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नैनो उर्वरकों ने बदली खेती की तस्वीर, किसान जगदीश प्रधान को मिला बेहतर उत्पादन,जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अपनाई आधुनिक तकनीक

रायगढ़, 5 जून 2026/ खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। रायगढ़ विकासखंड के ग्राम भिखारीमाल निवासी किसान जगदीश प्रधान ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
            जगदीश प्रधान ने अपनी लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया। वे बताते हैं कि कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन से उन्हें इन उर्वरकों के सही उपयोग की समझ मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग शुरू किया, जिसके परिणाम उत्साहजनक रहे। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधे अधिक स्वस्थ एवं हरे-भरे दिखाई दिए तथा उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला। साथ ही अन्य उर्वरकों की तुलना में लागत कम हुई और पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ी, जिससे खेती अधिक लाभकारी बन सकी।
             जगदीश प्रधान का कहना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने का कार्य कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। बता दे कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को नवाचार आधारित खेती से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। जिला प्रशासन ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे आधुनिक उर्वरकों का उपयोग करें और वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी आय एवं उत्पादन में वृद्धि करें।

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गांव-गांव में विशेष ग्राम सभा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की जानकारी देकर स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त भविष्य का लिया संकल्प

रायगढ़, 5 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में आयोजित इन ग्राम सभाओं का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक करना रहा। विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि ठोस अपशिष्टों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसके माध्यम से न केवल गांवों को स्वच्छ बनाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को भी प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
               ग्राम सभाओं में घरेलू कचरे के पृथक्करण, जैविक एवं अजैविक अपशिष्टों के अलग-अलग संग्रहण, प्लास्टिक अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान तथा स्वच्छता गतिविधियों में जनसहभागिता की आवश्यकता पर विशेष चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया गया। ग्राम पंचायतों में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों एवं युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

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आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा रायगढ़ प्रेस क्लब भवन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण

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रायगढ़, 5 जून 2026/ प्रदेश के वित्त एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने आज सुबह डिग्री कॉलेज रोड स्थित निर्माणाधीन प्रेस क्लब भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन निर्माण में पत्रकारों की व्यावसायिक आवश्यकताओं, आधुनिक तकनीकी सुविधाओं तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए।
            निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने भवन के ड्राइंग-डिजाइन, लेआउट, सभाकक्ष, कमरों की संख्या तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब केवल एक भवन नहीं बल्कि संवाद, विचार-विमर्श और अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण मंच होता है। इसलिए भवन का निर्माण ऐसा होना चाहिए जो पत्रकारों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न आयोजनों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस, सेमिनार और अन्य कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए भवन में साउंड प्रूफिंग, आधुनिक ऑडियो-वीडियो सुविधाएं, व्यवस्थित बैठक व्यवस्था तथा आवश्यक तकनीकी संसाधनों का समावेश किया जाए। साथ ही भवन की संरचना ऐसी हो जो लंबे समय तक टिकाऊ, सुविधाजनक और उपयोगी बनी रहे। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रायगढ़ प्रेस क्लब भवन पत्रकारों के लिए एक बेहतर कार्यस्थल के रूप में विकसित होगा, जहां संवाद, विमर्श और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर प्रभावी गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।
              उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने गत 2 मई को वार्ड क्रमांक 27 में प्रस्तावित अत्याधुनिक प्रेस क्लब भवन का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया था। भूमिपूजन के महज एक माह के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाना परियोजना के प्रति शासन की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। करीब 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले इस आधुनिक प्रेस क्लब भवन के लिए भूमि संबंधी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शासन से 20 लाख रुपए तथा विधायक निधि से 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री चौधरी ने कहा था कि प्रेस क्लब भवन की मांग को लेकर पत्रकार साथियों द्वारा लगातार प्रयास, संवाद और सकारात्मक फॉलोअप किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ हो सका है। उन्होंने कहा था कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है, जो समाज के महत्वपूर्ण वर्गों को सशक्त बनाते हैं। पत्रकार लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराना जनहित में आवश्यक है।
             इस अवसर पर महापौर नगर निगम श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ को आधुनिक शहर बनाने मैदान में उतरे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

