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बिजली बहा पानी, मांड नदी ने बदली तकदीर — सूखे खेतों में लौटी हरियाली, चपले बना नवाचार का चमकता

रायगढ़, 18 अप्रैल 2026। रायगढ़ जिले के ग्राम चपले में मांड नदी पर निर्मित एनीकट अब ग्रामीण विकास और जल प्रबंधन का एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है। जहां कभी गर्मी के दिनों में गांव का तालाब पूरी तरह सूख जाता था और ग्रामीणों को पानी के लिए जूझना पड़ता था, वहीं आज उसी स्थान पर जल उपलब्धता की नई कहानी लिखी जा रही है। हाइड्रोपंपिंग तकनीक के माध्यम से बिना बिजली के पानी को गांव तक पहुंचाने की यह पहल न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से अनूठी है, बल्कि ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण भी बन गई है।
चपले एनीकट में संग्रहित मांड नदी के जल का सुनियोजित उपयोग करते हुए टरबाइन आधारित हाइड्रोपंपिंग प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली के तहत एनीकट में उपलब्ध कुल 280 लीटर प्रति सेकंड जल में से लगभग 23 लीटर प्रति सेकंड जल को पंप कर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित गांव के तालाब (डिस्ट्रीब्यूशन टैंक) तक पहुंचाया जा रहा है। विशेष बात यह है कि पूरी प्रक्रिया बिना बिजली के संचालित हो रही है, जिससे ऊर्जा की बचत के साथ-साथ संचालन लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। यह पर्यावरण के अनुकूल और दीर्घकालिक समाधान के रूप में सामने आया है।
इस परियोजना के तकनीकी पक्ष को मजबूत बनाने में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बंगलुरु का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संस्थान के प्रोफेसर पुनीत सिंह के मार्गदर्शन में टरबाइन पंप का डिजाइन तैयार किया गया, जिसने इस योजना को व्यवहारिक और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह सहयोग दर्शाता है कि किस प्रकार उच्च तकनीकी संस्थान और प्रशासन मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार को जमीन पर उतार सकते हैं।
परियोजना के सफल क्रियान्वयन में जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका भी उल्लेखनीय रही है। जिला कलेक्टर के नेतृत्व में इस कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग की गई। साथ ही  बंगलुरु के प्रोफेसर पुनीत सिंह तथा जल संसाधन संभाग रायगढ़ के कार्यपालन अभियंता श्री होमेश नायक सहित अन्य अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित की गई। यही कारण है कि यह योजना निर्धारित समय में सफलता के साथ पूर्ण हो सकी।

इस पहल का सीधा लाभ अब गांव के किसानों और ग्रामीणों को मिल रहा है। जहां पहले खेत सूखे रह जाते थे और फसल उत्पादन प्रभावित होता था, वहीं अब सिंचाई की बेहतर व्यवस्था से किसानों में नई उम्मीद जगी है। किसान दिनेश पटेल का कहना है कि पहले गर्मी में पानी के लिए काफी परेशानी होती थी, अब तालाब में पानी आने लगा है तो फसल की चिंता काफी कम हो गई है। यह हमारे लिए बड़ी राहत है। गांव के किसान श्याम सुंदर ने बिना बिजली के इस तरह पानी एक किलोमीटर दूर तालाब तक आना, हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। अब हम दूसरी फसल लेने की भी योजना बना रहे हैं। 
वहीं किसान हीतराम राठिया बताते हैं कि पहले खेत सूखे रह जाते थे, लेकिन अब पानी मिलने से खेती आसान हो जाएगी। इसका फायदा पूरे गांव को मिलेगा।

इस योजना से न केवल सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीणों को निस्तारी के लिए भी स्थायी समाधान मिला है। गांव की महिलाओं को अब निस्तारी के लिए दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा ,जिससे उनके समय और श्रम की भी बचत हो रही है।
आज चपले का वही तालाब, जो कभी गर्मी में पूरी तरह सूख जाता था, अब फिर से भरने लगा है। पानी की उपलब्धता ने गांव के वातावरण को बदल दिया है,जहां पहले सूखा और चिंता थी, वहां अब हरियाली और संतोष का माहौल है।

