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स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा विस्तार: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को मिला 20 बेड का आधुनिक वार्ड, मरीजों को मिलेगा राहत भरा माहौल

रायगढ़, 30 मार्च 2026/ रायगढ़ स्थित स्व.लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लिए 20 बिस्तरों वाले नए अतिरिक्त वार्ड का शुभारंभ किया गया। बता दें कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को लगातार जमीन पर उतारा जा रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में किए गए इस विस्तार से विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। नए वार्ड के शुभारंभ से रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। यह पहल न केवल अस्पताल की क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि मातृ मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने में भी सहायक साबित होगी।
           अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में पहले 60 बिस्तरों की व्यवस्था थी, लेकिन कई बार मरीजों की संख्या 90 से 100 तक पहुंच जाती थी। ऐसी स्थिति में मरीजों को समुचित सुविधा और आराम देने में कठिनाई होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से 20 बिस्तरों का नया वार्ड शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि नए वार्ड में बेहतर साफ-सफाई, आवश्यक उपकरणों और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ.टी.के. साहू ने कहा कि नए वार्ड के शुरू होने से अब मरीजों को अधिक सुव्यवस्थित और आरामदायक वातावरण में उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर डॉ. सविता अहिरवाल, डॉ. राघवेन्द्र महिलांगे, डॉ. नरेश पटेल सहित विभाग के सभी चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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रेप केस में जमानत पर बाहर आया आरोपी फिर बना दबंग—पीड़िता को केस वापस लेने और जान से मारने की धमकी, साथी के साथ मिलकर रची साजिश; रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, दोनों आरोपी फरार, जमानत निरस्ती की तैयारी

रायगढ़, 30 मार्च 2026*। स्थानीय युवती द्वारा महिला थाना में आवेदन देकर दुष्कर्म के आरोपी बादल सिंह राजपूत और उसके साथी अनमोल अग्रवाल पर केस वापस लेने और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर महिला थाना में दोनों आरोपियों के विरुद्ध *अपराध क्रमांक 24/2026 धारा 351(3), 232(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता* के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है।

   पीड़िता ने बताया कि उसने पूर्व में 03 फरवरी 2026 को महिला थाना में आरोपी बादल सिंह राजपूत के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 तक बादल सिंह राजपूत ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया तथा उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया। शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 07/2026 धारा 69, 115(3), 351(2) एवं 308(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वर्तमान में आरोपी जमानत पर बाहर है।

   पीड़िता के अनुसार *18 मार्च 2026 को* उसे यह कहकर बुलाया गया कि कोर्ट में उसका बयान होना है। जब वह कोर्ट पहुंची, तब कोर्ट परिसर के बाहर अनमोल अग्रवाल, बादल के पिता और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। वहां अनमोल अग्रवाल ने उससे कहा कि बादल की जमानत हो गई है, इसलिए केस वापस ले लो और पैसे ले लो, नहीं तो तुम केस हार जाओगी। पीड़िता का आरोप है कि उसी दौरान अनमोल अग्रवाल ने उसे धमकी दी कि यदि उसने केस वापस नहीं लिया तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा।

   पीड़िता ने आगे बताया कि *19 मार्च 2026 को* दोपहर में वह घर के पास मंदिर दर्शन करने गई थी। वहां मंदिर परिसर में बादल सिंह राजपूत और उसके 2-3 परिचित लोग मौजूद थे। उसे देखते ही बादल सिंह राजपूत ने कथित रूप से कहा कि वह जमानत पर बाहर आ चुका है, वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और यदि उसने केस वापस नहीं लिया तो उसे जान से मरवा देगा। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसी शाम आरोपी ने मोबाइल पर कॉल भी किया, लेकिन डर की वजह से उसने फोन नहीं उठाया।

   पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि बादल सिंह राजपूत और अनमोल अग्रवाल लगातार उसे डरा-धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस रिकार्ड अनुसार आरोपी बादल सिंह राजपूत थाना कोतवाली की गुंडा-बदमाश सूची में शामिल है।

   महिला थाना पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश की जा रही है। दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। साथ ही आरोपी बादल सिंह राजपूत की जमानत निरस्त कराने के लिए माननीय न्यायालय को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर लगाकर लगातार दबिश दी जा रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

           *“किसी भी केस के पीड़ित, गवहों को डराने, धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले आरोपियों को वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। इस मामले में पीड़िता को धमकी देने वाले गुण्डा बदमाश बादल सिंह और उसके साथ अनमोल अग्रवाल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।”*

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मोबाइल दुकान चोरी से बैंक लूट की साजिश तक का खुलासा — रायगढ़ पुलिस का सर्जिकल एक्शन, 6 सदस्यीय शातिर गैंग गिरफ्तार, 26 लाख से ज्यादा की बरामदगी, CCTV उखाड़कर सबूत मिटाने की कोशिश भी नाकाम

