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किसानों के खाते में पहुंची करोड़ों की सहायता, फसल नुकसान पर भी बीमा सुरक्षा; राज्यसभा में सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में उठाई मजबूत आवाज

रायगढ़, 8 अगस्त 2026/ राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान मौखिक प्रश्नकाल में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन में उठाते हुए केंद्र सरकार से कृषि योजनाओं के माध्यम से किसानों को मिल रही वित्तीय सहायता, फसल बीमा और दावों के निपटारे सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी मांगी।
       सांसद श्री सिंह द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 220 के उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) तथा अन्य कृषि योजनाओं के अंतर्गत किसानों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता का विस्तृत विवरण दिया।

*PM-KISAN के माध्यम से किसानों को ₹4,926.27 करोड़ की सहायता*

सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने सरकार से पूछा कि पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के अंतर्गत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से कितनी वितीय सहायता प्रदान की गई तथा वर्तमान में कितने किसान योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मंत्रालय द्वारा दिए गए उत्तर के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए PM-KISAN योजना के अंतर्गत ₹4,926.27 करोड़ की राशि जारी की गई है। वहीं, हाल ही में जारी 23वीं किस्त के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 52 हजार 9 लाभार्थी किसानों को ₹491.10 करोड़ की राशि का लाभ प्राप्त हुआ है। PM-KISAN के माध्यम से पात्र किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि हस्तांतरित की जाती है।

*PMFBY के तहत 117 लाख किसानों को ₹7,883.42 करोड़ के दावों का भुगतान*

सांसद श्री सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत अनियमित मौसम एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के बीमा दावों के समयबद्ध निपटारे का विषय भी प्रमुखता से उठाया। मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से होने वाले फसल नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने तथा किसानों की आय को स्थिर करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) लागू की है। छत्तीसगढ़ राज्य खरीफ वर्ष 2016 से PMFBY/RWBCIS योजनाओं को लागू कर रहा है। अब तक इन योजनाओं के अंतर्गत 517.97 लाख किसान आवेदन दर्ज किए गए हैं तथा 117 लाख किसानों को ₹7,883.42 करोड़ के दावों का भुगतान किया जा चुका है।
        PMFBY के परिचालन दिशा-निर्देशों के अनुसार, संबंधित राज्य सरकार से बीमा कंपनियों द्वारा आवश्यक उपज संबंधी आंकड़े प्राप्त होने के 21 दिनों के भीतर अधिकांश दावों का निपटारा कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ दावे राज्य सरकार के हिस्से की राशि उपलब्ध कराने में विलंब, बैंकों द्वारा बीमा प्रस्तावों के गलत प्रस्तुतिकरण, अपुष्ट बैंक खातों, राज्य सरकार एवं बीमा कंपनियों के बीच उत्पन्न विवाद तथा अन्य संबंधित विसंगतियों के कारण लंबित रह सकते हैं। इन समस्याओं के समाधान के बाद लंबित दावों का भी योजना के प्रावधानों के अनुसार निपटारा किया जाता है।

*छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र के लिए हजारों करोड़ की वित्तीय सुरक्षा*

केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को समग्र वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उ‌द्देश्य से विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर सहायता प्रदान की जा रही है। पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में प्रमुख कृषि योजनाओं के अंतर्गत जारी राशि इस प्रकार है- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) - ₹4,926.27 करोड़, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एवं RWBCIS ₹1,086.63 करोड़, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) - ₹533.55 करोड़, कृष्णा नति योजना ₹501.18 करोड़, परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) - ₹54.16 करोड़, प्राकृतिक कृषि पर राष्ट्रीय मिशन (NMNF) - ₹26.20 करोड़
           इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आय सहायता, फसल बीमा, कृषि अवसंरचना, फसल एवं बागवानी विकास, गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि मशीनीकरण, विपणन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, किसान समूहों, सिंचाई, कृषि विस्तार, अधिसूचित फसलों की खरीद तथा डिजिटल कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

*किसानों की आय और कृषि सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार प्रतिबद्ध*

सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें प्राकृतिक आपदाओं एवं मौसम की अनिश्चितताओं से सुरक्षा देने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि PM-KISAN के माध्यम से सीधे आर्थिक सहायता, PMFBY के माध्यम से फसल बीमा सुरक्षा और अन्य कृषि योजनाओं के माध्यम से उत्पादन से लेकर विपणन तक किसानों को सहयोग दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए हजारों करोड़ रुपये की यह वित्तीय सहायता कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्री सिंह ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा, केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए वे सदन में किसानों से जुड़े मुद्दों को निरंतर मजबूती से उठाते रहेंगे।

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कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में 4 दिवसीय कोडिंग प्रशिक्षण जारी, दूसरे दिन विद्यार्थियों ने किया पाइथन कोडिंग का प्रैक्टिकल अभ्यास

जशपुरनगर। 

कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में आयोजित 4 दिवसीय कोडिंग प्रशिक्षण के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग एवं लॉजिक बिल्डिंग की बुनियादी अवधारणाओं को समझने के साथ उनका व्यावहारिक अभ्यास किया। जिले के विभिन्न विकासखण्डों से चयनित 40 विद्यार्थी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं।

