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जनगणना-2027 को सफल बनाने प्रशासन की पहल, नुक्कड़ नाटक और एलईडी के जरिए जन-जन तक पहुंचाया जा रहा जागरूकता संदेश

रायगढ़, 30 अप्रैल 2026/ जनगणना-2027 के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 02 मई तक जिले के विभिन्न अनुविभागों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनगणना के प्रति जनजागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है।
           इसी कड़ी में आज रेलवे स्टेशन चौक रायगढ़ में नुक्कड़ नाटक, एलईडी स्क्रीन प्रदर्शन तथा पाम्पलेट वितरण के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने जनगणना के महत्व, प्रक्रिया एवं नागरिकों की भूमिका को सहज और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं एलईडी स्क्रीन के जरिए स्व-गणना, मकान सूचीकरण एवं जनसंख्या गणना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां सरल भाषा में प्रदर्शित की गईं, जिससे आमजन को प्रक्रिया को समझने में आसानी हुई। अभियान के अंतर्गत बताया गया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी और यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी। जनगणना का प्रथम चरण 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रगणक एवं पर्यवेक्षक द्वारा मकानों की गणना तथा मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात द्वितीय चरण (फरवरी 2027) में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी।
           नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1855 की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने नागरिकों से जनगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व के सफल क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने की अपील की। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

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बिजली बिल में बड़ी राहत,रायगढ़ में समाधान योजना से उपभोक्ताओं को करोड़ों की छूट , मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल, सुशासन नीति के तहत लोगों को मिल रही सीधी राहत

रायगढ़,30 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की सुशासन नीति का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत रायगढ़ जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 12 मार्च 2026 की किया गया था जो 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ तेजी से पहुंचाया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत सभी घरेलू बीपीएल उपभोक्ता एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ता, जिनका मार्च 2023 तक बिजली बिल बकाया है, या जिनका पूर्व में बकाया राशि के कारण स्थायी विच्छेदन हो चुका है, उन्हें पात्र माना गया है। हालांकि जिन उपभोक्ताओं के न्यायालयीन प्रकरण लंबित हैं, उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी योजना में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज को पूरी तरह (100 प्रतिशत) माफ किया जा रहा है, वहीं मूलधन में भी श्रेणी अनुसार अधिकतम 75 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। इससे वर्षों से लंबित बिजली बिल का बोझ झेल रहे उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है।
रायगढ़ जिले में इस योजना के तहत कुल 51,407 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता पात्र हैं, जिनकी कुल बकाया राशि 81.06 करोड़ रुपए है। जिला प्रशासन के सतत प्रयासों और जनजागरूकता के चलते अब तक 47,944 उपभोक्ताओं ने पंजीयन करा लिया है। इनमें से हितग्राहियों को अब तक कुल 38.72 करोड़ रुपए की छूट प्रदान की जा चुकी है, जो योजना की सफलता को दर्शाता है।
कार्यपालन अभियंता श्री नरेंद्र नायक ने बताया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है।गाँव गांव में शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों के घर पहुंच कर योजना के बारे में बताया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ता समय रहते पंजीयन कराकर इस छूट का लाभ अवश्य लें, जिससे उनका बकाया भार कम हो सके और विद्युत सेवाएं भी सुचारू रूप से जारी रह सकें।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सक्रिय उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन के माध्यम से मोर बिजली ऐप पर पंजीयन कर सकते हैं या अपने नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा शिविरों और जनसंपर्क माध्यमों के जरिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
रायगढ़ जिला प्रशासन की सक्रियता और बेहतर क्रियान्वयन के कारण यह योजना जिले में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही है।  इस अभियान से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है।

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जशपुर पुलिस का सम्मान समारोह: टॉपर्स से लेकर पुलिस परिवार के मेधावी बच्चों तक का हुआ भव्य सम्मान, DIG डॉ. लाल उमेद सिंह ने वन-टू-वन चर्चा कर करियर की दिशा दिखाई, अभिभावकों को भी मिला मंच पर विशेष सम्मान

जशपुर, 30 अप्रैल 2026। जिले में शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की दिशा में जशपुर पुलिस की एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह, गर्व और प्रेरणा का माहौल बना रहा, जहां जिले के टॉप प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के होनहार बच्चों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के माता-पिता की उपस्थिति ने इस पल को और भी खास बना दिया, हर चेहरे पर अपने बच्चों की सफलता की खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण पुलिस महानिरीक्षक (DIG) एवं पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह रहे, जिन्होंने न सिर्फ विद्यार्थियों को सम्मान पत्र और मेमेंटो देकर उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि एक-एक छात्र और उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बेहद सरल और प्रेरक अंदाज में बच्चों को लक्ष्य तय करने, अनुशासन बनाए रखने और निरंतर मेहनत करने की सीख दी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सही विषय चयन और करियर की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में जगह बनाने वाले विद्यार्थियों ने इस मौके पर जिले का मान बढ़ाया। कक्षा 12वीं में आशा यादव ने 97.40 प्रतिशत, करिश्मा सिंह ने 97.20 प्रतिशत और आयुष पैंकरा ने 96.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं कक्षा 10वीं में आराध्य सिन्हा ने 98.16 प्रतिशत के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि भूपेश यादव ने 95.70 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इन विद्यार्थियों की सफलता ने पूरे समारोह को गौरवपूर्ण बना दिया।

