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एशियाई खेलों पर नजर, ओलंपिक का सपना — कोमालिका बारी का ‘ट्राइबल गेम्स’ में धमाका करने का बड़ा ऐलान

रायपुर, 30 मार्च 2025/  साल 2021 में जब कोमालिका बारी ने अपनी राज्य की साथी दीपिका कुमारी की बराबरी करते हुए विश्व कैडेट और विश्व जूनियर दोनों खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी महिला रिकर्व तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया, तब जमशेदपुर की इस खिलाड़ी से काफी सारी उम्मीदें जुड़ गई थीं।

          हालांकि, जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर सर्किट में उनका सफर उतना आसान नहीं रहा। कोमालिका एशियाई खेलों और 2028 ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई हैं।

           अब 2026 एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में चयन की दौड़ अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, ऐसे में कोमालिका ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। पुणे में चल रहे प्रशिक्षण शिविर में वह अपनी तकनीक को निखारने के साथ-साथ मानसिक मजबूती और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।

         कोमालिका ने साई मीडिया को कहा कि, “मैं फिलहाल टॉप-16 में हूं और राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा हूं। एशियाई खेलों के चयन को लेकर मैं गंभीरता से तैयारी कर रही हूं। साथ ही, मैं ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनुभव हासिल करना चाहती हूं, जबकि अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बनाए रख रही हूं।” 

           झारखंड की यह प्रतिभाशाली तीरंदाज यहां जारी पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में तीरंदाजी प्रतियोगिता की प्रमुख आकर्षण हैं। कोमालिका ने आगे कहा कि, “मेरा अंतिम लक्ष्य (2028) ओलंपिक है। इस समय मेरा प्रशिक्षण काफी अच्छा चल रहा है और मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं। सबसे ज्यादा ध्यान मानसिक रूप से मजबूत रहने पर है, क्योंकि प्रदर्शन में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है।” वह अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हैं, “मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि उतार- चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर आगे बढ़ा जा सकता है।”  उन्होंने यह भी बताया कि मैच अनुभव हासिल करने के अलावा वह अधिक से अधिक जनजातीय बच्चों को इस खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं।

              कोमालिका ने 12 साल की उम्र में पहली बार धनुष-बाण उठाया। उन्हें उनकी मां, जो एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं, का पूरा समर्थन मिला। उनकी मां ही उन्हें बिरसानगर में स्थानीय तीरंदाजी कोच के पास लेकर गईं, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई। साल 2012 में कोमालिका ने अपने शुरुआती संघर्षों का सामना करना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वे अभ्यास के लिए धनुष खरीद सकें, इसलिए उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बांस से बने अस्थायी धनुष का सहारा लिया।

          प्रशिक्षण शुरू करने के चार साल बाद कोमालिका ने जमशेदपुर स्थित टाटा आर्चरी अकादमी में प्रवेश लिया और कोच धर्मेंद्र तिवारी तथा पूर्णिमा महतो के मार्गदर्शन में अभ्यास शुरू किया। लेकिन देश की इस प्रतिष्ठित अकादमी तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, क्योंकि उन्हें अपने बिरसानगर स्थित घर से रोजाना 18 किलोमीटर साइकिल चलाकर वहां पहुंचना पड़ता था।
वह कहती हैं, “जब मैंने तीरंदाजी शुरू की थी, तब मेरे कई सीनियर खिलाड़ी थे जिन्हें मैं रोल मॉडल मानती थी। हमें उन्हें आमतौर पर सिर्फ प्रतियोगिताओं के दौरान देखने का मौका मिलता था और इससे हमें काफी प्रेरणा मिलती थी।”
उन्होंने आगे कहा कि , “यही एक बड़ा कारण है कि मैं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में हिस्सा ले रही हूं। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे खेलते हुए देखें और आगे आकर भाग लेने के लिए प्रेरित हों। अभी भी कई लोग भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक बहुत अच्छा मंच है, जो प्रेरणा और अवसर दोनों प्रदान करता है।” 

