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ऑपरेशन आघात का बड़ा प्रहार: नटवरपुर जंगल में धधक रही अवैध महुआ शराब भट्टी पर पुलिस का छापा, 65 लीटर कच्ची शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

रायगढ़। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन आघात" के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम नटवरपुर के जंगल में संचालित अवैध महुआ शराब निर्माण स्थल पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 65 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नटवरपुर के जंगल में अवैध रूप से महुआ शराब बनाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर फुल सिंह धनवार (25) तथा दुआरू धनवार (40), दोनों निवासी ग्राम नटवरपुर, को रंगे हाथ पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान फुल सिंह के कब्जे से 35 लीटर तथा दुआरू धनवार के पास से 30 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। कुल 65 लीटर शराब की अनुमानित कीमत करीब 13 हजार रुपये बताई गई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने शराब बनाकर बेचने की बात स्वीकार की, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

चक्रधरनगर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, प्रधान आरक्षक रविकिशोर साय, आरक्षक संदीप कौशिक और चन्द्र कुमार बंजारे की अहम भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि "ऑपरेशन आघात" के तहत जिले में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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चोरी करने निकला, अपनी बाइक का पेट्रोल खत्म हुआ तो दूसरे की नई पल्सर लेकर हो गया फरार, लेकिन पुलिस ने 72 घंटे के भीतर दबोचा शातिर चोर; दो बाइक जब्त, आरोपी जेल भेजा

रायगढ़। पूंजीपथरा थाना पुलिस ने वाहन चोरी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए शातिर बाइक चोर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने चोरी करने के इरादे से अपनी ही पल्सर मोटरसाइकिल लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में पेट्रोल खत्म हो जाने पर उसने अपनी बाइक झाड़ियों में छिपा दी और पूंजीपथरा बस्ती में एक घर की परछी में खड़ी नई बजाज पल्सर चोरी कर फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई बाइक के साथ वारदात में प्रयुक्त उसकी दूसरी बाइक भी जब्त कर ली। बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार पूंजीपथरा निवासी आशीष कुमार बान्डेकर ने 27 जून को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि 26 जून की रात उन्होंने अपनी नई बजाज पल्सर 125 (CG-13-BD-2757) घर की परछी में खड़ी की थी, लेकिन सुबह उठने पर बाइक गायब मिली। शिकायत पर थाना पूंजीपथरा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम संदिग्धों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच तुमीडीह के महुआ चौक के पास एक युवक संदिग्ध हालत में घूमता मिला। पूछताछ में वह अपना सही परिचय नहीं दे पाया। थाना लाकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम राम सिदार निवासी ग्राम चिराईपानी बताया और बाइक चोरी की वारदात कबूल कर ली।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह चोरी करने के उद्देश्य से अपनी पल्सर बाइक (CG-13-AY-7026) लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में पेट्रोल खत्म हो गया। इसके बाद उसने अपनी बाइक रायगढ़ आयरन प्लांट के पास झाड़ियों में छिपा दी और पैदल पूंजीपथरा पहुंचकर एक मकान की परछी में खड़ी नई पल्सर मोटरसाइकिल चोरी कर अपने घर ले जाकर छिपा दी।

आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने उसके घर से चोरी गई बजाज पल्सर बरामद कर ली। साथ ही रायगढ़ आयरन प्लांट के पास झाड़ियों में छिपाई गई उसकी पल्सर बाइक भी जब्त कर ली। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी राम सिदार (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, प्रधान आरक्षक राजकुमार पैंकरा तथा आरक्षक विक्रम कुजूर, नरेन्द्र पैंकरा, विक्रांत भगत, हेम सागर पटेल और कीर्तन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि वाहन चोरी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों से अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर लॉक करके रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की डिजिटल सुशासन क्रांति का असर, सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे मिला स्थायी जाति प्रमाण पत्र, वर्षों की परेशानी हुई खत्म, रोजगार के नए अवसर खुले और आमजन का शासन पर बढ़ा भरोसा

