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कानून व्यवस्था पर प्रशासन सख्त: बिना अनुमति रैली-जुलूस पर होगी कार्रवाई, नशा कारोबारियों पर पुलिस का शिकंजा, डायल-112 और राह-वीर योजना से मिलेगी त्वरित राहत

रायगढ़, 22 मई 2026/ जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज जिले की कानून एवं शांति व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, नशा नियंत्रण, औद्योगिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने की। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित सभी एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, थाना प्रभारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
             कलेक्टर ने जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस अमले को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचनी चाहिए, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जितना मजबूत सूचना तंत्र होगा, उतनी ही तेजी से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली एवं धरना प्रदर्शन के लिए अनुमति अनिवार्य है, इसका कड़ाई से पालन की जाए, साथ ही बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली एवं धरना-प्रदर्शन के आयोजन कर्ताओं पर नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी प्रदर्शन निर्धारित स्थल पर ही आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन को असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
             कलेक्टर ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं एवं दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर को गंभीर विषय बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं तथा यातायात सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाया जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोड़ातराई, ऊर्दना तिराहा, जोरापाली एवं कांशीचुवा सहित विभिन्न ब्लैक स्पॉट्स पर रंबल स्ट्रिप, संकेतक बोर्ड, स्टॉप लाइन मार्किंग, डिवाइडरों पर रेडियम संकेतक, हाईमास्ट एवं स्ट्रीट लाइट सहित आवश्यक सुधार कार्य किए गए हैं तथा कई स्थानों पर कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही सड़कों पर धूल एवं प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले में कानून व्यवस्था एवं यातायात सुगम बनाने के लिए जिले के निजी कंपनियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश एवं दायित्वों के क्रियान्वयन की समीक्षा की और शीघ्र पूरा कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। 
               वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने जिले में गांजा, सूखा नशा तथा अवैध शराब के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध रूप से नशीले पदार्थों का विक्रय करने वालों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग को समन्वय स्थापित करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने हेतु कुरियर, ट्रांसपोर्ट एवं गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा ई-कॉमर्स माध्यम से आने वाले संदिग्ध पार्सलों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलने दिया जाएगा।
             वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं मृत्यु दर घटाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ओवरस्पीड वाहन संचालन एवं अवैध पार्किंग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार कार्य किए गए हैं तथा यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को डायल-112 सेवा का उपयोग करना चाहिए। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस व्यवस्था में पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस, मोबाइल डेटा टर्मिनल एवं स्मार्ट मोबाइल उपकरण लगाए गए हैं, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
              इस एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं नेशनल हाईवे सेवाओं को जोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले नागरिकों के लिए संचालित “राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना” की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करता है, तो उसे भारत सरकार द्वारा 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। बैठक में बताया गया कि दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी में नहीं डाला जाएगा तथा उनकी निजता एवं गरिमा का पूरा संरक्षण किया जाएगा। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत मैराथन, नुक्कड़ नाटक, नारा लेखन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। स्कूल-कॉलेजों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ड्रग्स फ्री जोन विकसित करने तथा एनएसएस के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। जिले में संचालित नवजीवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के माध्यम से अब तक 266 नशा पीड़ितों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया जा चुका है। 
               जिले में 10 बिस्तर वाले रिहैबिलिटेशन सेंटर हेतु शीघ्र स्थल चयन करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में औद्योगिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं एवं दुर्घटना की स्थिति में तैयारियों की समीक्षा की गई। उद्योगों को श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रमिकों के लिए ठंडे पानी, ओआरएस, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मृत श्रमिकों के आश्रितों को मुआवजा, अनुकंपा नियुक्ति एवं पेंशन संबंधी मामलों पर भी चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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सीएम हेल्पलाइन 1076 से अब मिनटों में सुनी जाएगी जनता की आवाज, रायगढ़ में अधिकारियों को दिया गया हाईटेक प्रशिक्षण — शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए शासन ने कसी कमर