           24 वर्षीय कोमालिका रायपुर में जारी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में हिस्सा ले रही है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2020 में व्यक्तिगत रजत पदक जीत चुकी कोमालिका इस मंच के महत्व को भली-भांति समझती हैं और मानती हैं कि ट्राइबल गेम्स जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले खिलाड़ियों के विकास को नई गति दे सकते हैं। वे कहती हैं कि, “ट्राइबल गेम्स पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की क्षमता रखते हैं, खासकर जनजातीय खिलाड़ियों के लिए। खेलो इंडिया द्वारा उठाया गया यह कदम और इन खेलों का आयोजन बेहद प्रभावशाली है। आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं एक ही खेल पर केंद्रित होती हैं, लेकिन यहां कई खेल एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, ठीक राष्ट्रीय खेलों की तरह।”

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आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 405 मरीजों का हुआ निःशुल्क उपचार,दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और परामर्श पर जोर

रायगढ़, 29 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. सी.एस. गौराहा के मार्गदर्शन में विकासखंड पुसौर के दूरस्थ ग्रामों में आयुर्वेद चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. अजय नायक के नेतृत्व में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें उचित परामर्श और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। इन शिविरों में कुल 405 रोगियों का उपचार किया गया।
            शिविर में डॉ. जागृति पटेल द्वारा जोड़ों के दर्द, अस्थि-संधि विकार, वृद्धजन स्वास्थ्य समस्याएं, जीवनशैली जनित रोग, आहार-विहार, योगासन, स्वच्छता एवं नशामुक्ति जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, आवश्यकतानुसार पंपलेट वितरित कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
             मार्च माह के दौरान कठली, टपरदा, सिंगपुरी, चंघोरी, परसापाली, बराडोली, कोलता पारा, स्कूल पारा एवं बुनगा जैसे गांवों में शिविर लगाए गए। बुनगा में विशेष रूप से जीवनशैली में सुधार, औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग, घरेलू उपचार, शालेय स्वास्थ्य परीक्षण, बीपी एवं शुगर जांच, सियान जतन तथा दैनिक योगाभ्यास जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविरों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति विश्वास बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया जा रहा है। इस पहल में बुनगा सरपंच बेदप्रकाश साव का सराहनीय सहयोग रहा। साथ ही फार्मासिस्ट भोज मालाकार, श्रीमती वर्षा ठेठवार, राजेश साव एवं योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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तेज आवाज और स्टंटबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन— मॉडिफाई साइलेंसर लगाने वाले युवकों पर शिकंजा, अभिभावकों को बुलाकर दी कड़ी चेतावनी; बुलडोजर से साइलेंसर खत्म कर दिया सख्त संदेश”

रायगढ़, 29 मार्च  । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ सभी थानों की टीमें प्रतिदिन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसे वाहनों की जांच कर रही हैं। इसी कड़ी में कल डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न चेक प्वाइंट पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।

          जांच के दौरान शहर के विभिन्न चौंक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस ने 11 ऐसे वाहनों को पकड़ा, जिनमें तेज आवाज वाले मॉडिफाई साइलेंसर लगे हुए थे। सभी वाहनों को कार्रवाई के लिए ट्रैफिक थाना लाया गया । आज सुबह संबंधित वाहन चालकों और उनके अभिभावकों को पुलिस कार्यालय बुलाया गया, जहां एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। थाने में इन वाहनों में लगे मॉडिफाई साइलेंसर निकलवाकर चालानी कार्रवाई की गई ।

          उल्लेखनीय है कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर हाल ही में थाना यातायात और थानों द्वारा करीब 50 साइलेंसर जब्त किए गए हैं, जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा आज ट्रैफिक थाना के पीछे पुलिस कालोनी में बुलडोजर चलवाकर नष्ट किया गया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने मीडिया के माध्यम से आम नागरिकों से अपील करते हुए अपना शासकीय मोबाइल नंबर 9479193200 साझा किया और कहा कि मॉडिफाई साइलेंसर लगे वाहनों की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पुलिस को सूचित करें, ताकि ऐसे वाहन चालकों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

              मॉडिफाई साइलेंसर के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह, थाना प्रभारी ट्रैफिक नारायण सिंह मरकाम एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए आगे भी इसी प्रकार अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

