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ट्रक के नीचे दबा श्रमिक, तमनार पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर चलाया करीब एक घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन, हाइड्रा क्रेन से उठाया वाहन तो बची श्रमिक की जान

रायगढ़/तमनार, 10 सितंबर। तमनार क्षेत्र में गुरुवार दोपहर लकड़ी से लदा वन विभाग का ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद ट्रक में सवार श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई। चालक समेत कुछ श्रमिक किसी तरह केबिन तोड़कर बाहर निकल गए, लेकिन एक श्रमिक ट्रक के नीचे दब गया। घटना की सूचना मिलते ही तमनार पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जेसीबी और हाइड्रा क्रेन की मदद से श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

जानकारी के अनुसार नागरामुड़ा, तमनार से वन विभाग के ट्रक में लकड़ियां लोड कर रायगढ़ डिपो ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कसडोल और घटोरिया मंदिर के बीच अमरैय्या के पास सामने से आ रहे वाहन को साइड देने के दौरान चालक ने ट्रक से नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते भारी-भरकम ट्रक सड़क किनारे पलट गया।

हादसे के समय ट्रक के केबिन में चालक सहित कुछ श्रमिक मौजूद थे। ट्रक के पलटने के बाद उन्होंने केबिन तोड़कर किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन श्रमिक रजी उरांव, पिता धनसाय उरांव, निवासी उर्दना रायगढ़ ट्रक के नीचे फंस गया। उसका कमर से नीचे का हिस्सा ट्रक के नीचे दब गया था।

पुलिस की तत्परता से शुरू हुआ रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी प्रशांत राव पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पहले ट्रक के नीचे फंसे श्रमिक के आसपास की मिट्टी हटाकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक का भारी वजन होने के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जेसीबी बुलवाई। जेसीबी की मदद से भी श्रमिक को सुरक्षित निकालना संभव नहीं होने पर स्थानीय कंपनी से हाइड्रा क्रेन मंगाई गई। इसके बाद पुलिस टीम और ग्रामीणों ने आपसी समन्वय से बेहद सावधानीपूर्वक ट्रक को उठाने की कार्रवाई शुरू की। काफी मशक्कत के बाद ट्रक को उठाकर उसके नीचे फंसे रजी उरांव को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

एंबुलेंस पहले से थी तैयार

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने केवल श्रमिक को बाहर निकालने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि उसके तत्काल उपचार की व्यवस्था भी कर ली थी। घटनास्थल पर पहले ही एंबुलेंस बुला ली गई थी। श्रमिक के ट्रक से बाहर निकलते ही उसे तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल रवाना किया गया।

तमनार पुलिस की तत्परता और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से ट्रक के नीचे दबे श्रमिक को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। करीब एक घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, ग्रामीणों, जेसीबी और हाइड्रा क्रेन की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया और घायल श्रमिक को समय पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सका।

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जयस्तंभ चौक की दो किराना दुकानों में सेंधमारी का खुलासा, नागपुर से भागते आरोपी को चिचोला में पुलिस ने दबोचा

घरघोड़ा/रायगढ़, 10 सितंबर। घरघोड़ा के जयस्तंभ चौक स्थित दो किराना दुकानों में हुई सिलसिलेवार चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में ग्राम बरपाली नवाडीह निवासी 32 वर्षीय सतीष चौहान को राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे और उसके बताए स्थानों से पुलिस ने 2 लाख 64 हजार 146 रुपये नगद, 1 किलो 508 ग्राम चांदी, सैमसंग मोबाइल सहित कुल 6 लाख 30 हजार 286 रुपये की संपत्ति बरामद की है।

जानकारी के अनुसार 23-24 अगस्त की दरम्यानी रात जयस्तंभ चौक स्थित संतोष किराना दुकान में चोर छत की टीन शीट और फॉल सीलिंग तोड़कर अंदर घुसा था। दुकान के गल्ले से करीब 4 लाख रुपये नगद के साथ चांदी के सिक्के और चांदी का बिस्किट चोरी कर लिया गया। इसके बाद चोर ने पास की गोकुलचंद मामराज किराना दुकान को भी निशाना बनाया और वहां से करीब 90 हजार रुपये नगद सहित चिल्हर सिक्के और किराना सामान पार कर दिया।

दोनों मामलों की रिपोर्ट पर घरघोड़ा थाने में अलग-अलग अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। चोरी की इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने टीम को जल्द आरोपी तक पहुंचने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, साइबर डीएसपी शिखर मरावी और घरघोड़ा थाना पुलिस की टीम ने घटनास्थल सहित आसपास के इलाके में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।

सीसीटीवी में मिले संदिग्ध के हुलिए और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को ग्राम बरपाली नवाडीह निवासी सतीष चौहान पर संदेह हुआ। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वह फरार मिला। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चोरी के पैसों से लैलूंगा की तमन्ना मोबाइल दुकान से नया मोबाइल खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर लगातार निगरानी शुरू की।

पुलिस को आरोपी की लोकेशन नागपुर में मिली, जिसके बाद टीम तत्काल वहां रवाना हुई। हालांकि पुलिस की भनक लगने पर आरोपी नागपुर से भी निकलने की कोशिश करने लगा। पुलिस टीम ने उसका पीछा जारी रखा और आखिरकार राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने दोनों दुकानों में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी दोनों दुकानों में अक्सर सामान खरीदने जाता था और उसे दुकानों की स्थिति की जानकारी थी। 23 अगस्त की रात तेज बारिश के दौरान उसने चोरी की योजना बनाई। बारिश का फायदा उठाकर वह छत पर चढ़ा और टीन शीट के किनारे से फॉल सीलिंग तोड़कर दुकान के भीतर दाखिल हुआ। पहचान छिपाने के लिए उसने चेहरे पर गमछा बांध रखा था।

