ताजा खबरें


बड़ी खबर

लोकतंत्र की पाठशाला बना छत्तीसगढ़ विधानसभा: छात्रों ने सदन की कार्यवाही देख सीखी संसदीय परंपराएं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले—यही हैं विकसित भारत के भविष्य के निर्माता

रायपुर 14 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर लोकतंत्र की पाठशाला बन गया, जब भिलाई स्थित शकुंतला विद्यालय के ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर विधानसभा पहुंचा। विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं को निकट से समझने का अवसर प्राप्त किया। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की आकांक्षाओं को सदन में अभिव्यक्त करने की सतत प्रक्रिया है। विधानसभा में जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होती है और जनता के कल्याण के लिए नीतियां एवं कानून बनाए जाते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि  उन्होंने विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ-साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने, संविधान के प्रति सम्मान विकसित करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव तथा विधायक श्री रिकेश सेन भी उपस्थित थे।

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा और प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर चर्चा तथा संसदीय प्रक्रियाओं को निकट से समझा। उन्होंने विधानसभा भवन की संरचना, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं।

विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि पुस्तकों में पढ़ी गई संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर उनके लिए विशेष रहा। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र, संविधान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका के प्रति उनकी समझ और अधिक विकसित हुई है।

और भी

लोककला की अमर विरासत को मिलेगा स्थायी सम्मान: डॉ. तीजन बाई के नाम पर होगा लोककला अलंकरण, स्कूल का नामकरण और संग्रहालय में सुरक्षित रहेगा उनका तंबूरा

रायपुर 14 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पैतृक गृह ग्राम गनियारी में आयोजित इस शोकसभा में मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया तथा शोकसंतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. डॉ. तीजन बाई के पुत्र श्री दिलहरण पारधी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, अद्भुत साधना और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई का योगदान  आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करता रहेगा। स्व. डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा। उन्होंने पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष 'डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण' प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण स्व. डॉ. तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र के विद्यार्थी उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह कहा कि लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को राज्य सरकार द्वारा चिरस्थायी रखते हुए  उनकी जीवनभर की कला-साधना के प्रतीक रहे तंबूरे को रायपुर के संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियां उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

श्रद्धांजलि सभा को सांसद श्री विजय बघेल, प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्व. डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कृतित्व और लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री आर.एस. बारले, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य गणमान्यजन, छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे कलाकार, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

और भी

वायरल VIDEO ने खोल दी सरेआम गुंडागर्दी की पोल: युवती से बीच सड़क बेरहमी से मारपीट करने वाली नूरी खान गिरफ्तार, दो नाबालिगों पर भी कार्रवाई

रायगढ़। सोशल मीडिया पर युवती के साथ सरेराह मारपीट का वीडियो वायरल होते ही रायगढ़ पुलिस हरकत में आ गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस को आरोपियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी नगमा खान उर्फ नूरी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि घटना में शामिल दो नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना 30 जून को मेरीन ड्राइव रोड स्थित पुष्पवाटिका गार्डन के पास हुई थी। 19 वर्षीय पीड़िता अपनी सहेली के साथ मोटरसाइकिल से लौट रही थी, तभी दो युवतियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। बाद में उन्होंने अपने रिश्तेदारों को बुलाया, जिनमें नगमा खान उर्फ नूरी भी शामिल थी। इसके बाद सभी ने मिलकर पीड़िता के साथ लात-घूंसों और मुक्कों से मारपीट की। राहगीरों और पीड़िता की सहेली के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों को यह गलतफहमी हो गई थी कि वह उन्हें देखकर हंस रही है। इसी बात पर विवाद बढ़ा और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने वीडियो का तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान की।

पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी नगमा खान उर्फ नूरी (38 वर्ष), निवासी फौजदारपारा, रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, घटना में शामिल दोनों नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ जिले में कानून हाथ में लेने वालों, सरेआम गुंडागर्दी करने वालों और मारपीट जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बनते हैं और दोषियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा।

और भी

ऑपरेशन क्लीन हंट की बड़ी कामयाबी : फर्जी 10वीं की अंकसूची से डाकपाल की नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड कोरबा से गिरफ्तार, लाखों की ठगी का खुलासा

रायगढ़, 14 जुलाई। रायगढ़ पुलिस के ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी 10वीं की अंकसूची तैयार कर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे विनोद कुमार राठौर (47) को कोरबा से पकड़कर रायगढ़ लाया, जहां पूछताछ के बाद उसे धोखाधड़ी और कूटरचना के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इससे पहले इस प्रकरण में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार वर्ष 2023 में भारतीय डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाक सेवकों की भर्ती निकाली गई थी। इस दौरान सक्ती निवासी नरेन्द्र कुमार और जांजगीर-चांपा निवासी सोनम साहू ने आवेदन के साथ कक्षा 10वीं की अंकसूची प्रस्तुत की, जिसके आधार पर दोनों का चयन रायगढ़ डाक संभाग के बर्रा और सुलेसा शाखा में ग्रामीण डाक सेवक (डाकपाल) पद पर हुआ। नियुक्ति से पहले दस्तावेजों के सत्यापन में तमिलनाडु बोर्ड से पता चला कि दोनों अंकसूचियां पूरी तरह फर्जी हैं और बोर्ड द्वारा कभी जारी ही नहीं की गई थीं।

