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उधारी के 5 हजार रुपये मांगना पड़ा भारी, महिला के घर में घुसकर मारपीट करने वाले दो भाई 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार

     *9 जून, रायगढ़* । घरघोड़ा पुलिस ने महिला से उधार के पैसों को लेकर मारपीट करने वाले दो सगे भाइयों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों की तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया और वैधानिक कार्रवाई की गई।

      प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 जून 2026 को प्रार्थिया धनेश्वरी साहू पति स्वर्गीय घनश्याम साहू, उम्र 42 वर्ष, निवासी बैहामुड़ा द्वारा थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह छाल रोड स्थित अपने घर से लगे ढाबे का संचालन करती हैं। करीब एक वर्ष पूर्व उन्होंने परिवार के परिचित जितेन्द्र साहू को आवश्यकता पड़ने पर 5,000 रुपये उधार दिए थे। समय-समय पर पैसे वापस मांगने पर जितेन्द्र साहू टालमटोल करता रहा।

       प्रार्थिया के अनुसार, दिनांक 08 जून 2026 को शाम लगभग 4 बजे जितेन्द्र साहू एवं राजेन्द्र साहू अचानक उसके ढाबा-नुमा घर के भीतर घुस आए और "कितना पैसा दिए हो रे" कहते हुए गाली-गलौच करने लगे। विरोध करने पर दोनों ने महिला के साथ मारपीट की और धमकी दी। घटना के बाद पीड़िता द्वारा थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

        महिला की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 190/2026 के तहत धारा 333, 296, 351(3), 115(2) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा तत्काल आरोपियों की पतासाजी एवं धरपकड़ की कार्रवाई की गई।

     पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी जितेन्द्र साहू पिता मधुसूदन साहू, उम्र 21 वर्ष तथा राजेन्द्र साहू पिता मधुसूदन साहू, उम्र 19 वर्ष, दोनों निवासी बैहामुड़ा, थाना घरघोड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

      रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के साथ हिंसा, अभद्रता और मारपीट जैसी घटनाओं में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कानून के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट की पहल: अब आपसी समझौते से सुलझेंगे पुराने विवाद, 21 से 23 अगस्त तक लगेगी विशेष लोक अदालत

रायगढ़, 9 जून 2026/ न्याय को सरल एवं सुलभ तरीके से घर-घर तक पहुंचाने तथा आपसी सहभागिता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति के आधार पर निराकरण किया जाएगा।
            समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के तहत 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय परिसर में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति कार्यालयों में सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ द्वारा इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ऐसे पक्षकार, वादी-प्रतिवादी अथवा अधिवक्ता जिनके मामले माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं, वे समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 में शामिल होने के लिए 31 जुलाई 2026 तक गूगल फॉर्म https://forms.gle/woYFFEph7pgiTQ7u7 के माध्यम से अपनी सहमति प्रदान कर सकते हैं।
          जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित पक्षकारों से इस विशेष पहल का लाभ उठाकर आपसी सहमति से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु आगे आने की अपील की है। समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 हेतु स्थापित वन स्टॉप सेंटर (वार रूम) के फोन नंबर 011-23115652 एवं 011-23116164 तथा ई-मेल speciallokadalat2026@sci.nic.in पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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सुरक्षित मातृत्व की बड़ी पहल: रायगढ़ में सैकड़ों गर्भवतियों की जांच, हाई रिस्क महिलाओं की मुफ्त सोनोग्राफी भी हुई

रायगढ़, 9 जून 2026/ जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत मंगलवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में गर्भवती महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच कर उन्हें सुरक्षित मातृत्व संबंधी आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।
            जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा के संचालन में आयोजित शिविरों में गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, शुगर, सिकल सेल, मलेरिया, एचआईवी, वजन एवं ऊंचाई सहित विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। साथ ही आयरन एवं कैल्शियम की दवाइयों का वितरण कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अभियान के दौरान पुसौर विकासखंड में 104, खरसिया में 60, तमनार में 53, घरघोड़ा में 94, लैलूंगा में 62, धरमजयगढ़ में 261 तथा लोइंग में 219 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविरों में उपस्थित महिला चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा सुरक्षित प्रसव के संबंध में विस्तृत परामर्श दिया।
            उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी निजी एवं शासकीय सोनोग्राफी केंद्रों में निःशुल्क जांच भी कराई गई। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को लेबर रूम एवं ऑपरेशन थिएटर का भ्रमण कराया गया, जिससे प्रसव संबंधी भय एवं तनाव को कम करने तथा सुरक्षित प्रसव के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायता मिली। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित पोषण, चिकित्सकीय सलाह का पालन तथा संस्थागत प्रसव ही सुरक्षित मातृत्व की कुंजी है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी केंद्र अथवा निकटतम स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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सुशासन तिहार बना ग्रामीणों के लिए वरदान: एक ही शिविर में 1250 आवेदनों की सुनवाई, आवास की चाबी से लेकर राशन कार्ड तक मिला त्वरित लाभ

