ताजा खबरें


बड़ी खबर

रायगढ़ प्रशासन की अनूठी पहल: नया तालाब गहरीकरण स्थल बना स्वच्छता का पाठशाला, अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की दी गई विस्तृत जानकारी

रायगढ़, 13 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं सीईओ जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में विकासखण्ड खरसिया के ग्राम पंचायत ठुसेकेला (गोरपार) स्थित नया तालाब गहरीकरण कार्य स्थल पर वीबी-जीरामजी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), रायगढ़ तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ के सहयोग से आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों एवं श्रमिकों को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना था। 
            अभियान के दौरान कार्यस्थल पर उपस्थित ग्रामीणों, श्रमिकों एवं जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता के महत्व, कचरे के उचित निपटान तथा ग्राम स्तर पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।

*स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण एवं प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर दिया गया विशेष जोर*
जनजागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने से अपशिष्ट प्रबंधन अधिक प्रभावी बनता है तथा पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों एवं उसके सुरक्षित संग्रहण तथा निस्तारण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। 
            कार्यक्रम में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि यदि प्रत्येक परिवार स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करे और कचरे को निर्धारित स्थान पर ही दे, तो गांव में गंदगी, जल प्रदूषण एवं विभिन्न संक्रामक बीमारियों की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस अवसर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए लोगों को इनके पालन के लिए प्रेरित किया गया।

*स्वच्छ एवं सतत ग्राम निर्माण के लिए जनभागीदारी को बताया गया आवश्यक*
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ एवं विकसित गांव का निर्माण तभी संभव है जब ग्रामीण समुदाय स्वयं स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाए। नया तालाब गहरीकरण कार्य स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त गांव तथा सतत विकास की अवधारणा से भी अवगत कराया गया। ग्रामीणों एवं श्रमिकों ने स्वच्छता संबंधी संदेशों को गंभीरता से सुना और अपने दैनिक जीवन में उन्हें अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर अपनाई जाने वाली जीवनशैली है। जिला प्रशासन एवं जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), रायगढ़ द्वारा संचालित इस पहल से क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित हो रहा है तथा ग्रामीणों में जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन की भावना को बल मिल रहा है।

और भी

डीएमएफ के 12.14 करोड़ से रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: 7 नई सड़कें, आदिवासी अंचलों में पहुंचेगी सौर ऊर्जा, विकास को मिलेगी रफ्तार

रायगढ़, 13 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा आदिवासी, ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के मार्गदर्शन में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के तहत जिले में सड़क, नवीकरणीय ऊर्जा एवं बुनियादी अधोसंरचना से जुड़ी 12 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास को नई गति मिलेगी तथा हजारों ग्रामीणों को बेहतर आवागमन, ऊर्जा एवं मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। 
           जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। परिषद ने सभी स्वीकृत परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 के भीतर पूर्ण करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।

*ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आधार*

ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए जिले में सात महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है। धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत कटाईपाली सी से पुसल्दा पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 48 लाख 80 हजार रुपये, औरानारा से वृन्दावन पहुंच मार्ग (भाग-1) के लिए 1 करोड़ 20 लाख 48 हजार रुपये तथा भाग-2 के लिए 1 करोड़ 86 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लैलूंगा विकासखंड अंतर्गत सुबरा से कटकलिया (पार्ट-1) मार्ग निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 11 लाख 53 हजार रुपये तथा राजपुर मंडी से पुटुुपारा होते हुए बथानपारा तक मार्ग निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 64 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
           इसी प्रकार तमनार विकासखंड में बनई से चारभांठा मार्ग निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपये तथा चिर्रामुड़ा से बनाई मार्ग निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ 99 लाख 78 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन सड़क परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, आवागमन में सुगमता आएगी तथा कृषि उपज, वनोपज एवं अन्य उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी बेहतर होगी। 

*जनजातीय परिवारों तक पहुंचेगी स्वच्छ ऊर्जा*

विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम गिधकालो के मजराटोला ऊपर सलखेता में निवासरत पहाड़ी कोरवा एवं अन्य परिवारों के यहां 108 सोलर होम लाइट संयंत्रों की स्थापना हेतु 69 लाख 67 हजार 944 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
         इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत धरमजयगढ़ ब्लॉक के खदान प्रभावित ग्राम कुम्हीचुआ (चिखलापानी, बिरहोर मोहल्ला) में 27 मकानों पर सोलर रूफटॉप ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन कार्य के लिए 13 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की पहुंच बढ़ेगी तथा परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी।

*पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस*

जिला प्रशासन ने सभी कार्य एजेंसियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक कार्यस्थल पर योजना की जानकारी प्रदर्शित करने के लिए स्थायी सूचना फलक लगाया जाएगा। कार्य प्रारंभ होने से लेकर पूर्णता तक विभिन्न चरणों में फोटोग्राफी, भौतिक सत्यापन तथा मासिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों में ही किया जाएगा। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, स्वीकृति से अधिक व्यय अथवा निर्माण गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

*विकास की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त*

डीएमएफ के माध्यम से स्वीकृत ये परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के लिए विकास के नए अवसरों का द्वार खोलने वाली पहल हैं। सड़क, ऊर्जा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से इन क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार होगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

