ताजा खबरें


बड़ी खबर

औद्योगिक दुर्घटनाओं में कमी लाने प्रशासन की पहल, आयोजित किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम,एन.आर. इस्पात में फायर बेस्ड मॉक ड्रिल आयोजित

रायगढ़, 25 मई 2026/ औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा औद्योगिक दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एन.आर. इस्पात एंड प्राइवेट लिमिटेड कारखाना परिसर में फायर बेस्ड मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
               मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने की स्थिति में उस पर कैसे काबू पाया जाए, जान-माल की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए तथा किस प्रकार की आग में कौन-सा अग्निशामक यंत्र उपयोग किया जाना चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के बारे में भी बताया गया। वहीं 22 मई को एमएसपी स्टील में सुरक्षा वर्कशॉप एवं नॉलेज शेयरिंग सेशन का आयोजन किया गया। इसमें 10 बड़े कारखानों के लगभग 50 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए गए तथा कारखानों में सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने पर चर्चा हुई।
             उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने म्यूचुअल एड सिस्टम के तहत विभिन्न कारखानों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर दुर्घटनाओं में कमी लाने पर जोर दिया। इस दौरान कारखाना प्रतिनिधियों ने स्पंज आयरन एवं स्टील मेकिंग में अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर प्रस्तुतीकरण भी दिया।

और भी

सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का करें गुणवत्तापूर्ण निराकरण-कलेक्टर,जनसमस्या निवारण शिविरों में मिली शिकायतों और मांगों के संवेदनशील परीक्षण के दिए निर्देश

रायगढ़, 25 मई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज आयोजित समय-सीमा की बैठक में राज्य शासन द्वारा प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत संचालित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिविरों में प्राप्त मांग, शिकायत एवं समस्याओं का अत्यंत सूक्षमता, गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ परीक्षण किया जाए तथा प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
              कलेक्टर ने कहा कि राज्य स्तर पर भी शिविरों में प्राप्त आवेदनों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक कुल 13 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं तथा सुशासन तिहार का तीसरा चरण वर्तमान में संचालित है। 26 मई मंगलवार को विकासखंड पुसौर के बड़ेभंडार स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें 23 गांवों को शामिल किया गया है। बैठक में कलेक्टर ने राज्य शासन, विभिन्न विभागीय संचालनालयों एवं विभागों से प्राप्त निर्देशों तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन समिति की बैठक समय पर आयोजित नहीं होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और आगामी 3 जून तक प्रबंधकारिणी समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित कराने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने पहुंच मार्ग की मरम्मत कराने तथा शाम और देर रात तक नियमित पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
               कलेक्टर ने पंचायत पदाधिकारियों एवं पूर्व पदाधिकारियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के कारण लंबित वसूली प्रकरणों की जनपदवार समीक्षा करते हुए नियमानुसार सख्ती से ऋण वसूली की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया। बैठक में आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले के सभी निजी अस्पतालों में भर्ती पात्र मरीजों को आयुष्मान कार्ड का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। उन्होंने कुछ निजी अस्पतालों द्वारा तकनीकी कारणों का हवाला देकर योजना के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भू-जल स्तर प्रभावित होने से बंद पड़े हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने के लिए कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को रिचार्जिंग पिट निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून से पहले सभी आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए जाएं ताकि जल संरक्षण और जल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
              बैठक में प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना अंतर्गत जिले में ईवी पीसीएस स्टेशन स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, प्रभारी मंत्री एवं सांसद निधि से स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत एवं अप्रारंभ कार्यों की समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों, नक्शा आबंटन एवं लंबित आवेदनों के निराकरण में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजित बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमति पूजा बंसल एवं संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

और भी

पंचायत समाधान मंच” बना ग्रामीण समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम ,रास्ता विवाद से लेकर पेयजल समस्या तक, आपसी सहमति से गांवों में मिल रहा स्थायी समाधान

