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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा को मिला बल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों से डीएमएफ से 10.86 करोड़ के 13 विकास कार्यों को मंजूरी

रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवश्यक विकास एवं अधोसंरचना कार्यों के लिए डीएमएफ मद से कुल 13 कार्यों के लिए 10 करोड़ 86 लाख 53 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 12 कार्यों के लिए 1 करोड़ 30 लाख 35 हजार रुपये तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के कार्य के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये शामिल हैं। 

*12 गांवों में पेयजल व्यवस्था के लिए 1.30 करोड़ रुपये मंजूर*

डीएमएफ मद से स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को  सुदृढ़ करने के लिए रखा गया है। कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग रायगढ़ के माध्यम से कुल 12 पेयजल संबंधी कार्यों के लिए 1 करोड़ 30 लाख 35 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें ग्राम गोपालपुल, विकासखंड रायगढ़ में 19.20 लाख रुपये, विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम नावागांव में 18.19 लाख रुपये, ग्राम कापू में 9.97 लाख रुपये, ग्राम कुड़ेकेला में 9.99 लाख रुपये, ग्राम किरीया में 9.98 लाख रुपये, ग्राम हाटी में 9.74 लाख रुपये, ग्राम बंधापाली में 4.53 लाख रुपये, ग्राम गोलाबुड़ा में 9.85 लाख रुपये, ग्राम बोजिया में 9.18 लाख रुपये, ग्राम-अमलीटीकरा में 9.99 लाख रुपये तथा पत्थलगांव खुर्द में 9.98 लाख रुपये एवं तमनार विकासखंड के ग्राम जीवरी में 9.75 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूरा होने से संबंधित गांवों में पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद का उपयोग स्थानीय जरूरतों और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है।

*मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर निर्माण एवं विकास कार्य के लिए 9.56 करोड़ रुपये स्वीकृत*

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, रायगढ़ के माध्यम से विकासखंड धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार एवं घरघोड़ा में मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर भवन निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डीएमएफ मद से स्वीकृत इस राशि से जिले में आवश्यक अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 बनी दिव्यांगों की उम्मीद, एक कॉल पर अजय शंकर चौहान को मिली मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल

रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ शासन की जनहितकारी पहल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जरूरतमंदों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम बन रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां विकासखंड लैलूंगा के ग्राम दर्रीपारा- गहनाझरिया निवासी दिव्यांग हितग्राही अजय शंकर चौहान की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई। इससे अब उनका आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
           अजय शंकर चौहान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में बताया था कि दिव्यांगता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। शिकायत मिलते ही कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग रायगढ़ ने प्रकरण का परीक्षण कराया, पात्रता की प्रक्रिया पूरी की और उन्हें मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्रदान की। मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल मिलने के बाद अजय शंकर चौहान ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अपने दैनिक कार्य अधिक सहजता से कर सकेंगे और आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और समाज कल्याण विभाग का आभार जताते हुए कहा कि उनकी समस्या का समय पर समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का भी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

*चार स्तर पर होता है शिकायतों का निराकरण*

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। सबसे पहले शिकायत का निराकरण ब्लॉक स्तर पर किया जाता है। निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर शिकायत स्वतः जिला स्तर, फिर संभागीय/निदेशालय स्तर और अंत में सचिव अथवा विभागाध्यक्ष स्तर तक पहुंच जाती है। इस व्यवस्था से प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होती है और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे सम्मानित: रायगढ़ के आदिवासी अंचल के तीन विद्यार्थियों ने NEET-2026 में रचा इतिहास, एकलव्य विद्यालय छोटे मुड़पार की सफलता बनी पूरे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणा


रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ जिले के विकासखंड खरसिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार के तीन होनहार विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा-2026 में शानदार सफलता हासिल कर रायगढ़ जिले, अपने विद्यालय और माता-पिता का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए 28 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आयोजित भेंट-संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के हाथों राजू राठिया, धेनु राठिया और डिगेंद्र राठिया सम्मानित होंगे। आदिवासी अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले इन तीनों विद्यार्थियों की उपलब्धि पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है।
            भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली द्वारा दूरस्थ आदिवासी अंचलों में निवासरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। रायगढ़ जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और लगन का शानदार प्रदर्शन करते हुए नीट परीक्षा-2026 में सफलता हासिल की है। विद्यालय के राजू राठिया ने 720 में से 405 अंक, धेनु राठिया ने 375 अंक तथा डिगेंद्र राठिया ने 374 अंक प्राप्त किए हैं।
           आदिवासी अंचल से आने वाले इन विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और निरंतर अध्ययन के बल पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि उचित मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।

*मुख्यमंत्री निवास में होगा भेंट-संवाद*

नीट परीक्षा-2026 में सफल विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन एवं सम्मान के लिए 28 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास रायपुर में भेंट-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छोटे मुड़पार के तीनों सफल विद्यार्थियों को शामिल होने का अवसर मिला है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इन विद्यार्थियों से भेंट-संवाद करेंगे तथा उनकी सफलता के लिए उन्हें सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने का अवसर विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से गौरव और प्रेरणा का क्षण होगा। इससे न केवल इन विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि विद्यालय में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।

*कलेक्टर ने दी बधाई*

तीनों विद्यार्थियों की सफलता पर जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे ने भी विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। विद्यालय के प्राचार्य श्री अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ पीजीटी श्री जवाहरलाल सिन्हा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी राजू राठिया, धेनु राठिया और डिगेंद्र राठिया को नीट में सफलता प्राप्त करने पर बधाई दी है। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है और उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर मेहनत करने की प्रेरणा देगी।

*आदिवासी विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणा*

राजू, धेनु और डिगेंद्र की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को मिल रहे शैक्षणिक अवसरों की सफलता भी है। तीनों विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वे किसी भी ऊंचाई को हासिल कर सकते हैं।

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कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को दी सख्त समय-सीमा, सीएम हेल्पलाइन-जनदर्शन की समीक्षा के साथ जलाशयों पर अतिक्रमण रोकने के लिए विशेष सर्वे के निर्देश

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रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जनसरोकार से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आनलाईन बैठक लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, सुशासन तिहार तथा पीजीएन पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं से संबंधित लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को समय पर राहत मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी लंबित प्रकरणों का नियमित अनुश्रवण करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण, संतोषजनक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
             बैठक में कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 268 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 175 आवेदन 10 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। कलेक्टर ने अधिक लंबित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निराकरण स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का समाधान आवेदक की संतुष्टि एवं शासन के मापदंडों के अनुरूप होना चाहिए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 41 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 20 आवेदन 10 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। गत सप्ताह के दौरान 6 आवेदनों का निराकरण किया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 दिनों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
           बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 30 हजार 326 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 28 हजार 518 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 1 हजार 808 आवेदन लंबित हैं। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शेष लंबित आवेदनों का 10 अगस्त तक अनिवार्य रूप से उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
            कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा पीजीएन पोर्टल में प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पोर्टलों पर प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता दिखाई जाए, जिससे नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो। बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने विशेष रूप से विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य सभी विभागों को जनसरोकार से जुड़े लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के दौरान नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान अत्यंत आवश्यक है, इसलिए सभी विभाग मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर कार्य करें तथा शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें।
            बैठक में जिले के प्रमुख जलाशयों, तालाबों एवं शासकीय जलभराव क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षाकाल के दौरान इन स्थलों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही जलाशयों एवं शासकीय जलभराव क्षेत्रों में संभावित अतिक्रमण को रोकने के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिल्पा भगत सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी आनलाइन उपस्थित थे।

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रायगढ़ दौरे पर हाईकोर्ट के जस्टिस सचिन सिंह राजपूत का वार्षिक निरीक्षण, न्यायालयों की कार्यप्रणाली परखी और जिला जेल में बंदियों के साथ बैठकर स्वयं किया भोजन, दिए बेहतर न्यायिक व्यवस्था व मानवीय सुविधाओं के निर्देश

