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खामभाठा पुल निर्माण में लेटलतीफी पर सीएम साय सख्त, बोले- विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं, बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करें

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में जनसुविधा से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी करें और जहां भी कार्य की गति धीमी है, वहां बाधाओं को तत्काल दूर कर काम में तेजी लाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। विशेष रूप से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी को गंभीरता से लिया जाएगा और अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी की जानकारी मिलते ही इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गरियाबंद कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और निश्चित समयसीमा तय कर पुल का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही लेटलतीफी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों को किसी भी परिस्थिति में जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन पुल स्थल पर सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने खुले एवं खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों को दुरुस्त करने तथा आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग सहित सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ नागरिकों को निर्धारित समय पर मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

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नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भंडारा में भीषण हादसा, छत्तीसगढ़ के नागरिकों की मौत पर मुख्यमंत्री साय ने कहा- कठिन समय में सरकार परिवारों के साथ,

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म - नीम करौली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक संदेश पर बनी फिल्म छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री साय बोले—‘मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा’

रायपुर, 11 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी।

फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।

उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित है। 

इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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शराब की ओवररेटिंग और अवैध निर्माण पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महासमुंद में अधिक कीमत पर बिक्री की पुष्टि के बाद अफसर निलंबित, कांकेर में हजारों खाली बोतलें और होलोग्राम जब्त

रायपुर, 11 सितम्बर 2026/प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक श्री नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक श्रीमती रानू मरकाम तथा जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

*190 रूपए की शराब 200 रूपए में बेची*

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 श्री दिनेश्वर धु्रव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव, शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 श्री गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई। 
इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए, यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

*प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित*

विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद श्री नितेश सिंह बैस, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छ.ग.) निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

*कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा*

इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है।

जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं।

*रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज*

यह प्रकरण श्रीमती रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इसी मामले में श्री मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

*अन्य अधिकारियों से मांगा गया जवाब*

महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। श्री दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा श्री अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

*मदिरा दुकानों की निगरानी और सख्त होगी*

विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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सांवेरिया पोहा के असुरक्षित बैच की बिक्री, भंडारण एवं वितरण पर रोक प्रयोगशाला जांच में जीवित कीट पाए जाने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 10 सितंबर 2026/ जिले में आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। प्रयोगशाला जांच में खाद्य उत्पाद ‘सांवेरिया पोहा’ का एक बैच असुरक्षित पाए जाने के बाद संबंधित उत्पाद की बिक्री, भंडारण एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा खाद्य पदार्थ “सांवेरिया पोहा” पैक 900 ग्राम, बैच नंबर-02, पैकिंग तिथि मार्च 2026 तथा Best Before 4 Months from Packaging का नमूना 05 मई 2026 को विधिक परीक्षण के लिए लिया गया था। नमूने को परीक्षण एवं जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजा गया था।
राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा जारी 01 सितंबर 2026 की जांच रिपोर्ट में उक्त खाद्य उत्पाद में जीवित कीटों की उपस्थिति पाई गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(zz)(ix) के प्रावधानों के तहत उक्त खाद्य उत्पाद को असुरक्षित घोषित किया गया है।
जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा संबंधित बैच के उत्पाद के विक्रय, भंडारण एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य व्यवसायियों, थोक विक्रेताओं एवं खुदरा विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि बैच नंबर-02, पैकिंग तिथि मार्च 2026 वाले उक्त उत्पाद की बिक्री, भंडारण अथवा वितरण तत्काल बंद कर दें। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति अथवा प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा की निरंतर निगरानी की जा रही है।

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सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी से दें भव्य और व्यापक स्वरूप : प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिलेभर में होंगे विविध आयोजन

सारंगढ़–बिलाईगढ़ , 10 सितंबर 2026/ राज्य शासन के केबिनेट मंत्री एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त बैठक में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले एक माह के इस अभियान को शासन, प्रशासन और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से भव्य, व्यापक और प्रभावी स्वरूप के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा।
प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण की यात्रा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान की तिथिवार कार्ययोजना के अनुरूप सभी कार्यक्रम निर्धारित समय पर आयोजित किए जाएं तथा प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का बेहतर समन्वय के साथ निर्वहन करे।
उन्होंने कहा कि अभियान के आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद पंचायत, तहसील, नगर पंचायत, प्रमुख कस्बों एवं ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक रूप से आयोजित किए जाएं। अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘कहानी बदलाव की’ के रूप में संकलित कर आमजन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने बैठक में बताया कि जिले में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकों का आयोजन किया जा चुका है तथा दिन एवं तिथिवार कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा अभियान के सफल संचालन के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

