम, साक्षरता चौपाल, कला, निबंध, गीत, वाद-विवाद एवं मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम होंगे। नवाचारी शिक्षण सामग्री प्रदर्शनी, वाचन दिवस, रेडियो जिंगल एवं लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। अभियान में व्यावसायिक एवं डिजिटल साक्षरता गतिविधियों, उल्लास मेला तथा हिंदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पखवाड़े के समापन अवसर पर समारोह एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

*साक्षरता से बढ़ेगा आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता*

जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अनुसार अभियान को सफल बनाने में स्वयंसेवी शिक्षक, विद्यालय, सामाजिक संगठन, युवा, जनप्रतिनिधि और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन के अवसर पैदा करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने जिले के सभी नागरिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे साक्षरता के इस महाअभियान से जुड़ें और अपने आसपास के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सहयोग करें। सामूहिक सहभागिता से ही साक्षर और विकसित रायगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।

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त्योहार में खलल डालने वालों की खैर नहीं, रायगढ़ पुलिस ने बदमाशों को थाने बुलाकर दी दो टूक चेतावनी—जन्माष्टमी से पहले गुंडा-निगरानी बदमाशों पर कसा शिकंजा,

     *रायगढ़, 31 अगस्त 2026*। आगामी जन्माष्टमी एवं विभिन्न आयोजनों और मेलों को देखते हुए रायगढ़ पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखते हुए उन्हें थानों में बुलाकर अपराध एवं विवाद से दूर रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है।

             पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार के माहौल में अशांति फैलाने, मारपीट, विवाद, शराबखोरी, उपद्रव या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि करने वालों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस की नजर ऐसे तत्वों पर लगातार बनी रहेगी और कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

???? *एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव ने खरसिया थाने में बदमाशों को दी सख्त चेतावनी—अपराध किया तो कार्रवाई तय* 

     *खरसिया, छाल और भूपदेवपुर में भी बदमाश हुए हाजिर*

    इसी कड़ी में कल 30 अगस्त 2026 को एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में थाना खरसिया, छाल एवं भूपदेवपुर में क्षेत्र के गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को थाने बुलाकर सख्त समझाइश दी गई।

           एसडीओपी श्री सतीश भार्गव ने खरसिया थाना में स्वयं बदमाशों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में रहें। आगामी त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अनैतिक, अवैधानिक अथवा उपद्रवकारी गतिविधि में शामिल न हों। किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने अथवा अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस द्वारा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

             उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार आम नागरिकों के लिए खुशी और आस्था का अवसर हैं। किसी व्यक्ति को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या आम जनता की शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

???? *चक्रधरनगर में बदमाशों को डीएसपी राहुल उईके की दो टूक—अब शिकायत मिली तो कार्रवाई तय*

           इसी क्रम में आज थाना चक्रधरनगर में क्षेत्र के गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को थाना परिसर में हाजिर कराया गया। डीएसपी श्री राहुल उईके ने बदमाशों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपराध एवं विवाद से दूर रहें और समाज की मुख्यधारा में रहकर शांतिपूर्वक जीवन-यापन करें।

        उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसी भी बदमाश के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है या वह किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा ऐसे व्यक्तियों की नियमित चेकिंग की जाएगी और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

           डीएसपी श्री राहुल उईके ने थाना प्रभारी चक्रधरनगर राकेश मिश्रा को निर्देशित किया कि क्षेत्र के गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की नियमित जांच की जाए, उनके वर्तमान गतिविधियों एवं आवागमन पर निगाह रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*त्योहारों पर पुलिस की रहेगी चौकस नजर*
     
         आगामी जन्माष्टमी, मेला एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों को लेकर रायगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, लगातार पेट्रोलिंग, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग के साथ-साथ डायल-112 की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

             पुलिस अधिकारियों द्वारा थाना क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। भीड़ वाले स्थानों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जा रही है, ताकि आम नागरिक बिना किसी भय के त्योहार मना सकें।

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*— 

            *“सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की व्यापक व्यवस्था है, आम नागरिकों से अपील है कि वे त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं। आमजन किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विवाद या उपद्रव की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”*

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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर खरसिया पुलिस का सख्त एक्शन, सड़क पर उतरी पुलिस टीम; स्कूल वाहनों की औचक जांच कर चालकों का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट, दस्तावेज भी खंगाले

        *रायगढ़, 31 अगस्त 2026*। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन एवं चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में चौकी खरसिया पुलिस द्वारा स्कूल वाहनों की सुरक्षा जांच की गई।

           चौकी खरसिया पुलिस को शिकायत एवं सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं कि कुछ स्कूल वाहनों के चालक तेज गति एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हैं, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है और किसी भी समय दुर्घटना की स्थिति निर्मित हो सकती है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी द्वारा पुलिस टीम के साथ सड़क पर स्कूल वाहनों की औचक जांच की गई।

            जांच के दौरान स्कूल वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही चालकों का ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से शराब सेवन की जांच भी की गई। पुलिस टीम ने वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी कि स्कूली बच्चों को लेकर वाहन चलाते समय गति पर विशेष नियंत्रण रखें, यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

*बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं*

       चौकी खरसिया पुलिस के पुलिस अधिकारियों द्वारा स्कूल वाहन चालकों को हिदायत दी कि वाहन में सवार बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। तेज गति, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब के नशे में वाहन चलाना अथवा यातायात नियमों की अनदेखी करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के जीवन को भी खतरे में डाल सकता है।
         एसएसपी श्री शशि मोहन के निर्देशन पर  स्कूल वाहनों की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*रायगढ़ पुलिस की अपील*

            *”रायगढ़ पुलिस ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों की नियमित रूप से जांच करते रहें। वाहन चालक वैध दस्तावेजों के साथ ही वाहन चलाएं, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।“*

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चार दशक की वर्दी वाली सेवा को सलाम, गंगा राम भगत और अवध बिहारी विश्वकर्मा को भावभीनी विदाई; रायगढ़ पुलिस परिवार ने शॉल-श्रीफल से किया सम्मान, स्वस्थ और सुखद भविष्य की दी शुभकामनाएं