प्रशिक्षण के दौरान पहले दिन विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संयुक्त कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने कहा कि एआई को समझने की पहली सीढ़ी कोडिंग है। आज का दौर केवल तकनीक का उपयोग करने का नहीं, बल्कि तकनीक को समझने और नई तकनीक विकसित करने का है। उन्होंने विद्यार्थियों को कोडिंग, मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच संबंध को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

उन्होंने बताया कि कंप्यूटर को किसी कार्य को कराने के लिए निर्देश देने की प्रक्रिया कोडिंग का मूल आधार है। वहीं मशीन लर्निंग में कंप्यूटर डेटा से सीखकर अपने परिणामों में सुधार करता है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से मशीनें विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेने एवं समस्याओं को हल करने में सक्षम होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्मार्ट अप्रोच अपनाने, नियमित फीडबैक लेने तथा अपने कार्यों का निरंतर मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया।

दूसरे दिन के प्रशिक्षण सत्रों में विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की मूलभूत अवधारणाओं के साथ पाइथन प्रोग्रामिंग, लॉजिक बिल्डिंग एवं कोडिंग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों ने कोड को समझा तथा प्रोग्रामिंग के माध्यम से विभिन्न समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया सीखी। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, वेब डेवलपमेंट एवं साइबर सुरक्षा की आधारभूत अवधारणाओं से भी परिचित कराया जा रहा है।

संकल्प शिक्षण संस्थान के प्राचार्य विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि यह चार दिवसीय प्रशिक्षण 9 अगस्त तक चलेगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, तकनीकी कौशल एवं नवाचार की क्षमता विकसित करना है।

प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पाइथन, सी, सी++, जावा, जावास्क्रिप्ट एवं एचटीएमएल जैसी प्रमुख प्रोग्रामिंग भाषाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही आर्डयूनो यूनो के माध्यम से एलईडी, मोटर कंट्रोल एवं एलसीडी प्रोग्रामिंग जैसे प्रायोगिक सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के अंतिम दिन परीक्षा, विद्यार्थियों से फीडबैक एवं प्रमाण-पत्र वितरण के साथ प्रशिक्षण का समापन होगा।

प्रशिक्षण के सफल आयोजन में यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय एवं व्याख्याता राजेंद्र प्रेमी सहित प्रशिक्षण से जुड़े शिक्षक एवं सहयोगी उपस्थित रहे।

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, एचपीवी टीकाकरण अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन

रायपुर 07 अगस्त 2026/
प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। राज्य में अब तक 1.66लाख से अधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के साथ किए जा रहे सतत संवाद तथा व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगे हैं।

अभियान के दौरान प्रदेश के कोरिया और बलरामपुर जिले लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण उपलब्धि हासिल कर राज्य के लिए मिसाल बनकर उभरे हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से सभी पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण का लाभ पहुंचाया गया है। इन उपलब्धियों ने अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हालांकि किसी भी नए टीकाकरण अभियान की तरह प्रारंभिक चरण में यहां भी कई अभिभावकों ने टीके की सुरक्षा, आवश्यकता और प्रभावशीलता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बाद अपनी सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार किए गए संवाद और जागरूकता प्रयासों के बाद अब टीकाकरण की गति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष संपर्क अभियान, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम तथा घर-घर पहुंचकर परामर्श गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार नए लाभार्थी अभियान से जुड़ रहे हैं और टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है।

 एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से बचाव का प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता को मान्यता प्रदान की गई है। यही कारण है कि दुनिया के अनेक देशों में यह टीकाकरण नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेशभर में टीकाकरण और जनजागरूकता गतिविधियों को समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं तक भी टीकाकरण का लाभ पहुंचाते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ की जनता अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रही है।

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पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहल- रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का शुभारंभ

रायपुर 8 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम‘ का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है। 
 
       अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।

*वन नेशन.वन राशनकार्ड से दूसरे राज्यों के हितग्राहियों को भी सुविधा*

      अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड‘ योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।

*छत्तीसगढ़ ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्य*

      अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

*2500 किलोग्राम तक खाद्यान्न भण्डारण क्षमता*

      वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णतः स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।

*गरीब से लेकर हर हितग्राही के लिए समय की बचत*

      खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।

*पारदर्शी पीडीएस की दिशा में प्रभावी कदम*

     वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजी़नो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

       शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक श्री मोती लाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।

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गांधीनगर के ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छाया छत्तीसगढ़, प्राकृतिक सौंदर्य से लेकर जनजातीय संस्कृति तक देश के पर्यटन बाजार के सामने दिखा राज्य का पूरा वैभव

रायपुर, 8 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्यटन विकास, अधोसंरचना विस्तार और व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक एवं रोमांचक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुजरात के गांधीनगर में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की प्रभावी सहभागिता राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देशभर के पर्यटन बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनी है।

देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन प्रचार आयोजनों के माध्यम से पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाली संस्था फेयर फेस्ट मीडिया द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण पर्यटन मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध पर्यटन विरासत को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और रोमांचक पर्यटन स्थलों की जानकारी देशभर से पहुंचे पर्यटन व्यवसायियों एवं प्रतिनिधियों तक पहुंचाई जा रही है।

