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ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के हाईटेक नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार, 5 सेकेंड पहले मैच अपडेट देने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार

रायगढ़, 7 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है, जो क्रिकेट सट्टेबाजों को विशेष सट्टा आईडी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें तकनीकी सहायता भी प्रदान कर रहा था। आरोपी द्वारा ऐसी वेबसाइट तैयार की गई थी, जिसमें क्रिकेट मैच की लाइव जानकारी सामान्य टेलीविजन प्रसारण से लगभग पांच सेकेंड पहले दिखाई देती थी। इस तकनीकी बढ़त का फायदा उठाकर सटोरिये बॉल-टू-बॉल सट्टेबाजी में अनुचित लाभ प्राप्त कर रहे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में साइबर थाना रायगढ़ द्वारा ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि न्यू शंकरनगर क्षेत्र में रहने वाला एक युवक अपने घर से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन के लिए आईडी तैयार कर बेच रहा है तथा तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। सूचना मिलने पर साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी।

पुलिस को देखकर एक युवक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम आदर्श कुमार केशरी (28 वर्ष) निवासी न्यू शंकरनगर, रायगढ़ बताया। जांच के दौरान उसके कब्जे से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन और आईडी निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए पूरे नेटवर्क के संबंध में कई अहम जानकारियां दीं।

जांच में सामने आया कि आदर्श कुमार केशरी बी.टेक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और वर्तमान में दिल्ली की एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। अक्टूबर 2025 में उसकी मुलाकात रायपुर और बिहार के दो युवकों से हुई, जो नोएडा की आईटी कंपनियों में नौकरी करते हैं। इन्हीं के माध्यम से वह ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से जुड़ा और ‘विनबिगप्रो’ नामक प्लेटफॉर्म के तकनीकी संचालन एवं प्रबंधन का कार्य संभालने लगा। इसके बदले उसे नेटवर्क से होने वाली आय का लगभग 20 प्रतिशत कमीशन प्राप्त होता था।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने और उसके साथियों ने क्रिकेट मैचों के प्रसारण में आने वाले तकनीकी विलंब का अध्ययन कर ऐसी वेबसाइट विकसित की थी, जिसमें लाइव मैच की जानकारी सामान्य टीवी प्रसारण से लगभग पांच सेकेंड पहले उपलब्ध हो जाती थी। यही तकनीकी बढ़त सटोरियों के लिए सबसे बड़ा हथियार थी, जिससे वे बॉल-टू-बॉल सट्टेबाजी में अन्य लोगों से पहले निर्णय लेकर लाभ कमा रहे थे।

आरोपी और उसके साथी देशभर में संचालित विभिन्न क्रिकेट सट्टा वेबसाइटों और डोमेन का अध्ययन कर उनसे मिलते-जुलते नए प्लेटफॉर्म तैयार करते थे। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से रायपुर, भिलाई, बिलासपुर सहित देश के कई बड़े शहरों के सटोरियों को आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए समय-समय पर वेबसाइटों के नाम, यूजर आईडी और पासवर्ड भी बदल दिए जाते थे। पूरे सिंडिकेट में अलग-अलग लोगों को सोशल मीडिया प्रचार, आईडी बिक्री और वेबसाइट निर्माण जैसे कार्य सौंपे गए थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी केवल सट्टा आईडी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं था, बल्कि सटोरियों के भुगतान और विड्रॉल संबंधी कार्यों में भी सहयोग करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी का एक एचपी कंपनी का लैपटॉप दिल्ली स्थित उसके ठिकाने पर रखा हुआ है, जिसका उपयोग वेबसाइट डेवलपमेंट और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन के लिए किया जाता था। पुलिस अब उस लैपटॉप और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सैमसंग एस-23 और एक वनप्लस मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच में आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4 एवं 7 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध पाए जाने पर साइबर थाना रायगढ़ में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस पूरे सट्टा सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक नंदकुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, प्रधान आरक्षक रूपराम पटेल, दुर्गेश सिंह तथा आरक्षक रविन्द्र गुप्ता, विकास प्रधान और मनोज पटनायक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा जैसे अवैध नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस की लगातार नजर है। तकनीकी विशेषज्ञता का दुरुपयोग कर अपराध को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य केवल सटोरियों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे तकनीकी और आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

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जमीन अपनी बताकर 27 लाख रुपये ऐंठे, निकली किसी और की संपत्ति; पुसौर पुलिस ने पंचायत सचिव को किया गिरफ्तार