     *रायगढ़, 31 अगस्त 2026*। जिला पुलिस बल रायगढ़ में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए आज सहायक उप निरीक्षक गंगा राम भगत एवं प्रधान आरक्षक अवध बिहारी विश्वकर्मा पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हुए। उनके सम्मान में पुलिस कार्यालय रायगढ़ में सेवा सम्मान कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।

         कार्यक्रम में एडिशनल एसपी श्री अनिल कुमार सोनी, एडिशनल एसपी (ट्रैफिक) श्री पुष्पेंद्र बघेल, डीएसपी (ट्रैफिक) श्री उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त हो रहे पुलिसकर्मियों के दीर्घ सेवाकाल की सराहना करते हुए उन्हें स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

*चार दशक के करीब पुलिस सेवा में समर्पित रहे गंगा राम भगत*

           रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने सहायक उप निरीक्षक गंगा राम भगत के सेवाकाल की जानकारी देते हुए बताया कि श्री भगत वर्ष 1987 में जिला पुलिस मुरैना (मध्यप्रदेश) में आरक्षक के पद पर पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात उन्होंने सिविलियन पर जिला रायगढ़ में अपनी सेवाएं दीं।

            अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने पुसौर, चौकी रैरूमाखुर्द, कापू एवं धरमजयगढ़ सहित जिला जांजगीर-चांपा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं कार्यकुशलता के फलस्वरूप उन्हें वर्ष 2006 में प्रधान आरक्षक तथा वर्ष 2015 में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नति प्राप्त हुई।

          श्री गंगा राम भगत मूलतः ग्राम जामटोली, थाना कुनकुरी, जिला जशपुरनगर के निवासी हैं। लंबे सेवाकाल में उन्होंने पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा एवं अनुशासन के साथ निभाया।

*31 वर्षों से अधिक समय तक पुलिस विभाग को दी सेवाएं*

               प्रधान आरक्षक अवध बिहारी विश्वकर्मा वर्ष 1995 में जिला पुलिस रायगढ़ में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2016 में प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नति प्राप्त करने के बाद उन्होंने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं।

                    अपने सेवाकाल में उन्होंने धरमजयगढ़, अजाक, खरसिया, पूंजीपथरा, तमनार एवं घरघोड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने अपने सेवाकाल का एक लंबा समय मैदानी क्षेत्रों में कर्तव्य निभाते हुए पुलिसिंग को मजबूत करने में योगदान दिया।
श्री अवध बिहारी विश्वकर्मा वर्तमान में जगतपुर नयापारा, रायगढ़ में अपने परिवार के साथ निवासरत हैं।

*सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, एक नई पारी की शुरुआत*

           कार्यक्रम में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी ने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि अनुशासन, कर्तव्य और जनसेवा के प्रति समर्पण का दायित्व है। सेवानिवृत्त हो रहे दोनों पुलिसकर्मियों ने अपने लंबे सेवाकाल में विभाग के प्रति निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। उनके अनुभव और सेवाभाव पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण विरासत हैं।

       उन्होंने आगे कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन की एक नई पारी शुरू होती है। अब वे अपना अधिक समय परिवार एवं सामाजिक जीवन को दे सकेंगे। पुलिस परिवार उनके द्वारा दी गई सेवाओं को सदैव सम्मान के साथ याद रखेगा।

           समारोह के दौरान सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आत्मीयता के साथ उन्हें विदाई दी।

           रायगढ़ पुलिस परिवार ने दोनों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखमय भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विभाग के प्रति उनके द्वारा दी गई सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।

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सुदूर वनांचल की कोरवा बस्ती में गूंजी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’, प्रबल प्रताप जूदेव ने ग्रामीणों संग सुना संवाद, बोले—जनजातीय समाज अब विकसित भारत के निर्माण का मजबूत भागीदार बन रहा

मनोरा/जशपुर
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” का आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने मनोरा विकासखंड के सुदूर वनांचल स्थित खोकसो, बेंजोरा कोरवा बस्ती में विशेष रूप से पिछड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों एवं ग्रामीणों के साथ श्रवण किया।

वनांचल की धरती पर कोरवा परिवारों के बीच “मन की बात” सुनते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद देश के अंतिम छोर पर रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। “मन की बात” ने देश के गांवों, वनांचलों और जनजातीय समाज की उपलब्धियों, परंपराओं और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी कोरवा जनजाति केवल हमारी जनजातीय विरासत का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस की स्थापना से लेकर जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, पेयजल, आजीविका और कौशल विकास के अवसरों के विस्तार तक केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” का मंत्र वनांचल के गांवों में भी साकार हो रहा है। आज जनजातीय समाज विकास की यात्रा में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का मजबूत भागीदार बन रहा है।

उन्होंने कहा कि “लोकल के लिए वोकल” का आह्वान जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और वन आधारित आजीविका को नई पहचान देने वाला है। वहीं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश उन समुदायों के लिए विशेष महत्व रखता है, जिनका जीवन सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जनजातीय नायकों और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय महापुरुषों की गौरवगाथा को राष्ट्रीय चेतना से जोड़ना जनजातीय समाज के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और आधुनिक विकास का समन्वय ही विकसित भारत की सच्ची तस्वीर है। हमारा संकल्प है कि वनांचल के प्रत्येक गांव में विकास पहुंचे, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलें, मातृशक्ति आत्मनिर्भर बने और जनजातीय समाज अपनी गौरवशाली पहचान के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ग्राम, हरित पर्यावरण, सशक्त युवा, आत्मनिर्भर परिवार और संरक्षित जनजातीय संस्कृति के संकल्प के साथ जशपुर का वनांचल भी विकसित भारत की यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शांति भगत, जिला महिला मोर्चा महामंत्री शारदा परधान, जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा श्यामलाल भगत, पूर्व विधायक प्रत्याशी गोविन्द राम भगत, राजपुरोहित केदार महाराज, परमहंस अग्रज, अनुसूचित जनजाति जिला उपाध्यक्ष विकास परधान, अनुसूचित जाति जिला उपाध्यक्ष भजु नन्दन नायक, अनुसूचित जनजाति मंडल अध्यक्ष रंजीत भगत, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुषमा सिंह, पूर्व मंडल महामंत्री सतीश मिंज, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष वासुदेव भगत सहित बड़ी संख्या में कोरवा समाज के भाई-बहन, वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणजन एवं भाजपा मंडल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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पुलिस-सीबीआई-ईडी बनकर डराए तो घबराएं नहीं, फोन काटें! रायगढ़ में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान

