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तेलीकोट में 8 लीटर महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार, ऑपरेशन आघात के तहत खरसिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 20 अगस्त 2026। ऑपरेशन आघात के तहत रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खरसिया पुलिस चौकी की टीम ने तेलीकोट के फोकटपारा में दबिश देकर 8 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तेलीकोट में एक व्यक्ति अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को प्लास्टिक के पारदर्शी डिब्बे के साथ पकड़ा।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नरेन्द्र बघेल पिता बेदराम बघेल (40 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 18, तेलीकोट, चौकी खरसिया, जिला रायगढ़ बताया। डिब्बे की तलाशी लेने पर उसमें करीब 8 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 1,600 रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ऑपरेशन आघात के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

इस कार्रवाई में महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज, आरक्षक साविल चन्द्रा, आरक्षक कीर्ति राम सिदार एवं बोधराम सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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ऑपरेशन आघात में रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन, 48 घंटे में 18 किलो से ज्यादा गांजा और नशीली दवाएं जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस ने पिछले 48 घंटे में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 18.1632 किलो गांजा, नशीले इंजेक्शन और टैबलेट बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक रायगढ़ रेलवे स्टेशन के मोटरसाइकिल स्टैंड के पास कोतवाली पुलिस, साइबर सेल और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 15.1632 किलो गांजा के साथ ओडिशा के तीन युवकों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान त्रिनाथ मलिक (27), ओमप्रकाश राउत (20) और सत्यव्रत मोहन्ती (25), सभी निवासी गिरीमा, थाना गोप, जिला पुरी, ओडिशा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी गांजा लेकर रेलवे स्टेशन के पास ग्राहक की तलाश कर रहे थे। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

नशीले इंजेक्शन-टेबलेट के साथ युवक गिरफ्तार

इसी दौरान कोतवाली पुलिस ने रेलवे स्टेशन के मोटरसाइकिल स्टैंड के पास नशीले इंजेक्शन और टैबलेट बेचने की फिराक में घूम रहे 22 वर्षीय दीपक डोंगरे, निवासी बापूनगर रायगढ़, को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने उसके कब्जे से 18 नग Pentazocine Injection, 17 नग Nitrazepam Tablets, एक इस्तेमाल किया हुआ निडिल-सिरिंज और 200 रुपये बिक्री रकम बरामद की है। बरामद नशीले पदार्थों की कीमत करीब 1,032.96 रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

लैलूंगा में भी 3 किलो गांजा जब्त, तीन आरोपी पकड़े गए

वहीं लैलूंगा पुलिस ने ग्राम पाकरगांव मुख्य मार्ग के पास कार्रवाई करते हुए 3 किलो गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बोधराम यादव (44), दिलाराम चौहान (55) और सनत साय चौहान (50) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गांजा ओडिशा से लाकर बिक्री के लिए रखने की बात स्वीकार की है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

नशे के नेटवर्क पर पुलिस की नजर

रायगढ़ पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन आघात” के तहत जिले में गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी, बिक्री और अवैध भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जिले में नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस द्वारा प्रभावी और लगातार कार्रवाई की जा रही है।

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जिला अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी को लेकर वायरल दावे पर स्वास्थ्य विभाग का जवाब—सिविल सर्जन ने कहा, ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्ड तक सभी सेवाएं नियमित, चिकित्सक रोस्टर के मुताबिक ड्यूटी पर मौजूद

जशपुरनगर, 19 अगस्त 2026/ जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं एवं चिकित्सकों की ड्यूटी के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही पोस्ट के संबंध में सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि उक्त पोस्ट में दी गई जानकारी तथ्यात्मक नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ सभी चिकित्सक निर्धारित ड्यूटी रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। चिकित्सालय में ओपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाएं, चिकित्सकीय राउंड सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित रूप से संचालन किया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर उपस्थित चिकित्सक मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्धारित दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रहे हैं। मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सालय की सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं। सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उक्त पोस्ट को भ्रामक एवं तथ्यहीन बताते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी सूचना पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। उन्होंने नागरिकों से भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाओं को आगे प्रसारित करने से बचने तथा किसी भी जानकारी की सत्यता की पुष्टि संबंधित विभाग अथवा अधिकृत स्रोत से करने का आग्रह किया है।

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अग्निवीर भर्ती के सीईई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मिलेगा निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण,शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी के लिए पुलिस लाइन उर्दना में होगी प्रशिक्षण की व्यवस्था

रायगढ़, 19 अगस्त 2026/ भारतीय थलसेना में अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) का चयन परिणाम घोषित हो चुका है। परीक्षा में जिले से उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी के लिए जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण पुलिस लाइन उर्दना, रायगढ़ में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए आवश्यक अभ्यास एवं तैयारी कराई जाएगी, ताकि वे आगामी भर्ती प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। प्रशिक्षण के संबंध में पात्र अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी सूचना दी गई है।

*25 अगस्त तक पुलिस लाइन उर्दना में कर सकते हैं आवेदन*

जिला रोजगार अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीर थलसेना भर्ती वर्ष 2026-27 की ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण अभ्यर्थी निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ लेने के लिए 25 अगस्त तक सीधे पुलिस लाइन उर्दना, रायगढ़ पहुंचकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर प्रशिक्षण का लाभ उठाएं। प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यक जानकारी के लिए रक्षित पुलिस निरीक्षक के मोबाइल नंबर 9479267072 एवं 9826145115 पर संपर्क कर सकते है।

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डीएमएफ मद से रायगढ़ के खनन प्रभावित क्षेत्रों में 9.03 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

रायगढ़, 19 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से शिक्षा, अधोसंरचना एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए कुल 9 करोड़ 3 लाख 66 हजार 149 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला स्तर से इन कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।

*धरमजयगढ़ में डाइट के विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 8 करोड़ 73 लाख रुपये*

