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"जशपुर में सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ: विधायक रायमुनी भगत ने नन्हे बच्चों को पिलाई पोलियो की दो बूंदें, 'हर बच्चे तक पहुंचे जीवनरक्षक खुराक' का दिया संदेश

जशपुर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने नन्हे बच्चों को पोलियो की दो बूंदें पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया तथा सभी नागरिकों से इस जनस्वास्थ्य अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं पोलियो मुक्त समाज का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का उद्देश्य है कि पाँच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा केवल समय पर टीकाकरण और जनजागरूकता से ही संभव है।

उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंदें अवश्य पिलाएँ तथा अपने आसपास के परिवारों को भी इस अभियान से जोड़कर इसे सफल बनाने में सहयोग करें।

विधायक श्रीमती भगत ने अभियान में जुटे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं सभी स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही यह अभियान घर-घर तक पहुँच रहा है और बच्चों के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से जशपुर जिले में प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाकर पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का असर: शिकायत के 24 घंटे के भीतर छात्र का 9वीं में प्रवेश, शिक्षा विभाग की त्वरित पहल से मिली बड़ी राहत

रायगढ़, 27 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का विभिन्न विभागों द्वारा समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जा रहा है। इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर में देखने को मिला, जहां एक छात्र के विद्यालय प्रवेश से संबंधित शिकायत का त्वरित समाधान करते हुए उसे कक्षा 9वीं में प्रवेश दिलाया गया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में 26 जून 2026 को ग्राम खोखरा, विकासखंड पुसौर निवासी श्री श्याम कुमार पटेल द्वारा शिकायत क्रमांक CC260600048911 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पुत्र पवन देव पटेल, जिसने वर्ष 2026 में शासकीय माध्यमिक शाला खोखरा से कक्षा 8वीं उत्तीर्ण की है, उसे निकटवर्ती हाई स्कूल में कक्षा 9वीं में प्रवेश दिलाने में कठिनाई आ रही है।

शिकायत प्राप्त होते ही  विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की। उन्होंने शिकायतकर्ता से दूरभाष पर संपर्क कर पूरी जानकारी प्राप्त की तथा छात्र के प्रवेश से संबंधित सभी तथ्यों की जानकारी ली। चर्चा के दौरान पालक ने अपने पुत्र का प्रवेश शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली में कराने की इच्छा व्यक्त की।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करते हुए छात्र एवं उसके पालक को शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली बुलाया। विद्यालय के प्राचार्य को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए, जिसके बाद छात्र पवन देव पटेल का कक्षा 9वीं में विधिवत प्रवेश सुनिश्चित कराया गया। प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने छात्र को नियमित अध्ययन करने, शिक्षा के प्रति समर्पित रहने तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
अपने पुत्र का समय पर प्रवेश होने और समस्या का त्वरित समाधान मिलने पर पालक श्री श्याम कुमार पटेल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिकायत का शीघ्र निराकरण होने से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और शासन की यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
बीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन और आम नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी एवं भरोसेमंद माध्यम है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन एवं शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को शासन की सेवाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग भी नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को बिना किसी बाधा के शिक्षा का अधिकार प्राप्त हो सके।

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कभी नक्सलियों की लगती थी चौपाल, आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उसी गांव में लगाई जनचौपाल; किसकोड़ो को आदर्श ग्राम बनाने का ऐलान

रायपुर, 27 जून 2026/ कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

       गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

       ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।

        उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

        जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे "भारत माता की जय" के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी श्री आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एडीएम श्री एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ श्री राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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हर बच्चे तक पहुंचेगी पोलियो की दो बूंद: रायगढ़ में 28 जून से राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान, 1.34 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी जीवनरक्षक खुराक