और भी

रायगढ़ के गरीब मेधावी छात्रों के लिए खुशखबरी! DMFT की ‘खनिज ज्योति योजना’ से IIT, AIIMS, IIM समेत देश के बड़े संस्थानों में पढ़ाई का सपना होगा साकार

*रायगढ़:* छत्तीसगढ़ राज्य के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के प्रति कटिबद्ध प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा राज्य के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी की विशेष पहल एवं उनके जन-कल्याणकारी विजन के फलस्वरूप, रायगढ़ जिले में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। शिक्षा को अंतिम छोर तक पहुँचाने के इसी ध्येय के साथ, खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर (BPL) तथा प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT), रायगढ़ द्वारा "खनिज ज्योति योजना" का शुभारंभ किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी भी खनन प्रभावित प्रतिभावान छात्र की उच्च शिक्षा बाधित न हो।
इस योजना के तहत चयनित मेधावी विद्यार्थियों को देश एवं राज्य के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में नियमित स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), इंजीनियरिंग, मेडिकल (MBBS/BAMS), विधि (Law), प्रबंधन (MBA), डिप्लोमा एवं अन्य कृषि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए कुल 20 स्वीकृत सीटों (सीमित) के लिए ही संचालित है।

*योजना हेतु प्रमुख पात्रता (Eligibility Criteria):*
• आवेदक अनिवार्य रूप से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित घोषित ग्रामों या नगरीय निकायों का स्थायी निवासी होना चाहिए।
• आवेदक के परिवार का नाम राज्य शासन की चालू बी.पी.एल. (BPL) अथवा अंत्योदय सूची में दर्ज होना चाहिए और उनके पास वैध राशन कार्ड उपलब्ध होना अनिवार्य है।
• कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अनारक्षित एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 55% अंक होने अनिवार्य हैं। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं दिव्यांग (PwD) वर्ग के लिए न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य हैं।
• आवेदन की तिथि को छात्र/छात्रा की अधिकतम आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
• आवेदक केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान बड़ी छात्रवृत्ति योजना का लाभ न ले रहा हो, जिसके लिए एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।
*पारदर्शी चयन प्रक्रिया (Selection Process):* यदि 20 स्वीकृत सीटों से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो वरीयता सह मेरिट सूचकांक (Merit-cum-Preference Index) के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी:
• चयन में प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित (Directly Affected) क्षेत्रों के आवेदकों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। सीटें रिक्त रहने पर ही अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित आवेदकों पर विचार किया जाएगा।
• राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं (जैसे JEE, NEET, CLAT आदि) के माध्यम से IITs, NITs, AIIMS, IIMs या केंद्रीय विश्वविद्यालयों जैसे शीर्ष राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को उच्च वरीयता दी जाएगी।
• स्थिति समान होने पर क्रमशः कक्षा 12वीं के अंकों की मेरिट, परिवार की न्यूनतम आय तथा अनाथ, एकल माता-पिता या विशेष रूप से दिव्यांग (PWD) छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
*आवेदन की प्रक्रिया एवं अंतिम तिथि:* योग्य एवं इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन प्रारूप रायगढ़ जिले की आधिकारिक वेबसाइट (www.raigarh.gov.in) से डाउनलोड कर या कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 30 जुलाई 2026 तक जमा किए जा सकेंगे।
आवेदन जमा करने का स्थान: कक्ष क्रमांक-93, DMFT शाखा, कलेक्ट्रेट कार्यालय, रायगढ़ (छ.ग.) है। अपूर्ण, अस्पष्ट, कूट-रचित (Fake) या नियत तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों को निरस्त कर दिया जाएगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय पर हेल्पलाइन नंबर 9770989049 पर संपर्क किया जा सकता है।

*शिक्षित युवा - सशक्त समाज, समृद्ध एवं उन्नत रायगढ़*

जिला प्रशासन, रायगढ़ (छत्तीसगढ़)

टच फॉर पीडीएफ

और भी

शिक्षा विभाग में डिजिटल अनुशासन का नया दौर, 16 जून से ऑनलाइन हाजिरी और ई-लीव अनिवार्य; नियम तोड़े तो जून का वेतन अटकेगा,अब कागजी छुट्टी आवेदन नहीं होंगे स्वीकार

रायपुर, 12 जून 2026/ छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में अब ढर्रे पर काम नहीं चलेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) और ऑनलाइन अवकाश (छुट्टी) आवेदन व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, आगामी 16 जून 2026 से सभी के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य होगी। नियमों की अनदेखी करने पर जून महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।

स्कूलों के लिए VSK App और कार्यालयों के लिए AEBAS अनिवार्य

शासन ने विभाग के हर स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए दो अलग-अलग डिजिटल माध्यम तय किए हैं। शासकीय विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (टैज्ञ) द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के तहत कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और बाबुओं को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS)के जरिए अपनी हाजिरी लगानी होगी।

हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं

          यदि 16 जून से किसी भी कर्मचारी की उपस्थिति VSK App या बायोमेट्रिक प्रणाली में दर्ज नहीं पाई जाती है, तो उसकी उपस्थिति को शून्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी का जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDOs) की होगी।

