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मेहनत-मजदूरी करने वाले परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना,जनसमस्या निवारण शिविर में मिला सम्मान और आवास की चाबी

रायगढ़, 9 अप्रैल 2026/ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम-मदनपुर निवासी रविराज महंत के परिवार के लिए आज का दिन खुशियों भरा रहा। वर्षों से कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहा यह परिवार अब पक्के आवास में रहने का सपना साकार कर चुका है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले इस परिवार के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था, जिससे बेहतर आवास का सपना अधूरा ही रह जाता था।
           रविराज महंत की माताजी ने पंचायत में आवास योजना के तहत आवेदन किया था। शासन की जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और महज चार से पांच महीनों के भीतर आवास का निर्माण पूर्ण कर लिया गया। अब परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पक्का घर मिल चुका है। आज खरसिया में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में रविराज महंत को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उन्हें उनके नए आवास की चाबी भी सौंपी गई। इस अवसर पर उनके चेहरे में खुशी साफ झलक रही थी। रविराज महंत ने कहा कि “हम जैसे गरीब परिवार के लिए पक्का घर एक सपना था, जिसे शासन-प्रशासन ने पूरा कर दिया। इसके लिए मैं शासन और प्रशासन का हृदय से धन्यवाद करता हूं।

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खरसिया शिविर में 250 से अधिक लोगों ने करायी स्वास्थ्य जांच, 10 ने किया रक्तदान,निःशुल्क जांच, दवा वितरण और आयुष्मान कार्ड से मिली राहत

रायगढ़, 9 अप्रैल 2026/ खरसिया में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोगों के लिए यह शिविर काफी लाभकारी साबित हुआ, जहां उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
          शिविर में 250 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 253 व्यक्तियों का उच्च रक्तचाप परीक्षण, 153 का शर्करा जांच, 26 लोगों का नेत्र परीक्षण, 96 व्यक्तियों का हीमोग्लोबिन जांच तथा 56 लोगों का विभिन्न प्रकार के लैब परीक्षण किए गए। इन जांचों के माध्यम से कई लोगों में प्रारंभिक अवस्था में ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान की गई, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। शिविर के दौरान पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए, जिससे उन्हें भविष्य में शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके साथ ही 198 लोगों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली और उपचार की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
           शिविर में रक्तदान के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। जहां 10 लोगों ने स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान किया। इन रक्तदाताओं ने न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान भी सुनिश्चित किया। स्वास्थ्य शिविर का कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के निर्देश दिए।  शिविर में उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए नियमित जांच, संतुलित आहार एवं स्वच्छ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। साथ ही गंभीर रोगों के लक्षण दिखने पर समय पर अस्पताल में जांच कराने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं स्टॉफ मौजूद रहे।

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जनसामान्य के बीच पहुंचा प्रशासन, समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान,स्वास्थ्य, पोषण, राजस्व एवं जनकल्याण सेवाओं का मिला एक मंच पर लाभ,बड़ी संख्या में हितग्राही हुए लाभान्वित

रायगढ़, 9 अप्रैल 2026/ जिला प्रशासन द्वारा आज खरसिया में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। स्वामी आत्मानंद स्कूल मदनपुर परिसर में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी एवं त्वरित सेवाएं प्रदान की गईं। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। शिविर के दौरान तीन हितग्राहियों-गायत्री उरांव, नान दाई चौहान एवं रूप नारायण को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पक्के मकान की चॉबी सौंपी गई। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा जरूरतमंदों को सहायक उपकरण, दिव्यांग बच्चों को विशेष किट वितरित की गई। 
            विद्युत विभाग द्वारा हितग्राहियों को मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना एवं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ा गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित कर पोषण सहयोग प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण आहार प्रदर्शनी लगाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही विभाग द्वारा नन्हे बच्चों का अन्नप्रासन एवं गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पोषण किट वितरित किया गया। राजस्व विभाग द्वारा शिविर में किसान किताब, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आधार कार्ड अपडेशन, नवीन आधार निर्माण तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी की सुविधा भी स्थल पर उपलब्ध रही। इससे ग्रामीणों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही 18 “लखपति दीदियों” का सम्मान कर महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 5 पंचायतों को जल परीक्षण किट प्रदान किए गए, जिससे गांव स्तर पर पेयजल की नियमित जांच सुनिश्चित हो सकेगी। शिविर में मछली पालन विभाग द्वारा दो हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं दो को मछली पकड़ने के जाल प्रदान किए गए, जिससे उनके आजीविका संवर्धन में मदद मिलेगी।
              जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल ने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने लोगों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी शिविर को संबोधित किया। उन्होंने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल गांवों के समग्र विकास और जनजागरूकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
              कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने शिविर का अवलोकन कर विभागीय स्टॉल का निरीक्षण किया तथा विभाग प्रमुखों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजनों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिविर में लाभान्वित हितग्राहियों ने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी और सेवाएं मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई है। हितग्राहियों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर एवं प्रभारी एसडीएम श्री अक्षय डोसी, एसडीएम श्री प्रवीण तिवारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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बेहरामार कृषि फार्म बना जैविक खेती का नया केंद्र—नील-हरित काई उत्पादन से किसानों को मिलेगा सस्ता और असरदार उर्वरक, धान की पैदावार में होगा जबरदस्त इजाफा

