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राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान में रायगढ़ को विशेष सम्मान

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत संचालित जेंडर अभियान के प्रभावी और योजनाबद्ध क्रियान्वयन के लिए रायगढ़ जिले को राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान कार्यशाला में विशेष सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जिला पंचायत तथा बिहान मिशन की टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान कार्यशाला का आयोजन सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर में किया गया, जहां रायगढ़ जिले को जेंडर अभियान की प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) का पूर्ण क्रियान्वयन करते हुए राज्य में सर्वाधिक प्रविष्टि दर्ज करने के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले द्वारा समयबद्ध, सटीक और पारदर्शी सूचना प्रविष्टि के साथ-साथ जेंडर संवेदनशील कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रदान किया गया।
जिले की ओर से यह सम्मान एनआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अविक बासु, जेंडर मास्टर ट्रेनर श्रीमती मेनका सिदार एवं एफएनएचडब्ल्यू मास्टर ट्रेनर श्रीमती गीतमला दीदी ने सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर में उपस्थित होकर ग्रहण किया।
उल्लेखनीय है कि ‘नई चेतना 4.0’ एक माह की अवधि का राष्ट्रीय स्तर का विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा, समानता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है। यह अभियान दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार के 11 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। अभियान के माध्यम से महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, जागरूकता, संस्थागत समन्वय और आजीविका सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। रायगढ़ जिले को यह सम्मान जिला प्रशासन, जिला पंचायत, बिहान मिशन की टीम, जेंडर मास्टर ट्रेनर्स तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वयं सहायता समूहों और कर्मचारियों के सुनियोजित प्रयास, बेहतर आपसी समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन के फलस्वरूप प्राप्त हुआ है।

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रायगढ़ जिले में ग्रामीण विकास को मिली डिजिटल गति, युक्तधारा पोर्टल से जीआईएस आधारित पंचायत प्लानिंग की शुरुआत

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप रायगढ़ जिले में ग्रामीण विकास को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकसित युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जिले में जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत प्लानिंग की शुरुआत कर दी गई है। इस नवाचार से ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के निर्माण, परीक्षण और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल एवं भू-स्थानिक तकनीक से जुड़ गई है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि इस डिजिटल पहल से युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से की जा रही जीआईएस आधारित प्लानिंग से कार्यों की दूरदर्शी योजना संभव हो सकेगी। कार्यस्थल पहले से चिन्हित होने के कारण भूमि विवाद नहीं होंगे और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
रायगढ़ जिले के सभी 7 विकासखंडों में तकनीकी अमले द्वारा इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन सुनिश्चित किया जा रहा है। योजना निर्माण में भू-स्थैतिक विश्लेषित कार्य एवं गैर भू-स्थैतिक विश्लेषित कार्य के संतुलन को विशेष रूप से ध्यान में रखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार हो सकें।

जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि युक्तधारा पोर्टल की विशेषता यह है कि इसमें भौगोलिक योजना निर्माण, क्षेत्र उपचार योजना, पंचायत से लेकर विकासखंड स्तर तक ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया तथा नरेगासॉफ्ट के साथ पूर्ण एकीकरण किया गया है। तकनीकी सहायकों की टीम क्लस्टर आधारित स्थल चयन के पश्चात ग्राउंड ट्रुथिंग कर जियो-फेंसिंग, फोटोग्राफ, मानचित्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यों को पोर्टल पर अपलोड कर रही है।
इस डिजिटल व्यवस्था से ग्राम पंचायत स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता, योजनाओं में अनियमितता पर प्रभावी रोक तथा शासकीय धन के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों की सीमा अथवा बाउंड्री भी स्पष्ट रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई देगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी विवाद की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए तकनीकी टीमों को  निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों में इस नई व्यवस्था को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि युक्तधारा पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से रायगढ़ जिला डिजिटल ग्रामीण विकास का आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

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रायगढ़ : महापौर व सभापति ने बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का किया शुभारंभ,जिले में 1.79 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य

रायगढ़, 21 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के अंतर्गत रविवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंदिरा नगर (मोदीनगर) में अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर निगम के सभापति द्वारा नवजात  शिशुओं को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर अभियान की विधिवत शुरुआत की गई।अभियान का उद्देश्य देश एवं प्रदेश को पूर्णतः पोलियो मुक्त बनाए रखना है। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री  मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विस्तृत सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की गई है।
इस अवसर पर महापौर श्री चौहान ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि शून्य से पाँच वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। “दो बूंद जिंदगी” के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की दवा पिलाना समाज और राष्ट्र के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत रायगढ़ जिले में 21 दिसंबर से तीन दिवसीय अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत शून्य से 05 वर्ष आयु वर्ग के 1,79,959 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1307 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं।
प्रथम दिवस बूथ स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है, जबकि द्वितीय एवं तृतीय दिवस स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी।
अभियान की व्यापक जानकारी एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कोटवारों द्वारा मुनादी कराई जा रही है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही विभिन्न स्वयंसेवी एवं समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।

