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छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान की आहट, कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट; किसानों को फसल, सब्जियों और पशुधन की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह

रायपुर, 25 अक्टूबर 2026/ बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।
 चक्रवाती तूफान  के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक  सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

इसी प्रकार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई प्रारंभ कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रोग एवं कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया है।

सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रभाव से तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला एवं लौकी जैसी फसलों के लिए सहारे की व्यवस्था करें। केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवकनाशकों के छिड़काव से बचें।

पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे अथवा खुले स्थानों पर बांधने से बचें। पशुओं के लिए सूखे चारे एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर चक्रवाती तूफान और संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन एवं पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

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मन की बात’ से राष्ट्रीय पहचान पा रही छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, बस्तर ओलंपिक से जल संरक्षण और ‘हर घर मुनगा’ तक के प्रयासों की प्रधानमंत्री मोदी ने की सराहना : मुख्यमंत्री साय

रायपुर 25 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी एवं श्री सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज, पर्यावरण, संस्कृति, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। ऐसे प्रेरक उदाहरण देशवासियों में समाज और राष्ट्र के लिए कुछ नया करने का भाव जागृत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कड़ियों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं, जल संरक्षण, पोषण और नवाचार से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का उल्लेख कर बस्तर की खेल प्रतिभाओं एवं समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दी है। आज शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर अपनी युवा प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभिनव ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ की भी सराहना की है, जिसके तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई के साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसी प्रकार ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण से जुड़े ‘हर घर मुनगा’ जैसे प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी से महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रेरक प्रयासों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के अवसर पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में सहभागिता, स्वच्छता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देते हैं। ‘मन की बात’ ने स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, नवाचार, सेवा और जनभागीदारी को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। इन्हीं सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ और देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ेंगे।

इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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लंबे समय से फरार वारंटियों की अब खैर नहीं! रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत 15 स्थायी वारंटियों को पकड़ा, पुलिस मुख्यालय की निगरानी में चल रहा विशेष अभियान

           *रायगढ़, 25 अक्टूबर 2026।* वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में रायगढ़ जिले में फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान *“ऑपरेशन क्लीन हंट”* के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए *15 फरार स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया।*

      अभियान के तहत थाना चक्रधरनगर की टीम ने 05, थाना खरसिया की टीम ने 03 तथा थाना पूंजीपथरा की टीम ने 02 स्थायी वारंटियों को पकड़ा। इसके अतिरिक्त थाना कापू, कोतरारोड, धरमजयगढ़, पुसौर एवं चौकी खरसिया की टीमों ने एक-एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया।

       गौरतलब हो कि स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे इस विशेष अभियान की मॉनिटरिंग पुलिस मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री पुष्पेन्द्र बघेल एवं सभी राजपत्रित अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। साथ ही थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबे समय से फरार स्थायी वारंटियों की सूची तैयार कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मृत और जेल में निरूद्ध वारंटियों के नियमानुसार तामिली प्रक्रिया अपनायी गई है ।

          रायगढ़ पुलिस द्वारा वारंटियों की धरपकड़ के लिए चरणबद्ध रणनीति अपनाई जा रही है। इसके तहत पहले ऐसे फरार वारंटियों को टार्गेट किया जा रहा है जो संबंधित थाना क्षेत्र, फिर जिले के अन्य थाना क्षेत्रों, इसके बाद राज्य के भीतर तथा राज्य के बाहर फरार वारंटियों की तलाश कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

*इन 15 स्थायी वारंटियों को पकड़ा गया*

1. विकास यादव, पिता भवानी यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी सिविल लाइन पुरानी बस्ती, खरसिया, चौकी खरसिया।
2. 17 वर्षीय बालक, निवासी तुर्रापारा, थाना धरमजयगढ़।
3. श्रीमती बिमला देवी महंत, पति बलीदामस महंत, निवासी शंकरपाली, थाना पुसौर।
4. सुरेश कुमार पटेल, पिता बृजलाल पटेल, निवासी बरपाली, थाना कोतरारोड।
5. लोकनाथ उर्फ विक्की तिवारी, पिता दिगम्बर तिवारी, उम्र 23 वर्ष, निवासी लोधिया, थाना खरसिया।
6. अशोक राठिया उर्फ ननकी, पिता लालसाय राठिया, उम्र 36 वर्ष, निवासी कुनकुनी, थाना खरसिया।
7. अनिल नट, पिता सुन्दरलाल नट, उम्र 30 वर्ष, निवासी टिगतपुर।
8. जनक राम खुटे, पिता शंकर खुटे, उम्र 32 वर्ष, निवासी छुहीपाली, थाना चक्रधरनगर।
9. सुरेश दास, पिता नीलकंठ महंत, उम्र 36 वर्ष, निवासी मिठ्ठुमुड़ा, राजीव गांधी नगर, थाना जूटमिल।
10. श्रीमती किरण साहू, पति सागर साहू, उम्र 25 वर्ष, निवासी पंजरी प्लांट, थाना चक्रधरनगर।
11. राजा सोनी, पिता फूलचंद सोनी, उम्र 23 वर्ष, निवासी राजीव नगर कोतरारोड, थाना सिटी कोतवाली।
12. बलदेव दास महंत, पिता महेत्तर दास महंत, उम्र 22 वर्ष, निवासी III कॉलोनी, अंबेडकर आवास, थाना चक्रधरनगर।
13. बंधन राम मांझी, पिता सोनाऊ राम मांझी, उम्र 21 वर्ष, निवासी चैनपुर सेमरटिकरा, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा।
14. गोविन्दा दिवाकर, पिता गणेश दिवाकर, उम्र 23 वर्ष, निवासी सिंघल प्लांट कॉलोनी, थाना पूंजीपथरा।
15. छोटेलाल यादव उर्फ भड्डू, पिता दया यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी लाखा, थाना सिटी कोतवाली।

*आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई*

       एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ पुलिस फरार स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है। अभियान के तहत आने वाले दिनों में भी विशेष टीमें सक्रिय रहेंगी और जिले सहित अन्य स्थानों पर फरार वारंटियों की तलाश तेज की जाएगी।

*रायगढ़ पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि कानून की प्रक्रिया से बचकर लंबे समय तक फरार रहना आसान नहीं होगा। फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और न्यायालयीन आदेशों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।*

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स्नैपचैट पर दोस्ती, शादी का वादा और फिर इनकार! घरघोड़ा पुलिस ने युवती की शिकायत पर शारीरिक शोषण के आरोपी को पकड़ा, 4.50 लाख रुपये लेने का भी आरोप

       *रायगढ़, 25 अक्टूबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत घरघोड़ा पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी की पहचान पंकज चौहान (21 वर्ष), निवासी ग्राम अमलीडीह, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक आईफोन मोबाइल भी जब्त किया है।

       जानकारी के अनुसार, दिनांक 23 अक्टूबर 2026 को 23 वर्षीय पीड़िता ने थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई कि 22 अक्टूबर 2025 को स्नैपचैट के माध्यम से उसकी पहचान पंकज चौहान से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होने लगी और मुलाकातें भी होने लगीं। पीड़िता के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे फोन कर प्रेम करने और शादी करने का भरोसा दिलाया तथा अपने घर ग्राम अमलीडीह बुलाया। वहां आरोपी ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने इसी तरह कई बार शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और अलग-अलग समय पर उससे लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये भी लिए।

        पीड़िता के अनुसार, सितंबर 2026 में आवश्यकता पड़ने पर जब उसने आरोपी से अपने रुपये वापस मांगे और शादी करने के लिए कहा, तो आरोपी ने रुपये लौटाने से इनकार कर दिया तथा शादी करने से भी मना कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 320/2026, धारा 69 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

        विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी पंकज चौहान को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया तथा घटना में प्रयुक्त आईफोन मोबाइल पेश किया, जिसे विधिवत जब्त किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

         *“महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रायगढ़ पुलिस गंभीरता से लेती है। पीड़िताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। महिला सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है।”*

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महिला अपराधों से लेकर साइबर ठगी तक, महिला थाना पुलिस ने वार्डवासियों को किया जागरूक, हेलो सिस्टर हेल्पलाइन और डायल 112 की दी जानकारी

     *रायगढ़, 25 अक्टूबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर 24 अक्टूबर 2026 को महिला थाना की सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे एवं महिला थाना स्टाफ द्वारा   स्थान- चंद्रा सामुदायिक भवन वार्ड नंबर 4 जगतपुर रायगढ़ छत्तीसगढ़ में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।  जिसमें सायबर जागरूक,  और यातायात नियमों एवं महिलाओं से संबंधित जानकारी दी गई कार्यक्रम में 40-50 महिलाएं उपस्थिति रही।  महिला से  संबंधित अपराध, साइबर अपराध, यातायात नियमों तथा आपातकालीन सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
   

*“हैलो सिस्टर” हेल्पलाइन से मिलेगी सहायता*

      महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी सहायता के लिए बच्चों और उपस्थित लोगों को “हैलो सिस्टर हेल्पलाइन नंबर 94792 70533” की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि यदि वे स्वयं या उनके आसपास कोई महिला अथवा बच्चा किसी परेशानी, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या असुरक्षित परिस्थिति का सामना कर रहा हो तो भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देने के साथ उपलब्ध सहायता माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही आपात स्थिति में डायल 112 के माध्यम से पुलिस सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।

*साइबर अपराधों की दी गई जानकारी*

       कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए बच्चों को मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में विशेष रूप से समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, किसी अजनबी के साथ निजी जानकारी, फोटो, वीडियो, स्कूल की जानकारी, पता या पासवर्ड साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए ऐप डाउनलोड करने या OTP एवं पासवर्ड किसी को बताने से बचने की समझाइश दी गई। बच्चों को यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की आपत्तिजनक, धमकी भरी या परेशान करने वाली गतिविधि सामने आने पर स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखकर तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को जानकारी दें।

*यातायात नियमों को समझाया*

      पुलिस टीम ने बच्चों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के संबंध में भी जागरूक किया। सड़क पार करते समय दोनों ओर देखकर सावधानीपूर्वक सड़क पार करने, चलते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करने तथा वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व के बारे में बताया गया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए हैं।

     कार्यक्रम के दौरान महिला अपराधों, बाल अपराधों तथा समाज में बढ़ते अपराधों के प्रति भी बच्चों एवं शिक्षकों को जागरूक किया गया। पुलिस ने बच्चों को समझाया कि किसी भी अपराध की जानकारी होने पर चुप रहना समाधान नहीं है; समय पर सूचना देना अपराध रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चों को पुलिस से डरने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की मदद लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देकर उन्हें सजग, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाना रहा।

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जुआरियों पर कोतवाली पुलिस का शिकंजा, दो अलग-अलग ठिकानों पर रेड कर 6 आरोपियों को पकड़ा, जुआ फड़ों से 9,400 रुपये नकद और ताश की गड्डियां जब्त