डीएमएफ मद से धरमजयगढ़ में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के लिए 8 करोड़ 73 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत राशि से संस्थान में पुरुष एवं महिला छात्रावास भवन, सम्मेलन कक्ष, शौचालय खंड के निर्माण तथा पुराने भवन की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार सहित विभिन्न निर्माण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों से संस्थान की अधोसंरचना को आवश्यकतानुसार विकसित करने में सुविधा होगी।

*कुडुमकेला हाईस्कूल में 5 लाख रुपये की लागत से बनेगा प्रार्थना शेड*

विकासखंड घरघोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुडुमकेला स्थित हाईस्कूल में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए डीएमएफ मद से 5 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रार्थना शेड के निर्माण से विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए सामूहिक गतिविधियों एवं प्रार्थना कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सुविधा उपलब्ध होगी।

*पीएचसी छाल में उपलब्ध होगी बीएलएस एम्बुलेंस की सुविधा*

ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छाल के लिए एक नग बीएलएस एम्बुलेंस के क्रय हेतु 25 लाख 66 हजार 149 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। एम्बुलेंस उपलब्ध होने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में उपचार के लिए समय पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

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ग्राम सभा अब सिर्फ बैठक नहीं, ग्रामीणों की आवाज और विकास का मंच बनेगी—वोटिंग वॉल, संदेश कार्ड और खुले संवाद के जरिए गांव की जरूरतों पर होगी सीधी चर्चा

रायगढ़, 19 अगस्त 2026/ विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों, ग्रामीणों के अधिकारों तथा ग्राम विकास में जनभागीदारी के प्रति व्यापक जागरूकता लाने के उद्देश्य से जिले की ग्राम पंचायतों में 20 अगस्त से “जनसंवाद 2.0-विकसित भारत ग्राम संकल्प” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम सभाओं को केवल औपचारिक बैठक तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ग्रामीणों की सहभागिता, सुझाव, प्रश्न और संवाद का प्रभावी मंच बनाना है।
           राज्य कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जनसंवाद 2.0 का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रमुख प्रावधानों एवं रोजगार, पारदर्शिता तथा जनभागीदारी से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम सभाओं में पांच प्रमुख गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

*मेरे गांव की प्राथमिकता” वोटिंग वॉल*

ग्रामीण जल संरक्षण, खेत तालाब, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, आजीविका आधारित कार्य एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों जैसे विकास कार्यों में अपनी प्राथमिकता मतदान के माध्यम से दर्ज करेंगे। सर्वाधिक मत प्राप्त तीन प्राथमिकताओं को चिन्हित किया जाएगा और ग्राम सभा की कार्यवाही में दर्ज किया जाएगा।

*“125 दिन रोजगार-मेरा अधिकार” शपथ*

ग्रामीण सामूहिक रूप से रोजगार, पारदर्शिता एवं जनभागीदारी से जुड़े अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा गांव के विकास कार्यों में सक्रिय सहयोग करने की शपथ लेंगे।

*विकसित भारत संदेश कार्ड*

प्रत्येक परिवार को संदेश कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें ग्रामीण अपने गांव में अपेक्षित बदलाव या विकास संबंधी सुझाव लिख सकेंगे। प्राप्त सुझावों को संकलित कर भविष्य की विकसित ग्राम पंचायत योजना में उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

*“जनता पूछे-पंचायत बताए” संवाद मंच*

ग्रामीणों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए खुला संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें रोजगार मांगने की प्रक्रिया, 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, भुगतान व्यवस्था, शिकायत निवारण तथा विकसित ग्राम पंचायत योजना जैसे विषयों पर पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कार्मिकों द्वारा सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी।

*तिरंगे के साथ विकास संदेश*

कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीण तिरंगा लेकर सामूहिक रूप से “मेरा गांव-मेरा संकल्प” और “विकसित भारत-हमारा लक्ष्य” का संदेश देंगे। इस गतिविधि के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस की भावना को ग्रामीण विकास एवं विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

*जनभागीदारी से बनेगी गांव के विकास की दिशा*

जनसंवाद 2.0 का प्रमुख संदेश है कि गांव के विकास की प्राथमिकताएं गांव की जरूरतों और ग्रामीणों की सहभागिता से तय हों। वोटिंग वॉल, संदेश कार्ड और खुला संवाद मंच ग्रामीणों को अपनी आवश्यकता, सुझाव और प्रश्न सीधे रखने का अवसर प्रदान करेंगे। इससे ग्राम सभा स्थानीय विकास की योजना बनाने और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने का प्रभावी मंच बनेगी। कार्यक्रम में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय युवाओं तथा सामुदायिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों तक योजना की जानकारी पहुंचे और जनसंवाद को प्रभावी बनाया जा सके। मेरा गांव-मेरा संकल्प, विकसित भारत का मजबूत आधार” के संदेश के साथ जनसंवाद 2.0 ग्राम स्तर पर जागरूकता, सहभागिता और विकास की नई दिशा को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की प्रतिक्रियाओं, सुझावों एवं उभरती सफलता की कहानियों का भी दस्तावेजीकरण किया जाएगा।

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सेंट जॉन्स स्कूल में विद्यार्थियों तक पहुंचा साइबर जागृति अभियान, खरसिया पुलिस ने बच्चों को अनजान लिंक, फर्जी ऑफर, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया ठगी से बचने के बताए आसान तरीके

खरसिया/रायगढ़, 19 अगस्त। प्रदेश में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत खरसिया पुलिस ने बुधवार को सेंट जॉन्स स्कूल में वृहद साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में एक साथ करीब 2100 विद्यार्थियों और शिक्षकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों से बचने के उपाय भी बताए।

छत्तीसगढ़ पुलिस का यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया और जनभागीदारी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। रायगढ़ जिले में एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में पहुंचकर लगातार जागरूकता अभियान चला रही हैं।

जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार

कार्यक्रम में खरसिया एसडीओपी सतीश भार्गव ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। बच्चों को इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर तत्काल भरोसा नहीं करना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि इंटरनेट पर कोई ऐसी स्थिति सामने आती है, जिस पर उन्हें संदेह हो, तो बिना घबराए अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति से सलाह लें। उन्होंने बच्चों से स्वयं जागरूक बनने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।

निरीक्षक त्रिपाठी ने 2100 विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद

कार्यक्रम में चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अब केवल बड़े लोगों को ही नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी अलग-अलग तरीकों से अपना निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन गेमिंग, अनजान लिंक, फर्जी ऑफर, सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से बातचीत और लालच देने वाले मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों की जल्दबाजी, लालच या लापरवाही का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी ऑनलाइन गतिविधि में जल्दबाजी करने के बजाय पहले जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

निरीक्षक त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले रुकें, सोचें और जरूरत पड़ने पर माता-पिता अथवा शिक्षकों से सलाह लें। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग के दौरान होने वाले मानसिक दबाव और अत्यधिक उपयोग से होने वाली परेशानियों के प्रति भी विद्यार्थियों को सावधान किया।

“जागरूकता की एक सेल्फी” से परिवार तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश

साइबर जागृति अभियान के तहत चल रही अभिनव पहल “जागरूकता की एक सेल्फी” के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। पुलिस ने बच्चों को बताया कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक इंटरनेट उपयोगकर्ता को इसके प्रति जागरूक रहना जरूरी है।

विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों के साथ जागरूकता की सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि एक जागरूक बच्चा अपने पूरे परिवार को साइबर अपराधों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रायगढ़ में रोजाना हजारों बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता अभियान का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। जिले में प्रतिदिन एक हजार से अधिक बच्चों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में खरसिया पुलिस द्वारा एक ही कार्यक्रम में 2100 विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक कर अभियान को महत्वपूर्ण गति दी गई।

पुलिस का प्रयास है कि स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक होने के साथ अपने माता-पिता, भाई-बहन और अन्य परिजनों को भी जागरूक करें, ताकि साइबर अपराधों से बचाव का संदेश घर-घर तक पहुंच सके।

कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव सहित चौकी एवं थाना खरसिया का पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को समझा और साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

अनजान लिंक से लेकर फर्जी ऑफर तक—बच्चों को दिए साइबर सुरक्षा के मंत्र

  • अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें।
  • संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
  • सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से बातचीत में सावधानी बरतें।
  • ऑनलाइन गेमिंग के दौरान किसी अनजान व्यक्ति से निजी जानकारी साझा न करें।
  • किसी भी लालच या फर्जी ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आएं।
  • साइबर सुरक्षा से जुड़ी किसी भी शंका पर अभिभावक या शिक्षक से सलाह लें।
  • स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।
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हादसे में मृत युवक की बाइक भी नहीं छोड़ी, चिखली-रैबार के बीच खड़ी क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल के पार्ट्स चोरी; पुसौर पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, इंजन नंबर से खुला पूरा राज

रायगढ़, 19 अगस्त 2026। पुसौर थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक की क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल के पार्ट्स चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई मोटरसाइकिल के पार्ट्स बरामद किए हैं। जांच के दौरान बरामद इंजन नंबर JC85AD4127825 से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। मामले में थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 216/2026 के तहत धारा 303(2), 3(5) बीएनएस में कार्रवाई की गई है।

हादसे के बाद ढाबे के सामने खड़ी थी बाइक

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को शत्रुघन मेहर अपनी होंडा साइन मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BF 4628 से सब्जी बेचने रायगढ़ जा रहा था। इसी दौरान ग्राम चिखली और रैबार के बीच पिकअप वाहन क्रमांक CG 06 HD 3685 के चालक तनुज भोय, निवासी नुआपाड़ा, ओडिशा ने तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी।

दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि शत्रुघन मेहर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल उसके भाई संजय मेहर के सुपुर्द कर दी थी। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण संजय ने उसे चिखली के पास स्थित अपने ढाबे के सामने खड़ा कर दिया था।

18 अगस्त को देखा तो बाइक गायब मिली

काफी समय तक क्षतिग्रस्त बाइक वहीं खड़ी रही। 18 अगस्त 2026 को संजय मेहर मौके पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। ढाबे के सामने खड़ी मोटरसाइकिल वहां नहीं थी। आसपास तलाश करने के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चला। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुसौर थाने में दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और बाइक तथा उसके पार्ट्स की तलाश तेज कर दी।

इंजन नंबर ने खोला चोरी का राज

जांच के दौरान पुलिस को थाना पुसौर के इस्तगासा क्रमांक 08/2026 में जब्त मोटरसाइकिल पार्ट्स और इंजन नंबर JC85AD4127825 के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस ने परिवहन कार्यालय से इंजन नंबर की जानकारी जुटाई।

रिकॉर्ड की जांच करने पर सामने आया कि उक्त इंजन नंबर उसी मोटरसाइकिल का है, जो मृतक शत्रुघन मेहर के नाम पर पंजीकृत थी। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की।

पूछताछ में दो आरोपियों पर कसा शिकंजा

जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मोहनीश पटेल (21 वर्ष), निवासी खोखरा, थाना पुसौर तथा शिव कुमार खुंटे (22 वर्ष), निवासी जूटमिल क्षेत्र, रायगढ़ को पूछताछ के लिए तलब किया।

पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ मोटरसाइकिल के पार्ट्स चोरी करने का अपराध सिद्ध पाया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराते हुए 18 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

इंजन नंबर से चोरी की बाइक तक पहुंची पुलिस

इस मामले में पुलिस की जांच में इंजन नंबर अहम कड़ी साबित हुआ। क्षतिग्रस्त बाइक के गायब होने की शिकायत के बाद पुलिस ने बरामद पार्ट्स और इंजन नंबर का मिलान परिवहन विभाग के रिकॉर्ड से कराया। रिकॉर्ड में इंजन मृतक की मोटरसाइकिल का पाए जाने के बाद जांच की दिशा स्पष्ट हुई और पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ कर मामले का खुलासा किया।