*17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ*

‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके माध्यम से आम नागरिकों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों की सहभागिता के साथ जिले के प्रमुख जनआस्था, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक, विरासत एवं सार्वजनिक महत्व के स्थलों पर भी विशेष गतिविधियां आयोजित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

*25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ में दिखेगी नई पीढ़ी की विकसित भारत की कल्पना*

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना तथा 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की रचनात्मक कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

*नमो सेवा गाथा’ से पहुंचेगी जनकल्याण और बदलाव की कहानी-*

अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से नुक्कड़ नाटकों एवं अन्य जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनके माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवा कार्यों और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को सरल एवं प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

*‘आंगन का उत्सव’ में माताओं और बच्चों की होगी सहभागिता*
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

*कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की सफलता की प्रेरक गाथाएं*

अभियान के दौरान शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को ‘कहानी बदलाव की’ के रूप में संकलित किया जाएगा। हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों और सफलता की प्रेरक कहानियों को विभिन्न माध्यमों से आमजन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पात्र नागरिक भी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित हों।

*सेवा ज्योति यात्रा’ से मजबूत होगा विकसित भारत का सामूहिक संकल्प*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत बनाने के लिए ‘सेवा ज्योति यात्रा’ सहित विभिन्न जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से गांव से लेकर जिला स्तर तक नागरिकों की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
‘सेवा मेरा योगदान’ से जुड़ेंगे नागरिक सेवा कार्यों से
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं को विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। नदी एवं घाटों की स्वच्छता सहित अन्य जनहितैषी गतिविधियों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

*सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगी योजनाओं की पहुंच*

‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने, पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अभियान के दौरान विकसित भारत संकल्प यात्रा, जल जन सेवा संकल्प, रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज तथा जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट जैसी विविध गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जिले में व्यापक जनभागीदारी और जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ऋषिकेश तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पांडेय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अजय नायक, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, श्री ज्योति पटेल, श्री सुभाष जालान, पूर्व विधायक श्री कामता जोल्हे, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती विधा सिदार, जिला सहप्रभारी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री कुलदीपक साहू, नगर अध्यक्ष भटगांव श्री विक्रम कुर्रे, श्री द्वारिका साहू, पूर्व नगर अध्यक्ष श्री रामनारायण देवांगन, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती रेवती चंद्रा, जिला पंचायत सदस्य श्री हरिहर जायसवाल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती बैजंती नंदू लहरे, श्री राधा राकेश सहित जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती ऋचा सिंह, श्रीमती वर्षा बंसल, श्री राणा विजय, सारंगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री उमेश साहू सहित संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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पुलिस की नशे के कारोबार पर चोट, ऑपरेशन आघात में तीन आरोपी गिरफ्तार; 23.3 लीटर अवैध शराब और बिक्री की रकम जब्त

रायगढ़। जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भूपदेवपुर और तमनार थाना क्षेत्र में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 23.3 लीटर अवैध शराब जब्त की है। जब्त शराब में 35 पाव अंग्रेजी सिंडिकेट व्हिस्की और 17 लीटर महुआ शराब शामिल है। इसके अलावा शराब बिक्री की 200 रुपये की रकम भी बरामद की गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

भूपदेवपुर में अंग्रेजी शराब के साथ दो गिरफ्तार

09 सितंबर को थाना प्रभारी भूपदेवपुर निरीक्षक रोशन कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में माइनर एक्ट की कार्रवाई के लिए जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि किरोड़ीमल नगर की ओर से दो व्यक्ति अवैध रूप से अंग्रेजी शराब बिक्री के लिए पैदल लेकर भूपदेवपुर की ओर आ रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस ने गवाहों के साथ भूपदेवपुर मुख्य मार्ग स्थित बाजार चौक के पास नाकाबंदी की। कुछ देर बाद बताए गए हुलिए के दो युवक हाथ में थैला लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान विकास कुमार यादव (21), निवासी किरीतमाल, थाना भूपदेवपुर और ब्रिजेश यादव (28), निवासी किरोड़ीमल नगर, थाना कोतरारोड़, हाल मुकाम किरीतमाल के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके थैले से 35 पाव अंग्रेजी सिंडिकेट व्हिस्की बरामद हुई। प्रत्येक पाव में 180 एमएल शराब थी, जिसकी कुल मात्रा 6.300 लीटर और अनुमानित कीमत करीब 4,200 रुपये बताई गई है। दोनों के खिलाफ धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