रायगढ़, 9 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से जहां आमजन की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, वहीं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ भी मौके पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड पुसौर के ग्राम कोड़पाली में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में 22 ग्राम पंचायत के बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली। शिविर में कुल 1250 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित विभागों द्वारा पंजीबद्ध कर निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

*एक ही स्थान पर समाधान और योजनाओं की जानकारी*

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए, जहां ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया तथा आवश्यक दस्तावेज, प्रक्रिया एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी प्रदान की। इससे ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली और एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकीं।

*हितग्राहियों को मिला योजनाओं का त्वरित लाभ*

शिविर में कई हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई, जिससे उनके चेहरे पर खुशी देखने को मिली। इसके साथ ही कई ग्रामीणों को राशन कार्ड का वितरण किया गया तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के श्रम कार्ड भी मौके पर बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां एवं सलाह दी गई। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना, आधार अद्यतन, महतारी वंदन के तहत ई-केवाईसी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण लाभान्वित हुए।

*महिलाओं और स्वच्छताग्रहियों का सम्मान*

स्वच्छ भारत मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम बड़ेहरदी की स्वच्छताग्राही महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में प्रोत्साहित किया गया। शिविर में उद्यानिकी विभाग द्वारा ग्रामीणों को पौधों का वितरण किया गया। अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण करने और बागवानी के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। इस अवसर पर पुसौर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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रायगढ़ में कलेक्टर की सख्ती: 56 गांवों के 799 बिरहोर-कोरवा परिवारों तक पहुंचेगी योजनाओं की रोशनी, खरीफ सीजन से पहले 23 हजार मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराने की बड़ी तैयारी


रायगढ़, 9 जून 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास, हाउस होल्ड सर्वे की तैयारियों, खरीफ सीजन की तैयारियों तथा किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से विशेष प्रकोष्ठों के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। इसके तहत पूर्व में गठित विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर विकास प्रकोष्ठ के क्षेत्राधिकार का पुनर्परिसीमन करते हुए विशेष रूप से कमजोर जनजाति बिरहोर एवं पहाड़ी कोरवा विकास प्रकोष्ठ, धरमजयगढ़ का पुनर्गठन किया गया है।

उन्होंने बताया कि परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना धरमजयगढ़ को प्रकोष्ठ का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुनर्गठित प्रकोष्ठ के अंतर्गत बिरहोर जनजाति के 26 ग्रामों के 243 परिवार तथा पहाड़ी कोरवा जनजाति के 28 ग्रामों के 556 परिवार शामिल किए गए हैं। इस प्रकार कुल 56 ग्रामों के 799 परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और विकास कार्यक्रमों से लाभान्वित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

सहायक आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा पीवीटीजी हाउसहोल्ड डाटा कैप्चर एवं पीवीटीजी एंटाइटलमेंट कार्ड सर्वेक्षण के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जिला, अनुविभाग एवं ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों एवं सर्वेक्षण दलों का गठन किया जा रहा है। ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण दलों का प्रशिक्षण 15 एवं 16 जून को आयोजित किया जाएगा तथा 17 जून से 3 जुलाई 2026 तक मोबाइल एप के माध्यम से परिवार सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके उपरांत सर्वे प्रपत्रों का परीक्षण एवं अनुमोदन की कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इन विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, कौशल विकास, आवास, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा। शासन की मंशानुरूप पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर सर्वेक्षण एवं आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कृषि उप संचालक ने जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा जिले के लिए खरीफ 2026 के लिए विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त आबंटन किया गया है तथा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लगातार भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की जा रही है।

