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सोमनाथ-काशी विश्वनाथ की तर्ज पर होगा विकास, एआई हेल्थ कियोस्क से लेकर रिवर फ्रंट और मेरीन ड्राइव जैसी सुविधाओं से सजेगा रुद्रेश्वर धाम

रायपुर, 23 मई 2026/ धमतरी शहर से लगे रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल भर नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरेगा। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित रुद्रेश्वर धाम कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से मंदिर परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से तीन चरणों में विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

विशेष बात यह है कि पूरे विकास कार्य में मंदिर की मूल संरचना और उसकी आध्यात्मिक गरिमा को अक्षुण्ण रखा जाएगा। बिना किसी बड़े विध्वंस या संरचनात्मक क्षति के मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली के समन्वय से नया स्वरूप दिया जाएगा। प्रस्तावित डिजाइन में शिखर, त्रिशूल, ओम् प्रतीक, तोरण द्वार, अलंकृत स्तंभ, नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ और जाली कार्य जैसे पारंपरिक तत्व शामिल किए गए हैं। प्राकृतिक सैंडस्टोन क्लैडिंग और पत्थर आधारित फिनिश मंदिर परिसर को भव्य, आकर्षक और कालातीत स्वरूप प्रदान करेंगे।

परियोजना का उद्देश्य केवल मंदिर सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। इसके तहत चौड़े पैदल मार्ग, सुव्यवस्थित प्रवेश और निकास द्वार, परिक्रमा पथ, घाट, मंडप और सार्वजनिक उपयोग के क्षेत्रों का सुनियोजित विकास किया जाएगा। परिसर में डिजिटल सूचना स्क्रीन, प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह दुकानें, फूड कोर्ट, विश्राम क्षेत्र, शिशु आहार कक्ष, भुगतान आधारित स्वच्छ शौचालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। आधुनिक तकनीक के उपयोग के तहत एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे। वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प आधारित बाधारहित आवागमन व्यवस्था परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

घाट क्षेत्र को भी विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। यहां रेलिंग युक्त विसर्जन कुंड, सुरक्षित सीढ़ियां और श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि धार्मिक गतिविधियां सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकें। इसके अलावा गार्डन, सांस्कृतिक मंडप, खुला मंच, रिवर फ्रंट कॉटेज और भविष्य में विकसित होने वाली मेरीन ड्राइव जैसी अवधारणाएं इस परियोजना को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक और पारिवारिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनाएंगी।

पूरे लेआउट को वास्तु सिद्धांतों, प्राकृतिक वेंटिलेशन, खुले प्रांगण और श्रद्धालुओं की क्रमिक आध्यात्मिक यात्रा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। डिजाइन में सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और जगन्नाथ मंदिर की स्थापत्य अवधारणाओं से प्रेरणा ली गई है।

पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके तहत सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग शेड, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक प्रकाश और वायु संचार आधारित डिजाइन, हरित क्षेत्र विकास तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। स्थानीय और टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग से पर्यावरणीय प्रभाव कम करने के साथ स्थानीय कारीगरों और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के अनुसार यह परियोजना केवल अधोसंरचना निर्माण नहीं, बल्कि धमतरी की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान देने वाला प्रयास है। आने वाले समय में रुद्रेश्वर धाम प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।

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बदलते बस्तर की नई तस्वीर: जिन जंगलों में कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब बाइक पर पहुंच रहा प्रशासन, कलेक्टर-सीईओ ने नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्कूल, अस्पताल, सड़क और पानी की सौगात देकर जगाया विकास का भरोसा

रायपुर, 23 मई 2026/ बस्तर के सुदूर वनांचलों से डर और उपेक्षा का अंधेरा अब छंटने लगा है, और इसकी गवाह बनी सुकमा की वो तस्वीरें जहां जिले के मुखिया खुद दुर्गम रास्तों की परवाह किए बिना जनता के द्वार पहुंचे रहे हैं। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर ने कोंटा विकासखंड के धुर नक्सल प्रभावित रहे और पहुंचविहीन गांवों भेज्जी, मैलापुर, दंतेशपुरम, बुर्कलंका, गछनपल्ली, बोदराजपदर और डब्बाकोंटा का ऐतिहासिक दौरा किया। सालों से मुख्यधारा से कटे इन गांवों के उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्तों पर जब अधिकारियों का काफिला मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकला, तो यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीणों के मन में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास जगाने का सफर बन गया। आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

*चौपाल पर संवाद और श्सुशासन परिसरश् की सराहना*

अधिकारियों ने बुर्कलंका में बन रहे श्सुशासन परिसरश् का बारीकी से निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने दुर्गम घने जंगलों के बीच बसे इस गांव में बने परिसर की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस बहुद्देशीय परिसर में एक ही बाउंड्रीवाल के भीतर स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, पीडीएस सेंटर और सामुदायिक भवन को समेटा गया है, जो ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सारी मूलभूत सुविधाएं देने का बेहतरीन मॉडल है। सुशासन शिविर के दौरान मैलासुर पंचायत में अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर सरपंच, पटेल, मुखिया और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा करने का संकल्प दोहराया।

