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ऑपरेशन आघात” का जोरदार प्रहार : पुलिस की ताबड़तोड़ रेड में 35 लीटर महुआ शराब जब्त, इन थाने क्षेत्र से तीन आरोपी गिरफ्तार

 12 मार्च, 2026-रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना पुसौर और थाना पूंजीपथरा क्षेत्र में पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई कर अवैध महुआ शराब जब्त की गई है।

ग्राम टिभाउडीह में पूंजीपथरा की शराब रेड, 15 लीटर महुआ शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

         वहीं थाना पूंजीपथरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि  *ग्राम टिभाउडीह निवासी महेश राम बंजारा पिता ननकीराम बंजारा उम्र 36 वर्ष* अपने घर आंगन में अवैध रूप से महुआ शराब बिक्री के लिए रखे हुए है। सूचना पर पुलिस द्वारा मौके पर रेड कार्रवाई कर आरोपी के कब्जे से करीब 15 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी द्वारा शराब रखने का कोई वैध परमिट प्रस्तुत नहीं करने पर शराब को जब्त कर उसके विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुसौर पुलिस की ग्राम बरदापुटी और बासनपाली में कार्रवाई

             कल दिनांक 11.03.2026 को पुसौर पुलिस की टीम देहात भ्रमण एवं माइनर एक्ट कार्रवाई के दौरान ग्राम बरदापुटी में मुखबिर से सूचना मिलने पर घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। मौके पर *श्याम सुंदर सिदार पिता नत्थुराम सिदार उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम बरदापुटी थाना पुसौर जिला रायगढ़* के कब्जे से करीब 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। आरोपी द्वारा शराब रखने का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उक्त शराब जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

               इसी प्रकार पुसौर पुलिस ने ग्राम बासनपाली में रेड कार्रवाई करते हुए *रामलाल सतनामी पिता अमरदास सतनामी उम्र 45 वर्ष निवासी बासनपाली थाना पुसौर जिला रायगढ़* के कब्जे से करीब 10 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। आरोपी द्वारा अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए रखी गई उक्त शराब को जब्त कर उसके विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

तीनों कार्रवाइयों में पुलिस द्वारा कुल 35 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश

            *“जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री पर रायगढ़ पुलिस की कड़ी नजर है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”*

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“हर नागरिक को बेहतर इलाज का भरोसा, कैशलेस इलाज से लेकर नए मेडिकल कॉलेज तक… स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव” : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

मैं जीवन की रक्षा का संकल्प लेकर, सेवा का दीप जलाने आया हूँ: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

SANKALP पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: स्वास्थ्य मंत्री

राज्य में शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा के लिए बजट मेें 100 करोड़ रूपए का प्रावधान 

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6 हजार 976 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित

रायपुर में बनेगा मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, बजट में 95 करोड़ रूपए का प्रावधान  

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान

नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान

मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत पिछड़ा के विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क आवासीय सुविधाएं, बिलासपुर में खुलेगा 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय

रायपुर, 12 मार्च 2026/  छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित हो गई है। 

      अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं SANKALP पर आधारित होंगीं। इसमें S-Strengthened Institutions (सशक्त संस्थान), A-Academic Excellence   (उत्कृष्ट अकादमिक गुणवत्ता), N-Next Generation Research  (नवोन्मेषी अनुसंधान), K-Knowledge & Clinical Competency  (कौशल एवं क्लीनिकल दक्षता), A-Advance Medical Facilities (आधुनिक चिकित्सा सुविधा), L-Life Saving Infrasturcture (जीवन रक्षक अधोसंरचना) तथा P-Professional & Transparent Governance (पारदर्शी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं। 

            स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियोें- कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की योजना शुरू करने की बात कही। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

      मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे। प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों के उपचार को सुलभ बनाने के लिए प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों को सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।

         मंत्री ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधा प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगी।

         मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत का अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना है। यह संस्थान प्रदेश के नागरिकों को उच्च स्तरीय हृदय उपचार की सुविधा प्रदान करेेगा। वहीं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बाल हृदय उपचार सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाया जा सकेगा। 

    स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे। इसके अलावा रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु चिकित्सालय तथा चिरमिरी में नया जिला अस्पताल बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने के उद्देश्य से दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

           मंत्री ने बताया कि रायपुर में मध्य भारत के सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रयोगशाला के शुरू होने से राज्य को दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी एवं छत्तीसगढ़ के साथ अन्य सीमावर्ती राज्यों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं मिल सकेेंगी। 

          चर्चा के दौरान श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही एम्बुलेंस की कमी दूर होगी। राज्य के सभी जिलों के लिए 300 नए एम्बुलेंस के लिए टेण्डर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त वेंटीलेटर युक्त 70 अत्याधुनिक एम्बुलेंस तथा नवजात शिशुओं के लिए सर्वसुविधाजनक 10 अन्य एम्बुलेंस क्रय करने की प्रक्रिया भी शीघ्र ही पूर्ण कर ली जाएगी। 