मामले की शिकायत मिलने पर सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में दोनों अभ्यर्थियों ने बताया कि कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे संपर्क किया था। आरोपी ने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराने के एवज में लाखों रुपये की मांग की। नरेन्द्र कुमार ने उसे 3.50 लाख रुपये दिए, जबकि सोनम साहू ने नौकरी लगने के बाद भुगतान करने की सहमति दी थी। फर्जी दस्तावेजों के कारण दोनों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई और उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से लगातार फरार था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वर्ष 2013 में नकली नोट प्रकरण में उसे 10 वर्ष की सजा हो चुकी है। जेल से रिहा होने के बाद वह दोबारा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी करने में सक्रिय हो गया था।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोरबा में छिपा हुआ है। इसके बाद सिटी कोतवाली की टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, प्रधान आरक्षक मनोज मरावी तथा आरक्षक मुरली मनोहर पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरियों में प्रवेश कराने वाले गिरोहों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

और भी

15 जुलाई का शिक्षक आंदोलन हुआ और बड़ा: जागरूक शिक्षक संघ का खुला समर्थन, जाकेश साहू का ऐलान— "अऊ नई सहिबो... अब हड़ताल/आंदोलन करके रहीबो"

रायपुर, 14 जुलाई। प्रदेश में 15 जुलाई को प्रस्तावित शिक्षक आंदोलन से पहले शिक्षा जगत में बड़ी हलचल मच गई है। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और आंदोलन को अपना खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "अऊ नई सहिबो... अब हड़ताल/आंदोलन करके रहीबो।" उनके इस बयान के बाद आंदोलन को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।

संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाड़ेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल सहित प्रदेश कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारियों ने राज्य के सभी शिक्षक एलबी संवर्ग से 15 जुलाई को रायपुर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

शिक्षकों की प्रमुख मांगों पर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के सहायक शिक्षक लंबे समय से वेतन विसंगति की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रथम सेवा गणना करते हुए क्रमोन्नति, पेंशन एवं अन्य सभी सेवा लाभ दिए जाने चाहिए। उनका कहना है कि इन मांगों को लेकर वर्षों से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

टीईटी की अनिवार्यता पर उठाए सवाल

जागरूक शिक्षक संघ ने सेवा में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता का भी विरोध किया है। संगठन का कहना है कि 20 से 25 वर्ष की सफल सेवा देने वाले शिक्षकों को पुनः परीक्षा देने के लिए बाध्य करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने और केंद्र सरकार से आवश्यक कानूनी संशोधन करने की मांग की है।

वीएसके ऐप को बताया अव्यवहारिक

संगठन ने वीएसके ऐप को भी शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बताया। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के अनेक ग्रामीण और दूरस्थ विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं है, ऐसे में ऐप आधारित व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। ऐप तकनीकी रूप से भी सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा है, जिससे शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

'मोदी की गारंटी' और चुनावी वादों का किया जिक्र

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के नाम पर शिक्षकों और कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण वादे किए थे। प्रदेश सरकार के ढाई वर्ष पूरे होने के बावजूद शिक्षकों की प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इसके विपरीत नए नियम और ऑनलाइन प्रक्रियाओं का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

26 से अधिक मोबाइल ऐप्स से बढ़ी परेशानी

संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान में शिक्षकों को पढ़ाई के साथ-साथ अनेक ऑनलाइन कार्यों का भी दबाव झेलना पड़ रहा है। मोबाइल में 26 से अधिक सरकारी ऐप्स के माध्यम से लगातार जानकारी भरने और रिपोर्टिंग के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है तथा शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं।

15 जुलाई को रायपुर में होगा शक्ति प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा 15 जुलाई को राजधानी रायपुर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। जागरूक शिक्षक संघ ने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए प्रदेशभर के शिक्षक एलबी संवर्ग से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यदि अब भी मांगों पर गंभीर पहल नहीं हुई तो आगे आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।

और भी

पीजीआई 2.0 में रायगढ़ ने रचा इतिहास, शिक्षा गुणवत्ता में पूरे छत्तीसगढ़ में हासिल किया पहला स्थान

