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RCB बनाम मुंबई और कोलकाता के हाई-वोल्टेज मैचों से पहले छत्तीसगढ़ सरकार फुल एक्शन में, सुरक्षा से ट्रैफिक तक हर मोर्चे पर सख्त तैयारी - मुख्य सचिव ने तैयारियों की कमान संभाली,

रायपुर, 06 मई 2026/नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी 10 और 13 मई को होने वाले टाटा आईपीएल टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों के बाद अब नवा रायपुर का प्रशासन क्रिकेट के इस महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे दर्शकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी अनुभव मिल सके।

*मैचों का शेड्यूल* 

10 मई 2026 केा रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम मुंबई इंडियंस (डप्) और 13 मई 2026 को  रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (ज्ञज्ञत्) के मध्य मैच खेला जाएगा।

*सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर*

        मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाली दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर रायपुर को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग एरिया और स्टेडियम के चारों ओर CCTV कैमरों का सघन जाल बिछाया जाएगा। बैरिकेडिंग और पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस, NRDA और BCCI की संयुक्त टीम संभालेगी।

*आपातकालीन सेवाएं*

         फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड रूट (Emergency Route) चिन्हांकित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। आयोजन के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), आयुक्त नगर निगम, संचालक (खेल एवं युवा कल्याण), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और NRDA के CEO सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यद्यपि संपूर्ण आयोजन का उत्तरदायित्व BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का है, लेकिन प्रशासन पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

*नियादी सुविधाओं की उपलब्धता*

         लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को स्टेडियम में पानी के सुचारू प्रवाह और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को मैचों के दौरानछत्तीसग्ढ विद्युत वितरण कंपनी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं।

        बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, PHE सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खेल सचिव श्री यशवंत कुमार और कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह सहित पुलिस विभाग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और CSPDCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों से सौंपी आवास की चाबी, मनरेगा बना आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, योजनाओं के सुरक्षा कवच से बदली जिंदगी की तस्वीर

रायपुर, 06 मई 2026/जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है।

*प्रधानमंत्री के हाथों मिली खुशियों की चाबी*

       कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी।

*मनरेगा- आत्मनिर्भरता की नई इबारत*

      पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है।

*योजनाओं के सुरक्षा कवच और बदला जीवन*

       शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।

         'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन  के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।

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07 मई को ग्राम पंचायतों में विकास का महाकुंभ: चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास अभियान से गांवों में दिखेगा सुशासन का नया मॉडल

रायपुर, 06 मई 2026/ छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।

*प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान*

        इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना।

*विकास के तीन मुख्य स्तंभ*

        रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।

*तकनीक और सहभागिता से सुशासन*

        अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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09 मई को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन* *लम्बित मामलों का होगा निराकरण

रायपुर, 06 मई 2026/भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम जनता तक पहुचने तथा आपसी सहभागिता एवं सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत आरंभ होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का निराकरण सम्पन्न होगा। 

विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22, 23 अगस्त को किया जाएगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व सुलह बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। वार्ता की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारभ हो चुकी है। इस समाधान शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निष्पादन करना है। अधिवक्ता वादीगणों एवं संबंधित सभी पक्षों से अपील की गई है कि, सक्रिय रूप से भाग ले एवं आपसी सहमति से  समाधान की दिशा में प्रयास करें। 

सुलाह बैठक में पक्षकार शारीरिक एवं अभासी माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते है, इस बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थता एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सहयोग प्रदान करेगें। अपने मामले को समाधान समारोह विशेष लोक अदालत में सम्मिलित करने केे लिए सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाईट पर गुगल फार्म भरना होगा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई। अधिक जानकारी एवं समाधान के लिए वन स्टाप सेन्टर (बार रूम) के सम्पर्क नम्बर, या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से भी सम्पर्क कर सकते है। 

