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कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक सौगात, एलबी शिक्षकों की प्रथम सेवा गणना सहित सभी लंबित मांगें जल्द पूरी करे सरकार : जाकेश साहू

भिलाई/दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित सिविक सेंटर के कला मंदिर में कैशलेस चिकित्सा सेवा एवं कल्याण संघ का महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना था।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ (पंजीयन क्रमांक 122202595034) के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा कि प्रदेश संरक्षक राकेश सिंह, प्रांत अध्यक्ष उषा चंद्राकर तथा संगठन की पूरी टीम के अथक प्रयासों से राज्य सरकार ने प्रदेश के पाँच लाख से अधिक कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सेवा की महत्वपूर्ण सौगात दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अब आवश्यकता इस योजना के प्रभावी और शीघ्र क्रियान्वयन की है, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिल सके। उन्होंने इसे कर्मचारियों के लिए एक मानवीय और ऐतिहासिक पहल बताया।

अपने संबोधन में जाकेश साहू ने राज्य सरकार से प्रदेश के लगभग 1.80 लाख एलबी संवर्ग के शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रथम सेवा गणना कर वेतन विसंगति दूर की जाए तथा क्रमोन्नति वेतनमान, पुरानी पेंशन बहाली सहित सभी वैधानिक लाभ शिक्षकों को प्रदान किए जाएं।

उन्होंने यह भी मांग उठाई कि टीईटी (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कानून बनाने का आग्रह किया जाए, ताकि लंबे समय से इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।

महासम्मेलन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष राजेश चटर्जी, रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, धरमदास बंजारे, विष्णु साहू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन में कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना के सफल क्रियान्वयन तथा कर्मचारियों के लंबित मुद्दों के समाधान को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प भी लिया गया।

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मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय ,मुख्यमंत्री श्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

*छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

*कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना*

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

*कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

*‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

*स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

*मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

*युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

 इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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प्रकृति के साथ संतुलन और जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक – राज्यपाल श्री डेका ,राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’अभियान का किया शुभारंभ

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हमें अभी से जल संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने होंगे।

*पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का देगा संदेश*

           राज्यपाल श्री डेका ने आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा  पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’के लिए आयोजित राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों को  झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर की यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देगा।

*वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के लिए प्रेरित करना*

          राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जागृति का अभियान है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।  

*घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर*

        श्री डेका ने कहा कि प्रकृति हमारी मां के समान है और उसका संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निवासी सौभाग्यशाली हैं। यह प्राकृतिक संपदा से समृद्ध प्रदेश है। यहां के घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य और सह-अस्तित्व का संदेश देती आई है। बदलते समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इसलिए यहां की हरियाली और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करना आवश्यक है।

*पर्यावरण प्रदूषण कम करने और इको फ्रेंडली तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन*

       राज्यपाल ने जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पानी की उपलब्धता भविष्य की एक बड़ी चुनौती है। जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के साथ वर्षा जल संचयन और परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए इको फ्रेंडली व्यवस्थाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना होगा।

*सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना*

       राज्यपाल ने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। माइक्रोप्लास्टिक का प्रभाव मां के दूध तक में दिखाई देना भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंताजनक है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से समाज एवं समुदाय के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने पर जोर दिया।

*आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम करना*

         राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी, जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धरती का बढ़ता तापमान, अनियमित मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं हमें प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रही हैं।

*सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना*

        श्री डेका ने कहा कि यह अभियान विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का भी संदेश देता है। राजयोग के माध्यम से सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। भौतिक प्रगति के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना भी आवश्यक है।

*प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए*

          राज्यपाल ने सभी नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह देखभाल करे। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

         इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई तथा अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।

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मन की बात’ करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का सशक्त माध्यम : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रविवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में रायगढ़ के अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड का श्रवण किया।

इस अवसर पर श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के संरक्षण और जल संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए जनसहभागिता की शक्ति को रेखांकित किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

श्री चौधरी ने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री का विशेष जोर देश को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ आज करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ कर रहा है।

कार्यक्रम के श्रवण के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए जनहित के विषयों पर सामूहिक भागीदारी और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।

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मन की बात' से विकसित भारत का संकल्प हुआ और मजबूत: प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेशों का मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया श्रवण

