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नाबालिग की आपत्तिजनक फोटो-वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल करने वाला बाल अपचारी दबोचा, साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में मोबाइल जब्त, किशोर न्यायालय ने भेजा बाल संप्रेक्षण गृह

रायगढ़। सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े एक गंभीर मामले में रायगढ़ साइबर थाना पुलिस ने नाबालिग बालिका की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम तथा चैट ग्रुपों में साझा करने वाले एक बाल अपचारी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी किशोर के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर उसे किशोर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार 19 मई 2026 को चक्रधरनगर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर अपलोड कर प्रसारित किए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में साइबर टीम ने तकनीकी जांच के जरिए संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की पहचान की। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची जो अकाउंट संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया कि अकाउंट एक 17 वर्षीय विधि के साथ संघर्षरत बालक द्वारा संचालित किया जा रहा था।

19 जून को बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी नाबालिग बालिका और अन्य युवाओं से दोस्ती हुई थी तथा उसने बालिका के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो विभिन्न चैट ग्रुपों में साझा किए थे। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया।

पुलिस ने प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई करते हुए बाल अपचारी को किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया। मामले की आगे की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह एवं साइबर टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित नजर रखें और उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को अनजान लोगों से ऑनलाइन मित्रता करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने और व्यक्तिगत जानकारी देने से बचने की सीख दी जानी चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि बच्चों की निजता और सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

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शक और हत्या का खौफनाक राज: 72 घंटे में रायगढ़ पुलिस ने सुलझाया ब्लाइंड मर्डर, प्रेमी निकला कातिल; पहचान मिटाने शव को पेट्रोल डालकर जलाया

रायगढ़। तमनार-पूंजीपथरा मार्ग पर जली हुई अवस्था में मिली महिला की लाश के अंधे कत्ल की गुत्थी को रायगढ़ पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और सक्रिय सूचना तंत्र के समन्वय से इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। हत्या के बाद आरोपी ने महिला की पहचान छिपाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।

जानकारी के अनुसार 17 जून 2026 को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर स्थित मायाराम सालिकराम क्रेशर के पास एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव मिला था। घटनास्थल पर शव को घसीटे जाने के निशान भी पाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की सबसे बड़ी चुनौती मृतिका की पहचान थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम ने मृतिका के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए। इसी दौरान लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले एक व्यक्ति और उसके साथ रहने वाली महिला के अचानक गायब होने की जानकारी पुलिस को मिली।

सोशल मीडिया में प्रसारित तस्वीरों को देखकर जशपुर जिले के ग्राम बोरो से पहुंचे दो युवकों ने शव के कपड़ों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतिका की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60 वर्ष) के रूप में की। इसके बाद जांच की दिशा स्पष्ट हुई और पुलिस ने संदेही इमिलीयूस तिग्गा की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस टीम ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी इमिलीयूस तिग्गा को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी करता था और करीब तीन महीने पहले उसकी पहचान मंगरिता एक्का से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे और वे पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतिका अक्सर उस पर दूसरी पत्नी रखने का शक करती थी, जिससे दोनों के बीच विवाद होता रहता था। 17 जून को दोनों साथ निकले और रास्ते में महुआ के पेड़ के नीचे बैठकर शराब पी। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर दोनों के बीच झगड़ा बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी ने महिला की साड़ी से उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने शव को झाड़ियों में छिपा दिया। बाद में वह पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदकर लाया और शव को घसीटकर क्रेशर डस्ट के ढेर के पास ले जाकर उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, ताकि मृतिका की पहचान न हो सके और पुलिस को गुमराह किया जा सके।

पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त पेट्रोल की बोतल, माचिस और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, पीएसआई मनीष पोया सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया और मानवीय सूचना तंत्र का प्रभावी उपयोग कर रायगढ़ पुलिस त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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ऑपरेशन क्लीन हंट” में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी, महज 6 दिनों में 217 फरार वारंटी गिरफ्तार; कानून से बचने वालों पर कसा शिकंजा, एसएसपी बोले—अभियान आगे भी रहेगा जारी

रायगढ़, 21 जून। जिले में फरार आरोपियों और न्यायालय से जारी वारंटियों की धरपकड़ के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत बड़ी सफलता हासिल की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में 15 जून से 20 जून तक चलाए गए अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों से कुल 217 फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इनमें 56 स्थायी वारंट तथा 161 गिरफ्तारी वारंट शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिलेभर के थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों को विशेष निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

अभियान के दौरान थाना जूटमिल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 31 वारंटों की तामिली की। जूटमिल पुलिस ने 18 गिरफ्तारी वारंट और 13 स्थायी वारंटों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया। वहीं थाना छाल की टीम ने 25 वारंटों की तामिली कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जिसमें 18 गिरफ्तारी वारंट और 7 स्थायी वारंट शामिल हैं।

इसके अलावा थाना धरमजयगढ़ ने 15, लैलूंगा और खरसिया ने 14-14, कोतवाली और भूपदेवपुर ने 11-11, चक्रधरनगर और कोतरारोड़ ने 10-10 गिरफ्तारी वारंटों की तामिली की। चौकी खरसिया ने 9, पूंजीपथरा और तमनार ने 8-8, कापू ने 6, घरघोड़ा ने 5 तथा पुसौर ने 4 गिरफ्तारी वारंटों का निष्पादन किया।