इसके साथ ही पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों ने भी अपनी कड़ी मेहनत का परिणाम शानदार अंकों के रूप में दिखाया। CBSE और CGBSE बोर्ड के विद्यार्थियों ने उच्च प्रतिशत हासिल कर यह साबित किया कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सभी विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई, वहीं उनके माता-पिता को शॉल और श्रीफल भेंट कर विशेष सम्मान दिया गया, जिससे उनका उत्साह और गर्व और भी बढ़ गया।

कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें अपर कलेक्टर प्रदीप साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पटनवार, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खुंटे, रीडर मुकेश झा सहित पत्रकारगण और बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल रहे। पूरे आयोजन में पुलिस और समाज के बीच एक सकारात्मक संवाद और सहयोग की झलक देखने को मिली।

अपने संबोधन में डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट कहा कि जशपुर पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग, खासकर युवाओं और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जिले के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने के लिए मंच और मार्गदर्शन मिलता रहे और वे अपने सपनों को साकार कर सकें।

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बगीचा थाना क्षेत्र की दिल दहला देने वाली घटना, रायपुर में इलाज के दौरान महिला ने तोड़ा दम, पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर भेजा जेल

जशपुरनगर, 30 अप्रैल 2026। जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब के लिए पैसों के विवाद में एक पति ने अपनी ही पत्नी पर पत्थर से हमला कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज अंबिकापुर से लेकर रायपुर तक चला, लेकिन आखिरकार 30 नवंबर 2025 को उसकी मौत हो गई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी जेबियल मिंज (35 वर्ष) निवासी ग्राम बम्बा, थाना बगीचा, अपनी पत्नी श्रीमती मिंज (28 वर्ष) के साथ पिछले करीब चार वर्षों से रह रहा था। दोनों का एक 7 महीने का बच्चा भी है, जिसे परवरिश के लिए महिला की बहन को सौंपा गया था। बताया जा रहा है कि दोनों पति-पत्नी शराब के आदी थे और अक्सर नशे की हालत में उनके बीच विवाद होता रहता था।

घटना 9 नवंबर 2025 की रात की है, जब आरोपी अंबिकापुर से शराब के नशे में घर लौटा। घर पहुंचने पर उसने देखा कि उसकी पत्नी भी नशे में है और उसके पास कुछ पैसे हैं। आरोपी ने उससे शराब पीने के लिए पैसे मांगे, लेकिन पत्नी ने पैसे देने से इनकार कर दिया और वहां से भागने लगी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और आरोपी ने गुस्से में आकर पास पड़े पत्थर से अपनी पत्नी के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला सड़क पर गिर गई, जबकि आरोपी उसे वहीं छोड़कर घर लौट गया।

अगले दिन सुबह ग्रामीणों की नजर घायल महिला पर पड़ी, जिसके बाद उसे तत्काल बगीचा अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर रेफर किया, जहां से उसे रायपुर भेजा गया। करीब तीन सप्ताह तक चले इलाज के बाद 30 नवंबर 2025 को महिला की मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद रायपुर के गोलबाजार थाना से केस डायरी बगीचा थाना को प्राप्त हुई। जांच के दौरान हत्या की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद किया गया।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले की विवेचना और आरोपी की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक राजकुमार कश्यप, सहायक उप निरीक्षक नरेश मिंज, आरक्षक रमेश गिरी, फूलजेंस टोप्पो एवं सैनिक बलीरवि की अहम भूमिका रही।

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कानून व्यवस्था कसने और लंबित मामलों पर सख्त एक्शन: आईजी राम गोपाल गर्ग ने बिलासपुर रेंज की समीक्षा में दिए कड़े निर्देश, 2374 मर्ग प्रकरणों के त्वरित निराकरण और पासपोर्ट सत्यापन 15 दिन में पूरा करने के आदेश

 दिनांक 29.04.2026 को ’श्री राम गोपाल गर्ग’ पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई।समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। समीक्षा मीटिंग में  श्री शशि मोहन सिंह, उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़, श्री भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली,श्री मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, श्री सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, जिला कोरवा,श्री प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती, श्री आंजनेय वार्ष्णेय, पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, सुश्री निवेदिता पॉल, पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर-चाम्पा, श्रीमती मधुलिका सिंह, अति. पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर,श्री विवेक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, पु.म.नि. कार्या. बिलासपुर उपस्थित रहें।