कृषि उप संचालक ने बताया कि वर्तमान में जिला सहकारी बैंक के डबल लॉक केंद्रों में 4 हजार 543 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण उपलब्ध है। वहीं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 11 हजार 81 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रखे गए हैं। इस प्रकार जिले में कुल 15 हजार 624 मीट्रिक टन उर्वरकों का उपलब्ध स्टॉक किसानों की जरूरतों की पूर्ति के लिए उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान अब तक किसानों को 7 हजार 582 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश एवं एसएसपी सहित विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डबल लॉक केंद्रों एवं समितियों में उपलब्ध भंडारण तथा अब तक किए गए वितरण को मिलाकर जिले में कुल 23 हजार 206 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता दर्ज की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 71.62 प्रतिशत है।

कलेक्टर ने उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ सीजन के दौरान जिले के किसी भी क्षेत्र में उर्वरकों की कमी की स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने विकासखंडवार उपलब्धता एवं वितरण की नियमित निगरानी करने, समितियों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा किसानों को सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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बिना नंबर की बाइक पर शराब तस्करी का खेल बेनकाब, 9 लीटर अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार; आबकारी विभाग की दबिश से मचा हड़कंप

रायगढ़, 9 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देशन एवं सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 9 लीटर देशी एवं विदेशी शराब जब्त की है। प्राप्त शिकायत के आधार पर आबकारी उप निरीक्षक श्रीमती रागिनी पटेल ने आज अपनी टीम के साथ आबकारी वृत्त रायगढ़ (शहर) क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई की।
            कार्रवाई के दौरान धांगरडीपा निवासी विश्वनाथ देवांगन को अवैध रूप से शराब का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से 30 पाव देशी मदिरा प्लेन एवं 20 पाव विदेशी मदिरा गोल्डन गोवा व्हिस्की सहित कुल 9 लीटर शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब परिवहन में प्रयुक्त बिना नंबर की टीवीएस सुपर एक्सल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। जांच में यह पाया गया कि आरोपी मोटरसाइकिल के माध्यम से अवैध रूप से शराब का परिवहन कर रहा था। इस पर आबकारी विभाग ने आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया। आबकारी वृत्त रायगढ़ (शहर) द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आबकारी विभाग ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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धनागर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़: 240 लीटर मिलावटी शराब, 869 बोतलें जब्त, कोरोना काल से चल रहा था करोड़ों के नेटवर्क का खेल

रायगढ़ : जिले में "ऑपरेशन आघात" के तहत पुलिस ने नकली शराब के संगठित नेटवर्क पर अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित अवैध शराब कारोबार का पर्दाफाश किया है। रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली एवं मिलावटी शराब बरामद की है। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके दो साथी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को सूचना मिली थी कि धनागर निवासी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू द्वारा बड़े पैमाने पर नकली शराब तैयार कर बाजार में खपाई जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने पहले अपने प्वाइंटर को ग्राहक बनाकर आरोपी के पास भेजा। वहां से खरीदी गई शराब के लेबल, होलोग्राम, स्वाद और सुगंध में गड़बड़ी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल संयुक्त दबिश दी।

छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया, जबकि दुष्यंत पटेल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में उसने फरार व्यक्ति की पहचान अपने बड़े भाई सुभाष पटेल के रूप में की। जब पुलिस ने घर परिसर और पशुशाला की तलाशी ली तो वहां नकली शराब का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, रिजर्व क्वार्टर, गोल्डन गोवा और किंगफिशर जैसे नामी ब्रांडों के नाम पर तैयार की गई शराब की सैकड़ों बोतलें मौके से मिलीं।

जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से शराब खरीदकर उसमें स्प्रिट और अन्य पदार्थ मिलाकर मात्रा बढ़ाता था। शराब के रंग और स्वाद को असली जैसा दिखाने के लिए रेड लेबल चायपत्ती का भी उपयोग किया जाता था। इसके बाद पुरानी खाली बोतलों को साफ कर उन पर नकली लेबल और डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर फिर से पैकिंग की जाती थी। तैयार माल को कोचियों के माध्यम से असली शराब के साथ बाजार में बेच दिया जाता था।