रायगढ़, 27 जून 2026/ पोलियो जैसी गंभीर और स्थायी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन 28 से 30 जून तक किया जाएगा। तीन दिवसीय इस अभियान के दौरान जिले के शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 34 हजार 980 बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ 28 जून को सुबह 8 बजे रामभाठा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, संजय मैदान में महापौर के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।
      अभियान के पहले दिन 28 जून को जिले के 1307 पोलियो बूथों पर बच्चों को वैक्सीन पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके हैं। इन बच्चों को उनके घर पर ही पोलियो की खुराक देकर अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। खंड चिकित्सा अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पहुंच से दूर क्षेत्रों, ईंट भट्ठों, औद्योगिक क्षेत्रों, मलीन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला एवं साप्ताहिक बाजारों जैसे स्थानों पर बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 25 मोबाइल टीमों, 19 ट्रांजिट टीमों, 13 मेला एवं बाजार स्थल टीमों तथा 283 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।
        मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि पोलियो के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे न केवल अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलवाएं, बल्कि अपने आसपास के परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जनसहभागिता से ही रायगढ़ जिला पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं! सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे बना आय प्रमाण पत्र, 442 डिजिटल सेवाओं ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी

रायगढ़, 27 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और सुगम शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। जिले के विकासखंड घरघोड़ा के ग्राम साल्हेपाली निवासी विजय कुमार महंत ने बताया कि पहले आय प्रमाण पत्र सहित अन्य शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए उन्हें कई बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
       सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने नजदीकी लोक सेवा केन्द्र (सेवा-सेतु केन्द्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी हुई और उनका आय प्रमाण पत्र शीघ्र जारी हो गया। विजय महंत ने बताया कि अब शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। समय पर सेवाएं मिलने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि आर्थिक व्यय भी कम हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल ने सरकारी सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच को आसान बना दिया है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह व्यवस्था काफी लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिससे आवश्यक दस्तावेज समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो रहे हैं।

*442 डिजिटल सेवाओं के साथ और सशक्त हुआ सेवा-सेतु केन्द्र*

      प्रदेश में डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए राज्य शासन ने लोक सेवा केन्द्रों को नया स्वरूप प्रदान किया है। अब प्रदेश के सभी लोक सेवा केन्द्र 'सेवा-सेतु केन्द्र' के नाम से संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को पहले की तुलना में कहीं अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य शासन के निर्णय के अनुसार पहले जहां लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से 73 सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 442 सेवाएं कर दी गई है। शासन का उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। सेवा-सेतु केन्द्रों के विस्तार से आम नागरिकों को दस्तावेजों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है और प्रदेश में डिजिटल सुशासन को नई गति मिल रही है।

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मेड़ पर लगाए कुछ पौधों ने बदली किस्मत: रायगढ़ के किसान अरुण सॉ की अनानास खेती से सालाना 2.5 लाख की अतिरिक्त कमाई

रायगढ़, 27 जून 2026/ कभी खेत की मेड़ पर शौक से लगाए गए कुछ अनानास के पौधे एक दिन पूरे परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल देंगे, यह शायद स्वयं अरुण कुमार सॉ ने भी नहीं सोचा था। रायगढ़ जिले के सकरबोगा पंचायत अंतर्गत ग्राम साल्हेओना के इस प्रगतिशील किसान ने वर्षों पहले घरेलू उपयोग के लिए कुछ पौधे लगाए थे। पौधों की अच्छी बढ़वार और फलों की गुणवत्ता ने उन्हें नई दिशा दिखाई। आज वही छोटा-सा प्रयोग लगभग दो एकड़ क्षेत्र में विकसित अनानास के बगीचे का रूप ले चुका है, जहां से वे प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी यह सफलता अब पूरे क्षेत्र में कृषि नवाचार और कृषि विविधीकरण की मिसाल बन चुकी है।
    अरुण सॉ पहले धान सहित पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। शुरुआत में उन्होंने केवल खेत की मेड़ पर कुछ अनानास के पौधे लगाए थे। पौधों से निकलने वाले नए प्ररोहों को अलग कर दोबारा रोपने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते पौधों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों से समय-समय पर मिले तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक सलाह ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया। धीरे-धीरे उन्होंने अनानास की खेती का रकबा बढ़ाया और इसे व्यावसायिक रूप दे दिया। उनके खेत में आम और अमरूद के बगीचे के बीच कतारबद्ध अनानास के पौधे न केवल आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि यह दिखाते हैं कि एक ही भूमि पर बहुफसली खेती अपनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह मॉडल अब क्षेत्र के किसानों के लिए सीखने का केंद्र बन गया है। अनानास की खेती की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कम लागत है। इस फसल में खाद, कीटनाशकों और सिंचाई की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे उत्पादन लागत नियंत्रित रहती है। दूसरी ओर बाजार में अनानास की लगातार मांग बनी रहती है। अरुण सॉ के खेत में तैयार होने वाला प्रत्येक फल गुणवत्ता के अनुसार 40 से 80 रुपये तक बिक जाता है। 
        अरुण सॉ की सफलता का प्रभाव अब केवल उनके खेत तक सीमित नहीं है। फलों की बिक्री के साथ-साथ पौधों से निकलने वाले प्ररोहों की बिक्री भी उनकी अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है। यही कारण है कि आज अनानास की खेती उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का बड़ा आधार बन चुकी है। उनकी बेहतर आय और सफल खेती को देखकर क्षेत्र के अन्य किसान भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। इससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों के लिए आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। अरुण सॉ का कहना है कि खेती में सफलता केवल अधिक मेहनत से नहीं, बल्कि सही फसल के चयन, नई तकनीकों को अपनाने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप कार्य करने से मिलती है। उनका मानना है कि यदि किसान स्थानीय जलवायु और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए लाभकारी फसलों का चयन करें, तो कम भूमि और सीमित संसाधनों में भी अच्छी आमदनी अर्जित की जा सकती है।

