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काल बनकर डंसे करैत, कोबरा और वाइपर... लेकिन रायगढ़ मेडिकल कॉलेज ने मौत को दी मात, पाँच मासूमों को मिला नया जीवन


रायगढ़, 8 जुलाई 2026/ श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय रायगढ़ ने विषैले सर्पदंश से जूझ रहे पाँच गंभीर बच्चों का सफल उपचार कर उन्हें नया जीवन दिया है। अत्यंत नाजुक स्थिति में अस्पताल पहुंचे इन बच्चों में से तीन को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा, जबकि गंभीर मामलों में 50 वायल तक एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) का उपयोग किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख, आधुनिक पीआईसीयू सुविधाओं और सतत उपचार के परिणामस्वरूप सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर चिकित्सालय से डिस्चार्ज किए गए।
         बाल्य एवं शिशु रोग विभाग तथा पीआईसीयू में भर्ती पाँचों बच्चों में चार न्यूरोटॉक्सिक तथा एक हेमोटॉक्सिक सर्पदंश का मामला था। इनमें तीन करैत, एक कोबरा और एक वाइपर के दंश से पीड़ित थे। सभी को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहाँ तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू किया गया। सबसे संवेदनशील मामला धरमजयगढ़ के दो सगे भाइयों 7 वर्षीय वीर कुमार और 12 वर्षीय लोकेश राठिया का था। एक जुलाई की रात सोते समय दोनों को करैत ने गर्दन पर काट लिया। सुबह तक दोनों में गंभीर न्यूरोपैरालिटिक विषाक्तता विकसित हो चुकी थी और उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई थी।
         इसी प्रकार सक्ती जिले के हसौद निवासी 7 वर्षीय मंजू को कोबरा ने पैर में काट लिया था, जिससे पैर में गंभीर सूजन और फफोले बन गए। वहीं रायगढ़ के 5 वर्षीय हितेश ढंगर को वाइपर के दंश से रक्तस्राव और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। कलमी निवासी 7 वर्षीय हर्षित प्रजापति को भी सोते समय करैत ने काट लिया था, जिससे उसे गंभीर न्यूरोटॉक्सिक विषाक्तता हो गई। अस्पताल पहुंचने पर अधिकांश बच्चों में पलकें झुकना, बोलने और निगलने में कठिनाई, मांसपेशियों में कमजोरी तथा श्वसन विफलता जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे थे। तीन बच्चों को तत्काल पीआईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। वाइपर दंश से पीड़ित बालक में रक्तस्राव एवं कोगुलोपैथी की स्थिति को विशेषज्ञ निगरानी में नियंत्रित किया गया। सभी मरीजों को आवश्यकता अनुसार 50 वायल तक एंटी-स्नेक वेनम, आधुनिक गहन चिकित्सा, निरंतर मॉनिटरिंग और आवश्यक जांचों के साथ चैबीसों घंटे उपचार उपलब्ध कराया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल ने बताया कि विषैले सर्पदंश जैसे गंभीर मामलों में समय पर एंटी-वेनम, वेंटिलेटर सुविधा और प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की उपलब्धता से पाँचों बच्चों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने बताया कि सभी उपचार एवं आवश्यक दवाएं आयुष्मान योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। 
       अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि समय पर उपचार और समर्पित चिकित्सकीय प्रयासों से विषैले सर्पदंश जैसे जीवन-घातक मामलों में भी बच्चों को सुरक्षित नया जीवन दिया जा सकता है। बाल्य एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणेश्वर कुमार सोनी के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. गौरव क्लॉडियस, डॉ. फारूज अहमद, डॉ. पल्लवी सहित पीआईसीयू के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ ने चैबीसों घंटे सतत निगरानी, वेंटिलेटर प्रबंधन और समन्वित उपचार के माध्यम से इस चुनौतीपूर्ण चिकित्सकीय सफलता को संभव बनाया।

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रायगढ़ प्रशासन में बड़ा फेरबदल, चार अनुविभागों को मिले नए एसडीएम; कलेक्टर के आदेश से राजस्व व्यवस्था और जनसेवाओं में आएगी नई तेजी

रायगढ़, 8 जुलाई 2026/ जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर रायगढ़ ने जिले के चार अनुविभागों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं।
         जारी आदेश के अनुसार श्री प्रवीण कुमार भगत को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया, श्री भरत कौशिक को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ तथा श्री राकेश कुमार वर्मा को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा पदस्थ किया गया है। वहीं वर्तमान में खरसिया के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री प्रवीण तिवारी का स्थानांतरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा के पद पर किया गया है। नई पदस्थापनाओं से जिले के चारों अनुविभागों में प्रशासनिक कार्यों के संचालन को और अधिक गति मिलेगी। साथ ही राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, न्यायालयीन एवं कार्यालयीन कार्यों के प्रभावी संचालन तथा आमजन को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।

