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रायगढ़ में स्कूल लिपिकों की बैठक, रिकॉर्ड संधारण और ऑनलाइन प्रविष्टियों में त्रुटिरहित कार्य पर जोर ,विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ करने दिए गए दिशा-निर्देश

रायगढ़, 3 जून 2026/ विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी संचालन, विभागीय योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन तथा शासन के निर्देशों के समयबद्ध पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.व्ही.राव के मार्गदर्शन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ में विकासखंड के समस्त हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के लिपिकों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
            बैठक में विद्यालय स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति, यू-डाइस डेटा प्रविष्टि, नामांकन, परीक्षा संबंधी कार्यों, वित्तीय प्रबंधन तथा अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने सभी लिपिकों से विभागीय कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का आह्वान किया। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल ने कहा कि विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अभिलेखों का व्यवस्थित एवं अद्यतन संधारण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी लिपिकों को शासन एवं विभाग द्वारा जारी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने, विभागीय पत्राचार का समय पर निराकरण करने तथा ऑनलाइन पोर्टलों में जानकारी दर्ज करते समय विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों की गुणवत्ता और अद्यतन स्थिति ही विभागीय कार्यों की सफलता का आधार है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ करें।

*पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान*
बैठक में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.पी. पटेल एवं अनिल साहू ने भी उपस्थित लिपिकों को संबोधित किया। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं, वित्तीय अभिलेखों, छात्रवृत्ति वितरण, यू-डाइस, नामांकन, परीक्षा एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का संचालन पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने संकुल स्तर पर सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन करने, विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी एवं प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने तथा उच्च कार्यालयों से प्राप्त निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी लिपिकों से आपसी समन्वय, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक में विकासखंड रायगढ़ के विभिन्न विद्यालयों से आए सभी लिपिक उपस्थित रहे।

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विकसित भारत की ऊर्जा नींव पर मंथन: चंडीगढ़ में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने रखी भविष्य की बिजली व्यवस्था की रूपरेखा

रायगढ़, 3 जून 2026/ भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक विद्युत अवसंरचना और मजबूत उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए राज्यसभा सांसद एवं परामर्शदात्री समिति के सदस्य श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश के आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए विद्युत क्षेत्र का निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण आवश्यक है।
              चंडीगढ़ स्थित जे.डब्ल्यू. मैरियट होटल में केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता तथा केंद्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नायक की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित विद्युत मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में देशभर से आए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों और विशेष आमंत्रित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, विद्युत क्षेत्र के समग्र विकास तथा स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर विस्तृत मंथन किया गया।
             बैठक के दौरान देश में विद्युत पारेषण एवं वितरण अवसंरचना के विस्तार, राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने तथा सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के प्रभावी एकीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत तंत्र को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। समिति के सदस्यों ने उन्नत पूर्वानुमान प्रणाली, स्मार्ट ग्रिड तकनीक, विद्युत आपूर्ति की स्थिरता, दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विद्युत सुविधाओं के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवाचार आधारित सुधारों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
             राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण विद्युत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति की आधारशिला होती है। उद्योग, कृषि, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा डिजिटल सेवाओं जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों का संचालन विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर करता है। भारत विश्व की सबसे तेज गति से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसके साथ ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सौर, पवन और अन्य नवीन ऊर्जा स्रोतों के विकास के साथ-साथ आधुनिक विद्युत अवसंरचना का निर्माण अत्यंत आवश्यक हो गया है। 
     राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी सफल होगा जब देश की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत, आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप होगी। उन्होंने विद्युत मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति का सदस्य होने को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि समिति केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मार्गदर्शन में देश के विद्युत क्षेत्र को अधिक सक्षम, टिकाऊ, आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने, विद्युत क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने तथा आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और रणनीतियां सामने आईं, जिन पर केंद्र सरकार गंभीरता से कार्य करेगी।

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रायगढ़ में ‘स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु’ अभियान को मिली नई गति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

रायगढ़, 3 जून 2026/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के विभिन्न विभागों एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमावली के प्रावधानों से अवगत कराते हुए उसके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए तैयार करना था।
             कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रमुख प्रावधानों, ग्राम पंचायत स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, घरों एवं संस्थानों से निकलने वाले कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्लास्टिक एवं घरेलू अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा स्वच्छता संबंधी अधोसंरचना के प्रभावी संचालन एवं रखरखाव पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े व्यवहार परिवर्तन, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने तथा अपशिष्ट प्रबंधन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, पर्यावरण प्रदूषण को कम करना तथा अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कचरा पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
           अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर सूखा एवं गीला कचरा पृथक करने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए तथा ग्रामीणों को इसके लिए नियमित रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के पृथक संग्रहण एवं उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी अधोसंरचनाओं का नियमित संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करना स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और सामुदायिक सहयोग आवश्यक है।
             कार्यशाला में ‘स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ग्रामीण समुदाय, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यालयों, युवाओं तथा सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ते हुए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करें। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों एवं पंचायतों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित समीक्षा, निगरानी एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
              इस अवसर पर उप संचालक पंचायत, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी विकासखंड स्वच्छता अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, क्लस्टर समन्वयक, जनपद एवं जिला स्तर के संकाय सदस्य, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला सलाहकार, समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विकासखंड परियोजना प्रबंधक तथा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था होगी और मजबूत, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत पठारे ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर

रायगढ़, 3 जून 2026/  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 (एसडब्ल्यूएम नियम-2026) उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों तथा स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
              बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही घर-घर से निकलने वाले कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण एवं निस्तारण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने संबंधी विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
            सीईओ श्री पठारे ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करते हुए आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के अधिकारियों को एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की सतत निगरानी की जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर कचरा संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त बनाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
    सीईओ श्री पठारे ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में नियमित निरीक्षण करने तथा स्वच्छता गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं और स्वच्छ ग्रामों के निर्माण से ही सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए विशेष जनसंपर्क गतिविधियां संचालित की जाएं तथा नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक उपयोग में कमी और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों, स्व-सहायता समूहों, युवा संगठनों एवं स्थानीय समुदायों को अभियान से जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश भी दिए गए।
              बैठक में विभिन्न विकासखंडों में संचालित स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर उप संचालक पंचायत, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, जिला सलाहकार, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखंड स्वच्छता अधिकारी, विकासखंड समन्वयक तथा क्लस्टर समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए स्वच्छता संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक सुझाव साझा किए।

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खरीफ से पहले किसानों को बड़ी राहत: जिले में 24 हजार मीट्रिक टन खाद का भंडार, कालाबाजारी रोकने प्रशासन अलर्ट

रायगढ़, 3 जून 2026/ जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां पूरी गति से चल रही हैं और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने, उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा प्रत्येक कृषक तक समान रूप से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में सतत निगरानी और सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था लागू की गई है। वर्तमान में जिले में 24 हजार मीट्रिक टन उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों की मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासनिक सक्रियता और योजनाबद्ध प्रबंधन के कारण जिले में खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है, जिससे किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना हुआ है।
             उप संचालक कृषि  ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित खाद वितरण सीमा का उद्देश्य किसी भी किसान को खाद से वंचित करना नहीं है, बल्कि जिले के अंतिम छोर तक बसे किसानों को भी समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था उर्वरकों के संतुलित वितरण और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लागू की गई है। कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षक, निगरानी दल और मैदानी अमले प्रतिदिन सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। किसानों को उनके खेती के रकबे के अनुसार नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। किसी भी विक्रय केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगे भी जिले के सभी उर्वरक विक्रय केंद्रों की निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकें।
             कृषि विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से हरी खाद उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, जनसंपर्क गतिविधियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है।

*बीज भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था, किसानों से भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील*

जिले की सहकारी समितियों में खाद एवं बीज भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग ने बताया है कि गोदामों में खाद और बीज के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है तथा किसी भी समिति में भंडारण क्षमता की कमी नहीं है। बीजों का सुरक्षित रख-रखाव और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज की उपलब्धता को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जिले में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता तथा मजबूत निगरानी व्यवस्था के कारण किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक कृषि आदान आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे बेहतर उत्पादन और कृषि समृद्धि की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

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सुशासन तिहार: बाकारूमा शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का त्वरित लाभ ,फलदार पौधों, श्रम कार्ड और सहायक उपकरणों का किया गया वितरण

रायगढ़, 2 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व आयोजित सुशासन तिहार  आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से लोगों को अपनी मांगों एवं शिकायतों के निराकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ भी उन्हें मौके पर ही प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में धरमजयगढ़ विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम-बाकारूमा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में अनेक हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया, जिससे उनके चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता झलक उठी। ़
            शिविर में विभिन्न ग्रामों से पहुंचे 20 हितग्राहियों को फलदार पौधों का वितरण किया गया। उन्हें पौधों के संरक्षण एवं देखरेख के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे भविष्य में ये पौधे आय का अतिरिक्त स्रोत बन सकें। शिक्षा विभाग द्वारा चार छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि समाज कल्याण विभाग ने तीन वरिष्ठ नागरिकों को वॉकिंग स्टिक वितरित कर उनकी दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने का प्रयास किया। श्रम विभाग द्वारा पात्रता अनुसार पांच श्रमिकों के श्रम कार्ड मौके पर ही बनाए गए। वहीं जनपद पंचायत द्वारा पीएम आवास योजना के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण पूर्ण करने वाले पांच हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर सम्मानित किया गया। 
            आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालकपोड़ी प्रकाश महिला स्व-सहायता समूह को 3 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। शिविर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाकारूमा की कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय की छात्रा नेहा राठिया को 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया। शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। साथ ही स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। 
             शिविर का स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया तथा ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री पुनेश्वर राठिया एवं श्रीमती देवंती राठिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीनव राठिया, जनपद सदस्य, सरपंचगण तथा 22 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गौरतलब है कि भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शिविरों का आयोजन शाम 4 बजे से 7 बजे तक किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं तथा उनका यथासंभव त्वरित निराकरण सुनिश्चित करते हैं। बाकारूमा में आयोजित इस शिविर में 22 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