स्थायी वारंटों की तामिली में भी कई थाना क्षेत्रों ने उल्लेखनीय कार्य किया। थाना चक्रधरनगर ने 7, कोतवाली ने 6, घरघोड़ा, कापू और तमनार ने 3-3 तथा धरमजयगढ़, भूपदेवपुर और पुसौर ने 2-2 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि न्यायालय से जारी वारंटों की तामिली और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन क्लीन हंट” के माध्यम से कानून से बचने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों की लगातार पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और फरार आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगातार हो रही धरपकड़ से फरार आरोपियों में हड़कंप का माहौल है, वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

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शादी का झांसा देकर एक साल तक करता रहा शोषण, फिर युवती का अपहरण कर रायगढ़ से ओडिशा ले गया आरोपी; दुष्कर्म, धमकी और एससी-एसटी एक्ट के गंभीर मामले में पुलिस ने दबोचा

रायगढ़। विशेष वर्ग की 19 वर्षीय युवती को प्रेम और विवाह का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने, जबरन अपहरण कर रायगढ़ एवं ओडिशा ले जाने तथा लगातार धमकी देने वाले आरोपी युवक को घरघोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के साथ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को महिला एवं विशेष वर्ग के विरुद्ध अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार ग्राम पुसल्दा निवासी 20 वर्षीय ललित लोहार उर्फ ललित अगरिया ने युवती को प्रेम और शादी का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया तथा विरोध करने पर जान से मारने और जबरन उठा ले जाने की धमकी देता रहा। आरोप है कि 11 मई की रात वह युवती को उसके घर से जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर रायगढ़ ले गया और बाद में ओडिशा में अपने रिश्तेदारों के यहां भी रखा, जहां उसने युवती को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया। परिजनों की सूचना पर युवती वापस घर लौटी और लगातार मिल रही धमकियों के बीच साहस जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर आरोपी के विरुद्ध अपहरण, दुष्कर्म, धमकी एवं एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ीं। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और विशेष वर्ग के लोगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर रायगढ़ police की जीरो टॉलरेंस नीति है तथा ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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शराब के लिए पैसे मांगना पड़ा महंगा: मजदूर से मारपीट कर 1000 रुपये लूटने वाले दो बदमाश चढ़े खरसिया पुलिस के हत्थे, नगदी और मोबाइल बरामद, भेजे गए जेल

रायगढ़। मजदूरी कर घर लौट रहे एक युवक से शराब पीने के लिए पैसे मांगना और पैसे नहीं देने पर उसके साथ मारपीट कर रुपये छीन लेना दो युवकों को भारी पड़ गया। खरसिया पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से छीनी गई रकम का हिस्सा और घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रतन महका निवासी 27 वर्षीय राजेश खण्डेल ने चौकी खरसिया में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 18 जून की रात मजदूरी कर साइकिल से अपने घर लौट रहा था। रात करीब साढ़े आठ बजे गोपी महका स्थित पैठू तालाब के पास गांव के लल्ला उर्फ ललित राठौर और चन्द्रशेखर खण्डेल ने उसे रास्ते में रोक लिया। दोनों आरोपियों ने शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब राजेश ने पैसे देने से इंकार किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट कर दी। इसके बाद उसके पास रखे 1000 रुपये छीनकर मौके से फरार हो गए।

पीड़ित की रिपोर्ट पर खरसिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके मेमोरेंडम के आधार पर छीनी गई रकम में से 200-200 रुपये तथा घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद कर जप्त किया।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी लल्ला उर्फ ललित राठौर (32 वर्ष) और चन्द्रशेखर खण्डेल (31 वर्ष) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रवीण बांधव, प्रधान आरक्षक अनंत तिवारी, आरक्षक कीर्ति सिदार एवं साविल चन्द्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से वैश्विक जनआंदोलन बना योग, अब स्वस्थ तन, शांत मन और सक्रिय वृद्धावस्था के जरिए राष्ट्र निर्माण को मिलेगी नई शक्ति

रायपुर, 20 जून 2026/   भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे। 

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है। 

प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।

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फाइलों से निकलकर गांव-गांव पहुंचा प्रशासन: बस्तर मॉडल ने बदली राजस्व व्यवस्था की तस्वीर, 8,241 फौती नामांतरण कर रचा सुशासन का नया इतिहास

​रायपुर,20 जून 2026/

     प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भू-स्वामी की मृत्यु के पश्चात उनके वारिसों के नाम जमीन ट्रांसफर करने यानी 'फौती नामांतरण' (Mutation) को एक बेहद जटिल प्रक्रिया माना जाता रहा है। ग्रामीण अंचलों में जानकारी के अभाव, बिचौलियों के जाल और लंबी कागजी औपचारिकता के कारण ये मामले दशकों तक अदालतों में लटके रहते हैं। इससे न केवल पारिवारिक विवाद बढ़ते हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र का विकास भी प्रभावित होता है।
      ​इस पारंपरिक ढर्रे को पूरी तरह बदलते हुए छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जिले बस्तर ने सुशासन का एक ऐसा 'सक्रिय मॉडल' (Proactive Model) प्रस्तुत किया है, जो राज्य के अन्य  जिलों के लिए एक मार्गदर्शक केस स्टडी बन सकता है।