पुसौर/रायगढ़, 7 जून 2026। भूमि बिक्री के नाम पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुसौर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने स्वयं को जमीन का मालिक बताकर खरीदार से लाखों रुपये ले लिए थे, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि संबंधित भूमि उसके नाम पर थी ही नहीं। मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम लिंजिर निवासी इंद्रजीत वर्मा (50 वर्ष) ने थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पहचान ग्राम बघनपुर निवासी भीचरण पटेल से बचपन से थी। भीचरण पटेल पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत है। वर्ष 2022 में उसने ग्राम कोडातराई स्थित अपनी बताई गई भूमि बेचने की बात कही। जमीन पसंद आने पर दोनों के बीच 35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और 16 सितंबर 2022 को प्रार्थी ने 27 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में आरोपी को दे दिए। इस दौरान सौ रुपये के स्टाम्प पर लिखापढ़ी भी की गई।

फर्जी दस्तावेज दिखाकर बनाया विश्वास

शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने जमीन का मालिक होने का दावा करते हुए किसान किताब और अन्य दस्तावेज दिखाए तथा नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद लंबे समय तक वह विभिन्न कारण बताकर रजिस्ट्री टालता रहा और खरीदार को गुमराह करता रहा।

जब काफी समय बीत जाने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई तो इंद्रजीत वर्मा ने तहसील कार्यालय में जानकारी प्राप्त की। जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि के संबंध में आरोपी के नाम से कोई राजस्व प्रकरण लंबित नहीं है और भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। यह जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता को ठगी का अहसास हुआ।

रुपये लौटाने के लिए दिए तीन चेक, सभी हुए बाउंस

प्रार्थी द्वारा रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने 5 लाख रुपये का एक चेक तथा 11-11 लाख रुपये के दो अन्य चेक दिए और पुलिस में शिकायत नहीं करने का अनुरोध किया। लेकिन जब इन चेकों को बैंक में लगाया गया तो सभी चेक अनादृत (बाउंस) हो गए। इसके बावजूद आरोपी लगातार आश्वासन देता रहा और रकम वापस नहीं की।

शिकायतकर्ता के मुताबिक जनवरी 2025 में आरोपी ने केवल 1 लाख रुपये लौटाए, जबकि शेष राशि वापस करने के नाम पर लगातार बहाने बनाता रहा। आखिरकार पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।

पुलिस जांच में मिले पर्याप्त साक्ष्य

शिकायत के आधार पर थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 159/2026 के तहत धारा 420 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को शिकायत के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिले। इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में आरोपी भीचरण पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एसएसपी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि, संपत्ति और आर्थिक लेन-देन से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या संपत्ति का सौदा करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों का पूरी तरह सत्यापन अवश्य कर लें, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

गिरफ्तार आरोपी

भीचरण पटेल (54 वर्ष), पिता चित्रसेन पटेल, निवासी ग्राम बघनपुर, तहसील बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़)।

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तुर्रीभाठा चौक में शराब के लिए पैसे मांगकर युवक से मारपीट, खरसिया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दबोचे दो आरोपी

रायगढ़, 6 जून। खरसिया क्षेत्र के तुर्रीभाठा चौक में एक युवक को रास्ता रोककर शराब पीने के लिए पैसे मांगने और पैसे नहीं देने पर उसके साथ मारपीट करने वाले दो आरोपियों को चौकी खरसिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर एवं अजमानतीय धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार ठाकुरदिया वार्ड क्रमांक-18 निवासी 30 वर्षीय हरिषंकर निषाद ने शनिवार को चौकी खरसिया पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून की रात लगभग 10:30 बजे वह अपने मित्र अमन सर्पे के घर तुर्रीभाठा में भोजन करने के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान तुर्रीभाठा चौक के पास दो युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया।

आरोपियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब हरिषंकर ने पैसे देने से इनकार किया तो दोनों युवकों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों और लातों से बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में हरिषंकर की बाईं आंख और छाती में चोटें आईं।

घटना की शिकायत मिलते ही चौकी खरसिया पुलिस हरकत में आ गई। थाना खरसिया अंतर्गत चौकी खरसिया में अपराध क्रमांक 273/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 351(3), 115(2), 126(2), 119(1) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर आरोपियों की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल सिदार उर्फ गोपालू (23 वर्ष), निवासी पुरानी बस्ती सौरापारा, खरसिया तथा सचिन उरांव उर्फ मुण्डा (23 वर्ष), निवासी चंदन तालाबपार वार्ड क्रमांक-10, खरसिया के रूप में हुई है।

इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक शिव वर्मा, आरक्षक कीर्ति सिदार एवं साविल चंद्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में मारपीट, गुंडागर्दी और आम लोगों में भय का वातावरण बनाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में त्वरित और कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।