तमनार में बाड़ी में छिपाकर रखी थी 17 लीटर महुआ शराब

इधर, 10 सितंबर को तमनार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सिदारपारा-मिलुपारा निवासी कन्हैया सारथी अपने घर में बड़ी मात्रा में कच्ची महुआ शराब रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत रावे ने पेट्रोलिंग टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस टीम गवाहों के साथ आरोपी के घर पहुंची और पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर घर की कोलाबाड़ी में घुरना के पास छिपाकर रखी 17 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 3,400 रुपये बताई गई। पुलिस ने शराब बिक्री से प्राप्त 200 रुपये भी जब्त किए।

आरोपी कन्हैया सारथी के खिलाफ धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया। कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक गौतम ठाकुर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगलकिशोर यादव, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत एवं आरक्षक पुष्पेंद्र सिदार की भूमिका रही।

रायगढ़ पुलिस के अनुसार “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब, मादक पदार्थों और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करना है।

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जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ देश के सामने बनेगा उदाहरण, मुख्यमंत्री साय बोले—शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी से ही तैयार होगी आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत जल सुरक्षा

रायपुर 10 सितंबर 2026/ जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

*जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।

जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

*छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।

*हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।
उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

*पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो अनावश्यक विलंब*

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण किया जा चुका है, उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए प्रेजेंटेशन में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। योजना से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए।

*हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन से जहां वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी, वहीं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध हों तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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सेवा संकल्प अभियान से बदलेगी जनसेवा की तस्वीर, सेवा सेतु शिविरों में आवेदन से लेकर योजनाओं का लाभ और समस्याओं के समाधान तक होगी व्यवस्था, रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को मिलेंगे नए अवसर

रायपुर 10 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ जनकल्याण और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बने। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान के प्रत्येक कार्यक्रम के केंद्र में आम नागरिक और उसकी जरूरतें होनी चाहिए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से अभियान की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्यक्रमों को सुनियोजित ढंग से संपन्न कराने को कहा। उन्होंने कार्यक्रमों की पूर्व सूचना आम नागरिकों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*सेवा सेतु शिविरों में पात्र हितग्राहियों को मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ*

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘सेवा सेतु’ अभियान को जनकल्याण की दृष्टि से प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। अभियान के अंतर्गत चयनित गांवों में स्वास्थ्य शिविर के साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उनकी समस्याओं का यथासंभव मौके पर निराकरण किया जाएगा।

शिविर स्थलों पर आवेदन प्राप्त करने के लिए काउंटर स्थापित किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनकी साप्ताहिक समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिविर आयोजित होने से पहले ही संबंधित क्षेत्र के संभावित पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाए, ताकि शिविर के दौरान उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिविरों की जानकारी पहले से गांवों और नागरिकों तक पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इनमें शामिल हो सकें।

*रोजगार मेलों से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले रोजगार मेलों को भी सेवा संकल्प अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं से आवेदन प्राप्त कर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी की जाए और चयनित युवाओं को शिविरों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।

*आंगनबाड़ियों में पोषण और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर*

‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, ‘मेरी पौष्टिक थाली’, चित्रकला प्रतियोगिता, न्योता भोज तथा फल एवं मिठाई वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पोषण चौपालों में अधिक से अधिक माता-पिता की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर अपने जीवन में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खिलौने उपलब्ध कराने में सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी नागरिकों को आंगनबाड़ियों में बच्चों के उपयोग के लिए खिलौने भेंट करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रदेश के शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, शाला प्रबंधन समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शाला प्रबंधन समितियों को इन कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को नुक्कड़ नाटकों जैसी रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। विशेष उपलब्धि प्राप्त दिव्यांग बच्चों को अपने हुनर और प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

*रक्तदान, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ेगी जनभागीदारी*

‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तदान, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, स्वच्छता तथा जनसरोकार से जुड़ी 25 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। नदी घाटों की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रमों के बाद भी स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘स्वच्छता ही सेवा’ के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाली स्वच्छता गतिविधियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

*‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत होगा वृक्षारोपण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने अभियान के दौरान किए जाने वाले वृक्षारोपण को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं, सार्वजनिक स्थलों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 अक्टूबर को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का समापन कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इस वर्ष प्रदेश में 2.5 करोड़ पौधे लगाने के निर्धारित लक्ष्य को भी पूरा किया जाएगा।