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रायपुर, 26 जुलाई 2026/ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण का श्रवण किया। 
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित प्रेरक संदेशों को देश के विकास के लिए मार्गदर्शक बताया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश सदैव उनके शौर्य, पराक्रम और त्याग का ऋणी रहेगा।

अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और नवाचार की बढ़ती संस्कृति का उल्लेख करते हुए आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा तकनीकों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भारत की सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जनभागीदारी से किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों का विशेष उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं और ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।

कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि 'मन की बात' केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जन को राष्ट्रहित, सेवा, कर्तव्य और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने के लिए महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, सुपोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जनभागीदारी आधारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेश राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

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स्वाभिमान और उद्यमशीलता की मिसाल है सिंधी समाज-राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, 26 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि सिंधी समाज स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। देश के विभाजन की विभीषिका और विस्थापन की पीड़ा सहने के बावजूद इस समाज ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से न केवल स्वयं को पुनः स्थापित किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्यपाल श्री डेका आज रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित ‘मुखी संवाद’ (विचार, तर्क एवं सुझाव परिचर्चा) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

*विस्थापन के दर्द को ताकत बनाकर रचा नया इतिहास*

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विभाजन के समय अपनी मातृभूमि, संपत्ति और सांस्कृतिक धरोहरों को छोड़कर आए सिंधी समाज ने उस असीम वेदना को अपनी शक्ति बनाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद समाज ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।

*पंचायतें समाज की रीढ़, 128 पंचायतों की एकजुटता सराहनीय*

         श्री डेका ने कहा कि किसी भी समाज की रीढ़ उसकी पंचायतें होती हैं। सिंधी समाज की पंचायत व्यवस्था सामाजिक समरसता बनाए रखने के साथ-साथ प्रगतिशील सोच को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘मुखी संवाद’ में प्रदेशभर की 128 पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जो समाज की संगठनात्मक शक्ति को दर्शाता है।

*युवा पीढ़ी को भाषा और संस्कृति से जोड़ने का आह्वान*

        राज्यपाल ने समाज के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सिंधी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा महिला विंग के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया।

          कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचायतों के मुखी, प्रतिनिधि, महिला विंग के सदस्य तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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रक्षाबंधन पर सैनिकों के सम्मान में शुरू हुआ 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026'

*माताओं, बहनों और बच्चों से 30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील*

*महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता प्रकट करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026' का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सम्मान का एक बड़ा जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।

*वीर जवानों तक पहुंचेगा पूरे प्रदेश का स्नेह*

             मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सीमाओं पर दिन-रात तैनात वीर सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का प्यार और स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।"

*हाथों से बनी राखी, संदेश और आंगन की माटी भेजने का आग्रह*

             मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने हाथों से सुंदर राखी तैयार करें, उसके साथ सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें और विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी लिफाफे में रखें। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक बनेगी।

*30 जुलाई तक जमा कर सकेंगे लिफाफा*

            मंत्री ने समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश एवं पावन मिट्टी का लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। अभियान के तहत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र 'पूर्व सैनिक महासभा' के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें देशभर के विभिन्न मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।

*सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा है छत्तीसगढ़*

          मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अभियान को जनभागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनाएं और अपने सैनिक भाइयों तक यह मजबूत संदेश पहुंचाएं कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।

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सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत ,15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्र

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15  कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।

            इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।

*चुनौतियों को अपनी ताकत बनाएं - कलेक्टर रोक्तिमा यादव*

              कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं।  उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।

*प्रशासनिक सेवाओं और करियर गाइडेंस पर हुई चर्चा*

              संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

*कक्षा की चारदीवारी से बाहर शिक्षा का अभिनव प्रयास*

             द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।

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बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की श्रीमती लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।

*समूह से जुड़कर बदली जिंदगी*

लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ।

*पोषण सखी बनकर निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी*

पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।

*आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार*

लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं।

*शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास*

लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।

उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया।

*यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान*

         संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।

*एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधे*

        प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए।

*विद्यार्थियों के पोषण का जरिया बन रही वाटिका*

        संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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जैगूर में गूंजा ‘मन की बात’ का संदेश, प्रधानमंत्री को सुनने उमड़ा जनसैलाब ,मंत्री केदार कश्यप ने वनाधिकार पत्र बांटे, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का किया शुभारंभ

