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छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर कलेक्टर की नजर, राजस्व अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण

रायगढ़, 27 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले के छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में राजस्व अधिकारियों ने मिरीगुड़ा, खम्हार एवं बाकारुमा स्थित प्री एवं पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावासों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों से संवाद कर भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली गई।
              मिरीगुड़ा एवं खम्हार छात्रावासों में विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता अच्छी होने तथा मेनू के अनुसार भोजन मिलने की जानकारी दी। स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पंखे एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों की मांग पर खेल सामग्री उपलब्ध कराने तथा मच्छरदानी के नियमित उपयोग के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने को कहा गया, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
          बाकारुमा छात्रावास में स्वच्छता, शौचालय एवं परिसर की प्रकाश व्यवस्था को और  सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। वहीं खम्हार में निर्माणाधीन स्मार्ट क्लास का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के लिए आवश्यक पहल करने को कहा गया। निरीक्षण का उद्देश्य छात्रावासों में सुविधाओं का सतत उन्नयन और विद्यार्थियों के लिए बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करना रहा।

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कृष्ण जन्माष्टमी और 41वें चक्रधर समारोह को लेकर प्रशासन-पुलिस अलर्ट, सुरक्षा से लेकर यातायात तक बनेगी पुख्ता व्यवस्था

रायगढ़, 27 अगस्त 2026/ आगामी कृष्ण जन्माष्टमी एवं जिले के प्रतिष्ठित 41वें चक्रधर समारोह के दौरान जिले में कानून व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा शहर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं एसएसपी के निर्देशानुसार  आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। जिसमें दोनों प्रमुख आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थलों के चयन, मार्ग व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
            बैठक में बताया गया कि आगामी 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। रायगढ़ शहर सहित जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, दर्शन, दही हांडी, शोभायात्रा सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। रायगढ़ शहर में सुभाष चौक में दही हांडी पर्व के साथ गौरीशंकर मंदिर एवं अग्रोहा धाम में भी भव्य आयोजन प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
           बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ आयोजन समितियों तथा शांति समितियों की बैठक आयोजित करें। स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन स्थलों, शोभायात्रा के मार्ग, भीड़ की स्थिति, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूर्ण श्रद्धा, भाईचारे, आपसी सौहार्द एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। 41वें चक्रधर समारोह को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। आगामी 14 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस समारोह में देश-प्रदेश के ख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ बड़ी संख्या में दर्शकों के शामिल होने की संभावना है। रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले समारोह के दौरान शहर में यातायात का दबाव बढ़ने को देखते हुए वाहनों के सुगम आवागमन, पार्किंग व्यवस्था, वैकल्पिक मार्गों, प्रवेश एवं निकासी मार्ग तथा आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन की कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की गई।
           अधिकारियों ने कहा कि दोनों आयोजनों के दौरान आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन, पुलिस एवं यातायात विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, पार्किंग स्थलों की व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजन समितियों को भी प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित सुरक्षा एवं यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दोनों आयोजनों के लिए आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूरी करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे जिले की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और उत्सव की गरिमा के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा भी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।

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रायगढ़ में शौर्य और पराक्रम की गाथा को सहेजेगा सिंदूर पार्क, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया निरीक्षण, सुविधाओं के विस्तार और ऑपरेशन सिंदूर की स्मृतियों को स्थायी रूप से संजोने दिए निर्देश

रायगढ़, 27 अगस्त 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने बुधवार को रायगढ़ स्थित सिंदूर पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्क में अब तक किए गए निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए इसके बेहतर संचालन तथा आम नागरिकों के लिए सुविधाओं के विस्तार के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने सिंदूर पार्क परिसर में ध्वजारोहण के लिए स्थल विकसित करने तथा ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को स्थायी रूप से प्रदर्शित करने के लिए शिलालेख लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में पौधरोपण, घास एवं हरित क्षेत्र विकसित करने के साथ ही आम नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया।
           वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, साहस और पराक्रम का महत्वपूर्ण प्रतीक है। पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवादी ठिकानों के विरुद्ध यह कार्रवाई की थी। रायगढ़ में विकसित किया जा रहा सिंदूर पार्क इसी वीरता और पराक्रम की स्मृति को जनमानस से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने पार्क के विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने और परिसर को आकर्षक स्वरूप देने के निर्देश दिए, ताकि यह वीर जवानों के शौर्य को नमन करने के साथ-साथ शहरवासियों के लिए उपयोगी एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हो सके। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, पार्षदगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ शहर में विकास की रफ्तार तेज, 79.17 लाख से बनेगी नाली-पुलिया—ओ.पी. चौधरी ने किया शिलान्यास

रायगढ़, 28 अगस्त 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ शहर के विकास के लिए जरूरी अधोसंरचना कार्यों को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करना शासन की प्राथमिकता है। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने बुधवार को रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 34 नवापारा में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आरसीसी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि नवापारा में नाली निर्माण से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था और बेहतर होगी तथा नागरिकों को सुविधा मिलेगी।
          ऑक्सीजोन के पीछे स्थित पुराने नाले के संधारण एवं निर्माण से शुरू होने वाला यह कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 14.48 लाख रुपये की लागत से मनोज के घर से मनबोध के घर तक पुराने नाले का संधारण एवं निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में 47.79 लाख रुपये की लागत से मनोज के घर से एनएच स्थित पुल तक नाला निर्माण होगा। तीसरे चरण में वार्ड क्रमांक 33 में बाबूलाल के घर से चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज तक 16.90 लाख रुपये की लागत से नाला एवं पुलिया निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार तीनों चरणों में कुल 79.17 लाख रुपये की लागत से नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य कराया जाएगा। कार्य पूर्ण होने से क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को आवागमन में भी सुविधा होगी। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री उमेश अग्रवाल, श्री सुरेश गोयल, पार्षदगण, अन्य जनप्रतिनिधि, संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

