ऑपरेशन शंखनाद: लैलूंगा पुलिस ने बूचड़खाने ले जाए जा रहे 7 गौवंश बचाए, पिकअप जब्त, तस्कर फरार
रायगढ़। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत लैलूंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बूचड़खाने ले जाए जा रहे सात गौवंशों को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप वाहन जब्त कर लिया है, जबकि चालक पुलिस को देखकर जंगल के रास्ते फरार हो गया। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर जा रही बोलेरो पिकअप (क्रमांक JH-01-FL-9697) में गौवंशों को अवैध एवं क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सोनाजोरी-बरदरहा जंगल मार्ग पर नाकेबंदी की। वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें पांच गाय और दो बछुए सहित कुल सात गौवंश अत्यंत अमानवीय स्थिति में भूखे-प्यासे मिले। पुलिस ने करीब 35 हजार रुपये मूल्य के गौवंश तथा लगभग तीन लाख रुपये कीमत की बोलेरो पिकअप जब्त कर कुल 3.35 लाख रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली।
मामले में थाना लैलूंगा में अज्ञात चालक के विरुद्ध अपराध क्रमांक 208/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
इस कार्रवाई में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक एडमोन खेस, नंद कुमार पैंकरा तथा आरक्षक राजू तिग्गा और अभय मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में गौवंशों की अवैध तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी लगातार जारी रहेगी।