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एलपीजी की मारामारी से मिली राहत: रिकॉर्ड बुकिंग के बाद अब पटरी पर लौटी सप्लाई, सरकार की सख्ती से 3,847 सिलेंडर जब्त — आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

रायपुर 1 अप्रैल 2026/ पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी परिलक्षित हुई है।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। इसके तहत पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है।साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।

राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।
राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।

प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।

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महिला सुरक्षा पर ताबड़तोड़ एक्शन: देवांगन धर्मशाला के पास युवती से छेड़छाड़ करने वाला आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, फरार साथी की तलाश में पुलिस की लगातार दबिश

 1 अप्रैल, रायगढ़ ।  महिला थाना रायगढ़ द्वारा युवती से छेड़छाड़ के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।

???? *छेड़छाड़ वारदात का संक्षिप्त विवरण*-

        पीड़ित युवती, जो रायगढ़ में किराए के मकान में रहकर सेल्स गर्ल का कार्य करती है, ने दिनांक 29.03.2026 को महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 26 फरवरी 2026 की रात ड्यूटी समाप्त कर अपने परिचित के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रही थी। रास्ते में देवांगन धर्मशाला के पास रात लगभग 10 बजे राशन लेने के लिए रुकी, तभी बाटली खान अपने साथी प्रशांत सोनी के साथ वहां आया और युवती को घूरते हुए उसके बाल खींचे तथा बुरी नीयत से छेड़छाड़ की। विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने विवाद करते हुए बहस की। आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद युवती अस्वस्थ होने के कारण अपने गांव चली गई थी और 29 मार्च को रायगढ़ लौटने पर रिपोर्ट दर्ज कराई।

???? *महिल थाना की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी*

       महिला थाना में अपराध क्रमांक 25/2026 धारा 74 भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर तत्काल आरोपियों की तलाश शुरू की गई। डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी प्रशांत सोनी (24 वर्ष), निवासी चांदनी चौक, थाना कोतवाली रायगढ़ को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी बाटली खान के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी को 30 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया है।

???? *फरार आरोपी की तलाश जारी*

     मामले में दूसरा आरोपी बाटली खान अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और शीघ्र गिरफ्तारी की संभावना है।
       इस कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त, एएसआई सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक प्रमिला महंत एवं आरक्षक संदीप भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—
         एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित, संवेदनशील एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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ऑपरेशन अंकुश :  पुलिस का जुआ-सट्टा माफिया पर बड़ा एक्शन, 5 आरोपी गिरफ्तार, 4 मोबाइल और 19 हजार से ज्यादा नगदी जब्त

   *1 अप्रैल, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में “ऑपरेशन अंकुश” के तहत जुआ और सट्टा के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में कल चौकी खरसिया, थाना कोतवाली एवं थाना साइबर की संयुक्त टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से  *4 मोबाइल फोन, सट्टा-पट्टी एवं नगदी रकम सहित कुल 19,118 रुपये जब्त* कर सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *खरसिया पुलिस की रेड — ऑनलाइन सट्टा संचालित करते आरोपी मनोज सोनी गिरफ्तार*

        चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में मुखबिर सूचना पर शंकराचार्य स्कूल के पास पोस्ट ऑफिस रोड खरसिया स्थित कान्हा मोबाइल दुकान के पास रेड कार्रवाई की गई। यहां आरोपी मनोज सोनी (50 वर्ष), निवासी टीआईटी कॉलोनी खरसिया को मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करते रंगे हाथों पकड़ा गया। मोबाइल जांच में सट्टा अंकों और रकम से संबंधित विवरण पाए गए। आरोपी के कब्जे से ओप्पो कंपनी का मोबाइल एवं 12,700 रुपये नगद जब्त किए गए। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक अनंत तिवारी, आरक्षक किशोर राठौर, साविल चंद्रा और मुकेश यादव शामिल थे ।

???? *कोतवाली व साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई — शहर बीड़पारा और बापूनगर में 4 जगह दबिश*

         उप निरीक्षक ऐनु देवांगन के नेतृत्व में थाना कोतवाली एवं साइबर टीम द्वारा बीड़पारा और बापूनगर क्षेत्र में सट्टा-पट्टी लिखने की सूचना पर एक साथ कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए।
       पुलिस टीम ने बीड़पारा जयसिंह तालाब के पास से हलिमा खातून (60 वर्ष) को सट्टा पर्ची, कॉपी, मोबाइल एवं 248 रुपये नगद के साथ पकड़ा गया।
        बापूनगर हनुमान मंदिर के पास से मुकेश सोना (35 वर्ष) को मोबाइल, सट्टा पर्ची एवं 1000 रुपये नगद के साथ गिरफ्तार किया गया।
       इसी प्रकार बीड़पारा क्षेत्र से रजिया बेगम (55 वर्ष) को सट्टा पर्ची, कॉपी एवं 3100 रुपये नगद के साथ पकड़ा गया।
       बापूनगर में अन्य कार्रवाई में आरोपी नरेन्द्र दीप पिता सूरजबल दीप उम्र 39 वर्ष निवासी बापूनगर रायगढ़ को सट्टा गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया।आरोपी के कब्जे से एक ग्रे कलर का वीवो कंपनी का T25G मोबाईल , नगदी रकम 2,070/- रूपये, हाथ से लिखी हुयी सट्टा पर्ची एक पन्ना और मोबाईल से फोटो खीची हुयी सट्टा पर्ची एक पन्ने को जब्त किया गया है ।  इन सभी आरोपियों के कब्जे से सट्टा-पट्टी, 3 मोबाइल फोन एवं नगदी रकम जब्त कर थाना कोतवाली में  छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की सुसंगत धाराएं 3, 4 और 6 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

