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जनदर्शन में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का सख्त संदेश: स्कूलों में शिक्षक, जर्जर अस्पताल, सड़क, आवास और दिव्यांगों के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश

रायगढ़, 20 जुलाई 2026/ जिले के आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक सोमवार को जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं और मांगें सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवेदनों का नियमानुसार त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
           जनदर्शन में ग्राम कंडूरजा के ग्रामीणों ने विजयनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन के जर्जर होने तथा क्षेत्र में एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध नहीं होने से हो रही कठिनाइयों से अवगत कराया। ग्रामीणों ने पुराने भवन को हटाकर नया भवन निर्माण कराने तथा एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। शासकीय प्राथमिक शाला नटवर के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने विद्यालय में शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी देते हुए अतिरिक्त शिक्षक की मांग की। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत तेलीकोट के ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत करते हुए जांच की मांग की। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
          लैलूंगा विकासखंड के ग्राम केन्दाटिकरा ग्राम पंचायत रुडुकेला के ग्रामीणों ने उरांवपारा केन्दाटिकरा गौरसाय घर से पीठाआमा तक लगभग 1.5 किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग मुख्य सड़क से नहीं जुड़ा होने के कारण बरसात में पूरी तरह कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे लगभग 170 आबादी प्रभावित होती है। स्कूली बच्चों के आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और अन्य चारपहिया वाहनों का संचालन भी बाधित हो जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क स्वीकृत करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने संबंधित विभाग को नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
           इसी प्रकार ग्राम पंचायत अमलीभौना की सोनिया देवांगन ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, जूटमिल रायगढ़ निवासी शनि कुमार साहू ने अपनी दिव्यांग पुत्री को शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने, विजयपुर के ग्रामीणों ने नवीन शासकीय प्राथमिक शाला भवन निर्माण, ग्राम मुरालीपाली की बबीता यादव ने दिव्यांग होने के कारण स्वरोजगार हेतु सहायता, ग्राम नवापारा मिलूपारा की दयावती ने अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने तथा खरसिया के सेवानिवृत्त प्रधान पाठक आदित्य शंकर राय ने अर्जित अवकाश के नगदीकरण एवं सामान्य भविष्य निधि की राशि के भुगतान के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इसके अलावा अन्य आवेदकों ने भी अपनी विभिन्न मांगों, शिकायतों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए।
           कलेक्टर ने सभी आवेदनों का एक-एक कर अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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धान से पहले ढैंचा की हरियाली, लैलूंगा के किसान ने अपनाया प्राकृतिक खेती का अनोखा मॉडल; चार एकड़ में तैयार हरी खाद से घटेगी लागत, बढ़ेगा उत्पादन और सुधरेगी मिट्टी की सेहत

रायगढ़, 20 जुलाई 2026/ खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता के बीच लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील कृषक चंद्रशेखर पटेल ने प्राकृतिक खेती का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो जिले के किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है। उन्होंने इस खरीफ सीजन में सुगंधित जवांफूल धान की खेती से पहले अपने चार एकड़ खेत में ढैंचा (हरी खाद) की बुवाई की। वर्तमान में खेत में खड़ा ढैंचा लगभग छह फीट ऊंचाई तक पहुंच चुका है और पूरे खेत में हरियाली की चादर बिछी हुई है।
         कृषक चंद्रशेखर पटेल ने बताया कि ढैंचा को अभी लगभग 20 दिन और खेत में रहने दिया जाएगा। इसके बाद जवांफूल धान की रोपाई से दो से तीन दिन पहले ट्रैक्टर से जुताई कर पूरे ढैंचा को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। मिट्टी में दबने के बाद ढैंचा सड़कर प्राकृतिक हरी खाद में परिवर्तित हो जाएगा, जिससे खेत को भरपूर जैविक पोषण मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उनके द्वारा चार एकड़ क्षेत्र में सुगंधित जवांफूल धान की खेती की जा रही है। धान की बुवाई से पहले बीज का नमक घोल विधि से शोधन किया गया है, ताकि हल्के और अनुपयोगी बीज अलग हो जाएं तथा केवल स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का ही उपयोग किया जा सके। 
            चंद्रशेखर पटेल का कहना है कि खेती केवल अधिक उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि मिट्टी को स्वस्थ बनाए रखने का भी दायित्व है। यदि किसान फसल चक्र, हरी खाद, बीज शोधन और प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाएं तो कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त की जा सकती है। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ढैंचा की फसल मिट्टी में मिलाने के बाद यह प्राकृतिक उर्वरक का कार्य करती है, जिससे अगली फसल को आवश्यक पोषक तत्व सहज रूप से उपलब्ध हो जाते हैं। ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलें मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या में वृद्धि करती हैं। इससे मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता में सुधार होता है। लगातार हरी खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है, उत्पादन लागत घटती है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। जिले में प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। ऐसे में लैलूंगा के  कृषक चंद्रशेखर पटेल का यह प्रयोग न केवल मिट्टी की सेहत सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी साबित करता है कि वैज्ञानिक सोच, सही योजना और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

