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सोलर नल-जल योजना से कुमा गांव में पहुंच रहा हर घर स्वच्छ पेयजल, पानी के लिए घंटों कतार से मिली मुक्ति

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ रायगढ़ के विकासखंड धरमजयगढ़ अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत कुमा आज ग्रामीण परिवर्तन की एक सशक्त मिसाल बनकर उभरा है। जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में कभी पानी की समस्या जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष थी। आज वही गांव जल जीवन मिशन के तहत स्थापित सोलर नल-जल योजना के माध्यम से आत्मनिर्भरता, स्वच्छता और समृद्धि की नई कहानी लिख रहा है।
           कुछ वर्ष पहले तक ग्राम कुमा में जल संकट सामान्य बात थी। महिलाएं सुबह से लेकर दोपहर तक हैंडपंपों के पास कतार में खड़ी दिखाई देती थीं। गर्मी के दिनों में जलस्तर गिरने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी। कई बार पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। इस दैनिक संघर्ष ने महिलाओं का समय, श्रम और ऊर्जा छीन ली थी। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और परिवार के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ता था। गांव के जीवन की रफ्तार पानी की उपलब्धता पर निर्भर थी और यही सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। परिवर्तन की यह कहानी तब शुरू हुई जब जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम कुमा में सौर ऊर्जा आधारित नल-जल प्रदाय प्रणाली स्थापित की गई। गांव में लगाए गए सोलर पैनलों से संचालित पंप के माध्यम से जल को ऊंची टंकी तक पहुंचाया जाता है और वहां से पाइपलाइन द्वारा प्रत्येक घर तक नियमित जल आपूर्ति की जाती है। यह व्यवस्था बिजली पर निर्भर नहीं है, इसलिए बिजली कटौती का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। पर्यावरण के अनुकूल यह प्रणाली न्यूनतम रखरखाव में दीर्घकालिक समाधान प्रदान कर रही है। 
         अब हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है, जिससे गांव की जीवनशैली में स्थायी परिवर्तन आया है। ग्राम की हितग्राही श्रीमती देवमति बताती हैं कि पहले प्रतिदिन दो से तीन घंटे पानी लाने में व्यतीत हो जाते थे। उस समय वे न तो बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पाती थीं और न ही स्वयं के विकास के लिए समय निकाल पाती थीं। अब घर पर ही नल से नियमित जल आपूर्ति होने से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। वे अपने बच्चों की शिक्षा पर अधिक समय दे रही हैं, स्व-सहायता समूह की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं और सामाजिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता बढ़ी है। स्वच्छ पेयजल मिलने से परिवार का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है और जलजनित बीमारियों में कमी आई है। देवमति गर्व से कहती हैं, अब हमें पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। घर पर ही स्वच्छ पानी मिलने से हमारा जीवन सरल और सुरक्षित हो गया है।
            पानी लाने की बाध्यता समाप्त होने से महिलाओं को समय की स्वतंत्रता मिली है। यह समय अब आयवर्धक गतिविधियों और सामाजिक भागीदारी में लगाया जा रहा है। महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे निर्णय प्रक्रिया में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह परिवर्तन केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से बच्चों की उपस्थिति और स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और घरों में शौचालय उपयोग को भी प्रोत्साहन मिला है। ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन समिति का गठन किया गया है, जो इस प्रणाली के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रही है। इससे ग्रामीणों में जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित हुई है। आज ग्राम कुमा केवल एक गांव नहीं, बल्कि प्रेरणा का प्रतीक है। यहां बहता स्वच्छ जल केवल प्यास नहीं बुझा रहा, बल्कि विकास, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की नई धारा प्रवाहित कर रहा है।

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डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए भारतीय डाक विभाग की बड़ी पहल, 18 फरवरी को रायगढ़ में आयोजित होगी वर्चुअल डाक अदालत

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/उपभोक्ताओं की डाक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग द्वारा 18 फरवरी को वर्चुअल डाक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि इस पहल का मकसद ग्राहकों को उच्च स्तर की सेवाएं प्रदान करना और लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करना है। डाक सेवाओं में कभी-कभी उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए यह मंच उपभोक्ताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा।
         यह वर्चुअल डाक अदालत 18 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से रायगढ़ संभाग के अंतर्गत अधीक्षक डाकघर कार्यालय, कोतरा रोड, कॉमर्स कॉलेज के पास, रायगढ़ में किया जाएगा। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपभोक्ताओं की काउंटर सेवा, बचत बैंक, मनी ऑर्डर, स्पीड पोस्ट, डाक जीवन बीमा सहित विभिन्न सेवाओं से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई करेंगे और मौके पर ही समाधान का प्रयास करेंगे। डाक विभाग ने अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से इस वर्चुअल डाक अदालत में भाग लेकर अपनी समस्याओं के समाधान का लाभ उठाने की अपील की है।

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वीबी जी राम जी अधिनियम का व्यापक आईईसी अभियान जारी, 550 पंचायतों तक पहुंची जागरूकता