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घर-घर दस्तक, हर संदिग्ध की जांच... रायगढ़ में कुष्ठ के खिलाफ छिड़ी बड़ी मुहिम पर केंद्रीय टीम की पैनी नजर, लक्ष्य—जिले को बनाना कुष्ठ मुक्त

रायगढ़, 08 जुलाई 2026/ कलेक्टर के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक 30 दिवसीय सघन कुष्ठ खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की पहचान करना, समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करना तथा उपचार उपलब्ध कराकर रोग के प्रसार को रोकना है।
         अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम, मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर लोगों की जांच कर रहे हैं। अभियान के माध्यम से कुष्ठ रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उपचार शुरू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे रोग से होने वाली विकलांगता एवं सामाजिक कलंक को कम किया जा सके।

*केंद्रीय टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों और फील्ड गतिविधियों का किया निरीक्षण*

जिले में संचालित अभियान की गुणवत्ता, प्रगति एवं कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने भारत सरकार की केंद्रीय टीम रायगढ़ पहुंची। टीम में डॉ. बालाजी एम., चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) एवं आरएलटीआरआई रायपुर की सहायक निदेशक (एपिडेमियोलॉजी) डॉ. किरण स्वप्निल शामिल थीं।निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र से अभियान की कार्ययोजना, माइक्रोप्लान, मितानिनों द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य, सत्यापन दलों की कार्यप्रणाली तथा प्रभारी चिकित्सकों द्वारा की जा रही निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात डीएनटी टीम के सदस्यों की उपस्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चपले एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर का निरीक्षण किया गया। टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोगी पंजी, एमडीटी दवाओं की उपलब्धता, रोगियों के उपचार एवं फॉलोअप व्यवस्था, जांच प्रक्रिया तथा अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों एवं अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया।

*प्रसार दर को एक प्रति दस हजार से कम करने का लक्ष्य*

केंद्रीय टीम ने विकासखंड पुसौर के उप स्वास्थ्य केंद्र तुरंगा एवं चपले क्षेत्र के टेमटेमा गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के साथ घर-घर भ्रमण कर अभियान की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने संदिग्ध मरीजों का स्वयं परीक्षण किया तथा जांच पर्यवेक्षकों और फील्ड कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान डॉ. बालाजी एम. एवं डॉ. किरण स्वप्निल ने डीएनटी टीम के सदस्य एम.पी. साहू एवं दिनेश यादव से फील्ड स्तर पर संचालित गतिविधियों, सर्वे रिपोर्ट, संदिग्ध मरीजों की पहचान तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
          जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र ने बताया कि वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ रोग की प्रसार दर 3.74 प्रति 10 हजार जनसंख्या है। शासन द्वारा इसे घटाकर एक प्रति 10 हजार जनसंख्या से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में सघन कुष्ठ खोज अभियान को प्रभावी एवं सुनियोजित ढंग से संचालित किया जा रहा है, ताकि कुष्ठ रोग की समय रहते पहचान कर प्रत्येक मरीज को उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।

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बारिश आई, सरकार की मदद भी साथ आई! रायगढ़ के हजारों किसानों को कृषि सहायता और  खाद-बीज मिले, खरीफ की बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, बेहतर फसल की उम्मीद मजबूत

रायगढ़, 8 जुलाई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करते हुए खेती को अधिक लाभकारी और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों को आर्थिक संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों को 79 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से 82.19 करोड़ रुपए की अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं किसानों को 31.28 करोड़ रुपए मूल्य के खाद एवं बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार जिले के किसानों तक अब तक 113.47 करोड़ रुपए की अग्रिम सहायता पहुंचाई जा चुकी है। समय पर मिली इस सहायता से किसानों को खेती की तैयारियों में बड़ी राहत मिली है और खरीफ फसलों की बुवाई को नई गति मिली है।

*जिले के सभी विकासखंडों के किसानों तक पहुंचा लाभ*

जिले के सभी विकासखंडों में किसानों को समान रूप से लाभान्वित किया गया है। रायगढ़ विकासखंड की 14 समितियों के माध्यम से 6,113 किसानों, पुसौर की 15 समितियों से 6,487 किसानों, खरसिया की 12 समितियों से 8,575 किसानों, धरमजयगढ़ की 15 समितियों से 4,898 किसानों, घरघोड़ा की 5 समितियों से 1,432 किसानों, तमनार की 10 समितियों से 3,228 किसानों तथा लैलूंगा की 8 समितियों से 2,284 किसानों को अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे किसानों को समय पर कृषि कार्य प्रारंभ करने के लिए आवश्यक संसाधन प्राप्त हुए हैं।