26 पर्यटन व्यवसायियों के साथ छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता

ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 ट्रैवल एजेंट एवं होटल व्यवसायियों ने भी सहभागिता की है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को पर्यटन उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के समक्ष सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।

देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे यात्रा संचालकों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों तथा पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ पवेलियन का निरंतर भ्रमण किया जा रहा है। आगंतुकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सुविधाओं, भ्रमण की संभावनाओं तथा विभिन्न पर्यटन गंतव्यों की विशेषताओं की जानकारी दी जा रही है।

100 वर्ग मीटर में सजा आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन

छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को प्रभावी और आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने के साथ ही राज्य के साथ गए पर्यटन व्यवसायियों के लिए बेहतर बैठक एवं व्यावसायिक संवाद की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में आकर्षक छत्तीसगढ़ पवेलियन तैयार कराया गया है।

पवेलियन में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, प्रमुख पर्यटन स्थलों और पर्यटन की विविध संभावनाओं को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया है। पवेलियन में पहुंच रहे पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी के साथ यहां उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं और भ्रमण की संभावनाओं से भी अवगत कराया जा रहा है।

नए पर्यटन व्यवसायी छत्तीसगढ़ से जुड़ने के लिए दिखा रहे रुचि

टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की सहभागिता के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन में बड़ी संख्या में नए ट्रैवल एजेंट, यात्रा संचालक एवं पर्यटन व्यवसायी पहुंच रहे हैं और राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रति विशेष रुचि व्यक्त कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन प्रचार-प्रसार और पवेलियन की आकर्षक प्रस्तुति की सराहना करते हुए अनेक नए पर्यटन व्यवसायियों द्वारा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीयन कराने में रुचि दिखाई जा रही है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यटन पैकेज एवं यात्रा सुविधाओं के विस्तार के साथ राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विजन को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की विशिष्ट प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन विकास की बड़ी ताकत के रूप में आगे बढ़ा रही है। राज्य की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं, ऐतिहासिक धरोहरें, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनें, इसके लिए पर्यटन क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ व्यापक प्रचार-प्रसार और पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

टीटीएफ जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में छत्तीसगढ़ की सहभागिता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे छत्तीसगढ़ की पहचान एक समृद्ध और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूत हो रही है।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन प्रचार को विस्तार

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों, ट्रैवल एजेंटों, होटल व्यवसायियों एवं यात्रा संचालकों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास से जोड़ने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ पंजीकृत 26 पर्यटन व्यवसायियों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पर्यटन गतिविधियों के विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की व्यापक संभावनाएं हैं।

देश के प्रमुख राज्यों की भी रही सहभागिता

गांधीनगर में आयोजित इस भव्य पर्यटन मेले में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और गुजरात पर्यटन के साथ मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली सहित देश के अनेक राज्यों ने सहभागिता की है।

एक ही मंच पर देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों के प्रदर्शन से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को नए पर्यटन गंतव्यों की जानकारी प्राप्त करने तथा व्यावसायिक संभावनाओं को विस्तार देने का अवसर मिल रहा है।

राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की पहचान

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता को देशभर में पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों में सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की प्रभावी मौजूदगी से राज्य के पर्यटन स्थलों को देशभर के पर्यटन व्यवसायियों और संभावित पर्यटकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा पर्यटन व्यवसायियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में किए जा रहे इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश, रोजगार, स्थानीय व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

टीटीएफ गांधीनगर में छत्तीसगढ़ की प्रभावी सहभागिता इसी व्यापक पर्यटन दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो राज्य की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि को देश के पर्यटन बाजार से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को एक आकर्षक, सुरक्षित और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

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पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से ग्लोबल ट्रैवल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य भेंट


रायपुर, 8 अगस्त 2026/ ग्लोबल ट्रैवल एसोसिएशन (जीटीए) के अध्यक्ष श्री मनीष जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने, राज्य को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने तथा पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए राज्य की एयर कनेक्टिविटी, सड़क संपर्क, पर्यटन अवसंरचना के विकास, प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। जीटीए प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न सुझाव मंत्री श्री अग्रवाल के समक्ष रखे।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर संपर्क व्यवस्था तथा पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटन के समग्र विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

मुलाकात के दौरान जीटीए के महासचिव श्री शुभम अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष श्री राहुल वासवानी ने पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को 22 अगस्त को आयोजित होने वाले जीटीए कान्क्लेव में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति के लिए सहर्ष सहमति प्रदान की।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य शासन के सहयोग एवं पर्यटन विभाग के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की दिशा में निजी क्षेत्र और पर्यटन उद्योग के बीच समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी। बैठक में जीटीए के सदस्य श्री आकाश दुधानी, श्री आकाश अग्रवाल, श्री अंशुल खरे, श्री सनी बंसल, श्री प्रणय एवं श्री आयुष बजाज उपस्थित रहे।

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महतारी वंदन की राशि से जगन्नाथ मंदिर निर्माण में महिलाओं की पहल, आमापाली में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने लगाई जन चौपाल