ऑफलाइन छुट्टी पर पूर्ण प्रतिबंध, मनमर्जी करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

        संचालनालय ने साफ किया है कि शिक्षा विभाग के कर्मियों के अवकाश आवेदन और उसकी स्वीकृति के लिए 'HRMIS पोर्टल' की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर अब भी ऑफलाइन (कागज पर) आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब ऑफलाइन अवकाश आवेदनों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। अब सभी प्रकार की छुट्टियां केवल ऑनलाइन माध्यम से ही ली और मंजूर की जा सकेंगी। यदि किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन स्वीकार या मंजूर किया, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

         लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों (JDs), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और आहरण व संवितरण अधिकारियों (DDOs) को पत्र जारी कर इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस नई व्यवस्था से विभाग में लेटलतीफी और बिना सूचना गायब रहने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से लगाम कसने की उम्मीद है।

और भी

महादेवडांड में विधायक गोमती साय का जनसंपर्क अभियान, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से मिलकर जानी योजनाओं की जमीनी हकीकत

नारायणपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन, विकास और जनकल्याण के 12 सफल वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत महादेवडांड मंडल के ग्राम पंचायत घुघरी के डेल डब्बा में व्यापक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्र की विधायक ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी साझा की तथा उनके क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया।

कार्यक्रम में विधायक गोमती साय ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लाभों पर चर्चा की। ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर उन्होंने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्राम पंचायत कुर्रोग के चांदनी समूह, मिनी समूह, नेहा समूह, गांधी समूह और खुशी समूह की महिलाओं से विशेष मुलाकात की गई। समूह से जुड़ी विजय गंगा, जयंती महंत, रामपति बाई सहित अनेक महिलाओं ने शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

महिलाओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं और समूह आधारित गतिविधियों के माध्यम से उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी है। उन्होंने कहा कि आज वे आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं तथा अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

विधायक गोमती साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और अंत्योदय के संकल्प को नई ऊर्जा मिली है। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

जनसंपर्क अभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और विकसित भारत के निर्माण में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

और भी

स्वनिधि महोत्सव में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को 50 हजार तक ऋण देने की योजना पर मिला जोर

जशपुरनगर। शहर के पथ विक्रेताओं, रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों और छोटे स्वरोजगारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से नगरपालिका परिषद जशपुर द्वारा प्रधानमंत्री पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत भव्य स्वनिधि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राहियों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की और आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल का लाभ उठाने का संकल्प लिया।

महोत्सव में अधिकारियों ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना शहरी क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले पथ विक्रेताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत पहले चरण में 15 हजार रुपये, दूसरे चरण में 30 हजार रुपये तथा तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है, जिससे उनके कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

डिजिटल लेन-देन से बढ़ेगी आय और साख

कार्यक्रम में हितग्राहियों को डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वाले लाभार्थियों को ब्याज अनुदान सहित विभिन्न प्रोत्साहन लाभ मिलते हैं। इससे न केवल उनकी वित्तीय साख मजबूत होती है बल्कि भविष्य में ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है।

नगरपालिका परिषद के अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों और पथ विक्रेताओं को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।

स्वनिधि महोत्सव के दौरान हितग्राहियों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ऋण वितरण एवं डिजिटल भुगतान के लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। नगरपालिका परिषद ने स्पष्ट किया कि अधिक से अधिक पात्र पथ विक्रेताओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित न रहे।

और भी

जशपुर में मुंडा समाज की बड़ी बैठक ! हजारों लोगों की  जुटान के बीच शंकर राम बरला फिर बने प्रदेश अध्यक्ष, सामाजिक भवन और बिरसा मुंडा स्टेडियम को लेकर मंच से हुई बड़ी घोषणाएं

जशपुर, 12 जून। भागलपुर स्थित बीटीआई ग्राउंड शुक्रवार को मुंडा समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और संगठनात्मक ताकत का केंद्र बन गया। भारत मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय मुंडा समाज सम्मेलन सह युवा सम्मेलन में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि संख्या भले कम हो, लेकिन संगठन और एकता के मामले में मुंडा समाज किसी से पीछे नहीं है।

सम्मेलन की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव तथा झारखंड, पश्चिम बंगाल और जशपुर से पहुंचे समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों का पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।

प्रदेश अध्यक्ष शंकर राम बरला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुंडा समाज की आबादी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन समाज की एकता और सामाजिक चेतना उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और गांव-गांव में संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में समाज का प्रदेश कार्यालय भागलपुर बरटोली चांगों बस्ती में एक छोटे खपरैल भवन से संचालित हो रहा है, जबकि समाज लंबे समय से एक स्थायी सामाजिक भवन की मांग कर रहा है।

शंकर राम बरला ने बताया कि सामाजिक भवन निर्माण के लिए जमीन आवंटन का आवेदन प्रशासन को सौंपा जा चुका है, जो अंतिम प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने पर सांसद द्वारा 11 लाख रुपए और विधायक रायमुनि भगत द्वारा 10 लाख रुपए भवन निर्माण के लिए देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण मांग को शीघ्र पूरा कराने में सहयोग की अपील की।