     कार्रवाई में उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, दिलीप बेहरा, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, थाना साइबर के प्रधान आरक्षक करुणेश राय, रुपराम पटेल, आरक्षक जगमोहन ओग्रे, मनोज पटनायक, रोशन एक्का, महिला आरक्षक मेनका चौहान, आरक्षक कमलेश यादव,  प्रदीप मिंज, विरेन्द्र कंवर महिला आरक्षक हेमलता एक्का और अनिता बेक शामिल थे ।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—

           एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि इस प्रकार के अवैध कार्यों की सूचना तत्काल पुलिस को दें ।

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पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में 4 आरोपी दबोचे, स्कूटी से हो रहा था शराब का खेल, 45 पाव देशी शराब और 35 लीटर महुआ जब्त

1 अप्रैल, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना जूटमिल एवं थाना चक्रधरनगर पुलिस द्वारा अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध शराब जब्त की गई है। सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *स्कूटी से शराब परिवहन करते आरोपी गिरफ्तार — 45 पाव शराब जब्त, जूटमिल पुलिस की कार्रवाई*

         कल दिनांक 31.03.2026 को थाना जूटमिल पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि सावित्री नगर रोड एवीएन होटल के पास एक व्यक्ति अवैध शराब का परिवहन कर रहा है। सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर काले रंग की एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक CG-13-AK-7542) को रोका गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गौरव कुमार दास (25 वर्ष), निवासी लोहाखान, थाना पुसौर बताया। तलाशी लेने पर स्कूटी में रखे थैले एवं डिक्की से कुल 45 पाव देशी मसाला एवं प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 4500 रुपये है। आरोपी से शराब एवं परिवहन में प्रयुक्त स्कूटी जब्त कर विधिवत कार्रवाई की गई। शराब रेड कार्रवाई में प्रधान आरक्षक अर्जुन एक्का, आरक्षक तरूण महिलाने, सुशील यादव और राकेश नायक शामिल थे ।

???? *चक्रधरनगर पुलिस की जामगांव कोलाईबहाल में ताबड़तोड़ कार्रवाई — 3 आरोपियों से 35 लीटर महुआ शराब जब्त*

        आज दिनांक 01.04.2026 को थाना चक्रधरनगर पुलिस द्वारा ग्राम जामगांव कोलाईबहाल में अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रेम कुमार किसान (42 वर्ष) के कब्जे से 12 लीटर, चंद्रिका प्रसाद सोनवानी (34 वर्ष) से 11 लीटर तथा शिवा किसान (28 वर्ष) से 12 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। कुल मिलाकर 35 लीटर अवैध महुआ शराब की बरामदगी हुई है। आरोपियों पर थाना चक्रधरनगर में धारा 34-2, 59-क आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर रिमांड पर भेजा गया है । चक्रधरनगर शराब रेड कार्यवाही में प्रधान आरक्षक संजय तिवारी, रवि किशोर साय, आरक्षक श्वेत बारिक, नारायण सिंह राठिया, मनोहर मिंज और सुशील मिंज शामिल थे ।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—

        एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन आघात” के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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आंगनबाड़ी व्यवस्था में बड़ी चूक पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: 51 अधिकारी निशाने पर, 3 दिन में जवाब नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

रायगढ़, 1 अप्रैल 2026/ आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित तिथि पर निरीक्षण नहीं करने वाले 51 परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजरों को जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
            शासन के निर्देशानुसार 01 अप्रैल से 30 जून तक आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन प्रातः 7 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक किया जाना निर्धारित है। इसी क्रम में जिले के सभी परियोजना अधिकारियों एवं सुपरवाईजरों को 01 अप्रैल को अनिवार्य रूप से केन्द्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे। आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, बच्चों एवं अन्य हितग्राहियों तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने तथा कार्यकर्ता/सहायिकाओं के कार्यों में सुधार लाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद 51 अधिकारियों द्वारा निरीक्षण नहीं किया जाना प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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खरसिया में जिला एवं अपर सत्र न्यायालय का शुभारंभ, न्यायिक अधोसंरचना को मिला नया विस्तार,मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से किया उद्घाटन

रायगढ़, 1 अप्रैल 2026/ रायगढ़ जिले की तहसील खरसिया में आज जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर तहसील खरसिया में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ (सिविल जिला रायगढ़) में डिजिटल कंप्यूटर रूम के निर्माण हेतु भूमि पूजन भी वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ।  
            मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा ने नवीन न्यायालय के शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र की जनता को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के आवास तथा डिजिटल कंप्यूटर रूम के निर्माण को न्यायिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम दिवस पर इस प्रकार के विकास कार्यों का शुभारंभ होना पूरे वर्ष में अधोसंरचना विकास के प्रति सकारात्मक संकेत है। इस दौरान न्यायमूर्ति श्री सचिन सिंह राजपूत, पोर्टफोलियो जज, जिला रायगढ़ भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। 
            वहीं कार्यक्रम का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायालय रायगढ़ में किया गया, जहां से तहसील खरसिया एवं जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायगढ़ श्री जितेंद्र कुमार जैन द्वारा तथा आभार प्रदर्शन विशेष न्यायाधीश रायगढ़ श्रीमती शोभना कोष्टा द्वारा किया गया। 01 अप्रैल 2026 से तहसील खरसिया में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के रूप में श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव द्वारा न्यायालयीन कार्य की शुरुआत कर दी गई है, जिससे क्षेत्रवासियों को अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम में रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, तहसील खरसिया, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, भटगांव के प्रतिनिधि, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य, शासकीय अभिभाषक, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा न्यायिक कर्मचारीगण वर्चुअल एवं भौतिक रूप से उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय रायगढ़ के राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे,विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायगढ़, 1 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान राजापारा स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति, रायगढ़ द्वारा आयोजित उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उत्कल समाज द्वारा निर्मित प्रभु जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक श्री टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्री जीवर्धन चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं उत्कल समाज के प्रमुखजन उपस्थित रहे।