*​'सक्रिय अभियान': एक क्रांतिकारी प्रशासनिक सोच*

      ​आमतौर पर राजस्व विभाग में यह परंपरा रही है कि जब पीड़ित परिवार आवेदन लेकर दफ्तर पहुंचता है, तब प्रक्रिया शुरू होती है। बस्तर जिला प्रशासन ने इस 'रिएक्टिव' (प्रतिक्रियात्मक) रवैये को बदलकर 'प्रोएक्टिव' (सक्रिय) रुख अपनाया। प्रशासन ने तय किया कि वह खुद चलकर जनता के दरवाजे तक जाएगा।
      ​इस विशेष अभियान के तहत मात्र चार महीनों के भीतर 12 जून 2026 तक संकलित आंकड़ों के अनुसार जिले के 611 गांवों से डेटा जुटाकर, लंबित फौती नामांतरण प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण कर भूमि अभिलेखों (Land Records) को अपडेट कर दिया गया है।

*​प्रशासनिक तंत्र की रीढ़: जब 'त्रिमूर्ति' ने संभाला मोर्चा*

      ​इस 'प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल' की सफलता केवल फाइलों या डिजिटल पोर्टल तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका असली श्रेय जमीनी स्तर पर काम करने वाली प्रशासनिक कड़ियों (ग्रासरूट ब्यूरोक्रेसी) के उस अनूठे तालमेल को जाता है, जिसने सेवा की पूरी परिभाषा ही बदल दी।
       ​इस पूरे अभियान को एक सुव्यवस्थित पिरामिड की तरह संचालित किया गया। इसके शीर्ष पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार मार्गदर्शक की भूमिका में थे, जो हर हफ्ते कड़ाई से मॉनिटरिंग कर रहे थे और विधिक प्रक्रियाओं को समय-सीमा के भीतर अमली जामा पहनाकर अंतिम आदेश पारित कर रहे थे। इस शीर्ष नेतृत्व के ठीक नीचे, मैदानी अमले की 'त्रिमूर्ति' ने इस अभियान को संभाला।

     ​ डेटा का प्राथमिक स्रोत ग्राम सचिव ने अपने 'जन्म एवं मृत्यु पंजीयक' के दायित्व का निर्वहन करते हुए पिछले 04 वर्षों में मृत हुए 17,405 व्यक्तियों की एक अचूक सूची (Line List) तैयार की। जिन मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र लंबित थे, वहां उन्होंने परिवारों को ये प्रमाणपत्र सुलभ कराए और जहां देरी हुई थी, वहां तहसीलदार से 'विलम्ब पंजीयन' की विशेष अनुमति दिलाकर नए प्रमाण पत्र जारी करवाए।

​     तकनीकी और विधिक सेतु के रूप में सचिव से सूची प्राप्त होते ही पटवारी ने छत्तीसगढ़ के डिजिटल लैंड रिकॉर्ड पोर्टल 'भुइयां' पर उसका मिलान किया। इससे तत्काल 8,651 ऐसे मृत व्यक्तियों की पहचान हुई जिनके नाम पर जमीन दर्ज थी। इसके बाद, पटवारी ने स्वयं आगे बढ़कर वारिसों से संपर्क कर आवेदन लिए तथा उनके विधिक उत्तराधिकार को तय करने वाला 'वंश वृक्ष' तैयार किया।
​     पारदर्शिता की जमीनी कसावट के लिए ग्रामीण भारत की सबसे पारंपरिक कड़ी कोटवार ने सोशल ऑडिट (सामाजिक सत्यापन) का जिम्मा संभाला। उन्होंने गांव-गांव जाकर मृतकों की सूची और पटवारी द्वारा तैयार किए गए वारिसों के 'वंश वृक्ष' का भौतिक सत्यापन किया। उनके इस जमीनी ज्ञान के कारण किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या अपात्र दावों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई।