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खरसिया में अब एक छत के नीचे मिलेंगी प्रशासनिक और नागरिक सेवाएं, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आधुनिक संयुक्त तहसील भवन का किया लोकार्पण, विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए अतिरिक्त देने की घोषणा

रायगढ़, 28 अगस्त 2026/ खरसिया के नागरिकों को आधुनिक प्रशासनिक सुविधाओं की बड़ी सौगात मिली। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने बुधवार को खरसिया के नवनिर्मित संयुक्त तहसील भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के समक्ष दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम् और राजगीत के साथ हुआ। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अशोक का पौधा भी रोपा। नवनिर्मित तहसील भवन 2 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से पूर्ण हुआ है। दो मंजिला इस भवन में तहसील प्रशासन से जुड़े विभिन्न कार्यालय, न्यायालय कक्ष और नागरिक सेवाओं की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे खरसिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। मौके पर कर्मा दलों ने वित्त मंत्री का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया।

*एक ही परिसर में मिलेंगी प्रमुख प्रशासनिक सुविधाएं*

भवन में एसडीएम एवं तहसीलदार न्यायालय और कार्यालय, नायब तहसीलदार कक्ष, कानूनगो शाखा, भू-अर्जन शाखा, निर्वाचन शाखा, भुइयां शाखा, अभिलेखागार, केंद्रीय रिकॉर्ड रूम, सेवा सेतुध्लोक सेवा केंद्र, ट्रेजरी कार्यालय, सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, खाद्य निरीक्षक एवं आपदा प्रबंधन कक्ष सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा मीटिंग हॉल, निर्वाचन स्ट्रांग रूम, ट्रेजरी स्ट्रांग रूम और अधिवक्ताओं के लिए कक्ष की भी व्यवस्था है। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रैम्प तथा महिला एवं पुरुष प्रसाधन की व्यवस्था भी की गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि नए तहसील भवन के निर्माण से हजारों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और पत्रकारों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

*जनता के जीवन में बदलाव लाने वाला काम होना चाहिए*

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि ऐसे काम करना होना चाहिए, जिनसे जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव आए। उन्होंने कहा कि खरसिया में विकास कार्यों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने खरसिया क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था/स्वीकृति कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर प्राथमिकता वाले कार्य तय किए जाएंगे, ताकि खरसिया में और बेहतर विकास कार्य किए जा सकें। वित्त मंत्री ने खरसिया के निर्माणाधीन आरओबी को भी महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि लगभग 67 करोड़ रुपए की लागत वाले आरओबी का निर्माण पूर्ण कराकर जनता को उसके उपयोग की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जनता के हित में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने खरसिया में नगरपालिका द्वारा किए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, यूथ कॉम्प्लेक्स और अन्य विकास कार्यों की भी सराहना की। साथ ही कुसमुरा में कॉलेज भवन के निर्माण कार्य को पूर्ण कराकर लोकार्पण कराने की बात कही।

*सांसद ने कहा-न्याय और सुविधाओं की राह होगी आसान*

रायगढ़ लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने नए तहसील भवन के लिए वित्त मंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खरसिया में आम जनता के लिए इतना व्यवस्थित और आधुनिक तहसील कार्यालय उपलब्ध होना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए भवन से लोगों के प्रशासनिक एवं राजस्व संबंधी कार्य अधिक सुगमता से होंगे और उन्हें बेहतर न्याय एवं सेवाएं मिलेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवीन्द्र गबेल ने नए तहसील भवन के लोकार्पण पर क्षेत्र की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। नगर पालिका अध्यक्ष श्री कमल गर्ग ने इसे खरसिया के लिए उत्सव का दिन बताते हुए कहा कि नए भवन से पिछले वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक कार्यालय की असुविधाएं दूर होंगी। उन्होंने खरसिया में आरओबी, नालंदा परिसर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और यूथ कॉम्प्लेक्स सहित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख किया।

*अधिवक्ता संघ ने किया स्वागत*

खरसिया अधिवक्ता संघ द्वारा भी वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का स्वागत किया गया। संघ ने कहा कि आधुनिक और सुव्यवस्थित तहसील भवन मिलने से अधिवक्ताओं के साथ-साथ राजस्व एवं न्यायालयीन कार्यों के लिए आने वाले नागरिकों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। संघ ने भवन के लिए वित्त मंत्री एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी दिलीप राठिया, जनपद पंचायत सदस्य श्री बलदेव कुर्रे, श्रीमती सतबाई छोटेलाल, गिरधर गुप्ता, गोपाल शर्मा, महेश साहू, डॉ. हितेश गबेल, सनत नायक, विजय शर्मा, एसडीएम श्री प्रवीण भगत सहित जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में एसडीएम खरसिया द्वारा अतिथियों एवं उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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विष्णु के सुशासन में रायगढ़ की महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की नई उड़ान, बिहान से जुड़कर गायत्री सिंह सिदार ने खड़ी की अपनी आजीविका की मजबूत राह

रायगढ़, 28 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाओं का असर अब गांव-गांव दिखाई दे रहा है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के बड़ेगुड़ा की श्रीमती गायत्री सिंह सिदार ऐसी ही महिला हैं, जिन्होंने बिहान से जुड़कर न केवल अपने जीवन में बदलाव लाया, बल्कि विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है। गायत्री सिंह सिदार स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। बिहान के माध्यम से उन्हें आईएफ एवं सीआईएफ जैसी वित्तीय सहायता का लाभ मिला, जिसका उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका शुरू करने में किया। उन्होंने ‘श्रृंगारिका’ दुकान, सीएससी सेंटर और सिलाई की दुकान शुरू की। इन गतिविधियों से उन्हें अब प्रतिमाह करीब 9 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है।