रायगढ़, 8 अप्रैल 2026/ जिले के शासकीय कृषि प्रक्षेत्र बेहरामार में नील-हरित शैवाल का उत्पादन आज से प्रारंभ कर दिया गया है। यह पहल किसानों को सस्ता एवं जैविक उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
            नील-हरित शैवाल, जिसे सायनोबैक्टीरिया भी कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से धान की फसलों में जैव उर्वरक के रूप में किया जाता है, जिससे प्रति हेक्टेयर 25 से 30 किलोग्राम तक नाइट्रोजन की पूर्ति होती है। यह जैव उर्वरक विशेष रूप से उन खेतों में तेजी से विकसित होता है जहां पानी भरा रहता है, जिससे धान उत्पादन में बेहतर परिणाम मिलते हैं। साथ ही यह क्षारीय एवं बंजर भूमि को भी उपजाऊ बनाने में मददगार साबित होता है। कृषि विभाग ने बताया कि, इस उत्पादन को किसानों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और वे जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित होंगे।

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समर्थन मूल्य पर जिले में सरसों की खरीदी प्रारंभ,जल्द शुरू होगा मसूर-चना उपार्जन, दलहन-तिलहन उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल

रायगढ़, 8 अप्रैल 2026/ जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन की प्रक्रिया आज से प्रारंभ हो गई है। प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएम आशा ) के अंतर्गत बिलासपुर संभाग में सर्वप्रथम रायगढ़ जिले के कोड़ातराई और कोतरा सहकारी समितियों में सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की गई। पहले दिन कोड़ातराई समिति में ग्राम तेलीपाली के कृषक श्री रामलाल पटेल एवं श्री खीरसागर पटेल से 26 क्विंटल तथा कोतरा सहकारी समिति में कृषक श्री संतराम पटेल एवं श्री बोधराम पटेल से 15 क्विंटल सरसों की खरीदी 6200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गई। इससे दलहन-तिलहन उत्पादक किसानों में खुशी का माहौल है।
            बता दें कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि आगामी सप्ताह से जिले की 9 सहकारी समितियों में मसूर एवं चना की खरीदी भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

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खरीफ सीजन से पहले बड़ा प्रशासनिक एक्शन: खाद-बीज विक्रेताओं पर चला चेकिंग का डंडा, 16 दुकानों की ताबड़तोड़ जांच में 5 को थमाया नोटिस

रायगढ़, 8 अप्रैल 2026/ आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में रासायनिक उर्वरकों की उचित दर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले दो दिनों के दौरान 16 उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 5 उर्वरक विक्रय केंद्रों-गोयल फर्टिलाइजर रायगढ़, मेसर्स किसान इंटरप्राइजेज रायगढ़, अन्नपूर्णा खाद भंडार धरमजयगढ़, विक्की खाद भंडार सूपा, पुसौर एवं नरेश ट्रेडर्स सेमरा, पुसौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
           जिले में खाद भंडारण एवं वितरण पर कड़ी निगरानी रखने के लिए जिला स्तरीय दल का गठन किया गया है। इस दल के नोडल अधिकारी सहायक संचालक कृषि श्री हिन्द कुमार भगत को बनाया गया है, जिनके निर्देशन में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरंतर निरीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कृषि विभाग द्वारा कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। किसान टोल फ्री नंबर 07762-220213 पर कार्यालयीन समय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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पीएम जनमन योजना का असर: सुदूर वनांचल में बिरहोर जनजाति तक पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी जीवन रक्षक

रायगढ़, 8 अप्रैल 2026/ सुदूर वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली बिरहोर जनजाति के लिए अब स्वास्थ्य सेवाएं दूर नहीं रहीं। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत जिले में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे गांव-गांव तक पहुंचाकर एक नई मिसाल पेश की है।
           राज्य स्तर से बिरहोर जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से चार मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध कराई गई हैं। इन यूनिट्स को धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा और तमनार विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है, जिससे सुदूर ग्रामों में निवासरत जनजातीय परिवारों को उनके घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन तथा वाहन चालक की सुविधा उपलब्ध है। ये टीमें तय रोस्टर के अनुसार माह में 26 दिनों तक क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सेवाएं प्रदान कर रही हैं। प्रतिदिन 20 से 30 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिससे लोगों को समय पर इलाज मिल रहा है। इन यूनिट्स के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य परामर्श के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, शुगर, मलेरिया, टाइफाइड, हीमोग्लोबिन, प्रेग्नेंसी जांच एवं ब्लड ग्रुप जैसी विभिन्न जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। 
             मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मार्च माह में 4 हजार से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया गया। इस दौरान 2318 मरीजों की बीपी जांच, 1768 मरीजों की रक्त जांच की गई तथा 4632 मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। वहीं फरवरी माह में भी 2 हजार से अधिक लोगों को इन सेवाओं का लाभ मिला। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ा रही है, बल्कि जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी ला रही है। अब बिरहोर जनजाति के लोग समय पर जांच और उपचार प्राप्त कर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

