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सब्जी को लेकर विवाद बना खूनी हमला: पत्नी और ससुर पर सब्बल-टंगिया से वार करने वाला 3 माह बाद गिरफ्तार

रायगढ़, 4 जुलाई। मामूली घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जब सब्जी कम-ज्यादा होने की बात पर गुस्साए पति ने अपनी पत्नी और बीच-बचाव करने आए ससुर पर जानलेवा हमला कर दिया। करीब तीन माह से फरार चल रहे आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत सरगुजा जिले से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 19 मार्च 2026 को ग्राम चैनपुर थाना सीतापुर (जिला सरगुजा) निवासी 30 वर्षीय जेरोमिना किस्पोट्टा ने थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह अपने पति अमिताप लकड़ा के साथ मायके ग्राम ठाकुरनगर आई हुई थी। रात के भोजन के दौरान सब्जी को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद आरोपी अमिताप लकड़ा ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए घर में रखे लोहे के सब्बल से पत्नी पर हमला कर दिया।

पत्नी को बचाने के लिए जब उसके पिता रघुराम किस्पोट्टा बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपी ने उन पर धारदार टंगिया से हमला कर दिया। इस हमले में रघुराम किस्पोट्टा गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सीय परीक्षण में उनकी चोटों को गंभीर (ग्रीवियस इंजरी) बताया गया।

घटना के बाद थाना कापू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई, लेकिन आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के दौरान फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई। थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार मुखबिरों से सूचना जुटाई। आखिरकार सूचना मिलने पर ग्राम चैनपुर, थाना सीतापुर (जिला सरगुजा) में घेराबंदी कर आरोपी अमिताप लकड़ा (35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का सब्बल और धारदार टंगिया भी बरामद कर जब्त कर ली गई। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव सहित थाना कापू के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि घरेलू विवाद या किसी भी कारण से हिंसा करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। क्षणिक आवेश में किया गया अपराध परिवार को तबाह कर देता है और आरोपी को कानून के कठोर दायरे में ले आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करती रहेगी।

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उर्वरकों की कालाबाजारी पर सरकार का सख्त प्रहार: बेमेतरा में 275 बोरी यूरिया जब्त, किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को चेतावनी

रायपुर, 04 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक श्री मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

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चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ की नई नीति-रूपरेखा तैयार, सुशासन के अगले चरण पर मुख्यमंत्री साय का जोर

रायपुर 4 जुलाई 2026/चिंतन शिविर 3.0 का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए दूरदर्शी नीति-निर्माण की मजबूत आधारशिला तैयार करना है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने शासन के विभिन्न आयामों पर व्यापक मंथन करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि शासन की कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार और नवाचार का माध्यम बन चुका है। पिछले दो संस्करणों से प्राप्त सुझावों को सरकार ने प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन में तकनीक, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना ही इस शिविर का मूल उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चिंतन शिविर 3.0 के प्रथम दिवस में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा कृषि समृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, सेवा-भाव और जनप्रतिनिधियों के नैतिक दायित्वों पर अपने विचार रखे। उन्होंने मूल्य-आधारित नेतृत्व और संवेदनशील प्रशासन को प्रभावी सुशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

शिविर में नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने "इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़" विषय पर संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने तकनीक आधारित सेवा वितरण, नवाचार, रोजगार सृजन तथा डिजिटल समावेशन के लिए छत्तीसगढ़ के समक्ष उपलब्ध अवसरों की भी चर्चा की।

कृषि विषयक सत्र "कृषि से समृद्धि" में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और तकनीक आधारित कृषि सुधारों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों की जानकारी देते हुए किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने समूह आधारित विचार-मंथन में भी भाग लिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले चिंतन शिविरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई, जिससे फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु जैसे महत्वपूर्ण नवाचार भी इसी चिंतन प्रक्रिया का परिणाम हैं। आज सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आमजन को सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव सुशासन, तकनीक आधारित प्रशासन, कृषि सुधार, विभागीय समन्वय और जनसेवा के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार नवाचार, ज्ञान, तकनीक और प्रभावी नीति-निर्माण को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी तथा चिंतन शिविर से निकले विचारों को शीघ्र ही ठोस नीतिगत और प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी की सौगात, खरीफ सीजन में किसानों को समय पर मिलेगी खाद; मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा का जताया आभार