रायगढ़, 26 जुलाई 2026/ माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर के न्यायाधीश एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियो जज श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत द्वारा 25 एवं 26 जुलाई 2026 को रायगढ़ जिले के विभिन्न न्यायालयों तथा जिला जेल का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालयीन व्यवस्थाओं, न्यायिक कार्यप्रणाली, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। साथ ही न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, पक्षकारों तथा जेल में निरुद्ध बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।

*जिला एवं सत्र न्यायालय सहित घरघोड़ा और खरसिया न्यायालय का किया निरीक्षण*

25 जुलाई को न्यायाधिपति श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने जिला एवं सत्र न्यायालय रायगढ़, बाह्य न्यायालय घरघोड़ा तथा बाह्य न्यायालय खरसिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालयों की कार्यप्रणाली, न्यायालयीन अभिलेखों के संधारण, आधारभूत संरचना, न्यायिक प्रशासन तथा विभिन्न न्यायालयीन व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया।
          निरीक्षण के दौरान न्यायाधिपति ने न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों से न्यायिक प्रकरणों के निराकरण, अभिलेखों के रख-रखाव तथा न्यायालयीन कार्यों के सुचारू संचालन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिवक्तागण एवं न्यायालय में उपस्थित पक्षकारों से भी सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने न्यायिक कार्यों के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर देते हुए न्यायालयीन प्रशासन में दक्षता बढ़ाने तथा न्यायिक सेवाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुगम, सरल एवं जनोन्मुखी बनाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी आवश्यक सुझाव दिए।

*जिला जेल में बंदियों से किया संवाद, भोजन की गुणवत्ता जांचने स्वयं ग्रहण किया भोजन*

26 जुलाई को न्यायाधिपति श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने जिला जेल, रायगढ़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण करते हुए बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। न्यायाधिपति ने बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, आवास, चिकित्सा सुविधाओं सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की और उनके समुचित एवं त्वरित निराकरण के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।
          निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों के लिए तैयार किए गए भोजन की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। भोजन की गुणवत्ता एवं निर्धारित मापदंडों की जांच के लिए  न्यायाधिपति महोदय ने स्वयं बंदियों के लिए तैयार भोजन ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं उपलब्धता के संबंध में आवश्यक जानकारी ली और जेल प्रशासन को बंदियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
         न्यायाधिपति का यह वार्षिक निरीक्षण न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के माध्यम से जहां न्यायालयीन कार्यप्रणाली एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया, वहीं जिला जेल में निरुद्ध बंदियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों, स्वास्थ्य, गरिमापूर्ण जीवन तथा मूलभूत सुविधाओं के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की रामलला दर्शन योजना से रायगढ़ के हजारों श्रद्धालुओं का वर्षों पुराना सपना हुआ साकार, 16 जत्थों में निःशुल्क अयोध्या धाम पहुंच रहे ग्रामीण-शहरी श्रद्धालु

रायगढ़, 26 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी श्री रामलला दर्शन योजना प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए केवल एक यात्रा योजना नहीं, बल्कि वर्षों से संजोए गए धार्मिक सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक अथवा अन्य कारणों से अयोध्या धाम नहीं पहुंच पाने वाले नागरिकों को निःशुल्क प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ की धरती के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में इस योजना का प्रभाव अत्यंत सकारात्मक और व्यापक रूप से देखने को मिला है। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक जिले से 15 जत्थों में कुल 1,524 श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन के लिए रवाना किए जा चुके हैं। इनमें 1,137 ग्रामीण तथा 387 शहरी श्रद्धालु शामिल हैं। इस योजना का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचा है। कुल यात्रियों में लगभग 75 प्रतिशत ग्रामीण और 25 प्रतिशत शहरी श्रद्धालु रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि शासन की यह पहल समाज के उस वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है, जिसके लिए अयोध्या की यात्रा पहले आसान नहीं थी।
रायगढ़ जिले से रवाना होने वाले प्रत्येक जत्थे में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। "जय श्रीराम" के उद्घोष के साथ श्रद्धालु भाव-विभोर होकर यात्रा प्रारंभ करते हैं। अनेक श्रद्धालु इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक अवसर बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बचपन से रामायण में श्रीराम जन्मभूमि की कथा सुनते आए थे, लेकिन कभी यह कल्पना नहीं की थी कि उन्हें स्वयं अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।