रायगढ़, 30 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और डिजिटल सेवा वितरण को सशक्त बनाने की दिशा में संचालित सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। पोर्टल के जरिए शासकीय सेवाएं अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं। रायगढ़ जिले के ग्राम भाठनपाली निवासी अजय कुमार प्रधान की सफलता की कहानी इस पहल की सार्थकता को दर्शाती है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उन्हें स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ, जिससे उनके लिए रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ।
      अजय कुमार प्रधान लंबे समय से स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास कर रहे थे। इसके लिए उन्हें कई बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। बार-बार कार्यालय जाने से समय और धन दोनों की हानि हो रही थी, फिर भी प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिल पा रहा था। आवश्यक दस्तावेज के अभाव में वे विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने से वंचित हो रहे थे। इसी दौरान उन्हें सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिली। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। निर्धारित समय में उनका आवेदन निराकृत हुआ और उन्हें स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ और रोजगार संबंधी अवसरों का लाभ लेने का मार्ग भी आसान हो गया।
     प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद अजय कुमार प्रधान ने रोजगार सहायक के पद के लिए आवेदन किया। अब वे स्वयं सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ लेने के साथ-साथ अपने गांव के अन्य लोगों को भी जाति, आय, निवास सहित विभिन्न शासकीय प्रमाण पत्र एवं सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अजय कुमार प्रधान का कहना है कि सेवा सेतु पोर्टल ने उनकी बड़ी परेशानी दूर कर दी। अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। घर बैठे आवेदन करने, समय पर सेवाएं मिलने और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता से आम नागरिकों का शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
       उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु पोर्टल आज प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए भरोसेमंद मंच बन चुका है। यह पहल नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ शासन और आमजन के बीच विश्वास का सेतु भी बन रही है। अजय कुमार प्रधान की सफलता इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल तकनीक आधारित सुशासन ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

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रायगढ़ में नियम तोड़ने वाली औद्योगिक इकाइयों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, शिव शक्ति स्टील और श्री साईं गणेश ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ श्रम न्यायालय में परिवाद, सुरक्षा व पर्यावरण मानकों की अनदेखी पर कई कंपनियों को चेतावनी

रायगढ़, 30 जून 2926/ जिले में औद्योगिक सुरक्षा, श्रमिक हितों और पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए औद्योगिक इकाइयों की जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं और नियमों के अनुपालन का जायजा लिया।
         प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलदार रायगढ़, उप संचालक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य, सहायक संचालक उद्योग विभाग तथा पर्यावरण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने (इमुल टेक) और (रिजेनेसिस इंडस्ट्रीज़) समेत अन्य औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान कारखानों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, श्रमिकों के लिए सुरक्षा मानकों, कार्य प्रणाली तथा पर्यावरणीय प्रावधानों का बारीकी से परीक्षण किया गया।
           निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई आवश्यक सुधारात्मक सुझाव दिए और संबंधित प्रबंधन को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश जारी किए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

*दो कंपनियों के खिलाफ श्रम न्यायालय में परिवाद*

जिला प्रशासन ने बताया कि पूर्व में भी कई औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसी क्रम में शिव शक्ति स्टील प्राइवेट लिमिटेड और श्री साईं गणेश ट्रेडिंग कंपनी द्वारा प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद संबंधित प्रबंधन के खिलाफ माननीय श्रम न्यायालय, रायगढ़ में परिवाद दाखिल किया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा, श्रमिक कल्याण तथा पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे।

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रायगढ़ में विकास योजनाओं की रफ्तार तेज करने के लिए कलेक्टर का बड़ा एक्शन, हर गांव में लगेंगे हितग्राहीमूलक विशेष शिविर, स्कूलों में शिक्षकों की शत प्रतिशत उपस्थिति होगी अनिवार्य