*चिकित्सा शिक्षा विभाग*

         चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा हेतु 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है। नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों (दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम) के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के ट्रामा सेंटर भवन निर्माण केे लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों में उपकरणों की खरीदी के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।

       स्वास्थ्य मंत्री ने चर्चा में कहा कि राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए बजट में 83 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अम्बिकापुर तथा जगदलपुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। 

*आयुष विभाग*

           मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयुष विभाग के तहत 544 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। औषधियों के लिए 25.73 करोड़ रुपये तथा उपकरणों के लिए 4.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

        जनभागीदारी के माध्यम से 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 692 आयुष औषधालयों के उन्नयन के लिए भी बजट रखा गया है। रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में छात्रावास और सेमीनार हॉल का निर्माण किया जाएगा।

*अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग*

         मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए मांग संख्या 66 के तहत कुल 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 

        चर्चा का जवाब देते हुए श्री जायसवाल ने राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू करने की बात कही। इस योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बिलासपुर में 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय, रायपुर में 200 सीटर पोेस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, रायगढ़ में 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, मनेन्द्रगढ़ में 100 सीटर पोेस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास एवं जशपुर में 50 सीटर प्री-मैट्रिक बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए बजट में 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

           चर्चा के दौरान श्री जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देने के लिए सीजी असिस्टेंस फॉर कम्पेटेटिव एक्जामिनेशन (CG-ACE) योजना के अंतर्गत उड़ान, शिखर तथा मंजिल योजना की शुरूआत की जाएगी। बजट में इसके लिए 9 करोड़ 63 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। 
 
      बजट चर्चा में नेता प्रतिपक्ष 
डॉ. चरण दास महंत,विधायक सर्वश्री धर्मजीत सिंह, दलेश्वर साहू, ईश्वर साहू, प्रणव मरपच्ची, आशाराम नेताम, प्रमोद मिंज, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले, राघवेन्द्र कुमार सिंह, कुंवर सिंह निषाद, लखेश्वर बघेल, भोलाराम साहू, दिपेश साहू, प्रेमचंद पटेल, विनायक गोयल, रोहित साहू, रामकुमार यादव, व्यास कश्यप, सुशांत शुक्ला,  श्रीमती संगीता सिन्हा, श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, श्रीमती सावित्री मंडावी, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, श्रीमती अंबिका मरकाम सहित श्रीमती यशोदा वर्मा शामिल रहे।

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पीएम किसान उत्सव कल: गुवाहाटी से किसानों के खातों में बरसेगी सम्मान निधि, छत्तीसगढ़ के 24.71 लाख किसानों को मिलेंगे 498.83 करोड़ रुपए

 रायपुर, 12 मार्च 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 मार्च को असम राज्य के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के करीब 9.32 करोड़ किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22 वीं किस्त की राशि 18 हज़ार 650 करोड़ रुपये का अंतरण करेंगे। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम से छत्तीसगढ राज्य के 24 लाख 71 हजार 498 किसानों के खाते में  498.83 करोड़ रूपए की राशि भेजी जाएगी। इस योजना के तहत छत्तीसगढ राज्य के 2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी और 37 हजार 400 विशेष पिछड़ी जनजाति किसानों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लाखों किसान सहित जनप्रतिनिधिगण राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद, कृषि महाविद्यालय जोरा रायपुर से जुड़ेंगे। 

     कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पी एम किसान उत्सव के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान बैठकों का आयोजन किया जाएगा और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी कराया जाएगा, ताकि किसान सीधे इस कार्यक्रम से जुड़ सकें। 

     गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा की गई थी, जिसके अंतर्गत ’’पहली किश्त फरवरी 2019 में किसानों के खातों में जारी की गई थी’’। योजना प्रारंभ होने से लेकर अब तक प्रदेश के किसानों को ’’कुल 11 हजार 283 करोड़ 09 लाख रुपये’’ की राशि प्रदान की जा चुकी है, जिससे लाखों किसान परिवार लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य शासन द्वारा ’’2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी किसानों’’ तथा ’’37 हजार 400 विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) के किसानों’’ को भी योजना में पंजीयन कर लाभान्वित किया जा रहा है। 

       विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के किसानों को योजना का लाभ प्रदान करने के लिए ’’कृषि भूमि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया है’’। योजनांतर्गत सभी ’’एकल एवं संयुक्त खाता धारक किसान परिवार’’, जिनके नाम भू- अभिलेख के रिकार्ड में दर्ज हैं, योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

       प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देश के कृषक परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना ’’दिसम्बर 2018 से लागू की गई है’’। यह योजना ’’भारत सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित’’ है। इसके अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को ’’प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि’’ प्रदान की जाती है, जिसे ’’2-2 हजार रुपये की तीन समान किश्तों में प्रत्येक चार माह के अंतराल पर डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है’’। योजना का लाभ सभी वर्ग एवं श्रेणी के उन किसानों को दिया जाता है जिनका नाम भू- अभिलेख में दर्ज है। योजनांतर्गत ’’सभी एकल एवं संयुक्त खाता धारक किसान परिवार’’, जिनके नाम भू-अभिलेख में दर्ज हैं, ’’वन अधिकार पट्टाधारी किसान’’ तथा ’’विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के किसान’’ लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

