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तमनार में दो चोरियों का बड़ा खुलासा: मिलुपारा से बाइक चोरी और कुधरीपारा की दुकान में सेंधमारी करने वाले 6 नाबालिग समेत 7 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े, चोरी की बाइक और वारदात में प्रयुक्त वाहन बरामद

रायगढ़, 22 अगस्त। तमनार पुलिस ने क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 6 विधि से संघर्षरत बालकों और एक 20 वर्षीय युवक समेत कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक, मिलुपारा चौक से मोटरसाइकिल चोरी और कुधरीपारा मंदिर चौक तिराहा स्थित दुकान में चोरी की घटनाएं 12 अगस्त की रात हुई थीं। मिलुपारा में किराये के मकान में रहने वाले रतन कुमार धोबी ने अपनी एचएफ डीलक्स बाइक घर के सामने खड़ी की थी, जो सुबह गायब मिली। वहीं कुधरीपारा में चोरों ने दुकान का दरवाजा तोड़कर करीब 9 हजार रुपये का खाद्य सामान और 1 हजार रुपये नकद चोरी कर लिया था।

मुखबिर की सूचना से पुलिस को मिली अहम कड़ी

दोनों मामलों की जांच थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर के नेतृत्व में शुरू की गई। पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया। इसी दौरान तीन संदिग्ध नाबालिगों के वारदात में शामिल होने की सूचना मिली। पूछताछ में उन्होंने चोरी में कुल 7 लोगों के शामिल होने की जानकारी दी।

पुलिस ने तीन विधि से संघर्षरत बालकों के कब्जे से चोरी की बाइक और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली। इसके बाद 20 अगस्त को तीन अन्य विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लिया गया, जिन्होंने पूछताछ में चोरी की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया।

फरार युवक भी पकड़ा गया

वारदात में शामिल मुकेश अगरिया पिता मेहत्तर अगरिया, उम्र 20 वर्ष, निवासी जांजगीर, थाना तमनार घटना के बाद फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने 6 नाबालिगों के साथ मिलकर दोनों चोरियों को अंजाम देना स्वीकार किया। उसके कब्जे से चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।

पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

इनकी रही अहम भूमिका

चोरी की दोनों घटनाओं का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर, प्रधान आरक्षक बनारसी सिदार, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, रंजीत भगत एवं पुरुषोत्तम सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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खरसिया के स्कूलों में साइबर जागरूकता की धूम, दो दिन में 1500 से ज्यादा विद्यार्थियों को पुलिस ने बताए ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके

खरसिया। साइबर अपराधों से बचाव को लेकर खरसिया पुलिस ने स्कूलों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत पुलिस टीम लगातार स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को सोशल मीडिया, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है। दो दिनों में ही खरसिया क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में 1500 से अधिक विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपाय बताए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन तथा चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। विवेकानंद कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में करीब 900 विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। वहीं शंकराचार्य स्कूल में करीब 500 विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसिया में भी पुलिस टीम ने छात्राओं से संवाद कर साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।

अनजान लिंक और मैसेज से रहें सावधान

कार्यक्रम में एसडीओपी सतीश भार्गव ने विद्यार्थियों को बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार जागरूकता है। इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय किसी अनजान व्यक्ति, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।

चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया कि साइबर अपराध का खतरा बच्चों और युवाओं के लिए भी बना हुआ है। उन्होंने निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और ओटीपी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान एप डाउनलोड करने, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से बातचीत करने और ऑनलाइन लालच में आकर अपनी जानकारी साझा करने से बचने को कहा।

घटना हो तो छिपाएं नहीं, तुरंत बताएं

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ या किसी परिचित के साथ कोई संदिग्ध साइबर घटना होती है तो डरने या उसे छिपाने के बजाय तत्काल अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें। समय पर सूचना मिलने से साइबर अपराध के मामले में कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।

क्यूआर कोड के जरिए अभियान से जुड़ने की अपील

निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को “साइबर जागृति अभियान” के क्यूआर कोड के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ा जा सकता है और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर जागरूकता का संदेश आगे बढ़ाया जा सकता है।

पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि साइबर जागरूकता को केवल स्कूल तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। खरसिया क्षेत्र में स्कूलों में चल रहा यह अभियान विद्यार्थियों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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आईजी राम गोपाल गर्ग ने किया रायगढ़ पुलिस का वार्षिक निरीक्षण, पुलिसिंग में पारदर्शिता और डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर

रायगढ़। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण पर रायगढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि जिला पुलिस कार्यालय जिले की पुलिसिंग का नियंत्रण केंद्र है, इसलिए यहां से होने वाले कार्यों का सीधा असर फील्ड पुलिसिंग पर पड़ता है।

आईजी गर्ग ने फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों के वेतन, देयक, अवकाश और कल्याणकारी सुविधाओं का समय पर निराकरण करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस कार्यालय की एक-एक शाखा की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, चिटफंड मामलों में प्रगति, ऑनलाइन पोर्टलों को नियमित अपडेट रखने तथा शासकीय वाहनों व संपत्तियों के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए।

नए कानूनों के क्रियान्वयन में सीसीटीएनएस को बताया अहम

निरीक्षण के दौरान आईजी ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में सीसीटीएनएस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ई-साक्ष्य, ई-समन, ई-फॉरेंसिक सहित डिजिटल प्रक्रियाओं के बेहतर इस्तेमाल के लिए पुलिसकर्मियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से पुलिसिंग में पारदर्शिता और कार्यों में तेजी लाई जा सकती है।

अपराध और कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा

आईजी गर्ग ने जिले में प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक लेकर अनुविभागवार कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और क्षेत्रीय पुलिसिंग की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम के साथ आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

चक्रधरनगर थाने का औचक निरीक्षण

देर शाम आईजी राम गोपाल गर्ग ने थाना चक्रधरनगर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा मौजूद रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा एवं थाना स्टाफ ने आईजी का स्वागत किया।

आईजी ने थाने के पुलिसकर्मियों से सीधे संवाद कर उनके कार्यों और जिम्मेदारियों की जानकारी ली। उन्होंने विवेचक कक्ष, मालखाना, सीसीटीएनएस कक्ष, हेल्प डेस्क, बैठक व्यवस्था और थाना परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। थाना परिसर की व्यवस्थाओं की उन्होंने सराहना की।

सीसीटीएनएस कक्ष में आईजी ने ऑनलाइन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और ऑनलाइन रोजनामचा एंट्री की व्यवस्था की विशेष प्रशंसा की। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले के सभी थानों में सीसीटीएनएस के माध्यम से ऑनलाइन रोजनामचा दर्ज किया जा रहा है और काफी समय से मैनुअल रोजनामचा लेखन बंद है।