रायपुर 4 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटित किए जाने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा के विशेष सहयोग से लिया गया यह निर्णय प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि कुछ समय पूर्व नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा से हुई भेंट के दौरान उन्होंने खरीफ सीजन की आवश्यकताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया था, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को अतिरिक्त डीएपी का आवंटन प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूरिया की उपलब्धता पहले से ही पर्याप्त थी और अब अतिरिक्त डीएपी मिलने से खरीफ सीजन के लिए खाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें समय पर डीएपी, यूरिया सहित सभी आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार अन्नदाता के कल्याण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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सूरजपुर में पहली बार पीजी सीईटी–2026 का आयोजन, उद्यानिकी स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा के लिए 118 अभ्यर्थी होंगे शामिल

**सिलफिली, 04 जुलाई 2026।** महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु **कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (PG CET–2026)** का आयोजन **05 जुलाई 2026** को किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा के लिए **उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली (जिला सूरजपुर)** को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सूरजपुर जिले के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि जिले में पहली बार इस स्तर की स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा केंद्र में लगभग **118 अभ्यर्थी** उद्यानिकी के विभिन्न स्नातकोत्तर विषयों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा में सफल एवं पात्र अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रदान किया जाएगा, जहाँ उन्हें उद्यानिकी विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र का चयन किया गया तथा महाविद्यालय के अधिष्ठाता द्वारा परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सुरक्षा, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। परीक्षा का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराया जाएगा। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से पर्याप्त पूर्व परीक्षा केंद्र पर उपस्थित हों तथा अपना प्रवेश पत्र एवं वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लेकर आएँ। साथ ही परीक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासन बनाए रखें। सूरजपुर जिले में पहली बार इस महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा के आयोजन से जिले की शैक्षणिक पहचान को नई दिशा मिलेगी तथा भविष्य में भी विभिन्न उच्च स्तरीय प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह उपलब्धि जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त शैक्षणिक समुदाय के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय है।

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ऑपरेशन आघात : मिडमिडा में 35 पाव अवैध शराब के साथ युवक गिरफ्तार,जूटमिल पुलिस व साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई, आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज



रायगढ़, 3 जुलाई। जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत जूटमिल पुलिस ने एक और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ग्राम मिडमिडा से 35 पाव अवैध देशी प्लेन शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध मादक पदार्थ एवं शराब के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 1 जुलाई को थाना जूटमिल पुलिस एवं थाना साइबर की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम मिडमिडा में एक युवक अवैध रूप से देशी शराब बिक्री के लिए लेकर खड़ा है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। सड़क किनारे खड़े संदिग्ध युवक को पकड़कर उसकी तलाशी ली गई। पूछताछ में उसने अपना नाम सुजीत सोनी (25 वर्ष), पिता बिहारी लाल सोनी, निवासी ग्राम मिडमिडा, थाना जूटमिल बताया।

तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक थैले में रखी 35 पाव देशी प्लेन शराब बरामद हुई। आरोपी शराब के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) एवं 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस कार्रवाई में एएसआई राजेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल तथा थाना साइबर के आरक्षक धर्मेंद्र सिंह, महेश पंडा, प्रशांत पंडा और पुष्पेंद्र जाटवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य नशे के कारोबार के खिलाफ "ऑपरेशन आघात" के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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ऑपरेशन क्लीन हंट का असर: दो साल पुराने बाइक चोरी मामले का फरार आरोपी कुनकुरी से गिरफ्तार, धरमजयगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 3 जुलाई। रायगढ़ पुलिस द्वारा फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत धरमजयगढ़ पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 2024 में सिसरिंगा बस स्टैंड से हुई बाइक चोरी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी बजरंग सोनी को जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत धरमजयगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली कि बाइक चोरी मामले का फरार आरोपी बजरंग सोनी अपने गृह क्षेत्र नवाटोली धुमाडांड (थाना कुनकुरी, जिला जशपुर) में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