*पर्याप्त खाद भंडारण से किसानों को मिल रही निर्बाध सुविधा*

खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिले की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 22,668 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 18,641 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत है। किसानों को अब तक 10,718 मीट्रिक टन यूरिया, 2,342 मीट्रिक टन डीएपी, 2,430 मीट्रिक टन एनपीके, 795 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2,356 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया जा चुका है। सभी सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे कृषि कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो रहे हैं।

*अच्छी बारिश और समय पर उपलब्ध संसाधनों से बढ़ा किसानों का उत्साह*

पिछले सप्ताह जिले में हुई अच्छी वर्षा से खरीफ सीजन की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। समय पर उपलब्ध कराई गई अग्रिम कृषि सहायता, खाद एवं बीज से किसानों को खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जिलेभर में धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से जारी है और किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। शासन की किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता से खेती का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। समय पर उपलब्ध संसाधनों और अनुकूल मौसम के कारण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे न केवल खरीफ सीजन की बुवाई को गति मिली है, बल्कि जिले में इस वर्ष बेहतर उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

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मानसून में उद्योगों के वृक्षारोपण अभियान की होगी व्यापक समीक्षा, 8 जुलाई को रायपुर में अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की अहम बैठक

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल श्री अंकित आनंद करेंगे। बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के अधिकृत प्रतिनिधि, मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनी ने बताया कि बैठक में उद्योगों द्वारा प्रस्तावित एवं संचालित वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा उद्योगवार कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों को अपने वृक्षारोपण लक्ष्य, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके।

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पीएम आवास योजना से कोई पात्र परिवार न रहे वंचित: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्री शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में श्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

          उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।

        श्री शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति श्री शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।

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बिहान से जुड़ी महिलाओं के जैविक उत्पाद को मिला जबरदस्त समर्थन, स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ा 'अरपा-बिहान विष्णुभोग'

रायपुर 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री हुई।

यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता आधारित उत्पादन और राज्य सरकार की आजीविका उन्मुख योजनाओं पर बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे चावल खरीदकर उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं स्थानीय निवासी श्री पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके इस कदम ने अन्य नागरिकों को भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) इस पहल की प्रमुख कड़ी बनकर उभरी है। महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, आकर्षक ब्रांडिंग, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और व्यवस्थित विपणन किया जा रहा है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ किसानों और महिला उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है।

जिले में इस पहल को आगे बढ़ाने में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकेश रावटे की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार विष्णुभोग चावल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक महिलाएं इस मॉडल से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक श्री दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि जिले में मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (कम्युनिटी मैनेज्ड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिले, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी अभियान के तहत आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकें।

ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, जैविक खेती की गुणवत्ता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से अरपा-बिहान विष्णुभोग अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। जिस गति से इस उत्पाद को बाजार और उपभोक्ताओं का विश्वास मिल रहा है, उससे यह आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि पहचान के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

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छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात, एक्सिस बैंक से एमओयू के तहत मिलेगा ₹1.10 करोड़ दुर्घटना बीमा और 10 लाख जीवन कवर

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक श्री आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

         एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी। 

       इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी श्रीमती पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

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मानसून की रफ्तार के बीच कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को अहम सलाह, 30 जुलाई तक हर हाल में पूरी करें धान की रोपाई, बीज उपचार और संतुलित उर्वरक प्रबंधन से बढ़ेगा उत्पादन

