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कलेक्टर ने नवगठित नगर पंचायत तमनार का किया निरीक्षण,मानव संसाधन, आधारभूत संरचना और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए विकास की समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश


रायगढ़, 26 फरवरी 2026।  जिले की सबसे नवीनतम नगरीय इकाई नगर पंचायत तमनार के सुदृढ़ संचालन और भावी विकास की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने नगर पंचायत कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की तैयारियों, वर्तमान कामकाज की स्थिति तथा उपलब्ध मानव संसाधन की विस्तार से जानकारी ली।
कलेक्टर ने शाखावार पदस्थ कर्मचारियों की संख्या, उनकी जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सुचारू संचालन के लिए जितने अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता हो, उसका आकलन कर विभागीय कार्यालय को शीघ्र मांग पत्र प्रेषित किया जाए तथा उसकी एक प्रति कलेक्टर कार्यालय को भी उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में नव पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान नव मनोनीत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य पार्षदों ने कलेक्टर से सौजन्य भेंट कर नगर पंचायत तमनार के समग्र विकास के लिए मांग पत्र सौंपा। कलेक्टर ने कहा कि विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तमनार को प्रदेश की अग्रणी एवं समृद्ध नगर पंचायत के रूप में स्थापित करने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

कलेक्टर ने नवगठित नगर पंचायत में व्यवसायिक परिसर के निर्माण, सुव्यवस्थित खेल मैदान, बाल उद्यान, बड़े गार्डन, आश्रम छात्रावास, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, सड़क एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता में रखते हुए ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध विकास से ही नगर की पहचान और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं।
स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने नियमित साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगर ही विकास की पहली पहचान होता है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का भी अवलोकन किया और वहां प्रदाय की जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर नगर पंचायत तमनार के अध्यक्ष अश्वनी कुमार पटनायक, पार्षद सुरेंद्र कुमार साव, योगेश गुप्ता, हेमलाल साव, घरघोड़ा के एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी, तहसीलदार तथा जनपद सीईओ संजय चंद्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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ऑपरेशन अंकुश” का भीषण वार — कृष्णापुर डैम किनारे रात के अंधेरे में सज रही थी जुए की महफिल, कोतरारोड़ पुलिस की सटीक रेड में तीन जुआरी धराए, नगदी और ताश की गड्डी जब्त

 रायगढ़, 26 फरवरी 26। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर जिले में जुआ और सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए *“ऑपरेशन अंकुश”* के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 25 फरवरी की रात थाना कोतरारोड़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कृष्णापुर डैम के पास कुछ व्यक्ति तासपत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मौके पर छापेमार कार्रवाई की गई, जहां तीन व्यक्ति जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़े गए।

     पुलिस द्वारा पकड़े गए *आरोपियों में परमेश्वर चौहान पिता घुरवा चौहान उम्र 32 वर्ष निवासी बांजीनपाली रायगढ़, राजकुमार ब्रज पिता छोटेलाल ब्रज उम्र 36 वर्ष निवासी रामभांटा रायगढ़ और तुलसी चौहान पिता भोगीलाल चौहान उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम मल्दा थाना पुसौर जिला रायगढ़* शामिल हैं। पुलिस ने जुआ फड़ और आरोपियों के कब्जे से *कुल 5,600 रुपये नगद एवं 52 पत्ती ताश की गड्डी* जब्त की है। आरोपियों के कृत्य पर *थाना कोतरारोड़ में धारा 3, 2 छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत विधिवत कार्रवाई* की गई है।

        इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के साथ प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक संदीप कौशिक, चुडामणी गुप्ता एवं शिवा प्रधान की सराहनीय भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस द्वारा *“ऑपरेशन अंकुश”* के तहत जिले में जुआ-सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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सुधर जाओ बदमाशों, वरना होली के पहले ही जेल की सलाखें होंगी तैयार” — 100 से अधिक निगरानी और आदतन अपराधियों की एसएसपी कार्यालय में परेड, रायगढ़ पुलिस की दो टूक चेतावनी

रायगढ़, 26 फरवरी 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आदतन अपराधियों को अपराध की दुनिया से दूर कर मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज शहर के 100 से अधिक निगरानी बदमाशों, गुंडा तत्वों, सजायाफ्ता एवं संदिग्ध प्रवृत्ति के व्यक्तियों को पुलिस कार्यालय में तलब कर उन्हें अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीने की सख्त समझाइश दी। एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी चिन्हित बदमाश अपराध से तौबा कर लें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन व्यतीत करें, अन्यथा किसी भी प्रकार की शिकायत या आपराधिक गतिविधि सामने आने पर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

         होली के मद्देनजर एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया था कि थानों के अभिलेखों में दर्ज निगरानी बदमाशों, गुंडा सूची में शामिल व्यक्तियों, सजायाफ्ता और संदिग्ध अपराधियों को थाने में बुलाकर उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी जाए कि वे अपराधों से दूरी बनाकर सकारात्मक कार्यों में संलग्न हों। निर्देशों के पालन में थाना प्रभारियों ने पहले थाने में बदमाशों की क्लास ली ।

       इसी क्रम में आज इन चिन्हित बदमाशों को एसपी कार्यालय में उपस्थित कर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने उन्हें अपराध से दूर रहने, नशे और बुरी संगत का त्याग करने तथा अपने जीवन की नई शुरुआत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे व्यक्तियों को सुधार का अवसर दे रही है और इस अवसर का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति पुनः अपराध में लिप्त पाया गया तो रायगढ़ पुलिस द्वारा कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

