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विधायक गोमती साय ने नवीन शाला भवन का किया भव्य लोकार्पण, नवप्रवेशी बच्चों का रोली-तिलक व मिठाई खिलाकर किया स्वागत,

पत्थलगांव। जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड में शैक्षिक सत्र 2026-27 के तहत विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव और नवीन शाला भवन का उद्घाटन समारोह अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती गोमती साय (उपाध्यक्ष, सरगुजा विकास प्राधिकरण एवं विधायक, पत्थलगांव) उपस्थित रहीं।
नवीन शाला भवन के औपचारिक फीता काटकर और दीप प्रज्वलन के साथ उद्घाटन के पश्चात मुख्य अतिथि श्रीमती गोमती साय ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का रोली-तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और नि:शुल्क पाठ्यसामग्री व गणवेश (यूनिफॉर्म) वितरित कर स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती गोमती साय ने कहा कि "शिक्षा ही किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की असली नींव है। नवीन शाला भवन के निर्माण से स्थानीय बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे उनका भविष्य और उज्ज्वल बनेगा।" उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षकों एवं अभिभावकों को मिलकर शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, नवप्रवेशी बच्चे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक मौजूद रहे। नवीन भवन मिलने से ग्रामीण और बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।

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अभियान संवेदना" — 4 वर्षों से लापता दुष्कर्म पीड़िता को घरघोड़ा पुलिस ने खोज निकाला,रायगढ़ से सकुशल बरामद कर न्यायालय में कराई गई उपस्थिति

   *रायगढ़, 12 अगस्त*। नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रति रायगढ़ पुलिस की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने लगभग *04 वर्षों से लापता दुष्कर्म पीड़िता  को तलाश कर रायगढ़ से बरामद किया* तथा दिनांक 11 अगस्त 2026 को उसकी माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराई।

        मामला माननीय विशेष न्यायाधीश, एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) न्यायालय घरघोड़ा के समक्ष विचाराधीन *विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021* से संबंधित है। थाना घरघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 232/2021 में धारा 363, 366, 376 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

        प्रकरण में नाबालिग पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रकरण का शीघ्र विचारण प्रारंभ किया गया था तथा माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण से संबंधित साक्षियों के बयान दर्ज किए जा रहे थे। इसी दौरान वर्ष 2022 में यह जानकारी सामने आई कि प्रकरण की पीड़िता का कोई पता नहीं चल रहा है। माननीय न्यायालय द्वारा लगातार समंस जारी किए जाने के बावजूद पीड़िता के लापता रहने के कारण प्रकरण की न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो रही थी।

        पीड़िता की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू द्वारा विशेष पुलिस टीम गठित कर पीड़िता की पतासाजी का अभियान प्रारंभ किया गया।

        पुलिस टीम द्वारा पीड़िता के परिजनों, सहेलियों एवं रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ की गई, लेकिन कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। पीड़िता की तलाश को चुनौतीपूर्ण मानते हुए पुलिस टीम ने रायगढ़ जिले के साथ-साथ अन्य जिलों में भी संभावित स्थानों पर लगातार पतासाजी की। पुलिस द्वारा व्यवसायिक क्षेत्रों, फैक्ट्री क्षेत्रों, कोयला खदान क्षेत्रों एवं स्लम एरिया में भी पीड़िता की तलाश की गई।

        पुलिस टीम द्वारा लगातार मेहनत, लगन एवं विभिन्न माध्यमों से की गई पतासाजी के परिणामस्वरूप दिनांक *10 अगस्त 2026 को पीड़िता को रायगढ़ से बरामद* कर लिया गया। इसके पश्चात दिनांक आज 11 अगस्त 2026 को पीड़िता की माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई।

        लगभग चार वर्षों से लापता पीड़िता की तलाश कर उसकी न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराना नाबालिग पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में रायगढ़ पुलिस की महत्वपूर्ण पहल है। पीड़िता की न्यायालयीन उपस्थिति से विचाराधीन पॉक्सो प्रकरण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी तथा दोषी को कानून के अनुसार सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।

        *पीड़िता की पतासाजी एवं न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक क्रमांक 871 दिनेश सिदार, आरक्षक क्रमांक 415 प्रदीप तिग्गा एवं आरक्षक क्रमांक 646 हरीश पटेल की विशेष भूमिका रही।*

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*
                  *“नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। कोई पीड़ित वर्षों से लापता हो, तब भी उसकी तलाश के प्रयास रुकेंगे नहीं। प्रत्येक पीड़ित को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए रायगढ़ पुलिस पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”*

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रायगढ़ के सभी आदि सेवा केंद्रों में 13 से 15 अगस्त तक लगेंगे जनसुनवाई एवं संतृप्ति शिविर, जनजातीय समुदाय तक पहुंचेंगी शासन की योजनाएं और सेवाएं

रायगढ़, 12 अगस्त 2026/ आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिले के सभी आदि सेवा केंद्रों में 13 से 15 अगस्त 2026 तक जनसुनवाई एवं संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 11 अगस्त को जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित होने वाले इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण एवं जनजातीय समुदाय तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभान्वित करना है।
            तीन दिवसीय शिविरों में नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों की सुनवाई कर उनके निराकरण की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें संबंधित शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ने, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देने तथा विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिविरों में संबंधित विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नागरिकों को एक ही स्थान पर अधिक से अधिक शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिल सके।

*आदि सेवा स्वयंसेवकों की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका*

शिविरों के प्रभावी संचालन में आदि सेवा स्वयंसेवकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। स्वयंसेवक ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शिविरों की जानकारी देने, पात्र हितग्राहियों की पहचान करने, आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन देने तथा उन्हें संबंधित विभागीय सेवाओं तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे। इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को और सुगम बनाया जा सकेगा।

*स्वतंत्रता दिवस पर होंगे विशेष आयोजन*

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले के सभी आदि सेवा केंद्रों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान सहित स्वतंत्रता दिवस से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही आदि सेवा केंद्रों को जनभागीदारी एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुरूप विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