     *“यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी”*

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जल संरक्षण का कोरिया मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की सराहना

रायपुर 29 मार्च 2026/कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के *मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान* के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।

इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।


पृष्ठभूमि

कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था। 

कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा

“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत  संरचनाएं बनाईं गईं।


सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वय

महिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना। 

2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)

जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235  (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और  1800 से अधिक  ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)

भूजल स्तर में सुधार

CGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के  भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है। 


2026 में प्रगति

20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।

कलेक्टर का वक्तव्य

जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”


कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी,  वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स : 86 किलोग्राम भारोत्तोलन में महाराष्ट्र की साक्षी बुरकुले ने जीता स्वर्ण,छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने रजत

रायपुर, 29 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत 86 किलोग्राम भारोत्तोलन प्रतियोगिता महिला वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। इस स्पर्धा में महाराष्ट्र की साक्षी बंडू बुरकुले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक कब्जा किया। यह प्रतिस्पर्धा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की खेल मैदान में आयोजित की जा रही है। 

 साक्षी बुरकुले ने स्नैच में 68 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 82 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 150 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल की, उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में सबसे मजबूत रहा।

 छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल की। उन्होंने कुल 121 किलोग्राम (स्नैच 55 किलोग्राम, क्लीन एंड जर्क 71 किलोग्राम) वजन उठाया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने 118 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में असम की लिंडा  114 किलोग्राम के साथ चौथे स्थान पर रहीं, जबकि त्रिपुरा की सुमी मोग (77 किलोग्राम) और आंध्र प्रदेश की जेसी रानी (61 किलोग्राम) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहीं।

 इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर प्रतिभागी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। दर्शकों ने प्रत्येक खिलाड़ियों की हौंसला अफजाई करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर इस पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।

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कम उम्र में अनाथ हुए मिजोरम के किशोर इसाक,मालसावमटलुआंगा ने चोट की चिंता को पीछे छोड़कर जीता केआईटीजी स्वर्ण

रायपुर, 29 मार्च: मिजोरम के युवा वेटलिफ्टर इसाक मालसावमटलुआंगा 16 साल की उम्र पूरी करने से पहले ही अपने माता-पिता दोनों को खोने के बाद लगभग खेल छोड़ने की कगार पर पहुंच गए थे। इस दोहरी त्रासदी ने इस मिजो किशोर को अंदर तक तोड़ दिया था, लेकिन उनके बचपन के कोच और चाचा-चाची के सहारे ने उनके खेल करियर को संभाल लिया। 18 वर्षीय इसाक ने कड़ा संघर्ष करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार को गर्व महसूस कराया।

        पीठ की तकलीफ से जूझते हुए भी इसाक ने क्लीन एंड जर्क में शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच में दूसरे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने कुल 235 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के तुरंत बाद उनके चाचा ने उन्हें गले लगा लिया, जो इस युवा खिलाड़ी के जीवन में एक मार्गदर्शक की तरह रहे हैं।

        इसाक के पिता हेमिंग मालसावमटलुआंगा की 2018 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, उसी साल उन्होंने वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। परिवार के इकलौते बेटे होने के कारण उनके सामने यह सवाल खड़ा हो गया था कि वह खेल जारी रखें या परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए कमाई पर ध्यान दें।

         इसाक ने साई मीडिया से बातचीत में बताया,” उस समय मेरे बचपन के कोच सोमा ने मुझे बहुत प्रेरित किया और वेटलिफ्टिंग जारी रखने के लिए कहा।”

        हालांकि, 2024 में हिमाचल प्रदेश में आयोजित यूथ नेशनल चैंपियनशिप में 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद जब उनका प्रदर्शन बेहतर होने लगा, तभी एक और निजी झटका लगा। उनकी मां को कैंसर का पता चला, जिससे परिवार पर भावनात्मक और आर्थिक दबाव बढ़ गया।

