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3% ब्याज का खूनी खेल: मोटरसाइकिल गिरवी रखकर गरीब ग्रामीणों को बनाता था शिकार, कर्ज के जाल में फंसाकर करता था मानसिक प्रताड़ना — रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार”


   04 अप्रैल, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर थाना साइबर और लैलूंगा पुलिस ने ग्रामीणों को ऊंचे ब्याज पर रकम देकर प्रताड़ित करने वाले ग्राम भकुर्रा निवासी चूड़ामणी गुप्ता के विरुद्ध कार्रवाई की है। आरोपी द्वारा ग्रामीणों को 3 प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार रकम देकर बदले में उनकी मोटरसाइकिल, और अन्य कीमती सामान गिरवी रखे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 8 मोटरसाइकिल और हिसाब-किताब से संबंधित एक रजिस्टर जब्त किया है।

???? *बाइक जांच के दौरान मिली थी सूचना* -
 विदित हो कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी थाना साइबर निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा चोरी की बाइक के संबंध में सघन पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम भकुर्रा निवासी चूड़ामणि गुप्ता के पास काफी संख्या में मोटरसाइकिल रखी हुई है। सूचना पर साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने बिना समय गंवाए चूड़ामणि गुप्ता को हिरासत में लिया।

  उसके कब्जे से 8 मोटरसाइकिल और एक रजिस्टर बरामद हुआ, जिसमें बाइक और अन्य सामान गिरवी रखने के संबंध में लिखापढ़ी दर्ज थी। पूछताछ में आरोपी ने ग्रामीणों को 3 प्रतिशत ब्याज पर रकम उधार देना स्वीकार किया। आरोपी रकम के बदले लोगों की मोटरसाइकिल और अन्य कीमती सामान गिरवी रखता था तथा बाद में उन्हें जल्दी रकम लौटाने का दबाव बनाकर प्रताड़ित करता था।

???? *ग्रामीण ने की थी प्रताड़ना की शिकायत* -
     ग्राम भकुर्रा निवासी शिकायतकर्ता रामप्रसाद रतिया पिता चेतराम उम्र 55 वर्ष ने पुलिस को बताया कि वह खेती-किसानी का काम करता है। फसल खराब होने और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे घर बनाने के लिए पैसों की जरूरत थी। वह ग्राम भकुर्रा निवासी चूड़ामणि गुप्ता को जानता था, जो सामान, मोटरसाइकिल, सोना-चांदी गिरवी रखकर ब्याज पर रकम देता था।

  रामप्रसाद ने बताया कि 09 सितंबर 2024 को उसने चूड़ामणि गुप्ता से 12 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बदले उसने अपनी सीटी 100 बजाज मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13-Y-0279 गिरवी रखी थी। आरोपी ने 3 प्रतिशत मासिक ब्याज की दर पर रकम दी थी और मूलधन व ब्याज चुकाने के बाद बाइक वापस करने की बात कही थी।

  शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने कई महीनों तक ब्याज की रकम जमा की, लेकिन आरोपी लगातार मूलधन और ब्याज की रकम वसूलने के लिए गांव, खेत और आसपास के क्षेत्रों में उसका पीछा कर प्रताड़ित करता था। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि आरोपी गांव के अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्याज पर रकम देकर प्रताड़ित करता था।

???? *कर्जा एक्ट के तहत कार्रवाई* -

  शिकायत के आधार पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव द्वारा आरोपी चूड़ामणि गुप्ता उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम भकुर्रा के विरुद्ध  थाना में अपराध क्रमांक 110/2026 धारा 4 छत्तीसगढ़ ऋणियों के संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी के कब्जे से 8 मोटरसाइकिल और एक रजिस्टर जब्त किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। 

      एसएसपी श्री शशि मोहन के दिशा निर्देशन और एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर कार्यवाही थाना प्रभारी विजय चेलक, थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, एएसआई 
नन्दु सारथी, प्रधान आरक्षक बृजलाल गुज्जर,  आरक्षक प्रशांत पण्डा, महेश पण्डा, पुष्पेंद्र जाटवर, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान, रविन्द्र गुप्ता  और थाना लैलूंगा के नन्दु पैंकरा, राजू तिग्गा, 
चमर साय भगत,
जितेंद्र कुर्रे की अहम भूमिका रही।

???? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* -

 *“नागरिक केवल बैंक और वैध वित्तीय संस्थाओं से ही ऋण लें। ब्याज पर रकम देकर लोगों को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई करेगी।”*

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रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 21 चोरी की मोटरसाइकिल जब्त — मास्टरमाइंड सुखदेव चौहान गिरफ्तार, 9 खरीदार भी शिकंजे में, फरार साथी की तलाश जारी

4 अप्रैल, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चोरी की 21 मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया गया है, उसका साथी शिव नागवंशी फरार है। पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बरामद 21 मोटरसाइकिलों की बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है।

???? *कैसे सामने आया बाइक चोरी गिरोह* -

  संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा सभी थाना प्रभारियों को पुराने चोरों और बाइक चोरी करने वालों पर विशेष निगाह रखने निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में साइबर सेल को क्षेत्र में मुखबिर सक्रिय कर संगठित रूप से बाइक चोरी करने वालों पर निगरानी रखने कहा गया था।