रायगढ़, 7 जुलाई 2026/ रायगढ़ जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून अब सक्रिय हो चुका है। शुरुआती दौर में मानसून के आगमन में करीब 10 दिनों की देरी हुई, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में हुई अच्छी बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध हो गया है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान मौसम खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुआई और रोपाई के लिए अनुकूल है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम का पूरा लाभ उठाते हुए समय पर कृषि कार्य पूरा करें, ताकि उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
            इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बताया कि इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून सामान्य समय से देर से पहुंचा, जिससे जून माह में औसत से लगभग 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में लगातार बारिश होने से रायगढ़ जिले सहित अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में खेतों में पर्याप्त जल उपलब्ध हो गया है। ऐसे में जहां नर्सरी तैयार है वहां मचाई कर तुरंत धान की रोपाई शुरू कर देनी चाहिए। जिन किसानों के पास नर्सरी उपलब्ध नहीं है, वे लेही पद्धति से अंकुरित बीजों की बुआई ड्रम सीडर या छिटकवा विधि से कर सकते हैं।
      कृषि वैज्ञानिकों ने रायगढ़ जिले के किसानों को सलाह दी है कि जो किसान धान की सीधी बुआई करते हैं, वे 15 जुलाई तक यह कार्य पूरा कर लें। वहीं रोपाई एवं बियासी पद्धति अपनाने वाले किसान 30 जुलाई तक रोपाई कर लें। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को शीघ्र एवं मध्यम अवधि (125-130 दिन) में पकने वाली धान की किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है। इनमें इन्द्रावती, छत्तीसगढ़ बारानी, इंदिरा एरोबिक, एमटीयू-1010, एमटीयू-1153, एमटीयू-1156, एमटीयू-1001, विक्रम टीसीआर, छत्तीसगढ़ धान-1919, छत्तीसगढ़ तेजस्वी तथा महामाया जैसी किस्में शामिल हैं, जो बदलते मौसम के अनुरूप बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं।
           विशेषज्ञों ने कहा है कि धान की बुआई से पहले बीजों को कार्बेन्डाजिम अथवा अन्य उपयुक्त कवकनाशी से उपचारित करना आवश्यक है। प्रति किलोग्राम बीज में ढाई ग्राम दवा का उपयोग करना चाहिए। इसके साथ ही एजोस्पाइरिलम, पीएसबी एवं केएसबी जैसे जैव उर्वरकों से बीज उपचार करने से फसल को पर्याप्त नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश उपलब्ध होती है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम होती है। जिन क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है और खेतों में पानी भरा हुआ है, वहां लेही पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है। इसके लिए धान के बीजों को 8 से 10 घंटे तक पानी में भिगोकर 24 से 30 घंटे तक अंकुरित किया जाए। इसके बाद मचाई किए गए खेतों में ड्रम सीडर या छिटकवा विधि से बुआई की जाए। इस पद्धति में प्रति एकड़ लगभग 40 किलोग्राम बीज का उपयोग उपयुक्त माना गया है।
            कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि रायगढ़ जिले में धान की सीधी बुआई वाले खेतों में खरपतवार सबसे बड़ी समस्या बन सकती है। यदि समय पर नियंत्रण नहीं किया गया तो उत्पादन में 50 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। इसलिए बुआई के बाद पहले 40 दिनों तक खेत को खरपतवार मुक्त रखना जरूरी है। इसके लिए 20 एवं 40 दिन बाद हाथ से निंदाई, पैडी वीडर या आवश्यकता अनुसार अनुशंसित खरपतवारनाशी का प्रयोग किया जा सकता है। उर्वरक प्रबंधन के संबंध में किसानों को सलाह दी गई है कि प्रति एकड़ अधिकतम दो बोरी यूरिया, एक बोरी डीएपी तथा आधी बोरी पोटाश का उपयोग करें। डीएपी और पोटाश की पूरी मात्रा बुआई या रोपाई से पहले डालें, जबकि यूरिया की पहली खुराक 30 से 35 दिन और दूसरी खुराक 60 से 70 दिन बाद दें। इसके साथ ही हरी खाद और नील हरित काई के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।  विभाग ने रायगढ़ जिले के किसानों से अपील की है कि खेती से संबंधित किसी भी समस्या या तकनीकी जानकारी के लिए निकटस्थ कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि अनुसंधान केंद्र, कृषि महाविद्यालय अथवा कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें, ताकि समय पर उचित सलाह लेकर खरीफ फसल का बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।

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रायगढ़ के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: विजयपुर में 16 करोड़ का आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, खर्रा घाट पर 30 करोड़ से बनेगा भव्य मैरीन ड्राइव, पुराने जेल परिसर में विकसित होगा आधुनिक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स