*ग्रामीण अंचलों में सबसे अधिक प्रभाव, हर जत्थे के साथ बढ़ रहा उत्साह*

योजना की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह है कि इसका लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा है। अब तक यात्रा कर चुके 1,137 ग्रामीण श्रद्धालु इस बात के साक्षी हैं कि शासन की यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है। जिन परिवारों के लिए आर्थिक परिस्थितियों के कारण अयोध्या जाना संभव नहीं था, उन्हें अब निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

रायगढ़ जिले में अब तक आयोजित यात्राओं में अधिकांश जत्थों में 110 से 112 श्रद्धालु शामिल रहे। कई बार सभी 112 सीटें पूर्ण रूप से भरी गईं, जो योजना के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास और उत्साह को दर्शाता है। 
शहरी क्षेत्रों से भी इस योजना को अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब तक 387 शहरी श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर अयोध्या धाम पहुंच चुके हैं। प्रत्येक जत्थे में औसतन 28 शहरी यात्रियों की सहभागिता रही, जिससे स्पष्ट है कि योजना समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच रही है।

*सुरक्षित, व्यवस्थित और जनहितकारी यात्रा प्रबंधन बना योजना की सफलता का आधार*
रामलला दर्शन योजना की सफलता का एक महत्वपूर्ण पक्ष इसका सुव्यवस्थित संचालन भी है। रायगढ़ से श्रद्धालुओं को बसों के माध्यम से बिलासपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जाता है, जहां से वे विशेष ट्रेन द्वारा अयोध्या धाम के लिए रवाना होते हैं। संपूर्ण यात्रा के दौरान जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम श्रद्धालुओं के साथ रहती है, जिससे उन्हें यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रायगढ़ जिले से हाल ही में 112 श्रद्धालुओं का 16वां जत्था भी अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता, श्रद्धा और भावुकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। "जय श्रीराम" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्री रामलला दर्शन योजना आज रायगढ़ जिले में सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और जनकल्याण का सशक्त उदाहरण बन चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस दूरदर्शी पहल ने हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का अवसर देकर उनके जीवन में अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव जोड़ा है। लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में यह योजना और अधिक लोगों के लिए आस्था एवं विश्वास की नई राह खोलती रहेगी।

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कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक सौगात, एलबी शिक्षकों की प्रथम सेवा गणना सहित सभी लंबित मांगें जल्द पूरी करे सरकार : जाकेश साहू

भिलाई/दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित सिविक सेंटर के कला मंदिर में कैशलेस चिकित्सा सेवा एवं कल्याण संघ का महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना था।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ (पंजीयन क्रमांक 122202595034) के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा कि प्रदेश संरक्षक राकेश सिंह, प्रांत अध्यक्ष उषा चंद्राकर तथा संगठन की पूरी टीम के अथक प्रयासों से राज्य सरकार ने प्रदेश के पाँच लाख से अधिक कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सेवा की महत्वपूर्ण सौगात दी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अब आवश्यकता इस योजना के प्रभावी और शीघ्र क्रियान्वयन की है, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिल सके। उन्होंने इसे कर्मचारियों के लिए एक मानवीय और ऐतिहासिक पहल बताया।