पारदर्शी और भरोसेमंद पुलिसिंग पर जोर

पत्रकारों से चर्चा में आईजी गर्ग ने कहा कि रायगढ़ जिला बिलासपुर रेंज का बिलासपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा जिला है और यहां की पुलिसिंग की चुनौतियां भी अलग हैं। उन्होंने पुलिसिंग में पारदर्शिता, डिजिटल प्रगति और टीम भावना के साथ काम करते हुए मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

आईजी ने रायगढ़ पुलिस की नियंत्रण व्यवस्था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की पुलिसिंग की भी सराहना की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों से आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत करने वाली पुलिसिंग को प्राथमिकता देने की अपील की।

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ऑपरेशन आघात: लैलूंगा पुलिस ने 4.108 किलो गांजा के साथ महिला समेत दो तस्करों को पकड़ा, बोलेरो समेत 10 लाख की संपत्ति जब्त

रायगढ़/लैलूंगा। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का ऑपरेशन आघात लगातार जारी है। अभियान के तहत लैलूंगा पुलिस ने लगातार दूसरे दिन गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.108 किलो गांजा, जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई है, तथा तस्करी में इस्तेमाल बोलेरो वाहन, जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये है, जब्त किया है। कार्रवाई में कुल करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

पुलिस के मुताबिक, लैलूंगा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सफेद रंग की बोलेरो में ओडिशा से गांजा लेकर तस्कर लैलूंगा-पत्थलगांव के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखते हुए घेराबंदी शुरू की।

इसी दौरान मार्ग पर एक मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। भागने के दौरान वह मोटरसाइकिल से गिर गया और घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए सीएचसी लैलूंगा भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध बोलेरो की तलाश जारी रखी।

कुछ देर बाद पाकरगांव की ओर से लैलूंगा की तरफ आती सफेद रंग की बोलेरो क्रमांक 26 BH 4095 B दिखाई दी। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन को दूसरी दिशा में भगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम जशवंत कुमार शर्मा (32), निवासी लखनऊ, उत्तर प्रदेश बताया। वाहन में मौजूद महिला की पहचान ज्योति जाटव (23), निवासी लखनऊ, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ ले जाना स्वीकार किया।

तलाशी के दौरान महिला के काले रंग के पिट्ठू बैग से चार पैकेट में कुल 4.108 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा और तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो वाहन को जब्त कर लिया।

लैलूंगा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस की इस लगातार दूसरी कार्रवाई से गांजा तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव, एएसआई प्रेम साय भगत, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैकरा, आरक्षक देव प्रसाद राठिया, शशिभूषण उरांव, राजू तिग्गा, चमर साय भगत तथा महिला आरक्षक लीलावती एक्का शामिल रहे।

जब्ती

  • गांजा: 4.108 किलोग्राम, कीमत करीब 2 लाख रुपये
  • बोलेरो वाहन: कीमत करीब 8 लाख रुपये
  • कुल जब्ती: करीब 10 लाख रुपये

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और तस्करी में संलिप्त आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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गेरवानी शराब दुकान में गार्ड पर फायरिंग का खुलासा, बिहार के खेत में छिपा मिला आरोपी

रायगढ़। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के गेरवानी स्थित शासकीय देशी कम्पोजिट शराब दुकान में गार्ड पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को बिहार के जमुई जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के बाद रायगढ़ से फरार होकर अपने गांव पहुंच गया था और पुलिस से बचने के लिए खेत में छिपा हुआ था। पूंजीपथरा पुलिस ने करीब दो घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाकर उसे दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद की गई है।

जानकारी के मुताबिक 17 अगस्त की रात गेरवानी शराब दुकान में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात चन्द्रशेखर पटेल ड्यूटी पर था। इसी दौरान विवेक कुमार यादव अपने साथी रोशन ठाकुर के साथ शराब दुकान पहुंचा। देर रात दुकान आने को लेकर गार्ड ने दोनों को डांट-फटकार लगाई, जिसके बाद विवाद हो गया। दोनों युवक वहां से लौट गए, लेकिन कुछ देर बाद विवेक पिस्टल लेकर वापस शराब दुकान पहुंचा और गार्ड से विवाद करते हुए फायरिंग कर दी। गोली गार्ड के पेट में लगी।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल गार्ड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान शुरू की। पुलिस ने गेरवानी क्षेत्र में मजदूरों और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पता चला कि विवेक कुमार यादव अग्रोहा स्टील प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरी करता था और घटना के बाद से गायब है।

इसके बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पूंजीपथरा पुलिस और साइबर टीम ने आरोपी की तलाश में बिहार के जमुई जिले तक पहुंच बनाई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसके गांव खैरा में दबिश दी गई। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी घर से निकलकर खेत की ओर भाग गया और वहां छिप गया। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे खेत से पकड़ लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि शराब दुकान पर गार्ड द्वारा की गई डांट-फटकार से उसका साथी रोशन परेशान था। इसी बात से नाराज होकर वह पिस्टल लेकर वापस शराब दुकान पहुंचा और गार्ड पर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि उसने अपने गांव में एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये में पिस्टल और एक गोली खरीदी थी।

पूंजीपथरा पुलिस ने आरोपी विवेक कुमार यादव (19 वर्ष), निवासी जीतझिंगोई, थाना खैरा, जिला जमुई, बिहार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से पिस्टल बरामद की गई है। मामले में फरार दूसरे आरोपी रोशन ठाकुर की तलाश जारी है।

पुलिस ने घायल गार्ड की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 206/2026 के तहत धारा 296, 351(3), 109(1) बीएनएस तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा, आरक्षक हेम सागर पटेल, विक्रम कुजूर, ओम प्रकाश तिवारी और विनोद शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराध कर दूसरे राज्य में छिपने वाले आरोपियों की भी रायगढ़ पुलिस लगातार पतासाजी कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस समन्वय के जरिए ऐसे आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बन रहीं बिहान की महिलाएं, गृहणी से लखपति दीदी बनने तक सावित्री का सफर

रायगढ़, 22 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दे रही है। ग्रामीण महिलाओं को बचत, ऋण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर उनके हुनर को आजीविका का माध्यम बनाया जा रहा है। रायगढ़ जिले के गांवों में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है, जहां महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर और मेहनत के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। ग्राम पंचायत सियारपाली की निवासी सावित्री राणा की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।