*विकास के प्रतीक स्थलों को भी जनभागीदारी से जोड़ें*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान की वास्तविक सार्थकता तभी होगी, जब इसकी गतिविधियों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे। स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद को उपचार मिले, पात्र परिवार योजनाओं से जुड़े, युवाओं को रोजगार मिले, बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में समाज की सक्रिय भागीदारी बढ़े।

उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान को पूरी संवेदनशीलता और सुनियोजित कार्ययोजना के साथ संचालित करें तथा यह सुनिश्चित करें कि जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियों का अधिकतम लाभ प्रदेशवासियों तक पहुंचे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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काम में लापरवाही पर लोक निर्माण विभाग का बड़ा एक्शन, 6 ठेकेदारों पर गिरी गाज; दो के पंजीयन निरस्त

रायपुर. 10 सितम्बर 2026. लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा अनुबंध के अनुसार कार्य नहीं होने पर बार-बार नोटिस जारी करने, अनुबंध अवधि बढ़ाने, ठेकेदारों द्वारा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। दो ठेकेदारों के पंजीयन भी निरस्त किए गए हैं। 

राज्य शासन ने बस्तर की महत्वाकांक्षी सड़कों के निर्माण की धीमी गति और विलंब को देखते हुए व्यापक समीक्षा के बाद वहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने में रूचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की है। ये ठेकेदार बार-बार नोटिस जारी करने तथा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। इनके द्वारा निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को पूर्ण करने में रूचि नहीं ली जा रही थे। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सड़कों और पुलों के निर्माण में कोताही, लापरवाही और अनुबंधों के उल्लंघन पर ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण (Non-Renewal) के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा के कार्यों में हीला-हवाला को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को भी निरस्त कर दिया है। 

लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को आगामी 5 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। 
 
लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार श्री के. मोहन रेड्डी के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को आगामी 2 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।

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जर्जर भवनों पर अब प्रशासन की पैनी नजर, मुख्यमंत्री साय के सख्त निर्देश—संभावित हादसे से पहले करें कार्रवाई, सुरक्षा मानकों में नहीं चलेगी कोई शिथिलता

रायपुर 10 सितंबर 2026/  विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है अथवा जिनसे किसी प्रकार की जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त कर दिया जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिलों में सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। केवल शिकायत अथवा दुर्घटना सामने आने के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के स्थान पर सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी।

*अवैध और मिलावटी शराब के विरुद्ध प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों अथवा स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए।

*सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी, दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर लगे प्रभावी रोक*


उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित, नुआखाई, महाअष्टमी और गोवर्धन पूजा पर बंद रहेंगे शासकीय कार्यालय

रायपुर, 10 सितंबर 2026/  सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। यह अवकाश रायपुर जिले, शहर (राजधानी) स्थित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं में लागू होंगे।

        जारी आदेश के अनुसार नुआखाई पर्व के लिए 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), महाअष्टमी के लिए 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) तथा गोवर्धन पूजा (दीपावली के दूसरे दिन) के लिए 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा। जारी आदेश के अनुसार ये अवकाश रायपुर जिले के अंतर्गत संबंधित शासकीय कार्यालयों एवं संस्थाओं पर लागू होंगे।

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शिक्षक दिवस पर मनोरा में सजा यादों और प्रेरणा का मंच, ज्योतिबा फुले-सावित्री बाई फुले के जीवन पर नाटक ने मोहा मन