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जिले के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में अब और तेज होगी आपातकालीन चिकित्सा सुविधा,108 संजीवनी एक्सप्रेस की 11 नई एम्बुलेंस सेवाओं को दिखाई गई हरी झंडी

रायगढ़, 1 अप्रैल 2026/ जिला कलेक्टोरेट परिसर में आज 108 संजीवनी एक्सप्रेस के अंतर्गत 11 नवीन एडवांस लाइफ सपोर्ट एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा उपस्थित रहे और एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई।
              नगर निगम महापौर श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में 108 संजीवनी एक्सप्रेस के तहत 11 नई एम्बुलेंस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है, जिससे जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। कलेक्टर ने कहा कि नई एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से विशेष रूप से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इन एम्बुलेंस के माध्यम से गंभीर मरीजों को त्वरित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, जिससे जीवन रक्षा की संभावनाएं बढ़ेंगी।
            मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि आज रवाना की गई 11 एम्बुलेंस की तैनाती जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में की जाएगी, जिनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लैलूंगा, जिला अस्पताल केजीएच-1 रायगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार, जिला अस्पताल केजीएच-2 रायगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कापू, सिविल अस्पताल खरसिया, सिविल अस्पताल धरमजयगढ़, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा तथा आईएफटी जिला अस्पताल रायगढ़ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर के लिए एक नई एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भी प्रस्तावित की गई है। इन एम्बुलेंस में आधुनिक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रहेंगे तथा प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ के माध्यम से मरीजों को प्राथमिक उपचार से लेकर उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों तक सुरक्षित पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस पहल से जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

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छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय,उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायगढ़, 1 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वन्दे उत्कल जननी’ के मधुर गायन के साथ हुआ।
            कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे यहां अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें 20 वर्षों तक सांसद के रूप में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और वही स्नेह उन्हें आज भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे बीच ‘रोटी-बेटी’ का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर के कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया बोलते हैं। देवभोग-गरियाबंद में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात मिलता है और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में रथ यात्रा का आयोजन होता है। यह रिश्ता सदियों पुराना है। उन्होंने रायपुर में निर्मित भव्य जगन्नाथ मंदिर का भी उल्लेख किया।
            कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज की बहुप्रतीक्षित पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया, जिसमें समाज के रीति-रिवाज, उपलब्धियां और संपर्क नंबर संकलित हैं। समाज की मांग पर उन्होंने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा मंदिर जीर्णोद्धार और अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। शासन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए गए हैं। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रदेश खुशहाली की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा रामलला दर्शन योजना शुरू किया गया है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से तीर्थ दर्शन का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का लाभ उपलब्ध कराना तथा उनकी आस्था को सशक्त करना है।
              मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानून का बिल पास किया गया है, जिसमें कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगेगी। बस्तर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह और जवानों के अदम्य में साहस से सरकार ने नक्सलियों के प्रभाव को समाप्त करने में सफलता पाई है और अब वहां नियद नेल्लानार के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन मंडल का गठन कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल रहे हैं। पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है और ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
             मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध है। वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल से राहत देने के लिए बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 शुरू की है। इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित बिजली बिल का भुगतान आसान किस्तों में करने का अवसर देना है। योजना के तहत बकाया बिल पर लगने वाले सरचार्ज में राहत या छूट दी जाती है। साथ ही आसान किस्तों में भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। इसका लाभ लेने के लिए सीएसपीडीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट या अपने नजदीकी बिजली कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
            कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज की 8 प्रतिभाओं श्रीतनु गुरु, अजय गुप्ता, डॉ.रोशन कुमार होता, कु.उन्नति मिश्रा, अपूर्वा गुरु, अनन्या गुरु, नंद किशोर सतपथी एवं निशांत नामदेव को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक श्री टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री अरूणधर दीवान, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री जगन्नाथ पाणिग्राही, श्री रत्थू गुप्ता, श्री सुभाष पाण्डेय, जिला उत्कल विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश मिश्रा सहित समिति के सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं उपस्थित रहे।

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केआईटीजी : झारखंड के स्प्रिंटर्स का जलवा, छत्तीसगढ़ के सिद्धार्थ का डबल धमाका, लक्षद्वीप के फताह ने रचा इतिहास — पदकों की बारिश में कर्नाटक अब भी नंबर-1

रायपुर, 31 मार्च 2026/झारखंड के शिव कुमार सोरेन और पृथ्वी उरांव ने मंगलवार को जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में आयोजित किए जा रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में सबसे तेज धावक बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, मेजबान छत्तीसगढ़ के सिद्धार्थ नागेश ने शॉट पुट में स्वर्ण और डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीता, जबकि तिलक बारसेट ने पुरुष 100 मीटर में रजत पदक अपने नाम किया।

शिव कुमार और पृथ्वी ने अपनी-अपनी 100 मीटर दौड़ की शुरुआत से अंत तक बढ़त बनाए रखते हुए अपने राज्य के लिए स्वर्ण पदक जीते। शिव कुमार ने 10.58 सेकंड का समय लिया, जबकि बारसेट ने 10.87 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। ओडिशा के अतिश किंडो (10.91 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