रायगढ़, 22 मई 2026/ राज्य शासन द्वारा आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निराकरण के उद्देश्य से शुरू की जा रही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के प्रभावी संचालन को लेकर शुक्रवार को रायगढ़ कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को शिकायत प्रबंधन प्रणाली की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
             कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई बार विभिन्न कारणों से शिकायतों के निराकरण में विलंब होता है, लेकिन अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली लागू होने से समय-सीमा के भीतर शिकायतों के समाधान की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में बताई गई प्रक्रियाओं को गंभीरता से समझें और निर्धारित समयावधि में शिकायतों के निराकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। 
         कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की औपचारिक शुरुआत से पहले यह प्रशिक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि जिला और विकासखंड स्तर पर पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संचालन, जवाबदेही और तकनीकी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष कर्तव्य अधिकारी राकेश गोलछा, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि विकासखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
            राज्य स्तर से पहुंचे सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार आर.के. शर्मा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि नागरिक किसी भी विभाग से संबंधित शिकायतें 24 घंटे दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के संचालन के लिए कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी तय की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि आमजन टोल फ्री नंबर 1076 पर निःशुल्क कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों से भी शिकायतें दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
             प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ श्रीकांत ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख आधारों, शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध निराकरण, नागरिक फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा प्रभावी निगरानी पर आधारित होगी। प्रत्येक शिकायत के लिए 12 अंकों का एक विशिष्ट टोकन नंबर जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। अधिकारियों को शिकायत निराकरण की एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 श्रेणियों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विभागवार अधिकारियों की विभिन्न स्तरों पर मैपिंग की गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद वह संबंधित विभाग के एल-1 अधिकारी के पास पहुंचेगी और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होने पर शिकायत स्वतः उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगी। प्रशिक्षण में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को लॉगिन प्रक्रिया, प्रोफाइल अपडेट, डैशबोर्ड संचालन, लंबित शिकायतों की समीक्षा, समाधान विकल्प चयन और प्रतिवेदन अपलोड करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि वर्तमान में देश के 14 राज्यों में एकीकृत शिकायत निवारण हेल्पलाइन संचालित है और छत्तीसगढ़ जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ करने वाला देश का 15वां राज्य बनेगा।

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रायगढ़ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा, एक दिन में 120 वाहनों पर कार्रवाई कर वसूला गया ₹1 लाख 51 हजार 700 का जुर्माना, हाईवे से लेकर शहर के चौक-चौराहों तक चला सघन चेकिंग अभियान

रायगढ़, 22 मई 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रायगढ़ यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन सघन प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 21.05.2026 को डीएसपी ट्रैफिक श्री उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम द्वारा हाईवे एवं शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

   अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई गेरवानी–पूंजीपथरा मार्ग पर की गई, जहां भारी वाहनों के विरुद्ध रिकॉर्ड चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा शहर एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर ओवर स्पीड, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, नो पार्किंग, रजिस्ट्रेशन नंबर नियमों का उल्लंघन, तीन सवारी, बिना हेल्मेट तथा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पूरे अभियान में कुल 120 प्रकरण दर्ज कर वाहन चालकों से ₹1,51,700 की चालानी राशि वसूली गई।

   गौरतलब है कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह द्वारा सड़क हादसों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। हाल ही में पुसौर थाना क्षेत्र में हुए दो गंभीर सड़क हादसों में आरोपित वाहन चालकों के विरुद्ध पुलिस द्वारा आपराधिक मानव वध की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। रायगढ़ पुलिस द्वारा स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सड़क पर लापरवाही और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

             रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन चालकों में जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करना भी है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

           इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि — “सड़क पर लापरवाही किसी भी परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन सकती है। तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग और यातायात नियमों का उल्लंघन सीधे लोगों की जिंदगी को खतरे में डालता है। यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। रायगढ़ पुलिस द्वारा नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सभी वाहन चालक सुरक्षित यातायात के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और अपनी तथा दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखें।”

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सुशासन तिहार में उमड़ा जनता का भरोसा: गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, 809 आवेदनों पर कार्रवाई — हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ, 12 पंचायतें बनीं “बाल विवाह मुक्त”, मौके पर समाधान पाकर खिले ग्रामीणों के चेहरे