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सुनसान बोर मकान में महिला और 10 माह की मासूम की हत्या, रायगढ़ पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला, एसएसपी खुद कर रहे जांच की मॉनिटरिंग

रायगढ़, 19 जुलाई 2026। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गांव के बाहर स्थित एक सुनसान बोर मकान में रह रही 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम बेटी मृत मिली हैं। दोनों के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान मिले हैं। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मृतका बरत कुमारी पति की मृत्यु के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ रहती थी और अपने मायके में रह रही थी। वह गांव के बाहर प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में आश्रय लेकर रह रही थी। 16 जुलाई की सुबह ग्रामीणों ने उसके घायल होने की सूचना परिजनों को दी। मौके पर पहुंचने पर बरत कुमारी गंभीर रूप से घायल मिली, जबकि उसकी 10 माह की बेटी परी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी और लैलूंगा पुलिस टीम एफएसएल एवं डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। थाना लैलूंगा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह स्वयं लैलूंगा पहुंचे और जांच की कमान संभालते हुए संदेहियों से पूछताछ की। उन्होंने विवेचना टीम को वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू से जांच कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

एसएसपी ने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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ऑपरेशन आघात' का बड़ा एक्शन: 69.66 लीटर अवैध शराब जब्त, 7 तस्कर गिरफ्तार; रायगढ़ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

रायगढ़, 19 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत अवैध शराब कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना, घरघोड़ा, पुसौर, पूंजीपथरा और चौकी खरसिया पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर 69.66 लीटर महुआ, हाथभट्ठी, देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की तथा 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर मुखबिर सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। घरघोड़ा क्षेत्र में साइबर और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ग्राम रायकेरा निवासी रूपेश बेहरा के घर से 28.42 लीटर शराब, शराब बिक्री की 210 रुपये नकदी सहित कुल लगभग 7,410 रुपये की शराब बरामद की गई।

वहीं पुसौर पुलिस ने ग्राम बरपाली (सूपा क्षेत्र) में दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए किशन भारती और राकेश भारती के कब्जे से 7-7 लीटर महुआ शराब जब्त की।

चौकी खरसिया पुलिस ने ग्राम तेलीकोट बरभाठा रोड पर छापेमारी कर हरवंश टंडन के कब्जे से 10 लीटर हाथभट्ठी महुआ शराब बरामद की।

इसी तरह पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम पाकादरहा, बिलासखार और फौजी ढाबा तराईमाल में कार्रवाई करते हुए उमेश कुमार खाण्डे से 9 लीटर, उत्तम राठिया से 12 लीटर हाथभट्ठी महुआ शराब तथा प्रेम सिंह के कब्जे से 3.24 लीटर अंग्रेजी शराब (20 पाव गोल्डन गोवा सुपीरियर व्हिस्की) जब्त की।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि "ऑपरेशन आघात के तहत अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिक भी अवैध शराब से जुड़ी किसी भी सूचना की तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।"

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ऑपरेशन अंकुश का बड़ा असर: पुसौर और पूंजीपथरा में जुआ फड़ पर पुलिस की रेड, 5 जुआरी गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत सामान जब्त

रायगढ़। जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन अंकुश" के तहत रायगढ़ पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए पुसौर और पूंजीपथरा थाना क्षेत्र से कुल 5 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और जुआ खेलने में प्रयुक्त सामग्री जब्त की है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कठली के बड़े तालाब की मेड़ पर खुड़खुड़िया (झंडी-मुंडी) जुआ फड़ संचालित हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखते ही कुछ लोग मौके से फरार हो गए, जबकि दिनेश कुमार चौधरी (35), उमाकांत निषाद (25) और कमलेश निषाद (19) को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक हजार रुपये नकद, दो हीरो एचएफ मोटरसाइकिल, एक वीवो मोबाइल फोन, छह खुड़खुड़िया गोटियां, छह झंडी-मुंडी पट्टियां तथा एक बांस की टोकरी जब्त की। आरोपियों के खिलाफ थाना पुसौर में जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