    *रायगढ़, 25 अक्टूबर* । रायगढ़ जिले में जुआ-सट्टा पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन अंकुश” के तहत थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ पुलिस ने 23 अक्टूबर की रात दो अलग-अलग स्थानों पर जुआ रेड की कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं जुआ फड़ से कुल 9,400 रुपये नकद, 52-52 पत्ती की दो ताश गड्डियां तथा दो प्लास्टिक बोरियां जब्त की हैं। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

               पहली कार्रवाई में कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बाउलीकुआं, रायगढ़ के पास कुछ व्यक्ति रुपये-पैसों का दांव लगाकर ताशपत्ती से काट-पत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और जुआ खेलते तीन व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम निखिल देवांगन (27 वर्ष), महेश देवांगन (30 वर्ष) एवं पुरुषोत्तम देवांगन (31 वर्ष), निवासी बाउलीकुआं, कोतरारोड, रायगढ़ बताया। पुलिस ने उनके कब्जे एवं जुआ फड़ से 5,200 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश तथा एक प्लास्टिक बोरी जब्त की। 

        दूसरी कार्रवाई में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दीनदयाल कॉलोनी, ढिमरापुर, रायगढ़ के पास कुछ व्यक्ति रुपये-पैसों का दांव लगाकर काट-पत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश देकर तीन व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम सुमेश वासुदेव (25 वर्ष), निवासी पुरानी बस्ती ढिमरापुर; राजेश पटनायक (28 वर्ष), निवासी इंदिरानगर; तथा राजेश यादव (41 वर्ष), निवासी दीनदयाल कॉलोनी ढिमरापुर, रायगढ़ बताया। पुलिस ने जुआ फड़ एवं आरोपियों के कब्जे से 4,200 रुपये नकद, 52 पत्ती ताश तथा एक प्लास्टिक बोरी जब्त की। 

         दोनों कार्रवाइयों में कुल छह आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। जुआ रेड की कार्रवाई में प्रधान आरक्षक हेमंत चन्द्रा, आरक्षक कमलेश यादव, ओश्निक विश्वाल एवं शिव विभोर मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

                *“अवैध जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ऐसे कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।”*

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रायगढ़ में अवैध कबाड़ परिवहन पर पुलिस का शिकंजा, पूंजीपथरा पुलिस ने 17.650 टन स्क्रैप कबाड़ पकड़ा, लाखों के कबाड़ के साथ 12 चक्का ट्रक जब्त

       *रायगढ़, 25 अक्टूबर* । रायगढ़ जिले में अवैध कबाड़ के परिवहन एवं संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17.650 टन स्क्रैप कबाड़ से लदे 12 चक्का ट्रक को जब्त किया है। जब्त कबाड़ की अनुमानित कीमत ₹5,29,500 है। वाहन चालक कबाड़ के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिस पर चोरी का माल होने के संदेह में पुलिस ने ट्रक और कबाड़ को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की।

        प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव को मुखबिर से सूचना मिली कि ट्रक क्रमांक CG 13 LA 2763 में स्क्रैप कबाड़ लोड कर परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पूंजीपथरा पुलिस ने तमनार चौक के पास सड़क पर घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोककर जांच की। चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम रमेश यादव, पिता डल्लू यादव, उम्र 45 वर्ष, निवासी रसूलपुर, थाना सरायमीर, जिला आजमगढ़, उत्तर प्रदेश बताया। ट्रक में लोड स्क्रैप कबाड़ के संबंध में चालक से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने गवाहों के समक्ष विधिवत जब्ती कार्रवाई करते हुए 17.650 टन स्क्रैप कबाड़, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5,29,500 है, तथा परिवहन में प्रयुक्त 12 चक्का ट्रक को जब्त कर लिया।

        मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(क), 35(ड) का उल्लेख करते हुए वैधानिक कार्रवाई की गई है। पूंजीपथरा पुलिस द्वारा अवैध एवं संदिग्ध कबाड़ परिवहन पर निगरानी रखते हुए ऐसी गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।

  *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

         *“अवैध कबाड़ के परिवहन, चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त तथा संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कबाड़ के कारोबार से जुड़े सभी लोगों को वैध दस्तावेजों के साथ ही परिवहन एवं व्यापार करना चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”*

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ऑपरेशन आघात के तहत रायगढ़ पुलिस की दो जगह ताबड़तोड़ कार्रवाई, 32 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ सराईपाली के दो आरोपी गिरफ्तार, शराब परिवहन में इस्तेमाल स्कूटी भी जब्त

      *रायगढ़, 25 अक्टूबर* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में अवैध मादक पदार्थों एवं शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में कल 23 अक्टूबर को पुलिस टीम ने तुमीडीह–सराईपाली मार्ग तथा जिंदल प्लांट पूंजीपथरा के पीछे जमडबरी रोड पर दबिश देकर कुल 32 लीटर अवैध महुआ शराब, कीमत 3,200 रुपये जब्त की है। एक प्रकरण में शराब परिवहन में प्रयुक्त स्कूटी भी जब्त की गई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत कार्रवाई की गई है।

             पहली कार्रवाई में थाना पूंजीपथरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तुमीडीह–सराईपाली मार्ग पर एक व्यक्ति स्कूटी से अवैध महुआ शराब का परिवहन कर रहा है। सूचना पर प्रशिक्षु उप निरीक्षक क्षितिज कुमार देवांगन ने आरक्षक नरेंद्र कुमार पैंकरा एवं सुरेंद्र यादव के साथ मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम संजय साहू पिता उसत राम साहू, उम्र 24 वर्ष, निवासी सराईपाली, थाना पूंजीपथरा बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 500-500 एमएल के 20 पन्नी पाउच में कुल 10 लीटर कच्ची महुआ शराब, कीमत 1,000 रुपये बरामद हुई। पुलिस ने अवैध शराब के साथ परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कूटी क्रमांक CG 13 AH 5891 को गवाहों के समक्ष जब्त कर आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की।

