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शादी का सपना दिखाकर महीनों तक करता रहा शारीरिक शोषण, युवती की शिकायत के 24 घंटे के भीतर रायगढ़ पुलिस ने आरोपी को दबोचा

रायगढ़, 09 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने के मामले में आरोपी को शिकायत दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित "अभियान संवेदना" के अंतर्गत की गई।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय युवती ने 07 जुलाई 2026 को थाना पूंजीपथरा पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि अक्टूबर 2025 में अपने जन्मदिन के अवसर पर सहेली के घर जाने के दौरान उसकी मुलाकात शेखर बघेल से हुई थी। परिचय के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और आरोपी ने लगातार प्रेम का इजहार करते हुए शादी करने तथा जीवनभर साथ निभाने का भरोसा दिया।

पीड़िता के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को आरोपी उसे मिलने के बहाने अपने साथ मोटरसाइकिल से गेरवानी स्थित घर ले गया। वहां उसने पत्नी बनाकर रखने और जल्द विवाह करने का विश्वास दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी लगातार उसे पत्नी की तरह अपने साथ रखता रहा और विवाह का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा।

समय बीतने पर जब युवती ने विवाह करने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इतना ही नहीं, उसने विवाद करना शुरू कर दिया और कई बार मारपीट भी की। अंततः 03 जुलाई 2026 को आरोपी ने गाली-गलौज और मारपीट कर युवती को घर से निकाल दिया। इसके बाद पीड़िता अपने माता-पिता के पास पहुंची और न्याय के लिए पुलिस की शरण ली।

शिकायत के आधार पर थाना पूंजीपथरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 161/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण जिला अस्पताल में कराया और तत्काल आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शेखर बघेल (20 वर्ष) को उसके गेरवानी स्थित निवास से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक संध्यारानी कोका, सहायक उप निरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल एवं चंद्रशेखर चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस महिलाओं से जुड़े अपराधों के प्रति पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

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पहले पैसे को लेकर विवाद, फिर बीच सड़क युवक की पिटाई और कार लेकर फरार, 10 लाख की लग्जरी XL-6 बरामद, घरघोड़ा पुलिस की तेज कार्रवाई से खुला पूरा खेल

घरघोड़ा (रायगढ़), 09 जुलाई। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में रुपए के लेन-देन का विवाद उस समय गंभीर आपराधिक घटना में बदल गया, जब एक युवक के साथ मारपीट कर उसकी करीब 10 लाख रुपये कीमत की मारुति सुजुकी XL-6 कार जबरन छीनकर आरोपी फरार हो गया। मामले की सूचना मिलते ही घरघोड़ा पुलिस सक्रिय हुई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई कार बरामद कर ली। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में घरघोड़ा पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम भेण्ड्रा निवासी गजपति राम राठिया (29 वर्ष) ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में उसके परिवार ने अपनी पैतृक भूमि का सौदा घरघोड़ा निवासी बेलाल अहमद से सात लाख रुपये में किया था। सौदे के दौरान आरोपी ने साढ़े तीन लाख रुपये अग्रिम दिए थे, लेकिन कुछ समय बाद उसने जमीन खरीदने से इंकार करते हुए अपनी अग्रिम राशि वापस मांग ली।

इसी दौरान आपसी परिचय का लाभ उठाकर आरोपी ने गजपति की मारुति XL-6 कार अपने पास ले ली और करीब सात महीने तक वाहन लौटाने से इंकार करता रहा। बाद में गजपति ने अपनी जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर आरोपी को ढाई लाख रुपये लौटाए, जिसके बाद उसने कार वापस कर दी।

पीड़ित का आरोप है कि इसके बावजूद केवल एक लाख रुपये बकाया रहने पर भी आरोपी लगातार दस लाख रुपये देने का दबाव बना रहा था। वह कई बार उसके घर पहुंचकर गाली-गलौज, धमकी और जान से मारने की बातें करता था।

घटना 6 जुलाई 2026 की है। गजपति अपने साथी रामसाय साव उर्फ विक्की के साथ घरघोड़ा के कारगिल चौक के पास खड़ा था। तभी बेलाल अहमद वहां पहुंचा और बकाया राशि को लेकर विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गजपति के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जबरन उसकी कार की चाबी छीन ली। इसके बाद वह मारुति सुजुकी XL-6 (क्रमांक CG-04-QD-4132) लेकर मौके से फरार हो गया।

शिकायत के आधार पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 218/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम किया गया और विवेचना शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी बेलाल अहमद को उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर उसके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य की लूटी गई मारुति सुजुकी XL-6 कार बरामद कर जब्त कर ली गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बेलाल अहमद (52 वर्ष), पिता कमाल अहमद, निवासी वार्ड क्रमांक 12, प्रेमनगर, घरघोड़ा के रूप में हुई है। विधिवत गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, सहायक उपनिरीक्षक डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक खेमराज पटेल तथा आरक्षक दिनेश सिदार और बसंत तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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गांजा तस्करी का पूरा खेल बेनकाब, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मास्टरमाइंड शुभम यादव भी गिरफ्तार, पुलिस की एंड-टू-एंड कार्रवाई से तस्कर नेटवर्क में मचा हड़कंप

