ताजा खबरें


बड़ी खबर

मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की सुविधा उपलब्ध,ऑपरेशन के दूसरे दिन ही चलने लगे छविराज

रायगढ़, 19 फरवरी 2026/ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग में अब घुटना प्रत्यारोपण एवं कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है। अब तक जिन मरीजों को ऐसे ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे, उन्हें अपने ही जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित उपचार मिल रहा है।
            इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। 
          अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिंज के नेतृत्व में यह नई सुविधा प्रारंभ की गई है, जिससे जिलेवासियों को उच्चस्तरीय उपचार अपने ही शहर में उपलब्ध हो रहा है। अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में प्रति जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क एवं उच्चस्तरीय उपचार मिल रहा है। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम हो रहा है, बल्कि जिले के लोगों को अपने ही शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ भी मिल रहा है।

*ऑपरेशन के दूसरे दिन ही चलने लगे छविराज* 
28 वर्षीय मरीज छविराज कुमार ने बताया कि उन्हें लंबे समय से पैर में गंभीर दिक्कत थी, जिसके कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने पहले निजी अस्पताल में परामर्श लिया था, जहां सर्जरी के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्च बताया गया। आर्थिक रूप से यह उनके लिए काफी कठिन था।
            उन्होंने कहा कि रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी की सुविधा शुरू होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने यहां उपचार कराया। सफल ऑपरेशन के बाद अब उनके पैर में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही वे चलने लगे थे और अब वे पूरी तरह सहज और आत्मविश्वास के साथ चल-फिर पा रहे हैं। छविराज ने चिकित्सकों की टीम और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें निःशुल्क और उच्चस्तरीय उपचार मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।

*गंभीर जोड़ों की बीमारियों के मरीजों को मिल रही नई उम्मीद*
अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने बताया कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना के बाद जोड़ों की क्षति अथवा लंबे समय से घुटने और कूल्हे के असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत प्रभावी उपचार है। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों के दर्द में उल्लेखनीय कमी आती है और वे तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं। चलने-फिरने की क्षमता में सुधार होने से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। डॉ. जांगड़े ने आमजन से अपील की है कि घुटने या कूल्हे की पुरानी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं।

*आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क एवं सुरक्षित उपचार*
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि अस्पताल में घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा अत्याधुनिक तकनीक और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत उपलब्ध है। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. ए.एम. लकड़ा की विशेषज्ञ टीम द्वारा इन सर्जरी को पूर्ण सुरक्षा और दक्षता के साथ किया जा रहा है। विगत कुछ दिनों में लगभग 10 मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई है, जिसमें 5 कूल्हा और 5 घुटना प्रत्यारोपण शामिल हैं।

और भी

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को — रायगढ़ के 14 परीक्षा केंद्रों में 3,515 अभ्यर्थियों की किस्मत होगी तय, 2 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य, देरी पर नहीं मिलेगा प्रवेश

रायगढ़, 19 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 आगामी 22 फरवरी को आयोजित की जाएगी। उक्त परीक्षा दो पालियों में प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा अपरान्ह 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। इस परीक्षा के लिए रायगढ़ में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुल 3,515 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने तथा अभ्यर्थियों द्वारा अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
     डिप्टी कलेक्टर एवं परीक्षा के नोडल अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन अभ्यर्थियों के नाम,सरनेम तथा फोटो पहचान पत्र में किसी भी प्रकार का अंतर है वे अपने नाम परिवर्तन संबंधी शपथ पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत करने पर ही परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी अपने पास केवल निम्न वस्तुएं रख सकेंगे। इनमें लेबल रहित पारदर्शी व्यक्तिगत पानी की बोतल, केवल संबंधित परीक्षा के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी किए गए ऑनलाईन प्रवेश पत्र का प्रिंट आउट, मूल पहचान पत्र जैसे-मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्रायविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, अथवा ई-आधार कार्ड, यदि प्रवेश पत्र परीक्षा का फोटो अस्पष्ट अथवा गलत छपा हो, केवल तभी 2 पासपोर्ट साइज के रंगीन फोटोग्राफ, काले अथवा नीले रंग के बॉलपाइंट पेन, ऐसी विवरणात्मक परीक्षा जिसमें चित्र बनाए जाने की आवश्यकता हो तब इस हेतु आयोग द्वारा एचबी पेंसिल के प्रयोेग की अनुमति होगी। उक्त के अतिरिक्त अन्य कोई सामग्री अभ्यर्थी के पास पाए जाने पर उनके विरूद्ध अनुचित साधन के प्रयोग का प्रकरण बनाया जा सकेगा।
   अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की घड़ी (मैकेनिकल, स्मार्ट वॉच ) धारण करने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को जूते अथवा मोटे सोल या ऊंची हील वाले फुटवियर पहनने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी केवल पतले सोल वाली चप्पलें अथवा स्लीपर पहन सकते है। अभ्यर्थियों को नजर के चश्मों के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार के चश्मे, गॉगल्स, गूगल, मेटा या अन्य डिजिटल ग्लासेस, चश्में पहनने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे दिव्यांग अथवा बीमार अभ्यर्थी जिन्हें चिकित्सकीय कारणों से जूते अथवा उपकरण धारण करने की आवश्यकता हो उन्हें गहन जांच के अधीन जूते अथवा उपकरण धारण करने की अनुमति होगी। ऐसे दिव्यांग अभ्यर्थी जिन्हें संबंधित जिला कार्यालय के माध्यम से सहलेखक की अनुमति प्राप्त हो, के मामले में संबंधित सहलेखक को भी अभ्यर्थियों हेतु जारी सारे निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। 
    अभ्यर्थी हल्के रंग के आधी बांध वाले कपड़े पहनकर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश ले सकते है। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरुन, बैंगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा। अभ्यर्थी कार्गों एवं डिजाइनर कपड़े पहनकर परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सकेंगे। सामान्य जींस पैंट या अन्य पैंट पहनने की अनुमति होगी। महिला अभ्यर्थी सलवार-कुर्ती तथा चुनरी (दुपट्टा) पहन सकेंगे, लेकिन कुर्ती की बांह छोटी (आधी) होनी चाहिए। साड़ी के साथ पहने जाने वाली ब्लाउज की बांह आधी होनी चाहिए। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। धर्म/रिवाजों के अनुसार अत्यंत आवश्यक आभूषण एवं प्रतीक चिन्हों को छोड़कर अन्य आभूषण/प्रतीक धारण करने की अनुमति अभ्यर्थियों को नहीं होगी। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को एक नोज पिन तथा एक मंगलसूत्र धारण करने की अनुमति होगी। उक्तानुसार किसी भी आभूषण/प्रतीक के धारण किए जाने की अनुमति गहन जांच के अधीन दी जाएगी। निर्दिष्ट सामग्री के अलावा किसी भी प्रकार की सामग्री, आभूषण, प्रतीक चिन्ह अथवा उपकरण लेकर परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी अपनी स्वयं की जिम्मेदारी एवं व्यवस्था के अनुसार उक्त सामग्री, आभूषण, प्रतीक चिन्ह अथवा उपकरण को परीक्षा केन्द्र के बाहर रखने को व्यवस्था करेंगे। परीक्षा केन्द्र के किसी भी अधिकारी-कर्मचारी का सहयोग प्राप्त नहीं होगा तथा उनके द्वारा उक्त के सुरक्षित संधारण हेतु किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं ली जाएगी।
      सभी अभ्यर्थियों के लिए प्रत्येक पाली में परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा, जिससे उनकी मेटल डिटेक्टर व मैन्युअव तलाशी/फ्रिस्किंग, मूल पहचान पत्र के साथ उनके प्रवेश पत्र का सत्यापन तथा उनके चेहरे के मिलान का कार्य किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार/गेट बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश तथा परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। आबंटित परीक्षा केन्द्र के मख्य द्वार/गेट बंद होने के पूर्व जो अभ्यर्थी संबंधित परीक्षा केन्द्र में प्रवेश ले चुके है केवल उन्हें ही संबंधित परीक्ष कक्ष से परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति होगी। परीक्षा कक्ष के अंदर भी आवश्यकतानुसार तलाशी/फ्रिस्ंिकग की जा सकेंगी। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा के दौरान कैलक्यूलेटर, लॉग टेबल, मोबाइल फोन, पेजर, स्मार्टवॉच तथा किसी भी प्रकार के संचार साधन रखना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। परीक्षा केन्द्र में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या अन्य कोई संचार साधन प्रतिबंधित है। यदि परीक्ष केन्द्र में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच या अन्य कोई संचार साधन पाया जाता है तो संबंधित अभ्यर्थी के विरूद्ध अनुचित साधन के प्रयोग का प्रकरण दर्ज किया जाएगा, चाहे अभ्यर्थी द्वारा उक्त साधन का प्रयोग किया गया हो अथवा नहीं। 
     परीक्षा में सम्मिलित किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा समाप्ति के पूर्व परीक्षा केन्द्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। चिकित्सकीय आपात स्थिति में यदि अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र से किसी चिकित्सालय तक ले जाना अनिवार्य हो, तो अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र तथा उत्तर पुस्तिका को संबंधित कक्ष के वीक्षक द्वारा जमा कराने के पश्चात अभ्यर्थी को चिकित्सालय ले जाया जा सकेगा, परंतु परीक्षा समाप्ति के समय तक उक्त अभ्यर्थी के साथ 2 वीक्षक लगातार तैनात रहेंगे, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि उक्त अवधि में अभ्यर्थी के द्वारा संबंधित परीक्षा के संदर्भ में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि न की जाए। परीक्षा केन्द्र में संचार साधनों के अनुचित प्रयोग को रोकने एवं साइबर सुरक्षा की दृष्टि से जैमर का प्रयोग किया जाएगा।