रायपुर, 8 अगस्त 2026/ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।

जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से अपनी इच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं की इस पहल की वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सराहना की।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने स्वेच्छा और संकल्प के साथ राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह महिलाओं के आर्थिक योगदान के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महिलाओं का यह स्वैच्छिक योगदान समाज में आपसी सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। आमापाली की बहनों की यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी बात सुनना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण एवं सुशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

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रायगढ़ में क्राइम मीटिंग: लंबित गंभीर अपराधों के जल्द निराकरण के निर्देश, सामान्य मामलों को 60 दिन में निपटाने पर जोर

रायगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों के साथ अपराधों की समीक्षा की। बैठक में लंबित गंभीर अपराधों, फरार आरोपियों, अवैध प्रवासियों की जांच, जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जुलाई 2026 के दौरान जिले के थानों में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए गए अभियानों और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की गई। एएसपी अनिल सोनी ने लंबित गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध दर्ज होने के बाद उसकी विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

60 दिन में सामान्य अपराधों के निराकरण पर जोर

क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में दर्ज अपराधों, पुलिस कार्रवाई और निराकरण की स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा की गई। जिन थानों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और लघु अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

एएसपी ने सभी थानों के लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा की। उन्होंने अपराध लंबित रहने के कारणों की जानकारी लेते हुए थाना प्रभारियों और विवेचकों को जल्द निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही लंबित मर्ग और शिकायतों का भी समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य अपराधों का 60 दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निराकरण के बाद उसकी आवश्यक प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों में निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए विवेचना में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

अवैध प्रवासियों की जांच में लापरवाही नहीं

बैठक में अवैध प्रवासियों की जांच को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। एएसपी ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों की बारीकी से जांच अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कई बार बाहरी तत्व चोरी, लूट सहित अन्य वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में होटल संचालकों और मकान मालिकों द्वारा अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों तथा किरायेदारों की जानकारी रखना जरूरी है।

उन्होंने थाना प्रभारियों को अभियान चलाकर होटल संचालकों और मकान मालिकों को जागरूक करने तथा ठहरने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों की जानकारी ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ मजबूत हो सूचना तंत्र

एएसपी ने जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा संगठित रूप से संचालित नहीं होना चाहिए। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग लेने और पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। संदिग्धों और आदतन अपराधियों पर प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए गए।

आदतन बदमाशों पर BNSS की धारा 129 के तहत कार्रवाई

एएसपी अनिल सोनी ने आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध और आदतन बदमाशों के खिलाफ अधिक से अधिक कार्रवाई करने तथा आदतन बदमाशों के विरुद्ध धारा 129 BNSS, जो पूर्व में धारा 110 CrPC के रूप में लागू थी, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। इसका उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता

बैठक में महिला और बच्चों से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने अधिकारियों से ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। फरार आरोपियों की धरपकड़ और अपराध नियंत्रण के लिए थाना स्तर पर लगातार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

डिजिटल पुलिसिंग और नए कानूनों पर प्रशिक्षण

नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। एएसपी ने सभी विवेचकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर नई कानूनी प्रक्रिया और डिजिटल पुलिसिंग की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए।

CCTNS, शिकायत पोर्टल और साइबर संबंधी पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूरी करने, न्यायालयीन कार्यवाही में ऑनलाइन पेशी का पालन करने तथा ई-समंस की तामीली सुनिश्चित करने कहा गया। किसी भी स्थिति में न्यायालयीन पेशी मिस नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।

ज्यादा लंबित मामलों वाले थानों पर विशेष निगरानी

जिन थानों में अपेक्षाकृत अधिक मामले लंबित पाए गए, वहां एसडीओपी और थाना प्रभारियों को अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना तैयार करने कहा गया। एएसपी ने स्पष्ट किया कि लंबित अपराधों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विवेचक को अपने मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की भी समीक्षा

क्राइम मीटिंग के बाद जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। एएसपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए। साथ ही नए कानूनों और डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझने पर जोर दिया गया।

बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

क्राइम मीटिंग के जरिए जिले में अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए त्वरित विवेचना, समयबद्ध अपराध निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और डिजिटल पुलिसिंग को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया गया।

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24 घंटे में चोरी का खुलासा: SECL धरमखदान में ट्रांसफार्मर-कैबल चोरी करने वाली पूरी गैंग गिरफ्तार, 6 आरोपी दबोचे; ₹3 लाख का मशरूका बरामद

रायगढ़। छाल पुलिस ने SECL धरमखदान में ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, केबल, पानी पंप के पार्ट्स और लोहे के पाइप चोरी के मामले का महज 24 घंटे में खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.20 लाख रुपए का चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल तीन मोटरसाइकिल समेत कुल करीब 3 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार 6 अगस्त की रात धरमखदान में लगे ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, केबल, पानी पंप के पार्ट्स और लोहे के पाइप चोरी कर लिए गए थे। चोरी के दौरान ट्रांसफार्मर को भी क्षतिग्रस्त किया गया। मामले में सुरक्षा प्रहरी दिलीप कुमार राठिया की रिपोर्ट पर छाल थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी दौरान खेदापाली चौक के पास कुछ संदिग्धों द्वारा चोरी का लोहे का सामान और ट्रांसफार्मर केबल बेचने के लिए ग्राहक तलाशने की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को पकड़ा।

