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सुशासन तिहार: शिविर में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को मिल रहे सहायक उपकरण ,वॉकिंग स्टिक, व्हील चेयर और ट्राई साइकिल से जरूरतमंदों को मिल रही सुविधा

रायगढ़, 31 मई 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में आयोजित शिविरों के माध्यम से समाज कल्याण विभाग रायगढ़ द्वारा वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता प्रदान की जा रही है। विभाग की इस पहल से जरूरतमंद हितग्राहियों को न केवल दैनिक जीवन की कठिनाइयों से राहत मिल रही है, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे उनके घर-द्वार तक पहुंच रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में वृद्धजनों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सेटेबल वॉकिंग स्टिक (वृद्धजन छड़ी) का वितरण किया जा रहा है। इससे चलने-फिरने में असुविधा का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिकों को सहारा मिल रहा है तथा वे अपने दैनिक कार्य अधिक आसानी से कर पा रहे हैं।
       इसी क्रम में विकासखंड लैलूंगा अंतर्गत 25 मई को आयोजित शिविर नारायणपुर में मुनिराम, करमुराम यादव एवं लोहरसाय भगत को वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। इसी प्रकार 26 मई को विकासखंड पुसौर के बड़े भंडार शिविर में भैयालाल पटेल, साखू यादव एवं जयलाल साहू को वृद्धजन छड़ी वितरित कर लाभान्वित किया गया। इसके अलावा 27 मई को धरमजयगढ़ विकासखंड के खम्हार शिविर में कंचन राम, आनंद राम अगरिया एवं हेमन कुमार राठिया को वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। वहीं 28 मई को खरसिया विकासखंड के फरकानारा में आयोजित शिविर में हेतदास महंत, जगसिंह एवं दूजे बाई को एक-एक वॉकिंग स्टिक देकर उनकी दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग किया गया।
            समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रत्येक सुशासन तिहार शिविर में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी तथा वॉकिंग स्टिक जैसे उपकरण शामिल हैं। इन सुविधाओं से दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों को आवागमन, संवाद और दैनिक गतिविधियों में आसानी हो रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

*नशामुक्त भारत अभियान के तहत दिलाई शपथ, स्वस्थ समाज निर्माण का दिया संदेश*
सुशासन तिहार के अंतर्गत केवल हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ ही नहीं पहुंचाया जा रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में 29 मई  को विकासखंड तमनार के धौंराभाठा में आयोजित शिविर में जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में नशामुक्त भारत अभियान के तहत विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। इस दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नशामुक्त समाज ही स्वस्थ और विकसित समाज की नींव है तथा इसके लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है।
             समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक शिवशंकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार सुशासन तिहार शिविरों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सुशील कुमार सिंह, उग्रसेन पटेल एवं नवरतन सिंह बिंझवार सहित अन्य कर्मचारियों द्वारा शिविरों में पहुंचकर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ आवश्यक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

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सुशासन तिहार में उमड़ा जनविश्वास: धौराभांठा शिविर में 18 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने उठाया योजनाओं का लाभ, 1267 आवेदन प्राप्त, मौके पर हुआ त्वरित निराकरण

रायगढ़, 30 मई 2026/ सुशासन तिहार के तृतीय चरण के अंतर्गत तमनार विकासखंड के ग्राम-धौराभांठा में शुक्रवार को जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 18 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर के दौरान कुल 1267 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई। 
            कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद राठिया, जनपद पंचायत तमनार के अध्यक्ष श्री जागेश्वर सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्री रमेश बेहरा एवं श्री बंशीधर चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्र्रामवासी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। शिविर में कृषि, मछली पालन, समाज कल्याण, श्रम, खाद्य, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित समूह एवं व्यक्तिगत लाभकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ वितरित किए गए। विभागीय स्टॉलों पर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों का पंजीयन भी किया गया। स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया, जहां ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उनके गांव के निकट ही प्राप्त हुआ।
           इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद राठिया ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ लोगों को तत्काल राहत मिल रही है। श्री राठिया ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह करते हुए कहा कि किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है और इसी भावना के साथ शासन लगातार कार्य कर रहा है।

*सीईओ ने किया विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण*
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रियता से कार्य करें तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने में कोई कमी न रहे।

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स्कूल खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश, 50 प्रतिशत से कम रिजल्ट वाले स्कूलों पर कार्रवाई और शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों का होगा सम्मान

