60 किलो गांजा तस्करी के फरार मुख्य सप्लायर तक पहुंची रायगढ़ पुलिस, ओडिशा के बौद्ध से शंकर मेहर गिरफ्तार
रायगढ़, 9 अगस्त 2026। रायगढ़ पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 किलो गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर को ओडिशा के बौद्ध जिले से गिरफ्तार किया है। तमनार पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी शंकर मेहर को उसके गांव गुण्डीपदर से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई। पुलिस के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में केवल गांजा बरामद करने और स्थानीय आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
अप्रैल में पकड़े गए थे 60 किलो गांजे के साथ दो आरोपी
20 अप्रैल 2026 को तमनार पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान को सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक OR-15-T-7372 से 60 किलो गांजा परिवहन करते पकड़ा था। पुलिस ने गांजा, कार और दो मोबाइल सहित करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि उन्हें ओडिशा से गांजा एक मोबाइल नंबर 8658206423 के माध्यम से प्राप्त होता था। इसी मोबाइल नंबर को पुलिस ने जांच की अहम कड़ी बनाया।
तकनीकी जांच से मुख्य सप्लायर की हुई पहचान
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच और पतासाजी शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस मुख्य सप्लायर तक पहुंची और उसकी पहचान शंकर मेहर, निवासी जिला बौद्ध, ओडिशा के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी की भनक लगते ही आरोपी अपने घर से फरार हो गया था। इसके बाद तमनार पुलिस ने ओडिशा क्षेत्र में पुलिस कैंप लगाकर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और लगातार आरोपी की गतिविधियों की जानकारी जुटाती रही।
मुखबिर की सूचना पर घर में दबिश
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी शंकर मेहर अपने निवास गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध, ओडिशा में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद तमनार पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसके घर पर दबिश दी।
दबिश के दौरान आरोपी पुलिस के हाथ लग गया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने गांजा तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पहचान छिपाने के लिए बदलता था नाम और मोबाइल नंबर
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी तस्करी के दौरान पुलिस की नजरों से बचने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। इसके अलावा गांजा लेने वाले व्यक्तियों को अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर डील करता था और अपनी पहचान भी अलग-अलग नामों से बताता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 60 किलो गांजा तस्करी के मामले में पकड़े गए सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान के सामने भी अपना नाम कमल मेहर बताया था।
एनडीपीएस एक्ट में भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी के परिजनों को उसकी गिरफ्तारी की सूचना देने के बाद शंकर मेहर पिता नित्यानंद मेहर, उम्र 30 वर्ष, निवासी गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध, ओडिशा को थाना तमनार के अपराध क्रमांक 78/2026, धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस गिरफ्तारी के साथ अप्रैल में सामने आए 60 किलो गांजा तस्करी मामले में पुलिस मुख्य सप्लायर तक पहुंचने में सफल हुई है। पुलिस की कार्रवाई से अवैध गांजा तस्करी के नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगल किशोर यादव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोय और आरक्षक अतुल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं रखेगी। पुलिस का लक्ष्य पूरे सप्लाई चैन की पहचान कर मुख्य सप्लायर और नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना है।
उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।