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स्कूल में सेंध, 16 पंखे और जरूरी सामान पर चोरों का हाथ साफ; खरसिया पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़, 6 जून 2026। जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगातार कार्रवाई कर रही रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। खरसिया चौकी क्षेत्र के हमालपारा स्थित शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई संपत्ति का हिस्सा भी बरामद किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शासकीय बालक प्राथमिक शाला हमालपारा के प्रधान पाठक रिखीराम बिरहे ने चौकी खरसिया में शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 मई को विद्यालय बंद कर सभी कमरों में ताला लगाया गया था। 5 जून की सुबह जब वे स्कूल पहुंचे तो मुख्य द्वार के ताले टूटे मिले तथा खिड़की का एंगल रॉड भी क्षतिग्रस्त पाया गया।

जांच के दौरान पता चला कि प्राथमिक शाला से 8 सिलिंग फैन, एक एग्जॉस्ट फैन, एक ब्लूटूथ स्पीकर और 50 किलो चावल चोरी हो चुका था। वहीं मिडिल स्कूल से भी 8 सिलिंग फैन गायब पाए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की।

मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी

चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर हमालपारा तलाबपार निवासी महेश देवांगन और धरमपाल कुर्रे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने 2 जून की रात स्कूल के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश करने और वहां लगे सिलिंग फैन चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों के कबूलनामे के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया।

बरामद हुआ चोरी का माल

पुलिस ने आरोपी महेश देवांगन (19 वर्ष) के कब्जे से एक सिलिंग फैन और 200 रुपये नकद बरामद किए। वहीं धरमपाल कुर्रे (23 वर्ष) के पास से भी एक सिलिंग फैन और 200 रुपये नकद जब्त किए गए। इस प्रकार कुल दो सिलिंग फैन और 400 रुपये नकदी बरामद की गई है।

जांच में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर प्रकरण में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी तथा एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक उदय सिदार, आरक्षक कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा और अमृत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी का सख्त संदेश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि स्कूल, शासकीय संस्थानों और सार्वजनिक संपत्तियों में चोरी या नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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6 साल तक शादी का झांसा देकर युवती का शारीरिक शोषण, दूसरी महिला से मंदिर में रचाई कथित शादी; दोनों महिलाएं पहुंचीं एसपी कार्यालय, आरोपी हिरासत में

रायगढ़, 6 जून। रायगढ़ पुलिस के विशेष अभियान “अभियान संवेदना” के तहत एक ऐसे मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है, जिसमें एक युवक पर शादी का झांसा देकर युवती का वर्षों तक शारीरिक शोषण करने और बाद में दूसरी महिला से कथित विवाह करने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए खरसिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 5 जून को खरसिया क्षेत्र की 45 वर्षीय महिला सुरक्षा की मांग को लेकर एसपी कार्यालय पहुंची थी। महिला ने आवेदन देकर बताया कि उसने हाल ही में गाजियाबाद निवासी 30 वर्षीय सलीम से जांजगीर-चांपा जिले के एक मंदिर में विवाह किया है। विवाह के बाद उसके बेटे नाराज हैं और उसे घर में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। इस आवेदन की जांच प्रक्रिया जारी थी।

इसी बीच शनिवार को मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब खरसिया क्षेत्र की 28 वर्षीय युवती एसपी कार्यालय पहुंची और उसी युवक सलीम के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान फेरी का काम करने वाले सलीम से उसकी पहचान हुई थी। इस दौरान आरोपी ने शादी का भरोसा देकर उससे संबंध बनाए और लगातार विवाह का वादा करता रहा। युवती के अनुसार आरोपी उसे दिल्ली में अपनी बहन के घर भी लेकर गया था और भविष्य में शादी करने का भरोसा देता रहा।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में उसे जानकारी मिली कि सलीम किसी दूसरी महिला के संपर्क में है और उससे भी विवाह का वादा कर रहा है। युवती ने संबंधित महिला से फोन पर बातचीत भी की थी। इसके बावजूद आरोपी ने दूसरी महिला के साथ मंदिर में विवाह कर लिया। इसके बाद युवती ने स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी के मोबाइल फोन में कई अन्य महिलाओं और युवतियों के साथ बातचीत और चैटिंग के रिकॉर्ड मौजूद हैं। पुलिस अब इन तथ्यों की भी जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं अन्य महिलाएं भी धोखाधड़ी या शोषण का शिकार तो नहीं हुई हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने महिला थाना और कोतरारोड़ पुलिस को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पीड़िता के आवेदन को वैधानिक कार्रवाई के लिए खरसिया थाना भेजा गया, जबकि कोतरारोड़ पुलिस ने आरोपी सलीम को हिरासत में लेकर खरसिया पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर दुष्कर्म सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