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“ऑपरेशन मुस्कान” में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी—दो नाबालिग बालिकाएं अलग-अलग राज्यों से सकुशल बरामद, जालंधर और अंबिकापुर से रेस्क्यू ऑपरेशन सफल, दोनों मामलों में आरोपियों पर पोक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई

 8 अप्रैल, रायगढ़  । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में जिले में गुमशुदा व्यक्तियों की सघन पतासाजी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत रायगढ़ पुलिस को दो महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुम हुई दो नाबालिग बालिकाओं को पुलिस टीमों द्वारा खोजबीन कर सकुशल दस्तयाब किया गया है। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं के कथन के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

???? *जूटमिल पुलिस की बड़ी सफलता — गुम नाबालिग बालिका जालंधर से सकुशल बरामद, आरोपी पर कार्रवाई*

      पहले मामले में थाना जूटमिल में दिनांक 22.10.2025 को एक प्रार्थी द्वारा अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी बालिका का पता नहीं चलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के अपराध कमांक 377/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बालिका और संदेही युवक *सनत कुमार भट्ट (20 साल) जूटमिल* के बीच संपर्क की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इस दिशा में जांच आगे बढ़ाई। लगातार प्रयास और मुखबिर तंत्र के माध्यम से दोनों के पंजाब के जालंधर में होने की सूचना मिली, जिस पर तत्काल पुलिस टीम को रवाना किया गया। टीम ने वहां पहुंचकर बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद किया। बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी द्वारा नागालिग बालिका का शारीरिक शोषण करना पाये जाने पर आरोपी के विरुद्ध *धारा 87, 65 (1) बी.एन.एस. 4. 6 पॉक्सो एक्ट* विस्तारित किया गया । कल आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजकर जेल दाखिल किया गया है । इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिनवकांत सिंह, महिला प्रधान आरक्षक समुंद रनकर, आरक्षक शशिभूषण साहू और रंजित भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

???? *पूंजीपथरा पुलिस की तत्परता — गुम नाबालिग बालिका अंबिकापुर से बरामद, आरोपी पर वैधानिक कार्रवाई*

      दूसरे मामले में थाना पूंजीपथरा में दिनांक 25.03.2026 को एक प्रार्थी ने अपनी 15 वर्षीय पुत्री के 17 मार्च की रात घर से बिना बताए लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध कमांक 49/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत  दर्ज कर पतासाजी शुरू की। जांच के दौरान दिनांक 06.04.2026 को अंबिकापुर के खरसिंया नाका चौक के पास एक युवक के साथ नाबालिग बालिका को बरामद किया गया। पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन कराया गया, जिसमें बालिका द्वारा बस से जामगांव फिर अम्बिकापुर ले जाना और शारीरिक संबंध बनाना बताई है । बालिका के कथन, मेडिकल पर आरोपी के विरुद्ध *धारा 87, 65 (1) बी.एन.एस. 4. 6 पॉक्सो एक्ट* विस्तारित कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम में शामिल एएसआई उमाशंकर विश्वाल और हमराह स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

      *“ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुमशुदा बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित वापसी हमारी प्राथमिकता है, ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ दोषियों पर सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”*

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“ऑपरेशन आघात का प्रहार — अवैध शराब माफियाओं पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा शिकंजा, कई गांवों में ताबड़तोड़ रेड, आरोपी गिरफ्तार

 8 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 07.04.2026 को *लैलूंगा पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम* द्वारा ग्राम पोतरा, बिरसिंहा एवं गमेकेला में अवैध शराब निर्माण की सूचना पर दबिश देकर कार्रवाई की गई, जिसमें चार आरोपियों को अवैध महुआ शराब के साथ पकड़ा गया।

         पहली कार्रवाई में ग्राम पोतरा रोड किनारे बाड़ी के पास *आरोपी राजेश भगत (25 वर्ष)* को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से 10 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। वहीं दूसरी कार्रवाई में ग्राम पोतरा (बीजागोड़ा) में घेराबंदी कर *आरोपी परमेश्वर सिदार (30 वर्ष)* को 10 लीटर महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।

        आबकारी विभाग द्वारा अलग से कार्रवाई करते हुए *आरोपी डोलेश्वर सिदार (43 वर्ष) एवं आरोपिया विकांति भगत (37 वर्ष)* के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। कार्रवाई के दौरान *चार प्रकरणों में कुल 35.5 लीटर महुआ शराब जब्त* की गई, साथ ही आरोपियों द्वारा घर एवं बाड़ी में अवैध रूप से तैयार किए जा रहे *लगभग 100 किलो महुआ पास को मौके पर नष्ट किया गया*। टीम द्वारा आरोपियों को अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

      उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, आबकारी विभाग की उप निरीक्षक रागिनी नायक, उप निरीक्षक कुशल पटेल, उप निरीक्षक उज्ज्वल मेहर एवं उनकी टीम के साथ थाना लैलूंगा के एएसआई परमेश्वर गुप्ता, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक जुगित राठिया, विनोद कुजूर एवं महिला आरक्षक अनीरा लकड़ा की सराहनीय भूमिका रही।