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत दरभा के जैगूर गांव में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और विकास का उत्साह देखने को मिला।

             प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। उन्होंने भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की भी सराहना की।

वनाधिकार पत्र से ग्रामीणों को मिला भूमि पर अधिकार

             वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने छह हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए। वनाधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। उन्होंने नीट-2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

*‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ*

               मंत्री श्री कश्यप ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीणों को तिरंगा भेंट किया। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।

*‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत किया पौधारोपण*

               प्रधानमंत्री के आह्वान पर मंत्री श्री कश्यप ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।

               कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर सहित जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीप, डीएफओ डॉ. जाधव सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार झा सहित जिला पुलिस, वन विभाग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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छू लो आसमान के सफल विद्यार्थियों का वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने किया सम्मान ,नीट में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रविवार को छू लो आसमान आवासीय शैक्षणिक संस्थान, कारली में नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को गुलदस्ता, पुष्पमाला और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगे की पढ़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा l उन्होंने संस्था में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से नीट में सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

*‘छू लो आसमान’ योजना से विद्यार्थियों को मिल रहा बेहतर अवसर*

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘छू लो आसमान’ पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।कारली के विद्यार्थियों की नीट में सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासन की सुविधाओं से वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री यशवंत जैन, श्री टेकेश्वर जैन, श्री संतोष गुप्ता, श्री दीपेश अरोरा, श्री मुकेश शर्मा, श्री सत्यजीत चौहान, श्री जय भंसाली, श्री कुलदीप ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डीएफओ श्री कृष्ण रंगनाथा वाई, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर, डीएमसी श्री हरीश गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री के 'मन की बात' में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल ,'कैच द रेन' अभियान में नगर निगम के नवाचारों की प्रधानमंत्री ने की सराहना

रायपुर 26 जुलाई 2026/ जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम *मन की बात* के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा *कैच द रेन* अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।

*'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन*

       कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। 'कैच द रेन' अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

*1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित*

         नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।

*रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य*


           इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

*95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर रिचार्ज*

          भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा।

*वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा*

         जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

*सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन*

          कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक *एक पेड़ माँ के नाम* सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को "रन फॉर ग्रीन कोरबा" का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया*

        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया जाना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर दूरदृष्टि, नवाचार और जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन सकते हैं। कोरबा नगर पालिक निगम का यह मॉडल अब जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

*रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं*

       कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

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ऑपरेशन क्लीन हंट में बड़ी सफलता: फल विक्रेता पर चाकू से हमला करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत कोतवाली पुलिस ने पुराना शनि मंदिर के पास फल विक्रेता पर चाकू से हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी मोहम्मद अफसर उर्फ अफसर खान (37) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर जब्त किया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 14 मई 2026 को सोनूमुड़ा नवापारा निवासी बलराम यादव (50), जो पुराना शनि मंदिर के पास फल का ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करते हैं, पर आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया था। बताया गया कि आरोपी पहले शराब पीने के लिए रुपये मांगने आया, जिस पर बलराम यादव ने उसे 100 रुपये दिए। कुछ समय बाद आरोपी दोबारा पैसे मांगने पहुंचा। रुपये देने से इनकार करने पर उसने फल काटने वाले चाकू से हमला कर मौके से फरार हो गया।

घटना की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 255/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को शहर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया।

पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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आंगनबाड़ी से स्कूल तक 8,486 बच्चों की नई शुरुआत, विद्यारंभ प्रमाण-पत्र के साथ हुआ शाला प्रवेश

रायगढ़, 24 जुलाई 2026/ जिले में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ आधार प्रदान करने की दिशा में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार छह वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों का विभिन्न विद्यालयों में शाला प्रवेश कराया गया। इस अभियान के तहत 8,486 बच्चों ने विद्यालयी शिक्षा की नई शुरुआत की। शाला प्रवेश से पूर्व सभी बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों से विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रारंभिक एवं अनौपचारिक शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे विद्यालयी शिक्षा के लिए पूरी तरह तैयार होकर प्रवेश लें।