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टेट अनिवार्यता के खिलाफ प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों का मोर्चा, 15 मार्च को राजधानी रायपुर में होगी बड़ी रणनीतिक बैठक

रायपुर, 12 मार्च।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को लेकर उठी चर्चाओं ने प्रदेश सहित देशभर के शिक्षकों में चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को लेकर अब शिक्षक संगठनों ने खुलकर विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठन इस विषय पर एकजुट होते नजर आ रहे हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन की रणनीति तैयार करने की कवायद तेज हो गई है

इस संबंध में केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविन्द्र राठौर और जाकेश साहू ने संयुक्त रूप जानकारी देते हुए बताया कि, हाल ही में इस विषय को लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली में देशभर के विभिन्न राज्यों के शिक्षक संगठनों एवं प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में टीईटी की अनिवार्यता से उत्पन्न संभावित समस्याओं और इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से शिक्षक एवं कर्मचारी नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा और रविन्द्र राठौर ने भाग लिया और प्रदेश के शिक्षकों की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखा।

इसी क्रम में अब छत्तीसगढ़ में भी इस विषय पर व्यापक चर्चा और आंदोलन की भावी रणनीति तय करने के लिए आगामी 15 मार्च को राजधानी रायपुर में एक बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के सभी शैक्षिक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी सहित टीईटी से प्रभावित शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है।

बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र राठौर तथा छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रदेश के सभी शैक्षिक संगठनों के प्रांताध्यक्षों, पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से इस बैठक में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

शिक्षक नेताओं का कहना है कि यदि टीईटी की अनिवार्यता लागू की जाती है तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश के हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा। अनुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश के लगभग 80 हजार शिक्षक तथा देशभर के करीब 20 लाख से अधिक शिक्षक इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

बताया गया कि यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार 15 मार्च को दोपहर 12 बजे राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित छत्तीसगढ़ राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी संघ कार्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर आगे की रणनीति, संभावित आंदोलन और संयुक्त कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाएगी।

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जवाफूल की खेती से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं शिला पैकरा,3 एकड़ में की खेती, 30 क्विंटल उत्पादन से मिली अच्छी आमदनी

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ लैलूंगा विकासखंड के ग्राम करवाजोर की श्रीमती शिला पैकरा पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नवाचार अपनाते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में मिसाल पेश कर रही हैं। उन्होंने अपने लगभग 3 एकड़ खेत में जवाफूल धान की खेती कर न केवल बेहतर उत्पादन प्राप्त किया, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाया है।
           शिला पैकरा ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने करीब 3 एकड़ क्षेत्र में जवाफूल धान की खेती की थी, जिससे लगभग 30 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में जवाफूल चावल की अच्छी मांग होने के कारण उन्हें इसका बेहतर मूल्य भी मिल रहा है। वर्तमान में स्थानीय बाजार में जवाफूल चावल की कीमत करीब 150 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है। जवाफूल धान अपनी विशेष सुगंध और स्वाद के लिए जाना जाता है, जिसके कारण इसकी बाजार में हमेशा अच्छी मांग रहती है। शिला पैकरा का कहना है कि यदि किसानों को उचित मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध हो, तो पारंपरिक धान की इस किस्म की खेती से अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।
            कृषि के साथ-साथ शिला पैकरा आजीविका के अन्य माध्यमों से भी जुड़ी हुई हैं। वे गांव के गायत्री स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और समूह के माध्यम से मशरूम उत्पादन का कार्य भी कर रही हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। शिला पैकरा की सफलता से गांव की अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं। वे मानती हैं कि मेहनत, नवाचार और समूह की ताकत के सहारे ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। आज वे खेती और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही

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लैलूंगा में डीएमएफ मद से 50 किसानों की रागी की जैविक खेती देखी, केलो नदी के उद्गम स्थल का संरक्षण और मातृ-शिशु अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू करने के निर्देश जारी

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लेने और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी आज लैलूंगा विकासखंड के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सलखिया स्थित गुरुकुल आश्रम में डीएमएफ मद से संचालित रागी की जैविक खेती का निरीक्षण किया और किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक व जैविक तकनीकों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने केलो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पहाड़ लुड़ेग का भ्रमण कर उसके संरक्षण और विकास की संभावनाओं पर ग्रामीणों से चर्चा की। कलेक्टर ने खम्हार-पाकुट जलाशय योजना का निरीक्षण करते हुए जलाशय के तटीय क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की योजना बनाने के निर्देश दिए, वहीं लैलूंगा के 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