*अधिकारियों द्वारा केंद्रों का किया जाएगा निरीक्षण*

अभियान के तहत संचालित गतिविधियों की गुणवत्ता एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित अधिकारियों द्वारा आदि सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जनसुनवाई, हितग्राही संतृप्ति, विभागीय सहभागिता, आदि सेवा स्वयंसेवकों की सक्रियता तथा निर्धारित अन्य गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी शिविरों के दौरान आयोजित गतिविधियों की जनपद स्तर पर पोर्टल में समयबद्ध एंट्री एवं रिपोर्टिंग की जाएगी। जिला स्तर से पोर्टल पर दर्ज गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की जाएगी, जिससे अभियान के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।
           जिला प्रशासन एवं आदिवासी विकास विभाग ने संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आदि सेवा स्वयंसेवकों से निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए 13 से 15 अगस्त तक आयोजित जनसुनवाई एवं संतृप्ति शिविरों को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित करने की अपील की है।

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हाट बाजार में लोकगीतों की धुन पर चला स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, बाल मधुमेह-सिकल सेल-जन्मजात हृदय रोग के साथ सुरक्षित प्रसव और टीकाकरण पर जोर

रायगढ़, 12 अगस्त 2026/ बच्चों में होने वाले गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी संदेशों को समुदाय तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से विकासखंड पुसौर के ग्राम गोर्रा स्थित डीपापारा हाट बाजार में लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य विभाग रायगढ़ द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, लोकगीत एवं नृत्य के माध्यम से करीब 500 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। स्थानीय परिवेश और लोक कला से जुड़े माध्यमों ने जटिल स्वास्थ्य विषयों को भी सहज, रोचक और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
           कार्यक्रम में लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज), सिकल सेल रोग एवं जन्मजात हृदय रोग के शुरुआती संकेतों की जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए बताया गया कि बच्चों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, बिना कारण वजन कम होना, कमजोरी एवं अत्यधिक थकान जैसे लक्षण टाइप-1 डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बच्चों की समय पर जांच कराने और नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की अपील की गई। इसी तरह सिकल सेल रोग के मामले में समय पर जांच, नियमित उपचार और फॉलो-अप के महत्व को समझाया गया। लोगों को बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव से दूर रहने तथा प्रभावित बच्चों का उपचार बीच में न छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। जन्मजात हृदय रोग के संबंध में बच्चों में दूध पीने में परेशानी, दूध पीते समय पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ, बार-बार बीमार पड़ना अथवा उम्र के अनुसार वजन न बढ़ने जैसे संभावित संकेतों को नजरअंदाज नहीं करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि “समय पर पहचान, समय पर जांच और समय पर उपचार” बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। अभिभावकों से बच्चों में दिखाई देने वाले असामान्य लक्षणों पर तत्काल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ने की अपील की गई।

*लोकगीतों से मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव और टीकाकरण का संदेश*

सांस्कृतिक कार्यक्रम में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। लोकगीतों एवं नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक एवं संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव तथा नवजात शिशु की उचित देखभाल के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही शिशु के लिए स्तनपान तथा बच्चों के समय पर और पूर्ण टीकाकरण के महत्व की जानकारी भी दी गई। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों में बीमारी या किसी जोखिम के संकेत दिखाई देने पर उपचार में देरी न करने तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने के लिए समुदाय को प्रेरित किया गया। हाट बाजार जैसे सार्वजनिक एवं सामुदायिक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों तक स्वास्थ्य संदेश पहुंचा।
              कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती रंजना पैकरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आयोजन में जिला नोडल अधिकारी-एनसीडी डॉ. जावेद, जिला जन स्वास्थ्य नर्स श्रीमती सीमा बरेट एवं जिला सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. सुमित मंडल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का सहयोग रहा। यूनिसेफ के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. गजेन्द्र सिंह एवं उनकी टीम ने तकनीकी सहयोग दिया, जबकि एमसीसीआर ट्रस्ट के डायरेक्टर डॉ. डी. श्याम कुमार एवं उनकी टीम ने आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत एक और आरोपी अनिल बेहरा गिरफ्तार—पुलिस पर हमला, लूटपाट, आगजनी और बलवा समेत गंभीर मामलों में था नामजद, अब तक 29 आरोपी पहुंचे जेल

   *रायगढ़, 10 अगस्त*। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे *“ऑपरेशन क्लीन हंट”* के तहत तमनार पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी *अनिल बेहरा निवासी ग्राम लिबरा* को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी पुलिस बल पर प्राणघातक हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा एवं शासकीय कार्य में बाधा सहित गंभीर अपराधों में नामजद था।

        जानकारी के अनुसार गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन एवं आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा लगातार आंदोलनकारियों को शांति बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था का पालन करने की समझाइश दी जा रही थी।

        दिनांक 27 दिसंबर 2025 को कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान आंदोलन अचानक उग्र हो गया। आरोप है कि *राजेश मरकाम, अनिल बेहरा, रूपेश पटेल, संदीप प्रधान* सहित अन्य लोगों द्वारा आंदोलनकारियों को उकसाकर पुलिस बल पर लाठी, डंडा, टांगी एवं पत्थरों से हमला किया गया। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इस दौरान पुलिस से शासकीय वॉकी-टॉकी एवं शासकीय मोबाइल फोन भी लूट लिया गया।

        उग्र भीड़ द्वारा पुलिस दल को घेरकर लगातार पथराव किया गया। सड़क किनारे खड़े पुलिस के शासकीय वाहनों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। इसके साथ ही प्लांट परिसर में भी तोड़फोड़ की गई, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

        घटना के संबंध में अलग-अलग प्रार्थियों की रिपोर्ट पर थाना तमनार में कुल *16 अपराध* पंजीबद्ध किए गए हैं। प्रकरण में अब तक *29 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है*, जबकि अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

        गिरफ्तार आरोपी *अनिल बेहरा पिता प्रेमसागर बेहरा, उम्र 37 वर्ष, निवासी लिबरा, थाना तमनार, जिला रायगढ़* थाना तमनार में दर्ज अपराध क्रमांक *303/2025, 306/2025, 307/2025 एवं 308/2025* में नामजद आरोपी था। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।

        दिनांक 10 अगस्त 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी अनिल बेहरा अपने गांव लिबरा आया हुआ है। सूचना पर तमनार एवं पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया।