इस संबंध में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी व्यक्ति से संबंध स्थापित करने या मित्रता करने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में धोखाधड़ी जैसी परिस्थितियों से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि महिला अपराधों से जुड़े प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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ऑपरेशन आघात के तहत तमनार पुलिस का बड़ा प्रहार: 20 लीटर महुआ शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप

रायगढ़, 06 जून 2026। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत तमनार पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 लीटर अवैध महुआ शराब का परिवहन कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत थाना तमनार पुलिस ने यह कार्रवाई कर अवैध शराब कारोबारियों को कड़ा संदेश दिया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम खम्हरिया बस्ती की ओर से एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में महुआ शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से ग्राम मिलूपारा की तरफ जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने पेट्रोलिंग दल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देशानुसार पुलिस टीम ने ग्राम खम्हरिया बस्ती से मिलूपारा जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक हाथ में प्लास्टिक की जरीकेन लिए पैदल आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने जरीकेन में महुआ शराब होना स्वीकार किया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वह शराब को बिक्री के उद्देश्य से लेकर जा रहा था।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनोज कुमार चौहान (23 वर्ष) निवासी रतनपुर केशला थाना लैलूंगा, हाल मुकाम मिलूपारा थाना तमनार जिला रायगढ़ बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 20 लीटर क्षमता की प्लास्टिक जरीकेन में भरी लगभग 20 लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित महुआ शराब बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) एवं 59(क) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस सफल कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विपिन पटेल, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार एवं आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तमनार पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: श्रीरामनवमी शोभायात्रा के दौरान मारपीट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी के कब्जे से हमले में प्रयुक्त स्टील का कड़ा बरामद

रायगढ़। जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने एक चर्चित मारपीट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया स्टील का कड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार बैकुण्ठपुर महावीर चौक निवासी वैभव ठाकुर (23 वर्ष) ने 28 मार्च 2026 को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वैभव साउंड एंड लाइट का व्यवसाय करता है। उसने पुलिस को बताया था कि 27 मार्च को श्रीरामनवमी शोभायात्रा के दौरान गैलेक्सी मॉल के पास कुछ युवकों के बीच विवाद हो रहा था, जिसे शांत कराने के लिए उसने बीच-बचाव किया था। उस समय मामला तो शांत हो गया, लेकिन यही बात बाद में उसके लिए मुसीबत बन गई।

शिकायत के मुताबिक शोभायात्रा समाप्त होने के बाद देर रात वह दशरथ पान ठेला के पास अपने साउंड सिस्टम का सामान रखवाकर खड़ा था। इसी दौरान शुभम भाठिया, विश्वास बैरागी, राकेश उर्फ गोलू महंत और सुनील दास महंत वहां पहुंचे और बीच-बचाव करने की बात को लेकर उससे विवाद करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देते हुए उस पर हमला कर दिया।

पीड़ित ने बताया कि मुख्य आरोपी सतवेंदर सिंह उर्फ शुभम भाठिया ने हाथ में पहने स्टील के कड़े से उसके चेहरे पर वार किया, जबकि अन्य आरोपियों ने हाथ-मुक्कों और लातों से जमकर मारपीट की। हमले में वैभव के नाक, कंधे और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल युवक ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 167/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। हालांकि घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे और लगातार पुलिस से बचते फिर रहे थे।

इधर जिले में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। लगातार दबिश और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने सबसे पहले विश्वास बैरागी को 4 जून को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के साथ घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की।

इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की घेराबंदी कर सतवेंदर सिंह उर्फ शुभम भाठिया (28 वर्ष) निवासी कोष्टापारा कोतरारोड, राकेश उर्फ गोलू महंत (25 वर्ष) निवासी सोनियानगर कोतरारोड तथा सुनील दास महंत (27 वर्ष) निवासी सोनियानगर कोतरारोड को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में तीनों आरोपियों ने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभम भाठिया की निशानदेही पर घटना में उपयोग किए गए स्टील के कड़े को बरामद कर जब्त कर लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी, वारंटी और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्व पुलिस की निगरानी में हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि "रायगढ़ पुलिस अपराधियों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।"

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किसानों को लूटने वाले खाद माफिया का भंडाफोड़: कृषि अधिकारी ने किसान बनकर पकड़ी कालाबाजारी, 750 की खाद 1800 रुपये में बेच रहा था व्यापारी