रायगढ़, 30 मई 2026/ आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 के सुचारू संचालन एवं विगत वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के.व्ही.राव ने आज जिले के शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
            बैठक में डीईओ ने वर्ष 2025 की कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के विद्यालयवार परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहा है, उन विद्यालयों के प्राचार्यों एवं संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। साथ ही कम परिणाम वाले विद्यालयों को आगामी सत्र के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने के निर्देश दिए गए। जिले के 54 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। ऐसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी प्राचार्यों से आगामी वर्ष में और बेहतर परिणाम देने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
     डीईओ ने नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय खुलते ही विद्यार्थियों को परीक्षा ब्लू-प्रिंट की जानकारी अनिवार्य रूप से दी जाए तथा वर्षभर के पाठ्यक्रम को माहवार योजना बनाकर समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। इसके अलावा साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक एवं प्री-बोर्ड परीक्षाओं का निर्धारित समय पर आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समयबद्ध अध्यापन कार्य, डेली डायरी का संधारण एवं शैक्षणिक गतिविधियों की सतत निगरानी पर विशेष जोर देते हुए डीईओ ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यालयों में अनुशासन एवं शैक्षणिक वातावरण को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
     कलेक्टर के निर्देशानुसार निष्क्रिय एवं डिफॉल्टर खातों को तत्काल बंद कर नियमानुसार उनकी राशि शासकीय खाते में जमा कराने की प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया। साथ ही संबंधित जानकारी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के माध्यम से जिला कोषालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि छात्रवृत्ति से संबंधित शेष प्रकरणों के लिए पोर्टल पुनः खोल दिया गया है। ऐसे सभी पात्र विद्यार्थियों की प्रविष्टियां तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समग्र शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), बीआरसी, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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में अमराई की परंपरा फिर से जीवित करने का समय, आम हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक : बृजमोहन अग्रवाल, राष्ट्रीय आम महोत्सव का भव्य समापन

रायपुर, 31 मई 2026/  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

 समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, विभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

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“ऑपरेशन आघात” का बड़ा असर : नशीले बुट्रम इंजेक्शन सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, युवाओं और नाबालिगों को नशे में धकेलने वाले नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का लगातार शिकंजा

         *29 मई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत नशीले पदार्थों और इंजेक्शनों के अवैध कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कोतवाली पुलिस ने नशीले बुट्रम इंजेक्शन की बिक्री से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

          ज्ञात हो कि दिनांक 26 मई 2026 को साइबर थाना एवं कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि रामलीला मैदान के पास कुछ युवक नाबालिग लड़कों एवं युवाओं को बुट्रम इंजेक्शन लगाकर नशा करा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर कुछ युवक मौके से फरार हो गए, जबकि मोटरसाइकिल पर बैठे सूरज पंडित निवासी सोनियानगर रायगढ़ तथा विमल केरकेट्टा निवासी संजय नगर बैंक कॉलोनी रायगढ़ को पकड़ लिया गया।

        तलाशी के दौरान आरोपी सूरज पंडित के कब्जे से 24 नग नशीली Butorphanol Tartrate Injection USP 2 mg (Butrum), दो सिरिंज, नगदी रकम ₹7,370 तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खरसिया निवासी सरोज यादव उर्फ बबलू यादव से नशीले इंजेक्शन खरीदकर युवकों एवं नाबालिग बच्चों को बेचने की बात स्वीकार की। आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने सरोज यादव उर्फ बबलू यादव को घड़ी चौक रायगढ़ के पास से गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से बिक्री रकम में शेष ₹200 बरामद किए गए।

      की विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि सरोज यादव उर्फ बबलू यादव को नशीले इंजेक्शन खरसिया निवासी सुनील श्रीवास उर्फ सुनील ठाकुर द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और पेट्रोलिंग टीम ने उसे रायगढ़ रेलवे स्टेशन के पास से हिरासत में लेकर थाना लाया। पूछताछ में *आरोपी सुनील श्रीवास उर्फ सुनील ठाकुर पिता तेजलाल, उम्र 35 वर्ष, निवासी पुरानी बस्ती पनखतिया तालाब पार, चौकी खरसिया, थाना खरसिया, जिला रायगढ़* ने सरोज यादव उर्फ बबलू यादव को 50 नग बुट्रम नशीले इंजेक्शन बेचना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया।

       प्रकरण में आरोपी सुनील श्रीवास उर्फ सुनील ठाकुर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 279/2026 धारा 123, 275, 286 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं धारा 77 जेजे एक्ट में रिमांड पर भेजा गया है । कोतवाली पुलिस प्रकरण से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

        रायगढ़ पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार, विशेषकर युवाओं और नाबालिगों को निशाना बनाने वाले नेटवर्क के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* : 

            *“युवाओं और नाबालिग बच्चों को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। समाज को नशामुक्त बनाने के लिए आमजन का सहयोग भी आवश्यक है।”*

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“ऑपरेशन आघात” का बड़ा असर : तमनार और खरसिया में अवैध शराब कारोबारियों पर रायगढ़ पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 34 लीटर महुआ शराब जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

      *29 मई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब कारोबारियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल थाना तमनार एवं चौकी खरसिया पुलिस द्वारा अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *तमनार पुलिस ने ग्राम उत्तर रेगांव में 15 लीटर महुआ शराब के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार*

        जानकारी के अनुसार दिनांक 28 मई 2026 को थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम उत्तर रेगांव निवासी बसंत सिदार अपने घर की बाड़ी में अवैध रूप से हाथ भट्ठी से निर्मित महुआ शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा दबिश दी गई। जांच के दौरान आरोपी बसंत सिदार पिता खगेश्वर सिदार, उम्र 35 वर्ष, निवासी उत्तर रेगांव के कब्जे से तीन नग पांच-पांच लीटर क्षमता वाले प्लास्टिक जरीकेन में कुल 15 लीटर हाथ भट्ठी से बनी महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 रुपये है। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 59(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। शराब रेड कार्रवाई में प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार, आरक्षक रंजीत भगत, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार एवं थाना तमनार स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