  इसी दौरान सूचना मिली कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान और किलकिला निवासी शिव नागवंशी मिलकर पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ और ओड़िशा के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेच रहे हैं। सूचना पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक और थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव को संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए।

???? *पूछताछ में सामने आए चोरी के कई मामले* -

  संयुक्त टीम ने ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर बाइक चोरी करना और उन्हें बेचने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में थाना पूंजीपथरा क्षेत्र के सराईपाली बाजार से एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल और अगस्त 2025 में तुमीडीह बाजार से एक पल्सर मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा मार्च 2026 में थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एक एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया। इन मामलों में थाना पूंजीपथरा (अपराध क्रमांक 56/25 और 178/25) और थाना धरमजयगढ़ में पूर्व से अपराध (अपराध क्रमांक 81/26) दर्ज हैं।

???? *9 खरीदार गिरफ्तार, 21 बाइक बरामद* -

  आरोपी सुखदेव चौहान ने बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को बेची थीं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं आरोपी सुखदेव चौहान द्वारा अपने बाड़ी में छिपाकर रखी गई 7 अन्य मोटरसाइकिल भी जप्त की गई।

  पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है, जिनकी बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये है। आरोपियों द्वारा संगठित रूप से बाइक चोरी करना स्वीकार किए जाने पर प्रकरण में धारा 112(1) बीएनएस जोड़ी गई है। वहीं चोरी की संपत्ति खरीदने वाले आरोपियों के विरुद्ध धारा 317(2),317(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

???? *बाइक चोरी का तरीका* -

  पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों पेशे से ड्राइवर हैं और गाड़ियों की मरम्मत का काम भी जानते हैं। इसी वजह से वे पेचकस और अन्य सामान्य औजारों की मदद से आसानी से मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर बाइक चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वे मोटरसाइकिलों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में सस्ते दामों में बेच देते थे।

???? *इन मामलों का हुआ खुलासा* -

  आरोपियों की गिरफ्तारी से थाना पूंजीपथरा के दो और थाना धरमजयगढ़ के एक बाइक चोरी के मामले का खुलासा हुआ है, विवरण 1-महुआ चौक पूंजीपथरा 1बाइक NS पल्सर 200,
2- सराईपाली बाजार पूंजीपथरा 1बाइक पैसन प्रो,
3-धरमजयगढ़ बस स्टैंड 2 बाइक
4-कोतबा अटल चौक 1 बाइक,
5-सरगीपाली ओड़िसा 5 बाइक,
6-उज्जलपुर ओड़िसा 4 बाइक,
7-लेफरीपारा ओड़िसा 7 बाइक

???? *कार्रवाई में शामिल टीम* -

  एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर सेल श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, एएसआई उमाशंकर विश्वाल, एएसआई नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक बृजलाल गुर्जर, आरक्षक प्रशांत पंडा, महेश पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, नवीन शुक्ला, विकास प्रधान थाना पूंजीपथरा के प्रधान आरक्षक विनीत तिर्की, राधेश्याम कमल, आरक्षक विनय तिवारी एवं थाना लैलूंगा के प्रधान आरक्षक नंदु पैंकरा, राजू तिग्गा, चमर साय भगत, जितेंद्र कुर्रे हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* -

  *“संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल गिरोहों पर रायगढ़ पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। चोरी करने वालों के साथ चोरी की संपत्ति खरीदने वालों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”*

???? *गिरफ्तार आरोपी* -
1. सुखदेव चौहान पिता भादेराम उम्र 32 निवासी ग्राम धौराडांड, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़
2. कार्तिक राम डूंगडूंग ग्राम धौराडांड,
3. रामकुमार वैष्णव, ग्राम जमुना 
4. केशव यादव ग्राम धौराडांड,
5. भोजराम पैंकरा, ग्राम नावागांव
6. जगदीश पैंकरा, ग्राम किलकिला
7. शिवचरण चौहान, ग्राम लोहडापानी
8. सुखचरण चौहान, ग्राम लोहडापानी
9. अमित कुमार नागवंशी, ग्राम लोहडापानी
10. शिवप्रसाद विश्वकर्मा निवासी ग्राम मुकडेगा

???? *फरार आरोपी* -

1. शिव नागवंशी निवासी किलकिला

???? *बरामद संपत्ति* -

1. चोरी की 21 नग मोटरसाइकिल
2. बरामद मोटरसाइकिलों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये
3. चोरी में प्रयुक्त और बिक्री से संबंधित अन्य दस्तावेज एवं साक्ष्य सामग्री
*आरोपियों से बरामद बाइक की सूची पृथक से उपलब्ध कराई जाती है*

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आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई: खरसिया में 10 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, चारपारा निवासी युवक गिरफ्तार, आबकारी एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