*गृहणी से आत्मनिर्भर महिला बनने का सफर*

रायगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सियारपाली की निवासी सावित्री राणा बिहान योजना से जुड़ने से पहले एक सामान्य गृहणी थीं। परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली सावित्री ने स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद बचत की आदत विकसित की। समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग और बैंक ऋण ने उनके लिए आजीविका का नया रास्ता खोला। उन्होंने मिट्टी के दीये, मटके, गमले, गुल्लक सहित विभिन्न उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का निर्माण शुरू किया। अपने हुनर और मेहनत से सावित्री ने कुम्हारी के पारंपरिक काम को आय का जरिया बना लिया है। आज उनकी मासिक आय लगभग 8 से 9 हजार रुपये तक पहुंच गई है और वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

*समूह से मिला सहारा, ऋण बना कारोबार की नींव*

सावित्री राणा कृष्णा स्व-सहायता समूह और जागृति ग्राम संगठन से जुड़ी हैं। बिहान योजना के माध्यम से समूह में नियमित बचत के साथ उन्हें आंतरिक वित्तीय सहयोग और ऋण की सुविधा मिली। आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए उन्होंने आरएफ से 4 हजार रुपये और सीआईएफ से 8 हजार रुपये का सहयोग प्राप्त किया। इसके बाद बैंक से पहली बार 30 हजार रुपये तथा दूसरी बार 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने कुम्हार व्यवसाय को आगे बढ़ाया। वर्तमान में सावित्री राणा ने बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लिया है, जिसमें से अब केवल 30 हजार रुपये की राशि शेष है। नियमित मेहनत और आजीविका से हुई आय के माध्यम से वे ऋण की अदायगी भी कर रही हैं।

*मिट्टी से गढ़ी उम्मीद, हुनर से बढ़ी आमदनी*

सावित्री बताती हैं कि कुम्हार का काम उनके लिए केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बन गया है। वे मिट्टी से अलग-अलग आकार और उपयोग की वस्तुएं तैयार करती हैं। त्योहारों और मांग के अनुसार दीये तैयार करने के साथ मटके, गमले, गुल्लक तथा अन्य वस्तुओं का निर्माण कर उनका विक्रय करती हैं। उत्पादों की बिक्री से प्राप्त आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद की है। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनमें आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। पहले जहां वे केवल गृहणी की भूमिका तक सीमित थीं, वहीं अब अपनी आजीविका गतिविधि संचालित कर परिवार की आय में सहभागी बन चुकी हैं।

*जिला प्रशासन के प्रयासों से महिलाओं को मिल रहा आजीविका का मंच*

रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। समूहों को वित्तीय सहायता, बैंक ऋण से जोड़ने, कौशल आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं में बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता की भावना मजबूत हो रही है।

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महतारी वंदन की राशि से तारागिरी ने खरीदी राखी, आर्थिक संबल से बढ़ी रक्षाबंधन की खुशियां; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति जताया आभार

रायगढ़ 22 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। इस वर्ष रायगढ़ शहर के इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 7 की निवासी तारागिरी गोस्वामी के लिए यह पर्व और भी खास बन गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की महतारी वंदन योजना से प्राप्त इस माह की राशि का उपयोग उन्होंने रक्षाबंधन की तैयारियों और राखी की खरीदारी के लिए किया है। आर्थिक सहयोग मिलने से उनके परिवार में पर्व की खुशियां और बढ़ गई हैं।
             तारागिरी गोस्वामी ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिली राशि से उन्होंने राखी की खरीदारी की है और अब परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए अपनी आवश्यकताओं और त्योहारों की तैयारियों में उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। त्योहार के अवसर पर मिली राशि से खरीदारी करने का अवसर मिलने से उनके चेहरे पर खुशी है और वे पूरे उत्साह के साथ रक्षाबंधन मनाएंगी।
         तारागिरी ने कहा कि “राखी का बंधन, खुशियों का संसार—महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार”। योजना की राशि ने उनके लिए रक्षाबंधन की खुशियों को और यादगार बना दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।

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गणित की समझ से लेकर पहाड़े तक, बच्चों की बुनियादी दक्षता मजबूत करने शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

रायगढ़ 22 अगस्त 2026/बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करने और प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से पुसौर विकासखंड के प्राथमिक शाला बोदाटिकरा में शनिवारिय बैठक-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। 22 अगस्त शनिवार को संयुक्त संकुल गढ़उमरिया, डूमरमुड़ा और छातामुरा के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा तीसरी, चौथी और पांचवीं में गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। 
            विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने बताया कि प्रशिक्षण में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 के उद्देश्यों, बच्चों में गणितीय क्षमता विकसित करने तथा मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के माध्यम से हासिल करने पर चर्चा की गई। गणितीय मॉडल और शिक्षण-अधिगम सामग्री के माध्यम से बच्चों की सहभागिता बढ़ाने तथा कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने की विधियां बताईं गई।

*कक्षा में सीखने के प्रतिफल पर रहे विशेष ध्यान*

विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने  शिक्षकों को शाला समय में नियमित एवं समय पर उपस्थित रहने, वीएसके एप पर उपस्थिति दर्ज करने तथा पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने कहा। प्रधान पाठकों को नियमित रूप से कक्षाओं की निगरानी करने और बच्चों में कक्षा अनुरूप सीखने के प्रतिफल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का सीखने का स्तर अपेक्षित नहीं है, उनके लिए विशेष रूप से उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जाए। कक्षा तीसरी से पांचवीं के बच्चों को 20 तक पहाड़ा याद कराने, हिंदी पाठ्यपुस्तक का आदर्श पठन कराने तथा तीन अंकों की संख्याओं के गुणनखंड और भाग की समझ विकसित करने का लक्ष्य दिया गया। कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों के लिए बारहखड़ी का नियमित अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए। निर्धारित लक्ष्यों को 31 अगस्त तक पूरा करने कहा गया।

*दैनंदिनी के अनुसार हो अध्यापन, शासकीय स्कूलों में बढ़े प्रवेश*

शिक्षकों को प्रतिदिन दैनंदिनी लेखन करने और उसके अनुसार कक्षा-कक्ष में अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने शासकीय विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता में निरंतर सुधार कर उन्हें विद्यार्थियों और अभिभावकों की पसंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निजी विद्यालयों की ओर जाने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक संख्या में शासकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने कहा।

*बैगलेस दिवस में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी*

बैठक में प्रत्येक शनिवार को बैगलेस दिवस के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश दिए गए। नवोदय, एकलव्य, प्रयास, राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति और उत्कर्ष परीक्षा जैसी परीक्षाओं की तैयारी नियमित रूप से कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षण में तीनों संकुलों से 22 शिक्षक तथा संकुल समन्वयक गुरुदेव गुप्ता, मुरलीधर गुप्ता एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के घनश्याम प्रधान सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को गतिविधि आधारित एवं प्रभावी अध्यापन के लिए तैयार करने के साथ प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया।