भीषण ठंड के बावजूद दिखा जनसहभागिता का उत्साह

सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावक अपने छोटे बच्चों को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अभिभावकों में पोलियो के प्रति जागरूकता और बच्चों के स्वस्थ भविष्य को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, जिससे अभियान को सफल बनाने में जनसहभागिता का सकारात्मक संदेश मिला।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद त्रिवेणी डहरे, 
श्री महेश सिंह, राज्य सलाहकार, राष्टीय स्वास्थ्य मिशन रायपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. प्रशांत, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोनाली मेश्राम,  डॉ. सेमतिका शर्मा, मीडिया अधिकारी उमा महंत, चोलेश्वर सिंह पटेल, हलधर यादव, सुनील पटेल सहित मितानिन दीदियाँ, स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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शिक्षकों की अभिनव पहल डुडुंगजोर के विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाने  का लिया संकल्प 

जशपुरनगर,
  जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखण्ड में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के शिक्षकों ने संकुल समन्वयक रविशंकर यादव के पहल से अपने विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए कमर कस ली है। 
         इन दोनो विद्यालय के सभी शिक्षक एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक गत दिनों यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता से मिलने  जशपुर आये और उनसे मुलाकात कर शासकीय प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला डुडुंगजोर को आदर्श विद्यालय के रूप में  विकसित करने की बात कही और इसके लिए मार्गदर्शन मांगा। इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के नोडल् अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने उन्हे आदर्श विद्यालय बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए बताया कि विद्यालय के शिक्षकों को सबसे पहले पालकों का भरोसा जितना होगा, भरोसा जितने के लिए ग्रामवासियों के मन को जितना होगा। शिक्षकों को ग्राम में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र जाना होगा और वहां दर्ज बच्चों की पुरी जानकारी लेकर उनके पालकों से घर जाकर सम्पर्क करना होगा और यह तय करना होगा कि आंगनबाड़ी केन्द्र में दर्ज बच्चों की शिक्षा उनके स्तर के अनुरूप अनिवार्य रूप से हो। इसके लिए शिक्षकों को सप्ताह में कम से कम एक दिन केन्द्र जाना होगा। श्री गुप्ता ने कहा कि अच्छा काम करने लिए समय से ज्यादा काम करना पड़ता है। सबसे पहले ग्रामवासियों को यह भरोसा दिलायें कि उनके स्कूल में बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। शिक्षकों को स्कूल के विकास के लिए सतत् प्रयास करना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि शिक्षक की जिम्मेदारी है कि उन्हें बच्चों का भविष्य बनाना है। शिक्षक को बच्चों के व्यक्तित्व का विकास कर बड़ो का आदर करना सिखाना होगा। 
        यदि एक शिक्षक रोज अपना बेस्ट अपनी पूरी क्षमता से बच्चों को देता है तो कोई भी उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है। शिक्षकों को बच्चों को भी अपनी पूरी क्षमता का उपयोग ईमानदारी से करना सिखाना चाहिए। शिक्षकों को कम अच्छे बच्चों के स्तर को ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम पूरा करना चाहिए और बच्चों को भरपुर लिखने का अभ्यास करना चाहिए। शिक्षकों को सदा प्रयास करना चाहिए कि बच्चों को विषयवस्तु को अच्छे से समझाये ना कि रटवायें। श्री गुप्ता ने कहा कि कभी भी शिक्षक या विद्यालय आदर्श नहीं होता बल्कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे आदर्श होते हैं। विद्यालय के प्रधान पाठक व शिक्षकों को यह प्रयास करना चाहिए कि विद्यालय परिसर का वातावरण रुचिकर हो  और बच्चों को मजा आये। बच्चों में यह रूचि जागृत करना चाहिए कि बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आये। इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय सहित शैक्षिक संकुल समन्वयक रविशंकर यादव, प्रधानपाठक मार्टिन कुजूर, शिक्षक पंचराम सिदार, प्रेम जार्ज एक्का, दीनदयाल पटेल, पदमलोचन पटेल, अशोक कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