रायगढ़, 9 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 300 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले के मुख्य मास्टरमाइंड शुभम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले महीने 1.86 करोड़ रुपये मूल्य की गांजा खेप पकड़े जाने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और घेराबंदी की रणनीति के जरिए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अब केवल गांजा बरामद करना ही नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, उसके संचालकों और आर्थिक लाभ लेने वालों तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है।

5 जून की बड़ी कार्रवाई के बाद फरार था मास्टरमाइंड

पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 को "ऑपरेशन आघात" के तहत उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही करीब 300 किलो गांजा की खेप को जब्त किया गया था। उस कार्रवाई में लगभग 1.50 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा, परिवहन में इस्तेमाल की जा रही इनोवा क्रिस्टा और मारुति सुजुकी XL-6, पांच मोबाइल फोन सहित कुल 1.86 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। मामले में तीन अंतरराज्यीय तस्कर निखिल कश्यप, रिंकु कश्यप और धर्मेंद्र कुमार मौर्य को गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने खुलासा किया था कि पूरे नेटवर्क का संचालन शुभम यादव के साथ मिलकर किया जा रहा था। इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता

एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया, कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

लगातार निगरानी के दौरान 8 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी एक KIA कार से रायगढ़ क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी तेज रफ्तार में वाहन लेकर भाग निकला। इसके बाद जिले के सीमावर्ती थानों को अलर्ट कर नाकेबंदी कराई गई।

कुंजारा के पास घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी

साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने लैलूंगा मुख्य मार्ग स्थित कुंजारा के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम यादव (29 वर्ष), पिता लखनलाल यादव, निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई।

10.17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—

  • KIA कार क्रमांक CG-10 BE-5998 (कीमत लगभग 10 लाख रुपये)
  • एक मोबाइल फोन
  • घड़ी
  • 3,000 रुपये नगद
  • वाहन की आरसी
  • कार की चाबी
  • तीन एटीएम कार्ड

सहित कुल 10.17 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब शुभम यादव से पूछताछ कर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों, आर्थिक लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। आरोपी के खिलाफ थाना लैलूंगा में दर्ज अपराध क्रमांक 184/2026 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश—मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी पुलिस

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अब केवल गांजा जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लाभार्थियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका

पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव तथा साइबर और लैलूंगा थाना की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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तमनार में "ऑपरेशन आघात" की बड़ी कार्रवाई: पड़िगांव में घर पर दबिश देकर 24 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब जब्त, अवैध कारोबार करते आरोपी भरत यादव गिरफ्तार, आबकारी एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

रायगढ़, 8 जुलाई। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत तमनार पुलिस ने ग्राम पड़िगांव में कार्रवाई करते हुए 24 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पड़िगांव निवासी भरत यादव (36 वर्ष) अपने घर में अवैध महुआ शराब का संग्रहण कर बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश दी। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद कुछ लोग भाग निकले, जबकि भरत यादव को मौके से पकड़ लिया गया।

तलाशी के दौरान आरोपी के मकान और बाड़ी से 2-2 लीटर क्षमता की 12 प्लास्टिक बोतलों में भरी कुल 24 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज किया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार और पुष्पेन्द्र सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ "ऑपरेशन आघात" के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा।

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शहीद चौक में सट्टा कारोबार पर पुलिस का छापा, महिला रंगे हाथ गिरफ्तार,ऑपरेशन अंकुश के तहत साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, मोबाइल, सट्टा-पट्टी और नगदी जब्त

रायगढ़, 8 जुलाई। जिले में अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन अंकुश" के तहत रायगढ़ पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहीद चौक क्षेत्र में एक मकान पर छापेमारी कर सट्टा-पट्टी लिख रही एक महिला को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सट्टा-पट्टी, मोबाइल फोन तथा नगद राशि जब्त कर उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अवैध जुआ-सट्टा पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर थाना और कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि शहीद चौक निवासी अनिता साहू अपने घर से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सट्टा संचालित कर रही है।

सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मकान में दबिश दी। छापेमारी के दौरान महिला घर के अंदर सट्टा-पट्टी लिखते हुए मिली। पूछताछ में उसने सट्टा संचालन की बात स्वीकार कर ली।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से ग्रे रंग का रियलमी मोबाइल फोन बरामद किया। मोबाइल की जांच में राजधानी कल्याण के विभिन्न सट्टा अंकों की तस्वीरें, सट्टा-पट्टी का रिकॉर्ड और लेन-देन का हिसाब-किताब मिला। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नकद राशि लेने के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी सट्टा कारोबार संचालित कर रही थी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 480 रुपये नगद, सट्टा-पट्टी से संबंधित दस्तावेज और मोबाइल फोन को गवाहों की उपस्थिति में जब्त किया।

