कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक सौगात, एलबी शिक्षकों की प्रथम सेवा गणना सहित सभी लंबित मांगें जल्द पूरी करे सरकार : जाकेश साहू
भिलाई/दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित सिविक सेंटर के कला मंदिर में कैशलेस चिकित्सा सेवा एवं कल्याण संघ का महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा घोषित कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ (पंजीयन क्रमांक 122202595034) के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने कहा कि प्रदेश संरक्षक राकेश सिंह, प्रांत अध्यक्ष उषा चंद्राकर तथा संगठन की पूरी टीम के अथक प्रयासों से राज्य सरकार ने प्रदेश के पाँच लाख से अधिक कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सेवा की महत्वपूर्ण सौगात दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अब आवश्यकता इस योजना के प्रभावी और शीघ्र क्रियान्वयन की है, ताकि कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिल सके। उन्होंने इसे कर्मचारियों के लिए एक मानवीय और ऐतिहासिक पहल बताया।
अपने संबोधन में जाकेश साहू ने राज्य सरकार से प्रदेश के लगभग 1.80 लाख एलबी संवर्ग के शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रथम सेवा गणना कर वेतन विसंगति दूर की जाए तथा क्रमोन्नति वेतनमान, पुरानी पेंशन बहाली सहित सभी वैधानिक लाभ शिक्षकों को प्रदान किए जाएं।
उन्होंने यह भी मांग उठाई कि टीईटी (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कानून बनाने का आग्रह किया जाए, ताकि लंबे समय से इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।
महासम्मेलन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष राजेश चटर्जी, रविंद्र राठौर, विकास सिंह राजपूत, धरमदास बंजारे, विष्णु साहू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन में कैशलेस चिकित्सा सेवा योजना के सफल क्रियान्वयन तथा कर्मचारियों के लंबित मुद्दों के समाधान को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाने का संकल्प भी लिया गया।