रायगढ़, 22 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार के तहत गुरूवार को रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के समीप बायसी कॉलोनी स्थित प्राथमिक शाला प्रांगण में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 19 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और शासन की योजनाओं का लाभ लेने के साथ अपनी समस्याएं भी प्रशासन के समक्ष रखीं। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शिविर का आयोजन शाम 4 बजे से 7 बजे तक किया गया। इस शिविर में मांग से संबंधित 781 तथा शिकायत से जुड़े 28 आवेदन सहित कुल 809 आवेदन प्राप्त हुए। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित और समय-सीमा में समाधान का भरोसा प्रशासन द्वारा दिया गया। 
               शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन और पारदर्शिता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शासन का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, महतारी वंदन योजना, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभागीय अधिकारी स्वयं गांवों तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहे हैं और तत्काल निराकरण कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें और अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखें ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
      शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी देने के साथ हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा 20 हितग्राहियों को फलदार पौधे वितरित किए गए। वहीं बाल विवाह मुक्त घोषित 12 पंचायतों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित धरमजयगढ़ के माध्यम से खरीफ वर्ष 2026 के अंतर्गत किसान क्रेडिट योजना में 7 किसानों को स्वीकृत साख सीमा की राशि जारी की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 हितग्राहियों को आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 2 हितग्राहियों को सेल्फ केयर किट प्रदान की गई। योजनाओं का लाभ पाकर ग्रामीणों और हितग्राहियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
           सुशासन तिहार के इस शिविर ने शासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी को कम करने का काम किया। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार प्रशासन इतनी गंभीरता के साथ गांवों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है। मौके पर ही समाधान मिलने से लोगों में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। पूरे कार्यक्रम में श्री शशि पटेल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जनपद सीईओ धरमजयगढ़ श्री एम.एल.साहू, श्री एस.आर.सिदार, सुश्री पूनम मित्तल, श्री आनंद मिरी, श्री दयानंद प्रसाद सोनवानी, श्री नवीन कुमार यादव सुश्री नयना केरकेट्टा  सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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​बिजली की कड़क ने छीने थे पैर, 'सुशासन' ने दी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान ,धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल

​रायपुर,21 मई 2026/

     जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है।

*समाधान शिविर से मिला नया जीवन*

    ​ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।
     ​बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा।

*त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ*

    ​शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। ​शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। ​मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,​नया राशन कार्ड और ​महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।

*मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार*

*कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं*

     ​इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है।
​    ​पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।

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सरकार गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित-मंत्री श्री टंक राम वर्मा,धमतरी के पीपरछेड़ी समाधान शिविर में मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मौके पर किया जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण

​रायपुर,21 मई 2026/

      मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार-2026’ के अंतर्गत आज धमतरी जिले में विकासखंड स्तरीय समाधान शिविरों का भव्य आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत कुरूद विकासखंड के ग्राम चोरभट्टी में नौवां और धमतरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में दसवां समाधान शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित विशाल क्लस्टर शिविर में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। 
     शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे। सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रथम कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं और आवास प्लस योजना की पात्रता में ढील देकर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, समय पर बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे आर्थिक संबल और रामलला दर्शन व मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का खुलकर लाभ उठाने की अपील की।
      ​पीपरछेड़ी क्लस्टर के अंतर्गत आने वाली पीपरछेड़ी, डाही, अंगारा, हंकारा, सेमरा डी, सेंचुवा, बिजनापुरी, बोड़रा, पुरी, धौराभाठा, लिमतरा, गागरा, सांकरा, सम्बलपुर, सेहराडबरी, भोथली, कंडेल, नवागांव, बिरेतरा, छाती और शंकरदाह सहित कुल 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने इस शिविर में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।        
    शिविर के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, मांगों और शिकायतों से जुड़े कुल 3,021 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 164 संवेदनशील मामलों का विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर ही त्वरित निराकरण कर आम जनता को बड़ी राहत दी गई। शेष आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। 
    कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 40 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 10 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इन शिविरों के माध्यम से शासन की लगभग 120 प्रकार की आवश्यक सेवाएं सीधे ग्रामीणों के घर-द्वार तक पहुंचाई जा रही हैं।

*हितग्राहियों को बांटी गई खुशियां: कृषि यंत्र से लेकर ट्राईसाइकिल तक का वितरण*

       ​इस आयोजन के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे लाभान्वित भी किया गया। मंच से अतिथियों द्वारा किसानों को किसान किताबें और कृषि स्प्रे यंत्र सौंपे गए, वहीं मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आईसबॉक्स व मछली जाल प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण किट, बैंक पासबुक और किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट बांटी गई। इसी तरह श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि, स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीपी मशीनें, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल व वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण और जनपद पंचायत द्वारा सात नवीन राशन कार्डों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र परिवारों को उनके नए पक्के मकान की चाबियां सौंपकर गृह प्रवेश भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जनता को जागरूक करते हुए शासन की इस अनूठी पहल की सराहना की और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।
       इस अवसर पर उनके साथ विधायक श्री ओंकार साहू, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, महापौर श्री रामू रोहरा, कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