        पूछताछ एवं विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा राजेश मरकाम एवं अन्य आरोपियों के साथ मिलकर घटना के दौरान आंदोलनकारियों के साथ हिंसक वारदात में शामिल होना स्वीकार किया गया। विवेचना में आंदोलनकारियों को दुष्प्रेरित करने की भूमिका सामने आने पर प्रकरण में *धारा 49 बीएनएस एवं धारा 25 आर्म्स एक्ट* जोड़ी गई। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

        *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में फरार आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव एवं थाना तमनार स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।*

        *रायगढ़ पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए “ऑपरेशन क्लीन हंट” लगातार जारी है। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले एवं हिंसक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।*

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

        *“कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले एवं गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। रायगढ़ पुलिस द्वारा ऐसे आरोपियों की लगातार पतासाजी कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा रहा है। अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं निष्पक्ष कार्रवाई हमारी प्राथमिकता है।”*

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रथ मेला में पुरानी रंजिश का खूनी खेल! 17 वर्षीय किशोर पर लात-घूंसों से हमला, स्टील के कड़े से सिर पर वार; रैरूमाखुर्द पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा, जेल भेजे गए

   *11 अगस्त, रायगढ़।* थाना धरमजयगढ़ अंतर्गत पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द पुलिस ने रथ मेला के दौरान पुरानी रंजिश को लेकर 17 वर्षीय किशोर के साथ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपियों के विरुद्ध थाना/चौकी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त स्टील का कड़ा जप्त किया गया है।

        प्रकरण के अनुसार दिनांक 28 जुलाई 2026 को 17 वर्षीय किशोर पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि पूर्व में ग्राम धौराभाठा बरपाली में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान उसका सुनिल, पिन्टु एवं मदन के साथ विवाद हुआ था।

        दिनांक 27 जुलाई 2026 को ग्राम धौराभाठा बरपाली में रथ मेला आयोजित था। किशोर अपने भाई एवं दोस्तों के साथ रात्रि करीब 09:00 बजे मेला देखने गया था। इसी दौरान नंद कुमार राठिया की दुकान के पास उसकी मुलाकात सुनिल, पिन्टु, मदन एवं एक अन्य व्यक्ति से हुई। आरोपियों ने पूर्व शादी समारोह में हुए विवाद की रंजिश रखते हुए किशोर के साथ गाली-गलौज एवं मारपीट शुरू कर दी।

        आरोप है कि आरोपियों द्वारा किशोर को लात-घूंसों से मारपीट की गई तथा आरोपी सुनिल द्वारा स्टील के कड़े से उसके सिर पर वार किया गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे किशोर के भाई एवं दोस्तों के साथ भी आरोपियों द्वारा हाथ-मुक्के एवं स्टील के कड़े से मारपीट की गई।

        घटना की रिपोर्ट पर पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में अपराध क्रमांक 209/2026 के तहत धारा *296, 115(2), 351(3), 3(5), 118(1) बीएनएस* के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान आहत का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। प्राप्त मुलाहिजा रिपोर्ट में सिर में धारदार वस्तु से चोट लगना लेख पाए जाने पर प्रकरण में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

        चौकी प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा फरार आरोपियों के गांव में होने की सूचना पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा गया और पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ के दौरान आरोपी सुनिल मांझी द्वारा घटना में प्रयुक्त स्टील का कड़ा पेश किया गया, जिसे विधिवत जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।

        प्रकरण में पर्याप्त अपराध साक्ष्य पाए जाने पर  आरोपी—
1. सुनिल मांझी पिता फिरूराम मांझी, उम्र 21 वर्ष, निवासी धौराभाठा बरपाली, चौकी रैरूमाखुर्द, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़।
2. पिन्टु उर्फ राहुल राठिया पिता सुरेन्द्र राठिया, उम्र 21 वर्ष, निवासी धौराभाठा बरपाली, चौकी रैरूमाखुर्द, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़।
3. मदन राठिया पिता अतिराम राठिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी धौराभाठा बरपाली, चौकी रैरूमाखुर्द, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़।
को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपी पिन्टु उर्फ राहुल राठिया के पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है।

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रायगढ़ में नशे के खिलाफ ‘ऑपरेशन आघात’ का बड़ा असर: घरघोड़ा और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 40 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

     *रायगढ़, 11 अगस्त*। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में "आपरेशन आघात" के तहत नशे के विरुद्ध जिसमें अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना घरघोड़ा एवं थाना चक्रधरनगर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल *40 लीटर कच्ची महुआ शराब एवं 250 रुपये नगद बिक्री रकम* बरामद कर दो आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

???? *घरघोड़ा पुलिस : 30 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार*

      दिनांक 09 अगस्त 2026 को थाना घरघोड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बैहामुड़ा निवासी सूरज चौहान अपने घर में भारी मात्रा में अवैध महुआ शराब रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने तत्काल पुलिस टीम तत्काल ग्राम बैहामुड़ा रवाना किया गया।

       मौके पर गवाहों की मौजूदगी में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी *सूरज चौहान पिता मंगल सिंह चौहान, उम्र 32 वर्ष, निवासी बैहामुड़ा, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़* को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने शराब रखना स्वीकार करते हुए अपने घर के आंगन से दो प्लास्टिक जरीकेन पेश किए।

      जरीकेन की जांच करने पर एक में 20 लीटर एवं दूसरे में 10 लीटर, कुल *30 लीटर  महुआ शराब*, जिसकी अनुमानित कीमत *6,000 रुपये* है, बरामद हुई। इसके साथ ही शराब बिक्री से प्राप्त *250 रुपये नगद** भी जप्त किया गया।

       आरोपी के पास शराब रखने एवं बिक्री करने संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर पुलिस ने शराब एवं नगद रकम को विधिवत जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया।

 ???? *चक्रधरनगर पुलिस : 10 लीटर महुआ शराब के साथ आरोपी पकड़ा गया*

      कल दिनांक 10 अगस्त 2026 को थाना चक्रधरनगर पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि *गोपालपुर कोरियादादर चौक* के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से महुआ शराब बिक्री करने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।