महिला 100 मीटर फाइनल में 16 वर्षीय पृथ्वी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 12.73 सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। नागालैंड की रुडुओल्हौनुओ बेल्हो (12.90 सेकंड) और झारखंड की पुतुल बक्शी (13.03 सेकंड) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए।

 पृथ्वी ने दौड़ के बाद कहा, मैं पदक जीतने को लेकर आश्वस्त थी क्योंकि मैंने चयन ट्रायल्स में अच्छा प्रदर्शन किया था। आज मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान दिया और खुशी है कि मैंने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय बनाया।

मेजबान छत्तीसगढ़ के लिए सिद्धार्थ नागेश ने दिन की शुरुआत पुरुष डिस्कस थ्रो में 35.56 मीटर के साथ रजत पदक जीतकर की। गुजरात के दानिश मकवाना (44.83 मीटर) ने स्वर्ण, जबकि ओडिशा के चंद्राय मुर्मू (33.97 मीटर) ने कांस्य पदक जीता।

शाम के सत्र में सिद्धार्थ ने एक कदम आगे बढ़ते हुए 13.52 मीटर के थ्रो के साथ शॉट पुट में स्वर्ण पदक हासिल किया। दानिश मकवाना (13.04 मीटर) को रजत मिला।

मेजबान छत्तीसगढ़ ने महिला फुटबॉल के सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश को पेनल्टी शूटआउट में हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उसका सामना झारखंड से होगा जिसने गुजरात को 9-0 हराया। छत्तीसगढ़ अब पदक तालिका में 2 स्वर्ण, 7 रजत और 4 कांस्य के साथ 10वें स्थान पर है।

कर्नाटक 19 स्वर्ण, 7 रजत और 7 कांस्य के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि ओडिशा 13 स्वर्ण, 8 रजत और 15 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर है। झारखंड ने महिला 4x100 मीटर और पुरुष 77 किग्रा ग्रीको रोमन में स्वर्ण जोड़कर 7 स्वर्ण, 2 रजत और 5 कांस्य के साथ तीसरे स्थान पर छलांग लगाई। अंबिकापुर में अभिषेक मुंडा ने हिमाचल प्रदेश के अरफान को हराकर स्वर्ण जीता।

पिछली शाम जगदलपुर में असामयिक बारिश के कारण एथलेटिक्स सत्र रद्द होने के बाद सुबह का सत्र बेहद व्यस्त रहा, जिसमें सात फाइनल हुए और लंबी कूद का फाइनल दर्शकों के लिए रोमांचक साबित हुआ।

लक्षद्वीप के 26 वर्षीय अब्दुल फताह ने अंतिम प्रयास में 7.03 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और 7 मीटर पार करने वाले अपने क्षेत्र के पहले खिलाड़ी बने। ओडिशा के भीमा सरदार (6.96 मीटर) ने रजत और जीवन बिलुंग (6.95 मीटर) ने कांस्य पदक हासिल किया।

पुरुष 400 मीटर फाइनल में कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां ओडिशा के नोबल कुमार किसन की आखिरी क्षणों की डाइव भी उन्हें जीत नहीं दिला सकी। गुजरात के संतोषभाई गणवित ने 49.332 सेकंड में स्वर्ण जीता, जबकि नोबल 49.335 सेकंड के साथ रजत पर रहे। कर्नाटक के रामू (49.60 सेकंड) ने कांस्य पदक जीता।

गोवा की मानसी कुंकलका ने 9.72 मीटर के थ्रो के साथ महिला शॉट पुट में स्वर्ण जीतकर अपने राज्य का खाता खोला। बिहार की अनामिका गोंड (9.50 मीटर) और मेघालय की मेलिबाडक्रो (9.43 मीटर) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते।


100 मीटर: स्वर्ण – पृथ्वी उरांव (झारखंड) 12.73 सेकंड; रजत – रुडुओल्हौनुओ बेल्हो (नागालैंड) 12.90 सेकंड; कांस्य – पुतुल बक्शी (झारखंड) 13.03 सेकंड

100 मीटर दौड़: स्वर्ण – बसंती माझी (ओडिशा) 16.20 सेकंड; रजत – कविता टाडिंगी (ओडिशा) 16.81 सेकंड; कांस्य – राठवा सोमसिंह (गुजरात) 16.94 सेकंड

400 मीटर: स्वर्ण – रीथुश्री (कर्नाटक) 58.63 सेकंड; रजत – आदित्य केएम (केरल) 1:00.07; कांस्य – चिंतामणि टुटी (झारखंड) 1:00.76

4x100 मीटर: स्वर्ण – झारखंड 50.31 सेकंड; रजत – ओडिशा 51.11 सेकंड; कांस्य – 54.00 सेकंड

डिस्कस थ्रो: स्वर्ण – मुस्कान लोबी (गुजरात) 32.29 मीटर; रजत – अपिक्षा गामित (गुजरात) 31.52 मीटर; कांस्य – कृष्णामोनी पेगु (असम) 29.95 मीटर

शॉट पुट: स्वर्ण – मानसी कुंकलका (गोवा) 9.72 मीटर; रजत – अनामिका गोंड (बिहार) 9.50 मीटर; कांस्य – मेलिबाडक्रो (मेघालय) 9.43 मीटर

पुरुष
100 मीटर: स्वर्ण – शिव कुमार सोरेन (झारखंड) 10.58 सेकंड; रजत – तिलक बारसेट (छत्तीसगढ़) 10.87 सेकंड; कांस्य – अतिश किंडो (ओडिशा) 10.91 सेकंड