बिरसा मुंडा स्टेडियम बनाने की घोषणा ,सामाजिक भवन की मांग को भी मिला समर्थन

सम्मेलन को संबोधित करते हुए यश प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि राजपरिवार और मुंडा समाज का संबंध कई पीढ़ियों पुराना है। समाज की समस्याओं के समाधान और उसके विकास के लिए वे हमेशा सहयोग करते रहेंगे। वहीं भारत मुंडा समाज झारखंड की राष्ट्रीय महासचिव नूतन पहान ने समाज की महिलाओं से शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।

मुख्य अतिथि अरविंद भगत ने अपने संबोधन में मुंडा समाज की सामाजिक भवन की मांग को जायज बताते हुए कहा कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बीटीआई ग्राउंड के आसपास बड़ी संख्या में मुंडा जनजाति के लोग निवास करते हैं, इसलिए वे इस मैदान का नामकरण "भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम" के रूप में कराने का प्रयास करेंगे। उनकी इस घोषणा के बाद पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी और समाजजनों ने खड़े होकर स्वागत किया।

सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में भारत मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई की गतिविधियों और संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा भी की गई। समीक्षा में पाया गया कि संगठन सामाजिक एकता और समाजहित के मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। जमीन आवंटन सहित विभिन्न मांगों को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी का नवीनीकरण करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

पुरानी टीम पर फिर भरोसा, शंकर राम बरला को दोबारा मिली कमान

सम्मेलन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भारत मुंडा समाज छत्तीसगढ़ इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन प्रमुख रहा। सर्वसम्मति से शंकर राम बरला को पुनः प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा मुनेश्वर बघेल को महासचिव, मुक्तेश्वर इंदवार एवं अरविंद मुंडा को उपाध्यक्ष, किसुन बरला को संगठन सचिव, महेंद्र बरला को कोषाध्यक्ष तथा प्रकाश मुंडा को कार्यालय सचिव नियुक्त किया गया। युवा समिति के अध्यक्ष के रूप में लेलेंद्र प्रधान तथा महिला समिति की अध्यक्ष के रूप में अनीता बरला को जिम्मेदारी सौंपी गई।

दिनभर चले इस सम्मेलन में सामाजिक एकता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। चार राज्यों से पहुंचे हजारों समाजजनों की मौजूदगी, सामाजिक भवन और बिरसा मुंडा स्टेडियम को लेकर हुई महत्वपूर्ण घोषणाओं तथा संगठन के पुनर्गठन के साथ यह सम्मेलन जशपुर जिले में मुंडा समाज के सबसे बड़े और प्रभावशाली आयोजनों में दर्ज हो गया। समाज के लोगों का मानना है कि सम्मेलन में लिए गए निर्णय आने वाले वर्षों में मुंडा समाज को नई दिशा और नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

और भी

दो साल से फरार ‘सन्नी सरदार’ आखिरकार पुलिस के शिकंजे में, हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में ऑपरेशन क्लीन हंट की बड़ी कामयाबी, साथी पहले ही पा चुके हैं 10-10 साल की सजा

रायगढ़, 12 जून 2026। रायगढ़ पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत सिटी कोतवाली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में लगभग दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार, मूलतः पंजाब के अमृतसर जिले का निवासी है और रायगढ़ में रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में रह रहा था। मामले में उसके अन्य साथियों के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है तथा सह-आरोपियों को न्यायालय द्वारा सजा भी सुनाई जा चुकी है। फरार रहने के कारण उसके विरुद्ध अलग से फरारी का चालान भी प्रस्तुत किया गया था।

आग ताप रहे युवकों पर हुआ था जानलेवा हमला

घटना 7 दिसंबर 2024 की रात की है, जब साहिल ठाकुर अपने मित्रों अनुज गुप्ता, आकिब खान और संगम देहरी के साथ पोस्ट ऑफिस के पीछे स्थित जिम के सामने आग ताप रहा था। इसी दौरान स्विफ्ट डिजायर कार में पहुंचे आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए साहिल ठाकुर पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर दिया।

हमले में साहिल ठाकुर के सिर, चेहरे, जबड़े, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। उसका दांत टूट गया और जबड़ा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे अमन सिंह ठाकुर को भी लोहे की रॉड से पीटकर घायल कर दिया गया।

गंभीर रूप से घायल साहिल ठाकुर को रायगढ़ जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, जिंदल अस्पताल और अपेक्स अस्पताल से होते हुए रायपुर के बालाजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार किया गया।

पुलिस जांच में जुटे अहम सबूत

मामले की शिकायत मिलने पर सिटी कोतवाली थाना में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से रक्तरंजित मिट्टी, सादी मिट्टी तथा घायल का खून से सना फटा हुआ हुडी जब्त किया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड, लकड़ी एवं बांस के डंडे तथा स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद की थी।