रायगढ़, 7 जुलाई 2026/ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने जिले में प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने विजयपुर में प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, जीवनदायिनी केलो नदी के खर्रा घाट में विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव तथा जेल परिसर स्थित पुराने भवन के स्थान पर प्रस्तावित व्यवसायिक परिसर निर्माण की कार्ययोजना का अवलोकन किया।
            वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विजयपुर में लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सेंटर की ड्राइंग एवं डिजाइन में आवश्यक संशोधन करते हुए इसे अधिक उपयोगी एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक सुधारों के बाद प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम स्वीकृति के लिए विभाग को भेजा जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से रायगढ़ जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा।
           निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने केलो नदी के खर्रा घाट में लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव का भी अवलोकन किया। लगभग दो किलोमीटर लंबाई में आकार ले रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्यादेश जारी हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश देते हुए कहा कि मैरीन ड्राइव रायगढ़ की पहचान बनने वाली परियोजना है। इसके माध्यम से न केवल खर्रा घाट का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि नागरिकों को मनोरंजन एवं पर्यटन की बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत घाट का विकास, गजीबो, आरसीसी पाथवे, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, प्रोमेनेड, फूड कोर्ट, बाह्य विद्युतीकरण सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्य किए जाएंगे।
           वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इसके पश्चात जेल परिसर स्थित पुराने भवन का निरीक्षण कर उसे डिस्मेंटल करने के उपरांत वहां प्रस्तावित नए व्यवसायिक परिसर के निर्माण संबंधी कार्ययोजना का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि शहर को आधुनिक व्यवसायिक अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सके। निरीक्षण के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान, श्री विजय अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समय पर पहल से दो वर्षीय देवांशु की आंखों में लौटी रोशनी, जन्मजात मोतियाबिंद का निःशुल्क सफल ऑपरेशन बना नई जिंदगी की शुरुआत

रायगढ़, 7 जुलाई 2026/ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत समय पर की गई स्वास्थ्य जांच ने ग्राम बोडाझरिया के दो वर्षीय देवांशु बंजारा के जीवन में नई रोशनी भर दी। जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित इस मासूम की बीमारी की समय रहते पहचान होने से उसका सफल निःशुल्क ऑपरेशन संभव हो सका और अब वह सामान्य रूप से अपने आसपास की दुनिया को देख पा रहा है। ग्राम बोडाझरिया निवासी राजीव बंजारा के पुत्र देवांशु की आंखों की जांच राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आरबीएसके टीम-बी पुसौर द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान की गई। जांच में बच्चे की आंखों में जन्मजात मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) की पुष्टि हुई। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल रेफरल की प्रक्रिया पूरी कर विशेषज्ञ उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की।
             बीएमओ डॉ. विनोद नायक (शिशु विशेषज्ञ) एवं बीपीएम नवीन शर्मा के मार्गदर्शन में उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया संचालित की गई। आरबीएसके टीम-बी पुसौर के टीम प्रभारी डॉ. संदीप भोई, डॉ. मंजू पटेल, कन्हैया किसान, सेवंती कुजूर तथा आशीष प्रधान ने बच्चे की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श, रेफरल एवं उपचार के प्रत्येक चरण में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मीना पटेल ने देवांशु का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद उसकी आंखों की रोशनी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब वह सामान्य रूप से दैनिक गतिविधियां कर पा रहा है। मासूम के चेहरे पर लौटी मुस्कान और परिवार की खुशी इस बात का प्रमाण है कि समय पर मिला उपचार किसी बच्चे के भविष्य को सुरक्षित बना सकता है। 
          देवांशु के परिजनों ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर बीमारी की पहचान नहीं होती तो बच्चे की दृष्टि पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि निःशुल्क जांच, उपचार और चिकित्सकीय सहयोग ने उनके बच्चे को नई रोशनी और बेहतर भविष्य दिया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जन्मजात विकारों, बीमारियों, पोषण संबंधी समस्याओं, विकासात्मक विलंब एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

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कृत्रिम पैर से फिर दौड़ी जिंदगी: जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की मदद से बबीता यादव को मिला नया जीवन