      इसी क्रम में पुसौर पुलिस द्वारा ग्राम टपरदा निवासी आरोपी जगदीश सारथी (31 वर्ष) को रनभांठा की ओर तालाब के पास कच्चे मार्ग में 10 लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब के साथ पकड़ा गया। आरोपी शराब बिक्री हेतु ले जाना स्वीकार किया, जिसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।

     वहीं आज दिनांक 08.04.2026 को चक्रधरनगर पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना पर विजयपुर क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी प्रहलाद माखिजा (54 वर्ष) को उसके घर के पास अवैध रूप से देशी मदिरा बेचते हुए पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से 35 पाव देशी मदिरा प्लेन शराब (कीमती लगभग 2800 रुपये) जब्त कर आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत कार्रवाई की गई।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*— 

          *“ऑपरेशन आघात के तहत रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, अवैध गतिविधि पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।”*

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“ऑपरेशन तलाश” का बड़ा एक्शन: सरेराह युवती से छेड़खानी करने वाले 4 फरार आरोपी गिरफ्तार, महिला थाना की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मचा हड़कंप

 8 अप्रैल, रायगढ़ । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में फरार आरोपियों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत महिला थाना को भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। महिला थाना रायगढ़ की टीम द्वारा ऑपरेशन “तलाश” के तहत युवती से छेड़खानी के मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इससे पूर्व इसी मामले में एक आरोपी नरेन्द्र महावर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

         जानकारी के अनुसार दिनांक 10 फरवरी 2026 को एक युवती ने महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 09 फरवरी की रात करीब 11 बजे वह अपनी ममेरी बहन के साथ कार से रायगढ़ दवाई लेने जा रही थी। चांदमारी रोड पर कार रोककर दोनों आवारा कुत्तों को बिस्किट खिला रही थीं, तभी पीछे से एक नीले रंग की ग्रैंड विटारा कार में सवार पांच युवक पहुंचे और अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए गंदे इशारे करने लगे। युवतियां वहां से निकल गईं, लेकिन आरोपी उनका पीछा करते हुए रियापारा तिराहा चौक के पास उनकी कार को ओवरटेक कर सामने गाड़ी अड़ा दिए और एक युवक कार से उतरकर अश्लील हरकत करते हुए अपना नाम प्रदीप पटेल बताया, जबकि उसके अन्य साथी भी लगातार अभद्र टिप्पणी करते रहे।

         घटना की गंभीरता को देखते हुए *महिला थाना में अपराध क्रमांक 09/2026 धारा 78(2), 126(2), 79, 75(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर* विवेचना प्रारंभ की गई। महिला थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए पुलिस लाइन एवं थाना कोतवाली के स्टाफ के साथ आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी गई। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा वाहन ढिमरापुर स्थित प्रदीप पटेल के घर के सामने मिला, किंतु वह फरार था। आगे जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय वाहन नरेन्द्र महावर चला रहा था, जिससे पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ग्रैंड विटारा कार क्रमांक CG13 AW 2410 को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर पूर्व में न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।

          पूछताछ में नरेन्द्र महावर ने अपने साथियों प्रदीप पटेल, कमलेश यादव, राहुल गुप्ता एवं संगम त्रिपाठी के साथ मिलकर युवतियों का पीछा कर रास्ता रोककर छेड़खानी करना स्वीकार किया था। इसके बाद पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की लगातार तलाश की जा रही थी।

          इसी क्रम में ऑपरेशन “तलाश” के तहत महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर सूचना पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी प्रदीप पटेल, राहुल गुप्ता, कमलेश यादव एवं संगम कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त एवं पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

*गिरफ्तार आरोपी*-
(1) प्रदीप पटेल पिता स्व. घुराऊराम पटेल उम्र 21 वर्ष 
(2) राहूल गुप्ता पिता कृष्ण कुमार गुप्ता उम्र 21 वर्ष 
(3) कमलेश यादव पिता मोती लाल यादव उम्र 21 वर्ष साकिनान वार्ड नं 9 चांदमारी भवानी स्कूल के पास थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ 
(4) संगम कुमार पिता मनोज कुमार राम उम्र 21 वर्ष साकिन मस्तागली सत्तीगुडी चौक रायगढ़ थाना सिटी कोतवाली रायगढ़

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

         *“महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को हर हाल में सजा दिलाना हमारी प्राथमिकता है, ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी”*

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प्यार, झगड़ा और खौफनाक अंजाम: लिव-इन पार्टनर ने मंगलसूत्र से गला घोंटकर की महिला की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा

   8 अप्रैल, रायगढ़ । कोतरारोड़ पुलिस द्वारा महिला की संदिग्ध मौत के मामले में गंभीर जांच करते हुए हत्या का खुलासा किया गया है। दिनांक 01.04.2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली से धनेश्वरी विश्वकर्मा (32 वर्ष) निवासी पोड़ीभाठा अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा की आकस्मिक मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर थाना कोतरारोड़ में मर्ग कायम कर पंचनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। जांच दौरान मृतिका का प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा मृत्यु का कारण गले पर दबाव से दम घुटना बताते हुए इसे “होमीसाइडल” घोषित किया गया, जिससे मामला हत्या का उजागर हुआ।

???? *क्या है घटना, कैसे हुआ खुलासा* -

      मृतिका धनेश्वरी विश्वकर्मा किरोडीमल नगर के दिनांक 01.04.2026 को जिंदल अस्पताल पतरापाली में आकस्मिक मौत की सूचना अस्पताली तहर्रिर के माध्यम से थाना कोतरारोड़ को प्राप्त हुई जिस पर थाना कोतरारोड़ में मर्ग क्र. 17/26 धारा 194 बीएनएसएस पंजीबद्ध कर जांच पंचानामा कार्यवाही कर मृतिका के शव का पोस्ट मार्टम कराया गया, जिसका पीएम रिपोर्ट कल प्राप्त हुआ है, पीएम रिपोर्ट पर मृत्यु को “होमीसाइडल” लेख करते हुए पीएमकर्ता चिकित्सक द्वारा मृतिका के गले में दबाब होने से दम घुटने के कारण से मृतिका की मृत्यु होना लेख किया गया है। मामला संदेहास्पद होने पर प्रशिक्षु डीएसपी एवं थाना प्रभारी कोतरारोड़ श्री अजय नागवंशी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर मामले की सूक्ष्मता से जांच की गई । 

              घटना के संबंध में मृतिका के वारिशानों से पूछताछ में सामने आया कि धनेश्वरी विश्वकर्मा (मृतिका) का विवाह मनोज विश्वकर्मा से हुआ था। जिनके तीन बच्चे हैं। लगभग 04 वर्ष पूर्व उसके पति से परेशान होकर मायके में रह रही थी। इसके बाद धनेश्वरी का विकेश से  परिचय हुआ। दोनों एक दुसरे को पंसद करने लगे और लगभग 04 वर्ष से दोनों किरोडीमलनगर में पति पत्नि की तरह साथ रहने लगे। धनेश्वरी विश्वकर्मा बीच-बीच में बीमार रहती थी जिसका ईलाज विकेश द्वारा कराया जाता था। लगभग एक माह पूर्व से धनेश्वरी ज्यादा बीमार थी । उसके पति के साथ तलाक का प्रकरण चल रहा था । घटना दिनांक को विकेश धनेश्वरी के साथ था । प्राथमिक संदेह मृतिका के लिवइन पार्टनर विकेश बरेठ पर जाने पर डीएसपी अजय नागवंशी ने संदेही विकेश से पूछताछ किया गया, काफी पूछताछ बाद विकेश ने धनेश्वरी के गले के मंगलसूत्र से गला घोटनें हत्या करने की बात स्वीकार किया । 

            आरोपी विकेश बरेठ ने बताया कि वह धनेश्वरी का ईलाज आरोपी करा रहा था। धनेश्वरी समय पर दवाई नहीं लेती थी, उसके पति के साथ तलाक नहीं होने के कारण दोनों विवाह नहीं कर पा रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगडा विवाद होता था दिनांक 01.04.2026 को विकेश की नानी उसके घर आयी थी, धनेश्वरी समय पर खाना नहीं बनाने के कारण उसे विकेश डांटा । उसकी नानी को उसके घर छोड़कर वापस घर आया तो धनेश्वरी दवाई नहीं खाई थी, दोनों के बीच काफी झगड़ा विवाद हुआ । विकेश ने धनेश्वरी को 1-2 थप्पड मारा तो धनेश्वरी तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी कहकर घर जाने लगी । तब आरोपी विकेश धनेश्वरी के मंगलसूत्र को पीछे से पकड़कर खींचने लगा  । धनेश्वरी गिर कर बेहोश हो गयी उसके शरीर पर कोई हलचल नहीं हुआ, तब धनेश्वरी को जिंदल अस्पताल लेकर गये जहाँ डॉक्टर चेक किया और धनेश्वरी विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। आरोपी द्वारा मृत्यु के वास्तविक कारण को छिपाने का प्रयास भी किया गया।

            मर्ग जांच के आधार पर *थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 100/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस* के तहत मामला दर्ज कर दिनांक 07.04.2026 को आरोपी विकेश कुमार बरेठ (26 वर्ष) निवासी भंवरमाल, थाना बम्हनीनडीह जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

          एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, एसएसआई मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू, आरक्षक चन्द्रेश पाण्डेय, शंभू चौहान, राजेश खांडे एवं पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — 

         *“आपसी विवाद को हिंसा का रूप देना गंभीर अपराध है, ऐसे मामलों में रायगढ़ पुलिस सख्त कार्रवाई करती रहेगी। नागरिकों से अपील है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें, हिंसा से दूर रहें।”*

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संघर्ष, भटकाव और साहसिक आत्मसमर्पण के बाद बदली मनकू कड़ती की जिंदगी—नक्सल प्रभावित अंचल से मुख्यधारा तक की प्रेरक यात्रा