रायगढ़, 25 मई 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवादों और स्थानीय समस्याओं के त्वरित, सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान के उद्देश्य से संचालित “पंचायत समाधान मंच” अब ग्रामीणों के लिए भरोसेमंद व्यवस्था के रूप में उभर रहा है। जिले की लगभग 550 ग्राम पंचायतों में गठित यह मंच आपसी संवाद, सामाजिक सहमति और स्थानीय सहभागिता के माध्यम से विवादों कासकारात्मक वातावरण और सामाजिक एकता को भी नई मजबूती भी मिल रही है। निराकरण कर गांवों में शांति, भाईचारा और सामाजिक समरसता को मजबूत कर रहा है।

रायगढ़ जिला प्रशासन की पहल पर पंचायत समाधान मंच के माध्यम से ऐसे मामलों को प्राथमिकता से सुलझाया जा रहा है, जिनका समाधान आपसी समझाइश और सामाजिक सहमति से संभव है। इससे ग्रामीणों को अनावश्यक न्यायालयीन प्रक्रिया, थाना-कचहरी के चक्कर एवं आर्थिक-मानसिक परेशानियों से राहत मिल रही है।
इसी क्रम में तहसील खरसिया अंतर्गत ग्राम कलमीपाट में लंबे समय से चले आ रहे रास्ता विवाद एवं सांस्कृतिक मंच निर्माण संबंधी विवाद का सफलतापूर्वक समाधान पंचायत समाधान मंच के माध्यम से कराया गया। बैठक में दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी गई तथा राजस्व एवं पंचायत अमले की उपस्थिति में विस्तृत चर्चा की गई। आपसी सहमति और समझाइश के बाद दोनों पक्ष समाधान पर सहमत हुए और गांव में शांति एवं भाईचारा बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर ही विवाद सुलझ जाने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है, वहीं अनावश्यक न्यायालयीन परेशानियों से भी राहत मिल रही है।
इसी प्रकार विकासखंड लैलूंगा के ग्राम तारागढ़ में पंचायत समाधान मंच के माध्यम से पेयजल समस्या का भी प्रभावी समाधान किया गया। यहां जल जीवन मिशन के तहत निर्मित पानी टंकी में जल आपूर्ति के लिए स्थापित तीन बोर निजी उपयोग में लिए जा रहे थे, जिससे ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही थी। मामले को पंचायत समाधान मंच में रखकर राजस्व विभाग एवं जल संसाधन विभाग की मौजूदगी में आम सहमति बनाई गई। इसके बाद सभी बोर में पंप फिट कर टंकी तक जल आपूर्ति शुरू कराई गई।
समाधान के बाद वर्तमान में लगभग 150 परिवारों को नल के माध्यम से उनके घरों तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए इसे गांव के लिए बड़ी राहत बताया।
जिला प्रशासन ने कहा है कि पंचायत समाधान मंच के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संवाद आधारित समाधान की संस्कृति विकसित हो रही है। इससे न केवल विवादों का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि गांवों में सकारात्मक वातावरण और सामाजिक एकता को भी नई मजबूती भी मिल रही है।
इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं दोनों पक्षों के सदस्य उपस्थित रहे।

और भी

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लू का अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी ,लू के लक्षण दिखें तो तुरंत करें प्राथमिक उपचार, गंभीर स्थिति में लें चिकित्सकीय सहायता