और भी

एसएसपी की दो टूक चेतावनी — थाना क्षेत्र में अवैध शराब, सट्टा और वैश्यावृत्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, लापरवाही पर सीधे तय होगी थाना प्रभारी की जवाबदेही

रायगढ़, 19 फरवरी 2026 । उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह द्वारा आज पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना/चौकी प्रभारियों और शाखा प्रमुखों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक के प्रारंभ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि सभी राजपत्रित अधिकारी जिला स्तरीय क्राइम मीटिंग से पूर्व अपने-अपने अनुविभाग स्तर पर थाना प्रभारी एवं विवेचकों की बैठक लें, ताकि गंभीर अपराधों की समीक्षा और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विवेचकों के मार्गदर्शन हेतु समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित करने और सामान्य अपराध जैसे मारपीट, जुआ-सट्टा एवं आबकारी से संबंधित मामलों का सात दिवस के भीतर निकाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे लंबित प्रकरणों की संख्या नियंत्रित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट, शराब मुलाहिजा रिपोर्ट या पटवारी नक्शा जैसे कारणों से अपराध लंबित न रहें, इसके लिए संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

       एसएसपी श्री सिंह ने जिले में लागू बीट प्रणाली को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक बीट प्रभारी अपने क्षेत्र की संपूर्ण जानकारी रखे और घटना, दुर्घटना या आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचे। बैठक में लंबित अपराध, गुम इंसान, मर्ग और शिकायतों की समीक्षा कर संबंधित थाना प्रभारियों को त्वरित निकाल के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात डीएसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा हिट एंड रन मामलों की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया।

      बैठक में एसएसपी ने रेंज स्तरीय *“सशक्त ऐप”* का अधिकाधिक उपयोग कर चोरी के वाहनों को ट्रेस करने, जिले के सीसीटीवी कैमरों को *“त्रिनयन ऐप”* से जोड़ने और बीट स्तर पर अधिक से अधिक नागरिकों को *“साइबर प्रहरी”* से जोड़ने के निर्देश दिए। थाना आने वाले प्रत्येक नागरिक से *“अनुभव”* गूगल फॉर्म के माध्यम से फीडबैक लेने और नवीन कानूनों के तहत थानों में रजिस्टरों का विधिवत संधारण एवं नियमित इंद्राज सुनिश्चित करने कहा गया।

             आगामी होली पर्व को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि त्योहारों में शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विजुवल पुलिसिंग के तहत प्रतिदिन तीन सवारी, डिंक एंड ड्राइव जैसे यातायात उल्लंघनों पर सख्ती से कार्रवाई करने निर्देशित किया गया। उन्होंने *“ऑपरेशन शंखनाद”* के तहत गौवंश तस्करी पर विशेष निगरानी रखते हुए सतत कार्रवाई करने तथा *“ऑपरेशन आघात”* के तहत अवैध शराब और मादक पदार्थों के विरुद्ध जिले के प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।

          वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ-सट्टा और वैश्यावृत्ति जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में संचालित नहीं होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस अपराध और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और जिस थाना क्षेत्र में लापरवाही पाई जाएगी, वहां के थाना प्रभारी के विरुद्ध जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

    बैठक में एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खरसिया श्री प्रभात पटेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी, ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह, हेडक्वार्टर डीएसपी सुशांतो बनर्जी सहित जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारी और शाखा प्रमुख उपस्थित रहे।

और भी

आप मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस चुके हैं” — इस एक धमकी ने लूट लिए 36.97 लाख रुपये, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग अधिकारी के साथ हुई बड़ी साइबर ठगी