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जशपुर का 'ग्रीन गोल्ड' बनी नाशपाती, सन्ना-मनोरा के बागानों से किसानों की किस्मत चमकी, बागवानी से लिखी जा रही समृद्धि की नई इबारत

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी वादियों और हरियाली के लिए पहले से ही प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब यह जिला बागवानी के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। जिले के सन्ना और मनोरा विकासखंड में बड़े पैमाने पर हो रही नाशपाती की खेती किसानों के लिए किसी "ग्रीन गोल्ड" से कम साबित नहीं हो रही है। बेहतर उत्पादन, बाजार में अच्छी कीमत और बढ़ती मांग ने नाशपाती को जिले की सबसे लाभकारी बागवानी फसलों में शामिल कर दिया है। इसका सीधा लाभ किसानों की आर्थिक स्थिति पर दिखाई दे रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि की नई तस्वीर उभर रही है।

जशपुर जिले के सन्ना और मनोरा क्षेत्र की जलवायु, ऊंचाई और उपजाऊ मिट्टी नाशपाती उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। यही वजह है कि यहां तैयार होने वाली नाशपाती अपने बेहतरीन स्वाद, प्राकृतिक मिठास, आकर्षक आकार और उच्च गुणवत्ता के कारण प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों के बाजारों में भी अलग पहचान बना चुकी है। हर वर्ष व्यापारियों की मांग बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों ने नाशपाती उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक तरीके से बागानों का रखरखाव, समय पर सिंचाई, पौध संरक्षण और पोषण प्रबंधन के कारण एक-एक पेड़ से लगभग 400 से 500 किलोग्राम तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है। उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और अब कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर बागवानी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

बाजार में नाशपाती का थोक मूल्य 40 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलने से किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां किसान धान, मक्का और अन्य पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते थे, वहीं अब नाशपाती की खेती से लाखों रुपये की आमदनी अर्जित कर रहे हैं। अच्छी कमाई होने से किसान अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं, आधुनिक कृषि उपकरण खरीद रहे हैं तथा अपने जीवन स्तर में भी सुधार कर रहे हैं।

सन्ना क्षेत्र के एक प्रगतिशील किसान ने बताया कि पहले पारंपरिक खेती में अधिक मेहनत के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिलता था। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर नाशपाती का बागान लगाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल गई। अब हर सीजन में अच्छी आय हो रही है और परिवार आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।

नाशपाती की बढ़ती मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि व्यापारी स्वयं किसानों के बागानों तक पहुंचकर फलों की खरीद कर रहे हैं। इससे किसानों को परिवहन की अतिरिक्त लागत से राहत मिल रही है और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य भी आसानी से प्राप्त हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नाशपाती की खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जशपुर में कृषि-पर्यटन (एग्रो टूरिज्म) की संभावनाएं भी तेजी से विकसित हो रही हैं। फलों से लदे खूबसूरत बागान पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। यदि इस दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं तो भविष्य में जशपुर बागवानी पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है।