बस स्टैंड से चोरी हुई थी बाइक

पुलिस के अनुसार ग्राम आमानाय (साजापाली) निवासी देवानसाय कोरवा ने 10 अगस्त 2024 को थाना धरमजयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 5 अगस्त 2024 की शाम वह अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 13 BA 5173) से सिसरिंगा बाजार सामान खरीदने गया था। उसने बस स्टैंड के पास बाइक खड़ी कर किराना दुकान में खरीदारी की, लेकिन लौटने पर मोटरसाइकिल और उसमें रखा मोबाइल फोन गायब मिला। काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पहले गिरफ्तार हुआ था सह-आरोपी

जांच के दौरान 4 अक्टूबर 2024 को पुलिस ने सह-आरोपी अमरनाथ सोनी को गिरफ्तार कर चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली थी। पूछताछ में उसने अपने साथी बजरंग सोनी के साथ मिलकर बाइक चोरी करने की बात कबूल की थी। इसके बाद से बजरंग लगातार फरार था। पुलिस ने उसके विरुद्ध अलग से चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था और उसकी तलाश जारी थी।

मुखबिर की सूचना पर मिली सफलता

ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मिली पुख्ता सूचना के आधार पर धरमजयगढ़ पुलिस की टीम जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंची और दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े, प्रधान आरक्षक जगीत राठिया तथा थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि फरार अपराधियों को कानून से बचने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। अपराध चाहे पुराना हो या नया, हर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय तक पहुंचाना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत जिले में फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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"संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" अभियान का होगा आगाज़, 4 जुलाई को पुलिस जन संवाद में समाज के सभी वर्ग मिलकर तैयार करेंगे नशामुक्त शहर का रोडमैप

रायगढ़। जिले में नशा और जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अब जन आंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा 4 जुलाई को "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी थीम "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" रखी गई है।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले पांच महीनों के दौरान रायगढ़ पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार तथा जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे भी ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।

केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं होगा समाधान

एसएसपी ने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा आज समाज के सामने गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुके हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी सोच के साथ "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है, ताकि पुलिस और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो सके।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में पुलिस अधिकारियों और नागरिकों के बीच संवाद होगा। आम लोग बिना किसी डर या संकोच के नशे, जुआ-सट्टा अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी सीधे पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। भविष्य में इस व्यवस्था को नगर पालिका खरसिया तक भी विस्तारित करने की योजना है।

पुनर्वास और रोजगार पर रहेगा विशेष फोकस

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नशे और जुआ-सट्टा की लत में फंसे युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना भी है। इसके लिए पुनर्वास, मार्गदर्शन और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ऐसी संयुक्त समिति के गठन पर भी विचार किया जाएगा, जो चिन्हित युवाओं के पुनर्वास, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

समाज के सभी वर्गों की होगी भागीदारी

प्रस्तावित समिति में पुलिस विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, अधिवक्ता, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाएं (एनजीओ) तथा जागरूक नागरिकों को शामिल करने की योजना है। उद्देश्य यह है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से रायगढ़ को नशा एवं जुआ-सट्टा मुक्त बनाया जा सके।

युवाओं को बचाने पर रहेगा विशेष जोर

एसएसपी ने कहा कि शहर की वर्तमान समय की सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियां नशा और जुआ-सट्टा हैं। यदि समय रहते इन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा। इसलिए पुलिस अब केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए समाज के साथ मिलकर कार्य करेगी।

शहरवासियों से की सहभागिता की अपील

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने शहर के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों तथा युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम में शामिल होकर अपने सुझाव देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" का संकल्प सफल हो सकेगा।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा—

"नशा और जुआ-सट्टा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है। पुलिस की कार्रवाई के साथ समाज की सहभागिता ही इसका स्थायी समाधान है। हमारा लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे और सट्टे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी है।"

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रायगढ़ में नवीन आपराधिक कानूनों पर दो दिवसीय जागरूकता प्रदर्शनी व कार्यशाला शुरू, स्कूली बच्चों ने भी जाना कानून और साइबर सुरक्षा का महत्व

रायगढ़, 3 जुलाई। जिले में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा शुक्रवार से दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर एसएसपी शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह एवं सुशांतो बनर्जी सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