 *बस्तर की तहसीलों में सुशासन का 'सेचुरेशन'*

     ​जिले की सभी 10 तहसीलों के कुल 639 गांवों में से 611 गांवों को इस मुहिम से जोड़कर पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया गया। मैदानी अमले द्वारा चिन्हित किए गए कुल 8,651 आवश्यक मामलों में से रिकॉर्ड 8,241 मामलों में ऑनलाइन नामांतरण पंजी (MD सीरिज) के तहत विधिक प्रक्रिया इश्तेहार प्रकाशन व दावा-आपत्ति निराकरण पूर्ण कर आदेश पारित किए जा चुके हैं। अब पूरे जिले में महज 410 प्रकरण ही लंबित बचे हैं।
      ​बस्तर जिले के इस विशेष अभियान के तहत सभी 10 तहसीलों में बेहतरीन समन्वय और तत्परता देखने को मिली है। आंकड़ों के लिहाज से तोकापाल तहसील इस पूरी मुहिम में सबसे आगे रही, जहां जिले में सर्वाधिक 1,553 मामले चिन्हित किए गए और रिकॉर्ड 1,454 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। वहीं बकावण्ड तहसील अपने 1,153 मामलों में से 1,142 को पूर्ण कर शत-प्रतिशत 'सेचुरेशन' (सौ फीसदी लक्ष्य) के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी है, जहां अब केवल 11 मामले ही शेष हैं।
     ​प्रशासनिक दक्षता के मामले में बस्तर तहसील ने भी 1,000 से अधिक मामलों की दहलीज को पार करते हुए अपने 1,087 प्रकरणों में से 1,019 का निराकरण कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। जिला मुख्यालय से जुड़ी जगदलपुर तहसील का प्रदर्शन बेहद अनुकरणीय रहा, जिसने अपने 1,061 मामलों में से 1,057 को निपटा लिया है और वहां अब महज 4 प्रकरण लंबित हैं। इसी तरह, भानपुरी तहसील ने मैदानी स्तर पर तीव्र प्रगति दिखाते हुए 1,018 संवेदनशील मामलों में से 959 का कार्य पूर्ण कर लिया है।
      ​भौगोलिक और सामाजिक रूप से भिन्न अन्य क्षेत्रों में भी यह रफ्तार कायम रही। लोहण्डीगुड़ा तहसील अपने 805 मामलों में से 799 का निपटारा कर पूर्ण संतुष्टि की दहलीज पर खड़ी है, जहां सिर्फ 6 मामले बाकी हैं। करपावण्ड (565 में से 504 मामले) और नानगुर (544 में से 518 मामले) तहसीलों ने तय समय-सीमा के भीतर विधिक प्रक्रियाओं का त्वरित संपादन कर भू-अभिलेखों को अपडेट करने में सफलता पाई है।
      ​अंतिम छोर पर स्थित दुर्गम और अंदरूनी इलाकों से घिरे दरभा अंचल ने अपनी चुनौतियों के बावजूद सराहनीय प्रयास किया और 484 आवश्यक मामलों में से 452 का निपटारा सुनिश्चित किया। वहीं, सीमित संसाधनों के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण पेश करते हुए बास्तानार तहसील ने भी अपने 381 चिन्हित मामलों में से 337 भू-स्वामियों के रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त कर दिए हैं।
    ​बस्तर का यह प्रयोग केवल जमीन के कागजात दुरुस्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक प्रभाव हैं। डिजिटल ट्रैकिंग (MD सीरिज) और स्वतः संज्ञान (Suo Motu) प्रक्रिया के कारण बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई। समय-सीमा के भीतर आदेश पारित होने से आदिवासियों और किसानों को मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना से मुक्ति मिली है। भूमि रिकॉर्ड अपडेट होने से अब ये नए भू-स्वामी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), कृषि सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए तुरंत पात्र हो गए हैं।
​     ​इस अभियान की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासनिक नीतियां संवेदनशील और परिणाम-मूलक (Result-Oriented) हों, तो सबसे कठिन सुधार भी संभव हैं। प्रथम चरण 04 वर्ष के लंबित मामले की इस अभूर्वपूर्व सफलता के बाद, बस्तर जिला प्रशासन अब इसके आगामी चरण की ओर कदम बढ़ा चुका है, जिसके तहत पिछले 10 वर्षों के लंबित मामलों का शत-प्रतिशत सेचुरेशन करने का लक्ष्य रखा गया है।
     ​बस्तर का यह 'प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल' राज्य के उन सभी ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए एक प्रकाश स्तंभ है, जहां राजस्व सुधारों को अमली जामा पहनाना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले बड़ा प्रशासनिक फैसला: चार जिलों में बदले गए मुख्य अतिथि, राज्य सरकार ने जारी किया संशोधित आदेश

रायपुर, 20 जून 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिलों के लिए मुख्य अतिथियों का नामांकन पूर्व में किया गया था। विभाग द्वारा आज जारी संशोधित आदेश के अनुसार चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक परिवर्तन किया गया है। राज्य के शेष जिलों में पूर्व आदेशानुसार नामांकित मुख्य अतिथि यथावत रहेंगे।

संशोधित आदेश के अनुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह को नामांकित किया गया है। इसी प्रकार बेमेतरा जिले में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा तथा बीजापुर जिले में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन मुख्य अतिथियों के परामर्श तथा चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।

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बैंक से 2 लाख निकालने के 20 मिनट बाद टूटी डिक्की, उड़ गए रुपये... 7 दिन तक जशपुर में डेरा डालकर पुलिस ने दबोचा शातिर नट गिरोह का सदस्य, दो बाइक और औजार बरामद

रायगढ़, 20 जून। तमनार क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई 2 लाख रुपये की उठाईगिरी के मामले में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बैंक से रकम निकालकर निकले ग्रामीण की मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़कर नकदी पार करने वाले नट गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को पुलिस ने जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई नई बाइक तथा वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार 8 जून 2026 को ग्राम गौरबहरी निवासी लोकेश्वर पटेल (60 वर्ष) ने अपेक्स बैंक तमनार से 2 लाख रुपये निकाले थे। रकम को मोटरसाइकिल की डिक्की में रखकर वे तहसील कार्यालय के कार्य से चले गए। लगभग 20 मिनट बाद वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि डिक्की टूटी हुई है और उसमें रखी पूरी रकम गायब है। मामले की रिपोर्ट थाना तमनार में दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, बैंक के बाहर से शुरू हुई आरोपी तक पहुंचने की कहानी

घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश के निर्देश दिए। एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में टीम ने बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के विश्लेषण के दौरान पुलिस का संदेह ग्राम गाला निवासी विशाल उर्फ हरि नट पर गया। जब फुटेज स्थानीय लोगों और सरपंच को दिखाई गई तो उन्होंने भी उसकी पहचान की पुष्टि की।

जेल में बंद मिला एक आरोपी, दूसरे की तलाश में जशपुर पहुंची पुलिस

जांच में सामने आया कि विशाल उर्फ हरि नट एक आदतन अपराधी है और किसी अन्य मामले में जिला जेल बैकुंठपुर में निरुद्ध है। इसी दौरान पुलिस को उसके साथी धर्मेन्द्र नट उर्फ धर्मेन्द्र मीणा के सक्रिय होने की जानकारी मिली।

इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने जशपुर जिले में लगातार सात दिनों तक कैंप कर आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी। ग्राम झक्कड़पुर में सीसीटीवी फुटेज दिखाने पर पहचानकर्ताओं ने धर्मेन्द्र नट की पहचान की, जिसके बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई।

खेत में घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी, साथी मौके से फरार