रायगढ़, 30 जून 2026/ जिले में विकास कार्यों तथा शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, जनसेवा, रोजगार, पेयजल, आधारभूत अधोसंरचना तथा विभिन्न विभागों की प्राथमिकता वाली योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणाममूलक कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करें।
            कलेक्टर ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विद्यालयवार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने सुघर छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं के शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण के लिए जिले के सभी ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी एवं अन्य मैदानी अमले की जिम्मेदारी तय कर प्रभावी समन्वय के साथ शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
           कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जैविक एवं प्राकृतिक खेती को जिले में और अधिक बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग को अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा किसानों को प्राकृतिक खेती के आर्थिक, पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। कलेक्टर ने डीएमएफ मद से स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए बोर खनन जैसे कार्य वास्तविक आवश्यकता वाले स्थलों पर कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। 
            कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने तथा रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 1 जुलाई 2026 से वीबीजीआरजी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) का संचालन प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजना का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाएं।
            कलेक्टर ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित 315 आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से राशन कार्ड, बी-1, राजस्व सेवाएं, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार कार्ड, पेयजल, वनाधिकार पट्टा सहित विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सरल एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने जिले के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक्सपोजर विजिट आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे उन क्षेत्रों का अध्ययन कर सकें जहां शासन की योजनाओं का उत्कृष्ट क्रियान्वयन हुआ है और उन नवाचारों को जिले में भी लागू किया जा सके।
            बैठक में जल जीवन मिशन, नल-जल योजना, बाल सक्षम नीति, पीएम सूर्य घर  मुफ्त बिजली योजना, युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार, उद्योग आधारित प्रशिक्षण, श्रमिक हितों की सुरक्षा, नगर विकास योजना, रेलवे परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, अन्न भंडारण योजना तथा पीएम गति शक्ति योजना सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके और आम नागरिकों को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के., अपर कलेक्टर श्री रवि राही, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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लेबर क्वार्टर पर गिरी बाउंड्री वॉल, महिला मजदूर की मौत मामले में स्टील कंपनी के दो मालिकों पर एफआईआर

रायगढ़। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के ग्राम चिराईपानी स्थित ओम श्री रूपेश स्टील कंपनी में लेबर क्वार्टर पर बाउंड्री वॉल गिरने से महिला मजदूर की मौत के मामले में पुलिस ने कंपनी के दो संचालकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। मर्ग जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निर्माण में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार 18 जून को आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान कंपनी परिसर के समीप स्थित बाउंड्री वॉल ढह गई, जिसकी चपेट में लेबर क्वार्टर आ गया। हादसे में मजदूर रंभा यादव (30) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि सुनील परमार और रिंकी डेलकी गंभीर रूप से घायल होकर उपचाररत हैं।

पुलिस जांच में पता चला कि कंपनी संचालक दयानंद अग्रवाल और शंकर अग्रवाल ने क्रेशर प्लांट में महालक्ष्मी कास्टिंग प्रा. लि. की बाउंड्री वॉल से सटाकर बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किए लेबर क्वार्टर का निर्माण कराया था। इसी आधार पर थाना पूंजीपथरा में दोनों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत बीएनएस की धारा 106(1) एवं 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर मजदूरों के जीवन को खतरे में डालने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी।

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महिला पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और सम्मान के लिए रायगढ़ पुलिस की पहल, मासिक धर्म स्वच्छता पर आयोजित हुई कार्यशाला

रायगढ़। महिला पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मानजनक कार्यस्थल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस द्वारा रविवार को पुलिस लाइन उर्दना में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) विषय पर विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला पुलिस रायगढ़ एवं "आगाज़ – एक नई पहल" संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में महिला पुलिसकर्मियों को मासिक धर्म से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों तथा पर्यावरण-अनुकूल सेनेटरी अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक सोच विकसित करना और सुरक्षित एवं सम्मानजनक स्वच्छता प्रबंधन को बढ़ावा देना था।