DGPs/IGPs कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों पर दिया गया प्रशिक्षण

कार्यक्रम के पहले चरण में DGPs/IGPs कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने बताया कि नवंबर 2025 में आईआईएम नया रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और देशभर के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक शामिल हुए थे। सम्मेलन में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया था।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), CCTNS, ICJS, NATGRID, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण, रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग और ट्रस्ट-बेस्ड पुलिसिंग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इन सिफारिशों को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया।

नवीन आपराधिक कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यशाला के दूसरे सत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और पीड़ित-केंद्रित बनाना है।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संगठित अपराध, साइबर अपराध और आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण, समयबद्ध विवेचना, डिजिटल पुलिसिंग तथा नए कानूनों के तहत उपयोग किए जाने वाले प्रपत्रों एवं थानों में संधारित किए जाने वाले नए रजिस्टरों की भी जानकारी दी गई।

डिजिटल पुलिसिंग पर विशेष प्रस्तुतीकरण

नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने पुलिसिंग में उपयोग किए जा रहे विभिन्न डिजिटल पोर्टलों की जानकारी दी। वहीं डीएसपी उन्नति ठाकुर ने CCTNS प्रणाली की कार्यप्रणाली और इसके महत्व पर प्रस्तुतीकरण दिया।

स्कूली बच्चों ने देखा जागरूकता प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए नए कानूनों की आवश्यकता, उनके उद्देश्य और आम नागरिकों के जीवन में उनकी उपयोगिता को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

एसएसपी ने बताया कि प्रदर्शनी में चार प्रमुख स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें नवीन आपराधिक कानून, यातायात सुरक्षा, महिला सुरक्षा (हेलो सिस्टर हेल्पलाइन) और साइबर अपराध जागरूकता से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है।

साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा पर मिली अहम जानकारी

विद्यार्थियों ने सभी स्टॉलों का भ्रमण कर सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा, हेलो सिस्टर हेल्पलाइन और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें सोशल मीडिया, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।

कल होगा 'पुलिस जन संवाद' कार्यक्रम

रायगढ़ पुलिस के अनुसार दो दिवसीय आयोजन के दूसरे दिन 4 जुलाई को "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही नवीन आपराधिक कानूनों और पुलिसिंग से जुड़ी जागरूकता प्रदर्शनी आम नागरिकों के लिए भी जारी रहेगी।

एसएसपी ने दिया जागरूकता का संदेश

इस अवसर पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब पुलिस और आम नागरिक दोनों इन कानूनों की भावना, उद्देश्य और प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला और जनजागरूकता प्रदर्शनी आधुनिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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सीएम हेल्पलाइन से मिली त्वरित राहत, लैलूंगा की भगवती चंद्रा को मिला उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन

रायगढ़, 3 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री की जनकेंद्रित सुशासन व्यवस्था के तहत संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड में दर्ज एक शिकायत का शीघ्र निराकरण करते हुए पात्र हितग्राही को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। लैलूंगा नगर के संत कबीर वार्ड क्रमांक-7 निवासी श्री धनेश्वर ने अपनी पत्नी श्रीमती भगवती चंद्रा के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी गैस कनेक्शन प्राप्त नहीं होने पर उन्होंने अपनी समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।
          शिकायत प्राप्त होते ही जिला खाद्य नियंत्रक कार्यालय तथा संबंधित खाद्य निरीक्षक द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की गई। जांच में पाया गया कि आवेदिका के नाम पर उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन स्वीकृत हो चुका था, किंतु तकनीकी एवं प्रक्रियागत कारणों से उसका लाभ हितग्राही तक नहीं पहुँच पाया था। मामले की पुष्टि होने के बाद खाद्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्रतानुसार हितग्राही को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया। इसके साथ ही शिकायत का संतोषजनक निराकरण कर प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
           गैस कनेक्शन प्राप्त होने के बाद हितग्राही श्री धनेश्वर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का समयबद्ध समाधान हुआ और उन्हें शासन की योजना का लाभ सहज रूप से प्राप्त हो सका। यह प्रकरण दर्शाता है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का सशक्त माध्यम बन चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुँच रहा है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को मिली रफ्तार