आधिक जानकारी के लिए समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) हेतु बनाये गये (वन स्टॉप सेन्टर ) (वार रूम) इंचार्ज का सम्पर्क नम्बर 011-2311565652, 011-23116464, सी.आर.पी निदेशक का सम्पर्क नं.-011-23115652  वन स्टॉप सेन्टर (कक्ष क्रं.806 एवं 808 बी ब्लाक), अतिरिक्त भवन परिसर सर्वोच्च न्यायालय लेण्डलाइन नं.-011-23116464 से संपर्क कर सकते है वहीं ई.मेल आई. डी speciallokadalat 2026@sci.in तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर जिला न्यायालय परिसर मो.नं. 0771-24259’44 मो.नं.-8301508992 से भी सम्पर्क किया जा सकता है।

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स्टेट कैपिटल रीजन: छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा,राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास

रायपुर, 06 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन  (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।

            राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

*राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित समेकित विकास*

            स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो।

*मुख्यमंत्री की पहल से विकास को मिली नई गति*

             मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके।

*2031 तक 50 लाख आबादी के लिए व्यापक तैयारी*

            अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

*राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण करेगा समन्वित संचालन*

             स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।

*कानूनी आधार से विकास को मिली मजबूती*

              इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है।

*वित्तीय संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था*

             राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

*निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*

            स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है।

*पहली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*

           छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।

            इसके साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय एवं वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।

बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई।

*समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल*

           राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।

           स्टेट कैपिटल रीजन की पहल छत्तीसगढ़ के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। योजनाबद्ध शहरीकरण, आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

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पद्मश्री फुलबासन यादव से सीधे फोन पर जुड़े मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, कहा — “दोषी कोई भी हो, नहीं बख्शा जाएगा”, त्वरित पुलिस कार्रवाई पर समाजसेवी ने जताया संतोष

रायपुर, 06 मई 2026/ पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर श्रीमती फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली। 
 
मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं।

पद्मश्री श्रीमती फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

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डकैती का फरार आरोपी बना ऑनलाइन IPL सट्टा किंग, गांव में छिपकर चला रहा था नेटवर्क — छाल पुलिस की रेड में खुला पूरा खेल, “ऑपरेशन अंकुश” में बड़ी गिरफ्तारी

 रायगढ़, 4 अप्रैल 2026 । रायगढ़ पुलिस द्वारा “ऑपरेशन अंकुश” के तहत जिले में जुआ-सट्टा और ऑनलाइन बेटिंग के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना छाल पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे पर की गई कार्रवाई में एक ऐसा आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, जो पूर्व में दुष्कर्म और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रह चुका है और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

      पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम बरभौना निवासी चंद्रभूषण डनसेना उर्फ चिन्दु कोई साधारण सटोरिया नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाला आरोपी है। मार्च 2023 में छाल क्षेत्र की एक युवती की रिपोर्ट पर उसके विरुद्ध दुष्कर्म का अपराध दर्ज हुआ था, जिसमें गिरफ्तारी के बाद वह जेल भेजा गया था। जमानत पर छूटने के बाद आरोपी ने रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र स्थित एक ट्रेडिंग ऑफिस में अपने साथियों के साथ डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके विरुद्ध आगे की चालानी कार्रवाई की गई थी। फरारी के दौरान वह ओडिशा-रायपुर-रायगढ़ तथा अपने गांव बरभौना में लुक छिप कर आता जाता और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहा था।

       कल आईपीएल क्रिकेट मैच पंजाब किंग्स इलेवन और Gujarat Titans के बीच चल रहे मुकाबले के दौरान आरोपी द्वारा बॉल टू बॉल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाए जाने की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में छाल पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कुरकुट नदी पुल के पास घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। मौके पर आरोपी चंद्रभूषण डनसेना मिला, जिसके मोबाइल फोन की जांच में क्रिकेट सट्टे से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, ऑनलाइन लेन-देन और हार-जीत के दांव के रिकॉर्ड मिले।