रायगढ़, 5 जून 2026/ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित विकास कार्यों का व्यापक निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, जनसुविधा और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। रायगढ़ को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने ढिमरापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नाली निर्माण कार्य, सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन, दीनदयालपुरम फेस-2 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जूटमिल हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र, एफसीआई परिसर में निर्माणाधीन ऑक्सीजोन, मिट्ठूमुड़ा तालाब तथा सामुदायिक भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, लागत तथा पूर्णता अवधि की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
             सिंदूर पार्क के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं बच्चों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने पार्क में हरित क्षेत्र विस्तार, पाथवे के उन्नयन तथा सौंदर्यीकरण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्क केवल मनोरंजन के स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद, स्वास्थ्य संवर्धन और सामुदायिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। मिनी स्टेडियम में निर्माणाधीन स्केटिंग रिंक एवं रोल बॉल एरेना सहित खेल अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर खेल सुविधाएं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करेंगी तथा जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाएंगी।

*पंचतत्व गार्डन को लेकर दिए निर्देश*

पंचतत्व गार्डन के निरीक्षण के दौरान श्री चौधरी ने इसे प्रकृति आधारित थीम के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस स्थल का विकास उसकी प्राकृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए किया जाना चाहिए, जिससे यह पर्यावरणीय जागरूकता और प्रकृति से जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सके। दीनदयालपुरम फेस-2 तथा जूटमिल हाउसिंग बोर्ड क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों से चर्चा करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं का जायजा लिया। नागरिकों की मांग पर पार्किंग सुविधा, सामुदायिक भवन तथा सार्वजनिक उपयोग के अन्य अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जूटमिल क्षेत्र में निर्माणाधीन मंच को शीघ्र पूर्ण कर बहुउद्देशीय सार्वजनिक कार्यक्रम स्थल के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया।

*कृष्णा नगर में सामुदायिक भवन का किया भूमिपूजन*

इस दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वार्ड क्रमांक 26 के कृष्णा नगर मोहल्ला में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं और इनके माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री चौधरी ने सिंदूर पार्क में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्वच्छ और संतुलित पर्यावरण भावी पीढ़ियों के लिए हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उन्होंने सिंदूर पार्क में श्री राणी सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा स्थापित वाटर कूलर का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्क में आने वाले नागरिकों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।
           इस अवसर पर महापौर नगर निगम श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, श्री सुरेश गोयल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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जंगल-पहाड़ों की चुनौतियों को मात देकर कुन्तला तिर्की ने पहुंचाया महतारी वंदन का लाभ, 84 में से 83 महिलाओं की ई-केवाईसी कर बनीं सेवा और समर्पण की मिसाल

रायगढ़,5 जून 2026।  विकास की असली तस्वीर अक्सर उन दूरस्थ बस्तियों में दिखाई देती है, जहां सुविधाएं सीमित होती हैं, लेकिन सेवा का संकल्प असीमित। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य धरमजयगढ़ विकासखंड के दुर्गम वनांचल क्षेत्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कुन्तला तिर्की ने ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। कठिन पहाड़ी रास्तों, सीमित संसाधनों और परिवहन सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तक पहुंचकर न केवल उन्हें योजना की जानकारी दी, बल्कि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी कराई। उनके अथक प्रयासों से 84 में से 83 महिलाओं की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी।
धरमजयगढ़ के कापू परियोजना अंतर्गत आने वाला खम्हार सेक्टर जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी सेक्टर के रामपुरिया आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। पहाड़ी और वन क्षेत्र से गुजरते हुए तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो और कोरवा समुदाय की आबादी वाले इस गांव में महतारी वंदन योजना के 84 हितग्राही पंजीकृत थे।
योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण करना आवश्यक था, लेकिन दूरस्थ भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण यह कार्य आसान नहीं था। ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुन्तला तिर्की ने जिम्मेदारी को केवल सरकारी दायित्व नहीं माना, बल्कि इसे महिलाओं तक शासन की योजना पहुंचाने का मिशन बना लिया।
उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क किया, उन्हें ई-केवाईसी की आवश्यकता समझाई और योजना के लाभों की जानकारी दी। कई बार उन्हें हितग्राहियों के साथ पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ी। अनेक महिलाओं को वे स्वयं अपने साथ लेकर लगभग दस किलोमीटर दूर खम्हार तक पहुंचीं, ताकि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो सके। जिन महिलाओं की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो पाई, उन्हें बाद में धरमजयगढ़ ले जाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराईं।
लगातार प्रयासों, धैर्य और समर्पण का परिणाम यह रहा कि 84 में से 83 हितग्राहियों की ई-केवाईसी समय पर पूरी हो गई। शेष एक हितग्राही के संबंध में भी आवश्यक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने अपनी समर्पण भाव ने महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन को गति ही नहीं दी, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के प्रति लोगों का विश्वास को भी मजबूत किया है।
विशेष रूप से पण्डो और कोरवा समुदाय की महिलाओं में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। महिलाओं ने स्वयं आगे आकर योजना से जुड़ने में रुचि दिखाई, जिससे महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को भी बल मिला है।
कुन्तला तिर्की की यह कहानी  दुर्गम पहाड़ियों और कठिन रास्तों के बीच उनकी यह सेवा भावना आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है।