       सूचना  पर घेराबंदी की और एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम *आमोद खलखो पिता जोसेफ बना, उम्र 37 वर्ष, निवासी बासनताला थाना नारायणपुर, जिला जशपुर, हाल मुकाम कोरियादादर गोपालपुर, थाना चक्रधरनगर, जिला रायगढ़* बताया।
    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अलग-अलग बोतलों में कुल *10 लीटर महुआ शराब*, जिसकी अनुमानित कीमत *2,000 रुपये* है, बरामद की। आरोपी द्वारा शराब बिक्री के लिए रखना स्वीकार किया गया तथा शराब रखने एवं बिक्री संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।

       रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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घरघोड़ा में बच्चों के लिए गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित,50 से अधिक बच्चों की हुई जांच

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से घरघोड़ा विकासखंड में बच्चों के लिए विशेष गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 50 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 11 बच्चे सिकल सेल वाहक (एएस पॉजिटिव) तथा 6 बच्चे सिकल सेल रोग ( एसएस पॉजिटिव) पाए गए। सभी चिन्हित बच्चों को आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
          शिविर में बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षणों तथा समय पर जांच और उपचार के महत्व की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में लगातार कमजोरी, अत्यधिक थकान, बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। शिविर में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर एवं आरबीएसके टीम ने सक्रिय सहयोग किया। बच्चों की स्क्रीनिंग, परामर्श एवं रेफरल की प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संचालित की गई। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में समय पर जांच एवं उपचार कराएं।

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सिकल सेल मरीजों को एक ही मंच पर जांच, उपचार और सामाजिक सुरक्षा का मिला सहारा

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं मरीजों को समय पर जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, उपचार तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय रायगढ़ में विशेष सिकल सेल स्वास्थ्य जांच एवं सामाजिक कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य विभाग रायगढ़ द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस शिविर में मरीजों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गईं। शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों सहित कुल 42 मरीजों की जांच की गई, जबकि 34 पात्र मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

*स्क्रीनिंग में सिकल सेल रोग एवं वाहक की हुई पहचान, मरीजों को दिया गया आवश्यक परामर्श*

शिविर में सिकल सेल रोग एवं वाहक की पहचान के लिए आवश्यक स्क्रीनिंग की गई। चिन्हित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को बीमारी से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। जरूरत के अनुसार मरीजों को आगे की जांच, नियमित उपचार एवं फॉलो-अप के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा गया। विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल एक आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारी है, जिसकी समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित पोषण तथा नियमित फॉलो-अप आवश्यक है। समय पर पहचान एवं निरंतर उपचार से बीमारी के कारण होने वाली गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। शिविर के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों को सिकल सेल रोग के लक्षणों, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलो-अप के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। बार-बार कमजोरी या थकान, शरीर में तेज दर्द, पीलापन, हाथ-पैरों में सूजन अथवा बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की सलाह दी गई।

*जांच से लेकर रेफरल और सामाजिक सुरक्षा तक एक ही स्थान पर मिली सेवाएं*

शिविर में मरीजों की स्वास्थ्य जांच के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। जिन मरीजों को आगे विशेषज्ञ जांच अथवा उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा गया तथा रेफरल एवं नियमित फॉलो-अप की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा को भी शिविर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। पात्र मरीजों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग किया गया। शिविर में 34 पात्र मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इससे पात्र मरीजों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

*नियमित उपचार और फॉलो-अप पर दिया गया जोर*

विशेषज्ञों ने प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संवाद करते हुए बताया कि सिकल सेल की पहचान होने के बाद नियमित उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से लगातार जुड़े रहना जरूरी है। बीमारी के दौरान किसी प्रकार की गंभीर समस्या अथवा असामान्य लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करते हुए तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की सलाह दी गई। अभिभावकों को बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, चिकित्सकीय सलाह का पालन करने तथा उपचार एवं फॉलो-अप बीच में नहीं छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सिकल सेल रोग को लेकर व्याप्त भ्रांतियों एवं भेदभाव को दूर करने तथा प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को आवश्यक सहयोग देने का संदेश दिया गया।

*विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य टीम ने किया मरीजों का परीक्षण*

शिविर में जिला सिविल सर्जन डॉ. पटेल, जिला एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. जावेद, शिशु रोग विशेषज्ञ तथा जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर के सफल संचालन में सिविल सर्जन डॉ. पटेल, जिला एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. जावेद, सिटी प्रोग्राम मैनेजर डॉ. सोनाली मेश्राम, हॉस्पिटल कंसल्टेंट डॉ. देवेंद्र गुर्जर, डीपीएचएन सीमा बारेठ, जिला सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. सुमित मंडल, जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य टीम, ब्लॉक स्तरीय आरबीएसके टीमों तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

*यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट का रहा तकनीकी एवं समन्वय सहयोग*

शिविर के सफल आयोजन में यूनिसेफ के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. गजेन्द्र सिंह एवं उनकी टीम का तकनीकी सहयोग रहा। वहीं एमसीसीआर ट्रस्ट के डायरेक्टर डॉ. डी. श्याम कुमार एवं उनकी टीम ने शिविर के आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। जिला स्वास्थ्य विभाग रायगढ़, जिला चिकित्सालय रायगढ़, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के समन्वित प्रयासों से मरीजों को स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, दिव्यांगता प्रमाण पत्र संबंधी सहायता तथा आवश्यक रेफरल एवं फॉलो-अप सेवाओं से एक ही मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों एवं नागरिकों से अपील की है कि सिकल सेल की समय पर जांच कराएं तथा सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों का उपचार एवं नियमित फॉलो-अप बीच में न छोड़ें। समय पर पहचान, नियमित उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से निरंतर जुड़ाव सिकल सेल से होने वाली जटिलताओं को कम करने तथा प्रभावित बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि शिशु रोग विशेषज्ञ और जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ के वास्तविक नाम मिल जाएं, तो उन्हें जोड़कर यह समाचार और अधिक आधिकारिक रूप में तैयार किया जा सकता है।

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डीएमएफ और विभागीय योजनाओं की मदद से लैलूंगा में सुगंधित जवाफूल की खेती को मिल रहा विस्तार