पुलिस ने मौके से 869 नग विभिन्न पैमानों की लगभग 240 लीटर नकली शराब, 560 ढक्कन, स्प्रिट से भरे ड्रम, केटली और बड़ी संख्या में खाली बोतलें जब्त की हैं। जब्त शराब और अन्य सामग्री की कीमत करीब 2 लाख 16 हजार 245 रुपये आंकी गई है। आरोपी ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि वह कोरोना काल से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था।

मामले में पुलिस ने दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू, सुभाष पटेल और विनय सिंह उर्फ विनय ठाकुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता एवं आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत पटेल को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। नकली शराब बनाकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके प्रत्येक सदस्य के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि "ऑपरेशन आघात" के तहत जिले में नशे और अवैध शराब के कारोबार पर लगातार निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

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इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, शादी का झांसा देकर राजस्थान ले गया युवक; 4 साल बाद रायगढ़ पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर आरोपी को भेजा जेल

रायगढ़। महिला संबंधी अपराधों और लापता बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतरारोड़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2022 से लापता एक नाबालिग बालिका को राजस्थान से सकुशल बरामद कर लिया गया है। मामले में बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, शादी करने और उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 8 नवंबर 2022 को थाना कोतरारोड़ में एक नाबालिग बालिका की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने बताया था कि 3 नवंबर 2022 को घर के सदस्य काम पर गए हुए थे और वापस लौटने पर बालिका घर में नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान कोतरारोड़ पुलिस ने बालिका के सोशल मीडिया अकाउंट और उसके संपर्कों की गहन पड़ताल की। इसी दौरान राजस्थान निवासी श्योजी राम का नाम सामने आया। पुलिस टीम पहले भी आरोपी और बालिका की तलाश में राजस्थान गई थी, लेकिन दोनों मोबाइल बंद कर संभावित ठिकानों से फरार मिले थे।

लगातार तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले में दबिश देकर 5 जून 2026 को आरोपी श्योजी राम (29 वर्ष) निवासी शिवदानपुरा, थाना चितावा के कब्जे से पीड़िता को बरामद कर लिया। इसके बाद 7 जून को बालिका को सुरक्षित रायगढ़ लाया गया।

पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से श्योजी राम से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने उससे विवाह करने का वादा किया और रायगढ़ से जयपुर आने के लिए रेलवे टिकट भेजी। आरोपी के कहने पर वह 3 नवंबर 2022 को घर छोड़कर जयपुर पहुंची, जहां से उसे किशनगढ़ बुलाया गया। आरोपी उसे अपने साथ किराये के मकान में ले गया और वहीं दोनों साथ रहने लगे।

पीड़िता के बयान के अनुसार आरोपी को उसकी वास्तविक उम्र की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उसने उससे विवाह किया और पति-पत्नी की तरह रहते हुए शारीरिक संबंध बनाए। जांच में मिले साक्ष्यों और पीड़िता के कथनों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376(2)(ढ) भारतीय दंड संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं जोड़ दी हैं।

मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। प्रकरण की आगे की विवेचना जारी है।

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन तथा डीएसपी श्री सुशांतो बनर्जी के पर्यवेक्षण में की गई। अभियान में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य, उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक बलराम साहू एवं महिला आरक्षक कामिनी राठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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मुंबई से मिली लापता किशोरी, राजस्थान से बरामद हुई चार साल से गुम नाबालिग; शोषण के आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने दबोचा

रायगढ़। महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। धरमजयगढ़ पुलिस ने घर छोड़कर मुंबई पहुंची 17 वर्षीय किशोरी को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया, वहीं कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई नाबालिग बालिका को राजस्थान के डिडवाना जिले से खोज निकाला गया। इस मामले में बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने, उससे विवाह करने और शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला ने 24 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री रात में घर से बिना बताए कहीं चली गई है। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज किया और तत्काल तलाश शुरू की।

थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बालिका के परिजनों, सहेलियों और परिचितों से पूछताछ कर लगातार पतासाजी की। जांच के दौरान जानकारी मिली कि बालिका मुंबई में हो सकती है। सूचना मिलते ही एएसआई मंजू मिश्रा के नेतृत्व में टीम मुंबई रवाना हुई और दादर क्षेत्र में खोजबीन कर किशोरी को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।