मनोरा। जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा में शिक्षा विभाग एवं अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में विशेष शिक्षक दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण कुमार पटेल एवं विकासखंड स्त्रोत केन्द्र समन्वय आशुतोष शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सर्वप्रथम खेल गतिविधियां आयोजित की जिसमें 
 शिक्षक संकुल समन्वयक आंगनबाड़ी शिक्षिकाओं ने अपने बचपन के शैक्षणिक अनुभवों का साझाकरण कर सबने अपने पसंदीदा शिक्षकों को याद करते हुए अपने जीवन में उनके योगदानों को स्मरण कर अपने अनुभव साझा किए।  शिक्षकों द्वारा इस अवसर पर  ज्योतिबा फुले एवं सावित्री बाई फुले के शिक्षा में योगदानों पर प्रस्तुत नाटक ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शकों ने बालिका शिक्षा एवं समाज परिवर्तन में इन महान विभूतियों के योगदानों को भाव -विभोर होते हुए महसूस किया। 
नाट्यमंचन में श्रीमती सुमन भगत,  संदीप कुमार, उज्ज्वल वैष्णव, वंदना माझी, अल्पना देवी विवेक लकड़ा अजय भगत, कोमल चंद साहू देवेश प्रधान,  दीपमाला बाई, मनोरा सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र केराकोना की उमा देवी एवं आंगनबाड़ी केंद्र  की सहायिका उनिता भगत ने अहम किरदारों की भूमिकाएं अदा की कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल ने अपने संबोधन में सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। शिक्षकों द्वारा किए गए नाट्यमंचन की भी उन्होंने भूरि- भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विकासखंड के शिक्षक साथियों का प्रयास काफी सराहनीय है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पाठ्यचर्या में भी अभिनय के माध्यम से शिक्षण की बात की गई है। 
कार्यक्रम का संचालन अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के मुकेश चन्द्रदेव नायक निलाभ्रघोष द्वारा किया गय कार्यक्रम में मीनाक्षी श्रीवास्तव,  प्रेमलाल बर्मन संकुल समन्वयक संकुल केंद्र मनोरा, विपिन विकास खरे BPO (उल्लास) , विनोद भगत, अनुराधा सिंह, तनुजा भगत, रेशमा मिंज, रोसलिन केरकेट्टा, प्रेमलता तिर्की, दुर्गेश नंदिनी ठाकुर, सुमन नंदे, लवलेश, सुजीत बखला, परदेशी राम, अनुज साहू, महेंद्र यादव, सुषमा लकड़ा, अनुरूपा कुजूर सहित कई अन्य शिक्षक- शिक्षिकाएं एवं पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक शाला मनोरा की छात्र -छात्राएं शामिल हुए।नाटक में प्राथमिक शाला रुकरूमा के चारु, अंत्या भगत, नम्रता भगत, साक्षी भगत ने सावित्री बाई फुले द्वारा स्थापित बालिका विद्यालय की छात्राओं की भूमिका निभाई।

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ट्रक के नीचे दबा श्रमिक, तमनार पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर चलाया करीब एक घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन, हाइड्रा क्रेन से उठाया वाहन तो बची श्रमिक की जान

रायगढ़/तमनार, 10 सितंबर। तमनार क्षेत्र में गुरुवार दोपहर लकड़ी से लदा वन विभाग का ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद ट्रक में सवार श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई। चालक समेत कुछ श्रमिक किसी तरह केबिन तोड़कर बाहर निकल गए, लेकिन एक श्रमिक ट्रक के नीचे दब गया। घटना की सूचना मिलते ही तमनार पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जेसीबी और हाइड्रा क्रेन की मदद से श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

जानकारी के अनुसार नागरामुड़ा, तमनार से वन विभाग के ट्रक में लकड़ियां लोड कर रायगढ़ डिपो ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कसडोल और घटोरिया मंदिर के बीच अमरैय्या के पास सामने से आ रहे वाहन को साइड देने के दौरान चालक ने ट्रक से नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते भारी-भरकम ट्रक सड़क किनारे पलट गया।

हादसे के समय ट्रक के केबिन में चालक सहित कुछ श्रमिक मौजूद थे। ट्रक के पलटने के बाद उन्होंने केबिन तोड़कर किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन श्रमिक रजी उरांव, पिता धनसाय उरांव, निवासी उर्दना रायगढ़ ट्रक के नीचे फंस गया। उसका कमर से नीचे का हिस्सा ट्रक के नीचे दब गया था।

पुलिस की तत्परता से शुरू हुआ रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी प्रशांत राव पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पहले ट्रक के नीचे फंसे श्रमिक के आसपास की मिट्टी हटाकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक का भारी वजन होने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जेसीबी बुलवाई। जेसीबी की मदद से भी श्रमिक को सुरक्षित निकालना संभव नहीं होने पर स्थानीय कंपनी से हाइड्रा क्रेन मंगाई गई। इसके बाद पुलिस टीम और ग्रामीणों ने आपसी समन्वय से बेहद सावधानीपूर्वक ट्रक को उठाने की कार्रवाई शुरू की। काफी मशक्कत के बाद ट्रक को उठाकर उसके नीचे फंसे रजी उरांव को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

एंबुलेंस पहले से थी तैयार

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने केवल श्रमिक को बाहर निकालने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि उसके तत्काल उपचार की व्यवस्था भी कर ली थी। घटनास्थल पर पहले ही एंबुलेंस बुला ली गई थी। श्रमिक के ट्रक से बाहर निकलते ही उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल रवाना किया गया।