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ भारत सरकार के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जी राम जी) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के लिए व्यापक आईईसी अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी 07 विकासखंडों की 550 ग्राम पंचायतों में यह जन-संवाद कार्यक्रम लगातार जारी है।
          अभियान का उद्देश्य अधिनियम की वैधानिक विशेषताओं, 125 दिन की रोजगार गारंटी, समयबद्ध भुगतान, डीबीटी प्रणाली और बेरोजगारी भत्ते जैसी महत्वपूर्ण प्रावधानों की स्पष्ट एवं संरचित जानकारी प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक पहुंचाना है, ताकि अधिकारों के प्रति सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।
           26 जनवरी से प्रारंभ हुए इस अभियान के प्रथम तीन चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। जिसमें प्रथम सप्ताह ‘भ्रम बनाम तथ्य’ जिसमें मीडिया संवाद और तथ्य पत्रों के माध्यम से 125 दिन की वैधानिक गारंटी, विलंबित भुगतान और डिजिटल भुगतान प्रणाली पर स्पष्टता दी गई। वहीं द्वितीय सप्ताह-‘अधिकार संरक्षण संकल्प’ में ग्राम स्तर पर ‘समय पर काम, पूरा भुगतान’ की सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिससे ग्रामीणों में अधिकारों के प्रति विश्वास बढ़ा। इसी तरह तृतीय सप्ताह-‘विकसित भारत ग्राम संवाद’ में चौपाल और ग्राम सभाओं के माध्यम से कार्य योजना निर्माण और बेरोजगारी भत्ते जैसे विषयों पर सीधा संवाद स्थापित किया गया।
    अब चौथे सप्ताह 16 से 22 फरवरी तक ‘अहिंसा से अधिकार’ थीम पर विशेष गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों में महात्मा गांधी जी और विकति भारत के गांव विषय पर पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं, जिससे नई पीढ़ी को ग्रामीण विकास की अवधारणा से जोड़ा जा सके। साथ ही पंचायत स्तर पर ‘रोजगार अधिकार जागरूकता यात्रा’ निकाली जा रही है, जिसमें सरपंच, पंच, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और श्रमिक सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
125 दिन रोजगार गारंटी से आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढ़ता रायगढ़
          वीबी जी राम जी अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में प्रति परिवार 125 दिन का रोजगार, 60 दिन का कृषि अवकाश, 60ः40 के अनुपात में केंद्र-राज्य फंडिंग (पूर्वोत्तर राज्यों हेतु 90ः10), साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था, 15 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और बायोमेट्रिक हाजिरी सहित एआई आधारित डिजिटल पारदर्शिता शामिल है। ग्राम पंचायत भवनों में आयोजित समापन सभाओं में ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण, आजीविका सुदृढ़ीकरण और आर्थिक स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अपने 125 दिन के वैधानिक रोजगार अधिकार की पूरी जानकारी हो और जिला स्तर से ग्राम स्तर तक पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली विकसित हो सके। ‘अहिंसा से अधिकार’ के संदेश के साथ रायगढ़ अब विकसित और आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।

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खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा एक दिवसीय लाइसेंस पंजीयन शिविर 26 फरवरी को

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ खाद्य कारोबारियों के लिए खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) की अनिवार्यता को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 26 फरवरी गुरुवार को पूर्वान्ह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। शिविर का आयोजन सिंधी पंचायती धर्मशाला, बेलादुला रोड, बीएसएनएल ऑफिस के सामने, रायगढ़ में किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य जिले के सभी थोक, फुटकर, वितरक, विनिर्माता, ठेला, गुमटी एवं अन्य छोटे-बड़े खाद्य कारोबारियों को पंजीयन और लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ना है।
           विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कई खाद्य व्यवसायी पर्याप्त जानकारी के अभाव में ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ रहते हैं। ऐसे सभी व्यापारियों को इस शिविर के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। शिविर में उपस्थित अधिकारी पात्र आवेदकों का खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कराने में सहयोग करेंगे, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या दंड से बचा जा सके।
*ये दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य*
शिविर में भाग लेने वाले खाद्य कारोबारियों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है- जैसे पहचान पत्र की छायाप्रति (आधार कार्ड), एक पासपोर्ट साइज फोटो एवं फर्म का पता प्रमाण (बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट) आवश्यक है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी संबंधित कारोबारियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने प्रतिष्ठान का वैध पंजीयन/लाइसेंस सुनिश्चित करें और सुरक्षित व मानक खाद्य व्यवस्था में अपना योगदान दें।

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क्लब फुट का समय पर इलाज बना बच्चों के लिए वरदान, पोंसेटी तकनीक से मिल रही नई जिंदगी,260 से अधिक बच्चों को क्लब फुट से मिली मुक्ति

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। किरोड़ीमल शासकीय जिला चिकित्सालय में अब तक 260 से अधिक बच्चों को जन्मजात क्लब फुट बीमारी से सफलतापूर्वक निजात दिलाई गई है, जिससे वे जीवनभर की संभावित दिव्यांगता से बच सके हैं। यह उपलब्धि सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश पटेल के मार्गदर्शन तथा अस्थि रोग विभाग के मुख्य चिकित्सक डॉ. राजकुमार गुप्ता, डॉ. विमल नायक और फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सिद्धार्थ सिन्हा की समर्पित टीम के प्रयासों से संभव हो पाई है।
            क्लब फुट एक जन्मजात (जन्म से मौजूद) पैर की विकृति है, जिसमें बच्चे का पैर सामान्य स्थिति में न होकर अंदर की ओर मुड़ा हुआ या नीचे की तरफ झुका हुआ होता है। इस स्थिति में बच्चा पैर को सीधा नहीं रख पाता। चिकित्सकीय भाषा में इसे कॉनजेनिटल टैलिपीस इक्विनोवेरस (सीटीईवी) कहा जाता है। यदि समय पर उपचार न मिले तो बच्चे को चलने-फिरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

*क्लब फुट के प्रमुख लक्षण*
क्लब फुट से ग्रसित बच्चों में पैर अंदर की ओर मुड़ा हुआ दिखाई देता है। एड़ी ऊपर उठी हुई या सामान्य से छोटी प्रतीत हो सकती है। पैर का तलवा सामान्य दिशा से अलग होता है तथा प्रभावित पैर का आकार दूसरे पैर की तुलना में छोटा दिख सकता है। बिना इलाज के बच्चा चलने में असहजता और कठिनाई महसूस करता है। अधिकांश मामलों में इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं होता, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान भु्रण की स्थिति, आनुवंशिक कारण (परिवार में पहले से किसी को यह समस्या होना) तथा मांसपेशियों या नसों के असामान्य विकास जैसे कारक इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि क्लब फुट का इलाज जन्म के तुरंत बाद शुरू कर दिया जाए तो इसके परिणाम अत्यंत सकारात्मक होते हैं। समय पर उपचार मिलने पर अधिकांश बच्चे सामान्य रूप से चल-फिर सकते हैं और उनका पैर लगभग सामान्य दिखाई देने लगता है।

