रायगढ़: शराबखोरी और मुआवजा राशि के विवाद में पति की हत्या, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार
रायगढ़, 27 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय गनपती लाल भगत की संदिग्ध मौत का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी। मामले में मृतक की पत्नी और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
25 जुलाई को ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में गनपती लाल भगत का शव मिला था। शव के गले में साड़ी बंधी थी और बाईं कलाई पर कटने के निशान थे। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच में हत्या की आशंका सामने आई।
पूछताछ में खुला हत्या का राज
पुलिस की गहन पूछताछ में मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत ने हत्या की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार करीब एक वर्ष पहले पैतृक जमीन के अधिग्रहण के बाद मृतक को 25 से 30 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। आरोप है कि वह लगातार शराब पर रकम खर्च कर रहा था और नशे में पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करता था।
23 जुलाई को भी शराब के नशे में विवाद और मारपीट के बाद गुस्से में पत्नी और दो अपचारी बालकों ने साड़ी और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए ब्लेड से मृतक की बाईं कलाई काटकर घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने गंगाबाई भगत (45 वर्ष) और दो विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
48 घंटे में हुआ अंधे कत्ल का खुलासा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पूंजीपथरा पुलिस टीम ने वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर 48 घंटे के भीतर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।
एसएसपी का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस हर संदिग्ध मृत्यु की वैज्ञानिक और तथ्यपरक जांच करती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म विवेचना, साक्ष्यों के विश्लेषण और प्रभावी पूछताछ के जरिए इस हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया गया और दोषियों को कानून के दायरे में लाया गया।