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अभियान संवेदना के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महिला से दुष्कर्म के आरोप में फरार युवक गिरफ्तार, धरमजयगढ़ पुलिस ने छाल के तरेकेला में दी दबिश, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी"

धरमजयगढ़। रायगढ़ पुलिस के अभियान संवेदना के तहत महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए धरमजयगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में फरार एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय महिला की शिकायत पर थाना धरमजयगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके परिचित युवक ने भय का माहौल बनाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। घटना के बाद मानसिक तनाव और भय के कारण वह तत्काल शिकायत दर्ज नहीं करा सकी, लेकिन बाद में पति को पूरी जानकारी देने के बाद थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धरमजयगढ़ में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल जांच शुरू की गई। पीड़िता का बयान दर्ज करने और चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने थाना छाल क्षेत्र के ग्राम तरेकेला में दबिश देकर 25 वर्षीय आरोपी बनेश्वर राठिया को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई मंजू मिश्रा और पुलिस टीम द्वारा की गई। रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी महिला संबंधी अपराध या आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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“जब मेहनत को मिला सम्मान और सपनों को मिला दिशा-निर्देश: 6वीं वाहिनी में मेधावी छात्रों के लिए प्रेरणादायक करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम”

रायगढ़, 02 जून 2026। 6वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, उर्दना रायगढ़ में आज सेनानी श्रीमती निवेदिता पॉल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में एक प्रेरणादायी एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के उप सेनानी श्रीमती वर्षा मिश्रा, उप सेनानी श्री अनिल विश्वकर्मा, सहायक सेनानी श्री ब्रजेश तिवारी, सहायक सेनानी श्री सुरेश लकड़ा, सहायक सेनानी श्री एरमन खलखो सहित समस्त अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य वाहिनी के उन अधिकारी/कर्मचारियों के प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करना एवं उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित करियर मार्गदर्शन प्रदान करना था, जिन्होंने हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा के अवसरों, पुलिस सेवा, प्रशासनिक सेवाओं तथा अन्य रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। राजपत्रित अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुरूप करियर चयन हेतु मार्गदर्शन देते हुए सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारी, समय प्रबंधन एवं प्रभावी अध्ययन रणनीतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी इस प्रकार रहे—

हाईस्कूल स्तर पर
एपीसी श्री नीलमणी प्रधान की पुत्री कु. तमन्ना प्रधान (91%), आर. श्री राजबल निराला के पुत्र गौरव निराला (87.66%), प्र.आर. श्री छोटेलाल सूर्यवंशी की पुत्री कु. तमन्ना सूर्यवंशी (87%), आर. श्री समीर सिदार के पुत्र साहिल सिदार (80%)।

हायर सेकेंडरी स्तर पर
प्र.आर. श्री मंजीत यादव के पुत्र अभिषेक यादव (93%), ट्रेड आर. श्री ज्ञानसिंह कंवर की पुत्री कु. छाया कंवर (89.60%)।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पारितोषिक प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

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की पहचान बनेगी सुगंधित जवाँफूल, जैविक खेती का दायरा दोगुने से अधिक बढ़ाने की तैयारी, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट

रायगढ़, 1 जून 2026/ जिले के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिहं क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, वहीं जिले के अन्य अनुविभागीय अधिकारी आनलाइन इस बैठक में शामिल हुए। 
               बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल ’वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सुदूर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर बाजार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष 6 हजार 332 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
              कलेक्टर ने एक जून से 30 जून तक संचालित होने वाले ’खेत बचाओ अभियान’ की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत किसानों को हरित शैवाल आधारित जैविक खाद तैयार करने की विधि, खेतों में टांका निर्माण तथा प्राकृतिक खेती के विभिन्न उपायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विद्युत विभाग को विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बाहुल्य किसी एक विद्युतविहीन ग्राम का चयन कर उसे योजना के तहत शत-प्रतिशत विद्युतीकृत करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे गांव की पहचान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही आगामी 5 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्रामसभा में इस विषय पर प्रस्ताव पारित कराने के निर्देश भी दिए गए।
             प्रदेशभर में शीघ्र प्रारंभ होने वाली मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को लेकर कलेक्टर ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर मॉनिटर की जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपनी लॉगिन आईडी, पासवर्ड तथा तकनीकी तैयारियां पूर्ण रखें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता से लेकर उनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझकर उसका समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर ने जनदर्शन कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों की जानकारी आदि सेवा केंद्र पोर्टल में नियमित रूप से अपडेट करने को कहा।
              बैठक में बाल नीति-2022 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले, भिक्षावृत्ति में संलग्न तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग को दिए। उन्होंने आदिम जाति विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में पांच होम सेंटर संचालित हैं, जिनमें लगभग 250 बच्चों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पूर्व में पूर्ण हो चुकी योजनाओं के सफल संचालन और सामुदायिक भागीदारी के उत्कृष्ट उदाहरणों का दस्तावेजीकरण कर वीडियो तैयार करने तथा निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के बैंक खातों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने शेष बचे हितग्राहियों की विभागवार समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा, ताकि किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। आगामी खरीफ सीजन और मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने सेवा सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश कृषि एवं सहकारिता विभाग को दिए।
              प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मांग, शिकायत और समस्याओं से जुड़े प्रत्येक आवेदन का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े लंबित वसूली प्रकरणों की जनपदवार समीक्षा करते हुए वसूली कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के सभी निजी अस्पतालों में पात्र मरीजों को आयुष्मान कार्ड का लाभ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। उन्होंने तकनीकी कारणों का हवाला देकर योजना के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने वाले निजी अस्पतालों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा बैठक में जिले की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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ऑपरेशन के बाद नई जिंदगी की ओर बढ़े 22 मरीज: कुष्ठ विकृति सुधार शल्य क्रिया के बाद स्वस्थ होकर लौटे घर, नियमित फिजियोथैरेपी से मिलेगा आत्मनिर्भर जीवन का संबल

रायगढ़, 1 जून 2026/ कुष्ठ रोग से उत्पन्न विकृतियों के उपचार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिला चिकित्सालय रायगढ़ में कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) के बाद भर्ती 22 मरीजों को पोस्ट ऑपरेटिव फिजियोथैरेपी पूर्ण होने पर आज छुट्टी प्रदान की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को घर पर भी नियमित रूप से फिजियोथैरेपी और व्यायाम जारी रखने की सलाह दी, ताकि शल्य क्रिया का अधिकतम लाभ मिल सके और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता में लगातार सुधार हो।
            विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग के कारण हाथ, पैर और आंखों में होने वाली विकृतियों को सुधारने के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथैरेपी उपचार का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसके माध्यम से मरीजों की मांसपेशियों की शक्ति बढ़ती है, अंगों की गतिशीलता बेहतर होती है और दिव्यांगता की संभावना को कम किया जा सकता है। चिकित्सकों ने मरीजों को निर्धारित व्यायामों का नियमित अभ्यास करने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की समझाइश दी। समापन समारोह के दौरान सभी 22 मरीजों को घर पर फिजियोथैरेपी जारी रखने के उद्देश्य से विशेष टब एवं एक्सरसाइज किट प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को फिजियोथैरेपी से संबंधित आवश्यक निर्देश, सावधानियां और दैनिक अभ्यास की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि उपचार के बाद पुनर्वास प्रक्रिया उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी शल्य क्रिया, इसलिए मरीजों को नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि कई बार मरीज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अभ्यास छोड़ देते हैं, जिससे सर्जरी के अपेक्षित परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मरीजों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर पर भी सही तरीके से फिजियोथैरेपी जारी रख सकें और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकें।
           स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों के उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और फिजियोथैरेपी जैसी सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने मरीजों से समय-समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने, निर्धारित व्यायाम नियमित रूप से करने और किसी भी समस्या की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि नियमित फिजियोथैरेपी और चिकित्सकीय मार्गदर्शन के पालन से मरीज बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर होंगे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्रा, नोडल अधिकारी डॉ. सुमित मंडल, फिजियोथैरेपिस्ट तथा कुष्ठ चिकित्सा सहायकों सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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धमाका एक्शन: जंगलों में धधक रही थीं अवैध शराब की भट्टियां, आबकारी विभाग ने मारा छापा...168 लीटर महुआ शराब और 620 किलो लाहन जब्त, एक आरोपी जेल भेजा गया!