रायगढ़, 6 जून 2026/ किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिले में लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को लैलूंगा विकासखंड में उप संचालक कृषि खुद किसान बनकर खाद खरीदने पहुंचे और मौके पर ही किसानों से की जा रही खुली लूट का पर्दाफाश कर दिया।
            जांच के दौरान पता चला कि सिंगल सुपर फॉस्फेट खाद, जिसकी वास्तविक कीमत करीब 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी की दर से बेचा जा रहा था। यानी प्रत्येक बोरी पर किसानों से एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम को सील कर दिया और वहां रखी 74 बोरी खाद को जब्त कर लिया। यह कार्रवाई लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स में की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर दुकान के खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। 

*किसानों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त*

कलेक्टर ने खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में कहीं भी खाद की कृत्रिम कमी नहीं होने दी जाए। किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और किसी भी व्यापारी द्वारा उनकी मजबूरी का फायदा न उठाया जाए।

*आगे भी जारी रहेगा सघन जांच अभियान*

उप संचालक कृषि ने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिले के विभिन्न विकासखंडों में औचक निरीक्षण कर खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय की जांच की जाएगी। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलते हुए पाया जाता है या कृत्रिम अभाव पैदा करता है तो उसके विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान उर्वरक निरीक्षक श्री पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग का अमला मौजूद रहा। जिला प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

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रेत के अवैध उत्खनन पर खनिज विभाग की कार्रवाई ,डूमरपाली में पोकलेन मशीन जब्त, वाहन मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज

रायगढ़, 6 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त एक चैन माउंटेड पोकलेन मशीन को जब्त कर सील कर दिया।
            खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़े डूमरपाली निवासी यशवंत डडसेना द्वारा चैन माउंटेड मशीन के माध्यम से खनिज रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर खनि निरीक्षक एवं खनिज उड़नदस्ता दल ने ग्राम बड़े डूमरपाली, तहसील खरसिया में दबिश दी। मौके पर अवैध रेत उत्खनन में लगी एक चैन माउंटेड पोकलेन मशीन को जब्त कर सील किया गया तथा उसे ग्राम सरपंच की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। खनिज विभाग ने वाहन मालिक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मामले में नियमानुसार आगे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। खनिज विभाग ने बताया कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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खेत बचाओ अभियान के तहत गोढ़ी में कृषक चर्चा आयोजित ,हरी खाद, बीजीए खाद एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने किसानों को किया गया जागरूक

रायगढ़, 6 जून 2026/ कृषि विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत विकासखंड तमनार के ग्राम गोढ़ी में कृषक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को हरी खाद के उपयोग, बीजीए (ब्लू ग्रीन एल्गी) खाद, जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा खरीफ मौसम की पूर्व तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने किसानों से संवाद करते हुए बताया कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। खेतों की उत्पादकता एवं मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हरी खाद, जैविक खाद तथा जैव उर्वरकों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने किसानों को धान एवं अन्य खरीफ फसलों की बुवाई से पूर्व बीज उपचार, मृदा परीक्षण तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।
          अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश में खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखना, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करना तथा वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। इसके तहत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, उन्नत बीजों का उपयोग, हरी खाद, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा जल-संरक्षण आधारित खेती के बारे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषक चर्चा के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड एवं कृषि यंत्रीकरण से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। किसानों ने अभियान के उद्देश्यों की सराहना करते हुए वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा मिट्टी की उर्वरता संरक्षण हेतु सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। अभियान का मुख्य संदेश मिट्टी बचाओ, खेती बचाओ, किसान बचाओ है, जिसके माध्यम से किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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सुशासन तिहार शिविर में किसानों की बल्ले-बल्ले: लाखों का केसीसी ऋण, पीएम आवास की चाबी और योजनाओं का लाभ मिला एक ही मंच पर

रायगढ़, 6 जून 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ विकासखंड के तारापुर क्लस्टर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर किसानों एवं ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुआ। संवाद से संपूर्ण समाधान थीम पर आयोजित इस शिविर में 21 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं, मांगों एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ के लिए कुल 1383 आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर का स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अवलोकन किया गया तथा प्राप्त आवेदनों के संवेदनशील एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
           शिविर में कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस रहा। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत पांच किसानों को तीन लाख रुपये से अधिक की ऋण स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। वहीं प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार किसानों को हरी खाद के बीज वितरित किए गए। कृषि विभाग द्वारा किसानों को खरीफ सीजन की तैयारी, मृदा उर्वरता बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई।
           प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण पूर्ण करने वाले पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान अन्य हितग्राहियों को भी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला रहा। शिविर में दो वरिष्ठ नागरिकों को वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भावेश, टेलेस, जोगेंद्र, तुषार, जितेंद्र एवं खगेश्वरी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छह छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन, पांच हितग्राहियों को राशन कार्ड, दो हितग्राहियों को डबरी निर्माण के स्वीकृति पत्र तथा दो किसानों को किसान सम्मान निधि के चेक प्रदान किए गए।
           श्रम विभाग द्वारा आठ श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए। शिविर में आधार कार्ड, महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड निर्माण एवं स्वास्थ्य जांच जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी एवं आवश्यक सेवाएं प्रदान की गईं। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुकलाल चौहान, उपाध्यक्ष रामश्याम डनसेना, गौरीशंकर पटेल, अंजू पटेल, शिव कुमारी, सोहन चौधरी, नंदिनी प्रीतेश सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ में हाथियों की बढ़ती संख्या बनी बड़ी सफलता की कहानी, 4 साल में 240 से 450 पहुंचे गजराज; वन मंत्री केदार कश्यप ने मानव-हाथी संघर्ष रोकने और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