रायगढ़, 7 जुलाई 2026/ कभी जीवन से निराश हो चुकीं 27 वर्षीय बबीता यादव के जीवन में अब फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और मुस्कान लौट आई है। जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित सहयोग ने उन्हें न केवल कृत्रिम पैर उपलब्ध कराया, बल्कि फिर से सामान्य जीवन जीने का संबल भी दिया। आज बबीता आत्मनिर्भर होकर पहले की तरह अपने दैनिक कार्य कर रही हैं और अपने जीवन को नए उत्साह के साथ आगे बढ़ा रही हैं।
           रायगढ़ जिले के ग्राम मुरालपाली निवासी बबीता यादव के साथ पिछले वर्ष एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी। घटना के बाद उनके बाएं पैर में गंभीर संक्रमण हो गया, जो धीरे-धीरे हड्डियों तक पहुंच गया। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद संक्रमण को नियंत्रित करना संभव नहीं हो सका और अंततः 27 जनवरी 2025 को उनका बायां पैर काटना पड़ा। इस घटना ने उनके सामने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियों का पहाड़ खड़ा कर दिया। अचानक आए इस बदलाव से उनका जीवन मानो ठहर-सा गया था और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आगे सामान्य जीवन कैसे जी पाएंगी।
           विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बबीता ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी तथा कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर कृत्रिम पैर लगवाने के लिए सहायता का निवेदन किया। उनकी स्थिति को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए कलेक्टर ने सहानुभूतिपूर्वक उनके आवेदन पर तत्काल दो लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
           कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप रायपुर स्थित इंडो लाइट्स संस्थान से समन्वय स्थापित कर बबीता यादव के लिए आधुनिक कृत्रिम पैर लगवाया गया। कृत्रिम पैर लगने के बाद उनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब वे सहजता से चल-फिर रही हैं, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर रही हैं और पहले की तरह सामान्य जीवन जीने लगी हैं। बबीता यादव ने भावुक होकर कहा कि कृत्रिम पैर मिलने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है मानो उनका जीवन फिर से पटरी पर लौट आया हो। उन्होंने इस मानवीय सहयोग और संवेदनशील पहल के लिए प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी तथा कलेक्टर के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उन्हें नया जीवन और नई उम्मीद दी है। इन्होंने आज अपर कलेक्टर से भेट कर इस सहयोग के लिए राज्य शासन, जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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कार से देशी कट्टा बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार, हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

रायगढ़। चक्रधरनगर पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से देशी कट्टा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 4.10 लाख रुपये कीमत की टोयोटा ग्लैंजा कार और अवैध हथियार जब्त किया है। मामले में फरार आरोपी की तलाश के साथ हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से रायगढ़ आ रही एक सफेद रंग की कार में दो युवक अवैध देशी कट्टा लेकर पहुंचने वाले हैं। सूचना पर सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में चक्रधरनगर और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने पहाड़ मंदिर शराब भट्टी के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

इसी दौरान टोयोटा ग्लैंजा (CG-13 AQ-6663) को रोककर तलाशी ली गई। कार में छिपाकर रखा गया एक देशी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से हरीश यादव (26) निवासी बजरंग रामभाठा, रायगढ़ तथा प्रहलाद केंवट (24) निवासी अंधियारीपार, अकलतरा (वर्तमान निवासी उच्चभिट्टी, रायगढ़) को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद देशी कट्टा उन्होंने योगेश चौहान उर्फ सानू उर्फ साहिल चौहान से खरीदा था, जो पुलिस कार्रवाई के दौरान फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में अवैध हथियारों के परिवहन और उपयोग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में शामिल सभी आरोपियों और पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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खेतों में केबल वायर चोरी का खुलासा: पुसौर पुलिस ने दो शातिर चोर दबोचे, तांबे का तार और बाइक जब्त

रायगढ़, 7 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में किसानों के खेतों से लगातार हो रही बोरवेल के केबल वायर चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के केबल को जलाकर निकाला गया करीब दो किलोग्राम तांबे का तार और वारदात में इस्तेमाल की गई प्लेटिना मोटरसाइकिल जब्त की है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुसौर पुलिस ने यह कार्रवाई की। पिछले कुछ समय से क्षेत्र के किसानों द्वारा खेतों में सिंचाई के लिए लगाए गए बोरवेल के केबल वायर चोरी होने की लगातार शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपियों की तलाश शुरू कराई।

इसी दौरान 5 जुलाई 2026 को रेंगालपाली निवासी ऋषिकेश साव उर्फ संतोष साव (35 वर्ष) ने थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके खेत से सिंचाई के लिए लगाए गए बोरवेल का लगभग 100 मीटर केबल वायर, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपये है, अज्ञात चोर चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने रेंगालपाली निवासी विक्रांत सिदार (22 वर्ष) और दिगम्बर मांझी (26 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों के निशानदेही पर चोरी के केबल को जलाकर निकाला गया करीब दो किलो तांबे का तार तथा घटना में प्रयुक्त प्लेटिना मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-13 AV-0523) बरामद कर जब्त की गई।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ सामूहिक अपराध करने के कारण धारा 3(5) भी जोड़ी है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुसौर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों ने भी पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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सरकारी सेवा का गौरवपूर्ण अध्याय हुआ पूरा, जिला पंचायत में पांच अनुभवी वाहन चालकों को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई, वर्षों की निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण को अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया सलाम

*अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर पांच वाहन चालकों को दी गई भावभीनी विदाई*

*वर्षों की सेवा को किया गया सम्मानित, अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं*