जिला स्वच्छता मिशन की नोडल अधिकारी सुश्री मोनिका इजारदार ने मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और दैनिक जीवन में स्वच्छ आदतों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने महिला पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल पर गरिमा बनाए रखने, सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग एवं पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य से ही कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिला पुलिसकर्मियों ने मासिक धर्म स्वच्छता एवं जागरूकता का संदेश समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यशाला में "आगाज़ – एक नई पहल" संस्था की फाउंडर सुश्री मोनिका इजारदार, जय कुमार चौहान, प्रकाश जायसवाल, राजेन्द्र साहू, निशि चंदेल सहित जिले के विभिन्न थानों की महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों का स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित कार्य वातावरण विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन से महिला पुलिसकर्मी समाज की सेवा और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकती हैं।

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ऑपरेशन शंखनाद: लैलूंगा पुलिस ने बूचड़खाने ले जाए जा रहे 7 गौवंश बचाए, पिकअप जब्त, तस्कर फरार

रायगढ़। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत लैलूंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बूचड़खाने ले जाए जा रहे सात गौवंशों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप वाहन जब्त कर लिया है, जबकि चालक पुलिस को देखकर जंगल के रास्ते फरार हो गया। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर जा रही बोलेरो पिकअप (क्रमांक JH-01-FL-9697) में गौवंशों को अवैध एवं क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सोनाजोरी-बरदरहा जंगल मार्ग पर नाकेबंदी की। वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें पांच गाय और दो बछुए सहित कुल सात गौवंश अत्यंत अमानवीय स्थिति में भूखे-प्यासे मिले। पुलिस ने करीब 35 हजार रुपये मूल्य के गौवंश तथा लगभग तीन लाख रुपये कीमत की बोलेरो पिकअप जब्त कर कुल 3.35 लाख रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली।

मामले में थाना लैलूंगा में अज्ञात चालक के विरुद्ध अपराध क्रमांक 208/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

इस कार्रवाई में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक एडमोन खेस, नंद कुमार पैंकरा तथा आरक्षक राजू तिग्गा और अभय मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में गौवंशों की अवैध तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी लगातार जारी रहेगी।

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ग्राम रनभांठा में लगातार 5 स्थानों पर पुलिस की दबिश, ₹7 हजार की महुआ शराब जब्त, आबकारी एक्ट के तहत दर्ज हुए अलग-अलग प्रकरण


रायगढ़, 28 जून। रायगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज़ होता जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना पुसौर पुलिस ने ग्राम रनभांठा में लगातार पांच स्थानों पर छापेमार कार्रवाई करते हुए 35 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस के नेतृत्व में 27 जून को मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान खीर प्रसाद खुंटे से 7 लीटर, कार्तिक राम जांगड़े से 6 लीटर, जय कुमार अनंत से 7 लीटर, लम्बोदर सिदार से 8 लीटर तथा घासीदास अनंत से 6 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। सभी आरोपी अवैध रूप से बिक्री के लिए शराब रखे हुए मिले।

पुलिस ने कुल 35 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत ₹7,000 है, जब्त कर सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना पुसौर में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। आरोपियों पर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।

इस अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक दिव्या बंजारे, प्रधान आरक्षक बसंत पाण्डेय, डोल नारायण साव, चन्द्रहास नायक, श्याम दास महंत तथा आरक्षक रामचरण खाण्डेकर, दिलीप सिदार, ठंडाराम गुप्ता सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।

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भूपदेवपुर पुलिस का अवैध शराब कारोबार पर डबल स्ट्राइक: 17 लीटर महुआ शराब जब्त, दो महिला तस्कर गिरफ्तार 

रायगढ़, 28 जून 2026। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भूपदेवपुर पुलिस ने ग्राम किरीतमाल में एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 17 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक नाग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर पहली कार्रवाई ग्राम किरीतमाल में नुकसाना सिदार के घर के पीछे बाड़ी में की। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद शराब पीने वाले कुछ लोग मौके से भाग निकले। तलाशी के दौरान दो प्लास्टिक जरीकेन में रखी 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 1,000 रुपये आंकी गई। शराब जब्त कर आरोपिया के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया।

इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम किरीतमाल में ही रथबाई भारद्वाज के घर दबिश दी। यहां भी पुलिस को देखकर कुछ लोग फरार हो गए। तलाशी के दौरान एक जरीकेन और एक प्लास्टिक बोतल में रखी 7 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 700 रुपये बताई गई। पुलिस ने शराब जब्त कर आरोपिया के विरुद्ध भी आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।

दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 17 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 1,700 रुपये है, जब्त कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस सफल अभियान में थाना प्रभारी उप निरीक्षक नाग, प्रधान आरक्षक जगदीश नायक, संजय तिर्की, आरक्षक गोवर्धन प्रसाद सिदार, संतोष जायसवाल तथा महिला आरक्षक कलिस्ता कुजूर की सराहनीय भूमिका रही।

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"जशपुर में सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ: विधायक रायमुनी भगत ने नन्हे बच्चों को पिलाई पोलियो की दो बूंदें, 'हर बच्चे तक पहुंचे जीवनरक्षक खुराक' का दिया संदेश

जशपुर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने किया। इस अवसर पर उन्होंने नन्हे बच्चों को पोलियो की दो बूंदें पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया तथा सभी नागरिकों से इस जनस्वास्थ्य अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं पोलियो मुक्त समाज का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार का उद्देश्य है कि पाँच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा केवल समय पर टीकाकरण और जनजागरूकता से ही संभव है।

उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंदें अवश्य पिलाएँ तथा अपने आसपास के परिवारों को भी इस अभियान से जोड़कर इसे सफल बनाने में सहयोग करें।

विधायक श्रीमती भगत ने अभियान में जुटे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं सभी स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही यह अभियान घर-घर तक पहुँच रहा है और बच्चों के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से जशपुर जिले में प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुँचाकर पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का असर: शिकायत के 24 घंटे के भीतर छात्र का 9वीं में प्रवेश, शिक्षा विभाग की त्वरित पहल से मिली बड़ी राहत

रायगढ़, 27 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का विभिन्न विभागों द्वारा समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जा रहा है। इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर में देखने को मिला, जहां एक छात्र के विद्यालय प्रवेश से संबंधित शिकायत का त्वरित समाधान करते हुए उसे कक्षा 9वीं में प्रवेश दिलाया गया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में 26 जून 2026 को ग्राम खोखरा, विकासखंड पुसौर निवासी श्री श्याम कुमार पटेल द्वारा शिकायत क्रमांक CC260600048911 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके पुत्र पवन देव पटेल, जिसने वर्ष 2026 में शासकीय माध्यमिक शाला खोखरा से कक्षा 8वीं उत्तीर्ण की है, उसे निकटवर्ती हाई स्कूल में कक्षा 9वीं में प्रवेश दिलाने में कठिनाई आ रही है।

शिकायत प्राप्त होते ही  विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की। उन्होंने शिकायतकर्ता से दूरभाष पर संपर्क कर पूरी जानकारी प्राप्त की तथा छात्र के प्रवेश से संबंधित सभी तथ्यों की जानकारी ली। चर्चा के दौरान पालक ने अपने पुत्र का प्रवेश शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली में कराने की इच्छा व्यक्त की।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करते हुए छात्र एवं उसके पालक को शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली बुलाया। विद्यालय के प्राचार्य को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए, जिसके बाद छात्र पवन देव पटेल का कक्षा 9वीं में विधिवत प्रवेश सुनिश्चित कराया गया। प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने छात्र को नियमित अध्ययन करने, शिक्षा के प्रति समर्पित रहने तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
अपने पुत्र का समय पर प्रवेश होने और समस्या का त्वरित समाधान मिलने पर पालक श्री श्याम कुमार पटेल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिकायत का शीघ्र निराकरण होने से उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और शासन की यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
बीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन और आम नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक प्रभावी एवं भरोसेमंद माध्यम है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन एवं शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को शासन की सेवाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग भी नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को बिना किसी बाधा के शिक्षा का अधिकार प्राप्त हो सके।

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कभी नक्सलियों की लगती थी चौपाल, आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उसी गांव में लगाई जनचौपाल; किसकोड़ो को आदर्श ग्राम बनाने का ऐलान