पुलिस ने आरोपी अनिता साहू (32 वर्ष), पति बजरंग साहू, निवासी शहीद चौक, रायगढ़ के विरुद्ध थाना कोतवाली में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि "ऑपरेशन अंकुश" के तहत जिले में अवैध जुआ और सट्टा कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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घरघोड़ा थाना बना विद्यार्थियों की पाठशाला: बच्चों ने जाना पुलिसिंग, नए कानून और साइबर सुरक्षा का महत्व

रायगढ़, 8 जुलाई। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने और बच्चों में कानून के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में घरघोड़ा पुलिस की एक सराहनीय पहल देखने को मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में बुधवार को बैहामुड़ा स्थित जन मित्रम एस.पी. सिंह मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने थाना घरघोड़ा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली, नए आपराधिक कानून, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच और नागरिकों के कानूनी अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी गई।

थाना पहुंचने पर थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने बेहद सरल भाषा में बताया कि किसी शिकायत के थाने तक पहुंचने से लेकर एफआईआर दर्ज होने, विवेचना, साक्ष्य संकलन, आरोपी की गिरफ्तारी और न्यायालयीन प्रक्रिया तक पुलिस किस तरह कार्य करती है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद पुलिसिंग अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित हो गई है, जिससे आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) की कार्यप्रणाली, थाना प्रभारी, थाना मुंशी और अन्य पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों से भी परिचित कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब देश के किसी भी हिस्से से शिकायत दर्ज कराने, डिजिटल माध्यमों से सूचना देने और तकनीक आधारित जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा तब रहा जब विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से खुलकर सवाल पूछे। बच्चों ने अपराधों की जांच, गिरफ्तारी की प्रक्रिया, साइबर अपराध, पुलिस की जिम्मेदारियों और नए कानूनों से जुड़े कई सवाल किए, जिनका थाना प्रभारी ने व्यवहारिक उदाहरणों के साथ जवाब दिया। इससे बच्चों में कानून और पुलिस व्यवस्था को लेकर जागरूकता और विश्वास दोनों बढ़ा।

थाना प्रभारी ने बच्चों को यह भी बताया कि किसी भी घटना की सही और तथ्यात्मक जानकारी पुलिस को देना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झूठी शिकायत या गलत जानकारी देना भी कानूनन अपराध है।

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करे तो बच्चे बिना डरे अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक या पुलिस को तुरंत इसकी जानकारी दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हमेशा बच्चों की मित्र और संरक्षक है।

आज के डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया। पुलिस ने समझाया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ऑनलाइन गेम, इनाम का लालच या भावनात्मक बातें करके बच्चों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी या निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

इसके अलावा विद्यार्थियों को पुलिस हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना झिझक सहायता प्राप्त कर सकें।

पूरा थाना भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ। बच्चों ने पुलिस के कार्यों को करीब से देखा, समझा और पुलिस के प्रति अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में थाना घरघोड़ा का समस्त पुलिस स्टाफ, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह का संदेश भी विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि "जागरूक और कानून की समझ रखने वाले बच्चे ही सुरक्षित, जिम्मेदार और बेहतर समाज की मजबूत नींव होते हैं।"

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ऑपरेशन प्रहार: छाल पुलिस का बड़ा एक्शन, 8.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़ और 22 लाख की संपत्ति जब्त

रायगढ़, 8 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए छाल थाना क्षेत्र में करीब 8.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़ और उसे परिवहन कर रहे महिंद्रा 6 चक्का वाहन को जब्त किया है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 22 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज के कबाड़ परिवहन करने वाले चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना छाल पुलिस लगातार दूसरे दिन अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रही है। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने अवैध कबाड़ के कारोबार पर भी बड़ी कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में गैरकानूनी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुखबिर की सूचना पर बैरियर में घेराबंदी

थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को सूचना मिली थी कि हाटी क्षेत्र से एक 6 चक्का ट्रक में भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप भरकर छाल होते हुए घरघोड़ा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाना बैरियर पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच शुरू की।

जांच के दौरान महिंद्रा 6 चक्का वाहन क्रमांक CG-12 BD-1623 को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में तिरपाल के नीचे लोहे का स्क्रैप, एंगल, टीना सहित विभिन्न प्रकार का कबाड़ लोड मिला। चालक से परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