        इस कठिन समय में उनके चाचा और चाची ने उनका सहारा बना। आइजोल के रामह्लुन वेंगथर इलाके में एक छोटे से रेस्तरां में काम करने वाला यह दंपति इसाक को अपने साथ ले आया और उसकी पढ़ाई और वेटलिफ्टिंग दोनों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद की।

         लेकिन उसी साल उनकी मां का निधन हो गया, जिसने इस युवा खिलाड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया। कुछ समय के लिए वह खेल, जो कभी उसे उम्मीद देता था, उसके लिए बेमानी लगने लगा और अकेलापन व दुख उस पर हावी हो गयाl उन्होंने कहा, “अपने माता-पिता दोनों को खोना मुझे अंदर से पूरी तरह तोड़ गया था। मैंने लगभग तय कर लिया था कि वेटलिफ्टिंग छोड़ दूंगा, लेकिन मेरे चाचा और कोच ने एक बार फिर मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”

            2024 से इसाक इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE) में प्रशिक्षण ले रहे हैं और साथ ही आइजोल से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के जरिए कक्षा 12 की पढ़ाई भी कर रहे हैं।

          धीरे-धीरे उनके प्रयास रंग लाने लगे। 2025 में मोदीनगर में आयोजित जूनियर प्रतियोगिता में उन्होंने एक और रजत पदक जीता और बाद में उसी वर्ष राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया।

            खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से पहले उनकी तैयारियों में भी चुनौतियां कम नहीं थीं। अभ्यास के दौरान उन्हें पीठ में चोट लग गई थी, जिसके चलते उनके कोच ने उन्हें टूर्नामेंट से दूर रहने की सलाह दी थी। लेकिन इसाक ने हार नहीं मानी और रायपुर में मंच पर उतरकर अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

          वह कहते हैं, “मेरे पिता के निधन के बाद से मेरे चाचा हमेशा प्रतियोगिताओं में मेरे साथ जाते हैं। वह यहां भी मेरे साथ थे। जैसे ही मैंने पदक जीता, उन्होंने मुझे अपनी बाहों में उठा लिया। उस पल मुझे एहसास हुआ कि वह कितने खुश थे।” इसके बाद वह जश्न मनाने के लिए एक बार फिर अपने परिवार के पास लौट गए।

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स  : महिला 86+ किग्रा वेटलिफ्टिंग में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने जीता स्वर्ण,असम की पिंकी बोरो को रजत और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके को कांस्य

 रायपुर, 29 मार्च 2026/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86$ किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस स्पर्धा में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज़ोसांगज़ुआली ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने मिजोरम को गौरवान्वित किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में किया जा रहा है। 

 असम की पिंकी बोरो ने शानदार प्रयास करते हुए कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार खेल दिखाते हुए कुल 86 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने कुल 77 किलोग्राम वजन उठाया।

 प्रतियोगिता की खास बात यह रही की सभी खिलाड़ियों ने युवा आयु में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। आयोजन स्थल पर दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और ऊर्जा दे रहा था।

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ऑपरेशन आघात” का प्रचंड असर: रायगढ़ पुलिस ने 2 महीनों में नशे के नेटवर्क पर किया ऐतिहासिक प्रहार, ₹4.5 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त, 394 आरोपी सलाखों के पीछे

रायगढ़, 29 मार्च 2026 ।  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा 26 जनवरी को जिले में पदभार ग्रहण करने के साथ ही सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को नशे के विरुद्ध सख्त अभियान “ऑपरेशन आघात” चलाने के निर्देश दिए गए थे। पदभार ग्रहण के दौरान ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि उनके कार्यकाल में किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध शराब, जुआ-सट्टा जैसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में बीते दो माह (26 जनवरी से 26 मार्च) के दौरान रायगढ़ पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक और सुनियोजित कार्रवाई की गई है।

          अभियान के तहत अवैध शराब के *कुल 357 प्रकरण दर्ज कर 367 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे 2845 लीटर देसी, अंग्रेजी एवं महुआ शराब जब्त* की गई। इनमें *139 प्रकरण ऐसे रहे, जिनमें 149 आरोपियों को आबकारी एक्ट की अजमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार* कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। विशेष रूप से महुआ शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 2612 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के विरुद्ध भी सतत अभियान चलाकर कार्यवाही की गई। अवैध शराब पर कार्यवाही से सीमावर्ती ओडिशा राज्य से अवैध महुआ शराब की तस्करी पर अंकुश लगा है ।