रायपुर, 27 जून 2026/ कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

       गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

       ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।

        उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

        जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे "भारत माता की जय" के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी श्री आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एडीएम श्री एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ श्री राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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हर बच्चे तक पहुंचेगी पोलियो की दो बूंद: रायगढ़ में 28 जून से राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान, 1.34 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी जीवनरक्षक खुराक

रायगढ़, 27 जून 2026/ पोलियो जैसी गंभीर और स्थायी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन 28 से 30 जून तक किया जाएगा। तीन दिवसीय इस अभियान के दौरान जिले के शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 34 हजार 980 बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ 28 जून को सुबह 8 बजे रामभाठा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, संजय मैदान में महापौर के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा।
      अभियान के पहले दिन 28 जून को जिले के 1307 पोलियो बूथों पर बच्चों को वैक्सीन पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके हैं। इन बच्चों को उनके घर पर ही पोलियो की खुराक देकर अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए जिले के सभी विकासखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। खंड चिकित्सा अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को प्रशिक्षण देकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पहुंच से दूर क्षेत्रों, ईंट भट्ठों, औद्योगिक क्षेत्रों, मलीन बस्तियों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला एवं साप्ताहिक बाजारों जैसे स्थानों पर बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 25 मोबाइल टीमों, 19 ट्रांजिट टीमों, 13 मेला एवं बाजार स्थल टीमों तथा 283 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है।
        मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि पोलियो के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी, जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे न केवल अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलवाएं, बल्कि अपने आसपास के परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जनसहभागिता से ही रायगढ़ जिला पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं! सेवा सेतु पोर्टल से घर बैठे बना आय प्रमाण पत्र, 442 डिजिटल सेवाओं ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी

रायगढ़, 27 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और सुगम शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। जिले के विकासखंड घरघोड़ा के ग्राम साल्हेपाली निवासी विजय कुमार महंत ने बताया कि पहले आय प्रमाण पत्र सहित अन्य शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए उन्हें कई बार शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
       सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने नजदीकी लोक सेवा केन्द्र (सेवा-सेतु केन्द्र) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी हुई और उनका आय प्रमाण पत्र शीघ्र जारी हो गया। विजय महंत ने बताया कि अब शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। समय पर सेवाएं मिलने से न केवल समय की बचत हुई, बल्कि आर्थिक व्यय भी कम हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु पोर्टल ने सरकारी सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच को आसान बना दिया है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह व्यवस्था काफी लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिससे आवश्यक दस्तावेज समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो रहे हैं।

*442 डिजिटल सेवाओं के साथ और सशक्त हुआ सेवा-सेतु केन्द्र*

      प्रदेश में डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए राज्य शासन ने लोक सेवा केन्द्रों को नया स्वरूप प्रदान किया है। अब प्रदेश के सभी लोक सेवा केन्द्र 'सेवा-सेतु केन्द्र' के नाम से संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को पहले की तुलना में कहीं अधिक शासकीय सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य शासन के निर्णय के अनुसार पहले जहां लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से 73 सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 442 सेवाएं कर दी गई है। शासन का उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। सेवा-सेतु केन्द्रों के विस्तार से आम नागरिकों को दस्तावेजों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल रही है और प्रदेश में डिजिटल सुशासन को नई गति मिल रही है।

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मेड़ पर लगाए कुछ पौधों ने बदली किस्मत: रायगढ़ के किसान अरुण सॉ की अनानास खेती से सालाना 2.5 लाख की अतिरिक्त कमाई