110 मीटर बाधा दौड़: स्वर्ण – ट्रोइलुक्या मोसरोन्ग (असम) 15.85 सेकंड; रजत – सापावत दत्तू (तेलंगाना) 16.65 सेकंड; कांस्य – हरि मोहन त्रिपुरा (त्रिपुरा) 16.82 सेकंड

400 मीटर: स्वर्ण – संतोषभाई गणवित (गुजरात) 49.332 सेकंड; रजत – नोबल कुमार किसन (ओडिशा) 49.335 सेकंड; कांस्य – रामू (कर्नाटक) 49.60 सेकंड

4x100 मीटर: स्वर्ण – ओडिशा 41.97 सेकंड; रजत – झारखंड 42.29 सेकंड; कांस्य – गुजरात 43.44 सेकंड

लंबी कूद: स्वर्ण – अब्दुल फताह (लक्षद्वीप) 7.03 मीटर; रजत – भीमा सरदार (ओडिशा) 6.96 मीटर; कांस्य – जीवन बिलुंग (ओडिशा) 6.95 मीटर

हाई जंप: स्वर्ण – सागर एक्का (ओडिशा) 1.94 मीटर; रजत – वैभव गांवकर (गोवा) 1.91 मीटर; कांस्य – हेमंत खड़िया (ओडिशा) 1.80 मीटर

डिस्कस थ्रो: स्वर्ण – दानिश मकवाना (गुजरात) 44.83 मीटर; रजत – सिद्धार्थ नागेश (छत्तीसगढ़) 35.56 मीटर; कांस्य – चंद्राय मुर्मू (ओडिशा) 33.97 मीटर

शॉट पुट: स्वर्ण – सिद्धार्थ नागेश (छत्तीसगढ़) 13.52 मीटर; रजत – दानिश मकवाना (गुजरात) 13.04 मीटर; कांस्य – मानस प्रतिम राभा (असम) 12.20 मीटर


फुटबॉल (सेमीफाइनल)
महिला: छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को 2-2 (पेनल्टी में 4-3) से हराया; झारखंड ने गुजरात को 9-0 से हराया 

कुश्ती महिला
57 किग्रा: स्वर्ण – नागालक्ष्मी (तेलंगाना); रजत – शालिना सिद्धी (कर्नाटक); कांस्य – अमूल्या कुंडार्गी (कर्नाटक)

68 किग्रा: स्वर्ण – प्रिंसिता सिद्धी (कर्नाटक); रजत – एलिजाबेथ रोहलुपुई (मिजोरम); कांस्य – लीलाबेन चावड़ा (गुजरात), बलकेश कुमारी मीणा (राजस्थान)

पुरुष
57 किग्रा फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – अजीत भुयान (ओडिशा); रजत – परस बिडकर (महाराष्ट्र); कांस्य – विक्की उइके (महाराष्ट्र), अब्दुल खान (हिमाचल प्रदेश)

86 किग्रा फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – सुमित ठाकुर (हिमाचल प्रदेश); रजत – बहादुर खान (जम्मू-कश्मीर); कांस्य – शब्बीर खान (हिमाचल प्रदेश)

77 किग्रा ग्रीको रोमन: स्वर्ण – अभिषेक मुंडा (झारखंड); रजत – अरफान (हिमाचल प्रदेश); कांस्य – चरण जाधव (तेलंगाना), इनजामाम (जम्मू-कश्मीर)

130 किग्रा ग्रीको रोमन: स्वर्ण – शिवा भालावी (मध्य प्रदेश); रजत – दिलेर खान (जम्मू-कश्मीर); कांस्य – तारा राजू (तेलंगाना)

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जमीन विवाद में तलवार लेकर दहशत फैलाने वाला आरोपी गिरफ्तार, “एक इंच जमीन नहीं दूंगा” कहकर दौड़ाया, कापू पुलिस ने आर्म्स एक्ट में की सख्त कार्रवाई

31 मार्च, रायगढ़ । जमीन विवाद के दौरान तलवार लहराकर गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी पर कापू पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धाराओं में सख्त कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

         मामले में ग्राम इंदकालो निवासी पदमन बंजारा (36 साल) द्वारा थाना कापू में आवेदन प्रस्तुत कर बताया गया कि उसने लगभग एक वर्ष पूर्व ग्राम अलोला निवासी कमलेश राठिया से 22 डिसमिल टिकरा भूमि खरीदी थी। भूमि तक आवागमन के लिए रास्ता मांगने को लेकर विवाद चल रहा था। दिनांक 26 मार्च 2026 को हल्का पटवारी द्वारा भूमि की नपाई कराई जा रही थी, उसी दौरान दोपहर करीब 2:30 बजे ग्राम अलोला निवासी युवराज बंजारा हाथ में तलवार लेकर मौके पर पहुंचा और “एक इंच भी जमीन नहीं दूंगा” कहते हुए अश्लील गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी देने लगा। आरोपी ने तलवार लहराते हुए शिकायतकर्ता को मारने के लिए दौड़ाया, जिससे वह किसी तरह भागकर अपनी जान बचाया।

         घटना की रिपोर्ट पर थाना कापू में आरोपी युवराज बंजारा के विरुद्ध धारा 296, 351(3) बी.एन.एस. के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में कापू पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तलवार जप्त की गई। प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 भी जोड़ी गई है। आरोपी युवरात बंजारा पिता कार्तिकराम बंजारा 29 साल निवासी ग्राम अलोला थाना कापू को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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दनौट कया-कमतरा सड़क उन्नयन के लिए 18.72 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी, 13.4 किमी सड़क के साथ 60 मीटर बनेगा पुल