*शिक्षा की मजबूत नींव तैयार कर रहे आंगनबाड़ी केन्द्र*

आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली पाठशाला के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यहां बच्चों में सीखने की रुचि, सामाजिक व्यवहार और विद्यालयीन वातावरण के अनुरूप आवश्यक कौशल विकसित किए जाते हैं। यही कारण है कि विद्यालय में प्रवेश के समय बच्चे आत्मविश्वास के साथ अपनी नई शैक्षणिक यात्रा शुरू कर रहे हैं।
          जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि जिले में विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले 8,486 बच्चों में से 6,385 बच्चों ने शासकीय तथा 2,101 बच्चों ने निजी विद्यालयों में प्रवेश लिया। परियोजनावार देखें तो मुकडेगा में 296, धरमजयगढ़ में 1,402, खरसिया में 1,125, रायगढ़ शहरी में 446, रायगढ़ ग्रामीण में 993, तमनार में 677, लैलूंगा में 690, पुसौर में 917, घरघोड़ा में 952 तथा कापू में 988 बच्चों का शाला प्रवेश कराया गया। बच्चों के विद्यालय में प्रवेश होने पर पालकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में मिली प्रारंभिक शिक्षा से बच्चों को विद्यालय के वातावरण में सहजता से ढलने में मदद मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत शुरुआत बताया।

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रायगढ़ में 29 जुलाई को जिला स्तरीय रोजगार मेला, 173 पदों पर होगी सीधी भर्ती

रायगढ़, 24 जुलाई 2026/ जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय रोजगार सेवा अंतर्गत जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ द्वारा 29 जुलाई को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला सुबह 10.30 बजे जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ में आयोजित होगा। इस मेले में चार प्रतिष्ठित निजी कंपनियां भाग लेंगी, जिनके माध्यम से 173 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

*चार कंपनियां करेंगी भर्ती, विभिन्न पदों पर मिलेगा रोजगार*

रोजगार मेले में श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू नहरपाली खरसिया रोड, रायगढ़, श्री कृष्णा अर्थ मूवर्स नीयर सीएमओ ऑफिस के पास, रायगढ़ तथा में.प्रगति फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर भाग लेंगी। श्रीराम फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा टू-व्हीलर फाइनेंसर, पर्सनल लोन बिजनेस, लोन ऑफिसर, इंश्योरेंस ऑफिसर एवं कलेक्शन ऑफिसर के 40 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है तथा वेतनमान 10 हजार से 12 हजार रुपये प्रतिमाह होगा। मे. जेएसडब्ल्यू नहरपाली द्वारा अप्रेंटिसशिप के तहत टर्नर, फिटर, कोपा, वेल्डर, पेंटर एवं कारपेंटर के 14 पदों पर भर्ती होगी। इन पदों के लिए आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। मूवर्स नीयर द्वारा इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फिटर, टीपर ड्राइवर, एक्सीवेटर ऑपरेटर, लोडर ऑपरेटर एवं अकाउंटेंट सहित 49 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, आईटीआई, मैकेनिकल आईटीआई एवं बीकॉम टेली जैसी शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा। वहीं मे. प्रगति फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर द्वारा फील्ड ऑफिसर के 70 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। 

*ई-रोजगार पोर्टल में पंजीयन आवश्यक, मौके पर भी होगी सुविधा*

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों का ई-रोजगार पोर्टल में पंजीकृत होना आवश्यक है। जिन अभ्यर्थियों का पंजीयन नहीं हुआ है, वे रोजगार मेले के दिन भी मौके पर अपना पंजीयन करा सकेंगे। भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए सभी अभ्यर्थियों को अपने साथ मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, अंकसूची, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज लेकर उपस्थित होने की सलाह दी गई है। जिला रोजगार अधिकारी ने जिले के योग्य एवं इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे इस रोजगार मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने के अवसर का लाभ उठाएं। रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी ई-रोजगार पोर्टल अथवा जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ से प्राप्त की जा सकती है।

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एक कॉल पर घर पहुंचेगा निःशुल्क पौधा: रायगढ़ में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर शुरू की अनोखी सेवा, अब टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते ही मिलेगी हरियाली की सौगात

