गांजा तस्करी का पूरा खेल बेनकाब, तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मास्टरमाइंड शुभम यादव भी गिरफ्तार, पुलिस की एंड-टू-एंड कार्रवाई से तस्कर नेटवर्क में मचा हड़कंप
रायगढ़, 9 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 300 किलोग्राम गांजा तस्करी मामले के मुख्य मास्टरमाइंड शुभम यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पिछले महीने 1.86 करोड़ रुपये मूल्य की गांजा खेप पकड़े जाने के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और घेराबंदी की रणनीति के जरिए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अब केवल गांजा बरामद करना ही नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, उसके संचालकों और आर्थिक लाभ लेने वालों तक पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है।
5 जून की बड़ी कार्रवाई के बाद फरार था मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 को "ऑपरेशन आघात" के तहत उड़ीसा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही करीब 300 किलो गांजा की खेप को जब्त किया गया था। उस कार्रवाई में लगभग 1.50 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा, परिवहन में इस्तेमाल की जा रही इनोवा क्रिस्टा और मारुति सुजुकी XL-6, पांच मोबाइल फोन सहित कुल 1.86 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। मामले में तीन अंतरराज्यीय तस्कर निखिल कश्यप, रिंकु कश्यप और धर्मेंद्र कुमार मौर्य को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने खुलासा किया था कि पूरे नेटवर्क का संचालन शुभम यादव के साथ मिलकर किया जा रहा था। इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया, कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
लगातार निगरानी के दौरान 8 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी एक KIA कार से रायगढ़ क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी तेज रफ्तार में वाहन लेकर भाग निकला। इसके बाद जिले के सीमावर्ती थानों को अलर्ट कर नाकेबंदी कराई गई।
कुंजारा के पास घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी
साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने लैलूंगा मुख्य मार्ग स्थित कुंजारा के पास घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम यादव (29 वर्ष), पिता लखनलाल यादव, निवासी विवेकनगर कॉलोनी, थाना चचाई, जिला अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई।
10.17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—
- KIA कार क्रमांक CG-10 BE-5998 (कीमत लगभग 10 लाख रुपये)
- एक मोबाइल फोन
- घड़ी
- 3,000 रुपये नगद
- वाहन की आरसी
- कार की चाबी
- तीन एटीएम कार्ड
सहित कुल 10.17 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब शुभम यादव से पूछताछ कर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों, आर्थिक लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। आरोपी के खिलाफ थाना लैलूंगा में दर्ज अपराध क्रमांक 184/2026 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश—मास्टरमाइंड तक पहुंचेगी पुलिस
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अब केवल गांजा जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क, वित्तीय लाभार्थियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई कर रही है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी साइबर उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव तथा साइबर और लैलूंगा थाना की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।