रायपुर, 8 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में बदलाव की कई कहानियां उभर रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी है बीजापुर जिले के छोटे से गांव चेरली के युवक मनकू कड़ती की, जिनका जीवन संघर्ष, भटकाव और फिर सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

बीजापुर जिले के चेरली गांव में जन्मे मनकू कड़ती का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में बीता। गरीबी, असुरक्षा और सीमित संसाधनों के बीच उनका परिवार लगातार चुनौतियों से जूझता रहा। पारिवारिक स्थिति उस समय और भी गंभीर हो गई, जब उनके पिता को जेल जाना पड़ा। इस घटना ने मनकू के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला और उनका बचपन अभाव और अस्थिरता के माहौल में बीता।

इन्हीं परिस्थितियों और नकारात्मक माहौल के प्रभाव में मनकू धीरे-धीरे भटकाव की ओर बढ़ने लगे। उन्हें लगा कि गलत रास्ता ही उन्हें पहचान और सुरक्षा दिला सकता है। हालांकि, उनके भीतर एक द्वंद्व लगातार बना रहा। क्या यही उनका भविष्य है ? यह सवाल उनके मन में बार-बार उठता रहा। समय के साथ मनकू के भीतर आत्मचिंतन की प्रक्रिया शुरू हुई। उन्होंने महसूस किया कि हिंसा और भय के रास्ते पर चलकर वे अपने जीवन को अंधकार की ओर ले जा रहे हैं। यही एहसास उनके जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने ठान लिया कि अब वे अपनी दिशा बदलेंगे और एक नई शुरुआत करेंगे।

अप्रैल 2025 में मनकू कड़ती ने साहसिक कदम उठाते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन यही उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सही फैसला साबित हुआ। इस कदम ने उनके लिए मुख्यधारा में लौटने और एक सम्मानजनक जीवन जीने के रास्ते खोल दिए। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने ट्रैक्टर ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने न केवल भारी मशीनों का संचालन सीखा, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी अपने जीवन में अपनाया। निरंतर मेहनत और सीखने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाया। 

आज मनकू कड़ती एक बदले हुए इंसान के रूप में सामने आए हैं। वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं और समाज के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जहां पहले उनके जीवन में डर और अस्थिरता थी, वहीं अब आत्मविश्वास और नई उम्मीद ने जगह ले ली है। मनकू कड़ती के जीवन की यह नई शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि विपरीत परिस्थितियों और गलत दिशा में बढ़ते कदमों के बावजूद, यदि व्यक्ति दृढ़ निश्चय कर ले तो जीवन में सकारात्मक बदलाव संभव है।

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परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अदरक बना आय का नया सहारा—युवा किसान ने दोगुनी कमाई से रचा सफलता का इतिहास

रायपुर, 8 अप्रैल 2026/ सरकार की “एक जिला एक उत्पाद” योजना अब धरातल पर किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम बघमरा के युवा प्रगतिशील किसान श्री आकाश चंद्राकर ने अदरक की खेती के माध्यम से सफलता की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है।
पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ते हुए आकाश चंद्राकर ने “एक जिला एक उत्पाद” योजना से प्रेरित होकर अपने लगभग ढाई एकड़ खेत में अदरक की खेती की शुरुआत की। वैज्ञानिक पद्धतियों और बेहतर प्रबंधन के साथ की गई इस खेती से उन्हें उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ। साथ ही बाजार में अदरक की अच्छी मांग के कारण उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिला, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

किसानों को प्रोत्साहित करने और खेती की लागत को कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत आकाश चंद्राकर को लगभग 49 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें आधुनिक कृषि संसाधन जुटाने, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं तकनीकों का उपयोग करने में सहायता मिली, जिसका सीधा लाभ उत्पादन और गुणवत्ता में दिखाई दिया।

आकाश चंद्राकर बताते हैं कि अदरक की खेती उनके लिए समृद्धि का नया द्वार बनकर आई है। शासन से प्राप्त अनुदान ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें बेहतर उत्पादन हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।

“एक जिला एक उत्पाद” के अंतर्गत अदरक को चयनित किए जाने के बाद जिले के अन्य किसान भी इस नगदी फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों की तुलना में अदरक से प्राप्त अधिक शुद्ध लाभ ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। जिला प्रशासन बालोद और उद्यानिकी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सलाह एवं अनुदान से खेती अब घाटे का सौदा नहीं, बल्कि लाभ का माध्यम बनती जा रही है।

श्री चंद्राकर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन की इस पहल से बालोद जिला अदरक उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

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शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से संवरा जीवन,पीएम आवास, उज्ज्वला और महतारी वंदन से मिला संबल

रायपुर, 08 अप्रैल 2026/ शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में न केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि आमजन के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय भी जोड़ रही हैं। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड पामगढ़ के ग्राम लोहर्सी की निवासी श्रीमती ज्योति कश्यप की जीवन यात्रा परिवर्तन की एक प्रेरक मिसाल है।