*स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगातें*

प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीणों की सेहत और बच्चों की शिक्षा पर रहा। कलेक्टर ने संवेदनशील पहल करते हुए भेज्जी पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, जबकि मैलासुर में इसके लिए तत्काल जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए। गछनपाल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों के रहने के लिए स्टाफ क्वार्टर को मंजूरी दी गई, ताकि चौबीसों घंटे इलाज की सुविधा मिल सके। शिक्षा की लौ को मजबूत करने के लिए दंतेषपुरम में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन को बारिश के मौसम से पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश शिक्षा विभाग को दिया गया, साथ ही अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया गया।

*पेयजल, आजीविका और कृषि को मिला नया जीवन*

गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता लाने के लिए कलेक्टर ने आजीविका के नए द्वार खोले। मैलासुर और दंतेषपुरम के ग्रामीणों की मांग पर मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों का चिन्हाँकन किया गया और ग्रामीणों को मछली बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए दंतेषपुरम में एक नए डैम और तालाब निर्माण की बड़ी स्वीकृति दी गई, साथ ही क्रेड़ा विभाग को पानी टंकी बनाने के निर्देश दिए गए। मैलासुर और बोदराजपदर में पेयजल संकट को खत्म करने के लिए नए हैंडपंप और बोरिंग की तत्काल मंजूरी दी गई। पीएचई विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है, वहां बिना देरी किए तत्काल जलापूर्ति शुरू की जाए। और जहाँ काम पूरा नहीं हुआ है वहां तेजी से कार्य पूरा कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाये। 

कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों में श्सुशासन परिसरश् और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण वाकई प्रेरणादायी है। कलेक्टर ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो चुके इन अंतिम छोर के गांवों तक विकास की रफ्तार पहुंचाना है। बारिश से पहले स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और जल जीवन मिशन से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा किया जाएगा, ताकि हर ग्रामीण तक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके।

*सड़कों से जुड़ेंगे दिल और रास्ते, विकास की रफ्तार होगी तेज*

बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे पहुंचविहीन रास्तों को अब पक्की सड़कों की मजबूती मिलने जा रही है। कलेक्टर ने बोदराजपदर, मैलासुर, दंतेशपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजेएसवाई) का तत्काल प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारीयांे को दिए। आरईएस विभाग द्वारा डब्बाकोंटा में निर्माणाधीन आश्रम का भी मुआयना किया गया। मोटरसाइकिल के पहियों से शुरू हुआ प्रशासन का यह सफर सुकमा के इन दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिख गया है, जो यह साबित करता है कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर की पहचान बंदूक से नहीं, बल्कि सुशासन और समृद्धि से हो रही है।

केलक्टर के निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोंटा श्री सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ श्री सुमित ध्रुव, एडिशनल एसपी श्री मनोज तिर्की, कार्यपालन अभियंता पीएमजेएसवाई श्री रविंद्र ताती, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री रितिश टंडन, बीएमओ डॉ. दीपेश चंद्राकर सहित अन्य जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित थे।

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रायगढ़ पुलिस लाइन में हाई अलर्ट तैयारी: एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्वयं मैदान में उतरकर बलवा ड्रिल का लिया जायजा, भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने जवानों को दिया विशेष प्रशिक्षण

रायगढ़, 22 मई 2026  । जिला रायगढ़ में प्रति शुक्रवार आयोजित होने वाले जनरल परेड के दौरान आज दिनांक 22.05.2026 को रायगढ़ पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों द्वारा बलवा ड्रिल का अभ्यास किया गया। ड्रिल के माध्यम से कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों में पुलिस बल की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता का जायजा लिया गया।

   सुबह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने परेड की सलामी ली तथा परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सुथरे एवं उत्कृष्ट टर्न आउट वाले पुलिसकर्मियों को एसएसपी द्वारा पुरस्कृत किया गया। ड्रिल अभ्यास के बाद पुलिस जवानों ने बलवा नियंत्रण संबंधी अभ्यास किया, जिसके लिए रक्षित निरीक्षक अमित सिंह द्वारा अलग-अलग पार्टियों का गठन किया गया था। इसमें पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट, अश्रुगैस पार्टी, फायर पार्टी, मेडिकल टीम एवं इंटेलिजेंस टीम के डेमो अधिकारी नियुक्त किए गए थे।

   बलवा ड्रिल के दौरान पुलिस की एक टुकड़ी को बलवाई की भूमिका दी गई थी। डेमो के लिए बलवाई बने पुलिसकर्मियों को कपड़े से बनी गेंदें दी गईं, जिन्हें वे पुलिस बल की ओर फेंक रहे थे। इस दौरान तनावपूर्ण स्थिति, भीड़ के उग्र होने तथा पुलिस द्वारा भीड़ नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। ड्रिल में वास्तविक अश्रुगैस का भी उपयोग किया गया।