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​सबसे दूर, सबसे पहले: नारायणपुर के 262 आदिवासी गाँवों में पहुँचेगा विकास ,कलेक्टर ने कमान संभाली; 18 से 25 मई तक लगेंगे विशेष संतृप्तिकरण शिविर

​रायपुर,21 मई 2026/

      छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।
       ​कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी।

*तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर*

      ​इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

*एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ*

      ​18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ​ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
​    सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।"

*जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील*

    ​कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।

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ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने आरबीआई का बड़ा अभियान, रायगढ़ में दी डिजिटल सुरक्षा और निवेश की विशेष ट्रेनिंग

रायगढ़, 21 मई 2026। भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर द्वारा वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता विषय पर क्षेत्रीय-स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का स्थानीय एक होटल में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देना तथा लोगों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कियोस्क ऑपरेटर (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट), वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, सहभागी संसाधन व्यक्ति, वित्तीय साक्षरता केंद्र के परामर्शदाता, वित्तीय साक्षरता सलाहकार तथा आरसेटी  के निदेशक शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री सतेंद्र कुमार राठौड़ के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्य और वित्तीय समावेशन की आवश्यकता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना भारतीय रिज़र्व बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित वित्तीय व्यवहार, बचत, निवेश और डिजिटल लेनदेन की समझ विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वित्तीय समावेशन के प्रमुख घटकों वित्तीय सेवाओं की पहुँच एवं उपलब्धता, सेवाओं का उपयोग, सामर्थ्य, वित्तीय साक्षरता तथा उपभोक्ता संरक्षण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं का प्रभावी उपयोग तभी संभव है जब आम नागरिकों को इन सेवाओं की सही जानकारी और समझ हो।
इस दौरान प्रतिभागियों को व्यक्तिगत वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बजट के महत्व, आय और व्यय के संतुलन, बचत की आदत विकसित करने, चक्रवृद्धि ब्याज के लाभ तथा विविध निवेश दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि पूंजी को विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करने से वित्तीय जोखिम को कम किया जा सकता है और बेहतर आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
उपभोक्ता अधिकारों और संरक्षण को लेकर भी कार्यक्रम में विशेष जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को भारतीय रिज़र्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना के बारे में बताया गया, जिसके माध्यम से बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की स्थिति में वे उचित मंच पर शिकायत दर्ज करा सकें।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण विषय डिजिटल सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचाव रहा। भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को डिजिटल फ्रॉड एवं तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” जैसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि अपना ओ टी पी, अपी आई पिन, बैंक पासवर्ड अथवा किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी किसी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यहां बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति गलती से अपना ओटीपी साझा कर देता है या उसके खाते में कोई अनधिकृत लेनदेन दिखाई देता है, तो तत्काल संबंधित बैंक को सूचित करें तथा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

भारतीय रिज़र्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी श्री नवीन तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी उपलब्ध कराई और वित्तीय साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक महाप्रबंधक श्री सतेंद्र कुमार राठौड़ द्वारा वित्तीय समावेशन और वित्तीय साक्षरता विषय पर क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
 अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री कमल किशोर सिंह ने आयोजन के अंत में  रायगढ़ जिले में इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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रायगढ़ में विकास कार्यों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन: मरीन ड्राइव पुल 15 जून तक पूरा करने का अल्टीमेटम, नालंदा परिसर के ठेकेदार को अंतिम चेतावनी, मिनी स्टेडियम के सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल निर्माण में तेजी लाने के सख्त निर्देश

रायगढ़, 21 मई 2026/ नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को गंभीरता पूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। 
            कलेक्टर ने प्रगति नगर स्थित मरीन ड्राइव क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित एजेंसी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में 15 जून तक पुल निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए, ताकि वर्तमान में बनाए गए डायवर्सन पुल को हटाकर यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू किया जा सके। उन्होंने कहा कि डायवर्सन के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए कार्य में तेजी लाए। निरीक्षण के दौरान निर्माण गुणवत्ता, सामग्री उपयोग और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई।
               कलेक्टर ने नालंदा परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित ठेकेदार को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि हर हाल में 30 जून तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात मिनी स्टेडियम पहुंचकर सिंथेटिक ट्रैक और स्विमिंग पूल निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सिंथेटिक ट्रैक का कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही स्विमिंग पूल के निर्माण कार्य को आगामी तीन माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के तैयार होने से खिलाड़ियों और युवाओं को आधुनिक खेल संसाधन उपलब्ध होंगे तथा शहर में खेल गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता बनाए रखने प्रशासन सख्त, कंज्यूमर पंप संचालकों को जारी हुए निर्देश