*घर की चारदीवारी से बाहर निकलीं, बढ़ा आत्मविश्वास*

गायत्री बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। वे मुख्य रूप से घर-गृहस्थी तक सीमित थीं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला और उनका आत्मविश्वास बढ़ा। अब वे स्वयं अपने व्यवसाय का संचालन करती हैं और आवश्यक कार्यों के लिए बाहर आना-जाना तथा विभिन्न लोगों से संपर्क करना सहजता से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बढ़ी हुई आय का सकारात्मक असर परिवार पर भी पड़ा है। बच्चों की पढ़ाई बेहतर ढंग से चल रही है और घर-गृहस्थी की आवश्यकताओं को पूरा करने में भी आर्थिक सहयोग मिल रहा है।

*योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ने का संदेश*

गायत्री सिंह सिदार ने बिहान से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उनका कहना है कि यदि महिलाएं समूह से जुड़कर प्रशिक्षण, ऋण एवं अन्य सहायता का सही उपयोग करें तो वे स्वयं की आजीविका शुरू कर सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

*महतारी वंदन की 31वीं किस्त से बढ़ी खुशियां*

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि मिलने पर जिले की महिलाओं ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। गायत्री सिंह सिदार ने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को अपनी जरूरतों के साथ परिवार के खर्च में सहयोग करने का संबल मिलता है। रक्षाबंधन के पर्व से पहले राशि मिलने से बहनों की खुशियां भी बढ़ी हैं।

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फर्जी बैंक अधिकारी बनकर आए कॉल तो रहें सावधान! कोतरारोड़ पुलिस ने कोटवारों को बताए साइबर ठगी से बचने के तरीके

, रायगढ़* । छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशवासियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 23 से 29 अगस्त तक द्वितीय सप्ताह में वित्तीय धोखाधड़ी एवं UPI सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

     इसी क्रम में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह द्वारा थाना क्षेत्र के ग्राम कोटवारों को थाना आहूत कर साइबर अपराध एवं उससे बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने कोटवारों को गांव-गांव तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की अपील की, ताकि ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखा जा सके।

*कोटवारों को दिए गए महत्वपूर्ण सुरक्षा संदेश*
 
         थाना प्रभारी द्वारा ग्राम कोटवारों को समझाइश दी गई कि वित्तीय लेनदेन करते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।
• OTP, ATM PIN, UPI PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी से भी साझा न करें।
• फोन पर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या किसी अन्य संस्था का कर्मचारी बनकर जानकारी मांगने वालों से सतर्क रहें।
• फर्जी कॉल, मैसेज एवं संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
• किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें।
• सुरक्षित बैंकिंग एवं राशि निकासी के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
• किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
• गांव में आयोजित होने वाली बैठकों एवं जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने कोटवारों से कहा कि वे गांवों में पुलिस और आमजन के 
          बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हुए साइबर ठगी से बचाव का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। समय रहते सावधानी बरतना ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

*रायगढ़ पुलिस की अपील* :

           *“सावधानी ही सुरक्षा है—OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।”*

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सब्जी नहीं बनाई तो पत्नी की कर दी हत्या! गला दबाकर शव जलाया, हड्डियां दफन कर पति ने दर्ज कराई गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट—DNA रिपोर्ट ने खोला अंधे कत्ल का राज

, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में कापू पुलिस ने हत्या के एक पेचीदा मामले को सुलझाते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया, हड्डियों के अवशेषों को जमीन में दबा दिया और इसके बाद थाने पहुंचकर पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।

         पुलिस की बारीकी से की गई जांच, संदेह के आधार पर पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले का सच सामने आया। बरामद हड्डियों के अवशेष का डीएनए परीक्षण कराया गया, जिसमें मृतिका की पहचान गुम महिला चमेली सिदार उम्र 26 वर्ष के रूप में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

*गुमशुदगी की रिपोर्ट ने ही खोला हत्या का रास्ता*

     जानकारी के अनुसार दिनांक 28 अप्रैल 2026 को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार पिता मनबोध राम उम्र 39 वर्ष थाना कापू पहुंचा और अपनी पत्नी चमेली सिदार के दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात्रि करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।

        तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान महिला के पति देवानंद सिदार के बयानों एवं उसके व्यवहार में पुलिस को विरोधाभास नजर आया। पुलिस ने गुम महिला के परिजनों एवं अन्य लोगों से बारीकी से पूछताछ की, जिसके बाद संदेह की दिशा महिला के पति की ओर मजबूत होती गई।

       जांच में सामने आया कि चमेली कहीं गुम नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई थी और हत्या के बाद आरोपी पति ने पूरे मामले को गुमशुदगी का रूप देने का प्रयास किया था।

*चार साल पहले प्रेम विवाह, नहीं थी कोई संतान*

      मृतिका के पिता बालसाय सिदार उम्र 65 वर्ष निवासी मिर्जापुर (मक्कापुर), थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार वर्ष पूर्व प्रेम संबंध के चलते देवानंद सिदार उसे अपने साथ कुमा ले गया था और पत्नी के रूप में साथ रखता था। दोनों की कोई संतान नहीं थी।

       परिजनों के अनुसार घटना के बाद दिनांक 18 अप्रैल 2026 को देवानंद उनके घर मक्कापुर आया और चमेली के वहां आने के संबंध में पूछताछ की थी। परिवार ने जब बताया कि चमेली वहां नहीं आई है तो वह वापस चला गया।

       इसके बाद दिनांक 28 अप्रैल 2026 को एक अन्य स्थान पर दशकर्म कार्यक्रम के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि चमेली की हत्या कर उसके पति ने शव जला दिया है। परिजन तत्काल कुमा स्थित देवानंद के घर पहुंचे और उससे पूछताछ की।

*“सब्जी नहीं बनाई” तो गुस्से में पत्नी की हत्या*

      पूछताछ में आरोपी देवानंद ने पुलिस एवं परिजनों के समक्ष बताया कि दिनांक 16 अप्रैल 2026 की रात भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर पत्नी चमेली से उसका विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली के गले को मरोड़कर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

     हत्या के बाद आरोपी ने घटना का राज छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाया और हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