  30 मार्च, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोबाइल दुकान चोरी और दो बैंकों में लूट के असफल प्रयास में शामिल *5 आरोपी युवक एवं 1 विधि से संघर्षरत बालक* सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो चारपहिया वाहन, 60 मोबाइल फोन सहित लगभग 26.47 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की गई है।

         पूरे मामले में खुलासा तब हुआ जब फरवरी माह में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच 15-16 मार्च को धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक और 16-17 मार्च की रात जूटमिल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी/लूट के प्रयास की घटनाएं सामने आईं। लगातार मिल रहे इन घटनाओं के पैटर्न को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी द्वारा जिलेभर में अलर्ट जारी किया गया और विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

 *एसएसपी के मार्गदर्शन पर घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों को दबोचा*- 

        एसएसपी श्री शशि मोहन के दिशा निर्देशन पर इन घटनाओं में मिले पैटर्न पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा हमराह प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल के साथ आरोपियों को पकड़ने का चैलेंज लेकर जांच की जा रही थी । टीआई घरघोड़ा ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर माल मुल्जिम की पतासाजी को आगे बढ़ाया गया, साथ ही अपने विश्वसनीय मुखबीरों को फुटेज के संदेहियों के फोटो दिखाकर सूचना देने कहा गया । सीसीटीवी फुटेज और मुखबीर सूचना पर काम करते हुए घरघोड़ा पुलिस को लीड मिली । पुलिस ने संदेही मोह. अरसलान निवासी पत्थलगांव को मोबाइल दुकान की चोरी में शामिल होना पुख्ता करते हुए रेड कर दबोचा जिससे पूछताछ करने पर उसने अपने साथियों के साथ कुडूमकेला मोबाइल शॉप में चोरी के अलावा धरमजयगढ़ ग्रामीण बैंक और जूटमिल रायगढ़ के पंजाब नेशनल बेंक में लूट/चोरी का असफल प्रयास करना स्वीकार किया जिसके बाद पुलिस टीम ने एक के बाद एक इस गिरोह के और 5 आरोपियों को अलग अलग इलाके से पकडा है । पकड़े गये 6 आरोपियों में एक विधि के साथ संघर्षरत बालक है । इस गिरोह का मुख्य सरगना आरोपित मोह. अरसलान निवासी पत्थलगांव है जिसने अपने हमउम्र लड़कों का गिरोह तैयार कर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था ।

*आरोपियों के अपराध का तरीका*- 

         घरघोड़ा पुलिस टीम ने आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करने पर बताये कि ये गैंग योजना अनुसार रायगढ़ जिला में रोड किनारे स्थित दुकानों एवं बैंको में चोरी करनी है। इनका लीडर मोह. अरसलान था, योजना अनुसार सभी लोग घरघोड़ा, धरमजयगढ़, रायगढ़ क्षेत्र में रैकी करना चालू किये। घरघोड़ा क्षेत्र में किसी दुकान में चोरी करने की नियत से सभी एक राय होकर मारूती सियाज कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212 से निकले । दिनांक 15 एवं 16.02.2026 के दरमियानी रात में लगभग 01-01.30 बजे  पांचों आरोपी (नाबालिग को छोड़कर) घरघोड़ा-धरमजयगढ़ रोड में स्थित ग्राम कुडुमकेला में रोड किनारे स्थित प्रार्थी के मोबाईल दुकान का सटर के ताला तोडकर मोबाईल दुकान में रखा विभिन्न कंपनियों का नया पुराना मोबाईल, ब्लुतुथ स्पीकर, ब्लुतुथ हेडफोन, नगदी रकम लगभग 3000रू. को दुकान से चोरी कर लिये जिसे कार में डाल कर घरघोड़ा-लैलूंगा रोड में ग्राम मुस्कुरा के पास जंगल में छिपा कर रखे। इन मोबाईल को बिक्री करने का योजना थी। इसके बाद भी मोह. अरसलान, अलतमस, जॉनसन, और अपचारी बालक निवासी पत्थलगांव का एक राय होकर बैंको में चोरी करने का योजना बनाये, योजनानुसार कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212 से दिनांक 15.03.2026 को रात्रि में खम्हार धरमजयगढ़ के ग्रामीण बैंक में चोरी करने का प्रयास किये थे किंतु सफल नहीं हुए थे, ग्रामीण बैंक के सी.सी.टी.व्ही. कैमरा सिस्टम को साक्ष्य छिपाने के लिए निकाल कर ले गये। और उसके बाद मोह. अरसलान, करण महंत, जॉनसन और अपचारी बालक द्वारा महिन्द्रा एक्सयुव्ही-500 कार क्र. सीजी-04-के.जेड.-5674 से दिनांक 16.03.2026 के रात्रि में पटेलपाली के पंजाब नेषनल बैंक में चोरी करने का प्रयास किये किंतु पुलिस के आने पर वोल्ट को नहीं तोड पाये थे, बैंक के सी.सी.टी.व्ही. कैमरा सिस्टम को साक्ष्य छिपाने के लिए निकाल कर ले गये। 