आरोपी ने संतोष किराना दुकान से नगदी और चांदी चोरी करने के बाद दूसरी दुकान में भी इसी तरीके से प्रवेश किया। वहां से नगदी के अलावा चिल्हर सिक्के, हल्दी, मसाला, साबुन, काजू और बादाम सहित अन्य सामान चोरी किया। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी की रकम से 19,300 रुपये में सैमसंग का मोबाइल खरीदा था, जबकि करीब 25 हजार रुपये घूमने-फिरने और खाने-पीने में खर्च कर दिए।

पुलिस ने आरोपी के मेमोरंडम के आधार पर 2,64,146 रुपये नगद, 1 किलो 508 ग्राम चांदी जिसकी अनुमानित कीमत 3,46,840 रुपये है, सैमसंग एंड्रॉएड मोबाइल तथा वारदात में इस्तेमाल सफेद-संतरा रंग का चेकदार गमछा बरामद किया। बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 6,30,286 रुपये बताई गई है।

आरोपी सतीष चौहान को दोनों अपराधों में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी और साइबर डीएसपी शिखर मरावी के नेतृत्व में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शुभम मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक डेविड टोप्पो सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय युवक कालिया गुप्ता और जनेश्वर कुर्रे का भी विशेष योगदान रहा।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध के बाद आरोपी कितना भी दूर भागे, तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयास के जरिए उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने घरघोड़ा चोरीकांड में टीम द्वारा 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान करने और नागपुर से राजनांदगांव तक पीछा कर गिरफ्तारी करने को पुलिस की तत्परता और समन्वित कार्रवाई का परिणाम बताया।

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साइबर ठगी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की नई पहल, अब लघु फिल्मों के जरिए होगा जागरूकता का संदेश

रायगढ़, 10 सितंबर 2026। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच रायगढ़ पुलिस ने जन-जागरूकता की दिशा में एक अभिनव पहल शुरू की है। जिला पुलिस द्वारा संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत अब लघु फिल्मों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव का संदेश दिया जाएगा। इसके लिए साइबर अपराध जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता की घोषणा की गई है, जिसकी थीम “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” रखी गई है।

रायगढ़ पुलिस की इस पहल का उद्देश्य केवल साइबर अपराधों की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को यह समझाना है कि ऑनलाइन ठगी किस तरह से की जाती है, ठग किन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, उनके झांसे में आने से कैसे बचा जा सकता है और ठगी होने की स्थिति में किस तरह तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। खासकर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को अभियान के केंद्र में रखते हुए रचनात्मक माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की गई है।

एसएसपी ने कहा- अपराध होने के बाद कार्रवाई के साथ बचाव की जागरूकता भी जरूरी

प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी के साथ साइबर अपराधी भी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी डर दिखाकर, कभी लालच देकर, कभी किसी परिचित या अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर तो कभी जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद पुलिस कार्रवाई करना जरूरी है, लेकिन उससे पहले नागरिकों को जागरूक और सतर्क बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ लघु फिल्म प्रतियोगिता के जरिए युवाओं, विद्यार्थियों, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा का संदेश रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।

मोबाइल से बनाई फिल्म भी होगी स्वीकार

प्रतियोगिता की खास बात यह है कि इसमें बड़े कैमरे और महंगे संसाधनों की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। मोबाइल फोन से बनाई गई लघु फिल्में भी प्रतियोगिता में स्वीकार की जाएंगी। इसके जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को भी अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिलेगा। पुलिस का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को अभियान से जोड़कर साइबर जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाना है।

प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी अथवा छत्तीसगढ़ी भाषा में साइबर अथवा डिजिटल अपराध से संबंधित फिल्म बना सकते हैं। प्रतियोगिता में विषय का चयन भी काफी व्यापक रखा गया है।

इन साइबर अपराधों पर बनाई जा सकती है फिल्म

प्रतिभागी वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाली साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस, सीबीआई, कस्टम अथवा बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी जैसे विषयों पर फिल्म बना सकेंगे। इसके अलावा हनीट्रैप, ब्लैकमेल, सेक्सटॉर्शन, ऑनलाइन जबरन वसूली, ओटीपी, यूपीआई, क्यूआर कोड, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी को भी विषय बनाया जा सकता है।

फिशिंग ईमेल, फर्जी एसएमएस, संदिग्ध कॉल और लिंक, एपीके फाइल या अनजान मोबाइल एप डाउनलोड करवाकर ठगी, स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस एप, मालवेयर, पहचान की चोरी, सिम स्वैप और सोशल मीडिया अकाउंट टेकओवर जैसे मामले भी प्रतियोगिता के दायरे में रखे गए हैं।

इसी तरह साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग, साइबर स्टॉकिंग, डॉक्सिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, डीपफेक, मॉर्फिंग, प्रतिरूपण, फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी और त्वरित लाभ के नाम पर होने वाली ठगी पर भी फिल्में बनाई जा सकती हैं।

फर्जी नौकरी, वर्क फ्रॉम होम, टास्क और लोन एप घोटाले, ई-कॉमर्स, टिकट, कूरियर, रिफंड और फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर होने वाली ठगी के अलावा महिलाओं एवं बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, रैनसमवेयर, डेटा चोरी, बिजनेस ईमेल कम्प्रोमाइज, फेक न्यूज, डिजिटल गोपनीयता और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषय भी प्रतियोगिता में शामिल किए गए हैं।