रायगढ़, 1 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुल 168 लीटर महुआ शराब एवं 620 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया है।
           आबकारी विभाग की टीम ने आरोपी करम सिंह सिदार, निवासी कलमीडीपा, थाना कोतरारोड को मोटरसाइकिल से 10 लीटर महुआ शराब का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत गैर-जमानती प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

*दो अलग-अलग कार्रवाई में भारी मात्रा में शराब और लाहन बरामद*

विगत दो दिनों के दौरान आबकारी विभाग ने अवैध शराब निर्माण स्थलों पर छापामार कार्रवाई कर दो बड़े मामलों का खुलासा किया। आबकारी उप निरीक्षक वृत्त-रायगढ़ श्रीमती रागिनी पटेल द्वारा ग्राम बड़गांव के जंगल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 74 लीटर महुआ शराब एवं 300 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। वहीं आबकारी उप निरीक्षक वृत्त खरसिया श्री कुशल पटेल ने ग्राम बिलासपुर के नाला किनारे स्थित अवैध शराब निर्माण स्थल पर दबिश देकर 84 लीटर महुआ शराब एवं 320 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया। दोनों मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आबकारी विभाग ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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जो कर्मचारी बने शासन की योजनाओं की असली ताकत, उन्हें कलेक्टर ने किया सम्मानित... जानिए किन कर्मठ अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला गौरव का यह सम्मान

रायगढ़, 1 जून 2026/ राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने वाले कर्मठ शासकीय सेवकों के उत्साहवर्धन हेतु शुरू की गई अभिनव पहल के तहत आज जिला कलेक्टोरेट के सृजन सभा कक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण ही शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है। 
              सम्मानित कर्मचारियों में राजस्व विभाग से स्टेनोग्राफर वर्ग-03- श्रीमती अल्पा बेहरा, भू-अर्जन शाखा से सहायक ग्रेड-02 श्री मुकेश भोई एवं सीएसआर शाखा से सहायक ग्रेड-03 श्री केशव साहू, आदिवासी विकास विभाग से सहायक ग्रेड-3 श्रीमती लिपियंका बसंत, खाद्य विभाग से सहायक ग्रेड-3 सुश्री रंजीता दास, खनिज विभाग से सहायक खनि अधिकारी श्री आशीष गड़पाले, समाज कल्याण विभाग से कार्यपालिक कलाकार श्री नवरतन सिंह बिंझवार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से सहायक ग्रेड-2 श्री देवेन्द्र वर्मा एवं परियोजना समन्वयक श्री शोभेन्द्र डनसेना शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, गति और गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से यह नवाचार 01 फरवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू किया गया है। इसके अंतर्गत शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक माह सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर उनकी सेवाओं को पहचान दी जा रही है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जनदर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़! पेंशन रुकी, आवास नहीं मिला, अतिक्रमण से परेशान ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, प्रशासन ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

रायगढ़, 1 जून 2026/ जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, अतिक्रमण हटाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा विकास कार्यों से जुड़े अनेक आवेदन जनदर्शन में प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार आयोजित जनदर्शन में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने एक-एक कर आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            जनदर्शन में ग्राम घुटकूपाली के गोकुल चौहान ने वृद्धावस्था पेंशन की राशि कई महीनों से प्राप्त नहीं होने की शिकायत करते हुए सामाजिक पेंशन पुनः प्रारंभ कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर एडीएम ने समाज कल्याण विभाग को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पामगढ़ के भुवनेश्वर पटेल ने फौती नामांतरण दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया, वहीं ग्राम बटूराकछार के कंवलदास महंत ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी। इसी प्रकार ग्राम साल्हेओना के सरपंच ने सपनई एनीकट में मिट्टी बंधान कार्य कराए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत करते हुए ग्रामीणों की सुविधा एवं जल संरक्षण की दृष्टि से कार्य स्वीकृत कराने की मांग की। ग्राम कुरमापाली की निर्मला देवी साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन दिया।
            जनदर्शन में इसके अलावा भी राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए। एडीएम श्री टोप्पो ने सभी प्रकरणों पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना है और प्राप्त आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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ऑपरेशन आघात” का बड़ा असर, खरसिया में अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस का ताबड़तोड़ प्रहार, एक ही दिन में महिला समेत दो तस्कर दबोचे गए, 63 पाव देशी-अंग्रेजी शराब जब्त

रायगढ़, 01 जून 2026। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत खरसिया पुलिस ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में कुल 63 पाव देशी एवं अंग्रेजी शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5,600 रुपये बताई गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब, नशे और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर शराब तस्करों को दबोचा।

नाकाबंदी में पकड़ा गया युवक, थैले से निकली देशी और अंग्रेजी शराब

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध शराब लेकर खरसिया क्षेत्र में बिक्री के लिए आ रहा है। सूचना मिलते ही चोढ़ा क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध युवक हाथ में थैला लेकर आता दिखाई दिया।