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रायगढ़ ने रचा जल संरक्षण का नया रिकॉर्ड, जेएसजेबी 2.0 में 31,157 जल संरक्षण कार्य दर्ज, 29,947 काम पूरे; अब जेएसजेबी 3.0 में ‘हर बूंद सहेजने’ का नया संकल्प

रायगढ़, 22 अगस्त 2026/ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल संवर्धन को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में रायगढ़ जिले ने जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) 2.0 के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा कुल 31,157 जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य दर्ज किए गए हैं। इनमें से 29,947 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1,210 कार्य प्रगतिरत हैं। यह उपलब्धि जिले में जल संरक्षण के प्रति विभागीय समन्वय, ग्राम स्तर पर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनभागीदारी की मजबूत भावना को प्रदर्शित करती है।

*विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी* 

जेएसजेबी 2.0 के अंतर्गत जिला पंचायत, वन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, उद्योग विभाग, नगरीय निकाय एवं जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों ने जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्ट के अनुसार जिला पंचायत द्वारा सर्वाधिक 22,906 कार्य दर्ज किए गए, जिनमें 21,929 कार्य पूर्ण हैं। वन मंडल रायगढ़ द्वारा 3,971, वन मंडल धरमजयगढ़ द्वारा 2,342, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 1,185, नगर निगम द्वारा 328 तथा जल संसाधन विभाग के रायगढ़ एवं धरमजयगढ़ संभाग द्वारा क्रमशः 92 एवं 102 कार्य दर्ज किए गए।

*वीबी-जीराम जी और मनरेगा से जल संरक्षण को मिला बल* 

ग्राम स्तर पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए वीबी-जीराम जी एवं मनरेगा के माध्यम से कुल 1,332 जल संरक्षण कार्य लिए गए हैं। इनमें वीबी-जीराम जी के अंतर्गत 757 कार्य तथा मनरेगा के अंतर्गत 575 कार्य शामिल हैं। इन कार्यों में 509 रिचार्ज पिट/सोक पिट, 92 लूज बोल्डर चेक डैम, 66 वर्षा जल संचयन संरचनाएं, 55 तालाब गहरीकरण/सफाई से संबंधित कार्य, 36 ट्रेंच एवं जल अवशोषण खाई कार्य, 32 गैबियन संरचनाएं, 21 अर्थन गली प्लग, 36 सैंड फिल्टर फॉर बोरवेल, 251 पौधरोपण तथा अन्य जल संरक्षण एवं हरित विकास कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अजीविका डबरी के 114 कार्य, नाला सफाई के 66 कार्य, नावा तरिया के 23 कार्य, परकोलेशन टैंक, खुले कुएं, कच्ची नाली एवं अन्य संरचनात्मक कार्य भी जल संरक्षण की व्यापक रणनीति का हिस्सा रहे हैं। इन कार्यों के माध्यम से वर्षा जल को गांवों में अधिक से अधिक रोकने, भू-जल पुनर्भरण बढ़ाने, जल स्रोतों की क्षमता एवं उपयोगिता बनाए रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

*अब जेएसजेबी 3.0 में रायगढ़ का नया संकल्प* 

जेएसजेबी 2.0 की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए अब रायगढ़ जिला जेएसजेबी 3.0 जल संचयन जन भागीदारी-कैच द रेन अभियान में भी सक्रिय रूप से भागीदारी करेगा। जेएसजेबी 3.0 के अंतर्गत जिले में केवल नई जल संरचनाओं के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि पूर्व में निर्मित जल संरचनाओं के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं प्रभावी उपयोग, वर्षा जल के अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों की दीर्घकालिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय जल आवश्यकता एवं जल उपलब्धता के आधार पर कार्यों की पहचान कर तालाब, डबरी, नाला, कुआं, जल संचयन एवं रिचार्ज संरचनाओं के संरक्षण और सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाएगा।

*हर बूंद का संचयन, जल स्रोतों का संरक्षण*

रायगढ़ जिला जेएसजेबी 3.0 के माध्यम से कैच द रेन की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाते हुए जल संरक्षण को केवल विभागीय गतिविधि न रखकर जनभागीदारी का स्थायी अभियान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। जेएसजेबी 2.0 में हासिल उपलब्धियों के आधार पर अब जेएसजेबी 3.0 में रायगढ़ का लक्ष्य स्पष्ट है। “हर बूंद को सहेजना, हर जल स्रोत को संवारना और हर गांव को जल सुरक्षा की ओर बढ़ाना। जल संरक्षण के इन प्रयासों में ग्राम पंचायतों, ग्रामीणों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं विभिन्न विभागों की सहभागिता से रायगढ़ जिले में जल जीवन एवं जल संरक्षण की मजबूत आधारशिला तैयार की जाएगी।

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नशीली व नकली दवाओं के खिलाफ का सघन अभियान, चार मेडिकल प्रतिष्ठानों की जांच

रायगढ़, 21 अगस्त 2026/ नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशानुसार नशीली एवं नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ शहर में राज्यव्यापी विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सीएण्डएफ एजेंट, सुपर स्टॉकिस्ट, थोक औषधि विक्रेताओं सहित संदिग्ध प्रतिष्ठानों को चिन्हांकित कर उनके यहां दवाओं के क्रय-विक्रय, स्टॉक एवं संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। इसी क्रम में 21 अगस्त को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रायगढ़ शहर में सुमित फार्मा, श्रीराम मेडिकल स्टोर, ओम मेडिकल स्टोर एवं अनुराग मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा प्रतिष्ठानों में उपलब्ध औषधियों के स्टॉक, क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों तथा अभिलेखों की नियमानुसार जांच की गई।
              खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जांच के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान में औषधि नियमों का उल्लंघन अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी की जाएगी। अभियान का उद्देश्य नशीली, नकली एवं संदिग्ध दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना है।

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एग्रीस्टैक के लंबित ‘अनक्लेम्ड बकेट’ प्रकरणों के निराकरण के 15 सितम्बर तक चलेगा विशेष अभियान