तमनार पुलिस की तत्परता और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से ट्रक के नीचे दबे श्रमिक को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। करीब एक घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, ग्रामीणों, जेसीबी और हाइड्रा क्रेन की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया और घायल श्रमिक को समय पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सका।

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जयस्तंभ चौक की दो किराना दुकानों में सेंधमारी का खुलासा, नागपुर से भागते आरोपी को चिचोला में पुलिस ने दबोचा

घरघोड़ा/रायगढ़, 10 सितंबर। घरघोड़ा के जयस्तंभ चौक स्थित दो किराना दुकानों में हुई सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में ग्राम बरपाली नवाडीह निवासी 32 वर्षीय सतीष चौहान को राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे और उसके बताए स्थानों से पुलिस ने 2 लाख 64 हजार 146 रुपये नगद, 1 किलो 508 ग्राम चांदी, सैमसंग मोबाइल सहित कुल 6 लाख 30 हजार 286 रुपये की संपत्ति बरामद की है।

जानकारी के अनुसार 23-24 अगस्त की दरम्यानी रात जयस्तंभ चौक स्थित संतोष किराना दुकान में चोर छत की टीन शीट और फॉल सीलिंग तोड़कर अंदर घुसा था। दुकान के गल्ले से करीब 4 लाख रुपये नगद के साथ चांदी के सिक्के और चांदी का बिस्किट चोरी कर लिया गया। इसके बाद चोर ने पास की गोकुलचंद मामराज किराना दुकान को भी निशाना बनाया और वहां से करीब 90 हजार रुपये नगद सहित चिल्हर सिक्के और किराना सामान पार कर दिया।

दोनों मामलों की रिपोर्ट पर घरघोड़ा थाने में अलग-अलग अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। चोरी की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने टीम को जल्द आरोपी तक पहुंचने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, साइबर डीएसपी शिखर मरावी और घरघोड़ा थाना पुलिस की टीम ने घटनास्थल सहित आसपास के इलाके में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।

सीसीटीवी में मिले संदिग्ध के हुलिए और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को ग्राम बरपाली नवाडीह निवासी सतीष चौहान पर संदेह हुआ। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वह फरार मिला। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चोरी के पैसों से लैलूंगा की तमन्ना मोबाइल दुकान से नया मोबाइल खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर लगातार निगरानी शुरू की।

पुलिस को आरोपी की लोकेशन नागपुर में मिली, जिसके बाद टीम तत्काल वहां रवाना हुई। हालांकि पुलिस की भनक लगने पर आरोपी नागपुर से भी निकलने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा जारी रखा और आखिरकार राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने दोनों दुकानों में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी दोनों दुकानों में अक्सर सामान खरीदने जाता था और उसे दुकानों की स्थिति की जानकारी थी। 23 अगस्त की रात तेज बारिश के दौरान उसने चोरी की योजना बनाई। बारिश का फायदा उठाकर वह छत पर चढ़ा और टीन शीट के किनारे से फॉल सीलिंग तोड़कर दुकान के भीतर दाखिल हुआ। पहचान छिपाने के लिए उसने चेहरे पर गमछा बांध रखा था।

आरोपी ने संतोष किराना दुकान से नगदी और चांदी चोरी करने के बाद दूसरी दुकान में भी इसी तरीके से प्रवेश किया। वहां से नगदी के अलावा चिल्हर सिक्के, हल्दी, मसाला, साबुन, काजू और बादाम सहित अन्य सामान चोरी किया। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी की रकम से 19,300 रुपये में सैमसंग का मोबाइल खरीदा था, जबकि करीब 25 हजार रुपये घूमने-फिरने और खाने-पीने में खर्च कर दिए।

पुलिस ने आरोपी के मेमोरंडम के आधार पर 2,64,146 रुपये नगद, 1 किलो 508 ग्राम चांदी जिसकी अनुमानित कीमत 3,46,840 रुपये है, सैमसंग एंड्रॉएड मोबाइल तथा वारदात में इस्तेमाल सफेद-संतरा रंग का चेकदार गमछा बरामद किया। बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 6,30,286 रुपये बताई गई है।

आरोपी सतीष चौहान को दोनों अपराधों में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी और साइबर डीएसपी शिखर मरावी के नेतृत्व में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शुभम मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक डेविड टोप्पो सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय युवक कालिया गुप्ता और जनेश्वर कुर्रे का भी विशेष योगदान रहा।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध के बाद आरोपी कितना भी दूर भागे, तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयास के जरिए उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने घरघोड़ा चोरीकांड में टीम द्वारा 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान करने और नागपुर से राजनांदगांव तक पीछा कर गिरफ्तारी करने को पुलिस की तत्परता और समन्वित कार्रवाई का परिणाम बताया।

