ऑपरेशन क्लीन हंट: ₹32 लाख की ट्रांसपोर्ट धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार, 4 माह से था फरार
रायगढ़, 31 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट कंपनी से करीब ₹32 लाख की धोखाधड़ी के मामले में चार माह से फरार चल रहे आरोपी दीपक शर्मा (32) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी को कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दरोगापारा से दबोचा।
पुलिस के अनुसार, 24 मार्च 2026 को ढिमरापुर चौक स्थित श्रीराम ट्रांसपोर्ट के संचालक कमल किशोर शाह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों ने फर्जी बिल-वाउचर तैयार कर लाखों रुपये की हेराफेरी की है। जांच में सामने आया कि सितंबर 2025 से एक ही वाउचर नंबर पर अलग-अलग वाहनों के नाम से डुप्लीकेट बिल बनाकर करीब ₹32 लाख की राशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकाल ली गई।
जांच के दौरान पुलिस ने वाहन नंबरों का सत्यापन कराया, जिसमें कई नंबर दोपहिया और निजी वाहनों के निकले। वाहन मालिकों ने भी ट्रांसपोर्ट कंपनी से किसी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी दीपक शर्मा ने स्वीकार किया कि उसने सह-आरोपी प्रकाश मिश्रा के साथ मिलकर फर्जी बिल-वाउचर तैयार किए और रकम विभिन्न खातों, क्यूआर कोड व फोन-पे के जरिए ट्रांसफर करवाई। आरोपी ने बताया कि उसे करीब ₹15 लाख मिले, जिनमें से लगभग ₹4 लाख उसने अपनी मां के इलाज पर खर्च किए, जबकि बाकी राशि व्यक्तिगत खर्चों में खर्च हो गई।
कोतवाली थाना में इस मामले में अपराध क्रमांक 187/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज है। पुलिस मामले के अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक कमलेश यादव और आरक्षक कोमल तिवारी की अहम भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि "ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। व्यापारियों और आम नागरिकों के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"