19 वर्षीय चालक गिरफ्तार, स्रोत की जांच जारी

पूछताछ में चालक ने अपना नाम तौफिक खान (19 वर्ष) निवासी सीएसईबी चौकी क्षेत्र, जिला कोरबा बताया। दस्तावेज नहीं होने और कबाड़ संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में करीब 8 टन 500 किलोग्राम लोहे का कबाड़, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख रुपये, तथा परिवहन में प्रयुक्त 20 लाख रुपये कीमत का महिंद्रा 6 चक्का वाहन जब्त कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(क), 35(ड) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। साथ ही जब्त कबाड़ के स्रोत, वास्तविक स्वामित्व और उसके वैध होने की जांच भी की जा रही है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंभू प्रसाद पाण्डेय, आरक्षक राजेश राठौर, सतीश जगत, भगवती प्रसाद लक्ष्मे सहित थाना छाल के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का सख्त संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि अवैध कबाड़ का कारोबार चोरी और औद्योगिक संपत्तियों से जुड़े अपराधों को बढ़ावा देता है। "ऑपरेशन प्रहार" के तहत ऐसे नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और बिना वैध दस्तावेजों के कबाड़ का परिवहन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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ऑपरेशन आघात के तहत छाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लीटर महुआ शराब के साथ महिला गिरफ्तार

रायगढ़, 8 जुलाई। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन आघात" के तहत छाल थाना पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम खेदापाली से एक महिला को 30 लीटर महुआ शराब के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से दो जरीकेन में भरी महुआ शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना छाल प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम खेदापाली में एक महिला अपने घर के पास इमली के पेड़ के नीचे महुआ शराब बेच रही है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल सहायक उप निरीक्षक शिव खरे के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर मौके पर रवाना किया। पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी तो महिला ग्राहकों को महुआ शराब बेचते हुए मिली। पूछताछ के बाद तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 15-15 लीटर क्षमता की दो प्लास्टिक जरीकेन में भरी कुल 30 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 6 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने मौके पर शराब जब्त कर आरोपी महिला सविता सतनामी (27 वर्ष), पति झंगलूराम सतनामी, निवासी ग्राम खेदापाली, थाना छाल, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

इस पूरी कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक शिव खरे, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, शंकर सिंह क्षत्री, शंभू पाण्डेय तथा महिला आरक्षक रंजिता चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ऑपरेशन आघात के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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हरी खाद अपनाकर किसान बढ़ा सकते हैं मिट्टी की उर्वरता, 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती है पैदावार और घटेगी रासायनिक खाद पर निर्भरता


रायगढ़, 8 जुलाई 2026/ कृषि की बढ़ती लागत और मृदा की घटती उर्वरता के बीच हरी खाद किसानों के लिए एक प्रभावी, प्राकृतिक और किफायती विकल्प बनकर उभर रही है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ के प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों से हरी खाद एवं हरी पत्तियों की खाद का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील करते हुए बताया कि इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है तथा फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि हरी खाद के लिए ढैंचा, सनई, मूंग, उड़द, लोबिया एवं ग्वार जैसी दलहनी फसलें बोई जाती हैं। इन फसलों को बुवाई के लगभग 35 से 45 दिन बाद, फूल आने से पहले रोटावेटर अथवा कल्टीवेटर की सहायता से खेत में ही मिट्टी में मिला दिया जाता है। कुछ दिनों में यह सड़कर जैविक खाद का रूप ले लेती हैं, जिससे मिट्टी में नाइट्रोजन, कार्बनिक पदार्थ तथा अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है।
              इसी प्रकार हरी पत्तियों की खाद के लिए नीम, करंज, ग्लिरिसिडिया एवं सहजन जैसे वृक्षों की कोमल पत्तियों और टहनियों को खेत में मिलाया जाता है। इससे मिट्टी की जैविक गुणवत्ता में सुधार होने के साथ लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता भी बढ़ती है। वैज्ञानिकों के अनुसार हरी खाद से प्रति हेक्टेयर लगभग 50 से 60 किलोग्राम नाइट्रोजन की पूर्ति होती है। इससे मिट्टी की संरचना मजबूत होती है, जल धारण क्षमता बढ़ती है, भूमि का कटाव कम होता है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होने से खेती की लागत घटती है। साथ ही फसलों की उपज में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि तथा गुणवत्ता में भी सुधार देखा गया है। धान में विटामिन एवं प्रोटीन की मात्रा बढ़ने जैसे सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
         वैज्ञानिकों ने बताया कि ढैंचा क्षारीय एवं लवणीय भूमि के लिए अत्यंत उपयुक्त हरी खाद फसल है, जबकि सनई शीघ्र गलने वाली कोमल फसल है। मूंग, उड़द, लोबिया तथा ग्वार जैसी दलहनी फसलें भी मृदा में नाइट्रोजन बढ़ाने के लिए उपयोगी हैं। इन फसलों की फलियां तोड़ने के बाद शेष हरे पौधों को भी खाद के रूप में मिट्टी में दबाया जा सकता है।उन्होंने किसानों को बीज की अनुशंसित मात्रा का पालन करने की सलाह दी। इसके अनुसार ढैंचा के लिए 20 से 25 किलोग्राम, मूंग 12 से 15 किलोग्राम, सनई 25 से 30 किलोग्राम, लोबिया 30 से 35 किलोग्राम तथा ग्वार 15 से 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज पर्याप्त होता है।
          वैज्ञानिकों ने बताया कि हरी खाद वाली फसलों में सामान्यतः अतिरिक्त खाद की आवश्यकता नहीं होती, हालांकि शुरुआती वृद्धि के लिए आवश्यकता अनुसार पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। बुवाई प्रसारण (ब्रॉडकास्टिंग) अथवा कतार विधि से की जा सकती है। आवश्यक सिंचाई के बाद 45 दिन की कोमल अवस्था में फसल को रोटावेटर से मिट्टी में मिलाकर 7 से 10 दिन तक सड़ने दिया जाए। इसके बाद धान की रोपाई, लेही विधि से बुवाई अथवा ड्रम सीडर के माध्यम से कतार बुवाई की जा सकती है। धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपनाने वाले किसानों के लिए वैज्ञानिकों ने ब्राउन मैन्योरिंग तकनीक को भी उपयोगी बताया। इस पद्धति में धान के साथ 2ः1 अनुपात में ढैंचा बोया जाता है। बाद में ढैंचा को नष्ट कर खेत में ही मल्च के रूप में छोड़ दिया जाता है, जिससे खरपतवार नियंत्रण, नमी संरक्षण और मृदा की उर्वरता बढ़ने के साथ धान की उपज में भी सुधार होता है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ के वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि वे हरी खाद एवं ब्राउन मैन्योरिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाकर मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं, खेती की लागत कम करें तथा दीर्घकालीन टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि की दिशा में आगे बढ़ें।