रायगढ़, 31 मार्च 2026।  राज्य शासन ने रायगढ़ जिले में दनौट कया-कमतरा मार्ग के उन्नयन के लिए 18 करोड़ 71 लाख 96 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 13.4 किमी सड़क के उन्नयन के साथ ही 60 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। 

कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

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डिजिटल क्रांति का असर: रायगढ़ में भू-अर्जन मुआवजा अब सीधे खातों में, 463 किसानों को 15.49 करोड़ का त्वरित भुगतान—चेक झंझट खत्म, पारदर्शिता और भरोसे में जबरदस्त बढ़ोतरी

रायगढ़, 31 मार्च 2026/ राज्य शासन की सुशासन एवं पारदर्शिता की मंशा के अनुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा भू-अर्जन मुआवजा भुगतान प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने हेतु ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू की गई है। इस अभिनव पहल के तहत भू-अर्जन से प्रभावित कृषकों को उनकी मुआवजा एवं पुनर्वास राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे भुगतान प्रक्रिया त्वरित, पारदर्शी एवं सुविधाजनक हो गई है। यह व्यवस्था 26 सितंबर 2025 से रायगढ़ अनुविभाग में प्रारंभ की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 30 मार्च 2026 तक की स्थिति में 156 कृषकों को 9,82,45,952 रूपये की मुआवजा राशि तथा 307 कृषकों को 5,67,25,273 रुपए की पुनर्वास एवं बोनस राशि का भुगतान किया गया है। इस प्रकार कुल 463 कृषकों को 15,49,71,225 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से हस्तांतरित की गई है।
      पूर्व में मुआवजा भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था, जिससे किसानों को बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे और भुगतान में विलंब होता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन समस्याओं से मुक्ति मिली है और किसानों को समय पर बिना किसी परेशानी के राशि प्राप्त हो रही है। इस योजना से लाभान्वित किसानों ने भी संतोष व्यक्त किया है। ग्राम जामपाली के श्री उपेन्द्र पटेल ने बताया कि “ऑनलाइन व्यवस्था से मुआवजा राशि आसानी से और समय पर मिल रही है।” वहीं ग्राम गेजामुड़ा के श्री बोधीराम पटेल ने कहा कि “नई प्रणाली से बिना किसी परेशानी के सीधे खाते में राशि प्राप्त हो रही है।” इसी तरह ग्राम उच्चभिट्टी के श्री राजकुमार चौधरी ने बताया कि “पहले चेक के कारण काफी कठिनाई होती थी, लेकिन अब भुगतान प्रक्रिया बेहद सरल और तेज हो गई है। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी और दक्षता बढ़ी है। प्रत्येक भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जवाबदेही सुनिश्चित हुई है और त्रुटियों की संभावना भी कम हुई है। यह व्यवस्था किसानों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है और यह पहल सुशासन, पारदर्शिता तथा डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में स्थापित हो रही है।

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रायगढ़ में आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन: 6 मामलों में 305 लीटर महुआ शराब और 1050 किलो लाहन जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल — नालों किनारे चल रही अवैध भट्ठियां भी ध्वस्त

रायगढ़, 31 मार्च 2026। रायगढ़ जिले में  अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने व्यापक और सघन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बीते दो-तीन दिनों के भीतर विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 6 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए, जिनमें 305.200 लीटर महुआ शराब तथा 1050 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य 1,13,540 रुपये बताया गया है।
सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर लगातार कार्यवाही जारी रहेगी। 
     उन्होंने बताया कि आबकारी टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम लोहरसिंग से देवराज टंडन (26 वर्ष) के कब्जे से 6 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। इसी थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला से शेख नसीरूद्दीन (40 वर्ष) के पास से भी 6 लीटर शराब जब्त की गई। थाना कोतरारोड अंतर्गत ग्राम कुरमापाली में कार्रवाई करते हुए राजकुमार चौहान (35 वर्ष) के कब्जे से 12 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। वहीं थाना तमनार क्षेत्र में भी आबकारी टीम सक्रिय रही, जहां ग्राम लालपुर से अजय राठिया (31 वर्ष) के पास से 15 लीटर और ग्राम आमघाट से अमित एक्का (31 वर्ष) के कब्जे से 9.200 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इन सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।  केवल व्यक्तियों की गिरफ्तारी तक ही सीमित न रहकर आबकारी विभाग ने अवैध शराब निर्माण स्थलों पर भी सख्त कार्रवाई की। थाना चक्रधर नगर क्षेत्र के ग्राम भगोरा नाला किनारे दबिश देकर टीम ने 100 लीटर महुआ शराब और 800 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया। इसी प्रकार थाना पुसौर अंतर्गत ग्राम कसाईपाली नाला किनारे छापेमारी में 145 लीटर महुआ शराब एवं 250 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। इन दोनों मामलों को विवेचना में लेकर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
            आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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1900 से ज्यादा समस्याओं का मौके पर समाधान, ‘प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार’ अभियान से सुदूर वनांचल में बढ़ा भरोसा — अब लैलूंगा, घरघोड़ा और खरसिया में अगला बड़ा शिविर