   अभ्यास के दौरान सड़क दुर्घटना के बाद मृतक के मुआवजे की मांग को लेकर उत्पन्न कानून व्यवस्था की स्थिति का डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें भीड़ के उग्र होने पर पुलिस द्वारा संयमित कार्रवाई, भीड़ नियंत्रण एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति का अभ्यास कराया गया।

   वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह स्वयं बलवा ड्रिल में शामिल हुए और उन्होंने पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन कर ड्रिल के दौरान सामने आई कमियों को सुधारने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस बल को हर परिस्थिति में धैर्य, अनुशासन और रणनीतिक तरीके से कार्य करने की सीख दी।

   बलवा ड्रिल में सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह, थाना प्रभारी पुसौर हर्षवर्धन सिंह बैस, रोहित बंजारे सहित थाना पुसौर, जूटमिल, अजाक, महिला थाना एवं रक्षित केंद्र के पुलिसकर्मी शामिल हुए।

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धरमजयगढ़ में महिला से दुष्कर्म के मामले में रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, शिकायत दर्ज होते ही आरोपी को घर से दबोचकर भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

रायगढ़, 22 मई 2026 । धरमजयगढ़ पुलिस ने महिला से दुष्कर्म की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। पीड़िता द्वारा दिनांक 21.05.2026 को थाना धरमजयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई।

   पीड़िता (उम्र 27 वर्ष) का बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा लिया गया, जिसमें उसने बताया कि आरोपी दिनेश कौशिक निवासी ग्राम बोरो, उसके एवं उसके पति का परिचित है और पिछले लगभग एक माह से दोनों के बीच बातचीत हो रही थी। पीड़िता के अनुसार दिनांक 06.05.2026 की दोपहर आरोपी उसके घर आया था। उस समय वह घर के आंगन में नहा रही थी। आरोपी ने उसके पति के बारे में पूछा, जिस पर उसने पति के घर में नहीं होने की बात कही और अपने कमरे में चली गई। आरोप है कि आरोपी पीछे-पीछे कमरे में पहुंचा, दरवाजा बंद कर जबरदस्ती उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया तथा घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी दी।

   महिला ने लोकलाज के डर से घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। इसी बीच दिनांक 07.05.2026 को आरोपी ने पुनः महिला को डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। बाद में पीड़िता ने दिनांक 14.05.2026 को अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर थाना धरमजयगढ़ में अपराध क्रमांक 145/2026 धारा 64(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

   घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े द्वारा आरोपी दिनेश कौशिक पिता राम प्रसाद कौशिक उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम बोरो थाना धरमजयगढ़ को उसके घर पर दबिश देकर पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

   वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े, सहायक उप निरीक्षक मंजू मिश्रा एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* — 

       *“महिलाओं के विरुद्ध अपराध अत्यंत गंभीर श्रेणी के अपराध हैं। ऐसे मामलों में रायगढ़ पुलिस तत्काल एवं सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है। महिलाओं की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।”*

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घरघोड़ा में निगरानी बदमाश भुरू पठान पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा, मजदूर से लूटपाट करने वाला आरोपी रात में घेराबंदी कर गिरफ्तार

   *रायगढ़, 22 मई 2026* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में पुलिसिंग को और अधिक सख्त करते हुए निगरानी बदमाशों एवं अपराधियों पर लगातार नजर रखकर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में घरघोड़ा पुलिस ने थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान को लूटपाट के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी के संबंध में पुलिस को सूचना मिली थी कि वापस गांव आकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो रहा है।

   मामले में ग्राम कपाटबहरी थाना सीतापुर जिला अंबिकापुर निवासी अरूण कुमार एक्का पिता शिवकुमार एक्का द्वारा नवंबर 2025 में शिकायत भेजी गई थी, शिकायत एसपी कार्यालय रायगढ़ से जांच हेतु थाना घरघोड़ा भेजा गया । शिकायत के अनुसार अरूण घरघोड़ा में रहकर मजदूरी का काम करता है। दिनांक 21.10.2025 की रात लगभग 8:30 बजे ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह अपने पिकअप वाहन की ओर जा रहा था, तभी गुप्ता होटल के पास पीछे से आए मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान ने उसके साथ मारपीट की और नशा करने के लिए पैसे मांगने लगा। मना करने पर आरोपी ने उसके शर्ट की जेब से जबरन 500 रुपये छीन लिए तथा मोबाइल छीनने का प्रयास किया। छीना-झपटी के दौरान मोबाइल नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया।

       शिकायत जांच के दौरान प्रार्थी/आवेदक अरूण एक्का से संपर्क किया गया । प्रार्थी एवं गवाहों के बयान लिए गए। वहीं घटना के बाद आरोपी फरार चल रहा था। शिकायत जांच उपरांत दिनांक 21.05.2026 को आरोपी मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान के विरुद्ध अपराध क्रमांक 175/2026 धारा 296, 351(3), 115(2), 119(1), 309(4), 309(6), 308(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर लगाए गए थे। कल रात आरोपी के गांव में देखे जाने की सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया, जहां पूछताछ में उसने लूटपाट की घटना स्वीकार कर ली, आरोपी से शेष लूट रकम जप्त किया गया ।