            इसी क्रम में दूसरी कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक गजेंद्र प्रसाद पैंकरा को हमराह आरक्षक कीर्तन यादव एवं आदिकंद प्रधान के साथ पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जिंदल प्लांट पूंजीपथरा के पीछे जमडबरी रोड किनारे एक व्यक्ति अवैध महुआ शराब बिक्री के लिए रखा हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा, जिसने अपना नाम राजेंद्र निषाद पिता संतराम निषाद, उम्र 38 वर्ष, निवासी सराईपाली, थाना पूंजीपथरा बताया। उसके कब्जे में रखी सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी से 44 पन्नी पाउच में भरी कुल 22 लीटर कच्ची महुआ शराब, कीमत 2,200 रुपये बरामद हुई। आरोपी द्वारा शराब बिक्री के उद्देश्य से रखना बताए जाने पर पुलिस ने शराब जब्त कर उसके विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की।

              दोनों कार्रवाइयों में पूंजीपथरा पुलिस ने कुल 32 लीटर अवैध महुआ शराब, कीमत 3,200 रुपये तथा परिवहन में प्रयुक्त एक स्कूटी जब्त की है। कार्रवाई में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक क्षितिज कुमार देवांगन, प्रधान आरक्षक गजेंद्र प्रसाद पैंकरा, आरक्षक नरेंद्र कुमार पैंकरा, सुरेंद्र यादव, कीर्तन यादव एवं आदिकंद प्रधान की सक्रिय भूमिका रही।

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छत्तीसगढ़ में एसआईआर के दौरान फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का आरोप, 24.99 लाख मतदाताओं की कमी पर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब, बोले—फर्जी तरीके से नाम कटवाने वालों पर हो कार्रवाई

रायपुर 
           छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची में लगभग 25 लाख मतदाताओं के नाम कम होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फॉर्म -7 की पूरी प्रक्रिया कि जांच की मांग की है, जिसके जरिए मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। 
            दस्तावेजों के आधार पर बयान जारी करते हुए मोहम्मद अकबर ने कहा है कि वर्ष 2023 से अब तक आबादी बढ़ी है लेकिन 24 लाख 99 हजार मतदाता कम हो गए। भारत निर्वाचन आयोग को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में एस.आई.आर के दौरान बहुत बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वोट कटवाने का काम किया गया है। निर्धारित प्रक्रियाओं और नियमों का पालन नहीं किए जाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
             मोहम्मद अकबर ने बताया कि प्रावधान अनुसार फॉर्म-7 की आपत्ति पर सुनवाई के दौरान सबसे पहले आपत्तिकर्ता को नोटिस जारी करते हुए व्यक्तिगत सुना जाएगा तथा उसका बयान दर्ज किया जाएगा। अधिकारी को आपत्ति और उसके वैधता के संबंध में स्वयं संतुष्ट होना होगा। जिस व्यक्ति के नाम पर आपत्ति की गई है, उसे आदेश पारित करने के पूर्व सुना जाएगा। इसका मतलब यह है कि केवल फॉर्म-7 दाखिल हो जाने से किसी मतदाता का नाम अपने आप नहीं कट जाता, झूठी शिकायत करने पर उक्त आवेदक के विरुद्ध कार्यवाही की जा सकती है, जिसने फॉर्म-7 में जानबूझकर गलत कथन या घोषणा दी है। ऐसी कार्यवाही जनप्रतिनिधि अधिनियम 1950 की धारा 31 के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी जो की कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दंडनीय है। 
          पूर्व मंत्री ने कहा कि राज्य के 33 जिलों में 1,08,807 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जिसमें प्रमुख रूप से रायपुर 31,028 ,कोरबा 15,187 ,कबीरधाम 2,234 ,बालोद 3,903 ,बलोदाबाजार-भाटापारा 2,662 ,दुर्ग 7,209 इत्यादि ,उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूछा है कि इनमें से फॉर्म-7 के आधार पर कितने हैं? क्या आक्षेप आवेदनकर्ता के बयान लिए गए हैं? क्या जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं उनको सुनवाई का अवसर दिया गया है? कितने मामलों में शिकायतें झूठी पाई गई और कितने मामलों में आक्षेप आवेदनकर्ता फर्जी पाए गए? ऐसे मामलों में क्या धारा-31 के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की गई जिसमें 1 साल की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। 
         इन सभी मामलों में जवाब मिलना चाहिए तथा इसके साथ ही यह भी बताना चाहिए कि वर्ष-2023 से अब तक आबादी बढ़ी है फिर 24 लाख 99 हजार मतदाता कैसे कम हो गए? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच  जीत-हार का अंतर 6 लाख 32 हजार वोटों का है, जबकि इससे 4 गुना अधिक मतदाता कम हो गए हैं जो आश्चर्यजनक है। 
        स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक है कि एस.आई.आर के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम फिर से जोड़े जाएं या पुरानी सूची को बहाल किया जाए। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करे कि कोई भी मतदाता अपने मत देने के अधिकार से वंचित न हो।