पुसौर पुलिस की कार्रवाई से हादसे में जान गंवाने वाले युवक की क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल के पार्ट्स चोरी करने वाले दोनों आरोपियों तक पुलिस पहुंचने में सफल रही।

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पुसौर में गांजा तस्करी पर पुलिस का बड़ा वार, खाद बोरी के पीछे छिपाकर रखा था नशे का सामान; 1.10 किलो गांजा के साथ 45 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

रायगढ़, 19 अगस्त 2026। मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत पुसौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने ग्राम पुटकापुरी में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति के कब्जे से 1.10 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 8 हजार रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।

पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पुटकापुरी में एक व्यक्ति अपने घर के बाहर परछी में खाद की बोरी के पीछे गांजा छिपाकर रखे हुए है और उसकी बिक्री करने की तैयारी में है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध स्थान पर रेड कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस को घर के बाहर परछी में एक व्यक्ति छिपने का प्रयास करता मिला, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम भुरवा दास महंत, पिता स्व. ननकी दाऊ महंत, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम पुटकापुरी, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ बताया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने खाद की बोरी के पीछे छिपाकर रखी गई भूरे रंग की प्लास्टिक पन्नी में भूरे रंग के टेप से लिपटी गांजे की खेप बरामद की। वजन कराने पर गांजे की मात्रा 1.10 किलोग्राम पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8,000 रुपये है।

पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया और उसके विरुद्ध थाना पुसौर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की।

पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस कार्रवाई में एसआई कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक योगेश यादव, दिव्या बंजारे, प्रधान आरक्षक श्याम लाल महंत, आरक्षक महेश चौहान, तारिक अनवर एवं दिलीप सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की कार्रवाई से साफ संदेश—नशे का अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार कसेगा शिकंजा।

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मुआवजा राशि में लाखों की हेराफेरी का मामला, घरघोड़ा पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा; साथी फरार, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान से सामने आई पूरी कहानी

रायगढ़, 19 अगस्त 2026। एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए जमीन और मकान अधिग्रहण के बाद मिले लाखों रुपये के मुआवजे में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। घरघोड़ा पुलिस ने ग्रामीण के खाते से कथित तौर पर उसकी जानकारी और सहमति के बिना 49 लाख 50 हजार रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कराने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में शामिल दूसरा आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार की जा रही है।

मुआवजे के रूप में खाते में आए थे 69.64 लाख रुपये

पुलिस के अनुसार ग्राम तिलाईपाली बिच्छीनारा निवासी अमीर कुमार राठिया की जमीन एवं मकान एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित किए गए थे। इसके एवज में उनके बैंक खाते में 69 लाख 64 हजार 618 रुपये की मुआवजा राशि प्राप्त हुई थी।

शिकायत के मुताबिक गांव के ही खगेश्वर गुप्ता ने मुआवजा राशि से संबंधित कागजी कार्रवाई कराने की बात कहते हुए प्रार्थी की बैंक पासबुक अपने पास रख ली। इसके बाद 8 जून 2026 को खगेश्वर गुप्ता अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ प्रार्थी को पंजाब नेशनल बैंक की रायकेरा शाखा लेकर गया।

बैंक प्रक्रिया के नाम पर कराया चेक पर हस्ताक्षर

प्रार्थी का आरोप है कि बैंक संबंधी प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उससे चेक पर हस्ताक्षर करा लिए गए। प्रार्थी ने अपने बच्चों के खातों में 5-5 लाख रुपये जमा कराने की सहमति दी थी, लेकिन उसके अनुसार चेक के माध्यम से वास्तविक रूप से कितनी राशि और किन खातों में भेजी जा रही है, इसकी उसे जानकारी नहीं थी।

बाद में जब प्रार्थी ने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। स्टेटमेंट में पता चला कि उसके खाते से मोतीलाल गुप्ता के खाते में 25 लाख रुपये और जगदीश गुप्ता के खाते में 24 लाख 50 हजार रुपये, यानी कुल 49 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

बैंक स्टेटमेंट से खुली लाखों की हेराफेरी

प्रार्थी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसके हस्ताक्षरयुक्त चेक का इस्तेमाल उसकी जानकारी और सहमति के बिना किया गया तथा रकम आरोपियों के परिचितों अथवा परिजनों के खातों में ट्रांसफर कराई गई।

शिकायत के आधार पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 257/2026 दर्ज करते हुए धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत विवेचना शुरू की।

बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान जुटाकर पुलिस ने आगे बढ़ाई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस ने प्रार्थी एवं गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, रायकेरा शाखा से संबंधित बैंक खातों के स्टेटमेंट और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनकी जांच की गई।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी खगेश्वर गुप्ता पिता दनार्दन गुप्ता, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम तिलाईपाली, थाना तमनार, जिला रायगढ़ को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में साथी के साथ अपराध करना स्वीकार करने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी खगेश्वर गुप्ता ने अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अपराध एवं गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराते हुए 18 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया।

आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं मामले का दूसरा आरोपी प्रदीप गुप्ता फरार बताया गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

एसएसपी के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में घरघोड़ा पुलिस द्वारा मामले में तेजी से कार्रवाई की गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बैंक दस्तावेजों, लेन-देन की जानकारी और गवाहों के बयानों को जांच का आधार बनाते हुए मामले का खुलासा किया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

एसएसपी की लोगों से अपील—बैंक दस्तावेज किसी के भरोसे न छोड़ें

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि बैंक खाता, चेकबुक, पासबुक और अन्य वित्तीय दस्तावेज किसी के भरोसे पर न छोड़ें। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी पूरी जानकारी पढ़ें और समझें। उन्होंने लोगों से अपने बैंक खातों की नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लोगों की मेहनत की कमाई के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों को वित्तीय लेन-देन के दौरान सतर्क रहने और बैंक संबंधी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