   गिरफ्तार *आरोपी मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान पिता समीम खान उम्र 30 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 02, ब्लॉक कॉलोनी घरघोड़ा जिला रायगढ़* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *आरोपी मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान का अपराधिक इतिहास*

   आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2008 में आरोपी चोरी के मामले में चालान किया गया था तथा वर्ष 2010 में वह लूटपाट के मामले में भी गिरफ्तार होकर चालान किया गया था। घरघोड़ा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध लगातार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, लेकिन उसमें सुधार नहीं आने पर वर्ष 2015 में उसे खुली निगरानी में लाकर उसका आपराधिक रिकॉर्ड तैयार किया गया तथा कलेक्टर रायगढ़ को जिला बदर के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था, जिसके आधार पर आरोपी को जिला बदर किया गया था।

   एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में कार्रवाई में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक उद्धव पटेल, हरीश पटेल, मनोज जोल्हे, महिला आरक्षक सुप्रिया सिदार एवं संपत्ति भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*-
 
        *“निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों पर रायगढ़ पुलिस की लगातार नजर है। बदमाशों के खिलाफ शिकायत या अपराध में दोबारा संलिप्त पाए जाने वाले बदमाशों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”*

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भीषण गर्मी और तेज लू के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और उद्योगों की संयुक्त पहल, फैक्ट्रियों में ठंडा पानी, ओआरएस, शरबत, नींबू पानी और रेस्ट रूम की विशेष व्यवस्था से मिल रही बड़ी राहत

रायगढ़, 22 मई 2026/ जिले में पड़ रही भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर विभिन्न उद्योगों में श्रमिकों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जा रही हैं। उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों, ड्राइवरों, खलासियों एवं अन्य श्रमजीवी कर्मचारियों को गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए ठंडा पानी, शरबत, नींबू पानी एवं ओआरएस घोल उपलब्ध कराया जा रहा है।
             औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उपसंचालक श्री राहुल पटेल ने बताया कि प्रशासन के निर्देशानुसार जिले में स्थापित विभिन्न कारखानों एवं औद्योगिक संस्थानों में गर्मी एवं लू से बचाव हेतु व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रमिकों को कार्यस्थलों पर नियमित रूप से ओआरएस, शरबत, नींबू पानी एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे भीषण गर्मी में सुरक्षित रह सकें। उन्होंने बताया कि औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों के लिए रेस्ट रूम एवं छांव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उन्हें तीव्र गर्मी से राहत मिल सके। इसके साथ ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा प्रतिदिन उद्योगों से व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की जा रही है तथा समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
             जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों एवं आम नागरिकों के लिए लगातार राहत गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अडानी रायगढ़ में ओआरएस वितरण एवं श्रमिकों को गर्मी से बचाव संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जेपीएल तमनार द्वारा श्रमिकों एवं आमजनों के लिए नींबू पानी वितरण किया गया। वहीं एनटीपीसी लारा परियोजना में ओआरएस एवं शरबत वितरण की व्यवस्था की गई। प्रशासन द्वारा उद्योगों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के मौसम में श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा कार्यस्थलों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे श्रमिक सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकें।

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राजस्व पखवाड़ा में प्रशासन की बड़ी उपलब्धि: 2500 से अधिक प्रकरणों का निराकरण, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने लंबित मामलों के समयबद्ध समाधान के दिए सख्त निर्देश

रायगढ़, 22 मई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व पखवाड़ा शिविर, सुशासन तिहार एवं कार्यालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आमजन को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
            बैठक में बताया गया कि राजस्व पखवाड़ा के प्रथम चरण में प्राप्त 1854 आवेदनों में से 1589 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। वहीं द्वितीय चरण में प्राप्त 1283 प्रकरणों में से 917 मामलों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार दोनों चरणों को मिलाकर अब तक 2500 से अधिक प्रकरणों का निराकरण कर आमजनों को राहत पहुंचाई गई है। इसके अतिरिक्त समाधान शिविर अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त 861 आवेदनों में से 161 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण 10 जून तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
           कलेक्टर ने ऑटो डायवर्सन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि इसकी संख्या अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक लोगों को ऑटो डायवर्सन सुविधा एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दिया जाए, ताकि आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग के मामलों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार एक वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि एक माह के भीतर ऐसे प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
             बैठक में बताया गया कि पंचायत स्तर पर “पंचायत समाधान मंच” के माध्यम से सामुदायिक मध्यस्थता द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। अब तक प्राप्त प्रकरणों में से 44 मामलों का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने पंचायत समाधान मंच का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे लाभान्वित करने के निर्देश दिए। स्वामित्व योजना के प्रथम चरण अंतर्गत लंबित स्थल सत्यापन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही आरबीसी 6-4 पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बैंक अकाउंट रिकॉन्सिलिएशन अंतर्गत निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
              समीक्षा बैठक में तहसीलवार डिजिटल किसान किताब, अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, ऑटो डायवर्सन, स्वामित्व योजना, डिजिटल हस्ताक्षर, राजस्व अभिलेख अद्यतीकरण, रेवेन्यू फॉरेस्ट सर्वे, ई-कोर्ट सहित विभिन्न लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को जनसहयोग एवं गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से चौक-चौराहों पर पेयजल, प्याऊ एवं छाया जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित सभी अनुविभागों के एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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कानून व्यवस्था पर प्रशासन सख्त: बिना अनुमति रैली-जुलूस पर होगी कार्रवाई, नशा कारोबारियों पर पुलिस का शिकंजा, डायल-112 और राह-वीर योजना से मिलेगी त्वरित राहत