कभी अभाव और कठिनाइयों से जूझ रही श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन आज शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पूरी तरह बदल चुका है। पूर्व में उनका कच्चा मकान हर मौसम में चुनौती बन जाता था। वर्षा के दौरान छत टपकना, घर में पानी भरना और असुरक्षित वातावरण में रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। इसके साथ ही लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते समय उठने वाले धुएं से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं उनके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रही थीं।

परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव तब आया, जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली। उन्होंने आशा और विश्वास के साथ आवेदन किया और आवास स्वीकृत होने के बाद उनके जीवन में जैसे नई रोशनी का संचार हुआ। पक्के मकान के निर्माण से अब उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में निवास कर रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्राप्त होने से उनकी रसोई धुएं से मुक्त हो गई है, जिससे स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ समय और श्रम की भी बचत हो रही है।

श्रीमती ज्योति कश्यप के जीवन में आत्मनिर्भरता का एक नया आयाम महतारी वंदन योजना से जुड़ा है। इस योजना के तहत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि से वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर पा रही हैं। जहां पहले उन्हें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे आत्मसम्मान के साथ अपने निर्णय लेने में सक्षम हुई हैं। आज श्रीमती ज्योति कश्यप का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं यदि सही पात्र तक पहुंचें, तो वे न केवल जीवन स्तर को सुधारती हैं, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊंचाई प्रदान करती हैं।

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नक्सलवाद के खात्मे के बाद सुकमा में विकास की रफ्तार तेज, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से गांव-शहर की दूरी हुई खत्म

रायपुर, 08 अप्रैल 2026/कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को विवश थे, आज वही ग्रामीण निर्भय होकर शहरों तक आवागमन कर रहे हैं। माओवाद के खात्में और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने के साथ-साथ शासन की जनहितकारी योजनाओं ने सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है।

इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के रूप में सामने आया है, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के जनजीवन को नई गति प्रदान की है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना सहज और सुरक्षित हो गया है।

पूर्व में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी श्री कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा प्रारंभ होने से पहले चिंतलनार तक पैदल जाना उनकी मजबूरी थी। कई बार बस छूट जाने के कारण पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था और आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा प्रारंभ होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत संचालित बस सेवा अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के समीप से गुजर रही है। इससे ग्रामीण अब आसानी से बस के माध्यम से दोरनापाल पहुंचकर अपने दैनिक कार्य समय पर पूर्ण कर रहे हैं और उसी दिन सुरक्षित वापस भी लौट पा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों एवं श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

जहां पहले नक्सलियों के भय के कारण ग्रामीणों का बाहर निकलना भी कठिन था, वहीं अब सुरक्षा वातावरण में सुधार के चलते वे निर्भय होकर रोजगार, व्यापार, शिक्षा और उपचार के लिए शहरों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बस सुविधा ने न केवल आवागमन को सुगम बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।
इरकमपल्ली निवासी श्री मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है।

कलेक्टर श्री अमित कुमार के अनुसार, पूर्व में नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 5 ‘हक्कुम मेल’ बसें भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। बस संचालन को प्रोत्साहित करने हेतु शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है तथा तीन वर्षों के लिए रोड टैक्स में छूट भी दी गई है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सुकमा जिले के ग्रामीण अंचलों में विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर यह क्षेत्र अब प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहां हर सफर अब नई संभावनाओं की ओर ले जा रहा है।

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जशरंग राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के चौथे दिन कला, संस्कृति और भावनाओं का अद्भुत संगम — छात्राओं के लोकनृत्य और भरतनाट्यम ने मोहा मन, “रवि वर्मा: द अनटोल्ड बैटल” ने दर्शकों को किया भावुक

जशपुर 07 अफ़्रैल 2026 : जशरंग राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में चौथे दिन भी खूबसूरत प्रस्तुतियां हुई. जिसमें पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय की छात्रा पारुल ने राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया वहीं श्री महावीर दिगंबर जैन विद्यालय के छात्रों के द्वारा वंदे मातरम पर भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुति दी जिसका निर्देशन किया छत्तीसगढ़िया क्लाउड की नृत्य प्रशिक्षक मनीषा भगत ने. सरस्वती कथक केंद्र की छात्राओं के द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसका निर्देशन सरस्वती पाठक के द्वारा किया गया.
नाटकों की प्रस्तुति के क्रम में नाटक “रवि वर्मा: द अनटोल्ड बैटल” का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय कला, समाज और विचारधारा के गहरे संघर्ष से रूबरू कराया।

नाटक का निर्देशन प्रख्यात रंगकर्मी डॉ. आनंद कुमार पांडे द्वारा किया गया, जबकि इसका लेखन रोहित श्रीवास्तव और आनंद पांडे ने संयुक्त रूप से किया है। यह नाटक महान चित्रकार राजा रवि वर्मा के जीवन के उस अनछुए संघर्ष को सामने लाता है, जिसमें उन्होंने कला की स्वतंत्रता और सामाजिक बंधनों के बीच एक नई राह बनाई। उनकी कला ने देवी-देवताओं को मानवीय रूप में प्रस्तुत कर उन्हें आम जन तक पहुँचाया, जिसके कारण उन्हें विरोध, विवाद और न्यायालय तक का सामना करना पड़ा ।