गुरुकुल आश्रम में कलेक्टर ने रागी की खेती का किया निरीक्षण

दौरे के दौरान कलेक्टर ने सलखिया स्थित गुरुकुल आश्रम में डीएमएफ की सहायता से की जा रही रागी की खेती की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि लैलूंगा विकासखंड के लगभग 50 किसान इस बार रागी की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से कर रहे हैं। किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ वैज्ञानिक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर को बताया गया कि छत्तीसगढ़ के रागी विशेषज्ञ श्री जैकब द्वारा किसानों को रागी उत्पादन की तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रागी एक पोषक और जलवायु के अनुकूल फसल है, जिसे बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में रागी की खेती को बड़े स्तर पर विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। टिकरा भूमि में जहां किसान धान की खेती करते हैं, वहां रागी जैसी वैकल्पिक और लाभकारी फसल को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा।

केलो नदी के उद्गम स्थल पहाड़ लुड़ेग पहुंचे कलेक्टर

कलेक्टर ने केलो नदी के उद्गम स्थल ग्राम पहाड़ लुड़ेग का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर नदी के उद्गम स्थल से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने लैलूंगा से पहाड़ लुड़ेग तक सड़क निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केलो नदी का उद्गम स्थल जिले की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसे सुरक्षित एवं संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने पहाड़ लुड़ेग ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि इस स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए तो क्षेत्र के लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके लिए ग्रामीणों से उन्होंने गांव के विकास और उद्गम स्थल के संरक्षण से जुड़े सुझाव 15 दिनों के भीतर देने का आग्रह किया।

खम्हार-पाकुट जलाशय का लिया जायजा

दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्राम पंचायत जाम बहार स्थित खम्हार-पाकुट जलाशय योजना का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। जलाशय में आदिवासी मत्स्य समिति लैलूंगा द्वारा किए जा रहे मछली पालन कार्य की उन्होंने सराहना की और समिति को इस कार्य को और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जलाशय के तटीय क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए किसी विशेषज्ञ आर्किटेक्ट से विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग धरमजयगढ़ को दिए, ताकि भविष्य में इसे पर्यटन और मनोरंजन के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जा सके।

मातृ एवं शिशु अस्पताल का भी किया निरीक्षण

कलेक्टर ने लैलूंगा स्थित 50 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को मिल रही सेवाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने अस्पताल में ब्लड बैंक और हमर लैब को शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने अस्पताल में संचालित बेड की संख्या, उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री रवि भगत सहित गणमान्य नागरिक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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जिले के अंतिम छोर मुकड़ेगा तक पहुंचा प्रशासन, जनसमस्या निवारण शिविर में सैकड़ों ग्रामीण हुए लाभान्वित,विभागों द्वारा योजनाओं की दी गई जानकारी, आवेदनों का मौके पर किया गया निराकरण

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिला प्रशासन द्वारा आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के विकासखंड लैलूंगा अंतर्गत सुदूर वनांचल क्षेत्र मुकड़ेगा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर के दौरान कलेक्टर श्री चतुर्वेदी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।

*समाधान शिविरों को औपचारिकता के रूप में न ले-कलेक्टर*
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि समाधान शिविरों की जानकारी कम से कम तीन दिन पहले ग्राम पंचायतों में व्यापक रूप से दी जाए। केवल जनपद की मुनादी पर निर्भर न रहकर जमीनी अमले का भी सहयोग लिया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शिविर में पहुंच सकें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि जिन सेवाओं का निराकरण ऑनलाइन संभव है, उनके लिए इंटरनेट युक्त कंप्यूटर अथवा लैपटॉप की व्यवस्था की जाए। साथ ही शिविर स्थल पर छाया एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों को औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि आमजन की समस्याओं के वास्तविक समाधान का माध्यम बनाया जाए। बता दे कि 13 मार्च को तहसील मुख्यालय तमनार में  अगला जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
           स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है, जो सराहनीय कदम है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि शिविरों में पहुंचकर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं और अपनी आय के स्रोत बढ़ाएं।

*हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र का वितरण*

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लिबरा और सोनाजोरी को बाल विवाह मुक्त प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, वहीं नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया तथा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट वितरित की गई। शिक्षा विभाग द्वारा 7 दिव्यांग बच्चों को शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। मछली पालन विभाग ने 2 हितग्राहियों को मछली जाल तथा 2 हितग्राहियों को आइस बॉक्स वितरित किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 22 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पूर्णता के बाद चाबी प्रदान की गई, जबकि 13 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र दिए गए। श्रम विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को योजनांतर्गत चेक प्रदान किए गए तथा खाद्य विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को प्राथमिकता राशन कार्ड वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा एक हितग्राही को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल तथा 9 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दो स्व-सहायता समूहों को बैंक क्रेडिट लिंकेज राशि प्रदान की गई, वहीं उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।

*हितग्राहियों ने योजनाओं का लाभ मिलने पर जताई खुशी*

शिविर में लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। तोलमा के ईसाइया कुजूर ने बताया कि उन्हें शिविर में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से अब आवागमन में काफी सुविधा होगी और दैनिक कार्यों में आसानी होगी। बुध साय गोंड ने आवास योजना का लाभ मिलने पर सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं सुशील टोप्पो और सुरेश लकड़ा ने बताया कि मछली पालन के लिए सामग्री मिलने से अब इस कार्य को बेहतर ढंग से कर सकेंगे।