रायगढ़, 3 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के विशेष प्रयासों से जिले के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है। इसी क्रम में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद अंतर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए 35 करोड़ 76 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 13 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों में शिक्षा, कौशल विकास, कृषि अधोसंरचना तथा ग्रामीण सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ निधि का उपयोग ऐसे विकास कार्यों में किया जा रहा है, जिनका खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों, युवाओं, किसानों एवं ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। स्वीकृत परियोजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति देंगी।

*तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ में पुस्तकालय भवन निर्माण की स्वीकृति*

ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तमनार, घरघोड़ा, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ विकासखंडों में पुस्तकालय भवन निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के लिए 6 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन पुस्तकालयों में आधुनिक अध्ययन संसाधन विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध होगा।

*आईटीआई भवनों के उन्नयन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर*

स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घरघोड़ा के भवन के जीर्णोद्धार हेतु 1 करोड़ 56 लाख 30 हजार रुपये तथा शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के भवन के जीर्णोद्धार हेतु 82 लाख 86 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद प्रशिक्षण सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा युवाओं को बेहतर कौशल विकास का अवसर मिलेगा।

*कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया संबल*

तमनार विकासखंड में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1 करोड़ 21 लाख 81 हजार रुपये की लागत से व्यावसायिक परिसर (जी़1) तथा 1 करोड़ 5 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड यार्ड का निर्माण कराया जाएगा। इन परियोजनाओं से किसानों को कृषि उत्पादों के भंडारण, विपणन एवं व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

*24.73 करोड़ रुपये से मजबूत होगा ग्रामीण सड़क नेटवर्क*

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धरमजयगढ़, लैलूंगा, घरघोड़ा एवं तमनार के अंतर्गत लगभग 24 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से आठ महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें पीपराही से डीपापारा, सुबरा से कटकलिया, कोंडकेल से गेरूपानी, ढाप से भवानीपुर, किलकिला से उड़ीसा बॉर्डर, बरमुड़ा से उकारीपाली, टेरम से छिरभौंना तथा बाम्हनबहरी से पुलाईआंट तक सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, कृषि उत्पादों के परिवहन को गति मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच और अधिक आसान होगी। सभी स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को सभी निर्माण कार्य 365 दिनों के भीतर निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं गुणवत्ता परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

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रायगढ़ जिला जेल में कलेक्टर-एसएसपी का अचानक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बंदियों की सुविधाओं तक हर पहलू की बारीकी से जांच, अवैध गतिविधियों और प्रतिबंधित सामग्री पर जीरो टॉलरेंस का सख्त संदेश

रायगढ़, 3 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने शुक्रवार को जिला जेल रायगढ़ का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में सुरक्षा व्यवस्था एवं बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
             कलेक्टर एवं एसएसपी ने बंदी बैरकों, जेल अस्पताल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, प्रिजन कॉलिंग सुविधा, बंदी मुलाकात कक्ष तथा पाकशाला का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा प्रबंधन एवं बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं प्रत्येक बंदी तक समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पहुंचनी चाहिए। जिला जेल को सुरक्षित, अनुशासित, पारदर्शी और सुधारोन्मुख संस्था के रूप में संचालित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
            कलेक्टर एवं एसएसपी ने जेल में निरुद्ध बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित, संवेदनशील एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बंदियों के अधिकारों और गरिमा का पूर्ण संरक्षण हो सके। निरीक्षण के दौरान बंदी मुलाकात कक्ष में उपस्थित परिजनों से भी अधिकारियों ने चर्चा की। उन्होंने परिजनों से कहा कि यदि किसी भी स्तर पर मारपीट, अवैध धन वसूली अथवा किसी अन्य प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो उसकी तत्काल शिकायत करें, ताकि दोषियों के विरुद्ध बिना विलंब कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने जेल परिसर तक प्रतिबंधित एवं अवैध सामग्री पहुंचने की संभावित कमजोर कड़ियों की पहचान कर उन्हें तत्काल समाप्त करने तथा निगरानी एवं सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक श्री गोवर्धन सिंह सोरी ने जेल में उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुधारात्मक एवं पुनर्वास गतिविधियों तथा बंदियों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