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साइबर ठगी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की नई पहल, अब लघु फिल्मों के जरिए होगा जागरूकता का संदेश

रायगढ़, 10 सितंबर 2026। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच रायगढ़ पुलिस ने जन-जागरूकता की दिशा में एक अभिनव पहल शुरू की है। जिला पुलिस द्वारा संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत अब लघु फिल्मों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव का संदेश दिया जाएगा। इसके लिए साइबर अपराध जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता की घोषणा की गई है, जिसकी थीम “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” रखी गई है।

रायगढ़ पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल साइबर अपराधों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को यह समझाना है कि ऑनलाइन ठगी किस तरह से की जाती है, ठग किन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, उनके झांसे में आने से कैसे बचा जा सकता है और ठगी होने की स्थिति में किस तरह तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। खासकर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को अभियान के केंद्र में रखते हुए रचनात्मक माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।

एसएसपी ने कहा- अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ बचाव की जागरूकता भी जरूरी

प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी के साथ साइबर अपराधी भी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी डर दिखाकर, कभी लालच देकर, कभी किसी परिचित या अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर तो कभी जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद पुलिस कार्रवाई करना जरूरी है, लेकिन उससे पहले नागरिकों को जागरूक और सतर्क बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ लघु फिल्म प्रतियोगिता के जरिए युवाओं, विद्यार्थियों, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा का संदेश रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।

मोबाइल से बनाई फिल्म भी होगी स्वीकार

प्रतियोगिता की खास बात यह है कि इसमें बड़े कैमरे और महंगे संसाधनों की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। मोबाइल फोन से बनाई गई लघु फिल्में भी प्रतियोगिता में स्वीकार की जाएंगी। इसके जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को भी अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिलेगा। पुलिस का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को अभियान से जोड़कर साइबर जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाना है।

प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी अथवा छत्तीसगढ़ी भाषा में साइबर अथवा डिजिटल अपराध से संबंधित फिल्म बना सकते हैं। प्रतियोगिता में विषय का चयन भी काफी व्यापक रखा गया है।

इन साइबर अपराधों पर बनाई जा सकती है फिल्म

प्रतिभागी वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाली साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस, सीबीआई, कस्टम अथवा बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी जैसे विषयों पर फिल्म बना सकेंगे। इसके अलावा हनीट्रैप, ब्लैकमेल, सेक्सटॉर्शन, ऑनलाइन जबरन वसूली, ओटीपी, यूपीआई, क्यूआर कोड, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी को भी विषय बनाया जा सकता है।

फिशिंग ईमेल, फर्जी एसएमएस, संदिग्ध कॉल और लिंक, एपीके फाइल या अनजान मोबाइल एप डाउनलोड करवाकर ठगी, स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस एप, मालवेयर, पहचान की चोरी, सिम स्वैप और सोशल मीडिया अकाउंट टेकओवर जैसे मामले भी प्रतियोगिता के दायरे में रखे गए हैं।

इसी तरह साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग, साइबर स्टॉकिंग, डॉक्सिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, डीपफेक, मॉर्फिंग, प्रतिरूपण, फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी और त्वरित लाभ के नाम पर होने वाली ठगी पर भी फिल्में बनाई जा सकती हैं।

फर्जी नौकरी, वर्क फ्रॉम होम, टास्क और लोन एप घोटाले, ई-कॉमर्स, टिकट, कूरियर, रिफंड और फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर होने वाली ठगी के अलावा महिलाओं एवं बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, रैनसमवेयर, डेटा चोरी, बिजनेस ईमेल कम्प्रोमाइज, फेक न्यूज, डिजिटल गोपनीयता और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषय भी प्रतियोगिता में शामिल किए गए हैं।

केवल ठगी दिखाना नहीं, बचाव का संदेश देना भी जरूरी

रायगढ़ पुलिस ने प्रतिभागियों से विशेष रूप से अपेक्षा की है कि फिल्म में केवल साइबर अपराध की घटना को दिखाने के बजाय उसके चेतावनी संकेत, बचाव के उपाय और सुरक्षित तरीके से शिकायत अथवा रिपोर्ट करने की जानकारी भी दी जाए। यानी फिल्म का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को सतर्क करना और साइबर अपराध से बचने का व्यावहारिक संदेश देना होगा।

दो श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता, लाखों रुपये के पुरस्कार