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सड़क सुरक्षा पर रायगढ़ पुलिस का सख्त रुख—ट्रांसपोर्टरों को जारी किए कड़े निर्देश, शराब पीकर ड्राइविंग, ओवरलोडिंग और लापरवाही पर अब नहीं बख्शा जाएगा

 रायगढ़ 18 अफ़्रैल 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर आज दिनांक 17 अप्रैल 2026 को नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला परिवहन अधिकारी श्री अमित कश्यप, ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह सहित छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा के ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समन्वित रणनीति तैयार करना रहा, जिसमें पुलिस, परिवहन विभाग, एनएच, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही पर जोर दिया गया।

           नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा ने बैठक में स्पष्ट किया कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस एवं व्यावहारिक उपाय लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की विधिवत जांच करें तथा आवश्यकता पड़ने पर चालक से वाहन चलवाकर उसकी दक्षता का परीक्षण भी करें। साथ ही चालक का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराए जाने एवं यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

       सीएसपी श्री मिश्रा ने बताया कि शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों पर रायगढ़ पुलिस लगातार ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने ट्रांसपोर्ट संचालकों से अपेक्षा की कि वे अपने ड्राइवरों की इन-आउट प्वाइंट पर नियमित जांच करें तथा उन्हें पूर्व से ही सावधान करें कि वे लापरवाहीपूर्ण एवं खतरनाक ड्राइविंग से बचें और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें। उन्होंने लंबी दूरी के चालकों के लिए मुख्य मार्गों पर सुरक्षित पार्किंग एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था विकसित करने पर भी बल दिया, जिससे चालक थकान से मुक्त होकर सुरक्षित ड्राइविंग कर सकें।

      जिला परिवहन अधिकारी श्री अमित कश्यप ने ट्रांसपोर्टरों को ओवरलोडिंग से सख्ती से बचने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सभी यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस एवं तकनीकी रूप से असुरक्षित वाहनों का संचालन दंडनीय अपराध है। वाहनों में रिफ्लेक्टर एवं इंडिकेटर लाइट की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया, ताकि रात्रिकालीन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

          ट्रैफिक डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह ने ट्रांसपोर्टरों की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रत्येक चालक का सत्यापन एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा उनका अद्यतन डाटाबेस तैयार कर यातायात कार्यालय से साझा किया जाए। साथ ही पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त जांच अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई।

       बैठक में ट्रांसपोर्टरों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया गया, जिसमें नो-एंट्री समय में व्यावहारिक संशोधन, जूटमिल क्षेत्र के अटल चौक पर सड़क किनारे खड़े पुराने एवं कबाड़ वाहनों को हटाने, रायगढ़-खरसिया ट्रांसपोर्ट नगर के समीप कचरा जलाने से उत्पन्न धुएं के कारण कम होती दृश्यता की समस्या का समाधान, तथा रायगढ़-पुंजीपथरा मार्ग पर सड़क किनारे खड़े परित्यक्त वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाने एवं पेट्रोलिंग बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। अधिकारियों ने इन सुझावों पर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश

          *“रायगढ़ जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और चालकों की सहभागिता से ही दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। सभी संबंधितों से अपेक्षा है कि वे नियमों का कड़ाई से पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”*