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पर चला प्रशासन का सख्त डंडा: किताब-कॉपी, गणवेश और फर्जी यू-डाईस प्रविष्टियों समेत कई गंभीर अनियमितताओं में घिरा खरसिया का श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा

रायगढ़, 8 जुलाई 2026।  जिले में निजी विद्यालयों के संचालन में पारदर्शिता और शासन के निर्देशों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने  जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी), विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) एवं बीआरसी को निजी विद्यालयों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी खरसिया द्वारा ग्राम बाम्हनपाली स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत किया गया। इधर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच प्रतिवेदन के आधार जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शैक्षणिक संस्थान को शोकाज नोटिश जारी किया गया है, लेकिन निर्धारित समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया है। जिसके आधार पर विद्यालय के विरुद्ध बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उसकी मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की कार्यवाही के लिए आगे प्रेषित की गई है। 
जांच प्रतिवेदन के अनुसार विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्वयं के प्रकाशन की पाठ्यपुस्तकों और कॉपियों का सीधे विद्यार्थियों एवं पालकों को विक्रय किया जा रहा था। पुस्तकों और कॉपियों पर विद्यालय का नाम मुद्रित पाया गया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर में ही विद्यार्थियों को गणवेश भी बेचा जा रहा था, जबकि शिक्षा के अधिकार अधिनियम एवं शासन के निर्देशों के अनुसार इस प्रकार की व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि विद्यालय में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 230 विद्यार्थियों में से किसी भी छात्र-छात्रा को छात्रवृत्ति योजना का लाभ उपलब्ध नहीं कराया गया। विद्यालय द्वारा एक भी पात्र विद्यार्थी की छात्रवृत्ति स्वीकृत नहीं कराई गई, जिससे शासन की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह प्रभावित पाया गया।
निरीक्षण के दौरान यू-डाईस प्लस पोर्टल में दर्ज विद्यार्थियों के आंकड़ों में भी गंभीर विसंगतियां सामने आईं। विद्यालय में कक्षा 9वीं और 10वीं में वास्तविक रूप से मात्र 10-10 विद्यार्थी अध्ययनरत पाए गए, जबकि पोर्टल पर कक्षा 9वीं में 66 तथा कक्षा 10वीं में 33 विद्यार्थियों की ऑनलाइन प्रविष्टि दर्ज थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अन्य विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के नाम फर्जी तरीके से दर्ज कर उनके पेन (परमानेंट एजुकेशन नंबर) एवं अपार आईडी तैयार किए गए। इस संबंध में पूर्व में जारी स्पष्टीकरण नोटिस का भी विद्यालय द्वारा निर्धारित अवधि में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
जिला प्रशासन को यह शिकायत भी प्राप्त हुई कि पालकों द्वारा स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) मांगे जाने पर विद्यालय प्रबंधन अनावश्यक रूप से टालमटोल करता है और समय पर टीसी जारी नहीं करता। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों से 'इनफिनिटी मोबाइल एप्लीकेशन' के नाम पर पाठ्यपुस्तकों के साथ 1300 से 2000 रुपये तक की अतिरिक्त राशि वसूले जाने की भी पुष्टि जांच में हुई।
जांच में यह भी पाया कि शासन के निर्देशानुसार संचालित किए जाने वाले यूथ एवं ईको क्लब सहित अन्य गतिविधियों का विद्यालय में प्रभावी संचालन नहीं किया जा रहा था। समग्र जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा शासन की विभिन्न गाइडलाइन एवं निर्देशों की लगातार अवहेलना की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर अभिमत व्यक्त किया है कि विद्यालय द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश का विक्रय किया जा रहा है। विद्यालय की पुस्तकें एवं गणवेश स्थानीय बाजार अथवा ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे पालकों को विवश होकर विद्यालय से ही सामग्री खरीदनी पड़ती है। साथ ही छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन नहीं करना, यू-डाईस प्लस पोर्टल में कथित फर्जी प्रविष्टियां करना तथा शासन के निर्देशों की लगातार अनदेखी करना अत्यंत गंभीर अनियमितताएं हैं।
जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जिले में निजी विद्यालयों द्वारा शासन के नियमों एवं विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी निजी विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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काल बनकर डंसे करैत, कोबरा और वाइपर... लेकिन रायगढ़ मेडिकल कॉलेज ने मौत को दी मात, पाँच मासूमों को मिला नया जीवन