रायगढ़, 19 फरवरी 2026 । जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अज्ञात साइबर ठगों ने खुद को टेलीकॉम अधिकारी, पुलिस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हुए विद्युत विभाग के एक सेवानिवृत्त परिवेक्षक से 36,97,117 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित द्वारा 17 फरवरी 2026 को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में लिखित आवेदन देकर घटना की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिस पर पुलिस ने *अपराध क्रमांक 02/2026 धारा 308(6), 318(4) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध* कर जांच शुरू कर दी है।

         पीड़ित ने बताया कि वह जनवरी 2022 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परेषण कंपनी से परिवेक्षक (Supervisor) के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। 14 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात महिला का कॉल आया, जिसने स्वयं को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से संबंधित बताते हुए कहा कि उसके पहचान पत्र का उपयोग कर जियो कंपनी का मोबाइल नंबर लेकर गलत गतिविधियां की जा रही हैं। इसके बाद कॉल को तथाकथित टेलीकॉम अधिकारी एवं दिल्ली के बारह खंभा रोड पुलिस स्टेशन के फर्जी अधिकारी से कनेक्ट कराया गया, जिन्होंने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी दी।

       इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर स्वयं को आईपीएस अधिकारी नीरज ठाकुर बताया और पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते हुए कहा कि उसके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज है और उसे जांच में सहयोग करना होगा। ठगों ने पीड़ित से उसके बैंक खाते, संपत्ति और अन्य वित्तीय जानकारी ली तथा यह कहकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई कि जांच पूरी होने के बाद राशि वापस कर दी जाएगी। ठगों की धमकी और दबाव में आकर पीड़ित ने 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच कुल 36,97,117 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में परिजनों को जानकारी होने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद साइबर थाना में शिकायतकर्ता आने पर  तत्काल रिपोर्ट करने पर लगभग 2 लाख रुपये होल्ड कराया गया । साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान में पीड़ित को बताया कि वे जितनी जल्दी शिकायत लेकर थाने आते या नेशनल साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करते तो उनके रुपए हॉल कराया जा सकता था। पीड़ित के रिपोर्ट पर रायगढ़ साइबर थाने द्वारा बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

क्या कहते हैं रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह

         इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों को जागरूक करते हुए कहा कि *“पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा कभी भी मोबाइल कॉल, वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता और न ही जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए जाते हैं।*
 
             इस प्रकार के कॉल पूरी तरह साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। नागरिक ऐसे कॉल से सावधान रहें, किसी भी स्थिति में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।”

और भी

जिसने उंगली पकड़कर चलना सिखाया उसी ने छीनी जिंदगी: पिता ने गुस्से में खोया आपा, आंगनबाड़ी सहायिका बेटी को टांगी से उतारा मौत के घाट, पुलिस ने आरोपी को भेजा सलाखों के पीछे

नारायणपुर/जशपुर, 19 फरवरी 2026।
जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जामटोली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने गुस्से में अपनी ही आंगनबाड़ी सहायिका बेटी की टांगी से वार कर निर्मम हत्या कर दी। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और क्षेत्र में मातम का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थिया अनुषा लकड़ा (उम्र 22 वर्ष), निवासी अंबाटोली, थाना नारायणपुर ने 18 फरवरी 2026 को थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके परिवार में पांच भाई-बहन हैं, जिनमें एक भाई और एक बड़ी बहन दूसरे प्रदेश में काम करते हैं, जबकि उसकी शादी ग्राम अंबाटोली में हो चुकी है। उसके मायके ग्राम जामटोली में उसके पिता लौरेस लकड़ा (उम्र 47 वर्ष), बड़ी बहन बिंदिया लकड़ा (उम्र 23 वर्ष) और छोटा भाई रहते थे।

मृतिका बिंदिया लकड़ा गांव में आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत थी। बिंदिया लकड़ा द्वारा घर के पास नया मकान बनाने के लिए नींव खुदवाई गई थी और निर्माण कार्य हेतु बालू व अन्य सामग्री भी मंगवाई गई थी।

बताया जा रहा है कि 18 फरवरी 2026 की दोपहर लगभग 3 बजे आरोपी पिता लौरेस लकड़ा घर पहुंचा और मकान निर्माण के लिए ईंट-गिट्टी मंगवाने की बात करने लगा। इसी दौरान उसने अपनी बेटी से पैसे देने की मांग की ताकि वह स्वयं निर्माण सामग्री मंगवा सके। इस बात को लेकर पिता और बेटी के बीच विवाद शुरू हो गया।

विवाद के दौरान आरोपी पिता ने गुस्से में आपा खो दिया और घर में रखी टांगी के पिछले हिस्से से अपनी बेटी बिंदिया लकड़ा के सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से बिंदिया लकड़ा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और गांव में सनसनी फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही थाना नारायणपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। डॉक्टर द्वारा जारी प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण सिर में गंभीर चोट लगना बताया गया है।

पुलिस ने मामले में आरोपी लौरेस लकड़ा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त टांगी भी जब्त कर ली है। इस पूरी कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, प्रधान आरक्षक पुरनचंद पटेल, आरक्षक उमेश मिंज, अशोक कंसारी, अमित एक्का एवं नगर सैनिक वीरेंद्र भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

और भी

ट्रक से बैटरी चोरी का खुलासा: जूटमिल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 24 घंटे के भीतर दो शातिर चोर गिरफ्तार, ₹15 हजार की बैटरियां बरामद — मुख्य आरोपी पर हत्या, आगजनी समेत कई गंभीर मामले दर्ज

रायगढ़ , 19 फरवरी 2026। शहर के ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में खड़े ट्रक से बैटरी चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए ने महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई दो ट्रक बैटरियां, जिनकी कीमत लगभग ₹15,000 है, बरामद कर ली है।

इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की व्यापक सराहना हो रही है।

 खड़े ट्रक को बनाया निशाना, रात में तोड़ा बैटरी बॉक्स

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी आनंद अग्रवाल (46 वर्ष), निवासी बैकुंठपुर ने थाना जूटमिल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका ट्रक क्रमांक CG-04-DF-8511 ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र स्थित मिशनरी ऑफ चैरिटी, छातामुड़ा रोड के सामने खड़ा था।

15 फरवरी की शाम ट्रक चालक वाहन खड़ा कर घर चला गया था, लेकिन अगले दिन सुबह जब चालक वापस पहुंचा तो ट्रक का बैटरी बॉक्स टूटा हुआ मिला और उसमें लगी दोनों बैटरियां गायब थीं।

अपने स्तर पर काफी खोजबीन करने के बाद जब बैटरियों का कोई सुराग नहीं मिला, तब पीड़ित ने थाना जूटमिल में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

 मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी, घेराबंदी कर दबोचा गया ‘चिल्ली’