*पोंसेटी मेथडः सबसे प्रभावी उपचार*
क्लब फुट के उपचार में पोंसेटी तकनीक को विश्वभर में सुरक्षित और प्रभावी पद्धति माना जाता है। इस प्रक्रिया में पैर को धीरे-धीरे सही स्थिति में लाया जाता है और क्रमिक रूप से प्लास्टर कास्ट लगाए जाते हैं। उपचार की चरणबद्ध प्रक्रिया अनुसार प्रारंभिक मूल्यांकन में जन्म के बाद पहले 1-2 सप्ताह के भीतर बच्चे के पैर की स्थिति, कठोरता और विकृति की जांच कर उपचार शुरू किया जाता है। मैनिपुलेशन-चिकित्सक हाथों से धीरे-धीरे पैर को सही दिशा में मोड़ते हैं। यह प्रक्रिया सुरक्षित और लगभग दर्दरहित होती है। प्लास्टर कास्ट लगाना-पैर को सही स्थिति में रखते हुए जांघ तक लंबा प्लास्टर (लॉन्ग लेग कास्ट) लगाया जाता है, ताकि पैर स्थिर रहे। साप्ताहिक कास्ट परिवर्तन-हर 5-7 दिन में प्लास्टर बदला जाता है। प्रत्येक बार पैर की स्थिति में थोड़ा-थोड़ा सुधार किया जाता है। आमतौर पर 5-8 सप्ताह तक यह प्रक्रिया चलती है। टेनोटॉमी (यदि आवश्यक) हो तो कई मामलों में एड़ी का टेंडन छोटा होता है। ऐसी स्थिति में एक छोटी प्रक्रिया के माध्यम से इसे लंबा किया जाता है। इसके बाद लगभग 3 सप्ताह तक अंतिम प्लास्टर लगाया जाता है। प्लास्टर हटाने के बाद बच्चे को विशेष जूते-ब्रेस (फुट एब्डक्शन ब्रेस) पहनाए जाते हैं। पहले 3 महीने दिन-रात और बाद में केवल रात एवं सोते समय लगभग 3-4 वर्षों तक पहनाना आवश्यक होता है।

*उपचार अवधि और सफलता*
कास्टिंग की प्रक्रिया लगभग 6-8 सप्ताह तक चलती है, जबकि ब्रेसिंग 3-4 वर्षों तक जारी रहती है। इस पद्धति से 90-95 प्रतिशत मामलों में सफल परिणाम प्राप्त होते हैं। बड़ी सर्जरी की आवश्यकता बहुत कम पड़ती है और जटिलताएँ भी न्यूनतम होती हैं। हालांकि, गंभीर मामलों में या जब प्लास्टर से पर्याप्त सुधार न हो, तब सर्जरी (ऑपरेशन) की आवश्यकता पड़ सकती है।

*अभिभावकों के लिए जरूरी सावधानियाँ*
प्लास्टर को गीला न होने दें। प्रतिदिन बच्चे की उंगलियों का रंग और सूजन जांचें। प्लास्टर ढीला या क्षतिग्रस्त होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर उपचार से क्लब फुट जैसी जन्मजात विकृति को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। उचित देखभाल और नियमित फॉलो-अप के साथ बच्चे न केवल सामान्य जीवन जी सकते हैं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

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कबाड़ खरीदी की आड़ में चोरी का खेल बेनकाब: ग्राम गारे माइंस क्षेत्र से शेड तोड़कर सामान पार करने वाले आरोपियों को तमनार पुलिस ने दबोचा, अवैध कबाड़ कारोबारियों पर पुलिस की पैनी नजर

रायगढ़, 17 फरवरी 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने मोटर सायकल चोरों, कबाड़ चोरों एवं अवैध रूप से कबाड़ खरीदी करने वालों पर सतत निगरानी रखकर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल थाना तमनार पुलिस द्वारा लोहा चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

            जानकारी के अनुसार दिनांक 15 फरवरी 2026 को प्रार्थी विनोद राठिया उम्र 44 वर्ष निवासी ग्राम गारे थाना तमनार द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके ग्राम गारे स्थित भूमि पर बने लोहे के शेड से अज्ञात व्यक्ति द्वारा आलवेस्टर सीट एवं उसमें लगे लोहे के पाइप चोरी कर लिए गए हैं। रिपोर्ट पर थाना तमनार में *अपराध क्रमांक 35/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

          मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना तमनार पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में कबाड़ का कार्य करने वाले व्यक्तियों से पूछताछ एवं पतासाजी शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वशीकूल इस्लाम एवं जयराम बेहरा कबाड़ खरीदने-बेचने की आड़ में चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने ग्राम गारे माइंस क्षेत्र के पास स्थित शेड से आलवेस्टर सीट एवं लोहे के पाइप चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर चोरी गया आलवेस्टर सीट एवं लोहे का पाइप, *कुल कीमत लगभग 30,000 रुपये, बरामद कर जप्त* किया गया। इसके पश्चात दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

*गिरफ्तार आरोपी* —

01. वशीकूल इस्लाम पिता असरफ अली उम्र 46 वर्ष, निवासी वाउसीपुकुर थाना लालगोला जिला मुर्शीदाबाद (पश्चिम बंगाल), वर्तमान निवासी तमनार थाना तमनार जिला रायगढ़
02. जयराम बेहरा पिता विश्वनाथ बेहरा उम्र 45 वर्ष, निवासी खम्हरिया थाना तमनार जिला रायगढ़

             उक्त कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर, एएसआई शशिदेव भोय, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, हेम प्रकाश सोन, पुष्पेन्द्र सिदार एवं थाना स्टाफ की टीम द्वारा की गई है ।

???? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —

  *“जिले में कबाड़ की आड़ में चोरी करने वाले तथा अवैध रूप से चोरी का माल खरीदने-बेचने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

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रायगढ़ पुलिस का ‘ऑपरेशन आघात’ दूसरे दिन भी गरजा — कोतरारोड़ और भूपदेवपुर में ताबड़तोड़ रेड, महिला सहित कई आरोपी गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में अवैध महुआ शराब जब्त

रायगढ़, 17 फरवरी 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में मादक पदार्थों पर पूर्णत: अंकुश लगाने चलाए जा रहे विशेष अभियान *“ऑपरेशन आघात”* के तहत दूसरे दिन कोतरारोड़ और भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। 

        रायगढ़ जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर हो रही कड़ी कार्रवाई को देखते हुए कल थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम डूमरपाली की महिलाओं द्वारा एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह से गांव में अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था, जिस पर एसएसपी ने उन्हें आश्वस्त किया कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी भूपदेवपुर और कोतरारोड़ को क्षेत्र में सघन अभियान चलाकर अवैध शराब पर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया ।