रायगढ़, 21 अगस्त 2026/ किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराने और एग्रीस्टैक से संबंधित लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए 15 सितंबर 2026 तक एग्रीस्टैक के सभी लंबित ‘अनक्लेम्ड बकेट’ प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए हैं। जिले समस्त किसानों से अपने अपने जमीन का फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के लिया अपील की गई है।  इसके लिए किसानों से संबंधित बीएलई,सीएसी सेंटर, समिति प्रबंधक कार्यालय और क्षेत्र के संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा  गया। 
अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने कहा गया है।
वर्तमान  फॉर्मर रजिस्ट्री (बकेट दावा) रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 3 लाख 5 हजार 717 बकेट प्रकरण दर्ज हैं। इनमें से 1 लाख 33 हजार 873 बकेट पर दावा किया जा चुका है, जबकि 1 लाख 71 हजार 844 बकेट अभी दावा किए जाने के लिए लंबित हैं। इन लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रतिदिन 8 हजार 183 प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए प्रत्येक अनुविभाग, तहसील एवं धान उपार्जन समिति के निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप कार्य किया जाए। किसी भी स्तर पर प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। 

*गांव-पारा-मोहल्लों में लगेंगे विशेष शिविर*

अभियान के तहत जिले की सभी धान उपार्जन समितियों के साथ-साथ ग्राम, पारा एवं मोहल्ला स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से लंबित प्रकरणों से संबंधित किसानों को सूचना दी जाएगी और उनसे आवश्यक दस्तावेज एवं दावा प्राप्त कर एग्रीस्टैक पोर्टल पर प्रकरणों के निराकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिन किसानों ने अभी तक दावा प्रस्तुत नहीं किया है अथवा दस्तावेजों के अभाव में जिनके प्रकरण लंबित हैं, उनसे संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने तथा नियमानुसार दावा दर्ज कराने की प्रक्रिया शिविरों में पूरी की जाएगी। इससे किसानों को अपने लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।

*उप संचालक कृषि होंगे नोडल अधिकारी, प्रतिदिन होगी समीक्षा*

कलेक्टर ने उप संचालक कृषि, रायगढ़ को अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। नोडल अधिकारी द्वारा अभियान की नियमित निगरानी करते हुए प्रतिदिन की प्रगति का संकलन किया जाएगा तथा अनुविभागवार एवं धान उपार्जन समितिवार प्रगति रिपोर्ट तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान की सतत समीक्षा एवं पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा कलेक्टर स्तर पर भी की जाएगी। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 15 सितंबर तक एग्रीस्टैक के सभी लंबित ‘अनक्लेम्ड बकेट’ प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को उनके लंबित दावों का समय पर लाभ मिल सके।

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बहनों के सम्मान और आर्थिक संबल की मजबूत कड़ी बनी महतारी वंदन योजना, वृंदावती के लिए 30वीं किस्त बनी राखी की खुशियों का सहारा

रायगढ़, 21 अगस्त 2026/ महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की एक ऐसी पहल बनकर सामने आई है, जिसने प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को अपने छोटे-बड़े घरेलू खर्चों के लिए आर्थिक सहारा दिया है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित सहायता राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान का आधार भी बन रही है। ऐसी ही कहानी वृंदावती सिदार की है, जिनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में महतारी वंदन योजना की राशि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
             रायगढ़ की वृंदावती सिदार बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि से उन्हें घर के जरूरी खर्चों को संभालने में काफी मदद मिलती है। कभी बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें पूरी करनी हों, कभी दवाई खरीदनी हो या घर-गृहस्थी की छोटी-छोटी आवश्यकताओं का खर्च उठाना हो, योजना की राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है। इससे उन्हें हर माह के खर्चों को व्यवस्थित करने में आर्थिक राहत मिलती है।

*30वीं किस्त बनी रक्षाबंधन की खुशी का आधार*

वृंदावती के लिए इस बार महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त विशेष खुशी लेकर आई। उन्होंने इस राशि से राखी खरीदी है। रक्षाबंधन के अवसर पर जब वह अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधेंगी, तो उस स्नेह के धागे में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सम्मान की भावना भी जुड़ी होगी। उनके लिए यह राशि केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने परिवार और रिश्तों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी बनी है। वृंदावती कहती हैं कि पहले घर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परिवार के बजट को देखकर खर्च करना पड़ता था। अब हर महीने मिलने वाली राशि से उन्हें अपने स्तर पर कई आवश्यक खर्च पूरे करने में सुविधा होती है। बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घरेलू जरूरतों में यह राशि उनके लिए लगातार सहारा बनी हुई है।

*योजना ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास*

महतारी वंदन योजना का प्रभाव केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। नियमित रूप से राशि मिलने से महिलाओं को अपने परिवार की जरूरतों में योगदान देने का अवसर मिल रहा है। वृंदावती सिदार ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खाते में नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि उनके लिए बड़ी सुविधा है।

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शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ई-गिरदावरी के लिए कलेक्टर ने किया खरसिया के गांवों का मैदानी निरीक्षण

रायगढ़, 21 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज शुक्रवार  को खरसिया विकासखंड के विभिन्न ग्रामों एवं सेवा सहकारी समितियों का भ्रमण कर ई-गिरदावरी (डीसीएस-डिजिटल क्रॉप सर्वे) कार्य का मैदानी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम डोमनारा, तहसील खरसिया में पहुंचकर खेतों में चल रहे डिजिटल फसल सर्वे की स्थिति का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों एवं सर्वेयरों से सर्वे कार्य की प्रगति, प्रक्रिया और मैदानी स्तर पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान खरसिया एसडीएम श्री प्रवीण भगत, तहसीलदार एवं राजस्व अमला उपस्थित रहा। कलेक्टर ने चपले स्थित सेवा सहकारी समिति में आयोजित बकेट क्लेम पंजीयन शिविर का भी निरीक्षण किया।

*राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के अनुरूप हो शत-प्रतिशत गिरदावरी*

छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी निर्देशों तथा आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित ई-गिरदावरी का कार्य कराया जा रहा है। शासन द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में फसल गिरदावरी कार्य में विशेष सावधानी एवं पारदर्शिता बरतने के निर्देश हैं।

*समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं प्राइस सपोर्ट स्कीम*

 (पीएसएस) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फसल गिरदावरी की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से जिले के सात विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले 105 धान उपार्जन केंद्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के ग्रामों में ई-गिरदावरी कार्य की सतत निगरानी करते हुए शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित सर्वे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

 *खेतों में पहुंचकर वास्तविक फसल और रकबे का होगा सत्यापन*

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 17 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। सर्वेयरों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से खेतों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति के आधार पर फसल की जानकारी दर्ज की जा रही है। सर्वे के दौरान तालाब, मेड़, पड़ती, खलिहान तथा अन्य फसलों को चिन्हित करते हुए वास्तविक फसल रकबे का सही निर्धारण किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्धारित प्रक्रिया एवं मानकों का पालन करते हुए मौके पर जाकर फसल की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को सर्वेयरों की कम से कम एक बार समीक्षा बैठक आयोजित करने, योजनाबद्ध तरीके से आकस्मिक निरीक्षण कर गिरदावरी कार्य का भौतिक सत्यापन करने तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति पाए जाने पर तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ई-गिरदावरी का कार्य शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए।