रायगढ़, 22 मई 2026/ जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज जिले की कानून एवं शांति व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा नियंत्रण, औद्योगिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने की। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, थाना प्रभारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
             कलेक्टर ने जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अमले को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचनी चाहिए, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जितना मजबूत सूचना तंत्र होगा, उतनी ही तेजी से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली एवं धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति अनिवार्य है, इसका कड़ाई से पालन की जाए, साथ ही बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली एवं धरना-प्रदर्शन के आयोजन कर्ताओं पर नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी प्रदर्शन निर्धारित स्थल पर ही आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन को असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
             कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं एवं दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर को गंभीर विषय बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं तथा यातायात सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोड़ातराई, ऊर्दना तिराहा, जोरापाली एवं कांशीचुवा सहित विभिन्न ब्लैक स्पॉट्स पर रंबल स्ट्रिप, संकेतक बोर्ड, स्टॉप लाइन मार्किंग, डिवाइडरों पर रेडियम संकेतक, हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइट सहित आवश्यक सुधार कार्य किए गए हैं तथा कई स्थानों पर कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही सड़कों पर धूल एवं प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले में कानून व्यवस्था एवं यातायात सुगम बनाने के लिए जिले के निजी कंपनियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश एवं दायित्वों के क्रियान्वयन की समीक्षा की और शीघ्र पूरा कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। 
               वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने जिले में गांजा, सूखा नशा तथा अवैध शराब के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध रूप से नशीले पदार्थों का विक्रय करने वालों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग को समन्वय स्थापित करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने हेतु कुरियर, ट्रांसपोर्ट एवं गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा ई-कॉमर्स माध्यम से आने वाले संदिग्ध पार्सलों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलने दिया जाएगा।
             वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं मृत्यु दर घटाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ओवरस्पीड वाहन संचालन एवं अवैध पार्किंग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार कार्य किए गए हैं तथा यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को डायल-112 सेवा का उपयोग करना चाहिए। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस व्यवस्था में पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस, मोबाइल डेटा टर्मिनल एवं स्मार्ट मोबाइल उपकरण लगाए गए हैं, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
              इस एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं नेशनल हाईवे सेवाओं को जोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले नागरिकों के लिए संचालित “राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना” की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करता है, तो उसे भारत सरकार द्वारा 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। बैठक में बताया गया कि दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी में नहीं डाला जाएगा तथा उनकी निजता एवं गरिमा का पूरा संरक्षण किया जाएगा। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मैराथन, नुक्कड़ नाटक, नारा लेखन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। स्कूल-कॉलेजों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग्स फ्री जोन विकसित करने तथा एनएसएस के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। जिले में संचालित नवजीवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के माध्यम से अब तक 266 नशा पीड़ितों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया जा चुका है। 
               जिले में 10 बिस्तर वाले रिहैबिलिटेशन सेंटर हेतु शीघ्र स्थल चयन करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में औद्योगिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं एवं दुर्घटना की स्थिति में तैयारियों की समीक्षा की गई। उद्योगों को श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रमिकों के लिए ठंडे पानी, ओआरएस, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मृत श्रमिकों के आश्रितों को मुआवजा, अनुकंपा नियुक्ति एवं पेंशन संबंधी मामलों पर भी चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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सीएम हेल्पलाइन 1076 से अब मिनटों में सुनी जाएगी जनता की आवाज, रायगढ़ में अधिकारियों को दिया गया हाईटेक प्रशिक्षण — शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए शासन ने कसी कमर