रायगढ़, 21 अप्रैल 2026/ प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में लू चलने की संभावना जताई है। जारी चेतावनी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, कबीरधाम, खैरगढ़-छुईखदान-गंडई, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर और राजनांदगांव जिले प्रभावित हो सकते हैं। मौसम में अचानक आई इस तेज गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
              कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायगढ़ डॉ. अनिल कुमार जगत ने लू के लक्षण, बचाव और प्राथमिक उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी जारी करते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में लू का प्रभाव गंभीर हो सकता है, इसलिए सभी लोग आवश्यक एहतियात अपनाएं। घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, सूती एवं ढीले कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखें तथा छतरी, टोपी या कपड़े का उपयोग करें। साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, छाछ, ओआरएस घोल, लस्सी, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करते रहें।
              स्वास्थ्य विभाग ने लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना, बेहोशी, कमजोरी, शरीर में ऐंठन और नब्ज का असामान्य होना बताया है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क हो जाना जरूरी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाएं, उसके कपड़े ढीले करें और ठंडे पानी की पट्टियां रखें, ताकि शरीर का तापमान कम किया जा सके। साथ ही उसे तरल पदार्थ जैसे पानी, ओआरएस घोल या कच्चे आम का पना पिलाएं। उन्होंने यह भी कहा कि धूप में खाली पेट न निकलें, ज्यादा मिर्च-मसाले या बासी भोजन से परहेज करें और कूलर या एसी से निकलकर अचानक तेज धूप में जाने से बचें। यदि स्थिति गंभीर हो तो प्रभावित व्यक्ति को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि लापरवाही न बरतें और लू से बचाव के उपायों का पालन कर सुरक्षित रहें।

और भी

खरसिया क्षेत्र में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 17.200 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त कर दो आरोपियों को भेजा गया जेल

रायगढ़, 24 मई 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 17.200 लीटर शराब जब्त की है। यह कार्रवाई आबकारी वृत्त-खरसिया की टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई।
           आबकारी उप निरीक्षक श्री कुशल पटेल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में ग्राम सोंड़का निवासी परदेशी कंवर के कब्जे से 10.200 लीटर तथा ग्राम बासनपाली निवासी उमा बंजारे के कब्जे से 7 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

और भी

हार्ट अटैक, सड़क हादसे और आपदा जैसी आपात स्थितियों में अब तुरंत मदद कर सकेंगे पुलिसकर्मी, मेडिकल कॉलेज में विशेष सीपीआर प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर जवानों को सिखाई गई जीवन बचाने की महत्वपूर्ण तकनीक

  24 मई, रायगढ़* । स्वर्गीय श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के  तत्वावधान में ऑल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, रायगढ़ द्वारा आज मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पुलिसकर्मियों के लिए एकदिवसीय सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में घायल अथवा हृदयाघात से पीड़ित व्यक्तियों को त्वरित सहायता प्रदान करने और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने के तरीकों की जानकारी देना था।

    कार्यक्रम में डॉक्टरों की टीम ने पुलिसकर्मियों को पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन और वीडियो डेमो के माध्यम से सीपीआर की आवश्यकता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  डॉ. गजेंद्र ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि दुर्घटना, आगजनी, बाढ़ जैसी आपदा या अन्य किसी कारण से यदि किसी व्यक्ति का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो जाए, वह मूर्छित हो और कोई प्रतिक्रिया न दे रहा हो, तो सही तरीके से सीपीआर देकर उसके रक्त संचार को पुनः सक्रिय किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले व्यक्ति को जरूरी है सुरक्षित स्थान पर ले जाएं, उसकी प्रतिक्रिया चेक करें, डायल 108 और 112 पर कॉल कर मेडिकल सहायता बुलानी चाहिए। मेडिकल टीम के पहुंचने तक सीपीआर देकर पीड़ित व्यक्ति का जीवन बचाने का प्रयास किया जा सकता है।

     प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना संबंधी वीडियो के माध्यम से सीपीआर देने की विधि का डेमो दिखाया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने स्वयं एक-एक कर सीपीआर देने का प्रायोगिक अभ्यास किया।

      डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी ने सीपीआर प्रशिक्षण आयोजन के लिए डॉक्टर प्रभात पटेल और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएसपी सुशांतो बनर्जी, आरआई अमित सिंह सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 100 पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

और भी

“ऑपरेशन आघात” का घरघोड़ा में बड़ा धमाका : रायकेरा में पुलिस की ताबड़तोड़ रेड, 30 लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