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नोनी जोहार’ में जशपुर का जलवा, साइबर सुरक्षा प्रस्तुति से राज्य में बना नंबर वन,यूनिसेफ के मंच पर रचा इतिहास,राज्य स्तर पर मिला पहला पुरस्कार

रायपुर। रायपुर स्थित बेबीलोन होटल में यूनिसेफ (UNICEF) द्वारा आयोजित ‘नोनी जोहार’ राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जशपुर जिले के यूनिसेफ स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 15 जिलों से चयनित स्वयंसेवकों ने सहभागिता की, जिसमें जशपुर जिले के 11 युवाओं ने जिले का प्रतिनिधित्व किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों द्वारा विषय आधारित स्टॉल और प्रस्तुतियां दी गईं। जशपुर जिले की टीम ने “साइबर सुरक्षा” विषय पर ‘शक्तिमान बना साइबर का हीरो’ थीम के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में साइबर अपराध से एक युवा की जान बचाने का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया, जिसे निर्णायकों और दर्शकों ने सराहा। इस प्रस्तुति को राज्य स्तर पर प्रथम स्थान मिला।
इस उपलब्धि में जशपुर पुलिस का सहयोग उल्लेखनीय रहा। जिले के पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह का मार्गदर्शन स्वयंसेवकों को प्राप्त हुआ। नाटक की शुरुआत में उनके शुभकामना संदेश का प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रसारण किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि जशपुर के युवाओं का साइबर योद्धा के रूप में चयन पूरे जिले और पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेता आकाश सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त निदेशक नंदलाल, अभिनेत्री स्मृति कालरा, यूनिसेफ के अधिकारी अभिषेक सिंह एवं चेतना देसाई सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
जशपुर जिले की ओर से जिला समन्वयक शालिनी गुप्ता, विकासखंड समन्वयक गुरुदेव प्रसाद एवं पंकज यादव सहित स्वयंसेवक नेहा, रिंटा, सविता, अनुरूप, गोपाल, गुलसन, रितेश राज, आशुतोष, धनसिंह और विकास ने सहभागिता की। इस अवसर पर स्वयंसेवक धनसिंह ने ‘शक्तिमान’ का रूप धारण कर आम जनता को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए।

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घने वनांचल के विद्यालय पहुँचे कलेक्टर, शिक्षा के नवाचारों को सराहा,विद्यार्थियों से संवाद कर शैक्षणिक गुणवत्ता की सराहना, अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया

रायगढ़, 20 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी घरघोड़ा एवं धरमजयगढ़ विकासखण्ड के दौरे पर थे। इसी दौरान उन्होंने धरमजयगढ़ तहसील के अंतिम छोर पर स्थित सुदूर वनांचल क्षेत्र के ग्राम पंचायत देउरमार के आश्रित ग्राम लामीखार में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया और स्कूल में बच्चों के शारीरिक,मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए किए जा रहे नवाचार प्रयासों का मुआयना किया और बच्चों के सीधे रुबरु हुए। उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों तथा समग्र शिक्षण वातावरण का अवलोकन कर विद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
         कलेक्टर ने कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी शैक्षणिक समझ, भाषा ज्ञान एवं आत्मविश्वास का आकलन किया। विद्यार्थियों द्वारा हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में सहजता से दिए गए उत्तरों से कलेक्टर अत्यंत प्रसन्न दिखाई दिए। उन्होंने बच्चों की अभिव्यक्ति क्षमता, अनुशासन एवं सीखने की रुचि की प्रशंसा करते हुए इसे शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का परिणाम बताया। कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में निर्मित पूर्णतः शिक्षण-अनुकूल प्रिंट-रिच वातावरण का अवलोकन किया। कबाड़ से जुगाड़ की अवधारणा पर आधारित पवन चक्की, सौर ऊर्जा मॉडल, यातायात संकेत, माइलस्टोन, भारत एवं छत्तीसगढ़ के मानचित्र सहित विविध शिक्षण सामग्री को उन्होंने अनुभव आधारित शिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कलेक्टर ने कहा कि इस प्रकार के नवाचार बच्चों में जिज्ञासा, तार्किक सोच एवं व्यवहारिक ज्ञान को विकसित करते हैं। 
           कलेक्टर ने मुस्कान पुस्तकालय के अंतर्गत संचालित बंद पुस्तकालय, खुला पुस्तकालय एवं चर्चा-पत्र पुस्तकालय का निरीक्षण किया, जहां लगभग 1500 पुस्तकों का संचालन एवं रख-रखाव स्वयं विद्यार्थी करते हैं। उन्होंने बच्चों के जन्मदिवस पर आयोजित “एक दिन का गुरुजी” एवं “आज का फूल” जैसी गतिविधियों को बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने वाला नवाचार बताया। निरीक्षण उपरांत कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला लामीखार को जिले के अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय में किए जा रहे नवाचारों, शिक्षण पद्धतियों एवं सामुदायिक सहभागिता को निरंतर आगे बढ़ाया जाए तथा इन्हें अन्य शालाओं में भी अपनाने हेतु प्रेरित किया जाए।