          *रायगढ़, 30 अगस्त 2026* । छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” का तृतीय सप्ताह आज 30 अगस्त से प्रारंभ होकर 05 सितंबर 2026 तक चलेगा। सात सप्ताह तक चलने वाले इस व्यापक जनजागरूकता अभियान के तृतीय सप्ताह में “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

              एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस द्वारा थाना एवं चौकी क्षेत्रों में आमजन को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देकर उनसे बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौकी जोबी पुलिस द्वारा चौकी परिसर में विभिन्न सामाजिक एवं महिला संगठनों से जुड़ी सक्रिय महिलाओं को आमंत्रित कर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।

           चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने महिलाओं को “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून में “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई प्रक्रिया नहीं है। साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से लोगों को डराते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं।

*डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचने के उपाय*

• पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी फोन/वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं।
• किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, CVV, PIN, UPI PIN या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
• अनजान नंबर से आए लिंक, APK फाइल या संदिग्ध QR कोड पर क्लिक न करें।
• वीडियो कॉल पर कोई अधिकारी बनकर धमकाए तो कॉल तुरंत काट दें और संबंधित थाने से संपर्क कर सत्यापन करें।
• साइबर ठगों द्वारा बताए गए किसी खाते में डर या दबाव में पैसे ट्रांसफर न करें।
• अपने मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर इंस्टॉल न करें।
• सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी सार्वजनिक न करें।
• किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
• ठगी होने की स्थिति में जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, राशि को होल्ड कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
        कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” से जुड़ने के लिए अभियान के स्कैनर कोड को स्कैन करने अथवा दिए गए लिंक पर क्लिक कर अपनी जागरूकता “सेल्फी” लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

*रैरुमाखुर्द पुलिस ने बाजार और पंचायत प्रतिनिधियों को किया जागरूक*

         इसी कड़ी में चौकी रैरुमाखुर्द द्वारा ग्राम गनपतपुर, पीपरडुगरू बाजार में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 250 लोगों को “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” सहित साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

            वहीं चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा रैरुमाखुर्द क्षेत्र की 14 पंचायतों के सरपंच एवं कोटवारों को चौकी में आहूत कर “साइबर जागृति अभियान” के उद्देश्यों एवं साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें भी अभियान के स्कैनर कोड को स्कैन कर अथवा लिंक पर क्लिक कर अपनी जागरूकता “सेल्फी” लेने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

*तमनार पुलिस ने ग्रामीणों को बताया—डरिए नहीं, जागरूक रहें, ठगी से बचिए*

            तमनार पुलिस द्वारा ग्राम बुड़िया में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी लोगों को डराने, लालच देने अथवा झूठे कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर ठगी करते हैं।

          पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि अनजान कॉल पर विश्वास न करें, किसी भी व्यक्ति को ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए पैसों की मांग करता है तो तत्काल कॉल काटकर पुलिस से संपर्क करें।

*पूंजीपथरा, लैलूंगा, छाल और भूपदेवपुर पुलिस ने बाजार-हाट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया साइबर जागरूकता अभियान*

         इसी कड़ी में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में तराईमाल में पूंजीपथरा पुलिस द्वारा ग्रामीणों को जागरूक किया गया तथा लैलूंगा एवं छाल पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र के बाजार-हाट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में “साइबर जागृति अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” के संबंध में जागरूक करते हुए बताया कि साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते-धमकाते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसों की मांग करते हैं।

            वहीं भूपदेवपुर पुलिस द्वारा भूपदेवपुर क्षेत्र में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को साइबर अपराधों के नए तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर विश्वास न करें और भय अथवा लालच में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

              रायगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। स्वयं जागरूक बनें और परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति जागरूक करें।

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लाइक और व्यूज के चक्कर में हथियारनुमा लाइटर से रील बनाना पड़ा महंगा, सोशल मीडिया वीडियो वायरल होते ही खरसिया पुलिस ने युवक पर की कार्रवाई

  *रायगढ़, 30 अगस्त 2026*। सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने के चक्कर में हथियार जैसे दिखने वाले सामान का प्रदर्शन कर रील बनाना अब भारी पड़ सकता है। इंस्टाग्राम पर मोटरसाइकिल चलाते हुए पिस्टलनुमा लाइटर का प्रदर्शन कर रील बनाने वाले युवक के खिलाफ खरसिया पुलिस ने कार्रवाई की है।

     मामला थाना खरसिया क्षेत्र के छोटेमुडपार का है। स्थानीय लोगों द्वारा शिकायत की गई थी कि एक युवक ने सोशल मीडिया पर मोटरसाइकिल पर पिस्टलनुमा वस्तु हाथ में लेकर रील बनाई है। मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव ने थाना खरसिया पुलिस को वीडियो की तस्दीक कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

          निर्देश के बाद थाना खरसिया पुलिस की टीम ने वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान खेम सिंह रौतिया पिता गणेश राम 22 साल, निवासी छोटेमुडपार, खरसिया के रूप में की। आज दोपहर उप निरीक्षक अमरनाथ शुक्ला, प्रधान आरक्षक खीरेन्द्र जलतरे एवं आरक्षक विशोप सिंह की टीम ने राम सिंह रौतिया को तलब कर वीडियो के संबंध में पूछताछ की।