*24 मई, रायगढ़*। एसएसपी रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत 23 मई 2026 को घरघोड़ा पुलिस द्वारा अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर सूचना पर अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर आरोपियों को अवैध कच्ची महुआ शराब एवं अंग्रेजी शराब के साथ पकड़ा।

        पहली कार्रवाई में *आरोपी रवि साहू पिता ठाकूर राम साहू उम्र 26 वर्ष निवासी रायकेरा थाना घरघोड़ा जिला रायगढ़* को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 25 पाव BAGPIPE अंग्रेजी शराब कीमत लगभग 4750 रुपये तथा 15 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमत 3000 रुपये जब्त की गई। इसके अलावा शराब बिक्री की रकम 450 रुपये भी बरामद की गई। कुल 19.500 लीटर शराब एवं नकदी सहित लगभग 7750 रुपये का माल जप्त किया गया।

       दूसरी कार्रवाई में *आरोपी मुरलीधर राठिया पिता चमार सिंह राठिया उम्र 26 वर्ष निवासी रायकेरा थाना घरघोड़ा जिला रायगढ़* को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 12 पाव GYPSY अंग्रेजी शराब कीमत 1440 रुपये तथा 9.500 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमत 1900 रुपये बरामद की गई। साथ ही शराब बिक्री की रकम 270 रुपये भी जप्त की गई। कुल 11.660 लीटर शराब एवं नकदी सहित लगभग 3340 रुपये का माल पुलिस ने बरामद किया।

        दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना घरघोड़ा में धारा 34(2), 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

      थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक उद्योराम पटेल एवं महिला आरक्षक सम्पत्ति भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—

        *“अवैध शराब कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”*

और भी

अवैध शराब कारोबार पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, विदेशी शराब से लेकर हाथ भट्टी महुआ शराब तक भारी मात्रा में जब्ती, 675 किलो महुआ लाहन नष्ट कर आरोपी को भेजा गया जेल

रायगढ़, 23 मई 2026/ जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुल 86.520 लीटर विदेशी एवं महुआ शराब के साथ 675 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में की गई। 
             विभाग को मिली शिकायत के आधार पर टीम ने 23 मई को ग्राम गोगा मंदिर जूटमिल के पास रायगढ़ क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी बिमला बाई साहू, पति गुलाब सिंह, उम्र 39 वर्ष, निवासी कोड़ातराई, थाना भूपदेवपुर के कब्जे से 45 नग पाव गोवा गोल्डन व्हिस्की, 19 पाव एम्पायर व्हिस्की सहित कुल 64 पाव यानी 11.520 लीटर शराब बरामद की। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। अभियान के तहत वृत्त-रायगढ़ (दक्षिण) क्षेत्र के ग्राम टपरदा में खेत के पास आबकारी विभाग ने छापा मारकर अवैध शराब निर्माण का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान 75 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब एवं 675 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया। विभाग ने मामले को जांच में लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

और भी

सुशासन तिहार में संवेदनशील प्रशासन की अनूठी पहल, काशीचुआ शिविर में वृद्धजनों को मिला सहारा और सम्मान

रायगढ़, 23 मई 2026/ सुशासन तिहार अंतर्गत जनपद पंचायत रायगढ़ के काशीचुआ में आयोजित शिविर में समाज कल्याण विभाग जिला रायगढ़ द्वारा वृद्धजनों को सहायक उपकरण के रूप में वृद्धजन छड़ी (सेटेबल वॉकिंग स्टिक) प्रदान की गई। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, ग्राम पंचायत सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के करकमलों से हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए।
      शिविर में उच्चभिट्ठी निवासी श्री भोजराम नायक, देवरी निवासी श्री मनबोध दास महंत, डूमरपाली निवासी श्रीमती श्याम बाई वैष्णव तथा काशीचुआ निवासी श्रीमती हीरामती को वृद्धजन छड़ी प्रदान कर लाभान्वित किया गया। सहायक उपकरण मिलने पर हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन की इस पहल को उपयोगी एवं राहतभरी बताया। सहायक उपकरण वितरण के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत सामूहिक नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनपद पंचायत रायगढ़ की अध्यक्षा श्रीमती सुजाता चौहान एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष द्वारा उपस्थित नागरिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ दिलाई गई। समाज कल्याण विभाग रायगढ़ के कर्मचारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी ने नशामुक्त भारत अभियान को सफल बनाने तथा समाज को नशे से मुक्त करने के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