विश्वसनीय सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने पत्थलगांव क्षेत्र के एक खेत के पास घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान धर्मेन्द्र नट को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

पूछताछ में उगले राज, बैंक से निकलने वालों पर रखते थे नजर

पुलिस पूछताछ में आरोपी धर्मेन्द्र मीणा उर्फ धर्मेन्द्र नट ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी विशाल उर्फ हरि नट के साथ बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों की रेकी करता था। जैसे ही कोई व्यक्ति वाहन खड़ा कर किसी काम से जाता, गिरोह डिक्की तोड़कर नकदी लेकर फरार हो जाता था।

आरोपी ने बताया कि 8 जून को भी उन्होंने लोकेश्वर पटेल को बैंक से नकदी निकालते देखा था। बाद में मौका मिलते ही मोटरसाइकिल की डिक्की तोड़कर 2 लाख रुपये चोरी कर लिए। चोरी की रकम का बंटवारा किया गया और उसके हिस्से में आए एक लाख रुपये से उसने नई टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल खरीद ली।

दो अपाचे बाइक और डिक्की तोड़ने के औजार जब्त

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, चोरी की रकम से खरीदी गई नई अपाचे बाइक तथा डिक्की तोड़ने में उपयोग किए जाने वाले लोहे के औजार बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

धर्मेन्द्र मीणा उर्फ धर्मेन्द्र नट, पिता मोहनलाल मीणा, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम झक्कड़पुर, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।

जब्त सामग्री

  • घटना में प्रयुक्त टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल
  • चोरी की रकम से खरीदी गई नई टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल
  • डिक्की तोड़ने में प्रयुक्त लोहे का औजार
  • कुल लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति

एसएसपी का संदेश: बैंक से बड़ी राशि निकालने वाले नागरिक रहें सतर्क

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस उठाईगिरी, लूट और संपत्ति संबंधी अपराधों में पेशेवर तरीके से कार्य कर रही है। अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बैंक से बड़ी राशि निकालने के बाद विशेष सतर्कता बरतें और नकदी को वाहन की डिक्की में छोड़कर न जाएं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और अपराध कर बच निकलना अब आसान नहीं होगा।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, दिलदार कुरैशी तथा आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरुषोत्तम सिदार और जॉन प्रकाश टोप्पो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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भुईंयापानी में शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव ने रचा आस्था का नया इतिहास, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा पूरा क्षेत्र, सांसद राधेश्याम राठिया और देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया संस्कृति, संस्कार और सामाजिक एकता का महापर्व

रायगढ़, 19 जून 2026/ रायगढ़ जिले के विकासखण्ड लैलूंगा अंतर्गत ग्राम भुईंयापानी में नवनिर्मित शिव मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना, हवन, यज्ञ और प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान सम्पन्न कराया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया एवं राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया सहित क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस धार्मिक अनुष्ठान की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने की। उपस्थित सभी अतिथियों ने  मंदिर में भगवान शिव का पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जिले की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। 
           समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि भुईंयापानी में शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा, भगवान शिव त्याग, तपस्या और कल्याण के प्रतीक हैं। इस मंदिर के निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा से गांव में आध्यात्मिक चेतना का नया संचार होगा। आने वाली पीढ़ियां यहां से संस्कार, धर्म और संस्कृति की प्रेरणा प्राप्त करेंगी। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने का कार्य करते हैं। लोकसभा सांसद श्री राठिया ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी ग्रामीणों, मंदिर समिति और यजमान परिवारों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ऐसे ऐतिहासिक कार्य संभव हो पाते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की प्रार्थना की।
            राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से है। गांवों में ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, प्राण-प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था को मूर्त रूप देने का पवित्र अवसर है। भगवान शिव की कृपा से यह मंदिर गांव के विकास, सुख-शांति और सामाजिक समरसता का केंद्र बनेगा। धर्म और संस्कृति हमें एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सेवा और सहयोग की भावना सिखाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सामाजिक एकता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सांसद सिंह ने कहा कि शिव की आराधना से जीवन में संयम, शक्ति और सकारात्मक सोच का विकास होता है तथा समाज में सद्भाव और भाईचारा मजबूत होता है।

*एक पेड़ मां के नाम अभियान बना आकर्षण का केंद्र*

प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान के समापन अवसर पर यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद महाप्रसाद एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर भक्तिभाव, उत्साह और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। यज्ञ स्थल में नारायण-देवकी, नारद-चंद्रकांति, विपिन-गणेशी, टिकेश्वर-पुष्पा, चंद्रशेखर-गंगा तथा मंगल यादव सहित यजमान परिवारों ने धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
                कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष लैलूंगा श्रीमती ज्योति भगत, आलोक ठाकुर, जतीन साव, संजय पटेल, सरपंच भुईंयापानी श्रीमती ललिता भगत, मंदिर समिति अध्यक्ष दुखीराम भगत, विजय शंकर पटनायक, रमेश होता, मनोज सतपथी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच संचालन श्रीमती ललिता यादव एवं कान्हूराम गुप्ता ने किया।

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आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, 160.580 लीटर अवैध शराब जब्त, बाइक भी सीज; जिलेभर में ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप

रायगढ़, 19 जून 2026/ कलेक्टर के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विभागीय टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 160.580 लीटर विदेशी मदिरा एवं महुआ शराब जब्त की है।
           सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो ने बताया कि आबकारी वृत्त रायगढ़ (दक्षिण) की टीम ने 18 जून को नवापारा निवासी नोमेश साहू के कब्जे से 31 पाव गोवा व्हिस्की, कुल 5.580 लीटर विदेशी मदिरा बरामद की। मदिरा के परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 13 एक्यू 7741 को भी जब्त किया गया। मामले में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण क्रमांक 28ध्2026-27 दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
            इसी प्रकार आबकारी वृत्त रायगढ़ (उत्तर) द्वारा नंदेली निवासी लाकेश्वर निषाद के कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। इस संबंध में प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं थाना चक्रधरनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंगुरसिया तालाब के किनारे दबिश देकर 140 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई। मामले में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। सहायक आयुक्त आबकारी श्री खलखो ने कहा कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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विकसित भारत के सपनों को रंगों और शब्दों में मिली नई उड़ान, मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर भाजपा महिला मोर्चा ने जिलेभर में कराईं रंगोली, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं

जशपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा जिले के सभी मंडलों में रंगोली, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में महिलाओं, युवतियों एवं छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और विकसित भारत के संकल्प को रंगों, रेखाओं एवं विचारों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष पिंकी गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित प्रतियोगिताओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छता अभियान, राष्ट्रभक्ति एवं विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना था।

जिले के विभिन्न मंडलों में आयोजित रंगोली प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को आकर्षक रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों एवं युवाओं ने विकसित भारत की कल्पना को अपने चित्रों में साकार करते हुए नवाचार, प्रगति और समृद्धि का संदेश दिया।

भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीब कल्याण, सुशासन, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने देश के विकास में युवाओं और महिलाओं की भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं बौद्धिक गतिविधियां समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं तथा नई पीढ़ी को राष्ट्रहित और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक बनाती हैं।

जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि जिले के सभी मंडलों में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में महिला मोर्चा की जिला एवं मंडल स्तरीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला।

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ऑपरेशन शंखनाद के तहत लैलूंगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, घने जंगल में चलाए गए सर्च ऑपरेशन में 20 गौवंश तस्करों के चंगुल से मुक्त

रायगढ़, 19 जून। रायगढ़ पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने गुरुवार रात एक साहसिक और जोखिमभरी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 20 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। घने जंगल, अंधेरी रात और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बावजूद पुलिस टीम ने जंगल में घंटों सर्च ऑपरेशन चलाकर गाय, बछिया और बछड़ों को सुरक्षित बचाया।

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर ग्राम कमरगा के जंगल मार्ग से गौवंशों को मारते-पीटते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव अपनी टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों ने जंगल में अजगर और जहरीले सांपों की मौजूदगी के कारण साथ जाने में हिचक दिखाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाइश देकर अभियान में सहयोग के लिए तैयार किया।

जंगल के भीतर पहुंचकर पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। इसी दौरान टीम का सामना एक विशाल अजगर से भी हुआ, लेकिन पुलिसकर्मियों ने हिम्मत और सतर्कता का परिचय देते हुए अभियान जारी रखा। कुछ देर बाद जंगल के भीतर 20 गौवंश लावारिस हालत में मिले। पुलिस की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से मवेशियों के मालिकों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई दावा करने सामने नहीं आया। इसके बाद गवाहों की उपस्थिति में सभी गौवंशों को विधिवत जप्त कर सुरक्षित देखभाल के लिए सलखिया गौशाला को सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस अब फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी हुई है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में गौ तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, एएसआई परमेश्वर नाथ सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चंद्रा तथा आरक्षक शशिभूषण साहू, विकास तिर्की और सुमीत एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत रायगढ़ पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है और आगे भी यह अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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रेलवे की लाइन पर चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: घरघोड़ा पुलिस ने 48 घंटे की ताबड़तोड़ कार्रवाई में चार शातिर चोर दबोचे, 178 मीटर तांबा तार और नकदी बरामद, चार बड़े मामलों का हुआ सनसनीखेज खुलासा

रायगढ़, 19 जून। रेलवे लाइन और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) तारों की चोरी कर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले सक्रिय गिरोह का घरघोड़ा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रेलवे तांबा तार चोरी के तीन मामलों और मोटरसाइकिल की डिक्की से नकदी चोरी के एक मामले का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से 178 मीटर रेलवे तांबा तार और 3 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से रेलवे लाइन और साइडिंग क्षेत्र में तांबा तार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे तथा चोरी का माल फेरी कबाड़ियों को बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।

एक के बाद एक चार वारदातों ने बढ़ाई थी पुलिस की चिंता

मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई जब ग्राम कारीछापर स्थित रेलवे लाइन के पास से ओएचई और तांबा तार चोरी कर लिया गया। इसके बाद 7 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे एक ग्रामीण की मोटरसाइकिल की डिक्की से 40 हजार रुपये पार कर दिए गए।

इसके बाद 8 मई की रात घरघोड़ा रेलवे साइडिंग से करीब 85 हजार रुपये मूल्य का तांबा तार चोरी हुआ। वहीं 17 जून की रात छाल-घरघोड़ा रेलवे लाइन से फिर तांबा तार और अन्य सामग्री चोरी कर ली गई। लगातार हो रही घटनाओं से रेलवे और स्थानीय प्रशासन दोनों चिंतित थे।

मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी, ढोरम बायपास में घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी

थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ढोरम बायपास क्षेत्र में घेराबंदी कर मनोज धनवार, शशिभूषण दास बैरागी, अजय धनवार और लखन राठिया को हिरासत में लिया।

कड़ी पूछताछ में चारों आरोपी टूट गए और रेलवे तांबा तार चोरी सहित उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई शुरू की।