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई और मुखबिर तंत्र को लगाया गया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ननकी निषाद उर्फ ‘चिल्ली’ चोरी की बैटरियां बेचने की फिराक में ट्रक चालकों से संपर्क कर रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ट्रांसपोर्टनगर पुलिस सहायता केंद्र के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।

कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपने साथी मिथलेश महतो के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया और बैटरियां अपने साथी के घर में छिपाकर रखने की जानकारी दी।

 आरोपी के घर से बरामद हुई चोरी की बैटरियां

आरोपियों के बताए स्थान पर पुलिस टीम ने दबिश देकर चोरी की गई दोनों बैटरियां बरामद कर लीं। पुलिस ने बरामद बैटरियों को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी ननकी निषाद पेशे से ड्राइवर है, जबकि सह आरोपी मिथलेश महतो एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ हत्या, आगजनी, आबकारी एवं आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं।

 गिरफ्तार आरोपी

ननकी निषाद उर्फ चिल्ली, उम्र 38 वर्ष, निवासी सांगीतराई दीपापारा, थाना जूटमिल
मिथलेश महतो, उम्र 32 वर्ष, निवासी तुरकुमुड़ा संतोषी मंदिर के पास, थाना जूटमिल

दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

 एसएसपी का सख्त संदेश: अपराधियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि
संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और ऐसे अपराधियों पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है।

 पुलिस टीम की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक दिलदार कुरैशी तथा आरक्षक जितेश्वर चौहान और सुरेन्द्र बंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

और भी

कलेक्ट्रेट का बड़ा अफसर बनकर बेरोजगार युवकों के सपनों से किया खिलवाड़: सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख 35 हजार की ठगी, जशपुर पुलिस ने होटल से घेराबंदी कर शातिर ठग प्रदीप पंडा को किया गिरफ्तार, फर्जी ऑफिस का भी हुआ पर्दाफाश,भेजा जेल

जशपुर, 18 फरवरी 2026। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवकों और उनके परिवारों को ठगने वाले एक शातिर युवक को ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी ने खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और दो युवकों से कुल 4 लाख 35 हजार रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जशपुर के एक होटल से घेराबंदी कर हिरासत में लिया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप पंडा (28 वर्ष), निवासी सोडापाठ चौक पुसौर, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्रवाई की गई है।

मां को झांसे में लेकर बेटे की नौकरी दिलाने का दिया लालच

मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम इचकेला निवासी रोहित खाखा (23 वर्ष) ने दिनांक 16 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी प्रदीप पंडा ने उसकी मां से परिचय बढ़ाकर खुद को कलेक्ट्रेट में पदस्थ बड़ा अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि कलेक्ट्रेट में सुरक्षा गार्ड की भर्ती हो रही है और वह उनके बेटे की नौकरी लगवा सकता है।

आरोपी की बातों में आकर रोहित की मां ने जनवरी 2026 में प्रारंभिक तौर पर 50 हजार रुपये आरोपी को दे दिए। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा।

जमीन गिरवी रखकर दिए डेढ़ लाख रुपये, फिर भी नहीं मिली नौकरी

कुछ दिनों बाद आरोपी पुनः प्रार्थी के घर पहुंचा और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने के नाम पर 1 लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की। बेटे के भविष्य की चिंता में मां ने गांव की जमीन गिरवी रखकर आरोपी को डेढ़ लाख रुपये और दे दिए। आरोपी लगातार ज्वाइनिंग लेटर देने का झांसा देता रहा, लेकिन नौकरी नहीं दिलाई।

दूसरे युवक से भी ठगे 2 लाख 35 हजार रुपये

आरोपी ने लालच और बढ़ाते हुए बताया कि सुरक्षा गार्ड का एक और पद खाली है। इस पर प्रार्थी की मां ने ठूठीअंबा निवासी उमेश भगत के परिवार को जानकारी दी। उमेश की मां भी आरोपी के झांसे में आ गई और अपने बेटे की नौकरी लगवाने के लिए 2 लाख 35 हजार रुपये आरोपी को दे दिए।इस प्रकार आरोपी ने दोनों युवकों से कुल 4 लाख 35 हजार रुपये ठग लिए।

टालमटोल से हुआ शक, पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट

समय बीतने के बाद भी जब आरोपी ने ज्वाइनिंग लेटर नहीं दिया और लगातार टालमटोल करता रहा, तब पीड़ित परिवारों को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने थाना सिटी कोतवाली जशपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

होटल से घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा, पूछताछ में कबूला जुर्म

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपी की तलाश तेज कर दी। पुलिस टीम ने जशपुर के एक होटल में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि ठगी की रकम से उसने अपने पुराने कर्ज चुकाए, टेबल-कुर्सी और कंप्यूटर खरीदे तथा अन्य व्यक्तिगत खर्चों में पैसे खर्च कर दिए।

फर्जी ऑफिस से कंप्यूटर, टेबल-कुर्सी जब्त

पुलिस ने आरोपी के भट्टी रोड जशपुर स्थित तथाकथित ऑफिस में छापा मारकर टेबल, कुर्सी, कंप्यूटर और अन्य सामग्री जब्त की है, जिनका उपयोग वह लोगों को झांसा देने के लिए करता था। आरोपी ने फर्जी ऑफिस बनाकर लोगों को विश्वास दिलाने की कोशिश की थी कि वह सरकारी अधिकारी है।

न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने और आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक विपिन किशोर केरकेट्टा, आरक्षक विनोद तिर्की एवं नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से ठगी के इस मामले का खुलासा हो सका।

और भी

नशे के अवैध कारोबार पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार — जिलेभर में विशेष अभियान से मचा हड़कंप, अवैध शराब बिक्री, परिवहन और गांजा तस्करी पर कसी शिकंजा

ऑपरेशन “आघात” में रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार — अवैध शराब और गांजा के खिलाफ जिलेभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई, 64 पाव देशी शराब, 22 लीटर महुआ और 1.150 किलो गांजा जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार, 67 हजार से अधिक की संपत्ति बरामद

रायगढ़, 18 फरवरी 2026। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत ने बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब बिक्री, परिवहन और गांजा तस्करी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई चार बड़ी कार्रवाइयों में पुलिस ने 64 पाव देशी शराब, 22 लीटर महुआ शराब और 1.150 किलोग्राम गांजा सहित वाहन और मोबाइल जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करते पाए गए छह व्यक्तियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस द्वारा की गई इन कार्रवाइयों में कुल 67,880 रुपये से अधिक मूल्य की अवैध सामग्री और संपत्ति जब्त की गई है। अभियान के तहत जिलेभर में लगातार निगरानी और सघन जांच की जा रही है, जिससे अवैध नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते 6 लोग गिरफ्तार, शहर में चलाया गया विशेष अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सिटी कोतवाली और चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने सर्किट हाउस तिराहा, बडेरामपुर रोड, रामपुर तिराहा, मरीन ड्राइव रोड, पंजरी प्लांट और सिग्नल चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई करते हुए छह व्यक्तियों को खुलेआम शराब सेवन करते हुए पकड़ा।