और भी

सुशासन तिहार में ग्रामीणों की समस्या का त्वरित समाधान : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर 24 घंटे के भीतर बदला गया खराब ट्रांसफार्मर


रायगढ़, 23 मई 2026। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘सुशासन तिहार’ के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। रायगढ़ जिले के ग्राम चपले, बयांग चौक में ट्रांसफार्मर खराब होने से उत्पन्न बिजली संकट का समाधान मात्र 24 से 30 घंटे के भीतर कर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम चपले, बयांग चौक में ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। भीषण गर्मी के बीच बिजली बाधित होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पेयजल व्यवस्था सहित दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं।
ग्रामीणों द्वारा समस्या की जानकारी वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल विद्युत विभाग के अधिकारियों को नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराकर शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए।

मंत्री के निर्देश मिलते ही अवकाश के दिन भी विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय हो गए और युद्ध स्तर पर कार्य प्रारंभ किया। विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम चपले, बयांग चौक में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।
बिजली व्यवस्था सुचारू होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है तथा शासन की संवेदनशीलता गांव स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

और भी

हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन से सशक्त होगी रायगढ़ पुलिसिंग, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण

रायगढ़, 23 मई 2026/ जिले की कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक एवं वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में आज रायगढ़ को बड़ी सौगात मिली। क्षेत्रीय एफएसएल कार्यालय रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया। महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया। आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक विवेचना और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा जिले को यह हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से सुसज्जित यह यूनिट अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी।
                 इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रायगढ़ में क्षेत्रीय एफएसएल लैब की स्थापना और अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की शुरुआत से अपराध जांच प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) का शुभारंभ किया था। इस प्रयोगशाला से रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। अब अधिकांश वैज्ञानिक परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होने से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
        वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला और डायल-112 के लिए 16 आधुनिक ईआरवी वाहन मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और परीक्षण किया जा सकेगा, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।
       उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ.पी.एस. भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अब गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी अनिवार्य हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण कर सकेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी। मोबाइल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक तकनीकों और “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन एवं डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा सकेगा। वैन में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, सैंपल कलेक्शन लैब, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, बुलेट होल एवं जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण तथा जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे, जो अपराधियों के खिलाफ मजबूत अभियोजन तैयार करने में मददगार साबित होंगे।
         इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तजेश्वरी देवी देवांगन, एडिशनल एसपी श्री अनिल कुमार सोनी, उप संचालक अभियोजन श्री वेद प्रकाश पटेल, डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर, आरआई श्री अमित सिंह, थाना प्रभारीगण, पार्षदगण, जिला न्यायालय, अभियोजन कार्यालय, पुलिस विभाग, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी ने किया।

और भी

ई-केवाईसी के नाम पर वसूली करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, यूआईडीएआई द्वारा तय शुल्क से अधिक रकम लेने पर जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी

रायगढ़, 22 मई 2026/ आधार संबंधी कुछ सेवाओं के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा निर्धारित शुल्क लागू है। नया आधार पंजीकरण एवं बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क है। वहीं डेमोग्राफिक अपडेट के लिए 125 रुपये, बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 75 रुपये तथा आधार डाउनलोड एवं कलर प्रिंट के लिए 40 रुपये निर्धारित किए गए हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। हितग्राही अपने नजदीकी चॉइस सेंटर एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में जाकर बिना किसी शुल्क के ई-केवाईसी करा सकते हैं। 
           शासकीय योजनाओं में ई-केवाईसी के नाम पर हितग्राहियों से किसी प्रकार की राशि नहीं ली जाएगी। यदि कोई केंद्र निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग करता है अथवा ई-केवाईसी के लिए शुल्क वसूलता है, तो इसकी शिकायत तत्काल संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन को की जा सकती है। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे केवल अधिकृत चॉइस सेंटर एवं सीएससी केंद्रों से ही सेवाएं प्राप्त करें तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए समय पर ई-केवाईसी अवश्य पूर्ण कराएं, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।