???? *चौकी खरसिया पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में 19 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त कर दो आरोपियों पर कार्रवाई कर भेजा जेल*

      इसी प्रकार चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में चौकी खरसिया पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध दो अलग-अलग कार्रवाई की गई। पहली कार्रवाई में तेलीकोट घरसापार क्षेत्र में घेराबंदी कर शैलेन्द्र महिस पिता स्व. केशव प्रसाद महिस, उम्र 35 वर्ष, निवासी महिस मोहल्ला तेलीकोट को पकड़ा गया। उसके कब्जे से एक थैले में रखी लगभग 7 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत करीब 1,400 रुपये है, बरामद की गई।

        दूसरी कार्रवाई ग्राम अंजोरीपाली क्षेत्र में की गई, जहां सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दुबे सिंह राठिया पिता शिव सिंह राठिया, निवासी अंजोरीपाली को पकड़ा गया। आरोपी अपने साथ 15 लीटर क्षमता के प्लास्टिक डिब्बे में हाथ भट्ठी से बनी महुआ शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 12 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

     चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में चौकी खरसिया की कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक उदय सिदार, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज, आरक्षक साविल चंद्रा एवं आरक्षक कीर्ति सिदार की सक्रिय सहभागिता रही। रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब निर्माण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* :

        *“अवैध शराब के कारोबार पर रायगढ़ पुलिस की लगातार नजर है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत ऐसे अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से भी अपील है कि अपने क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण, परिवहन अथवा बिक्री की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”*

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काशीराम चौक से गढ़उमरिया तक पैदल गश्त, अड्डेबाजी करने वालों पर शिकंजा… SSP शशि मोहन सिंह बोले– “गुंडागर्दी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी”

    *29 मई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर जूटमिल थाना क्षेत्र के काशीराम चौक, गढ़उमरिया एवं अन्य संवेदनशील इलाकों में लगातार प्राप्त हो रही झगड़ा-मारपीट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जूटमिल पुलिस ने कल शाम व्यापक फ्लैग मार्च और पैदल पेट्रोलिंग की गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा भी फ्लैग मार्च में शामिल रहे। थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में जूटमिल पुलिस एवं 6वीं बटालियन के सशस्त्र जवानों द्वारा अधिकारियों ने क्षेत्र का भ्रमण कर कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया तथा आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा असामाजिक तत्वों को कानून व्यवस्था बिगाड़ने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

     फ्लैग मार्च के दौरान थाना प्रभारी ने क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनीं। साथ ही युवकों को थाना बुलाकर समझाइश दी गई कि वे आपसी विवाद, झगड़ा-मारपीट, स्टंटबाजी और अनावश्यक समूहबाजी से दूर रहें। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि क्षेत्र में कोई व्यक्ति आवारागर्दी, बदमाशी या असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त दिखाई देता है तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें। इस दौरान बीट आरक्षकों एवं थाना प्रभारी के मोबाइल नंबर भी आमजन को उपलब्ध कराए गए ताकि किसी भी परिस्थिति में सीधे संपर्क किया जा सके।

     एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी और सीएसपी श्री मयंक मिश्रा भी फ्लैग मार्च में शामिल हुये । जूटमिल पुलिस और सशस्त्र बलों की संयुक्त टीम ने ओडिशा हाईवे, काशीराम चौक, जूटमिल मार्केट एरिया तथा युवकों के अड्डेबाजी वाले स्थानों में पैदल पेट्रोलिंग की। सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी करने वालों को भी थाने लाया गया। पुलिस की मौजूदगी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बना । फ्लैग मार्च के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी गई तथा उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था संबंधी गतिविधियों में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी गई।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*  :

        *“जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, मारपीट, अड्डेबाजी या असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम नागरिक निर्भीक होकर पुलिस को सूचना दें, प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी जारी रहेगी तथा कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”*

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रेलवे स्टेशन के बाहर डेढ़ माह के मासूम पर हो रही थी बेरहमी, रायगढ़ पुलिस बनी जिंदगी की ढाल — इलाज से लेकर बाल कल्याण समिति तक हर जिम्मेदारी निभाकर पेश की मानवता की मिसाल

      *रायगढ़, 29 मई*  । रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर 19 मई की शाम एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने वहां मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया। करीब डेढ़ माह के एक मासूम बच्चे को एक महिला की बेरहमी का शिकार हो रहा था। महिला बच्चे को लगातार मार रही थी और उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए आगे आए, लेकिन महिला किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। आखिरकार लोगों ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस पेट्रोलिंग में एएसआई गौतम ठाकुर, आरक्षक गणेश पैंकरा एवं पेट्रोलिंग टीम रेलवे स्टेशन पहुंची और बच्चे को महिला के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकालकर अपने संरक्षण में लिया।