थाना धरमजयगढ़ और थाना जूटमिल में भी गिरोह के सदस्यों पर दर्ज अपराध

          ग्रामीण बैंक धरमजयगढ़ में नकबजनी के प्रयास पर थाना धरमजयगढ़ के अपराध क्रमांक 63/2026 धारा 331(4),305(ए)  बी.एन.एस. और पंजाब नेशनल बैंक में नकबजनी के प्रयास पर थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपियों पर 86/2026 धारा 331(4),305(ए)  बी.एन.एस. कायम किया गया है ।
 
  घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी मोह. अरसलान से घटना में प्रयुक्त मारूती सियाज कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212, महिन्द्रा एक्सयुव्ही-500 कार क्र. सीजी-04-के.जेड.-5674, अन्य चार आरोपियों से कुल 60 नग नये/पुराने मोबाईल व 01 एयरबट्स कीमती 347100रू. जुमला बरामदगी कीमत 26,47,100 बरामद कर जप्त किया गया। आरोपीगण द्वारा एक राय होकर आपराधिक षडयंत्र कर योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर अपराध घटित करना पाये जाने से प्रकरण में धारा 112(2),61(2),3(5) बी.एन.एस. जोडी गई। आरोपियों को आज घरघोड़ा न्यायालय में गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा गया है । थाना घरमजयगढ़ एवं थाना जूटमिल पुलिस द्वारा पृथक से आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जावेगी ।

  एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर पूरे ऑपरेशन में आरोपियों की गिरफ्तारी पर तीन थानों के 3 अपराध का खुलासा हुआ जिसमें थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक और आरक्षक हरीश पटेल थाना घरघोड़ा और स्थानीय नागरिक कालिया गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही तथा थाना साइबर का विशेष सहयोग रहा ।

*गिरफ्तार आरोपियों का नाम/पता* 
 
(1) मोह. अरसलान पिता मोह. जब्बीर खान उम्र 19 वर्ष निवासी सारथी नगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(2) करण महंत पिता कुमार दास महंत उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बांसाझार थाना छाल जिला रायगढ़ (छ.ग.)
(3) अलतमस खान पिता मोह. आफताब खान उम्र 19 वर्ष निवासी बिलाईटांगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(4) जॉनसन बेक पिता बुधियार बेक उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) 
(5) कवलेश यादव पिता पलकधारी यादव उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बरिमा मेनपाट थाना कमलेष्वरपुर जिला सरगुजा (छ.ग.)  

*बरामद संपत्ति*-

          घटना में प्रयुक्त मारूती सियाज कार क्र. सीजी-17-के.एन.-2212 और महिन्द्रा XUV-500 कार क्र. सीजी-04-के.जेड.-5674, अन्य चार आरोपियों से कुल 60 नग नये/पुराने मोबाईल व 01 एयरबट्स कीमती 347100 रूपये 

*जुमला बरामदगी कीमत 26 लाख 47 हजार रूपये*

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —
    
          *“घरघोडा पुलिस की टीम ने प्रोफेशनल तरीके से इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और बैंकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, इस प्रकार के संगठित अपराधों पर लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”*

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35 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद गरिमामयी विदाई: बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखनलाल पाण्डेय को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में भावभीना सम्मान

रायपुर  30.03.2026 आज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर में श्री माखन लाल पाण्डेय, संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) के सेवानिवृत्ति के अवसर पर एक गरिमामय एवं आत्मीय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, के गरिमामयी सानिध्य में संपन्न हुआ। जिसमें संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखन लाल पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती कंचन पाटिल एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने श्री पाण्डेय के कुशल कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

 अनुकरणीय सेवा सफरः-
श्री माखन लाल पाण्डेय का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा है
अपनी सेवाकाल फरवरी 1995 जिला रायपुर से प्रारंभ कर विभिन्न  जिलों दुर्ग, महासमुंद, धमतरी, जांजगीर चांपा में सेवा देते हुए फरवरी 2023 से 30 मार्च 2026 तक बिलासपुर संभाग में संयुक्त संचालक अभियोजन के पद पर पदस्थ होकर न्याय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर विवेचना और दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा में अपना अमूल्य मार्गदर्शन दिया, तथा उनके द्वारा हमेशा प्रभावी कार्य सदैव संपादित किया गया।