रायगढ़, 5 जून 2026/ छत्तीसगढ़ में हाथियों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए वन्यजीव विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों और वन अधिकारियों ने भाग लिया।
            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैव विविधता और वन संपदा से समृद्ध राज्य है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में हाथियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में प्रदेश में हाथियों की संख्या लगभग 240 थी, जो बढ़कर वर्ष 2026 में करीब 450 तक पहुंच गई है। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि वर्तमान में हाथियों का विचरण सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर और दुर्ग संभाग के कई क्षेत्रों तक फैल चुका है। ऐसे में वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार जनभागीदारी, वैज्ञानिक प्रबंधन और सतत निगरानी के माध्यम से मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
            वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हाथियों के संरक्षण को लेकर दीर्घकालिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से वन्यजीव प्रबंधन को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं अधिकारियों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराती हैं, जिससे संरक्षण प्रयासों को नई मजबूती मिलती है। कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली तथा देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, नमूनों के संरक्षण, परीक्षण की प्रक्रिया, शव प्रबंधन और स्वास्थ्य निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और अनुभव प्रदेश में हाथियों के संरक्षण, उनकी सुरक्षा और प्रभावी प्रबंधन के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर रहा है। वनमंत्री श्री कश्यप ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए जैव विविधता संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व की दिशा में और बेहतर कार्य करने के लिये प्रेरित किया।
               प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़ श्री अरुण कुमार पांडेय द्वारा सभी वन अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को संबंधित करते हुए मानव हाथी द्वन्द का कुशल प्रबंधन करने एवं मानव हाथी सह अस्तित्व को सुस्थापित करने सारगर्भिंत निर्देश दिया गया। वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पांडेय ने वन्यप्राणियों की सुरक्षा और कुशल प्रबंधन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। इस कार्यशाला का मार्गदर्शन भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के विशेषज्ञ डॉ. पराग निगम, डॉ. तपेंद्र सैनी और डॉ.सी.पी. शर्मा, भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली के डॉ. एम. कारिकालन तथा पूर्व निदेशक नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के डॉ. ए. बी. श्रीवास्तव द्वारा किया जाएगा। 
             वन मंत्री के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ में पहली बार भारत के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक एक साथ उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य जंगली हाथियों की मृत्यु के कारणों का वैज्ञानिक अन्वेषण करना और भविष्य में प्रबंधन की रणनीति तैयार करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को मृत हाथी की जांच, नमूने इकट्ठा करने और उन्हें सुरक्षित ढंग से भेजने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही शव संभालने में सुरक्षा, शव के उचित निपटान तथा हाथियों की मौत की घटनाओं और स्वास्थ्य निगरानी के लिए तैयारी को मजबूत किया जाएगा। कार्यशाला में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक माथेश्वरण वी., मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर वृत्त श्री मनोज पांडेय ,मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी श्रीमती प्रियंका पांडेय, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, रायगढ़ एवं धरमजयगढ़ वनमण्डल से डीएफओ श्री अरविंद पीएम एवं श्री जितेंद्र उपाध्याय उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में एचआईवी पर स्वास्थ्य विभाग की कड़ी नजर, 18 संक्रमितों की पहचान के बाद इलाज और फॉलोअप तेज, जागरूकता व नियमित उपचार से सामान्य जीवन का संदेश