उद्यानिकी विभाग किसानों को उन्नत पौधे, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा बागानों के बेहतर प्रबंधन की जानकारी लगातार उपलब्ध करा रहा है। विभाग के सहयोग से हर वर्ष नाशपाती के रकबे में वृद्धि हो रही है और नए किसान भी इस खेती से जुड़ रहे हैं।

जशपुर की यह सफलता साबित करती है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए तो बागवानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है। आज सन्ना और मनोरा के नाशपाती उत्पादक किसान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। जशपुर की "ग्रीन गोल्ड" कही जाने वाली नाशपाती न केवल किसानों के जीवन में खुशहाली ला रही है, बल्कि जिले को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान भी दिला रही है।

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ओम हाइट्स अपार्टमेंट में सूने मकान को चोरों ने बनाया निशाना, आलमारी तोड़कर फरार हुए बदमाश, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

रायगढ़, 27 जून। शहर के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित ओम हाइट्स अपार्टमेंट में एक सूने मकान में चोरी की वारदात सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही चक्रधरनगर पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, ओम हाइट्स अपार्टमेंट के मकान नंबर-301 में रेशम उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी राकेश श्रीवास्तव अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। दोनों पिछले वर्ष अक्टूबर माह से उपचार के लिए मुंबई में हैं। उनकी अनुपस्थिति में घर की एक चाबी घरेलू सहायिका चंद्रकांति देवांगन के पास थी, जो समय-समय पर घर की साफ-सफाई करने आती थी।

शनिवार सुबह जब घरेलू सहायिका मकान खोलकर अंदर पहुंची तो उसने देखा कि घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ है और आलमारी खुली हुई है। चोरी की आशंका होते ही उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चक्रधरनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम, साइबर सेल, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने पूरे मकान का निरीक्षण किया, फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मकान से कितनी नकदी, जेवरात या अन्य कीमती सामान चोरी हुआ है। पुलिस के अनुसार मकान मालिक के रायगढ़ लौटने और घर का पूरा निरीक्षण करने के बाद ही चोरी गई संपत्ति का सही आकलन हो सकेगा।

घरेलू सहायिका की रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध नकबजनी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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ऑपरेशन आघात का तमनार में बड़ा प्रहार: बेलजोर में महुआ शराब के अवैध कारोबार पर पुलिस की रेड, 15 लीटर शराब जब्त, आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

रायगढ़, 27 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में तमनार पुलिस ने ग्राम बेलजोर में दबिश देकर अवैध महुआ शराब बेच रहे एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब जब्त कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बेलजोर निवासी अनंतराम भुईहर अपने मकान बाड़ी में अवैध रूप से महुआ शराब बनाकर बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी।

पुलिस के पहुंचते ही वहां शराब पी रहे कुछ लोग मौके से भाग निकले, जबकि मौके पर मौजूद व्यक्ति को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अनंतराम भुईहर (62 वर्ष) निवासी ग्राम बेलजोर बताया और अवैध महुआ शराब रखना व बिक्री करना स्वीकार किया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 15 लीटर हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 3 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने पूरी शराब जब्त कर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेजा गया।

इस कार्रवाई को सफल बनाने में प्रधान आरक्षक बनारसीलाल सिदार एवं आरक्षक रंजीत भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन आघात के तहत जिले में अवैध शराब, नशे और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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अभियान संवेदना' के तहत कोतरारोड़ पुलिस की बड़ी कामयाबी, दो माह से लापता नाबालिग बालिका सकुशल बरामद, शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कोतरारोड़ थाना पुलिस ने अप्रैल माह से लापता नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब करते हुए उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल 2026 को बालिका के पिता ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 अप्रैल की रात उनकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई थी। परिवार और रिश्तेदारों द्वारा काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई गई, जिस पर थाना कोतरारोड़ में अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस को पहले बालिका के में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम वहां रवाना होने की तैयारी कर रही थी कि इसी बीच लोकेशन बदलकर पहुंच गई। लगातार बदलते लोकेशन के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी निगरानी जारी रखी।