रायगढ़, 22 मई 2026/ राज्य शासन द्वारा आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निराकरण के उद्देश्य से शुरू की जा रही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी संचालन को लेकर शुक्रवार को रायगढ़ कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
             कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई बार विभिन्न कारणों से शिकायतों के निराकरण में विलंब होता है, लेकिन अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली लागू होने से समय-सीमा के भीतर शिकायतों के समाधान की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझें और निर्धारित समयावधि में शिकायतों के निराकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। 
         कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की औपचारिक शुरुआत से पहले यह प्रशिक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि जिला और विकासखंड स्तर पर पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संचालन, जवाबदेही और तकनीकी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी राकेश गोलछा, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि विकासखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
            राज्य स्तर से पहुंचे सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार आर.के. शर्मा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि नागरिक किसी भी विभाग से संबंधित शिकायतें 24 घंटे दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के संचालन के लिए कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी तय की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि आमजन टोल फ्री नंबर 1076 पर निःशुल्क कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों से भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
             प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ श्रीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख आधारों, शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध निराकरण, नागरिक फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा प्रभावी निगरानी पर आधारित होगी। प्रत्येक शिकायत के लिए 12 अंकों का एक विशिष्ट टोकन नंबर जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। अधिकारियों को शिकायत निराकरण की एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 श्रेणियों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विभागवार अधिकारियों की विभिन्न स्तरों पर मैपिंग की गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद वह संबंधित विभाग के एल-1 अधिकारी के पास पहुंचेगी और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर शिकायत स्वतः उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगी। प्रशिक्षण में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को लॉगिन प्रक्रिया, प्रोफाइल अपडेट, डैशबोर्ड संचालन, लंबित शिकायतों की समीक्षा, समाधान विकल्प चयन और प्रतिवेदन अपलोड करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि वर्तमान में देश के 14 राज्यों में एकीकृत शिकायत निवारण हेल्पलाइन संचालित है और छत्तीसगढ़ जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ करने वाला देश का 15वां राज्य बनेगा।

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रायगढ़ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा, एक दिन में 120 वाहनों पर कार्रवाई कर वसूला गया ₹1 लाख 51 हजार 700 का जुर्माना, हाईवे से लेकर शहर के चौक-चौराहों तक चला सघन चेकिंग अभियान

रायगढ़, 22 मई 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रायगढ़ यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन सघन प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 21.05.2026 को डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम द्वारा हाईवे एवं शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

   अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई गेरवानी–पूंजीपथरा मार्ग पर की गई, जहां भारी वाहनों के विरुद्ध रिकॉर्ड चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा शहर एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर ओवर स्पीड, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, नो पार्किंग, रजिस्ट्रेशन नंबर नियमों का उल्लंघन, तीन सवारी, बिना हेल्मेट तथा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पूरे अभियान में कुल 120 प्रकरण दर्ज कर वाहन चालकों से ₹1,51,700 की चालानी राशि वसूली गई।

   गौरतलब है कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा सड़क हादसों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। हाल ही में पुसौर थाना क्षेत्र में हुए दो गंभीर सड़क हादसों में आरोपित वाहन चालकों के विरुद्ध पुलिस द्वारा आपराधिक मानव वध की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। रायगढ़ पुलिस द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सड़क पर लापरवाही और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

             रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन चालकों में जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करना भी है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

           इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि — “सड़क पर लापरवाही किसी भी परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन सकती है। तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन सीधे लोगों की जिंदगी को खतरे में डालता है। यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। रायगढ़ पुलिस द्वारा नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सभी वाहन चालक सुरक्षित यातायात के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और अपनी तथा दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखें।”

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सुशासन तिहार में उमड़ा जनता का भरोसा: गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, 809 आवेदनों पर कार्रवाई — हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ, 12 पंचायतें बनीं “बाल विवाह मुक्त”, मौके पर समाधान पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे

रायगढ़, 22 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार के तहत गुरूवार को रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के समीप बायसी कॉलोनी स्थित प्राथमिक शाला प्रांगण में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 19 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और शासन की योजनाओं का लाभ लेने के साथ अपनी समस्याएं भी प्रशासन के समक्ष रखीं। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शिविर का आयोजन शाम 4 बजे से 7 बजे तक किया गया। इस शिविर में मांग से संबंधित 781 तथा शिकायत से जुड़े 28 आवेदन सहित कुल 809 आवेदन प्राप्त हुए। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित और समय-सीमा में समाधान का भरोसा प्रशासन द्वारा दिया गया। 
               शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन और पारदर्शिता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शासन का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, महतारी वंदन योजना, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय अधिकारी स्वयं गांवों तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहे हैं और तत्काल निराकरण कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें और अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखें ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
      शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देने के साथ हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा 20 हितग्राहियों को फलदार पौधे वितरित किए गए। वहीं बाल विवाह मुक्त घोषित 12 पंचायतों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित धरमजयगढ़ के माध्यम से खरीफ वर्ष 2026 के अंतर्गत किसान क्रेडिट योजना में 7 किसानों को स्वीकृत साख सीमा की राशि जारी की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 हितग्राहियों को आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2 हितग्राहियों को सेल्फ केयर किट प्रदान की गई। योजनाओं का लाभ पाकर ग्रामीणों और हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
           सुशासन तिहार के इस शिविर ने शासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी को कम करने का काम किया। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार प्रशासन इतनी गंभीरता के साथ गांवों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है। मौके पर ही समाधान मिलने से लोगों में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। पूरे कार्यक्रम में श्री शशि पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जनपद सीईओ धरमजयगढ़ श्री एम.एल.साहू, श्री एस.आर.सिदार, सुश्री पूनम मित्तल, श्री आनंद मिरी, श्री दयानंद प्रसाद सोनवानी, श्री नवीन कुमार यादव सुश्री नयना केरकेट्टा  सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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​बिजली की कड़क ने छीने थे पैर, 'सुशासन' ने दी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान ,धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल

​रायपुर,21 मई 2026/

     जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है।

*समाधान शिविर से मिला नया जीवन*

    ​ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।
     ​बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा।

*त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ*

    ​शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। ​शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। ​मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,​नया राशन कार्ड और ​महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।

*मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार*

*कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं*

     ​इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है।
​    ​पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।

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सरकार गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित-मंत्री श्री टंक राम वर्मा,धमतरी के पीपरछेड़ी समाधान शिविर में मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मौके पर किया जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण

​रायपुर,21 मई 2026/

      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। 
     शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।
      ​पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।        
    शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। 
    कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं।

*हितग्राहियों को बांटी गई खुशियां: कृषि यंत्र से लेकर ट्राईसाइकिल तक का वितरण*

       ​इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।
       इस अवसर पर उनके साथ विधायक श्री ओंकार साहू, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

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​सबसे दूर, सबसे पहले: नारायणपुर के 262 आदिवासी गाँवों में पहुँचेगा विकास ,कलेक्टर ने कमान संभाली; 18 से 25 मई तक लगेंगे विशेष संतृप्तिकरण शिविर

​रायपुर,21 मई 2026/

      छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।
       ​कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी।

*तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर*

      ​इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

*एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ*

      ​18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ​ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
​    सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।"

*जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील*

    ​कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।

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ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने आरबीआई का बड़ा अभियान, रायगढ़ में दी डिजिटल सुरक्षा और निवेश की विशेष ट्रेनिंग

रायगढ़, 21 मई 2026। भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर द्वारा वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता विषय पर क्षेत्रीय-स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का स्थानीय एक होटल में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देना तथा लोगों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कियोस्क ऑपरेटर (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट), वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, सहभागी संसाधन व्यक्ति, वित्तीय साक्षरता केंद्र के परामर्शदाता, वित्तीय साक्षरता सलाहकार तथा आरसेटी  के निदेशक शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री सतेंद्र कुमार राठौड़ के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्य और वित्तीय समावेशन की आवश्यकता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भारतीय रिज़र्व बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित वित्तीय व्यवहार, बचत, निवेश और डिजिटल लेनदेन की समझ विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वित्तीय समावेशन के प्रमुख घटकों वित्तीय सेवाओं की पहुँच एवं उपलब्धता, सेवाओं का उपयोग, सामर्थ्य, वित्तीय साक्षरता तथा उपभोक्ता संरक्षण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं का प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब आम नागरिकों को इन सेवाओं की सही जानकारी और समझ हो।
इस दौरान प्रतिभागियों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बजट के महत्व, आय और व्यय के संतुलन, बचत की आदत विकसित करने, चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ तथा विविध निवेश दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि पूंजी को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करने से वित्तीय जोखिम को कम किया जा सकता है और बेहतर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
उपभोक्ता अधिकारों और संरक्षण को लेकर भी कार्यक्रम में विशेष जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को भारतीय रिज़र्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना के बारे में बताया गया, जिसके माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की स्थिति में वे उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकें।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण विषय डिजिटल सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचाव रहा। भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को डिजिटल फ्रॉड एवं तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” जैसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि अपना ओ टी पी, अपी आई पिन, बैंक पासवर्ड अथवा किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यहां बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति गलती से अपना ओटीपी साझा कर देता है या उसके खाते में कोई अनधिकृत लेनदेन दिखाई देता है, तो तत्काल संबंधित बैंक को सूचित करें तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी श्री नवीन तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध कराई और वित्तीय साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक महाप्रबंधक श्री सतेंद्र कुमार राठौड़ द्वारा वित्तीय समावेशन और वित्तीय साक्षरता विषय पर क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
 अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री कमल किशोर सिंह ने आयोजन के अंत में  रायगढ़ जिले में इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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रायगढ़ में विकास कार्यों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन: मरीन ड्राइव पुल 15 जून तक पूरा करने का अल्टीमेटम, नालंदा परिसर के ठेकेदार को अंतिम चेतावनी, मिनी स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल निर्माण में तेजी लाने के सख्त निर्देश