  श्री गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के द्वारा बैठक में कानून व्यवस्था और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु निम्नलिखित प्रमुख निर्देश दिए गएः-
* **सुशासन तिहार (01 मई से 10 जून):** शासन के निर्देशानुसार 'सुशासन तिहार' के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
 * **मर्ग एवं अपराध निराकरण:** रेंज में लंबित **2374 मर्ग प्रकरणों** (विशेषकर वर्ष 2024 के पूर्व के) का तत्काल निराकरण करने तथा हत्या के मामलों में डीएनए जांच और एफएसएल रिपोर्ट प्राथमिकता पर प्राप्त करने को कहा गया है।
 * **पासपोर्ट सत्यापन में सरलता:** नागरिकों को सुविधा देते हुए निर्देश दिया गया कि पासपोर्ट सत्यापन का कार्य **15 दिनों के भीतर** ऑनलाइन पूरा किया जाए। इसके लिए नागरिकों को अनावश्यक रूप से थाने बुलाने या भौतिक दस्तावेज सत्यापन की बाध्यता को खत्म करने पर जोर दिया गया है।

 * **सुरक्षा एवं समन्वय:** माइनिंग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों की मुसाफिरी दर्ज करने, हाईवे पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने तथा बाहरी राज्यों में जाने वाली पुलिस टीमों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए。

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नारी शिक्षा की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले के नाम पर राष्ट्रीय मंच से जशपुर की प्रतिभाओं का गौरवशाली सम्मान: रायपुर के भव्य समारोह में 6 शिक्षकों ने लहराया जिले का परचम, नवाचार और समाजसेवा के लिए मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड


जशपुर : देश का एक अनूठा महिला शिक्षकों का संगठन सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला शिक्षक महासंघ पंजीकृत नई दिल्ली द्वारा अब छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी भव्य उपस्थित दर्ज करने के लिए बहुत ही भव्य एवं गरिमा में कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के वृंदावन हॉल में किया गया। कार्यक्रम में महासंघ की संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ लता एस मुल्लूर अपने कार्यकारिणी के साथ उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में लक्ष्मी वर्मा राज्यसभा सांसद उपस्थित थी। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वाति वर्मा सभापति संचार एवं संपर्क जिला पंचायत रायपुर, डॉक्टर लता एस मुल्लूर संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ सारिका एस गंगा ,राष्ट्रीय महासचिव कल्पना बुतरेड्डी ,अनुसूया देवी पी एस ,भाग्यमां, सिधोज कविता ,राजश्री, प्रभावती एल ,शांताबाई बिरादर अतिथि वक्ता के रूप में नर्मदा प्रसाद मिश्र, डॉक्टर मनीष वत्स, विष्णु दत्त बघेल एवं डीएसपी रुचि वर्मा रही ।कार्यक्रम का संयोजन लोकेश कुमार वर्मा द्वारा किया गया ।इस संगठन की प्रदेश प्रवक्ता शीतल बैस हैं कार्यक्रम में राज्य इकाई का भी गठन कर शपथ ग्रहण समारोह किया गया ।इस भव्य समारोह में जशपुर के छह शिक्षकों का सम्मान हुआ जिनमें से चार शिक्षकों को नवाचारी शिक्षक के रूप में एवं दो शिक्षकों को समाज सेवा के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। सीमा गुप्ता जो की संकल्प शिक्षण संस्थान में कार्यरत हैं और ज्योति साहनी बाघव जो कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लोदाम में कार्यरत हैं।ये दोनों ही किसी कारणवश रायपुर के समारोह में उपस्थित नहीं हो पाए इन्हें राष्ट्रीय समाज सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।यह राष्ट्रीय स्तर पर महिला शिक्षकों की शक्ति ,एकता एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का एक भव्य मंच है जिसमें पहली बार छत्तीसगढ़ के शिक्षक शिक्षिकाओं को भी शामिल होने का अवसर मिला और उनकी प्रतिभा को एक उपयुक्त मंच मिला।सीमा गुप्ता को शिक्षा दूत सम्मान 2020 भी प्राप्त है। उनके प्रथम स्कूल से अब तक में उनके द्वारा अनेकों नवाचार किए जा चुके हैं। सीमा गुप्ता को जशपुर जिले में विनोबा एप के प्रथम जिला स्तरीय पोस्ट ऑफ द मंथ का सम्मान भी प्राप्त है। और उनके द्वारा किए जा रहे हैं नवाचार के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है।पर इस बार उन्हें यह सम्मान सामाजिक कार्यों के लिए मिला है उनके द्वारा इसके तहत बहुत सारे कार्य किए जाते हैं जो कि अन्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय है।वह रौनियार महिला शक्ति, आकार कला संगम, संवेदना और सजल जैसे सामाजिक ग्रुपों से जुड़ी हुई है। ज्योति साहनी बाघव को 2023 में नवाचारी संगठन द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है।नवाचारी शिक्षक सम्मान प्राप्त 
अनिल कुमार कश्यप
प्राथमिक शाला पैकू में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।नवाचार के नाम शिकायत से समाधान, जिससे बच्चों के संज्ञात्मक,व्यावहारिक,  संस्कारिक,जीवन के मूल्यों का  विकास पर उनके द्वारा कार्य किया गया है। कु. सुनैना तिर्की शासकीय प्राथमिक शाला बड़े गम्हरिया सहायक शिक्षक हैं उन्हें विनोबा एप नवाचार में जिला में  दो बार ब्लॉक में चार बार संकुल में चार पुरस्कृत हैं। रीना रानी गोस्वामी शासकीय प्राथमिक शाला नदी डीपा में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत है यह भी विनोबा एप  में जिला में तीन बार, विकासखंड में तीन बार और संकुल स्तर में दो बार पुरस्कृत हो चुकी हैं। रेनू प्रधान शासकीय प्राथमिक शाला कस्तूरा में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं और नवाचार के कार्य करती है। सभी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र मेडल और स्मृति चिन्ह कर सम्मानित किया गया। जशपुर जिले के लिए बहुत गौरव का विषय है कि यहां की शिक्षक शिक्षिकाओं को इतने सम्मानित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्र कल्पना टोप्पो ने सभी शिक्षकों को बधाई दी।