पूछताछ में आरोपियों ने धरमखदान से चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चंद्रशेखरपुर (एडू) स्थित धरमखदान डम्पिंग यार्ड के पीछे मॉड नदी के किनारे छिपाकर रखा चोरी का सामान बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रांसफार्मर केबल वायर, पार्ट्स, एंगल, लोहे के पाइप, पानी पंप की दो लोहे की बॉडी सहित घटना में इस्तेमाल तीन मोटरसाइकिल और आरीपत्ती ब्लेड जब्त किया।

पुलिस ने मामले में संगठित तरीके से अपराध किए जाने के आधार पर संबंधित धाराओं का इजाफा किया है। गिरफ्तार सभी छह आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में दीपक पात्रो, शनिचराम अरमु, भारत सिंह मरकाम, टुपाल सिंह मरावी, रूपभवन सिंह उइके और छतन धनवार शामिल हैं। सभी आरोपी कोरबा जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।

कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के सुपरविजन में की गई। थाना प्रभारी नासिर खान सहित पुलिस टीम की इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी ने कहा कि चोरी, संपत्ति संबंधी अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा औद्योगिक संस्थानों और आमजन की संपत्ति की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है।

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बिलासपुर रेंज में चोरी के वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी, आईजी राम गोपाल गर्ग ने ‘सशक्त’ ऐप की समीक्षा कर अफसरों को दिए सख्त निर्देश

बिलासपुर। चोरी के दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बरामदगी तेज करने और संदिग्ध वाहनों की पहचान के लिए बिलासपुर रेंज पुलिस अब ‘सशक्त’ ऐप के जरिए निगरानी और चेकिंग को और मजबूत करेगी। पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को चोरी के वाहनों की शत-प्रतिशत रिकवरी और ऐप पर डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए।

बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर, मुंगेली, सारंगढ़ और शक्ति सहित रेंज के विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, एएसपी, डीएसपी, थाना प्रभारी तथा हाल ही में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षक शामिल हुए।

आईजी ने निर्देश दिया कि वाहन चोरी के मामलों में अधूरा डेटा और लंबित प्रविष्टियां जल्द पूरी की जाएं। जिन प्रकरणों में चेसिस या इंजन नंबर दर्ज नहीं हैं, उन्हें वाहन पोर्टल के माध्यम से अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया। एफआईआर दर्ज होते ही चोरी हुए वाहन का विवरण ‘सशक्त’ ऐप में तत्काल दर्ज करने और प्रत्येक मामले में इंजन व चेसिस नंबर स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, सराफा क्षेत्र और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर संदिग्ध वाहनों की जांच बढ़ाने को कहा गया है। पार्किंग ठेकेदारों और कर्मचारियों को भी ऐप पर यूजर बनाकर जांच अभियान से जोड़ने की योजना है। नए पदस्थ डीएसपी, निरीक्षक, उप निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने के साथ प्रत्येक नए यूजर को प्रतिदिन कम से कम 20 संदिग्ध वाहनों की जांच का लक्ष्य दिया गया है।

बरामद हो चुके वाहनों की जानकारी भी तत्काल बैकएंड पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रिकॉर्ड में दोहराव न हो और वाहन मालिकों को सुपुर्दगी की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

साइबर ठगी की रकम वापस कराने का बताया तरीका

बैठक के दौरान मुंगेली एसपी भोजराम पटेल ने साइबर ठगी के पीड़ितों की रकम वापस कराने के लिए अपनाए जा रहे मनी रिकवरी मैकेनिज्म (MRM) का लाइव प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि साइबर हेल्पलाइन 1930 और संबंधित पोर्टल के माध्यम से शिकायत मिलते ही पुलिस संबंधित बैंक खातों में गई रकम को तत्काल होल्ड कराने की कार्रवाई करती है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर होल्ड की गई राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराने का प्रयास किया जाता है।

एसपी पटेल ने साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती एक से दो घंटे को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और उसे सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।

आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और परिणाममूलक पुलिसिंग स्थापित करना बैठक का प्रमुख उद्देश्य है। ‘सशक्त’ ऐप चोरी के वाहनों की तलाश और अपराधियों तक पहुंचने में प्रभावी तकनीकी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने और लंबित डेटा को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।

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अल्प प्रगति वाले आवासों को लेकर सीईओ ने ली समीक्षा बैठक, आगामी सप्ताह में पूर्णता का दिया लक्ष्य

रायगढ़, 8 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत जिले में निर्माणाधीन आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा अप्रारंभ आवासों को शीघ्र प्रारंभ कर निर्माण की गति बढ़ाने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने बैठक में सभी जनपद पंचायतों से अल्प प्रगति वाले 5-5 ग्राम पंचायत सचिवों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की टीम के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
         बैठक के दौरान संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन आवासों की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ श्री पठारे ने प्रत्येक सचिव से उनके ग्राम पंचायतों में आवास निर्माण की स्थिति, निर्माण की गति तथा अप्रारंभ आवासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के साथ गति देते हुए आगामी सप्ताह में अधिक से अधिक आवासों को पूर्ण कराया जाए। साथ ही जिन हितग्राहियों के आवास अभी तक अप्रारंभ हैं, उनसे तत्काल संपर्क कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने तथा उन्हें अगले निर्माण स्तर तक लाने के निर्देश दिए गए।