          पूछताछ में खेम सिंह ने बताया कि 28 अगस्त को उसने अपने मोबाइल से पिस्टलनुमा लाइटर हाथ में लेकर मोटरसाइकिल पर रील बनाई थी और उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था।

            पुलिस द्वारा युवक को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि सोशल मीडिया पर हथियार जैसे दिखने वाली वस्तुओं का प्रदर्शन कर वीडियो अथवा रील बनाना लोगों में भय और गलत संदेश पैदा कर सकता है। ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए।

        पुलिस की समझाइश के दौरान युवक द्वारा मोहल्ले के लोगों द्वारा उसके विरुद्ध शिकायत किए जाने की बात पर उतावलेपन में व्यवहार किया गया। इस पर खरसिया पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर थाना लाया गया। इसके बाद थाना खरसिया में धारा 170 बीएनएसएस/126, 135(3) बीएनएसएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

*रायगढ़ पुलिस की अपील*

      *रायगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए हथियार अथवा हथियार जैसे दिखने वाले सामान का प्रदर्शन कर रील या वीडियो न बनाएं। ऐसे वीडियो से समाज में भय का वातावरण बन सकता है और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे पुलिस को वैधानिक कार्रवाई करनी पड़े।*

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पानी के छींटे से शुरू हुआ विवाद, पिस्टलनुमा हथियार से दो बार फायरिंग; एयरगन निकली तो भी पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का केस, आरोपी फरार

   *रायगढ़, 30 अगस्त 2026* । कल रात कोतरारोड थाना क्षेत्र में रिलायंस मार्ट के सामने सड़क पर पानी के छींटे पड़ने की बात को लेकर दो व्यक्तियों के बीच हुई मामूली कहासुनी उस समय गंभीर हो गई, जब एक व्यक्ति ने पिस्टलनुमा हथियार निकालकर फायर कर दिया। हालांकि घटनास्थल से मिले हथियार की जांच आर्म्स एक्सपर्ट से कराने पर उसके एयरगन पिस्टल होने की पुष्टि हुई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपित हत्या का प्रयास का अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

          जानकारी के अनुसार, रामबाग कोतरारोड निवासी खुशहाल अग्रवाल पिता अरूण अग्रवाल, उम्र 26 वर्ष ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रार्थी ने बताया कि वह कोतरारोड के पास पोहेवाला कैफे संचालित करता है। 29 अगस्त की रात करीब 8:45 बजे वह घर से पैदल कोल्ड ड्रिंक लेने निकला था। रिलायंस मार्ट के सामने मुख्य मार्ग पर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BC 6711 से जा रहे व्यक्ति ने उसके ऊपर सड़क का पानी छिटका दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई।

      प्रार्थी के मुताबिक, वाहन चालक वापस आया और गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने हाथापाई की तथा अपने पास रखे पिस्टलनुमा हथियार से खुशहाल के सिर को निशाना बनाकर दो बार फायर किया। खुशहाल नीचे बैठ गया, जिससे फायर की चपेट में आने से बच गया। इसके बाद आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से फरार हो गया।  प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मोटरसाइकिल चालक के विरुद्ध धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

*आर्म्स एक्सपर्ट की जांच में एयरगन पिस्टल निकला हथियार*

        घटना के बाद पुलिस ने मौके से मिले पिस्टलनुमा हथियार को आर्म्स एक्सपर्ट से परीक्षण कराया। जांच में यह एयरगन पिस्टल पाया गया, जिसमें सामान्य गोली के स्थान पर छर्रे का इस्तेमाल होता है। इस प्रकार की एयरगन/एयर पिस्टल बाजार में पक्षियों आदि को मारने के लिए उपलब्ध होती हैं और इनके सामान्य उपयोग के लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती। 

          मोटरसाइकिल के आधार पर आरोपी की पहचान, तलाश जारी पुलिस ने घटनास्थल, मोटरसाइकिल के दस्तावेज और गवाहों से पूछताछ के आधार पर आरोपी की पहचान हर्षवरन सिंह गोतरा पिता सुरेन्द्र मोहन सिंह, उम्र 44 वर्ष, निवासी जालंधर पंजाब, वर्तमान पता ग्राम तेंदूडिपा, कलमी, रायगढ़ के रूप में की है। आरोपी घटना के बाद से फरार है।

     एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर रायगढ़ पुलिस की टीमें आरोपी की पतासाजी में लगातार जुटी हुई हैं। पुलिस द्वारा उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* –

    *“भले ही एयरगन का सामान्य उपयोग लाइसेंस के दायरे में न आता हो, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को डराने-धमकाने, भय उत्पन्न करने, मारपीट करने या किसी आपराधिक कृत्य में किया जाता है, तो पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”*

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सरकारी योजनाओं का मिला साथ तो आधुनिक तकनीक से आसान हुई खेती, ड्रिप सिंचाई अपनाकर हीरामती यादव ने बढ़ाया उत्पादन और घटाई लागत

रायगढ़, 30 अगस्त 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। ग्राम जुनवानी की श्रीमती हीरामती यादव ने ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाकर खेती को आसान और लाभकारी बनाया है।
      देविका महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हीरामती यादव पहले साग-सब्जी की खेती करती थीं, लेकिन सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से पानी की कमी, अधिक मेहनत और अतिरिक्त लागत की समस्या रहती थी। कृषि एवं उद्यानिकी विकास योजनाओं के तहत ड्रिप सिंचाई प्रणाली मिलने के बाद उनकी यह समस्या काफी हद तक दूर हुई है। ड्रिप सिस्टम से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है। इससे पानी का बेहतर उपयोग होने के साथ सिंचाई में लगने वाला श्रम और लागत कम हुई है। अब हीरामती यादव अकेले ही अपने खेत की देखभाल कर लेती हैं। व्यवस्थित सिंचाई से साग-सब्जियों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार हुआ है, जिसका असर उनकी आमदनी पर पड़ा है।
       हीरामती यादव कहती हैं, “पहिले जब ड्रिप नई लगे रहीस, त पानी के भारी कमी होत रहीस। अब जब से ड्रिप मशीन लगिस हे, हमला सब सुविधा हो गिस हे। खेती-बारी अच्छा से हो जथे, जादा बूता भी नई लागे अउ अकेले ही पूरा खेत संभल जथे। हमर सरकार अउ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ल बहुत-बहुत धन्यवाद।” वे कहती है कि आधुनिक कृषि तकनीक और शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ मिलने से ग्रामीण महिलाओं के लिए खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बन सकती है। ड्रिप सिंचाई ने उनके खेत में पानी के बेहतर प्रबंधन के साथ खेती को आसान, व्यवस्थित और अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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खेल मैदान से राष्ट्रीय मंच तक पुसौर की बेटियों और युवाओं ने रचा गौरव का नया अध्याय, राष्ट्रीय ट्रैक एवं रोड साइक्लिंग में क्षेत्र का नाम किया रोशन