रायगढ़, 21 मई 2026/ नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को गंभीरता पूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। 
            कलेक्टर ने प्रगति नगर स्थित मरीन ड्राइव क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित एजेंसी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में 15 जून तक पुल निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि वर्तमान में बनाए गए डायवर्सन पुल को हटाकर यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू किया जा सके। उन्होंने कहा कि डायवर्सन के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए कार्य में तेजी लाए। निरीक्षण के दौरान निर्माण गुणवत्ता, सामग्री उपयोग और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई।
               कलेक्टर ने नालंदा परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित ठेकेदार को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि हर हाल में 30 जून तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात मिनी स्टेडियम पहुंचकर सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सिंथेटिक ट्रैक का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही स्विमिंग पूल के निर्माण कार्य को आगामी तीन माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के तैयार होने से खिलाड़ियों और युवाओं को आधुनिक खेल संसाधन उपलब्ध होंगे तथा शहर में खेल गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता बनाए रखने प्रशासन सख्त, कंज्यूमर पंप संचालकों को जारी हुए निर्देश

रायगढ़, 21 मई 2026/ जिले में पेट्रोल-डीजल की सुचारू उपलब्धता बनाए रखने तथा आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले में संचालित कंज्यूमर पंपों के संचालकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कंज्यूमर पंप संचालकों को निर्देशित किया कि वे गत वर्ष के इसी माह की खपत के अनुरूप इस वर्ष भी अपनी आवश्यकता अनुसार डीजल का लोड स्वयं मंगाएं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल उद्देश्य के लिए रिटेल आउटलेट्स से डीजल प्राप्त न किया जाए, ताकि आम नागरिकों के लिए पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसी प्रकार की असुविधा की स्थिति निर्मित न हो।
             कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी स्थिति में रिटेल पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पेट्रोल-डीजल पंपों का औचक निरीक्षण करने तथा ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 52 कंज्यूमर पंप संचालित हैं। रिटेल आउटलेट्स में डीजल के मूल्य तथा बल्क कंज्यूमर के लिए निर्धारित मूल्य में अंतर होने के कारण कुछ कंज्यूमर पंप संचालकों द्वारा रिटेल आउटलेट्स से डीजल प्राप्त किया जा रहा था, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पेट्रोल एवं डीजल का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें तथा अनावश्यक भंडारण अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन द्वारा जिले में ईंधन की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं जिले के सभी कंज्यूमर पंप संचालक उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में खेल सुविधाओं के विस्तार की बड़ी पहल : मिनी स्टेडियम अब स्टेडियम समिति के अधीन, इंडोर गेम्स सप्ताह के सातों दिन संचालित होंगे, स्वीमिंग पूल-सिंथेटिक ट्रैक सहित खेल अधोसंरचना उन्नयन पर लिए गए अहम फैसले

रायगढ़, 21 मई 2026/ रायगढ़ स्टेडियम समिति की आम सभा की बैठक आज कलेक्टर कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं रायगढ़ स्टेडियम समिति के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी ने की। बैठक में स्टेडियम के संचालन, खेल सुविधाओं के विस्तार, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा खेल अधोसंरचना को और अधिक मजबूत बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा जीर्णोद्धार किए जा रहे मिनी स्टेडियम को रायगढ़ स्टेडियम समिति के अंतर्गत शामिल करने पर सहमति बनी। कलेक्टर ने कहा कि इससे मिनी स्टेडियम का संचालन एवं रखरखाव अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा तथा खिलाड़ियों को बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध होगा।
            बैठक में खेल प्रेमियों एवं खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ स्टेडियम एवं रायगढ़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के इंडोर गेम्स को भी सप्ताह के सातों दिन संचालित करने का निर्णय लिया गया। सदस्यों ने कहा कि अवकाश के दिनों में बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी खेल गतिविधियों में भाग लेते हैं, इसलिए सातों दिन सुविधाएं उपलब्ध रहने से खिलाड़ियों को अधिक लाभ मिलेगा। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए रायगढ़ स्टेडियम समिति के आय-व्यय का अवलोकन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। खेल गतिविधियों को नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने, खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्टेडियम परिसर के रखरखाव को बेहतर बनाने पर सदस्यों ने अपने सुझाव दिए। 
            बैठक में रायगढ़ स्टेडियम में प्रस्तावित स्वीमिंग पुल एवं सिंथेटिक ट्रैक निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। सदस्यों ने कहा कि इन आधुनिक सुविधाओं के विकसित होने से जिले के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। साथ ही रायगढ़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लॉन टेनिस कोर्ट निर्माण कार्य को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया। स्टेडियम परिसर की आवश्यक मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के संबंध में भी बैठक में चर्चा हुई। इसमें क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल निर्माण, तायक्वांडो हॉल की टाइल्स मरम्मत, बैडमिंटन हॉल की छत एवं शेड की मरम्मत, पुरुष शौचालय व्यवस्था तथा वॉलीबॉल कोर्ट हेतु फेसिंग निर्माण जैसे कार्य प्रमुख रूप से शामिल रहे। संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम श्री आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, जिला कोषालय अधिकारी, सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग सहित समिति के सदस्य एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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