*किचन गार्डन और पर्यावरण शिक्षा की सराहना*
कलेक्टर ने विद्यालय में विकसित किचन गार्डन, हर्बल गार्डन, मसाला बगान एवं गुलाब गार्डन का भी निरीक्षण किया। विद्यालय परिसर में लगाए गए लगभग 128 किस्मों के फलदार, फूलदार एवं औषधीय पौधों-जिनमें अंजीर, सेव, चंदन, नींबू, कटहल, चिकोतरा एवं मौसंबी शामिल हैं, को उन्होंने पर्यावरण शिक्षा एवं व्यवहारिक अधिगम का सशक्त माध्यम बताया। कलेक्टर ने इस कार्य में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समुदाय की सहभागिता को भी सराहा।

*विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर जताई प्रसन्नता*
लगभग 314 की आबादी वाले इस आदिवासी बहुल गांव में संचालित विद्यालय में वर्तमान में कुल 46 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 30 बालक एवं 16 बालिकाएं शामिल हैं। वर्ष 2025 में विद्यालय के 08 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन हुआ है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विद्यालय में किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं नवाचारों का प्रत्यक्ष परिणाम है, जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी है।

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मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजनाः शिरडी, शनि सिंघनापुर एवं त्रयम्बकेश्वर के लिए श्रद्धालु रवाना

रायगढ़, 20 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत आज वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं को तीर्थ स्थल शिरडी, शनि सिंघनापुर एवं त्रयम्बकेश्वर के दर्शन हेतु विशेष रेल यात्रा के माध्यम से रवाना किया गया। नगर निगम रायगढ़ के महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने आज दोपहर 1 बजे रायगढ़ रेलवे स्टेशन से तीर्थयात्रियों की विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सभी तीर्थ यात्रियों को ठंड से बचाव हेतु गर्म कपड़े (कंबल) भी वितरित किए गए। मौके पर सभापति श्री डिग्रीलाल साहू एवं जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे। 
 उप संचालक समाज कल्याण ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तीर्थयात्रा में रायगढ़ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से कुल 273 यात्रियों का चयन किया गया। शहरी क्षेत्र में नगर पालिक निगम रायगढ़ से 12, नगर पंचायत किरोड़ीमलनगर से 07, नगर पालिका परिषद खरसिया से 10, नगर पंचायत पुसौर, घरघोड़ा, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ से 09-09 यात्री शामिल रहे। वहीं ग्रामीण क्षेत्र से जनपद पंचायत रायगढ़ से 31, खरसिया से 30, पुसौर से 33, घरघोड़ा से 15, तमनार से 27, लैलूंगा से 27 एवं धरमजयगढ़ से 42 तीर्थ यात्री शामिल थे। इसके अतिरिक्त जिला-जशपुर से 391 तथा जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 116 श्रद्धालुओं सहित कुल 800 तीर्थ यात्री इस विशेष यात्रा में सम्मिलित हुए। तीर्थयात्रियों की देखरेख हेतु समाज कल्याण विभाग रायगढ़ से नोडल अधिकारी श्री उग्रसेन पटेल, चिकित्सा सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीण चिकित्सा सहायक श्री राजेश कुमार साहू, तथा सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस विभाग से प्रधान आरक्षक श्री संजय कुमार यादव सहित कुल 20 अनुरक्षक तीनों जिलों से नियुक्त किए गए हैं।

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मूकबधिर एवं श्रवणबधिर दिव्यांगजनों के लिए प्लेसमेंट कैम्प 23 दिसंबर को रायपुर में

रायगढ़, 20 दिसम्बर 2025/ मूकबधिर एवं श्रवणबधिर दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 23 दिसंबर को किया जा रहा है। यह कैम्प प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशेष रोजगार कार्यालय (दिव्यांगजनों के नियोजन हेतु), पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, राजभवन के बाजू, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित होगा।
              उप संचालक समाज कल्याण विभाग रायगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्लेसमेंट कैम्प में फ्लिपकार्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट के 10 पदों पर साक्षात्कार के माध्यम से भर्ती की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को स्कैनिंग, लोडिंग, अनलोडिंग, पैकिंग, पिकिंग एवं शॉर्टिंग जैसे कार्य करने होंगे। चयनित आवेदकों को 11 से 14 हजार प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा तथा कार्यस्थल तेन्दुआ हीरापुर, रायपुर रहेगा। इस प्लेसमेंट कैम्प में छत्तीसगढ़ राज्य के 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के महिला एवं पुरुष मूकबधिर/श्रवणबधिर दिव्यांगजन भाग ले सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ 10वीं, 12वीं एवं स्नातक की अंकसूची, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के मूल दस्तावेज एवं उनकी एक-एक फोटोकॉपी तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा। कैम्प में आने-जाने हेतु किसी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा, वहीं भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर संपर्क किया जा सकता है। प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने हेतु अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल www.e-rojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन भी कर सकते हैं।