*स्वास्थ्य जांच, आधार निर्माण सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध*

शिविर में 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित की गईं तथा 5 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। आयुष विभाग द्वारा 97 लोगों को औषधि वितरित की गई। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन किया गया और चिप्स विभाग द्वारा 20 से अधिक लोगों के आधार कार्ड बनाए गए। शिविर में डाकघर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उद्यानिकी, मछली पालन, श्रम, जल संसाधन, सीएसपीडीसीएल, राजस्व, सीएससी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, आयुष, खाद्य, वन, पशुधन, महिला एवं बाल विकास, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति, कृषि तथा रोजगार नियोजन एवं कौशल विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। 
          अधिकारियों ने शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत, जनपद पंचायत लैलूंगा अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, उपाध्यक्ष श्री मनोज अग्रवाल, जनपद सदस्य श्रीमती कल्पना भोई, श्री रवि भगत, श्रीमती सुमन साय, श्री दिनेश यादव, श्रीमती पूर्णवती पैकरा, श्रीमती शांता साय एवं श्रीमती स्नेहलता सिदार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशानिक अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम श्री भरत कौशिक सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहे।

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जंगल में सज रही थी 52 पत्ती की जुआ महफिल, पुलिस ने मारी दबिश —  4 जुआरी धराए — नगदी, मोबाइल और 5 बाइक समेत 1.10 लाख की जब्ती

 12 मार्च, रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत सामाजिक बुराइयों जुआ-सट्टा के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कल शाम पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द क्षेत्र अंतर्गत बरपाली के जंगल में जुआ फड़ संचालित होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा चौकी रैरूमाखुर्द स्टाफ की विशेष टीम गठित कर तत्काल रेड कार्रवाई के लिए रवाना किया गया।

         पुलिस टीम ने बरपाली जंगल में ईमली के पेड़ के पास घेराबंदी कर दबिश दी, जहां कुछ लोग 52 पत्ती ताश से जुआ खेलते हुए पाए गए। पुलिस को देखकर कुछ जुआरी जंगल की ओर भाग निकले, जबकि मौके से चार जुआरियों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम *1) सालिकराम सारथी पिता स्व. धनीराम सारथी उम्र 55 वर्ष निवासी गिधकालो थाना कांपू जिला रायगढ़, 2) देव प्रसाद राठिया पिता हरिभूषण राठिया उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम गनपतपुर चौकी रैरूमाखुर्द थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़, 3) श्रीकांत यादव पिता वृंदावन यादव उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम चरखापारा चौकी रैरूमाखुर्द थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़, 4) निरंजन यादव पिता भुवन यादव उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम चरखापारा चौकी रैरूमाखुर्द थाना धरमजयगढ़ जिला रायगढ़* बताया।

         रेड कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से *जुमला नगदी रकम 10,600 रुपये, 52 पत्ती ताश की 3 गड्डी, एक दरी, एक काला थैला, तीन मोबाइल फोन (दो वीवो एंड्रॉयड एवं एक जियो कीपैड) तथा पांच मोटरसाइकिल जब्त की गई हैं। जब्त वाहनों में बजाज प्लेटिना CG-13 BG-9618, हीरो HF डिलक्स CG-14 MR-8099, विक्रांता V15 CG-13 V-5466, टीवीएस रेडियॉन बिना नंबर तथा फैशन प्रो बिना नंबर प्लेट* शामिल हैं। जुआ रेड कार्रवाई में आरोपियों से नगदी जुआ रकम समेत *कुल 1 लाख 10 हजार 600 रूपये की संपत्ति की जब्ती* की गई है ।

         मामले में आरोपियों के विरुद्ध *थाना धरमजयगढ़ (चौकी रैरूमाखुर्द) में धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई* की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —

        जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे अवैध कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में लगातार निगरानी और रेड कार्रवाई की जाएगी।”

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ई-रोजगार पोर्टल में पंजीकृत युवाओं के लिए सुनहरा मौका: 16 मार्च को रायगढ़ में लगेगा बड़ा प्लेसमेंट कैंप, निजी कंपनियों में कई पदों पर होगी सीधी भर्ती