       एसएसपी ने यह भी आश्वस्त किया कि जो व्यक्ति नशा छोड़ना चाहते हैं, उन्हें समाज कल्याण विभाग और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं रोजगार की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों को उनकी योग्यता एवं क्षमता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन से समन्वय कर सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। इस दौरान कुछ ऐसे व्यक्तियों ने भी जानकारी दी कि उनके विरुद्ध लंबे समय से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, जिस पर एसएसपी ने थाना प्रभारियों को उनके अभिलेखों का सत्यापन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

         होली पर्व को ध्यान में रखते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने सभी निगरानी एवं आदतन बदमाशों को विशेष रूप से चेतावनी दी कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, गुंडागर्दी, छेड़खानी या अन्य आपराधिक कृत्यों में संलिप्त न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, उसके विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई कर न्यायालय के माध्यम से दंड दिलाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने बदमाशों को उनके पूर्व में किये गये अपराधों का पश्चाताप  करने और अपराध छोड़कर पुलिस के मददगार बनाने को कहा, एसएसपी के इस बात पर सभी ने भारत माता की जय के नारे लगाये ।

       इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह, नगर निरीक्षक सुखनंदन पटेल, निरीक्षक प्रशांत राव, उप निरीक्षक गेंदलाल साहू सहित थाना कोतवाली, कोतरारोड, जूटमिल, पूंजीपथरा, खरसिया एवं पुसौर के थाना प्रभारी एवं पुलिस स्टाफ उपस्थित रहे।

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नाबालिग मासूम को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी पर टूटा कानून का शिकंजा – पॉक्सो विशेष न्यायालय रायगढ़ ने सुनाई शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन सश्रम कारावास की सख्त सजा

 रायगढ़, 26 फरवरी*। महिला थाना रायगढ़ में दर्ज दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर प्रकरण में माननीय न्यायालय ने आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। माननीय न्यायाधीश श्री देवेंद्र साहू, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पॉक्सो एक्ट) जिला रायगढ़ के न्यायालय में आज दिनांक 25 फरवरी 2026 को महिला थाना रायगढ़ में दर्ज पहले अपराध क्रमांक 01/2025 धारा 65(2), 137(2) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 5(ड), 6 पॉक्सो एक्ट के *आरोपी सूरज निषाद पिता हेम कुमार निषाद उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम जतरी मांझापारा थाना पुसौर जिला रायगढ़ (वर्तमान पता शहीद चौक थाना कोतवाली रायगढ़)* को 18 वर्ष से कम आयु की अवयस्क बालिका को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

      प्रकरण के संबंध में महिला थाना रायगढ़ में पीड़िता की मां द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग बेटी दुकान आने-जाने के दौरान परिचित सूरज निषाद के संपर्क में थी। दिनांक 18 मार्च की रात्रि पीड़िता दुकान से रोते हुए घर पहुंची और बताया कि आरोपी उसे आइसक्रीम खिलाने का झांसा देकर गोद में उठाकर सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। रिपोर्ट पर महिला थाना रायगढ़ में तत्काल *अपराध क्रमांक 01/2025 धारा 65(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 4 पॉक्सो एक्ट* के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता का तत्काल मुलाहिजा कराया गया तथा आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में *धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 5(ड), 6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी* गईं।

         प्रकरण की विवेचना महिला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर द्वारा सुनियोजित एवं प्रभावी तरीके से पूर्ण की गई तथा अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री मोहन सिंह ठाकुर द्वारा न्यायालय में सशक्त पैरवी करते हुए अभियोजन साक्षियों के बयान एवं ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी सूरज निषाद को धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता एवं  पॉक्सो एक्ट की धारा 5(ड) और  6 में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास शेष प्राकृतिक जीवन के लिए एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है।

          साथ ही माननीय न्यायालय द्वारा पीड़िता के पुनर्वास एवं सहायता के लिए राज्य की क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत ₹7,00,000 (सात लाख रुपये) की राशि प्रदान करने का आदेश भी दिया गया है। यह फैसला नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों पर कठोर दंड सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

   एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश

      नाबालिगों एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे जघन्य अपराधों में त्वरित विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी अभियोजन के माध्यम से कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाएगा। रायगढ़ पुलिस पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”*

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शिक्षा विभाग को सबसे बड़ा 22,360 करोड़ का बजट, कैशलैस इलाज की सुविधा से शिक्षकों-कर्मचारियों में उत्साह — वेतन विसंगति व डीए एरियर्स पर बनी रही कसक

जशपुर 25 फरवरी 2026 । बजट 2026 आते ही शिक्षा विभाग में मानो नई ऊर्जा का संचार हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को मिले 22,360 करोड़ रुपये ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा शीर्ष पर है। उन्होंने इसे “शिक्षा के लिए बूस्टर डोज” बताया।

श्री बंजारे ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम है। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और संस्कृति पर भी ध्यान देकर सरकार ने संतुलित विकास का संदेश दिया है।

सबसे ज्यादा चर्चा में रही कैशलैस चिकित्सा सुविधा। इस घोषणा से शिक्षक और कर्मचारी वर्ग के चेहरे खिल उठे हैं। अब गंभीर बीमारी की स्थिति में जेब ढीली होने की चिंता कम होगी और इलाज की राह आसान बनेगी। इसे कर्मचारी हित में “राहत की बड़ी सौगात” बताया जा रहा है।