      जांच में यह भी सामने आया कि रूपधर पटेल ने आरोपी को ₹1500 ऑनलाइन ट्रांसफर कर क्रिकेट मैच में दांव लगाया था। पुलिस ने रूपधर पटेल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने सट्टा खेलने की बात स्वीकार की। उसके मोबाइल में फोन-पे ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट से ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य मिले।

         पुलिस ने आरोपी चंद्रभूषण डनसेना के कब्जे से ओप्पो रेनो 15 प्रो 5जी मोबाइल, नगदी राशि तथा आरोपी रूपधर पटेल से मोबाइल और नगदी जब्त कर कुल ₹82,000 से अधिक मूल्य की संपत्ति बरामद की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6, 7 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

           एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर इस कार्रवाई में निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, शंभू पाण्डेय तथा आरक्षक राजेश राठौर, भगवती प्रसाद लक्ष्मे और सलीमा टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश

        *“रायगढ़ जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन बेटिंग जैसे अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। सट्टा खेलने और खिलाने वाले दोनों कानून के दायरे में लाए जाएंगे। युवाओं से अपील है कि ऐसे अवैध गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा कड़ी वैधानिक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”*

*गिरफ्तार आरोपी*-
1. चंद्रभूषण डनसेना उर्फ चिन्दु पिता कमल प्रसाद डनसेना उम्र 28 वर्ष निवासी बरभौना थाना छाल 
2.  रूपधर पटेल पिता गेंदलाल पटेल उम्र 22 वर्ष निवासी बरभौना थाना छाल 

*जप्ती*-
 एक ओप्पो रेनो 15 प्रो 5जी कीमती ₹68,000, एक रियलमी C-25S कीमती ₹12,000, नगदी ₹2,230 सहित सट्टे से संबंधित सामग्री

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“इंस्टाग्राम रील के लिए मौत से खेल रहा था युवक!” — तेज रफ्तार बाइक पर खतरनाक स्टंट कर बनाया वीडियो, वायरल होते ही रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई, तमनार पुलिस ने दबोचकर ठोका भारी जुर्माना

 रायगढ़, 03 मई* । सोशल मीडिया पर खतरनाक तरीके से बाइक चलाते हुए स्टंटबाजी का वीडियो पोस्ट करना एक युवक को भारी पड़ गया। इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक सार्वजनिक सड़क पर तेज रफ्तार और खतरनाक अंदाज में बाइक चलाते हुए नजर आया था। 

     वायरल वीडियो को गौर से देखे जाने पर वीडियो थाना तमनार क्षेत्र का पाया गया, जिस पर थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव द्वारा तत्काल एक्शन लेते हुए युवक की पतासाजी की गई । युवक की पहचान शाश्वत सिदार पिता नरेंद्र सिदार उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम कुंजेमुरा, तमनार के रूप में की गई। शाश्वत सिदार के पिता  नरेंद्र सिदार रिटायर्ड पुलिसकर्मी है । युवक को थाना बुलाकर उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो के संबंध में पूछताछ की गई, जहां उसने वीडियो स्वयं द्वारा बनाया और पोस्ट किया जाना स्वीकार किया। 

       थाना प्रभारी द्वारा युवक को सड़क पर इस प्रकार की स्टंटबाजी से होने वाले गंभीर हादसों और उसके कानूनी परिणामों से अवगत कराते हुए कड़ी फटकार लगाई गई। साथ ही तेज एवं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत युवक पर भारी जुर्माना कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

       संपूर्ण कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर की गई, इस कार्रवाई को लेकर श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि *“सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे कृत्य करने वालों पर, चाहे वे पुलिस परिवार से या किसी भी प्रभाव अथवा पहचान से जुड़े हों, कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी कानून सबके लिए समान है”*

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“गांव-गांव में सुरक्षा का संदेश: महलोई जनचौपाल में गूंजा जागरूकता का बिगुल, पुलिस ने अपराध से लेकर साइबर फ्रॉड तक हर खतरे पर दी सख्त चेतावनी