रायगढ़, 13 जुलाई 2026/ परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई 2.0) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित विद्यालयी शिक्षा के मूल्यांकन की एक वैज्ञानिक प्रणाली है। इसके माध्यम से राज्यों एवं जिलों की शिक्षा व्यवस्था का आकलन विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम, प्रभावी कक्षा संचालन, डिजिटल शिक्षा, विद्यालयी अधोसंरचना, शिक्षक उपलब्धता, समावेशी शिक्षा, शैक्षणिक प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक संकेतकों के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल रैंकिंग देना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सतत सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करना है। इसी पीजीआई 2.0 में रायगढ़ जिले ने पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। जिले को कुल 600 में 329 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसके आधार पर रायगढ़ को प्रचेष्टा-1 श्रेणी प्राप्त हुई है। 
             यह उपलब्धि किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि पिछले दो वर्षों से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के दूरदर्शी नेतृत्व, शिक्षा सुधार के प्रति उनकी विशेष प्राथमिकता, नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के प्रभावी मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू, डीएमसी श्री आलोक स्वर्णकार के नेतृत्व में शिक्षा विभाग द्वारा सुनियोजित रणनीति, टीमवर्क और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के साथ किए गए निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है। पीजीआई 2.0 के अंतर्गत जिले का मूल्यांकन कुल 600 अंकों के आधार पर किया गया, जिसमें परख/राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के 180 अंक, प्रबंध पोर्टल के 10 अंक तथा यू-डाइस प्लस पोर्टल के 410 अंक निर्धारित हैं। प्राप्त अंकों के आधार पर जिलों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। रायगढ़ ने 329 अंक अर्जित कर पूरे प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। विशेष रूप से सीखने के परिणाम, प्रभावी कक्षा संचालन, शैक्षणिक प्रबंधन एवं विद्यालयी प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों में जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

*डिजिटल शिक्षा बनी सफलता का मजबूत आधार*

पिछले दो वर्षों में जिले में डिजिटल शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, ई-कंटेंट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तथा दीक्षा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया गया। शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया, जिससे कक्षाओं में तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिला और विद्यार्थियों के सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

*यू-डाइस पोर्टल पर विशेष फोकस बना उपलब्धि का आधार*

पीजीआई 2.0 में सर्वाधिक 410 अंक यू-डाइस प्लस पोर्टल से निर्धारित हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी विद्यालयों में समयबद्ध, शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति के साथ कार्य किया गया। नियमित समीक्षा, डेटा सत्यापन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जिले का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुआ। भविष्य में भी यू-डाइस प्लस पर डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित कर जिले के अंकों में और वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, शैक्षणिक सीखने के स्तर का सतत मूल्यांकन, शिक्षक प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, समावेशी शिक्षा तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया गया। प्रत्येक पीजीआई संकेतक पर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करते हुए शिक्षा विभाग की पूरी टीम ने उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित किए।
            जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता जिले के सभी प्राचार्यों, शिक्षकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों, पालकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सभी शैक्षणिक पोर्टलों पर समयबद्ध एवं त्रुटिरहित जानकारी दर्ज कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आगामी वर्षों में रायगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। डीएमसी श्री आलोक स्वर्णकार ने पूरी शिक्षा टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले की सामूहिक सफलता है और भविष्य में इससे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। इस सफलता में एपीसी श्री भूपेंद्र पटेल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत अनुश्रवण, विद्यालयों के नियमित मार्गदर्शन, गुणवत्ता सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों के सफल संचालन में उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे। रायगढ़ की यह उपलब्धि जिले के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, पालकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों तथा शिक्षा विभाग के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सामूहिक मेहनत, सुदृढ़ नेतृत्व, प्रभावी शैक्षणिक डिजिटल नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और सटीक डेटा प्रबंधन का परिणाम है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि स्पष्ट लक्ष्य, मजबूत कार्ययोजना, टीमवर्क और सतत प्रयासों के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।

और भी

जनदर्शन में गूंजीं जनता की समस्याएं: जर्जर स्कूल भवन से लेकर शिक्षक संकट, तेंदूपत्ता भुगतान, पीएम आवास, सड़क और पेंशन तक के मामलों में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

रायगढ़, 13 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने प्रत्येक सोमवार को आज कलेक्टोरेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में शिक्षा, सड़क, आवास, पेंशन, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक, राजस्व एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े अनेक आवेदन प्राप्त हुए।
          ग्राम पंचायत घरघोड़ी की सरपंच श्रीमती हराकुंवर राठिया ने बेलडीपा मोहल्ला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला भवन के जर्जर होने की जानकारी देते हुए उसके मरम्मत कार्य के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय भवन की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है, जिससे बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कटाईपाली-सी के सरपंच ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों एवं व्याख्याताओं की कमी की पूर्ति के लिए आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक 200 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षकों के अभाव में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने डीईओ को विद्यालय में शीघ्र शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
           जनदर्शन में ग्राम रेगड़ा निवासी रामवती भुईया ने तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने ग्राम के तेंदूपत्ता फड़ में 730 गड्डी तेंदूपत्ता विक्रय किया था, लेकिन अब तक उनके खाते में पारिश्रमिक राशि जमा नहीं हुई है, जबकि अन्य संग्राहकों को भुगतान प्राप्त हो चुका है। इस पर कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों एवं डीएफओ को प्रकरण का परीक्षण कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तहसील तमनार के ग्राम उत्तर रेगांव की लीना डनसेना ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को पात्रता के आधार पर प्रकरण का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
             जनपद पंचायत पुसौर के ग्राम पंचायत कोड़ातराई के सरपंच मृत्युंजय सिंह ठाकुर ने ग्राम कोड़ातराई से गोहड़ीडीपा होते हुए जोगीतराई तक जाने वाले मार्ग के नवीनीकरण की मांग रखी। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली यह सड़क अत्यंत जर्जर हो चुकी है। बरसात के दिनों में सड़क पर पानी भर जाता है और कीचड़ होने से ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं नवीनीकरण की कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके।
         विकासखंड पुसौर के ग्राम बिंजकोट निवासी तारक दास ने वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण वे अब कोई काम नहीं कर पा रहे हैं तथा जीवन-यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कई बार पंचायत कार्यालय में आवेदन दिया, लेकिन अब तक पेंशन स्वीकृत नहीं हो सकी है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में इसके अलावा राशन कार्ड, राजस्व प्रकरण, विधवा पेंशन, सहायता राशि एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े अनेक आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने और आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने देने के निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