रायगढ़ 30 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पुसौर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लगभग 200 विद्यार्थियों के लिए विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना रहा।
        कार्यक्रम की शुरुआत महान भारतीय हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। भारतीय हॉकी में उनके योगदान और खेल के प्रति समर्पण, अनुशासन एवं प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्हें युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
        इस दौरान 100 मीटर एवं 400 मीटर दौड़, हॉकी और रस्साकशी सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा और टीम भावना का प्रदर्शन किया। हॉकी प्रतियोगिता में शासकीय UUCH माध्यमिक विद्यालय, रेंगालपाली विजेता रहा। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
        कार्यक्रम में पुसौर विकासखंड की अंतरा सारथी, मिहिर पटेल एवं तनिषा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। तीनों प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ट्रैक एवं रोड साइक्लिंग प्रतियोगिता में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर साइक्लिंग के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों से पुसौर का गौरव बढ़ाया है।
        कार्यक्रम में श्री सुभाष ठाकुर, एचओपी, एनटीपीसी लारा; श्री एम. श्रीनाथ, जीएम (ओएंडएम); श्री हेमंत पावगी, जीएम (प्रोजेक्ट्स); तथा श्री भुवनेश्वर पटेल, बीईओ, पुसौर सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
           उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों के उत्साह और खेल भावना की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं दृढ़ता के साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

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महुआ शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, दो मामलों में 14 लीटर शराब बरामद

     *रायगढ़, 29 अगस्त 2026* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत थाना भूपदेवपुर पुलिस ने अवैध  शराब के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में एक पुरुष एवं एक महिला आरोपी को पकड़ा है। दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 14 लीटर अवैध महुआ शराब तथा 300 रुपये बिक्री रकम बरामद कर जब्त की गई है।

             थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कौशिक के नेतृत्व में भूपदेवपुर पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में अवैध शराब की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ा।

*सिंधनपुर-बिलासपुर मेन रोड पर 10 लीटर महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार*

          पहली कार्रवाई में पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम सिंधनपुर से बिलासपुर की ओर जाने वाली मेन रोड पर एक व्यक्ति थैले में अवैध बिक्री के लिए महुआ शराब लेकर पैदल जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्ति को थैले सहित पकड़ लिया।

              पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जयकृष्ण तरिया पिता स्व. वासुदेव तरिया, उम्र 49 वर्ष, निवासी बिलासपुर, थाना भूपदेवपुर, जिला रायगढ़ बताया। उसके कब्जे में रखे थैले की तलाशी लेने पर प्लास्टिक जरीकेन, क्षमता 10 लीटर, में भरी हुई 10 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत करीब 1,000 रुपये है, बरामद हुई। पुलिस ने शराब को गवाहों के समक्ष विधिवत जब्त किया। आरोपी जयकृष्ण तरिया के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई तथा उसे गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है।

*बिलासपुर यात्री प्रतीक्षालय के पास महिला से अवैध महुआ शराब और बिक्री रकम बरामद*

          दूसरी कार्रवाई में भूपदेवपुर पुलिस ने ग्राम बिलासपुर यात्री प्रतीक्षालय के पास एक महिला को अवैध महुआ शराब के साथ पकड़ा। पुलिस ने मौके से नोनी बाई तिवारी, उम्र 47 वर्ष, निवासी बिलासपुर को पकड़ा।  महिला के कब्जे से 05 लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक जरीकेन में करीब 04 लीटर महुआ शराब, जिसकी कीमत लगभग 400 रुपये, बरामद हुई। इसके साथ ही शराब बिक्री से प्राप्त 300 रुपये नगद बिक्री रकम भी पुलिस ने जब्त की। महिला आरोपी के विरुद्ध थाना भूपदेवपुर में आबकारी एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

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अटल आरोग्य लैब बनी मरीजों की बड़ी राहत, दो माह में 6 हजार से अधिक मरीजों ने कराई जांच

रायगढ़, 29 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की अटल आरोग्य लैब योजना आम नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत किरोड़ीमल जिला चिकित्सालय, रायगढ़ में मरीजों को विभिन्न प्रकार की जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। बीते दो माह में यहां 6,044 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ लिया है, जबकि कुल 25,835 जांचें की जा चुकी हैं।
           जिला चिकित्सालय में स्थापित अटल आरोग्य लैब के माध्यम से 134 प्रकार की विभिन्न चिकित्सा जांचों की सुविधा उपलब्ध है। इससे मरीजों को महंगी जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी सेंटरों का सहारा लेने की आवश्यकता कम हुई है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सुविधा बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
           अटल आरोग्य लैब का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक एवं विश्वसनीय जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए आवश्यक जांच अपने ही जिले और नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में मिल सके। इससे ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
          योजना के तहत जांच प्रक्रिया को आधुनिक और सुविधाजनक बनाया गया है। जांच के बाद रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से मरीजों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। इससे मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल आने की परेशानी कम होती है और उपचार प्रक्रिया में भी तेजी आ रही है। अटल आरोग्य लैब के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में जांच सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को समय पर जांच, बेहतर उपचार और आर्थिक बचत का लाभ मिल रहा है।