सह-आरोपियों को मिल चुकी है सजा

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने 30 अक्टूबर 2025 को आरोपी राज बरेठ को हत्या के प्रयास के अपराध में 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा अर्थदंड से दंडित किया था। वहीं एक अन्य आरोपी को बलवा के अपराध में चार वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से संदीप सिंह उर्फ सन्नी सरदार गिरफ्तारी के डर से लगातार फरार चल रहा था।

मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया आरोपी

कोतवाली पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत आरोपी की तलाश तेज कर दी थी। थाना प्रभारी के निर्देशन में सक्रिय किए गए मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा बरामद किया गया।

एसएसपी का सख्त संदेश

रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कानून से बचने का हर प्रयास विफल किया जाएगा और ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, सहायक उप निरीक्षक गौतम ठाकुर और कोतवाली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

और भी

फेसबुक पर दोबारा हुई दोस्ती बनी ब्लैकमेलिंग का जाल, शादीशुदा महिला से 35 लाख रुपये की वसूली; दुष्कर्म और एक्सटॉर्शन के आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायगढ़, 12 जून। सोशल मीडिया के माध्यम से हुई पहचान का गलत फायदा उठाकर एक विवाहित महिला का वर्षों तक शारीरिक और आर्थिक शोषण करने वाले आरोपी को महिला थाना रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला को अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल करता रहा तथा उससे लाखों रुपये की अवैध वसूली करता रहा। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतरारोड़ थाना क्षेत्र की 33 वर्षीय महिला ने महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम बंजारी निवासी अनिल ईजारदार उसे लंबे समय से धमकाकर शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत महिला थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह आरोपी को हाईस्कूल के समय से जानती थी। वर्ष 2013 में उसकी शादी हो गई थी। वर्ष 2019 में आरोपी ने फेसबुक के माध्यम से फिर संपर्क किया और दोनों के बीच मोबाइल व व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हो गई।

महिला के अनुसार 25 दिसंबर 2020 को वह चंद्रपुर बस स्टैंड में अपने ससुराल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और वाहन से छोड़ने की बात कहकर उसे अपनी कार में बैठा लिया। आरोप है कि आरोपी उसे गांव के पास खेत की ओर ले गया, जहां कार के भीतर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और चोरी-छिपे उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया।

इसके बाद आरोपी ने वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बदनामी के डर से महिला आरोपी के दबाव में रही। इस दौरान आरोपी ने धमकी देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए और लगातार पैसों की मांग करता रहा। पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2020 से मई 2026 तक आरोपी ने उससे नगदी और जेवरात सहित करीब 35 लाख रुपये की अवैध वसूली की।

महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि लगातार प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से वह मानसिक रूप से इतनी परेशान हो चुकी थी कि उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे थे। आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस की शरण ली और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई।

महिला की रिपोर्ट पर महिला थाना रायगढ़ में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। इसके बाद महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और देर रात सारंगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारी में दबिश देकर आरोपी अनिल ईजारदार (32 वर्ष) को हिरासत में ले लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार क्रमांक CG 13 Y 8772 तथा आईक्यू कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में महिला थाना की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, संदीप भगत तथा आरक्षक राज सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा है कि यदि सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से कोई व्यक्ति डराकर, धमकाकर, ब्लैकमेल कर शारीरिक अथवा आर्थिक शोषण करता है तो महिलाएं बिना भय के तत्काल पुलिस से संपर्क करें। रायगढ़ पुलिस हर पीड़िता को संवेदनशीलता के साथ सहायता और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

और भी

रायगढ़ पुलिस अब वैज्ञानिक जांच में होगी और भी हाईटेक! कंट्रोल रूम में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों और जवानों को मिला फिंगरप्रिंट, NAFIS और आईरिस स्कैनिंग का विशेष प्रशिक्षण, डीएसपी विद्या जौहर ने सिखाईं आधुनिक अनुसंधान तकनीकें

     *12 जून, रायगढ़* । पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के दिशा-निर्देशन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर आज पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों एवं जिले के सभी थानों से चयनित एक-एक पुलिसकर्मियों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराध अनुसंधान से जुड़ी आधुनिक तकनीकों एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की विधियों में दक्ष बनाना था।

         प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को थानों में घटित अपराधों से संबंधित घटनास्थल निरीक्षण की बारीकियों, फिंगरप्रिंट लेने की वैज्ञानिक पद्धति, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के तरीके, मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के प्रभावी उपयोग, राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) में आरोपियों की जानकारी की सही एंट्री तथा एमसीयू (MCU) के माध्यम से आरोपियों के आईरिस एवं फोटोग्राफ लेने की विधि की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

          इस प्रशिक्षण के लिए संभागीय अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ एवं उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती विद्या जौहर तथा उनकी टीम विशेष रूप से रायगढ़ पहुंची। डीएसपी जौहर द्वारा मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग का व्यवहारिक प्रदर्शन करते हुए एक-एक प्रशिक्षणार्थी को डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी दी गई।

        प्रशिक्षण टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के सर्च स्लिप (फिंगरप्रिंट) लेने की प्रक्रिया, उसके तकनीकी मानकों तथा एनएएफआईएस डाटाबेस में आरोपियों के डाटा की त्रुटिरहित एंट्री करने के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एमसीयू के माध्यम से आरोपियों के आईरिस एवं फोटोग्राफ संग्रहण की सही प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