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जशपुर में सहकारिता को मिलेगा नया विस्तार, कलेक्टर रोहित व्यास ने किसानों को समय पर खाद-बीज और ऋण उपलब्ध कराने के दिए सख्त निर्देश

*जशपुरनगर, 30 जून 2026/सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार 29 जून 2026 से 6 जुलाई 2026 तक सहकारी सप्ताह में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (DCDC) की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई।


बैठक में सहकारिता की पहुंच जन-जन तक पहुंचाने हेतु विस्तृत चर्चा की गई एवं अधिकारियों को कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा समय-सीमा में निर्देश पूर्ण करने हेतु कहा गया। बैठक में पैक्स को मजबूत बनाने हेतु कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नाफेड, एन.सी.सी.एफ, एन.सी.इ.एल, एन.सी.ओ.एल, बी.बी.एस.एस.एल जैसी राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं में जिला जशपुर की लैम्प्स समितियों की सदस्यता पर विशेष जोर देते हुए सदस्यता ग्रहण करने हेतु निर्देशित किया गया। 

जिला जशपुर के कुनकुरी ब्लॉक में लैम्प्स समिति कुनकुरी के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्र के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। 

जिले के मछुआ एवं दुग्ध समितियों जो वर्तमान में अकार्यशील है, उन्हें कार्यशील कराने एवं इस हेतु उचित कार्यवाही करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देश दिये गये। खरीफ 2026 अंतर्गत कृषि ऋण वितरण की समीक्षा उपरांत कृषकों को लोन प्रदान करने तथा जिले में खाद-बीज की कमी न हो तथा कृषकों को सरल, सहज तथा आवश्यकतानुसार तत्काल नगद एवं खाद के रूप में ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए, इसके लिए कृषि, सहकारिता एवं अपेक्स बैंक को निर्देशित किया गया। 

इसके अतिरिक्त लैम्प्स समितियों के माध्यम से कृषकों को तत्काल समिति स्तर पर माइक्रो ए.टी.एम. के माध्यम से राशि आहरण की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने तथा कृषकों को इसका लाभ पहुंचाने हेतु निर्देशित किया गया। जिले में नवगठित 20 समितियों द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में भी विस्तार से चर्चा एवं उनके सफल क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिया गया।

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जशपुर में नशे के खिलाफ सख्त अभियान, कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश—स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर कड़ाई, अवैध शराब-मादक पदार्थ तस्करों पर होगी कठोर कार्रवाई, नशेड़ी शासकीय कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से भेजा जाएगा नशा मुक्ति केंद्र

जशपुरनगर, 30 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा करते हुए प्रभावी कार्रवाई, सतत निगरानी एवं व्यापक जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पाटनवार सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी तथा स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि नशे के विरुद्ध केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता लाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्र जाने हेतु प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 तथा नशा मुक्ति टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें। 
       बैठक में कलेक्टर ने मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने, नियमित जांच अभियान चलाने तथा लोगों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटपा एक्ट, नारकोटिक एक्ट तथा आबकारी अधिनियम के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से सभी स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, तंबाकू एवं अन्य प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध संबंधित कानूनों के साथ-साथ गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग एवं संबंधित संस्थानों को निर्देशित किया कि स्कूल, कॉलेज, छात्रावास एवं कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति नियमित रूप से जागरूक करें। साथ ही समाज कल्याण विभाग को नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिलेभर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके।
       बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने आबकारी विभाग को राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब की बिक्री की नियमित जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से जिले में आने वाले मादक पदार्थों की तस्करी पर विशेष निगरानी रखने तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने नशे की लत से ग्रसित शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों के प्रति सख्त कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से एक माह तक नशा मुक्ति केंद्र में रहकर उपचार प्राप्त करना होगा। बैठक में उन्होंने नशामुक्त जशपुर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई, सतत निगरानी और जनजागरूकता अभियान को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।

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जशपुर में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई; हेलमेट, ओवरलोडिंग और आयरन केज व्हील पर कड़ी निगरानी

