ताजा खबरें


बड़ी खबर

खरसिया में इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित, एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल ने विद्यार्थियों को अनुशासन और शिक्षा का दिया संदेश

खरसिया। आलोक इंटरनेशनल स्कूल, खरसिया में आयोजित इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता में एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता में क्षेत्र के पांच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता और बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, तार्किक सोच, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने विद्यालयों में ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासित जीवन ही सफलता की मजबूत नींव है।

प्रतियोगिता के समापन पर एसडीओपी श्री पटेल ने विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आलोक इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य विश्वजीत बाबू एवं विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

और भी

72 घंटे में ब्लाइंड डबल मर्डर का खुलासा: जमीन विवाद में दंपति की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, दो सगे भाई गिरफ्तार

रायगढ़, 18 जुलाई। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले का रायगढ़ पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। वर्षों पुराने भूमि विवाद में दो सगे भाइयों ने एक दंपति की टांगी से हत्या कर दी और वारदात को हादसा दिखाने के लिए शवों के साथ घर में भी आग लगा दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 15 जुलाई की सुबह ग्राम क्रोंधा निवासी मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) के जले हुए शव उनके घर के अंदर मिले थे। सूचना मिलते ही एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त टांगी से गंध लेकर पुलिस डॉग रूबी सीधे संदेही श्याम लाल राठिया तक पहुंची। वहीं पूछताछ में मृतक और आरोपियों के परिवार के बीच लंबे समय से भूमि विवाद की जानकारी मिली। एफएसएल रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने श्याम लाल राठिया और उसके भाई जीवन लाल राठिया से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई जमीन बाद में मृतक के कब्जे में चली गई थी। इसी रंजिश के चलते 14 जुलाई की रात दोनों भाई टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही उन्होंने मंगल राठिया पर ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई की भी हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों ने शवों और घर में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपी

  • श्याम लाल राठिया (32 वर्ष)
  • जीवन लाल राठिया (48 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम क्रोंधा, थाना धरमजयगढ़।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि "अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने अपराधी बच नहीं सकते। भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में ही होना चाहिए।"

धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम और पुलिस डॉग रूबी की संयुक्त कार्रवाई से इस ब्लाइंड डबल मर्डर का सफल खुलासा होने पर पुलिस टीम की सराहना की जा रही है।

और भी

रायगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रफ्तार, जिला स्तरीय वर्कशॉप में अधिकारियों ने बनाया 100% किसान पंजीयन का रोडमैप

रायगढ़, 18 जुलाई 2026/ खरीफ सीजन में अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत प्रशिक्षण केंद्र रायगढ़ के सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कृषि विभाग, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एआईसी) तथा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के अधिकारियों ने विकासखंड स्तर के कृषि अधिकारियों और सीएससी के विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर  को योजना के प्रत्येक पहलू की विस्तृत जानकारी दी।
            प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों, किसानों के ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता, बीमा आवेदन की समय-सीमा तथा तकनीकी प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की। साथ ही बताया गया कि प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि, ओलावृष्टि एवं अन्य जोखिमों से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच का कार्य करती है। इसलिए प्रत्येक पात्र किसान का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
            कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कृषि विभाग, बीमा कंपनी और सीएससी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। अधिकारियों ने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव पहुंचकर किसानों को योजना की जानकारी दें, उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करें तथा अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करें।
            प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल बीमा योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने, ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार करने तथा प्रत्येक पात्र कृषक तक योजना की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
           कार्यशाला में सहायक संचालक कृषि श्री अजय जायसवाल, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री सौरव पटेल, जिला समन्वयक एआईसी रायगढ़ श्री संजीव कुमार साहू, सीएससी जिला प्रबंधक रायगढ़ श्री विश्वजीत पंडा, जिला समन्वयक एआईसी सारंगढ़ श्री वेद चंद्र, सहायक प्रबंधक श्री राहुल सोनी एवं श्री रवि रश्मि सिंह सहित कृषि विभाग, एआईसी और सीएससी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विकासखंड स्तर से रायगढ़ के ब्लॉक समन्वयक श्री भीखम साहू, धरमजयगढ़ के श्री खिलेश्वर पटेल, घरघोड़ा के श्री कुलदीप कुमार, पुसौर के श्री शिव शंकर निराला तथा तमनार के श्री आयुष सोनी ने भी प्रशिक्षण में भाग लेकर योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कृषि विभाग, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और कॉमन सर्विस सेंटर आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जिले के अधिकतम किसानों तक पहुंचाएंगे तथा समय-सीमा के भीतर सभी पात्र कृषकों का सुगम एवं सफल पंजीयन सुनिश्चित करेंगे।