इधर, थाना पूंजीपथरा पुलिस ने भी सुनील इस्पात, चिराईपानी के पास स्टाइगर से जुआ खिलाए जाने की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पंकज शर्मा (27) और रिषभ बाजपेई (23) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन स्टाइगर गोटियां और 500 रुपये नकद बरामद किए। दोनों के खिलाफ भी छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन अंकुश के तहत जिले में जुआ-सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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दो बार नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार, जूटमिल पुलिस ने 'अभियान संवेदना' के तहत बालिका को सकुशल बरामद कर पॉक्सो एक्ट में भेजा जेल

रायगढ़, 18 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस के 'अभियान संवेदना' के तहत जूटमिल पुलिस ने 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को दो बार बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 3 जुलाई को बालिका के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर जूटमिल थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान 11 जुलाई को पुलिस ने बालिका को आरोपी अनुज स्वर्णकार (18 वर्ष) के घर से सकुशल बरामद किया, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया था। बालिका के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं।

इसी बीच 13 जुलाई को बालिका दोबारा लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर जूटमिल थाना में एक और अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की। 15 जुलाई को पुलिस ने केवड़ाबाड़ी स्थित निकले महादेव मंदिर के पास से आरोपी और बालिका को बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी बालिका को ट्रेन से बिलासपुर ले गया था और एक दिन बाद दोनों वापस रायगढ़ लौट आए थे।

पुलिस ने बालिका को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया तथा आरोपी अनुज स्वर्णकार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त, प्रधान आरक्षक समुंद रनकर, प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, आरक्षक परमानंद पटेल, शिवा प्रधान एवं पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाना गंभीर अपराध है। अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति या गुमशुदगी की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।

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खरसिया में इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित, एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल ने विद्यार्थियों को अनुशासन और शिक्षा का दिया संदेश

खरसिया। आलोक इंटरनेशनल स्कूल, खरसिया में आयोजित इंटर-स्कूल क्विज़ प्रतियोगिता में एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता में क्षेत्र के पांच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता और बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीओपी प्रभात कुमार पटेल ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, तार्किक सोच, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने विद्यालयों में ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासित जीवन ही सफलता की मजबूत नींव है।

प्रतियोगिता के समापन पर एसडीओपी श्री पटेल ने विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आलोक इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य विश्वजीत बाबू एवं विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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72 घंटे में ब्लाइंड डबल मर्डर का खुलासा: जमीन विवाद में दंपति की हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, दो सगे भाई गिरफ्तार

रायगढ़, 18 जुलाई। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले का रायगढ़ पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। वर्षों पुराने भूमि विवाद में दो सगे भाइयों ने एक दंपति की टांगी से हत्या कर दी और वारदात को हादसा दिखाने के लिए शवों के साथ घर में भी आग लगा दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार 15 जुलाई की सुबह ग्राम क्रोंधा निवासी मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) के जले हुए शव उनके घर के अंदर मिले थे। सूचना मिलते ही एसडीओपी सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान हत्या में प्रयुक्त टांगी से गंध लेकर पुलिस डॉग रूबी सीधे संदेही श्याम लाल राठिया तक पहुंची। वहीं पूछताछ में मृतक और आरोपियों के परिवार के बीच लंबे समय से भूमि विवाद की जानकारी मिली। एफएसएल रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने श्याम लाल राठिया और उसके भाई जीवन लाल राठिया से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई जमीन बाद में मृतक के कब्जे में चली गई थी। इसी रंजिश के चलते 14 जुलाई की रात दोनों भाई टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही उन्होंने मंगल राठिया पर ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई की भी हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों ने शवों और घर में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपी

  • श्याम लाल राठिया (32 वर्ष)
  • जीवन लाल राठिया (48 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम क्रोंधा, थाना धरमजयगढ़।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि "अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त पुलिसिंग के सामने अपराधी बच नहीं सकते। भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में ही होना चाहिए।"

धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम और पुलिस डॉग रूबी की संयुक्त कार्रवाई से इस ब्लाइंड डबल मर्डर का सफल खुलासा होने पर पुलिस टीम की सराहना की जा रही है।