पूछताछ में किशोरी ने बताया कि पढ़ाई को लेकर घरवालों की डांट-फटकार से नाराज होकर वह घर छोड़कर निकल गई थी। ट्रेन से सफर के दौरान उसकी मुलाकात एक ट्रांसजेंडर से हुई, जो उसे अपने साथ मुंबई ले गया। वहां वह दादर क्षेत्र में रहने लगी। रायगढ़ पुलिस की टीम ने उसे खोजकर सुरक्षित वापस लाया।

रायगढ़ लाने के बाद किशोरी की काउंसलिंग कर उसे सुरक्षा और जागरूकता संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही परिजनों को भी बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और अनावश्यक डांट-फटकार से बचने की सलाह दी गई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालिका को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।

इधर, कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई एक नाबालिग बालिका को भी पुलिस ने राजस्थान के डिडवाना जिले से बरामद किया है। जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद आरोपी उसे बहला-फुसलाकर राजस्थान ले गया था, जहां उसने नाबालिग से विवाह कर उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि लापता बच्चों और महिलाओं की त्वरित खोजबीन कर उनकी सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अभियान संवेदना के तहत जिले भर में ऐसे मामलों पर लगातार संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

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मोबाइल पर हुई दोस्ती, शादी का वादा कर बनाता रहा संबंध, दूसरी शादी की तैयारी की भनक लगते ही युवती पहुंची पुलिस के पास, रायगढ़ पुलिस ने पुणे से दबोचा दुष्कर्म का आरोपी

रायगढ़। महिलाओं से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दुष्कर्म के एक आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर विवाह का झांसा देकर एक युवती का वर्षों तक शारीरिक शोषण करने और बाद में शादी से इंकार करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर जिले की 26 वर्षीय युवती, जो वर्तमान में चक्रधरनगर क्षेत्र में रह रही थी, ने 19 अप्रैल 2026 को महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने बताया कि वर्ष 2021 में एक अनजान मोबाइल नंबर के माध्यम से उसकी पहचान आनंद सिंह नामक युवक से हुई थी। बातचीत धीरे-धीरे बढ़ी और आरोपी ने वीडियो कॉल तथा अन्य माध्यमों से उससे विवाह करने का भरोसा दिलाया।

शिकायत के मुताबिक दिसंबर 2024 में आरोपी रायगढ़ आया और शादी का वादा कर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद भी वह कई बार रायगढ़ आकर युवती के साथ संबंध बनाता रहा। जब युवती ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और अंततः शादी करने से साफ इंकार कर दिया।

युवती को बाद में जानकारी मिली कि आरोपी किसी अन्य युवती से विवाह करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद उसने महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 30/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर महिला थाना की विशेष टीम आरोपी की तलाश में महाराष्ट्र के पुणे रवाना हुई। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पता लगाकर उसे हिरासत में लिया और रायगढ़ लाया। पूछताछ में आरोपी आनंद कुमार सिंह (36 वर्ष), निवासी जिला बस्ती (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी पुणे (महाराष्ट्र) ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोपी की गिरफ्तारी में महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, प्रधान आरक्षक संदीप भगत तथा आरक्षक राजू भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला अपराधों में त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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सुशासन तिहार समीक्षा में मुख्यमंत्री साय का सख्त संदेश: सकारात्मक सोच और जवाबदेही से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, पीएम आवास, राजस्व प्रकरण और सूर्यघर योजना पर विशेष फोकस

रायपुर 8 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

*राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

*प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश*

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

*किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

*महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस*

बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

*स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा*

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

*शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल*

मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर श्री एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

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रोजगार दिवस एवं आवास दिवस पर ग्रामीण विकास योजनाओं को मिली नई गति ,अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर, हितग्राहियों से किया गया सीधा संवाद

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रायगढ़, 8 जून 2026/ जिले में रोजगार दिवस एवं आवास दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति प्रदान की गई। इस दौरान महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना, जनमन योजना तथा वीबी-जीरामजी के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
           जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि जिले में प्रत्येक माह रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी संचालन की निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार और आवास से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवास दिवस के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना एवं जनमन योजना के अंतर्गत अपूर्ण आवासों वाले हितग्राहियों से संपर्क स्थापित कर उन्हें शीघ्र आवास पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
           बैठक एवं ग्राम स्तरीय कार्यक्रमों में लंबित आवासों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। प्रशासन ने आवास पूर्णता की गति बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश भी दिए।