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ लैलूंगा क्षेत्र की पहचान बन चुके सुगंधित जवाफूल धान की खेती को विस्तार देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किसानों को निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। डीएमएफ मद और विभागीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज, जैविक तरल खाद तैयार करने के ड्रम, पैडी ट्रांसप्लांटर, माइक्रो न्यूट्रिएंट सहित विभिन्न कृषि आदान अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में जवाफूल की खेती का रकबा बढ़ने के साथ किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य की संभावनाएं मिल रही हैं।
         जिला प्रशासन द्वारा जवाफूल की खेती के विस्तार के लिए इस वर्ष डीएमएफ मद से लगभग 48 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से करीब 1200 किसानों को सुगंधित जवाफूल की खेती के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज वितरित किया गया है। इसके साथ ही विभागीय योजनाओं के तहत आवश्यक कृषि आदान भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य लैलूंगा की पारंपरिक सुगंधित धान किस्म को संरक्षित करते हुए अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ना और उनकी आय के नए अवसर विकसित करना है। लैलूंगा निवासी मुक्तेश्वर प्रधान बताते हैं कि वे इस वर्ष करीब दो एकड़ में सुगंधित जवाफूल धान की खेती कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से उन्हें ढैंचा बीज सहित कृषि आदानों के लिए अनुदान सहायता मिली है। उन्होंने बताया कि इससे जवाफूल की खेती को बढ़ावा देने में काफी मदद मिल रही है।
          इसी तरह किसान गणेशराम पटेल इस वर्ष तीन एकड़ में सुगंधित जवाफूल की खेती कर रहे हैं। उन्हें जिला प्रशासन की ओर से हरी खाद के लिए ढैंचा बीज तथा अन्य कृषि सामग्रियों के लिए अनुदान सहायता प्रदान की जा रही है। वे बताते हैं कि प्रशासन के सहयोग से जवाफूल की खेती को बड़े क्षेत्र में करने का अवसर मिला है। किसान निराकार प्रधान बताते हैं कि वे पहले मोटे धान की खेती करते थे, लेकिन अब जिला प्रशासन के सहयोग से जवाफूल की खेती कर रहे हैं। उन्हें आर्थिक सहायता के साथ ढैंचा बीज और अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उत्पादित जवाफूल चावल को उन्होंने करीब 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया था। बेहतर मूल्य मिलने से इस वर्ष उन्होंने भी जवाफूल की खेती को अपनाया है।

*जैविक खेती से किसानों की बचत, मिट्टी और पर्यावरण को भी लाभ*

लैलूंगा में जवाफूल की खेती को बढ़ावा देने के साथ जैविक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धति को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान जवाफूल की खेती में जैविक खाद और हरी खाद का उपयोग कर रहे हैं। इसके लिए किसानों को ढैंचा बीज उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे खेत में हरी खाद तैयार कर उसका उपयोग कर सकें। जैविक खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और उनकी खरीद पर होने वाले खर्च में बचत करने में किसानों को मदद मिल रही है। किसानों के अनुसार जैविक खाद के उपयोग से खेती की लागत को नियंत्रित करने के साथ खेत की मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलती है। हरी खाद के रूप में ढैंचा का उपयोग मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने और उसकी उर्वरता बनाए रखने में सहायक होता है। इससे खेती की प्रक्रिया अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनती है।
             कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जैविक खाद को प्राथमिकता दिए जाने से रासायनिक खाद के उपयोग में कमी, किसानों के कृषि खर्च में बचत तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे कई सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस प्रकार लैलूंगा में जवाफूल की खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं बन रही है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ढैंचा बीज और अन्य कृषि आदानों से अधिक से अधिक किसानों को इस पद्धति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

*जीआई टैग की दिशा में भी आगे बढ़ रही पहल*

लैलूंगा का जवाफूल अपनी विशिष्ट सुगंध और गुणवत्ता के कारण क्षेत्र की विशेष पहचान बना रहा है। इसकी मांग रायपुर और अंबिकापुर सहित देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच रही है। जवाफूल को जीआई टैग दिलाने की दिशा में भी पहल आगे बढ़ रही है। नया रायपुर में आयोजित बैठक में लैलूंगा के किसानों ने जीआई टैग से संबंधित टीम के समक्ष जवाफूल की विशेषताओं और इसकी पारंपरिक खेती का प्रस्तुतिकरण किया था। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज भारत सरकार को भेजे जाने की प्रक्रिया की गई है।

*बेंगलुरु की टीम द्वारा लैलूंगा पहुंचकर किसानों के खेतों का करेंगे निरीक्षण*

जवाफूल की बढ़ती पहचान के बीच बेंगलुरु की टीम द्वारा लैलूंगा पहुंचकर किसानों के खेतों का निरीक्षण तथा सीधे खरीदी की संभावनाओं पर चर्चा किए जाने की तैयारी है। इससे स्थानीय किसानों को बड़े बाजारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

*डीएमएफ से लगातार मिल रहा सहयोग*

लैलूंगा में जवाफूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए डीएमएफ के माध्यम से पहले भी किसान समूहों को आर्थिक सहयोग दिया गया है। किसान समूहों को उपलब्ध कराई गई सहायता से जवाफूल की संगठित एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। जिला प्रशासन की पहल से लैलूंगा के पारंपरिक सुगंधित जवाफूल को नई पहचान देने के साथ स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार, बेहतर मूल्य और आय के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। इसके साथ ही जैविक खाद और हरी खाद के उपयोग से रासायनिक खाद पर होने वाले खर्च में बचत, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

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रायगढ़ लाईवलीहुड कॉलेज में आरपीएल के तहत निःशुल्क अल्पावधि प्रशिक्षण

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत आर.पी.एल. (रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग) के तहत रायगढ़ जिले के लाईवलीहुड कॉलेज में 30 घंटे (4 से 8 दिन) का निःशुल्क एवं गैर-आवासीय अल्पावधि प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में पहले से इलेक्ट्रिशियन, जल वितरण संचालक (प्लंबर), सोलर पी.व्ही. इंस्टालर (सूर्यमित्र) एवं जनरल ड्यूटी असिस्टेंट के रूप में कार्य कर रहे अथवा संबंधित कार्य का अनुभव रखने वाले 18 से 59 वर्ष के हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद हितग्राहियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण एवं प्रमाण पत्र प्राप्त करने के इच्छुक पात्र युवक-युवतियां लाईवलीहुड कॉलेज, केआईटी कॉलेज के पास, अग्रसेन आईटीआई के बगल में, उड़ीसा रोड, गढ़उमरिया, रायगढ़ में उपस्थित होकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन एवं अधिक जानकारी के लिए लाईवलीहुड कॉलेज रायगढ़ के संपर्क नंबर 9752593616, 9420166369 एवं 7067109343 पर संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक हितग्राही घर बैठे क्यूआर कोड के माध्यम से स्व-पंजीयन भी कर सकते हैं। क्यूआर कोड अथवा पंजीयन लिंक प्राप्त करने के लिए 8959719188 नंबर पर व्हाट्सअप के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।