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 16 मार्च को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप प्रातः 10.30 बजे से आयोजित होगा, जिसमें निजी क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों द्वारा रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। कैंप में भाग लेने के लिए आवेदकों का ई-रोजगार पोर्टल में पंजीकृत होना अनिवार्य है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी अपने समस्त मूल प्रमाण पत्रों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर प्लेसमेंट कैंप में शामिल हो सकते हैं।
             जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस प्लेसमेंट कैंप के माध्यम से निजी क्षेत्र मे.स्वतंत्र माईक्रोफिन लिमिटेड नियम आफ डिग्री कालेज लोचन नगर रायगढ़ में फील्ड ऑफिसर एवं कलेक्शन आफिसर, मे.सनसाइन होटल ढिमरापुर रोड जगतपुर में रिसेप्सनिस्ट हाउस कीपिंग एफ एंड बी सर्विस, साउथ इंडियन सेफ, कोल्ड बेकरी सेफ एवं एफ एंड बी मैनेजर तथा मे.अपोलो फार्मेसीज लिमिटेड 6 वां फ्लोर विधानसभा रोड मोवा ओवरब्रिज के पास मोवा रायपुर में फार्मास्टि, असिस्टेन्ट फार्मेसी की रिक्तियों के लिए सीधे चयन की प्रक्रिया की जाएगी। कैंप से संबंधित विस्तृत जानकारी जिला रोजगार कार्यालय रायगढ़ से प्राप्त की जा सकती है।

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कारखानों में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती,चार कारखानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज, श्रम न्यायालय ने लगाया लाखों रुपए का अर्थदण्ड

रायगढ़, 12 मार्च 2026/ जिले में औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के उप संचालक श्री राहुल पटेल द्वारा जिले में स्थापित विभिन्न कारखानों में घटित दुर्घटनाओं के पश्चात निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघनों के संबंध में संबंधित कारखानों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में दायर किए गए थे, जिनका माह फरवरी 2026 में निराकरण किया गया है। जिसमें न्यायालय ने दोषी पाए गए संचालकों पर लाखों रुपए का अर्थदण्ड लगाया है।
            प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम एवं पोस्ट सराईपाली, जिला रायगढ़ स्थित मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. में निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए (2) (ए) एवं धारा 41 सहपठित नियम 73 (1) के उल्लंघन पाए गए थे। इस प्रकरण में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री प्रकाश बेहरा के विरुद्ध दायर मामले में श्रम न्यायालय रायगढ़ ने उन्हें 2 लाख 30 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इसी प्रकार ग्राम पाली (मेन रोड) जिला रायगढ़ स्थित मेसर्स अग्रोहा स्टील एण्ड पावर प्रा.लि. में निरीक्षण के दौरान कई सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए (2) (ए), धारा 7ए (2) (सी), धारा 41 सहपठित नियम 73 (1), धारा 6 (1) एवं 7 सहपठित नियम 3ए के उपनियम 3 तथा धारा 32 (1) (ग) के उल्लंघन के मामले में अधिभोगी श्री उत्तम कुमार अग्रवाल तथा कारखाना प्रबंधक श्री वीर विक्रम सिंह के विरुद्ध दायर प्रकरण में श्रम न्यायालय ने दोनों को अलग-अलग 4-4 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। इसके अलावा विकासखण्ड फरसाबहार, जिला जशपुर, ग्राम-उपरकछार स्थित मेसर्स विष्णु ब्रिक्स इंडस्ट्रीज में भी निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम 1948 के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया था। इस मामले में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री विष्णु प्रसाद के विरुद्ध धारा 6 (1) एवं 7 सहपठित नियम 4 एवं 3ए के उपनियम 1 एवं 3, धारा 41 सहपठित नियम 73 (1) तथा धारा 7ए (2) (ए) के उल्लंघन के लिए श्रम न्यायालय रायगढ़ ने उन्हें 3 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। वहीं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 1996 तथा छत्तीसगढ़ भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार नियम 2008 के उल्लंघन के एक अन्य मामले में भी कार्रवाई की गई। 
           ग्राम कोटमार, जिला रायगढ़ स्थित मेसर्स इंड सिनर्जी लिमिटेड के संचालक श्री नेत्रानंद थतोई तथा ए.जी. कंस्ट्रक्शन के संचालक श्री अदालत गिरी के विरुद्ध नियम 42 (7), नियम 42 (5), नियम 54 एवं नियम 178 के उल्लंघन पाए जाने पर श्रम न्यायालय रायगढ़ ने दोनों को क्रमशः 8-8 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के उप संचालक ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी आगे कारखानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसे ओवरलोड ट्रेलर ने मचाई अफरा-तफरी, सड़क पर बिखरी आयरन पेलेट; रायगढ़ पुलिस की देर रात ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार भारी वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्यवाही

12 मार्च, रायगढ़ । बीती रात चक्रधरनगर चौक के पास ट्रेलर वाहन क्रमांक CG 13 AK 4986 का चालक वाहन को खतरनाक तरीके से चलाते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र में ले आया और वाहन को पलटा दिया, जिससे वाहन में लोड आयरन पेलेट (गोली) सड़क पर बिखर गया। घटना की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के संज्ञान में आने पर उन्होंने थाना चक्रधरनगर पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही चक्रधरनगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन बुलाकर रात में ही सड़क पर बिखरे आयरन पेलेट को हटवाकर मार्ग को साफ कराया गया।