रायगढ़, 5 जून 2026/ जिले में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय रुप से कार्य कर रहा है। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं और विभिन्न गैर-शासकीय संगठनों (एनजीओ) के सहयोग से जिलेभर में जागरूकता अभियान, परामर्श सेवाएं और नियमित जांच कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य संक्रमण की शीघ्र पहचान कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और संक्रमण के प्रसार को रोकना है।
               मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की एचआईवी जांच की गई। जांच के दौरान कुल 18 व्यक्ति एचआईवी संक्रमित पाए गए। संक्रमितों की पहचान होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू की, ताकि संक्रमण की संभावित श्रृंखला का पता लगाया जा सके और अन्य लोगों की भी समय पर जांच सुनिश्चित हो सके। सभी संक्रमित मरीजों को एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर से जोड़ दिया गया है, जहां उन्हें आवश्यक दवाएं, चिकित्सकीय परामर्श और नियमित स्वास्थ्य निगरानी प्रदान की जा रही है। विभाग द्वारा मरीजों का लगातार फॉलोअप भी किया जा रहा है ताकि उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए और उनकी स्वास्थ्य स्थिति बेहतर बनी रहे।

*सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय*

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचआईवी संक्रमण कई कारणों से फैल सकता है। इनमें असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त का उपयोग, दूषित सुई या सिरिंज का दोबारा इस्तेमाल, संक्रमित माता से गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान शिशु में संक्रमण तथा संक्रमित रेजर या ब्लेड का उपयोग प्रमुख कारण हैं। एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर सतर्कता बेहद जरूरी है। सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना, केवल प्रमाणित एवं जांचे गए रक्त का उपयोग करना, सुई एवं सिरिंज का साझा उपयोग न करना तथा किसी अन्य व्यक्ति के रेजर या ब्लेड का इस्तेमाल करने से बचना संक्रमण की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके और नवजात को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।

*जागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार से संभव है सामान्य जीवन*

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि एचआईवी एक गंभीर संक्रमण अवश्य है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा और नियमित उपचार के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यदि संक्रमण की समय पर पहचान हो जाए और मरीज नियमित रूप से एआरटी दवाओं का सेवन करे, तो वह सामान्य एवं स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकता है। उन्होंने आमजन से एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव से दूर रहने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जागरूकता, नियमित जांच और समय पर उपचार ही संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है। विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की शंका हो या संक्रमण से संबंधित जानकारी चाहिए, तो वे अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर जांच एवं परामर्श अवश्य प्राप्त करें। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि समाज की भागीदारी, जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार से एचआईवी संक्रमण के मामलों में कमी लाई जा सकती है तथा संक्रमित व्यक्तियों को सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सकता है।

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विश्व साइकिल दिवस पर रायगढ़ में फिटनेस का महाअभियान, 7 जून को ‘संडेज ऑन साइकिल’ रैली में हजारों लोगों से जुड़ने की अपील

रायगढ़, 5 जून 2026/ विश्व साइकिल दिवस 2026 के अवसर पर 7 जून रविवार को रायगढ़ जिले में ‘संडेज ऑन साइकिल’ अभियान का आयोजन किया जाएगा। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशानुसार तथा फिट इंडिया मूवमेंट के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता और नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
            खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के नागरिकों, विद्यार्थियों, खेल संघों, युवा संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग ने सभी वर्गों के लोगों से इस अभियान में शामिल होकर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।
             साइकिल रैली का यह अभियान केवल एक खेल गतिविधि नहीं बल्कि जन-जागरूकता का माध्यम भी बनेगा, जिसके जरिए लोगों को नियमित व्यायाम, सक्रिय जीवनशैली और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के महत्व से अवगत कराया जाएगा। विभाग ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों एवं समूहों का पंजीयन भारत सरकार के निर्धारित पोर्टल पर किया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों से उत्साहपूर्वक सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। साइकिलिंग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और ईंधन बचत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि वे 7 जून को आयोजित होने वाले इस जन-जागरूकता अभियान का हिस्सा बनें और स्वस्थ, सक्रिय एवं फिट भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

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खरीफ सीजन से पहले किसानों के लिए बड़ी राहत: 79 समितियों में खाद का पर्याप्त भंडार, 7 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण

रायगढ़, 5 जून 2026/ खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए जिले में किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरकों का निरंतर भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
            अपेक्स बैंक के जिला नोडल अधिकारी श्री एस.पी.सिंह ने बताया कि जिले की 79 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में समितियों में रासायनिक खाद का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसानों की मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति की जा रही है। अब तक किसानों को 7 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
             जिला प्रशासन द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप समितियों में अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने के लिए रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ हरी खाद, जैव उर्वरक एवं नीलहरित काई जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के उपयोग हेतु भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग द्वारा खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सके तथा बेहतर फसल उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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रायगढ़ में रोजगार का बड़ा मौका: 8 जून को मेगा जॉब फेयर, ITI और 10वीं पास युवाओं को मिलेगा नौकरी का अवसर, 12,500 रुपये तक वेतन