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लालपुर में अवैध महुआ शराब पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई,18.200 लीटर महुआ शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 20 दिसम्बर 2025। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में  सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने थाना तमनार अंतर्गत ग्राम लालपुर में अवैध महुआ शराब की बड़ी खेप जप्त की है।
आबकारी विभाग को प्राप्त शिकायत के आधार पर 19 दिसम्बर को आबकारी वृत्त घरघोड़ा की टीम ने ग्राम लालपुर निवासी हीरालाल कालंगा, पिता रामलाल कालंगा के कब्जे से कुल 18.200 लीटर महुआ शराब बरामद की। जप्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 3,640 रुपये आंका गया है।
आबकारी विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
उक्त कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक सुश्री रागिनी पटेल एवं श्री कुशल पटेल, मुख्य आरक्षक श्री राजेश्वर ठाकुर तथा आबकारी आरक्षक श्री लाकेश नेताम, श्री प्रवीण जांगड़े एवं कुमारी अनिशा तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 21 दिसम्बर को :1 लाख 79 हजार हजार से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

रायगढ़, 20 दिसम्बर 2025/ जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन रविवार, 21 दिसम्बर से किया जाएगा। तीन दिवसीय इस अभियान के अंतर्गत जिले के शून्य से 05 वर्ष तक के कुल 1 लाख 79 हजार 959 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले में 1307 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। प्रथम दिवस बूथ स्तर पर टीकाकरण किया जाएगा, जबकि द्वितीय एवं तृतीय दिवस टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएँगी। 21 दिसम्बर को सुबह अभियान का विधिवत जिला स्तरीय शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंदिरा नगर (मोदीनगर), रायगढ़ में किया जाएगा। वहीं सभी विकासखण्डों में जनप्रतिनिधियों द्वारा शुभारंभ किया जाएगा।
           कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 05 वर्ष तक के सभी बच्चों को नजदीकी पल्स पोलियो बूथ पर लाकर पोलियो वैक्सीन की दो बूंद की खुराक अवश्य पिलाएँ, ताकि जिला पोलियो मुक्त बना रहे। 
           जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.बी.पी. पटेल ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान की समस्त तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। अभियान के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक रिपोर्टिंग प्रपत्र, बैनर, पोस्टर, मार्कर पेन, पोलियो वैक्सीन एवं अन्य सामग्री का वितरण कर दिया गया है। इसके साथ ही जिला टास्क फोर्स की बैठक, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, जिला स्तरीय कंट्रोल रूम एवं मॉनिटरिंग टीम का गठन भी किया जा चुका है।

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जंगल बचाने सख्त हुआ विभाग,हरे पेड़ों की कटाई नहीं होगी बर्दाश्त,जलाऊ के नाम पर जंगल उजाड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी 

नारायणपुर  20 दिसम्बर 2025 :
बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में जंगलों से अवैध रूप से जलाऊ लकड़ी लाने वालों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। ईंधन के नाम पर अभ्यारण्य क्षेत्र में सैकड़ों छोटे-छोटे हरे पेड़ों की कटाई किए जाने से वनों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जिससे जंगलों में पेड़ों की कमी साफ दिखाई देने लगी है।
     वन विभागने बताया कि कई ग्रामीण सूखी लकड़ी एकत्र करने के बजाय कच्चे और छोटे पेड़ों को काटकर जलाऊ के रूप में ले जा रहे हैं। इससे न केवल वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
       वन विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से आसपास के गांवों में जाकर लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को अवैध कटाई से होने वाले नुकसान, पर्यावरण संतुलन और वन कानूनों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग समझाइश को अनदेखा कर रहे हैं।
      वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-बार समझाने के बाद भी ग्रामीणों द्वारा अंधाधुंध कटाई जारी है, जिससे अब सख्ती बरतना जरूरी हो गया है। इसी क्रम में विभाग ने जंगल से लकड़ी लाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान के तहत अवैध रूप से लकड़ी काटते पाए जाने पर उनकी टांगी (कुल्हाड़ी) जब्त की जा रही है और नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
       वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईंधन के नाम पर हरे पेड़ों की कटाई किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे केवल सूखी लकड़ी का उपयोग करें और वन संरक्षण में सहयोग दें।
 