केवल ठगी दिखाना नहीं, बचाव का संदेश देना भी जरूरी

रायगढ़ पुलिस ने प्रतिभागियों से विशेष रूप से अपेक्षा की है कि फिल्म में केवल साइबर अपराध की घटना को दिखाने के बजाय उसके चेतावनी संकेत, बचाव के उपाय और सुरक्षित तरीके से शिकायत अथवा रिपोर्ट करने की जानकारी भी दी जाए। यानी फिल्म का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को सतर्क करना और साइबर अपराध से बचने का व्यावहारिक संदेश देना होगा।

दो श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता, लाखों रुपये के पुरस्कार

लघु फिल्म प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी ‘अ’ में 3 मिनट से अधिक और अधिकतम 6 मिनट की फिल्म बनाई जा सकेगी। इस श्रेणी में कहानी, पात्रों, अपराध की प्रक्रिया, पीड़ित पर पड़ने वाले प्रभाव और उसके समाधान को विस्तार से प्रस्तुत किया जा सकेगा।

इस श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 75 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 50 हजार रुपये रखा गया है।

वहीं श्रेणी ‘ब’ में अधिकतम 3 मिनट की फिल्म या रील बनाई जा सकेगी। यह श्रेणी किसी एक घटना, प्रभावशाली चेतावनी अथवा संक्षिप्त साइबर जागरूकता संदेश पर आधारित होगी। इसमें प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये दिया जाएगा।

24 सितंबर तक जमा करनी होगी प्रविष्टि

प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए 24 सितंबर 2026 प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा 27 सितंबर 2026 को रायगढ़ के ऑडिटोरियम में की जाएगी।

प्रतियोगिता में शामिल होने वाली फिल्म मौलिक होना अनिवार्य है। फिल्म में इस्तेमाल किए गए संगीत, दृश्य, चित्र अथवा अन्य सामग्री के आवश्यक अधिकार प्रतिभागी के पास होना जरूरी होगा। संवेदनशील मामलों पर फिल्म बनाते समय पीड़ित की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी अनिवार्य किया गया है। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

गूगल ड्राइव लिंक से भेज सकेंगे फिल्म

प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए फिल्म को आवेदन फॉर्म में सीधे अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी। प्रतिभागी अपनी फिल्म को Google Drive अथवा किसी अन्य विश्वसनीय फाइल-होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका सक्रिय और सार्वजनिक रूप से देखने योग्य लिंक जमा कर सकेंगे।

प्रतियोगिता की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए filmotsav.org पर संपर्क किया जा सकता है। प्रतिभागियों के लिए संपर्क नंबर 8817420420 तथा ईमेल contact@filmotsav.org जारी किया गया है।

इस अभियान के माध्यम से रायगढ़ पुलिस ने प्रदेश और जिले के युवाओं, विद्यार्थियों, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाओं तथा जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का एक प्रभावी संदेश किसी व्यक्ति को बड़ी आर्थिक और मानसिक परेशानी से बचा सकता है।

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विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से जशपुर के युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, क्विज से शुरू होगा सफर, जिला से राष्ट्रीय स्तर तक दिखेगी प्रतिभा

जशपुर 10 सितंबर 2026/भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया जा रहा है। 

इस पहल के माध्यम से देश के युवाओं को अपने विचार, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए अपने दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

जशपुर जिले में भी इस अभियान को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से जशपुर जिले के युवा इस पहल से जुड़कर विकसित भारत के विजन को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

युवा मेरा युवा भारत पोर्टल पर आयोजित क्विज में 25 सितंबर 2026 तक भाग लेकर अपनी सहभागिता दर्ज करा सकते हैं। इस प्रतियोगिता की प्रक्रिया क्विज से शुरू होकर जिला स्तर, राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाएगी। विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता एवं विचारों को व्यापक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का उद्देश्य युवाओं को केवल कार्यक्रमों के सहभागी के रूप में नहीं, बल्कि नीति निर्माण, नवाचार एवं राष्ट्र विकास के सक्रिय भागीदार के रूप में तैयार करना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सामाजिक विकास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं के विचारों एवं सुझावों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मेरा युवा भारत, जशपुर ने जिले के सभी पात्र युवाओं, युवा संगठनों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं से 25 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व अधिक से अधिक संख्या में क्विज में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह युवाओं के लिए जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा एवं नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

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महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, बच्चों की पढ़ाई और पोषण के साथ भविष्य के लिए बचत भी कर रहीं महिलाएं

जशपुरनगर 10 सितंबर 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति में सहूलियत मिल रही है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

जिला जशपुर के ग्राम पुरनानगर की निवासी श्रीमती एनीमा खलखो ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके लिए काफी सहायक साबित हो रही है। वे इस राशि का उपयोग अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। साथ ही घर की छोटी-मोटी जरूरतों को भी इसी राशि से पूरा कर लेती हैं। उन्होंने बताया कि वे हर माह अपने छोटे बच्चे के भविष्य के लिए 500 रुपये की बचत भी करती हैं।

श्रीमती एनीमा खलखो ने कहा कि महतारी वंदन योजना से उन्हें आर्थिक सहारा मिला है और अब वे स्वयं तय करती हैं कि इस राशि का उपयोग किस प्रकार करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।

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शशिकांत की पीड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंची तो तत्काल हुई मदद, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फोन पर जाना स्वास्थ्य का हाल, एम्स में भर्ती के साथ 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर

रायपुर, 10 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर इलाज की नई उम्मीद मिली है। सोशल मीडिया के माध्यम से शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और उनसे दूरभाष पर बात कर कुशलक्षेम जाना।

         मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शशिकांत को 9 सितंबर की शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया, जहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 4 लाख रुपये की सहायता राशि भी स्वीकृत की है।

*2016 में हुए हादसे के बाद से प्रभावित है स्वास्थ्य*

       वर्ष 2016 में एक सड़क दुर्घटना के दौरान शशिकांत को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। दुर्घटना में सर्वाइकल की समस्या उत्पन्न होने से उनके हाथ-पांव की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई थी। लंबे समय तक विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया था।

*शशिकांत ने जताया आभार*

        मुख्यमंत्री से बातचीत और तुरंत मिली चिकित्सकीय सहायता के बाद शशिकांत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं फोन कर हाल-चाल पूछना और एम्स में इलाज के साथ 4 लाख रुपये की सहायता देना उनके और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा संबल है।

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कोठीकुंडा हत्याकांड में नहीं बच सके चारों आरोपी, पारिवारिक विवाद में तिहारू साहू पर जानलेवा हमला कर उतारा था मौत के घाट, अपर सत्र न्यायालय ने पत्नी-बेटे सहित चारों को दोषी करार दे सुनाई उम्रकैद

खरसिया, 10 सितंबर 2026। खरसिया तहसील के ग्राम कोठीकुंडा में पिछले वर्ष हुए बहुचर्चित तिहारू साहू हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी विकास साहू, भुनेश्वर साहू, जानकी साहू और जया साहू को आजीवन कारावास तथा 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस की साक्ष्यपरक विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मामला 7 जुलाई 2025 का है। पुलिस चौकी जोबी अंतर्गत ग्राम कोठीकुंडा में पारिवारिक विवाद के चलते तिहारू साहू पर उसकी पहली पत्नी जानकी साहू, बेटे विकास साहू, साली जया साहू और साले भुनेश्वर साहू ने मिलकर हमला किया था। घटना के दौरान तिहारू अपनी दूसरी पत्नी सुकमति साहू के साथ मोटरसाइकिल से मसनिया कला जा रहा था।

बताया गया कि कोठीकुंडा में विकास साहू के घर के सामने पहुंचते ही जानकी साहू ने रास्ते में लंबा बांस रखकर मोटरसाइकिल रुकवा दी और तिहारू के साथ विवाद शुरू हो गया। इस दौरान जया साहू भी वहां मौजूद थी। दोनों ने तिहारू के साथ धक्का-मुक्की की। इसी बीच विकास साहू और भुनेश्वर साहू भी मौके पर पहुंचे और चारों ने मिलकर तिहारू के साथ मारपीट की।

मारपीट के दौरान विकास साहू ने धारदार टांगी से तिहारू पर हमला कर दिया। हमले में तिहारू के आंख के ऊपर, भुजा, जांघ और पैर में गंभीर चोटें आईं। घटना की रिपोर्ट 9 जुलाई 2025 को तिहारू की दूसरी पत्नी सुकमति साहू ने पुलिस चौकी जोबी में दर्ज कराई थी।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 373/2025 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। गंभीर रूप से घायल तिहारू साहू की उपचार के दौरान 12 जुलाई 2025 को मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस का विस्तार किया।

चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर ने मामले की विवेचना करते हुए महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए और घटना से जुड़े आवश्यक भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने तेजी से विवेचना पूरी करते हुए एफआईआर दर्ज होने के करीब दो माह के भीतर 8 सितंबर 2025 को न्यायालय में चालान पेश कर दिया था।

न्यायालय में पुलिस द्वारा प्रस्तुत अभियोग पत्र और विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने मामले को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी की पैरवी के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पुलिस के अनुसार, न्यायालय द्वारा चालान पेश किए जाने के करीब एक वर्ष के भीतर ही इस मामले में फैसला आया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा न्यायालयीन मामलों में साक्षियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा समंस और वारंट की समयावधि में तामीली को लेकर लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं। पुलिस विवेचना और अभियोजन की मजबूत पैरवी के परिणामस्वरूप इस मामले में सभी चार आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई।

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महिला से छेड़खानी पर कापू पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अभियान संवेदना के तहत आरोपी गिरफ्तार

कापू, 10 सितंबर 2026। महिलाओं की सुरक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत कापू पुलिस ने महिला से छेड़खानी के मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी कृष्णमोहन यादव (34 वर्ष), पिता युधिष्ठिर यादव, निवासी पुटुकछार, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय पीड़िता ने 8 सितंबर को थाना कापू पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 5 सितंबर को ग्राम डुमरनारा में कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान कृष्णमोहन यादव ने उसे अकेला पाकर हाथ-बांह पकड़कर खींचतान करते हुए छेड़खानी की।

घटना के बाद सामाजिक रूप से बेइज्जती महसूस होने के कारण महिला ने तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की। बाद में परिवार के सदस्यों से चर्चा करने के बाद उसने 8 सितंबर को थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध दर्ज किया। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज कराया गया तथा उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम तत्काल रवाना की गई।

पुलिस टीम ने धरमजयगढ़ क्षेत्र में आरोपी की तलाश शुरू की। पतासाजी के दौरान ग्राम सुपकालो में आरोपी के रिश्तेदार के घर दबिश दी गई। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी छिपने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी सहित हमराह पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए “अभियान संवेदना” के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी युवती के लिए मुसीबत, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप; 24 वर्षीय युवक गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया


रायगढ़/पुसौर, 9 सितंबर 2026। इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती के बाद शादी का भरोसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से इंकार करने के मामले में पुसौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई महिलाओं एवं नाबालिगों से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत की गई।

पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय स्थानीय युवती ने 7 सितंबर को थाना पुसौर में ग्राम बुनगा निवासी अनिल कुमार साव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने बताया कि आरोपी ने उसे इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रेम का इजहार करते हुए युवती से शादी करने और उसे पत्नी बनाकर रखने का भरोसा दिलाया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने 15 अक्टूबर 2025 को युवती को पटेलपाली कॉलेज के पास मिलने बुलाया। इसके बाद उसे होटल ले जाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। युवती का आरोप है कि इसके बाद मई 2026 तक आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी कथित तौर पर विवाद करने लगा और उसे वहां से भगा देता था।

युवती ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी ने शादी की तैयारी के नाम पर उससे 45 हजार रुपये लिए थे। बाद में उसने शादी करने से इंकार कर दिया। रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज और मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना की जानकारी युवती ने अपने माता-पिता और सहेली को दी। इसके बाद वह थाना पुसौर पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 229/2026, धारा 69 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से कथन दर्ज कराने के साथ उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया।

मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस एवं उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी अनिल कुमार साव (24 वर्ष), पिता समय लाल साव, निवासी ग्राम बुनगा, थाना पुसौर को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

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41वें चक्रधर समारोह के समापन पर आयुष नामदेव के ‘सियाधेश म्यूजिक बैंड’ की खास प्रस्तुति, 23 सितंबर को रामलीला मैदान में सजेगी संगीत की महफिल

रायगढ़ 09 सितंबर 2026// 41वें चक्रधर समारोह-2026 के समापन अवसर पर 23 सितंबर को रामलीला मैदान में आयुष नामदेव के ‘सियाधेश म्यूजिक बैंड’ की गायन प्रस्तुति होगी। छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग, पर्यटन मंडल एवं जनसहयोग से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित चक्रधर समारोह 14 से 23 सितंबर तक चलेगा। समापन दिवस पर म्यूजिक बैंड की प्रस्तुति समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेगी।

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युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए द्वार खोलने कैबिनेट का बड़ा फैसला, ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मिली मंजूरी; 5 वर्षों में ₹500 करोड़ होंगे खर्च

रायपुर  : 09 सितंबर 2026*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -*

1. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए *‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’* को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। 

इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

2. मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से *‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’* को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। 

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

3. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में *नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट* (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

5. मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

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निष्पक्ष भर्ती से चयनित 21 युवा टाउन प्लानर्स अब संभालेंगे प्रदेश के शहरी विकास की जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री साय ने जनहित और पारदर्शिता को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर 9 सितंबर 2026/शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवचयनित अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर योग्य बनाना और उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश तथा जनता की सेवा करते देखना प्रत्येक माता-पिता के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर होता है। आज इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है और इसके साथ उनके परिवारों की अपेक्षाएं तथा प्रदेश की आशाएं भी जुड़ी हुई हैं।

*राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 युवा अधिकारी*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि आज एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से सशक्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार होने के साथ नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। एक अच्छी योजना शहर को व्यवस्थित बनाती है, नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और भविष्य में अनियोजित विस्तार से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकती है। इसलिए आज नियुक्त हुए युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

*जनहित और पारदर्शिता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा  जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। शासन में अधिकारी द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें।

उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया।

*विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश इस लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास की स्पष्ट दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं हों, युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर हों और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन, युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

*ढाई वर्षों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए अवसरों का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।

*पारदर्शी व्यवस्था से मिली नियुक्ति, उसी पारदर्शिता का लाभ जनता तक पहुंचाएं : श्री ओ.पी. चौधरी*

वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के विकास के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग करना समय की आवश्यकता है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में पहले एक बार में तीन या चार सहायक संचालकों की नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनकी भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है। अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इसी पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। जब कोई नागरिक नक्शा स्वीकृति या अपने किसी अन्य कार्य के लिए विभाग के कार्यालय आए, तो उसे व्यवस्था में सरलता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।

*नई पीढ़ी के अधिकारियों की ऊर्जा से विकास को मिलेगी नई गति : श्री केदार कश्यप*

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने नवचयनित अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 
उन्होंने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव श्री अंकित आनंद, आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

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बढ़ेगी रेल नेटवर्क की क्षमता, सुधरेगी यात्री सुविधा और माल परिवहन—मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, 09 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 हजार 783 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इनमें बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा उद्योग और व्यापार के लिए माल परिवहन अधिक सुगम एवं प्रभावी होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक और मजबूत रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व गति से कार्य हो रहा है। छत्तीसगढ़ को भी इसका निरंतर लाभ मिल रहा है। नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को गति देने के साथ प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास और रोजगार की नई संभावनाओं को विस्तार देंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

*रेल नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी में होगा विस्तार*

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत तीन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। इनकी कुल अनुमानित लागत 10 हजार 783 करोड़ रुपए है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने की योजना है।

इन तीनों परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इनसे लगभग 4 हजार 790 गांवों और करीब 56 लाख की आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

*बिलासपुर-पेंड्रा रेल कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती*

बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखती है। इन परियोजनाओं से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि होगी। अतिरिक्त लाइन क्षमता से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा, रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी तथा यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय हो सकेगी। इस रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि से छत्तीसगढ़ की देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। इसका लाभ आम यात्रियों के साथ प्रदेश की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मिलेगा।