*वैज्ञानिक जांच ने खोला पूरा राज*

  मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मर्ग क्रमांक 45/2026, धारा 194 BNSS के तहत जांच प्रारंभ की गई। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण मं  तत्कालीन थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा शव उत्खनन की विधिवत अनुमति प्राप्त कर एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद कर विधिवत जप्त किए गए।

    मृतिका के शव के अवशेषों का पंचनामा, बरामदगी एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के साथ डॉक्टर द्वारा प्रिजर्व किए गए हड्डी के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया।

      डीएनए रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य से हत्या की पुष्टि होने के बाद दिनांक 23 अगस्त 2026 को आरोपी देवानंद सिदार के विरुद्ध थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026, धारा 103(1), 238(ए) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

*तीन दिन गांव से बाहर कैम्प कर पुलिस ने दबोचा आरोपी*

       अपराध दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया।

         आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैम्प कर मुखबिर तंत्र सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या का अपराध स्वीकार किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

*इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका*

          वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव (तत्कालीन थाना प्रभारी कापू), प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी कैवर्त, आरक्षक विभूति सिंह, आरक्षक संजीव पटेल, विनय कुमार  एक्का, दिलीप तिर्की एवं आरक्षक अमरदीप एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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“एक शाम राखी के नाम” में दिखा भाई-बहन के रिश्ते का अनोखा रंग, पुलिसकर्मियों को राखी बांध बहनों ने जताया विश्वास, एसएसपी शशि मोहन सिंह बोले—महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

रायगढ़, 26 अगस्त 2026* । रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर रायगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में आज स्नेह, सम्मान और विश्वास से सराबोर कार्यक्रम “एक शाम राखी के नाम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लायंस क्लब प्राइड की बहनों ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और मजबूत किया। इस आत्मीय अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनकी सुरक्षा और सम्मान के प्रति सदैव तत्पर रहने का संकल्प व्यक्त किया।

         कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी ट्रैफिक श्री पुष्पेंद्र बघेल, डीएसपी श्रीमति उन्नति ठाकुर, श्री एस.एन. सिंह तथा पुलिस अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। लायंस क्लब प्राइड की बहनों द्वारा पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधने का दृश्य भावुक और आत्मीय रहा। पुलिस परिवार ने भी बहनों का सम्मान करते हुए इस रिश्ते को केवल एक पर्व तक सीमित न रखते हुए समाज में सुरक्षा, विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

*“महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता” — एसएसपी शशि मोहन सिंह*

           इस अवसर पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का यह पर्व हमें सुरक्षा और विश्वास के उस रिश्ते की याद दिलाता है, जिसे पुलिस हर परिस्थिति में निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

         उन्होंने बताया कि महिलाओं और बच्चों को उनकी समस्याओं के समाधान तथा आवश्यक मार्गदर्शन के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा “हैलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 94792705 जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा मार्गदर्शन के लिए महिलाएं और बच्चे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल एवं शिकायतों की जांच महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाती है, ताकि पीड़ितों को संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

          एसएसपी श्री सिंह ने कहा कि रायगढ़ की संस्कृति और यहां के लोगों का अपनापन वास्तव में प्रभावित करने वाला है। जिले की जनता का प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस के साथ बेहतर तालमेल और जुड़ाव है। पुलिस प्रशासन द्वारा किए जाने वाले विभिन्न जनहित के कार्यों में जिलेवासी बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।

         उन्होंने कहा कि जब जनता इस तरह की पवित्र भावना और विश्वास के साथ पुलिस के कार्यों में सहयोग करती है, तो पुलिस विभाग को और बेहतर कार्य करने की ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस आने वाले दिनों में भी “सेवा, सुरक्षा और समर्पण” की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का और बेहतर ढंग से निर्वहन करेगी।

             उन्होंने रायगढ़ जिलेवासियों को आश्वस्त किया कि रायगढ़ पुलिस जनता की सुरक्षा, सम्मान और विश्वास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

*लायंस क्लब प्राइड की बहनों ने पुलिस भाइयों को बांधी राखी*

       कार्यक्रम में डॉ. सविता साव, प्रेसिडेंट लायंस क्लब प्राइड, मनीषा वर्मा (कोषाध्यक्ष), आशा बेरीवाल, चंपा अग्रवाल, शिखा खजांची, डॉ. प्रियंका सक्सेना, रानू पटेल, भावना पुलस्तिया, रितु तायल, मंजू डालमिया, निर्मला बेरीवाल, तान्या साव, दीपिका साव एवं चरंजीत घई ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को रक्षा सूत्र बांधा।

           “एक शाम राखी के नाम” कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को एक नई भावनात्मक गरिमा प्रदान की। राखी के इस पवित्र धागे में जहां बहनों का स्नेह और विश्वास था, वहीं पुलिस भाइयों के संकल्प में सुरक्षा, सम्मान और सेवा की भावना दिखाई दी। यह आयोजन पुलिस और आमजन के बीच मजबूत होते आत्मीय संबंधों का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।

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सड़क हादसे के बाद इलाज में आर्थिक परेशानी नहीं बनेगी बाधा, पीएम राहत योजना से पीड़ितों को मिलेगा डेढ़ लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार

रायगढ़, 26 अगस्त 2026/ जिले में पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिल्पा भगत ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सड़क दुर्घटना के प्रत्येक प्रकरण को टीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए।
          डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार सरकारी एवं चिन्हित निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना के समय पीड़ित, राहगीर अथवा कोई अन्य व्यक्ति 112 पर कॉल कर एम्बुलेंस एवं निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी प्राप्त कर सकता है। डिप्टी कलेक्टर ने बताया कि टीएमएस पोर्टल के माध्यम से अस्पतालों द्वारा पीड़ित का पंजीयन एवं उपचार संबंधी क्लेम ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। यह प्रक्रिया ई-डीएआर पोर्टल से भी जुड़ी है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना पीड़ित आर्थिक कठिनाई के कारण जीवनरक्षक उपचार से वंचित न हो और उसे समय पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिले में योजना का अनिवार्य रूप से उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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अब कागजों में दर्ज हुआ ग्रामीणों का आशियाना और मालिकाना हक, स्वामित्व योजना से रायगढ़ के हजारों परिवारों को मिली संपत्ति की मजबूत पहचान