रायगढ़, 8 जुलाई 2026/ श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय रायगढ़ ने विषैले सर्पदंश से जूझ रहे पाँच गंभीर बच्चों का सफल उपचार कर उन्हें नया जीवन दिया है। अत्यंत नाजुक स्थिति में अस्पताल पहुंचे इन बच्चों में से तीन को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा, जबकि गंभीर मामलों में 50 वायल तक एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) का उपयोग किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख, आधुनिक पीआईसीयू सुविधाओं और सतत उपचार के परिणामस्वरूप सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ होकर चिकित्सालय से डिस्चार्ज किए गए।
         बाल्य एवं शिशु रोग विभाग तथा पीआईसीयू में भर्ती पाँचों बच्चों में चार न्यूरोटॉक्सिक तथा एक हेमोटॉक्सिक सर्पदंश का मामला था। इनमें तीन करैत, एक कोबरा और एक वाइपर के दंश से पीड़ित थे। सभी को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहाँ तत्काल आपातकालीन उपचार शुरू किया गया। सबसे संवेदनशील मामला धरमजयगढ़ के दो सगे भाइयों 7 वर्षीय वीर कुमार और 12 वर्षीय लोकेश राठिया का था। एक जुलाई की रात सोते समय दोनों को करैत ने गर्दन पर काट लिया। सुबह तक दोनों में गंभीर न्यूरोपैरालिटिक विषाक्तता विकसित हो चुकी थी और उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई थी।
         इसी प्रकार सक्ती जिले के हसौद निवासी 7 वर्षीय मंजू को कोबरा ने पैर में काट लिया था, जिससे पैर में गंभीर सूजन और फफोले बन गए। वहीं रायगढ़ के 5 वर्षीय हितेश ढंगर को वाइपर के दंश से रक्तस्राव और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो गई थी। कलमी निवासी 7 वर्षीय हर्षित प्रजापति को भी सोते समय करैत ने काट लिया था, जिससे उसे गंभीर न्यूरोटॉक्सिक विषाक्तता हो गई। अस्पताल पहुंचने पर अधिकांश बच्चों में पलकें झुकना, बोलने और निगलने में कठिनाई, मांसपेशियों में कमजोरी तथा श्वसन विफलता जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे थे। तीन बच्चों को तत्काल पीआईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। वाइपर दंश से पीड़ित बालक में रक्तस्राव एवं कोगुलोपैथी की स्थिति को विशेषज्ञ निगरानी में नियंत्रित किया गया। सभी मरीजों को आवश्यकता अनुसार 50 वायल तक एंटी-स्नेक वेनम, आधुनिक गहन चिकित्सा, निरंतर मॉनिटरिंग और आवश्यक जांचों के साथ चैबीसों घंटे उपचार उपलब्ध कराया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल ने बताया कि विषैले सर्पदंश जैसे गंभीर मामलों में समय पर एंटी-वेनम, वेंटिलेटर सुविधा और प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की उपलब्धता से पाँचों बच्चों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने बताया कि सभी उपचार एवं आवश्यक दवाएं आयुष्मान योजना के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। 
       अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि समय पर उपचार और समर्पित चिकित्सकीय प्रयासों से विषैले सर्पदंश जैसे जीवन-घातक मामलों में भी बच्चों को सुरक्षित नया जीवन दिया जा सकता है। बाल्य एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मणेश्वर कुमार सोनी के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. गौरव क्लॉडियस, डॉ. फारूज अहमद, डॉ. पल्लवी सहित पीआईसीयू के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ ने चैबीसों घंटे सतत निगरानी, वेंटिलेटर प्रबंधन और समन्वित उपचार के माध्यम से इस चुनौतीपूर्ण चिकित्सकीय सफलता को संभव बनाया।

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रायगढ़ प्रशासन में बड़ा फेरबदल, चार अनुविभागों को मिले नए एसडीएम; कलेक्टर के आदेश से राजस्व व्यवस्था और जनसेवाओं में आएगी नई तेजी

