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जनदर्शन में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सुनीं आम लोगों की समस्याएं, आवास-पेंशन से लेकर सिंचाई तक के मुद्दों पर अधिकारियों को दिए निराकरण के निर्देश

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 27 अक्टूबर 2026। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं और मांगें सुनीं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी ने भी आवेदकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए।
जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। अमेठी निवासी एक वृद्ध महिला ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने की मांग की। वहीं ग्राम बलोदी निवासी श्री सूरज जोल्हे ने पशुपालन से संबंधित योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। अधिक बिजली बिल आने की शिकायत लेकर पहुंचे एक आवेदक ने भी समस्या के निराकरण का अनुरोध किया।
ग्राम पंचायत कंचनपुर-ब में एक शासकीय कर्मचारी द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत करते हुए आवेदक ने मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। ग्राम झुमका के एक किसान ने धान की सूखती फसल को बचाने के लिए दर्री तालाब के पानी से एक दिन सिंचाई की अनुमति देने का अनुरोध किया।
कलेक्टर श्रीमती साहू ने अधिकारियों से आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा। उन्होंने शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री ऋषिकेश तिवारी, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, सारंगढ़ एवं बिलाईगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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दीपावली पर महिला स्व-सहायता समूहों को मिला प्रोत्साहन, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू सहित अधिकारियों ने खरीदे स्वनिर्मित उत्पाद

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 27 अक्टूबर 2026। दीपावली पर्व के अवसर पर स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बिहान से जुड़ी महिलाओं ने अपने स्वनिर्मित उत्पादों के स्टॉल लगाए। मिट्टी के दीपक, मिठाइयों, पूजा सामग्री, सजावटी सामान और बांस से बने घरेलू उपयोग की वस्तुओं से सजे ये स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारियों ने स्टॉलों से खरीदारी कर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।

कलेक्टर श्रीमती साहू ने महिला समूहों के स्टॉलों का अवलोकन कर उनके उत्पादों और कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने उत्पादों की खरीदारी करते हुए अधिकारियों और आम नागरिकों से दीपावली सहित अन्य अवसरों पर बिहान की दीदियों द्वारा तैयार वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की,  ताकि महिला समूहों को अपने उत्पादों के लिए बाजार मिले और उनकी आजीविका को मजबूती मिले।

कलेक्ट्रेट परिसर में रोशनी संकुल संगठन की महिलाओं ने मिट्टी के दीपक, पेड़ा, शुद्ध देशी गाय के घी से बने उत्पाद, झालर और पर्दे प्रदर्शित किए। साथी आजीविका केंद्र के स्टॉल पर अचार, पूजा थाली, गिफ्ट टोकरी, दीपक, झालर, साबुन और हाथ से तैयार रुई की बातियां उपलब्ध रहीं। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा ने महिलाओं से मिठाई, दीपक और बातियों की खरीदारी की। जिला पंचायत सीईओ श्री ऋषिकेश तिवारी और अन्य अधिकारियों ने भी समूहों के उत्पाद खरीदे।

भाटाकोना के तुलसी समूह ने बांस से हस्तनिर्मित झाड़ू, टोकरी, सूपा, पर्री सहित घरेलू उपयोग की पारंपरिक वस्तुओं का स्टॉल लगाया। इन उत्पादों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिलाओं की कारीगरी की झलक देखने को मिली। आयोजन से महिला समूहों को दीपावली के अवसर पर अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिला।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड को आत्मनिर्भर और बहुआयामी संस्था बनाने की पहल, विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य में निभाएगा अहम भूमिका : ओ.पी. चौधरी

रायपुर, 27 अक्टूबर 2026/ वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आने वाले वर्षों में प्रदेश के आर्थिक और अधोसंरचनात्मक विकास का प्रमुख इंजन बनेगा। हाउसिंग बोर्ड को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि सड़क, पुल, खेल अधोसंरचना, सार्वजनिक भवनों, टाउन प्लानिंग और शहरी पुनर्विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भी इसकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए मंडल को परंपरागत कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर नवाचार, आधुनिक तकनीक, वित्तीय प्रबंधन और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति अपनानी होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और कार्यकुशलता में वृद्धि करना तथा उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीकों, नवाचारी वित्तीय मॉडल और अधोसंरचना विकास की नई संभावनाओं से परिचित कराना था।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और बहुआयामी अधोसंरचना विकास संस्था के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार, रिक्त संपत्तियों के विक्रय, नई परियोजनाओं के चयन और कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

*लगभग 700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त कर मंडल को दी नई आर्थिक मजबूती*

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व हाउसिंग बोर्ड गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा था। बड़ी ऋण देनदारी, सीमित परियोजनाओं और लंबे समय से रिक्त पड़ी संपत्तियों के कारण संस्था की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड बजट आधारित संस्था नहीं है। उसे अपनी परियोजनाओं, सेवाओं और संसाधनों के माध्यम से आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के सहयोग से लगभग 700 करोड़ रुपये की लंबित ऋण देनदारी समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इससे मंडल को बड़े वित्तीय दबाव से राहत मिली और नई परियोजनाओं की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ।

श्री चौधरी ने कहा कि लंबे समय से रिक्त पड़ी संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू की गई। आकर्षक छूट, प्रभावी विपणन और निरंतर निगरानी के माध्यम से बड़ी संख्या में संपत्तियों का विक्रय संभव हुआ। इससे मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिला। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव सहित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

*पर्याप्त मांग और बुकिंग के आधार पर शुरू होंगी नई आवासीय परियोजनाएं*

मंत्री ने कहा कि पूर्व में कई आवासीय परियोजनाएं पर्याप्त मांग का आकलन किए बिना शुरू कर दी जाती थीं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में आवास रिक्त रह जाते थे और संस्था की पूंजी लंबे समय तक फंसी रहती थी। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए परियोजना चयन और क्रियान्वयन की व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में प्रारंभिक तीन माह के भीतर 30 प्रतिशत बुकिंग अथवा कुल 60 प्रतिशत बुकिंग की शर्त को निविदा प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य वास्तविक मांग के अनुरूप आवासीय परियोजनाएं विकसित करना और अनावश्यक वित्तीय जोखिम को कम करना है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडल को अपनी परियोजनाओं की गुणवत्ता, स्थान चयन, लागत, नागरिक सुविधाओं और विपणन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। आम नागरिकों की आवश्यकताओं और क्रय क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिकता होनी चाहिए।