03 मई, रायगढ़  । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कल थाना तमनार क्षेत्र के ग्राम महलोई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर के नेतृत्व में पुलिस जनचौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। इस जनचौपाल में टीआई प्रशांत राव द्वारा सरल और विस्तृत तरीके से समझाते हुए ग्रामीणों को अपराधों के प्रति सजग और जागरूक किया गया।

जनचौपाल में थाना प्रभारी ने विशेष रूप से महिला सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नाबालिगों और महिलाओं से संबंधित अपराध जैसे छेड़खानी, घरेलू हिंसा, पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी और अपहरण जैसे मामलों में वर्तमान कानून के तहत कठोर सजा और त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को अच्छे संस्कार दें ताकि वे किसी के बहकावे में न आएं। साथ ही “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 9429270533 की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी महिला पीड़ित को तत्काल पुलिस सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त डायल 112, पुलिस कंट्रोल रूम 9479193299 सहित थाना प्रभारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क नंबर भी साझा किए गए।

साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को विशेष रूप से सचेत किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल या सोशल मीडिया के माध्यम से अज्ञात व्यक्तियों पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी स्थिति में अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या ओटीपी साझा न करें और किसी भी अनजान लिंक या लालच भरे ऑफर से दूर रहें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

इसके साथ ही सड़क सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि तेज गति से वाहन चलाना, बिना हेलमेट के दोपहिया चलाना और शराब पीकर वाहन चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है। सभी से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई।

        थाना प्रभारी ने नशे के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस और तमनार पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की और कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

           इस जनचौपाल में तमनार थाना का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और ग्रामीणों के साथ संवाद कर उन्हें सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

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“ऑपरेशन तलाश” का असरदार वार: अप्रैल में रायगढ़ पुलिस ने 251 गुम इंसानों को ढूंढकर रचा इतिहास, 36 नाबालिगों की सुरक्षित वापसी से 251 परिवारों में लौटी खुशियों की बहार”

 रायगढ़, 03 मई* । राज्य स्तर पर गुम इंसानों की खोज के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” के तहत रायगढ़ पुलिस ने अप्रैल माह में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए *कुल 251 गुम इंसानों को दस्तयाब किया है*। इनमें 36 नाबालिग तथा 215 बालिग युवक-युवतियां शामिल हैं। अभियान के दौरान नाबालिगों की गुमशुदगी से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी थाना प्रभारियों ने लगातार कार्रवाई कर कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर की विशेष मॉनिटरिंग में संचालित किया गया साथ ही अनुविभागीय पुलिस अधिकारी खरसिया श्री प्रभात पटेल तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी एवं डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी ने अपने पर्यवेक्षणीय थानों की मॉनिटरिंग की जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आए हैं।

     नाबालिगों से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए जिले के भीतर ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों तक पहुंचकर बच्चों को सकुशल वापस लाया। जिन मामलों में नाबालिगों को बहला-फुसलाकर भगाने या शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई, वहां आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई। बीते दिनों जूटमिल, पूंजीपथरा और कोतवाली पुलिस ने कई अहम मामलों में त्वरित कार्रवाई कर नाबालिगों को सुरक्षित दस्तयाब किया। गुम नाबालिगों से जुड़े मामलों में साक्ष्य के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है।

         इस अभियान में सबसे अधिक 42 गुम इंसान की खोज लैलूंगा थाने द्वारा की गई है, जिसमें से एक गुम इंसान को दिल्ली से लाया गया है । उसके बाद थाना चक्रधरनगर 29, जूटमिल 27, पूंजीपथरा 24, कोतवाली और पुसौर 23-23, कोतरारोड और भूपदेवपुर 12-12, घरघोड़ा 11, कापू 10, तमनार 9, धरमजयगढ़ 8, खरसिया 7, चौकी खरसिया 4, चौकी जोबी 3, चौकी रैरूमाखुर्द 1 गुम इंसानों को खोज निकला । थाने में दर्ज गुम इंसानों और दस्तयाब प्रतिशत के अनुसार थाना भूपदेवपुर का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा ।