*बरभौना में 76 श्रमिकों ने किया तालाब गहरीकरण कार्य, जल संरक्षण को मिली मजबूती*

रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मांग दर्ज कराने, उपलब्ध रोजगार अवसरों तथा मनरेगा के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों को प्राथमिकता देने, वृक्षारोपण की तैयारियों में तेजी लाने तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम पंचायत बरभौना में तालाब गहरीकरण कार्य के तहत 76 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। यह कार्य न केवल स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
            महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत जलदूत ऐप में समय-सीमा के भीतर डेटा अपलोड, लंबित देयताओं की प्रविष्टि एवं भुगतान संबंधी कार्यवाही पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। वीबी-जीराम जी के अंतर्गत जल सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

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दिशा समिति की बैठक में सांसद राधेश्याम राठिया ने दिखाई सख्ती, मनरेगा से लेकर पीएम आवास तक की प्रगति की गहन समीक्षा, अधिकारियों को दी शत-प्रतिशत लक्ष्यपूर्ति और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की हिदायत

रायगढ़, 8 जून 2026/ लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं लंबित कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। 
             बैठक में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले में संचालित भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से समिति को अवगत कराया। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों एवं लक्ष्यपूर्ति की स्थिति की जानकारी दी। बैठक में लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, डीएफओ, नगर निगम आयुक्त सहित समिति के अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
            इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आरडीएसएस योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
            समीक्षा के दौरान मनरेगा की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मई 2026 तक जिले में 6.53 करोड़ मानव दिवस के लक्ष्य के विरुद्ध 4.28 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जो 65.54 प्रतिशत उपलब्धि है। विकासखंडवार समीक्षा में रायगढ़ विकासखंड ने 118.07 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि पुसौर विकासखंड ने 92.79 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है। सांसद श्री राठिया ने सभी विकासखंडों में रोजगारमूलक कार्यों में तेजी लाने और लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक समीक्षा की गई। जिसमें बताया गया कि जिसमें 96.77 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई है। वहीं वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 53 हजार 479 आवासों में से 43 हजार 167 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 9 हजार 679 आवासों में से 2 हजार 753 आवास पूर्ण हुए हैं। सांसद श्री राठिया ने अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
             राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा के दौरान स्व-सहायता समूहों के बैंक लिंकेज की प्रगति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में निर्धारित 5 हजार 200 समूहों के लक्ष्य के विरुद्ध 6 हजार 62 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज से जोड़ा गया है। समूह संख्या के आधार पर 116.58 प्रतिशत तथा राशि के आधार पर 141.90 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। सांसद श्री राठिया ने महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
            स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की प्रगति, जनपदवार व्यक्तिगत शौचालय निर्माण एवं ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 60 स्थानों पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के निर्माण एवं संचालन की प्रगति की नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही तमनार क्षेत्र में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना के लिए विभागीय कार्यवाही प्रगति पर है। सांसद ने स्वच्छता संबंधी अधोसंरचना को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
            सांसद आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा के दौरान चयनित ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना (वीडीपी) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम भकुर्रा में स्वीकृत 44 कार्यों में से 42 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2 कार्य निरस्त किए गए हैं। पंचम चरण में ग्राम लमडांड, सप्तम चरण में धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम आमापाली तथा अष्टम चरण में घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम भेण्ड्रा में स्वीकृत सभी कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। सांसद श्री राठिया ने आदर्श ग्रामों में विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा जनसुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए।
            कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन तथा अन्य कृषि आधारित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। ड्रिप सिंचाई, पौध उत्पादन, नर्सरी विकास एवं कृषि अधोसंरचना निर्माण संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की गई। सांसद ने किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
           बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आरडीएसएस योजना तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न योजनाओं से संबंधित सुझाव एवं क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया। सांसद श्री राठिया ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति में और तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि, दिशा समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने ही रची लाखों की चोरी की साजिश, 24 घंटे में खुलासा; 9.08 लाख का माल बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र स्थित एनआरवीएस स्टील लिमिटेड में हुई संगठित चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि चोरी की इस पूरी वारदात में प्लांट के भीतर कार्यरत कर्मचारी और वाहन चालक ही शामिल थे, जिन्होंने आपसी मिलीभगत से लाखों रुपये मूल्य के एस.एस. स्क्रैप पाइप को प्लांट से बाहर निकालकर बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस ने चोरी गए 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप और परिवहन में प्रयुक्त ईको वाहन सहित कुल 9 लाख 8 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है।