जंगल में छिपाकर रखा था लाखों का तांबा तार, पुलिस ने किया बरामद

आरोपियों ने चोरी किए गए तांबा तार को मुस्कुरा जंगल में छिपाकर रखा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 72 मीटर, 40 मीटर और 66 मीटर तांबा तार अलग-अलग स्थानों से बरामद किया। कुल 178 मीटर रेलवे तांबा तार की कीमत 1 लाख 38 हजार 840 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उठाईगिरी से जुड़े मामले में आरोपी अजय धनवार के कब्जे से 3 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।

कबाड़ियों को बेचते थे रेलवे का सामान, शराब और मौज-मस्ती में उड़ाते थे रकम

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि रेलवे लाइन से चोरी किए गए तांबा तार और अन्य सामग्री को घूम-घूमकर खरीदने वाले कबाड़ियों को बेच दिया जाता था। चोरी से मिली रकम को चारों आरोपी आपस में बांटकर शराब पीने और अन्य खर्चों में उड़ा देते थे। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों की भी जानकारी जुटा रही है।

रेलवे संपत्ति की चोरी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा : एसएसपी शशि मोहन सिंह

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रेलवे संपत्ति की चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

  • मनोज धनवार (28 वर्ष), निवासी बनाई, थाना घरघोड़ा
  • शशिभूषण दास बैरागी (28 वर्ष), निवासी कोटरीमाल, थाना घरघोड़ा
  • अजय धनवार (19 वर्ष), निवासी बनाई, थाना घरघोड़ा
  • लखन राठिया (20 वर्ष), निवासी रेंगालबहरी, थाना घरघोड़ा

पुलिस टीम की भूमिका रही सराहनीय

इस पूरे मामले के सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, सहायक उप निरीक्षक डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और उद्योराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है।

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रायगढ़ में लूटेरों पर पुलिस का शिकंजा: शराब भट्टी के पास युवक से मोबाइल और नकदी लूटने वाले तीन बदमाश 48 घंटे में गिरफ्तार, लूटा गया मोबाइल भी बरामद

रायगढ़, 19 जून। शहर में लगातार बढ़ रही लूटपाट की घटनाओं पर लगाम कसते हुए रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बड़पारा शराब भट्टी के पास एक युवक से मारपीट कर मोबाइल और नकदी लूटने वाले तीन आरोपियों को घटना के महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार अखोराखुर्द थाना राजपुर, जिला बलरामपुर निवासी राजेश प्रसाद (34 वर्ष) ने 16 जून को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अंबिकापुर निवासी शिव गोयल की चार पहिया वाहन चलाते हैं और निजी कार्य से रायगढ़ आए थे। काम खत्म होने के बाद रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल में भोजन करने के बाद वह बड़पारा शराब भट्टी की ओर गए थे। इसी दौरान तीन युवकों ने उन्हें रोककर पैसे मांगे। विरोध करने पर आरोपियों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी और एक आरोपी ने पत्थर से सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद उनकी जेब में रखे 100 रुपये और रेडमी 5जी मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की।

जांच के दौरान नवीन सोनवानी, चंद्रशेखर राठिया और रोशन वैष्णव की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में लिया। पहचान परेड में प्रार्थी ने तीनों आरोपियों की पहचान की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद आरोपी नवीन सोनवानी के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया गया।

पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों आरोपियों को 18 जून को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक सुखनंदन पटेल, सहायक उप निरीक्षक गौतम ठाकुर और कोतवाली थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में लूटपाट, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

गिरफ्तार आरोपी :

  • नवीन सोनवानी (20 वर्ष), निवासी बाबाधाम कॉलोनी, चमड़ा गोदाम, थाना जूटमिल, रायगढ़।
  • चंद्रशेखर राठिया (32 वर्ष), निवासी पंजरी प्लाट, त्रिमूर्ति मंदिर के पास, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़।
  • रोशन वैष्णव (28 वर्ष), निवासी गातर खाल्हेन, जेलपारा, थाना जूटमिल, रायगढ़।
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पहले दिया मुनाफा, फिर लगाया करोड़ों का चूना: रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई में निवेश घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायगढ़। निवेश पर हर महीने 6 प्रतिशत रिटर्न और मूलधन वापसी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत की गई कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी विश्वजीत देवनाथ को जांजगीर-चांपा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को शेयर मार्केट ट्रेडिंग और एलईडी बल्ब व्यवसाय से जुड़ा बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को नियमित ब्याज देकर भरोसा जीत लिया गया, जिसके बाद कई लोगों ने बड़ी रकम निवेश कर दी।

13 से अधिक निवेशकों से जुटाए 1.77 करोड़ रुपये

जांच में सामने आया कि आरोपी ने रायगढ़ के 13 से अधिक लोगों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये निवेश कराए थे। बाद में जब निवेशकों को पता चला कि कथित शेयर ट्रेडिंग के लिए जरूरी डीमैट खाते और दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा।

जांजगीर-चांपा से हुई गिरफ्तारी

कोतवाली थाना में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन जांजगीर-चांपा में मिली। रायगढ़ और चांपा पुलिस के संयुक्त प्रयास से उसे हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया। आरोपी के खिलाफ चांपा थाना में भी धोखाधड़ी का एक अन्य मामला दर्ज है।

पूछताछ में किया बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में विश्वजीत देवनाथ ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में रकम लगाता था। शुरुआती दौर में निवेशकों को भुगतान किया गया, लेकिन बाद में बाजार में नुकसान होने के कारण वह रकम वापस नहीं कर सका।