       वहीं उड़ीसा मार्ग से संचालित गांजा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार करते हुए रायगढ़ पुलिस द्वारा विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की गई, जिसमें पिछले दो माह में *16 प्रकरणों में 27 गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 100 किलो से अधिक गांजा जब्त* किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹25 लाख 50 हजार है।

       इसी प्रकार राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध अफीम की खेती के विरुद्ध भी कड़ी निगरानी और कार्रवाई की गई। तमनार क्षेत्र के आमाघाट तथा लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव एवं मुडागांव में *कुल 4 प्रकरण दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन प्रकरणों में 2963 किलो अवैध अफीम* (पौधों सहित) जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹4 करोड़ 18 लाख है।

      समग्र रूप से “ऑपरेशन आघात” के तहत बीते दो माह में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कुल 394 आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए करीब ₹4 करोड़ 50 लाख मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। साथ ही *मादक पदार्थों के परिवहन में प्रयुक्त 21 दुपहिया एवं 3 चार पहिया वाहनों को भी जप्त* किया गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

      *“नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस एक अभियान छेड़ रखा है जिसके तहत अवैध शराब, गांजा व अन्य नशीले पदार्थों के विरूद्ध विशेष अभियान ऑपरेशन आघात जारी है, जनता से अपील है कि आपके इलाके में किसी प्रकार अवैध गतिविधियां जारी है तो मेरे नंबर 9479193200 पर सूचना दें, आपका नाम गोपनीय रखा जावेगा ”*

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सरगुजा में गूंजा दांव-पेंच का दम: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पहलवानों की तगड़ी भिड़ंत, पहले दिन ही छाया रोमांच,30 राज्यों के 144 पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले, फाइनल की जंग तेज

रायपुर, 28 मार्च 2026/खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत आज चौथे दिन सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में कुश्ती प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत हुई। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से आए 144 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। 
प्रतियोगिता के शुरुआत के साथ ही पहले दिन खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। युवा पहलवानों ने अपनी तकनीक एवं रणनीति का जबरदस्त प्रदर्शन किया। 

प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुष फ्रीस्टाइल सीनियर में  74 किलोग्राम भार वर्ग में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन एवं महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार ने विभिन्न पड़ाव में जीत हासिल कर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह बनाई। इसी प्रकार फ्रीस्टाइल सीनियर में 125 किलोग्राम भार वर्ग में तेलंगाना के बनोथ विनोदकुमार एवं महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलकार विजेता रहे, जिनके बीच आगे फ़ाइनल मुकाबला होगा। 

ग्रीको रोमन सीनियर 67 किलोग्राम भार वर्ग में गुजरात के वसावा मुकेश भाई एवं झारखंड के अंजीतकर मुंडा तथा 97 किलोग्राम भार वर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार एवं जम्मू-कश्मीर के शमा हुन के बीच आगे फ़ाइनल मुकाबले होंगे। 

आज विभिन्न राउंड्स में विजेता रहीं महिला सीनियर 50 किलोग्राम भार वर्ग में झारखण्ड की पूनम ओरांव एवं तेलंगाना की के. गीता के बीच फाइनल मुकाबले होंगे। महिला सीनियर 62 किलोग्राम भार वर्ग में असम की देबी दैमारी एवं हिमाचल की प्रियंका चौधरी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित: क्रिकेट किट प्रदान कर बढ़ाया उत्साह

रायपुर 28 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला की छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान करते हुए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के बल पर वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगी तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

उल्लेखनीय है कि जशपुर के इचकेला स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की  बालिकाएँ क्रिकेट के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में इस समूह की 17 बालिकाएँ अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि लगभग 40 खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों के अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा, जिसमें विजेता टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। इसी प्रकार अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 में भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इन उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों श्री संतोष शंकर सोनी और श्रीमती पंडरी बाई के समर्पण और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कल बिलासपुर में ₹26.93 करोड़ के कार्यों का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास, सड़कों से लेकर कॉम्प्लेक्स तक बदलेगी शहर की तस्वीर