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जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: संभावित बारिश को लेकर कलेक्टर ने अधिकारियों को किया अलर्ट, नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 25 अक्टूबर 2026। मौसम विभाग द्वारा चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में वर्षा की संभावना जताई गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चक्रवात के उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 27 अक्टूबर को सुकमा एवं दंतेवाड़ा तथा 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनजर सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने संभावित प्रतिकूल मौसम को देखते हुए जिले के सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्रीमती साहू ने राजस्व, पुलिस, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, विद्युत, जल संसाधन सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने, मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान एवं चेतावनियों की निरंतर निगरानी करने तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर समय रहते आवश्यक कदम उठाने को कहा है। विशेष रूप से निचले इलाकों, जलभराव एवं बाढ़ की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर वहां सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित वर्षा के दौरान जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक संसाधन एवं व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा गया है। कलेक्टर ने राज्य आपदा मोचन बल, नगर सेना एवं अन्य बचाव दलों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराने की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जलाशयों एवं बांधों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने, जल निकासी की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को समय रहते चेतावनी देने तथा विद्युत आपूर्ति एवं आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

*नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, सतर्कता बरतने की अपील*

कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा संभावित वर्षा के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें। विशेषकर नदी-नालों, जलभराव वाले स्थानों और तेज बहाव वाले मार्गों को पार करने से बचें। आंधी-तूफान एवं आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों, पेड़ों और विद्युत खंभों के नीचे खड़े न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक विशेष सतर्कता बरतें तथा बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
जिला प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेतों एवं खुले स्थानों में रखी कृषि उपज, धान और अन्य आवश्यक सामग्रियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें। नागरिक अनावश्यक जोखिम न उठाएं तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकतानुसार आम नागरिकों तक समय पर चेतावनी एवं सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाई जाए। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब न हो तथा सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन की दिशा में डिजिटल पहल, सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे मिलेंगी शासकीय सेवाएं

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 25 अक्टूबर 2026। राज्य शासन की मंशानुरूप आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ सरल, सुगम, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की पहल के अंतर्गत विभिन्न विभागों की नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से सुलभ बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में 22 अक्टूबर को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सेवा सेतु पोर्टल का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के उपयोगकर्ता अधिकारियों को पोर्टल में नई जोड़ी गई सेवाओं के संचालन एवं क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्कृति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, रेशम, तकनीकी शिक्षा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, खाद्य, खेल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनके विभागों से संबंधित नवीन ऑनलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। इस दौरान पोर्टल के माध्यम से नागरिकों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों, विभागीय स्तर पर उनकी प्रक्रिया तथा निराकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाते हुए नागरिकों को सेवाओं का लाभ सुचारू रूप से उपलब्ध कराना रहा।
एक ही डिजिटल मंच पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल
सेवा सेतु पोर्टल का उद्देश्य विभिन्न विभागों की नागरिक सेवाओं को एकीकृत डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराकर आमजन की शासकीय कार्यालयों पर निर्भरता कम करना है। इसके माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने, ऑनलाइन आवेदन करने तथा आवेदन की स्थिति जानने जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। विभागीय सेवाओं के डिजिटलीकरण से आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने, अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम होने तथा समयबद्ध निराकरण को प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को इससे सुविधा मिल सकेगी।

*नई सेवाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर*

जिला प्रशासन द्वारा सेवा सेतु पोर्टल में जोड़ी गई नई सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों के उपयोगकर्ता अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे अधिकारी पोर्टल की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे तथा ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के परीक्षण एवं निराकरण की प्रक्रिया को सुचारू बना सकेंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से विभागीय स्तर पर तकनीकी समझ विकसित करने के साथ नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवाओं को अधिकाधिक ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, जिला स्तर पर विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी से नागरिक सेवाओं की पहुंच का विस्तार होगा। इससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में समय और संसाधनों की बचत होने के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनहितैषी बनाने में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार सहित संस्कृति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, रेशम, तकनीकी शिक्षा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व, खाद्य, खेल एवं शिक्षा विभाग के कार्यालय प्रमुख तथा संबंधित उपयोगकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे।
समाचार क्रमांक 991../2026
गुलाब डडसेना

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रायगढ़ में 38 विशेष जरूरत वाले बच्चों का हुआ मापन, अब जरूरत के मुताबिक मिलेंगे सहायक उपकरण

रायगढ़ 25 अक्टूबर 2026/ शासन की मंशानुरूप एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए समग्र शिक्षा अभियान, जिला रायगढ़ के अंतर्गत रायगढ़ विकासखंड के बीआरसी भवन में मापन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम ने 38 बच्चों का मापन कर उनकी शारीरिक स्थिति और व्यक्तिगत जरूरतों का आकलन किया। मापन के आधार पर बच्चों को उपयुक्त सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
            जिला मिशन समन्वयक श्री आलोक स्वर्णकार ने बताया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों को विद्यालय आने-जाने, पढ़ाई करने और अन्य गतिविधियों में भाग लेने में सहूलियत मिलेगी।

*मापन के आधार पर मिलेंगे उपयुक्त उपकरण*

आईईडी प्रभारी श्री भूपेंद्र पटेल ने बताया कि विशेषज्ञ टीम ने प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुसार मापन किया है। इसके आधार पर जरूरतमंद बच्चों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कैलिपर्स सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपयुक्त उपकरण मिलने से बच्चों की आवाजाही आसान होगी और वे विद्यालयीन गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकेंगे।

*समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल*

समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विकासखंडों के बीआरपी और विशेष शिक्षक उपस्थित रहे। मापन प्रक्रिया में समग्र शिक्षा अभियान की एपीसी श्रीमती ज्योत्सना राजपूत, फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती रागिनी राठौर तथा बीआरसी श्री मनोज अग्रवाल ने समन्वय किया। इस पहल से बच्चों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उनकी दैनिक गतिविधियां आसान होंगी, विद्यालय में सहभागिता बढ़ेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

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रायगढ़ की 268 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने की तैयारी, 27 नवंबर को विशेष ग्राम सभा में पारित होंगे प्रस्ताव