  बादलखोल अभ्यारण्य के अधीक्षक श्री आशुतोष भगत ने कहा कि कुछ ग्रामीण के द्वारा शिकायत मिली थी कि जलाऊ के नाम से कच्चा छोटा पेड़ काटा जा रहा है,जिस पर कार्यवाही जारी है। यह अभियान किसी एक दिन का नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगा। बादलखोल अभ्यारण्य की हरियाली और जैव विविधता को बचाने के लिए वन विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी अवैध कटाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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रायगढ़ में खनिजों के अवैध परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 17 वाहन जब्त,खनिजों के अवैध परिवहन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। विगत चार दिनों के दौरान पुसौर, रायगढ़ एवं खरसिया क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन करते हुए कुल 17 वाहनों को जब्त किया गया है।
     जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि 15 दिसंबर को रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 09 वाहन, 17 दिसंबर को पुसौर क्षेत्र में निम्न श्रेणी के चुना पत्थर के अवैध परिवहन में संलिप्त 01 ट्रेलर तथा 18 दिसंबर को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 07 वाहनों पर जप्ती की कार्रवाई की गई। जब्त किए गए वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाना पुसौर, पुलिस थाना खरसिया एवं कलेक्टर कार्यालय परिसर में रखा गया है। अवैध परिवहन में संलिप्त वाहन मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विधि अनुसार कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा सहित जिला खनिज अमले की सक्रिय भूमिका रही। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध आगे भी निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

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कलेक्टर का औचक निरीक्षण: धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा,धान उपार्जन में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के दिये निर्देश

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज शुक्रवार को जिले के सुदूर वनाचल क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड के कटाईपाली-सी और घरघोड़ा विकासखण्ड के ग्राम-टेण्डा नवापारा में संचालित धान खरीदी उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस दौरान समर्थन मूल्य में धान बेचने आए क्षेत्र के किसानों से संवाद किया और उन्हें धान बेचने में मिल रही सुविधाएं और किसानों को रही परेशानियों के संबंध में विस्तार से चर्चा भी की। कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी नीति के तहत स्थापित केंद्रों पर उपार्जन की प्रगति, तौल व्यवस्था, नमी मापक यंत्र, बारदाना की उपलब्धता, भुगतान की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को इस बात का विशेष निर्देश दिया कि वे धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक कुशल, पारदर्शी और किसानों के अनुकूल बनाएं। प्रशासन किसानों की सुविधा और उनके हित में पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है और धान उपार्जन केंद्रों पर किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
              कलेक्टर ने धान बेचने आए किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को सुना। उन्होंने किसानों से टोकन कटने की प्रक्रिया, धान उपार्जन के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और भुगतान की समय-सीमा के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने किसानों को कहा कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और केंद्रों की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से ध्यान देने को कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में तौल व्यवस्था, नमी मापक यंत्रों की कार्यक्षमता, बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और भुगतान प्रणाली पूरी तरह से समयबद्ध और पारदर्शी हो। इस दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि धान खरीदी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और व्यवस्थित हो और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि केंद्रों पर किसानों के बैठने, प्रतीक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्तर पर किसानों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय रहेगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को अवगत कराया गया कि उपार्जन केंद्र धरमजयगढ़ के कटाईपाली-सी में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 657 है। जिसमें आज दिनांक तक धान बेचने वाले कृषक की कुल संख्या 238 है, उपार्जित धान की मात्र 13332.80 क्विंटल उठाव की मात्रा 4359.82 क्विंटल, उठाव हेतु शेष धान की मात्रा 8972.974 क्विंटल है। इसी तरह उपार्जन केंद्र घरघोड़ा के टेंडा नवापारा में कुल पंजीकृत कृषक-1034 है, जिसमें आज दिनांक तक धान बेचने वाले कृषक संख्या-247 है। उपार्जित धान की मात्र 14510.80 क्विंटल है। जिसमें 339.57 को भुगतान किया गया है। उठाव की मात्रा-4129.774 क्विंटल तथा उठाव हेतु शेष धान की मात्रा 10381.03 क्विंटल है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति प्रबंधक, केंद्र कर्मचारी उपस्थित रहे।

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धान खरीदी में किसान खुश, कोचियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 23 हजार किसानों को 307 करोड़ भुगतान...