रायगढ़, 21 मई 2026/ जिले में पेट्रोल-डीजल की सुचारू उपलब्धता बनाए रखने तथा आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले में संचालित कंज्यूमर पंपों के संचालकों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कंज्यूमर पंप संचालकों को निर्देशित किया कि वे गत वर्ष के इसी माह की खपत के अनुरूप इस वर्ष भी अपनी आवश्यकता अनुसार डीजल का लोड स्वयं मंगाएं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल उद्देश्य के लिए रिटेल आउटलेट्स से डीजल प्राप्त न किया जाए, ताकि आम नागरिकों के लिए पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसी प्रकार की असुविधा की स्थिति निर्मित न हो।
             कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी स्थिति में रिटेल पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पेट्रोल-डीजल पंपों का औचक निरीक्षण करने तथा ईंधन की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 52 कंज्यूमर पंप संचालित हैं। रिटेल आउटलेट्स में डीजल के मूल्य तथा बल्क कंज्यूमर के लिए निर्धारित मूल्य में अंतर होने के कारण कुछ कंज्यूमर पंप संचालकों द्वारा रिटेल आउटलेट्स से डीजल प्राप्त किया जा रहा था, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पेट्रोल एवं डीजल का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें तथा अनावश्यक भंडारण अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन द्वारा जिले में ईंधन की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं जिले के सभी कंज्यूमर पंप संचालक उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में खेल सुविधाओं के विस्तार की बड़ी पहल : मिनी स्टेडियम अब स्टेडियम समिति के अधीन, इंडोर गेम्स सप्ताह के सातों दिन संचालित होंगे, स्वीमिंग पूल-सिंथेटिक ट्रैक सहित खेल अधोसंरचना उन्नयन पर लिए गए अहम फैसले

रायगढ़, 21 मई 2026/ रायगढ़ स्टेडियम समिति की आम सभा की बैठक आज कलेक्टर कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं रायगढ़ स्टेडियम समिति के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी ने की। बैठक में स्टेडियम के संचालन, खेल सुविधाओं के विस्तार, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा खेल अधोसंरचना को और अधिक मजबूत बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा जीर्णोद्धार किए जा रहे मिनी स्टेडियम को रायगढ़ स्टेडियम समिति के अंतर्गत शामिल करने पर सहमति बनी। कलेक्टर ने कहा कि इससे मिनी स्टेडियम का संचालन एवं रखरखाव अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा तथा खिलाड़ियों को बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध होगा।
            बैठक में खेल प्रेमियों एवं खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रायगढ़ स्टेडियम एवं रायगढ़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के इंडोर गेम्स को भी सप्ताह के सातों दिन संचालित करने का निर्णय लिया गया। सदस्यों ने कहा कि अवकाश के दिनों में बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी खेल गतिविधियों में भाग लेते हैं, इसलिए सातों दिन सुविधाएं उपलब्ध रहने से खिलाड़ियों को अधिक लाभ मिलेगा। बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए रायगढ़ स्टेडियम समिति के आय-व्यय का अवलोकन किया गया तथा आगामी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। खेल गतिविधियों को नियमित एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने, खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्टेडियम परिसर के रखरखाव को बेहतर बनाने पर सदस्यों ने अपने सुझाव दिए। 
            बैठक में रायगढ़ स्टेडियम में प्रस्तावित स्वीमिंग पुल एवं सिंथेटिक ट्रैक निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। सदस्यों ने कहा कि इन आधुनिक सुविधाओं के विकसित होने से जिले के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। साथ ही रायगढ़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में लॉन टेनिस कोर्ट निर्माण कार्य को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया। स्टेडियम परिसर की आवश्यक मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के संबंध में भी बैठक में चर्चा हुई। इसमें क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल निर्माण, तायक्वांडो हॉल की टाइल्स मरम्मत, बैडमिंटन हॉल की छत एवं शेड की मरम्मत, पुरुष शौचालय व्यवस्था तथा वॉलीबॉल कोर्ट हेतु फेसिंग निर्माण जैसे कार्य प्रमुख रूप से शामिल रहे। संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम श्री आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, जिला कोषालय अधिकारी, सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग सहित समिति के सदस्य एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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सुशासन तिहार बन रहा गरीब परिवारों के सपनों का सहारा,प्रधानमंत्री आवास योजना से गंगाधर प्रधान को मिला पक्का आशियाना, वर्षों का सपना हो रहा साकार