ग्राम डूमरपाली और नहरपाली में भूपदेवपुर पुलिस की शराब रेड

     भूपदेवपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय नाग के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मुखबिर सूचना पर *ग्राम डूमरपाली निवासी मुरलीधर साहू, पिता स्व. पदमन साहू, उम्र 55 वर्ष* के घर रेड कार्रवाई की गई, जहां आरोपी के कब्जे से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब कीमती ₹700 बरामद कर जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध थाना भूपदेवपुर में धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। 

 *#ग्राम डूमरपाली में अवैध शराब बिक्री की शिकायत पर हुज्जबाजी और धमकी देने वाले दो व्यक्तियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई*

    ग्राम पंचायत डूमरपाली द्वारा गांव में अवैध शराब बिक्री को लेकर दी गई शिकायत की जांच पर पहुंचे थाना प्रभारी भूपदेवपुर को गांव के महिला समिति के सदस्यों द्वारा गांव के अनावेदक भुवनेश्वर बैरागी (45 वर्ष) और गोपाल साहू (32 वर्ष) के विरुद्ध गांव में अवैध शराब बिक्री करने तथा शराब पीकर बेवजह गाली गलौच करने की शिकायत की गई थी। जांच दौरान दोनों व्यक्तियों द्वारा पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए महिलाओं और ग्रामीणों को धमकी देते हुए हुज्जबाजी की गई, जिस पर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों अनावेदकों को धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किया गया।

     एक अन्य कार्रवाई में भूपदेवपुर पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना पर अवैध शराब का परिवहन कर रहे आरोपी ठाकुरराम मांझी, पिता स्व. साधूराम मांझी, उम्र 29 वर्ष, निवासी नहरपाली थाना भूपदेवपुर को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से 2.5 लीटर महुआ शराब कीमती ₹250 बरामद कर जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध थाना भूपदेवपुर में धारा 34(1)(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। 

     *#ग्राम कुसमुरा में अवैध महुआ शराब बेच रही महिला पर कोतरारोड़ पुलिस की रेड कार्रवाई, 20 लीटर शराब जब्त*

      वहीं कोतरारोड़ पुलिस द्वारा थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में कल ग्राम कुसमुरा के श्रीमति सकुन्तला सिदार के घर पर शराब रेड कार्यवाही किया गया । संदेही महिला घर में अवैध शराब बिक्री के शराब रखे हुये थी, पूछताछ में उसने शराब बिक्री के लिए रखना स्वीकार की जिसके कब्जे से 20 लीटर महुआ शराब (कीमती 2,000/ रूपये) जप्त किया गया है । आरोपिया सकुन्तला सिदार पति प्रहलाद सिदार उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कुसमुरा थाना कोतरारोड़ के विरुद्ध भी आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —
         
 *“ऑपरेशन आघात”* के तहत अवैध शराब, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त हर व्यक्तियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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उधारी के तीन हजार रुपये बने खूनी संघर्ष की वजह — पड़ोसियों के बीच जमकर मारपीट, पति-पत्नी गिरफ्तार, ब्लेड से हमले में घायल दो लोग

रायगढ़, 17 फरवरी 2026 । थाना पुसौर क्षेत्र अंतर्गत उधारी रकम के विवाद को लेकर पड़ोसियों के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। घटना के संबंध में 25 जनवरी 2026 को वार्ड क्रमांक 12 सारथी मोहल्ला पुसौर निवासी विक्रम सारथी (29 वर्ष) द्वारा थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके बड़े भाई विक्की सारथी और चाची गुरबारी सारथी के साथ पड़ोसी दिलीप सारथी और उसकी पत्नी दीपा सारथी द्वारा गाली-गलौच कर हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई तथा महिला दीपा सारथी द्वारा ब्लेड से हमला कर उसकी चाची और उसे घायल किया गया।

            रिपोर्टकर्ता ने बताया कि उसकी भाभी सरोज सारथी द्वारा करीब 4-5 माह पूर्व पड़ोस में रहने वाली दीपा सारथी को ₹3000 उधार दिए गए थे, जिसे वापस मांगने पर दीपा सारथी विवाद करने लगी और उसका पति दिलीप सारथी भी आकर गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे विक्रम सारथी और गुरबारी सारथी पर दीपा सारथी ने घर में रखे शेविंग ब्लेड से हमला कर दिया, जिससे दोनों को चोट आई। रिपोर्ट पर *थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 20/2026 धारा 296, 351(2), 115(2),3(5) भारतीय न्याय संहिता* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

           विवेचना के दौरान घायल विक्रम सारथी और गुरबारी सारथी के मेडिकल परीक्षण में डॉक्टर द्वारा धारदार वस्तु से चोट होना प्रमाणित किए जाने पर प्रकरण में *गैर जमानतीय धारा 118(1) बीएनएस* को विस्तारित किया गया। आरोपी दिलीप सारथी पूर्व में भी थाना पुसौर का आदतन अपराधी रहा है, जिसके विरुद्ध सड़क दुर्घटना और आबकारी से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं तथा उसके विरुद्ध पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है।

             प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रामकिंकर यादव द्वारा पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए *आरोपी दिलीप सारथी (40 वर्ष) और उसकी पत्नी दीपा सारथी (37 वर्ष), दोनों निवासी वार्ड क्रमांक 12 सारथी मोहल्ला पुसौर* को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपिया के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पुराना शेविंग ब्लेड जब्त किया गया। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —

          *“आपसी विवादों को हिंसक रूप देने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर है।”*

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एक माह में कोटवारी भूमि के सभी लंबित प्रकरण निपटाकर शासन खाते में दर्ज करने का अल्टीमेटम, खरीदी-बिक्री पर रोक और अहस्तांतरणीय दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश

अम्बिकापुर 17 फरवरी 2026 :-कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामले आमजन के दैनिक जीवन से सीधे जुड़े होते हैं, अतः सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।

बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से कोटवारी भूमि के हस्तांतरण एवं क्रय-विक्रय प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में दर्ज, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही यह परीक्षण भी सुनिश्चित करें कि किन प्रकरणों में एक बार तथा किन मामलों में एक से अधिक बार हस्तांतरण हुआ है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोटवारी भूमि से संबंधित सभी लंबित प्रकरण एक माह के भीतर पूर्ण  कर कोटवारी भूमि को शासन के खाते  में दर्ज किया जाए तथा संबंधित भूमि को अहस्तांतरणीय दर्ज करते हुए उसकी खरीदी-बिक्री पर रोक सुनिश्चित की जाए। पट्टे से प्राप्त भूमि की अद्यतन जानकारी आगामी समय-सीमा बैठक में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
अतिक्रमण पर कार्रवाई एवं अभिलेखों की शुद्धता पर जोर
बैठक में अवैध भूमि अतिक्रमण एवं कब्जे के प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विवादित एवं अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बटांकन, खाता विभाजन तथा भू-अर्जन प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति लाने पर बल दिया विशेष रूप से विवादित एवं अविवादित बंटवारे के लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।

न्यायालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता
कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को अपने-अपने न्यायालयों में सुनवाई हेतु निश्चित दिवस निर्धारित करने तथा सभी प्रकरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड संधारण से पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन को सुविधा मिलेगी। मतदाता सूची के एसआईआर कार्य एवं त्रुटि सुधार आवेदनों का भी समय-सीमा में निराकरण करने को कहा गया। आगामी समीक्षा बैठक तक डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
मैदानी अमले की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश
प्राकृतिक आपदा सहायता प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि संबंधित पटवारी स्वयं स्थल निरीक्षण कर मौका-मुआयना करें, आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कर शीघ्र जिला कार्यालय प्रेषित करें। वृक्ष कटाई से संबंधित प्रकरणों में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सर्वे कर शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने को कहा गया।

विद्यार्थियों के हित में विशेष अभियान’
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण हेतु विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए मैदानी अमला लक्ष्य निर्धारित कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करे।

नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्य
कलेक्टर ने नक्शा बटांकन, अभिलेख शुद्धता, किसान किताब वितरण, आधार सीडिंग तथा वनाधिकार पट्टों के लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी एसडीएम को अपने-अपने अनुविभाग में नियमित मॉनिटरिंग करने एवं प्रत्येक माह प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री अमृतलाल ध्रुव सहित समस्त एसडीएम, तहसीलदार एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना जगाने का सफल प्रयास — विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल ने विजेता प्रतिभागियों को किया सम्मानित, बढ़ाया उत्साह


जशपुर 17 फरवरी 2026  राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय आविष्कार अभियान अंतर्गत विकासखंड मनोरा में खंड स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कार्यक्रम हाई स्कूल हायर सेकेंडरी एवं उच्च प्राथमिक दो स्तर पर विकासखंड स्त्रोत केंद्र मनोरा के सभागार में आयोजित किए गये कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में गणित विज्ञान के साथ नवाचार के प्रति रुचि उत्पन्न करना था विकासखंड मनोरा के विभिन्न संकुलों से आए विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साह पूर्वक अपनी सहभागिता प्रदान किये कार्यक्रम बीआरसी मनोरा आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ उक्त क्विज कार्यक्रम में माध्यमिक खंड से दल क्रमांक ए के दीपक राम सिमरन लकड़ा विवेक कुमार स्वर्णनी बाई प्रथम स्थान प्राप्त किये दल क्रमांक डी के अक्षय राम सत्येंद्र नाम मनीषा बाई देवी बाई द्वितीय स्थान प्राप्त किये ग्रुप ई के आलोक प्रधान प्रणीत इंदवार संजना पर रुपेश यादव तृतीय स्थान पर रहे।
        हाई स्कूल हायर सेकेंडरी खंड में पीएम श्री सेजेश मनोरा के पुष्पा मिश्रा सिल्की बाई अनिमा बाई श्याम प्रधान प्रथम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सोन्क्यारी एवं आस्ता के अनुषा किसपोट्टा सावित्री यादव लक्ष्मीबाई सुमित्रा बाई द्वितीय शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय खरसोता के युवराज प्रधान गौरव निराला आशिक भगत संतोषी बाई तृतीय स्थान प्राप्त किये विजेता छात्रों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री तरुण पटेल के द्वारा पारितोषिक वितरण किया गया क्विज प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री तरुण पटेल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में आत्मविश्वास के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का विकास होता है। उपरोक्त क्विज कार्यक्रम का संचालन हायर सेकेंडरी खंड से राहुल भगत राम प्रसाद जायसवाल प्रियांशी कुजूर एवं पूर्व माध्यमिक स्तर से चंद्रशेखर भगत देवनारायण पटेल कुमारी सरिता व मंजुला झा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को व्यवस्थित करने में सीएसी  महेंद्र सिंह बीरबल राम सत्यदीप प्रसाद का सहयोग रहा।

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निक्षय निरामय अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित,टीबी उन्मूलन लक्ष्य को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई विस्तृत जानकारी

रायगढ़, 16 फरवरी 2026/ निक्षय निरामय अभियान 2.0 के सुचारू एवं प्रभावी संचालन हेतु आज जिला स्तर पर खंड चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकों के लिए रायगढ़ में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह प्रशिक्षण कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य जिले में क्षय रोग उन्मूलन के प्रयासों को गति देना तथा अभियान की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। प्रशिक्षण में अभियान की रूपरेखा, सूक्ष्म कार्ययोजना, मरीजों की पहचान, जांच एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से उच्च जोखिम समूह के संदेहास्पद मरीजों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। 
           मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि टीबी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है-फेफड़ों की और फेफड़ों के बाहर की। फेफड़ों की टीबी सर्वाधिक सामान्य है और यह हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है, जबकि अन्य प्रकार की टीबी शरीर के विभिन्न अंगों जैसे रीढ़, दिमाग, पेट, गुर्दे या लसीका ग्रंथियों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने बताया कि टीबी सुप्त एवं सक्रिय अवस्था में पाई जाती है। सक्रिय टीबी में लगातार खांसी, बुखार, वजन में कमी, सीने में दर्द तथा रात में पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। 
            नोडल क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ.जया कुमारी चौधारी ने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होती है। इससे बचाव के लिए बीसीजी टीकाकरण, खांसते या छींकते समय मुंह ढकना, घरों में पर्याप्त हवा का प्रवाह तथा पौष्टिक आहार आवश्यक है। सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल ने कहा कि टीबी उन्मूलन में मैदानी स्वास्थ्य अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता मरीजों को दवाइयों की सही मात्रा, सेवन का समय, उपचार की अवधि तथा नियमित अनुवर्ती जांच की जानकारी देते हैं। यदि दवाइयों का सेवन निर्धारित अवधि तक नियमित रूप से किया जाए तो टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
            जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा ने बताया कि समय-समय पर उपचार पद्धति में बदलाव तथा नवीन शोध के आधार पर नई जानकारियां शामिल की जाती हैं। इन्हीं अद्यतन जानकारियों को स्वास्थ्य अमले तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों कोे प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण सत्र में अभियान की निगरानी व्यवस्था एवं पोषण सहायता से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश

रायगढ़, 16 फरवरी 2026/ जिला कलेक्टोरेट परिसर में आज जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से नागरिक पहुंचे और आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने प्राप्त सभी आवेदनों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
             जनदर्शन में तहसील छाल के ग्राम कटाईपाली निवासी राजाराम राठिया ने सर्पदंश से पत्नी की मृत्यु के बाद स्वीकृत मुआवजा राशि अब तक प्राप्त न होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 23 जुलाई 2025 को उनकी पत्नी गुरबाई की सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। प्रकरण एसडीएम न्यायालय में चलकर मुआवजा स्वीकृत भी हो चुका है, किंतु अब तक भुगतान नहीं हुआ है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            विकासखंड पुसौर के ग्राम पंचायत सिंहा के ग्रामीणों ने मिडिल स्कूल एवं आंगनबाड़ी परिसर में अतिक्रमण हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि परिसर को तोड़कर अवैध रूप से फैंसी दुकान सहित अन्य दुकानें संचालित की जा रही हैं। कई बार मौखिक आग्रह के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को तत्काल स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। झोपड़ीपारा की दशोदा चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति की मांग की। रायगढ़ के बैकुण्ठपुर राममंदिर गली निवासी लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने मोहल्ला में पक्की सड़क निर्माण की मांग की। इसके अतिरिक्त राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, दिव्यांग पेंशन सहित विभिन्न समस्याओं से जुड़े अनेक आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन देते हुए कहा कि जनदर्शन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच है और प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्यवाही की जाएगी।

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उपार्जन केंद्रों से 28 फरवरी तक धान का पूर्ण उठाव सुनिश्चित करें-कलेक्टर,विभागों के निष्क्रिय खातों पर कलेक्टर ने जताई कड़ी नाराजगी 

रायगढ़, 16 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभागीय कामकाज की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में ठोस प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा जनसमस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारी इसे गंभीरता से ले और निर्धारित समय-सीमा में कार्य को पूर्ण करें। बैठक में जनदर्शन, पीजीएन एवं पीजी पोर्टल से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
            बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के निष्क्रिय खातों की स्थिति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खातों के निष्क्रिय रहने से विकास कार्य बाधित होते हैं तथा वित्तीय अनुशासन प्रभावित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जितने भी इनऑपरेटिव खाता है, उसे तत्काल ऑपरेटिव कराया जाए तथा डेफ खातों को नियमानुसार बंद कर इसकी जानकारी निर्धारित समय में उपलब्ध कराएं। लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
           कलेक्टर ने कहा कि जिले में संचालित औद्योगिक प्रतिष्ठानों की नियमित जांच एवं मॉनिटरिंग के लिए अनुभाग स्तर पर संयुक्त समिति गठित की गई है। उन्होंने समिति को औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता प्रबंधन, अपशिष्ट निस्तारण एवं पर्यावरणीय मानकों के पालन की नियमित समीक्षा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा एवं मानकों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
         कलेक्टर ने खनिज संस्थान न्यास मद की समीक्षा करते हुए वर्ष 2015 से मार्च 2025 तक स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत एजेंसियों को जारी प्रथम किश्त, अंतिम किश्त अथवा ब्याज की जो राशि खातों में उपलब्ध है, किंतु संबंधित फर्म को भुगतान नहीं किया गया है, उसे जिला खनिज संस्थान न्यास के खाते में जमा कराते हुए निर्धारित प्रपत्र में जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में शिथिलता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, लैंड बैंक का भौतिक सत्यापन तथा अन्य लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों का त्वरित समाधान आम नागरिकों के विश्वास से जुड़ा विषय है, इसमें अनावश्यक विलंब न हो।
         कलेक्टर ने 28 फरवरी तक सभी उपार्जन केंद्रों से धान का पूर्ण उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि उठाव के अनुपात में चावल को नागरिक आपूर्ति निगम में शीघ्र जमा कराएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी 2.0 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शेष आवासों की स्वीकृति हेतु तत्काल प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम जनमन योजना के हितग्राही मूलक कार्यों में शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने, महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण ट्रैकर में 100 प्रतिशत ग्रोथ मॉनिटरिंग और आंगनबाड़ी स्तर पर समय पर डेटा प्रविष्टि करने तथा सभी शालाओं में बालिका शौचालयों को पूर्णतः क्रियाशील करने के निर्देश दिए। 
             कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति की जानकारी ली और अपात्र एवं संदिग्ध प्रकरणों का 15 दिवस के भीतर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ जिला के सुदूर वनांचल के दो नवाचारी विद्यालय बने शिक्षा का प्रेरणास्रोत, अब राज्यभर के शिक्षक-विद्यार्थी करेंगे शैक्षणिक भ्रमण कर सीखेंगे नवाचार की अनूठी मिसाल

रायगढ़, 16 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले के सुदूर एवं दुर्गम वनांचल क्षेत्र में संचालित दो शैक्षणिक संस्थान धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत देउरमार के आश्रित ग्राम लामीखार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला तथा ग्राम गोढ़ी में संचालित शासकीय आदर्श आदिवासी कन्या आश्रम को जिला प्रशासन द्वारा शैक्षणिक भ्रमण की सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। 
एक ओर शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक शाला लामीखार है, तो दूसरी ओर आदिमजाति विकास विभाग द्वारा संचालित आदिवासी कन्या आश्रम गोढ़ी। दोनों ही संस्थान प्रत्यक्ष खनिज उत्खनन प्रभावित क्षेत्र में स्थित हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार किए जा रहे हैं।
जिले और जिले के सटे अन्य स्कूल के शिक्षक और छात्र भी इस शैक्षणिक संस्थानों के रख रखाव, शिक्षण गतिविधियों सहित सभी नवाचारों को देखने और सीखने आएंगे। 
जिला प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि इन दोनों विद्यालयों को शैक्षणिक भ्रमण सूची में शामिल करने के लिए  विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए तथा संबंधित संचालनालय को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए, ताकि राज्य स्तर पर अन्य जिलों के शिक्षक एवं विद्यार्थी भी यहां अध्ययन भ्रमण के लिए आ सकें।