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रायगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रफ्तार, जिला स्तरीय वर्कशॉप में अधिकारियों ने बनाया 100% किसान पंजीयन का रोडमैप

रायगढ़, 18 जुलाई 2026/ खरीफ सीजन में अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत प्रशिक्षण केंद्र रायगढ़ के सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कृषि विभाग, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एआईसी) तथा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के अधिकारियों ने विकासखंड स्तर के कृषि अधिकारियों और सीएससी के विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर  को योजना के प्रत्येक पहलू की विस्तृत जानकारी दी।
            प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों, किसानों के ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता, बीमा आवेदन की समय-सीमा तथा तकनीकी प्रक्रियाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की। साथ ही बताया गया कि प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि, ओलावृष्टि एवं अन्य जोखिमों से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच का कार्य करती है। इसलिए प्रत्येक पात्र किसान का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
            कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कृषि विभाग, बीमा कंपनी और सीएससी के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। अधिकारियों ने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव पहुंचकर किसानों को योजना की जानकारी दें, उन्हें आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करें तथा अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करें।
            प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल बीमा योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने, ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार करने तथा प्रत्येक पात्र कृषक तक योजना की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
           कार्यशाला में सहायक संचालक कृषि श्री अजय जायसवाल, सहायक सांख्यिकी अधिकारी श्री सौरव पटेल, जिला समन्वयक एआईसी रायगढ़ श्री संजीव कुमार साहू, सीएससी जिला प्रबंधक रायगढ़ श्री विश्वजीत पंडा, जिला समन्वयक एआईसी सारंगढ़ श्री वेद चंद्र, सहायक प्रबंधक श्री राहुल सोनी एवं श्री रवि रश्मि सिंह सहित कृषि विभाग, एआईसी और सीएससी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा विकासखंड स्तर से रायगढ़ के ब्लॉक समन्वयक श्री भीखम साहू, धरमजयगढ़ के श्री खिलेश्वर पटेल, घरघोड़ा के श्री कुलदीप कुमार, पुसौर के श्री शिव शंकर निराला तथा तमनार के श्री आयुष सोनी ने भी प्रशिक्षण में भाग लेकर योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कृषि विभाग, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और कॉमन सर्विस सेंटर आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जिले के अधिकतम किसानों तक पहुंचाएंगे तथा समय-सीमा के भीतर सभी पात्र कृषकों का सुगम एवं सफल पंजीयन सुनिश्चित करेंगे।

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दिव्यांग बच्चों के लिए बड़ा कदम: जरूरतों का होगा वैज्ञानिक आकलन, सहायक उपकरण और इलाज से जोड़ने की पहल तेज

रायगढ़, 18 जुलाई 2026/ समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने और दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का आयोजन प्राथमिक शाला (बालक), किरोड़ीमल नगर, विकासखंड रायगढ़ में किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता कर आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं, आवश्यकताओं एवं समस्याओं की पहचान कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं, सहायक उपकरणों, चिकित्सकीय सेवाओं एवं विशेष शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ना रहा।
           शिविर में जिला चिकित्सालय रायगढ़ से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। चिकित्सकीय दल में ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल रहे। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों की शारीरिक एवं चिकित्सकीय स्थिति का परीक्षण कर उनकी जरूरतों के अनुसार आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
            शिविर में कुल 75 दिव्यांग बच्चों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 35 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं एवं चिकित्सकीय परामर्श से लाभान्वित किया गया। साथ ही शेष बच्चों के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई, ताकि उन्हें भी समयबद्ध रूप से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, प्राचार्य संकुल किरोड़ीमल नगर, संकुल समन्वयक, स्पेशल एजुकेटर श्री दीपक रात्र सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं विभिन्न संकुलों के समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
             अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविर दिव्यांग बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान करने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण, उपचार, पुनर्वास सेवाएं एवं शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। शिविर में अभिभावकों को भी बच्चों की देखभाल, उपचार, पुनर्वास एवं शिक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।उल्लेखनीय है कि विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का अगला चरण 21 जुलाई 2026 को जतन केंद्र, रायगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में शेष पंजीकृत एवं चिन्हांकित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक सेवाओं एवं सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

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प्रधानमंत्री आवास और जल जीवन मिशन के कार्यों पर जिला पंचायत सीईओ का सख्त एक्शन, रायगढ़ की दो ग्राम पंचायतों में किया औचक निरीक्षण

