अपराध रोकथाम पर बिलासपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्यशाला, सक्रिय बदमाशों पर कड़ी निगरानी के निर्देश
बिलासपुर, 21 जुलाई 2026। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में अपराधों की रोकथाम और "प्रिवेंटिव पुलिसिंग" को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन उच्च स्तरीय पुलिस कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधिकारी, एसडीओपी और थाना प्रभारी शामिल हुए।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक शक्ति प्रफुल्ल ठाकुर ने "गुंडा एवं निगरानी बदमाश" विषय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए निवारक पुलिसिंग को मजबूत करने के उपाय बताए। इस दौरान गुंडा और निगरानी बदमाशों की सघन जांच के लिए नई एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी की गई तथा "एक गुंडा-एक जवान" नीति लागू करने के निर्देश दिए गए।
आईजी ने निर्देशित किया कि आदतन अपराधियों का ए और बी श्रेणी में वर्गीकरण कर उनका फोटो, फिंगरप्रिंट, बैंक खाते और अन्य रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए। गंभीर अपराधियों की गैंग हिस्ट्री शीट तैयार करने, बदमाशों की अनियमित समय पर सरप्राइज चेकिंग करने तथा उनके रहन-सहन और आय के स्रोतों का सत्यापन करने पर जोर दिया गया।
बैठक में रिकॉर्ड संधारण को सुदृढ़ करने के लिए रोजनामचा, रजिस्टर-7, परवाना फाइल, ए-टू-ज़ेड रजिस्टर और बीट नोटबुक के नियमित संधारण के निर्देश दिए गए। जमानत पर छूटने के बाद दोबारा अपराध करने वालों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 480 के तहत जमानत निरस्तीकरण, धारा 110 के तहत बाउंड ओवर, जिला बदर और एनडीपीएस कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
आईजी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई करते समय मानवाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए तथा किसी भी निर्दोष, नाबालिग या विमुक्त जनजाति के व्यक्ति के साथ मनमानी न हो। साथ ही, लंबे समय से अपराध छोड़ चुके लोगों को निगरानी सूची से हटाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि पुलिस का फोकस केवल सक्रिय अपराधियों पर रहे।
कार्यशाला में ग्राम अपराध नोटबुक, कोटवारों की भूमिका, मुसाफिर रजिस्टर, अंतरराज्यीय अपराधियों की निगरानी और Cri-MAC ऐप के माध्यम से इंटेलिजेंस साझा करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। राष्ट्रीय पर्व और त्योहारों से पहले थानों में गुंडा-बदमाशों की परेड आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यशाला के समापन पर आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ऑनलाइन प्रशिक्षण में बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 200 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।