रायगढ़, 21 मई 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब जरूरतमंद लोगों तक पहुंचती हैं, तब केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं होता, बल्कि कई परिवारों के सपनों को नया जीवन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ऐसे ही हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में उम्मीद और खुशियों का नया अध्याय जोड़ रहा है। पात्र हितग्राहियों को शिविरों में ही योजनाओं का लाभ मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की तस्वीर लगातार दिखाई दे रही है। इसी परिवर्तन की एक प्रेरणादायी तस्वीर ग्राम पंचायत सुकुलभठली निवासी गंगाधर प्रधान के जीवन में देखने को मिल रही है। वर्षों तक मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले गंगाधर के लिए पक्का घर बनाना केवल एक सपना था। सीमित आय के कारण दैनिक जरूरतें पूरी करना ही मुश्किल होता था। ऐसे में खुद का सुरक्षित आशियाना बनाना उनके लिए संभव नहीं था।
             प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने ग्राम पंचायत में आवेदन किया। पात्रता अनुसार स्वीकृति मिलने के बाद उनका आवास निर्माण कार्य पूरा हुआ और आज उनका परिवार पक्के घर में सुरक्षित जीवन यापन कर रहा है। आवास की प्रतीकात्मक चाबी मिलने का वह पल उनके परिवार के लिए भावुक और यादगार बन गया। गंगाधर प्रधान कहते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में उन्हें जो पक्का आशियाना मिला है, वह उनके परिवार के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का मजबूत आधार तैयार हो रहा है।

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एक कॉल पर अब मिलेगी पुलिस, मेडिकल, फायर और आपदा सहायता” — रायगढ़ को मिली 16 हाईटेक डॉयल-112 गाड़ियां, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिखाई हरी झंडी

 रायगढ़, 20 मई 2026  । सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की ओर रायगढ़ जिले को डॉयल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेन) के तहत 16 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहनों की बड़ी सौगात मिली। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ डॉयल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेन) के तहत जिले को प्राप्त 16 आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अब रायगढ़वासियों को किसी भी आपात स्थिति में तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने इसे सुरक्षा और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया।

              वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस सामुदायिक भवन, पुराना पुलिस लाइन रायगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के साथ महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, नेता प्रतिपक्ष श्री सलीम नियारिया सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

            कार्यक्रम  में अतिथियों के स्वागत पश्चात एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने जानकारी दी कि डायल-112 योजना का विस्तार कर जिले को 16 नए अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल प्राप्त हुए हैं, जो जिले के लिए हर्ष का विषय है। उन्होंने बताया कि डायल-112 योजना 4 सितम्बर 2018 से राज्य के 16 जिलों में संचालित थी, जिसे अब छत्तीसगढ़ डॉयल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। इस परियोजना का लोकार्पण 18 मई 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया गया था।

           एसएसपी ने बताया कि फेज-2 के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कुल 400 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 ERV वाहन आबंटित हुए हैं। इन आधुनिक वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS डिवाइस, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। इस एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा सेवा, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन तथा नेशनल हाईवे सेवाओं को आपातकालीन नंबर 112 से जोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। संपूर्ण प्रणाली के संचालन हेतु रायपुर में अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर C4 स्थापित किया गया है।

          वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि कैबिनेट के बड़े निर्णयों का परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से पुलिस को कानून व्यवस्था बनाये रखने में मदद मिलेगी साथ ही पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और अधिक मजबूत होगी तथा आमजन को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने रायगढ़ पुलिस एवं प्रशासन को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

        कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा C.G. डॉयल-112 के आधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉयल-112 जिला नोडल अधिकारी एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, डीएसपी उन्नति ठाकुर, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, आईआर अमित सिंह, डॉयल-112 जिला प्रभारी रेडियो सब इंस्पेक्टर श्री पुष्पेंद्र श्याम, डॉयल-112 आरक्षक एवं ईआरवी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

         रायगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए तकनीक आधारित आधुनिक पुलिसिंग को लगातार मजबूत कर रही है। डॉयल-112 की नई व्यवस्था से आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया और अधिक तेज, प्रभावी एवं भरोसेमंद होगी, जिससे पुलिसिंग में मदद के साथ इसका लाभ आमजन को प्राप्त होगा