*10 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार*

रायगढ़, 4 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 3 अप्रैल को आबकारी वृत्त खरसिया क्षेत्र में अवैध महुआ शराब की सूचना पर छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 10 लीटर महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 2000 रुपये है, जब्त की। यह शराब आरोपी प्रकाश भारद्वाज, उम्र 26 वर्ष, निवासी चारपारा, थाना खरसिया के कब्जे से बरामद की गई।
             आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

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छात्रों के लिए अहम खबर: 12वीं हिंदी विशिष्ट की निरस्त परीक्षा अब 10 अप्रैल को — प्रशासन की हाईटेक तैयारी, केंद्राध्यक्षों को दिया गया खास प्रशिक्षण,

रायगढ़, 4 अप्रैल 2026/ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 2026 के अंतर्गत कक्षा 12वीं की हिंदी विशिष्ट विषय की 23 मार्च 2026 को संपन्न हुई परीक्षा को मंडल द्वारा निरस्त कर दिया गया है। अब यह परीक्षा पुनः 10 अप्रैल 2026 को जिले के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज रायगढ़ जिले के सृजन सभा कक्ष में सभी 100 परीक्षा केंद्रों के लिए नियुक्त केंद्राध्यक्षों का एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
             प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम ने केंद्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि मंडल द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों का प्रत्येक परीक्षा केंद्र में कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की विश्वसनीयता और गोपनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
           ज्ञात हो कि कक्षा 12वीं हिंदी विशिष्ट विषय की परीक्षा 23 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी, जिसे मंडल द्वारा तकनीकी/प्रशासनिक कारणों से निरस्त कर दिया गया। अब यह परीक्षा पुनः 10 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। रायगढ़ जिले में इसके लिए कुल 100 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। मंडल द्वारा जारी नवीन निर्देशों की जानकारी देने हेतु 30 मार्च 2026 को रायपुर स्थित मंडल कार्यालय में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इसके पश्चात रायगढ़ जिले के मास्टर ट्रेनर श्री संतोष चंद्रा (प्राचार्य, जूटमिल) एवं श्रीमती जे.सुजाता राव प्राचार्या, महापल्ली द्वारा सभी केंद्राध्यक्षों को विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।
  प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े हर पहलू को विस्तार से समझाया गया, जिसमें-गोपनीय सामग्री का राज्य स्तर से समन्वयक केंद्र तक सुरक्षित परिवहन, समन्वयक केंद्र से थानों तक सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया, थानों से परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय सामग्री का वितरण, परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तरपुस्तिकाओं का सुरक्षित संकलन एवं पुनः थानों में जमा करना, इन सभी प्रक्रियाओं को पीपीटी के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से समझाया गया, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न बने। गोपनीय सामग्री के सुरक्षित परिवहन हेतु प्रत्येक थाने के लिए अलग-अलग परिवहन अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी समन्वयक केंद्र से निर्धारित थानों तक सामग्री को सुरक्षित पहुंचाएंगे। यह संपूर्ण परिवहन कार्य जिला कार्यालय द्वारा निर्धारित शासकीय वाहनों के माध्यम से ही किया जाएगा, जिससे सुरक्षा एवं गोपनीयता बनी रहे। परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मंडल द्वारा डीएसपी रैंक के अधिकारी को पुलिस नोडल नियुक्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत रायगढ़ जिले में श्री सुशांतो बनर्जी, डीएसपी रायगढ़ को पुलिस नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी जिम्मेदारी राज्य स्तर से लेकर परीक्षा केंद्र तक गोपनीय सामग्री के सुरक्षित परिवहन, परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, तथा परीक्षा उपरांत अमूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं के सील्ड बंडलों को सुरक्षित थानों में जमा कराने हेतु आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराना होगी। 
 प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडल के सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए परीक्षा को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा। इस प्रकार, 10 अप्रैल को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय स्थापित किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी श्री धनराज मरकाम, सहायक नोडल श्री भुवनेश्वर पटेल, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती रूबी वर्गीस, मास्टर ट्रेनरगण, जिले के सभी 100 परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्ष तथा जिले के 16 थानों एवं पुलिस चौकियों के लिए नियुक्त परिवहन अधिकारी उपस्थित रहे।

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घरघोड़ा जनसमस्या निवारण शिविर बना उम्मीदों का केंद्र — सैकड़ों ग्रामीणों को मिला राहत का तोहफा, 43 हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ, सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा “सरकार अब आपके द्वार