और भी

तंबाकू के खिलाफ रायगढ़ में सख्त अभियान का ऐलान, स्कूलों के 100 मीटर दायरे में बिक्री पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 13 जुलाई 2026/ राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय अभियान कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ.प्रियंका वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में जिले को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
            कलेक्टर ने कहा कि तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों को देखते हुए जनजागरूकता के साथ-साथ कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ऐसे तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए, जिन पर स्वास्थ्य संबंधी वैधानिक चेतावनी अंकित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिले में तंबाकू मुक्त ग्राम पंचायत की अवधारणा को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
          बैठक के दौरान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक उपाध्याय ने कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी देते हुए जनजागरूकता गतिविधियों एवं प्रवर्तन दल की कार्रवाई से समिति को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय और सतत जागरूकता अभियान के माध्यम से जिले में तंबाकू मुक्त वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा सहित समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए जिले को शीघ्र तंबाकू मुक्त जिला बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

और भी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल: 24 घंटे में दिव्यांग गणेश राम यादव को मिली ट्राइसाइकिल, हाथों के सहारे चलने की मजबूरी हुई खत्म

रायगढ़, 13 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, संवेदनशीलता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कार्यसंस्कृति एक बार फिर धरातल पर देखने को मिली। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम कमोसिनडांड निवासी जन्म से दिव्यांग गणेश राम यादव के संघर्षपूर्ण जीवन को लेकर प्रकाशित एक मार्मिक समाचार पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को बिना किसी विलंब के शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने अभूतपूर्व तत्परता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर गणेश राम यादव के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी। यह पूरी प्रक्रिया रविवार के शासकीय अवकाश के दिन भी पूरी की गई, जो राज्य सरकार की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। विभागीय अधिकारियों की टीम जनपद पंचायत धरमजयगढ़ पहुंची और वहां से ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासनिक दल गणेश राम यादव के घर भी पहुंचा, जहां उनके परिवार के सदस्यों, उनकी भाभी तथा वार्ड पंच से चर्चा की गई। उस समय गणेश राम यादव घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए उनके बड़े भाई विचित्र यादव को ट्राइसाइकिल सौंपते हुए यह जानकारी दी गई कि गणेश राम के घर लौटते ही उन्हें यह ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी जाए।

उल्लेखनीय है कि धरमजयगढ़ क्षेत्र से हाल ही में गणेश राम यादव की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे हाथों के सहारे चलकर अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते दिखाई दे रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे वर्षों से ट्राइसाइकिल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में निवास करने के कारण उन्हें आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए और प्रशासन ने भी संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्या का समाधान सुनिश्चित किया।

ट्राइसाइकिल प्राप्त होने के बाद गणेश राम यादव के बड़े भाई विचित्र यादव के चेहरे पर राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। भावुक माहौल में उन्होंने प्रशासन और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि अब तक गणेश राम यादव को छोटी-सी दूरी तय करने के लिए भी हाथों के सहारे सड़क और पगडंडियों पर चलना पड़ता था, जिससे उन्हें शारीरिक कष्ट के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब ट्राइसाइकिल मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आएगा। वे अधिक सहजता से आवागमन कर सकेंगे, अपने दैनिक कार्य स्वयं कर पाएंगे तथा स्वास्थ्य केंद्र, बैंक, पंचायत और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहले की तुलना में कहीं अधिक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे उनके आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

गणेश राम यादव की भाभी श्रीमती चंद्रवती ने बताया कि उनके पति विचित्र यादव और देवर गणेश राम यादव दोनों जन्म से दिव्यांग हैं तथा वे स्वयं भी दिव्यांग हैं। दोनों भाइयों को प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन प्राप्त होती है। परिवार को महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिल रहा है। इसके साथ ही राशन कार्ड के माध्यम से नियमित रूप से खाद्यान्न भी उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से गणेश राम के जीवन में बड़ी राहत आएगी और उनका दैनिक जीवन पहले की अपेक्षा काफी आसान हो जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर महज 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में राज्य सरकार की संवेदनशील, जनकेंद्रित और जवाबदेह सुशासन व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में जिस तत्परता से शासन और प्रशासन ने कार्य किया जा रहा है, वह जरूरतमंदों के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच का प्रेरणादायी उदाहरण गया है।