आखिरकार 26 जून 2026 को पुलिस टीम ने रायगढ़ जिले के कोड़ातराई क्षेत्र में दबिश देकर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। बालिका आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू (19 वर्ष) के कब्जे में मिली। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा लिए गए कथन में बालिका ने बताया कि आरोपी शादी का झांसा देकर उसे विशाखापट्टनम और संबलपुर ले गया तथा उसके साथ शारीरिक शोषण किया।

बालिका के बयान और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी धीरज निराला उर्फ नानू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी के निर्देशन तथा डीएसपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर, पीएसआई क्षितिज देवांगन, एएसआई मनमोहन बैरागी एवं आरक्षक राजेश खांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस कार्रवाई पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस के लिए प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा और प्रत्येक परिवार का विश्वास सर्वोपरि है। "अभियान संवेदना" के तहत गुम बालक-बालिकाओं की शीघ्र सकुशल बरामदगी और उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

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नशे के खिलाफ रायगढ़ में बड़ा जनजागरण अभियान: जिला जेल में गूंजा नशामुक्ति का संकल्प, बंदियों ने ली शपथ, गीत-संगीत के जरिए दिया समाज को सकारात्मक संदेश

रायगढ़, 26 जून 2026/ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन तथा छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में नशामुक्त भारत सप्ताह एवं नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी विरोधी सप्ताह के अवसर पर विभिन्न  जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के समापन अवसर पर जिला जेल रायगढ़ में विशेष नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया गया।
            कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी बंदियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों, उनके सामाजिक एवं पारिवारिक प्रभावों तथा नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी नशामुक्ति का प्रभावी संदेश दिया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
           उपसंचालक समाज कल्याण श्री शिवशंकर पाण्डेय ने बताया कि नशा व्यक्ति की क्षमता, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। युवाओं को नशे की लत से बचाने तथा समाज में व्यापक जनजागरूकता लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना तथा जनसहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं स्वस्थ भारत के निर्माण को गति देना है। समाज कल्याण विभाग ने आमजन से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण में सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
             कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक श्री जी.एस.सोरी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक श्री सुमंत आचार्य, रंजना यादव, डे-केयर सेंटर सियान गुड़ी के संगीत प्रशिक्षक श्री कुबेर चरण चौहान सहित जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बंदियों ने सहभागिता की।

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राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमेंट सड़क और सार्वजनिक मार्गों पर रिंग लगे ट्रैक्टर चलाने वालों की अब खैर नहीं, उड़नदस्ता करेगा सघन जांच, किसानों से नियमों का पालन करने की अपील


रायगढ़,26 जून 2026। जिला प्रशासन एवं परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार यातायात सुगम और सरल बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिले में सार्वजनिक सड़कों पर लोहे के रिंग अथवा दोहरे पिंजरे लगे ट्रैक्टरों के संचालन पर सख्ती बरती जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे ट्रैक्टर यदि सड़क, सीमेंट सड़क अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित होते पाए जाएं, तो उनके विरुद्ध तत्काल चालान, वाहन जब्ती एवं मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि ट्रैक्टरों में लगाए जाने वाले लोहे के रिंग अथवा दोहरे पिंजरे केवल कृषि कार्य, विशेषकर खेतों में उपयोग के लिए बनाए जाते हैं। इन्हें हटाए बिना सार्वजनिक मार्गों पर ट्रैक्टर चलाना नियमों के विपरीत है। ऐसे पहियों के कारण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं तथा अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को विशेष जांच अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के विभिन्न मार्गों पर नियमित जांच की जाएगी। जांच के दौरान लोहे के रिंग लगे ट्रैक्टर सड़क पर संचालित पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