रायगढ़, 6 जुलाई 2026/ जिला पंचायत कार्यालय में अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर विभिन्न विभागों में वर्षों तक सेवाएं देने वाले पांच वाहन चालकों को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके योगदान को याद किया और उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
            विदाई समारोह में पशु चिकित्सा विभाग के वाहन चालक अमोल दास महिलांगे, महिला एवं बाल विकास विभाग के टीकाराम डनसेना, पशुपालन विभाग के श्रवण कुमार बागडोगी, वन विभाग के लाल बहादुर पैकरा तथा जिला पंचायत कार्यालय के तेरस मिंज को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। सभी सेवानिवृत्त वाहन चालकों को स्मृति-चिन्ह एवं शुभकामनाएं भेंट कर उनके लंबे और समर्पित सेवाकाल के लिए आभार व्यक्त किया गया।
           कार्यक्रम में वरिष्ठ वाहन चालक आनंद पैकरा, अर्जुन ठाकुर, लिनियूस केरकेटा, राहुल चौहान, सलीम खान, जीवन अवचार, भानू उराव, विनोद यादव, शिव महंत, अनिल कुमार, अनिल बरेठ, संदीप टंडन, अजीत कुमार, राधेश्याम, आनंद सिंह, श्याम सिदार, राजाराम निषाद सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।

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गेल इंडिया को महिला आयोग का कड़ा नोटिस: 9 जुलाई तक 2.50 लाख मुआवजा या नया बोरवेल, प्राचार्य के तबादले की भी सिफारिश

रायगढ़, 6 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं संभाग प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया की अध्यक्षता में सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित सृजन सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न एवं महिला अधिकारों से जुड़े प्रकरणों की जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोग की यह प्रदेश स्तर पर 409वीं तथा रायगढ़ जिले में 10वीं जनसुनवाई रही, जिसमें कुल 46 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान आयोग ने कई मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
           जनसुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मामला गेल इंडिया से जुड़ा रहा। सुनवाई में कंपनी की ओर से साइट इंजीनियर उपस्थित हुए, जबकि मूल शिकायत जिस अधिकारी के विरुद्ध थी, वह लगातार अनुपस्थित रहा। आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायत में आवेदिका ने बताया कि उसकी भूमि के बीच से गेल इंडिया की गैस पाइपलाइन बिछाई गई है। पाइपलाइन के कारण उसके लगभग 400 फीट गहरे स्थायी बोरवेल का उपयोग प्रभावित हो गया है, जिसके निर्माण में लगभग 2.50 लाख रुपये खर्च हुए थे। शिकायत के अनुसार संबंधित अधिकारी द्वारा बोरवेल के उपयोग पर रोक लगाने के साथ समाधान के लिए भी सहमति नहीं दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने गेल इंडिया के महाप्रबंधक सुरेश बाबू को 9 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित राज्य महिला आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनी को आवेदिका को 2.50 लाख रुपये का भुगतान करने अथवा नया बोरवेल खनन के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में आवेदिका एफआईआर दर्ज कराने एवं दीवानी वाद प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र होगी। आयोग ने फिलहाल अनावेदक क्रमांक 1, 2 एवं 3 को प्रकरण से मुक्त रखा है, जबकि मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की संयुक्त जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। इस मामले में अंतिम सुनवाई 9 जुलाई को रायपुर में होगी।
           एक अन्य प्रकरण में पुसौर विकासखंड के पड़ीगांव हाई स्कूल में कार्यरत शिक्षिका ने विद्यालय के प्राचार्य पर मानसिक प्रताड़ना, वेतन कटौती तथा अनावश्यक परेशान करने का आरोप लगाया। शिक्षिका ने बताया कि तलाक के बाद उपनाम परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान भी प्राचार्य द्वारा अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने प्रथम दृष्टया शिकायत को प्रमाणित मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ को संबंधित प्राचार्य का 15 दिनों के भीतर अन्य विकासखंड में स्थानांतरण करने की अनुशंसा की है। घरघोड़ा विकासखंड के वार्ड क्रमांक-7 मेंड्रा की मितानिन के कार्य से असंतुष्ट ग्रामीणों की शिकायत पर आयोग ने ग्राम सरपंच को आदेश की प्रति उपलब्ध कराते हुए नियमानुसार नई मितानिन की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।
            एक अन्य मामले में भूमि रजिस्ट्री विवाद परिवार न्यायालय में लंबित होने तथा दोनों पक्षों के बीच पूर्व में समझौता हो जाने के कारण आयोग ने मामले में हस्तक्षेप नहीं करते हुए प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया। इसी प्रकार थाने में कथित रूप से लंबे समय तक बैठाए जाने संबंधी शिकायत में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने पर मामला समाप्त कर दिया गया। वैवाहिक विवाद से जुड़े दो अन्य मामलों में भी दोनों पक्षों के बीच समझौता होने, साथ रहने की सहमति बनने तथा सामान एवं राशि वापस मिलने की पुष्टि के बाद आयोग ने प्रकरणों का निराकरण कर दिया। वहीं एक महिला ने आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करते हुए बताया कि उसका मकान तोड़ दिया गया है तथा तीन बच्चों के साथ उसके पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस पर आयोग ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को कलेक्टर रायगढ़ से समन्वय स्थापित कर आवेदिका को नियमानुसार आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं से जुड़े प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा तथा जहां भी आवश्यक होगा, संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