हालांकि, हर बजट की तरह इस बार भी उम्मीदों की एक सूची थी। सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति और लंबित महंगाई भत्ता (डीए) एरियर्स के भुगतान को लेकर बड़ी आस थी, लेकिन इन मुद्दों पर ठोस घोषणा न होने से कर्मचारियों के मन में हल्की कसक भी बनी हुई है।

प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री को बजट 2026 के लिए बधाई देते हुए कहा कि उम्मीद है आने वाले समय में शेष मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय होंगे।

फिलहाल, शिक्षा बजट और कैशलैस सुविधा ने कर्मचारी जगत में उत्साह जरूर भर दिया है—अब नजरें अगली घोषणाओं पर टिकी हैं।

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नावापारा टेण्डा में डबल चोरी कांड का 24 घंटे में सनसनीखेज खुलासा: घर और राशन दुकान से लाखों के जेवर-सामान पार, घरघोड़ा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में तीन आरोपी धराए, चोरी का माल खरीदने वाला ज्वेलर्स भी सलाखों के पीछे

 रायगढ़, 25 फरवरी । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में घरघोड़ा पुलिस को ग्राम नावापारा टेण्डा में हुई चोरी के आरोपियों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। गौरतलब है कि ग्राम नावापारा टेण्डा में 21-22 फरवरी 2026 की रात मकान और राशन दुकान में हुई चोरी के मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर चोरी की गई संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी की है। चोरी का जेवर खरीदने वाले ज्वेलर्स को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

ग्राम नावापारा टेण्डा मकान में चोरी की वारदात
       प्रकरण में 23 फरवरी को ग्राम नावापारा टेण्डा निवासी प्रार्थी मनीष महंत (22 वर्ष) द्वारा थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 21 फरवरी 2026 को वह ड्यूटी पर गया था और घर में उसकी बहन व मामी मौजूद थीं। 21-22 फरवरी की रात अज्ञात व्यक्ति घर में घुसकर आलमारी में रखे एक नग सोने का फुली, एक जोड़ी चांदी का पायल और दो नग चांदी का बिछिया चोरी कर ले गया। रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में *अपराध क्रमांक 63/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

ग्राम नावापारा टेण्डा के संजय महराज राशन दुकान में चोरी
       वहीं ग्राम नावापारा टेण्डा में संचालित संजय महाराज राशन दुकान के संचालक संजय शर्मा (50 वर्ष) द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 21 फरवरी को दुकान बंद कर घर चले गए थे और अगले दिन सुबह दुकान खोलने पर पीछे का दरवाजा टूटा हुआ मिला तथा दुकान के अंदर रखे साबुन, तेल, क्रीम, पेस्ट, हेयर ऑयल, शैम्पू, फेसवॉश, सीएफएल बल्ब, टिफिन बॉक्स सहित अन्य राशन सामग्री कुल कीमती लगभग 15,000 रुपये चोरी होना पाया गया। इस संबंध में *अपराध क्रमांक 64/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

        थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा माल मुल्जिम की पतासाजी के दौरान संदेह के आधार पर ओमप्रकाश अगरिया उर्फ चकदे (25 वर्ष) निवासी ग्राम नावापारा टेण्डा और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने मकान और राशन दुकान में चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी ओमप्रकाश अगरिया ने चोरी की गई चांदी की पायल को बसीर कॉलोनी घरघोड़ा स्थित आर.जी. ज्वेलर्स के संचालक गौतम मंडल (40 वर्ष) को बेचना बताया, जिस पर पुलिस ने गौतम मंडल को भी गिरफ्तार किया।

        आरोपी ओमप्रकाश अगरिया के मेमोरेंडम पर एक नग सोने का फुली और दो नग चांदी का बिछिया बरामद किया गया, वहीं विधि से संघर्षरत बालक से चोरी की संपत्ति बिक्री से प्राप्त 1000 रुपये बरामद किए गए। ज्वेलर्स गौतम मंडल से चोरी की गई एक जोड़ी चांदी का पायल बरामद किया गया। इसी प्रकार राशन दुकान से चोरी किया गया लगभग 15,000 रुपये का पूरा सामान आरोपी ओमप्रकाश अगरिया से बरामद कर जप्त किया गया। कुल मिलाकर *दोनों मामलों में चोरी की गई लगभग 45,100 रुपये की संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी की गई है* । मामले में धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई है।

        प्रकरण में *आरोपी  (1) ओमप्रकाष अगरिया उर्फ चकदे पिता तुलसी राम अगरिया उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम नावापारा टेण्डा थाना घरघोड़ा जिला रायगढ़ (2) गौतम मंडल पिता बैद्यनाथ मंडल उम्र 40 वर्ष  सा. ग्राम निश्चिंचपुर थाना दासपुर जिला मेदनीपुर (पश्चिम बंगाल) हा.मु. आर.जी. ज्वेलर्स बसीर कालोनी घरघोड़ा, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़ (छ.ग.) तथा विधि से संघर्षरत बालक* को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

   *एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश*— 

          *“संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों और चोरी का माल खरीदने-बेचने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ पुलिस त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है।”*