और भी

सुशासन तिहार शिविर में बुजुर्गों को मिला सम्मान और सहारा, समाज कल्याण विभाग ने वितरित की सहायक छड़ियां, नशामुक्त भारत अभियान के तहत दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

रायगढ़, 22 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत धरमजयगढ़ के बायसी कालोनी में आयोजित शिविर में समाज कल्याण विभाग रायगढ़ द्वारा हितग्राहीमूलक एवं जनजागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण प्रदान कर उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई।
          कार्यक्रम के दौरान नरकालो निवासी वरिष्ठ नागरिक श्री सादर साय एवं फतेपुर धरमजयगढ़ निवासी श्री रुपसिंह को सहायक उपकरण के रूप में वृद्धजन छड़ी प्रदान की गई। यह वितरण जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। साथ ही नशामुक्त भारत अभियान अंतर्गत उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने एवं सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

और भी

रायगढ़ में खनिज माफियाओं पर प्रशासन का ताबड़तोड़ प्रहार, अवैध रेत उत्खनन से लेकर चूना पत्थर परिवहन तक बड़ी कार्रवाई, बिना रॉयल्टी चल रहे वाहन और मशीनें जब्त, जिलेभर में मचा हड़कंप

रायगढ़, 22 मई 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं खनिज अधिकारी के नेतृत्व में जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक दबिश देकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त वाहनों एवं मशीनों को जब्त किया। कार्रवाई के दौरान कारीछापर के विजय पटेल की एक रेत वाहन को अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वहीं रानीगुड़ा रेत खदान क्षेत्र में अवैध उत्खनन में लगी देवरी पंचायत निवासी रोशन साहू की एक चैन माउंटेन मशीन को जब्त किया गया। 
           इसी प्रकार खरसिया मार्ग पर रायगढ़ स्थित जगदंबा शोरूम के पास टाइगर अग्रवाल निवासी चंद्रपुर का वाहन चूना पत्थर का अवैध परिवहन करते पाया गया, जिस पर खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। खनिज विभाग द्वारा बताया गया कि जब्त किए गए सभी वाहन बिना वैध रॉयल्टी पर्ची के रेत एवं चूना पत्थर का परिवहन कर रहे थे। इन सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगामी वैधानिक एवं चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है तथा खनिज माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

और भी

सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय-सीमा में पूरे हों काम” — मुंगेली दौरे पर सख्त दिखे सचिव मुकेश बंसल, अधिकारियों-ठेकेदारों को चेतावनी

रायपुर. 23 मई 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज मुंगेली जिले का दौरा कर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने निर्माणाधीन लोरमी बायपास सड़क का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को इसे समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
  
विभागीय सचिव ने मुंगेली सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने नगरीय निकायों तथा अन्य विभागों से समन्वय के साथ सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब सड़कों में पैच-वर्क कराने भी कहा।

श्री बंसल ने सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुंगेली के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के  मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप,  अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री शरद सतपथी, आर.के. खामरा और श्री नीतिश तिवारी भी बैठक में मौजूद थे।

और भी

काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं” : निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-130ए पर पीडब्ल्यूडी सचिव का बड़ा एक्शन, देरी करने वाली एजेंसियों को नोटिस देने के निर्देश

रायपुर. 23 मार्च 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज कबीरधाम जिले में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य मार्ग के साथ बायपास मार्ग का भी अवलोकन किया तथा अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।

सचिव श्री बंसल ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने जिन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

श्री बंसल ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के सभी मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा प्रत्येक चरण में तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में पहुंचकर निरीक्षण करने व गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।