*उद्योग और व्यापार को मिलेगी नई गति*

स्वीकृत रेल परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात सहित महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। मल्टीट्रैकिंग से रेल नेटवर्क की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। तीनों परियोजनाओं से कुल मिलाकर प्रतिवर्ष लगभग 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ खनिज और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। ऐसे में बेहतर रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। माल परिवहन अधिक सुगम होने से उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी और प्रदेश में निवेश, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

*पर्यटन और आस्था के प्रमुख केंद्रों तक बेहतर होगी पहुंच*

इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ सहित संबंधित क्षेत्रों के महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा। इनमें अचानकमार टाइगर रिजर्व, मल्हार का पुरातात्विक स्थल, रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर और खुटाघाट बांध सहित अनेक प्रमुख स्थल शामिल हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।

*पीएम गति शक्ति के विजन को मिलेगी मजबूती*

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना तथा लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाना है।

रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम है। इन तीनों परियोजनाओं से देश में लगभग 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत तथा करीब 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो लगभग 2.48 करोड़ वृक्ष लगाने के पर्यावरणीय प्रभाव के बराबर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क किसी भी राज्य के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। नई रेल परियोजनाएं प्रदेश में सुगम आवागमन, मजबूत कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति को गति देते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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अयोध्या में श्री रामलला और काशी में बाबा विश्वनाथ के होंगे दर्शन, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की योजना के तहत 850 श्रद्धालु विशेष ट्रेन से रवाना

रायपुर, 9 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को निरंतर प्रभु श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। इसी कड़ी में आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास से भरे माहौल में जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

विशेष ट्रेन से रवाना हुए श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी के आध्यात्मिक दर्शन का अविस्मरणीय अवसर है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन के साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा।

*हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को किया गया रवाना*

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी एवं जिला पंचायत सभापति श्रीमती भारती नीरज माली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, उनके परिजन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं में प्रभु श्रीराम के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को लेकर भावुक नजर आए। परिजनों ने भी अपने प्रियजनों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देकर विदा किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा—धार्मिक यात्राएं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना छत्तीसगढ़ वासियों को देश की  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या और काशी केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थलों की यात्रा से श्रद्धालुओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बिलासपुर संभाग से यात्रा पर रवाना हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की।

*अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ के भी होंगे दर्शन*

श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में श्री रामलला के भव्य मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यात्रा के दौरान वाराणसी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।

अयोध्या और काशी की यह संयुक्त धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। एक ओर अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहीं काशी विश्वनाथ धाम भगवान शिव की आराधना का विश्वविख्यात तीर्थ है। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण होगी।

*प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिकों को मिल चुका है दर्शन का लाभ*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिक श्री रामलला के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिकों, विशेषकर उन लोगों को लाभ मिल रहा है, जिनके लिए अयोध्या और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा व्यक्तिगत स्तर पर कर पाना कठिन होता है।

*श्रद्धालुओं और परिजनों में दिखा उत्साह*

बिलासपुर से विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर स्टेशन पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उमंग दिखाई दी। लोगों ने कहा कि प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और जीवन का यादगार क्षण है।

श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से उन्हें अयोध्या धाम जाने और प्रभु श्रीराम के दर्शन करने का अवसर मिला है। काशी विश्वनाथ के दर्शन भी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रहे हैं।

*प्रशासन, टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी ने संभाली व्यवस्थाएं*

यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा, यात्रा प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया गया।

यह धार्मिक यात्रा छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने तथा उनकी आस्था को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है।

*आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम*

बिलासपुर संभाग से 850 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई यह विशेष ट्रेन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम की यात्रा है। अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन और काशी में बाबा विश्वनाथ की आराधना का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का यह सिलसिला निरंतर जारी है। बिलासपुर से रवाना हुई विशेष ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई दे रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु श्रीराम के दर्शन की अभिलाषा हर श्रद्धालु के लिए कितनी भावपूर्ण और आत्मिक अनुभूति है।

और भी

‘लोकल से नेशनल’ की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी पहल, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार, खरीदारों और निवेशकों से जुड़ने का मिलेगा अवसर

रायपुर, 9 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर 18 से 20 सितंबर तक देशभर के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं की मेजबानी करेगी। साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का आयोजन किया जा रहा है। लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेयर में प्रदेश के MSME, स्टार्टअप, निर्माताओं, उद्यमियों और युवाओं को देशभर के उद्योगपतियों, खरीदारों और निवेशकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

यह आयोजन केवल औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापार, निवेश, रोजगार, तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने वाला व्यापक औद्योगिक आयोजन होगा। फेयर में उत्पाद एवं तकनीक प्रदर्शनी, B2B मीटिंग, निवेशकों से संवाद, Job Placement Drive, विशेषज्ञों के प्रेरक सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति*

इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की भी उपस्थिति रहेगी। केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रमुख विचारक श्री कृष्ण गोपाल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। राष्ट्रीय स्तर के नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और निवेशकों की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।

*स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास*

छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, कृषि एवं वन उत्पाद, ऊर्जा संसाधन और विकसित हो रहे औद्योगिक आधार के कारण प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र की व्यापक संभावनाएं हैं। हालांकि छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच, नए खरीदारों से संपर्क, तकनीकी सहयोग और निवेश हासिल करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का मंच प्रदान करेगा। प्रदेश के उद्यमियों को विभिन्न राज्यों से आने वाले उद्योगपतियों, खरीदारों, वितरकों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे नए बाजारों तक पहुंच और कारोबारी साझेदारियों की संभावनाएं मजबूत होंगी।