बैंक खातों और निवेश नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस निवेश नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए थे।

एसएसपी की अपील

रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता, दस्तावेज और पंजीकरण की पूरी जांच करें। अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

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संकल्प संस्थानों में प्रवेश का आखिरी मौका: 63 रिक्त सीटों के लिए 23 जून को काउंसलिंग, जशपुर-कुनकुरी-पत्थलगांव में मिलेगा विकल्प

जशपुर नगर। 

संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर, कुनकुरी एवं पत्थलगांव में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10   वीं 11 वीं एवं 12 वीं की रिक्त सीट में प्रवेश हेतु काउंसलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन 23  जून को संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर में प्रातः 10.30 बजे से आयोजित है । 
 उक्त जानकारी देते हुए संकल्प के प्राचार्य ने बताया कि इन कक्षाओं में प्रवेश हेतु दिनांक  8 जून को आयोजित परीक्षा के उपरांत प्रावीण्य  सूची जारी कर दी गई है। चयन सूची एन आई सी जशपुर के साईट में देख सकते है | 
प्रवेश के समय चयनित विद्यार्थियों को  उत्तीर्ण कक्षा की अंकसूची की मूलप्रति और 02 फोटोकॉपी , स्थानांतरण प्रमाण पत्र की मूलप्रति और 03 फोटोकॉपी , आधार कार्ड की मूलप्रति और 03 फोटो कॉपी, अपार आईडी और विद्यार्थी पेन नंबर , आय प्रमाणपत्र की मूलप्रतियदि बना है तो , जाति और निवास प्रमाण पत्र की मूलप्रति एवं 02-02 फोटोकॉपी ,  बैंक पासबुक, राशन कार्ड तथा मेडिकल जांच रिपोर्ट, 06 रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और माता-पिता के 03-03 पासपोर्ट साइज फोटो प्रस्तुत करना अनिवार्य  है । तीनों संकल्प में कक्षा 10 वीं की 11 , कक्षा 11 वीं की 34 एवं कक्षा 12 वीं की 18 सीट रिक्त है । संकल्प जशपुर में कक्षा 10वीं/11वीं/12वीं में क्रमश 06/09/ 04 सीटें, कुनकुरी में क्रमशः 02/11/06 सीटें तथा पत्थलगाँव में क्रमशः 03/14/08 सीटें रिक्त है जिनमे प्रवेश के लिए चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग की जाएगी और स्थान आवंटित किया जाएगा l 
 चयनित उम्मीदवारों को प्रावीण्य सूची के क्रम से संकल्प संस्थान जशपुर , कुनकुरी या पत्थलगाँव चयन करने का अवसर दिया जाएगा l

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जशपुर के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर: स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में रिक्त सीटों पर फिर शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया, 24 जून तक आवेदन और 25 जून को होगी प्रवेश परीक्षा


     जशपुर नगर। जिले के  स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट (अंग्रेजी माध्यम) नवीन आदर्श उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर नगर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया के बाद की रिक्त सीटों पर पुनः प्रवेश की प्रक्रिया शुरू की गयी  है। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के निर्देशानुसार विद्यालय में विभिन्न कक्षाओं की रिक्त सीटों पर विद्यार्थियों का चयन पूर्व में किया गया, उसके पश्चात कुछ सीटों के लिए पात्र विद्यार्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण रिक्त सीटों के लिए पुनः प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। आवेदन पत्र प्राप्त व जमा करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 निर्धारित है।बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के कारण इस विद्यालय में हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं।  प्राप्त जानकारी के अनुसार  विद्यालय स्तर पर ऑफलाइन आवेदन की सुविधा  उपलब्ध कराई गई है, 24 जून तक कार्यालयीन दिवस में सुबह 8:30  से दोपहर 12:30 बजे तक विद्यालय के कार्यालय में यह सुविधा उपलब्ध है ।
विद्यालय के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी अनुसार कक्षा 9 वी और इससे ऊपर की कक्षाओं में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश लिया जाता है , यह प्रवेश परीक्षा पिछले कक्षा के पाठ्यक्रम पर आधारित लघु उत्तरीय प्रश्नों  पर आधारित होगी, जिसके मेरिट के अंकों के आधार पर प्रवेश हेतु चयन सूची जारी की जाएगी परंतु प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यकहै l यह प्रवेश परीक्षा 25 जून 2026 को समय प्रातः 9:00 बजे से 11:00 तक विद्यालय में आयोजित की जाएगी। इसके  पश्चात चयनित विद्यार्थियों को 28 जून 2026 तक प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। अंग्रेजी माध्यम में रिक्त सीट कक्षा ग्यारहवी ( गणित ) - 04 व जीव विज्ञान - 12  तथा हिंदी माध्यम की रिक्त सीट कक्षा नवमी - 24, दसवीं - 07, ग्यारहवी ( जीव विज्ञान ) - 10, (कला)  - 26, बारहवी ( जीव विज्ञान ) - 03, (कला ) - 03 निर्धारित है 
                  विद्यालय में सह-शिक्षा व्यवस्था लागू है, जिसके तहत 50 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए निर्धारित की गई हैं। यदि छात्राओं की पर्याप्त संख्या नहीं मिलती है, तो शेष सीटों को छात्रों से भरा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थापना राज्य शासन द्वारा गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी व हिंदी माध्यम शिक्षा को आम विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। जशपुर नगर स्थित यह विद्यालय भी आधुनिक संसाधनों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और प्रशिक्षित शिक्षकों के कारण प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अभिभावकों में उत्साह का माहौल है।  विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि प्रवेश में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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