अपने संबोधन में जाकेश साहू ने राज्य सरकार से प्रदेश के लगभग 1.80 लाख एलबी संवर्ग के शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रथम सेवा गणना कर वेतन विसंगति दूर की जाए तथा क्रमोन्नति वेतनमान, पुरानी पेंशन बहाली सहित सभी वैधानिक लाभ शिक्षकों को प्रदान किए जाएं।

उन्होंने यह भी मांग उठाई कि टीईटी (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कानून बनाने का आग्रह किया जाए, ताकि लंबे समय से इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।

महासम्मेलन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष राजेश चटर्जी, रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, धरमदास बंजारे, विष्णु साहू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन में कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना के सफल क्रियान्वयन तथा कर्मचारियों के लंबित मुद्दों के समाधान को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प भी लिया गया।

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मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री साय ,मुख्यमंत्री श्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

*छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

*कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना*

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

*जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

*कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। 

*‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

*स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

*मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

*युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

 इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

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प्रकृति के साथ संतुलन और जल संरक्षण भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक – राज्यपाल श्री डेका ,राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’अभियान का किया शुभारंभ

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए हमें अभी से जल संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास करने होंगे।

*पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का देगा संदेश*

           राज्यपाल श्री डेका ने आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा  पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’के लिए आयोजित राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी बहनों एवं भाइयों को  झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर की यात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देगा।

*वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के लिए प्रेरित करना*

          राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जन-जागृति का अभियान है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।  

*घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर*

        श्री डेका ने कहा कि प्रकृति हमारी मां के समान है और उसका संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के निवासी सौभाग्यशाली हैं। यह प्राकृतिक संपदा से समृद्ध प्रदेश है। यहां के घने वन, जीवनदायिनी नदियां और समृद्ध जैव-विविधता हमारी अमूल्य धरोहर हैं। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति भी सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य और सह-अस्तित्व का संदेश देती आई है। बदलते समय में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इसलिए यहां की हरियाली और प्राकृतिक जल स्रोतों को संरक्षित करना आवश्यक है।

*पर्यावरण प्रदूषण कम करने और इको फ्रेंडली तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन*

       राज्यपाल ने जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पानी की उपलब्धता भविष्य की एक बड़ी चुनौती है। जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के साथ वर्षा जल संचयन और परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। पर्यावरण प्रदूषण कम करने के लिए इको फ्रेंडली व्यवस्थाओं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देना होगा।

*सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना*

       राज्यपाल ने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। माइक्रोप्लास्टिक का प्रभाव मां के दूध तक में दिखाई देना भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंताजनक है। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से समाज एवं समुदाय के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने पर जोर दिया।

*आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम करना*

         राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी, जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धरती का बढ़ता तापमान, अनियमित मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं हमें प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रही हैं।

*सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना*

        श्री डेका ने कहा कि यह अभियान विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का भी संदेश देता है। राजयोग के माध्यम से सकारात्मक विचार और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। भौतिक प्रगति के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक चेतना भी आवश्यक है।

*प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए*

          राज्यपाल ने सभी नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह देखभाल करे। आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

         इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पदाधिकारी, ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई तथा अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित थे।

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मन की बात’ करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का सशक्त माध्यम : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रविवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में रायगढ़ के अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड का श्रवण किया।

इस अवसर पर श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों के संरक्षण और जल संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए जनसहभागिता की शक्ति को रेखांकित किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

श्री चौधरी ने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री का विशेष जोर देश को सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ आज करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ कर रहा है।

कार्यक्रम के श्रवण के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए जनहित के विषयों पर सामूहिक भागीदारी और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का संकल्प व्यक्त किया।

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मन की बात' से विकसित भारत का संकल्प हुआ और मजबूत: प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेशों का मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया श्रवण

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रायपुर, 26 जुलाई 2026/ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण का श्रवण किया। 
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित प्रेरक संदेशों को देश के विकास के लिए मार्गदर्शक बताया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश सदैव उनके शौर्य, पराक्रम और त्याग का ऋणी रहेगा।

अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और नवाचार की बढ़ती संस्कृति का उल्लेख करते हुए आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा तकनीकों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भारत की सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जनभागीदारी से किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों का विशेष उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं और ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।

कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि 'मन की बात' केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जन को राष्ट्रहित, सेवा, कर्तव्य और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने के लिए महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, सुपोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जनभागीदारी आधारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेश राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

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स्वाभिमान और उद्यमशीलता की मिसाल है सिंधी समाज-राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर, 26 जुलाई 2026/छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि सिंधी समाज स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। देश के विभाजन की विभीषिका और विस्थापन की पीड़ा सहने के बावजूद इस समाज ने अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से न केवल स्वयं को पुनः स्थापित किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्यपाल श्री डेका आज रायपुर में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत द्वारा आयोजित ‘मुखी संवाद’ (विचार, तर्क एवं सुझाव परिचर्चा) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

*विस्थापन के दर्द को ताकत बनाकर रचा नया इतिहास*

         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विभाजन के समय अपनी मातृभूमि, संपत्ति और सांस्कृतिक धरोहरों को छोड़कर आए सिंधी समाज ने उस असीम वेदना को अपनी शक्ति बनाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद समाज ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है।

*पंचायतें समाज की रीढ़, 128 पंचायतों की एकजुटता सराहनीय*

         श्री डेका ने कहा कि किसी भी समाज की रीढ़ उसकी पंचायतें होती हैं। सिंधी समाज की पंचायत व्यवस्था सामाजिक समरसता बनाए रखने के साथ-साथ प्रगतिशील सोच को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि ‘मुखी संवाद’ में प्रदेशभर की 128 पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जो समाज की संगठनात्मक शक्ति को दर्शाता है।

*युवा पीढ़ी को भाषा और संस्कृति से जोड़ने का आह्वान*

        राज्यपाल ने समाज के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सिंधी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा महिला विंग के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया।

          कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पंचायतों के मुखी, प्रतिनिधि, महिला विंग के सदस्य तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

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रक्षाबंधन पर सैनिकों के सम्मान में शुरू हुआ 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026'

*माताओं, बहनों और बच्चों से 30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील*

*महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता प्रकट करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026' का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सम्मान का एक बड़ा जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।

*वीर जवानों तक पहुंचेगा पूरे प्रदेश का स्नेह*

             मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सीमाओं पर दिन-रात तैनात वीर सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और त्याग के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा, "रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का प्यार और स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।"

*हाथों से बनी राखी, संदेश और आंगन की माटी भेजने का आग्रह*

             मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे अपने हाथों से सुंदर राखी तैयार करें, उसके साथ सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें और विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी लिफाफे में रखें। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक बनेगी।

*30 जुलाई तक जमा कर सकेंगे लिफाफा*

            मंत्री ने समय-सीमा की जानकारी देते हुए बताया कि हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश एवं पावन मिट्टी का लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। अभियान के तहत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र 'पूर्व सैनिक महासभा' के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से इन्हें देशभर के विभिन्न मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।

*सैनिकों के साथ मजबूती से खड़ा है छत्तीसगढ़*

          मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अभियान को जनभागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनाएं और अपने सैनिक भाइयों तक यह मजबूत संदेश पहुंचाएं कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मुस्तैदी से खड़ा है।

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सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत ,15 प्रतिभाशाली छात्रों ने कलेक्टर के साथ साझा किए अपने सपने, मिला सफलता का नया मंत्र

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ कोरिया जिले में शिक्षा और युवा प्रतिभाओं को नई दिशा देने की अनूठी पहल करते हुए कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने 25 जुलाई को जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए द कलेक्टर्स-15  कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को पहचानने, संवारने और उन्हें साकार करने की दिशा में उठाया गया एक प्रेरणादायी कदम है।

            इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि इतिहास में पहली बार कोरिया कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खोले गए, जहां सरकारी औपचारिकताओं की जगह आत्मीयता, विश्वास और प्रेरणा का वातावरण देखने को मिला। आकांक्षी विकासखंड बैकुंठपुर के सहयोग से जिले के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के साथ आत्मीय संवाद करते हुए अपने करियर लक्ष्य, संघर्ष, जिज्ञासाएं और भविष्य की योजनाएं साझा कीं।

*चुनौतियों को अपनी ताकत बनाएं - कलेक्टर रोक्तिमा यादव*

              कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा, हर सपना खास होता है और उसे सही मार्गदर्शन, मेहनत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है। सपने वही पूरे करते हैं, जो चुनौतियों से घबराते नहीं, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बना लेते हैं।  उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ी सोच रखने, निरंतर सीखते रहने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने और समाज के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि जीवन में नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और निर्णय लेने का साहस विकसित करना है।

*प्रशासनिक सेवाओं और करियर गाइडेंस पर हुई चर्चा*

              संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी क्षेत्र, नवाचार, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कलेक्टर ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर प्रयास करने और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

*कक्षा की चारदीवारी से बाहर शिक्षा का अभिनव प्रयास*

             द कलेक्टर्स-15 पहल शिक्षा को केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक नवाचार है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशासन से सीधे जोड़ना, उनके सपनों को नई उड़ान देना, और उनमें नेतृत्व व सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि यदि युवा प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करेंगे, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेंगे।

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बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की श्रीमती लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।

*समूह से जुड़कर बदली जिंदगी*

लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ।

*पोषण सखी बनकर निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी*

पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।

*आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार*

लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं।

*शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास*

लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है। समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं।

उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया।

*यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान*

         संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।

*एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधे*

        प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए।

*विद्यार्थियों के पोषण का जरिया बन रही वाटिका*

        संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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जैगूर में गूंजा ‘मन की बात’ का संदेश, प्रधानमंत्री को सुनने उमड़ा जनसैलाब ,मंत्री केदार कश्यप ने वनाधिकार पत्र बांटे, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का किया शुभारंभ

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत दरभा के जैगूर गांव में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और विकास का उत्साह देखने को मिला।

             प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। उन्होंने भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की भी सराहना की।

वनाधिकार पत्र से ग्रामीणों को मिला भूमि पर अधिकार

             वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने छह हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए। वनाधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। उन्होंने नीट-2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

*‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ*

               मंत्री श्री कश्यप ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीणों को तिरंगा भेंट किया। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।

*‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत किया पौधारोपण*

               प्रधानमंत्री के आह्वान पर मंत्री श्री कश्यप ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।

               कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्री मैथियस कुजूर सहित जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विश्वदीप, डीएफओ डॉ. जाधव सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार झा सहित जिला पुलिस, वन विभाग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

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छू लो आसमान के सफल विद्यार्थियों का वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने किया सम्मान ,नीट में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, आगे की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा

रायपुर, 26 जुलाई 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रविवार को छू लो आसमान आवासीय शैक्षणिक संस्थान, कारली में नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सफल विद्यार्थियों को गुलदस्ता, पुष्पमाला और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

वन मंत्री श्री कश्यप ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि आगे की पढ़ाई में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा l उन्होंने संस्था में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों से नीट में सफल विद्यार्थियों से प्रेरणा लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।

*‘छू लो आसमान’ योजना से विद्यार्थियों को मिल रहा बेहतर अवसर*

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘छू लो आसमान’ पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मिल रहा है।कारली के विद्यार्थियों की नीट में सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन, मेहनत और शासन की सुविधाओं से वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

कार्यक्रम में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री यशवंत जैन, श्री टेकेश्वर जैन, श्री संतोष गुप्ता, श्री दीपेश अरोरा, श्री मुकेश शर्मा, श्री सत्यजीत चौहान, श्री जय भंसाली, श्री कुलदीप ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डीएफओ श्री कृष्ण रंगनाथा वाई, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर, डीएमसी श्री हरीश गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

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