✔️ *कुछ उल्लेखनीय केस*-

???? *केस नं. 1*
जूटमिल पुलिस ने गुम बालिका को चंद्रपुर से किया दस्तयाब, आरोपी गिरफ्तार
थाना जूटमिल में दर्ज गुमशुदगी मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद किया। जांच में सामने आया कि आरोपी विकास यादव बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा।

???? *केस नं. 2*
जूटमिल पुलिस पंजाब के जालंधर पहुंची, नाबालिग बालिका को सकुशल वापस लाया
एक अन्य मामले में थाना जूटमिल पुलिस ने लगातार पतासाजी कर पंजाब के जालंधर से नाबालिग बालिका को दस्तयाब किया। जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सनत कुमार भट्ट के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर जेल भेजा गया।

???? *केस नं. 3*
पूंजीपथरा पुलिस ने अंबिकापुर से नाबालिग को किया दस्तयाब, आरोपी पर वैधानिक कार्रवाई
थाना पूंजीपथरा में दर्ज मामले में पुलिस टीम ने लगातार खोजबीन कर अंबिकापुर से 15 वर्षीय बालिका को बरामद किया। पीड़िता के कथन और साक्ष्य के आधार पर आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

???? *केस नं. 4*
कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे में गुम बालिका को खोज निकाला, आरोपी गिरफ्तार
थाना कोतवाली में दर्ज गुमशुदगी मामले में पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर डभरा से 13 वर्षीय बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। जांच में आरोपी रमेश यादव द्वारा शादी का झांसा देकर बालिका को ले जाना सामने आया, जिस पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

                  *“गुम नाबालिगों और महिलाओं से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। बच्चों को बहला-फुसलाकर भगाने या उनका शोषण करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अभिभावक भी बच्चों की गतिविधियों और उनके सोशल संपर्कों पर सतत निगरानी रखें।”*

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“सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान में सख्ती: औचक निरीक्षण से मची हलचल, वैक्सीन भंडारण से लेकर नारकोटिक दवाओं तक खंगाले रिकॉर्ड

रायगढ़, 3 मई 2026/ जिले में “सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा औषधि प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 3 मई को विभिन्न फर्मों का निरीक्षण किया गया। जांच दल द्वारा रायगढ़ में ओ.पी. जिंदल फार्मेसी, जगन्नाथ फार्मा, प्रगति इंटरप्राइजेज तथा प्राची मेडिकोज में औचक निरीक्षण किया गया।
          निरीक्षण के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों के तहत वैक्सीन के सुरक्षित भंडारण, कोल्ड चेन मेंटेनेंस तथा आवश्यक अभिलेखों की जांच की गई। साथ ही एनआरएक्स (नारकोटिक/प्रतिबंधित दवाओं) से संबंधित दस्तावेजों का भी परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को दवाओं के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता बनाए रखने तथा शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत आगे भी जिले में नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।

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वार्ड क्रमांक 6 में 50 लाख की लागत से बने अत्याधुनिक सामुदायिक भवन का भव्य लोकार्पण, क्षेत्रवासियों को मिली सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए नई पहचान

रायगढ़, 3 मई 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 6 में अधोसंरचना मद से निर्मित 50 लाख रुपए की लागत वाले सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने वार्डवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन क्षेत्र के लोगों के लिए सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें जो अपार विश्वास और आशीर्वाद दिया है, उसे विकास कार्यों के माध्यम से लौटाना उनका नैतिक दायित्व है।
            वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि शहर में अधोसंरचना एवं जनसुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ में कला महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, प्रयास विद्यालय, स्विमिंग पूल, शहर के विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजोन, सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण तथा गजमार पहाड़ी और बाल समुंद तालाब का सौंदर्यीकरण जैसे अनेक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली एवं बीटी सड़कों का निर्माण भी प्रगति पर है।
            वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने के लिए प्रदेश के 22 स्थानों पर नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें रायगढ़ का नालंदा परिसर लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रहा है। इसके साथ ही बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नव गुरुकुल संचालित किया जा रहा है, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए शासन, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर निरंतर प्रयास करना होगा। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री सुरेश गोयल, श्री विकास केडिया, श्रीमती पूनम सोलंकी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