पूछताछ में उसने अपना नाम संजय कुमार पटेल (32 वर्ष) निवासी नवागांव थाना खरसिया बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 14 नग 180 एमएल देशी प्लेन मदिरा तथा 14 नग 180 एमएल गोल्डन गोवा अंग्रेजी शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कीमत लगभग 2,800 रुपये आंकी गई। पुलिस ने मौके पर ही शराब जब्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

पटेल ढाबा के पास महिला तस्कर गिरफ्तार

इसी अभियान के तहत खरसिया पुलिस ने ग्राम बोतल्दा क्षेत्र में भी छापेमार कार्रवाई की। पुलिस टीम को बोतल्दा हाईवे रोड स्थित पटेल ढाबा के पास एक महिला संदिग्ध अवस्था में झोला लेकर जाती दिखाई दी।

पूछताछ में महिला ने अपना नाम अनुसुईया उर्फ गुड्डी केशरवानी (48 वर्ष) निवासी छोटे देवगांव थाना खरसिया बताया। झोले की तलाशी लेने पर उसमें 25 पाव देशी प्लेन शराब तथा 10 पाव अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पूछताछ में महिला ने शराब को अवैध बिक्री के लिए ले जाना स्वीकार किया। पुलिस ने शराब जब्त कर उसके विरुद्ध भी आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की।

“ऑपरेशन आघात” से शराब माफियाओं में हड़कंप

खरसिया पुलिस की लगातार कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा। पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में अवैध कारोबार पर लगातार अंकुश लग रहा है और शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

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BREAKING : ग्राहक बनकर दुकान में करता था रेकी, फिर मौका मिलते ही उड़ाता था लाखों का सामान... आखिरकार पुलिस के ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में चढ़ा हत्थे, चोरी का माल खरीदने वाला भी गिरफ्तार 

रायगढ़, 1 जून 2026। रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत घरघोड़ा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। करीब नौ महीने पहले इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल दुकान में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ चोरी का मोबाइल खरीदने वाले दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार 22 सितंबर 2025 को घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक-15 निवासी अमन गुप्ता ने थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी दुकान “गोल्डी फर्नीचर इलेक्ट्रॉनिक एंड मोबाइल” से मोबाइल फोन, एलसीडी टीवी, इंडक्शन चूल्हा और पंखे चोरी हो गए हैं। दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां सामने आईं, जिसकी पहचान रामायण दास महंत उर्फ बर्रा के रूप में हुई।

जांच में सामने आया कि आरोपी दुकान में ग्राहक बनकर आता था और कर्मचारियों की नजर बचाकर सामान बाहर निकाल ले जाता था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की, लेकिन आरोपी लगातार फरार चल रहा था।

थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में चल रही तलाश के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी क्षेत्र में मौजूद है। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर रामायण दास महंत उर्फ बर्रा (45 वर्ष), निवासी बर्रा, थाना खरसिया को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने दुकान से दो एलसीडी टीवी, एक ओप्पो मोबाइल, दो इंडक्शन और दो सीलिंग पंखे चोरी करना स्वीकार कर लिया।

आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो एलसीडी टीवी और दो इंडक्शन चूल्हे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 36 हजार रुपये बताई गई है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि चोरी किया गया मोबाइल उसने घरघोड़ा निवासी मोहम्मद मुजाहिद खान उर्फ राजू खान को बेच दिया था।

पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से चोरी का ओप्पो मोबाइल फोन बरामद कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी ने अपने मालिक द्वारा सौंपी गई संपत्ति का दुरुपयोग कर चोरी की थी, जबकि दूसरे आरोपी ने चोरी की संपत्ति अपने पास रखी थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ीं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. रामायण दास महंत उर्फ बर्रा, उम्र 45 वर्ष, निवासी बर्रा, थाना खरसिया, जिला रायगढ़।
  2. मोहम्मद मुजाहिद खान उर्फ राजू खान, उम्र 35 वर्ष, निवासी ब्लॉक कॉलोनी, घरघोड़ा, जिला रायगढ़।

एसएसपी का सख्त संदेश

रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि मेहनत और विश्वास पर हमला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी का माल खरीदकर अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ भी रायगढ़ पुलिस कठोर वैधानिक कार्रवाई कर रही है और आगे भी ऐसे अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसती रहेगी।

पुलिस की इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक एवं आरक्षक हरिश पटेल और उधोराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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IPL फाइनल पर करोड़ों का सट्टा! रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, 32 लाख नकद बरामद, ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़

         *रायगढ़, 01 जून 2026* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में जुआ-सट्टा के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आईपीएल फाइनल मुकाबले GT Vs RCB पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर और चौकी खरसिया की संयुक्त टीम ने दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से क्रिकेट सट्टा संचालन में प्रयुक्त मोबाइल फोन, नोट गिनने की मशीन और सट्टे की रकम से जुड़े 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नगद बरामद किए हैं। मामले में सिंडिकेट से जुड़े 3  अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।

           पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि खरसिया के गंज बाजार क्षेत्र में कुछ व्यक्ति आईपीएल फाइनल मैच की हार-जीत पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा एवं एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में साइबर थाना एवं चौकी खरसिया के अधिकारियों-कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित कर एक साथ दबिश दी गई।

         रेड कार्रवाई के दौरान गंज बाजार क्षेत्र में पुलिस ने गगन अग्रवाल और शुभम अग्रवाल को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने क्रिकेट सट्टा संचालित करना स्वीकार किया तथा कई लोकल व्यकितयों द्वारा नकदी सट्टा रकम लगाने की बात बताये । आरोपियों ने अपने मेमोरेंडम कथन में रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के साथ मिलकर सट्टा सिंडिकेट संचालित करने की जानकारी दी। आरोपियों ने बताया कि साहिल अग्रवाल सट्टे की रकम को अपने व्यवसाय में खपाकर कमीशन के रूप में लाभ अर्जित करता था। आरोपियों के कब्जे से एक वनप्लस नॉर्ड एवं एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल जब्त किया गया, जिनमें ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से संबंधित आईडी एवं तकनीकी साक्ष्य प्राप्त हुए।

            आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम एसबीआई बैंक के पीछे स्थित गोपाल राइस मिल कॉलोनी में साहिल अग्रवाल के निवास पहुंची। पुलिस वाहन को देखकर साहिल अग्रवाल दो बैग और नोट गिनने की मशीन छोड़कर मौके से फरार हो गया। उसके पिता मुकेश अग्रवाल एवं स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में दोनों बैगों की तलाशी ली गई, जिसमें 500, 200, 100 और 50 रुपये के नोटों सहित *कुल 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नगद बरामद* हुए। इतनी बड़ी राशि के संबंध में कोई वैध जानकारी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम से जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त रकम क्रिकेट सट्टे के संचालन से संबंधित है, जिस पर पुलिस ने राशि को विधिवत जब्त कर लिया।

            प्रारंभिक जांच में आरोपियों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन किया जाना पाए जाने पर सभी आरोपी- गगन अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, रिकेश राय, अर्जुन राठौर और साहिल अग्रवाल के विरुद्ध छत्तीसगढ़ राज्य जुआ प्रतिषेध अधिनियम की *धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112(2) एवं 3(5)* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। फरार आरोपी साहिल अग्रवाल, रिकेश राय एवं अर्जुन राठौर की तलाश जारी है।

*गिरफ्तार आरोपी गगन अग्रवाल का पूर्व अपराधिक इतिहास रहा है । इसी साल मार्च महीने में थाना चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे की कार्यवाही में गगन पर  की गई थी*

             उक्त कार्रवाई में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, महिला प्रधान आरक्षक रेणु मण्डावी, प्रधान आरक्षक बृजलाल गुर्जर तथा आरक्षक प्रशांत पण्डा, पुष्पेन्द्र जाटवर, गोविंद पटेल, रविन्द्र गुप्ता, नवीन शुक्ला, धर्मेन्द्र सिंह, मनोज पटनायक, साविल चन्द्रा एवं कीर्ति सिदार की विशेष भूमिका रही।

???????? *एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* : 

          *"ऑपरेशन अंकुश के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी पर रायगढ़ पुलिस का लगातार प्रहार जारी रहेगा, सट्टेबाजी से जुड़े आरोपियों पर कार्यवाही सुनिशिचत है”*

*गिरफ्तार आरोपी*- 

1 गगन अग्रवाल पिता स्वर्गीय अनूप कुमार अग्रवाल उम्र 28 वर्ष पता गंज बाजार खरसिया
2 शुभम अग्रवाल उर्फ कालू पिता राजकुमार अग्रवाल उम्र 30 वर्ष पता गंज बाजार खरसिया 

*जप्त- नकदी 31 लाख 99 हजार 700 रुपये,  मोबाइल, नोट गिरने की मशीन*

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पत्तल फेंकने की बात पर भड़की खूनी रंजिश: कोटवार, बेटे और नाबालिग ने मिलकर उतारा मौत के घाट, तमनार पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई हत्या की गुत्थी

           *01 जून, रायगढ़* । तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम उरबा में हुए हत्या के मामले का तमनार पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम का कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान तथा एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा एवं चाकू भी बरामद किया है।