रायगढ़, 5 जून 2026/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 8 जून 2026 को प्रातः 10 बजे से शासकीय आईटीआई, बोईरदादर, रायगढ़ में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। रोजगार मेले में नालवा स्पेशल स्टील लिमिटेड द्वारा ईओटी ऑपरेटर, गैस कटर, ग्राइंडरमैन, फिटर एवं वेल्डर पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए संबंधित ट्रेड में आईटीआई उत्तीर्ण पुरुष अभ्यर्थी पात्र होंगे। प्रत्येक पद के लिए 4-4 रिक्तियां उपलब्ध हैं तथा चयनित अभ्यर्थियों को 12,500 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा।
          इसी प्रकार श्री बजरंग मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, रायगढ़ द्वारा मैकेनिक हेल्पर, डेंटर हेल्पर एवं हाउसकीपिंग पदों के लिए भर्ती की जाएगी। मैकेनिक हेल्पर पद हेतु डीजल मैकेनिक ट्रेड में आईटीआई, डेंटर हेल्पर पद हेतु फिटर ट्रेड में आईटीआई तथा हाउसकीपिंग पद हेतु 10वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। इन पदों के लिए क्रमशः 5, 2 एवं 1 रिक्तियां उपलब्ध हैं। हाउसकीपिंग पद के लिए 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित है, जबकि मैकेनिक हेल्पर एवं डेंटर हेल्पर पदों पर प्रशिक्षुता अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मानदेय प्रदान किया जाएगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो तथा बायोडाटा की प्रतियां साथ लानी होंगी।

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खरसिया में आबकारी विभाग का बड़ा छापा, 26.400 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार कर सीधे भेजे गए जेल

रायगढ़, 5 जून 2026/ जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुल 26.400 लीटर महुआ शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में 4 जून को आबकारी वृत्त खरसिया की टीम ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर यह कार्रवाई की। आबकारी उपनिरीक्षक कुशल पटेल एवं स्टाफ द्वारा की गई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अवैध महुआ शराब बरामद हुई।
            आबकारी विभाग के अनुसार, एडुपुल देहजरी निवासी शंकर नारायण बंजारे के कब्जे से 7 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। वहीं अचानकपुर (डोमनारा) निवासी महेश राठिया के पास से 10.200 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। इसी प्रकार अचानकपुर (डोमनारा) की निवासी दमयंती राठिया के कब्जे से 9.200 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। तीनों मामलों में आबकारी टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आबकारी विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग ने कहा है कि अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण एवं तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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रायगढ़ में बच्चों में बढ़ते मधुमेह पर बड़ा एक्शन, स्वास्थ्य विभाग-यूनिसेफ ने 105 मितानिन प्रशिक्षकों को दी विशेष ट्रेनिंग, गांव-गांव होगी टाइप-1 डायबिटीज की पहचान

रायगढ़, 5 जून 2026/ बच्चों में बढ़ते मधुमेह, विशेषकर टाइप-1 डायबिटीज की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में जिले भर के 105 मितानिन प्रशिक्षकों, विकासखंड समन्वयकों, एसपीएस एवं जिला समन्वयकों ने भाग लिया।
           कार्यशाला में यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज बच्चों में होने वाली एक गंभीर लेकिन प्रबंधनीय बीमारी है। इसकी समय पर पहचान और उचित उपचार से बच्चों को स्वस्थ एवं सामान्य जीवन प्रदान किया जा सकता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को बीमारी के लक्षणों की शीघ्र पहचान, उपचार, परामर्श एवं समग्र प्रबंधन संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
          प्रशिक्षण के दौरान टाइप-1 डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, रोगी परामर्श एवं सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियां तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग के महत्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा करते हुए विषय की गहन समझ विकसित की, जिससे भविष्य में बाल मधुमेह से प्रभावित बच्चों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
            मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। इससे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता में वृद्धि होगी और बाल मधुमेह के मामलों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह एवं श्री अक्षय तिवारी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही, जो इस विषय के प्रति स्वास्थ्यकर्मियों की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
             कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी (एनसीडी) डॉ. कैनन डेनियल, जिला नोडल अधिकारी सिकल सेल डॉ. जावेद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा, डीपीएचएन श्रीमती सीमा बरेठ तथा सहायक नोडल सलाहकार डॉ. सुमित मंडल सहित जिला स्तर के अधिकारियों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, अचानक वजन कम होना, कमजोरी एवं थकान, धुंधला दिखाई देना, घाव का देर से भरना तथा बच्चों में चिड़चिड़ापन या व्यवहार में बदलाव शामिल हैं। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, मीठे पेयों से परहेज तथा नियमित स्वास्थ्य जांच को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बाल मधुमेह की समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकेगी।

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