पुलिस ने रोहित साहू, रजनीश पटेल, सूरज यादव, भोजराम सिदार, परसराम श्रीवास और सुरज श्रीवास के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 36(च) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की।

स्कूटी से अवैध शराब परिवहन करते आरोपी गिरफ्तार, वाहन सहित शराब जब्त

थाना तमनार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सलिहाभांठा मेन रोड में नाकेबंदी कर स्कूटी से अवैध शराब परिवहन कर रहे आरोपी दिगम्बर प्रसाद जायसवाल (52 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 34 पाव देशी प्लेन शराब तथा परिवहन में प्रयुक्त टीवीएस विगो स्कूटी जब्त की गई। जब्त सामग्री और वाहन की कुल कीमत 23,480 रुपये आंकी गई है। आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 59(क) के तहत कार्रवाई की गई।

मोटरसाइकिल से शराब तस्करी करते आरोपी को जूटमिल पुलिस ने दबोचा

इसी प्रकार थाना जूटमिल पुलिस ने कोडातराई तिराहा के पास मोटरसाइकिल से अवैध शराब परिवहन करते आरोपी अमित कुर्रे (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 30 पाव देशी शराब और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई। जब्त सामग्री और वाहन की कुल कीमत 12,400 रुपये बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

घर में बिक्री के लिए रखी 22 लीटर महुआ शराब जब्त, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

थाना कोतरारोड़ पुलिस ने ग्राम चिराईपानी में दबिश देकर आरोपी गोपाल धनुवार (38 वर्ष) के घर से 22 लीटर महुआ शराब जब्त की। आरोपी द्वारा उक्त शराब को बिक्री के उद्देश्य से रखना स्वीकार किया गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।

गांजा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, मोटरसाइकिल की सीट में छिपाकर ले जा रहे थे गांजा

थाना तमनार पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हमीरपुर–धौराभांठा मार्ग पर नाकेबंदी के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी मनोज कुमार प्रधान (42 वर्ष) और संजय कुमार देहरी (38 वर्ष), दोनों निवासी पत्थलगांव जिला जशपुर, मोटरसाइकिल की सीट में छिपाकर 1.150 किलोग्राम गांजा परिवहन कर रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 34,200 रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

अवैध नशे के कारोबार पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई — एसएसपी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब बिक्री, परिवहन और मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जिले में अवैध नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कानून व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

और भी

सोनाजोरी जंगल में दो नाबालिग सहेलियों से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित सहयोगी गिरफ्तार — पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं में भेजा गया न्यायिक रिमांड

लैलूंगा में दो नाबालिक से दुष्कर्म, 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रकाश पैंकरा सहित सहयोगी गिरफ्तार

एसएसपी के निर्देशन में लैलूंगा पुलिस का त्वरित एक्शन, मामले में हुई तत्काल कार्रवाई

आरोपी प्रकाश ने प्रेमजाल में फंसाकर  बुलाया लैलूंगा, लड़की की सहेली से भी किया अनाचार

लैलूंगा के सोनाजोरी जंगल की घटना — शिकायत मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई

दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध

सघन छापेमारी में पकड़े गये दोनों आरोपी, पुलिस ने भेजा न्यायिक रिमांड पर

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — रायगढ़ पुलिस नाबालिगों के विरुद्ध जघन्य अपराधों पर बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगी

रायगढ़, 18 फरवरी 2026 । दिनांक 16 फरवरी को थाना लैलूंगा में दो नाबालिक बालिकाओं ने अपने परिजनों के साथ उपस्थित होकर लैलूंगा निवासी युवक प्रकाश उर्फ राहुल पैंकरा के विरुद्ध दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचीं। घटना की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आते ही उन्होंने तत्काल एसडीओपी धरमजयगढ़ को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने एवं पीड़िताओं की निजता का विशेष ध्यान रखने निर्देशित किया।

                एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए लैलूंगा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के मात्र 12 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी ओमप्रकाश पैंकरा उर्फ प्रकाश उर्फ राहुल पैंकरा तथा घटना में सहयोगी आरोपी जयकिशन धोबा को हिरासत में ले लिया। बाद में दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण*

         प्राप्त जानकारी अनुसार दोनों पीड़िताएं आपस में सहेली हैं। 17 वर्षीय बालिका ने लिखित आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उसका दिसंबर 2025 में ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश उर्फ राहुल पैंकरा से  मोबाइल के माध्यम से परिचय हुआ था। आरोपी ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का प्रलोभन दिया।

      दिनांक 14 फरवरी को आरोपी ने लड़की को लैलूंगा मिलने बुलाया। लड़की अपनी *सहेली (16 वर्षीय)* के साथ पत्थलगांव होते बस से लैलूंगा पहुंची। अटल चौक लैलूंगा पर आरोपी राहुल अपने दोस्त जयकिशन धाबो के साथ *मोटर सायकल क्रमांक CG 13 MU 3456* से दोनों को लेने आया।

      चारों ग्राम सोनाजोरी गए, जहां रात में आरोपी प्रकाश और उसके साथी चारों एक बाइक से सोनाजोरी जंगल गये। वहां मुख्य आरोपी ओमप्रकाश पैंकरा ने पहले उसकी कथित प्रेमिका के साथ दुष्कर्म किया, फिर उसकी सहेली के साथ भी दुष्कर्म किया तथा घटना किसी को बताने पर मारपीट की धमकी दी।

       दोनों पीड़िताओं द्वारा अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत कर थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिस पर पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध किया गया —

*अपराध क्रमांक 50/2026 — धारा 70 भारतीय न्याय संहिता एवं 4, 6 पाक्सो एक्ट* 

*अपराध क्रमांक 51/2026 — धारा 70 भारतीय न्याय संहिता एवं 4, 6 पाक्सो एक्ट*

          आरोपीओमप्रकाश पैंकरा ने पूछताछ में दोनों युवतियों के साथ दुष्कर्म करना स्वीकार किया है, जबकि जयकिशन धोबा घटना में सहयोगी पाया गया। आरोपियों से एक घटना में प्रयुक्त *मोटर सायकल CG 13 MU 3456 जप्त* किया गया है। 

*गिरफ्तार आरोपी*
1. ओमप्रकाश पैंकरा उर्फ प्रकाश उर्फ राहुल पैंकरा पिता सुवर्धन पैंकरा उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम किलकिला, थाना लैलूंगा (*मुख्य आरोपी*)
2. जयकिशन धोबा  पिता भगवती धोबा उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम टुरटुरा, थाना लैलूंगा

*एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*

               *बच्चों के विरुद्ध दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध स्वीकार नहीं । आगे भी ऐसे संवेदनशील मामलों में पुलिस त्वरित गिरफ्तारी एवं कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”*

      12 घंटे के भीतर दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट के संगीन अपराध में आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, संध्या रानी कोका, प्रधान आरक्षक नन्द कुमार पैंकरा, आरक्षक चमर साय, राजू तिग्गा, जितेंद्र कुर्रे, सुमीत एक्का, गोविंद बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

और भी

ऑपरेशन शंखनाद” के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ओडिशा बूचड़खाने ले जाए जा रहे 16 गौवंश को तस्करों के कब्जे से कराया मुक्त, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार


रायगढ़, 18 फरवरी। जिले में गौवंश तस्करी पर पूर्णतः रोक लगाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस ने घेराबंदी कर 16 नग गौवंश को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है, जिन्हें अवैध रूप से ओडिशा के बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर लैलूंगा पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, झगरपुर मार्ग पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा
मामला जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 17 फरवरी की शाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम आमापाली से झगरपुर मार्ग होते हुए कुछ तस्कर गौवंश को अवैध रूप से बूचड़खाने ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और ग्राम झगरपुर के पास मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी।
घेराबंदी के दौरान पुलिस ने एक युवक को गौवंश के साथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम देवानंद यादव (32 वर्ष), निवासी ग्राम आमापाली, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ बताया। आरोपी के कब्जे से कुल 16 नग गौवंश बरामद किए गए।
वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका आरोपी, पूछताछ में कबूला तस्करी का अपराध
पुलिस द्वारा गौवंश के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी रब्बुल खान के साथ मिलकर गौवंश को अवैध रूप से ओडिशा बूचड़खाने ले जा रहा था। आरोपी की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया।
मुक्त कराए गए गौवंश का कराया गया चिकित्सकीय परीक्षण, गौशाला भेजकर की गई समुचित व्यवस्था
पुलिस द्वारा बरामद सभी 16 गौवंश का पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद उनके चारा-पानी एवं देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उन्हें सलखिया गौशाला भेज दिया गया, जहां उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण किया जा रहा है।
पशु क्रूरता एवं पशु संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, आरोपी भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
इस मामले में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपी देवानंद यादव को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, वहीं फरार आरोपी रब्बुल खान की पुलिस द्वारा लगातार पतासाजी की जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह की सख्त चेतावनी — गौवंश तस्करों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जिले में गौवंश तस्करी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद के तहत जिलेभर में लगातार अभियान चलाकर गौवंश तस्करी में संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और इस अवैध गतिविधि पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा।”
पुलिस अधिकारियों एवं टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस सफल कार्रवाई में एसएसपी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साहू, सहायक उपनिरीक्षक परमेश्वर गुप्ता एवं पुलिस टीम के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

और भी

मरीजों की सुविधा और स्वच्छ उपचार वातावरण को सुदृढ़ करने आई.एम.ए. रायगढ़ की सराहनीय पहल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 100 बेडशीट भेंट कर निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

रायगढ़, 18 फरवरी 2026/ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई.एम.ए.) रायगढ़ द्वारा सामाजिक सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत आज स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में 100 चादर (बेडशीट) प्रदान की गईं।
              यह सहयोग मरीजों की सुविधा और अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ.संतोष कुमार ने आई.एम.ए. रायगढ़ की इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामाजिक सहयोग से मरीजों को बेहतर उपचार वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। इस अवसर पर आई.एम.ए.रायगढ़ के अध्यक्ष डॉ. प्रभात पटेल, सचिव डॉ. राज कुमार गुप्ता, डॉ.टी.के. साहू, डॉ.एल.सोनी, डॉ.अनिल हरिप्रिया, डॉ.सविता अहिरवाल, डॉ.दिनेश पटेल, डॉ.प्रवीण जांगड़े, डॉ.अखिलेश बेहरा सहित अन्य चिकित्सकगण उपस्थित रहे। आई.एम.ए. रायगढ़ के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था भविष्य में भी समाजहित के ऐसे कार्यों को निरंतर जारी रखेगी, जिससे जरूरतमंद मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

और भी

कलेक्ट्रेट परिसर में यातायात व्यवस्था सुधारने बड़ा कदम : छह अलग-अलग पार्किंग जोन तय, अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर आमजनों तक के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी

रायगढ़, 18 फरवरी 2026/ कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़ में वाहनों की सुव्यवस्थित आवाजाही और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने नई पार्किंग व्यवस्था लागू की है। अपर कलेक्टर द्वारा जारी आवश्यक सूचना के अनुसार अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग छह पार्किंग जोन निर्धारित किए गए हैं।
           जारी निर्देशानुसार सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें। यदि कोई वाहन निर्धारित स्थान के अतिरिक्त कहीं और खड़ा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। साथ ही पार्किंग ठेकेदार को भी यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि परिसर में आने वाले सभी वाहन निर्धारित स्थानों पर ही व्यवस्थित रूप से खड़े कराए जाएं।
नई व्यवस्था के तहत जिला कोषालय के पीछे पार्किंग 01 में कोषालय, खाद्य, नजरात, एनआईसी, खनिज, सांख्यिकी शाखा के कर्मचारी अपना वाहन रखेंगे। इसी जिला कोषालय के सामने बाउण्ड्री बॉल के पास पार्किंग 02 में शिकायत, राहत-आपदा, डीएमएफ, लोक सेवा केंद्र एवं जनदर्शन शाखा के शासकीय दोपहिया वाहन खड़े किए जाएंगे। पार्किंग निर्मित शेड को पार्किंग 03 के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां वित्त शाखा, अधीक्षक, स्टेनो कक्ष, कलेक्टर न्यायालय, अपर कलेक्टर न्यायालय, कैंप कोर्ट तथा कक्ष क्रमांक 26, 27 एवं 28 से संबंधित वाहनों की पार्किंग होगी।
           छत्तीसगढ़ महतारी प्रतिमा के सामने स्थित स्थल को पार्किंग 04 के रूप में निजी चार पहिया वाहनों के लिए आरक्षित किया गया है। सुलभ जन सुविधा केंद्र के सामने पार्किंग 05 में शासकीय एवं निजी दोपहिया वाहन खड़े किए जाएंगे, जिनमें श्रम, ट्राइबल, निर्वाचन, डीएमसी, नजूल, भू-अर्जन, पोस्ट ऑफिस एवं आबकारी विभाग से संबंधित वाहन शामिल हैं। वहीं पीएनबी एटीएम के सामने पानी टंकी के पास पार्किंग 06 में शासकीय चारपहिया वाहनों की व्यवस्था की गई है। वाहन पार्किंग ठेकेदार कार्यालयीन कार्य से आने वाले आमजनों की वाहन को पार्किंग क्रमांक 4 एवं 5 में सुव्यवस्थित रखने का दायित्व होगा। प्रशासन ने सभी संबंधितों से नई पार्किंग व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने की अपील की है, ताकि कलेक्ट्रेट परिसर में यातायात सुचारु बना रहे और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