रायगढ़, 27 जून 2026/ कभी खेत की मेड़ पर शौक से लगाए गए कुछ अनानास के पौधे एक दिन पूरे परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल देंगे, यह शायद स्वयं अरुण कुमार सॉ ने भी नहीं सोचा था। रायगढ़ जिले के सकरबोगा पंचायत अंतर्गत ग्राम साल्हेओना के इस प्रगतिशील किसान ने वर्षों पहले घरेलू उपयोग के लिए कुछ पौधे लगाए थे। पौधों की अच्छी बढ़वार और फलों की गुणवत्ता ने उन्हें नई दिशा दिखाई। आज वही छोटा-सा प्रयोग लगभग दो एकड़ क्षेत्र में विकसित अनानास के बगीचे का रूप ले चुका है, जहां से वे प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी यह सफलता अब पूरे क्षेत्र में कृषि नवाचार और कृषि विविधीकरण की मिसाल बन चुकी है।
    अरुण सॉ पहले धान सहित पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। शुरुआत में उन्होंने केवल खेत की मेड़ पर कुछ अनानास के पौधे लगाए थे। पौधों से निकलने वाले नए प्ररोहों को अलग कर दोबारा रोपने का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते पौधों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों से समय-समय पर मिले तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक सलाह ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया। धीरे-धीरे उन्होंने अनानास की खेती का रकबा बढ़ाया और इसे व्यावसायिक रूप दे दिया। उनके खेत में आम और अमरूद के बगीचे के बीच कतारबद्ध अनानास के पौधे न केवल आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि यह दिखाते हैं कि एक ही भूमि पर बहुफसली खेती अपनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह मॉडल अब क्षेत्र के किसानों के लिए सीखने का केंद्र बन गया है। अनानास की खेती की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कम लागत है। इस फसल में खाद, कीटनाशकों और सिंचाई की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम होती है, जिससे उत्पादन लागत नियंत्रित रहती है। दूसरी ओर बाजार में अनानास की लगातार मांग बनी रहती है। अरुण सॉ के खेत में तैयार होने वाला प्रत्येक फल गुणवत्ता के अनुसार 40 से 80 रुपये तक बिक जाता है। 
        अरुण सॉ की सफलता का प्रभाव अब केवल उनके खेत तक सीमित नहीं है। फलों की बिक्री के साथ-साथ पौधों से निकलने वाले प्ररोहों की बिक्री भी उनकी अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है। यही कारण है कि आज अनानास की खेती उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का बड़ा आधार बन चुकी है। उनकी बेहतर आय और सफल खेती को देखकर क्षेत्र के अन्य किसान भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। इससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों के लिए आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। अरुण सॉ का कहना है कि खेती में सफलता केवल अधिक मेहनत से नहीं, बल्कि सही फसल के चयन, नई तकनीकों को अपनाने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप कार्य करने से मिलती है। उनका मानना है कि यदि किसान स्थानीय जलवायु और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए लाभकारी फसलों का चयन करें, तो कम भूमि और सीमित संसाधनों में भी अच्छी आमदनी अर्जित की जा सकती है।

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जशपुर का 'ग्रीन गोल्ड' बनी नाशपाती, सन्ना-मनोरा के बागानों से किसानों की किस्मत चमकी, बागवानी से लिखी जा रही समृद्धि की नई इबारत

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी वादियों और हरियाली के लिए पहले से ही प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब यह जिला बागवानी के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। जिले के सन्ना और मनोरा विकासखंड में बड़े पैमाने पर हो रही नाशपाती की खेती किसानों के लिए किसी "ग्रीन गोल्ड" से कम साबित नहीं हो रही है। बेहतर उत्पादन, बाजार में अच्छी कीमत और बढ़ती मांग ने नाशपाती को जिले की सबसे लाभकारी बागवानी फसलों में शामिल कर दिया है। इसका सीधा लाभ किसानों की आर्थिक स्थिति पर दिखाई दे रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि की नई तस्वीर उभर रही है।