     मौके पर ट्रेलर चालक पुष्पराज साहू पिता सीयालाल साहू उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम सिलवार थाना जोगीपहरी जिला सीधी से पूछताछ की गई तथा वाहन का वजन कराए जाने पर वाहन में क्षमता से अधिक 25 टन ओवरलोड आयरन पेलेट का परिवहन किया जाना पाया गया। साथ ही कागजात की जांच में वाहन का बीमा नहीं होना पाया गया। इस पर चालक के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन पाए जाने पर थाना चक्रधरनगर में इस्तगासा क्रमांक 663/2026 धारा 184, 115/194, 113/194(1), 146/196 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

        इसी दौरान देर रात चक्रधरनगर पुलिस द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले अन्य भारी वाहनों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। इनमें हाईवा 12 चक्का क्रमांक CG 13 BC 6434, ट्रक (डालाबाड़ी) क्रमांक OD 09 K 4445 तथा ट्रक 12 चक्का (डालाबाड़ी) क्रमांक OD 09 Q 2601 शामिल हैं। इन वाहनों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत क्रमशः इस्तगासा क्रमांक 664/2026, 665/2026 एवं 666/2026 के तहत कार्रवाई की गई । चक्रधरनगर पुलिस द्वारा चारों वाहन चालकों को आज न्यायालय में पेश किया गया है।

         रायगढ़ शहर में निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है। ऐसे क्षेत्रों में वाहन पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारी चालान एवं वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है। सड़कों पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा आगे भी लगातार जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। संपूर्ण कार्रवाई में निरीक्षक राकेश मिश्रा, थाना प्रभारी चक्रधरनगर, प्रधान आरक्षक संजय तिवारी और हमराह स्टाफ की अहम भूमिका रही है ।

 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

        *“सड़क सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखना रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है। प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश, ओवरलोड परिवहन और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारी चालान सहित सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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आपसी सुलह से मिलेगा त्वरित न्याय : 14 मार्च को पूरे प्रदेश में लगेगी नेशनल लोक अदालत, मोटर दुर्घटना, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद सहित सैकड़ों मामलों का होगा निपटारा


रायपुर, 12 मार्च 2026
आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 मार्च 2026 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेण्डर वर्ष 2026 की पहली लोक अदालत होगी।
            लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण किया जाएगा। इसी प्रकार बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।
          नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे।
          इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा से संबंधित प्रक्ररणों को निराकृत किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।

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पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषाएँ, नवा रायपुर में दो दिन तक चलेगा ‘आदि परब-


रायपुर, 11 मार्च 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 
      भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने दी।
         आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर ‘आदि परब-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे l आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।
पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियों की वेशभूषाएँ
       प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। 
‘आदि रंग’ में चित्रकला के माध्यम से जल-जंगल-जमीन का संदेश
      प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी।
दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।
आदि-हाट में मिलेगा जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
         श्री बोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।
यूपीएससी में चयनित जनजातीय युवाओं का होगा सम्मान
         प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी श्री डायमंड सिंह ध्रुव और श्री अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।

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मां और शिशु का स्वस्थ भविष्य ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर 11 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश की माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन में बड़े राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर तथा 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान का रिकॉर्ड दर्ज किया है। यह उपलब्धि राज्य में योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता का श्रेय महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम और समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि इनके अथक प्रयासों से प्रदेश की लाखों गर्भवती माताओं तक योजना का लाभ समय पर पहुँच रहा है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मां और शिशु का स्वस्थ भविष्य ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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घरेलू एलपीजी का व्यवसायिक उपयोग करने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर, रायगढ़ में संयुक्त टीम का छापा, होटलों-ढाबों में जांच कर दिए सख्त निर्देश


रायगढ़, 11 मार्च 2026। राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर, अटल नगर द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता एवं आपूर्ति बनाए रखने तथा उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आज रायगढ़ शहर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया गया।
एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा के नेतृत्व में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न होटलों, ढाबों और भोजनालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान आमंत्रण होटल, तुलसी होटल, राजस्थानी भोजनालय, गणगौर स्वीट्स सहित अन्य प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के उपयोग की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को घरेलू गैस सिलेंडरों के निर्धारित उपयोग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू आवश्यकताओं के लिए ही किया जाना निर्धारित है। किसी भी प्रकार से इसका व्यवसायिक उपयोग या दुरुपयोग पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को केवल व्यवसायिक गैस सिलेंडरों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान टीम ने गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही आपूर्ति व्यवस्था तथा सिलेंडरों की उपलब्धता की स्थिति की भी जानकारी ली। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की दैनिक आवक एवं वितरण पर नियमित निगरानी रखी जाए, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन द्वारा यह भी कहा गया कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता सामान्य है और आम नागरिकों को घबराने या अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर संग्रहित करने की आवश्यकता नहीं है। नागरिकों को समय-समय पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से गैस की उपलब्धता संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आगे भी इस प्रकार के संयुक्त निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे। इसके माध्यम से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस की सुचारू उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

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रायगढ़ की 1583 छात्राओं को मिलेगा सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा कवच,कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास मद से 26.60 लाख रुपये की राशि को दी स्वीकृति

