गेजामुड़ा में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने उठाया मोर्चा, पुलिस के साथ महिला समिति की बड़ी कार्रवाई
रायगढ़, 9 अगस्त 2026। जिले में अवैध शराब और नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन आघात” लगातार जारी है। पुलिस की कार्रवाई के साथ अब ग्रामीणों और महिला समूहों की सक्रिय सहभागिता भी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम गेजामुड़ा में पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने अवैध महुआ शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
गांव में पिछले करीब एक सप्ताह से महिला समिति, सक्रिय युवा और गणमान्य नागरिक अवैध शराब निर्माण और बिक्री की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इसी दौरान गांव के बाहर खेत में अवैध रूप से महुआ शराब तैयार किए जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही कोतरारोड़ पुलिस और ग्राम गेजामुड़ा की महिला समिति ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
खेत में चल रही थी अवैध शराब बनाने की तैयारी
पुलिस और ग्रामीणों की टीम जब खेत में पहुंची तो वहां महुआ शराब तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री रखी मिली। मौके से 20 बोरी महुआ लहान बरामद किया गया। इसके अलावा 10 डिब्बों और 5 बाल्टियों में भारी मात्रा में महुआ पास भरा हुआ था।
अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को महिला समिति के सदस्यों और सक्रिय युवाओं की मौजूदगी में मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
कौन बना रहा था शराब, पुलिस जुटा रही जानकारी
मौके से महुआ लहान और महुआ पास तो बरामद कर नष्ट कर दिया गया, लेकिन अवैध शराब का निर्माण किस व्यक्ति अथवा किन लोगों द्वारा किया जा रहा था, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। कोतरारोड़ पुलिस द्वारा पूरे मामले में आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अवैध शराब निर्माण से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अवैध शराब निर्माण और बिक्री को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भूमिका बनी अभियान की ताकत
गेजामुड़ा की कार्रवाई की खास बात यह रही कि इसमें पुलिस के साथ गांव की महिला समिति, सक्रिय युवा और गणमान्य नागरिक भी आगे आए। पिछले एक सप्ताह से ग्रामीणों द्वारा गांव में अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
पुलिस का मानना है कि नशे और अवैध शराब जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसमें स्थानीय लोगों की जागरूकता और सहभागिता भी बेहद जरूरी है। गेजामुड़ा में ग्रामीणों की भागीदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
घर, दुकान, होटल और ढाबों में अवैध बिक्री पर भी होगी कार्रवाई
थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य ने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस द्वारा घर, दुकान, होटल और ढाबों में अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी स्थान पर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री अथवा जुआ संचालित होने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
उन्होंने कहा कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। ग्रामीणों द्वारा समय पर दी गई सूचना से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकती है।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील कुमार आदित्य, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक क्षितिज देवांगन, सहायक उप निरीक्षक मनमोहन बैरागी, आरक्षक राजेश खांडे एवं चूड़ामणि गुप्ता की सराहनीय भूमिका रही।
एसएसपी ने कहा—नशे के खिलाफ कार्रवाई रहेगी लगातार जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले में अवैध शराब और नशे के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। एसएसपी ने कहा कि नशे और अवैध शराब के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन में जनता की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होती है तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
गेजामुड़ा में हुई कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि पुलिस कार्रवाई के साथ यदि ग्रामीण, महिला समूह और युवा भी एकजुट होकर नशे के खिलाफ खड़े हों, तो गांवों में अवैध शराब जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।