और भी

दिव्यांग बच्चों के लिए बड़ा कदम: जरूरतों का होगा वैज्ञानिक आकलन, सहायक उपकरण और इलाज से जोड़ने की पहल तेज

रायगढ़, 18 जुलाई 2026/ समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने और दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का आयोजन प्राथमिक शाला (बालक), किरोड़ीमल नगर, विकासखंड रायगढ़ में किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता कर आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं, आवश्यकताओं एवं समस्याओं की पहचान कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं, सहायक उपकरणों, चिकित्सकीय सेवाओं एवं विशेष शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ना रहा।
           शिविर में जिला चिकित्सालय रायगढ़ से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। चिकित्सकीय दल में ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल रहे। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों की शारीरिक एवं चिकित्सकीय स्थिति का परीक्षण कर उनकी जरूरतों के अनुसार आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
            शिविर में कुल 75 दिव्यांग बच्चों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 35 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं एवं चिकित्सकीय परामर्श से लाभान्वित किया गया। साथ ही शेष बच्चों के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई, ताकि उन्हें भी समयबद्ध रूप से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, प्राचार्य संकुल किरोड़ीमल नगर, संकुल समन्वयक, स्पेशल एजुकेटर श्री दीपक रात्र सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं विभिन्न संकुलों के समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
             अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविर दिव्यांग बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान करने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण, उपचार, पुनर्वास सेवाएं एवं शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। शिविर में अभिभावकों को भी बच्चों की देखभाल, उपचार, पुनर्वास एवं शिक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।उल्लेखनीय है कि विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का अगला चरण 21 जुलाई 2026 को जतन केंद्र, रायगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में शेष पंजीकृत एवं चिन्हांकित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक सेवाओं एवं सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

और भी

प्रधानमंत्री आवास और जल जीवन मिशन के कार्यों पर जिला पंचायत सीईओ का सख्त एक्शन, रायगढ़ की दो ग्राम पंचायतों में किया औचक निरीक्षण

रायगढ़, 18 जुलाई 2026। कलेक्टर  के निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे एवं सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के. ने जनपद पंचायत रायगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी (पूर्व) एवं कुसमुरा का स्थलीय निरीक्षण कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासों, पेयजल अधोसंरचना एवं योजनाओं के संचालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान पंडरीपानी (पूर्व) ग्राम पंचायत में 198 आवास स्वीकृत पाए गए, जिनमें 186 हितग्राहियों को प्रथम किस्त तथा 160 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त जारी की जा चुकी है। समीक्षा में 14 आवास अप्रारंभ, 9 नींव स्तर, 6 प्लिंथ स्तर, 7 खिड़की स्तर, 5 दरवाजा स्तर, 29 छत स्तर तथा 3 आवास छत ढलाई के चरण में पाए गए, जबकि 113 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जिला पंचायत सीईओ ने अप्रारंभ आवासों में तत्काल निर्माण प्रारंभ कराने तथा विभिन्न चरणों में लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत कुसमुरा में 169 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें 168 हितग्राहियों को प्रथम तथा 164 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है। पंचायत में केवल 3 आवास अप्रारंभ हैं तथा अधिकांश निर्माणाधीन आवास अंतिम चरण में हैं। यहां 156 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष आवासों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण कराते हुए हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी (पूर्व) में अधिकारियों ने ओवरहेड टैंक (ओएचटी), पाइपलाइन नेटवर्क एवं फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) का निरीक्षण किया। योजना के अंतर्गत 255 एफएचटीसी, लगभग 4,636 मीटर पाइपलाइन तथा 50 किलोलीटर क्षमता का 12 मीटर ऊंचा ओवरहेड टैंक स्थापित किया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने घर-घर नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा योजना के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण के निर्देश दिए।
इसके बाद ग्राम पंचायत कुसमुरा में रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजना एवं ग्राम पंचायत को हस्तांतरित (हैंडेड ओवर) योजना का निरीक्षण किया गया। यहां 414 एफएचटीसी, लगभग 550 मीटर पाइपलाइन विस्तार तथा 85 किलोलीटर क्षमता का 12 मीटर ऊंचा ओवरहेड टैंक स्थापित किया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत द्वारा योजना का संचालन एवं संधारण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। इस पर जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत के प्रयासों की सराहना करते हुए योजना के नियमित रखरखाव एवं सतत संचालन पर विशेष बल दिया।
श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित मैदानी निरीक्षण, सतत मॉनिटरिंग एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करते हुए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल,संबंधित जनपद पंचायत सीईओ, मुख्य कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्रीमती प्रतिभा नवरत्न एवं संबंधित विभागों के अधिकारी, तकनीकी अमला तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