        इस कार्रवाई में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल, आरक्षक उद्धो पटेल तथा स्थानीय सहयोगी कालिया गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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ऑपरेशन आघात” से जूटमिल में हड़कंप: किशोरों को नशीले इंजेक्शन बेचने वाले दो तस्कर गिरफ्तार, 22 इंजेक्शन और नकदी बरामद

रायगढ़, 25 फरवरी । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत जूटमिल क्षेत्र में किशोर बालकों को नशीले इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। जूटमिल इलाके में दर्द निवारक इंजेक्शन का खतरनाक तरीके से नशे के रूप में उपयोग किए जाने की सूचना एसएसपी के संज्ञान में आने पर तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा को प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। एडिशनल एसपी श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएसपी के सुपरविजन में जूटमिल पुलिस ने मुखबिर सूचना पर दो अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा।

     पहली कार्रवाई थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव एवं सहायक उप निरीक्षक भागीरथी चौधरी, नरसिंह नाथ यादव के नेतृत्व में कायाघाट बाबाकुटी के पास की गई। मौके पर पुलिस को देखकर 3-4 नाबालिग बालक भाग खड़े हुए। घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम *रवि गुप्ता पिता जानप्रकाश गुप्ता उम्र 42 वर्ष, निवासी जूटमिल गेट के सामने थाना जूटमिल रायगढ़* बताया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से अखबार में लिपटे 10 नग Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM” (एमआरपी 59.68 प्रति एम्पुल) कुल कीमत लगभग 596.80 रुपये तथा बिक्री की 200 रुपये नकदी बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने इंजेक्शन प्रति एम्पुल 200 रुपये में बेचने की बात स्वीकार की तथा कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।

  ➡️ दूसरी कार्रवाई कायाघाट चौपाटी तिराहा के पास की गई। मुखबिर सूचना पर *सुरेश वर्मा पिता मातु वर्मा उम्र 27 वर्ष, निवासी कायाघाट मुक्तिधाम सामने गली थाना जूटमिल रायगढ़* को उसके मकान के बाहर से पकड़ा गया। पुलिस को देखकर 3-4 युवक मौके से भाग गए। आरोपी के कब्जे से 12 नग Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM” (कुल कीमत लगभग 716.16 रुपये) तथा 300 रुपये नगद बरामद हुए। आरोपी ने इंजेक्शन झारसुगुड़ा (उड़ीसा) से खरीदकर लाने और किशोर बालकों को 150-150 रुपये प्रति इंजेक्शन बेचने की बात स्वीकार की।

       दोनों आरोपियों द्वारा यह जानते हुए भी कि उक्त इंजेक्शन एक हानिकारक मादक द्रव्य है और इसके सेवन से मानव जीवन संकटापन्न हो सकता है, नाबालिग बच्चों को अवैध रूप से बिक्री की जा रही थी। छोटे-छोटे किशोरों में नशे की प्रवृत्ति विकसित कर उनके स्वास्थ्य एवं भविष्य को खतरे में डालने के कृत्य पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 66/2025 एवं 67/2025 धारा 77 जेजे एक्ट तथा धारा 123, 275, 286 भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

*गिरफ्तार आरोपी* –
1. रवि गुप्ता, उम्र 42 वर्ष, निवासी जूटमिल गेट के सामने, थाना जूटमिल रायगढ़
2. सुरेश वर्मा, उम्र 27 वर्ष, निवासी कायाघाट मुक्तिधाम सामने गली, थाना जूटमिल रायगढ़

*बरामद संपत्ति* –

    कुल 22 नग नशीली इंजेक्शन (Butorphanol Tartrate Injection USP 2mg “BUTRUM”) एवं 500 रुपये नगद बिक्री रकम।

    *एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*

      *“नशीली दवाओं के माध्यम से किशोरों को नशे की ओर धकेलने वाले व्यक्तियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील है कि ऐसे किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”*

        एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी तथा सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन पर कार्यवाही में उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक प्रशांत राव, सहायक उप निरीक्षक भागीरथी चौधरी, नरसिंह नाथ यादव, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, आरक्षक शिवकुमार वर्मा, आरक्षक नरेश रजक एवं महिला आरक्षक देवकुमारी भारते की सराहनीय भूमिका रही।

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जिला जेल रायगढ़ में ‘निश्चय’ के तहत मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण प्रारंभ,35 बंदियों ने लिया प्रथम बैच में प्रवेश, 10 दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम शुरू


रायगढ़, 25 फरवरी 2026। महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ के निर्देशानुसार “निश्चय” कार्यक्रम के अंतर्गत जिला जेल रायगढ़ में बंदियों के कौशल विकास के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया है। एसबीआई आरसेटी के विशेष सहयोग से आयोजित यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षण के प्रथम बैच में 35 बंदियों का पंजीयन किया गया है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें ऐसा व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है, जिससे वे रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। बंदियों को कंपोस्ट तैयार करने की विधि, स्पॉन (बीज) डालने की तकनीक, तापमान एवं नमी संतुलन बनाए रखने, फसल की देखभाल तथा तैयार उत्पाद के विपणन संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षकों के अनुसार मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिसे छोटे स्तर पर भी आसानी से प्रारंभ किया जा सकता है। यह प्रशिक्षण न केवल बंदियों के आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा, बल्कि उनके सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया को भी सशक्त बनाएगा। जेल प्रशासन ने जानकारी दी कि भविष्य में भी बंदियों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास के लिए इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते

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रायगढ़ जिला जेल में ‘निश्चय’ कार्यक्रम के तहत पांच दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ, 490 बंदियों ने लिया आत्मशुद्धि और सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने का संकल्प

रायगढ़, 25 फरवरी 2026/ महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएँ के निर्देशानुसार “निश्चय” कार्यक्रम के अंतर्गत बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पांच दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जेल अधीक्षक श्री जी.एस. शोरी की उपस्थिति में हुआ।
         कार्यक्रम में 490 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बंदियों को सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करना एवं उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। प्रशिक्षित योगाचार्य श्री राजेश कन्नोजिया द्वारा बंदियों को योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। शिविर के दौरान सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति एवं भ्रामरी प्राणायाम सहित विभिन्न योग क्रियाएं कराई गईं। योग विशेषज्ञ ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता एवं अवसाद में कमी आती है तथा आत्मानुशासन, संयम और सकारात्मक सोच का विकास होता है। इस प्रकार के आयोजनों से बंदियों में आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन एवं नई दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।

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कलेक्टर ने की राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण के दिए निर्देश,पंचायत स्तर पर ही निपटाए अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरण

रायगढ़, 25 फरवरी 2026/ जिले में राजस्व मामलों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण को लेकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक प्रकरण का न्यायोचित, पारदर्शी और समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामले सीधे आम नागरिकों के हितों से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
           कलेक्टर ने बैठक में तहसीलवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने सीमांकन, बंदोबस्त, त्रुटि सुधार, भू-अभिलेख, भू-अर्जन, वन अधिकार पट्टा नामांतरण, बंटवारा एवं खाता विभाजन जैसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जानकारी दी गई कि कुल 10,661 प्रकरण दर्ज हुए थे, जिनमें से 8,486 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 2,175 प्रकरण लंबित हैं। इनमें से 89 प्रकरण समय-सीमा से बाहर हैं। कलेक्टर ने सभी लंबित और समय-सीमा पार मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अविवादित नामांतरण एवं बंटवारे के मामलों को पंचायत स्तर पर ही अनिवार्य रूप से निपटाने के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन को अनावश्यक कार्यालयी चक्कर न लगाने पड़ें।
          कलेक्टर ने आरआरसी, ऋण वसूली, राष्ट्रीय अभियान एवं जल जीवन मिशन के कार्यों में प्रगति लाने के लिए विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग से संबंधित उचित मूल्य दुकानों में भौतिक सत्यापन के दौरान पाई गई कमी की भरपाई एवं वसूली के लिए 7 दिनों के भीतर प्रगति लाने को कहा गया। उन्होंने आदिम जाति विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर वन अधिकार पत्र और फौती नामांतरण के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में पदस्थ अतिरिक्त कलेक्टर को क्षेत्र भ्रमण के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने आगामी होली पर्व को ध्यान में रखते हुए सभी अनुविभागीय कार्यालय स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी माह से ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान शिविरों की तैयारी सुनिश्चित करने हेतु जिला पंचायत सीईओ, सीएमएचओ, महिला एवं बाल विकास, श्रम, लीड बैंक अधिकारी, कृषि सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग केअधिकारी - कर्मचारी उपस्थित रहे।

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नशे पर वार, दुर्घटनाओं पर प्रहार : कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में - कलेक्टर–एसएसपी की संयुक्त समीक्षा बैठक, 16 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं सख्त निर्देश जारी


रायगढ़, 25 फरवरी 2026। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रातः 11 बजे प्रारंभ हुई बैठक में कानून व्यवस्था से जुड़े 16 महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान नशा मुक्ति अभियान की प्रगति पर विशेष फोकस किया गया। कलेक्टर ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए इसे गंभीरता से लेते हुए बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विशेषकर नाबालिगों, जो नशीली दवाइयों की चपेट में आ चुके हैं, उनकी नियमित काउंसिलिंग कर उन्हें पुनर्वास कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि नशा छोड़ चुके और समाज में सकारात्मक जीवन जी रहे व्यक्तियों को रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और जनभागीदारी बढ़े। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री पर कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिले में चिन्हांकित 16 ब्लैक स्पॉट की बिंदुवार समीक्षा की गई। छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोडातराई, उर्दना तिराहा, जोरापाली, कांशीचुंआ, मुरा चौक, नावापारा चौक, कुनकुरी, सिंसरिंगा घाट, कंचनपुर, दर्रीपारा, फगुरम, देवगढ़, तेतला एवं चोढ़ा को दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में चिन्हांकित किया गया है। इन स्थानों पर हाई मास्ट लाइट, सांकेतिक बोर्ड, रेडियम संकेतक, स्पीड रडार गन, मार्गदर्शक बोर्ड एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय आगामी बैठक तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में हिट एंड रन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। जानकारी दी गई कि तहसील स्तर पर 38 प्रकरण लंबित हैं, 11 प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं, राशि भुगतान से संबंधित 42 प्रकरण लंबित हैं तथा 2 प्रकरणों में भुगतान किया जा चुका है। अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
अजा/अजजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दाण्डिक प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना एवं समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया।
आगामी होली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही धरना, प्रदर्शन, रैली एवं सभा के आयोजन पूर्व वैधानिक अनुमति की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
जिला जेल से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, कौशल विकास प्रशिक्षण, योग एवं सुधारात्मक गतिविधियों के संचालन पर बल दिया गया। बंदियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
इसके अतिरिक्त औद्योगिक सुरक्षा की मॉनीटरिंग, अवैध उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई, आबकारी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा, नशीली दवाइयों एवं अवैध शराब पर रोकथाम, पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत वाहन जप्ती, चिटफंड मामलों में प्रगति, पीएम रिपोर्ट एवं हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के क्रियान्वयन तथा अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जिले में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखें।
बैठक में बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ प्रियंका वर्मा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी,नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा,सहित सभी एसडीएम, संबंधित विभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन करने वाले 5 लोगों को नोटिस जारी, 24 घंटे में मांगा जवाब