रायगढ़, 18 जुलाई 2026। कलेक्टर  के निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे एवं सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के. ने जनपद पंचायत रायगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी (पूर्व) एवं कुसमुरा का स्थलीय निरीक्षण कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासों, पेयजल अधोसंरचना एवं योजनाओं के संचालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान पंडरीपानी (पूर्व) ग्राम पंचायत में 198 आवास स्वीकृत पाए गए, जिनमें 186 हितग्राहियों को प्रथम किस्त तथा 160 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त जारी की जा चुकी है। समीक्षा में 14 आवास अप्रारंभ, 9 नींव स्तर, 6 प्लिंथ स्तर, 7 खिड़की स्तर, 5 दरवाजा स्तर, 29 छत स्तर तथा 3 आवास छत ढलाई के चरण में पाए गए, जबकि 113 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जिला पंचायत सीईओ ने अप्रारंभ आवासों में तत्काल निर्माण प्रारंभ कराने तथा विभिन्न चरणों में लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत कुसमुरा में 169 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें 168 हितग्राहियों को प्रथम तथा 164 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है। पंचायत में केवल 3 आवास अप्रारंभ हैं तथा अधिकांश निर्माणाधीन आवास अंतिम चरण में हैं। यहां 156 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष आवासों का निर्माण समय-सीमा में पूर्ण कराते हुए हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी (पूर्व) में अधिकारियों ने ओवरहेड टैंक (ओएचटी), पाइपलाइन नेटवर्क एवं फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) का निरीक्षण किया। योजना के अंतर्गत 255 एफएचटीसी, लगभग 4,636 मीटर पाइपलाइन तथा 50 किलोलीटर क्षमता का 12 मीटर ऊंचा ओवरहेड टैंक स्थापित किया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने घर-घर नियमित एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा योजना के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण के निर्देश दिए।
इसके बाद ग्राम पंचायत कुसमुरा में रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजना एवं ग्राम पंचायत को हस्तांतरित (हैंडेड ओवर) योजना का निरीक्षण किया गया। यहां 414 एफएचटीसी, लगभग 550 मीटर पाइपलाइन विस्तार तथा 85 किलोलीटर क्षमता का 12 मीटर ऊंचा ओवरहेड टैंक स्थापित किया गया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत द्वारा योजना का संचालन एवं संधारण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। इस पर जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत के प्रयासों की सराहना करते हुए योजना के नियमित रखरखाव एवं सतत संचालन पर विशेष बल दिया।
श्री अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समयबद्ध रूप से पहुंचाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित मैदानी निरीक्षण, सतत मॉनिटरिंग एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करते हुए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल,संबंधित जनपद पंचायत सीईओ, मुख्य कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्रीमती प्रतिभा नवरत्न एवं संबंधित विभागों के अधिकारी, तकनीकी अमला तथा ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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सीएचसी लैलूंगा, पुसौर, घरघोड़ा और चपले को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन ,पुसौर ने प्रदेश में 97 प्रतिशत अंक के साथ हासिल किया पहला स्थान

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ रायगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लैलूंगा, पुसौर, घरघोड़ा और चपले को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं, सुरक्षित प्रसव, आधुनिक जांच सुविधाओं, संक्रमण नियंत्रण तथा बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन का परिणाम है। विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर ने 97 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल करते हुए जिले को गौरवान्वित किया है। यह सफलता रायगढ़ में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।
          स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित इन स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के अनुरूप सेवाएं प्रदान करने के लिए यह प्रमाणन दिया गया है। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। एनक्यूएएस मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों को मरीजों की देखभाल, दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन उपचार, प्रयोगशाला सेवाएं, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा मरीजों की संतुष्टि जैसे अनेक मानकों पर परखा गया। लैलूंगा, पुसौर, घरघोड़ा और चपले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित की। इन स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षित प्रसव सेवाओं, नवजात शिशु देखभाल, आधुनिक जांच सुविधाओं तथा संक्रमण नियंत्रण के लिए अपनाई गई व्यवस्थाओं को विशेष सराहना मिली। अस्पतालों में स्वच्छता, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और मरीजों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को भी मूल्यांकन के दौरान बेहतर पाया गया।