जनसमस्या निवारण शिविरों में 1900 से अधिक आवेदनों का निराकरण, बढ़ा जनविश्वास

"प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुंचा समाधान

एक माह में वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण

तमनार, मुकड़ेगा, छाल, पुसौर और कापू में शिविर, मौके पर ही त्वरित समाधान

अब 2, 4 और 9 अप्रैल को लैलूंगा, घरघोड़ा और खरसिया में लगेंगे शिविर

रायगढ़, 31 मार्च 2026/ जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से संचालित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक 1900 से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की बात करें तो कापू में आयोजित शिविर में प्राप्त आवेदनों में से 772, मुकड़ेगा में 263, तमनार में  247, पुसौर में 287 तथा छाल में 336 आवेदनों का समाधान किया गया। यह आंकड़े प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाते हैं।
      “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान के अंतर्गत तमनार, मुकड़ेगा, छाल, पुसौर एवं कापू जैसे सुदूर वनांचल एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन कर प्रशासन ने दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की है। इन शिविरों में नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना गया तथा अधिकांश प्रकरणों का निराकरण एक माह के भीतर सुनिश्चित किया गया।शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति के चलते आवेदनों का मौके पर ही परीक्षण कर त्वरित समाधान प्रदान किया गया। जिन प्रकरणों का निराकरण तत्काल संभव नहीं था, उनके लिए समय-सीमा तय कर आवेदकों को स्पष्ट जानकारी दी गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई।
       जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आगामी जनसमस्या निवारण शिविर 02 अप्रैल को लैलूंगा, 04 अप्रैल को घरघोड़ा तथा 09 अप्रैल को खरसिया में आयोजित किए जाएंगे। सभी शिविर संबंधित तहसील मुख्यालयों में दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होंगे, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकेंगे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए अधिकतम प्रकरणों का निराकरण स्थल पर ही किया जाए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का मूल उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करना, उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना तथा प्रशासन के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करना है।

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नवा तरिया, आय के जरिया” से बदलेगा रायगढ़ का ग्रामीण भविष्य: मनरेगा-NRLM के संगम से 28 क्लस्टरों में बनेंगे मॉडल तालाब, जल संरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया आधार

रायगढ़, 31 मार्च 2026। राज्य शासन के “मोर गांव, मोर पानी अभियान” के अंतर्गत के “मोर गांव, मोर पानी अभियान” के तहत रायगढ़ जिले में एक नई और महत्वाकांक्षी पहल “नवा तरिया, आय के जरिया” प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा रही है। जिला पंचायत द्वारा मनरेगा (MGNREGA) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के समन्वय से इस योजना को नए वित्तीय वर्ष से जिले के सभी 7 विकासखंडों में लागू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। इस परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
           योजना के तहत जिले के 28 क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) में कम से कम एक-एक मॉडल तालाब का निर्माण किया जाएगा। इन तालाबों को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने के लिए “रिज टू वैली” कॉन्सेप्ट अपनाया जा रहा है, जिसमें ‘Clart’ ऐप और युक्तधारा पोर्टल की मदद से स्थल चयन और योजना निर्माण किया जा रहा है। इससे कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी, साथ ही भू-जल स्तर में सुधार की दिशा में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
             इस योजना की सबसे खास बात यह है कि तालाबों का निर्माण मनरेगा के तहत किया जाएगा, लेकिन उनका उपयोग और प्रबंधन महिला स्व-सहायता समूहों (CLF) को सौंपा जाएगा। “नवा तरिया, आय के जरिया” थीम के अनुरूप इन तालाबों में मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन और अन्य जल आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
             परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में CLF से जुड़ी महिलाओं को तकनीकी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से यह योजना न केवल जल संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, “यह पहल जिले में विकास का एक मॉडल बनेगी, जहां जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण साथ-साथ आगे बढ़ेंगे और ‘नवा तरिया’ वास्तव में ‘आय का जरिया’ बनकर उभरेगा।”

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चोट से जूझती रही, हार से लड़ती रही: पट्टी बांधकर मैट पर उतरी पूनम ने दिखाया दम, फाइनल में तेलंगाना की गीता को हराकर छीन लिया स्वर्ण

रायपुर, 31 मार्च 2026/ कुश्ती जैसे खेल में जहां फिटनेस और ताकत सबसे बड़ी जरूरत होती है, वहां चोटिल कंधे के साथ मैट पर उतरना अपने आप में बड़ा जोखिम है। लेकिन झारखंड की 19 वर्षीय पहलवान पूनम ऑरन ने इस जोखिम को चुनौती में बदला और दर्द के बावजूद मुकाबले दर मुकाबले जीत हासिल करते हुए पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। 

            फाइनल में भी पूनम बाएं कंधे पर पट्टी बांधकर उतरीं। हर मूव के साथ दर्द साफ नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अंत तक लड़ते हुए मुकाबला अपने पक्ष में किया। पूनम ने महिलाओं की 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में तेलंगाना की के. गीता को हराकर स्वर्ण पदक जीता। 

           अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूनम ने साई मीडिया से कहा, “हार कैसे मान लेती सर? जब नौ साल से हार नहीं मानी, तो अब कैसे मान लेती। मेरी यह चोट बहुत पुरानी है। छह साल पहले मेरा कंधा उतर गया था। बीच में ठीक हुआ, लेकिन फिर ट्रेनिंग के दौरान दोबारा चोट लग गई। इसके बावजूद मैंने वापसी की और अब मैंने यहां पर गोल्ड जीता है।" उन्होंने कहा,''अपने करियर की शुरुआत से ही मैं चोटों से जूझ रही हूँ, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। गोल्ड मेडल जीतना किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। नौ साल तक गोल्ड न जीत पाने के दर्द के मुकाबले यह चोट कुछ भी नहीं है।'

              झारखंड के चतरा जिले के सुइयाबार गांव की रहने वाली पूनम के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी है। साल 2017 में जब उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी, उसी दौरान एक गंभीर चोट ने उन्हें करीब एक साल तक मैट से दूर कर दिया। वापसी के बाद उन्होंने 2018 और 2019 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) में कांस्य पदक जीते, लेकिन इसके बाद पदक जीतने का इंतजार लंबा चला। 