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अलग-अलग दिनों में इन दोनों संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया कि अन्य संस्थानों की तुलना में यहां सकारात्मक दिशा में उल्लेखनीय गतिविधियां संचालित हो रही हैं। विद्यालयों के शिक्षण वातावरण, नवाचारों और समग्र विकास आधारित पहल की सराहना की गई थी।

*बाल वैज्ञानिक के रूप में गढ़े जा रहे बच्चे*

लामीखार प्राथमिक शाला में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों से कलेक्टर ने सीधा संवाद किया था। बच्चों ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए। उनकी अभिव्यक्ति क्षमता, अनुशासन और सीखने की ललक ने सभी को प्रभावित किया।

विद्यालय में प्रिंट-रिच शिक्षण वातावरण तैयार किया गया है। “कबाड़ से जुगाड़” की अवधारणा पर आधारित पवन चक्की, सौर ऊर्जा मॉडल, यातायात संकेतक, माइलस्टोन, भारत और छत्तीसगढ़ के मानचित्र जैसी शिक्षण सामग्री बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा दे रही है।

विद्यालय परिसर में विकसित किचन गार्डन, हर्बल गार्डन, मसाला बगान और गुलाब गार्डन में लगभग 128 प्रजातियों के फलदार, फूलदार एवं औषधीय पौधे लगाए गए हैं। अंजीर, सेव, चंदन, नींबू, कटहल, चिकोतरा और मौसंबी जैसे पौधों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण एवं व्यवहारिक ज्ञान दिया जा रहा है।

*पुस्तकालय और नेतृत्व विकास की अनूठी पहल*

“मुस्कान पुस्तकालय” के अंतर्गत बंद पुस्तकालय, खुला पुस्तकालय और चर्चा-पत्र पुस्तकालय का संचालन स्वयं विद्यार्थी करते हैं। लगभग 1500 पुस्तकों का प्रबंधन बच्चों के हाथों में है।
जन्मदिवस पर “एक दिन का गुरुजी” और “आज का फूल” जैसी गतिविधियां बच्चों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास विकसित कर रही हैं।
जिला प्रशासन  ने इन पहलों को जिले के अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।

सुदूर गांव में गुणवत्ता का उदाहरण

सुदूर वनांचल की लगभग 314 की आबादी वाले आदिवासी बहुल ग्राम लामीखार में संचालित विद्यालय में वर्तमान में 46 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 30 बालक और 16 बालिकाएं शामिल हैं। वर्ष 2025 में यहां के 8 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन हुआ है। कलेक्टर ने इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और नवाचारों का प्रत्यक्ष परिणाम बताया।


गोढ़ी आदिवासी कन्या आश्रम में समग्र विकास पर जोर

ग्राम गोढ़ी स्थित शासकीय आदर्श आदिवासी कन्या आश्रम में छात्राओं को पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा, पर्यटन स्थलों की जानकारी, राज्य की भौगोलिक स्थिति और सामाजिक व्यवहार की शिक्षा दी जा रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद यह संस्थान वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के सशक्त केंद्र के रूप में उभर रहा है। कलेक्टर ने खनिज उत्खनन प्रभावित क्षेत्र के दोनों इन शैक्षणिक संस्थानों को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है।

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पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद जारी: लैलूंगा में घेराबंदी कर मवेशी तस्कर गिरफ्तार, उड़ीसा बूचड़खाने ले जाए जा रहे 06 गौवंश मुक्त, एसएसपी ने कहा—तस्करों पर लगातार होगी कड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 16 फरवरी 2026। जिले में मवेशी तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। अभियान के दूसरे दिन थाना लैलूंगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मवेशी तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 06 नग गौवंश को मुक्त कराया है। पुलिस की इस कार्रवाई से मवेशी तस्करों में हड़कंप मच गया है और अवैध तस्करी पर कड़ा संदेश गया है।

महाशिवरात्रि ड्यूटी के दौरान मिली सूचना, तत्काल हुई कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के दौरान थाना लैलूंगा पुलिस क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति गौवंश को क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते हुए पैदल हांककर के बूचड़खाने की ओर ले जा रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बांसडांड खालपारा तिराहा में गवाहों के साथ घेराबंदी की। घेराबंदी के दौरान एक व्यक्ति 06 नग गौवंश को पैदल ले जाते हुए मिला, जिसे पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया।

आरोपी ने पूछताछ में स्वीकारा अपराध

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सिद्धाराम अंचल (54 वर्ष), निवासी ग्राम बांसडांड थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गौवंश को क्षेत्र के आमापाली से खरीदकर उड़ीसा के बूचड़खाने में बिक्री के लिए ले जा रहा था।

48 हजार रुपए मूल्य के गौवंश जप्त, सुरक्षित संरक्षण में भेजा गया

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 06 नग गौवंश, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 48,000 रुपए बताई गई है, को विधिवत जप्त कर पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराया। इसके बाद गौवंश को सुरक्षित संरक्षण में भेज दिया गया ताकि उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।

आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर

आरोपी के विरुद्ध कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 48/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों और टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, एएसआई राजेश दर्शन, प्रधान आरक्षक देव प्रसाद चौहान, आरक्षक गोविंद बनर्जी, चमरसाय भगत और किशोर कुल्लू की सक्रिय भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और पुलिस टीम की सतर्कता से यह कार्रवाई सफल हो सकी।

एसएसपी ने दिया सख्त संदेश, जनता से सहयोग की अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद के तहत जिले में मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। गौवंश की अवैध तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आम नागरिकों से अपील है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

लगातार कार्रवाई से तस्करों में भय का माहौल

रायगढ़ पुलिस की लगातार कार्रवाई से मवेशी तस्करों में भय का माहौल बना हुआ है। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पशु क्रूरता जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