      उक्त प्रशिक्षण शिविर में जिला अपराध अभिलेख शाखा (DCRB) प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संदीप गायकवाड़, नेफिस यूजर प्रभात प्रधान तथा फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट सुबोध सागर एवं दिलीप लकड़ा भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

     *"अपराधों के वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी दक्षता से ही गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जा सकती है। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आधुनिक जांच तकनीकों में दक्ष बनाना हमारी प्राथमिकता है।"*

और भी

पंचायत सचिव पर गिरी निलंबन की गाज: आपराधिक मामला दर्ज होते ही जिला पंचायत सीईओ का बड़ा एक्शन, तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाया गया

रायगढ़, 12 जून 2026/ ग्राम पंचायत मिरीगुड़ा के पंचायत सचिव भीचरण पटेल के खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद सीईओ जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
            कार्यालय जिला पंचायत रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत सचिव श्री पटेल के विरूद्ध थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 159/26 के तहत धारा 318(4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ एवं थाना पुसौर से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन को मिली, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत पंचायत सचिव भीचरण पटेल को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। प्रशासन ने निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत धरमजयगढ़ निर्धारित किया है। मामले की आगे की जांच एवं कानूनी प्रक्रिया जारी है।

और भी

स्कूल खुलने से पहले शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी! प्रवेश उत्सव, FLN मिशन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए प्रधान पाठकों का मंथन, हर स्कूल को मिला लक्ष्य आधारित रोडमैप

रायगढ़, 12 जून 2026। जिला  प्रशासन के निर्देश पर नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के सफल संचालन, शाला खुलने की पूर्व तैयारियों, प्रवेश उत्सव के प्रभावी आयोजन तथा विद्यार्थियों में आधारभूत अधिगम दक्षताओं के विकास को लेकर विकासखंड शिक्षा कार्यालय रायगढ़ द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों की दो दिवसीय बैठक का आयोजन 11 एवं 12 जून को साधुराम विद्या मंदिर, जोरापाली में किया गया।
 बैठक में विकासखंड की सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों ने भाग लेते हुए आगामी शिक्षा सत्र की तैयारियों एवं विभागीय प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। बैठक में विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विद्यालय भवनों की मरम्मत, शौचालयों की स्वच्छता एवं कार्यशीलता, पेयजल उपलब्धता, किचन शेड की स्थिति, विद्युत व्यवस्था, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, वृक्षारोपण, पाठ्यपुस्तक वितरण, विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में प्रवेश उत्सव को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि नवप्रवेशी विद्यार्थियों का विद्यालयों में उत्साहपूर्ण स्वागत किया जाए तथा पालकों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही “न्योता भोज” कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय और विद्यालय के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने तथा बच्चों के प्रति सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों में भाषा, पठन, लेखन एवं गणितीय दक्षताओं का विकास विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित आकलन, उपचारात्मक शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति तथा नवाचारों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय पटेल ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति एवं अधिगम स्तर में सुधार के लिए लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा। उन्होंने प्रधान पाठकों से विद्यालयवार कार्ययोजना तैयार कर बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने का आह्वान किया।
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अनिल साहू ने प्रवेश उत्सव, नामांकन वृद्धि, शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों की पहचान तथा उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचना और उसे विद्यालय से जोड़ना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विकासखंड स्रोत समन्वयक श्री मनोज अग्रवाल ने एफएलएन कार्यक्रम, शिक्षकों की शैक्षणिक तैयारियों, टीएलएम निर्माण, मासिक मूल्यांकन, शैक्षणिक मॉनिटरिंग तथा विद्यालयी नवाचारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए नियमित अभ्यास, समूह आधारित गतिविधियों और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति की नियमित बैठकों, अभिभावकों की सहभागिता, विद्यालय विकास योजना, शैक्षणिक कैलेंडर के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय योजनाओं के समयबद्ध संचालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सभी प्रधान पाठकों को शाला प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने एवं प्रवेश उत्सव को सफल बनाने के निर्देश दिए गए।

और भी

लैलूंगा का जवाफूल बना किसानों की किस्मत का ‘सुगंधित सोना’, दूसरे जिलों से बीज खरीदने उमड़ रहे किसान

रायगढ़, 12 जून 2026/ कभी केवल स्थानीय स्तर पर पहचाना जाने वाला लैलूंगा का पारंपरिक जवाफूल धान अब किसानों की आय बढ़ाने वाला एक मजबूत ब्रांड बनकर उभर रहा है। इसकी बढ़ती मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे क्षेत्रों के किसान स्वयं लैलूंगा पहुंचकर इसका बीज और चावल खरीद रहे हैं। हाल ही में खरसिया क्षेत्र से पहुंचे किसानों और ग्रामीणों ने जवाफूल चावल की सुगंध और गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि इसकी विशेष खुशबू ने उन्हें दोबारा लैलूंगा आने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने यहां से चावल के साथ-साथ बीज भी खरीदा, ताकि अपने क्षेत्र में इसकी खेती कर सकें।
           लैलूंगा के किसान चंद्रशेखर पटेल ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष चार एकड़ में जवाफूल धान की खेती की थी, जिससे लगभग 40 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। वर्तमान में इस धान की मांग इतनी अधिक है कि उपलब्ध उत्पादन से सभी मांगों की पूर्ति कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा उत्पादित जवाफूल धान और चावल रायगढ़, रायपुर, अंबिकापुर, रामानुजगंज, ओडिशा और मध्यप्रदेश सहित कई क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। कई उपभोक्ता अग्रिम भुगतान कर चावल की बुकिंग कर रहे हैं।
         कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जवाफूल की विशेष सुगंध, स्वाद और स्थानीय जलवायु इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यही कारण है कि यह धीरे-धीरे बाजार में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। प्रशासन द्वारा बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को इसके रकबे में विस्तार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