      इस अवसर पर आईजी श्री गर्ग ने कहा कि, एक सफल अभियोजन अधिकारी न केवल कानून का ज्ञाता होता है, बल्कि वह पीड़ित को न्याय दिलाने की महत्वपूर्ण कड़ी है। पाण्डेय जी ने अपने पूरे कार्यकाल में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुये सदा अभियोजन और पुलिस विभाग के लिये अपना विशेष योगदान दिया है। उनके आगामी सुखद भविष्य की शुभकामनाए देते आईजीपी श्री गर्ग ने आशा व्यक्त की, कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी श्री पाण्डेय अपने विशाल अनुभव और कानूनी ज्ञान के आधार पर पुलिस विभाग को आवश्यकतानुसार सहायता, मार्गदर्शन ,परामर्श और प्रशिक्षण देते रहेंगे।
 श्री पाण्डेय ने इस अवसर पर अपने प्रति दिए गए सम्मान के लिए आईजीपी श्री गर्ग का आभार व्यक्त करते हुए,अपनी इस यात्रा के अनुभव साझा किए,और जिला अभियोजन अधिकारी से संयुक्त संचालक तकनीक सफर के दौरान पुलिस और न्यायालय के साथ अपने अनुभव साझा किए।इन भावुक पलों के श्री पाण्डेय ने,पुलिस विभाग के द्वारा कोई सहायता मांगे जाने पर, सेवानिवृत्ति के बाद भी , हमेशा स्वयं को उपलब्ध रहना बताया।

     इस विदाई समारोह में पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग के साथ उप पुलिस अधीक्षक (बिलासपुर रेंज) श्री विवेक शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, निरीक्षक धनेश्वरी दुबे, उपनिरीक्षक रामकुमार पटेल, शंकर कश्यप, संग्राम सिंह,संदीप ठाकुर, रेखा जायसवाल सहित कार्यालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने श्री पाण्डेय को भावभीनी विदाई दी।इस गरिमामय कार्यक्रम का संचालन श्री संजय रावत मुख्य लिपिक ने किया।

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कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी जारी रहा रोमांच, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम महिला और पुरुष वर्ग में कड़े मुकाबले, विजेताओं को मिले पदक

रायपुर,30मार्च 2026/खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी मुकाबले का रोमांच जारी रहा। खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक दांवपेंच लगाकर जीत के लिए जोर लगाया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान किया गया।

      कड़े मुकाबले के बीच विजेता पदक प्राप्त करने वालों में आज महिला सीनियर 53 किलोग्राम में झारखंड की नेहा ओराँव ने गोल्ड, असम की प्रतिमा खाखलरी ने सिलवर, असम की मैनारी खाखलरी एवं मिज़ोरम की लालवेनहीमी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 76 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक की मनीषा जुवाव सिद्दी ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश की मुस्कान ने सिल्वर, मिजोरम की लालहमंगहिसँगी ने कांस्य पदक जीता।
 
         इसी प्रकार पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 60 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के रोहन एम दोद्दामनी  को गोल्ड, राजस्थान के दिनेश सोलंकी को सिल्वर, मेघालय के झु पा यू झु नोंगतडु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू कश्मीर के हमाम हुसैन ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार ने सिल्वर, जम्मू कश्मीर के मोहम्मद वसीम चौधरी ने कांस्य पदक जीता। ग्रीको रोमन सीनियर में 87 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के पीयूष गुज्जर को गोल्ड,जम्मू कश्मीर के रियाज़ हुसैन को सिल्वर एवं हिमाचल प्रदेश के टेकचंद ने कांस्य पदक जीता। फ्रीस्टाइल सीनियर में 65 किलोग्राम भारवर्ग में बिहार के मुलायम खरवार को गोल्ड, राजस्थान के राकेश कुमार मीना को सिल्वर एवं कर्नाटक के कैम्पानगौड़ा वी केम्प्पणवार ने कांस्य पदक जीता।

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खेल, संस्कृति और प्रकृति का संगम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाज़ी ने जीता देशभर के खिलाड़ियों का दिल

रायपुर, 30 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के रंग में इस समय पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य भी देशभर से आए खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों के लिए सिरपुर और बारनवापारा के भ्रमण ने उनकी छत्तीसगढ़ की यात्रा को और यादगार बना दिया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आज खिलाड़ियों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक धरोहरों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया और उन्होंने इसकी समृद्ध संस्कृति की सराहना की।

बारनवापारा अभयारण्य के भ्रमण और प्रकृति की सुरम्य वादियों ने सभी खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घने जंगल, शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर इस क्षेत्र में खिलाड़ियों ने सुकून के पल बिताए। बारनवापारा स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के हरेली इको रिसोर्ट में उन्होंने स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया। 

अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों की इस रोमांचक यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा बाँबू राफ्टिंग, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांच का अनुभव किया। यह गतिविधि उनके लिए न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी और मजबूत करने वाली साबित हुई। 

छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों ने राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगा।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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संघर्ष, साहस और संकल्प की मिसाल: झारखंड के बेटे अंजित मुंडा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में लहराया परचम, 67 किलो कुश्ती में जीता स्वर्ण, गरीबी और चुनौतियों को दी मात