     महिला से पूछताछ में उसने बच्चे को खरसिया से ट्रेन में लेकर आने की बात कही। उसकी बातों और व्यवहार से पुलिस को संदेह हुआ कि मामला सामान्य नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला को थाने लाया गया, वहीं घायल और डरे हुए बच्चे को तत्काल उपचार के लिए केजीएच अस्पताल पहुंचाया गया। थाना कोतवाली की महिला आरक्षक अनिता बेक ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को मातृ शिशु वार्ड (एमसीएच) में भर्ती कराया गया ।
 
         इधर थाने में महिला से पूछताछ के दौरान वह लगातार असंगत और उटपटांग बातें करती रही, जिससे उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने का अंदेशा हुआ। कोतवाली पुलिस ने महिला को सखी सेंटर में रखवाया गया । कोतवाली पुलिस तत्परता दिखते हुए महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाया। जानकारी मिली कि महिला इंदिरा नगर क्षेत्र की रहने वाली है। इसके बाद उसके पति को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। पति ने बताया कि उसकी पत्नी की मानसिक स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है। बच्चों के संबंध में पूछताछ करने पर उसने बच्चे को अपना ही पुत्र बताया।

     पुलिस ने बच्चे के उपचार और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसे अस्पताल में भर्ती रखा। 26 मई को जब बच्चे को डिस्चार्ज किया जाना था, तब उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को उस महिला आरक्षक अनिता बेक के सुपुर्द किया, जिन्होंने भर्ती से लेकर उपचार तक उसकी देखभाल की थी। थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल के निर्देशन पर महिला आरक्षक ने बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति द्वारा बच्चे के माता-पिता, दादी और नानी को बुलाकर काउंसलिंग की गई तथा पूरे मामले की समीक्षा के बाद बच्चे को अस्थायी रूप से उसके पिता के सुपुर्द किया गया।

         मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाल कल्याण समिति ने आज 29 मई को पुनः माता-पिता को काउंसलिंग एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए बुलाया है। कोतवाली पुलिस भी बच्चे की सुरक्षा और भविष्य को लेकर लगातार निगरानी बनाए हुए है। एक ओर जहां पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर मासूम को संभावित गंभीर नुकसान से बचाया, वहीं उपचार, संरक्षण और कानूनी प्रक्रिया की पूरी जिम्मेदारी निभाकर यह भी साबित किया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की प्रहरी ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर संवेदनशील संरक्षक की भूमिका भी निभाती है।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* :

       *"बच्चों की सुरक्षा समाज और परिवार दोनों की साझा जिम्मेदारी है। यदि किसी बच्चे के साथ हिंसा, उपेक्षा या दुर्व्यवहार की जानकारी मिले तो उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल पुलिस को सूचित करें। रेलवे स्टेशन पर लोगों की सजगता और कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक मासूम को समय रहते सुरक्षित उपचार और संरक्षण मिल सका। रायगढ़ पुलिस बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति संवेदनशील है तथा ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ आवश्यक कानूनी और संरक्षणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करती है।"*

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कक्षा 6वीं में प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बड़ा झटका, मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना की 26 जुलाई को होने वाली लिखित परीक्षा फिलहाल स्थगित

रायगढ़, 29 मई 2026/ कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक अनुसार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आयोजित होने वाली लिखित प्रवेश परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
           सहायक आयुक्त आदिवासी विकास रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में संस्था इम्पैनलमेंट एवं प्रवेश प्रक्रिया में विलंब होने के कारण शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकेगी। यह परीक्षा 26 जुलाई 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जानी थी। विभाग ने परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों एवं पालकों से अपील की है कि वे फिलहाल लिखित परीक्षा से संबंधित कोई आवेदन जमा न करें। शासन स्तर से संबंधित निर्देश प्राप्त होने के बाद प्रवेश प्रक्रिया एवं परीक्षा की नई तिथि के संबंध में अलग से सूचना जारी की जाएगी।

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खरीफ सीजन से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन: उर्वरक कालाबाजारी पर चलेगा सख्त शिकंजा, जिलेभर में बनाए गए उड़नदस्ता दल, जमाखोरी और अवैध भंडारण करने वालों पर होगी एफआईआर

रायगढ़, 29 मई 2026/ आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में निर्धारित मूल्य पर रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों की मांग को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा अनियमित विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से विकासखंडवार विशेष ‘उड़नदस्ता दल’ (फ्लाइंग स्क्वॉड) का गठन किया है।
           यह आदेश कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, नवा रायपुर द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार गठित उड़नदस्ता दल में कार्यपालिक दण्डाधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तथा उर्वरक निरीक्षक शामिल रहेंगे। ये दल जिले के विभिन्न विकासखंडों में नियमित और औचक निरीक्षण कर उर्वरकों के भंडारण, वितरण और विक्रय व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
           जिला प्रशासन ने उड़नदस्ता दलों को विशेष रूप से निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसानों को उर्वरकों के साथ अन्य सामग्री जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशक रसायन, वृद्धि हार्मोन या अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग कर खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। साथ ही सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक तथा वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध उर्वरक मात्रा एवं निर्धारित मूल्य सूची का स्पष्ट प्रदर्शन भी अनिवार्य रूप से जांचा जाएगा। प्रत्येक उर्वरक विक्रेता द्वारा कृषक विवरण पंजी संधारित किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होगी। इस रजिस्टर में किसान का नाम, व्यक्तिगत जानकारी, भूमि विवरण तथा विक्रय किए गए उर्वरक की मात्रा दर्ज होना आवश्यक रहेगा। थोक से फुटकर वितरण तक उर्वरकों की पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। थोक व्यापारियों द्वारा किस फुटकर विक्रेता को कितनी मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है, इसकी जानकारी भी उड़नदस्ता दल जुटाएंगे। इसके अतिरिक्त सब्सिडी वाले उर्वरकों के औद्योगिक उपयोग की आशंका को देखते हुए पशु आहार निर्माण, रेसिन एवं प्लाईवुड उद्योगों सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे।