*सड़क, पुल, खेल परिसर और सार्वजनिक भवन निर्माण में भी विशेषज्ञता विकसित करेगा हाउसिंग बोर्ड*

 मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के पास अनुभवी अभियंताओं, तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों का बड़ा मानव संसाधन उपलब्ध है। इस क्षमता का उपयोग केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मंडल को सड़क, पुल-पुलिया, खेल परिसर, स्टेडियम, सार्वजनिक भवन और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण में भी विशेषज्ञ संस्था के रूप में अपनी पहचान बनानी होगी।

उन्होंने अधिकारियों को अन्य राज्यों की निविदाओं में भागीदारी करने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में हाउसिंग बोर्ड को छत्तीसगढ़ के बाहर भी परियोजनाएं प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य करना चाहिए। इससे मंडल की आय बढ़ने के साथ उसकी तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

*टीपीएस और पीपीपी मॉडल से खुलेंगे अधोसंरचना विकास के नए रास्ते*

श्री चौधरी ने कहा कि तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था में अधोसंरचना निर्माण के लिए केवल सरकारी बजट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), टाउन प्लानिंग स्कीम (टीपीएस), पुनर्विकास और अन्य नवाचारी वित्तीय मॉडल अपनाने होंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टाउन प्लानिंग स्कीम के क्रियान्वयन से संबंधित अधिकारों का विस्तार करते हुए हाउसिंग बोर्ड, सीएसआईडीसी और नगरीय निकायों को भी इस दिशा में कार्य करने का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि टीपीएस मॉडल के माध्यम से निजी भूमि का योजनाबद्ध विकास कर सड़क, जलापूर्ति, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया जा सकता है। विकास लागत और आवश्यक भूमि का समायोजन करने के बाद भू-स्वामियों को विकसित भूखंड उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे भूमि अधिग्रहण संबंधी कठिनाइयों को कम करते हुए व्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा मिलता है।

*सेरीखेड़ी परियोजना में पीपीपी मॉडल से लगभग 94 एकड़ भूमि की बचत का उदाहरण*

 मंत्री श्री चौधरी ने सेरीखेड़ी क्षेत्र की टाउन प्लानिंग परियोजना का उदाहरण देते हुए बताया कि लगभग 800 करोड़ रुपये की अधोसंरचना विकास लागत वाली परियोजना को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल की गई है।

उन्होंने बताया कि परियोजना में विकास लागत के समायोजन के लिए प्रारंभिक गणना के अनुसार लगभग 218 एकड़ भूमि की आवश्यकता थी। प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के बाद यह आवश्यकता लगभग 124 एकड़ तक सीमित हो गई। इस प्रकार लगभग 94 एकड़ भूमि की बचत संभव हुई, जिसका उपयोग अन्य सार्वजनिक आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मॉडल से सरकारी बजट पर प्रत्यक्ष वित्तीय दबाव कम करने के साथ नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सकती है।

*शासकीय भूमि के पुनर्विकास से विकसित होंगी आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं*

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग करने की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसी भूमि को पुनर्विकास मॉडल के माध्यम से विकसित कर जनोपयोगी सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किसी शासकीय भूमि के एक हिस्से का व्यावसायिक उपयोग कर प्राप्त संसाधनों से आधुनिक कलेक्ट्रेट भवन, शासकीय कार्यालय, पुस्तकालय, उद्यान, स्टेडियम, इंडोर खेल परिसर और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा सकता है। इससे सरकारी बजट पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना शहरों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने मंडल के अधिकारियों से ऐसी संभावनाओं की पहचान कर व्यावहारिक और आर्थिक रूप से सक्षम परियोजनाएं तैयार करने का आह्वान किया।

*खेल अधोसंरचना के निर्माण के साथ संचालन और रखरखाव पर भी देना होगा ध्यान*

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि खेल अधोसंरचना का निर्माण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका नियमित रखरखाव, बेहतर संचालन और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। इसके लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की भागीदारी और आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करनी होगी। उन्होंने रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि खेल सुविधाओं के प्रभावी संचालन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं बढ़ती हैं। ऐसे आयोजनों से होटल, परिवहन, पर्यटन, व्यापार और सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है।

उन्होंने नवा रायपुर में बैडमिंटन, तैराकी, स्क्वैश और क्रिकेट जैसी खेल विधाओं के लिए प्रतिष्ठित खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने की पहल का भी उल्लेख किया।

*आधुनिक तकनीक, एआई और बेहतर प्रबंधन पर केंद्रित रही प्रशिक्षण कार्यशाला*

नवा रायपुर में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक दक्षता, आधुनिक तकनीक, वित्तीय प्रबंधन, संपदा प्रबंधन तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

कार्यशाला में एकीकृत नेतृत्व, प्रशासन, विपणन एवं सुशासन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से अधोसंरचना विकास मंडल तक की संस्थागत यात्रा और अधिनियम संशोधन, टाउन डेवलपमेंट एवं टाउन प्लानिंग स्कीम, बिलिंग अनुपालन एवं वित्तीय जोखिम प्रबंधन जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑनलाइन आवास प्रबंधन, संपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान, सूचना का अधिकार, आरडब्ल्यूए हैंडओवर प्रक्रिया, आरसीसी संरचनाओं की मजबूती और आधुनिक परियोजना विपणन रणनीतियों पर भी विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

*अधोसंरचना में निवेश से रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति*

 मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि किसी भी राज्य के आर्थिक विकास में पूंजीगत व्यय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क, पुल, औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय परिसर और सार्वजनिक सुविधाओं में निवेश से रोजगार, व्यापार, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और चीन जैसे देशों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि दीर्घकालिक सोच, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश आधारित विकास रणनीतियों से बड़े परिवर्तन संभव हैं। छत्तीसगढ़ में भी विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इनका लाभ उठाने के लिए सरकारी संसाधनों के साथ निजी निवेश और वैकल्पिक वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देना होगा।

*विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य में मंडल की होगी महत्वपूर्ण भूमिका*

 मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी भूमिका को केवल नियमित कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रखें। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, अनुभव और कार्यक्षमता के माध्यम से प्रदेश के विकास में अधिकतम योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को परियोजनाओं की संख्या बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता, आर्थिक व्यवहार्यता, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनोपयोगिता पर विशेष ध्यान देना होगा। नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन, व्यावसायिक दृष्टिकोण और टीमवर्क के माध्यम से मंडल को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।

श्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन को साकार करने में हाउसिंग बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए मंडल को टाउन प्लानिंग, शहरी पुनर्विकास, खेल अधोसंरचना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित परियोजनाओं में ठोस परिणाम प्रस्तुत करने होंगे।

*अधिनियम में बदलाव के साथ सोच और कार्यसंस्कृति में भी बदलाव जरूरी : मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव*

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में विस्तार केवल नाम या अधिनियम में परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह संस्था की सोच, कार्यशैली और जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव का अवसर है। उन्होंने कहा कि वास्तविक परिवर्तन तभी संभव होगा, जब प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी नवाचार, तकनीकी दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करेगा। इसी उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में आईआईएम रायपुर सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी अधोसंरचना और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्होंने विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण मंडल की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

मंडल अध्यक्ष श्री सिंह देव ने कहा कि पिछले लगभग 18 महीनों में मंडल ने संपत्ति विक्रय, राजस्व अर्जन और नई परियोजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने लगभग 8 हजार संपत्तियों के विक्रय और 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व अर्जन का उल्लेख करते हुए कहा कि ओटीएस योजना तथा प्रभावी विपणन प्रयासों से लंबे समय से रिक्त संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है। उन्होंने बताया कि लगभग 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है तथा आगामी दिसंबर में भी नई परियोजनाएं प्रारंभ करने की तैयारी है। उन्होंने अधिकारियों से बकाया राशि की वसूली, संपत्तियों के विक्रय और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही मंडल को पीपीपी मॉडल, पुनर्विकास और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने तथा अन्य राज्यों की निविदाओं में प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाने पर जोर दिया।

श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल का उद्देश्य केवल मकानों का निर्माण और विक्रय करना नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं से युक्त व्यवस्थित और आधुनिक टाउनशिप उपलब्ध कराना है। आवासीय कॉलोनियों में उद्यान, बाजार, सामुदायिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रीय भावना को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि अधोसंरचना विकास में मंडल की भूमिका लगातार बढ़ेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए अपनी कार्यक्षमता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए कल की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि आज से ही नई सोच और नई कार्यसंस्कृति के साथ कार्य प्रारंभ करना होगा।

कार्यशाला में आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. संजीव पाराशर ने भी अपना अनुभव साझा किया। साथ ही आईआईआईटी नवा रायपुर के प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास के.जी., एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर डॉ. जी.डी. रामटेके सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों तथा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के तकनीकी सत्र निर्धारित किए गए है। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद, मंडल आयुक्त श्री अवनीश शरण, अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी, श्री अजीत कुमार पटेल, श्री एम डी पनारिया, श्री सुनील भगत सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन और संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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केलो डेम लूटकांड में चौथा आरोपी गिरफ्तार, युवती का लूटा मोबाइल बरामद; वारदात में प्रयुक्त बाइक भी जब्त

       *रायगढ़, 27 अक्टूबर* । केलो डेम के पास युवक और युवती से मारपीट कर मोबाइल एवं नकदी लूटने के मामले में कोतवाली पुलिस ने फरार चौथे आरोपी मोहम्मद मोफिद आलम (20 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वारदात के बाद से गिरफ्तारी से बचने के लिए लुक-छिप रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पीड़ित युवती का लूटा हुआ मोटोरोला मोबाइल, अपराध में प्रयुक्त उसकी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और उसका मोबाइल फोन जब्त किया है। मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने मामले में शामिल सभी चार आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई पूरी कर ली है।

         मामले के अनुसार, प्रार्थी सानू सारथी, पिता सोहन सारथी, उम्र 22 वर्ष, निवासी जोगीडीपा, रायगढ़ ने 12 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 अक्टूबर की शाम वह अपनी महिला मित्र के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से केलो डेम घूमने गया था। शाम करीब 7:30 बजे जब दोनों वापस लौट रहे थे, तभी 3-4 अज्ञात युवक वहां पहुंचे और महिला मित्र के साथ घूमने को लेकर सवाल करते हुए प्रार्थी के साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने प्रार्थी की जेब में रखे 1,500 रुपये, उसका आईफोन 12 मिनी मोबाइल तथा उसकी महिला मित्र का मोटोरोला मोबाइल लूट लिया। वारदात के बाद आरोपी बुलेट मोटरसाइकिल की चाबी भी फेंककर फरार हो गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 597/2026, धारा 115(2), 309(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

        मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल उईके एवं कोतवाली पुलिस को आरोपियों की शीघ्र पतासाजी कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी ने एएसआई कोसो सिंह जगत एवं पुलिस स्टाफ के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रार्थी, पीड़ित एवं गवाहों से पूछताछ की और आरोपियों के हुलिए के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सोहेल अंसारी (23 वर्ष), निवासी इंदिरा नगर, रायगढ़ तथा रणवीर कुमार (22 वर्ष), निवासी चेहराकला, थाना महुवा, जिला वैशाली (बिहार), हाल मुकाम उर्दना डीपापारा, रायगढ़ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रार्थी से कार्यपालिक दंडाधिकारी के समक्ष आरोपियों की पहचान संबंधी कार्रवाई कराई गई। इसके बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी रामकुमार मेहता (24 वर्ष), निवासी उधमपुर, थाना छातापुर, जिला सुपौल (बिहार), हाल मुकाम कुरमापाली, थाना कोतरारोड़, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से पीड़ित युवक का लूटा हुआ आईफोन 12 तथा वारदात में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 AX 1602 जब्त की गई। पूछताछ में रामकुमार मेहता ने युवती से लूटा गया मोटोरोला मोबाइल अपने फरार साथी मोहम्मद मोफिद आलम के पास होना बताया।