          पूनम बताती हैं कि इस प्रतियोगिता में उतरने से पहले भी वह पूरी तरह फिट नहीं थीं। उन्होंने कहा, '' घर वाले मना कर रहे थे, लेकिन कोच और सपोर्ट स्टाफ को मुझ पर भरोसा था। उनके सपोर्ट से ही मैं खेल पाई और गोल्ड जीत सकी। छह साल बाद कोई पदक जीतना मेरे लिए बहुत खास है और इसके पीछे मेरी दृढ़ इच्छाशक्ति है।'' वह पिछले करीब एक दशक से रांची के हॉस्टल में रहकर अभ्यास कर रहीं हैं। 

           ऑरन समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पूनम के लिए यह स्वर्ण पदक खास मायने रखता है। वह कहती हैं, '' इसके मुझे काफी लंबा इंतजार करना पड़ा है। करियर की शुरुआत से ही मैं चोट से जूझ रही हूं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इसके बाद कोई स्वर्ण पदक जीतना, मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है।'' 

       कुश्ती के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बनाए रखते हुए, पूनम अभी रांची यूनिवर्सिटी से बीए (पॉलिटिकल साइंस) की पढ़ाई भी कर रही है। अब वह जूनियर नेशनल्स के लिए झारखंड टीम में जगह बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

       पूनम ने कहा,” मेरा अगला लक्ष्य जूनियर नेशनल ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना है और मैं इस स्वर्णिम सफलता को आगे भी जारी रखना चाहती हूं।”

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उधार के स्पाइक्स, टूटी आर्थिक हालत और अडिग हौसला — नासिक के सूरज माशी ने 5000 मीटर में जीता रजत, संघर्ष की दौड़ में भी बने विजेता

रायपुर, 31 मार्च 2026/ नासिक के एथलेटिक्स ट्रैक पर सूरज माशी और उनके कुछ साथी अक्सर अपने सीनियर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करते हुए बड़े ध्यान से देखते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वे सिर्फ देख नहीं रहे होते, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज को समझकर उसे अपनी ट्रेनिंग में लागू करने की कोशिश करते हैं। सूरज उन आदिवासी खिलाड़ियों के समूह का हिस्सा हैं, जो हर महीने कोच की फीस नहीं दे सकते और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जो भी मदद मिलती है, उसी पर निर्भर रहते हैं। दौड़ना ही उनका सबसे बड़ा हुनर है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया है और जो एक दिन उनकी जिंदगी बदल सकता है।

           सूरज ने कहा, “कोचिंग फीस 4000 रुपये प्रति माह है, जिसे मैं वहन नहीं कर सकता। मैं नासिक में किराये पर रहकर पढ़ाई करता हूं और किराया मुझे महाराष्ट्र और गुजरात में दौड़ों में भाग लेकर मिलने वाली इनामी राशि से ही देना पड़ता है। इसलिए मैं खुद ही ट्रेनिंग करता हूं और जब कहीं अटकता हूं तो सीनियर्स या ट्राइबल विभाग के कोच से सलाह लेता हूं।” यही सूरज खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुष 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने में सफल रहे।

        सूरज हर महीने सिर्फ 300 रुपये देकर ट्रेनिंग सुविधा का उपयोग करते हैं और सेकेंड हैंड जूते और स्पाइक्स में अभ्यास करते हैं। उनके स्पाइक्स काफी घिस चुके थे, इसलिए उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक साथी धावक से स्पाइक्स उधार लेने पड़े। पालघर जिले के मोखाडा तालुका के एक छोटे से गांव से आने वाले सूरज की जिंदगी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की कहानी है। वारली जनजाति से ताल्लुक रखने वाले सूरज, जो एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे हैं और चार बहनों के बाद पैदा हुए पहले बेटे हैं, बचपन से ही आत्मनिर्भर रहे हैं। सरकारी आश्रम शाला में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने दौड़ना शुरू किया।

           स्कूल के एक खेल आयोजन के दौरान उन्हें दौड़ने का शौक लगा और तब से यह उनके जीवन का सहारा बन गया। जब सूरज 10वीं कक्षा में थे, उनकी मां घर में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गईं और अब चल-फिर नहीं पातीं। पिछले साल उनकी एक बड़ी बहन का निधन हो गया और उनके तीन छोटे भाई उनसे मार्गदर्शन और सहारे की उम्मीद रखते हैं। स्कूल पूरा करने के बाद सूरज पढ़ाई और खेल को आगे बढ़ाने के लिए नासिक चले गए, लेकिन शहर में रहना और परिवार का सहारा बनना उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं स्थानीय प्रतियोगिताओं और क्रॉस-कंट्री दौड़ों में भाग लेकर हर महीने करीब 3000 से 5000 रुपये कमा लेता हूं। उसी में से कुछ पैसे बचाकर मैं अपने पिता को भेजता हूं और अपनी पढ़ाई, ट्रेनिंग और बाकी जरूरतें पूरी करता हूं।”

         इस साल जून में 19 साल के होने वाले सूरज ने 18 साल की उम्र के बाद पुलिस विभाग में नौकरी पाने की भी कोशिश की। उन्होंने ज्यादातर शारीरिक परीक्षण पास कर लिए, लेकिन शॉट पुट में निर्धारित दूरी पूरी नहीं कर पाने के कारण चयन से चूक गए। हालांकि नौकरी पाना अभी भी उनकी प्राथमिकता है, लेकिन सूरज को भरोसा है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में उनके प्रदर्शन से उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार खेलो इंडिया गेम्स के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार भी देती है।

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