*मरीजों को मिलेगा बेहतर और आधुनिक उपचार का लाभ*

एनक्यूएएस प्रमाणन प्राप्त होने के बाद इन स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा। इस राशि का उपयोग अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में किया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

*पुसौर बना प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र*

जिले के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर ने एनक्यूएएस मूल्यांकन में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि रायगढ़ जिले के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण को दर्शाती है। इस सफलता के पीछे डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, पैरामेडिकल कर्मचारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा प्रशासनिक अधिकारियों की निरंतर मेहनत और समर्पण का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने की अपेक्षा जताई है। एनक्यूएएस प्रमाणन मिलने से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति आम जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रायगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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आईटीआई-उद्योग समन्वय पहल से स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ जिले के युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन रायगढ़ ने एक अभिनव पहल की है। जिला प्रशासन के प्रयासों से जिले के प्रमुख खदान संचालकों एवं औद्योगिक संस्थानों का शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। इस पहल के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों की मांग के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना, स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के लिए सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठान, शासकीय आईटीआई तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षण संस्थान मिलकर कार्य करेंगे।

*छह प्रमुख उद्योगों ने आईटीआई के साथ किया समन्वय*

इस पहल के अंतर्गत एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड तलईपल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड गारे पेलमा, मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड गारे पेलमा तथा एनटीपीसी लारा जैसे प्रमुख औद्योगिक संस्थानों ने जिले के विभिन्न शासकीय आईटीआई से समन्वय स्थापित किया है। इन संस्थानों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्योग आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

*आधुनिक तकनीकों एवं उद्योग आधारित ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण*

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एपेरल डिजाइन, कोपा, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, सिलाई (सेविंग), हाउसकीपिंग, रिसेप्शनिस्ट, होटल मैनेजमेंट असिस्टेंट, प्लास्टिक मोल्डिंग, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, औद्योगिक हैवी मोटर व्हीकल ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। एसईसीएल के सहयोग से एपेरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर (एटीडीसी) के माध्यम से एपेरल डिजाइन प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा, जबकि एनटीपीसी माइनिंग द्वारा नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर रायपुर एवं सीआईपीटी कोरबा के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

*स्थानीय युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ*

जिला प्रशासन की यह पहल विशेष रूप से रायगढ़ जिले के स्थानीय युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के कौशल में वृद्धि होगी, जिससे उन्हें औद्योगिक संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उद्योगों को भी उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