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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदनों का 30 अगस्त तक करें निराकरण ,छात्रवृत्ति प्रक्रिया में तेजी लाने सहायक आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2026-27 की प्रगति एवं छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया की समीक्षा को लेकर आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री श्रीकांत दुबे द्वारा की गई। बैठक में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति प्रभारी उपस्थित रहे। इस दौरान नवीन एवं नवीनीकरण छात्रवृत्ति आवेदनों के निराकरण, दस्तावेज सत्यापन, आधार सीडिंग, बैंक खातों की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों सहित छात्रवृत्ति प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

*30 अगस्त तक स्वीकृति और 18 सितंबर तक भुगतान का लक्ष्य*

समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वर्ष 2026-27 के नवीन एवं नवीनीकरण आवेदनों को 30 अगस्त 2026 तक स्वीकृत किया जाना है, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि 18 सितंबर 2026 तक अंतरित की जा सके। जिले में छात्रवृत्ति के कम आवेदन प्राप्त होने के संबंध में शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों तथा छात्रवृत्ति प्रभारियों से जानकारी ली गई। महाविद्यालयों द्वारा बताया गया कि कई संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है तथा 14 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों द्वारा आवेदन किए जाने की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विगत वर्ष जिले में कुल 13,474 छात्रवृत्ति आवेदन स्वीकृति के लिए अपेक्षित थे, जबकि वर्तमान वर्ष में अभी तक शासकीय महाविद्यालयों से 23 तथा अशासकीय महाविद्यालयों से 391 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सहायक आयुक्त ने प्राप्त आवेदनों के आवश्यक दस्तावेज तत्काल मंगाकर उनका परीक्षण एवं नियमानुसार स्वीकृति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

*लंबित ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश*

बैठक में वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021 तक लंबित ऑडिट कंडिकाओं की भी समीक्षा की गई। जिन महाविद्यालयों से संबंधित विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति प्रकरणों में आपत्तियां लंबित हैं, उनका शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों एवं महाविद्यालय प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित आपत्तियों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित विद्यार्थियों के प्रकरणों को आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी प्राप्त कर जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। छात्रवृत्ति से जुड़े पुराने लंबित प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

*बैंक खाता बंद या आधार सीडिंग नहीं होने से लंबित 61 प्रकरणों का होगा निराकरण*

समीक्षा के दौरान ऐसे प्रकरणों पर भी चर्चा की गई, जिनमें विद्यार्थियों के बैंक खाते बंद होने, बैंक खाते से आधार लिंक अथवा आधार सीडिंग नहीं होने के कारण छात्रवृत्ति की राशि अंतरित नहीं हो सकी है। वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक ऐसे कुल 61 आवेदन लंबित पाए गए। सहायक आयुक्त ने संबंधित महाविद्यालयों को इन विद्यार्थियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनके बैंक खाते चालू कराने तथा बैंक खाते में आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को लंबित छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त हो सके। साथ ही वर्ष 2026-27 में प्राप्त छात्रवृत्ति आवेदनों का संस्था स्तर पर समयबद्ध सत्यापन करने तथा केवल आधार सीडिंग सक्रिय वाले पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों को ही स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए गए। अस्थायी प्रवेश वाले विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकृत नहीं करने के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए गए।
             सहायक आयुक्त ने सभी महाविद्यालयों को पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सत्यापन एवं स्वीकृति कार्य तीन दिवस के भीतर पूरा करने को कहा। उन्होंने छात्रवृत्ति प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं करने और पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए महाविद्यालय स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति प्रभारी उपस्थित रहे। आदिवासी विकास विभाग की ओर से श्रीमती धनेश्वरी सिदार, क्षेत्र संयोजक एवं छात्रवृत्ति प्रभारी तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर श्री राजेश डनसेना उपस्थित थे।

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संवाद से सुलझेंगे विवाद, देशभर में शुरू हुआ ‘मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ विवादों के समाधान के लिए न्यायालयों पर निर्भरता कम करने और पक्षकारों के बीच आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माननीय उच्चतम न्यायालय, भारत द्वारा देशभर में ‘मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान 1 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है और आगामी दिसंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित, सरल एवं कम खर्चीला समाधान उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही समाज में संवाद, आपसी समझ और सहमति के माध्यम से विवादों को समाप्त करने की संस्कृति को बढ़ावा देना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

*राजीनामा योग्य लंबित प्रकरणों के समाधान पर विशेष जोर*

‘मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित ऐसे प्रकरण, जिनमें कानूनन समझौते की संभावना है, उन्हें संबंधित पक्षकारों की सहमति से मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा। मध्यस्थता की प्रक्रिया के माध्यम से दोनों पक्षों को अपने विवाद पर आपसी बातचीत और सहमति से समाधान तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। मध्यस्थता में प्रशिक्षित एवं निष्पक्ष मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने में सहायता करते हैं। इसका उद्देश्य किसी एक पक्ष के पक्ष में निर्णय देना नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से ऐसा समाधान तलाशना है, जिसे वे स्वयं स्वीकार कर सकें।

*स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रिया, समय और धन दोनों की होगी बचत*

मध्यस्थता एक स्वैच्छिक, गोपनीय एवं सरल प्रक्रिया है। इसमें पक्षकारों को अपने विवाद को आपसी बातचीत के माध्यम से सुलझाने का अवसर मिलता है। मध्यस्थ दोनों पक्षों की बात सुनकर उनके बीच संवाद को सुगम बनाते हैं और संभावित समाधान तक पहुंचने में सहायता करते हैं। इस प्रक्रिया से पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा लंबे समय तक चलने वाले विवादों का शीघ्र समाधान संभव होता है। आपसी सहमति से विवाद का समाधान होने से पक्षकारों के बीच संबंधों को बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