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स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में स्वशासी समिति की बैठक संपन्न,बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

रायगढ़, 3 मई 2026/ स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में आज छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति की साधारण सभा (स्वशासी समिति) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। बैठक में वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री रितेश अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत सहित चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
              बैठक में सर्वप्रथम पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की विस्तार से समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावीन एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मरीजों को उन्नत एवं त्वरित जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रंगीन डॉप्लर, स्तन जांच मशीन (मेमोग्राफी), जोड़ दूरबीन जांच (आर्थ्राेस्कोपी), प्रतिरक्षा ऊतक रसायन जांच, हार्मोन जांच तथा एमआरआई मशीन की खरीदी को स्वीकृति प्रदान की गई। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को उच्च स्तरीय जांच सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
            बैठक में अस्पताल परिसर में जनऔषधि केंद्र के साथ अमृत औषधि केंद्र प्रारंभ करने तथा मरीजों एवं परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चौबीसों घंटे कैंटीन संचालन की स्वीकृति दी गई। साथ ही शहर से मेडिकल कॉलेज तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए सिटी बस सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सुविधा मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए चिकित्सा उपकरणों के वार्षिक रखरखाव अनुबंध एवं समग्र रखरखाव अनुबंध को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही चिकित्सालय में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स सहित विभिन्न पदों पर भर्ती के संबंध में भी निर्णय लिए गए। आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऑक्सीजन सिलेंडर एवं अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बाल्य एवं शिशु रोग विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष में बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने एवं उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर उपचार मिल सके। मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त अध्ययन कक्ष तथा खेल मैदान विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे उन्हें अध्ययन के साथ-साथ समग्र विकास के अवसर प्राप्त हो सकें।
            बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता स्वर्गीय डॉ. विनित जैन के उल्लेखनीय योगदान को स्मरण करते हुए अस्थिरोग विभाग का नामकरण उनके नाम पर करने तथा उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों से चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच में व्यापक सुधार होने की अपेक्षा व्यक्त की गई। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करते हुए आमजन को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

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स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने मेडिकल कॉलेज परिसर में बहु-आयामी परियोजनाओं का किया भूमिपूजन

रायगढ़, 3 मई 2026/शासन द्वारा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आज स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय भवन, 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) अस्पताल के लिए स्टाफ क्वार्टर तथा 10 बिस्तरीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भवन के निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। भूमिपूजन किए गए निर्माण कार्यों में फिजियोथेरेपी महाविद्यालय भवन हेतु 1393.71 लाख रुपये, 100 बिस्तर एमसीएच अस्पताल के लिए स्टाफ क्वार्टर निर्माण हेतु 393.79 लाख रुपये तथा 10 बिस्तरीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र हेतु 280.57 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है। 
           कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा एवं वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज रायगढ़ में जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया है, वे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे पैरामेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिला है। उन्होंने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का संपूर्ण विज्ञान है। आने वाले समय में इसे बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा, ताकि लोग दवाओं पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ रह सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार नए मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज तथा विशेष चिकित्सा इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। शासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो।
             वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है, वे रायगढ़ के भविष्य को नई दिशा देने वाली हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जैसे नर्सिंग कॉलेज, आधुनिक लाइब्रेरी, नदी तट विकास एवं अन्य अधोसंरचनात्मक कार्य भी प्रगति पर हैं, जो जिले के समग्र विकास को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में रायगढ़ स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होगा। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं सिकल सेल कार्ड का वितरण कर उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि श्री अरुणधर दीवान, श्री गुरूपाल भल्ला, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएसी) के प्रबंध संचालक श्री रितेश कुमार अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मंच का संचालन प्राचार्य श्री राजेश डेनियल ने किया।