*जमीनी स्तर पर हितग्राहियों से संपर्क कर बढ़ाएं आवास निर्माण की गति*

समीक्षा के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों एवं सचिवों को केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा तक सीमित न रहते हुए जमीनी स्तर पर प्रत्येक हितग्राही से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हितग्राही के आवास निर्माण में किस स्तर पर समस्या आ रही है, इसकी वास्तविक जानकारी मौके पर पहुंचकर प्राप्त की जाए और समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि निर्माण सामग्री, मजदूरी, तकनीकी मार्गदर्शन अथवा अन्य किसी कारण से यदि आवास निर्माण में विलंब हो रहा है तो संबंधित विभागीय अमला एवं ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी-कर्मचारी समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। हितग्राहियों को योजना के तहत मिलने वाली सहायता एवं निर्माण के विभिन्न चरणों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर अपने आवास का निर्माण पूर्ण कर सकें। सीईओ श्री पठारे ने सचिवों से कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण शासन की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका सीधा लाभ जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के रूप में मिलता है। इसलिए प्रत्येक स्वीकृत आवास की प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए उसे समय पर पूर्ण कराना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

*अप्रारंभ आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने और साप्ताहिक प्रगति पर निगरानी के निर्देश*

बैठक में विशेष रूप से अल्प प्रगति एवं अप्रारंभ आवासों पर फोकस करते हुए पंचायतवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने सचिवों को आगामी सप्ताह के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सचिव अपने क्षेत्र के हितग्राहियों से लगातार संपर्क में रहें तथा निर्माणाधीन आवासों की प्रगति को अगले चरण तक पहुंचाने के लिए मौके पर जाकर निगरानी करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवास निर्माण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। आगामी समीक्षा में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि की जानकारी प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की टीम द्वारा योजना की प्रगति से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं तकनीकी बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की टीम तथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे।

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बारिश में बीमारी और आपदा से निपटने स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, चिकित्सा अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

रायगढ़, 8 अगस्त 2026/ राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में वर्षा ऋतु के दौरान उत्पन्न होने वाली आपदाओं एवं मौसमी बीमारियों से बचाव, रोकथाम तथा प्रभावी स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
            कार्यशाला में विशेष रूप से मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति में उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की गई। बाढ़ के बाद दूषित जल एवं भोजन के सेवन से होने वाली बीमारियों, संक्रमण के फैलाव तथा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया गया।

*सर्पदंश एवं आकाशीय बिजली से बचाव की दी गई जानकारी*

वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाओं की आशंका को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों को सर्पदंश से बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों को सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने, झाड़-फूंक अथवा किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार से बचने तथा समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के संबंध में जागरूक करने पर जोर दिया गया। इसी प्रकार आकाशीय बिजली एवं गर्जना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई। खुले स्थानों, पेड़ के नीचे तथा बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने, मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने तथा आकाशीय बिजली से प्रभावित व्यक्ति को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की गई।

*डायरिया, पीलिया, हेपेटाइटिस, मलेरिया और डेंगू की रोकथाम पर जोर*

कार्यशाला में वर्षा ऋतु में अधिक सामने आने वाली अन्य मौसमी बीमारियों के संबंध में भी चिकित्सा अधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया, हेपेटाइटिस, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में चर्चा की गई।चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों की स्थिति पर सतत निगरानी रखें तथा संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर आवश्यक जांच एवं उपचार सुनिश्चित करें। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, भोजन को ढककर रखने, हाथों की नियमित सफाई तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर भी बल दिया गया। मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, घरों एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा बुखार आने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए लोगों को प्रेरित करने की बात कही गई। कार्यशाला का उद्देश्य वर्षा ऋतु में संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति चिकित्सा अधिकारियों को तैयार करना तथा जिले में आपदा एवं मौसमी बीमारियों की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना रहा।

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'हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता और वंदे मातरम्' थीम पर होंगे देशभक्ति कार्यक्रम, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे बनाए गए नोडल अधिकारी

रायगढ़, 7 अगस्त 2026/ देशभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से जिले में 9 से 17 अगस्त 2026 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा अभियान के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आदेश जारी किया गया है।
           यह अभियान ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, वंदे मातरम थीम पर आधारित होगा। अभियान के दौरान जिले के नागरिकों को अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने तथा राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक एवं व्यक्तिगत गायन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आमजन में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के साथ राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करना है।

*स्थानीय स्तर पर तिरंगा वितरण एवं होंगे विभिन्न कार्यक्रम*

अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर नागरिकों को तिरंगा उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न देशभक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संबंधित विभागों एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान होने वाली गतिविधियों की सतत निगरानी भी की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में तिरंगा वितरण, जनभागीदारी तथा विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर विशेष जोर रहेगा, ताकि अधिक से अधिक नागरिक अभियान से जुड़ सकें।