*अंतर्राज्यीय सीमा पर निगरानी, गड़बड़ी मिलने पर होगी एफआईआर*

कलेक्टर ने जिले की अंतर्राज्यीय सीमाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले से अन्य राज्यों में अवैध रूप से उर्वरकों की बिक्री या परिवहन रोका जा सके। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 

*विकासखंडवार उड़नदस्ता दल*

रायगढ़ विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी के रुप में श्रीमती वर्षा तिवारी, अतिरिक्त तहसीलदार रायगढ़ मोबा. 9993223121, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी-श्री अभिषेक पटेल मोबा. 94241-83201 एवं उर्वरक निरीक्षक-श्री विनोद कुमार पटेल मोबा. 96919-66813 को शामिल किया गया है। इसी तरह पुसौर विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी-श्रीमती अनुराधा पटेल, तहसीलदार पुसौर मोबा. 8770810450, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी-श्री रोहित कुमार पटेल-75667-76565, उर्वरक निरीक्षक-श्रीमती मनीषा राठौर मोबा.96914-41203, खरसिया विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी- श्री संदीप राजपूत, तहसीलदार खरसिया मोबा. 9818069610, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी-श्री नीलाम्बर प्रसाद सिदार मोबा.99773-62938, उर्वरक निरीक्षक -श्री जन्मेजय पटेल मोबा.81208-80118 एवं  श्री पुरुषोत्तम चौधरी मोबा. 95220-44027, लैलूंगा विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी- श्री उज्जवल पाण्डेय, प्रभारी तहसीलदार लैलूंगा- 9755602917, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी-श्री फलेश्वर प्रसाद मोबा.97532-78107, उर्वरक निरीक्षक-श्री पवन कुमार उरांव मोबा. 99770-92092, घरघोड़ा विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी-श्री शिवम पांडेय, तहसीलदार घरघोड़ा मोबा.8770697391, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी-श्री दुबराज सिंह राठिया मोबा.97537-56432, उर्वरक निरीक्षक-श्री यू.एन. नगाइच मोबा.97539-90029, तमनार विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी-श्रीमती ऋचा सिंह परिहार, तहसीलदार तमनार मोबा.8085744738, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक श्री यू.एन. नगाइच मोबा. 97539-90029 तथा धरमजयगढ़ विकासखंड में कार्यपालिक दण्डाधिकारी के रूप में श्री हितेश साहू, तहसीलदार धरमजयगढ़ मोबा. 9669924292, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी- श्री कुंवर किशोर पैंकरा मोबा. 79992-60105 तथा उर्वरक निरीक्षक श्री एस.यू. खान मोबा. 83195-10508 तथा श्री राम कुमार पटेल मोबा. 83059-74960 को उडनदस्ता में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी गठित उड़नदस्ता दलों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय होकर किसानों के हितों की रक्षा एवं उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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किरोड़ीमलनगर उपचुनाव को लेकर प्रशासन सख्त: मतदान और मतगणना के दौरान शराब बिक्री पर पूरी तरह रहेगा प्रतिबंध, 30 मई शाम 5 बजे से बंद होंगी देशी-विदेशी मदिरा दुकानें

रायगढ़, 29 मई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने नगर पंचायत किरोड़ीमलनगर के विजयनगर पूर्व वार्ड क्रमांक 06 में होने वाले मतदान एवं मतगणना को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में शुष्क दिवस घोषित किया है। जारी आदेश के अनुसार वार्ड क्रमांक 06 में 1 जून 2026, सोमवार को मतदान तथा 4 जून 2026, गुरुवार को मतगणना संपन्न होगी। इसके मद्देनजर क्षेत्र स्थित देशी मदिरा दुकान कोकड़ीतराई एवं विदेशी मदिरा दुकान कोकड़ीतराई को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
             जारी आदेश के तहत 30 मई 2026 की शाम 5 बजे से 1 जून 2026 को मतदान समाप्ति तक संबंधित मदिरा दुकानें बंद रहेंगी। वहीं मतगणना दिवस 4 जून 2026 को भी दोनों दुकानों को बंद रखा जाएगा। यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा (1) के अंतर्गत जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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सरबकोम्बो सुशासन शिविर में उमड़ा जनसैलाब, जमीन-राशन-पेंशन से लेकर बिजली-पानी तक की समस्याओं के समाधान के लिए लगे आवेदन - जनपद सीईओ ने समय से पहले स्टॉल बंद करने वाले कर्मचारियों को लगाई कड़ी फटकार, भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी

नारायणपुर/सरबकोम्बो  27 मई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में चल रहे सुशासन तिहार के तहत बुधवार को बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत सरबकोम्बो में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह से ही शिविर स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली। आसपास की 12 पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। किसी को जमीन संबंधी परेशानी थी तो कोई राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पानी, सड़क, कृषि और पशुपालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन लेकर पहुंचा।

शिविर में प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर आवेदन भी लिए गए। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उन्हें एक ही जगह पर इतने विभागों की सेवाएं उपलब्ध हुई हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोनिका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शिविर का शुभारंभ सरपंच शंकर बरला, हीरालाल प्रधान, रतन साय और जनपद सीईओ विनोद सिंह ने छत्तीसगढ़ महतारी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।

अपने संबोधन में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोनिका ने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण करने की बात कही।

जनपद उपाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत कई योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

शिविर के दौरान जनपद सीईओ विनोद सिंह लगातार विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। अधिकारी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी देते नजर आए।

शिविर के बीच स्टॉल बंद कर गायब हुए कर्मचारी, जनपद सीईओ ने लगाई कड़ी फटकार

इसी बीच शिविर में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि दोपहर करीब ढाई बजे कुछ विभागों के कर्मचारी समय से पहले ही अपने स्टॉल बंद कर शिविर से चले गए। ये सब देख  जनपद सीईओ विनोद सिंह संबंधित कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से पहले स्टॉल बंद कर अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।सीईओ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।

553 आवेदन पहुंचे प्रशासन के पास, पंचायत और राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा मामले

शिविर में कुल 553 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 543 मांग संबंधी और 10 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे। इनमें से 76 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को राहत दी गई। विभागवार प्राप्त आवेदनों में पंचायत विभाग सबसे आगे रहा, जहां 179 आवेदन मिले। इसके अलावा राजस्व विभाग में 111, पीएचई में 58, विद्युत विभाग में 37, महिला एवं बाल विकास विभाग में 30, कृषि विभाग में 27, वन विभाग में 18, खाद्य विभाग में 13 और अन्य विभागों में भी आवेदन प्राप्त हुए।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, किसानों को मिले किसान क्रेडिट कार्ड और फलदार पौधे

शिविर केवल शिकायत और आवेदन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई हितग्राहियों को मौके पर योजनाओं का लाभ भी दिया गया। शिक्षा विभाग द्वारा 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उद्यान विभाग ने 30 फलदार पौधों का वितरण किया। कृषि विभाग ने 15 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए। वहीं राजस्व विभाग द्वारा ऋण पुस्तिकाएं और खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी गई।

इस कार्यक्रम में तहसीलदार प्रांजल मिश्रा,बीईओ सुदर्शन पटेल,सरपंच शंकर राम बरला, हीरालाल प्रधान, रतन साय, सुरेश जैन, शशिकिरण एक्का, अर्जीना बड़ा, आरती खाखा, राजेश नाग, अनिमा एक्का, उषावती बाई, राजेंद्र चौहान, मुरली यादव, नंद किशोर गुप्ता, रजनी देवी जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच, उपसरपंच, सचिव और ग्रामीण मौजूद रहे।

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ताड़ पत्रों पर छिपे सदियों पुराने आयुर्वेदिक रहस्य आज भी जीवित, सेमी पत्ते के रस से उभरते हैं अदृश्य अक्षर और सामने आता है प्राचीन नाड़ी विज्ञान का अद्भुत ज्ञान

रायगढ़, 27 मई 2026/ भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की अमूल्य धरोहर आज भी ताड़ पत्रों में सुरक्षित है। सदियों पुराने इन दुर्लभ ज्ञान स्रोतों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के लिए भारत सरकार की ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। जिले में विभिन्न स्थानों पर संरक्षित प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें संरक्षित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रशासन की टीम रायगढ़ के कोतरा रोड स्थित उस स्थान तक पहुंची, जहां प्रख्यात नाड़ी वेदाचार्य स्वर्गीय पंडित विश्वनाथ मिश्रा से जुड़ी दुर्लभ ताड़ पत्र पांडुलिपियां आज भी सुरक्षित रखी गई हैं। 
पंडित स्वर्गीय पंडित विश्वनाथ मिश्रा इन्हीं पांडुलिपियों के आधार पर लोगों का उपचार किया करते थे। वे अपने समय के प्रख्यात नाड़ी वैद्याचार्य थे तथा रायगढ़ रियासत के राजा चक्रधर सिंह के नवरत्नों में शामिल थे। वे राजकीय वैद्य के रूप में भी अपनी सेवाएं देते थे।