रायपुर, 30 मार्च 2026/ कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने इस बात को सच कर दिखाया है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

*संघर्ष से सफलता तक का सफर*
मात्र 20 वर्ष की आयु में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। वर्ष 2009 में पिता के साये के उठ जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बारी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला। अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक कड़ा अभ्यास किया। उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा।

*भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएं*
अंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया। पिछले वर्ष ही उनका चयन 'अग्निवीर जीडी' के पद पर हुआ है। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपने कोच को देते हैं।

*जनजातीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच*
अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अंजित मुंडा ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हम जैसे जनजातीय बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं। पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। अब मेरा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।"

*उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद*
पूर्व में कांस्य पदक जीतने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रहे अंजित को अब स्वर्ण पदक जीतने के बाद केंद्र सरकार से सहयोग और स्कॉलरशिप मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। अम्बिकापुर में चल रहे खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजित की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

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ममता और मेहनत के बीच संघर्ष… चार साल की बेटी को छोड़ पल्लवी ने रचा इतिहास, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में जीता रजत

रायपुर, 30 मार्च 2026/ जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।

            असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।

          पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।
यह फैसला आसान नहीं था।

        बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।

           इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया।

         रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”

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सेमीफाइनल में गरजी मिजोरम-उड़ीसा की टीम, महिला हॉकी फाइनल में होगा महामुकाबला — खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में रोमांच चरम पर

रायपुर, 30 मार्च 2026/ 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए।
पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।

          दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।
इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

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एशियाई खेलों पर नजर, ओलंपिक का सपना — कोमालिका बारी का ‘ट्राइबल गेम्स’ में धमाका करने का बड़ा ऐलान

रायपुर, 30 मार्च 2025/  साल 2021 में जब कोमालिका बारी ने अपनी राज्य की साथी दीपिका कुमारी की बराबरी करते हुए विश्व कैडेट और विश्व जूनियर दोनों खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया, तब जमशेदपुर की इस खिलाड़ी से काफी सारी उम्मीदें जुड़ गई थीं।

          हालांकि, जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर सर्किट में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। कोमालिका एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।

           अब 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन की दौड़ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे में कोमालिका ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पुणे में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में वह अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।

         कोमालिका ने साई मीडिया को कहा कि, “मैं फिलहाल टॉप-16 में हूं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हूं। एशियाई खेलों के चयन को लेकर मैं गंभीरता से तैयारी कर रही हूं। साथ ही, मैं ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करना चाहती हूं, जबकि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बनाए रख रही हूं।” 

           झारखंड की यह प्रतिभाशाली तीरंदाज यहां जारी पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रमुख आकर्षण हैं। कोमालिका ने आगे कहा कि, “मेरा अंतिम लक्ष्य (2028) ओलंपिक है। इस समय मेरा प्रशिक्षण काफी अच्छा चल रहा है और मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मानसिक रूप से मजबूत रहने पर है, क्योंकि प्रदर्शन में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।” वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि उतार- चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर आगे बढ़ा जा सकता है।”  उन्होंने यह भी बताया कि मैच अनुभव हासिल करने के अलावा वह अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इस खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।

              कोमालिका ने 12 साल की उम्र में पहली बार धनुष-बाण उठाया। उन्हें उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का पूरा समर्थन मिला। उनकी मां ही उन्हें बिरसानगर में स्थानीय तीरंदाजी कोच के पास लेकर गईं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई। साल 2012 में कोमालिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का सामना करना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अभ्यास के लिए धनुष खरीद सकें, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बांस से बने अस्थायी धनुष का सहारा लिया।

          प्रशिक्षण शुरू करने के चार साल बाद कोमालिका ने जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धर्मेंद्र तिवारी तथा पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। लेकिन देश की इस प्रतिष्ठित अकादमी तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपने बिरसानगर स्थित घर से रोजाना 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर वहां पहुंचना पड़ता था।
वह कहती हैं, “जब मैंने तीरंदाजी शुरू की थी, तब मेरे कई सीनियर खिलाड़ी थे जिन्हें मैं रोल मॉडल मानती थी। हमें उन्हें आमतौर पर सिर्फ प्रतियोगिताओं के दौरान देखने का मौका मिलता था और इससे हमें काफी प्रेरणा मिलती थी।”
उन्होंने आगे कहा कि , “यही एक बड़ा कारण है कि मैं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा ले रही हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे खेलते हुए देखें और आगे आकर भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अभी भी कई लोग भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बहुत अच्छा मंच है, जो प्रेरणा और अवसर दोनों प्रदान करता है।” 

