विश्व पर्यावरण दिवस पर रायगढ़ में हरित क्रांति का शंखनाद, जल संरक्षण और वृक्षारोपण से बदलेगी गांवों की तस्वीर
रायगढ़, 4 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, स्वच्छता और सतत ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महात्मा गांधी नरेगा, ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान तथा वीबी-जीराम जी के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल सुरक्षा को मजबूत करना है। ग्राम पंचायतों से लेकर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 791 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए गए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 288 नए कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने तथा वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। अमृत सरोवर, तालाब, जलाशय, स्टॉप डैम एवं अन्य जल संरचनाओं के विकास से जिले में जल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार मिला है। वहीं पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी नरेगा के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य भी किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत वृक्षारोपण, ब्लॉक प्लांटेशन एवं सड़क किनारे वृक्षारोपण सहित 416 वृक्षारोपण कार्यों में 68 हजार 247 पौधे स्वीकृत किए गए, जिनमें से 46 हजार 23 पौधों का रोपण पूर्ण किया जा चुका है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए दीर्घकालिक आय एवं आजीविका का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
*ग्राम सभाओं से स्कूलों तक चलेगा जागरूकता अभियान, ‘एक बच्चा-एक पौधा’ बनेगा आकर्षण का केंद्र*
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान, अमृत सरोवरों एवं जल संरक्षण संरचनाओं के आसपास वृक्षारोपण, जल संरक्षण शपथ, वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत विशेष जागरूकता गतिविधियां भी संचालित होंगी। विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में चित्रकला, निबंध और क्विज प्रतियोगिताओं के साथ ‘एक बच्चा-एक पौधा’ अभियान चलाया जाएगा। ग्राम स्तर पर आयोजित जनसंवाद और ग्राम सभाओं में मानसून पूर्व जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा, आगामी वृक्षारोपण योजनाओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता को लेकर चर्चा की जाएगी।
5 जून को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा। ग्राम पंचायतों में कचरा पृथक्करण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ ग्राम निर्माण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर संकल्प लिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों को कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलेवासियों से जल संरक्षण, पौधरोपण और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाकर पर्यावरण संरक्षण के इस जनआंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है।