लघु फिल्म प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी ‘अ’ में 3 मिनट से अधिक और अधिकतम 6 मिनट की फिल्म बनाई जा सकेगी। इस श्रेणी में कहानी, पात्रों, अपराध की प्रक्रिया, पीड़ित पर पड़ने वाले प्रभाव और उसके समाधान को विस्तार से प्रस्तुत किया जा सकेगा।

इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये रखा गया है।

वहीं श्रेणी ‘ब’ में अधिकतम 3 मिनट की फिल्म या रील बनाई जा सकेगी। यह श्रेणी किसी एक घटना, प्रभावशाली चेतावनी अथवा संक्षिप्त साइबर जागरूकता संदेश पर आधारित होगी। इसमें प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये दिया जाएगा।

24 सितंबर तक जमा करनी होगी प्रविष्टि

प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए 24 सितंबर 2026 प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा 27 सितंबर 2026 को रायगढ़ के ऑडिटोरियम में की जाएगी।

प्रतियोगिता में शामिल होने वाली फिल्म मौलिक होना अनिवार्य है। फिल्म में इस्तेमाल किए गए संगीत, दृश्य, चित्र अथवा अन्य सामग्री के आवश्यक अधिकार प्रतिभागी के पास होना जरूरी होगा। संवेदनशील मामलों पर फिल्म बनाते समय पीड़ित की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी अनिवार्य किया गया है। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

गूगल ड्राइव लिंक से भेज सकेंगे फिल्म

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए फिल्म को आवेदन फॉर्म में सीधे अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी। प्रतिभागी अपनी फिल्म को Google Drive अथवा किसी अन्य विश्वसनीय फाइल-होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका सक्रिय और सार्वजनिक रूप से देखने योग्य लिंक जमा कर सकेंगे।

प्रतियोगिता की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए filmotsav.org पर संपर्क किया जा सकता है। प्रतिभागियों के लिए संपर्क नंबर 8817420420 तथा ईमेल contact@filmotsav.org जारी किया गया है।

इस अभियान के माध्यम से रायगढ़ पुलिस ने प्रदेश और जिले के युवाओं, विद्यार्थियों, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाओं तथा जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का एक प्रभावी संदेश किसी व्यक्ति को बड़ी आर्थिक और मानसिक परेशानी से बचा सकता है।

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विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से जशपुर के युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, क्विज से शुरू होगा सफर, जिला से राष्ट्रीय स्तर तक दिखेगी प्रतिभा

जशपुर 10 सितंबर 2026/भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया जा रहा है। 

इस पहल के माध्यम से देश के युवाओं को अपने विचार, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए अपने दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

जशपुर जिले में भी इस अभियान को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से जशपुर जिले के युवा इस पहल से जुड़कर विकसित भारत के विजन को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

युवा मेरा युवा भारत पोर्टल पर आयोजित क्विज में 25 सितंबर 2026 तक भाग लेकर अपनी सहभागिता दर्ज करा सकते हैं। इस प्रतियोगिता की प्रक्रिया क्विज से शुरू होकर जिला स्तर, राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाएगी। विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता एवं विचारों को व्यापक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का उद्देश्य युवाओं को केवल कार्यक्रमों के सहभागी के रूप में नहीं, बल्कि नीति निर्माण, नवाचार एवं राष्ट्र विकास के सक्रिय भागीदार के रूप में तैयार करना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सामाजिक विकास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं के विचारों एवं सुझावों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मेरा युवा भारत, जशपुर ने जिले के सभी पात्र युवाओं, युवा संगठनों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं से 25 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व अधिक से अधिक संख्या में क्विज में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह युवाओं के लिए जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा एवं नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

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महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, बच्चों की पढ़ाई और पोषण के साथ भविष्य के लिए बचत भी कर रहीं महिलाएं

जशपुरनगर 10 सितंबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति में सहूलियत मिल रही है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

जिला जशपुर के ग्राम पुरनानगर की निवासी श्रीमती एनीमा खलखो ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके लिए काफी सहायक साबित हो रही है। वे इस राशि का उपयोग अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। साथ ही घर की छोटी-मोटी जरूरतों को भी इसी राशि से पूरा कर लेती हैं। उन्होंने बताया कि वे हर माह अपने छोटे बच्चे के भविष्य के लिए 500 रुपये की बचत भी करती हैं।

श्रीमती एनीमा खलखो ने कहा कि महतारी वंदन योजना से उन्हें आर्थिक सहारा मिला है और अब वे स्वयं तय करती हैं कि इस राशि का उपयोग किस प्रकार करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।

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