रायगढ़, 4 अप्रैल 2026/ जिला प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु घरघोड़ा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत किए तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने शिविर का अवलोकन कर अपने संबोधन में कहा कि सरकार की मंशा है कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सरल एवं सहज तरीके से उनके द्वार पर ही हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह पहल की गई है, ताकि किसानों, मजदूरों, दिव्यांगजनों सहित सभी वर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं, जो विभिन्न कारणों से कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाते। आज प्रशासन की पूरी टीम यहां उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है।
         सांसद श्री राठिया ने कहा कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से दर्ज किया जा रहा है और निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर अपनी समस्याएं रखें और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आम जनता की जागरूकता ही विकास की मूल आधारशिला है। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में पेयजल समस्या के निराकरण हेतु पाइपलाइन व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
        शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा 43 हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सहकारी समिति द्वारा 5 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, पशुधन विकास विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को मिनरल मिक्सचर, उद्यान विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को फलदार पौधे वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 5 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई तथा सुपोषण किट दिया गया एवं 5 हितग्राहियों को नोनी सुरक्षा योजना के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जनपद पंचायत द्वारा 3 हितग्राहियों को शौचालय पूर्णता प्रमाण पत्र दिया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 1 हितग्राही को व्हील चेयर एवं 5 को छड़ी, श्रम विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को श्रम कार्ड, मछली पालन विभाग द्वारा 4 हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं जाल, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, तथा नगर एवं जनपद पंचायत द्वारा 12 हितग्राहियों को राशन कार्ड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को जाति एवं निवास प्रमाण पत्र भी दिए गए। इसी तरह अन्य हितग्राहियों को भी लाभांवित किया गया।
        शिविर के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया। इससे आवेदकों में उत्साह का माहौल देखा गया। लाभान्वित हितग्राहियों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। विभागीय अधिकारियों द्वारा योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों को लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया गया। राजस्व विभाग द्वारा वन अधिकार, नामांतरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन लिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण जागरूकता तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क जांच, उपचार एवं दवा वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री मुरलीधर राठिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सहनु पैकरा, उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, राजेश बेहरा, प्रबंध राठिया, हंसु गुप्ता, अवधेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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“संगठन की ताकत, कार्यकर्ताओं की निष्ठा और राष्ट्रसेवा का संकल्प — कांसाबेल में गूंजा प्रशिक्षण महाअभियान का दमदार संदेश, विधायक गोमती साय ने भरा जोश

पत्थलगांव। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत कांसाबेल मंडल में आयोजित मंडल प्रशिक्षण वर्ग में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय सहभागी हुईं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
अपने संबोधन में विधायक गोमती साय ने कहा कि कार्यकर्ताओं का समर्पण, अनुशासन और संगठन के प्रति निष्ठा ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाकर राष्ट्रसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि सशक्त कार्यकर्ता ही सशक्त संगठन और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करते हैं। संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की निष्ठा और सक्रिय भागीदारी पर आधारित होती है, इसलिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर प्रशिक्षण वर्ग में पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ता साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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खरीफ से पहले कृषि में बड़ा बदलाव: रासायनिक खाद का विकल्प बनेंगे हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरक — उत्पादन आयुक्त शहला निगार का स्पष्ट संदेश, “गांव-गांव पहुंचाओ टिकाऊ खेती की तकनीक”

रायपुर, 04 अप्रैल 2026/ कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ की। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि “हरित खाद, नीली-हरी शैवाल एवं जैव उर्वरकों” पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी खरीफ सीजन से पहले किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों के प्रति जागरूक करना और सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करना था।

        इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए हरित खाद, नीली-हरी शैवाल और जैव उर्वरक जैसे विकल्प फसलों की पोषक आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले दो से तीन महीनों में इन तकनीकों के उत्पादन और उपयोग को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। 
       प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

       इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर उभरती अनिश्चितताओं के बीच छत्तीसगढ़ ने टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और विशेषकर ईरान में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों एवं उर्वरक निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल के आयात पर संभावित असर को देखते हुए राज्य सरकार ने वैकल्पिक पोषक स्रोतों को बढ़ावा देने की पहल तेज कर दी है।
 
        तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य सुधार और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपायों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने बताया कि नीली-हरी शैवाल नाइट्रोजन स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, विशेषकर धान की खेती में इसकी उपयोगिता अधिक है। वहीं, हरित खाद से मृदा की संरचना बेहतर होती है और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन को भविष्य की कृषि के लिए अनिवार्य बताया गया।

         कार्यक्रम में कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें नीली-हरी शैवाल उत्पादन की तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा खरीफ सीजन के लिए इन विकल्पों के व्यापक उपयोग की रणनीति पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन वैकल्पिक उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो न केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि किसानों की लागत में कमी और मृदा स्वास्थ्य में सुधार भी सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम के अंत में सतत, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान,सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने जीते तीन स्वर्ण और एक रजत पदक

रायपुर, 4 अप्रैल 2026/ 'प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती'- यह कहावत 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026' में सच साबित हुई, जहां कर्नाटक के 'सिद्दी समुदाय' के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।

         खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी   (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

            इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे। 

        सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।

         ममता ने कहा, ''जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते  हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।

         उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खाना पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है।

            रोहन ने कहा, “सिद्दी समुदाय के अंदर समय-समय पर छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जीतता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।''

            देश में खिलाड़ियों के अंदर छिपी प्रतिभा की पहचान करने और उन्हें एक बेहतर मंच देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल मंत्रालय ने मिलकर 2018 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत की थी। उसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हुई है। 

             साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, '' साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।''

             उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, ''हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।'' 

              कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ''शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।''

             इन पहलवानों की सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि जब सही मंच, ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलता है, तो दूरदराज के समुदायों से भी प्रतिभाएं शिखर तक पहुंच सकती हैं और भारत के खेल भविष्य को आकार दे सकती हैं।