         फरार आरोपी मोहम्मद मोफिद आलम उर्दना-रायगढ़ मार्ग स्थित एक गैरेज में पंचर बनाने का काम करता था। वह वारदात के बाद से दुकान और घर से गायब था। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी ने उसकी पतासाजी के लिए मुखबिर तैनात किए थे। इसी दौरान आरोपी के दुकान पर दिखाई देने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान संबंधी कार्रवाई के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पीड़ित युवती का लूटा हुआ मोटोरोला मोबाइल, अपराध में प्रयुक्त उसकी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा उसका मोबाइल फोन जब्त किया। मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी *मोहम्मद मोफिद आलम पिता मो. महमुद आलम उम्र 20 साल निवासी राजीवनगर मिट्ठूमुडा थाना जूटमिल रायगढ़* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

       उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अमित तिवारी, एएसआई कोसो सिंह जगत, आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा एवं मुरली मनोहर पटेल की अहम भूमिका रही।

  *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

       *“अपराध कर कानून से बचने की कोशिश करने वाले आरोपियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों की सुरक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है। अपराध में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।”*

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पानी के लिए घंटों इंतजार और दूर तक ढुलाई से मिली मुक्ति, जल जीवन मिशन से बारीउमराव गांव के हर घर तक पहुंचा नल से जल

रायपुर. 27 अक्टूबर 2026. कभी सुबह की शुरुआत पानी की चिंता से होती थी। बर्तन लेकर हैंडपंप तक पहुंचना, अपनी बारी के लिए घंटों कतार में खड़े रहना और फिर पानी ढोकर घर लाना रोज की मजबूरी थी। गर्मियों में हैंडपंप खराब हो जाता तो एक बाल्टी पानी जुटाना भी चुनौती बन जाता। अब उन्हीं घरों में नल से पानी भर रहा है। न हैंडपंप तक दौड़ लगानी पड़ रही है, न कतार में घंटों गंवाने पड़ रहे हैं। यह गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के बारीउमराव गांव की नई तस्वीर है, जहां जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन लगाया गया है। 

घर पर ही पानी की उपलब्धता ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान कर दी है। सबसे बड़ा फर्क उस समय और मेहनत का है, जो पहले सिर्फ पानी जुटाने में खर्च हो जाते थे। बारीउमराव के श्री करमदास पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में वहां लंबी कतार लगती थी। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। अब घर में ही नियमित पानी मिलने से यह परेशानी दूर हो गई है।

*महिलाओं और बुजुर्गों की मशक्कत हुई कम*

श्री करमदास कहते हैं, "पहले पानी भरने में काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। न दूर जाना पड़ता है, न लाइन लगानी पड़ती है। बचा हुआ समय दूसरे कामों में लगा पाते हैं। पूरा परिवार खुश है।" 

बारीउमराव में जल जीवन मिशन से सभी घरों में नल लगने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के बर्तन लेकर हैंडपंप तक आना-जाना पड़ता था। घर में ही पानी मिलने से अब दूसरे कामों के लिए ज्यादा वक्त मिलने लगा है। करमदास जैसे ग्रामीणों के लिए इस बदलाव की अहमियत सिर्फ नल लगने तक सीमित नहीं है। उनके लिए असली राहत पानी जुटाने की रोज की भागदौड़ से छुटकारा और अपने कीमती समय को अपने हिसाब से उपयोग करने की है।

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अधूरी परियोजना और रेरा पंजीयन में लापरवाही पर CG-RERA सख्त, प्रमोटर को 6.87 लाख रुपये ब्याज चुकाने का आदेश, हर माह 7,314 रुपये अतिरिक्त भुगतान की भी तय की जिम्मेदारी

रायपुर, 27 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने भू-संपदा परियोजनाओं में आबंटियों के हितों की सुरक्षा और रेरा अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। प्राधिकरण ने रायपुर जिले के सेजबहार स्थित 'वात्सल्य गौरव-1, फेज-1' परियोजना के विकास कार्य अपूर्ण रहने तथा पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किए जाने के मामले में प्रमोटर को आबंटी के पक्ष में 6 लाख 87 हजार 496 रुपये ब्याज राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त होने तक प्रतिमाह 7 हजार 314 रुपये ब्याज भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।

प्राधिकरण द्वारा प्रकरण की सुनवाई के दौरान पाया गया कि संबंधित परियोजना में स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप विकास कार्य पूर्ण नहीं किए गए हैं। साथ ही सक्षम प्राधिकारी से परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र भी प्राप्त नहीं किया गया है। इन तथ्यों के आधार पर प्राधिकरण ने परियोजना को अपूर्ण एवं चालू परियोजना की श्रेणी में मानते हुए भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 18 के अंतर्गत विलंब के लिए ब्याज भुगतान का आदेश पारित किया है।

*वर्ष 2019 से अक्टूबर 2026 तक की अवधि के लिए ब्याज भुगतान का आदेश*

प्राधिकरण के आदेश के अनुसार, प्रमोटर को आबंटी द्वारा भुगतान की गई 8 लाख 12 हजार 643 रुपये की राशि पर वर्ष 2019 से अक्टूबर 2026 तक 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के आधार पर कुल 6 लाख 87 हजार 496 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही 1 नवंबर 2026 से परियोजना का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त होने तक आबंटी को प्रतिमाह 7 हजार 314 रुपये की राशि का भुगतान करना होगा।

*बिना पंजीयन परियोजना विकसित करने पर पृथक कार्रवाई के निर्देश*

प्राधिकरण ने परियोजना का रेरा पंजीयन नहीं कराए जाने के मामले को भी गंभीरता से लिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भू-संपदा अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत पात्र परियोजनाओं का पंजीयन अनिवार्य है। इसके बावजूद संबंधित परियोजना का पंजीयन नहीं कराए जाने पर प्रमोटर के विरुद्ध अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत पृथक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