रायगढ़, 25 अक्टूबर 2026/ बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले की ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए आगामी 27 नवंबर को विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने का प्रस्ताव पारित कराने के साथ इस अभियान को जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला पंचायत के सभाकक्ष में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अधिकारियों को बाल विवाह रोकने, कानूनी प्रावधानों का पालन कराने और ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
             जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने  कार्यशाला में अधिकारियों से कहा कि 27 नवंबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत का प्रस्ताव अनिवार्य रूप से रखा जाए और नियमानुसार पारित कराया जाए। उन्होंने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

*282 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त, शेष पर रहेगा फोकस*

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 2025-26 में रायगढ़ जिले की 282 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब शेष 268 ग्राम पंचायतों को भी इस सामाजिक कुरीति से मुक्त करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले की कुल 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले से बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में भी लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि वहां दोबारा बाल विवाह की घटनाएं न हों। कार्यशाला में बाल विकास परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को विभागीय कार्यों की जानकारी देने के साथ ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।

*अधिकारियों को बताए बाल विवाह रोकने के कानूनी प्रावधान*

जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री धीरेंद्र कुमार शर्मा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और कानूनी अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, सेक्टर स्तर पर पर्यवेक्षक, परियोजना स्तर पर परियोजना अधिकारी और जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। अभियान के तहत पंचायत स्तर पर विवाह पंजी का संधारण किया जाएगा। ग्राम सभा, ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में बाल विवाह मुक्त घोषित करने संबंधी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इसके बाद दावा-आपत्ति के प्रकाशन और अनुशंसा सहित प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजने की प्रक्रिया पूरी होगी। जिला स्तर पर अंतिम दावा-आपत्ति प्रकाशन के बाद नियमानुसार ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।

*बाल विवाह की सूचना 1098 पर देने की अपील*

जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने या इसकी आशंका होने पर तत्काल स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, सरपंच, पंचायत सचिव या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। समय पर मिली सूचना से बाल विवाह रोकने और बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। कार्यशाला के अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिला कार्यालय के कर्मचारियों, सभी परियोजना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारियों और चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक सहित उपस्थित 120 अधिकारियों-कर्मचारियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की सामूहिक शपथ दिलाई।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बदल रही पीवीटीजी बस्तियों की तस्वीर, रायगढ़ में 170 परिवारों को मिला पक्का आवास

रायगढ़, 25 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के माध्यम से रायगढ़ जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों के माध्यम से इन परिवारों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
                जिले के तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा, धरमजयगढ़ और खरसिया विकासखंडों की 52 ग्राम पंचायतों की 53 पीवीटीजी बसाहटों के 961 परिवार इस अभियान के दायरे में हैं। इन परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर बनाना है।

*पक्के आवास से पेयजल तक, गांवों में पहुंच रहीं सुविधाएं*

पीएम जनमन के तहत जिले में आवास निर्माण, संपर्क सड़कों, पेयजल व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्युतीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि 173 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 170 पक्के मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास मिला है, जिन्हें पहले कच्चे मकानों में रहकर बारिश सहित मौसम की कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पेयजल व्यवस्था के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। चिन्हित 327 पाइप्ड एवं सामुदायिक पेयजल संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही तीन आंगनबाड़ी संबंधी कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं। इन सुविधाओं से ग्रामीणों को बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने तथा बच्चों की देखभाल और पोषण व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।

*घरों में रोशनी, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान*

दूरस्थ बसाहटों में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्रिड और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं पर काम किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 28 ग्रिड आधारित और 27 सौर ऊर्जा आधारित घरेलू विद्युतीकरण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इससे संबंधित परिवारों को बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। अभियान के अंतर्गत पांच मोबाइल मेडिकल यूनिट संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा दो बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इन केंद्रों में सामुदायिक बैठकों, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और शासकीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी देने के लिए सुविधा उपलब्ध है।

*शासकीय योजनाओं से जोड़कर परिवारों को दिया जा रहा लाभ*

पीएम जनमन के तहत बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पीवीटीजी परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए परिवारों की जरूरतों के अनुसार आधार, जनधन खाते, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, सिकल सेल जांच, व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टे, किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाओं से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य योजनाओं से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ताकि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और दूरस्थ बसाहटों में रहने वाले लोगों तक भी शासन की सुविधाएं पहुंचें। इसके लिए संबंधित विभागों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की पहचान और योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

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लगातार दूसरे दिन हॉकी लीग देखने पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव, खिलाड़ियों की हौसला अफजाई कर स्टार परफॉर्मर्स को किया सम्मानित; चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल के करीब

रायपुर. 25 अक्टूबर 2026. पहले क्वार्टर में खराब शुरुआत के बावजूद सुरेंद्र सिंह की न्यायधानी नाइट्स ने आज संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 5-3 से हराकर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैच की शुरुआत में ही दो पेनाल्टी कार्नर गंवा दिए, जिससे वे शुरुआत में ही बढ़त बनाने से चूक गए। हालांकि, ओम कुमार यादव ने जीतू हेमला की पास की गई गेंद को डिफ्लेक्ट करके पहला गोल किया और टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई, लेकिन पेनाल्टी कार्नर को गोल में न बदल पाना उनके लिए भारी पड़ा।

दूसरे क्वार्टर में न्यायधानी नाइट्स ने सुखवेद निर्मलकर के फील्ड गोल के साथ वापसी की। इसके कुछ ही देर बाद शादाब अहमद खान ने गोल किया, जब संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के गोलकीपर आदित्य कुमार नेताम बुरी तरह गिर गए थे। इसके एक मिनट से भी कम समय बाद चिराग ने एक पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। पहले हाफ के ज्यादातर समय स्ट्राइकर्स का दबदबा होने के बावजूद स्कोर 1-3 रहा।