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राजस्व पखवाड़ा से जगी ग्रामीणों की उम्मीदें — गांव-गांव लग रहे शिविरों में मौके पर निपट रहीं जमीन, खसरा और नामांतरण की जटिल समस्याएं, कलेक्टर खुद पहुंचे जमीनी हकीकत जानने

*राजस्व पखवाड़ा: शिविरों में त्वरित निराकरण से किसानों-ग्रामीणों को मिल रहा मौके पर समाधान,कलेक्टर ने ग्राम पंचायत कोतरलिया में किया राजस्व शिविर का निरीक्षण

रायगढ़, 04 अप्रैल 2026/ जिले में राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा के तहत गांव-गांव में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने रायगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत कोतरलिया में आयोजित राजस्व शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिविरों का संचालन सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं परिणाममुखी होना चाहिए, ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।
      कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन एवं व्यपवर्तन जैसे लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों का शिविर स्थल पर ही ऑनलाइन पंजीयन, सुनवाई एवं निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले प्रत्येक हितग्राही को सहज और सम्मानजनक वातावरण मिले तथा किसी प्रकार की असुविधा न हो। शिविरों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कोटवारों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
      इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने पुसौर तहसील के ग्राम गढ़उमरिया में आयोजित राजस्व शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिविरों के प्रभावी संचालन एवं समयबद्ध निराकरण पर विशेष बल दिया। बता दे कि राजस्व पखवाड़ा अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है—प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक संचालित होगा। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण एवं खाता विभाजन के लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण, सीमांकन एवं व्यपवर्तन के मामलों का निपटारा, नक्शा बटांकन की प्रगति, खातों में आधार, मोबाइल नंबर एवं अन्य प्रविष्टियों का अद्यतन तथा आर.बी.सी. 6-4 के अंतर्गत जनहानि एवं फसल क्षति के मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही भू-अर्जन प्रकरणों का समय-सीमा में निपटारा, स्वामित्व योजनांतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण, कृषि सांख्यिकी आंकड़ों का अद्यतन, अभिलेख शुद्धता से जुड़े प्रकरणों का निराकरण तथा बी-01, खसरा और किसान किताब से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। शिविरों में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से की जा रही है तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। राजस्व पखवाड़ा के माध्यम से प्रशासन की यह पहल आमजन के लिए राहतकारी साबित हो रही है। मौके पर ही समस्याओं के निराकरण से ग्रामीणों में संतोष का भाव है और शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

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भट्ठियों पर चला पुलिस का बुलडोजर एक्शन” — 8 अवैध ठिकाने खत्म, शराब कारोबारियों को कड़ी चेतावनी, अब नहीं बचेगा कोई भी दोषी

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    रायगढ़, 03 अप्रैल* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में आज दिनांक 3 अप्रैल को ग्राम घरघोड़ी के खेतधरहा नदी किनारे अवैध शराब निर्माण की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा सटिक रेड कार्रवाई की गई।

        मुखबिर से प्राप्त सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी, जहां आरोपी छोटू डनसेना को अवैध रूप से महुआ शराब बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अवैध बिक्री के उद्देश्य से शराब निर्माण करना स्वीकार किया। पुलिस ने मौके से करीब 190 लीटर महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत ₹19,000 है, जप्त की। साथ ही शराब बनाने में प्रयुक्त सिल्वर के बड़े बर्तन, टिन टीपा सहित अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान मौके पर संचालित 8 अवैध भट्ठियों को भी नष्ट किया गया।

        *आरोपी छोटू डनसेना पिता अनंत सिंह डनसेना उम्र 37 वर्ष निवासी घरघोड़ी थाना घरघोड़ा* के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत अपराध दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी द्वारा क्षेत्र में मुनादी कर अवैध शराब निर्माण करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई है कि ऐसे कृत्यों में लिप्त पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

          उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल, उद्धोराम पटेल एवं महिला आरक्षक सुप्रिया सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* — 

           *“अवैध शराब निर्माण और बिक्री में रायगढ़ पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, शराब के अवैध कारोबार से जुड़े तत्व समाज की मुख्यधारा से जुड़े कर जीवन यापन करें, ऐसे अपराधों पर संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा ”*

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“लैलूंगा की मिट्टी की महक से निकला ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल बना देशभर में सुगंध और स्वाद का सरताज, बेंगलुरु से कारगिल तक बढ़ी मांग