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में जिले में राज्य शासन द्वारा संचालित धान खरीदी योजना की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अब तक जिले में हुई कुल धान खरीदी, किसान टोकन ‘तुंहर हाथ’ मोबाइल एप की स्थिति, किसानों को भुगतान, खाद-बीज के एवज में ऋण वसूली, धान उपार्जन केंद्रों की बफर सीमा तथा धान के लिए जारी आदेश (डीओ) सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। 
             इस अवसर पर कलेक्टर ने जिले के समस्त धान उपार्जन केंद्र प्रभारियों, जिला नोडल अधिकारियों तथा खाद्य विभाग, जिला विपणन, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धान खरीदी योजना के अंतर्गत किसानों से उनके वास्तविक उत्पादन की खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उपार्जन स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों को अपना सूचना तंत्र और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
            कलेक्टर ने कहा कि कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से उपार्जन केंद्रों तक पहुंचने वाले धान को केंद्र तक पहुंचने से पहले ही रोकना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि कोचियों द्वारा अवैध रूप से धान खपाने की किसी भी तैयारी की जानकारी तत्काल जिला स्तर पर साझा की जाए, ताकि वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी न हो।
            कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने किसानों द्वारा धान विक्रय के पश्चात रकबा समर्पण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे बिचौलियों एवं कोचियों द्वारा धान खपाने की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर सतत निगरानी रखने तथा अवैध धान खरीदी, परिवहन एवं भंडारण के मामलों में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तक धान खरीदी की जा रही है। जिले में धान खरीदी महाभियान को लेकर किसानों में उत्साह का माहौल है। धान खरीदी के सुचारू संचालन के लिए सभी उपार्जन केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छाया की व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपकरण, श्रमिकों की उपलब्धता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। धान की गुणवत्ता जांच के लिए आर्द्रता मापक यंत्र से परीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी 105 धान खरीदी केंद्रों में खरीदी दर, केंद्रवार सूची एवं फ्लैक्स प्रदर्शित किए गए हैं।
            धान विक्रय के लिए किसान ‘तुंहर हाथ’ मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे किसानों के समय की बचत हो रही है और उन्हें सुविधा मिल रही है। बैठक में जानकारी दी गई कि 18 दिसंबर तक रायगढ़ जिले में 23,089 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया है। इनमें 8,896 सीमांत किसान, 12,528 लघु किसान तथा 1,665 दीर्घ किसान शामिल हैं। अब तक जिले में कुल 13,16,691.20 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। किसानों को अब तक 307 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है, वहीं खाद-बीज के एवज में 4,763.30 लाख रुपये की ऋण वसूली की गई है। इसके अतिरिक्त अब तक 12,190 किसानों द्वारा 1034.6495 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया है। जिले में धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई 137 कार्रवाइयों में कुल 29,600.60 क्विंटल धान जब्त किया गया है। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए धान खरीदी अभियान को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं किसान-हितैषी बनाने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी, उप पंजीयक सहित धान उपार्जन केन्द्रों के प्रभारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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रायगढ़ जिला जेल में बंदियों का पहला खेल महाकुंभ: क्रिकेट, शतरंज और कैरम का रोमांच 21 दिसंबर को फाइनल!

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ जिला जेल रायगढ़ में पहली बार बंदियों के स्वस्थ मनोरंजन एवं मानसिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से 21 दिसंबर तक आईपीएल की तर्ज पर नॉकआउट टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही शतरंज एवं कैरम प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है। क्रिकेट प्रतियोगिता में बंदियों की 10 टीमें भाग ले रही हैं, वहीं शतरंज में 52 बंदी एवं कैरम में 76 बंदी प्रतियोगी हिस्सा ले रहे हैं। जिला जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रतियोगिता का फाइनल मैच 21 दिसंबर को खेला जाएगा। इस खेल उत्सव को लेकर बंदियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। दर्शक दीर्घा में बैठे बंदी तालियां बजाकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका मनोरंजन हो रहा है बल्कि बंदियों के बीच सौहार्द, अनुशासन एवं खेल भावना भी विकसित हो रही है। प्रतियोगिता के समापन दिवस 21 दिसंबर को विजेता एवं उपविजेता टीमों तथा प्रतिभागी बंदियों को पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया जाएगा।

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वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल से रायगढ़ को मिली बड़ी सौगात, धरमजयगढ़ में नय संभाग शुरू करने की मिली मंजूरी, 