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रायगढ़ के 385 खिलाड़ियों ने ग्रीष्मकालीन खेल शिविर में दिखाया दमखम, 14 खेल विधाओं में प्रशिक्षण लेकर भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए हुए तैयार

रायगढ़, 5 जून 2026। ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में रायगढ़ स्टेडियम बोईरदादर में संपन्न हुआ। जिसमें कुल 385 खिलाड़ियों ने सक्रिय भागीदारी कर अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन एवं समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। शिविर में कुल 14 खेल विधाओं को शामिल किया गया था, जिनमें बैडमिंटन, कबड्डी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, ताइक्वांडो, कूडो, आर्चरी, बॉक्सिंग, किक-बॉक्सिंग, योगासन एवं वुशू प्रमुख रहे। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को तकनीकी कौशल, शारीरिक फिटनेस, खेल अनुशासन तथा टीम भावना के विकास पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया।
        समापन समारोह में सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी, रायगढ़ श्री जीवन लाल नायक, सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायगढ़ श्रीमती प्रतिमा सागर, व्यायाम शिक्षक श्री जितेश्वर प्रधान, सेवानिवृत्त सहायक संचालक श्री प्रेमकिशोर प्रधान, श्री मुकेश चटर्जी सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षक, श्री बी.के. डनसेना सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षक सहित जिला स्तरीय खेल संघों के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षकगण उपस्थित रहे।
            इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर केवल खेल कौशल विकसित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बच्चों एवं युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को एक समान अवसर प्रदान करते हैं, जिससे खिलाड़ी भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। खेल जीवन में केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का एक महत्वपूर्ण साधन है, जो युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। मौके पर सेवानिवृत्त व्यायाम शिक्षकों का विशेष सम्मान किया गया तथा प्रत्येक खेल से चयनित सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (बालक/बालिका) को भी सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी खेल प्रशिक्षकों को उनके योगदान हेतु मानदेय राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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रायगढ़ को मिली 28 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात: कोसमनारा में बनेगा अत्याधुनिक उद्यानिकी महाविद्यालय, प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने किया भूमिपूजन; किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए खुलेगा विकास का नया द्वार

रायगढ़, 4 जून 2026/ प्रदेश के कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान ग्राम कोसमनारा में 23 करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, 100 सीटर बालक छात्रावास तथा 100 सीटर बालिका छात्रावास भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर ग्राम पटेलपाली स्थित फल-सब्जी मंडी परिसर में 4 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण भी किया गया।
             कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन की शुरुआत जय मां चंद्रहासिनी के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन तिहार के माध्यम से शासन गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह संस्थान आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से प्राप्त ज्ञान और तकनीक किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
              प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने किसानों से जैविक खेती को अपनाने तथा गोबर खाद एवं जैविक उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इसलिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
               कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायगढ़ लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा में स्थापित होने वाला उद्यानिकी महाविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा तथा कृषि आधारित रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित कृषि शिक्षा से किसान नई जानकारी प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। सांसद श्री राठिया ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रदेश सरकार तथा वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी के विशेष प्रयासों से रायगढ़ जिले को यह महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं कृषि अधोसंरचना की सौगात प्राप्त हुई है। इससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
                   कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष श्री कमल गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुकलाल चौहान, सरपंच कोसमनारा श्रीमती कृष्णा डनसेना, श्री गिरधर गुप्ता, श्री सुभाष पाण्डेय, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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सुशासन तिहार में उमड़ा जनसैलाब: 700 से ज्यादा आवेदनों पर कार्रवाई, प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा— जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की असली पहचान