और भी

सीएचसी लैलूंगा, पुसौर, घरघोड़ा और चपले को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन ,पुसौर ने प्रदेश में 97 प्रतिशत अंक के साथ हासिल किया पहला स्थान

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ रायगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लैलूंगा, पुसौर, घरघोड़ा और चपले को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं, सुरक्षित प्रसव, आधुनिक जांच सुविधाओं, संक्रमण नियंत्रण तथा बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन का परिणाम है। विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर ने 97 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। यह सफलता रायगढ़ में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।
          स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित इन स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के अनुरूप सेवाएं प्रदान करने के लिए यह प्रमाणन दिया गया है। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। एनक्यूएएस मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों को मरीजों की देखभाल, दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, प्रयोगशाला सेवाएं, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा मरीजों की संतुष्टि जैसे अनेक मानकों पर परखा गया। लैलूंगा, पुसौर, घरघोड़ा और चपले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित की। इन स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित प्रसव सेवाओं, नवजात शिशु देखभाल, आधुनिक जांच सुविधाओं तथा संक्रमण नियंत्रण के लिए अपनाई गई व्यवस्थाओं को विशेष सराहना मिली। अस्पतालों में स्वच्छता, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और मरीजों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को भी मूल्यांकन के दौरान बेहतर पाया गया।

*मरीजों को मिलेगा बेहतर और आधुनिक उपचार का लाभ*

एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त होने के बाद इन स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा। इस राशि का उपयोग अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में किया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

*पुसौर बना प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र*

जिले के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर ने एनक्यूएएस मूल्यांकन में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि रायगढ़ जिले के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण को दर्शाती है। इस सफलता के पीछे डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, पैरामेडिकल कर्मचारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों की निरंतर मेहनत और समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने की अपेक्षा जताई है। एनक्यूएएस प्रमाणन मिलने से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रायगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

और भी

आईटीआई-उद्योग समन्वय पहल से स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ जिले के युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन रायगढ़ ने एक अभिनव पहल की है। जिला प्रशासन के प्रयासों से जिले के प्रमुख खदान संचालकों एवं औद्योगिक संस्थानों का शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। इस पहल के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों की मांग के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना, स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के लिए सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठान, शासकीय आईटीआई तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षण संस्थान मिलकर कार्य करेंगे।

*छह प्रमुख उद्योगों ने आईटीआई के साथ किया समन्वय*

इस पहल के अंतर्गत एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड तलईपल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड गारे पेलमा, मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड गारे पेलमा तथा एनटीपीसी लारा जैसे प्रमुख औद्योगिक संस्थानों ने जिले के विभिन्न शासकीय आईटीआई से समन्वय स्थापित किया है। इन संस्थानों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्योग आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

*आधुनिक तकनीकों एवं उद्योग आधारित ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण*

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एपेरल डिजाइन, कोपा, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, सिलाई (सेविंग), हाउसकीपिंग, रिसेप्शनिस्ट, होटल मैनेजमेंट असिस्टेंट, प्लास्टिक मोल्डिंग, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, औद्योगिक हैवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। एसईसीएल के सहयोग से एपेरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर (एटीडीसी) के माध्यम से एपेरल डिजाइन प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा, जबकि एनटीपीसी माइनिंग द्वारा नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर रायपुर एवं सीआईपीटी कोरबा के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

*स्थानीय युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ*

जिला प्रशासन की यह पहल विशेष रूप से रायगढ़ जिले के स्थानीय युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के कौशल में वृद्धि होगी, जिससे उन्हें औद्योगिक संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उद्योगों को भी उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