*भूखंड बेचने मात्र से समाप्त नहीं होती प्रमोटर की जिम्मेदारी*

प्राधिकरण के इस आदेश से स्पष्ट है कि किसी परियोजना में भूखंडों का विक्रय कर देने मात्र से प्रमोटर की वैधानिक जिम्मेदारियां समाप्त नहीं हो जाती हैं। स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप सड़क, नाली, विद्युत, पेयजल सहित निर्धारित विकास कार्यों और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करना प्रमोटर का दायित्व है।

CG-RERA द्वारा पारित यह आदेश भू-संपदा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और आबंटियों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि परियोजनाओं के विकास में अनावश्यक विलंब तथा रेरा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले प्रमोटरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में चक्रधर चैंपियंस को लगा पहला हार का झटका, संदीप के दो शानदार गोलों से मैनपाट टाइटंस ने 3-1 से दर्ज की जीत

रायपुर. 27 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के 9वें मैच में मैनपाट टाइटंस ने चक्रधर चैंपियंस को 3-1 से हराया। इस जीत के साथ ही टीम पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। मैनपाट के लिए संदीप ने पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए, जबकि चैंपियंस की ओर से एकमात्र गोल युवराज वाल्मीकि ने किया। इस मैच को देखने छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी श्री सौमिल रंजन चौबे, आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष श्री कैलाश मुरारका और जिंदल पावर एंड स्टील के उपाध्यक्ष श्री यू.पी. सिंह भी मौजूद थे।

चक्रधर चैंपियंस और मैनपाट टाइटन्स के बीच पहला क्वार्टर उम्मीद से अलग रहा। दोनों ही टीमें गोल करने में माहिर हैं, लेकिन मैच के शुरुआती 15 मिनट में कोई गोल नहीं हुआ। टीमें एक-दूसरे को परख रही थीं, जिसमें ज्यादा मौके नहीं बने और कोई पेनल्टी कॉर्नर भी नहीं मिला।

दूसरे क्वार्टर में वाल्मीकि ने टाइटंस के कुछ डिफेंडरों को छकाया और गोलकीपर अल्फ़ाज़ खान को पछाड़ते हुए अपना पहला गोल किया। चार मिनट बाद मैनपाट के लिए संदीप कुमार ने गोल करके अपनी टीम को पिछड़ने से बचा लिया।

खेल के प्रवाह के विपरीत, टाइटंस ने कुछ ऐसा कमाल दिखाया जिससे उन्हें आखिरी क्वार्टर से पहले बढ़त मिल गई। डिफेंडर आनंद लकड़ा ने अपने हाफ से गेंद को हवा में उछाला (स्कूप किया), जो गोलकीपर वैभव सिंह चंदेल के ठीक सामने गिरने वाली थी, लेकिन साहिल ज़ाक्सा ने गेंद को डिफ्लेक्ट करके गोल में पहुंचा दिया। इससे चक्रधर की टीम पूरी तरह हैरान रह गई।
संदीप ने मैच का अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर गोल में बदलकर लाल और सफेद जर्सी वाली अपनी टीम (मैनपाट टाइटंस) की जीत पक्की कर दी। इसके बाद चक्रधर चैंपियंस के लिए वापसी करना नामुमकिन हो गया और उन्हें टूर्नामेंट में अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा। 

अंत में दोनों टीमों के बीच मुख्य अंतर यह रहा कि टाइटन्स ने मिडफील्ड में सुनील को किस तरह से घेरे रखा। इस अनुभवी खिलाड़ी को फॉरवर्ड्स तक गेंद पहुँचाने का मौका नहीं मिला, और जब भी वह सर्कल के करीब आए, कम से कम चार डिफेंडरों ने उन्हें घेर लिया।

*जसकरण सिंह के पांच गोलों की बदौलत बैलाडीला बुल्स ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के खिलाफ मैच ड्रॉ कराया*

आज के पहले मुकाबले में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और बैलाडीला बुल्स के बीच मैच 5-5 से ड्रॉ रहा। बुल्स के जसकरण सिंह ने स्ट्राइकर्स के खिलाफ अकेले मोर्चा संभाला और अपनी टीम के लिए सभी गोल खुद ही किए। इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद बुल्स लीग में अभी तक कोई जीत हासिल नहीं कर पाई है। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स भी अब तक जीत से दूर है। विधायक श्री धरमलाल कौशिक, सारडा के हेड ऑफ ऑपरेशंस श्री मनोज शाह और छत्तीसगढ़ जूडो एसोसिएशन के प्रमुख श्री अरुण द्विवेदी भी इस मैच को देखने पहुंचे थे।

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जसकरण सिंह के पांच गोल भी नहीं दिला सके बैलाडीला बुल्स को जीत, अंतिम दो मिनट में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स का पलटवार, 5-5 से ड्रॉ रहा रोमांचक मुकाबला

रायपुर. 27 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आज खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और बैलाडीला बुल्स के बीच मैच 5-5 से ड्रॉ रहा। बैलाडीला बुल्स के जसकरण सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अकेले पांच गोल दागे, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। वहीं, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने जबरदस्त संघर्ष करते हुए मुकाबला बराबरी पर समाप्त किया और प्रतियोगिता में अपना पहला अंक हासिल किया। शमशेर और चिंगलेनसाना सिंह के नेतृत्व वाली दोनों टीमों को टूर्नामेंट में अब भी अपनी पहली जीत का इंतजार है। यह मुकाबला रोमांचक उतार-चढ़ाव और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के लिए यादगार बन गया। विधायक श्री धरमलाल कौशिक, सारडा के हेड ऑफ ऑपरेशंस श्री मनोज शाह और छत्तीसगढ़ जूडो संघ के अध्यक्ष श्री अरुण द्विवेदी भी इस रोमांचक मैच को देखने मौजूद थे।

मैच के दोनों हाफ में खेल का अलग-अलग रंग देखने को मिला। पहले हाफ में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स का दबदबा रहा। आर्यन खेस और आशीष तानी पूर्ति ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। लेकिन दूसरे हाफ में जसकरण सिंह ने अपने आक्रामक खेल से मुकाबले का रुख ही बदल दिया। उन्होंने दो पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलते हुए अपनी हैट्रिक पूरी की।