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हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: 800 करोड़ DBT, शिक्षा से आवास तक योजनाओं की बौछार—विष्णु देव सरकार का श्रमिक सशक्तिकरण मॉडल बना मिसाल

रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। 

मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि विष्णु देव के सरकार की सोच है कि हर हाथ को काम मिले उसका उन्हें उचित दाम मिले और हर पेट को अन्न मिले यह हमारी सरकार की आदर्श नीति है। इस नीति को क्रियान्वित करने हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 38 भोजन केन्द्र संचालित है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 5 रूपये में गरम भोजन, दाल चावल, सब्जी, आचार प्रदाय किया जा रहा है, जिसका विस्तार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में समस्त जिलों में किया जा रहा है। श्रमिक आवास की राशि प्रति आवास 01 लाख रूपए से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी है। इसी तरह ई-रिक्शा की राशि भी एक लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रूपए की जाएगी। 

उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं का मुख्य दायित्व श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को भी चिकित्सा हित लाभ उपलब्ध कराया जाता है। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है।

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“मजदूरी से खुद की दुकान तक का सफर: ‘कृति किराना स्टोर’ ने बदली करतम सविता की जिंदगी, हर महीने 8–10 हजार की कमाई से बनीं आत्मनिर्भर ‘लखपति दीदी’”

     रायपुर, 29/ 2026 : जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार ग्राम पोलमपल्ली की श्रीमती करतम सविता ने यह साबित कर दिया है कि यदि मेहनत को शासन की सही योजनाओं का साथ मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता आसान हो जाता है। जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर सविता ने मजदूरी के जीवन से बाहर निकलते हुए अपने परिवार के लिए सम्मानजनक और स्थायी आय का साधन तैयार किया है।

करतम सविता बताती हैं कि पहले उनका परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर था, जिससे आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर बनी रहती थी। लेकिन ‘प्रिया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा मिली। समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ‘कृति किराना स्टोर’ की शुरुआत की, जिससे आज उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और गांव में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में बन गई है।

आज सविता की किराना दुकान से सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। यह आय केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार की खुशहाली का आधार बन गई है। सविता बताती हैं कि अब उन्हें रोज़गार के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि दुकान से नियमित आमदनी होती है और परिवार में सुख-शांति के साथ समृद्धि आई है। उनके व्यवसाय में परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है।

कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से जिले की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में नवाचार पहल के तहत दूरस्थ अंचलों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के लिए 4 सेवा एक्सप्रेस संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अब तक लगभग साढ़े 5 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनाया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। लखपति दीदी योजना महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और एक नई पहचान भी प्रदान कर रही हैं।

अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए श्रीमती सविता ने कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के सपनों को पंख दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान जैसी पहल ने उन्हें मजदूरी छोड़कर अपना व्यवसाय स्थापित करने का अवसर दिया। आज वे गर्व से कहती हैं कि वे आत्मनिर्भर हैं और उनके जैसे अनेक ग्रामीण महिलाएं शासन की योजनाओं से नई पहचान बना रही हैं।

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“गांव-गांव पहुंचा ‘सही दवा-शुद्ध आहार’ अभियान, रायगढ़ में मेडिकल व कॉस्मेटिक दुकानों पर सख्त निगरानी—लाइसेंस, एक्सपायरी और गुणवत्ता की बारीकी से जांच

रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में तथा प्रदेशवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक “सही दवा-शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज 29 अप्रैल को रायगढ़ जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्राम क्षेत्रों में मेडिकल एवं कॉस्मेटिक प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण किया गया।
            अभियान के तहत रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर एवं खरसिया सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित थोक एवं खुदरा दवा दुकानों तथा कॉस्मेटिक प्रतिष्ठानों को विशेष रूप से चिन्हित कर जांच की गई। पुसौर क्षेत्र में बी.के.मेडिकल स्टोर, अग्रवाल मेडिकल स्टोर, सुशील मेडिकल सेंटर तथा शॉपिंग जोन (कॉस्मेटिक) सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार खरसिया क्षेत्र में हीरा मेडिकल स्टोर, सुषमा इंटरप्राइजेस, अजय इंटरप्राइजेस सहित अन्य दुकानों की सघन जांच की गई।
           जांच के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों के तहत कुल 05 मेडिकल स्टोर एवं 03 कॉस्मेटिक दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान दवाओं के भंडारण, गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट, लाइसेंस की वैधता एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही दुकानदारों को दवा विक्रय से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
            खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष फोकस किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे दवाएं खरीदते समय बिल अवश्य लें, एक्सपायरी डेट जांचें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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रायगढ़ पुलिस का त्वरित एक्शन: 24 घंटे में लापता नाबालिग बरामद, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