*B2B मीटिंग से बनेंगे नए कारोबारी संबंध*

फेयर में देशभर से आने वाले उद्यमी अपने उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ B2B मीटिंग के माध्यम से निर्माता, वितरक, डीलर, सप्लायर, खरीदार और निवेशक सीधे संवाद कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देना नहीं, बल्कि उन्हें नए खरीदार, कारोबारी साझेदार और बाजार विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

*Job Placement Drive से युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर*

इस बार फेयर का एक प्रमुख आकर्षण Job Placement Drive होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को उद्योगों और कंपनियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। विद्यार्थियों को उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे संवाद, इंटरव्यू और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

*स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन*

फेयर में पारंपरिक उद्योगों के साथ स्टार्टअप और नई पीढ़ी के युवा उद्यमियों को भी विशेष अवसर दिया जाएगा। युवा उद्यमी अपने उत्पाद और नए व्यावसायिक विचार प्रदर्शित करने के साथ अनुभवी उद्योगपतियों, निवेशकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे।बाजार, निवेश, तकनीक और मार्गदर्शन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह मंच नए उद्यमों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

*विशेषज्ञों के सत्र देंगे नई दिशा*

तीन दिवसीय आयोजन में Motivational Talks और विशेषज्ञ व्याख्यान भी होंगे। इनमें उद्यमिता, उद्योग संचालन, बाजार विस्तार, नई तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार और बदलती आर्थिक परिस्थितियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सफल उद्यमियों और विशेषज्ञों के अनुभव युवाओं तथा नए उद्यमियों को व्यवसाय की नई संभावनाओं को समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।

*औद्योगिक क्षमता के साथ दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान*

इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में औद्योगिक गतिविधियों के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा। तीनों दिनों रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। इससे देशभर से आने वाले उद्यमियों और अतिथियों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक पहचान से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

*MSME क्षेत्र को मिलेगी नई ऊर्जा*

MSME क्षेत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ बड़े उद्योगों की सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फेयर में ऐसे उद्यमियों को नए बाजार, खरीदार, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। विभिन्न राज्यों के उद्यमियों की एक मंच पर मौजूदगी से ज्ञान का आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम, सप्लाई चेन साझेदारी और नए व्यापारिक संबंध विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

*'लोकल से नेशनल' की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिकोण के अनुरूप स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी दिशा में प्रभावी मंच के रूप में सामने आ रहा है। प्रदेश के छोटे शहरों और जिलों में कार्यरत उद्यमियों को अपने उत्पाद देशभर के खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

*निवेश और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद*

फेयर के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक और निवेश क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। खनिज, कृषि, वन उत्पाद, ऊर्जा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, निर्माण, MSME और सेवा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से निवेशकों और उद्योगपतियों को परिचित कराया जाएगा। आयोजन से नए उद्योगों की स्थापना, निवेश, व्यापार विस्तार और रोजगार सृजन के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार होने की उम्मीद है।

*तीन दिन में उद्योग, निवेश और रोजगार के अनेक अवसर*

18, 19 और 20 सितंबर को आयोजित होने वाला इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर उद्योग जगत के लिए व्यापारिक संपर्क, निवेश, रोजगार, तकनीक और नवाचार के अनेक अवसर लेकर आएगा। एक ओर जहां उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनी होगी, वहीं दूसरी ओर B2B मीटिंग और निवेशकों से संवाद होंगे। युवाओं के लिए Job Placement Drive और उद्यमियों के लिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के सत्र आयोजित किए जाएंगे।

14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निवेश के नए अवसर तलाशने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को देश के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 18 से 20 सितंबर तक रायपुर का साइंस कॉलेज ओपन ग्राउंड उद्योग, उद्यमिता, निवेश, रोजगार और नवाचार के इस महाकुंभ का साक्षी बनेगा।

और भी

सागर की जहरीली शराब घटना के बाद छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग अलर्ट, अवैध एवं जहरीली शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान शुरू

रायपुर, 09सितंबर 2026: पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में जहरीली शराब के सेवन से हुई दुखद मौतों एवं गंभीर घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी विभाग ने राज्यभर में अवैध मदिरा के विनिर्माण, तस्करी, भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण अंकुश लगाने हेतु व्यापक स्तर पर विशेष सघन जांच अभियान शुरू किया है। शासन की मंशा के अनुरूप  छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा द्वारा समस्त मैदानी अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

09 सितंबर 2026 को सचिव  वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) समीक्षा बैठक के उपरांत विभाग द्वारा यह आदेश प्रसारित किया गया।

*अभियान के अंतर्गत प्रमुख दिशा-निर्देश एवं कार्ययोजनाः*

सार्वजनिक स्थलों एवं चेकपोस्टों पर सख्त नाकाबंदीः प्रदेश के समस्त रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों तथा अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों पर वाहनों की 24 घंटे सघन जांच की जा रही है, ताकि बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके।

विशेष जांच दल (Special Task Team) का गठनः प्रत्येक जिले में उड़नदस्ते के अतिरिक्त विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अवैध व जहरीली शराब के कारोबार पर पैनी नजर रखेंगी।

मदिरा दुकानों एवं ढाबों की सघन जांचः देशी व विदेशी मदिरा दुकानों में नॉन-ड्यूटी पेड (NDP), लीकेज व मिलावटी मदिरा की औचक जांच की जा रही है। साथ ही होटल, ढाबों एवं अवैध अहातों पर दबिश देकर जब्ती की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