प्रख्यात नाड़ी वेदाचार्य पंडित विश्वनाथ मिश्रा के सुपुत्र श्री पीतांबर मिश्रा ने प्रशासन की टीम को बताया कि ये पांडुलिपियां पूर्णतः आयुर्वेद और नाड़ी विज्ञान से संबंधित हैं तथा उड़िया भाषा में लिखी गई हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य आंखों से इन ताड़ पत्रों पर लिखे अक्षर स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इन्हें पढ़ने की एक विशेष पारंपरिक पद्धति है। ताड़ पत्रों पर सेमी के पत्ते का रस लगाने के बाद अक्षर स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आते हैं। लगभग दो सौ ताड़ पत्र में यह विधि तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा तैयार की गई  इस ज्ञान के स्रोत हमारी विरासत की अनमोल धरोहर एवं संपत्ति है।  हमारी नवीन पीढ़ियां भी इसकी महत्व की समझ रहे है और इस प्राचीन धरोहर को संभाल कर रख रहे है। 
पंडित पीतांबर मिश्रा ने बताया कि पांडुलिपियों को उनके परिवारजनों श्री सत्येंद्र मिश्रा एवं श्री राजेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा वर्षों से संरक्षित किया जा रहा है। हमारा मानना है कि  ताड़ पत्रों में संरक्षित यह ज्ञान भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद और सांस्कृतिक इतिहास का जीवंत दस्तावेज है। इन पांडुलिपियों का संरक्षण न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने का प्रयास है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। 

उल्लेखनीय है भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण, डिजिटलीकरण और अध्ययन को बढ़ावा देना है। रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जिले में मौजूद दुर्लभ धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

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सुशासन तिहार 2026 में स्वच्छता की नई मिसाल: बड़े भंडार शिविर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छग्राही दीदियों का सम्मान, बरपाली और कोतमरा की महिलाओं को प्रमाण पत्र एवं स्वच्छता किट देकर बढ़ाया उत्साह

रायगढ़, 27 मई 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़े भंडार में आयोजित शिविर में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) रायगढ़ द्वारा जनपद पंचायत पुसौर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरपाली एवं कोतमरा की स्वच्छग्राही दीदियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्वच्छता किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
           कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाली महिलाओं की सराहना करते हुए उन्हें गांवों में स्वच्छता जागरूकता बढ़ाने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रेरित किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, कचरे के उचित प्रबंधन एवं दैनिक जीवन में स्वच्छ आदतों को अपनाने के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को और अधिक गति मिलेगी। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का यह प्रयास ग्रामीणों के लिए प्रेरणादायी साबित हुआ।

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सुशासन तिहार 2026 में 20 पंचायतों के ग्रामीणों को एक ही मंच पर मिली योजनाओं की सौगात, 2110 आवेदन लेकर प्रशासन ने देर रात तक किया ऑनलाइन पंजीयन

रायगढ़, 27 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विकासखंड पुसौर के ग्राम पंचायत बड़े भंडार में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। क्लस्टर आधारित इस शिविर में 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। सायं 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित शिविर में कुल 2110 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों की ऑनलाइन पोर्टल में एंट्री देर रात 11 बजे तक जारी रही। शिविर में कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को त्वरित राहत प्रदान की गई। शिविर में प्रशासनिक अमले की सक्रियता और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।
           शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर सेवाएं भी प्रदान की गईं। एग्रीस्टैक पंजीयन, ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, ई-श्रम कार्ड तथा स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ ग्रामीणों ने लिया। राशन कार्ड एवं पेंशन संबंधी प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बड़े भंडार एवं सूपा के पांच हितग्राहियों को आवास पूर्ण होने पर प्रतीकात्मक चाबी एवं घड़ी वितरित की गई। वहीं 15 हितग्राहियों को राशन कार्ड तथा 5 हितग्राहियों को श्रम कार्ड प्रदान किए गए।
           ग्राम पंचायत कोतमरा एवं बरपाली की 6 स्वच्छताग्रही दीदियों को स्वच्छता कार्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं स्वच्छता किट देकर सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया तथा गर्भवती महिलाओं को पोषण टोकरी वितरित की गई। समाज कल्याण विभाग द्वारा वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया गया। शिविर में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की।
            शिविर का जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक आवेदक से आवेदन प्राप्त करने, सभी आवेदनों को ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज करने तथा नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना एवं पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करना है। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पा रहा है। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, एसडीएम श्री महेश शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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सुशासन तिहार बना ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसेमंद अभियान, गांव-गांव पहुंचकर मौके पर बन रहे आयुष्मान कार्ड

रायगढ़, 27 मई 2026/ सुशासन तिहार के तहत जिलेभर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के जीवन में भरोसे और राहत की नई उम्मीद बनकर सामने आ रहे हैं। प्रशासन एक ओर जहां लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। जिले के मैदानी और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहे इन शिविरों में आयुष्मान कार्ड निर्माण, महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवाईसी, आधार कार्ड निर्माण तथा अन्य आवश्यक सेवाएं मौके पर ही दी जा रही हैं। विशेष बात यह है कि जिन हितग्राहियों का किसी कारणवश अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया था, उन्हें पात्रतानुसार कार्ड बनाकर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही हैै।
             लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर में आयोजित शिविर इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिला। यहां पहुंची हिमांशी प्रधान को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की जानकारी दी। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस एवं पेपरलेस उपचार देशभर के चिन्हांकित सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। जानकारी मिलते ही हिमांशी प्रधान ने तुरंत अपना और अपने बच्चे का आयुष्मान कार्ड बनवाया। इसी तरह लक्ष्मी राठिया ने भी आयुष्मान कार्ड बनवाकर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की। बड़ी संख्या में ग्रामीण योजना से जुड़ रहे हैं और जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज की सुविधा का भरोसा पा रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए 10 लाख 65 हजार हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 10 लाख से अधिक लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष पात्र हितग्राहियों को भी सुशासन तिहार के माध्यम से चिन्हित कर योजना से जोड़ा जा रहा है।