*नियमित निगरानी के साथ सर्वेयरों की समस्याओं का तत्काल होगा समाधान*

कलेक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने आवंटित क्षेत्रों में नियमित रूप से मैदानी भ्रमण कर सर्वे कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्रामों का फील्ड विजिट करने तथा सर्वेयरों से व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। फील्ड में आने वाली तकनीकी अथवा अन्य समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रत्येक सप्ताह निर्धारित प्रारूप में ई-गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति रिपोर्ट भू-अभिलेख शाखा में जमा कराई जाएगी। सर्वे के दौरान अफीम सहित किसी भी प्रतिबंधित अथवा अवैध फसल की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सर्वे कार्य में दर्ज प्रत्येक जानकारी वास्तविक एवं सटीक होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की गलत प्रविष्टि या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूरे कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं शुद्धता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

*डीसीएस का उद्देश्य वास्तविक फसल और रकबे की सही जानकारी दर्ज करना*

डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का प्रमुख उद्देश्य खेत में बोई गई वास्तविक फसल एवं उसके रकबे की सही जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज करना है। इससे धान खरीदी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी तथा गलत जानकारी के आधार पर होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। सर्वेयर मोबाइल एप के माध्यम से खेत में पहुंचकर मौके की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल, रकबा, तालाब, मेड़, पड़ती, खलिहान एवं अन्य फसलों को अलग-अलग चिन्हित कर सही जानकारी दर्ज की जाएगी।

*105 धान उपार्जन केंद्रों के लिए नोडल अधिकारी, नियमित होगी मॉनिटरिंग*


जिले के सात विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले 105 धान उपार्जन केंद्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों को संबंधित उपार्जन केंद्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में ई-गिरदावरी कार्य की सतत निगरानी एवं शत-प्रतिशत पूर्णता की जिम्मेदारी दी गई है। नोडल अधिकारी सर्वेयरों के साथ नियमित संपर्क रखेंगे, फील्ड में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और गिरदावरी कार्य का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक सप्ताह सर्वे की प्रगति की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत की जाएगी। किसी भी प्रकार की त्रुटि, विसंगति अथवा अवैध फसल की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा।

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‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ में रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: आईपीएल 2026 में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने वाला मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल दो साथियों समेत गिरफ्तार, 04 मोबाइल जब्त

       *21 अगस्त, रायगढ़*। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत थाना चक्रधरनगर एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आईपीएल 2026 के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन के मामले में पिछले करीब चार माह से फरार चल रहे मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। 

      *गिरफ्तार आरोपियों में 1. सानू बेरीवाल पिता स्व. ललित बेरीवाल उम्र 32 वर्ष निवासी पंचवटी कॉलोनी थाना चक्रधरनगर, 2. मोहित संथालिया पिता अजय संथालिया उम्र 19 वर्ष निवासी मोवा, रायपुर तथा 3. विजय कुमार देवांगन पिता स्व. सीताराम देवांगन उम्र 43 वर्ष निवासी थाना चक्रधरनगर, रायगढ़* शामिल हैं।

      ज्ञातव्य हो कि आईपीएल 2026 के दौरान *‘ऑपरेशन अंकुश’* के तहत दिनांक 09.04.2026 को साइबर थाना एवं थाना चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बोईरदादर शालिनी स्कूल रोड स्थित गुरुकृपा प्रोविजन स्टोर में दबिश दी गई थी। पुलिस ने मौके से पंकज जयसिंह एवं जयदेव मित्रा को KKR एवं LSG के बीच खेले जा रहे टी-20 आईपीएल मैच में मोबाइल फोन के माध्यम से हार-जीत पर रुपये का दांव लगवाते पकड़ा था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल निवासी पंचवटी कॉलोनी चक्रधरनगर के लिए क्रिकेट सट्टे का काम करना तथा सट्टे की रकम यूपीआई के माध्यम से प्राप्त कर लेन-देन करना स्वीकार किया था।

      इसी कड़ी में दिनांक 10.04.2026 को साइबर एवं चक्रधरनगर पुलिस की टीम ने पंचवटी नगर बोईरदादर निवासी कशिश बलानी को उसके मकान के बाहर मोबाइल फोन से CSK एवं DC के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते पकड़ा था। पूछताछ में कशिश बलानी ने करीब एक वर्ष से मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल के लिए क्रिकेट सट्टे का काम करना तथा सट्टे की रकम का यूपीआई के माध्यम से लेन-देन करना स्वीकार किया था। इन दोनों मामले में थाना चक्रधरनगर में आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम एवं 3(5) बीएनएस के तहत  अपराध क्रमांक 157/2026 और 158/2026 पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई थी।


प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों ने मुख्य आरोपी सानू बेरीवाल तथा मोहित संथालिया एवं विजय कुमार देवांगन के साथ मिलकर सट्टा काम करना बताये थे, आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। 

     वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान दिनांक 21.08.2026 को तीनों आरोपियों के उपस्थित मिलने पर उन्हें थाना तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने सानू बेरीवाल के कब्जे से 02 नग मोटोरोला मोबाइल, मोहित संथालिया से 01 नग सैमसंग मोबाइल एवं विजय कुमार देवांगन से 01 नग सैमसंग मोबाइल, कुल 04 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों  मामलों में आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

      एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, सीएसपी श्री मयंक मिश्रा साइबर डीएसपी श्री रोहन शुक्ला के  मार्गदर्शन पर इस कार्रवाई में निरीक्षक राकेश मिश्रा थाना प्रभारी चक्रधरनगर, थाना प्रभारी साइबर विजय चेलक, उप निरीक्षक गेंद लाल साहू, एएसआई आशीष रात्रे तथा थाना साइबर एवं थाना चक्रधरनगर के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*

      *“सट्टा-जुआ एवं ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत ऐसे आरोपियों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”*

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रायगढ़ में साइबर जागृति अभियान ने पकड़ी रफ्तार, स्कूल-कॉलेज से लेकर कंपनियों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, एक दिन में 1200 से अधिक छात्र-युवा हुए जागरूक

       *20 अगस्त, रायगढ़* । छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेश को साइबर अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत रायगढ़ जिले में भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में 15 अगस्त से 02 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को जिले में विशेष गति दी गई है। अभियान के प्रथम सप्ताह में स्कूल-कॉलेजों को केंद्र में रखते हुए थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस टीमों द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों और युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। इसी क्रम में 20 अगस्त को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से करीब 1200 छात्र-छात्राओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