और भी

गांव-गांव पहुंचे जिला पंचायत सीईओ अभिजीत पठारे, योजनाओं की जमीनी पड़ताल कर अधिकारियों की बढ़ाई जिम्मेदारी; जल संरक्षण, रोजगार, स्वच्छता और आजीविका कार्यों का लिया विस्तृत जायजा

रायगढ़, 12 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने आज धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, स्वास्थ्य, आजीविका, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्राम नवागांव में मनरेगा अंतर्गत “मोर गांव-मोर पानी महाअभियान” एवं “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विकसित मॉडल नवा तरिया का निरीक्षण करते हुए सीईओ श्री पठारे ने इसकी उपयोगिता, रोजगार सृजन तथा मजदूरों के भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और सिंचाई सुविधा बढ़ाने के साथ ग्रामीणों की आय में वृद्धि और स्थानीय रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
            जिला पंचायत सीईओ ने नवागांव में ही मनरेगा के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्यों का अवलोकन करते हुए पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पुरुंगा में निर्माणाधीन कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र के प्रारंभ होने से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय, डिजिटल और वित्तीय सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी और समय व संसाधनों की बचत होगी।

*स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा, अभिलेखों की भी की जांच*

जिला पंचायत सीईओ ने पुरुंगा स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था, टीकाकरण कार्यक्रम तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी रजिस्टर, टीकाकरण अभिलेख एवं अन्य रिकॉर्ड की जांच कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। ग्राम आमापाली में निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का अवलोकन किया। संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*मछली और बत्तख पालन से बढ़ रही ग्रामीणों की आय*

जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम शाहपुर में आजीविका डबरी के तहत संचालित मछली पालन एवं बत्तख पालन गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए समूहों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए विविध आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 
           जिला पंचायत सीईओ ने लक्ष्मीपुर स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का निरीक्षण करते हुए इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में सेफ्टी टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से उपचार कर जैविक खाद और सिंचाई योग्य जल तैयार किया जाता है। यह व्यवस्था स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है। प्रज्ञा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का अवलोकन करते हुए सीईओ ने समूह की कार्यप्रणाली की सराहना की। यहां विभिन्न ग्राम पंचायतों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण एवं प्रसंस्करण कर पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाता है। प्रसंस्कृत प्लास्टिक का उपयोग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य विकास कार्यों में किया जा रहा है। दौरे के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप संचालक श्री नीलाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मदनलाल साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

और भी

महतारी वंदन की ई-केवाईसी में रायगढ़ बना नंबर-1, अब वृद्ध और दिव्यांग महिलाओं के घर पहुंच रही टीम; शत-प्रतिशत लक्ष्य के लिए प्रशासन का डोर-टू-डोर अभियान तेज

रायगढ़, 11 जून 2026। महतारी वंदन योजना के तहत शेष पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने के लिए जिले में विशेष घर-घर अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) तथा वीएलई की संयुक्त टीम उन महिलाओं के घर पहुंच रही है जो वृद्धावस्था, बीमारी, दिव्यांगता अथवा अन्य कारणों से स्वयं ई-केवाईसी केंद्रों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।

अभियान के तहत सेक्टरवार एवं ग्रामवार ऐसे हितग्राहियों की सूची तैयार की गई है जिनका ई-केवाईसी अभी शेष है। इन महिलाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अमला घर-घर जाकर दस्तावेज सत्यापन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इससे पात्र हितग्राहियों को सुविधा मिल रही है तथा किसी भी महिला के योजना से वंचित रहने की संभावना समाप्त हो रही है।
इसी क्रम में रानीसागर खड़ियापारा क्षेत्र में भी टीम द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। यहां तीन अस्वस्थ महिलाओं के घर वीएलई को लेकर पहुंची टीम ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया संपन्न कराई, जिसमें दो हितग्राहियों का ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ, जबकि एक प्रकरण में तकनीकी कारणों से प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी, जिसके निराकरण की कार्रवाई जारी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी अभियान में रायगढ़ जिले ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। राज्य स्तरीय प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जिले ने 96.47 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण करते हुए सभी 33 जिलों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन की सतत समीक्षा, प्रभावी मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय तथा मैदानी अमले के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की जाती है। लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे तथा भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे, इसके लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की सेक्टरवार प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जिले में लगभग 97 प्रतिशत हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। शेष लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी तथा वीएलई लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं। विशेष रूप से वृद्ध, दिव्यांग और अस्वस्थ महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उनके घर पहुंचकर ई-केवाईसी कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा अभियान के अंतिम चरण में शेष लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही का ई-केवाईसी पूर्ण कर रायगढ़ जिले को शत-प्रतिशत उपलब्धि की श्रेणी में लाया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि महतारी वंदन योजना का लाभ जिले की सभी पात्र महिलाओं तक निर्बाध रूप से पहुंचे और कोई भी हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।