अवैध आसवन एवं स्पिरिट सिंडिकेट पर प्रहारः वनांचलों, नदी नालों व संदिग्ध क्षेत्रों में अवैध कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अवैध स्पिरिट के कारोबारियों और उनके आपूर्ति स्रोतों (Source of Origin) का पता लगाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई: आबकारी विभाग के टोल-फ्री नंबर, 'मनपसंद ऐप', समाचार पत्रों एवं आम नागरिकों से प्राप्त होने वाली हर सूचना पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

*नोडल अधिकारी नियुक्त, प्रतिदिन होगी मॉनिटरिंग*

समस्त जिलों एवं संभागों में चल रही कार्रवाइयों की दैनिक निगरानी के लिए प्रभारी अधिकारी, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे तक पूरे प्रदेश की समेकित रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे।

आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय की सूचना तत्काल विभागीय टोल-फ्री नंबर 14405 या मनपसंद ऐप पर साझा करें एवं मदिरा के उपभोग हेतु केवल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्धारित मदिरा दुकानों से ही मदिरा क्रय किए जाने की अपील की है।

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वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पांच जिलों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की, जनभागीदारी के साथ अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाने के दिए निर्देश

रायपुर, 09 सितंबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व एवं समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरगुजा, जशपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की प्रशासनिक बैठक ली। उन्होंने अभियान की तैयारियों की विस्तार समीक्षा करते हुए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, कार्ययोजना, विभागीय दायित्वों एवं प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी ली।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की यात्रा केवल वर्षों का हिसाब नहीं है, बल्कि यह 25 वर्षों की जनसेवा, नेतृत्व और भारत की क्षमता में अटूट विश्वास की कहानी है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से इस यात्रा के प्रति जन-आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का बेहतर विभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि ग्राम, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर अधिकतम जनभागीदारी के साथ आयोजित करना सुनिश्चित करें। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों को अभियान से जोड़ा जाए।

*17 सितंबर की शाम हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’*

अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगा। इसके तहत प्रत्येक परिवार को दीप प्रज्वलन से जोड़ने की पहल की जाएगी। प्रत्येक दीप को 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प का प्रतीक बनाया जाएगा। मैदानी टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को इस पहल में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

*‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ से सामने आएगी नई पीढ़ी की कल्पना*

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक शासकीय एवं निजी विद्यालयों में ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत विकसित भारत की संकल्पना और 25 वर्षों की सेवा यात्रा पर आधारित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बच्चों की कल्पनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

*‘नमो सेवा गाथा’ से गांव-गांव पहुंचेगी सेवा और बदलाव की कहानी*

‘नमो सेवा गाथा’ के अंतर्गत 17 सितंबर से नुक्कड़ नाट्य का आयोजन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थलों पर विशेष मंचन प्रस्तावित है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आए सकारात्मक बदलाव की कहानियों को सरल, भावनात्मक एवं प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

*‘आंगन का उत्सव’ में माताओं से संवाद और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान*

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित होगी। इसमें माताओं एवं बच्चों की सहभागिता के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी। योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं अपने जीवन में आए बदलाव की कहानियां भी साझा करेंगी।

*‘कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां*

अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। प्रत्येक कहानी में हितग्राही का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और जीवन में आए बदलाव की जानकारी दर्ज की जाएगी। इन कहानियों का डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा।

*‘सेवा ज्योति यात्रा’ से जन-जन जुड़ेगा विकसित भारत के संकल्प से*

25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने के लिए गांव, जिला एवं राज्य स्तर पर जनभागीदारी यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ को व्यापक जनसहभागिता के साथ आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

*‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे नागरिक*

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के अंतर्गत नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सेवा गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नदी-घाट स्वच्छता सहित विभिन्न सेवा कार्यों को अभियान में शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

*‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ से पात्र हितग्राहियों को मिलेगा योजनाओं का लाभ*

‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा एवं विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने, उन्हें योजनाओं से जोड़ने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर रहेगा।

*विविध गतिविधियों से अभियान को मिलेगा व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप*

अभियान के दौरान ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज‘ तथा ‘जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट’ जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत परिवर्तनकारी स्थलों का भ्रमण तथा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

इस बैठक में संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

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विकसित भारत जी राम जी योजना के कार्यों में तेजी लाएं, श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर समय-सीमा में निर्माण कार्य करें पूर्ण – कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 09 सितंबर 2026/ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने योजना अंतर्गत स्वीकृत, प्रगतिरत एवं निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में योजना के तहत कराए जा रहे शौचालय निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण, रिचार्ज पिट निर्माण तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों पर तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एपीओ शशिकांत गुप्ता को आवश्यकता के अनुरूप श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिले में स्वीकृत आवासों के विरुद्ध पूर्ण, अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों की जानकारी ली और लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की।

कलेक्टर ने ऐसे प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिनमें आवास स्वीकृत होने एवं राशि जारी होने के बावजूद हितग्राहियों द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित हितग्राहियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने तथा इसके बाद भी निर्माण प्रारंभ नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार राशि वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारी मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी, डिप्टी कलेक्टर राणा विजय, बरमकेला प्रभारी जनपद सीईओ शिक्षा शर्मा, सारंगढ़ जनपद सीईओ राधेश्याम नायक, बिलाईगढ़ जनपद सीईओ योगेश्वरी बर्मन, एपीओ शशिकांत गुप्ता, संजू पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समाचार / गुलाब कुमार फोटो

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