*जूटमिल : राजीव गांधी नगर स्कूल में विद्यार्थियों को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी*

       थाना जूटमिल पुलिस द्वारा राजीव गांधी नगर स्कूल जूटमिल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराध और डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी। इससे पूर्व थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत के नेतृत्व में जयदेव पाठशाला में भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

*तमनार : कॉलेज के छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड के नए तरीकों से कराया अवगत*

      थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शासकीय महाविद्यालय तमनार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, सोशल मीडिया पर बरती जाने वाली सावधानियों तथा ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से साइबर जागरूकता का संदेश अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की।

*घरघोड़ा : कन्या शाला में छात्राओं और शिक्षकों को किया जागरूक*

थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में कन्या शाला घरघोड़ा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। पुलिस ने विशेष रूप से अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर बातचीत करते समय सावधानी बरतने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी भी व्यक्ति के साथ OTP अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश दी।

*भूपदेवपुर : ग्राम मुरा स्कूल में विद्यार्थियों को बताया साइबर अपराध से बचने का तरीका*

थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम मुरा हायर सेकेंडरी स्कूल में थाना प्रभारी रोशन कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल परिजनों अथवा पुलिस को देने की समझाइश दी।

*कोतरारोड़ : नंदेली में पुलिस और साइबर टीम ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद*

थाना कोतरारोड़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नंदेली में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, उप निरीक्षक संजय नाग सहित साइबर एवं कोतरारोड़ पुलिस टीम मौजूद रही। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से संवाद करते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल भुगतान से जुड़े साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।

*पूंजीपथरा : अग्रोहा कंपनी के युवाओं को साइबर अपराधों से किया सतर्क*

थाना पूंजीपथरा पुलिस टीम द्वारा अग्रोहा कंपनी में कार्यरत युवाओं के बीच साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस ने युवाओं को ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, सोशल मीडिया और मोबाइल के सुरक्षित इस्तेमाल के संबंध में जानकारी देते हुए साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों से सतर्क किया। पुलिस ने कहा कि डिजिटल सुविधा के साथ सावधानी बरतना भी जरूरी है।

*छाल : हाई स्कूल बोजिया में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी*
     
      थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में छालपुलिस द्वारा हाई स्कूल बोजिया में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, OTP फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराध तथा डिजिटल लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी। पुलिस ने विद्यार्थियों को किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने की समझाइश दी। साथ ही विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की।

*जोबी : बर्रा स्कूल में बच्चों को दी साइबर सुरक्षा की सीख*

चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर के नेतृत्व में ग्राम बर्रा शासकीय माध्यमिक शाला में साइबर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बताईं और उन्हें अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

*QR कोड स्कैन कर सेल्फी साझा करने की अपील*

        “साइबर जागृति अभियान” के तहत पुलिस ने विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से जागरूकता को जनभागीदारी का रूप देने की अपील की। अभियान के तहत बच्चों से घर जाकर QR कोड स्कैन करने और अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करने कहा गया, ताकि साइबर जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय स्वयं की जागरूकता और सतर्कता है।

         पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जिले के अधिक से अधिक स्कूल, कॉलेज, संस्थानों एवं आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा।

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ऊपर आमगांव में कविता शिक्षण पर संकुल स्तरीय डेमो कार्यशाला संपन्न, गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में पठन-पाठन को आनंददायक बनाने पर जोर


​मनोरा ।
​जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा अंतर्गत वनांचल संकुल केंद्र आमगांव के प्राथमिक शाला ऊपर आमगांव में हिंदी भाषा के शिक्षकों के लिए कविता शिक्षण पर एक दिवसीय संकुल स्तरीय डेमो कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल, सहायक शिक्षा अधिकारी जगतपाल राम एवं स्रोत समन्वयक आशुतोष शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
​कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कविता शिक्षण की  प्रविधियों को व्यावहारिक रूप से कक्षा में लागू करना और शिक्षकों को आपस में एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्रदान करना था।
​ पठन-पाठन
​कार्यशाला के दौरान प्राथमिक शाला ऊपर आमगांव की सहायक शिक्षिका स्वरूप किरण मिंज ने कक्षा दूसरी की कविता "तितली और कली" पर बच्चों के साथ शिक्षण का जीवंत प्रदर्शन (डेमो) किया। शिक्षिका ने बच्चों के व्यक्तिगत अनुभवों, तितली, फूल, कली और रंगों पर चर्चा कर पाठ की शुरुआत की।
​ पाठ्यपुस्तक के चित्रों को देखकर बच्चों को अपनी बात रखने और मौखिक अभिव्यक्ति के पर्याप्त अवसर दिए गए।
 शिक्षिका ने बच्चों को घेरे में खड़ा कर हाव-भाव के साथ कविता गाकर सुनाई, जिस पर बच्चे भी झूमते हुए गाते नजर आए। अगले चरणों में कविता के भाव-बोध के साथ आदर्श पठन, साझा पठन और स्वतंत्र पठन कराया गया। इसके अलावा वाक्य पट्टी व्यवस्थित करने, शब्द कार्ड जोड़ने, शब्द जाल और तुकांत शब्द बनाने जैसी गतिविधियों से बच्चों को पढ़ने-लिखने के अवसर दिए गए।
​डेमो कक्षा के पश्चात उपस्थित शिक्षकों ने शिक्षण पद्धतियों और अभ्यासों पर समीक्षात्मक चर्चा की, जिससे कविता शिक्षण को लेकर अवधारणात्मक स्पष्टता बन सके। शिक्षकों का मानना था कि इस गतिविधि आधारित पद्धति से बच्चों के लिए समझ के साथ पढ़ना और लिखना बेहद आसान और आनंददायक हो जाएगा।​कार्यक्रम के सफल आयोजन में आमगांव संकुल समन्वयक लक्ष्मीनारायण भगत, अंधरझर संकुल समन्वयक जेपी यादव, बहेरना संकुल समन्वयक उपेंद्र कुमार पंकज तथा अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि मुकेश कुमार का विशेष योगदान रहा।
​इस कार्यशाला में संकुल केंद्र अंधरझर, बहेरना और आमगांव के प्राथमिक विद्यालयों के हिंदी शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से हिरमुनिया बाई, जयधर राम बुनकर, उर्सुला तिग्गा, शिवकुमार यादव, दया टोप्पो, बसंत राम, कपिल तिर्की और कमलेश निषाद उपस्थित रहे।

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रायगढ़ जिले में सड़क विकास को मिली बड़ी रफ्तार, चार प्रमुख मार्गों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 65.50 करोड़ मंजूर, ढिमरापुर-कोतरा थाना मार्ग पर खर्च होंगे 41.49 करोड़