हालांकि, तीसरे क्वार्टर में उनकी किस्मत थोड़ी बेहतर रही। वे फिर से पेनाल्टी कार्नर को गोल में नहीं बदल पाए, लेकिन उन्हें मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को आशीष तानी पूर्ति ने गोल में बदल दिया। इसके जवाब में, चिराग ने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलकर न्यायधानी नाइट्स की बढ़त को फिर से दो गोल का कर दिया।

मैच के अंत में आशीष तानी एक तरह से संस्कारधानी के अकेले योद्धा साबित हुए, जब उन्होंने पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल दिया। एकतरफा रहे इस मैच का अंत तब हुआ जब सोनू ने न्यायधानी नाइट्स के लिए एक और गोल किया।

मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए आशीष को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला, जबकि चिराग को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में लगातार दूसरे दिन मैच देखने और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई के लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मैच के स्टार परफॉर्मर्स को पुरस्कार प्रदान किए।

लीग में रविवार को शाम 5.30 बजे 'न्यायधानी नाइट्स' का मुकाबला 'बैलाडीला बुल्स' से होगा, और इसके बाद शाम 7.30 बजे 'राजधानी रॉयल्स' का सामना 'मैनपाट टाइटन्स' से होगा।

*'राजधानी रॉयल्स' पर 4-3 की जीत के साथ 'चक्रधर चैंपियंस' सेमीफाइनल में जगह बनाने के एक कदम और करीब*

आज के पहले मैच में 'राजधानी रॉयल्स' को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें 'चक्रधर चैंपियंस' ने 4-3 से हराया। इस जीत के साथ 'चक्रधर चैंपियंस' ने अपने दोनों मैचों में जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है।

'चक्रधर चैंपियंस' के लिए परमप्रीत सिंह मैच के स्टार रहे, जिन्होंने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल किए। वहीं, 'राजधानी रॉयल्स' के लिए रौशन ने एक गोल किया। अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए 'राजधानी रॉयल्स' को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा और अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे।

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राजधानी रॉयल्स को चक्रधर चैंपियंस ने 4-3 से हराया, सेमीफाइनल की दहलीज पर पहुंची चैंपियंस की टीम, लगातार दूसरी हार से अंक तालिका में सबसे नीचे खिसकी राजधानी रॉयल्स

रायपुर. 25 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आज राजधानी रॉयल्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। चक्रधर चैंपियंस ने उसे 4-3 से मात दी। ललित उपाध्याय की कप्तानी वाली टीम के लिए यह हार उन्हें पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे ले आई है, जिससे उनके आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी मुश्किल हो गई हैं। दूसरी ओर, चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंच गए हैं।

मैच की शुरुआत चक्रधर चैंपियंस ने की, जो लगातार दूसरे दिन अपना मैच खेल रहे थे। उन्होंने गोल करने का अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और सबसे पहले गोल दागा। चौथे मिनट में मनीष ने टीम के लिए एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे युवराज वाल्मीकि ने एक बेहतरीन वेरिएशन के जरिए गोल में बदल दिया। टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश कर रही राजधानी रॉयल्स ने कुछ ही मिनटों बाद बराबरी कर ली, जब रौशन कुमार ने 'टोमाहॉक' शॉट से गोल किया, जो इस लीग में उनका ट्रेडमार्क बन गया है। दोनों टीमों के बीच यह क्वार्टर काफी बराबरी का रहा, जिसमें दोनों तरफ से एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी गई।

चक्रधर चैंपियंस लीग में ऐसी टीम बनकर उभरी है जिसे हराना मुश्किल है, क्योंकि उनके पास अनुभवी और नए खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है जो लगातार गोल कर रहे हैं। वाल्मीकि ने मिडफील्ड से एक लंबा पास दिया, जिसे रोकने के लिए कोई डिफेंडर मौजूद नहीं था। इसका नतीजा यह हुआ कि खोगेश्वर बाग ने शानदार तरीके से गेंद को डिफ्लेक्ट (दिशा बदलकर) करके चैंपियंस के लिए दिन का दूसरा गोल कर दिया। हाफ-टाइम से पहले उन्हें कुछ और मौके मिले, लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तरह, पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में उनका प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
उनका तीसरा गोल एक पेनल्टी कॉर्नर से आया‌। इस बार परमप्रीत सिंह ने पोस्ट के बीच में निशाना साधा, और विपक्षी गोलकीपर हिमांशु मलिक एक आसान सा बचाव करने से चूक गए। राजधानी रॉयल्स ने एक गोल वापस किया, जब रौशन कुमार ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर फिर से गोल दागा।

चक्रधर चैंपियंस के लिए अगला गोल आने में उम्मीद से कहीं ज्यादा समय लगा, जब परमप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गेंद को नेट के पार पहुंचाया। उनके दूसरे गोल के विपरीत, यह एक जोरदार प्रहार था, और मलिक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। ललित ने खेल खत्म होने के करीब वापसी की और एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रौशन को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' चुना गया, जबकि परमप्रीत 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे। अब राजधानी रॉयल्स अपना अगला मैच 25 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के खिलाफ खेलेगी। वहीं चक्रधर चैंपियंस का भी अगला मैच 26 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के साथ है।

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जनजातीय कला, संस्कृति और हुनर को मिलेगा देशभर में नया बाजार, रायपुर में मंत्री रामविचार नेताम ने किया ‘आदि बाजार 2026’ का शुभारंभ