रायपुर 28 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 29 मार्च को बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित अटल परिसर में आयोजित समारोह में 26.93 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सुशासन सरकार का उद्देश्य शहरों को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर नागरिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा लगभग 12.43 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इनमें 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित अटल परिसर, 73.22 लाख रुपए से निर्मित वार्ड क्रमांक 18 स्थित मराठी कन्या शाला भवन का प्रथम तल, 10 करोड़ रुपए की लागत से इमलीपारा में निर्मित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा 1.20 करोड़ रुपए से निर्मित रक्षित आरक्षी केंद्र शामिल हैं। ये सभी कार्य शहर की शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय लगभग 14.50 करोड़ रुपए की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इनमें 12.95 करोड़ रुपए की लागत से अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग निर्माण कार्य, 1.04 करोड़ रुपए से जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य तथा उसलापुर क्षेत्र में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह सांस्कृतिक पहचान और जनजातीय गौरव को भी सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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युवाओं को एडवेंचर स्पोर्ट्स से जोड़ने की पहल: मुख्यमंत्री ने क्लाइंबिंग वॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ

रायपुर 28 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉल इंडोर स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलों के विविध आयामों को विकसित कर युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे साहसिक खेल युवाओं में आत्मविश्वास, साहस और अनुशासन का विकास करते हैं।

जिला प्रशासन और देशदेखा स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग समूह के सहयोग से जशपुर के इच्छुक खिलाड़ियों को पर्वतारोहण एवं क्लाइंबिंग से संबंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे इस क्षेत्र में अपने कौशल को विकसित कर सकें। वर्तमान में इस समूह में 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें से 5 मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉल के मास्टर ट्रेनर श्री रवि कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इंडोर स्टेडियम में आधुनिक पद्धति से और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह सुविधा खिलाड़ियों को सुरक्षित वातावरण में अभ्यास करने और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करेगी।प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर श्री रवि कुमार सिंह प्रोफेशनल क्लाइंबिंग गाइड इंस्टिट्यूट (PCGI), यूएस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण दल में तेजल भगत, रूसनाथ भगत, सचिन कुजुर एवं प्रतीक नायक भी शामिल हैं, जो खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह  सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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भगवा रंग में रंगा जशपुरनगर: मराठी ढोल-नगाड़ों की गूंज, बाइक रैली और कलाकारों के अद्भुत प्रदर्शन के साथ निकली ऐतिहासिक रामनवमी शोभायात्रा

जशपुरनगर - शुक्रवार को रामनवमी के पावन अवसर पर दोपहर लगभग 4 बजे महावीर मंदिर से भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शक्ति मैदान (करबला ग्राउंड) तक पहुंची और अंततः भागलपुर शिव मंदिर में संपन्न हुई।
शोभायात्रा में मराठी ढोल-नगाड़ा वादकों की पारंपरिक धुनों के साथ महिलाएं और युवतियां भगवा परिधान में सजी-धजी बाइक रैली के रूप में शामिल हुईं। बस स्टैंड पहुंचने पर बाहर से आए कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच अपने आकर्षक करतब प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
   बस स्टैंड से रैली मस्जिद मार्ग होते हुए शक्ति मैदान पहुंची, जहां प्रतिभागियों ने तलवार और डंडों के माध्यम से अपना शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली बनिया टोली, महाराजा चौक, बालाजी मंदिर होते हुए भागलपुर शिव मंदिर पहुंची, जहां सभी श्रद्धालु एकत्रित हुए।
महाराजा चौक तक पहुंचते-पहुंचते तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। खराब मौसम के बावजूद रैली बिना रुके अपने निर्धारित स्थल तक पहुंची और सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
   पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
इस अवसर पर विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा सेवा भाव का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया गया। जगह-जगह पंडाल लगाकर श्रद्धालुओं के लिए पानी, शरबत, फल और लस्सी का वितरण किया गया। शक्ति मैदान में अंजुमन इस्लामिया कमेटी द्वारा पानी और शरबत की व्यवस्था की गई, वहीं बनिया टोली में शंकर गुप्ता द्वारा ठंडा लस्सी व पानी का वितरण किया गया। रोनियर समाज ने कर्बला चौक में फल-फ्रूटी और पानी की सेवा की। महाराजा चौक में मनोज जैन परिवार द्वारा शरबत वितरण किया गया, जबकि बालाजी मंदिर के पास बालाजी समिति ने शरबत, खीरा, गाजर और तरबूज की व्यवस्था की। इसके अलावा कायस्थ समाज द्वारा जेल के पास शिव मंदिर में पंडाल लगाकर फल व ठंडा लस्सी वितरित किया गया।
   शोभायात्रा में शामिल कलाकार भगवा परिधान में अपनी पारंपरिक धुनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। श्रद्धालु उनकी धुनों पर झूमते हुए “जय श्रीराम” के नारों से शहर को गुंजायमान कर रहे थे। दिल्ली से आए कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान हनुमान के विशाल व आकर्षक स्वरूप में शोभायात्रा का विशेष आकर्षण बने रहे।