मुकाबले में लगभग हर पांच मिनट में खेल का रुख बदलता नजर आया। एक समय संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की टीम बेहद मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही थी और बैलाडीला बुल्स का आक्रमण पूरी तरह बेअसर नजर आ रहा था। लेकिन कुछ ही देर में परिस्थितियां बदल गईं। स्ट्राइकर्स की रक्षापंक्ति दबाव में आ गई, जिसका फायदा उठाते हुए बुल्स ने लगातार दो गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया।

मैच समाप्त होने में केवल पांच मिनट शेष थे और स्कोर 4-4 की बराबरी पर था। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला इसी स्कोर पर समाप्त होगा, लेकिन जसकरण सिंह ने एक बार फिर कमाल दिखाया। उन्होंने शानदार टॉमहॉक शॉट लगाकर अपना पांचवां गोल दागा और बैलाडीला बुल्स को 5-4 की बढ़त दिला दी।

हालांकि, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने हार नहीं मानी। मैच समाप्त होने से महज दो मिनट पहले मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्ट्राइकर्स ने स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। इसके बाद निर्धारित समय तक कोई और गोल नहीं हुआ और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों के बीच अंत तक चले कड़े संघर्ष ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

इस ड्रॉ के बाद बैलाडीला बुल्स दो अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है, जबकि संस्कारधानी स्ट्राइकर्स एक अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। दोनों टीमें अब भी सेमीफाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं। पांच गोल दागकर शानदार प्रदर्शन करने वाले जसकरण सिंह को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

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आठ क्लस्टरों के खिलाड़ियों के बीच होगी कांटे की टक्कर, 27 से 29 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन


 
रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026/ एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छर्राटांगर, घरघोड़ा में 27 से 29 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्लस्टरों से लगभग 515 बालक खिलाड़ी हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में बलरामपुर, बस्तर, धमतरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़, कांकेर, सरगुजा एवं सुकमा क्लस्टर के खिलाड़ी शामिल होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को प्रोत्साहित करना है।
   लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया के मुख्य आतिथ्य में प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे आयोजित किया जाएगा।  तीन दिवसीय प्रतियोगिता में अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, शतरंज, टेबल टेनिस और योग की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। वहीं अंडर-19 वर्ग में बास्केटबॉल, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और फुटबॉल की टीम प्रतियोगिताएं होंगी। इन स्पर्धाओं में खिलाड़ी अपनी शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल, खेल अनुशासन और सामूहिक प्रदर्शन का परिचय देंगे।

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दीपावली से पहले किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात, 30 अक्टूबर को जारी होगी पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त

रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 30 अक्टूबर 2026 को किसानों को 24वीं किस्त की राशि जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी गुजरात के बनासकांठा से देशभर के 9.34 करोड़ किसानों के खातों में कुल 18,680 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित करेंगे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर में ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ मनाया जाएगा।
              जिले में भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले के कृषि विज्ञान केंद्रों, विकासखंड कार्यालयों और पंचायत मुख्यालयों में किसानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और कृषि मंडियों में भी किसानों तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश गए हैं। कार्यक्रम के माध्यम से किसान प्रधानमंत्री के संबोधन और किस्त जारी किए जाने का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। इसके लिए वेबकास्ट लिंक http://pmindiawedcast.nic.in/उपलब्ध कराया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे 30 अक्टूबर को अपने नजदीकी निर्धारित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ में भाग लें और योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें।

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भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता का संकल्प, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने अधिकारियों-कर्मचारियों को दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ

रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026/ जिला कलेक्टोरेट कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करने तथा शासकीय कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने की शपथ ली। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने सभी को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों ने जीवन के सभी क्षेत्रों में ईमानदारी और कानून का पालन करने, न रिश्वत लेने और न देने तथा सभी कार्य पारदर्शी तरीके से करने का संकल्प लिया। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने और व्यक्तिगत आचरण में सत्यनिष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत करने की भी प्रतिज्ञा की। भ्रष्टाचार को देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति में बाधा बताते हुए इसे समाप्त करने के लिए सरकार, नागरिकों और निजी क्षेत्र की सामूहिक भागीदारी को जरूरी बताया गया। साथ ही भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की जानकारी संबंधित एजेंसी को देने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता और सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया। शासकीय कार्यों में नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने तथा आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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जनदर्शन में अपर कलेक्टर ने सुनीं आमजनों की समस्याएं, नियमानुसार निराकरण के निर्देश,संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026/ आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट में आयोजित होने वाले जनदर्शन में आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं और शिकायतें बारी-बारी से सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
             जनदर्शन में खरसिया की मंगली राठौर ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। हरदीझरिया के भजपाल चौहान ने वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। वहीं, बस डिपो रायगढ़ की कविता श्रीवास ने जन्म प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार के लिए आवेदन दिया। गोपालपुर की अंजलि श्रीवास ने अपनी दिव्यांगता का उल्लेख करते हुए पेंशन दिलाने की मांग की। ग्राम मौहापाली की यशोदा राठिया ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना की राशि शीघ्र दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम कोकड़ीतराई की चंद्रकांति यादव ने पैतृक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग रखी।

*अधूरी सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग*

हरदीझरिया के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन सड़क का काम पूरा कराने के लिए आवेदन दिया। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना था, लेकिन लगभग 2 किलोमीटर सड़क बनाने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने मुक्तिधाम निर्माण की मांग भी रखी। इसी तरह ग्राम पंचायत धनागर के सरपंच ने प्राथमिक शाला के पुराने और जर्जर शौचालय भवन को हटाकर नया शौचालय बनवाने की स्वीकृति देने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। जनदर्शन में आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मजदूरी के भुगतान, पेंशन प्रकरणों के निराकरण और प्राथमिक शाला के नए भवन निर्माण सहित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों की जांच करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में धान खरीदी की निगरानी के लिए 112 केंद्रों पर नोडल अधिकारी नियुक्त,कोचियों-बिचौलियों और अवैध धान परिवहन पर रहेगी नजर, वास्तविक किसानों से ही होगी धान खरीदी

रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के सभी 112 धान उपार्जन केंद्रों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय और केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधिकारियों को केंद्रों का निरीक्षण कर खरीदी व्यवस्था पर नजर रखने और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी के दौरान कोचियों और बिचौलियों के जरिए अवैध धान की आवक, भंडारण और बिक्री रोकने पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि समर्थन मूल्य पर वास्तविक किसानों से उनकी वास्तविक उपज के अनुसार ही धान खरीदा जाए। खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता रोकने के लिए केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण किया जाएगा।
             जिला स्तरीय नोडल अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे, जबकि केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से खरीदी व्यवस्था पर नजर रखेंगे। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को आगामी धान खरीदी में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित गुणवत्ता का धान खरीदने और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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राज्योत्सव के रंग में रंगेगा रायगढ़, विकास प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण; चक्रवात के खतरे को देखते हुए राहत-बचाव की तैयारी तेज

रायगढ़, 26 अक्टूबर 2026/ जिले में 2 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 02 नवंबर को रायगढ़ के संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय राज्योत्सव आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य थीम ’‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’’ होगी। इसमें विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जिले की उपलब्धियों, शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं और सफल परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

*विभागों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारी*

राज्योत्सव की व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर मंच, पंडाल, बिजली, जनरेटर, ध्वनि व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, बैठक व्यवस्था और चलित शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। अग्निशमन वाहन के साथ चिकित्सा दल, आवश्यक दवाइयां और एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगी। विभागीय स्टॉलों पर योजनाओं और उपलब्धियों को थीम के अनुरूप प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक शासकीय भवनों में रोशनी की जाएगी। निजी संस्थानों को भी इस अवसर पर अपने भवनों में रोशनी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को सौंपे गए कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर प्रशासन की रहेगी कड़ी नजर* 

जिले में 27 से 29 अक्टूबर तक चक्रवात के प्रभाव से भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को बारिश से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित बारिश और बाढ़ को देखते हुए सभी तहसीलदारों को निचले इलाकों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में मकानों, फसलों और पशुओं की स्थिति की जानकारी पहले से जुटाई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। गांवों और नगरीय क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की जानकारी देने को कहा गया है। जिला और तहसील स्तर के नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे चालू रखे जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था सुचारू रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्यवाही के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिला सेनानी को बचाव दल तैयार रखने को कहा गया है।

*बिजली, स्वास्थ्य और पशुओं की सुरक्षा पर जोर*

बिजली विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों की स्थिति का आकलन करने तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जल्द बहाली की तैयारी रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को उन गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका प्रसव जल्द संभावित है। जरूरत पड़ने पर उन्हें पहले से अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। अस्पतालों में दवाइयां, एंबुलेंस और चिकित्सा दल उपलब्ध रखने को भी कहा गया है। पशुपालन विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी रखने और ऐसे पशुओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों और रपटों पर पानी होने की स्थिति में आवागमन रोकने तथा लोगों को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया है। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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हितग्राहियों के घर पहुंचीं जनपद सीईओ, निर्माण में देरी का जाना कारण; एक माह में आवास पूरा करने के निर्देश

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 26 अक्टूबर 2026। राज्य शासन की मंशानुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने तथा स्वीकृत आवासों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में  जिले में अपूर्ण आवासों के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बिलाईगढ़ की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती योगेश्वरी बर्मन ने ग्राम पंचायत सलिहा एवं धौराभाठा (सु) का दौरा कर निर्माणाधीन एवं अपूर्ण आवासों का स्थल निरीक्षण किया तथा हितग्राहियों को एक माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जनपद सीईओ श्रीमती बर्मन ने आवास हितग्राहियों के घर पहुंचकर निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने गांव में चौपाल लगाकर हितग्राहियों से चर्चा की तथा आवास निर्माण में हो रही देरी के कारणों और कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पात्र परिवारों को समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए हितग्राही एवं संबंधित विभागीय अमला आपसी समन्वय से निर्माण कार्यों में तेजी लाएं।
सलिहा में 69 अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर
ग्राम पंचायत सलिहा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कुल 378 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें से 309 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 69 आवास अपूर्ण हैं। जनपद सीईओ ने इन आवासों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित हितग्राहियों को एक माह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास योजना से जुड़े अमले को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यक समन्वय के माध्यम से अपूर्ण आवासों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया।
श्रीमती बर्मन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। ऐसे में स्वीकृत आवासों के निर्माण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण नहीं करने की स्थिति में नियमानुसार राशि वसूली की कार्रवाई किए जाने की भी चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के विकासखंड समन्वयक श्री विद्यासागर साहू एवं तकनीकी सहायक श्री लकेश्वर महिलांगे उपस्थित रहे। इस अवसर पर संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पंचगण एवं आवास हितग्राही भी मौजूद थे। अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए सभी अपूर्ण आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

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सारंगढ़ एसडीएम की जिम्मेदारी अब अपर कलेक्टर दशरथ सिंह राजपूत के हाथों में, तत्काल प्रभाव से संभाला कार्यभार

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 26 अक्टूबर 2026। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन एवं राजस्व संबंधी कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने अपर कलेक्टर श्री दशरथ सिंह राजपूत को सारंगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। सोमवार को अपर कलेक्टर श्री राजपूत ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू से सौजन्य भेंट की तथा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके पश्चात कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के परिपालन में उन्होंने सारंगढ़ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा 26 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 29 सितंबर 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश के तहत जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री उमेश कुमार साहू का स्थानांतरण बलौदाबाजार–भाटापारा किया गया है। शासन के आदेश के परिपालन में श्री साहू को सोमवार को पूर्वाह्न में नवीन पदस्थापना स्थल कार्यालय कलेक्टर, बलौदाबाजार–भाटापारा के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया।
प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने अपर कलेक्टर श्री दशरथ सिंह राजपूत को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ का संपूर्ण प्रभार अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यंत सौंपा है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। श्री राजपूत ने आदेश के अनुरूप सारंगढ़ एसडीएम का कार्यभार ग्रहण कर अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर दिया है।
इस प्रशासनिक व्यवस्था से सारंगढ़ अनुविभाग में राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान, राजस्व सेवाओं की सुगम उपलब्धता तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।

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शहीद गुंडाधुर की धरती पर बदल रहा विकास का परिदृश्य, सरकारी योजनाओं से लेकर रोजगार तक ग्रामीणों के लिए खुल रहे नए रास्ते