*प्रवेश के लिए सीधे करें संपर्क*

जिला प्रशासन ने सभी इच्छुक एवं पात्र युवाओं से अपील की है कि वे प्रवेश, प्रशिक्षण अथवा अन्य जानकारी के लिए संबंधित आईटीआई अथवा संबंधित औद्योगिक संस्थान के अधिकृत अधिकारियों से सीधे संपर्क करें। एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र के लिए श्री गजानंद (सहायक प्रबंधक) से 9827204224 तथा शासकीय आईटीआई धरमजयगढ़ के श्री पूनमचंद साव से मोबा नंबर 9630655977 पर संपर्क किया जा सकता है। इसी तरह एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड, तलईपल्ली के लिए श्री अच्युतानंद साहू 8249332299 एवं शासकीय आईटीआई घरघोड़ा के श्री अनिल कश्यप 9098530724 से संपर्क किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड के लिए श्री आनंद खलखो 7869029503 तथा शासकीय आईटीआई लैलूंगा के श्री ज्योतिष मिश्रा 7898717710 पर संपर्क किया जा सकता है। मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड के लिए श्री ऋषिकेश राय शर्मा 8349033200 एवं शासकीय आईटीआई तमनार के श्री पुष्पेंद्र कंवर 9630655977 पर संपर्क किया जा सकता है। मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड के लिए श्री हेमंत वर्मा 8085957186 तथा शासकीय आईटीआई खरसिया के श्री विपिन पटेल 7440940741 पर संपर्क किया जा सकता है। वहीं एनटीपीसी लारा के लिए श्री पंकज गुप्ता 9425411355 एवं शासकीय आईटीआई पुसौर के श्री सोहन लाल साहू 9584879583 पर संपर्क कर प्रशिक्षण, प्रवेश एवं पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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सीएम हेल्पलाइन का असर: तीन माह से बंद सोलर पेयजल संयंत्र फिर हुआ चालू ,तेंदूमुड़ी के 50 परिवारों को मिली पेयजल राहत, शिकायत पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण ग्राम पंचायत तेंदूमुड़ी के वार्ड क्रमांक 4 में देखने को मिला, जहां तीन माह से बंद पड़े सोलर पेयजल संयंत्र को शिकायत के बाद तत्काल सुधार कर पुनः चालू किया गया। इससे लगभग 50 परिवारों को पेयजल संकट से राहत मिली है।
           ग्राम तेंदूमुड़ी निवासी राजेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर बताया कि वार्ड क्रमांक 4 में लगभग 10 वर्ष पूर्व स्थापित सोलर पेयजल संयंत्र पिछले तीन माह से खराब पड़ा है। संयंत्र बंद होने के कारण वार्ड के करीब 50 परिवारों को पेयजल के लिए प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों को दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त खपत होती थी। 
            शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तकनीकी दल को मौके पर भेजा। निरीक्षण में पाया गया कि संयंत्र में स्थापित सबमर्सिबल पंप खराब होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह बंद थी। इसके बाद 17 जून 2026 को नया सबमर्सिबल पंप, आवश्यक पाइप एवं नल स्थापित कर सोलर पेयजल संयंत्र को पुनः कार्यशील बना दिया गया। मरम्मत कार्य पूर्ण होते ही संयंत्र से नियमित पेयजल आपूर्ति प्रारंभ हो गई, जिससे सभी प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा। राजेंद्र कुमार एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय बाद गांव में पेयजल व्यवस्था सामान्य होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब घर के समीप ही नियमित रूप से पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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14 से 15 वर्ष की किशोरियों को मिलेगा एचपीवी वैक्सीन का सुरक्षा कवच, 18 जुलाई तक चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ कलेक्टर के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी.पटेल के मार्गदर्शन में जिले में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के लिए 18 जुलाई 2026 तक विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत उन 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है। यह टीका जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय एवं अन्य शासकीय टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और विश्वसनीय है तथा यह सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब तक इस वैक्सीन से किसी भी गंभीर दुष्प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है।
             मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं को निकटतम सरकारी टीकाकरण केंद्र लेकर जाएं और उन्हें निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उनकी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण का लाभ लेने की अपील की गई है।

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पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने जिले में खुलेंगे पशु औषधि विक्रय केन्द्र

रायगढ़, 17 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश के पशुपालकों को सस्ती एवं अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक पशु दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु औषधि विक्रय केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र (पीएम-केएसकी) तथा सहकारी समितियों (सीएस) के माध्यम से जिला एवं विकासखंड स्तर पर एक-एक पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
         उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र एवं सहकारी समितियां पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित करने के लिए पात्र होंगी। इसके लिए न्यूनतम 120 वर्गफुट स्थान स्वयं के स्वामित्व में अथवा किराये पर उपलब्ध होना अनिवार्य है। साथ ही केन्द्र में बी-फार्मा अथवा डी-फार्मा डिग्रीधारी व्यक्ति की नियुक्ति करना आवश्यक होगा तथा राज्य औषधि नियंत्रण प्राधिकरण से औषधि विक्रय लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा। शासन द्वारा स्वीकृत आवेदकों के लिए आवेदन शुल्क 5 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। पशु औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की वेबसाइट httpt.//www.dahd.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही पशु औषधि घटक से संबंधित संचालन दिशा-निर्देश एवं अन्य जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है।
         आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभाग द्वारा विभागीय वेबसाईट में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 4 बजे के मध्य ऑनलाइन प्रदर्शन एवं शैक्षणिक वीडियो भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे इच्छुक आवेदक आवेदन प्रक्रिया एवं योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक आवेदक कार्यालय उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायगढ़ से संपर्क कर सकते हैं।

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जिला बदर बदमाश चाहत शुक्ला ने पुलिस कार्यालय में किया हंगामा, पेट्रोल की बोतल लेकर पहुंचा आरोपी; एसडीएम के सामने पेशी के बाद सीधे भेजा गया जेल

रायगढ़। जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर पुलिस कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने वाले आदतन अपराधी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया। आरोपी के हाथ में पेट्रोल से भरी प्लास्टिक की बोतल मिलने से पुलिस महकमे में कुछ देर के लिए सतर्कता बढ़ गई।