         *29 अप्रैल, रायगढ़* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर  कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर बालिका को सकुशल दस्तयाब कर आरोपी रमेश यादव उम्र 21 वर्ष को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

        मामले में 27 अप्रैल 2026 को बालिका (13 साल) के परिजनों द्वारा थाना कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बालिका की मां ने बताया कि दोपहर घर से निकली उसकी पुत्री वापस नहीं लौटी, मोहल्ले और रिश्तेदारों में तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर थाना कोतवाली में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 221/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

          जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गुम बालिका ग्राम कोटमी थाना डभरा जिला सक्ती में है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम तत्काल डभरा रवाना हुई और बालिका को दस्तयाब कर संदेही रमेश यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि उसकी आरोपी से एक वर्ष पूर्व मेले में पहचान हुई थी और दोनों मोबाइल पर संपर्क में थे। हर 10-15 दिनों के बीच रमेश रायगढ़ आता था, स्वयं को अविवाहित बताया था । 27 अप्रैल को भी आरोपी रायगढ़ आया, जहां रोज गार्डन के पास मिलकर शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और फिर मोटरसाइकिल से अपने घर ले गया। मामले में आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल CG 23 M 6642 और मोबाइल जब्त किया गया है । पीड़िता ने यह भी बताया कि उसे रमेश  के पहले से शादीसुदा होने की जानकारी नहीं थी । बालिका के मेडिकल, कथन, साक्ष्य अनुरूप आरोपी पर धारा 87, 651 बीएनएस और 4,6  पॉक्सो एक्ट विस्तारित कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया। बालिका की पतासाजी, गिरफ्तारी में थाना प्रभारी कोतवाली सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त थाना कोतवाली स्टाफ की अहम भूमिका रही है ।

????????  *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* :

     *नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में कोई रियायत नहीं, बहला-फुसलाकर ले जाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई। बालिकाओं की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता में है।*

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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई — फरार आरोपी युवक गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, महिला थाना टीम की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को मिला न्याय का भरोसा

        *29 अप्रैल, रायगढ़* ।  महिला थाना रायगढ़ की टीम ने नाबालिग से दुष्कर्म के प्रकरण में आज *आरोपी आर्यन सोनी पिता रमेश कुमार सोनी उम्र 19 वर्ष निवासी पार्क सिटी, कबीर चौक थाना जूटमिल* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। बालिका की मां द्वारा 23 अप्रैल को महिला थाना में आरोपी के विरूद्ध बालिका का शारीरिक शोषण करने की रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर इस संवेशनशील प्रकरण में महिला थाना प्रभारी द्वारा घटना के बाद फरार हुये आरोपी पर मुखबीर लगा रखी थी जिसे आज मुखबीर सूचना पर गिरफ्तार किया गया है ।

             मामले में दिनांक 23 अप्रैल 2026 को पीड़िता की मां द्वारा महिला थाना रायगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के स्कूल का सीनियर छात्र रहा आरोपी आर्यन सोनी और उसके दोस्त पूर्व में उनके घर आते-जाते थे। रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 में जब बालिका घर पर अकेली थी, उस दौरान आरोपी ने बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर माह में भी आरोपी द्वारा पुनः दुष्कर्म का प्रयास किया गया। लोकलाज और भय के कारण पीड़िता ने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी, लेकिन आरोपी और उसके साथियों द्वारा फोन कर बदनाम करने तथा गाली-गलौच कर धमकाने से परेशान होकर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। परिवार के परामर्श के बाद महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

    प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन पर महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी की पतासाजी की गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आर्यन सोनी को गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 35/2026 धारा 64(1),332(B), 351(4) BNS और 4 पॉक्सो एक्ट में में न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेजा गया। कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त , एएसआई विल्फ्रेड मसीह, हेड कांस्टेबल संदीप भगत, राजेश उरांव और रश्मि केरकेट्टा की अहम भूमिका रही है ।

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* :

      *“महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित पक्ष निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें, उनकी सुरक्षा और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है।”*

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रायगढ़ पुलिस की सख्त कार्रवाई का बड़ा असर — “ऑपरेशन शंखनाद” की गूंज से कुख्यात गौ तस्कर ने डाले हथियार, सरेंडर कर चुना कानून का रास्ता

    *29 अप्रैल, रायगढ़* । रायगढ़ पुलिस के गौ तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” का बड़ा असर सामने आया है। कुख्यात गौवंश तस्कर रब्बुल खान, जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने छिप रहा था, एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की सख्त मुहिम और लगातार बढ़ते दबाव के चलते आखिर सरेंडर मोड पर आ गया।  लैलूंगा पुलिस ने फरार *आरोपी रब्बुल खान (39) निवासी करवाजोर लैलूंगा* को सरेंडर बाद गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