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विद्यार्थियों ने लिया साइबर सुरक्षा का संकल्प, स्कूल-कॉलेजों में पहुंचा रायगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान”; OTP, PIN से लेकर अनजान लिंक और डिजिटल गिरफ्तारी तक साइबर ठगी के हर खतरे से बचने के बताए तरीके

रायगढ़, 19 अगस्त 2026। प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं के बीच लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” का रायगढ़ जिले में व्यापक असर दिखाई दे रहा है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 18 अगस्त को जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बदलते तरीकों की जानकारी देने के साथ उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर ठगी का कारण बन सकती है। इसलिए ऑनलाइन गतिविधियों में सतर्कता और गोपनीयता को सबसे अधिक महत्व देना जरूरी है।

स्कूल-कॉलेजों में पहुंची साइबर सुरक्षा की पाठशाला

अभियान के तहत डीएसपी उन्नति ठाकुर एवं सुशांतो बनर्जी तथा थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव द्वारा ओपी जिंदल स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों के नए तौर-तरीकों तथा उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई।

इसी तरह थाना कोतवाली पुलिस की टीम ने गर्ल्स कॉलेज, लॉ कॉलेज एवं शासकीय ग्रंथालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। खरसिया पुलिस ने आत्मानंद स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए। थाना भूपदेवपुर प्रभारी रोशन कुमार कौशिक के नेतृत्व में हायर सेकेंडरी स्कूल कोड़तराई और हायर सेकेंडरी स्कूल भूपदेवपुर में भी व्यापक जागरूकता कार्यक्रम हुए।

थाना साइबर और थाना चक्रधरनगर की संयुक्त टीम ने बोइरदादर स्थित सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल तथा सेंट जेवियर इंग्लिश मीडियम स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। वहीं थाना घरघोड़ा पुलिस ने कन्या शाला घरघोड़ा तथा महिला थाना पुलिस ने स्थानीय बच्चों के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ऑनलाइन ठगी से बचने के जरूरी उपाय बताए।

OTP, PIN और CVV को लेकर विद्यार्थियों को किया सतर्क

जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण नियम बताए। उन्हें स्पष्ट किया गया कि OTP, PIN, CVV, बैंक खाते और अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल, संदिग्ध मैसेज, QR Code अथवा लिंक पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी विद्यार्थियों को सावधान किया। अनजान लोगों की Friend Request स्वीकार करने, निजी फोटो साझा करने और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने से बचने की सलाह दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठग सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर सकते हैं।

नौकरी, इनाम, लोन और निवेश के नाम पर ठगी से सावधान

पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन नौकरी, इनाम, निवेश, लोन अथवा किसी अन्य आकर्षक ऑफर के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहने की अपील की। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को विश्वास में लेकर उनसे पैसे या गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।

इसके अलावा “डिजिटल गिरफ्तारी”, KYC अपडेट, बिजली कनेक्शन कटने, बैंक खाता बंद होने अथवा पुलिस अधिकारी बनकर डराने जैसी कॉल के माध्यम से होने वाली ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय कॉल की सत्यता की जांच करना और संबंधित माध्यम से शिकायत करना जरूरी है।

मजबूत पासवर्ड और Two-Factor Authentication अपनाने की सलाह

कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड रखने, Two-Factor Authentication का उपयोग करने और सोशल मीडिया की Privacy Settings को सुरक्षित रखने की जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है।

QR Code स्कैन कर अभियान से जुड़ने की अपील

“साइबर जागृति अभियान” के तहत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को QR Code स्कैन कर अभियान से जुड़ने और साइबर जागरूकता से संबंधित संदेशों को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल खुद साइबर सुरक्षित रहने तक सीमित न रहें, बल्कि “एक जागरूक विद्यार्थी—एक जागरूक परिवार” की भावना के साथ अपने माता-पिता, भाई-बहन और आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताएं।

रायगढ़ पुलिस का संदेश—सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव की पहली ढाल

रायगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, CVV या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में तत्काल सहायता लें।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता ही उसकी रोकथाम का सबसे मजबूत हथियार है। रायगढ़ जिले में “साइबर जागृति अभियान” के तहत स्कूल-कॉलेजों से लेकर सार्वजनिक संस्थानों तक जागरूकता का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

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साइबर ठगी से बचाव के लिए रायगढ़ पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने खुद ली साइबर जागरूकता सेल्फी, सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अभियान से जुड़ने की अपील

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान, रायगढ़ जिले में पुलिस अधिकारी गांव-गांव और क्षेत्र-क्षेत्र पहुंचकर लोगों को कर रहे जागरूक — QR कोड स्कैन कर सेल्फी अपलोड करने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक करने की अपील

रायगढ़, 19 अगस्त। बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच लोगों को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से प्रदेशभर में “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। 15 अगस्त से शुरू हुआ यह अभियान आगामी 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग करना, ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी देना और साइबर सुरक्षा को लेकर जनभागीदारी बढ़ाना है।

इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में भी पुलिस विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से नागरिकों को अभियान से जुड़ने के लिए QR कोड स्कैन कर साइबर जागरूकता सेल्फी अपलोड करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

एसएसपी ने खुद ली साइबर जागरूकता सेल्फी, सोशल मीडिया पर दिया संदेश

साइबर जागृति अभियान को केवल पुलिस तक सीमित न रखते हुए आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने स्वयं साइबर जागरूकता सेल्फी लेकर इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया। इसके साथ ही वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने रायगढ़ जिले के नागरिकों से अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने की अपील की।

एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता और जागरूकता है। थोड़ी सी सावधानी बरतकर लोग ऑनलाइन ठगी के कई मामलों से बच सकते हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

QR कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ने की अपील

रायगढ़ पुलिस द्वारा नागरिकों को बताया जा रहा है कि अभियान के तहत उपलब्ध QR Code/Link के माध्यम से साइबर जागरूकता सेल्फी ली जा सकती है और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। पुलिस का उद्देश्य सोशल मीडिया की ताकत का उपयोग करते हुए साइबर सुरक्षा के संदेश को हर घर तक पहुंचाना है।