रायगढ़, 4 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुशासन तिहार के तहत आज जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम छोटे मुड़पार में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। 
            कार्यक्रम में प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों से 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा के भीतर निराकरण के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
             ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन तिहार इसी संकल्प का परिणाम है, जहां शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की स्थापना की जा रही है। सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही प्रदेश और देश के विकास की आधारशिला है। जब किसान समृद्ध होगा, युवा आत्मनिर्भर होगा और गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा। प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएं। प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।

*हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात*

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत केवरा बाई महंत एवं पांचो बाई को आवास की चाबी सौंपी गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा तुषार रौतिया, अघोरी दास महंत, भोकलो पटैल एवं कुशवाराम सिदार को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। मछली पालन विभाग द्वारा रामकुमारी दिसार एवं श्रीमती जानकी पटैल को मछली पकड़ने का जाल तथा श्रीमती बलेश्वरी सिदार एवं श्रीमती पीली बाई पटैल को आइस बॉक्स प्रदान किया गया। कृषि विभाग द्वारा सेवकराम पटेल, धनाराम पटेल, महेत्तर भारद्वाज एवं तुलसी बाई सिदार को हरी खाद एवं बीज सामग्री वितरित की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से तीरथ राम सिदार एवं खीर कुमारी राठिया को फील्ड टेस्टिंग किट प्रदान की गई। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अर्पिता, पूजा पटैल एवं आरुषी पटैल को स्थायी जाति प्रमाण-पत्र सौंपे गए।
             इसी प्रकार लालाराम पटैल, जमाबाई सिदार, छेदीलाल साहू, बृजमोहन पटैल तथा रोहित राठिया को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के चेक वितरित किए गए। शिविर में आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड एवं राशन कार्ड का भी वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छह गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा ग्रामीणों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया गया। सुशासन तिहार के इस शिविर ने शासन और जनता के बीच संवाद का एक सशक्त मंच प्रदान किया, जहां समस्याओं के समाधान के साथ-साथ विकास योजनाओं का लाभ भी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाया गया। 

*जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही बड़ी भागीदारी*

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष श्री कमल गर्ग, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार,जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुकलाल चौहान,  श्री गिरधर गुप्ता, श्री सुभाष पाण्डेय, एवं संबंधित ग्राम पंचायत के पंच सरपंच एवं  कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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अब गांव-गांव में कचरे पर होगा कड़ा प्रबंधन, एसडब्ल्यूएम नियम-2026 लागू करने सचिवों को मिला विशेष प्रशिक्षण

रायगढ़, 4 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत घरघोड़ा, धरमजयगढ़ एवं तमनार में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए एसडब्ल्यूएम 2026 विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना तथा एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। इस दौरान सचिवों को ग्राम पंचायतों की भूमिका, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन तथा अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
          प्रशिक्षण में बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों के निर्माण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के तहत निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा सचिवों को सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर रायगढ़ में हरित क्रांति का शंखनाद, जल संरक्षण और वृक्षारोपण से बदलेगी गांवों की तस्वीर

रायगढ़, 4 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महात्मा गांधी नरेगा, ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान तथा वीबी-जीराम जी के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
            जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल सुरक्षा को मजबूत करना है। ग्राम पंचायतों से लेकर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
             जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 791 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए गए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 288 नए कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने तथा वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। अमृत सरोवर, तालाब, जलाशय, स्टॉप डैम एवं अन्य जल संरचनाओं के विकास से जिले में जल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार मिला है। वहीं पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी नरेगा के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य भी किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत वृक्षारोपण, ब्लॉक प्लांटेशन एवं सड़क किनारे वृक्षारोपण सहित 416 वृक्षारोपण कार्यों में 68 हजार 247 पौधे स्वीकृत किए गए, जिनमें से 46 हजार 23 पौधों का रोपण पूर्ण किया जा चुका है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए दीर्घकालिक आय एवं आजीविका का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

*ग्राम सभाओं से स्कूलों तक चलेगा जागरूकता अभियान, ‘एक बच्चा-एक पौधा’ बनेगा आकर्षण का केंद्र*