           24 वर्षीय कोमालिका रायपुर में जारी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में व्यक्तिगत रजत पदक जीत चुकी कोमालिका इस मंच के महत्व को भली-भांति समझती हैं और मानती हैं कि ट्राइबल गेम्स जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के विकास को नई गति दे सकते हैं। वे कहती हैं कि, “ट्राइबल गेम्स पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता रखते हैं, खासकर जनजातीय खिलाड़ियों के लिए। खेलो इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम और इन खेलों का आयोजन बेहद प्रभावशाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं एक ही खेल पर केंद्रित होती हैं, लेकिन यहां कई खेल एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ठीक राष्ट्रीय खेलों की तरह।”

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आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 405 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार,दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और परामर्श पर जोर

रायगढ़, 29 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. सी.एस. गौराहा के मार्गदर्शन में विकासखंड पुसौर के दूरस्थ ग्रामों में आयुर्वेद चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. अजय नायक के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें उचित परामर्श और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। इन शिविरों में कुल 405 रोगियों का उपचार किया गया।
            शिविर में डॉ. जागृति पटेल द्वारा जोड़ों के दर्द, अस्थि-संधि विकार, वृद्धजन स्वास्थ्य समस्याएं, जीवनशैली जनित रोग, आहार-विहार, योगासन, स्वच्छता एवं नशामुक्ति जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, आवश्यकतानुसार पंपलेट वितरित कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
             मार्च माह के दौरान कठली, टपरदा, सिंगपुरी, चंघोरी, परसापाली, बराडोली, कोलता पारा, स्कूल पारा एवं बुनगा जैसे गांवों में शिविर लगाए गए। बुनगा में विशेष रूप से जीवनशैली में सुधार, औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग, घरेलू उपचार, शालेय स्वास्थ्य परीक्षण, बीपी एवं शुगर जांच, सियान जतन तथा दैनिक योगाभ्यास जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविरों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल में बुनगा सरपंच बेदप्रकाश साव का सराहनीय सहयोग रहा। साथ ही फार्मासिस्ट भोज मालाकार, श्रीमती वर्षा ठेठवार, राजेश साव एवं योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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तेज आवाज और स्टंटबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन— मॉडिफाई साइलेंसर लगाने वाले युवकों पर शिकंजा, अभिभावकों को बुलाकर दी कड़ी चेतावनी; बुलडोजर से साइलेंसर खत्म कर दिया सख्त संदेश”

रायगढ़, 29 मार्च  । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ सभी थानों की टीमें प्रतिदिन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसे वाहनों की जांच कर रही हैं। इसी कड़ी में कल डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न चेक प्वाइंट पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।

          जांच के दौरान शहर के विभिन्न चौंक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस ने 11 ऐसे वाहनों को पकड़ा, जिनमें तेज आवाज वाले मॉडिफाई साइलेंसर लगे हुए थे। सभी वाहनों को कार्रवाई के लिए ट्रैफिक थाना लाया गया । आज सुबह संबंधित वाहन चालकों और उनके अभिभावकों को पुलिस कार्यालय बुलाया गया, जहां एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। थाने में इन वाहनों में लगे मॉडिफाई साइलेंसर निकलवाकर चालानी कार्रवाई की गई ।

          उल्लेखनीय है कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर हाल ही में थाना यातायात और थानों द्वारा करीब 50 साइलेंसर जब्त किए गए हैं, जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा आज ट्रैफिक थाना के पीछे पुलिस कालोनी में बुलडोजर चलवाकर नष्ट किया गया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों से अपील करते हुए अपना शासकीय मोबाइल नंबर 9479193200 साझा किया और कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे वाहन चालकों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

              मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह, थाना प्रभारी ट्रैफिक नारायण सिंह मरकाम एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए आगे भी इसी प्रकार अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

     *“यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी”*

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जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना

रायपुर 29 मार्च 2026/कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के *मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान* के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।

इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।


पृष्ठभूमि

कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था। 

कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा

“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं।


सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय

महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना। 

2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)

जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)

भूजल स्तर में सुधार

CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है। 


2026 में प्रगति

20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।

कलेक्टर का वक्तव्य

जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”


कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : 86 किलोग्राम भारोत्तोलन में महाराष्ट्र की साक्षी बुरकुले ने जीता स्वर्ण,छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने रजत

रायपुर, 29 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत 86 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता महिला वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। इस स्पर्धा में महाराष्ट्र की साक्षी बंडू बुरकुले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक कब्जा किया। यह प्रतिस्पर्धा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की खेल मैदान में आयोजित की जा रही है। 

 साक्षी बुरकुले ने स्नैच में 68 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 82 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 150 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल की, उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में सबसे मजबूत रहा।

 छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल की। उन्होंने कुल 121 किलोग्राम (स्नैच 55 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क 71 किलोग्राम) वजन उठाया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने 118 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में असम की लिंडा  114 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि त्रिपुरा की सुमी मोग (77 किलोग्राम) और आंध्र प्रदेश की जेसी रानी (61 किलोग्राम) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहीं।

 इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर प्रतिभागी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। दर्शकों ने प्रत्येक खिलाड़ियों की हौंसला अफजाई करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर इस पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।

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कम उम्र में अनाथ हुए मिजोरम के किशोर इसाक,मालसावमटलुआंगा ने चोट की चिंता को पीछे छोड़कर जीता केआईटीजी स्वर्ण

रायपुर, 29 मार्च: मिजोरम के युवा वेटलिफ्टर इसाक मालसावमटलुआंगा 16 साल की उम्र पूरी करने से पहले ही अपने माता-पिता दोनों को खोने के बाद लगभग खेल छोड़ने की कगार पर पहुंच गए थे। इस दोहरी त्रासदी ने इस मिजो किशोर को अंदर तक तोड़ दिया था, लेकिन उनके बचपन के कोच और चाचा-चाची के सहारे ने उनके खेल करियर को संभाल लिया। 18 वर्षीय इसाक ने कड़ा संघर्ष करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार को गर्व महसूस कराया।

        पीठ की तकलीफ से जूझते हुए भी इसाक ने क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच में दूसरे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने कुल 235 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद उनके चाचा ने उन्हें गले लगा लिया, जो इस युवा खिलाड़ी के जीवन में एक मार्गदर्शक की तरह रहे हैं।

        इसाक के पिता हेमिंग मालसावमटलुआंगा की 2018 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। परिवार के इकलौते बेटे होने के कारण उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया था कि वह खेल जारी रखें या परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए कमाई पर ध्यान दें।

         इसाक ने साई मीडिया से बातचीत में बताया,” उस समय मेरे बचपन के कोच सोमा ने मुझे बहुत प्रेरित किया और वेटलिफ्टिंग जारी रखने के लिए कहा।”

        हालांकि, 2024 में हिमाचल प्रदेश में आयोजित यूथ नेशनल चैंपियनशिप में 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद जब उनका प्रदर्शन बेहतर होने लगा, तभी एक और निजी झटका लगा। उनकी मां को कैंसर का पता चला, जिससे परिवार पर भावनात्मक और आर्थिक दबाव बढ़ गया।

        इस कठिन समय में उनके चाचा और चाची ने उनका सहारा बना। आइजोल के रामह्लुन वेंगथर इलाके में एक छोटे से रेस्तरां में काम करने वाला यह दंपति इसाक को अपने साथ ले आया और उसकी पढ़ाई और वेटलिफ्टिंग दोनों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद की।

         लेकिन उसी साल उनकी मां का निधन हो गया, जिसने इस युवा खिलाड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया। कुछ समय के लिए वह खेल, जो कभी उसे उम्मीद देता था, उसके लिए बेमानी लगने लगा और अकेलापन व दुख उस पर हावी हो गयाl उन्होंने कहा, “अपने माता-पिता दोनों को खोना मुझे अंदर से पूरी तरह तोड़ गया था। मैंने लगभग तय कर लिया था कि वेटलिफ्टिंग छोड़ दूंगा, लेकिन मेरे चाचा और कोच ने एक बार फिर मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”

            2024 से इसाक इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में प्रशिक्षण ले रहे हैं और साथ ही आइजोल से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के जरिए कक्षा 12 की पढ़ाई भी कर रहे हैं।

          धीरे-धीरे उनके प्रयास रंग लाने लगे। 2025 में मोदीनगर में आयोजित जूनियर प्रतियोगिता में उन्होंने एक और रजत पदक जीता और बाद में उसी वर्ष राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया।

            खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले उनकी तैयारियों में भी चुनौतियां कम नहीं थीं। अभ्यास के दौरान उन्हें पीठ में चोट लग गई थी, जिसके चलते उनके कोच ने उन्हें टूर्नामेंट से दूर रहने की सलाह दी थी। लेकिन इसाक ने हार नहीं मानी और रायपुर में मंच पर उतरकर अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

          वह कहते हैं, “मेरे पिता के निधन के बाद से मेरे चाचा हमेशा प्रतियोगिताओं में मेरे साथ जाते हैं। वह यहां भी मेरे साथ थे। जैसे ही मैंने पदक जीता, उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया। उस पल मुझे एहसास हुआ कि वह कितने खुश थे।” इसके बाद वह जश्न मनाने के लिए एक बार फिर अपने परिवार के पास लौट गए।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स  : महिला 86+ किग्रा वेटलिफ्टिंग में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने जीता स्वर्ण,असम की पिंकी बोरो को रजत और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके को कांस्य

 रायपुर, 29 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86$ किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस स्पर्धा में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज़ोसांगज़ुआली ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने मिजोरम को गौरवान्वित किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में किया जा रहा है। 

 असम की पिंकी बोरो ने शानदार प्रयास करते हुए कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार खेल दिखाते हुए कुल 86 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने कुल 77 किलोग्राम वजन उठाया।