थाना-चौकी स्तर पर भी चल रही जागरूकता गतिविधियां

अभियान के तहत रायगढ़ जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिस द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और डिजिटल माध्यमों से होने वाले धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सावधानी बरतने की समझाइश दी जा रही है।

पुलिस द्वारा लोगों से विशेष रूप से अपील की जा रही है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें। किसी भी प्रकार के संदेह की स्थिति में तत्काल उचित माध्यम से पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।

“मैं भी जागरूक, मेरा परिवार भी जागरूक” का संदेश

रायगढ़ पुलिस का यह अभियान केवल लोगों को जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस की अपील है कि प्रत्येक नागरिक स्वयं साइबर अपराधों से बचाव के उपाय जाने और कम से कम अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करे।

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि को लेकर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है।

रायगढ़ पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे “साइबर जागृति अभियान” से जुड़ें, अपनी साइबर जागरूकता सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करें और साइबर सुरक्षा का संदेश अपने आसपास अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। पुलिस का कहना है कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित डिजिटल समाज की मजबूत नींव हैं और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है।

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बिलासपुर रेंज में साइबर अपराध पर आईजी की सख्ती—सभी थानों में रोजाना साइबर पोर्टल लॉगिन अनिवार्य, फर्जी SIM बेचने वाले POS एजेंटों पर FIR और गिरफ्तारी के आदेश, 15 दिन से पुराने बैंक होल्ड मामलों में पीड़ितों को जल्द लौटाई जाएगी ठगी की रकम

बिलासपुर, 19 अगस्त 2026। बिलासपुर रेंज में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को जल्द राहत दिलाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग ने रेंज के साइबर थानों, साइबर सेल और संबंधित अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर साइबर अपराधों से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

18 अगस्त को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज के मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में रेंज के साइबर थानों के नोडल राजपत्रित अधिकारी, एएसपी/डीएसपी, साइबर थाना प्रभारी और साइबर सेल प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों, एफआईआर की स्थिति, बैंक खातों में होल्ड की गई ठगी की राशि, फर्जी सिम के इस्तेमाल, म्यूल अकाउंट, साइबर अपराधियों के डिजिटल संसाधनों तथा साइबर वालंटियर्स से संबंधित कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

अब केवल साइबर थाने नहीं, सभी सामान्य थानों को भी रोजाना करना होगा साइबर पोर्टल पर लॉगिन

आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए केवल साइबर थानों पर निर्भर रहने के बजाय रेंज के सभी सामान्य थानों को भी नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर प्रतिदिन लॉगिन करना होगा। पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने लंबित शिकायतों और एफआईआर की स्थिति की नियमित निगरानी करते हुए किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने की हिदायत दी। अधिकारियों से कहा गया कि साइबर अपराध के मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए शिकायत प्राप्त होने के बाद कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।

फर्जी SIM बेचने वाले POS एजेंट अब सीधे पुलिस के निशाने पर

साइबर ठगी में फर्जी या संदिग्ध सिम कार्ड के इस्तेमाल को गंभीरता से लेते हुए बैठक में फर्जी सिम एक्टिवेट अथवा उपलब्ध कराने वाले POS एजेंटों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस ऐसे मामलों में सिम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, संबंधित एजेंट और उसके जरिए एक्टिवेट किए गए नंबरों की जांच करेगी। साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल संसाधनों पर भी कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

15 दिन से पुराने बैंक होल्ड मामलों पर अब तत्काल कार्रवाई

बैठक में साइबर ठगी के बाद बैंक खातों में रोकी गई राशि को पीड़ितों को वापस दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। आईजी ने निर्देश दिए कि 15 दिन से अधिक पुराने पेंडिंग बैंक होल्ड मामलों को प्राथमिकता से लिया जाए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पीड़ितों की रकम जल्द वापस कराने की कार्रवाई की जाए।

धारा 106 के तहत आवश्यक कोर्ट आदेश प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैंक समन्वय के दौरान पुलिस स्तर पर किसी भी प्रकार की रिक्वेस्ट लंबित नहीं रखी जाएगी, ताकि ठगी की रकम को जल्द से जल्द पीड़ित तक वापस पहुंचाया जा सके।

म्यूल अकाउंट की सूची पर तत्काल कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय से भेजी गई म्यूल अकाउंट्स की सूचियों के आधार पर भी त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर सहित रेंज के विभिन्न जिलों से संबंधित खातों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा उसका अनुपालन प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को भेजने को कहा गया है।

ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, IP और सोशल मीडिया अकाउंट होंगे ब्लॉक

साइबर अपराधियों के डिजिटल नेटवर्क पर प्रहार करने के लिए ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, IP एड्रेस तथा WhatsApp और Telegram अकाउंट्स को प्राथमिकता के आधार पर ब्लॉक कराने के निर्देश दिए गए हैं। इन कार्रवाइयों की प्रगति की मासिक रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी।

समन्वय पोर्टल पर अपराधियों का पूरा रिकॉर्ड अपलोड करना अनिवार्य

बैठक में साइबर अपराधियों से संबंधित डेटा को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। गिरफ्तार किए गए सभी साइबर अपराधियों का पूरा विवरण, फिंगरप्रिंट और एफआईआर की स्थिति ‘समन्वय पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए।

इससे साइबर अपराधियों से संबंधित जानकारी को विभिन्न स्तरों पर साझा करने और अपराधों की जांच में तकनीकी समन्वय को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

साइबर वालंटियर्स को भी जोड़ा जाएगा जन-जागरूकता अभियान से

बैठक में पंजीकृत साइबर वालंटियर्स के सत्यापन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सत्यापन प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और स्थानीय युवाओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने के अभियानों से जोड़ा जाए।

आईजी ने कहा—तकनीकी पुलिसिंग और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता