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8वें वेतन आयोग की सिफारिशें राज्यों में भी लागू हों, महंगाई एक तो वेतन-पेंशन भी एक” — फेडरेशन की जोरदार मांग, ₹18,000 से ₹69,000 तक न्यूनतम वेतन करने का बड़ा प्रस्ताव

 जशपुर 
आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन नवंबर 2025 में जस्टिस रंजना प्रसाद देसाई (सेवानिवृत्त जज सुप्रीम कोर्ट) के अध्यक्षता में हुआ था। कर्मचारियों के वेतन संरचना,भत्ते एवं अन्य सेवा/
पेंशन लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है।केंद्रीय कर्मचारियों के साथ साथ राज्य के कर्मचारियों को काफी उम्मीदें हैं।
   छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने 8 वे वेतन आयोग को ई-मेल द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उक्त जानकारी देते हुए फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने बताया कि वेतन मैट्रिक्स में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) जोकि 7 वें वेतनमान में 2.57 था,को, 8 वे वेतनमान में  3.68 %/3.83 % करने का सुझाव दिया है।यदि इसे स्वीकार किया जाता है,तो न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 प्रति माह हो सकता है। शासकीय विभागों के उच्च पदों पर संविदा नियुक्ति (contractual recruitment) के स्थान पर इनके फीडर पदों से पदोन्नति  अथवा सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने का सुझाव दिया है।
  उन्होंने बताया कि 12 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए,न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 के आसपास तय की जानी चाहिए।महंगाई भत्ता/राहत (DA/DR) का विलय का सुझाव: वर्तमान में (जनवरी 2026 से) 60% DA मिल रहा है। इसके 50% को 8 वें वेतन आयोग के लागू होने पर मूल वेतन में मर्ज (विलय) किया जाना चाहिए। इससे नए वेतन की गणना किया जाना चाहिए।अंतिम निर्णय होते तक अंतरिम राहत (interim relief) के घोषणा का सुझाव दिया है। चूंकि 8 वां वेतनमान 1 जनवरी 26 से प्रभावशील होगा अतः वेतन एरियर्स के भुगतान के तरीका का उल्लेख रिपोर्ट में करने का आग्रह किया है।सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) सुझाव: सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने का सुझाव दिया है। ताकि बढ़ती महंगाई के साथ सैलरी का तालमेल बना रहे।
    उन्होंने बताया कि न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के स्थान पर और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने का सुझाव दिया गया है।जोकि कर्मचारी एवं उसके परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।जनवरी 26 से न्यूनतम पेंशन ₹ 9000 में सम्मानजनक वृद्धि का सुझाव दिया है।गृहभाड़ा भत्ता (HRA) को बढ़ाकर 30% (Z श्रेणी),Y 35 % और X को 40%  करने का सुझाव दिया है।ऑफिस के काम को डिजिटल बनाने के लिए ₹2,000 का मासिक इंटरनेट भत्ता। सेवाकाल में न्यूनतम 3 सुनिश्चित प्रमोशन का प्रस्ताव दिया है।सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने का सुझाव दिया है।ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ाकर ₹ 50 लाख करने का सुझाव दिया है। केंद्रीय वेतन आयोग के सिफारिशों को राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए लागू करने का सुझाव दिया है।

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चैनपुर में लगेगा मिर्गी रोगियों के लिए मेगा फ्री हेल्थ कैम्प — AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच, प्रशासन से लेकर बैंक और सामाजिक संस्थाओं तक को अलर्ट