रायगढ़ 03 अप्रैल 2026/रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र का ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल आज अपनी विशिष्ट सुगंध, स्वाद और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण एक अलग पहचान स्थापित कर चुका है। पारंपरिक रूप से उगाई जाने वाली यह धान की किस्म अब किसानों के लिए आय का मजबूत माध्यम बन रही है। प्रशासन और कृषि विभाग के सहयोग से इस उत्पाद को व्यवस्थित रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे यह स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। किसानों द्वारा अपनाई जा रही जैविक पद्धति और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
     जंवाफूल धान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक सुगंध और स्वाद है, जो लैलूंगा क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु में ही पूर्ण रूप से विकसित हो पाती है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां—दिन में पर्याप्त गर्मी और रात में हल्की ठंडक—इस धान की गुणवत्ता को विशेष बनाती हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र में उत्पादित चावल का स्वाद और खुशबू अलग पहचान रखता है और उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग निरंतर बढ़ रही है। ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल की मांग अब छत्तीसगढ़ से बाहर भी तेजी से बढ़ रही है। बेंगलुरु, चेन्नई, तेलंगाना, लद्दाख और कारगिल जैसे क्षेत्रों में इसकी अच्छी मांग है। वर्तमान में इसका बाजार मूल्य लगभग 150 रुपये प्रति किलो है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। वहीं बीज भी किसानों को 70 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अधिक किसान इस फसल की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
     लैलूंगा के किसान चंद्रशेखर पटेल बताते हैं कि उनके परिवार में लंबे समय से जंवाफूल चावल की खेती की जा रही है, लेकिन अब इसकी मांग और पहचान में काफी वृद्धि हुई है। इस वर्ष उन्होंने 4 एकड़ में इसकी खेती की, जिसमें प्रति एकड़ लगभग 30,000 रुपए की लागत आई। वे बताते हैं कि उन्हें प्रति एकड़ 1 लाख रूपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। उनका कहना है कि इस फसल से उन्हें स्थिर और संतोषजनक आय मिल रही है, जिससे वे भविष्य में इसकी खेती का रकबा और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उनके उत्पाद की मांग राज्य के बाहर भी बढ़ रही है, जिससे उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है। ग्राम खैरबहार के किसान भवानी पंडा बताते हैं कि वे वर्ष 2015 से खेती कर रहे हैं और धीरे-धीरे जंवाफूल चावल की खेती की ओर बढ़े हैं। वे पूरी तरह जैविक पद्धति से खेती करते हैं, जिसमें रासायनिक खाद या कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। हरी खाद का उपयोग कर वे खेत की उर्वरता बनाए रखते हैं। भवानी पंडा बताते हैं कि जंवाफूल चावल की खेती से उन्हें पारंपरिक धान की तुलना में अधिक लाभ मिल रहा है। वर्तमान में वे 2 एकड़ में इसकी खेती कर रहे हैं और आने वाले समय में इसे 20 एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखे हुए हैं। जंवाफूल चावल की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से की जा रही है, जिससे इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहती है। रासायनिक मुक्त उत्पादन के कारण यह चावल स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों को इसका बेहतर मूल्य मिल रहा है।     
         प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा इस फसल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसान समूहों और एफपीओ के माध्यम से उत्पादन और विपणन को संगठित किया जा रहा है। पिछले वर्ष जहां लगभग 700 एकड़ में इसकी खेती की गई थी, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 2000 एकड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी फसल से जुड़ सकें। ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल अब लैलूंगा की एक मजबूत पहचान बन चुका है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि क्षेत्र को एक नई पहचान भी दिला रहा है। पारंपरिक खेती, जैविक पद्धति और प्रशासनिक सहयोग के समन्वय से यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: परंपरा, प्रतिभा और पराक्रम का अनूठा संगम, जनजातीय युवाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, मुख्यमंत्री श्री साय का बड़ा फैसला—हर साल होगा आयोजन, खिलाड़ियों को मिलेगा सम्मान और पहचान

रायपुर, 03 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है।

समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी।

समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने  सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया।श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया।  उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। 

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है।

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही केबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, रायपुर कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में देश भर से आए खिलाड़ी उपस्थित थे।

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महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के ई-केवाईसी हेतु प्रशिक्षण आयोजित,लैलूँगा एवं तमनार में सीएससी संचालक और आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को दिया गया प्रशिक्षण

रायगढ़, 03 अप्रैल 2026/महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के द्वितीय चरण के ई-केवाईसी कार्य को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने हेतु जनपद पंचायत लैलूँगा एवं तमनार में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।
      प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में सीएससी जिला प्रबंधक रवि सिंह द्वारा दोनों विकासखंडों के सभी सीएससी सेंटर संचालकों  एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में ई-केवाईसी प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, आवश्यक दस्तावेजों एवं समय-सीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
       अधिकारियों ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार महतारी वंदन योजना के सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही का सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी सीएससी संचालकों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, हितग्राहियों को जागरूक करने एवं समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए, जिससे योजना का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंच सके।

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अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का बुलडोजर—बड़े रामपुर से सांगीतराई तक अवैध कब्जों का सफाया, छातामुड़ा में बहाल हुआ नाले का प्रवाह, शासकीय जमीन को मुक्त कराने राजस्व विभाग का सख्त अभियान जारी”