*जिला पंचायत सीईओ होंगे नोडल अधिकारी*

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोडल अधिकारी अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों के समन्वय एवं निगरानी का कार्य करेंगे तथा सहायक नोडल अधिकारी आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।

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खरसिया में सूने मकान की चोरी का 24 घंटे में खुलासा, दो शातिर चोर गिरफ्तार, एलईडी टीवी, कूलर और पंखे सहित चोरी का सामान बरामद

24 घंटे में सूने मकान की चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। खरसिया पुलिस ने मदनपुर स्थित एक सूने मकान में हुई चोरी की वारदात का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का एलईडी टीवी, कूलर और तीन सीलिंग फैन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार 5 अगस्त की रात अज्ञात चोरों ने मकान के दरवाजों की कुंडी और खिड़की की सरिया तोड़कर घर में प्रवेश किया था। चोर सबमर्सिबल पंप, एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन, चार गैस सिलेंडर, कूलर, पंखे, इन्वर्टर, बैटरी, कंप्यूटर, लैपटॉप, नकदी, चांदी के सिक्के, घरेलू सामान सहित करीब 80 हजार रुपये का सामान चोरी कर ले गए थे।

मामले में चौकी खरसिया पुलिस ने संदेह के आधार पर हरिजन मोहल्ला निवासी अमन सागर (22) और सत्यम सागर (32) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, एएसआई मनोज पटेल, आरक्षक कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा और धनंजय कश्यप की अहम भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में त्वरित विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के प्रभावी उपयोग से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है। अपराधियों को कानून से बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा।

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QR पेमेंट का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाने वाला 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार, CCTV से खुला राज

रायगढ़। जूटमिल थाना पुलिस ने पेट्रोल पंप पर फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाने और बिना भुगतान किए फरार होने वाले 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दो अलग-अलग घटनाओं में पेट्रोल पंप को 6,100 रुपये की चपत लगाई थी।

पुलिस के अनुसार दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप संचालक अमित कुमार गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक युवक सफेद रंग की बलेनो कार से दो बार पेट्रोल भरवाने आया। पहली बार 7 जून को 2,500 रुपये और दूसरी बार 25 जुलाई को 3,600 रुपये का पेट्रोल भरवाकर उसने QR पेमेंट करने का दावा किया और मोबाइल में फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर मौके से फरार हो गया।

मामले की जांच में जूटमिल पुलिस ने पेट्रोल पंप, आसपास के मार्ग और झलमला टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान कार की नंबर प्लेट काली पट्टी से ढकी मिली। वाहन के मिरर कवर और डिक्की पर क्षतिग्रस्त प्लास्टिक जैसे विशेष निशानों के आधार पर पुलिस ने कार की पहचान कर उसे ट्रेस कर लिया।

पूछताछ में मयंक शर्मा (19 वर्ष), निवासी बावलीकुआं, रायगढ़ ने दोनों वारदातें स्वीकार कर लीं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मारुति सुजुकी बलेनो कार और उसके दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(2) और 318(4) के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी विश्लेषण के जरिए धोखाधड़ी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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14 अगस्त को रायगढ़ में मनाया जाएगा 'भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस', कलेक्टर ने जारी किया आदेश; जिला पंचायत सीईओ नोडल और डीईओ सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

रायगढ़, 7 अगस्त 2026/ भारत विभाजन के दौरान हुई त्रासदी और उससे प्रभावित लाखों लोगों के संघर्ष, साहस एवं बलिदान को स्मरण करने के उद्देश्य से 14 अगस्त 2026 को ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस’ मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में रायगढ़ जिले में भी इस अवसर पर विभिन्न स्मृति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के सुचारू संचालन एवं निगरानी के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आदेश जारी किया गया है।
             भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस का प्रमुख उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को भारत विभाजन की दुखद वास्तविकताओं से अवगत कराना तथा विभाजन से प्रभावित लाखों लोगों के साहस, संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से विभाजन के दौरान प्रभावित लोगों की पीड़ा एवं संघर्ष को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराया जाएगा।

*स्मृति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का होगा आयोजन*

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में स्थानीय स्तर पर विभिन्न स्मृति एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन, विशेषकर युवाओं को भारत विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं एवं उसके सामाजिक प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

*जिला पंचायत सीईओ होंगे नोडल अधिकारी*

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे को भारत विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस के आयोजन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोडल अधिकारी कार्यक्रमों के आयोजन, समन्वय एवं निगरानी का कार्य करेंगे, जबकि सहायक नोडल अधिकारी आवश्यक सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।

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पेलमा परियोजना पर कलेक्टर का बड़ा फैसला: प्रभावित परिवारों के हित सर्वोपरि, पुनर्वास से पहले होगी ग्रामीणों की सहमति, रोजगार नीति की भी होगी नई समीक्षा