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अन्नप्राशन से लेकर आयुष्मान कार्ड, पीएम आवास की चाबी से लेकर किसान क्रेडिट कार्ड तक — दर्री शिविर बना जनकल्याण योजनाओं का महाकेंद्र, 20 मई को जरेकेला में लगेगा अगला जनसमस्या निवारण शिविर

रायगढ़, 19 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत आज विकासखंड खरसिया के ग्राम दर्री में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में क्लस्टरवार 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले शिविर में कुल 831 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 131 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में 20 मई को तमनार विकासखंड के जरेकेला में अगला शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी राठिया, स्थानीय जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्री प्रवीण तिवारी सहित जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
        शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर लाभान्वित भी किया गया। शिविर में एग्रीस्टैक पंजीयन, ई-केवाईसी, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, ई-श्रम कार्ड, स्वास्थ्य परीक्षण सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। राशन कार्ड एवं पेंशन योजनाओं से जुड़े प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नन्हे बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया एवं गर्भवती महिलाओं को पोषण टोकरी वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा वरिष्ठजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। वहीं नोनी सुरक्षा योजना के प्रमाण पत्र, सक्षम योजना के चेक एवं बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उद्यानिकी विभाग द्वारा निःशुल्क पौधों का वितरण तथा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं और सहायता का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की।

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रायगढ़ में आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई : उड़ीसा प्रांत की बीयर-व्हिस्की समेत 96.580 लीटर अवैध शराब जब्त, घर में छिपाकर रखे गए शराब के जखीरे का भंडाफोड़

रायगढ़, 19 मई 2026/ कलेक्टर के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्राप्त शिकायत के आधार पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा प्रांत की शराब सहित कुल 96.580 लीटर अवैध मदिरा जब्त की है।
              आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 मई को श्रीमती रागिनी पटेल, आबकारी उप निरीक्षक वृत्त-घरघोड़ा एवं उनकी टीम द्वारा ग्राम सिहारधार में आरोपी के रहवासी मकान पर दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी नुक सिंह भगत पिता ननकीराम भगत, उम्र 36 वर्ष, निवासी सिहारधार, थाना-लैलूंगा, जिला-रायगढ़ के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 122 बोतल उड़ीसा प्रांत की किंग फिशर स्ट्रॉन्ग बीयर (कुल 79.300 लीटर), 48 पाव उड़ीसा प्रांत की ऑफिसर च्वॉईस व्हिस्की (कुल 8.640 लीटर) एवं 48 पाव छत्तीसगढ़ निर्मित देशी प्लेन शराब (कुल 8.640 लीटर) जब्त की गई। इस प्रकार कुल 96.580 लीटर शराब बरामद कर जब्त की गई।आबकारी विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के तहत वृत्त-घरघोड़ा में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है। कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल किया गया।

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नशामुक्त भारत अभियान के तहत दर्री शिविर में दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ,जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प

रायगढ़, 19 मई 2026/सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज खरसिया विकासखंड के ग्राम दर्री में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना रहा।
                इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष खरसिया श्रीमती राजकुमारी राठिया द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार एवं समाज को प्रभावित करता है, इसलिए सभी को मिलकर नशामुक्त समाज निर्माण के लिए आगे आना होगा।
               कार्यक्रम में एसडीएम खरसिया, तहसीलदार खरसिया, जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिकों सहित कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग रायगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में मौजूद ग्रामीणों एवं युवाओं ने नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। सुशासन तिहार शिविर के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। लाभान्वित हितग्राहियों में श्री रामदयाल राठिया, श्री रामाधीन राठिया एवं श्रीमती तीजमती राठिया, निवासी ग्राम दर्री को सेटेबल वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई।

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आयुष्मान कार्ड से सभी पात्र हितग्राहियों को मिले बेहतर उपचार सुविधा-कलेक्टर ,हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान, एनआरसी बच्चों की सतत मॉनिटरिंग पर दिया जोर