आईजी श्री राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि तेजी से बदलते साइबर अपराध के तरीकों के बीच पुलिसिंग को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाना है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि थानों में लंबित साइबर प्रकरणों का जल्द निराकरण हो और साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को समय पर राहत मिल सके।

बैठक में इन बिंदुओं पर विशेष फोकस

  • रेंज के सभी थानों में साइबर पोर्टल का नियमित दैनिक लॉगिन।
  • पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को उसी दिन स्वीकार कर कार्रवाई।
  • लंबित साइबर शिकायतों और एफआईआर का शीघ्र निराकरण।
  • फर्जी SIM उपलब्ध कराने वाले POS एजेंटों पर FIR और गिरफ्तारी।
  • 15 दिन से पुराने बैंक होल्ड मामलों पर तत्काल कार्रवाई।
  • धारा 106 और कोर्ट आदेश की प्रक्रिया में तेजी।
  • पीड़ितों को ठगी की होल्ड राशि जल्द वापस कराने की कार्रवाई।
  • म्यूल अकाउंट की सूची पर तत्काल कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट।
  • साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, IP, WhatsApp और Telegram अकाउंट ब्लॉक कराना।
  • गिरफ्तार साइबर अपराधियों का विवरण समन्वय पोर्टल पर अपलोड करना।
  • साइबर वालंटियर्स का सत्यापन और जन-जागरूकता अभियान में उनकी भागीदारी।

बैठक में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे, उप पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शर्मा, रेंज साइबर थाना प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

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बारिश के बीच खेतों में पहुंचा कृषि अमला, जवाफुल धान की जैविक खेती और सन बीज उत्पादन पर जोर

रायगढ़, 18 अगस्त 2026/ लैलूंगा क्षेत्र में कृषि गतिविधियों और किसानों को मिल रहे योजनागत लाभों की जमीनी स्थिति जानने के लिए आज संयुक्त संचालक कृषि बिलासपुर श्री आऱ.के.राठौर एवं उपसंचालक कृषि श्री अनिल वर्मा ने संयुक्त भ्रमण किया। कृषि अधिकारियों ने किसानों के खेतों तक पहुंचकर फसल स्थिति का जायजा लिया और उन्नत एवं जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
            भ्रमण की शुरुआत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय लैलूंगा में कृषि विभाग के मैदानी अमले की बैठक से हुई। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टैक, फसल स्थिति एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। संयुक्त संचालक श्री राठौर ने योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

*जवाफुल धान की जैविक खेती का किया अवलोकन*

बैठक के बाद बारिश के बीच कृषि अधिकारियों ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया। इस दौरान लैलूंगा क्षेत्र में की जा रही सुगंधित जवाफुल धान की तकनीकी खेती का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने किसानों द्वारा अपनाई जा रही जैविक कृषि पद्धतियों, जीवामृत एवं हरी खाद के उपयोग की जानकारी ली और इन प्रयासों की सराहना की। श्री राठौर ने कहा कि लैलूंगा का जवाफुल धान अपनी विशिष्ट सुगंध और गुणवत्ता के कारण अलग पहचान रखता है। उन्होंने इसकी बाजार मांग और किसानों को मिलने वाले मूल्य में वृद्धि के लिए एनपीओपी के तहत जैविक प्रमाणीकरण कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक प्रमाणीकरण से उत्पाद को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और किसानों को प्रीमियम मूल्य दिलाने की दिशा में मदद मिलेगी।

*सन बीज उत्पादन से आत्मनिर्भरता पर जोर*

संयुक्त संचालक ने किसानों को सन बीज उत्पादन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इसकी खेती की तकनीक, बोनी की विधि एवं बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि प्रबंधन के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को खेत की मेड़ों पर हरी खाद के बीज का उत्पादन करने के लिए भी प्रेरित किया, ताकि किसान स्वयं के स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार कर कृषि लागत कम करने के साथ बीज के लिए आत्मनिर्भर बन सकें।

*एफपीओ के माध्यम से सामूहिक विपणन को बढ़ावा*

श्री राठौर ने जवाफुल धान के उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से सामूहिक विपणन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसान संगठित होकर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की दिशा में आगे बढ़ें, तो उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मैदानी अमला एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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संभावित बाढ़ आपदा से निपटने टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित,वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिया हिस्सा, 20 अगस्त को चंघोरी में होगा मॉक ड्रिल

रायगढ़, 18 अगस्त 2026/ संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को बेहतर बनाने तथा आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज राज्यस्तरीय टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास में रायगढ़ जिले के प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
           टेबल टॉप एक्सरसाइज में संभावित बाढ़ की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली, विभागीय जिम्मेदारियों, सूचना के आदान-प्रदान तथा आपसी समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने अधिकारियों को टेबल टॉप एक्सरसाइज को गंभीरता से लेने तथा अपनी विभागीय भूमिका एवं निर्धारित एसओपी को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सभी विभागों का समन्वित प्रयास महत्वपूर्ण है। अभ्यास का उद्देश्य अधिकारियों को आपदा की स्थिति में निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया को समझाना तथा विभिन्न स्तरों पर समन्वय की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करना है।
          टेबल टॉप एक्सरसाइज में बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन, बचाव दलों की तैनाती, चिकित्सा सहायता, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा सूचना के त्वरित आदान-प्रदान जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही वज्रपात, विद्युत सुरक्षा, रासायनिक दुर्घटना, सर्पदंश सहित अन्य संभावित परिस्थितियों में संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श हुआ। 