जानकारी के अनुसार एनआरवीएस स्टील लिमिटेड के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने 6 जून की रात थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड से करीब 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप गायब है। चोरी गए पाइप की कीमत लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये आंकी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ और तकनीकी जांच शुरू की। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी किया गया माल जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखा गया है तथा आरोपी उसकी बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने एनआरवीएस स्टील प्लांट के पीछे इलाके में घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बनाकर चोरी को अंजाम दिया था। प्लांट में जेसीबी ऑपरेटर के रूप में कार्यरत बृज कुमार खटकर ने खराब पड़े एस.एस. स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश (डस्ट) के भीतर दबा दिया। इसके बाद लोडर चालक दीपक कुमार कश्यप ने पाइप को ट्रेलर क्रमांक सीजी 13 डी 6980 में लोड कर उसके ऊपर फ्लाई ऐश भर दी ताकि किसी को संदेह न हो। ट्रेलर चालक नंदकिशोर विश्वकर्मा चोरी का माल प्लांट से बाहर निकालकर गेरवानी क्षेत्र ले गया, जहां उसे छिपाकर रखा गया।

बाद में आरोपी करन श्रीवास की ईको वाहन क्रमांक सीजी 13 बीएच 7556 में राजेश कुमार पटेल की मदद से पाइप को लोड कर तराईमाल जंगल में छिपा दिया गया। आरोपियों की योजना समय मिलने पर चोरी के माल को बेचकर रकम आपस में बांटने की थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तराईमाल जंगल से 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप तथा चोरी के माल के परिवहन में प्रयुक्त ईको वाहन बरामद कर लिया। बरामद स्क्रैप पाइप की कीमत 1 लाख 8 हजार रुपये तथा वाहन की कीमत 8 लाख रुपये बताई गई है। कुल बरामदगी 9 लाख 8 हजार रुपये की है।

विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से संगठित होकर अपराध किया है। इसे देखते हुए पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) अर्थात संगठित अपराध की धारा भी जोड़ दी है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में नंदकिशोर विश्वकर्मा (23 वर्ष), राजेश कुमार पटेल (21 वर्ष), करन श्रीवास (22 वर्ष), दीपक कुमार कश्यप (24 वर्ष) तथा बृज कुमार खटकर (26 वर्ष) शामिल हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में चोरी, गबन और अंदरूनी मिलीभगत से अपराध करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी, लूट एवं अन्य संपत्ति संबंधी संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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ऑपरेशन आघात के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी, 29.50 लीटर अवैध शराब के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, नकदी भी जब्त

रायगढ़। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत रायगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जूटमिल थाना, खरसिया चौकी और छाल थाना पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 29.50 लीटर अवैध देशी, अंग्रेजी और महुआ शराब के साथ नकदी रकम बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जूटमिल थाना क्षेत्र में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि काशीराम चौक के पास एक युवक बड़ी मात्रा में अवैध शराब रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई की और 21 वर्षीय सतीश भटपहरे को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 45 पौव्वा देशी शराब और 30 पौव्वा अंग्रेजी शराब सहित कुल 13.50 बल्क लीटर मदिरा बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 7,200 रुपये बताई गई है। इसके अलावा शराब बिक्री से प्राप्त 200 रुपये नकद भी जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

इसी तरह खरसिया चौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि पनखतिया तालाब पार क्षेत्र में एक व्यक्ति अवैध महुआ शराब बेचने के उद्देश्य से ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 28 वर्षीय राहुल सारथी को पकड़ा। उसके कब्जे से प्लास्टिक जरीकेन में भरी लगभग 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 हजार रुपये है। आरोपी के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

वहीं छाल थाना पुलिस ने ग्राम पुसल्दा से कुकरीचोली कुरकुट नदी बांध के पास दबिश देकर 26 वर्षीय पवन कुमार चौहान को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से छह लीटर महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 1,200 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

रायगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थों और अन्य मादक वस्तुओं के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ "ऑपरेशन आघात" के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है तथा ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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अकेली महिला से अश्लील इशारेबाजी करने वाला युवक 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, ‘अभियान संवेदना’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

