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रायगढ़ में क्राइम मीटिंग: लंबित गंभीर अपराधों के जल्द निराकरण के निर्देश, सामान्य मामलों को 60 दिन में निपटाने पर जोर

रायगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों के साथ अपराधों की समीक्षा की। बैठक में लंबित गंभीर अपराधों, फरार आरोपियों, अवैध प्रवासियों की जांच, जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जुलाई 2026 के दौरान जिले के थानों में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए गए अभियानों और पुलिस कार्रवाई की समीक्षा की गई। एएसपी अनिल सोनी ने लंबित गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध दर्ज होने के बाद उसकी विवेचना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समयसीमा के भीतर मामलों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

60 दिन में सामान्य अपराधों के निराकरण पर जोर

क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में दर्ज अपराधों, पुलिस कार्रवाई और निराकरण की स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा की गई। जिन थानों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और लघु अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षाकृत कम पाई गई, वहां कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

एएसपी ने सभी थानों के लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा की। उन्होंने अपराध लंबित रहने के कारणों की जानकारी लेते हुए थाना प्रभारियों और विवेचकों को जल्द निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही लंबित मर्ग और शिकायतों का भी समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य अपराधों का 60 दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निराकरण के बाद उसकी आवश्यक प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों में निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए विवेचना में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

अवैध प्रवासियों की जांच में लापरवाही नहीं

बैठक में अवैध प्रवासियों की जांच को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। एएसपी ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों की बारीकी से जांच अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कई बार बाहरी तत्व चोरी, लूट सहित अन्य वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में होटल संचालकों और मकान मालिकों द्वारा अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों तथा किरायेदारों की जानकारी रखना जरूरी है।

उन्होंने थाना प्रभारियों को अभियान चलाकर होटल संचालकों और मकान मालिकों को जागरूक करने तथा ठहरने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों की जानकारी ‘समाधान ऐप’ के माध्यम से दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ मजबूत हो सूचना तंत्र

एएसपी ने जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा संगठित रूप से संचालित नहीं होना चाहिए। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग लेने और पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। संदिग्धों और आदतन अपराधियों पर प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए गए।

आदतन बदमाशों पर BNSS की धारा 129 के तहत कार्रवाई

एएसपी अनिल सोनी ने आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संदिग्ध और आदतन बदमाशों के खिलाफ अधिक से अधिक कार्रवाई करने तथा आदतन बदमाशों के विरुद्ध धारा 129 BNSS, जो पूर्व में धारा 110 CrPC के रूप में लागू थी, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। इसका उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता

बैठक में महिला और बच्चों से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने अधिकारियों से ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। फरार आरोपियों की धरपकड़ और अपराध नियंत्रण के लिए थाना स्तर पर लगातार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

डिजिटल पुलिसिंग और नए कानूनों पर प्रशिक्षण

नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। एएसपी ने सभी विवेचकों को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर नई कानूनी प्रक्रिया और डिजिटल पुलिसिंग की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए।

CCTNS, शिकायत पोर्टल और साइबर संबंधी पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां समय पर पूरी करने, न्यायालयीन कार्यवाही में ऑनलाइन पेशी का पालन करने तथा ई-समंस की तामीली सुनिश्चित करने कहा गया। किसी भी स्थिति में न्यायालयीन पेशी मिस नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।

ज्यादा लंबित मामलों वाले थानों पर विशेष निगरानी

जिन थानों में अपेक्षाकृत अधिक मामले लंबित पाए गए, वहां एसडीओपी और थाना प्रभारियों को अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना तैयार करने कहा गया। एएसपी ने स्पष्ट किया कि लंबित अपराधों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विवेचक को अपने मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की भी समीक्षा

क्राइम मीटिंग के बाद जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। एएसपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों और अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए। साथ ही नए कानूनों और डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझने पर जोर दिया गया।

बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।

क्राइम मीटिंग के जरिए जिले में अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए त्वरित विवेचना, समयबद्ध अपराध निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और डिजिटल पुलिसिंग को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया गया।

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