           जानकारी के अनुसार दिनांक 30 मई 2026 की रात्रि थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम उरबा निवासी दामोदर राठिया (37 वर्ष) को गंभीर चोटों की अवस्था में अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ तत्काल ग्राम उरबा पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि दामोदर राठिया की मृत्यु हो चुकी है। मृतक के बहनोई अवधराम राठिया निवासी गंजपुर, लैलूंगा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी छोटी बेटी के साथ दामोदर राठिया के घर जा रहा था, तभी उसने देखा कि ग्राम उरबा के कोटवार हरिराम चौहान, उसका पुत्र आकाश चौहान तथा एक नाबालिग दामोदर राठिया के साथ मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान आकाश चौहान और नाबालिग ने चाकू से तथा हरिराम चौहान ने डंडे से हमला किया। बीच-बचाव करने पर रिपोर्टकर्ता के साथ भी मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल दामोदर राठिया को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

         रिपोर्ट पर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई में सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पृथक-पृथक पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना की रात दामोदर राठिया ने हरिराम चौहान को भोजन के लिए बुलाया था। भोजन के बाद उपयोग किए गए पत्तल को बाहर फेंकने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। इसी दौरान हरिराम चौहान, आकाश चौहान और नाबालिग ने लाठी-डंडे एवं चाकू से हमला कर दामोदर राठिया को गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

        पुलिस ने आरोपी हरिराम चौहान (60 वर्ष), आकाश चौहान (22 वर्ष) तथा विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लेकर उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त डंडा एवं चाकू बरामद किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

           पूरे मामले के त्वरित खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोई, प्रधान आरक्षक बनारसी लाल सिदार, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरुषोत्तम सिदार, रंजीत भगत एवं डोल नारायण सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —

          *“क्षणिक आवेश में की गई हिंसा हत्या, जेल और पूरे परिवार के बिखराव का कारण बनती है। किसी भी विवाद का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से करें। कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।”*

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प्राचार्य भर्ती से लेकर OPS-NPS विवाद तक शिक्षक फेडरेशन का बड़ा अल्टीमेटम, शिक्षा सचिव के सामने उठाए 4 अहम मुद्दे; समयमान वेतनमान और सेवानिवृत्ति लाभ पर मांगा त्वरित फैसला

जशपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी से मुलाकात कर शिक्षकों से जुड़े चार महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन ने प्राचार्य पदों पर लंबित भर्ती, सहायक शिक्षकों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान, प्रधानपाठकों के वेतन विसंगति तथा NPS-OPS से जुड़े सेवानिवृत्ति लाभों के मामलों में शीघ्र निर्णय की मांग की।

फेडरेशन के जिला अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बताया कि नियमों के अनुसार प्राचार्य के स्वीकृत पदों में 90 प्रतिशत पद पदोन्नति से तथा 10 प्रतिशत पद सीमित विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है। विभाग द्वारा 90 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन 10 प्रतिशत कोटे की भर्ती अब तक लंबित है। उन्होंने बताया कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की अनुसूची-दो में अशासकीय, निजी अनुदान प्राप्त विद्यालयों और स्वायत्तशासी निकायों में कार्यरत शिक्षकों की सीमित विभागीय परीक्षा के जरिए सीधी भर्ती का प्रावधान है, जिसे लोक सेवा आयोग के माध्यम से कराया जाना है। इस विषय पर विभागीय अधिकारियों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई।

फेडरेशन ने समयमान वेतनमान की विसंगतियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि प्राथमिक शाला के प्रधानपाठकों को प्रथम और द्वितीय उच्चतर वेतनमान का लाभ मिल चुका है, जबकि राजपत्रित पद होने के बावजूद पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानपाठकों के लिए अब तक समयमान वेतनमान स्वीकृत नहीं किया गया है। इससे ऐसी स्थिति बन गई है कि प्राथमिक शाला के प्रधानपाठकों का वेतन पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानपाठकों से अधिक हो गया है। फेडरेशन ने इसे गंभीर वेतन विसंगति बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।

सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने का मामला भी बैठक में प्रमुखता से उठा। फेडरेशन का तर्क है कि राज्य शासन ने अन्य विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को दो तथा तीन स्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान कर दिया है, लेकिन ई एवं टी संवर्ग के सहायक शिक्षक आज भी इस लाभ से वंचित हैं। संगठन का कहना है कि उन्हें अभी तक क्रमोन्नत योजना के आधार पर वेतन लाभ दिया जा रहा है, जबकि राज्य में वर्ष 2006 से समयमान वेतनमान व्यवस्था लागू है।

बैठक में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। फेडरेशन ने कहा कि नवंबर 2012 से कर्मचारियों और सरकार द्वारा NPS के अंतर्गत अंशदान जमा किया जाता रहा है, जबकि राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2022 से OPS लागू किया। संगठन की मांग है कि OPS का लाभ नवंबर 2012 से प्रभावी माना जाए, ताकि कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभों को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, महामंत्री आकाश राय, उपाध्यक्ष पवन सिंह सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष शामिल रहे। फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि शिक्षा विभाग शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समाधान सुनिश्चित करेगा।

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