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कच्चे मकान की टपकती छत, नमी और जहरीले जीव-जंतुओं के डर से मिली मुक्ति, प्रधानमंत्री आवास ने दूरपति राठिया के वर्षों पुराने पक्के घर के सपने को किया साकार

रायगढ़, 29 अगस्त 2026/ अपना घर होना हर व्यक्ति के जीवन का एक बड़ा सपना होता है। मेहनत-मजदूरी कर जीवन चलाने वाले परिवारों के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं होता। रोज की कमाई से परिवार की जरूरतें पूरी करना ही चुनौती हो, तो घर बनाने के लिए बचत कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में शासन की आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और पक्के आशियाने की उम्मीद को हकीकत में बदलने का माध्यम बन रही है। तमनार विकासखंड के ग्राम पंचायत महलोई की रहने वाली दूरपति राठिया भी ऐसे ही संघर्षपूर्ण जीवन से गुजरी हैं। विधवा एवं एकल महिला दूरपति मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती हैं। सीमित आमदनी में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही उनके लिए चुनौती थी। पक्का मकान बनाना उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर था। लंबे समय तक वह कच्चे मिट्टी के मकान में रहती थीं। बरसात का मौसम उनके लिए सबसे अधिक परेशानी लेकर आता था। बारिश में छत से पानी टपकता और घर के भीतर नमी व गंदगी फैल जाती थी। कच्ची दीवारों के कमजोर होने से गिरने का डर बना रहता था। ऐसे हालात में सुरक्षित छत की कमी हर समय महसूस होती थी। इन परिस्थितियों के बीच दूरपति मेहनत-मजदूरी करते हुए अपने पक्के घर की आस लगाए रहीं। उनका मानना था कि यदि कभी पक्का मकान मिल जाए तो बारिश और मौसम की परेशानियों से काफी राहत मिलेगी तथा वह सुरक्षित माहौल में अपना जीवन गुजार सकेंगी।
         दूरपति की यह उम्मीद प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से पूरी हुई। योजना के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत हुआ और निर्माण के लिए शासन से सहायता राशि प्राप्त हुई। इसके बाद उनके पक्के घर के निर्माण का रास्ता खुला और आखिरकार उनका वर्षों पुराना इंतजार खत्म हुआ। आज दूरपति अपने नए पक्के प्रधानमंत्री आवास में सुरक्षित जीवन बिता रही हैं। पक्के घर ने उनके जीवन में स्थायित्व के साथ आत्मविश्वास और सुकून भी बढ़ाया है। नए घर के सामने खड़ी दूरपति के चेहरे की खुशी उनके जीवन में आए इस बदलाव को साफ बयां करती है। जिन परिस्थितियों में पक्का घर उनके लिए केवल एक सपना था, आज वही सपना एक मजबूत और सुरक्षित आशियाने के रूप में उनके सामने है। प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का आधार बनी है।दूरपति राठिया ने पक्का आवास मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि अपने पक्के घर में रहना उनके लिए बेहद खुशी और सुकून का अनुभव है।

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बैंक पहुंचे रायगढ़ पुलिस के जवान, खाताधारकों को दी साइबर ठगी से बचने की सीख—UPI, OTP, PIN, QR कोड और संदिग्ध लिंक को लेकर किया अलर्ट

           *रायगढ़, 29 अगस्त 2026* । छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत 23 से 29 अगस्त तक अभियान के दूसरे सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी एवं UPI सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस की टीमों द्वारा जिले के विभिन्न बैंकों में पहुंचकर बैंकिंग कार्य के लिए आने वाले खाताधारकों, आम नागरिकों एवं बैंक कर्मचारियों को साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।

          इसी कड़ी में थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा थाना प्रभारी अमित तिवारी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न बैंकों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने कोटक महिंद्रा बैंक, यूको बैंक, ICICI बैंक, IDFC First Bank तथा पंजाब नेशनल बैंक मिलूपारा में पहुंचकर बैंकिंग कार्य के लिए आए नागरिकों एवं बैंककर्मियों से संवाद किया और उन्हें डिजिटल बैंकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

*UPI से पैसा भेजते समय बरतें विशेष सावधानी*

            पुलिस टीम ने नागरिकों को समझाया कि आज डिजिटल भुगतान हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन साइबर ठग इसी सुविधा का फायदा उठाकर लोगों के बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं। UPI PIN केवल भुगतान करने के लिए दर्ज किया जाता है, पैसा प्राप्त करने के लिए नहीं। यदि कोई व्यक्ति पैसा भेजने या रिफंड देने के नाम पर UPI PIN डालने, QR कोड स्कैन करने अथवा किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के लिए कहता है तो सावधान हो जाएं।

           किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन न करें। QR कोड स्कैन करने से आपके खाते से पैसा कट सकता है। इसी प्रकार किसी व्यक्ति द्वारा भेजे गए “Collect Request” या भुगतान अनुरोध को बिना जांचे स्वीकार न करें।

*OTP, UPI PIN, ATM PIN और CVV किसी से साझा न करें*

          जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि बैंक, पुलिस, RBI अथवा कोई भी अधिकृत संस्था बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड संबंधी गोपनीय जानकारी मांगता है तो ऐसी जानकारी बिल्कुल साझा न करें।

             साइबर ठग अक्सर बैंक खाता बंद होने, KYC अपडेट नहीं होने, क्रेडिट कार्ड बंद करने, बिजली बिल बकाया होने, SIM बंद होने अथवा खाते में संदिग्ध गतिविधि होने का डर दिखाकर लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते हैं। OTP और UPI PIN आपकी बैंकिंग सुरक्षा की चाबी हैं। इन्हें किसी के साथ साझा करना सीधे तौर पर खाते की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