विशेष लेख

               धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, 
               जनसंपर्क संचालनालय, रायपुर


      कभी नक्सल हिंसा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर रहने वाले बस्तर के गांवों में अब विकास और विश्वास की एक नई और स्वर्णिम इबारत लिखी जा रही है। कभी जिन क्षेत्रों में खौफ का साया रहता था, अब वहां सुरक्षा कैंप विकास और जनसेवा के केंद्र में तब्दील हो चुके हैं। बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित लगभग 200 सुरक्षा कैंपों को वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत पहले चरण में 70 कैंपों को इन सेवा डेरों में बदला जा रहा है। यह पहल आज बस्तर के ग्रामीणों के लिए डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार का एक नया संबल बन चुकी है।

*विकास की मुख्यधारा से जुड़ता बस्तर*

           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर आज नक्सलवाद के प्रभावों से मुक्त हो रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य इसे देश के अग्रणी विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शुमार करना है। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से आज सुदूर अंचलों तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। कृषि, पशुपालन और सिंचाई योजनाओं के जरिए ग्रामीणों की आय में लगातार इजाफा हो रहा है।

*शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा सुशासन और जनविश्वास का प्रतीक*

        केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को बस्तर जिले के नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में देश के पहले शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया था। अब इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। नेतानार वही ऐतिहासिक भूमि है जो बस्तर के महान जननायक शहीद वीर गुंडाधुर की जन्मस्थली है। वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह में गुंडाधुर ने आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के लिए शोषणकारी अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ हुंकार भरी थी। आज उसी ऐतिहासिक धरा पर खुला यह सेवा डेरा आदिवासी समाज के स्वावलंबन और आधुनिक विकास का नया केंद्र बन गया है।

*एक ही छत के नीचे मिल रही हैं तमाम सरकारी सुविधाएं*

        पहले बस्तर के ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों, जैसे आधार कार्ड बनवाने, बैंक खाता खोलने या जाति-निवास प्रमाण पत्र के लिए कई-कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन अब सेवा डेरा के माध्यम से यह सारी व्यवस्थाएं उनके गांव के पास ही उपलब्ध हो गई हैं। डिजिटल सेवाएं जैसे आधार कार्ड बनवाने व अपडेट कराने, केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंक करने और जन्म-मृत्यु, आय व जाति प्रमाण पत्र जैसी ऑनलाइन सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर मिल रही हैं।

*बैंकिंग सेवाएं (बैंक सखी)*

        महिलाओं को बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे गांव में ही पैसे निकालने, जमा करने और खाते खोलने जैसी बैंकिंग सुविधाएं दे रही हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श, आंगनबाड़ी और प्राथमिक शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुलभ हो रही हैं।

*महिला स्व-सहायता समूहों से आ रही आर्थिक क्रांति*

        सेवा डेरा स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बाजार से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बन गया है। नेतानार में गुंडाधुर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं इमली का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला इमली पल्प तैयार कर रही हैं। समूह की सदस्य लंबी नाग बताती हैं कि इस कार्य से जुड़कर महिलाएं सालाना एक लाख रुपये तक की आय अर्जित करने की राह पर हैं। इसी तरह, सुखदेवी जैसी ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन आसान हुआ है, जिन्हें अब अपनी छोटी बच्ची का आधार बनवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।

       स्थानीय परंपरा को सहेजते हुए पारंपरिक ढेंकी से चावल तैयार करने और उसकी बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी हो रही है, जबकि धान की भूसी का उपयोग पशु आहार के रूप में हो रहा है। इसके अलावा, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

*आधुनिक बाजार और बेहतर पैकेजिंग से जुड़ रहा बस्तर*

        इन उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अब पेशेवर संस्थानों की मदद ली जा रही है। हाल ही में अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग की टीम ने नेतानार पहुंचकर सिलाई, इमली प्रसंस्करण और पारंपरिक ढेकी के कार्यों का जायजा लिया तथा उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर चर्चा की। इससे बस्तर की ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

       शहीद गुंडाधुर की पावन भूमि पर सुरक्षा कैंपों से लेकर सेवा डेरा तक की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नीतियों और प्रशासनिक मुस्तैदी से किस प्रकार सुदूर अंचलों की तस्वीर बदली जा सकती है। यह बदलाव केवल भौतिक विकास का नहीं, बल्कि बस्तर के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का नया सवेरा है।
                           

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गुलाबसिंह राठौर बने सारंगढ़–बिलाईगढ़ के जिला विपणन अधिकारी, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने किया स्वागत

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 26 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के परिपालन में श्री गुलाबसिंह राठौर ने सोमवार को सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के नवीन जिला विपणन अधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। जिला विपणन कार्यालय पहुंचने पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया तथा नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को प्रशासनिक कार्यव्यवस्था के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार गरियाबंद जिले में जिला विपणन अधिकारी के पद पर कार्यरत सहायक प्रबंधक श्री गुलाबसिंह राठौर का स्थानांतरण सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में जिला विपणन अधिकारी के पद पर किया गया है। वहीं सारंगढ़–बिलाईगढ़ में पदस्थ उपप्रबंधक एवं निवर्तमान जिला विपणन अधिकारी श्री शीतल भोई का स्थानांतरण जिला विपणन अधिकारी महासमुंद के पद पर किया गया है।
नवपदस्थ जिला विपणन अधिकारी श्री गुलाबसिंह राठौर ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात कार्यालयीन गतिविधियों एवं विभागीय कार्यों की जानकारी ली। जिले में सहकारी विपणन संघ से संबंधित कार्यों के सुचारू संचालन, विभागीय समन्वय तथा राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने श्री राठौर का स्वागत करते हुए उन्हें नवीन पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दीं। श्री राठौर ने भी सभी अधिकारी-कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान लेखा अधिकारी श्री मनोज कुमार साहू, वरिष्ठ सहायक श्रीमती बबली राय, क्षेत्र सहायक सुश्री लीना मानिकपुरी, क्षेत्र सहायक श्री टीकाराम राठौर एवं श्री व्यास देव साहू उपस्थित थे।

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