 
रायगढ़, 7 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज एसईसीएल की पेलमा ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन को व्यवस्थित, पारदर्शी और नियमानुसार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के लिए भूमि अर्जन से प्रभावित ग्रामों के परिवारों के पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन, रोजगार एवं अन्य पुनर्वास लाभों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
               बैठक में एसईसीएल की पेलमा ओपन कास्ट परियोजना के लिए भूमि अर्जित किए गए पेलमा, उरबा, लालपुर, मड़वाडूमर, सकता, मिलूपारा, खर्रा, हिन्झर एवं जरहिडीह, कुल 09 ग्रामों के परियोजना प्रभावित परिवारों से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। समिति द्वारा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मिलने वाले पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन लाभों तथा उनके लिए आवश्यक सुविधाओं को लेकर अधिकारियों एवं एसईसीएल के प्रतिनिधियों से जानकारी ली गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि राही, एसडीएम श्री प्रवीण तिवारी, एसईसीएल के अधिकारी, जिला स्तरीय पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन समिति के सदस्यगण तथा संबंधित ग्राम पंचायत के ग्रामीण जन उपस्थित थे। 

*अधिनियम एवं नीतियों के अनुरूप पुनर्वास सुनिश्चित करने के निर्देश*

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी परियोजना प्रभावित परिवारों का पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन तथा अन्य लागू अधिनियमों एवं शासन की नीतियों के अनुरूप समुचित रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि अर्जन के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें नियमानुसार सभी पात्र लाभ उपलब्ध कराए जाएं। कलेक्टर ने जिले में उपलब्ध शासकीय भूमियों का चिन्हांकन करने के निर्देश भी दिए, ताकि परियोजना प्रभावित परिवारों के पुनर्व्यवस्थापन के लिए उपयुक्त स्थल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्व्यवस्थापन स्थल के चयन में संबंधित ग्रामवासियों की राय एवं परामर्श को भी महत्व दिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों के लिए सुविधाजनक एवं स्वीकार्य स्थान का चयन किया जा सके।

*रोजगार के लिए डिसेंडिंग ऑर्डर और क्लबिंग कॉन्सेप्ट का होगा परीक्षण*

बैठक में परियोजना प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने से जुड़े विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि कोल इंडिया लिमिटेड की पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन नीति के अंतर्गत रोजगार प्रदान करने के लिए अपनाए जाने वाले ‘डिसेंडिंग ऑर्डर कॉन्सेप्ट’ एवं ‘क्लबिंग कॉन्सेप्ट’ का परीक्षण किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोनों व्यवस्थाओं का तुलनात्मक परीक्षण कर यह चिन्हांकित किया जाए कि प्रभावित परिवारों के हित में कौन-सी व्यवस्था अधिक उपयुक्त एवं लाभप्रद होगी। इसके आधार पर रोजगार संबंधी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं हितग्राही-केंद्रित बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।

*कम सर्किल रेट वाले ग्रामों में अतिरिक्त पुनर्वास लाभ देने पर जोर*

बैठक में ग्राम हिन्झर एवं जरहिडीह से संबंधित विषयों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। कलेक्टर ने एसईसीएल के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि इन दोनों ग्रामों की भूमि का सर्किल रेट अपेक्षाकृत कम होने के कारण प्रभावित ग्रामवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसकी भरपाई के लिए उन्हें कुछ अतिरिक्त पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन लाभ प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया केवल भूमि अर्जन तक सीमित न रहे, बल्कि उनके सामाजिक एवं आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए समुचित पुनर्व्यवस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में प्रभावित परिवारों को मिलने वाले लाभ, पुनर्व्यवस्थापन स्थल, रोजगार तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित विषयों पर अधिकारियों एवं एसईसीएल के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

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सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, रायगढ़ में 6 औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर 2.83 लाख रुपये का जुर्माना

रायगढ़, 7 अगस्त 2026/ जिले में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। कारखानों में सुरक्षा प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किए जाते हैं। इसी क्रम में श्रम न्यायालय रायगढ़ द्वारा जुलाई 2026 में छह औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रकरणों में प्रबंधन को दोषी पाए जाने पर कुल 2 लाख 83 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
            औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कारखाना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 1996 एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) नियम 2008 के प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों में ये प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में दायर किए गए थे।
           श्रम न्यायालय द्वारा जुलाई माह में जिन प्रकरणों में दोष सिद्ध होने पर अर्थदण्ड लगाया गया, उनमें मेसर्स रायगढ़ इस्पात एण्ड पावर प्रा.लि., यूनिट-2 पर 8 हजार रुपये, मेसर्स के.एल.एनर्जी एण्ड कोल बेनिफिकेशन प्रा.लि. पर 25 हजार रुपये, मेसर्स सांई राम राईस मिल पर 50 हजार रुपये, मेसर्स श्री रूपणाधाम स्टील प्रा.लि. पर 50 हजार रुपये, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड पर 1 लाख रुपये तथा मेसर्स सुनील स्पंज प्रा.लि. (रायगढ़ डिवीजन) पर 50 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
           जिला प्रशासन ने औद्योगिक एवं निर्माण इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग को सुरक्षा मानकों एवं श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसी दिशा में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा कारखानों एवं निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रावधानों के अनुपालन की निगरानी की जा रही है। विभाग ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन से कारखाना अधिनियम एवं संबंधित नियमों में निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

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