रायगढ़,20 अगस्त 2026। जिले में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने और आम लोगों के आवागमन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में राज्य शासन ने चार महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं सतह मजबूतीकरण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप तथा वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी के विशेष प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से इन प्रमुख मार्गों के निर्माण एवं नवीनीकरण की मांग की जा रही थी, जिसे राज्य शासन ने जन आकांक्षाओं और क्षेत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मंजूरी दी है।
ढिमरापुर-कोतरा थाना मार्ग के लिए 41.49 करोड़ की स्वीकृति
सबसे महत्वपूर्ण स्वीकृति राष्ट्रीय राजमार्ग ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना एनएच तक सड़क निर्माण के लिए मिली है। लगभग 4.250 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए राज्य शासन ने 41 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस सड़क के लिए 31 करोड़ 73 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है और निर्माण कार्य प्रारंभ करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। शहर के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में शामिल इस सड़क के बेहतर होने से आवागमन सुगम होने के साथ यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग के लिए 10.13 करोड़
छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जिले की महत्वपूर्ण सड़कों के सुदृढ़ीकरण, सतह मजबूतीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों के लिए भी प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें रायगढ़ से एकताल ग्राम होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग शामिल है। लगभग 15.30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस मार्ग के बेहतर होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ मरीजों और उनके परिजनों को मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

*रायगढ़-पुसौर मार्ग के लिए 7.43 करोड़ मंजूर*

रायगढ़ से पुसौर मार्ग के 12.07 किलोमीटर हिस्से के सड़क सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 7 करोड़ 43 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग रायगढ़ शहर को पुसौर क्षेत्र से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क की सतह मजबूत होने से इस मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।
इसी तरह पुसौर-रेंगापाली से लारा (छोटे हरदी) तक 11.23 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 6 करोड़ 45 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इस मार्ग के बेहतर होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा।
चार प्रमुख सड़कों के लिए करीब 65.50 करोड़ रुपये
इन चारों महत्वपूर्ण सड़कों के लिए स्वीकृत राशि को देखें तो ढिमरापुर चौक-कोतरा थाना एनएच मार्ग के लिए स्वीकृत 41.49 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत तीन मार्गों के लिए स्वीकृत कुल 24.01 करोड़ रुपये को मिलाकर इन चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं के लिए लगभग 65 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।

*सड़क निर्माण के साथ मरम्मत और संधारण पर भी लगातार निगरानी*

जिले में नई सड़क परियोजनाओं को गति देने के साथ ही मौजूदा सड़कों की स्थिति पर भी जिला प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। जिले के भीतर विभिन्न मार्गों की स्थिति की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि जहां सड़कें मरम्मत या संधारण योग्य हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जा सके। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न मदों से आवश्यकतानुसार सड़कों के मरम्मत एवं संधारण के कार्य भी कराए जा रहे हैं।

*बरसात में आवागमन सुचारु रखने पर विशेष ध्यान*

बरसात के दौरान सड़कों की स्थिति प्रभावित होने और आमजनों को आवागमन में परेशानी की आशंका को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जलभराव, गड्ढों अथवा सड़क की सतह खराब होने जैसी समस्याओं को चिन्हांकित कर आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं संधारण कार्य कराए जा रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बारिश के दौरान जिले के किसी भी हिस्से में आम नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

*ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों को भी मिल रही मजबूती*

इन चार प्रमुख मार्गों के अलावा जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए भी विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ ग्रामीणों को जिला मुख्यालय और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आवागमन को भी गति मिलने की उम्मीद है।

*जन आकांक्षाओं के अनुरूप सड़क अधोसंरचना को मिल रही गति*

लंबे समय से जिन प्रमुख सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण की मांग की जा रही थी, उनके लिए मिली स्वीकृति से जिले में सड़क अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। एक ओर नई और महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति देकर निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा सड़कों की लगातार निगरानी, मरम्मत और संधारण पर भी प्रशासन का विशेष ध्यान है। इससे जिले में बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क नेटवर्क तैयार करने की दिशा में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

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सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का बड़ा एक्शन: छातामुड़ा चौक पर हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स ने कसा शिकंजा, सड़क रोकने वाले ट्रक मालिक पर FIR, 24 भारी वाहनों से 49,300 रुपये जुर्माना वसूला


रायगढ़, 20 अगस्त 2026। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में यातायात व्यवस्था में सुधार तथा सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के उद्देश्य से गठित हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स ने छातामुड़ा चौक सहित प्रमुख मार्गों पर सघन जांच एवं कार्रवाई की। अभियान के दौरान यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले भारी वाहनों, अवैध पार्किंग और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध मौके पर ही कार्रवाई की गई।

अपर कलेक्टर श्री अपूर्व टोप्पो, डीएसपी यातायात श्री उत्तम प्रताप सिंह, जिला परिवहन अधिकारी श्री गौरव साहू और अनुविभागीय अधिकारी एनएच श्री महेश गुप्ता के नेतृत्व में हुई संयुक्त कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक मार्ग पर भारी वाहन खड़ा कर आवागमन बाधित करने के मामले में एक ट्रक मालिक के खिलाफ थाना जूटमिल में भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 के तहत अपराध दर्ज किया गया। प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने अथवा यातायात व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान हाईवे किनारे नालियों के ऊपर अवैध रूप से कब्जा कर लगाए गए दो ठेलों को भी मौके से हटाया गया। इससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए सड़क किनारे आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में कार्रवाई की गई। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ा कर यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले 24 भारी वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इन वाहनों से कुल 49 हजार 300 रुपये का जुर्माना मौके पर ही वसूला गया।
कार्रवाई के दौरान वाहन मालिक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि एफसीआई से लेकर छातामुड़ा चौक तक सड़क के दोनों ओर किसी भी स्थिति में ट्रक खड़े न किए जाएं। अधिकारियों ने कहा कि सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग से यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, इसलिए निर्धारित स्थानों पर ही वाहनों को खड़ा किया जाए।
सड़क किनारे संचालित गैरेज संचालकों को भी अंतिम चेतावनी दी गई। उन्हें निर्देशित किया गया कि सार्वजनिक सड़क पर भारी वाहन खड़ा कर मरम्मत का कार्य न किया जाए। सड़क पर वाहन खड़ा कर मरम्मत करते पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सार्वजनिक मार्गों पर अनधिकृत पार्किंग, अतिक्रमण तथा यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों के विरुद्ध हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने वाहन मालिकों, गैरेज संचालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा सार्वजनिक मार्गों पर वाहन खड़ा कर आवागमन बाधित न करें।

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