रायगढ़, 25 फरवरी 2026/ एनटीपीसी लारा के निकट बिना अनुमति धरना प्रदर्शन आयोजित करने के मामले में जिला प्रशासन ने 5 लोगों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायगढ़ द्वारा जारी आदेश के उल्लंघन पर की गई है। 
    इस संबंध में रायगढ़ निवासी अनिल अग्रवाल एवं तहसील पुसौर के लारा निवासी कृष्णा प्रधान, गौरी शंकर मिरधा, महेन्द्र मिरधा तथा मुरली प्रधान को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी। 
      उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में सार्वजनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार रायगढ़ जिले में सर्व विविध, निजी, सार्वजनिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं अन्य संगठनों अथवा संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले सभी प्रकार के सार्वजनिक आयोजनों के लिए जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद 24 फरवरी 2026 को एनटीपीसी लारा के पास बिना विधिक अनुमति धरना आयोजित किए जाने की जानकारी प्रशासन को मिली। जिसके पश्चात अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायगढ़ ने इस संबंध में उक्त लोगों के ऊपर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। 
स.क्र./148/गुलाब डड़सेना

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सास-बहू सम्मेलन एवं निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन,परिवार नियोजन, आयुष्मान योजना व पोषण के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर

रायगढ़, 25 फरवरी 2026/ जिला स्वास्थ्य समिति व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में रायगढ़ शहरी क्षेत्र के मांगलिक भवन, अतरमुड़ा वार्ड क्रमांक 26 में सास-बहू सम्मेलन एवं निःशुल्क आउटरीच स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद सरिता राजेंद्र ठाकुर उपस्थित रहीं। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
             पार्षद सरिता राजेंद्र ठाकुर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू आयुष्मान योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे देश के हर वर्ग को गंभीर बीमारियों के उपचार में सहायता मिल रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के कार्य की प्रशंसा की और कहा कि बच्चों के समुचित विकास के लिए सही पोषण और विटामिन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने परिवार नियोजन के महत्व पर बल देते हुए नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी
             राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री रंजना पैंकरा के संचालन में शिविर में नागरिकों के लिए विभिन्न विशेषज्ञ काउंटर लगाए गए, जिनमें गैर संचारी रोग (शुगर व बीपी जांच), मातृ स्वास्थ्य परीक्षण, वयोवृद्ध सेवा, शिशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण, नेत्र जांच, कुष्ठ एवं क्षय रोग जांच, एचआईवी जांच, फाइलेरिया कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन तथा निःशुल्क दवा वितरण शामिल थे। बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य नागरिकों ने इन सेवाओं का लाभ उठाया।
             शिविर के दौरान पुरुष नसबंदी पखवाड़े की शुरुआत की गई तथा सास-बहू सम्मेलन के माध्यम से परिवार नियोजन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं। साथ ही आयुष्मान कार्ड, पोषण एवं विटामिन-ए से संबंधित जागरूकता भी लोगों तक पहुंचाई गई। शिविर में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में डॉ. सोनाली मेश्राम, सेक्टर चिकित्सा अधिकारी, शहरी समन्वयक मितानिन कार्यक्रम, सुपरवाइजर एवं मितानिन प्रशिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम संपन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि जागरूक समाज ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।

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तीसरे बजट में भी टूटी उम्मीदें: 1.80 लाख शिक्षक एलबी संवर्ग की वेतन विसंगति, क्रमोन्नति वेतनमान और पुरानी पेंशन बहाली पर फिर लगी निराशा की मुहर - छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ

रायपुर //- 25 फरवरी 2026
      प्रदेश के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग (पूर्व नाम शिक्षाकर्मी) को इस बार राज्य बजट से काफी ज्यादा उम्मीदें थी। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ राज्य इकाई ने आज से सवा 2 वर्ष पहले अर्थात विधानसभा चुनाव नवंबर दिसंबर 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में पार्टी की ओर से शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए बहुत सारी घोषणाएं की थी तथा प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर उक्त मांगों को पूरा करने की बात कहते हुए अपने चुनावी घोषणा पत्र को मोदी की गारंटी नाम दिया था।
           लेकिन उनमें से 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रमुख घोषणाए अभी भी पूरी नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ पंजीयन क्रमांक 122202595034 के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू, शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, प्रदेश प्रवक्ता, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें,  देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार आदि सभी पदाधिकारीयो ने आज पेश हुए छत्तीसगढ़ सरकार के राज्य बजट पर संगठन की ओर से संयुक्त रूप से जारी अपनी सामूहिक प्रतिक्रिया में सभी ने एक स्वर में कहा है कि 2023 विधान सभा चुनाव के बाद सरकार का यह पेश हुआ तीसरा बजट है।
         और प्रदेश की भाजपा सरकार को वर्तमान कार्यकाल का लगभग सवा दो साल पूर्ण भी हो गया है। ऐसे में उक्त बजट से हमको प्रदेश के समस्त सहायक शिक्षकों की वेतन दूर होने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान एवं पुरानी पेंशन बहाल होने की बड़ी उम्मीदें थी।
         परंतु इनमें से कोई भी मांगे पूरी नहीं हुई है। जिससे राज्य के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग में घोष निराशा फैल गई है। निश्चित रूप से सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सेवा की एक सौगात दी है। इसके लिए सरकार का संगठन की ओर से हम आभार व्यक्त करते हैं। परंतु यह हमारी मूल मांगे थी ही नहीं। बल्कि हमारी मूल मांगों में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति, क्रमोन्नति वेतनमान एवं पुरानी पेंशन बहाली थी। 
        हमारी उक्त मांगे पूरी नहीं होने से प्रदेश के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग के बीच काफी ज्यादा निराशा फैल गई है। उक्त मांग यदि पूरी होती तो हमें एक ओर जहां प्रति महीने हो रहे एक बड़ी आर्थिक नुकसान की भरपाई हुई रहती तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में प्रतिवर्ष सेवानिवृत्त हो रहे सैकड़ों शिक्षकों को बुढ़ापे का सहारा मिला रहता। 
       लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज 1995-98 से लेकर सभी बैच  के शिक्षकों में से एक ही बैच के पदोन्नत और गैर पदोन्नत शिक्षक एलबी संवर्ग को वर्तमान में 10 से लेकर 25 हजार रुपए तक का एक बड़ा मासिक अंतर है। जबकि नियमित शिक्षकों में ऐसा कोई भी अंतर या उन्हें कोई नुकसान नहीं है।

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रायगढ़ पुलिस ने ग्राम चिलकीगुडी में जन चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को नशा मुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

      *रायगढ़, 24 फरवरी* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत दिनांक 24 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा ग्राम चिलकीगुडी में पुलिस जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में गांव की महिला-पुरूष उपस्थित होकर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।

         जन चौपाल के दौरान थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा कई गंभीर अपराधों की जड़ है और इसके कारण परिवार एवं समाज दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने नशे की वजह से कई दुर्घटनाएं, अपराध की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे कई परिवारों का जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने ग्रामीणों से नशे से दूर रहने की अपील की।

        उन्होंने बताया कि रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की खरीदी-बिक्री करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए *“ऑपरेशन आघात”* चलाया जा रहा है तथा *“ऑपरेशन शंखनाद”* से गौवंश को सुरक्षित रखने और  मवेशी तस्करों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार और मवेशी तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । ऐसे कार्यों से दूर रहकर सम्मानजनक जीवन जीने की सलाह दी गई।

        कार्यक्रम में महिला समूहों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र के कई गांवों में महिलाओं द्वारा शराब बंदी के लिए सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम चिलकीगुडी में पुलिस और महिलाओं के संयुक्त प्रयास से लगातार जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उपस्थित ग्रामीणों और महिलाओं ने गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करने का भरोसा दिलाया।

        इस दौरान साइबर अपराधों के प्रति भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात कॉल, ओटीपी मांगने वाले फोन, बैंक या केवाईसी के नाम पर जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों तथा लॉटरी या इनाम के झांसे से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक संबंधी जानकारी या ओटीपी साझा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें।

???? *एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश* —
 
           *“नशा समाज के लिए घातक है, अवैध नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जन सहयोग से ही सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण संभव है।”*

       रायगढ़ पुलिस द्वारा जन जागरूकता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जन चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया जा रहा है, जिससे आमजन में कानून के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सख्ती बढ़ी :-फीस, पाठ्यपुस्तक और मान्यता संबंधी नियमों का अनिवार्य पालन. उल्लंघन की स्थिति में मान्यता समाप्ति की होगी कार्रवाई

रायगढ़, 24 फरवरी 2026/ शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों के संचालकों की बैठक लेकर  दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
           जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने कहा कि सभी निजी विद्यालय अपने यहां लागू गणवेश का नमूना विद्यालय परिसर में प्रदर्शित करेंगे। साथ ही सत्र 2026-27 में लागू पाठ्यक्रम की सूची भी सूचना पटल पर अनिवार्य रूप से चस्पा की जाएगी। इसके अतिरिक्त सूचना पटल पर यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि विद्यार्थी गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकें खुले बाजार से कहीं से भी खरीद सकते हैं। किसी भी विद्यार्थी या पालक को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

               बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विद्यालयों द्वारा ली जाने वाली अधिसूचित फीस का मदवार विवरण सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जाए। साथ ही विभागीय मान्यता एवं संबंधित बोर्ड की संबद्धता की प्रति भी सार्वजनिक रूप से लगाई जाए, ताकि पालकों को पूरी पारदर्शिता मिल सके।
           डॉ. राव ने शिक्षा संहिता के अध्याय-6 की कंडिका 95 एवं 96 के अनुसार ही पाठ्यपुस्तकों का चयन करने के निर्देश दिए। चयनित पुस्तकों की सूची संबंधित बोर्ड से अनुमोदित कर सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ उसकी एक प्रति जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराना भी अनिवार्य होगा। कंडिका 97 के तहत स्वीकृत पाठ्यपुस्तकों में परिवर्तन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी विद्यालय अपने नाम से कॉपी या किताबों का मुद्रण नहीं कराएगा और न ही किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य करेगा।
            जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी विद्यालय में नियमों के विपरीत स्थिति पाई जाती है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संस्था की स्वयं की होगी।