रायगढ़, 8 जुलाई 2026/ जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर रायगढ़ ने जिले के चार अनुविभागों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं।
         जारी आदेश के अनुसार श्री प्रवीण कुमार भगत को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया, श्री भरत कौशिक को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धरमजयगढ़ तथा श्री राकेश कुमार वर्मा को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा पदस्थ किया गया है। वहीं वर्तमान में खरसिया के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री प्रवीण तिवारी का स्थानांतरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा के पद पर किया गया है। नई पदस्थापनाओं से जिले के चारों अनुविभागों में प्रशासनिक कार्यों के संचालन को और अधिक गति मिलेगी। साथ ही राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, न्यायालयीन एवं कार्यालयीन कार्यों के प्रभावी संचालन तथा आमजन को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।

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घर-घर दस्तक, हर संदिग्ध की जांच... रायगढ़ में कुष्ठ के खिलाफ छिड़ी बड़ी मुहिम पर केंद्रीय टीम की पैनी नजर, लक्ष्य—जिले को बनाना कुष्ठ मुक्त

रायगढ़, 08 जुलाई 2026/ कलेक्टर के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक 30 दिवसीय सघन कुष्ठ खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की पहचान करना, समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करना तथा उपचार उपलब्ध कराकर रोग के प्रसार को रोकना है।
         अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम, मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर लोगों की जांच कर रहे हैं। अभियान के माध्यम से कुष्ठ रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उपचार शुरू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे रोग से होने वाली विकलांगता एवं सामाजिक कलंक को कम किया जा सके।

*केंद्रीय टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों और फील्ड गतिविधियों का किया निरीक्षण*

जिले में संचालित अभियान की गुणवत्ता, प्रगति एवं कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने भारत सरकार की केंद्रीय टीम रायगढ़ पहुंची। टीम में डॉ. बालाजी एम., चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) एवं आरएलटीआरआई रायपुर की सहायक निदेशक (एपिडेमियोलॉजी) डॉ. किरण स्वप्निल शामिल थीं।निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र से अभियान की कार्ययोजना, माइक्रोप्लान, मितानिनों द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य, सत्यापन दलों की कार्यप्रणाली तथा प्रभारी चिकित्सकों द्वारा की जा रही निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात डीएनटी टीम के सदस्यों की उपस्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चपले एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर का निरीक्षण किया गया। टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोगी पंजी, एमडीटी दवाओं की उपलब्धता, रोगियों के उपचार एवं फॉलोअप व्यवस्था, जांच प्रक्रिया तथा अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों एवं अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया।

*प्रसार दर को एक प्रति दस हजार से कम करने का लक्ष्य*

केंद्रीय टीम ने विकासखंड पुसौर के उप स्वास्थ्य केंद्र तुरंगा एवं चपले क्षेत्र के टेमटेमा गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के साथ घर-घर भ्रमण कर अभियान की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने संदिग्ध मरीजों का स्वयं परीक्षण किया तथा जांच पर्यवेक्षकों और फील्ड कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान डॉ. बालाजी एम. एवं डॉ. किरण स्वप्निल ने डीएनटी टीम के सदस्य एम.पी. साहू एवं दिनेश यादव से फील्ड स्तर पर संचालित गतिविधियों, सर्वे रिपोर्ट, संदिग्ध मरीजों की पहचान तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
          जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र ने बताया कि वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ रोग की प्रसार दर 3.74 प्रति 10 हजार जनसंख्या है। शासन द्वारा इसे घटाकर एक प्रति 10 हजार जनसंख्या से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में सघन कुष्ठ खोज अभियान को प्रभावी एवं सुनियोजित ढंग से संचालित किया जा रहा है, ताकि कुष्ठ रोग की समय रहते पहचान कर प्रत्येक मरीज को उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।

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बारिश आई, सरकार की मदद भी साथ आई! रायगढ़ के हजारों किसानों को कृषि सहायता और  खाद-बीज मिले, खरीफ की बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, बेहतर फसल की उम्मीद मजबूत

रायगढ़, 8 जुलाई 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करते हुए खेती को अधिक लाभकारी और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों को आर्थिक संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों को 79 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से 82.19 करोड़ रुपए की अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं किसानों को 31.28 करोड़ रुपए मूल्य के खाद एवं बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार जिले के किसानों तक अब तक 113.47 करोड़ रुपए की अग्रिम सहायता पहुंचाई जा चुकी है। समय पर मिली इस सहायता से किसानों को खेती की तैयारियों में बड़ी राहत मिली है और खरीफ फसलों की बुवाई को नई गति मिली है।

*जिले के सभी विकासखंडों के किसानों तक पहुंचा लाभ*

जिले के सभी विकासखंडों में किसानों को समान रूप से लाभान्वित किया गया है। रायगढ़ विकासखंड की 14 समितियों के माध्यम से 6,113 किसानों, पुसौर की 15 समितियों से 6,487 किसानों, खरसिया की 12 समितियों से 8,575 किसानों, धरमजयगढ़ की 15 समितियों से 4,898 किसानों, घरघोड़ा की 5 समितियों से 1,432 किसानों, तमनार की 10 समितियों से 3,228 किसानों तथा लैलूंगा की 8 समितियों से 2,284 किसानों को अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे किसानों को समय पर कृषि कार्य प्रारंभ करने के लिए आवश्यक संसाधन प्राप्त हुए हैं।