रायगढ़, 26 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का विधिवत अधिकार दिलाने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के माध्यम से वर्षों से आबादी भूमि पर अपने मकान और परिसंपत्तियां बनाकर रह रहे ग्रामीणों को अब उनकी संपत्ति का विधिवत प्रमाणिक अभिलेख मिल रहा है। जिले में अब तक 19 हजार 917 हितग्राहियों को उनके मकानों एवं परिसंपत्तियों का स्वामित्व प्रमाण-पत्र अर्थात अधिकार अभिलेख वितरित किया जा चुका है। अधिकार अभिलेख हाथ में आने के साथ ग्रामीणों में अपनी संपत्ति को लेकर सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है तथा योजना को लेकर गांवों में अभूतपूर्व उत्साह भी देखा जा रहा है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले के 884 ग्रामों की आबादी भूमि का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कराया गया है। इनमें से भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा 774 ग्रामों के नक्शे एवं अधिकार अभिलेख जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुके हैं। इसके पश्चात 384 ग्रामों में ग्रामीणों को अधिकार अभिलेख वितरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया ग्रामीणों की संपत्तियों का वैज्ञानिक, पारदर्शी और सटीक अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
जिले में अब तक तहसीलवार कापू में 2,218, खरसिया में 701, घरघोड़ा में 6,468, छाल में 1,282, तमनार में 1,570, धरमजयगढ़ में 1,004, पुसौर में 2,702, मुकडेगा में 1,117, रायगढ़ में 1,159 तथा लैलूंगा में 1,696 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं। इस तरह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अधिकारों को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य के लिए एक व्यवस्थित संपत्ति अभिलेख तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


*क्या है स्वामित्व योजना*


स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी भूमि में स्थित मकानों एवं अन्य परिसंपत्तियों का जीआईएस आधारित सर्वेक्षण तथा ड्रोन से भू-मापन किया जाता है। सर्वेक्षण के आधार पर प्रत्येक संपत्ति की स्थिति, सीमा और क्षेत्रफल का निर्धारण कर स्वामित्व प्रमाण-पत्र यानी अधिकार अभिलेख तैयार किया जाता है। ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण का कार्य राजस्व विभाग एवं भारतीय सर्वेक्षण विभाग, देहरादून द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
इस व्यवस्था से गांवों में स्थित निजी और सार्वजनिक संपत्तियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा। संपत्ति की सीमा और क्षेत्रफल स्पष्ट होने से भविष्य में निजी संपत्ति से जुड़े विवादों में कमी आने की उम्मीद है। वहीं रास्ते, ग्राम पंचायत की खुली भूमि, नाले, तालाब और सरोवर जैसी सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों की सीमाएं भी स्पष्ट होंगी, जिससे इनके संरक्षण और रखरखाव में ग्राम पंचायतों को सुविधा मिलेगी।

*ग्रामीणों के लिए अधिकार अभिलेख बना उपयोगी दस्तावेज*

अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का प्रमाणिक और व्यवस्थित रिकॉर्ड प्राप्त हो रहा है। संपत्ति का स्वामित्व प्रमाण-पत्र उपलब्ध होने से आवश्यकता पड़ने पर मकान अथवा संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान हो सकेगी। ड्रोन तकनीक से किए जा रहे सर्वेक्षण के कारण संपत्तियों का मापन और अभिलेख निर्माण अपेक्षाकृत कम समय में अधिक सटीकता के साथ किया जा रहा है।
इसके साथ ही संपत्ति रजिस्टर तैयार होने से ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में संपत्ति धारकों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय स्तर पर विकास योजनाएं तैयार करने, सार्वजनिक सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने और ग्राम विकास की प्राथमिकताएं तय करने में भी मदद मिलेगी।
स्वामित्व योजना ग्रामीणों के लिए केवल संपत्ति का दस्तावेज प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके वर्षों के वास्तविक निवास और संपत्ति पर अधिकार को एक प्रमाणिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यही वजह है कि जब अधिकार अभिलेख ग्रामीणों के हाथों में पहुंच रहा है, तो उनके चेहरे पर अपनी संपत्ति के सुरक्षित और विधिवत दर्ज होने का संतोष दिखाई दे रहा है।

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राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार,महतारी वंदन योजना से जिले की 2 लाख 94 हजार से अधिक महिलाओं को मिली रक्षाबंधन की सौगात

रायगढ़, 26 अगस्त 2026। रक्षाबंधन से पहले जिले की 2 लाख 94 हजार से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में आर्थिक संबल मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह से प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री द्वारा रिमोट का बटन दबाते ही हितग्राही महिलाओं के मोबाइल पर राशि अंतरण के संदेश पहुंचने लगे। इस अवसर पर रायगढ़ जिले की ई-केवाईसी पूर्ण कर चुकी 2 लाख 94 हजार 773 महिलाओं के खातों में 27 करोड़ 4 लाख 49 हजार रुपये की राशि अंतरित हुई। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों के साथ पर्व की तैयारियां भी आत्मसम्मान के साथ कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे की मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

*“राखी के पहले राशि मिली, अब किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं”*

जिले के ग्राम बड़ेगुंडा की मालती सिदार ने बताया कि घर निर्माण का काम चल रहा है, जिसमें काफी खर्च हो रहा है। ऐसे समय में रक्षाबंधन से पहले खाते में किस्त आने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व खुशी से मना सकेंगी। महलोई की मंजरी गुप्ता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से महिलाओं को पर्व की जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