रायगढ़, 19 मई 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं महिला-बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर एवं सरलता से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री एल.आर.कच्छप सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
              कलेक्टर ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सभी पात्र मरीजों को बेहतर एवं समय पर उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सभी सूचीबद्ध स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से सुदूर वनांचल क्षेत्रों लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान एवं नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि गर्भवती माताओं एवं नवजात शिशुओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। 
             कलेक्टर ने राष्ट्रीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा के दौरान कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के बाद भी उनकी नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के पालकों से सतत संपर्क बनाए रखा जाए, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य निरंतर बेहतर बना रहे। यूनिसेफ के सहयोग से कुपोषण मुक्ति के लिए कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, एएनसी एवं प्रसव सेवाएं, पूर्ण टीकाकरण, चिरायु कार्यक्रम, टीबी नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम, एकीकृत रोग निगरानी, सिकल सेल नियंत्रण एवं एनसीडी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
             महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में पोषण ट्रैकर एप अंतर्गत फेस कैप्चर, ग्रोथ मॉनिटरिंग, टीएचआर वितरण एवं एचसीएम वितरण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पीएमएमवीवाई योजना, आभा आईडी एवं अपार आईडी निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित रेडी टू ईट वितरण, पूरक पोषण कार्यक्रम एवं निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए कहा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए शौचालय, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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“जागरूक युवा ही सुरक्षित समाज की ताकत”— रायगढ़ पुलिस ने एनसीसी कैडेट्स को साइबर ठगी, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, गुड टच-बैड टच और ट्रैफिक नियमों के प्रति किया जागरूक, नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ

    *रायगढ़, 19 मई 2026* । सेंट जेवियर स्कूल बोइरदादर में आयोजित एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-126 के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें थाना यातायात एवं थाना साइबर के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होकर एनसीसी कैडेट्स को सुरक्षित यातायात, साइबर अपराध, बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों तथा नशा मुक्ति के संबंध में जागरूक किया गया। 

      कार्यक्रम में 28th BN के कर्नल प्रवीण तेवतिया ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, एकता और राष्ट्रसेवा की भावना ही एनसीसी की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कैडेट्स को जीवन में समय पालन, जिम्मेदारी, टीम वर्क और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। कर्नल तेवतिया ने कहा कि एनसीसी केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं को नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना से जोड़ने वाला मंच है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि आपसी एकता और अनुशासन के बल पर ही समाज और देश को मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने युवाओं से नशे और गलत संगति से दूर रहकर शिक्षा, खेल और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रियता से  भागीदारी निभायें ।  

           कार्यक्रम में ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और छोटी-छोटी लापरवाही भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। डीएसपी ट्रैफिक ने सड़क दुर्घटनाओं के विभिन्न कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि तेज रफ्तार, स्टंटबाजी, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना, शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद ड्राइविंग करना, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी, कम उम्र में वाहन चलाना, ओवरटेकिंग की जल्दबाजी तथा वाहन चलाते समय लापरवाही सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिन्हें जागरूकता और अनुशासन से रोका जा सकता है। उन्होंने कैडेट्स को समझाया कि वाहन चलाने से पहले वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनाना आवश्यक है और बिना प्रशिक्षण एवं बिना लाइसेंस वाहन चलाना स्वयं एवं दूसरों के जीवन को खतरे में डालना है।

    कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों के संबंध में भी कैडेट्स को विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग कॉल, फर्जी लॉटरी, बैंकिंग फ्रॉड और साइबर बुलिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी मासूम बच्चों और युवाओं को लालच, डर या झूठी पहचान के माध्यम से अपने जाल में फंसाते हैं। कैडेट्स को समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड या निजी जानकारी किसी से साझा न करें, सोशल मीडिया पर अजनबियों से दूरी रखें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अभिभावकों या पुलिस को दें। ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया की लत से होने वाले मानसिक एवं आर्थिक नुकसान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

    कार्यक्रम में डीएसपी ट्रैफिक ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों एवं पॉक्सो एक्ट की संवेदनशीलता पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कैडेट्स को बताया कि पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया सख्त कानून है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की गलत हरकत, अश्लील बातचीत, अनुचित स्पर्श, ऑनलाइन उत्पीड़न, धमकी या शोषण गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कैडेट्स को “गुड टच और बैड टच” की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी भी असहज स्थिति में तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें और अपराध छिपाने के बजाय खुलकर शिकायत करें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का गलत उपयोग बच्चों को अपराधियों के संपर्क में ला सकता है, इसलिए डिजिटल सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।

      कार्यक्रम के दौरान डीएसपी ट्रैफिक ने कहा कि नशा अधिकांश अपराधों और दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में कैडेट्स को यातायात नियमों का पालन करने एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई गई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स में काफी उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में 28th BN के कर्नल प्रवीण तेवतिया सहित 28th BN के अधिकारी-कर्मचारी, थाना यातायात एवं थाना साइबर का स्टाफ उपस्थित रहा।

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