*प्रवेश के लिए सीधे करें संपर्क*

जिला प्रशासन ने सभी इच्छुक एवं पात्र युवाओं से अपील की है कि वे प्रवेश, प्रशिक्षण अथवा अन्य जानकारी के लिए संबंधित आईटीआई अथवा संबंधित औद्योगिक संस्थान के अधिकृत अधिकारियों से सीधे संपर्क करें। एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र के लिए श्री गजानंद (सहायक प्रबंधक) से 9827204224 तथा शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के श्री पूनमचंद साव से मोबा नंबर 9630655977 पर संपर्क किया जा सकता है। इसी तरह एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड, तलईपल्ली के लिए श्री अच्युतानंद साहू 8249332299 एवं शासकीय आईटीआई घरघोड़ा के श्री अनिल कश्यप 9098530724 से संपर्क किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड के लिए श्री आनंद खलखो 7869029503 तथा शासकीय आईटीआई लैलूंगा के श्री ज्योतिष मिश्रा 7898717710 पर संपर्क किया जा सकता है। मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड के लिए श्री ऋषिकेश राय शर्मा 8349033200 एवं शासकीय आईटीआई तमनार के श्री पुष्पेंद्र कंवर 9630655977 पर संपर्क किया जा सकता है। मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड के लिए श्री हेमंत वर्मा 8085957186 तथा शासकीय आईटीआई खरसिया के श्री विपिन पटेल 7440940741 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं एनटीपीसी लारा के लिए श्री पंकज गुप्ता 9425411355 एवं शासकीय आईटीआई पुसौर के श्री सोहन लाल साहू 9584879583 पर संपर्क कर प्रशिक्षण, प्रवेश एवं पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

और भी

सीएम हेल्पलाइन का असर: तीन माह से बंद सोलर पेयजल संयंत्र फिर हुआ चालू ,तेंदूमुड़ी के 50 परिवारों को मिली पेयजल राहत, शिकायत पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण ग्राम पंचायत तेंदूमुड़ी के वार्ड क्रमांक 4 में देखने को मिला, जहां तीन माह से बंद पड़े सोलर पेयजल संयंत्र को शिकायत के बाद तत्काल सुधार कर पुनः चालू किया गया। इससे लगभग 50 परिवारों को पेयजल संकट से राहत मिली है।
           ग्राम तेंदूमुड़ी निवासी राजेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर बताया कि वार्ड क्रमांक 4 में लगभग 10 वर्ष पूर्व स्थापित सोलर पेयजल संयंत्र पिछले तीन माह से खराब पड़ा है। संयंत्र बंद होने के कारण वार्ड के करीब 50 परिवारों को पेयजल के लिए प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों को दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त खपत होती थी। 
            शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तकनीकी दल को मौके पर भेजा। निरीक्षण में पाया गया कि संयंत्र में स्थापित सबमर्सिबल पंप खराब होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह बंद थी। इसके बाद 17 जून 2026 को नया सबमर्सिबल पंप, आवश्यक पाइप एवं नल स्थापित कर सोलर पेयजल संयंत्र को पुनः कार्यशील बना दिया गया। मरम्मत कार्य पूर्ण होते ही संयंत्र से नियमित पेयजल आपूर्ति प्रारंभ हो गई, जिससे सभी प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा। राजेंद्र कुमार एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय बाद गांव में पेयजल व्यवस्था सामान्य होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब घर के समीप ही नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

और भी

14 से 15 वर्ष की किशोरियों को मिलेगा एचपीवी वैक्सीन का सुरक्षा कवच, 18 जुलाई तक चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ कलेक्टर के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी.पटेल के मार्गदर्शन में जिले में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के लिए 18 जुलाई 2026 तक विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत उन 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है। यह टीका जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय एवं अन्य शासकीय टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और विश्वसनीय है तथा यह सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक इस वैक्सीन से किसी भी गंभीर दुष्प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है।
             मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं को निकटतम सरकारी टीकाकरण केंद्र लेकर जाएं और उन्हें निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उनकी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण का लाभ लेने की अपील की गई है।

और भी

पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने जिले में खुलेंगे पशु औषधि विक्रय केन्द्र