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में रायगढ़ जिले के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिया गया है। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से जिले में पावर कम्पनी के नए शहर संभाग तथा धरमजयगढ़ में नए संभाग की स्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस निर्णय से शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और उपभोक्ता-हितैषी बनाया जाएगा।
          छ.ग.रा.विद्युत मंडल रायगढ़ के अधीक्षण अभियंता श्री गुंजन शर्मा ने जानकारी देेते हुए बताया कि रायगढ़ शहर में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या और अधोसंरचना को देखते हुए लंबे समय से एक अलग शहर संभाग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान में रायगढ़ शहर में लगभग 54 हजार निम्नदाब उपभोक्ता, 56 उच्चदाब विद्युत उपभोक्ता, 33/11 के.व्ही. के 17 उपकेंद्र, 1521 ट्रांसफार्मर एवं 232 किलोमीटर 11 केवी लाइन विद्यमान हैं। इतनी विशाल व्यवस्था का संचालन अब तक केवल दो जोन कार्यालयों के माध्यम से किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण में विलंब होता था।
           इस मूलभूत समस्या को गंभीरता से लेते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्वयं पहल कर जिले के नागरिकों के लिये विद्युत समस्याओं के निराकरण हेतु रायगढ़ में नये शहर संभाग तथा सुदूर वन क्षेत्र धरमजयगढ़ में नये संभाग की सौगात दी है। नये आदेश के अनुसार अब रायगढ़ शहर के लिये शहर संभाग की स्थापना के साथ-साथ दो जोन के स्थान पर चार जोन प्रारंभ करने के आदेश जारी किये गये हैं। जिससे रायगढ़ का शहरी क्षेत्र अब चार जोन में विभाजित हो जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप छोटे-छोटे क्षेत्र होने से उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण में अब कम समय लगेगा। संसाधनों का विस्तार होने से विद्युत समस्याओं का त्वरित निराकरण भी संभव होगा। शहर संभाग गठित किये जाने से जोन कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सटीक निगरानी रखी जा सकेगी जिससे इनके कार्यों में कसावट आयेगी।
            इसी क्रम में सुदूर वनांचल एवं तेजी से औद्योगिक विकास की ओर अग्रसर धरमजयगढ़ में भी नया संभाग स्थापित करने के आदेश जारी किए गए हैं। अभी तक धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा, तमनार, कापू, हाटी सहित आसपास के क्षेत्रों का संचालन रायगढ़ स्थित संभागीय कार्यालय से किया जाता था, जिससे उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी रायगढ़ आना पड़ता था। धरमजयगढ़ में संभागीय कार्यालय की स्थापना से अब स्थानीय उपभोक्ताओं को अपने विद्युत संबंधी कार्यों के लिए रायगढ़ नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा क्षेत्रीय उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण संभव हो सकेगा। यह निर्णय धरमजयगढ़ अंचल के नागरिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजनाः 273 यात्रियों का जत्था 20 दिसंबर को रायगढ़ से होगा रवाना

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत 20 से 23 दिसंबर 2025 तक तीर्थ स्थल शिरडी, शनि सिंगनापुर एवं त्रयम्बकेश्वर की यात्रा कराई जा रही है। इस यात्रा के लिए जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायतों से चयनित वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं सहित कुल 273 यात्रियों का जत्था 20 दिसंबर को दोपहर 1 बजे बोर्डिंग स्टेशन रायगढ़ से रवाना होगा।

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राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 21 से,1306 बनाए गए पोलियो बूथ, 1 लाख 79 हजार से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

रायगढ़, 19 दिसम्बर 2025/ राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन रायगढ़ जिले में रविवार 21 दिसम्बर से किया जाएगा, जो 23 दिसम्बर तक चलेगा। तीन दिवसीय इस अभियान के तहत जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1 लाख 79 हजार 959 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1306 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। अभियान का विधिवत शुभारंभ 21 दिसम्बर को सुबह जिला एवं विकासखंड स्तर पर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिवस पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, जबकि द्वितीय एवं तृतीय दिवस बूथ गतिविधियों में छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण दलों द्वारा घर-घर भ्रमण कर पोलियो की खुराक पिलाकर प्रतिरक्षित किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा चुकी हैं। 
           कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को 21 दिसम्बर रविवार को नजदीकी पल्स पोलियो बूथ पर लाकर पोलियो वैक्सीन की दो बूंद अवश्य पिलाएं और जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने में अपना सहयोग दें।
            जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.बी.पी. पटेल ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। वैक्सीन एवं अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक सामग्री का वितरण विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में किया जा चुका है। अभियान को सफल बनाने के लिए समस्त विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों के खंड चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों, मेला-बाजार, ईंट भट्ठों, मलिन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, साप्ताहिक बाजार एवं औद्योगिक क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए।

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