*20 अगस्त को ग्राम चंघोरी में होगा मॉक ड्रिल*

टेबल टॉप एक्सरसाइज के बाद 20 अगस्त गुरुवार को प्रातः 10 बजे ग्राम चंघोरी, तहसील पुसौर में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल आयोजित किया जाएगा। इस दौरान संभावित बाढ़ की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का मैदानी अभ्यास किया जाएगा। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ सहित जिले के बचावकर्ता दल, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग, नगर सेना तथा अन्य संबंधित विभाग शामिल होंगे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, बचाव कार्य संचालित करने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने मॉक ड्रिल के लिए सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर. को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संबंधित विभागों को नोडल अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर सौंपे गए दायित्वों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मॉक ड्रिल के लिए नाव, मोटर बोट, गोताखोर, प्रशिक्षित तैराक, जेसीबी, अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस एवं चिकित्सा दल, जीवन रक्षक दवाएं, शुद्ध पेयजल, परिवहन, ईंधन, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित विभागों को अपने दायित्वों के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

*आपदा संबंधी सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर*

जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान बाढ़, जलभराव, अतिवृष्टि, पेड़ गिरने अथवा अन्य प्राकृतिक आपदा से संबंधित सूचना एवं सहायता के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 07762-223750 पर तत्काल संपर्क करने और 20 अगस्त को ग्राम चंघोरी में आयोजित होने वाले मॉक ड्रिल में सहयोग करने की अपील की है। यह अभ्यास आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली को व्यवहारिक रूप से समझने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। टेबल टॉप एक्सरसाइज में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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नशे के खिलाफ युवाओं ने लिया संकल्प, महाविद्यालय में दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

रायगढ़, 18 अगस्त 2026/ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ में नशामुक्ति अभियान के तहत नशामुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। 
            महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सोफिया अमरेला ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं एनसीसी कैडेट्स को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। शपथ के दौरान प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों से स्वयं को दूर रखने तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएंगे, तो समाज को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।

*नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर हुई चर्चा*

कार्यक्रम की संयोजक कैप्टन डॉ. शारदा घोघरे ने नशे के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और अपने साथियों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है।

*युवाओं ने दिया नशामुक्ति का संदेश*

कार्यक्रम का आयोजन 28 सीजी बटालियन एनसीसी, रायगढ़ के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल प्रवीण तेवतिया के मार्गदर्शन तथा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सोफिया अमरेला के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा उन्हें नशे से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों एवं कैडेट्स ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं एवं एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से “नशा छोड़ें-जीवन जोड़ें” और “नशामुक्त युवा-सशक्त भारत” का प्रभावी संदेश दिया गया।

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रायगढ़ में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ, महापौर जीवर्धन चौहान ने बच्चों को पिलाई विटामिन-ए की खुराक, 24 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान

रायगढ़, 18 अगस्त 2026/ बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और रोगों से बचाव के उद्देश्य से जिले में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गांधी नगर में किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके पश्चात उन्होंने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन दीदियां एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
              महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिशु संरक्षण माह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पात्र बच्चों को निर्धारित समय पर विटामिन-ए की खुराक और आयरन सिरप अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में निर्धारित सत्रों के दौरान बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। महापौर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके स्वस्थ एवं समुचित विकास की जिम्मेदारी केवल अभिभावकों की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए पात्र बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की अपील की।
               कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्धारित स्वास्थ्य एवं टीकाकरण सत्रों के माध्यम से बच्चों तथा गर्भवती माताओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों को विटामिन-ए एवं आयरन की निर्धारित खुराक देने के साथ-साथ नियमित टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक टीके लगाए जाएंगे। जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 1,19,465 बच्चों को आयरन सिरप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं 9 माह से 5 वर्ष तक की आयु के 1,12,828 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के अंतर्गत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। इसी तरह 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार 1-1 मिलीलीटर आयरन सिरप देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों को इन खुराकों के महत्व के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा।

*पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर होगी कुपोषण की पहचान, गंभीर मामलों को एनआरसी भेजा जाएगा*

शिशु संरक्षण माह के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण स्तर की जांच की जाएगी। वजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान गंभीर रूप से कुपोषित पाए जाने वाले बच्चों को चिन्हांकित किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित टीकाकरण तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी। विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी निर्धारित खुराक बच्चों को आंखों से संबंधित समस्याओं और रतौंधी से बचाव में भी सहायक होती है। इसी तरह आयरन की पर्याप्त मात्रा बच्चों में आयरन की कमी से होने वाली समस्याओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण है।
             कार्यक्रम में वार्ड पार्षद श्रीमती त्रिवेणी डहरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ. कैनन डेनियल, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोनाली मेश्राम, एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. जाविद मारिकर, सीमा बरेठ, जया मजूमदार, श्री चोलेश्वर सिंह पटेल, श्री हलधर यादव, श्री सुनील पटेल सहित मितानिन दीदियां, स्वास्थ्य केन्द्र के समस्त स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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गेरवानी शराब दुकान में पिस्टलनुमा हथियार से फायरिंग, प्राइवेट गार्ड घायल; आरोपी की तलाश में जुटी पूंजीपथरा पुलिस

रायगढ़, 18 अगस्त 2026। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के गेरवानी स्थित शासकीय देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में सोमवार देर रात पिस्टलनुमा हथियार से फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। फायरिंग में दुकान की सुरक्षा में तैनात प्राइवेट गार्ड घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम कलगामुड़ा, उर्दना निवासी चन्द्रशेखर पटेल (43) ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के तहत गेरवानी शराब दुकान में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात है। उसकी ड्यूटी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक थी। सोमवार रात करीब 10:30 बजे एक युवक शराब दुकान के सामने पहुंचा और अपने दोस्त के साथ गाली-गलौज व मारपीट की बात कहते हुए विवाद करने लगा।

बताया गया कि युवक ने गार्ड को जान से मारने की धमकी दी और इसके बाद पिस्टलनुमा हथियार निकालकर फायरिंग कर दी। गोली गार्ड के पेट में लगी। घायल गार्ड किसी तरह आहाता के पीछे जाकर छिप गया और अपने साथियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पूंजीपथरा पुलिस, साइबर पुलिस, आबकारी विभाग और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

घायल गार्ड की रिपोर्ट पर पूंजीपथरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 206/2026 में धारा 296, 351(3) और 109(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पतासाजी कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

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