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जय श्रीराम के नारों से गूंजा कुनकुरी: भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धर्मसभा के साथ ऐतिहासिक बना राम नवमी महोत्सव


कुनकुरी। सनातन धर्म रामनवमी समिति के तत्वाधान में इस वर्ष रामनवमी महोत्सव बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। दोपहर 12:00 बजे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती का आयोजन किया गया। आरती के पश्चात नगर में विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के तहत शाम 4:00 बजे भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास के लगभग 20 गांवों से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके पश्चात कुनकुरी नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान राम और लक्ष्मण की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न टोली एवं सांस्कृतिक समूहों ने इसमें भाग लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक रंग बिखेरे।
नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा का समापन सनातन धर्म मंदिर एवं शिव मंदिर परिसर में हुआ, जहां एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सनातन धर्म स्थाई समिति के  अध्यक्ष कैलाश नाथ गुप्ता ने समाज को संबोधित करते हुए सनातन धर्म को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक मंगलवार और गुरुवार को गांव-गांव के मंदिरों में हनुमान चालीसा पाठ करने, आपसी मतभेद दूर करने, तुलसी पूजा करने तथा धर्मांतरण से सतर्क रहने का संदेश दिया।
इस वर्ष रामनवमी समिति के अध्यक्ष के रूप में विवेक बजाज, कैलाश नाथ गुप्ता सुखदेव साय, विश्वनाथ राम,इंद्र हेडा,श्यामसुंदर  बंग,राजेश अग्रवाल, विष्णु सोनी, मुरारी गुप्ता, विनीत जिंदल, दीपक हेडा, अमन राठौर, अमर दास, पारस साहू,कुंदन चौहान, दीपक गर्ग,सोनू गर्ग,राकेश साहू, कार्तिक गुप्ता,संदीप अग्रवाल, विकास जैन,के नेतृत्व में पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उनके नेतृत्व में रामनवमी महोत्सव कुनकुरी में भव्यता और अनुशासन के साथ मनाया गया, जिसकी नगरवासियों ने सराहना की।

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धर्म की आड़ में राजनीति या असली मुद्दों से भागना? जशपुर में ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ पर भड़का विपक्ष

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जशपुर

विपक्ष ने सरकार की नीतियों और हालिया 'धर्म स्वतंत्रता अधिनियम' पर तीखा हमला बोला है । उन्होंने  आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और विकास के विजन की कमी को छिपाने के लिए धर्म का सहारा लेकर जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।

कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा  कि जशपुर में कभी भी धर्म के नाम पर अशांति नहीं रही, यहाँ के लोग हमेशा से मिल-जुलकर रहते आए हैं। "जब बेरोजगारी और किसानों की आय पर जवाब देते नहीं बनता, तब धर्म के नाम पर माहौल गर्म किया जाता है। यह विकास का नहीं, बल्कि नफरत और विभाजन का एजेंडा है।"