*आर्थिक संबल से बढ़ रहा आत्मविश्वास*

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना की नियमित सहायता महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार भी बन रही है। योजना की राशि से महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ परिवार से जुड़े छोटे-बड़े खर्चों में योगदान दे पा रही हैं। इससे उनमें निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है और दूसरों पर आर्थिक निर्भरता कम हुई है। रक्षाबंधन से पहले मिली 31वीं किस्त ने जिले की हजारों महिलाओं की खुशियों को और बढ़ाया है। उनके लिए यह राशि केवल खाते में पहुंची आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का संबल है।

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रायगढ़ में माताओं के लिए सरकार का बड़ा संबल—प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 27 हजार से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित, 4,432 नई एंट्री से बढ़ा योजना का दायरा

रायगढ़, 26 अगस्त 2026/ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल तथा मातृत्व संबंधी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ रायगढ़ जिले की महिलाओं को लगातार मिल रहा है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र महिलाओं को इसका लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2023-24 से जिले में अब तक 27 हजार 49 महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है। साथ ही वर्तमान में 18 अगस्त 2026 तक 4432 महिलाओं की नई एन्ट्री की गई है।  

*प्रथम संतान पर 5 हजार, दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये*

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के लिए कुल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें प्रथम किस्त के रूप में 3 हजार रुपये तथा द्वितीय किस्त के रूप में 2 हजार रुपये का प्रावधान है। वहीं द्वितीय संतान बालिका होने पर एकमुश्त 6 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने तथा प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहयोग देना है। योजना का लाभ पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से सीधे पहुंचाया जाता है। इससे लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और योजना की राशि पारदर्शी तरीके से सीधे उनके खाते में पहुंचे।

*4,432 महिलाओं की हुई नई एंट्री, खरसिया में सर्वाधिक 607*

महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त 2026 तक रायगढ़ जिले में कुल 4,432 महिलाओं की योजना के तहत नई एंट्री की जा चुकी है। जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में महिलाओं को योजना से जोड़ने का कार्य लगातार जारी है। क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार धरमजयगढ़ में 528, घरघोड़ा में 342, रायगढ़ शहरी में 500, कापू में 378, खरसिया में 607, लैलूंगा में 288, मुकडेगा में 237, पुसौर में 495, रायगढ़ ग्रामीण में 600 तथा तमनार में 457 महिलाओं की एंट्री की गई है। इन आंकड़ों में खरसिया 607 महिलाओं की एंट्री के साथ सबसे आगे है। इसके बाद रायगढ़ ग्रामीण में 600, धरमजयगढ़ में 528, रायगढ़ शहरी में 500 और पुसौर में 495 महिलाओं की एंट्री हुई है। इसी तरह तमनार में 457, कापू में 378, घरघोड़ा में 342, लैलूंगा में 288 और मुकडेगा में 237 महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है। जिसमें प्रथम संतान वाली 3324 एवं द्वितीय संतान वाली 1108 महिला शामिल है। इस योजना का लाभ लेने के लिए रायगढ़ जिले की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को भारी उत्साह भी देखे जा रहे है। जिसके परिणाम मूलक प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति विश्वास बढ़ता दिखाई दे रहा है। 

*इन महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ*

योजना के तहत निर्धारित पात्रता के अनुसार ऐसी महिलाओं को लाभ दिया जाता है जो निर्धारित श्रेणियों में आती हैं। इनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं, गरीबी रेखा से नीचे राशन कार्ड धारक, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी, ई-श्रम कार्ड धारक, किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान, मनरेगा जॉब कार्ड धारक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशन कार्ड धारक तथा 8 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा गर्भवती एवं धात्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका तथा आशा कार्यकर्ता भी निर्धारित पात्रता के अनुसार योजना का लाभ ले सकती हैं।

*पात्रता के लिए जरूरी दस्तावेज*

योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता से संबंधित निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक है। इनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का राशन कार्ड, गरीबी रेखा से नीचे का राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड, ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि प्रमाण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण संबंधी दस्तावेज शामिल हैं। लाभार्थी को योजना की प्रक्रिया के अनुसार आधार कार्ड अथवा आधार संख्या, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि, बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना एवं राष्ट्रीय भुगतान निगम से जुड़ा होना तथा लाभार्थी का चेहरा पहचान सत्यापन जैसी जानकारियां एवं दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होते हैं।

*पहली और दूसरी किस्त के लिए अलग-अलग प्रक्रिया*

प्रथम जीवित संतान के लिए पहली किस्त प्राप्त करने हेतु आधार कार्ड अथवा आधार संख्या, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि, आधार से जुड़ा एवं राष्ट्रीय भुगतान निगम से संबद्ध बैंक खाता तथा लाभार्थी का चेहरा पहचान सत्यापन आवश्यक है। दूसरी किस्त के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र एवं माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड के अनुसार 14 सप्ताह तक का टीकाकरण विवरण आवश्यक है। इसी तरह द्वितीय संतान बालिका होने पर निर्धारित सहायता के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि, बैंक खाते की जानकारी, चेहरा पहचान सत्यापन, जन्म प्रमाण पत्र तथा टीकाकरण विवरण की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। 14 सप्ताह तक का टीकाकरण पूर्ण होना योजना की निर्धारित प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।

*ये महिलाएं योजना के लिए अपात्र होंगी*

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में सभी महिलाओं को स्वतः पात्र नहीं माना जाता है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की हितग्राही तथा शासकीय कर्मचारी योजना के लिए अपात्र हैं। इसलिए आवेदन या पंजीयन से पहले महिलाओं को अपनी पात्रता सुनिश्चित करना जरूरी है।

*आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिल रही जानकारी*

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना की जानकारी पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित मैदानी अमले के माध्यम से जागरूकता एवं पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाएं योजना से वंचित न रहें और उन्हें निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन कराकर आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता न केवल महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है, बल्कि मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना से संबंधित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में या अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र में संपर्क कर लाभ प्राप्त कर सकती है।