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश के पशुपालकों को सस्ती एवं अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक पशु दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु औषधि विक्रय केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र (पीएम-केएसकी) तथा सहकारी समितियों (सीएस) के माध्यम से जिला एवं विकासखंड स्तर पर एक-एक पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
         उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र एवं सहकारी समितियां पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित करने के लिए पात्र होंगी। इसके लिए न्यूनतम 120 वर्गफुट स्थान स्वयं के स्वामित्व में अथवा किराये पर उपलब्ध होना अनिवार्य है। साथ ही केन्द्र में बी-फार्मा अथवा डी-फार्मा डिग्रीधारी व्यक्ति की नियुक्ति करना आवश्यक होगा तथा राज्य औषधि नियंत्रण प्राधिकरण से औषधि विक्रय लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा। शासन द्वारा स्वीकृत आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 5 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की वेबसाइट httpt.//www.dahd.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही पशु औषधि घटक से संबंधित संचालन दिशा-निर्देश एवं अन्य जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है।
         आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग द्वारा विभागीय वेबसाईट में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 4 बजे के मध्य ऑनलाइन प्रदर्शन एवं शैक्षणिक वीडियो भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे इच्छुक आवेदक आवेदन प्रक्रिया एवं योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायगढ़ से संपर्क कर सकते हैं।

और भी

जिला बदर बदमाश चाहत शुक्ला ने पुलिस कार्यालय में किया हंगामा, पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचा आरोपी; एसडीएम के सामने पेशी के बाद सीधे भेजा गया जेल

रायगढ़। जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर पुलिस कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने वाले आदतन अपराधी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया। आरोपी के हाथ में पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की बोतल मिलने से पुलिस महकमे में कुछ देर के लिए सतर्कता बढ़ गई।

घटना 16 जुलाई की शाम की है, जब चाहत शुक्ला पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचा और अपने खिलाफ बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने को लेकर जोर-जोर से शोर-शराबा करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसकी हरकत को देखते हुए तत्काल उसके कब्जे से पेट्रोल से भरी बोतल सुरक्षित जब्त कर ली। इसी दौरान कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार अभद्र व्यवहार करते हुए हंगामा करता रहा। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शुक्रवार को आरोपी को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उसे जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य, निवासी रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे, थाना कोतवाली, वर्ष 2023 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ मारपीट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे वर्ष 2024 में पहली बार जिला बदर किया गया था, लेकिन अवधि पूरी होने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया। इसके बाद वर्ष 2025 में दोबारा उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की गई।

जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत चाहत शुक्ला को रायगढ़ सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर जिले की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित (जिला बदर) किया था। इसके बावजूद उसने आदेश का उल्लंघन करते हुए रायगढ़ में प्रवेश किया और पुलिस कार्यालय में हंगामा किया, जिसके बाद उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी।

और भी

ऑपरेशन प्रहार का बड़ा एक्शन: तीन जगह ताबड़तोड़ दबिश, दो ट्रक और एक माजदा समेत 79 टन कबाड़ जब्त; 48 लाख की संपत्ति पुलिस के कब्जे में, अवैध स्क्रैप नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा

रायगढ़। जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत पूंजीपथरा और जूटमिल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से तीन अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 79 टन स्क्रैप कबाड़, दो ट्रक और एक माजदा वाहन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 48 लाख रुपये बताई गई है। सभी मामलों में वाहन चालकों से स्क्रैप के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने चोरी की संपत्ति होने के संदेह में वैधानिक कार्रवाई करते हुए वाहन और स्क्रैप को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में अवैध कबाड़ की खरीद-फरोख्त और परिवहन पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी अभियान के दौरान पहली कार्रवाई 15 जुलाई को थाना पूंजीपथरा क्षेत्र में की गई। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने तमनार चौक में घेराबंदी कर माजदा वाहन क्रमांक CG-12-AY-0313 को रोककर जांच की। वाहन चालक देवेन्द्र तिवारी (58 वर्ष) निवासी बुधवारी बाजार, कोरबा से पूछताछ की गई तो वाहन में करीब 3 टन 390 किलोग्राम टिन और लोहे का स्क्रैप मिला। स्क्रैप की अनुमानित कीमत 91 हजार 530 रुपये आंकी गई। चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद करीब 5 लाख रुपये कीमत के वाहन सहित स्क्रैप जब्त कर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

दूसरी कार्रवाई 16 जुलाई को थाना जूटमिल पुलिस ने कबीर चौक क्षेत्र में की। सूचना मिलने पर पुलिस ने छातामुड़ा और काशीराम चौक के बीच सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक CG-13-AB-9599 की जांच की। ट्रक में भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप भरा हुआ मिला। चालक महेन्द्र यादव (34 वर्ष) निवासी पलामू, झारखंड से माल के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। धर्मकांटा में वजन कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 40 हजार 630 किलोग्राम पाया गया। ट्रक में लोड स्क्रैप की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई। संदेहास्पद संपत्ति होने के कारण ट्रक और स्क्रैप जब्त कर चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया गया।