*वैवाहिक विवाद से लेकर भूमि एवं व्यावसायिक मामलों तक होंगे शामिल*

अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के ऐसे प्रकरणों को शामिल किया जाएगा, जिनमें आपसी समझौते की संभावना हो। इनमें वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक बाउंस के मामले, समझौता योग्य आपराधिक प्रकरण, उपभोक्ता विवाद, कर्ज वसूली से संबंधित मामले, मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामले, व्यावसायिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, संपत्ति बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण, श्रम विवाद सहित अन्य दीवानी प्रकरण शामिल हैं। मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान होने पर पक्षकारों को लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया में समय और संसाधन खर्च करने से राहत मिल सकती है। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र प्रकरणों को चिन्हांकित कर पक्षकारों की सहमति से मध्यस्थता के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। ‘मीडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुलभ, त्वरित और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर 8 महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग, रेलवे बोर्ड चेयरमैन से सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने की मुलाकात

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ रायगढ़वासियों की वर्षों पुरानी मांग एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री सतीश कुमार से मुलाकात कर रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर विस्तृत चर्चा की।
            सांसद श्री सिंह ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन को सौंपे मांग-पत्र में पुणे हमसफर, वास्को डिगामा सहित 8 महत्वपूर्ण ट्रेनों का रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र है। बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए रायगढ़ से देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करते हैं। ऐसे में प्रमुख ट्रेनों के ठहराव से क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
             सांसद श्री सिंह ने कहा कि रायगढ़ का रेलवे से संबंध केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे क्षेत्र के विकास और जनसहयोग की ऐतिहासिक विरासत भी जुड़ी हुई है। रायगढ़ के विकास एवं रेल सुविधा के विस्तार के लिए क्षेत्र के पूर्वजों द्वारा अपनी भूमि तक दान किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज रायगढ़वासियों की रेल सुविधाओं से जुड़ी मांगों को प्राथमिकता मिलना जनहित की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रेलवे बोर्ड रायगढ़वासियों की इस महत्वपूर्ण मांग पर शीघ्र सकारात्मक एवं जनहितकारी निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की रेल सुविधाओं का विस्तार क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को और गति प्रदान करेगा। इस अवसर पर सांसद श्री सिंह ने सांसद श्री जगदंबिका पाल से भी सौजन्य भेंट की। इस दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा एवं विचार-विमर्श हुआ। सांसद श्री सिंह ने कहा कि रायगढ़ की सुविधा और रायगढ़ का विकास उनकी प्राथमिकता है तथा क्षेत्रवासियों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विषयों को वे निरंतर संसद एवं संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाते रहेंगे।

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जल जीवन मिशन के कार्यों में लाएं तेजी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई-कलेक्टर ,ठेकेदार मेसर्स आदिशक्ति इंटरप्राइजेस के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के दिए निर्देश

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, पूर्ण हो चुकी योजनाओं तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के कार्यों को शासन की प्राथमिकता बताते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं को पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रतिभा नवरतन, सहायक अभियंता, उप अभियंता सहित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
             कलेक्टर ने समूह नल जल योजनाओं के लंबित कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सके। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के कार्यों में रुचि नहीं लेने तथा लंबे समय से कार्य बंद रखकर योजनाओं की प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाले ठेकेदार मेसर्स आदिशक्ति इंटरप्राइजेस, रायगढ़ के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की लगातार निगरानी करने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से सुरक्षित एवं नियमित पेयजल पहुंचाना है। इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समय-सीमा और निर्धारित तकनीकी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

*जल जीवन मिशन 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा*

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की अद्यतन प्रगति एवं उनकी वास्तविक जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सीआईआरपी, एसएनए स्पर्श  के माध्यम से पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान, फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन तथा जिले को हर घर जल जिला बनाने के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से ग्रामवार प्रगति की जानकारी लेते हुए पूर्ण योजनाओं वाले ग्रामों को प्राथमिकता के साथ हर घर जल की श्रेणी में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सोलर आधारित नल-जल प्रदाय योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने, पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं भविष्य में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रिचार्जिंग स्ट्रक्चर के निर्माण, जल अर्पण दिवस आयोजित करने तथा पीएम गति शक्ति पोर्टल में केएमएल फाइल अपलोड करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

*पूर्ण योजनाओं वाले गांवों को सर्वोच्च प्राथमिकता, वोल्टेज की समस्या का शीघ्र समाधान*

कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्रामों में नल-जल प्रदाय योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, वहां हर घर जल सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी ग्रामों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उन ग्रामों की भी जानकारी लेने को कहा जहां नल-जल योजनाओं के संचालन में लगातार कम वोल्टेज अथवा विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्या आ रही है। कलेक्टर ने ऐसे ग्रामों की सूची तैयार कर संबंधित विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए समस्या का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के पूर्ण होने के बावजूद ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
              कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के प्रत्येक कार्य की नियमित समीक्षा और सतत मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित मानकों, गुणवत्ता एवं समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित मैदानी निरीक्षण और आवश्यकतानुसार प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें, ताकि जिले के अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित, नियमित एवं सुचारू नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित ,घरघोड़ा विकासखण्ड को 2 अक्टूबर तक क्षय मुक्त घोषित करने की दिशा में बनाई गई कार्ययोजना

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय टीबी मुक्त भारत समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में क्षय रोग उन्मूलन के लिए संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जिले से चयनित विकासखण्ड घरघोड़ा को 2 अक्टूबर 2026 तक क्षय मुक्त विकासखण्ड घोषित करने के लक्ष्य को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई।
           कलेक्टर ने टीबी उन्मूलन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने तथा अभियान की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्षित आबादी की स्क्रीनिंग, संभावित टीबी मरीजों की पहचान, आवश्यक जांच एवं उपचार की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में क्षय रोग उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में चर्चा की गई। जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जयकुमारी चौधरी ने जिले में टीबी नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए संचालित गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
           राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार विकासखण्ड घरघोड़ा के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चार हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन स्थापित कर क्षेत्र की समस्त आबादी की स्क्रीनिंग एवं एक्स-रे जांच किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। एक्स-रे में किसी प्रकार की असामान्यता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति की आवश्यक जांच नियमानुसार निःशुल्क कराते हुए उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुश्री रंजना पैकरा, टीबी मुक्त भारत अभियान के समस्त नोडल अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला श्रम अधिकारी, जिला युवा अधिकारी, एनसीसी समूह/यूनिट कमांडर रायगढ़ तथा मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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पथरीली पहाड़ियों को हराभरा बनाने रायगढ़ वन विभाग की अभिनव पहल,खरसिया के बोतल्दा में 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 5 हजार पौधों का प्रायोगिक रोपण,

रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ खरसिया वन परिक्षेत्र के बोतल्दा स्थित पथरीले और खाली पहाड़ी क्षेत्र को हराभरा बनाने की दिशा में रायगढ़ वन विभाग द्वारा अभिनव पहल की गई है। वन विभाग ने बोतल्दा के कक्ष क्रमांक 1147 में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रायोगिक वृक्षारोपण शुरू किया है। इस पहल के तहत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्थल की प्रकृति के अनुरूप वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करते हुए करीब 5 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। यह कार्य प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय के निर्देशन तथा मुख्य वन संरक्षक श्री मनोज कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
           पथरीली पहाड़ियों पर पौधों के रोपण और उनके संरक्षण के लिए स्थल की प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष उपाय किए गए हैं। ढलान वाले क्षेत्रों में वर्षाजल के बहाव को नियंत्रित करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और नमी बनाए रखने के लिए कंटूर रेखाओं के अनुरूप पत्थरों की मेड़ें तैयार की गई हैं। वहीं चट्टानों की दरारों और प्राकृतिक गड्ढों का उपयोग पौधरोपण के लिए किया जा रहा है। जहां चट्टानों के कारण मृदा की उपलब्धता बेहद कम है, वहां विशेष तकनीक अपनाते हुए चट्टानों के बीच टिन का घेरा तैयार कर उसमें उपयुक्त मृदा भरकर पौधों का रोपण किया जा रहा है। इससे पौधों की जड़ों को विकसित होने के लिए आवश्यक मृदा उपलब्ध हो रही है। इस प्रकार कठिन एवं अनुपयुक्त माने जाने वाले पथरीले स्थलों को भी पौधरोपण के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

*स्थल के अनुरूप मिश्रित प्रजातियों का रोपण*

प्रायोगिक रोपण के अंतर्गत पीपल, हल्दू, नीम, कुसुम, बरगद, करंज और कुल्लू सहित विभिन्न स्थल-अनुकूल प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। जैव विविधता और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मिश्रित प्रजातियों का चयन किया गया है। खुले एवं दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगाए गए पौधों को पशुओं से सुरक्षित रखने के लिए फेंसिंग की गई है। पौधों को प्रारंभिक अवस्था में मजबूती प्रदान करने के लिए बाँस स्टेकिंग की व्यवस्था भी की गई है। पौधों की स्थापना के बाद उनके संरक्षण और बेहतर वृद्धि पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर निंदाई-गुड़ाई, आवश्यकतानुसार सिंचाई तथा कीट एवं रोग नियंत्रण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। वन अमले द्वारा रोपित पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।

*निरीक्षण के दौरान पीसीसीएफ ने किया पौधरोपण*

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर रोपण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता, पौधों की स्थिति और प्रगति की समीक्षा की जा रही है। स्थानीय वन अमला भी स्थल की निगरानी और पौधों के संरक्षण में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है। स्थल निरीक्षण के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत स्वयं पौधा रोपित किया। उन्होंने प्रायोगिक रोपण की कार्यप्रणाली और पौधों के संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों का अवलोकन भी किया। वन विभाग का यह प्रयोग कठिन एवं पथरीले भू-भाग में हरित आवरण विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि प्रयोग के अपेक्षित सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं, तो इसी तरह की तकनीकों को प्रदेश के अन्य पथरीले एवं दुर्गम वन क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकेगा। इससे ऐसे क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने, मृदा एवं जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पारिस्थितिकी को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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ओडिशा से पूंजीपथरा पहुंचाया जा रहा था 24 टन अवैध स्क्रैप, नाकेबंदी कर पुलिस ने ट्रक दबोचा

रायगढ़, 10 अगस्त 2026। अवैध कबाड़ के परिवहन और कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान करीब 24 टन अवैध स्क्रैप से लदे 14 चक्का ट्रक को पकड़ा। जब्त कबाड़ की अनुमानित कीमत ₹7.55 लाख तथा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक की कीमत ₹10 लाख बताई गई है। इस तरह पुलिस ने कुल ₹17.55 लाख की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त को थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक 14 चक्का ट्रक में अवैध रूप से स्क्रैप लोड कर पूंजीपथरा की ओर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को रवाना किया गया और गेरवानी मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई।

इसी दौरान RJ05GB2229 नंबर के 14 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। चालक ने पूछताछ में अपना नाम नेमीचंद मीणा (46), निवासी रामपुरिया, थाना इटावा, जिला कोटा, राजस्थान बताया। ट्रक की जांच करने पर उसमें बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के टिन एवं लोहे के टुकड़ों का स्क्रैप मिला।

पुलिस ने चालक से कबाड़ के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। पूछताछ में चालक ने बताया कि उक्त कबाड़ ओडिशा से लोड कर पूंजीपथरा स्थित प्लांट में खपाने के लिए लाया जा रहा था।

पुलिस ने ट्रक में लदे करीब 24 टन स्क्रैप, कीमत ₹7,55,000, तथा परिवहन में प्रयुक्त 14 चक्का ट्रक, कीमत ₹10,00,000, कुल ₹17,55,000 की संपत्ति जब्त कर आरोपी नेमीचंद मीणा के विरुद्ध थाना पूंजीपथरा में धारा 35(क)(ड) BNSS एवं धारा 303(2) BNS के तहत कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, प्रधान आरक्षक राज कुमार पैकरा, आरक्षक नरेन्द्र पैंकरा, सुरेन्द्र यादव एवं विनय तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का स्पष्ट संदेश

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि अवैध कबाड़ के परिवहन और कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के साथ-साथ ऐसे परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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