रेलवे की लाइन पर चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब: घरघोड़ा पुलिस ने 48 घंटे की ताबड़तोड़ कार्रवाई में चार शातिर चोर दबोचे, 178 मीटर तांबा तार और नकदी बरामद, चार बड़े मामलों का हुआ सनसनीखेज खुलासा
रायगढ़, 19 जून। रेलवे लाइन और ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) तारों की चोरी कर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले सक्रिय गिरोह का घरघोड़ा पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर रेलवे तांबा तार चोरी के तीन मामलों और मोटरसाइकिल की डिक्की से नकदी चोरी के एक मामले का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से 178 मीटर रेलवे तांबा तार और 3 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से रेलवे लाइन और साइडिंग क्षेत्र में तांबा तार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे तथा चोरी का माल फेरी कबाड़ियों को बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।
एक के बाद एक चार वारदातों ने बढ़ाई थी पुलिस की चिंता
मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई जब ग्राम कारीछापर स्थित रेलवे लाइन के पास से ओएचई और तांबा तार चोरी कर लिया गया। इसके बाद 7 अप्रैल को पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालकर लौट रहे एक ग्रामीण की मोटरसाइकिल की डिक्की से 40 हजार रुपये पार कर दिए गए।
इसके बाद 8 मई की रात घरघोड़ा रेलवे साइडिंग से करीब 85 हजार रुपये मूल्य का तांबा तार चोरी हुआ। वहीं 17 जून की रात छाल-घरघोड़ा रेलवे लाइन से फिर तांबा तार और अन्य सामग्री चोरी कर ली गई। लगातार हो रही घटनाओं से रेलवे और स्थानीय प्रशासन दोनों चिंतित थे।
मुखबिर की सूचना बनी सफलता की कुंजी, ढोरम बायपास में घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ढोरम बायपास क्षेत्र में घेराबंदी कर मनोज धनवार, शशिभूषण दास बैरागी, अजय धनवार और लखन राठिया को हिरासत में लिया।
कड़ी पूछताछ में चारों आरोपी टूट गए और रेलवे तांबा तार चोरी सहित उठाईगिरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई शुरू की।
जंगल में छिपाकर रखा था लाखों का तांबा तार, पुलिस ने किया बरामद
आरोपियों ने चोरी किए गए तांबा तार को मुस्कुरा जंगल में छिपाकर रखा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 72 मीटर, 40 मीटर और 66 मीटर तांबा तार अलग-अलग स्थानों से बरामद किया। कुल 178 मीटर रेलवे तांबा तार की कीमत 1 लाख 38 हजार 840 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उठाईगिरी से जुड़े मामले में आरोपी अजय धनवार के कब्जे से 3 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।
कबाड़ियों को बेचते थे रेलवे का सामान, शराब और मौज-मस्ती में उड़ाते थे रकम
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि रेलवे लाइन से चोरी किए गए तांबा तार और अन्य सामग्री को घूम-घूमकर खरीदने वाले कबाड़ियों को बेच दिया जाता था। चोरी से मिली रकम को चारों आरोपी आपस में बांटकर शराब पीने और अन्य खर्चों में उड़ा देते थे। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों की भी जानकारी जुटा रही है।
रेलवे संपत्ति की चोरी सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा : एसएसपी शशि मोहन सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रेलवे संपत्ति की चोरी केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
- मनोज धनवार (28 वर्ष), निवासी बनाई, थाना घरघोड़ा
- शशिभूषण दास बैरागी (28 वर्ष), निवासी कोटरीमाल, थाना घरघोड़ा
- अजय धनवार (19 वर्ष), निवासी बनाई, थाना घरघोड़ा
- लखन राठिया (20 वर्ष), निवासी रेंगालबहरी, थाना घरघोड़ा
पुलिस टीम की भूमिका रही सराहनीय
इस पूरे मामले के सफल खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, सहायक उप निरीक्षक डेविड टोप्पो, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक तथा आरक्षक हरिश पटेल और उद्योराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है।