चैनपुर। क्षेत्र के मिर्गी (एपिलेप्सी) से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। आगामी 12 मई 2026, मंगलवार को चैनपुर में एक विशेष निःशुल्क मिर्गी जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सक सीधे मरीजों की जांच करेंगे। इस शिविर को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है, ताकि अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकें।

यह महत्वपूर्ण शिविर जिला स्वास्थ्य समिति, गुमला के तहत संचालित प्रोजेक्ट आशा – फाइटिंग एपिलेप्सी एंड सुपरस्टिशन के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। शिविर का नेतृत्व न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ममता भूषण सिंह (MBBS, MD, DM) द्वारा किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बड़े संस्थान की उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।

जानकारी के अनुसार, इस आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश 21 अप्रैल 2026 को सिविल सर्जन कार्यालय, गुमला में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में दिए गए थे। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग और संबंधित इकाइयों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शिविर का आयोजन चैनपुर में नव निर्मित डॉक्टर आवास, पुराना एसडीओ कार्यालय के सामने किया जाएगा, जहां मरीजों की निःशुल्क जांच, परामर्श और आवश्यक चिकित्सा सलाह दी जाएगी।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, विभिन्न चिकित्सा पदाधिकारी, शिक्षा, पशुपालन, आपूर्ति विभाग, बैंकिंग संस्थाएं, पुलिस प्रशासन, डाक विभाग, वन विभाग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी से अपने-अपने स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक मरीजों को शिविर तक पहुंचाने की अपील की गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में मिर्गी रोग को लेकर अब भी कई तरह के भ्रम और अंधविश्वास व्याप्त हैं, जिसके चलते कई मरीज सही समय पर इलाज नहीं ले पाते। ऐसे में यह शिविर न केवल इलाज का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि लोगों को जागरूक कर अंधविश्वास के खिलाफ भी एक मजबूत संदेश देगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र के सैकड़ों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा।

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5 हजार रुपये के उधार ने ली जान — कापू थाना क्षेत्र में युवक की रहस्यमयी मौत निकली हत्या, पुलिस ने अंधे हत्याकांड का किया चौंकाने वाला खुलासा

रायगढ़ : जिले के कापू थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हीचुआ में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आखिरकार बड़ा खुलासा कर दिया है। करीब पांच दिन पहले मिली लाश के मामले में पुलिस ने अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे गांव में फैली सनसनी के बीच पुलिस की सघन जांच ने सच्चाई सामने ला दी।

मिली जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल की सुबह गांव के लोगों को उस समय हड़कंप मच गया जब 30 वर्षीय देवव्रत तुरी का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में पड़ा मिला। शव पर चोट और दबाव के निशान साफ दिखाई दे रहे थे, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा था। सूचना मिलते ही कापू पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना और गले की हड्डी टूटना सामने आया, जिससे यह साफ हो गया कि युवक की हत्या की गई है।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने गांव के लोगों, परिजनों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक और गांव के ही करमसाय नगेसिया के बीच लंबे समय से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने करमसाय को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जहां उसने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपी ने बताया कि उसने करीब छह साल पहले देवव्रत को पांच हजार रुपये उधार दिए थे, जो बार-बार मांगने के बावजूद वापस नहीं मिले। इसी बात को लेकर उसके मन में गुस्सा और रंजिश थी। 26 अप्रैल की रात शादी समारोह से लौटते समय उसने देवव्रत को अकेला देखा और गुस्से में आकर उसे पकड़ लिया। आरोपी ने उसका मुंह और गला दबाकर जमीन पर गिराया और तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद उसने शव को घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो।

पुलिस ने आरोपी करमसाय नगेसिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी इगेश्वर यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

इधर, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद का समाधान आपसी बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से करें, न कि हिंसा का रास्ता अपनाएं।

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शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन: बलरामपुर की कछिया पंचायत ने रचा इतिहास, बाल हितैषी पहल में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर , 1 मई 2026/
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता “सबका साथ, सबका विकास” की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।

 
ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है।


प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया।

ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

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