इसी दिन जूटमिल पुलिस ने तीसरी कार्रवाई करते हुए छातामुड़ा गांव के बाहर रायगढ़-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर ट्रक क्रमांक OR-15-S-0187 को रोका। जांच में ट्रक में भी भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप मिला। चालक दुर्योधन पाणिग्रही (52 वर्ष) निवासी बरगढ़, ओडिशा से जब स्क्रैप के दस्तावेज मांगे गए तो वह भी कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। धर्मकांटा में वजन कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 35 हजार 410 किलोग्राम पाया गया। ट्रक में लोड स्क्रैप की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने वाहन और स्क्रैप जब्त कर चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जब्त स्क्रैप और वाहनों के वास्तविक स्वामित्व की विस्तृत जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह कबाड़ किसी औद्योगिक इकाई या अन्य स्थान से चोरी कर तो नहीं लाया गया था। इसके साथ ही अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ पूरी सख्ती से अभियान चला रही है। बिना वैध दस्तावेजों के स्क्रैप का परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री, परिवहन और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क पर पुलिस की पैनी नजर है तथा किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

और भी

मोबाइल विवाद बना मौत की वजह: पत्नी की पीट-पीटकर हत्या, 48 घंटे में पति गिरफ्तार

रायगढ़, 16 जुलाई। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के मस्जिदपारा में झाड़ियों के बीच बोरी से ढका महिला का शव मिलने के सनसनीखेज मामले का रायगढ़ पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतका के पति मोहब्बत चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के दौरान आरोपी ने लकड़ी के चौड़े पट्टे से अपनी पत्नी राजकुमारी चौहान (48 वर्ष) की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का पट्टा भी बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को मस्जिदपारा स्थित एक बाड़ी परिसर की झाड़ियों में प्लास्टिक की बोरी से ढका महिला का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की पहचान राजकुमारी चौहान के रूप में हुई, जो अपने पति के साथ पिछले करीब एक वर्ष से वहीं रहकर काम करती थी।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पति-पत्नी दोनों शराब के आदी थे और आरोपी अक्सर नशे की हालत में पत्नी के साथ मारपीट करता था। गवाहों ने बताया कि 12 जुलाई की रात दोनों के बीच जोरदार विवाद और मारपीट हुई थी। अगले दिन बच्चों ने झाड़ियों में बोरी से ढका शव देखा, जबकि घटना के बाद से आरोपी फरार था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर, हाथ-पैर और बाईं कनपटी पर किसी ठोस वस्तु से गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई मौत को चिकित्सकों ने हत्यात्मक बताया। इसके आधार पर धरमजयगढ़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 238(बी) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर जांच तेज की।

पुलिस ने फरार आरोपी मोहब्बत चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी ने उसका की-पैड मोबाइल किसी के पास गिरवी रख दिया था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और गुस्से में उसने लकड़ी के चौड़े पट्टे से लगातार हमला कर दिया, जिससे पत्नी की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लकड़ी का पट्टा भी जब्त कर लिया।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पूर्व में अपने ससुर की हत्या के मामले में भी जेल जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े सहित धरमजयगढ़ पुलिस की टीम ने इस हत्याकांड का त्वरित खुलासा किया।

इस मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा या पारिवारिक विवाद के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसक वारदात को रायगढ़ पुलिस गंभीरता से लेती है। हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर उन्हें कानून के कठघरे तक पहुंचाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

और भी

सूर्योदय प्लांट के गार्ड पर चाकू से हमला कर मोबाइल लूटने वाले तीन लुटेरे चंद घंटों में गिरफ्तार, फोन-पे से 30 हजार भी कराए ट्रांसफर; रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

रायगढ़, 15 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में सूर्योदय प्लांट के सुरक्षा गार्ड के साथ हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल, घटना में प्रयुक्त चाकू, सिम कार्ड तथा बैंक खाते से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पूंजीपथरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया। पीड़ित कुबेर कुमार यादव (25 वर्ष), जो सूर्योदय प्लांट में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं, ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 जुलाई की शाम करीब 4:30 बजे वह कंपनी से तुमीडीह बाजार जाने के लिए पैदल निकले थे। कंपनी के मुख्य गेट से कुछ दूरी पर बाइक सवार तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल, पर्स व नकदी की मांग करने लगे।

