कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को दी सख्त समय-सीमा, सीएम हेल्पलाइन-जनदर्शन की समीक्षा के साथ जलाशयों पर अतिक्रमण रोकने के लिए विशेष सर्वे के निर्देश
*
रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जनसरोकार से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आनलाईन बैठक लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, सुशासन तिहार तथा पीजीएन पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं से संबंधित लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को समय पर राहत मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी अधिकारी लंबित प्रकरणों का नियमित अनुश्रवण करते हुए उनका गुणवत्तापूर्ण, संतोषजनक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
बैठक में कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 268 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 175 आवेदन 10 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। कलेक्टर ने अधिक लंबित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निराकरण स्वीकार्य नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का समाधान आवेदक की संतुष्टि एवं शासन के मापदंडों के अनुरूप होना चाहिए। इसी प्रकार मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा में बताया गया कि कुल 41 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 20 आवेदन 10 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। गत सप्ताह के दौरान 6 आवेदनों का निराकरण किया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 10 दिनों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 30 हजार 326 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 28 हजार 518 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 1 हजार 808 आवेदन लंबित हैं। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शेष लंबित आवेदनों का 10 अगस्त तक अनिवार्य रूप से उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तथा पीजीएन पोर्टल में प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पोर्टलों पर प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता दिखाई जाए, जिससे नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो। बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने विशेष रूप से विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य सभी विभागों को जनसरोकार से जुड़े लंबित प्रकरणों के निराकरण में विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल के दौरान नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान अत्यंत आवश्यक है, इसलिए सभी विभाग मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर कार्य करें तथा शिकायतों के निराकरण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें।
बैठक में जिले के प्रमुख जलाशयों, तालाबों एवं शासकीय जलभराव क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षाकाल के दौरान इन स्थलों की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही जलाशयों एवं शासकीय जलभराव क्षेत्रों में संभावित अतिक्रमण को रोकने के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। बैठक में सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिल्पा भगत सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी आनलाइन उपस्थित थे।