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श्रमिकों के लिए जरूरी खबर: श्रमिक कार्ड में गलती तो तुरंत कराएं सुधार, नहीं तो अटक सकता है सरकारी योजनाओं का लाभ

रायगढ़, 6 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के श्रमिक कार्ड में दर्ज जानकारी के सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया लगातार जारी है। श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने श्रमिक कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों का सत्यापन कर आवश्यक सुधार अवश्य करा लें, ताकि शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
             सहायक श्रमायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी श्रमिक के कार्ड में नाम (हिंदी अथवा अंग्रेजी में), जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, पता या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो उसे तत्काल संशोधित कराया जाना आवश्यक है। सही एवं अद्यतन जानकारी होने से श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के मिल सकेगा। श्रमिक कार्ड में संशोधन की सुविधा सभी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में उपलब्ध है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मात्र 20 रुपये के सेवा शुल्क पर श्रमिक कार्ड में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। इसके लिए श्रमिकों को आधार कार्ड की मूल प्रति तथा सहमति पत्र के साथ ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ लगाए जाने वाले सभी दस्तावेज स्पष्ट एवं पठनीय होना अनिवार्य है, ताकि संशोधन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
           श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन श्रमिकों के कार्ड में गलत अथवा अपूर्ण जानकारी दर्ज होगी, उन्हें भविष्य में विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी पंजीकृत श्रमिक अपने श्रमिक कार्ड की जानकारी का सत्यापन कर आवश्यक संशोधन अवश्य कराएं। श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत श्रमिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने तथा शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ प्राप्त करने के लिए आज ही अपने निकटतम सीएससी सेंटर पहुंचकर श्रमिक कार्ड अपडेट कराने की प्रक्रिया पूरी करें।

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बिल से लेकर मुआवजा, आवास और दिव्यांग पेंशन तक... जनदर्शन में सुनी गई जनता की समस्याएं, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को दिए तत्काल समाधान के सख्त निर्देश

 

रायगढ़, 6 जुलाई 2026/ आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों एवं मांगों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ बिना किसी अनावश्यक विलंब के प्राप्त हो सके।
            जनदर्शन में आज तहसील पुसौर के ग्राम तड़ोला निवासी अंकुर नंदे ने घरेलू विद्युत कनेक्शन होने के बावजूद लगातार अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अधिक राशि का बिजली बिल मिलने से परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्थानीय जगतपुर निवासी रेवती बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पात्रता का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। तहसील घरघोड़ा निवासी तीर्थराज झरिया ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उनकी निजी भूमि खसरा नंबर 741/1 रकबा 0.240 हेक्टेयर एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित की जा चुकी है तथा भूमि पर खनन कार्य भी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक उन्हें भूमि का मुआवजा अथवा रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया है। उन्होंने परिवार के भरण-पोषण के लिए मुआवजा या नियमानुसार नौकरी दिलाने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को मामले की विस्तृत जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            तहसील तमनार के ग्राम कर्रापाली निवासी चैतन गुप्ता ने अपने 90 प्रतिशत दिव्यांग पुत्र के लिए दिव्यांग पेंशन स्वीकृत करने एवं राशन कार्ड में नाम जोड़ने का आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को मामले में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विकासखंड लैलूंगा के सुदूर वनांचल क्षेत्र गंजपुर के सरपंच ने स्कूली बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नवीन स्कूल भवन निर्माण की मांग रखी। वहीं जनपद पंचायत कोतरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने खराब हो चुके बोरवेल के कारण उत्पन्न पेयजल संकट से अवगत कराते हुए नए बोर खनन की मांग की। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्थल का निरीक्षण कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में इसके अतिरिक्त भूमि एवं राजस्व प्रकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, राशन कार्ड, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत तथा पेयजल सहित विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक आवेदन प्राप्त हुए।

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