 प्रतियोगिता की खास बात यह रही की सभी खिलाड़ियों ने युवा आयु में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। आयोजन स्थल पर दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और ऊर्जा दे रहा था।

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ऑपरेशन आघात” का प्रचंड असर: रायगढ़ पुलिस ने 2 महीनों में नशे के नेटवर्क पर किया ऐतिहासिक प्रहार, ₹4.5 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, 394 आरोपी सलाखों के पीछे

रायगढ़, 29 मार्च 2026 ।  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा 26 जनवरी को जिले में पदभार ग्रहण करने के साथ ही सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को नशे के विरुद्ध सख्त अभियान “ऑपरेशन आघात” चलाने के निर्देश दिए गए थे। पदभार ग्रहण के दौरान ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि उनके कार्यकाल में किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ-सट्टा जैसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में बीते दो माह (26 जनवरी से 26 मार्च) के दौरान रायगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक और सुनियोजित कार्रवाई की गई है।

          अभियान के तहत अवैध शराब के *कुल 357 प्रकरण दर्ज कर 367 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे 2845 लीटर देसी, अंग्रेजी एवं महुआ शराब जब्त* की गई। इनमें *139 प्रकरण ऐसे रहे, जिनमें 149 आरोपियों को आबकारी एक्ट की अजमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार* कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विशेष रूप से महुआ शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 2612 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के विरुद्ध भी सतत अभियान चलाकर कार्यवाही की गई। अवैध शराब पर कार्यवाही से सीमावर्ती ओडिशा राज्य से अवैध महुआ शराब की तस्करी पर अंकुश लगा है ।

       वहीं उड़ीसा मार्ग से संचालित गांजा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार करते हुए रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें पिछले दो माह में *16 प्रकरणों में 27 गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 100 किलो से अधिक गांजा जब्त* किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25 लाख 50 हजार है।

       इसी प्रकार राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध अफीम की खेती के विरुद्ध भी कड़ी निगरानी और कार्रवाई की गई। तमनार क्षेत्र के आमाघाट तथा लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव एवं मुडागांव में *कुल 4 प्रकरण दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन प्रकरणों में 2963 किलो अवैध अफीम* (पौधों सहित) जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹4 करोड़ 18 लाख है।

      समग्र रूप से “ऑपरेशन आघात” के तहत बीते दो माह में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कुल 394 आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए करीब ₹4 करोड़ 50 लाख मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। साथ ही *मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 21 दुपहिया एवं 3 चार पहिया वाहनों को भी जप्त* किया गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

      *“नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस एक अभियान छेड़ रखा है जिसके तहत अवैध शराब, गांजा व अन्य नशीले पदार्थों के विरूद्ध विशेष अभियान ऑपरेशन आघात जारी है, जनता से अपील है कि आपके इलाके में किसी प्रकार अवैध गतिविधियां जारी है तो मेरे नंबर 9479193200 पर सूचना दें, आपका नाम गोपनीय रखा जावेगा ”*

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सरगुजा में गूंजा दांव-पेंच का दम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पहलवानों की तगड़ी भिड़ंत, पहले दिन ही छाया रोमांच,30 राज्यों के 144 पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले, फाइनल की जंग तेज

रायपुर, 28 मार्च 2026/खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत आज चौथे दिन सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में कुश्ती प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत हुई। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से आए 144 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। 
प्रतियोगिता के शुरुआत के साथ ही पहले दिन खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। युवा पहलवानों ने अपनी तकनीक एवं रणनीति का जबरदस्त प्रदर्शन किया। 

प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुष फ्रीस्टाइल सीनियर में  74 किलोग्राम भार वर्ग में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन एवं महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार ने विभिन्न पड़ाव में जीत हासिल कर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह बनाई। इसी प्रकार फ्रीस्टाइल सीनियर में 125 किलोग्राम भार वर्ग में तेलंगाना के बनोथ विनोदकुमार एवं महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलकार विजेता रहे, जिनके बीच आगे फ़ाइनल मुकाबला होगा। 

ग्रीको रोमन सीनियर 67 किलोग्राम भार वर्ग में गुजरात के वसावा मुकेश भाई एवं झारखंड के अंजीतकर मुंडा तथा 97 किलोग्राम भार वर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार एवं जम्मू-कश्मीर के शमा हुन के बीच आगे फ़ाइनल मुकाबले होंगे। 

आज विभिन्न राउंड्स में विजेता रहीं महिला सीनियर 50 किलोग्राम भार वर्ग में झारखण्ड की पूनम ओरांव एवं तेलंगाना की के. गीता के बीच फाइनल मुकाबले होंगे। महिला सीनियर 62 किलोग्राम भार वर्ग में असम की देबी दैमारी एवं हिमाचल की प्रियंका चौधरी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।

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