*फर्जी कॉल और मैसेज से रहें सतर्क*

          पुलिस टीम ने नागरिकों को बताया कि साइबर ठग कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिस अधिकारी, कभी कस्टमर केयर कर्मचारी तो कभी सरकारी अधिकारी बनकर फोन करते हैं। बातचीत के दौरान वे डर पैदा करते हैं और तत्काल कार्रवाई के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने या मोबाइल पर प्राप्त OTP बताने का दबाव बनाते हैं। ऐसे किसी भी कॉल पर घबराएं नहीं। फोन काटें, संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर स्वयं संपर्क करें और सत्यापन के बाद ही कोई कदम उठाएं।

*KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी से बचें*

          साइबर ठग KYC अपडेट के नाम पर मोबाइल पर लिंक भेजते हैं और लिंक खोलकर व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी भरने को कहते हैं। कई बार मोबाइल में कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करवाकर खाते की जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि KYC अपडेट कराने के लिए किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, कोई संदिग्ध एप डाउनलोड न करें और स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस की अनुमति न दें।

*फर्जी कस्टमर केयर से भी रहें सावधान*

          साइबर ठगी का एक बड़ा तरीका फर्जी कस्टमर केयर नंबर के माध्यम से भी सामने आ रहा है। नागरिक किसी बैंक, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म या अन्य सेवा का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर खोजते हैं और फर्जी नंबर पर संपर्क कर बैठते हैं। इसके बाद ठग सहायता करने के नाम पर OTP, कार्ड डिटेल, UPI PIN अथवा स्क्रीन शेयर करने को कहते हैं। पुलिस ने सलाह दी कि किसी भी बैंक, एप या ऑनलाइन सेवा का हेल्पलाइन नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट अथवा आधिकारिक एप से ही प्राप्त करें।

*“डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराने वालों से बचें*

         जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस ने नागरिकों को यह भी बताया कि साइबर अपराधी वीडियो कॉल अथवा फोन के माध्यम से पुलिस, CBI, ED, TRAI या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और उनके विरुद्ध अपराध दर्ज होने अथवा गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” करके पैसे जमा कराने की कोई वैध पुलिस प्रक्रिया नहीं है। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल कॉल काटें और पुलिस को सूचना दें।

*संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है महंगा*

         पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि मोबाइल पर आने वाले आकर्षक ऑफर, इनाम, लॉटरी, नौकरी, कैशबैक, रिफंड, बैंक KYC अथवा डिलीवरी के नाम से भेजे गए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अनजान लिंक खोलने से पहले सोचें—किसने भेजा, क्यों भेजा और क्या यह वास्तव में आधिकारिक स्रोत है ? किसी लिंक की विश्वसनीयता स्पष्ट नहीं होने पर उसे न खोलना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

*सोशल मीडिया पर भी बरतें सावधानी*

           पुलिस ने नागरिकों को सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड रखने, दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) का उपयोग करने तथा अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट, मैसेज एवं वीडियो कॉल से सावधान रहने की सलाह दी। किसी भी व्यक्ति के साथ निजी फोटो, दस्तावेज, बैंक संबंधी जानकारी अथवा पहचान संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा न करने की अपील की गई।

*ठगी हो जाए तो चुप न रहें—तुरंत 1930 पर कॉल करें*

           पुलिस टीम ने नागरिकों को विशेष रूप से बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराएं नहीं और घटना को छिपाएं नहीं। ठगी होने के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही जल्दी संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से राशि को रोकने/होल्ड कराने की कार्रवाई का प्रयास किया जा सकता है। इसके लिए पीड़ित व्यक्ति को तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बैंक को तत्काल सूचित कर खाते/लेनदेन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करानी चाहिए तथा उपलब्ध स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, UPI ID, बैंक खाता विवरण, ट्रांजेक्शन आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए।

*रायगढ़ पुलिस की अपील—साइबर अपराध से बचने के लिए “रुकें, सोचें और फिर क्लिक करें”*

          रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल सुविधा का उपयोग करते समय थोड़ी सी सावधानी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

और भी

पत्नी की हत्या कर 4 महीने से तमिलनाडु में छिपा था आरोपी, गांव लौटते ही कापू पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा; ऑपरेशन क्लीन हंट में बड़ी सफलता

 रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में लंबित अपराधों के फरार आरोपियों एवं फरार वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कापू पुलिस को पत्नी की हत्या कर करीब चार माह से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की को फरार आरोपी के गांव आने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा को गिरफ्तार किया। आरोपी घटना के बाद से तमिलनाडु में फरारी काट रहा था।

???? *पत्नी की हत्या के बाद फरार हो गया था आरोपी*

       विदित हो कि थाना कापू में मर्ग क्रमांक 48/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत मृतिका ननकी बाई पहाड़ी कोरवा पति कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुड़ाआमा इंचपारा पेलमा की मृत्यु के संबंध में मर्ग जांच की जा रही थी।
     4 जून को घटना को लेकर मर्ग इंटिमेशन दर्ज किया गया, मर्ग जांच के दौरान मृतिका के पिता जीतन राम पहाड़ी कोरवा सहित प्रत्यक्षदर्शी एवं अन्य गवाहों के कथन लिए गए। गवाहों द्वारा बताया गया कि दिनांक 03 जून 2026 को मृतिका का पति आरोपी कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा अपनी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए इंचपारा से गुड़ाआमा की ओर ले जा रहा था। गाड़ा घुटरा जंगल-पहाड़ी रास्ते के पास आरोपी द्वारा मृतिका के साथ हाथ-मुक्का, डंडा एवं पत्थर से मारपीट की गई, जिससे उसके सिर, गाल, चेहरे, आंख, पीठ, जांघ एवं कोहनी में गंभीर चोटें आईं और उसकी मृत्यु हो गई।

???? *पीएम रिपोर्ट में मृत्यु हत्यात्मक प्रकृति की होना पाया गया*

      तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव ने मृतिका के शव का पंचनामा पश्चात पोस्टमार्टम हेतु सीएचसी कापू भेजा गया। प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा मृतिका की मृत्यु को हॉमिसाइडल एवं हत्यात्मक प्रकृति का होना लेख किया गया।