फील्ड निरीक्षण से पहले लोक निर्माण विभाग के सचिव ने कवर्धा सर्किट हाउस में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा सेतु संभाग के अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान कवर्धा जिले में चल रहे भवनों, सड़कों एवं पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिन परियोजनाओं में लंबे समय से प्रगति नहीं हुई है या कार्य प्रारंभ करने में अनावश्यक देरी हो रही है, उन मामलों में संबंधित एजेंसियों एवं जिम्मेदार पक्षों को नोटिस जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सचिव श्री बंसल ने सड़क निर्माण या अन्य प्रस्तावित विकास कार्यों में संबंधित अधिकारियों को पहले स्थल का निरीक्षण कर तकनीकी जांच व अन्य सभी आवश्यक पहलुओं का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। यदि किसी निर्माण कार्य में तकनीकी बाधा, स्थल संबंधी समस्या या अन्य कठिनाई आ रही हो तो उसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इससे समस्या का निराकरण कर कार्यों की प्रगति को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। कवर्धा के कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री व्ही.के. भतपहरी, दुरेग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री नागेश जयंत, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और कवर्धा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री रंजीत घाडगे भी मौजूद थे।

और भी

पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान: छत्तीसगढ़ में भरपूर स्टॉक, घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं, किसानों और जरूरी सेवाओं के लिए सप्लाई पूरी तरह सामान्य

रायपुर, 23 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराकर अतिरिक्त खरीदी या संग्रहण करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा किसानों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्तमान समय में 3 करोड़ 94 लाख 7 हजार 700 लीटर पेट्रोल तथा 8 करोड़ 8 लाख 83 हजार लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति के लिए कुल 2516 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। खाद्य विभाग के अनुसार रबी फसल की कटाई और खरीफ सीजन की तैयारी के कारण डीजल की मांग में वृद्धि को देखते हुए ऑयल कंपनियों के लखौली और मंदिर हसौद (रायपुर) तथा गोपालपुर (कोरबा) स्थित डिपो से जिलों को लगातार आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही है।

गौरतलब है कि 22 मई 2026 को ही प्रदेश को 21 लाख 83 हजार लीटर पेट्रोल और एक करोड़ 29 लाख 75 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही प्रतिदिन नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति जारी है।

खाद्य सचिव ने राज्य में ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए 20 मई 2026 को सभी ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन रही हो, वहां डिपो से तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

राज्य शासन ने 22 मई 2026 से प्रदेश के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में पेट्रोल-डीजल देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि किसानों तथा कलेक्टर द्वारा चिन्हित अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। राज्य शासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में आकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण न करें। जरूरत के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

और भी

जल जीवन मिशन में बड़ा अभियान: 8555 योजनाएं ग्राम पंचायतों को सौंपी गईं, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अफसरों को दी सख्त चेतावनी—समय पर काम नहीं हुआ तो तय होगी जवाबदेही

रायपुर. 23 मई 2026. उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा। 

उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा। श्री साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

*वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य*

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय योजनाओं के काम भी पूर्ण किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 7060 गांव हर घर जल रिपोर्टेड हैं, जिनमें से 6018 गांवों का सत्यापन भी किया जा चुका है। राज्य में 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं को पूर्ण कर संचालन-संधारण के लिए ग्राम पंचायतों को हैंडओवर किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों के साथ ही अभी 30 हजार 624 सिंगल-फेज पॉवर पंपों, 15 हजार 616 सौर-ऊर्जा संचालित पंपों और 9385 नल जल योजनाओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रीष्म काल में पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने 19 हजार 807 खराब हैंडपंपों को तत्काल सुधारा गया है। गांवों और वनांचलों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए हैंडपंपों में 31 हजार 664 मीटर राइजर पाइप बदलने के साथ ही 20 हजार 788 मीटर राइजर पाइप बढ़ाए गए हैं।

और भी