  जशपुरनगर, 30 जून 2026/ जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आमजन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पाटनवार, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, यातायात, आबकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
       बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाने, नशे की हालत में वाहन चलाने तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाए। युवाओं में सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग की भावना विकसित करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने परिवहन विभाग को स्कूलों, कॉलेजों एवं हाट-बाजारों में विशेष लर्निंग लाइसेंस शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।  उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि उनके कार्यालयों में आने वाले अधिकारी-कर्मचारी हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नियमों की अनदेखी करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी अपील की गई कि वे अपने यहां आने वाले ग्राहकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के प्रति जागरूक करें।
       कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले के सभी स्कूल बस संचालक अपने बस चालकों एवं अन्य कर्मचारियों का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक स्कूल बस में मिनी फायर एक्सटिंग्विशर एवं फर्स्ट एड किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके। बैठक में कलेक्टर ने ट्रैक्टरों में लगाए जाने वाले आयरन केज व्हील के दुरुपयोग पर कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये पहिए केवल कृषि कार्य एवं खेतों में उपयोग के लिए बनाए गए हैं। इन्हें रबर टायर के स्थान पर डामर, सीमेंट की सड़कों अथवा राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलाना मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       बैठक में कलेक्टर श्री व्यास ने जिले के विभिन्न ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इन स्थानों पर सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश देते हुए रंबल स्ट्रिप, स्पीड कंट्रोल उपाय, सोलर लाइट, रोड मार्किंग, साइन बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, चेवरॉन बोर्ड तथा सड़क किनारे स्थित पेड़ों पर रेडियमयुक्त रिफ्लेक्टर लगाने जैसी सभी आवश्यक यातायात सुरक्षा व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की भी नैतिक जिम्मेदारी है। सभी के सहयोग और यातायात नियमों के पालन से ही दुर्घटनाओं में कमी लाकर सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवस्था स्थापित की जा सकती है।

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कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं ,आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

जशपुरनगर 30 जून 2026/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर श्री व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 42 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
    कलेक्टर श्री व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।

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गली से चोरी हुई प्लेटिना बाइक का 48 घंटे में खुलासा, छाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बरामद की मोटरसाइकिल

रायगढ़। जिले की छाल पुलिस ने बाइक चोरी के एक मामले का त्वरित खुलासा करते हुए चोरी गई प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार ग्राम बोजिया निवासी घनश्याम प्रसाद चंद्रा ने 27 जून को थाना छाल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी प्लेटिना मोटरसाइकिल क्रमांक CG-13-G-0417 को 25 जून की रात अज्ञात चोर उनके घर के पास गली से चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तुमकुड़ा (कुड़ेकेला) निवासी एक युवक अपने घर में चोरी की बाइक छिपाकर रखा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदेही को हिरासत में लिया और पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी की बात स्वीकार कर ली। उसके मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने चोरी गई प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद कर ली। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने कपूर कुमार केरकेट्टा (31 वर्ष), पिता झगरु केरकेट्टा, निवासी ग्राम तुमकुड़ा (कुड़ेकेला), थाना छाल को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में वाहन चोरी सहित संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत छाल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की बाइक बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।

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सड़क हादसे के बाद NH-53 जाम करने वालों पर पुलिस का शिकंजा, बलवा समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज, एसएसपी बोले— कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायगढ़। सड़क दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर घंटों तक चक्काजाम कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ पुसौर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, गाली-गलौज और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार 29 जून को ग्राम कठली के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से ग्राम टपरदा निवासी 40 वर्षीय शंकरध्वज निषाद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शव हटाने का विरोध करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पत्थर और पेड़ों की डालियां रखकर भारी एवं हल्के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी।

प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिस द्वारा लगातार समझाइश देने के बावजूद ग्रामीण नहीं माने, जिससे करीब साढ़े पांच घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन द्वारा नियमानुसार सहायता राशि दिए जाने के बाद जाम समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

घटना के दौरान कानून व्यवस्था बाधित करने के आरोप में थाना पुसौर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(2), 126(2), 296 एवं 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना जैसी संवेदनशील घटनाओं में नागरिकों को संयम बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग या सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध कर कानून अपने हाथ में लेना दंडनीय अपराध है। भविष्य में इस तरह कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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