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एनएचएआई का बड़ा कदम : छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे पर 1033 इमरजेंसी सेवा हुई और मजबूत, एनएच-49 पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात हुई अत्याधुनिक एम्बुलेंस, हादसे से लेकर मेडिकल इमरजेंसी तक मिनटों में मिलेगी मदद

रायगढ़, 27 मई 2026/ राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर द्वारा अत्याधुनिक आपातकालीन चिकित्सा एम्बुलेंस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है। इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर बिलासपुर से रायगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों की आपातकालीन सहायता के लिए पाराघाट टोल प्लाजा और केसला टोल प्लाजा पर तैनात किया गया है।
             परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले प्रत्येक यात्री की जान और उनकी सुरक्षा एनएचएआई की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा मुख्य उद्देश्य राजमार्गों पर किसी भी आपात स्थिति में राहगीरों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि अगली बार जब आप राजमार्गों पर किसी लंबे सफर पर निकलें, तो अपनी गाड़ी की तकनीकी जांच करने के साथ-साथ अपने मोबाइल की स्पीड डायल लिस्ट में 1033 नंबर को जरूर सेव कर लें। क्योंकि जब हाइवे पर मुश्किलें रास्ता रोकती हैं, तो यही चार अंक संजीवनी बनकर आपकी मदद करते हैं।

*राष्ट्रीय राजमार्गों में सफर का साथी डायल 1033*

टोल-फ्री डायल 1033 हाइवे पर 24x7 आपका सबसे भरोसेमंद साथी है। हाईवे पर अगर गाड़ी का टायर पंचर हो जाए या इंजन फेल हो जाए। अगर हाइवे पर कोई पेड़ गिर गया हो, मवेशी आ गए हों या कोई भारी मलबा पड़ा हो। यात्रा के दौरान अगर अचानक किसी सह-यात्री की तबीयत बिगड़ जाए। टोल प्लाजा या फास्टैग संबंधी कोई समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो रही हो।

*कैसे काम करता है डायल 1033*

जैसे ही कोई राहगीर 1033 नंबर पर फोन करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का कॉल सेंटर तुरंत हरकत में आ जाता है। फोन करने वाले व्यक्ति से हादसे की सही जगह (लोकेशन) पूछी जाती है और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस या पेट्रोलिंग गाड़ी मदद के लिए मौके पर पहुँच जाती है। इसके जरिए राहगीर को तुरंत हर जरूरी मदद दी जाती है। अगर कोई घायल हो, तो उसे बिना देर किए पास के अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया जाता है। वहीं, अगर कोई दूसरी समस्या हो, तो क्रेन या पेट्रोलिंग गाड़ियों की मदद से उसे तुरंत दूर किया जाता है।

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जल संकट से पहले तैयारी: रायगढ़ में शुरू हुआ ‘जलदूत’ प्री-मानसून भूजल सर्वे अभियान, गांव-गांव दर्ज हो रहा भूजल का डिजिटल रिकॉर्ड

रायगढ़, 27 मई 2026/ जिले में भू-जल संरक्षण और जल उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करने के उद्देश्य से “जलदूत प्री-मानसून भूजल सर्वे अभियान” की शुरुआत की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत यह अभियान जिले की सभी ग्राम पंचायतों में संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में अधिकतम तीन खुले कुओं के जलस्तर का मापन कर “जलदूत” मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन डेटा दर्ज किया जा रहा है।
             मनरेगा एवं ग्रामीण विकास विभाग का तकनीकी अमला गांवों में पहुंचकर जल स्रोतों का सर्वे कर रहा है। इस दौरान कुओं की गहराई, भूजल स्तर और वर्तमान जल उपलब्धता की गणना कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। यह डेटा प्री-मानसून रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार, जलयुक्त स्रोतों के साथ-साथ सूखे और कम जलस्तर वाले कुओं को भी सर्वे में शामिल किया जा रहा है, ताकि जिले की भूजल स्थिति का व्यापक और वास्तविक अध्ययन किया जा सके।
             अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में भूजल की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण करना है। वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद उन्हीं जल स्रोतों का दोबारा सर्वे कर जलस्तर में आए बदलाव का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। वर्ष 2022 से जारी इस पहल से भविष्य में जल संरक्षण योजनाओं, भूजल संवर्धन कार्यों और संभावित जल संकट के आकलन में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में कुएं नहीं हैं, वहां नए कार्यों की योजना बनाकर स्वीकृति भी प्रदान की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे इस अभियान से जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और भूजल निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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