रायगढ़, 03 अप्रैल 2026। रायगढ़ शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण के मामलों पर कठोर रुख अपनाते हुए आज तहसील रायगढ़ एवं तहसील पुसौर में राजस्व विभाग द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को हटाते हुए बेदखली की कार्यवाही की गई।
     नगर निगम सीमा से लगे ग्राम बड़े रामपुर में शासकीय भूमि रकबा 07 डिसमिल पर अनाधिकृत रूप से संचालित फेब्रिकेशन दुकान को ध्वस्त किया गया तथा मुख्य सड़क मार्ग से लगी लगभग 10 डिसमिल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। ग्राम सांगीतराई में स्थानीय नागरिकों से प्राप्त शिकायत के आधार पर खसरा नंबर 382, रकबा 0.243 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अनुभव बिल्डर्स द्वारा की जा रही अवैध बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त किया गया। 
     तहसील पुसौर के ग्राम छातामुड़ा में भूमिस्वामी ओंकार सिंह बग्गा द्वारा अपने भूमिस्वामी हक से लगी शासकीय भूमि पर कालोनाइजेशन के उद्देश्य से सड़क निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था। खसरा नंबर 252 अंतर्गत लगभग 2400 वर्गफुट भूमि पर किए गए इस अतिक्रमण के कारण एक प्राकृतिक नाले का प्रवाह भी अवरुद्ध हो रहा था। जनशिकायत के आधार पर राजस्व विभाग ने उक्त अवैध सड़क को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया तथा नाले का प्रवाह बहाल किया।
        इसी प्रकार तहसील पुसौर के ग्राम लोहरसिंग में राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी शासकीय भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से एक निजी व्यक्ति द्वारा प्रीकास्ट वॉल खड़ी की गई थी। उक्त अतिक्रमण को भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ध्वस्त कर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की संभावना को समाप्त किया गया। अभियान के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री महेश शर्मा, तहसीलदार रायगढ़ श्री शिव कुमार डनसेना एवं नायब तहसीलदार रायगढ़ श्री हरनंदन बंजारे सहित राजस्व विभाग की टीम उपस्थित रही। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि की सुरक्षा एवं अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु यह अभियान आगे भी सतत रूप से जारी रहेगा।

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महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने महतारी वंदन योजना मददगार

रायपुर, 03 अप्रैल 2026/ महिलाओं के साथ असमानता को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार लाने, आर्थिक स्वावलंबन तथा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए  राज्य सरकार कृत संकल्पित है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका को सुदृढ़ करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना लागू की गई है। महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी, जिसे मलिाओं ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने उपयोग करने लगी। 

           गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के छोटे से ग्राम मझगंवा की श्रीमती हेमा सिंग की कहानी आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली हेमा सिंग ने आज अपने आत्मविश्वास और सरकारी योजना के सहयोग से अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।  महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। जिसे हेमा सिंग ने इसे एक अवसर के रूप में देखा। 

         हेमा सिंग ने इस राशि को बचाकर अपने घर के पास एक छोटा सा किराना स्टोर शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी दुकान चल निकली। गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा करते हुए उनका व्यवसाय बढ़ने लगा और आय में भी स्थिरता आने लगी। आज उनकी दुकान न सिर्फ उनकी आर्थिक मजबूती का आधार बनी है, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर में भी बड़ा बदलाव लाई है। हेमा सिंग अब अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला पा रही हैं और भविष्य के लिए भी बचत कर रही हैं। पहले जहां रोजमर्रा के खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती थी, वहीं अब उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष साफ नजर आता है। 

           महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को लगातार आर्थिक मजबूती मिल रही है। महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई आशा और अवसर लेकर आया है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अपनी सफलता का श्रेय देते हुए हेमा सिंग कहती हैं कि महतारी वंदन योजना उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को आभार व्यक्त किया और कहा कि इस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है।

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जल संरक्षण के कार्यों को और गति दें,अधिक से अधिक पेड़ लगाकर संरक्षित करें-राज्यपाल श्री डेका,राज्यपाल ने सरायपाली में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली

रायपुर, 03 अप्रैल 2026/  राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जल संरक्षण के कार्यों की सराहना करते हुए किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बताया गया  कि विकासखंड में 218 डबरी स्वीकृत की गई हैं तथा बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं,  राज्यपाल ने  और गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल श्री डेका ने आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

                राज्यपाल ने वृक्षारोपण को जनआंदोलन के रूप में संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। कैंपा एवं मनरेगा मद से वृहत वृक्षारोपण करते हुए शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जाएं। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधरोपण किया गया है तथा अमृत सरोवरों के आसपास भी हरित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसमें जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

              राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने तथा धान के साथ उद्यानिकी फसलों के समावेश पर बल दिया। उन्होंने  जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के प्रयासों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने तथा सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई एवं उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

               स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी रोगियों की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम व्यक्तियों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने, रेडक्रॉस से जुड़ने तथा ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार हेतु जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने एम्स से समन्वय स्थापित कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

               राज्यपाल श्री डेका ने योग को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जाए तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाएं संचालित की जाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

              बैठक में सरायपाली विधायक श्रीमती चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम श्रीमती अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: कर्नाटक बना ओवरऑल चैंपियन, मेजबान छत्तीसगढ़ नौवें स्थान पर,कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया


रायपुर, 3 अप्रैल 2026/ पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन झारखंड की कोमालिका बारी ने अपने मिक्स्ड टीम खिताब के बाद महिला रिकर्व तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा के अर्जुन खारा ने पुरुष रिकर्व वर्ग में स्वर्ण अपने नाम किया। हालांकि, इन उपलब्धियों के बावजूद अंतिम दिन कर्नाटक को पदक तालिका के शीर्ष स्थान से हटाया नहीं जा सका और वह उद्घाटन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शीर्ष पर बना रहा।  मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी जनजातीय समुदाय की खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर नौवां स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ का आखिरी पदक पुरुष फुटबॉल में रजत के रूप में आया, जब वे फाइनल में पश्चिम बंगाल से 0-1 से हार गए।
 
                इस उद्घाटन संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 3,800 खिलाड़ियों ने नौ खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा की। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर थे, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) खेलों के रूप में शामिल थे।
 
               इन 106 स्वर्ण पदकों में से कर्नाटक ने 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। ओडिशा 21 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और 57 पदकों के साथ 50 से अधिक पदक जीतने वाला एकमात्र दल बना। झारखंड 16 स्वर्ण, 8 रजत और 11 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
 
               ओवरऑल चैंपियन कर्नाटक ने पहले ही दिन से पदक तालिका में बढ़त बना ली थी, खासकर तैराकी में दबदबा बनाते हुए उन्होंने 15 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। इसके अलावा एथलेटिक्स में 5 और कुश्ती में 3 स्वर्ण पदक जोड़कर उन्होंने सुनिश्चित किया कि ओडिशा और झारखंड उनसे आगे न निकल सकें।
 
                कर्नाटक के मणिकांत एल 8 स्वर्ण और 1 रजत पदक के साथ खेलों के सबसे सफल खिलाड़ी रहे, जबकि उनके साथी धोनिश एन ने तैराकी में 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीते। महिला वर्ग में ओडिशा की तैराक अंजलि मुंडा ने 5 स्वर्ण पदक जीते, जबकि कर्नाटक की मेघांजलि ने 4 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक अपने नाम किए।
 
                 ओडिशा एकमात्र ऐसा दल रहा जिसने सभी छह खेल विधाओं में कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जिसमें एथलेटिक्स में 8 और तैराकी में 7 स्वर्ण शामिल हैं। दूसरी ओर, झारखंड ने एथलेटिक्स में 9, कुश्ती में 4 और तीरंदाजी में 3 स्वर्ण पदक जीते, साथ ही बाकी तीन विधाओं में भी कम से कम एक पदक हासिल किया।
 
                  फुटबॉल के अलावा, अंतिम दिन तीरंदाजी में चार स्वर्ण पदक दांव पर थे और यह स्पष्ट था कि ओडिशा, जो अंतिम से पहले दिन की प्रतियोगिताओं के बाद कर्नाटक से तीन स्वर्ण पदकों से पीछे था, अब शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर सकता क्योंकि वह तीरंदाजी में अधिकतम दो ही स्वर्ण जीत सकता था।
 
                  अर्जुन खारा ने पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में अपने ही राज्य के सोमनाथ हेम्ब्रम को फाइनल में हराकर एक स्वर्ण पदक जीता, लेकिन पुरुष टीम फाइनल में ओडिशा को झारखंड के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।
 
                 इसके बाद कोमालिका बारी ने गुजरात की भार्गवी भगोरा को व्यक्तिगत फाइनल में हराकर झारखंड के लिए एक और स्वर्ण पदक जोड़ा। नागालैंड ने महिला टीम फाइनल में झारखंड को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य पदकों के साथ 14वें स्थान पर रहा।
 
              कुल 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पदक तालिका में जगह बनाई, जिनमें से 20 ने कम से कम एक स्वर्ण पदक जीता, जो देशभर में प्रतिभा के व्यापक प्रसार को दर्शाता है। महाराष्ट्र 6 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा, जबकि अरुणाचल प्रदेश 6 स्वर्ण, 1 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ शीर्ष पांच में शामिल रहा।
 
*परिणाम*
 
*तीरंदाजी*
 
*महिला*
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – कोमालिका बारी (झारखंड); रजत – भार्गवी भगोरा (गुजरात); कांस्य – रुओविनुओ थेउनुओ (नागालैंड)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – नागालैंड; रजत – झारखंड; कांस्य – मध्य प्रदेश
 
*पुरुष*
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – अर्जुन खारा (ओडिशा); रजत – सोमनाथ हेम्ब्रम (ओडिशा); कांस्य – पवन परमार (मध्य प्रदेश)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – झारखंड; रजत – ओडिशा; कांस्य – मेघालय
 
*फुटबॉल*
पुरुष: स्वर्ण – पश्चिम बंगाल; रजत – छत्तीसगढ़; कांस्य – अरुणाचल प्रदेश, गोवा

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रात में मछुआरे का काम करने वाले अब्दुल फताह की छलांग ने लक्षद्वीप एथलेटिक्स के लिए एक नया अध्याय लिखा

रायपुर, 3 अप्रैल 2026: अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया।

कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
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केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।'' 
मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया।

फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।'' 
https://x.com/i/status/2039945245887275352
दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया।

तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला।
फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।

जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है।

उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,” 
लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता।

मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं।
 
उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''

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