      आरोपी रब्बुल खान गौवंश तस्करी के कारोबार में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ वर्ष 2023 में एक तथा वर्ष 2026 में दो गौ तस्करी के अपराध दर्ज हैं। थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा फरवरी माह में इसी गिरोह के उसके साथी देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ गिरफ्तार किया गया था, तभी से रब्बुल खान फरार चल रहा था। पुलिस दबाव, लगातार पतासाजी और “ऑपरेशन शंखनाद” के प्रभाव से आरोपी के छिपने के सभी ठिकाने खत्म हो गए और अंततः वह गिरफ्त में आ गया।

    प्रकरण 17 फरवरी का है जब लैलूंगा पुलिस ने झगरपुर मार्ग पर घेराबंदी कर देवानंद यादव को 16 गौवंश के साथ पकड़ा था, जिन्हें ओडिशा बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। पूछताछ में रब्बुल खान की भूमिका उजागर हुई थी। आरोपी देवानंद को थाना लैलूंगा के अपराध क्रमांक 52/2026 धारा छत्तीसगढ़ कृषि परिरक्षण अधिनियम 4, 6, 10, 11 1960 एवं पशुओं के प्रतिक्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत कार्रवाई कर रिमांड पर भेजा गया था । उसी प्रकरण में अब फरार मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया गया है जिसे कल रिमांड पर भेजा गया है ।

       विशेष बात यह रही कि पुलिस पूछताछ में आरोपी ने गौ तस्करी के अपराध से तौबा कर समाज की मुख्यधारा में लौटकर जीवनयापन करने की इच्छा जताई। इसे “ऑपरेशन शंखनाद” की बड़ी नैतिक और कानूनी सफलता माना जावेगा, जहां अपराधी पर केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अपराध छोड़ने का दबाव भी बना। 

???????? *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* : 

           *“ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करों के लिए अब या तो कानून की गिरफ्त है या सरेंडर का रास्ता, अपराध छोड़ने वालों को मौका और तस्करी करने वालों पर कठोर प्रहार जारी रहेगा।”*

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हत्या के मामलों में अब नहीं बचेगी कोई गुंजाइश, बिलासपुर रेंज पुलिस की ‘स्मार्ट विवेचना’ से हर केस बनेगा मजबूत और अदालत में बढ़ेगी दोषसिद्धि की दर

बिलासपुर, 29 अप्रैल 2026। हत्या जैसे गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने की दर बढ़ाने और विवेचना को वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर मजबूत करने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) श्री रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व में 28 अप्रैल को रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के अधिकारी शामिल हुए।

आईजी श्री गर्ग ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस का काम केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि पुख्ता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में उसे सजा दिलाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए “स्मार्ट विवेचना” की नई कार्यप्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें हत्या के हर मामले में एक अनिवार्य चेकलिस्ट के अनुसार जांच की जाएगी।

प्रशिक्षण में बताया गया कि अब हत्या के मामलों में साक्ष्य संकलन पूरी तरह तकनीकी और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत जप्ती की पूरी प्रक्रिया ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी के साथ की जाएगी, जिससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।

घटनास्थल को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ‘गोल्डन ऑवर’ को ध्यान में रखते हुए क्राइम सीन को तुरंत सील किया जाएगा और फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मौजूदगी में ही साक्ष्य एकत्रित किए जाएंगे। बिना दस्ताने साक्ष्य को छूने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

विवेचना में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए 124 बिंदुओं की विस्तृत चेकलिस्ट तैयार की गई है। इसमें एफआईआर से लेकर चार्जशीट दाखिल करने तक की हर प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण अनिवार्य किया गया है, ताकि अदालत में तकनीकी आधार पर कोई कमजोरी न रह जाए।

डिजिटल साक्ष्यों पर भी विशेष जोर दिया गया है। अब आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट जैसे गूगल टेकआउट, इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की गहन जांच की जाएगी। घटनास्थल के आसपास 100 किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की मैपिंग ‘त्रिनयन’ ऐप के जरिए होगी और फुटेज को विधिवत प्रमाण पत्र के साथ केस डायरी में शामिल किया जाएगा।

डीएनए और जैविक साक्ष्य भी जांच का अहम हिस्सा होंगे। मृतक के नाखूनों में फंसे त्वचा कण, टूटे बाल और कपड़ों पर मौजूद डीएनए की जांच कर आरोपी की घटनास्थल पर मौजूदगी को वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध किया जाएगा।

संवेदनशील मामलों में रात के समय भी पर्याप्त रोशनी में पोस्टमार्टम कराने और उसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही साक्ष्यों की “चेन ऑफ कस्टडी” को पूरी तरह सुरक्षित रखने पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो सके।

आईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद दर्ज होने वाले सभी हत्या मामलों की विवेचना इन नए प्रोटोकॉल के तहत ही की जाएगी। साथ ही सीसीटीएनएस, सीडीआर, आईपीडीआर और आईएमईआई जैसे तकनीकी साक्ष्यों का व्यवस्थित संकलन सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रशिक्षण सत्र वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल सहित रेंज के सभी जिलों के अधिकारी जुड़े। आईजी ने पीपीटी के माध्यम से जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तार से समझाया और बताया कि ऐसे प्रशिक्षण हर सप्ताह अलग-अलग विषयों पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी आधुनिक तकनीकों से अपडेट रह सकें और जांच में त्रुटियों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