समस्त कृषकों एवं ट्रैक्टर मालिकों से अपील की गई है कि कृषि कार्य समाप्त होने के बाद ट्रैक्टरों के पहियों से लोहे के रिंग एवं दोहरे पिंजरे अनिवार्य रूप से हटा दें तथा सार्वजनिक सड़कों पर केवल रबर टायर वाले ट्रैक्टरों का ही संचालन करें। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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रायगढ़ के सांगीतराई निवासी दुर्गा सिदार को बिना कार्यालयों के चक्कर लगाए मिला विवाह प्रमाण पत्र, सेवा सेतु पोर्टल से ग्रामीणों को मिल रही दर्जनों शासकीय सेवाओं की सुविधा

रायगढ़, 26 जून 2026//मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में संचालित सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए सुविधाओं का नया माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल के जरिए नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। रायगढ़ विकासखंड के ग्राम सांगीतराई के दुर्गा सिदार सिदार इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जिन्हें सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह पंजीकरण एवं विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा का लाभ मिला।
      दुर्गा सिदार ने बताया कि विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने तथा आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। पहले ऐसे दस्तावेज बनवाने के लिए कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। इसी दौरान उन्हें सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिली, जिसके माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध थी। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर आवेदन किया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कुछ ही दिनों में उनका विवाह प्रमाण पत्र जारी हो गया। इससे उन्हें बिना किसी अनावश्यक भागदौड़ के समय पर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो गया।
     दुर्गा सिदार बताती हैं कि सेवा सेतु पोर्टल केवल विवाह प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख संबंधी सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी सेवाएं, श्रम, राजस्व, नगरीय प्रशासन तथा अन्य विभागों की अनेक नागरिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को विशेष सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले जहां छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब सेवा सेतु के माध्यम से कई सेवाओं का लाभ घर के नजदीक उपलब्ध हो रहा है। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। दुर्गा सिदार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी पहल ग्रामीण नागरिकों के जीवन को आसान बना रही है। यह पोर्टल डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शासन की सेवाओं को आमजन तक सहज और प्रभावी रूप से पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

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धान से रागी तक... लैलूंगा के आदिवासी किसानों ने लिखी समृद्धि की नई कहानी, पहली ही फसल में 45 क्विंटल बीज बेचकर बने मिसाल

रायगढ़ 26 जून 2026// बदलाव की शुरुआत अक्सर एक छोटे कदम से होती है। लैलूंगा विकासखंड के वनांचल ग्राम फुठामुड़ा में यही बदलाव आज किसानों की नई पहचान बन चुका है। कभी ग्रीष्मकाल में अधिक पानी और अधिक लागत वाली धान की खेती करने वाले यहां के आदिवासी किसानों ने अब रागी (मड़ुआ) की खेती अपनाकर न केवल अपनी आय का नया रास्ता खोला है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
       इस परिवर्तन की अगुवाई प्रगतिशील किसान गोसाई राम राठिया ने की। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के सहयोग से उन्होंने गांव के किसानों को संगठित किया और ग्रीष्मकाल में धान के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली पोषक फसल रागी की सामुदायिक खेती शुरू कराई। वैज्ञानिक पद्धति, सामूहिक मेहनत और विभागीय सहयोग का परिणाम यह रहा कि पहली ही फसल में किसानों को उत्कृष्ट गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त हुआ। बेहतर बाजार और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए किसानों ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीयन कराया। घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त रागी सुरक्षित रखने के बाद किसानों ने 45 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले रागी बीज की पहली खेप निगम को विक्रय की। यह उपलब्धि न केवल किसानों की अतिरिक्त आय का माध्यम बनी, बल्कि फुठामुड़ा को रागी बीज उत्पादन के उभरते केंद्र के रूप में नई पहचान भी दिला रही है।
       आज गोसाई राम राठिया की पहल से गांव के अनेक किसान रागी उत्पादन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। कम पानी, कम लागत और बेहतर लाभ देने वाली यह खेती प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है। पोषण से भरपूर मोटे अनाज को बढ़ावा देने की दिशा में यह प्रयास शासन की मंशा को भी साकार कर रहा है। फुठामुड़ा की यह सफलता बताती है कि जब किसानों को सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और योजनाओं का लाभ समय पर मिले, तो खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का मजबूत आधार बन जाती है। लैलूंगा के आदिवासी किसानों की यह कहानी आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा और कृषि नवाचार की नई मिसाल है।