रायगढ़, 11 मार्च 2026/ रायगढ़ जिले के शासकीय आश्रमों और छात्रावासों में निवासरत 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए निःशुल्क ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला खनिज संस्थान न्यास  मद से 26 लाख 60 हजार 400 रुपये की राशि स्वीकृत की है।
            इस योजना के अंतर्गत जिले के दूरस्थ क्षेत्रों उदयपुर-धरमजयगढ़, घरघोड़ा, खरसिया, तमनार, कापू और लैलूंगा विकासखंड के आश्रम एवं छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं का टीकाकरण किया जाएगा। इन क्षेत्रों की 31 से अधिक ग्राम पंचायतों की कुल 1583 बालिकाएं इस अभियान से लाभान्वित होंगी। इनमें बड़ी संख्या आदिवासी समुदाय की छात्राओं की है, जो दूरस्थ अंचलों से आकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
           स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के लगभग 99 प्रतिशत मामलों का कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस होता है। कम आयु में इस वैक्सीन के लगाए जाने से इस गंभीर बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। योजना के तहत प्रति बालिका लगभग 1800 रुपये की लागत आएगी, जिसका पूरा व्यय शासन द्वारा वहन किया जाएगा। टीकाकरण कार्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक छात्रा को वैक्सीन की दो खुराक दी जाएगी, जिसमें पहली डोज के छह माह बाद दूसरी डोज लगाई जाएगी। जिला प्रशासन की यह पहल छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बालिकाओं को गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिलने के साथ उनके सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत होगी।

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दिव्यांग होने के बावजूद नहीं टूटा हौसला, सिलाई मशीन से बदली किस्मत—हीरामोती नाग बनीं ‘लखपति दीदी’, महिलाओं के लिए बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायगढ़, 11 मार्च 2026/ दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर इंसान हर चुनौती को पार कर सकता है। इसका प्रेरक उदाहरण हैं विकासखण्ड धरमजयगढ़ के ग्राम बांझीआमा, ग्राम पंचायत समनिया की निवासी हीरामोती नाग। बचपन में पोलियो होने के कारण वे पैरों से दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। आज वे स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गई हैं और ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में पहुंचकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
              हीरामोती नाग श्री महिला स्व-सहायता समूह, बांझीआमा से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका के नए अवसर मिले। समूह के माध्यम से उन्हें सामुदायिक निवेश निधि से 20 हजार रुपये तथा बैंक से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने स्वरोजगार को शुरू करने में किया। हीरामोती नाग ने इस सहायता से सिलाई मशीन खरीदकर सिलाई कार्य शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने गांव की महिलाओं और बच्चों के कपड़े सिलने का काम शुरू किया। उनके काम की गुणवत्ता और मेहनत के कारण गांव में उनकी अच्छी पहचान बनने लगी और आय में भी लगातार वृद्धि होने लगी। 
           आज हीरामोती नाग अपने सिलाई कार्य से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन के परिणामस्वरूप वे ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। अपनी आय से वे न केवल अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि आत्म सम्मान के साथ जीवन भी जी रही हैं। हीरामोती नाग की सफलता यह साबित करती है कि यदि अवसर और संकल्प दोनों साथ हों, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा आज गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित कर रही है।

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नगर निगम क्षेत्र के विकास कार्यों का कलेक्टर ने किया मैराथन निरीक्षण — नालंदा परिसर, स्विमिंग पूल, सिंथेटिक ट्रैक और मरीन ड्राइव सौंदर्यीकरण को तय समय में पूरा करने के सख्त निर्देश

रायगढ़, 11 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षा, खेल तथा शहरी अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जायजा लिया।  कलेक्टर ने नालंदा परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि नालंदा परिसर का कार्य लगभग 60 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष कार्य को तेज गति से पूरा करते हुए आगामी जून माह से पहले परिसर को पूरी तरह तैयार किया जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों को इस आधुनिक एवं सुविधायुक्त परिसर का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर के बनने से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा और शिक्षा के क्षेत्र में जिले को नई सुविधा प्राप्त होगी।
            कलेक्टर ने रायगढ़ स्टेडियम में चल रहे निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया। यहां बनाए जा रहे स्विमिंग पूल और सिंथेटिक ट्रैक की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इन दोनों परियोजनाओं को दो माह के भीतर पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की। कलेक्टर ने कहा कि इन सुविधाओं के तैयार होने से खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास स्थल मिलेगा और जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।  कलेक्टर ने शहर के प्रमुख स्थल मरीन ड्राइव में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए, ताकि शहरवासियों को एक बेहतर और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने चक्रधर नगर पुल के समीप चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए डायवर्सन बनाने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके। साथ ही पुल के निचले हिस्से में बॉक्स कलवर्ट निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
               कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित महिला हॉस्टल और ट्रांजिट हॉस्टल के लिए चयनित स्थलों का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के निर्माण से महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंदों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी और समीक्षा की जाएगी, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूर्ण हों और शहरवासियों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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