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान, अमृत सरोवरों एवं जल संरक्षण संरचनाओं के आसपास वृक्षारोपण, जल संरक्षण शपथ, वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत विशेष जागरूकता गतिविधियां भी संचालित होंगी। विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में चित्रकला, निबंध और क्विज प्रतियोगिताओं के साथ ‘एक बच्चा-एक पौधा’ अभियान चलाया जाएगा। ग्राम स्तर पर आयोजित जनसंवाद और ग्राम सभाओं में मानसून पूर्व जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा, आगामी वृक्षारोपण योजनाओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता को लेकर चर्चा की जाएगी।
            5 जून को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा। ग्राम पंचायतों में कचरा पृथक्करण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ ग्राम निर्माण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर संकल्प लिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों को कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलेवासियों से जल संरक्षण, पौधरोपण और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनआंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है।

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सोशल मीडिया स्टंट के चक्कर में मौत के मुहाने तक पहुंचे युवक, 52 हाथियों के झुंड के बीच घुसे; ड्रोन कैमरे ने खोली पोल, वन विभाग की सख्ती से टला बड़ा हादसा

रायगढ़, 4 जून 2026/ छाल परिक्षेत्र में 52 हाथियों के विशाल दल की निगरानी के दौरान वन विभाग की सतर्क ड्रोन मॉनिटरिंग ने एक बड़ी लापरवाही को समय रहते पकड़ लिया, जिससे संभावित बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद युवक आरक्षित वन क्षेत्र में घुसकर दंतैल हाथी के नजदीक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। उनकी खतरनाक हरकतें ड्रोन कैमरे में कैद हो गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
            वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ ने बताया कि उक्त घटना 28 मई 2026 की शाम की है, जब छाल परिक्षेत्र के एडू संगम क्षेत्र के समीप 52 हाथियों के विशाल दल की गतिविधियों पर वन विभाग ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी कर रहा था। हाथियों के इस बड़े झुंड में कई मादा हाथियों के साथ शावक भी मौजूद थे, वहीं एक आक्रामक नर दंतैल हाथी भी दल के आसपास विचरण कर रहा था। इसी दौरान ड्रोन कैमरे में एक लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक आरक्षित वन क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दिए। वन अमले की मनाही और खतरे की जानकारी होने के बावजूद वे चोरी-छिपे जंगल के भीतर प्रवेश कर गए। कुछ दूरी आगे बढ़ने के बाद दो अन्य युवक भी उनके साथ जुड़ गए और सभी हाथियों की दिशा में बढ़ने लगे।
           वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिस रास्ते से युवक आगे बढ़ रहे थे, उसी मार्ग के समीप हाथियों का विशाल दल मौजूद था। स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई जब दल से अलग होकर एक विशाल नर दंतैल हाथी युवकों की दिशा में वापस मुड़ने लगा। इसके बावजूद युवक हाथी के अत्यंत करीब पहुंचने का प्रयास करते रहे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वे वीडियो बनाने, फोटो खींचने अथवा सोशल मीडिया पर दिखावे के लिए हाथियों के नजदीक जाने का प्रयास कर रहे थे। ड्रोन कैमरे की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे वन अधिकारियों ने जैसे ही युवकों की गतिविधियां देखीं, तुरंत स्थिति पर नजर बनाए रखी। कुछ ही देर बाद जब ड्रोन कैमरा युवकों के ऊपर पहुंचा तो उन्हें अपनी पहचान उजागर होने का अंदेशा हुआ और वे घबराकर मौके से भाग निकले। वन विभाग का मानना है कि यदि कुछ मिनट और देरी होती तो हाथी का हमला किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। विभाग की त्वरित निगरानी और सतर्कता ने संभावित जनहानि को टाल दिया।
           वन विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के अनुसार आरक्षित वन क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1)(डी) का उल्लंघन है। इसके अलावा वन्यजीवों का पीछा करना, उन्हें उकसाना अथवा उनके प्राकृतिक व्यवहार में बाधा उत्पन्न करना भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत दंडनीय अपराध है। वन विभाग ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है तथा इसकी सूचना थाना छाल को भी भेज दी गई है। ड्रोन फुटेज और उपलब्ध फोटोग्राफिक साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान कर ली गई है और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन अधिकारियों ने बताया कि घटना से संबंधित वीडियो और फोटो विभाग के पास सुरक्षित हैं तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। दोषियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*वन विभाग की चेतावनी*