मंचन में कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। राजा रवि वर्मा की भूमिका में रोहित श्रीवास्तव ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी, वहीं आयिलियम तिरुनाल के रूप में अल्बर्ट श्रीवास्तव ने राजसी गरिमा को बखूबी प्रस्तुत किया। थावेंद्र रजक ने थियोडोर जेम्सन और वकील की दोहरी भूमिका निभाकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। आमोद श्रीवास्तव ने रामस्वामी नायकर और जज की भूमिकाओं में संतुलित अभिनय प्रस्तुत किया।

सुगंधा के रूप में दिव्या राय ने भावनात्मक दृश्यों में दर्शकों को प्रभावित किया, जबकि आचार्य चिंतामणि के रूप में मनमोहन कास्दे ने अपने प्रभावशाली संवादों से नाटक में गहराई जोड़ी। अनमोल पमनानी ने बड़ौदा महाराज और राजा वर्मा की भूमिका निभाई, वहीं गजेंद्र साहू ने राजा राज वर्मा और मोहन श्री के रूप में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। चंद्र मोहन ने आर्मुखम पिल्लई और रंगनाथन के रूप में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।

नाटक की तकनीकी प्रस्तुति भी उतनी ही प्रभावशाली रही। प्रकाश व्यवस्था का दायित्व स्वप्निल हुड्डर ने संभाला, जिसने पूरे मंचन को एक अलग ही दृश्यात्मक गहराई प्रदान की। वहीं संगीत पक्ष को विकास गायकवाड़ ने सशक्त रूप से संवारा, जिसने नाटक के भावों और दृश्यों को और अधिक प्रभावी बना दिया।

पूरे मंचन के दौरान दर्शकों की गहरी सहभागिता देखने को मिली। विशेष रूप से अदालत के दृश्य और कलाकार के आंतरिक संघर्ष को दर्शाने वाले प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और सोचने पर मजबूर किया।

यह नाटक केवल एक कलाकार की कहानी नहीं, बल्कि कला की स्वतंत्रता, समाज की सोच और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक सशक्त प्रश्न भी उठाता है। “रवि वर्मा: द अनटोल्ड बैटल” ने जशरंग नाट्य महोत्सव में एक प्रभावशाली छाप छोड़ी और दर्शकों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। प्रस्तुति पश्चात मंच पर शशि कुमार (IFS) को प्रतीक चिन्ह और उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की संरक्षिका कुंवररानी जया सिंह जुदेव की महोत्सव में उपस्थित रही और उन्होंने नाटक की प्रशंसा करते हुए कलाकारों को आशिर्वाद दिया.

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आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी ग्रामीण महिलाएं : गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य, स्वरोजगार से बढ़ी आय

रायगढ़, 7 अप्रैल 2026/ शासन की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही हैं। योजना से जुड़कर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ग्राम बड़ेभंडार निवासी मथुरा कुर्रे ने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें “आर.एफ.” और “सी.आई.एफ.” के तहत आर्थिक सहयोग मिला। इस सहायता से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों को बाजार में विक्रय कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं। 
           इसी तरह ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की जमुना सिदार पहले गृहिणी थीं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया और टोकरी, सूपा एवं अन्य उत्पाद बनाना शुरू किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इसे वे अच्छी खासी आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। बिहान योजना महिलाओं को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, आत्मविश्वास और नई पहचान भी प्रदान कर रही है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। बता दें कि शासन की मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक रुप से सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है, जिससे महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रुप से संबल हो रही है।

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“रायगढ़ में राशन क्रांति: तीन माह का खाद्यान्न एकमुश्त वितरण की तैयारी, 665 दुकानों में अग्रिम भंडारण का टारगेट, 15 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

रायगढ़, 7 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देशानुसार आज अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने खाद्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर जिले में संचालित खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अपर कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी 665 उचित मूल्य दुकानों में आगामी तीन माह का खाद्यान्न एकमुश्त भंडारित कर उसका सुचारु वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह के भंडारण कार्य को शीघ्र पूर्ण करते हुए सभी उचित मूल्य दुकानों में “चावल उत्सव” आयोजित किया जाए और हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। साथ ही शेष दो माह के खाद्यान्न भंडारण कार्य को 15 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
            अपर कलेक्टर ने सभी गोदामों में भंडारण एवं वितरण के लिए पर्याप्त संख्या में हमाल उपलब्ध रखने, परिवहन हेतु पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कार्य में तेजी लाने के लिए अवकाश के दिनों में भी गोदाम खुले रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा, जिससे भंडारण और वितरण प्रक्रिया सुव्यवस्थित रुप से हो सके। साथ ही कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, सहायक खाद्य अधिकारी राबिया खान, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, सभी एएफओ/एफआई, जिले के सभी प्रदाय केंद्रों के प्रभारी, स्टेट वेयर कॉर्पोरेशन के नोडल अधिकारी, शाखा प्रबंधक एवं समस्त परिवहनकर्ता उपस्थित रहे।

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