*पर्याप्त खाद भंडारण से किसानों को मिल रही निर्बाध सुविधा*

खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिले की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 22,668 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 18,641 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत है। किसानों को अब तक 10,718 मीट्रिक टन यूरिया, 2,342 मीट्रिक टन डीएपी, 2,430 मीट्रिक टन एनपीके, 795 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2,356 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया जा चुका है। सभी सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे कृषि कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो रहे हैं।

*अच्छी बारिश और समय पर उपलब्ध संसाधनों से बढ़ा किसानों का उत्साह*

पिछले सप्ताह जिले में हुई अच्छी वर्षा से खरीफ सीजन की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। समय पर उपलब्ध कराई गई अग्रिम कृषि सहायता, खाद एवं बीज से किसानों को खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जिलेभर में धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से जारी है और किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। शासन की किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता से खेती का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। समय पर उपलब्ध संसाधनों और अनुकूल मौसम के कारण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे न केवल खरीफ सीजन की बुवाई को गति मिली है, बल्कि जिले में इस वर्ष बेहतर उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

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मानसून में उद्योगों के वृक्षारोपण अभियान की होगी व्यापक समीक्षा, 8 जुलाई को रायपुर में अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की अहम बैठक

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय तथा आगामी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से 08 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर स्थित न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल श्री अंकित आनंद करेंगे। बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के अधिकृत प्रतिनिधि, मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनी ने बताया कि बैठक में उद्योगों द्वारा प्रस्तावित एवं संचालित वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव की व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा उद्योगवार कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पर्यावरण संरक्षण के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित औद्योगिक इकाइयों को अपने वृक्षारोपण लक्ष्य, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सके।

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पीएम आवास योजना से कोई पात्र परिवार न रहे वंचित: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र

रायपुर, 07 जुलाई 2026/ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्री शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में श्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

          उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।

        श्री शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति श्री शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।

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बिहान से जुड़ी महिलाओं के जैविक उत्पाद को मिला जबरदस्त समर्थन, स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ा 'अरपा-बिहान विष्णुभोग'

रायपुर 7 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) का प्रयास लगातार सफल हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित और प्रसंस्कृत अरपा-बिहान विष्णुभोग चावल को अब जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा स्थित असेंबली हॉल में आयोजित स्थानीय जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान महज 30 मिनट में 45 हजार रुपये से अधिक मूल्य के विष्णुभोग चावल की बिक्री हुई।

यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, गुणवत्ता आधारित उत्पादन और राज्य सरकार की आजीविका उन्मुख योजनाओं पर बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे चावल खरीदकर उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची तथा कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने स्वयं विष्णुभोग चावल खरीदकर महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। वहीं स्थानीय निवासी श्री पंकज तिवारी ने एक साथ 200 किलोग्राम विष्णुभोग चावल खरीदकर अब तक के सबसे बड़े खरीदार बनने का गौरव प्राप्त किया। उनके इस कदम ने अन्य नागरिकों को भी स्थानीय उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) इस पहल की प्रमुख कड़ी बनकर उभरी है। महिलाओं द्वारा जैविक पद्धति से उत्पादित विष्णुभोग धान का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण, आकर्षक ब्रांडिंग, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और व्यवस्थित विपणन किया जा रहा है। इससे उत्पाद को बेहतर बाजार मिलने के साथ-साथ किसानों और महिला उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हो रहा है।

जिले में इस पहल को आगे बढ़ाने में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकेश रावटे की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक मंचों पर लगातार विष्णुभोग चावल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक महिलाएं इस मॉडल से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक श्री दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि जिले में मिशन के अंतर्गत 179 सीएमएसए (कम्युनिटी मैनेज्ड सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) ग्रामों का चयन किया गया है। इस वर्ष 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विष्णुभोग धान के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जैविक खेती को बढ़ावा मिले, किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो और स्व-सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी अभियान के तहत आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकें।

ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, जैविक खेती की गुणवत्ता, आधुनिक विपणन व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के समन्वय से अरपा-बिहान विष्णुभोग अब केवल एक कृषि उत्पाद नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति, स्थानीय उद्यमिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है। जिस गति से इस उत्पाद को बाजार और उपभोक्ताओं का विश्वास मिल रहा है, उससे यह आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि पहचान के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

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छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात, एक्सिस बैंक से एमओयू के तहत मिलेगा ₹1.10 करोड़ दुर्घटना बीमा और 10 लाख जीवन कवर

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक श्री आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

         एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी। 

       इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी श्रीमती पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

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