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि हाथियों और अन्य वन्यजीवों के विचरण क्षेत्र में प्रवेश न करें तथा रोमांच, सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए वन्यजीवों के करीब जाने की कोशिश न करें। ऐसी हरकतें न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि स्वयं के जीवन और वन्यजीवों दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी हाथियों एवं अन्य वन्यप्राणियों को परेशान करने, उनका पीछा करने या उनके प्राकृतिक आवास में हस्तक्षेप करने वालों के खिलाफ ड्रोन निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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रायगढ़ में स्कूल लिपिकों की बैठक, रिकॉर्ड संधारण और ऑनलाइन प्रविष्टियों में त्रुटिरहित कार्य पर जोर ,विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ करने दिए गए दिशा-निर्देश

रायगढ़, 3 जून 2026/ विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी संचालन, विभागीय योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन तथा शासन के निर्देशों के समयबद्ध पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.व्ही.राव के मार्गदर्शन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायगढ़ में विकासखंड के समस्त हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के लिपिकों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
            बैठक में विद्यालय स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति, यू-डाइस डेटा प्रविष्टि, नामांकन, परीक्षा संबंधी कार्यों, वित्तीय प्रबंधन तथा अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने सभी लिपिकों से विभागीय कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का आह्वान किया। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल ने कहा कि विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अभिलेखों का व्यवस्थित एवं अद्यतन संधारण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी लिपिकों को शासन एवं विभाग द्वारा जारी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने, विभागीय पत्राचार का समय पर निराकरण करने तथा ऑनलाइन पोर्टलों में जानकारी दर्ज करते समय विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों की गुणवत्ता और अद्यतन स्थिति ही विभागीय कार्यों की सफलता का आधार है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि विद्यार्थियों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं एवं योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ करें।

*पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान*
बैठक में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी.पी. पटेल एवं अनिल साहू ने भी उपस्थित लिपिकों को संबोधित किया। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि विभागीय योजनाओं, वित्तीय अभिलेखों, छात्रवृत्ति वितरण, यू-डाइस, नामांकन, परीक्षा एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का संचालन पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने संकुल स्तर पर सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन करने, विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी एवं प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने तथा उच्च कार्यालयों से प्राप्त निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी लिपिकों से आपसी समन्वय, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। बैठक में विकासखंड रायगढ़ के विभिन्न विद्यालयों से आए सभी लिपिक उपस्थित रहे।

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विकसित भारत की ऊर्जा नींव पर मंथन: चंडीगढ़ में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने रखी भविष्य की बिजली व्यवस्था की रूपरेखा

रायगढ़, 3 जून 2026/ भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक विद्युत अवसंरचना और मजबूत उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए राज्यसभा सांसद एवं परामर्शदात्री समिति के सदस्य श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश के आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए विद्युत क्षेत्र का निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण आवश्यक है।
              चंडीगढ़ स्थित जे.डब्ल्यू. मैरियट होटल में केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता तथा केंद्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नायक की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित विद्युत मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में देशभर से आए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों और विशेष आमंत्रित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, विद्युत क्षेत्र के समग्र विकास तथा स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर विस्तृत मंथन किया गया।
             बैठक के दौरान देश में विद्युत पारेषण एवं वितरण अवसंरचना के विस्तार, राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने तथा सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के प्रभावी एकीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत तंत्र को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। समिति के सदस्यों ने उन्नत पूर्वानुमान प्रणाली, स्मार्ट ग्रिड तकनीक, विद्युत आपूर्ति की स्थिरता, दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विद्युत सुविधाओं के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवाचार आधारित सुधारों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
             राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक और रणनीतिक मजबूती का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण विद्युत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति की आधारशिला होती है। उद्योग, कृषि, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा डिजिटल सेवाओं जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों का संचालन विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर करता है। भारत विश्व की सबसे तेज गति से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसके साथ ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सौर, पवन और अन्य नवीन ऊर्जा स्रोतों के विकास के साथ-साथ आधुनिक विद्युत अवसंरचना का निर्माण अत्यंत आवश्यक हो गया है। 
     राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी सफल होगा जब देश की ऊर्जा व्यवस्था मजबूत, आधुनिक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप होगी। उन्होंने विद्युत मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति का सदस्य होने को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि समिति केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मार्गदर्शन में देश के विद्युत क्षेत्र को अधिक सक्षम, टिकाऊ, आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने, विद्युत क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने तथा आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और रणनीतियां सामने आईं, जिन पर केंद्र सरकार गंभीरता से कार्य करेगी।