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जनगणना कार्य शुद्धता और समयबद्धता के साथ पूरा करना है, इसलिए प्रशिक्षण को गंभीरता से समझे: कलेक्टर

रायगढ़, 24 फरवरी 2026। आगामी जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। राज्य शासन के निर्देश पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जनगणना के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) के लिए दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विस्तृत तकनीकी, प्रशासनिक एवं विधिक जानकारी प्रदान की गई।
कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने जनगणना कार्य को राष्ट्रीय महत्व का दायित्व बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला होगी। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदानी कार्य में पूर्ण सावधानी, पारदर्शिता एवं प्रतिबद्धता के साथ दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने  कहा कि एक भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण आंकड़े विकास योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण के अंतर्गत 1 से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक भवन एवं मकान का डिजिटल माध्यम से सूचीकरण होगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय एवं अन्य आवश्यक जानकारी संकलित की जाएगी।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक करें और उन्हें सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता सूक्ष्म योजना, प्रभावी समन्वय और सटीक क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।
राज्य मास्टर ट्रेनर श्री अशोक मिश्रा, श्री कैलाश चन्द्र पण्डा एवं श्री शेष प्रसाद पण्डा ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की प्रक्रियाओं, मैदानी क्रियान्वयन, तकनीकी पहलुओं तथा कानूनी प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार संपूर्ण प्रक्रिया जनगणना प्रबंधन पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पूर्णतः डिजिटल रूप में संचालित की जाएगी, जिससे डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित होगा।
जनगणना निदेशालय द्वारा तहसीलवार सॉफ्ट फाइल उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें प्रत्येक राजस्व ग्राम एवं नगरीय क्षेत्र को पूर्व सत्यापित मानचित्र के अनुरूप दर्शाया गया है। तहसील स्तर पर इन फाइलों की सूक्ष्म जांच की जाएगी तथा किसी भी विसंगति की स्थिति में आवश्यक संशोधन कर अद्यतन जानकारी प्रेषित की जाएगी। अधिकारियों को पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया तथा उपस्थित चार्ज अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
प्रशिक्षण में सपोर्टिव सुपरविजन, स्व-गणना प्रक्रिया, उत्तरदाता की भूमिका, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के दायित्व, डेटा नैतिकता, गोपनीयता एवं सुरक्षा, मोबाइल एवं वेब एप से संबंधित समस्याओं के निराकरण, समय-सीमा के पालन, जनशक्ति प्रबंधन एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सीएमएमएस के मॉड्यूल, उपयोगकर्ता पंजीकरण एवं एचएलओ प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा, जिला मास्टर ट्रेनर श्री विकास रंजन एवं जिला जनगणना अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी एवं चार्ज अधिकारी उपस्थित थे।

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रायगढ़ को बजट 2026-27 में मिली नई रफ्तार : शिक्षा में उत्कृष्टता, अधोसंरचना में विस्तार और सामाजिक सरोकारों को सशक्त आधार

रायगढ़, 24 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का संकल्प-आधारित बजट प्रस्तुत किया। सुशासन की प्रतिबद्धता के साथ प्रस्तुत यह बजट नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार के पंचतत्त्वों पर आधारित है। विकसित छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर-2047’ के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में इसे एक दूरदर्शी और परिणाममुखी कदम माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार का यह तीसरा बजट है। पहले बजट में ज्ञान की आधारशिला रखी गई थी, दूसरे में विकास की गति को तीव्र करने की रणनीति प्रस्तुत की गई और अब तीसरा बजट समृद्ध एवं खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का स्पष्ट संकल्प लेकर आया है। इस बजट में रायगढ़ जिले को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे जिले के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

*शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश*

बजट में प्रदेश के पांच शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें रायगढ़ भी शामिल है। जिले के प्रतिष्ठित किरोड़ीमल शासकीय महाविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का लाभ मिलेगा।
इसके अतिरिक्त रायगढ़ में नवीन सीजीआईटी (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिससे तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए रायगढ़ में 100-100 सीटर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास निर्माण का प्रावधान भी किया गया है। यह पहल बेटियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन देने के साथ सुरक्षित एवं सुलभ आवास सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

*अधोसंरचना परियोजनाओं से विकास को गति*

प्रदेश में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी बजट में शामिल किया गया है। रायपुर से विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे तथा खरसिया से परमालकसा रेलवे लाइन जैसी परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, व्यापार और औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देंगी। इन परियोजनाओं से रायगढ़ सहित पूरे अंचल में आवागमन सुगम होगा और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

*सामाजिक सरोकारों को सशक्त आधार*

रायगढ़ के पंडरीपानी क्षेत्र में 100 सीटर दृष्टि एवं श्रवणबाधित विद्यालय तथा छात्रावास निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षा और आवास की बेहतर सुविधा सुनिश्चित करेगा।
साथ ही राज्य के सभी जिलों में नशामुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पहल सामाजिक सुधार, जनजागरूकता और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
समग्र रूप से देखा जाए तो वर्ष 2026-27 का यह बजट रायगढ़ को शिक्षा, अधोसंरचना और सामाजिक विकास के नए आयाम प्रदान करने वाला साबित होगा। यह बजट जिले को विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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