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“अभियान संवेदना” का असर: शादी का झांसा देकर युवती का शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार, खरसिया पुलिस ने भेजा न्यायिक रिमांड पर

, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत खरसिया पुलिस ने युवती को शादी का प्रलोभन देकर लगातार शारीरिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक हरिनारायण उर्फ करण श्रीवास (21 वर्ष), खरसिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

*शादी का झांसा देकर बनाया शारीरिक संबंध*

        युवती (19 साल) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2022 से गांव के हरिनारायण श्रीवास से जान-पहचान थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। युवती के अनुसार, जब वह नाबालिग थी, 18 जनवरी 2024 को वह आरोपी के घर गई थी, जहां आरोपी ने उससे प्रेम करने और शादी करने का वादा करते हुए जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया।

           इसके बाद वर्ष 2025 में आरोपी उसे सोनबरसा क्षेत्र के जंगल में घुमाने के बहाने ले गया और वहां भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती के मुताबिक, 14 जून 2026 को आरोपी शादी का झांसा देकर उसे अपने रिस्तेदार के घर झारसुगुड़ा, ओडिशा ले गया, जहां भी उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया।

         इसके बाद 28 जुलाई 2026 को आरोपी युवती को रायगढ़ लेकर आया और किराये के मकान में रखा कुछ दिनों बाद आरोपी ने युवती से शादी करने से इनकार करते हुए उसकी जाति को लेकर अपशब्द कहे और मारपीट की। इसके बाद युवती 15 अगस्त 2026 को अपने गांव वापस आ गई।

      युवती ने डर के कारण घटना की जानकारी तत्काल अपनी मां को नहीं दी। 23 अगस्त 2026 को मां द्वारा पूछे जाने पर उसने पूरी घटना बताई और थाना खरसिया पहुंचकर आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।

*रिपोर्ट मिलते ही आरोपी की तलाश में दी दबिश*

       युवती की रिपोर्ट पर थाना खरसिया में अपराध क्रमांक 445/2026, धारा 642(ड) एवं 65(1) बीएनएस एवं 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने उसके गांव में दबिश दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया, जहां पूछताछ के दौरान उसके द्वारा अपराध स्वीकार किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

*इनकी रही अहम भूमिका*

          एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन पर महिला संबंधी अपराध में त्वरित कार्य कर आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई में थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, उप निरीक्षक संध्या कोका, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी एवं हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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जलभराव के बीच रायगढ़ पुलिस अलर्ट, एसडीआरएफ समेत तीन थानों का बल मैदान में; दोपहर बाद सामान्य हुआ यातायात

 , रायगढ़*। गत दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण केलो डेम के गेट खोले गए हैं। इसके चलते शहर के कुछ प्रमुख मार्गों एवं पुलों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हुई है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
 
      जिला प्रशासन और पुलिस सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं,  एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीम फिल्ड पर तैनात हैं।
  
      सर्किट हाउस से चक्रधरनगर जाने वाले मार्ग पर बेलादुला रपट्टा पुल, जूटमिल से चक्रधरनगर की ओर आने वाले मार्ग पर कयाघाट पुल तथा चक्रपथ पर पानी भरने के कारण आवागमन अवरुद्ध हुआ। इन मार्गों के प्रभावित होने से चक्रधरनगर रेलवे फाटक एवं पंजरी प्लांट केलो पुल पर यातायात का दबाव बढ़ गया।

       स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन एवं रायगढ़ पुलिस द्वारा एसडीआरएफ, थाना यातायात, थाना चक्रधरनगर, थाना जूटमिल एवं रिजर्व पुलिस लाइन के पुलिस बल को यातायात व्यवस्था में लगाया गया है। पुलिस एवं प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात रहकर यातायात को सुचारू बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

        दोपहर 3:00 बजे के बाद यातायात सामान्य पुलिस एवं प्रशासन के सतत प्रयासों से दोपहर 3:00 बजे के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई है। जलस्तर कम होने के साथ स्थिति के और बेहतर होने की संभावना है। जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

     आमजन से रायगढ़ पुलिस की अपील रायगढ़ पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि जलभराव वाले मार्गों पर अनावश्यक आवागमन से बचें और यातायात के दौरान संयम एवं धैर्य बनाए रखें। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था के लिए किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें तथा मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

     चक्रधरनगर से शहर की ओर जाने वाले नागरिक फिलहाल वैकल्पिक मार्ग के रूप में बोदाटिकरा मार्ग का भी उपयोग कर सकते हैं।

       *रात्रि 9:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक चक्रपथ मार्ग यातायात के लिए पूर्णतः बंद रहेगा*, इस मार्ग पर वाहन न लावें।  

      जिला प्रशासन  एवं रायगढ़ पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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रायगढ़ में सौहार्दपूर्ण माहौल में मनेगा ईद-ए-मिलाद, प्रशासन ने समाज प्रमुखों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मांगा

रायगढ़, 25 अगस्त 2026/ ईद-ए-मिलाद का पर्व जिले में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाने को लेकर आज जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 
           बैठक में पर्व के दौरान आवश्यक प्रशासनिक एवं नागरिक सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि ईद-ए-मिलाद के अवसर पर शोभायात्रा शाम 3 बजे से 7 बजे तक निकाली जाएगी। इसका रूट चांदनी चौक, सुभाष चौक, स्टेशन, सत्तीगुड़ी चौक और जामा मस्जिद रहेगा। शोभायात्रा के दौरान रैली एवं वाद्ययंत्रों के साथ बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी। हंडी चौक के पास आवश्यकता अनुसार रूट डायवर्जन किया जाएगा। शोभायात्रा के दौरान प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक एवं पार्किंग व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। साथ ही सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने तथा भीड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
           डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम ने कहा कि रायगढ़ जिले में सभी पर्व एवं त्योहार आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाने की परंपरा रही है। ईद-ए-मिलाद का पर्व भी इसी भावना के साथ शांतिपूर्वक मनाया जाए। उन्होंने समाज प्रमुखों एवं आयोजन से जुड़े प्रतिनिधियों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भरपूर सहयोग दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की समस्या या आवश्यकता होने पर प्रशासन के कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है। कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर 9479193299 है।