 1954 के बाद से ईसाई समाज ने जशपुर के सुदूर अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने वाले मिशन स्कूलों का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पर सीधा हमला बोला।

 उन्होंने  कहा, कि "आज जिस ईसाई समाज ने स्कूलों,  स्वास्थ्य और सभी समाज में बिना भेद भाव के जागरूकता लाया  उसी समाज को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है, उन्होंने इस इलाके को अंधेरे से निकालकर रोशनी दी है।  सबसे बड़ा पाखंड तो यह है कि मुख्यमंत्री खुद लोयोला हायर सेकेंडरी स्कूल जैसे मिशन स्कूल से पढ़कर निकले हैं। जिस व्यवस्था ने उन्हें अवसर दिया, काबिल बनाया, आज उसी सिस्टम पर उंगली उठाना राजनीति का सबसे निचला स्तर है।"

" कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक यू डी मिंज ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जशपुर की जनता अब सब समझ चुकी है। "डर दिखाकर या कानून का दबाव बनाकर लोगों को बांटा नहीं जा सकता। जशपुर न बिकाऊ है, न डरने वाला और न ही बंटने वाला है।" 

उन्होंने आह्वान किया कि हर गाँव से अब धर्म के नाम पर राजनीति के बजाय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की मांग उठनी चाहिए।

 जशपुर की साझा संस्कृति और एकता को अटूट बताते हुए संकल्प लिया गया कि यहाँ की पहचान को कोई नहीं बदल सकता। "यह धरती एकता की थी, है और हमेशा रहेगी।"

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लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन को मंत्री लखन लाल देवांगन की भावभीनी श्रद्धांजलि, मिशा काल के योगदान को किया नमन

जशपुर नगर। वाणिज्य, उद्योग, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने शनिवार को सरना टोली स्थित देवेंद्र जैन के निवास पहुंचकर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री देवांगन ने दिवंगत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका नाम सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि मिशा काल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
इस दौरान नमन जैन ने मंत्री को जानकारी दी कि स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।
इस अवसर पर तारा देवी जैन, नीतू जैन, देवेंद्र जैन, नमन जैन, नैतिक जैन, मनोज जैन, प्रतीक जैन, स्मिता जैन सहित अन्य परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध कबाड़ परिवहन पर कार्रवाई — टाटा माजदा वाहन सहित 4180 किलो कबाड़ जब्त

 रायगढ़, 28 मार्च। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत गुरुवार रात्रि थाना साइबर एवं चौकी खरसिया पुलिस द्वारा अवैध कबाड़ परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक टाटा माजदा वाहन में अवैध कबाड़ लोड कर खरसिया की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना साइबर स्टाफ एवं चौकी खरसिया पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए रायगढ़ बायपास रोड के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोककर पकड़ा गया।

         पकड़े गए टाटा माजदा वाहन क्रमांक CG 13 AN 7028 की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में कबाड़ लोहा, छड़, टीना एवं जंग लगा तार लोड पाया गया। वाहन चालक टीपू मनिहार पिता सत्तार मनिहार, उम्र 34 वर्ष, निवासी तुर्रीभांठा बायपास रोड खरसिया से कबाड़ के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, जिस पर वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका और गोलमोल जवाब देने लगा।

         वाहन में चोरी की संपत्ति होने के संदेह पर चौकी खरसिया पुलिस द्वारा विधिवत कार्रवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(क)(ड) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत वाहन माजदा (5 लाख रूपये) तथा उसमें लोड कुल 4180 किलोग्राम कबाड़ (15 हजार) को जप्त किया गया है।

            इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी खरसिया त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक मनोज पटेल, साइबर थाना के आरक्षक धनंजय कश्यप, जगमोहन ओग्रे, आरक्षक पुष्पेंद्र जाटवर, प्रशांत पण्डा, नवीन शुक्ला तथा चौकी खरसिया के आरक्षक डमरूधर पटेल एवं साविल चन्द्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

           *“अवैध कबाड़ और चोरी की संपत्ति के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी”*

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा बनी चौंपियन


रायपुर, 28 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।
प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है।
आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।
खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।

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