रायपुर, 25 अक्टूबर 2026। जनजातीय कार्य मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज राजधानी रायपुर के टाउन हॉल में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्रायफेड) द्वारा आयोजित ‘आदि बाजार 2026’ का शुभारंभ किया। जनजातीय कला, संस्कृति, पारंपरिक शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित यह बाजार 2 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न राज्यों के जनजातीय शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराया गया है।

*जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर*

          मंत्री श्री नेताम ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अनमोल धरोहर हैं। जनजातीय कारीगरों के उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराना उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आदि बाजार जैसे आयोजनों से जनजातीय शिल्पकारों और कारीगरों की मेहनत को उचित मूल्य मिलने के साथ ही उनके उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होता है।

*इस प्रकार के आयोजन से जनजातीय समुदायों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत होता है*

         मंत्री श्री नेताम ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों और शिल्पकारों को एक मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलना अत्यंत सराहनीय है। इससे न केवल पारंपरिक कला और शिल्प को नई पहचान मिलती है, बल्कि विभिन्न राज्यों के कारीगरों को एक-दूसरे की कला, तकनीक और हुनर को जानने तथा सीखने का अवसर भी प्राप्त होता है। इस प्रकार के आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ ही जनजातीय समुदायों के बीच आपसी जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।

*आदि बाजार 2026  जनजातीय शिल्पकारों के उत्पाद को नई पहचान दिलाने और आजीविका बढ़ाने में महत्वपूर्ण*
   
     श्री नेताम ने कहा कि जनजातीय कारीगरों की प्रतिभा और परिश्रम से निर्मित उत्पादों की अपनी विशिष्ट पहचान है। आवश्यकता है कि इन उत्पादों को व्यापक बाजार और बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि कारीगरों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आदि बाजार 2026 जनजातीय शिल्पकारों के उत्पादों को नई पहचान दिलाने और उनकी आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

        मंत्री श्री नेताम ने इस आयोजन के लिए ट्रायफेड एवं संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से जनजातीय कला और संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा जनजातीय परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

        इस अवसर पर अपर प्रधान वन संरक्षक श्रीमती संगीता गुप्ता, ट्रायफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री संदीप शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, विभिन्न विधाओं के शिल्पकार, कारीगर एवं जनजातीय कलाकार उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री साय बोले—लोककलाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान, तीजन बाई की विरासत सहेजेगी सरकार; कलाकारों के लिए खुलेगा सम्मान और अवसरों का नया द्वार

रायपुर 25 अक्टूबर 2026/  छत्तीसगढ़ लोककला और संस्कृति की समृद्ध धरती है। हमारी लोककलाएं हमारे इतिहास, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इन्हें सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार लोककलाओं के संरक्षण-संवर्धन के साथ कलाकारों को प्रोत्साहन और व्यापक मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने प्रदेशभर से आए लोक कलाकारों का अभिनंदन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी ने अनेक महान कलाकार दिए हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और साधना से प्रदेश की लोकसंस्कृति को देश-दुनिया में प्रतिष्ठित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पंडवानी की महान लोक कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्वितीय कला-साधना से छत्तीसगढ़ की पंडवानी को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। पंडवानी एक अनूठी लोकविधा है, जिसमें कलाकार महाभारत की कथा और उसके विभिन्न पात्रों को अपने गायन, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से जीवंत कर देता है। तीजन बाई ने इस अद्भुत लोकविधा को दुनिया के अनेक मंचों तक पहुंचाकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजन बाई की स्मृतियों और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार महत्वपूर्ण पहल कर रही है। उनके गृह ग्राम गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा तथा वहां के हाईस्कूल का नामकरण तीजन बाई के नाम पर करने की पहल की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीजन बाई के नाम पर लोककला अलंकरण इसी वर्ष से राज्योत्सव के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। यह अलंकरण उनकी अनुपम कला-साधना के प्रति सम्मान के साथ प्रदेश के लोक कलाकारों को अपनी परंपरागत कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञानश्रोत कला मंच के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी संस्था का लगातार 46 वर्षों तक लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इस मंच ने छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को जीवंत रखने, कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने पद्मश्री डॉ. उषा बारले एवं ज्ञानश्रोत लोककला मंच से जुड़े सभी लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के कलाकारों और फिल्म जगत को भी नई संभावनाओं से जोड़ रही है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा और स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ फिल्म विकास बोर्ड का गठन किया गया है। नवा रायपुर में फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ी सिनेमा के साथ अन्य फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के कलाकारों तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं रचनात्मक अवसरों के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजकों की मांग पर पंडवानी महासम्मेलन में शामिल 70 दलों को 25-25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। इनमें पंडवानी कलाकारों के साथ चार पंथी एवं तीन आदिवासी नृत्य दल भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की शिक्षा और अधोसंरचना से जुड़ी मांगों को पूरा करते हुए मिडिल स्कूल बानबरद को हाईस्कूल में उन्नयन करने तथा अहिवारा रेलवे क्रॉसिंग से अटल परिसर तक बीटी रोड निर्माण की भी घोषणा की।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे बढ़ाने में यहां के कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पंडवानी, पंथी, भरथरी, ददरिया और सुवा जैसी लोकविधाएं हमारे जीवन और सामाजिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। ये केवल गीत और नृत्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा हैं। उन्होंने कलाकारों से इस महासम्मेलन की परंपरा को आगे भी इसी उत्साह के साथ जीवंत बनाए रखने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को विधायक श्री रिकेश सेन ने भी संबोधित किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कलाकारों से जुड़ी विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया।

इस अवसर पर विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर, विधायक साजा श्री ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोक कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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