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रायगढ़ में ‘स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु’ अभियान को मिली नई गति, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

रायगढ़, 3 जून 2026/ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले के विभिन्न विभागों एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमावली के प्रावधानों से अवगत कराते हुए उसके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए तैयार करना था।
             कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रमुख प्रावधानों, ग्राम पंचायत स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, घरों एवं संस्थानों से निकलने वाले कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्लास्टिक एवं घरेलू अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा स्वच्छता संबंधी अधोसंरचना के प्रभावी संचालन एवं रखरखाव पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े व्यवहार परिवर्तन, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने तथा अपशिष्ट प्रबंधन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, पर्यावरण प्रदूषण को कम करना तथा अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कचरा पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
           अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर सूखा एवं गीला कचरा पृथक करने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए तथा ग्रामीणों को इसके लिए नियमित रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट के पृथक संग्रहण एवं उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी अधोसंरचनाओं का नियमित संचालन एवं रखरखाव सुनिश्चित करना स्थानीय निकायों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और सामुदायिक सहयोग आवश्यक है।
             कार्यशाला में ‘स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ग्रामीण समुदाय, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यालयों, युवाओं तथा सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ते हुए स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करें। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों एवं पंचायतों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित समीक्षा, निगरानी एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
              इस अवसर पर उप संचालक पंचायत, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी विकासखंड स्वच्छता अधिकारी, विकासखंड समन्वयक, क्लस्टर समन्वयक, जनपद एवं जिला स्तर के संकाय सदस्य, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला सलाहकार, समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के विकासखंड परियोजना प्रबंधक तथा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था होगी और मजबूत, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत पठारे ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर

रायगढ़, 3 जून 2026/  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 (एसडब्ल्यूएम नियम-2026) उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों तथा स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
              बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही घर-घर से निकलने वाले कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण एवं निस्तारण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने संबंधी विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
            सीईओ श्री पठारे ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक अभियान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छता गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करते हुए आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के अधिकारियों को एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की सतत निगरानी की जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर कचरा संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष अभियान चलाकर ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त बनाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
    सीईओ श्री पठारे ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में नियमित निरीक्षण करने तथा स्वच्छता गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में स्वच्छ ग्राम-सुरक्षित जलवायु अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं और स्वच्छ ग्रामों के निर्माण से ही सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए विशेष जनसंपर्क गतिविधियां संचालित की जाएं तथा नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक उपयोग में कमी और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए। स्कूलों, स्व-सहायता समूहों, युवा संगठनों एवं स्थानीय समुदायों को अभियान से जोड़कर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश भी दिए गए।
              बैठक में विभिन्न विकासखंडों में संचालित स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर उप संचालक पंचायत, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, जिला सलाहकार, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकासखंड स्वच्छता अधिकारी, विकासखंड समन्वयक तथा क्लस्टर समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए स्वच्छता संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक सुझाव साझा किए।

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खरीफ से पहले किसानों को बड़ी राहत: जिले में 24 हजार मीट्रिक टन खाद का भंडार, कालाबाजारी रोकने प्रशासन अलर्ट

रायगढ़, 3 जून 2026/ जिले में खरीफ सीजन की तैयारियां पूरी गति से चल रही हैं और किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने, उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा प्रत्येक कृषक तक समान रूप से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में सतत निगरानी और सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था लागू की गई है। वर्तमान में जिले में 24 हजार मीट्रिक टन उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, जिससे किसानों की मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासनिक सक्रियता और योजनाबद्ध प्रबंधन के कारण जिले में खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है, जिससे किसानों में संतोष और विश्वास का माहौल बना हुआ है।
             उप संचालक कृषि  ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित खाद वितरण सीमा का उद्देश्य किसी भी किसान को खाद से वंचित करना नहीं है, बल्कि जिले के अंतिम छोर तक बसे किसानों को भी समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था उर्वरकों के संतुलित वितरण और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लागू की गई है। कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षक, निगरानी दल और मैदानी अमले प्रतिदिन सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। किसानों को उनके खेती के रकबे के अनुसार नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। किसी भी विक्रय केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगे भी जिले के सभी उर्वरक विक्रय केंद्रों की निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकें।
             कृषि विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से हरी खाद उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, जनसंपर्क गतिविधियों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग से किसानों को बेहतर उत्पादन के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इन प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है।