और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल से विकास कार्यों को मिली नई रफ्तार, बाकारूमा-लैलूंगा मार्ग पर वर्षों से अधूरे पड़े 600 मीटर सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ,  जल्द दौड़ेंगे विकास के पहिए

*

रायगढ़, 11 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित विकास कार्यों के संकल्प के साथ प्रदेशभर में अधोसंरचना परियोजनाओं को गति दे रही है। इसी कड़ी में जिले के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में बाकारूमा से लैलूंगा तक 23 किलोमीटर लंबाई के मार्ग का निर्माण कार्य एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) लोन-3 परियोजना के अंतर्गत लगभग 72.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है,मार्ग निर्माण के दौरान ग्राम राजपुर में लगभग 600 मीटर क्षेत्र में भू-अर्जन भुगतान नहीं होने के कारण संबंधित भू-स्वामियों द्वारा निर्माण कार्य नहीं करने दिया गया। यह सड़क क्षेत्र के अनेक गांवों के लिए आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं व्यापारिक गतिविधियों में सुविधा प्राप्त हो रही है।
              मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एडीबी अधिकारियों से संपर्क कर भू-अर्जन की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद दिनांक 11 मई 2026 को 85 लाख 48 हजार 691 रुपये की राशि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लैलूंगा को अंतरित की गई। हालांकि, एडीबी अधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन को अवगत कराया गया कि उक्त 600 मीटर सड़क निर्माण के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

*डीएमएफ मद से 1.32 करोड़ रुपये स्वीकृत, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य*

ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहल करते हुए लोक निर्माण विभाग से प्राक्कलन तैयार कराया और जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) मद से 1 करोड़ 32 लाख 56 हजार रुपये की राशि 21 मई 2026 को स्वीकृत की गई। इसके बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई है तथा निविदा पूर्ण होने के पश्चात शेष सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसी बीच आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर मार्ग को तत्काल आवागमन योग्य बनाने के उद्देश्य से मरम्मत कार्य प्रारंभ कराया गया। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

और भी

तकनीक से बदलेगी पुलिस विवेचना की तस्वीर: नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रायगढ़ पुलिस ने विवेचकों को दिए 105 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल

रायगढ़, 11 जुलाई। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस विवेचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में रायगढ़ पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जिले के विवेचकों के लिए उपलब्ध कराए गए 105 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) का वितरण शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने थाना एवं चौकी प्रभारियों को किया।

एसएसपी ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू होने के बाद पुलिस अनुसंधान में डिजिटल तकनीक की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इन स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनलों की मदद से विवेचक घटनास्थल पर ही डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर सकेंगे, फोटो और वीडियो दस्तावेज तैयार करेंगे, ऑनलाइन रिपोर्टिंग कर सकेंगे तथा पुलिस एप्लीकेशन के माध्यम से केस की प्रगति को तुरंत अपडेट कर पाएंगे। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और वैज्ञानिक बनेगी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों का समय पर संकलन और सुरक्षित संरक्षण न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाएगा। साथ ही अनुसंधान की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे अपराधियों के खिलाफ सशक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिलने में मदद मिलेगी।

क्राइम मीटिंग के दौरान एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवेचक नवीन कानूनों के अनुरूप तकनीक आधारित अनुसंधान, डिजिटल साक्ष्य संकलन और गुणवत्तापूर्ण विवेचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। समयबद्ध और वैज्ञानिक जांच ही आधुनिक पुलिसिंग की पहचान है और इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।

बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी मुख्यालय सुशांतो बनर्जी, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी और त्वरित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस तरह के तकनीकी संसाधनों का उपयोग लगातार बढ़ाया जाएगा।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश

एसएसपी ने कहा कि "नवीन कानूनों के अनुरूप तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और समयबद्ध विवेचना ही आधुनिक पुलिसिंग की पहचान है। प्रत्येक विवेचक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाना सुनिश्चित करें।"

और भी

होटलों की सघन जांच के दौरान पुलिस से अभद्रता होटल संचालक को पड़ी भारी, व्हाइट रोज होटल संचालक गिरफ्तार,

रायगढ़, 11 जुलाई। जिले में होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा अनैतिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस लगातार विशेष जांच अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार शाम थाना साइबर और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के होटल व्हाइट रोज में औचक निरीक्षण किया, जहां जांच के दौरान होटल संचालक द्वारा पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसे प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले के सभी होटल, लॉज एवं सार्वजनिक आवासीय प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना, होटल में ठहरने वाले लोगों का सत्यापन करना तथा किसी भी प्रकार की अवैध एवं अनैतिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।

जांच के दौरान होटल व्हाइट रोज में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियां पाई गईं। इस पर पुलिस टीम ने होटल संचालक सूरज सिंह (28 वर्ष), निवासी फतेहामुड़ा, थाना जूटमिल को आवश्यक सुरक्षा मानकों में तत्काल सुधार करने की समझाइश दी। आरोप है कि समझाइश के दौरान संचालक ने पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया और लगातार आक्रामक रवैया अपनाया।