रायगढ़, 24 जुलाई 2026/ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी रायगढ़ प्रवास के दौरान आज सुबह अपने निवास कार्यालय से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन मंडल रायगढ़ की अभिनव पहल के तहत निःशुल्क पौधा वितरण वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के नागरिक केवल एक टोल-फ्री नंबर 8305186853 एवं 18002332631 पर कॉल कर अपने घर तक निःशुल्क पौधे मंगवा सकेंगे। इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
           वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि वन विभाग ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के लोगों के लिए एक बेहद सराहनीय व्यवस्था शुरू की है। कोई व्यक्ति अपने घर, आंगन, बाड़ी, बगीचे, खेत, तालाब किनारे या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पौधा लगाना चाहता है, तो उसे केवल वन विभाग के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करना होगा। कॉल प्राप्त होने के बाद विभाग की टीम सीधे उसके घर पहुंचकर निःशुल्क पौधा उपलब्ध कराएगी। इससे लोगों को पौधों के लिए नर्सरी या कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण से जुड़ सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान प्रकृति के प्रति सम्मान और मातृऋण चुकाने का प्रतीक है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो आने वाले वर्षों में रायगढ़ हरियाली की नई पहचान बन सकता है। 

*फलदार, छायादार सहित अन्य प्रजातियों के पौधों की होगी उपलब्धता*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वन विभाग द्वारा इस योजना के तहत अच्छी गुणवत्ता वाले स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार फलदार, छायादार एवं अन्य उपयोगी प्रजातियों के पौधे प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोई अपने घर या खेत में आम, अमरूद, नींबू अथवा अन्य फलदार पौधे लगाना चाहता है, तो उन्हें भी प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल होगा जब अच्छे और स्वस्थ पौधे लोगों तक आसानी से पहुंचेंगे, और वन विभाग इसी उद्देश्य से यह सेवा शुरू कर रहा है।

*हर नागरिक लगाए एक पेड़, हराभरा बने रायगढ़: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी*

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां भी थोड़ी-सी जगह उपलब्ध हो-घर का परिसर, बगीचा, तालाब का किनारा, पार्क या अन्य सार्वजनिक स्थल वहां अवश्य पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पेड़ केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध पर्यावरण और बेहतर जीवन का आधार बनता है। उन्होंने नागरिकों से वन विभाग की इस जनहितैषी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

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सुशासन सरकार की रफ्तार: रायगढ़ में विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए सख्त निर्देश

रायगढ़, 24 जुलाई 2026/ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सुशासन की सरकार में रायगढ़ के समग्र विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। शहर में नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने शहर की प्रमुख निर्माणाधीन परियोजनाओं का गुणवत्ता सुनिश्चित करने स्थलीय निरीक्षण भी किया और प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के स्पष्ट निर्देश दिए। 
            निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने फोर-लेन सड़क, गोवर्धनपुर पुल, मरीन ड्राइव, दूध डेयरी एवं एफसीआई ऑक्सीजोन, चांदमारी एवं मोदीनगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और लोहरसिंह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित कई परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। प्रत्येक स्थल पर उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता, कार्य की समय-सीमा तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। 

*शहर में फोर-लेन सड़क निर्माण से मिलेगी यातायात को नई दिशा*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए कोतरारोड थाना चौक से ढिमरापुर, ढिमरापुर से सीएमएचओ कार्यालय तिराहा तथा सर्किट हाउस मार्ग सहित विभिन्न हिस्सों में फोर-लेन सड़क निर्माण से यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी तथा नागरिकों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा। इसी तरह गोवर्धनपुर पुल शहर की बहुप्रतीक्षित और महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। इसका कार्यादेश जारी हो चुका है तथा शीघ्र ही निर्माण कार्य तेज गति से प्रारंभ होगा। पुल बनने के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा और लोगों को लंबे समय से चली आ रही आवागमन संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी।

*वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिल रही प्राथमिकता*

वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं पिछले तीन से चार दशकों से विभिन्न कारणों से लंबित थीं। राज्य सरकार अब इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि शहर को आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उनका लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बारिश, गर्मी अथवा सर्दी हर मौसम में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जनता को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।

*उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे होंगे सभी निर्माण कार्य*

वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे रायगढ़ को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित, सुविधासंपन्न और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित शहर के रूप में स्थापित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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