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रायगढ़ शहर में हर गली, हर बाजार और हर चौक पर दिखी पुलिस की मजबूत मौजूदगी, 'विजुअल पुलिसिंग' अभियान से अपराधियों में मचा हड़कंप, आम लोगों में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा

रायगढ़, 25 जून। शहर में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा 'विजुअल पुलिसिंग' अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गुरुवार शाम शहर के प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस ने व्यापक फुट पेट्रोलिंग कर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली, थाना चक्रधरनगर और चौकी पूंजीपथरा की संयुक्त पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए लोगों को सुरक्षित माहौल का भरोसा दिलाया।

कोतवाली पुलिस ने एएसआई विलफ्रेड मसीह एवं महिला प्रधान आरक्षक राजश्री के नेतृत्व में रिजर्व पुलिस बल के साथ हटरी बाजार, चांदनी चौक, प्रमुख मॉल और व्यावसायिक क्षेत्रों में पैदल गश्त की। इस दौरान केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड स्थित होटलों की गहन जांच की गई तथा बाहरी जिलों से आए संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने इंदिरानगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में पैदल भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

इधर थाना चक्रधरनगर पुलिस ने मुख्य मार्गों, कमला नेहरू पार्क के सामने सहित प्रमुख चौक-चौराहों पर लगातार पेट्रोलिंग करते हुए यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर सतर्क निगरानी रखी। वहीं चौकी पूंजीपथरा पुलिस ने साप्ताहिक बाजार में विशेष सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए बाजार परिसर में लगातार गश्त की और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि 'विजुअल पुलिसिंग' का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पुलिस की दृश्यमान और सक्रिय मौजूदगी के माध्यम से अपराधों की रोकथाम करना है। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पुलिस की उपस्थिति से जहां आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हो रहा है, वहीं असामाजिक तत्वों और अपराधियों में कानून का भय भी बना हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस की निरंतर और प्रभावी मौजूदगी अपराध नियंत्रण का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विजुअल पुलिसिंग अभियान के जरिए आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और अपराधियों में कानून का भय कायम रखना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में भी यह अभियान पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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ऑपरेशन संवेदना का बड़ा धमाका: 6 महीने से लापता 15 वर्षीय किशोरी रायपुर से सकुशल बरामद, दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 26 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन संवेदना" के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग छह माह से लापता 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को रायपुर से सकुशल बरामद कर लिया। मामले में किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले मुख्य आरोपी सहित उसका शारीरिक शोषण करने वाले दूसरे युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई को रायगढ़ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

स्कूल से घर नहीं लौटी थी किशोरी, परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को स्कूल से घर लौटने के बाद किशोरी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 17 दिसंबर को थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घनश्याम उर्फ सोनू बैरागी नामक युवक मोटरसाइकिल से किशोरी को अपने साथ ले गया था। पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

तीन बार रायपुर में तलाश, चौथी कोशिश में मिली सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपी और बालिका की तलाश करती रही। पुलिस टीम तीन बार रायपुर पहुंची, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तकनीकी साक्ष्यों, लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में विशेष टीम रायपुर पहुंची और उरला, सिलतरा सहित फैक्ट्री क्षेत्रों, मजदूर बस्तियों तथा दुकानों में बालिका की फोटो दिखाकर पूछताछ की। इसी दौरान एक किराना दुकानदार से मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर पुलिस ने 24 जून को सरोरा स्थित अशोक पाइप प्लांट क्षेत्र से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।

पहले मुख्य आरोपी ने बनाया शिकार, फिर दूसरे युवक ने भी शादी का झांसा देकर किया शोषण

पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि घनश्याम उर्फ सोनू बैरागी उसके घर आता-जाता था और परिचित था। उसने दीदी के घर छोड़ने का बहाना बनाकर उसे मोटरसाइकिल से घरघोड़ा और फिर रायपुर के सिलतरा स्थित मजदूर क्वार्टर ले गया। वहां उसने उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए और लगभग दो माह तक अपने साथ रखा।

बाद में आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद सिलतरा में काम करने वाले मजदूर सिसेन एक्का से उसकी पहचान हुई। उसने भी शादी का झांसा देकर किशोरी का शारीरिक शोषण किया।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, दोनों आरोपी गिरफ्तार