पुलिस ने उसे समझाने के लिए कोतवाली थाना लाया, लेकिन वहां भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। पुलिस के अनुसार उसके आचरण से संज्ञेय अपराध होने और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा धारा 126 एवं 135(3) बीएनएसएस के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में होटल, लॉज और गेस्ट हाउसों की जांच लगातार जारी रहेगी। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने, आगंतुकों का सत्यापन नहीं करने, अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने अथवा पुलिस कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों और संचालकों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि होटलों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पुलिस की प्राथमिकता है। जांच के दौरान पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

और भी

महतारी वंदन योजना से महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को मिली नई पहचान, हर माह की सहायता राशि बन रही परिवार का मजबूत सहारा

रायगढ़, 11 जुलाई 2026/समाज के समग्र विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर दिखाई देता है। इसी सोच को साकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए महतारी वंदन योजना की शुरुआत की। यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन गई है।
              योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि जमा की जाती है। इससे सहायता राशि बिना किसी मध्यस्थ के सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रही है। नियमित आर्थिक सहयोग से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और वे परिवार की जिम्मेदारियों में पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ भागीदारी निभा रही हैं। आज जारी हुई 29वीं किस्त ने एक बार फिर महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।

*घरेलू जरूरतों से लेकर भविष्य की सुरक्षा तक बन रही सहारा*

महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग महिलाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप कर रही हैं। यह राशि घर के राशन, रसोई, बच्चों की पढ़ाई, स्कूल की फीस, पुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों तथा अन्य घरेलू खर्चों को पूरा करने में सहायक बन रही है। अनेक महिलाएं नियमित बचत कर भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही हैं। कई हितग्राही अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं।

*स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

योजना ने महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की नई प्रेरणा भी दी है। कई महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, पशुपालन, सब्जी उत्पादन, किराना दुकान, खाद्य प्रसंस्करण तथा अन्य छोटे व्यवसायों में इस राशि का उपयोग कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इससे वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।

*बढ़ा आत्मविश्वास, मजबूत हुआ सम्मान*

नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं के आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। पहले जहां छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। परिवार की आर्थिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ी है और उनके विचारों को अधिक महत्व मिलने लगा है। इससे महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी सकारात्मक वृद्धि हुई है।

*गांवों तक दिखाई दे रहा सकारात्मक बदलाव*

ग्रामीण क्षेत्रों में भी महतारी वंदन योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर बचत, स्वरोजगार और आयवर्धन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे आर्थिक गतिविधियों में उनकी सहभागिता बढ़ी है और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन की नई तस्वीर भी सामने आ रही है।

*रायगढ़ की शारदा यादव और चंपा सिदार ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार*

रायगढ़ की हितग्राही शारदा यादव ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यह राशि घर के राशन और अन्य आवश्यक खर्चों में काफी सहायक होती है। सरकार महिलाओं के हित में अच्छा कार्य कर रही है और इस योजना से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा का एहसास हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। वहीं श्रीमती चंपा सिदार ने कहा कि महतारी वंदन योजना आज केवल एक आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। नियमित आर्थिक सहयोग के माध्यम से यह योजना महिलाओं को अपने परिवार की जिम्मेदारियों को और बेहतर ढंग से निभाने, भविष्य के लिए बचत करने, स्वरोजगार अपनाने तथा समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर प्रदान कर रही है। यही कारण है कि महतारी वंदन योजना आज प्रदेश सहित जिले की अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की एक प्रेरक कहानी बन चुकी है।

और भी

सेवा-सेतु पोर्टल बना आम लोगों के लिए भरोसे का माध्यम, रायगढ़ में तीन वर्षीय आरव पंचाल का जाति प्रमाण पत्र मात्र 10 दिनों में हुआ जारी, बिना कार्यालयों के चक्कर मिले समयबद्ध शासकीय सेवा

रायगढ़, 11 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित सेवा-सेतु पोर्टल नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और सहज शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। इस पहल का लाभ अब आम नागरिकों तक तेजी से पहुंच रहा है। रायगढ़ के गुजराती गली, दरोग़ापारा निवासी श्री विकास कुमार पंचाल ने अपने तीन वर्षीय पुत्र आरव पंचाल का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नजदीकी सेवा-सेतु केन्द्र के माध्यम से आवेदन किया। आवेदन के मात्र 10 दिनों के भीतर उन्हें जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।
              विकास कुमार पंचाल ने बताया कि उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ सेवा-सेतु केन्द्र में आवेदन प्रस्तुत किया था। सभी दस्तावेज पूर्ण होने के कारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका आवेदन शीघ्र निराकृत किया गया और उनके पुत्र का जाति प्रमाण पत्र समय पर जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। उन्होंने बताया कि समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनके बच्चे के भविष्य में शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हो गया है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा-सेतु केन्द्रों ने आम नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की पहुंच को पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान बना दिया है।

*442 डिजिटल सेवाओं के साथ और सशक्त हुए सेवा-सेतु केन्द्र*

राज्य शासन ने डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में लोक सेवा केन्द्रों को नया स्वरूप देते हुए उन्हें सेवा-सेतु केन्द्र के रूप में विकसित किया है। पहले जहां इन केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 442 सेवाएं कर दी गई है। इससे नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। सेवा-सेतु केन्द्रों के विस्तार से अनावश्यक भागदौड़ और समय की बचत होने के साथ-साथ डिजिटल सुशासन को भी नई मजबूती मिल रही है।