विरोध करने पर एक आरोपी ने धारदार चाकू से उनके पेट के पास हमला कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनकी जेब से करीब 11 हजार रुपये कीमत का वीवो टी-3 एंड्रॉयड मोबाइल और पर्स लूट लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोबाइल के जरिए पीड़ित के फोन-पे खाते से 30 हजार रुपये भी अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए और मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही थाना पूंजीपथरा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में शामिल तीन युवक वेजौन कंपनी, चिराईपानी क्षेत्र के पास घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।

पूछताछ और पीड़ित द्वारा पहचान किए जाने पर आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। तहसीलदार तमनार की उपस्थिति में शिनाख्ती कार्रवाई कराई गई। आरोपी कुलदीप सिंह के कब्जे से लूटा गया मोबाइल बरामद किया गया, जबकि आरोपी जगन्नाथ सोनी उर्फ सोनू के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू, सिम कार्ड तथा फोन-पे खाते में 30 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने से जुड़े बैंकिंग साक्ष्य भी जब्त किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह (33 वर्ष) निवासी बेला झरिया, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जगन्नाथ सोनी उर्फ सोनू (21 वर्ष) निवासी कचकोबा, थाना तमनार तथा अनिकेत धनवार (19 वर्ष) निवासी कसडोल, थाना तमनार के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी कुलदीप सिंह पहले भी ट्रेलर वाहन चोरी के मामले में आरोपी रह चुका है।

पूंजीपथरा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, सहायक उपनिरीक्षक उमाशंकर विश्वाल, आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी, विनोद शर्मा, शेखर चंद्राकर एवं नरेंद्र पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांत बनर्जी के मार्गदर्शन में की गई।

इस कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि लूटपाट और हिंसक अपराध करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की त्वरित एवं कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

और भी

शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो युवक पर टूटा तीन गुंडों का कहर, रायगढ़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में दबोचकर भेजा जेल 

 

रायगढ़। शहर के बड़पारा शराब भट्ठी के पास शराब पीने के लिए पैसे मांगकर एक युवक के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अजमानतीय धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी और आम नागरिकों के साथ मारपीट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत यह त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को बड़पारा निवासी भरत सिंह ध्रुव (24 वर्ष) दोपहर करीब एक बजे बड़पारा स्थित शराब भट्ठी में शराब खरीदने पहुंचे थे। इसी दौरान सड़क पर मौजूद बिट्टू सारथी, अज्जू बनसदा और आकाश चौहान ने उन्हें रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे।

जब युवक ने पैसे देने से इनकार किया तो तीनों आरोपी भड़क गए। उन्होंने पहले अश्लील गाली-गलौज की, फिर जान से मारने की धमकी दी और एकराय होकर युवक के साथ मुक्कों और घूंसों से मारपीट कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित सीधे थाना कोतवाली पहुंचा और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही कोतवाली पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 373/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में आकाश चौहान (19 वर्ष), निवासी चांदनी चौक गांडा पारा, अज्जू बनसदा (35 वर्ष), निवासी चमड़ा गोदाम वार्ड क्रमांक 38 तथा बिट्टू सारथी (25 वर्ष), निवासी चांदनी चौक फारूकी गली शामिल हैं। पुलिस जांच में तीनों की प्रवृत्ति पहले से झगड़ा-विवाद और उपद्रव करने की पाई गई। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले, सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी करने वाले और आम लोगों को डराने-धमकाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि "सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी और आमजन से मारपीट करने वालों पर रायगढ़ पुलिस की कड़ी नजर है। ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।"

और भी

24 घंटे में शिकंजा: युवती से दुष्कर्म के आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने दबोचा, वारदात में इस्तेमाल बाइक समेत सामान जब्त, जेल भेजा

रायगढ़, 15 जुलाई। रायगढ़ पुलिस के "अभियान संवेदना" के तहत महिला अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में जोबी पुलिस ने युवती से दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी की वारदात में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल, कपड़े, पर्स, आधार कार्ड, चप्पल और अन्य सामान भी जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय युवती ने 13 जुलाई 2026 को पुलिस चौकी जोबी में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी रमाकांत मांझी पहले से परिचित था और लगातार मोबाइल पर कॉल कर प्रेम तथा विवाह का दबाव बना रहा था। लगातार परेशान किए जाने पर युवती ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था।