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राष्ट्रीय खेल दिवस पर 27 अगस्त को देशभर में होगा ‘खेलो इंडिया संवाद’, रायगढ़ के तीन संस्थानों में जुटेंगे युवा

रायगढ़, 25 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय खेल दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी एवं देश के गौरव मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन 27 अगस्त को देशभर में व्यापक स्तर पर किया जाएगा। इसी कड़ी में युवा सहभागिता, खेल विकास एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को केंद्र में रखते हुए देशभर में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के युवाओं, खिलाड़ियों और राष्ट्र के भविष्य को एक साझा मंच पर जोड़ना है। इसके माध्यम से युवाओं को खेल के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, उपलब्धियों और विकास से परिचित कराया जाएगा। साथ ही खेलों के विकास, युवा नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर युवाओं के विचार, सुझाव एवं आकांक्षाओं को जानने का अवसर भी मिलेगा।
            रायगढ़ जिले में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय में ‘युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन संस्थानों में युवा प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए खेल और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया जाएगा। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि 27 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से देशभर के लगभग 1600 स्थानों पर उपस्थित 8 लाख से अधिक युवाओं को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह संबोधन देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद युवाओं को एक साझा राष्ट्रीय मंच से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। कार्यक्रम में सभी अतिथियों एवं युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे तक सुनिश्चित की जाएगी। प्रधानमंत्री के संबोधन के पश्चात स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम को युवा संवाद के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान युवाओं को खेलों में भागीदारी बढ़ाने, खेल सुविधाओं के विस्तार, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
              युवा संवाद के दौरान ‘मेरा भारत’ स्वयंसेवकों एवं स्थानीय खिलाड़ियों के बीच विशेष संवाद सत्र आयोजित होगा। इसमें पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में खेल अधोसंरचना में हुए बदलाव, खिलाड़ियों के लिए बढ़े अवसर तथा भारत में विकसित हो रहे खेल पारिस्थितिकी तंत्र पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद लगभग 15 मिनट का युवा संवाद होगा, जिसमें प्रतिभागियों को अपने विचार, सुझाव एवं आकांक्षाएं साझा करने का अवसर मिलेगा।

*ओलंपिक 2036 की तैयारी से युवा नेतृत्व तक, चार प्रमुख विषयों पर होगा संवाद*

युवा संवाद के दौरान चार प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। इनमें जमीनी स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराकर खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना प्रमुख है। इसके साथ ही वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने, वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा की पहचान करने तथा खिलाड़ियों के समग्र विकास पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम में युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा होगी। युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अवसरों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। युवाओं से उनके विचार एवं सुझाव क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं को कार्यक्रम स्थल पर ही वीबीवाईएलडी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
            ‘खेलो इंडिया संवाद’ पहल युवाओं को खेल, नेतृत्व, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से न केवल युवाओं की खेलों में भागीदारी और रुचि को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उन्हें देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनने का अवसर भी मिलेगा। यह कार्यक्रम विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सोच को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी मंच बनेगा।

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परसदा-केराझर वाटरफॉल पर प्रशासन की सख्ती, आम लोगों और पर्यटकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध—कलेक्टर ने जारी की निषेधाज्ञा

रायगढ़, 25 अगस्त 2026/ जिले में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती लापरवाही और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने तहसील रायगढ़ स्थित परसदा-केराझर वाटरफॉल एवं उसके आसपास के क्षेत्र में आम जनता और पर्यटकों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह निषेधाज्ञा जारी की है, जो आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
           प्रशासन के संज्ञान में आया है कि परसदा-केराझर वाटरफॉल में कुछ युवा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। करीब 30 फीट ऊंचे झरने की अत्यंत फिसलन भरी चट्टानों से पानी में छलांग लगाने जैसे खतरनाक स्टंट किए जा रहे हैं। ऐसी गतिविधियां गंभीर दुर्घटना और जनहानि का कारण बन सकती हैं। मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने वाटरफॉल क्षेत्र को अति-संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र मानते हुए यह कठोर कदम उठाया है।

*वाटरफॉल और पहुंच मार्गों को बनाया गया ‘नो गो जोन’*

जारी आदेश के अनुसार परसदा-केराझर वाटरफॉल तथा उसके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में आम जनता, पर्यटकों, युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों, रास्तों और वन क्षेत्र की पगडंडियों को ‘नो गो जोन’ घोषित किया गया है। पिकनिक, रील या वीडियो बनाने, सेल्फी लेने अथवा किसी भी प्रकार के स्टंट के उद्देश्य से भी इस क्षेत्र में जाना प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर ने पुलिस विभाग को वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सप्ताहांत एवं अवकाश के दिनों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश को रोका जा सके।

*लगाए जाएंगे ‘नो एंट्री’ और ‘डेंजर’ बोर्ड*

राजस्व, वन एवं पंचायत विभाग को वाटरफॉल के खतरनाक हिस्सों तथा पहुंच मार्गों पर बड़े और स्पष्ट ‘प्रवेश निषेध एवं ‘खतरा’ चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तहसीलदार रायगढ़ तथा संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को आसपास के क्षेत्रों और गांवों में लगातार मुनादी एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को प्रतिबंध की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

*आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई*

निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर वाटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश करने, लोगों को प्रवेश के लिए उकसाने अथवा प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों की गंभीरता और आपातकालीन प्रकृति को देखते हुए यह आदेश एकतरफा जारी किया गया है। आदेश की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए इसे स्थानीय समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों एवं पुलिस थानों के सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परसदा-केराझर वाटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश न करें और प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंध का पालन करें।

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