पीड़िता के बयान और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की मेहनत से मिली सफलता

पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, आरक्षक कीर्तन यादव, चन्द्रशेखर चन्द्राकर, सुरेन्द्र यादव, हेम सागर पटेल तथा नरेन्द्र पैंकरा की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में रायगढ़ पुलिस पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। "ऑपरेशन संवेदना" के माध्यम से हर पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर से कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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ऑपरेशन प्रहार का बड़ा एक्शन: 2.85 टन संदिग्ध कबाड़ और पिकअप जब्त, 6.85 लाख की संपत्ति सीज

रायगढ़, 26 जून। जिले में अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी की संपत्ति के अवैध व्यापार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का "ऑपरेशन प्रहार" लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इसी अभियान के तहत थाना पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.85 टन संदिग्ध कबाड़ से लदी पिकअप वाहन जब्त कर कुल 6 लाख 85 हजार 500 रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली है।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पूंजीपथरा और आसपास के क्षेत्रों में एक व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के कबाड़ की खरीदी-बिक्री कर रहा है।

सूचना मिलते ही थाना पूंजीपथरा और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम पूंजीपथरा बस्ती में दबिश दी। मौके पर पिकअप वाहन क्रमांक CG13UJ2186 में कबाड़ खरीदते हुए एक व्यक्ति मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम बलवंत सारथी (40 वर्ष), निवासी ग्राम हाटी, थाना छाल, जिला रायगढ़ बताया।

वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने की जब्ती

जांच के दौरान वाहन में लोड लगभग 2.85 टन कबाड़, जिसकी अनुमानित कीमत 85 हजार 500 रुपये आंकी गई, उसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज आरोपी प्रस्तुत नहीं कर सका। चोरी की संपत्ति होने की आशंका पर पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में कबाड़ और लगभग 6 लाख रुपये कीमत की पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। इस तरह कुल 6 लाख 85 हजार 500 रुपये की संपत्ति पुलिस ने अपने कब्जे में ली।

आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ अपराध

पूंजीपथरा थाना पुलिस ने आरोपी बलवंत सारथी के खिलाफ धारा 35(क), 35(ड) BNSS तथा धारा 303(2) BNS के तहत अपराध दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया है।

अवैध कबाड़ कारोबार पर आगे भी जारी रहेगा अभियान

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त, अवैध कबाड़ कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सघन अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी का स्पष्ट संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी की संपत्ति के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।

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शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाला आरोपी सक्ती से गिरफ्तार, रायगढ़ महिला थाना की त्वरित कार्रवाई, एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में भेजा गया जेल

रायगढ़, 26 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे 'अभियान संवेदना' के तहत महिला थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय पीड़िता ने महिला थाना रायगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2024 में निजी वित्तीय कंपनी से ऋण लेने के दौरान उसकी पहचान कंपनी में फाइनेंसर के रूप में कार्यरत हितेश कुमार केवट से हुई थी। लोन संबंधी कार्य के सिलसिले में आरोपी का पीड़िता के घर आना-जाना शुरू हुआ। इसी दौरान आरोपी ने विवाह करने का भरोसा दिलाकर रायगढ़ स्थित किराए के मकान में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

पीड़िता का आरोप है कि अप्रैल 2026 में उसे जानकारी मिली कि हितेश कुमार की शादी किसी अन्य युवती से तय हो गई है। इसके बाद वह आरोपी के घर पहुंची और उसके परिजनों से विवाह के संबंध में बातचीत की, लेकिन आरोपी ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया।

शिकायत के आधार पर महिला थाना रायगढ़ ने तत्काल अपराध क्रमांक 59/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) के तहत मामला कायम किया।

महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त ने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया, जिसके बाद डीएसपी उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी हितेश कुमार केवट (26 वर्ष), पिता गौतम प्रसाद केवट, निवासी ग्राम कांसा, थाना डभरा, जिला सक्ती को हिरासत में लिया।

पूछताछ, चिकित्सीय परीक्षण एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे तथा महिला थाना रायगढ़ के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

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