घटना 16 जुलाई की शाम की है, जब चाहत शुक्ला पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचा और अपने खिलाफ बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने को लेकर जोर-जोर से शोर-शराबा करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसकी हरकत को देखते हुए तत्काल उसके कब्जे से पेट्रोल से भरी बोतल सुरक्षित जब्त कर ली। इसी दौरान कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने आरोपी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार अभद्र व्यवहार करते हुए हंगामा करता रहा। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शुक्रवार को आरोपी को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उसे जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य, निवासी रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे, थाना कोतवाली, वर्ष 2023 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ मारपीट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे वर्ष 2024 में पहली बार जिला बदर किया गया था, लेकिन अवधि पूरी होने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया। इसके बाद वर्ष 2025 में दोबारा उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की गई।

जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत चाहत शुक्ला को रायगढ़ सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर जिले की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित (जिला बदर) किया था। इसके बावजूद उसने आदेश का उल्लंघन करते हुए रायगढ़ में प्रवेश किया और पुलिस कार्यालय में हंगामा किया, जिसके बाद उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी।

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ऑपरेशन प्रहार का बड़ा एक्शन: तीन जगह ताबड़तोड़ दबिश, दो ट्रक और एक माजदा समेत 79 टन कबाड़ जब्त; 48 लाख की संपत्ति पुलिस के कब्जे में, अवैध स्क्रैप नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा

रायगढ़। जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत पूंजीपथरा और जूटमिल थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से तीन अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब 79 टन स्क्रैप कबाड़, दो ट्रक और एक माजदा वाहन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 48 लाख रुपये बताई गई है। सभी मामलों में वाहन चालकों से स्क्रैप के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने चोरी की संपत्ति होने के संदेह में वैधानिक कार्रवाई करते हुए वाहन और स्क्रैप को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में अवैध कबाड़ की खरीद-फरोख्त और परिवहन पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी अभियान के दौरान पहली कार्रवाई 15 जुलाई को थाना पूंजीपथरा क्षेत्र में की गई। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने तमनार चौक में घेराबंदी कर माजदा वाहन क्रमांक CG-12-AY-0313 को रोककर जांच की। वाहन चालक देवेन्द्र तिवारी (58 वर्ष) निवासी बुधवारी बाजार, कोरबा से पूछताछ की गई तो वाहन में करीब 3 टन 390 किलोग्राम टिन और लोहे का स्क्रैप मिला। स्क्रैप की अनुमानित कीमत 91 हजार 530 रुपये आंकी गई। चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद करीब 5 लाख रुपये कीमत के वाहन सहित स्क्रैप जब्त कर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

दूसरी कार्रवाई 16 जुलाई को थाना जूटमिल पुलिस ने कबीर चौक क्षेत्र में की। सूचना मिलने पर पुलिस ने छातामुड़ा और काशीराम चौक के बीच सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक CG-13-AB-9599 की जांच की। ट्रक में भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप भरा हुआ मिला। चालक महेन्द्र यादव (34 वर्ष) निवासी पलामू, झारखंड से माल के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। धर्मकांटा में वजन कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 40 हजार 630 किलोग्राम पाया गया। ट्रक में लोड स्क्रैप की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई। संदेहास्पद संपत्ति होने के कारण ट्रक और स्क्रैप जब्त कर चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया गया।

इसी दिन जूटमिल पुलिस ने तीसरी कार्रवाई करते हुए छातामुड़ा गांव के बाहर रायगढ़-सारंगढ़ मुख्य मार्ग पर ट्रक क्रमांक OR-15-S-0187 को रोका। जांच में ट्रक में भी भारी मात्रा में लोहे और टीन का स्क्रैप मिला। चालक दुर्योधन पाणिग्रही (52 वर्ष) निवासी बरगढ़, ओडिशा से जब स्क्रैप के दस्तावेज मांगे गए तो वह भी कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। धर्मकांटा में वजन कराने पर ट्रक सहित कुल वजन 35 हजार 410 किलोग्राम पाया गया। ट्रक में लोड स्क्रैप की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई। पुलिस ने वाहन और स्क्रैप जब्त कर चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जब्त स्क्रैप और वाहनों के वास्तविक स्वामित्व की विस्तृत जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह कबाड़ किसी औद्योगिक इकाई या अन्य स्थान से चोरी कर तो नहीं लाया गया था। इसके साथ ही अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ पूरी सख्ती से अभियान चला रही है। बिना वैध दस्तावेजों के स्क्रैप का परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कबाड़ की खरीद-बिक्री, परिवहन और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क पर पुलिस की पैनी नजर है तथा किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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