जशपुर जिले के सन्ना और मनोरा क्षेत्र की जलवायु, ऊंचाई और उपजाऊ मिट्टी नाशपाती उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। यही वजह है कि यहां तैयार होने वाली नाशपाती अपने बेहतरीन स्वाद, प्राकृतिक मिठास, आकर्षक आकार और उच्च गुणवत्ता के कारण प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों के बाजारों में भी अलग पहचान बना चुकी है। हर वर्ष व्यापारियों की मांग बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों ने नाशपाती उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक तरीके से बागानों का रखरखाव, समय पर सिंचाई, पौध संरक्षण और पोषण प्रबंधन के कारण एक-एक पेड़ से लगभग 400 से 500 किलोग्राम तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है। उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और अब कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर बागवानी की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।

बाजार में नाशपाती का थोक मूल्य 40 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलने से किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां किसान धान, मक्का और अन्य पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते थे, वहीं अब नाशपाती की खेती से लाखों रुपये की आमदनी अर्जित कर रहे हैं। अच्छी कमाई होने से किसान अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं, आधुनिक कृषि उपकरण खरीद रहे हैं तथा अपने जीवन स्तर में भी सुधार कर रहे हैं।

सन्ना क्षेत्र के एक प्रगतिशील किसान ने बताया कि पहले पारंपरिक खेती में अधिक मेहनत के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिलता था। उद्यानिकी विभाग की सलाह पर नाशपाती का बागान लगाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल गई। अब हर सीजन में अच्छी आय हो रही है और परिवार आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।

नाशपाती की बढ़ती मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि व्यापारी स्वयं किसानों के बागानों तक पहुंचकर फलों की खरीद कर रहे हैं। इससे किसानों को परिवहन की अतिरिक्त लागत से राहत मिल रही है और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य भी आसानी से प्राप्त हो रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नाशपाती की खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जशपुर में कृषि-पर्यटन (एग्रो टूरिज्म) की संभावनाएं भी तेजी से विकसित हो रही हैं। फलों से लदे खूबसूरत बागान पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। यदि इस दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं तो भविष्य में जशपुर बागवानी पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है।

उद्यानिकी विभाग किसानों को उन्नत पौधे, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा बागानों के बेहतर प्रबंधन की जानकारी लगातार उपलब्ध करा रहा है। विभाग के सहयोग से हर वर्ष नाशपाती के रकबे में वृद्धि हो रही है और नए किसान भी इस खेती से जुड़ रहे हैं।

जशपुर की यह सफलता साबित करती है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए तो बागवानी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है। आज सन्ना और मनोरा के नाशपाती उत्पादक किसान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। जशपुर की "ग्रीन गोल्ड" कही जाने वाली नाशपाती न केवल किसानों के जीवन में खुशहाली ला रही है, बल्कि जिले को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान भी दिला रही है।

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ओम हाइट्स अपार्टमेंट में सूने मकान को चोरों ने बनाया निशाना, आलमारी तोड़कर फरार हुए बदमाश, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

रायगढ़, 27 जून। शहर के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र स्थित ओम हाइट्स अपार्टमेंट में एक सूने मकान में चोरी की वारदात सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही चक्रधरनगर पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, ओम हाइट्स अपार्टमेंट के मकान नंबर-301 में रेशम उद्योग विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी राकेश श्रीवास्तव अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। दोनों पिछले वर्ष अक्टूबर माह से उपचार के लिए मुंबई में हैं। उनकी अनुपस्थिति में घर की एक चाबी घरेलू सहायिका चंद्रकांति देवांगन के पास थी, जो समय-समय पर घर की साफ-सफाई करने आती थी।

शनिवार सुबह जब घरेलू सहायिका मकान खोलकर अंदर पहुंची तो उसने देखा कि घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ है और आलमारी खुली हुई है। चोरी की आशंका होते ही उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चक्रधरनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम, साइबर सेल, फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने पूरे मकान का निरीक्षण किया, फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मकान से कितनी नकदी, जेवरात या अन्य कीमती सामान चोरी हुआ है। पुलिस के अनुसार मकान मालिक के रायगढ़ लौटने और घर का पूरा निरीक्षण करने के बाद ही चोरी गई संपत्ति का सही आकलन हो सकेगा।

घरेलू सहायिका की रिपोर्ट पर थाना चक्रधरनगर में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध नकबजनी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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