रायगढ़। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे "अभियान संवेदना" के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने एक महिला से छेड़छाड़ और अश्लील इशारेबाजी करने वाले आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को महिला अपराधों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण माना जा रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुसौर क्षेत्र की 36 वर्षीय महिला पिछले लगभग 15 दिनों से चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित अपने रिश्तेदार के घर रह रही थी। 5 जून की शाम उसके रिश्तेदार बाजार गए हुए थे और वह घर में अकेली थी। इसी दौरान 26 वर्षीय विकास निराला वहां पहुंचा और महिला को अकेला पाकर अश्लील इशारे करने लगा। आरोपी की हरकतों से घबराकर महिला ने तत्काल घर का दरवाजा बंद कर लिया और रिश्तेदारों के लौटने पर पूरी घटना की जानकारी दी।

इसके बाद महिला ने 6 जून को थाना चक्रधरनगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 290/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2) एवं 79 के तहत मामला कायम किया।

प्रकरण दर्ज होते ही थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। महिला प्रधान आरक्षक एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने आरोपी की तलाश कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विकास निराला को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि महिला संबंधी अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में त्वरित वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा से जुड़े मामलों में रायगढ़ पुलिस पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य कर रही है तथा महिला अपराधों के आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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राम मंदिर करमकांड के पास तलवार लहराकर युवकों पर हमला करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दबोचा; आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं

राम मंदिर करमकांड के पास तलवार लहराकर युवकों पर हमला करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दबोचा; आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं

रायगढ़ शहर में गुंडागर्दी और हथियारों के खुले प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए राम मंदिर करमकांड चबूतरा के पास हुई मारपीट और तलवारबाजी की घटना का त्वरित खुलासा कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने मामले में तीन युवकों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त तलवार भी बरामद की गई है। पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर निवासी दिलीप कुमार चौबे ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ड्राइवरी का काम करता है और 5 जून की रात कोरबा से लौटने के बाद अपने मित्र गौतम सिंह के साथ राम मंदिर करमकांड चबूतरा के पास बैठकर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान तड़के करीब तीन बजे भावेश निषाद उर्फ बिट्टु अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने अपने पास रखी लोहे की तलवार से हमला कर दिया। हमले में दिलीप चौबे के दाहिने पैर और गौतम सिंह के बाएं हाथ में चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 297/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 118(1) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धांगरडीपा क्षेत्र में देर रात दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी भावेश निषाद उर्फ बिट्टु, विशाल यादव, साई यादव तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ और जांच में यह पुष्टि हुई कि आरोपी स्कूटी से घटनास्थल पहुंचे थे और तलवार का उपयोग कर हमला किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 भी जोड़ दी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सभी आरोपियों को 6 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गा चौक धांगरडीपा निवासी 20 वर्षीय भावेश निषाद उर्फ बिट्टु, शंकर नगर धांगरडीपा निवासी 18 वर्षीय विशाल यादव, 20 वर्षीय साई यादव तथा एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि रायगढ़ जिले में गुंडागर्दी, हथियारों का प्रदर्शन और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्वों के विरुद्ध पुलिस लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई कर रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

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घर के आंगन से बाइक चोरी करने वाला आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद की 70 हजार की मोटरसाइकिल

रायगढ़ जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत घरघोड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्राम झरियापाली से चोरी हुई मोटरसाइकिल के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई बाइक बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम झरियापाली निवासी 62 वर्षीय रूपचंद राठिया ने 6 जून को थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने 20 मई की रात अपनी मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी-13-एके-6887 घर के आंगन में खड़ी की थी। अगले दिन सुबह वाहन गायब मिला। अज्ञात चोर द्वारा मोटरसाइकिल चोरी किए जाने की सूचना पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 189/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने मामले की जांच तेज करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान सूचना मिली कि चोरी की गई मोटरसाइकिल लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम झगरपुर निवासी कार्तिक राठिया के पास है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम झरियापाली चौक के पास घेराबंदी कर संदेही कार्तिक राठिया (46 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त कर ली। बरामद वाहन की अनुमानित कीमत लगभग 70 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के साथ प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक और आरक्षक हरिश पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा है कि रायगढ़ पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। चोरी एवं अन्य अपराधों में शामिल व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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