और भी

कुरमापाली में पीडीएस दुकान संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित

रायगढ़, 18 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश के तहत रायगढ़ अनुविभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरमापाली में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन के लिए नई एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
         इस संबंध में कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़ द्वारा इच्छुक सहकारी समितियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य पात्र उपभोक्ता संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदक 10 दिवस के भीतर कार्यालयीन समय में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) रायगढ़ के कार्यालय में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवश्यक शर्तों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आवेदक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

और भी

रायगढ़ जिले के उत्खनन प्रभावित वनांचल क्षेत्रों की बदलेगी तस्वीर, 32 करोड़ 12 लाख 21 हजार रुपए की लागत से 14 सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर

रायगढ़, 18 फरवरी 2026।  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के उत्खनन प्रभावित वनांचल क्षेत्र घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा और धरमजयगढ़ विकासखंड की तस्वीर अब तेजी से बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सुदूर एवं आदिवासी बहुल ग्रामों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। सुदूर एवं आदिवासी बहुल ग्रामों को अब मजबूत और टिकाऊ सड़कों से संपर्क जोड़ने जा रहा है। 
          मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप ग्रामीण अंचलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से 32 करोड़ 12 लाख 21 हजार रुपए की लागत से 14 सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य प्रगतिरत हैं।
          इन परियोजनाओं का लक्ष्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करना है। लंबे समय से कच्चे, उबड़-खाबड़ और बरसात में बाधित होने वाले मार्गों के कारण ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंचने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब इन सड़कों के निर्माण से बारहमासी आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा और ग्रामीण जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव आएगा।
          धरमजयगढ़ विकासखंड में सेमीपाली से कोंध्रा, ससकोबा मेन रोड से पाराघाटी, ससकोबा पाराघाटी रोड से बैगापारा तथा ग्राम पंचायत पुसल्दा से चितापाली तक सड़क एवं रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। तमनार विकासखंड में पतरापाली से बरकसपाली, अमलीढोढ़ा पीएमजीएसवाई रोड से समकेरा गौरबहरी, पालीघाट तमनार से जोबरो, टी-10 बरकसपाली से रेगालबहरी तथा कांटाझरिया से सलिहारी तक मार्ग निर्माण कार्य संचालित हैं।
           घरघोड़ा क्षेत्र में तुमीडीह से छर्राटांगर, कुडुमकेला से पुरी तथा घरघोड़ा-लैलूंगा मुख्य मार्ग से कुरुंजखोल तक सड़क निर्माण कार्य जारी है। लैलूंगा विकासखंड में गहनाझरिया-सुकवासुपारा से लभनीपारा और खरसिया विकासखंड में खड़गांव से गोड़पार बस्ती तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन मार्गों के तैयार होने से दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क मुख्य सड़कों से स्थापित होगा और आंतरिक ग्रामीण संपर्क मार्गों को स्थायी मजबूती मिलेगी।
           कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने पिछले दिनों जिलें के सुदूर वनांचल क्षेत्र तमनार विकासखंड अंतर्गत डीएमएफ मद से स्वीकृत पतरापाली से बरकसपाली मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप कराने के सख्त निर्देश दिए। सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच करने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            कलेक्टर ने कहा कि सड़कों का यह नेटवर्क आदिवासी एवं दूरस्थ ग्रामों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा। विद्यार्थियों को विद्यालय और महाविद्यालय तक पहुंचने में सुविधा होगी, मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी और किसानों को अपनी उपज मंडियों तक ले जाने में सहूलियत प्राप्त होगी। आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस और राहत दलों की पहुंच भी सुनिश्चित होगी।
          उल्लेखनीय है कि वर्षों से कई गांव ऐसे रहे हैं जहां वर्षा ऋतु में भारी परेशानियों  का सामना करना करना पड़ता था। गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों और स्कूली बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पक्की एवं टिकाऊ सड़कों के निर्माण से इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

और भी

सोलर नल-जल योजना से कुमा गांव में पहुंच रहा हर घर स्वच्छ पेयजल, पानी के लिए घंटों कतार से मिली मुक्ति

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ रायगढ़ के विकासखंड धरमजयगढ़ अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत कुमा आज ग्रामीण परिवर्तन की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा है। जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में कभी पानी की समस्या जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष थी। आज वही गांव जल जीवन मिशन के तहत स्थापित सोलर नल-जल योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता, स्वच्छता और समृद्धि की नई कहानी लिख रहा है।
           कुछ वर्ष पहले तक ग्राम कुमा में जल संकट सामान्य बात थी। महिलाएं सुबह से लेकर दोपहर तक हैंडपंपों के पास कतार में खड़ी दिखाई देती थीं। गर्मी के दिनों में जलस्तर गिरने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी। कई बार पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। इस दैनिक संघर्ष ने महिलाओं का समय, श्रम और ऊर्जा छीन ली थी। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और परिवार के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता था। गांव के जीवन की रफ्तार पानी की उपलब्धता पर निर्भर थी और यही सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। परिवर्तन की यह कहानी तब शुरू हुई जब जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम कुमा में सौर ऊर्जा आधारित नल-जल प्रदाय प्रणाली स्थापित की गई। गांव में लगाए गए सोलर पैनलों से संचालित पंप के माध्यम से जल को ऊंची टंकी तक पहुंचाया जाता है और वहां से पाइपलाइन द्वारा प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति की जाती है। यह व्यवस्था बिजली पर निर्भर नहीं है, इसलिए बिजली कटौती का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। पर्यावरण के अनुकूल यह प्रणाली न्यूनतम रखरखाव में दीर्घकालिक समाधान प्रदान कर रही है। 
         अब हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है, जिससे गांव की जीवनशैली में स्थायी परिवर्तन आया है। ग्राम की हितग्राही श्रीमती देवमति बताती हैं कि पहले प्रतिदिन दो से तीन घंटे पानी लाने में व्यतीत हो जाते थे। उस समय वे न तो बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पाती थीं और न ही स्वयं के विकास के लिए समय निकाल पाती थीं। अब घर पर ही नल से नियमित जल आपूर्ति होने से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। वे अपने बच्चों की शिक्षा पर अधिक समय दे रही हैं, स्व-सहायता समूह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता बढ़ी है। स्वच्छ पेयजल मिलने से परिवार का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और जलजनित बीमारियों में कमी आई है। देवमति गर्व से कहती हैं, अब हमें पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। घर पर ही स्वच्छ पानी मिलने से हमारा जीवन सरल और सुरक्षित हो गया है।
            पानी लाने की बाध्यता समाप्त होने से महिलाओं को समय की स्वतंत्रता मिली है। यह समय अब आयवर्धक गतिविधियों और सामाजिक भागीदारी में लगाया जा रहा है। महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे निर्णय प्रक्रिया में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह परिवर्तन केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से बच्चों की उपस्थिति और स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और घरों में शौचालय उपयोग को भी प्रोत्साहन मिला है। ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जो इस प्रणाली के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रही है। इससे ग्रामीणों में जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित हुई है। आज ग्राम कुमा केवल एक गांव नहीं, बल्कि प्रेरणा का प्रतीक है। यहां बहता स्वच्छ जल केवल प्यास नहीं बुझा रहा, बल्कि विकास, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की नई धारा प्रवाहित कर रहा है।