*बीज भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था, किसानों से भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील*

जिले की सहकारी समितियों में खाद एवं बीज भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग ने बताया है कि गोदामों में खाद और बीज के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है तथा किसी भी समिति में भंडारण क्षमता की कमी नहीं है। बीजों का सुरक्षित रख-रखाव और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद एवं बीज की उपलब्धता को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जिले में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता तथा मजबूत निगरानी व्यवस्था के कारण किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक कृषि आदान आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे बेहतर उत्पादन और कृषि समृद्धि की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।

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सुशासन तिहार: बाकारूमा शिविर में हितग्राहियों को मिला योजनाओं का त्वरित लाभ ,फलदार पौधों, श्रम कार्ड और सहायक उपकरणों का किया गया वितरण

रायगढ़, 2 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व आयोजित सुशासन तिहार  आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से लोगों को अपनी मांगों एवं शिकायतों के निराकरण का अवसर मिल रहा है, वहीं विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ भी उन्हें मौके पर ही प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में धरमजयगढ़ विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम-बाकारूमा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में अनेक हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया, जिससे उनके चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता झलक उठी। ़
            शिविर में विभिन्न ग्रामों से पहुंचे 20 हितग्राहियों को फलदार पौधों का वितरण किया गया। उन्हें पौधों के संरक्षण एवं देखरेख के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे भविष्य में ये पौधे आय का अतिरिक्त स्रोत बन सकें। शिक्षा विभाग द्वारा चार छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि समाज कल्याण विभाग ने तीन वरिष्ठ नागरिकों को वॉकिंग स्टिक वितरित कर उनकी दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने का प्रयास किया। श्रम विभाग द्वारा पात्रता अनुसार पांच श्रमिकों के श्रम कार्ड मौके पर ही बनाए गए। वहीं जनपद पंचायत द्वारा पीएम आवास योजना के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण पूर्ण करने वाले पांच हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर सम्मानित किया गया। 
            आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालकपोड़ी प्रकाश महिला स्व-सहायता समूह को 3 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। शिविर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाकारूमा की कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय की छात्रा नेहा राठिया को 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया। शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। साथ ही स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। 
             शिविर का स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया तथा ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री पुनेश्वर राठिया एवं श्रीमती देवंती राठिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीनव राठिया, जनपद सदस्य, सरपंचगण तथा 22 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। गौरतलब है कि भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शिविरों का आयोजन शाम 4 बजे से 7 बजे तक किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हैं तथा उनका यथासंभव त्वरित निराकरण सुनिश्चित करते हैं। बाकारूमा में आयोजित इस शिविर में 22 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

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अभियान संवेदना के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महिला से दुष्कर्म के आरोप में फरार युवक गिरफ्तार, धरमजयगढ़ पुलिस ने छाल के तरेकेला में दी दबिश, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी"

धरमजयगढ़। रायगढ़ पुलिस के अभियान संवेदना के तहत महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए धरमजयगढ़ पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में फरार एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय महिला की शिकायत पर थाना धरमजयगढ़ में मामला दर्ज किया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके परिचित युवक ने भय का माहौल बनाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। घटना के बाद मानसिक तनाव और भय के कारण वह तत्काल शिकायत दर्ज नहीं करा सकी, लेकिन बाद में पति को पूरी जानकारी देने के बाद थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धरमजयगढ़ में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल जांच शुरू की गई। पीड़िता का बयान दर्ज करने और चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने थाना छाल क्षेत्र के ग्राम तरेकेला में दबिश देकर 25 वर्षीय आरोपी बनेश्वर राठिया को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई मंजू मिश्रा और पुलिस टीम द्वारा की गई। रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी महिला संबंधी अपराध या आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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