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अंधेरे से उजाले तक: बस्तर की अनाथ बेटी पद्मा के घर फिर जली उम्मीद की रोशनी, साय सरकार की बिजली बिल समाधान योजना बनी जीवन का सहारा

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ बस्तर के घने जंगलों के बीच बसे छोटे से गांव बालेंगा में रहने वाली पद्मा कश्यप के लिए बीते कुछ साल अंधेरे और अनिश्चितता से भरे थे। लेकिन आज पद्मा के चेहरे पर मुस्कान है और उसके छोटे से घर में उम्मीदों का उजाला है। यह बदलाव आया है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026’ से।

*संघर्षों के बीच अंधेरे का साया*

            पद्मा की कहानी संघर्ष और धैर्य की दास्तां है। कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद पद्मा घर में अकेली रह गईं। आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था और जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी करना ही एक बड़ी चुनौती थी। इसी तंगहाली के बीच घर का बिजली बिल बकाया होते-होते 9,000 रुपये तक जा पहुँचा। एक अनाथ बेटी के लिए, जिसे दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा हो, इतनी बड़ी राशि चुकाना नामुमकिन था। बिल न पटा पाने के कारण घर की बिजली कटने की कगार पर थी और पद्मा का भविष्य अंधेरे की ओर बढ़ रहा था।

*योजना ने दिया नया जीवन*

          जब पद्मा को राज्य सरकार की बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के बारे में पता चला, तो उसे उम्मीद की एक किरण दिखाई दी। योजना के तहत पद्मा के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें बकाया बिल पर 4,000 रुपये की सीधी राहत प्रदान की गई। यह केवल पैसों की छूट नहीं थी, बल्कि एक अनाथ बेटी को यह अहसास कराना था कि उसकी सरकार उसके साथ खड़ी है। इस सहायता के बाद पद्मा अपना शेष बकाया चुकाने में सक्षम हुईं और उनके घर की बिजली कटने से बच गई।

*"मुख्यमंत्री का आभार, मेरे घर का अंधेरा दूर हुआ"*

         अपनी खुशी साझा करते हुए पद्मा कहती हैं— "जब बिल 9 हजार हो गया था, तो मुझे लगा अब कभी घर में उजाला नहीं होगा। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की योजना ने मुझे सहारा दिया। 4 हजार की छूट मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। आज मेरा घर फिर से रोशन है और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को दिल से धन्यवाद देती हूँ।"

*भरोसे की नई इबारत*

         पद्मा कश्यप की यह कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करती है, जो आर्थिक तंगी के कारण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की यह नीति दर्शाती है कि शासन का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि 'अंत्योदय' यानी अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा है।
बस्तर के सुदूर वनांचल में जलता पद्मा के घर का वह बल्ब आज केवल बिजली से नहीं, बल्कि सरकार के प्रति अटूट विश्वास से चमक रहा है।

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रोजगार योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे प्रबंध संचालक, हितग्राहियों से किया सीधा संवाद ,युवा उद्यमियों के नवाचार को सराहा, व्यवसाय विस्तार के दिए व्यावहारिक सुझाव

रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की प्रबंध संचालक श्रीमती रीता यादव द्वारा विभागीय योजनाओं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से लाभान्वित हितग्राहियों के इकाई स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण एवं अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभवों की जानकारी प्राप्त की।
           ग्राम पंचायत कोसमंदा में संचालित दोना-पत्तल निर्माण इकाई के संचालक श्री नेहरू लाल पटेल ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं। इस माध्यम से न केवल उनका स्वयं का रोजगार सुनिश्चित हुआ है, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार प्राप्त हो रहा है। प्रबंध संचालक ने इस इकाई को ग्रामीण स्वरोजगार का सफल एवं प्रेरणादायक मॉडल बताया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत ऋण प्राप्त कर कूलर निर्माण व्यवसाय संचालित कर रहे श्री श्रेयस साहू के कार्यों की सराहना की गई। पुसौर में श्री निखिल साहू द्वारा संचालित आधुनिक रेस्टॉरेंट तथा रायगढ़ में श्री अभिषेक केरकेट्टा द्वारा संचालित “ओहमा होटल एवं रेस्टोरेंट” के सफल संचालन की भी प्रशंसा की गई। उन्होंने उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान करते हुए युवाओं के उत्साह की सराहना की।
           निरीक्षण के दौरान श्रीमती यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए अधिकाधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ग्रामोद्योग अंतर्गत नई इकाइयों की स्थापना हेतु प्रकरण तैयार कर बैंकों को प्रेषित करने के निर्देश प्रभारी अधिकारी श्री आशीष सिंह राठौर को दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है तथा स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: जशपुर के 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल , हर वर्ष 6 हजार रुपए की सहायता से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था