और भी

नए शिक्षा सत्र से पहले स्कूलों को संवारने की बड़ी पहल, फरसाबहार विकासखंड में स्वच्छता अभियान बना जनआंदोलन, सरपंच से लेकर पालकों तक ने निभाई सक्रिय भूमिका

जशपुर 
जिला कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर विकासखंड फरसाबहार में विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुर्गेश देवांगन के मार्गदर्शन में आज 12 ग्राम पंचायत की शालाओं में स्वच्छता अभियान चलाया गया जिसमें ग्राम पंचायत केरसई , सिंगीबहार, खारीबहार, लावाकेरा , फरसाबहार , कोहपानी, घुमरा, सुंडरू जामबहार, बांसाघल ,तूबा एवं बनगांव में लगाया गया। उक्त अभियान के तहत ग्राम पंचायत के सभी स्कूलों में जाकर श्रमदान कार्य एवं विद्यालय की साफ सफाई की गई।
जिसमें समस्त शिक्षक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि जिसमें सरपंच ,उप सरपंच एवं जनपद सदस्य शामिल हुए साथ ही पालकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इसी तरह विकासखंड में स्वच्छता अभियान संकुल केंद्र फरसाबहार में प्रभारी मिथिलेश साय पैंकरा मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरसाबहार, श्रीमती निलिमा खलखो (सरपंच) जनप्रतिनिधि गण , एवं हेमंत कुमार निकुंज ,(संकुल प्राचार्य) ,प्रदीप कुजूर (प्राचार्य सेजस आत्मानंद) निवास नायक (संकुल प्रभारी) एवं शिक्षक, शिक्षिकाएं समस्त कर्मचारी पालक गण उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया गया।

और भी

जिले के आखिरी छोर कापू तक पहुंचा सुशासन का कारवां, 22 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने समाधान शिविर में रखीं समस्याएं, मौके पर मिला निराकरण और योजनाओं का लाभ

रायगढ़, 10 जून 2026/ पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे धरमजयगढ़ विकासखंड के दूरस्थ कापू में बुधवार को सुशासन की सशक्त तस्वीर देखने को मिली। जिले के अंतिम छोर पर बसे इस क्षेत्र में आयोजित समाधान शिविर में 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। किसी ने अपनी समस्या बताई, किसी ने अपनी मांग रखी तो किसी ने शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। एक ही मंच पर सुनवाई, समाधान और हितग्राहियों को लाभ वितरण की प्रक्रिया ने ग्रामीणों में उत्साह का माहौल बना दिया। शिविर में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय-सीमा के भीतर हल करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। विभिन्न विभागों द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।
            शिक्षा, कृषि, श्रम एवं अन्य विभागों की सहभागिता वाले इस शिविर में विद्यार्थियों, किसानों और श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। पांच विद्यार्थी मुकेश मांझी, मंजू, प्रशांत कुर्रे, अन्नू टंडन एवं मलिंगा तिग्गा को जाति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। वहीं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कापू द्वारा राजकुमार राठिया, बीरबल राठिया, नरहरि राठिया, लखनलाल राठिया एवं जयलाल राठिया को खरीफ फसल के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण स्वीकृत किया गया। वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। जिसमें कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जागृति, सौम्या एवं निखिल सोनवानी तथा कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाली रवीना राठिया को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
             इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि सुशासन का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप विगत एक माह से जिलेभर में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर अपनी समस्याओं, मांगों एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के तहत जिलेभर में 20 से 22 ग्राम पंचायतों का क्लस्टर बनाकर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है तथा प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्री प्रवीण भगत, जनपद पंचायत सीईओ श्री मदनलाल साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

और भी

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में सख्ती, एफएसटीपी संचालन से लेकर कचरा संग्रहण तक हर मोर्चे पर तेज़ी के निर्देश

रायगढ़, 10 जून 2026। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के निर्देशानुसार आज अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं उप संचालक पंचायत  द्वारा जिले की सभी जनपद पंचायतों में संचालित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति पर विशेष जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यशीलता एवं नियमित संचालन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की कार्यप्रणाली, लंबित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मांगों के निराकरण, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था तथा यूजर चार्ज संग्रहण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही स्वच्छाग्राही समूहों के मानदेय भुगतान, जियो-टैगिंग की प्रगति तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण की भी जानकारी ली गई।
बैठक में अधिकारियों ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के सभी घटकों में लक्ष्य अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को लंबित कार्यों का शीघ्र निराकरण कर निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति लाने तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एपीओ जिला पंचायत, जिला सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा एसबीएम(जी) की जिला स्तरीय टीम के सदस्य उपस्थित थे।

और भी