और भी

सीएम हेल्पलाइन बनी दिव्यांग का सहारा, चार माह से बंद मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल कुछ ही दिनों में हुई दुरुस्त

जशपुर 11 जुलाई 2026/  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। 

इसी क्रम में जशपुर जिले के बाबू सजबहार निवासी प्रफुल्ल बेक, जो दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उनकी समस्या का भी समय पर निराकरण किया गया।

प्रफुल्ल बेक को बीते वर्ष समाज कल्याण विभाग द्वारा मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की गई थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उनकी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल पिछले चार माह से बंद पड़ी थी। उन्होंने 28 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मरम्मत के लिए संबंधित एजेंसी को उनके निवास पर भेजा गया। कुछ ही दिनों में उनकी मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल ठीक कर दी गई।

प्रफुल्ल बेक ने बताया कि मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल खराब होने के कारण उन्हें कहीं भी आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि दिव्यांग होने के कारण वे स्वयं चल-फिर नहीं सकते हैं। यह मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उनके लिए पैरों की तरह काम करती है। इसके खराब हो जाने से वे काफी परेशान और हताश हो गए थे।

उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन उनके लिए बहुत ही लाभदायक साबित हुई। उनकी समस्या का समय-सीमा से पहले ही निराकरण हो गया। इसके लिए उन्होंने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दोबारा ठीक हो जाने से मैं फिर से आत्मनिर्भर हो पाया हूँ। यह हमारे मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल की वजह से ही संभव हो सका है।"

और भी

गरज-चमक के बीच लापरवाही पड़ सकती है भारी, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

    जशपुरनगर 11 जुलाई 2026/ वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि मौसम खराब होने, तेज गरज-चमक या बिजली कड़कने की स्थिति में लापरवाही न करें और तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पहाड़ी क्षेत्र, नदी-तालाब एवं अन्य जलाशयों के आसपास जाने से बचें। साथ ही पेड़ों के नीचे खड़े न हों, क्योंकि आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक रहता है। ऐसी स्थिति में किसी पक्के भवन या पूरी तरह बंद वाहन में शरण लेना सुरक्षित उपाय है। मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी चेतावनियों का पालन करें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फँस जाए और तत्काल सुरक्षित स्थान तक पहुँचना संभव न हो, तो दोनों पैरों को आपस में मिलाकर नीचे झुक जाएँ, सिर नीचे रखें तथा हाथ घुटनों पर रखें। इस दौरान जमीन पर पूरी तरह न लेटें और अन्य लोगों से उचित दूरी बनाए रखें, ताकि संभावित खतरे को कम किया जा सके।

*आकाशीय बिजली से प्रभावित व्यक्ति तुरंत लें चिकित्सकीय सहायता*

स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि आकाशीय बिजली से प्रभावित व्यक्ति को छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दें अथवा प्रभावित व्यक्ति को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाएं। यदि व्यक्ति की सांस या नाड़ी नहीं चल रही हो, तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तुरंत सीपीआर शुरू करें और गंभीर स्थिति में शीघ्र अस्पताल पहुँचाने की व्यवस्था की जाए। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षा ऋतु में मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करें। प्रशासन का संदेश है कि जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएँ। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।

और भी

रासायनिक खाद पर नहीं, संतुलित पोषण पर जोर: जशपुर में मिट्टी की सेहत सुधारने कृषि विभाग का व्यापक अभियान

जशपुरनगर 11 जुलाई 2026/ जिले में मृदा स्वास्थ्य सुधार, भूमि की उर्वराशक्ति बनाए रखने और मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। किसानों को हरी खाद, जैविक खाद और मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए नियमित रूप से प्रोत्साहित एवं जागरूक किया जा रहा है। उप संचालक कृषि जशपुर ने 9 जुलाई 2026 को एक दैनिक समाचार पत्र में "उत्पादन बढ़ाने रासायनिक खाद का उपयोग, मिट्टी में कम हुआ ऑर्गेनिक कार्बन, घट रही उर्वरक क्षमता" शीर्षक से प्रकाशित समाचार के संबंध में विभागीय तथ्य स्पष्ट करते हुए बताया कि कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समाचार में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ाने के लिए किए जा रहे इन सतत प्रयासों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया है।

*हरी खाद से बढ़ेगा जैविक कार्बन, सुधरेगी मिट्टी की उर्वराशक्ति* -

कृषि विभाग द्वारा किसानों को हरी खाद के रूप में ढैंचा, सनई सहित अन्य उपयुक्त फसलों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। हरी खाद के उपयोग से मिट्टी में जैविक पदार्थों और जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही भूमि की संरचना एवं उर्वराशक्ति में सुधार होता है और लंबे समय में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलती है। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा संचालित हरी खाद कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को हरी खाद अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मृदा में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाना, भूमि की उत्पादन क्षमता को बनाए रखना तथा टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।

*गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और फसल अवशेषों के उपयोग पर जोर* -

विभाग द्वारा किसानों को गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और अन्य जैविक खादों के अधिकाधिक उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही फसल अवशेषों को जलाने के बजाय खेतों में समावेशित करने के संबंध में किसानों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़े और भूमि की उर्वराशक्ति दीर्घकाल तक बनी रहे। कृषि विभाग द्वारा नियमित रूप से प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को संतुलित और मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग के संबंध में जानकारी दी जा रही है। विभाग का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि जैविक एवं रासायनिक स्रोतों के वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग के माध्यम से समेकित पोषक तत्व प्रबंधन को प्रोत्साहित करना है।

*मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को खेतवार मिल रही उर्वरक उपयोग की अनुशंसा* -

जिले में मृदा परीक्षण के आधार पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए जाते हैं। इसमें संबंधित खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति के अनुसार उर्वरकों एवं अन्य पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग की अनुशंसा की जाती है। इससे किसान आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं और अनावश्यक अथवा असंतुलित उपयोग से बच सकते हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को यह समझने में भी सहायता मिलती है कि उनके खेत की मिट्टी को किन पोषक तत्वों की आवश्यकता है। इस वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने से खेती की लागत को नियंत्रित करने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है।

*कृषि विभाग की किसानों से अपील—संतुलित उर्वरक के साथ जैविक खाद का करें अधिकाधिक उपयोग* -

कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में उर्वरकों का उपयोग मृदा परीक्षण और कृषि विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर ही करें। साथ ही हरी खाद, गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, अन्य जैविक खादों तथा फसल अवशेषों के समुचित उपयोग को प्राथमिकता दें। विभाग ने कहा है कि मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण केवल वर्तमान फसल के बेहतर उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि की उर्वराशक्ति सुरक्षित रखने के लिए भी आवश्यक है। संतुलित पोषण और जैविक खादों के अधिकाधिक उपयोग से भूमि की उत्पादन क्षमता को दीर्घकाल तक बनाए रखने के साथ टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि को बढ़ावा दिया जा सकता है।

और भी

जशपुर में विज्ञान शिक्षा का नया अध्याय: पुणे के वैज्ञानिक ने शिक्षकों को सिखाए आधुनिक प्रयोग, अब स्कूलों में होगा 'करके सीखो' मॉडल


जशपुर 11 जुलाई 2026/ कलेक्टर रोहित व्यास की पहल एवं इनोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाउंडेशन के सहयोग से स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय जशपुर में कक्षा नवी एवं दसवीं में विज्ञान विषय पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए विशेष प्रायोगिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। 

इन्नोवेशन एंड साइंस प्रमोशन फाऊंडेशन के फाउंडर और वैज्ञानिक, डॉ. प्रचेता मलिक और उनकी चार सदस्यीय टीम ने शिक्षकों को कई वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित प्रयोग कराए। 

ज्वाइंट कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा के मार्गदर्शन में इस बार जिले के सभी शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में प्रयोग आधारित अध्ययन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से प्रयोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।  

पुणे से आए डॉ. प्रचेता‌ मलिक के साथ उनकी टीम के सदस्यों रोबिन पुष्प, ऋतिक झा, हेमंत मुदलियार और सुश्री रुचि सिंह ठाकुर ने सभी शिक्षकों को प्रयोग कराएं। जिसमें मुख्य रूप से शिक्षकों ने डीआईवाई एक्टिविटी के माध्यम से पैराशूट , बैटरी, माइक्रोस्कोप , रेस्पिरोमीटर और स्ट्रा प्रोपेलर बनाना सीखा। इसके साथ ही एसिड बेस न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन , ज्यामिति की विभिन्न आकृतियों को पेपर के माध्यम से बनाना आदि भी शामिल रहा। भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान से जुड़े इन प्रयोगों का प्रशिक्षण स्थल पर व्यावहारिक प्रदर्शन हुआ।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एक्सपीरियंशियल लर्निंग, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग और कंपिंटेंसी बेस्ड लर्निंग  को समझाते हुए एक्टिविटीज के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के विषय में भी बताया गया। शिक्षकों को डिजिटल रूप से अन्य एक्सपेरिमेंट्स का मैन्युअल भी उपलब्ध कराया जाएगा , जिसमें स्वयं करके देखें गतिविधि के माध्यम से इलेक्ट्रोप्लेटिंग , मैग्नेटिक पेन स्टैंड, वाइब्रेटिंग मेंबरेंन्स, क्रोमेटोग्राफी, सेंट्रीफ्यूज, डाइजेशन स्टार्च, सॉइल इरोजिन मॉडल और मैग्नेटिक फील्ड लाइन शामिल है। 

प्रशिक्षण में एबीईओ टुमनू गोसाई, यशस्वी जशपुर से अवनीश पांडेय, संजय दास सहयोगी मास्टर ट्रेनर प्रभात मिश्रा, दीपक ग्वाला, श्रीमती मनीषा भगत सहित सभी हाई और हायर सेकंडरी विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।

और भी