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युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस की सख्ती,ऑपरेशन आघात” के तहत रेलवे स्टेशन क्षेत्र की पान दुकान में हुक्का पिलाते पकड़ा गया संचालक, एसएसपी ने कहा—नशे के कारोबारियों पर लगातार होगी कार्रवाई

रायगढ़, 16 फरवरी 2026। जिले में युवाओं को नशे से दूर रखने और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों के अवैध उपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित एक पान एवं कॉस्मेटिक दुकान के संचालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस ने दुकान से हुक्का पॉट और फ्लेवर युक्त तंबाकू पदार्थ जप्त किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिलेभर में अवैध नशीले पदार्थों, तंबाकू उत्पादों और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली थाना और साइबर थाना की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के पास स्थित शंकर पान एवं कॉस्मेटिक दुकान में युवक-युवतियों को हुक्का पिलाने की सुविधा दी जा रही है।

पुलिस की संयुक्त टीम ने की रेड कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दुकान में दबिश दी। जांच के दौरान दुकान संचालक गिरीश भाठिया (36 वर्ष), निवासी पक्की खोली चक्रधरनगर, रायगढ़ द्वारा दुकान परिसर में सार्वजनिक रूप से युवक-युवतियों को हुक्का उपलब्ध कराते हुए पाया गया। हुक्का में फ्लेवर युक्त तंबाकू का उपयोग किया जा रहा था, जो सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा एक्ट) का उल्लंघन है।

पुलिस ने मौके से हुक्का पॉट और फ्लेवर युक्त तंबाकू पदार्थ को जप्त करते हुए आरोपी के विरुद्ध कोटपा एक्ट के तहत इस्तगासा कार्रवाई की है।

स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त अभियान, मुखबिर तंत्र भी सक्रिय

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशन, स्कूल-कॉलेज के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि विभाग के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

युवाओं को नशे से बचाना प्राथमिकता: एसएसपी

इस कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन आघात के तहत जिले में नशे के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का या अन्य तंबाकू उत्पाद उपलब्ध कराना कानून का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं को नशे की ओर आकर्षित करने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों पर पुलिस की कड़ी नजर है। रायगढ़ पुलिस युवाओं को सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नसिर खान एवं उनकी संयुक्त टीम द्वारा की गई।

पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में अवैध रूप से हुक्का और तंबाकू उत्पाद उपलब्ध कराने वाले संचालकों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं आम नागरिकों ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस की इस पहल की सराहना की है।

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घर में घुसकर नाबालिग से छेड़खानी करने वाले दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, महिला थाना टीम की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में गिरफ्तारी, पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में भेजे गए जेल

 

रायगढ़, 16 फरवरी 2026। जिले में महिला एवं नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में ने घर में घुसकर नाबालिग बालिका से छेड़खानी करने वाले दो आरोपियों को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हुआ है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, महिला थाना में 14 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि 13 फरवरी की रात लगभग 11:30 बजे गांव के ही रोहन उरांव और पवन कुमार मिंज उनके घर के पीछे से घुस आए और कमरे में सो रही नाबालिग बालिका के साथ गलत नियत से छेड़खानी करने लगे। बालिका के शोर मचाने पर परिवार के सदस्य जाग गए और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख दोनों आरोपी मौके से भाग निकले।

शिकायत के आधार पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 10/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4), 74, 75(2), 3(5) तथा पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में बनी टीम, दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा

घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर उनके मार्गदर्शन में पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहन उरांव (20 वर्ष) और पवन कुमार मिंज (25 वर्ष), दोनों निवासी उर्दना थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस टीम की सक्रियता से हुई त्वरित कार्रवाई

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर के साथ सहायक उप निरीक्षक विल्फ्रेड मसीह, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, आरक्षक संदीप भगत एवं महिला थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराधों पर जीरो टॉलरेंस : एसएसपी

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि महिला एवं नाबालिगों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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मधुमक्खियों ने बदली तकदीर: बगीचा विकासखण्ड के चम्पा गांव की महिलाओं ने स्व सहायता समूह के माध्यम से मधुमक्खी पालन से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

जशपुरनगर 15 फरवरी 2026/ मधुमक्खी पालन न केवल पर्यावरण के लिए जरुरी है बल्कि यह एक लाभदायक और कम लागत वाला व्यवसाय है, यह स्वरोजगार का एक बेहतरीन एवं मुनाफे वाला जरिया बन चुका है। इसी के  कड़ी में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना अंतर्गत  नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑइल योजना के तहत बगीचा विकासखण्ड के ग्राम चम्पा के महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगार से जोड़ने हेतु स्व सहायता समूह बना कर मधुमक्खी पालन करने हेतु प्रेरित किया गया।
        
विकास खण्ड बगीचा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री लालसाय केरकेट्टा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्रदान कर मधुमक्खी पालन हेतु 5 बक्से निःशुल्क प्रदाय किये गये। तथा अभी सरसों फसल के पास बक्से स्थापित कर पालन किया जा रहा है एवं अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद की जा रही है।

मधुमक्खी  पालन से लाभः-
यह व्यसाय कम लागत से शुरु किया जा सकता है शासन से निःशुल्क प्राप्त हुआ है। वर्तमान में रबी सीजन में खेतों में सरसों की फसल लगी होने से मधुमक्खी के बक्से की देखरेख में आसानी एवं उत्पादन अच्छी होने की संभावना होती है। मधुमक्खियां जैव विविधता को बढ़ावा देती है और पर्यावरण को स्वस्थ रखती है, अच्छी व गुणवत्ता युक्त शहद की प्राप्ति होती है। 
          
स्व सहायता समूह के द्वारा अभी 1 महिने में  5 बक्से से 10 कि.ग्रा. शहद निकाल कर स्थानीय बाजार में 500 रु. प्रति कि.ग्रा. की दर से विक्रय किया गया है एवं आगे भी अच्छा उत्पादन होने की संभावना है। सभी किसान भाई खरीफ एवं रबी में तिलहन फसल की खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन भी करें, ताकि कम समय एवं कम लागत में अपने संसाधन का उपयोग कर अच्छी आमदनी प्राप्त करें एवं अपने लिए भी शुद्ध खाद्य सामग्री की पूर्ति करें। खुशी स्व सहायता समूह की सभी सदस्य मधुमक्खी पालन हेतु मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहित करने हेतु कृषि विभाग एवं छ.ग. शासन का आभार व्यक्त किए हैं।

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