शिकायत के मुताबिक, 12 जुलाई को गांव में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान शाम करीब सात बजे युवती अपने रिश्तेदार को छोड़ने बस्ती की ओर जा रही थी। इसी दौरान एक अज्ञात नंबर से कॉल आने पर वह बातचीत के लिए रुकी। तभी आरोपी पीछे से पहुंचा और उसे आंगनबाड़ी भवन के पीछे ले जाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने दुपट्टे से बांधकर जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना के दौरान शोर होने पर आरोपी घबराकर अपनी नेकर, पर्स, आधार कार्ड, चप्पल, बेल्ट तथा एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक CG 12 AL 1176 मौके पर ही छोड़कर दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना के बाद पीड़िता बेहोश हो गई, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए खरसिया अस्पताल ले गए।

पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गांव से भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे तथा घटनास्थल से वारदात से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में उप निरीक्षक अमरनाथ शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।

इस मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिला संबंधी अपराधों की प्रत्येक शिकायत पर तत्काल, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

और भी

घर के भीतर जले मिले बुजुर्ग दंपति के शव, हत्या कर साक्ष्य मिटाने की आशंका; पुलिस ने दर्ज किया मामला, हर एंगल से शुरू हुई हाई-लेवल जांच

रायगढ़, 15 जुलाई 2026। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में बुजुर्ग दंपति के घर के भीतर जली हुई अवस्था में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय मंगल राठिया और उनकी 55 वर्षीय पत्नी पुनाई बाई राठिया के रूप में हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी, थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े, थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड तथा धरमजयगढ़, कापू और रैरूमाखुर्द थानों का पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक के यहां पिछले लगभग तीन वर्षों से काम कर रहे रामलाल चौहान ने पुलिस को बताया कि 14 जुलाई की शाम वह रोज की तरह काम खत्म कर अपने घर चला गया था। उस समय घर में केवल मंगल राठिया और उनकी पत्नी मौजूद थे। अगले दिन सुबह करीब छह बजे जब वह वापस काम पर पहुंचा तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर जाने पर घर के सभी कमरे खुले थे और एक कमरे से धुआं निकल रहा था। बाहर से झांकने पर उसने कमरे के भीतर मंगल राठिया और पुनाई बाई राठिया के जले हुए शव पड़े देखे। इसके बाद उसने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली है। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों, एफएसएल जांच, डॉग स्क्वॉड की मदद तथा अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।

रायगढ़ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटना के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी संभावित कारणों व संदिग्ध परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

और भी

तेतला ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने उतरी रायगढ़ पुलिस, स्कूल में सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा का बड़ा जागरूकता अभियान, हेलमेट से लेकर साइबर अपराध तक विद्यार्थियों को दी अहम सीख

रायगढ़, 16 जुलाई। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और युवाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस ने पुसौर क्षेत्र के ग्राम तेतला स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में व्यापक यातायात एवं महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।

यातायात थाना एवं महिला थाना की संयुक्त टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। कार्यक्रम में उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे एवं प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

प्रधान आरक्षक मुकेश चौहान ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार को गहरा आघात पहुंचाती हैं। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण हैं। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने माता-पिता व परिजनों को भी हेलमेट पहनने तथा सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के कानूनी परिणामों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना अपराध है। 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के लिए निर्धारित श्रेणी का लर्निंग लाइसेंस बनवाकर ही वाहन चलाना चाहिए। साथ ही स्टंटबाजी, रैश ड्राइविंग और लापरवाही से वाहन चलाने से बचने की सलाह दी गई।

पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से बताया कि ग्राम तेतला का यह क्षेत्र लगातार सड़क दुर्घटनाओं के कारण "ब्लैक स्पॉट" के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रशासन और पुलिस दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसमें स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि सभी लोग ईमानदारी से यातायात नियमों का पालन करेंगे तो भविष्य में इस क्षेत्र को ब्लैक स्पॉट की सूची से बाहर लाया जा सकता है।

महिला थाना की सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने छात्राओं और विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण तथा साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा "हेलो सिस्टर हेल्पलाइन" (9479270533) संचालित की जा रही है, जहां छेड़छाड़, घरेलू हिंसा या महिलाओं से जुड़े किसी भी मामले की शिकायत तत्काल दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अंजान लोगों पर भरोसा न करने, निजी जानकारी साझा करने से बचने और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह भी दी।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा, महिला सम्मान और साइबर जागरूकता के संदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि "जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की पहचान हैं। सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रायगढ़ पुलिस की सतत प्राथमिकता है।" उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं में कमी आए और समाज में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो सके।

और भी