      मर्ग जांच में आरोपी कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा के विरुद्ध अपराध घटित करना पाए जाने पर  आरोपी के विरुद्ध थाना कापू में अपराध क्रमांक 88/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार था तथा उसके तमिलनाडु में होने की जानकारी पुलिस को मिल रही थी।

???? *ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत लगातार की जा रही थी फरार आरोपी की पतासाजी*

     एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले के फरार आरोपियों एवं फरार वारंटियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत थाना प्रभारियों को फरार आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।

      इसी क्रम में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की को सूचना मिली कि हत्या का फरार आरोपी कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा अपने गांव गुड़ाआमा इंचपारा पेलमा आया हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

???? *पूछताछ में पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया*

      पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना दिनांक को वह अपनी पत्नी ननकी बाई के साथ चावल खरीदने ग्राम घोघरा बाजार गया था। रास्ते में दोनों ने शराब का सेवन किया था। वापस घर आते समय गाड़ा घुटरा जंगल-पहाड़ी रास्ते के पास उसकी पत्नी नशे की हालत में रास्ते में सो गई। 

    आरोपी के अनुसार घर चलने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पत्नी के साथ हाथ-मुक्का एवं वहीं से लकड़ी डंडा उठाकर मारपीट की तथा पास पड़े पत्थर से उसके सिर पर बार-बार वार कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    आरोपी ने बताया कि घटना के बाद गिरफ्तारी के भय से वह तमिलनाडु फरार हो गया था तथा पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर रहा था। आरोपी के पास आधार कार्ड भी नहीं है।

???? *आरोपी की निशानदेही पर पत्थर एवं डंडा बरामद*

      कापू पुलिस द्वारा आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया गया। आरोपी की निशानदेही पर अपराध में प्रयुक्त पत्थर एवं डंडा बरामद कर जप्त किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

???? *फरार आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल टीम*

      एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, चौकी प्रभारी इगेश्वर यादव (तत्कालीन थाना प्रभारी कापू), प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, लक्ष्मी कैवर, आरक्षक कन्हैया भगत, संजीव पटेल, अमरदीप एक्का, विभूति सिंह एवं दिलीप तिर्की की अहम भूमिका रही है।

*गिरफ्तार आरोपी – कार्तिक राम पहाड़ी कोरवा पिता धनयुराम पहाड़ी 29 वर्ष, निवासी गुड़ाआमा इंचपारा पेलमा, थाना कापू, जिला रायगढ़* ।

*जप्ती – घटना में प्रयुक्त पत्थर एवं डंडा* ।

और भी

रायगढ़ में ‘अभियान संवेदना’ का बड़ा असर: महिला के घर में घुसकर छेड़खानी, मारपीट और अभद्रता के आरोप में सरपंच समेत 4 गिरफ्तार, सभी पहुंचे जेल

रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में महिला एवं नाबालिगों की सुरक्षा हेतु संचालित *“अभियान संवेदना”* के अंतर्गत चौकी जोबी पुलिस ने महिला के घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट, छेड़खानी एवं अभद्रता करने के मामले में ग्राम ओंगना के सरपंच अमित राठिया सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

     जानकारी के अनुसार, दिनांक 28 अगस्त 2026 को 50 वर्षीय महिला ने चौकी जोबी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 27 अगस्त 2026 की रात करीब 8 बजे वह अपने घर में थी। इसी दौरान अमित राठिया, अनिल कुमार राठिया निवासी आँगना थाना धरमजयगढ़ तथा धनसिंह राठिया एवं इगेन्द्र राठिया निवासी पुछियापाली चौकी जोबी वहां पहुंचे। आरोपियों ने पूर्व रंजिश को लेकर गाली-गलौज करते हुए महिला के साथ हाथ-मुक्का से मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।

 *महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उसकी इज्जत लेने के उद्देश्य से कपड़े खींचकर उतारने का प्रयास किया गया।* महिला किसी तरह भागकर गली में पहुंची, जहां आरोपी अनिल राठिया ने उसे पीछे से पकड़ लिया, जबकि अमित राठिया एवं धनसिंह राठिया उसके साथ मारपीट करते हुए कपड़े खींचने लगे। वहीं इगेन्द्र राठिया द्वारा मोबाइल से घटना का वीडियो बनाए जाने की बात भी महिला ने अपनी शिकायत में बताई। महिला की आवाज सुनकर बचाव के लिए पहुंचे ग्रामीणों के साथ भी आरोपियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप है।

     प्रार्थिया की रिपोर्ट पर चौकी जोबी, थाना खरसिया में आरोपियों अमित राठिया, अनिल कुमार राठिया, धनसिंह राठिया एवं इगेन्द्र राठिया के विरुद्ध *धारा 296, 351(3), 115(2), 76 एवं 3(5) बीएनएस* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लिया।

 पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं घटनास्थल से अपराध में प्रयुक्त *एचएफ डिलक्स एवं पल्सर मोटरसाइकिल* तथा घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने में प्रयुक्त *ओप्पो मोबाइल फोन* को जब्त किया है।

     विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी *अमित राठिया पिता बलदेव सिंह उम्र 36 वर्ष, अनिल कुमार राठिया पिता बलदेव सिंह उम्र 30 वर्ष, धनसिंह राठिया पिता जेठूराम उम्र 52 वर्ष एवं इगेन्द्र राठिया पिता धनसिंह उम्र 22 वर्ष* को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

 आरोपी अमित राठिया ग्राम ओंगना का सरपंच है। अन्य आरोपी भी ग्राम आँगना (धरमजयगढ़) एवं जोबी क्षेत्र के निवासी हैं।

     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में महिला संबंधी अपराधों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित पुलिस कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए जा रहे *‘अभियान संवेदना’* के तहत जोबी पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई।

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

 *"महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस की नीति स्पष्ट है—महिला संबंधी शिकायतों पर तत्काल, संवेदनशील और कानूनसम्मत कार्रवाई करते हुए अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

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