जशपुरनगर 29 अप्रैल 2026/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छत्तीसगढ़ सहित देशभर के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना न केवल किसानों को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की दिशा में भी प्रेरित कर रही है। जशपुर जिले में इस योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां 71,733 किसान इससे प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। मार्च 2026 में इस योजना की 22वीं किश्त जारी की गई, जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई। यह राशि किसानों के लिए समय पर उपलब्ध वित्तीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। यह सहायता किसानों को खाद-बीज की खरीद, मजदूरी भुगतान एवं अन्य कृषि कार्यों में समय पर निवेश करने में सहायक सिद्ध हो रही है, जिससे खेती की निरंतरता और उत्पादकता बनी रहती है।

      जशपुर जिले के कई किसान इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी खेती को अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं। साल्हेकेराडीह के किसान श्री नंदराम ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस योजना के लाभार्थी हैं और प्रत्येक किश्त से उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिलती है। इससे खेती का कार्य बिना बाधा के चलता है और आय में भी स्थिरता बनी रहती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को किसानों के लिए वरदान बताया।

      यह योजना किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है। किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा रहे हैं और अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। इससे न केवल किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।जशपुर जिले में बड़ी संख्या में किसानों तक योजना का लाभ पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना निश्चित रूप से किसानों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनकर उभरी है।

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सही दवा-सुरक्षित आहार” अभियान के तहत रायगढ़ में बड़ी कार्रवाई, थोक दवा बाजार में मचा हड़कंप—गुणवत्ता जांच के लिए नमूने जब्त, दस्तावेज खंगालने के सख्त निर्देश, 11 मई तक चलेगा विशेष अभियान

रायगढ़, 29 अप्रैल 2026/ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रायगढ़ शहर में थोक दवा दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया। “सही दवा-सुरक्षित आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत की गई इस कार्रवाई में कोतरा रोड स्थित संकेत फार्मा, पैलेस रोड स्थित समीर मेडिकल एजेंसी, दानी पारा की सलूजा ब्रदर्स और दरोगा पारा की प्रेम मेडिकल एजेंसी की जांच की गई। जांच के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत अधिकारियों ने दवाओं की गुणवत्ता और रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। इस दौरान 2 औषधियों के नमूने संग्रहित किए गए और संबंधित दुकानदारों को क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
          यह अभियान छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्ता युक्त दवाएं एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह 15 दिवसीय विशेष अभियान 11 मई 2026 तक जारी रहेगा। विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो सके।

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डीईएएफ और इनऑपरेटिव खातों पर प्रशासन सख्त — 6.86 करोड़ से ज्यादा रकम शासन खाते में जमा, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश

रायगढ़, 28 अप्रैल 2026/ जिले में डीईएएफ एवं इनऑपरेटिव बैंक खातों के निराकरण को लेकर प्रशासन द्वारा प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर इस कार्य की नियमित रूप से समय-सीमा बैठकों में समीक्षा की जा रही है, जिससे कार्य में निरंतर गति बनी हुई है। इसी क्रम में आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में लीड बैंक मैनेजर एवं वरिष्ठ कोषालय अधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
            बैठक में राज्य शासन के निर्देशानुसार डीईएएफ एवं इनऑपरेटिव खातों को प्राथमिकता के आधार पर सक्रिय (एक्टिवेट) कराते हुए केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने तथा नियमानुसार खातों का निष्पादन कर शेष राशि शासन के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए। जिले की प्रगति के अनुसार डीईएएफ श्रेणी के कुल 1348 खातों में 4,95,71,665 रूपये की राशि दर्ज है, जिनमें से 555 खातों को सक्रिय किया जा चुका है। इन सक्रिय खातों में 3,00,04,674 रुपए की राशि शामिल है तथा 2,81,88,102 रुपए की राशि शासन खाते में जमा की जा चुकी है। इसी प्रकार इनऑपरेटिव श्रेणी के 3560 खातों में 26,65,70,126 रुपए की राशि दर्ज है, जिनमें से 1922 खाते सक्रिय किए गए हैं। इन खातों में 13,92,89,691 रुपए की राशि है तथा 4,04,86,398 रुपए की राशि शासन खाते में जमा कराई जा चुकी है।
            जिला कोषालय अधिकारी श्री चंद्रपाल सिंह ठाकुर एवं लीड बैंक मैनेजर श्री कमल किशोर सिंह ने बताया कि विभिन्न बैंकों एवं आहरण-संवितरण अधिकारियों के समन्वय से जिले से अब तक कुल 6,86,74,500 रुपए की राशि शासन के खाते में जमा की जा चुकी है। शेष राशि को भी शीघ्र जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया को और अधिक सुगम एवं त्वरित बनाने के लिए समय-समय पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे खाताधारकों का केवाईसी एवं सत्यापन कार्य तेजी से पूर्ण हो सके। बैठक में सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। बैठक में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री चंद्रपाल सिंह ठाकुर, लीड बैंक मैनेजर श्री कमल किशोर सिंह, सहायक कोषालय अधिकारी श्री पुष्पेंद्र चंद्रा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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