और भी

डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए भारतीय डाक विभाग की बड़ी पहल, 18 फरवरी को रायगढ़ में आयोजित होगी वर्चुअल डाक अदालत

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/उपभोक्ताओं की डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग द्वारा 18 फरवरी को वर्चुअल डाक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि इस पहल का मकसद ग्राहकों को उच्च स्तर की सेवाएं प्रदान करना और लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करना है। डाक सेवाओं में कभी-कभी उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए यह मंच उपभोक्ताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा।
         यह वर्चुअल डाक अदालत 18 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से रायगढ़ संभाग के अंतर्गत अधीक्षक डाकघर कार्यालय, कोतरा रोड, कॉमर्स कॉलेज के पास, रायगढ़ में किया जाएगा। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपभोक्ताओं की काउंटर सेवा, बचत बैंक, मनी ऑर्डर, स्पीड पोस्ट, डाक जीवन बीमा सहित विभिन्न सेवाओं से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई करेंगे और मौके पर ही समाधान का प्रयास करेंगे। डाक विभाग ने अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से इस वर्चुअल डाक अदालत में भाग लेकर अपनी समस्याओं के समाधान का लाभ उठाने की अपील की है।

और भी

वीबी जी राम जी अधिनियम का व्यापक आईईसी अभियान जारी, 550 पंचायतों तक पहुंची जागरूकता

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ भारत सरकार के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जी राम जी) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के लिए व्यापक आईईसी अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी 07 विकासखंडों की 550 ग्राम पंचायतों में यह जन-संवाद कार्यक्रम लगातार जारी है।
          अभियान का उद्देश्य अधिनियम की वैधानिक विशेषताओं, 125 दिन की रोजगार गारंटी, समयबद्ध भुगतान, डीबीटी प्रणाली और बेरोजगारी भत्ते जैसी महत्वपूर्ण प्रावधानों की स्पष्ट एवं संरचित जानकारी प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक पहुंचाना है, ताकि अधिकारों के प्रति सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।
           26 जनवरी से प्रारंभ हुए इस अभियान के प्रथम तीन चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। जिसमें प्रथम सप्ताह ‘भ्रम बनाम तथ्य’ जिसमें मीडिया संवाद और तथ्य पत्रों के माध्यम से 125 दिन की वैधानिक गारंटी, विलंबित भुगतान और डिजिटल भुगतान प्रणाली पर स्पष्टता दी गई। वहीं द्वितीय सप्ताह-‘अधिकार संरक्षण संकल्प’ में ग्राम स्तर पर ‘समय पर काम, पूरा भुगतान’ की सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिससे ग्रामीणों में अधिकारों के प्रति विश्वास बढ़ा। इसी तरह तृतीय सप्ताह-‘विकसित भारत ग्राम संवाद’ में चौपाल और ग्राम सभाओं के माध्यम से कार्य योजना निर्माण और बेरोजगारी भत्ते जैसे विषयों पर सीधा संवाद स्थापित किया गया।
    अब चौथे सप्ताह 16 से 22 फरवरी तक ‘अहिंसा से अधिकार’ थीम पर विशेष गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों में महात्मा गांधी जी और विकति भारत के गांव विषय पर पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं, जिससे नई पीढ़ी को ग्रामीण विकास की अवधारणा से जोड़ा जा सके। साथ ही पंचायत स्तर पर ‘रोजगार अधिकार जागरूकता यात्रा’ निकाली जा रही है, जिसमें सरपंच, पंच, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और श्रमिक सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
125 दिन रोजगार गारंटी से आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढ़ता रायगढ़
          वीबी जी राम जी अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में प्रति परिवार 125 दिन का रोजगार, 60 दिन का कृषि अवकाश, 60ः40 के अनुपात में केंद्र-राज्य फंडिंग (पूर्वोत्तर राज्यों हेतु 90ः10), साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था, 15 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और बायोमेट्रिक हाजिरी सहित एआई आधारित डिजिटल पारदर्शिता शामिल है। ग्राम पंचायत भवनों में आयोजित समापन सभाओं में ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण, आजीविका सुदृढ़ीकरण और आर्थिक स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अपने 125 दिन के वैधानिक रोजगार अधिकार की पूरी जानकारी हो और जिला स्तर से ग्राम स्तर तक पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली विकसित हो सके। ‘अहिंसा से अधिकार’ के संदेश के साथ रायगढ़ अब विकसित और आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।

और भी

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा एक दिवसीय लाइसेंस पंजीयन शिविर 26 फरवरी को

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ खाद्य कारोबारियों के लिए खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 26 फरवरी गुरुवार को पूर्वान्ह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। शिविर का आयोजन सिंधी पंचायती धर्मशाला, बेलादुला रोड, बीएसएनएल ऑफिस के सामने, रायगढ़ में किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य जिले के सभी थोक, फुटकर, वितरक, विनिर्माता, ठेला, गुमटी एवं अन्य छोटे-बड़े खाद्य कारोबारियों को पंजीयन और लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ना है।
           विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कई खाद्य व्यवसायी पर्याप्त जानकारी के अभाव में ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ रहते हैं। ऐसे सभी व्यापारियों को इस शिविर के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। शिविर में उपस्थित अधिकारी पात्र आवेदकों का खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कराने में सहयोग करेंगे, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या दंड से बचा जा सके।
*ये दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य*
शिविर में भाग लेने वाले खाद्य कारोबारियों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है- जैसे पहचान पत्र की छायाप्रति (आधार कार्ड), एक पासपोर्ट साइज फोटो एवं फर्म का पता प्रमाण (बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट) आवश्यक है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी संबंधित कारोबारियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने प्रतिष्ठान का वैध पंजीयन/लाइसेंस सुनिश्चित करें और सुरक्षित व मानक खाद्य व्यवस्था में अपना योगदान दें।

और भी