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परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा 19 अप्रैल को,परीक्षार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी, नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन 19 अप्रैल को पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक एक पाली में आयोजित किया जाएगा। इसके लिये रायगढ़ जिले में 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन हेतु व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जिसके अनुसार परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारम्भ होने के 2 घण्टे पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहंुचना होगा, ताकि उनका मंडल के निर्देशानुसार फ्रिस्किंग (भौतिक रूप से जांच) परीक्षा केंद्र में तैनात महिला और पुरुष पुलिस कर्मी द्वारा और मूल फोटो युक्त पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सके। मंडल के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षार्थियों को अपने लिये निर्धारित परीक्षा केंद्र का प्रत्यक्ष अवलोकन पूर्व दिवस में कर लें, ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। 
            परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा के सुचारू संचालन के लिये कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम मोबा.नं-97535-36151 को नोडल अधिकारी और शासकीय हाई स्कूल पुसल्दा के प्राचार्य श्री भुवनेश्वर पटेल, मोबा.नं-70000-81311 और शासकीय हाई स्कूल मिडमिडा के व्याख्याता श्री बाबू लाल पटेल मोबा.नं-97552-15616 को सहायक नोडल नियुक्त किया है। नोडल अधिकारी ने बताया कि परीक्षा की पारदर्शिता और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर आब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो परीक्षा अवधि के दौरान सतत निगरानी रखेंगे। इसी क्रम में आज जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आर्ब्जवरों की बैठक लेकर उनके दायित्वों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि आब्जर्वर 19 अप्रैल को प्रातः 7 बजे जिला कोषालय रायगढ़ में उपस्थित होकर गोपनीय सामग्री प्राप्त करेंगे तथा परीक्षा प्रारंभ होने से लगभग ढाई घंटे पूर्व संबंधित परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाएंगे। परीक्षा समाप्ति के पश्चात केंद्राध्यक्षों से गोपनीय सामग्री सीलबंद बॉक्स में प्राप्त कर उसे किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ में जमा किया जाएगा। जिला प्रशासन ने परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

*परीक्षार्थियों के दिशा-निर्देश* 
परीक्षा दिवस को परीक्षा प्रारम्भ होने के 30 मिनट पूर्व ही मुख्य द्वार बंद कर दिये जायेंगे। परीक्षा पूर्वानह 11 बजे से प्रारम्भ होगी, इसलिये 30 मिनट पूर्व प्रातः 10.30 बजे परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नही होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को हल्के रंग की आधी बाँह वाले कपड़े पहनकर आना होगा। काले, गहरे नीले, गहरा हरा, जामुनी, मैंरून, बैंगनी रंग और गहरे चॉकलेटी रंग के कपड़े पहनना वर्जित होगा। इसके अतिरिक्त फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहन कर आने की अनुमति होगी एवं कान में किसी भी प्रकार की आभूषण पहनना वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा।

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दिव्यांगता नहीं बनी बाधा, संतोष यादव ने खड़ा किया आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार,सरकारी योजना से मिली ताकत, छोटी दुकान से हर माह स्थायी आय अर्जित कर बने प्रेरणा

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026/ दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो सीमाएं भी सफलता की राह नहीं रोक पातीं। इसका सशक्त उदाहरण हैं रायगढ़ जिले के ग्राम विजयपुर निवासी संतोष कुमार यादव, जिन्होंने शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद आत्मनिर्भर बनकर एक मिसाल कायम की है। जन्म से शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे संतोष के लिए जीवन आसान नहीं था। एक हाथ के अभाव और दोनों पैरों की कमजोरी के चलते सामान्य कार्य भी कठिन थे। 
           बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा था। इसी दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की योजना की जानकारी मिली। समाज कल्याण विभाग रायगढ़ के मार्गदर्शन में उन्होंने आवेदन किया और शीघ्र ही 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस सहायता से उन्होंने एक छोटी किराना दुकान शुरू की। शुरुआत भले ही सीमित संसाधनों से हुई, लेकिन मेहनत और लगन के दम पर आज उनकी दुकान नियमित आय का जरिया बन चुकी है।
           संतोष वर्तमान में प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं और अपने परिवार का सहारा बने हुए हैं। उन्होंने ऋण की किस्तों का समय पर भुगतान कर अनुशासन और जिम्मेदारी का भी परिचय दिया है। अब वे अन्य लोगों को भी शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर रहे हैं। संतोष यादव की यह सफलता कहानी संदेश देती है कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी व्यक्ति अपनी कमजोरियों को ताकत में बदल सकता है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ऐतिहासिक फैसला: 34.47 करोड़ की 11 सड़कों का शिलान्यास कर बदल दी रायगढ़ के सुदूर अंचलों की तकदीर

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026/ जिले के सुदूर वनांचल विकासखंड धरमजयगढ़, तमनार एवं घरघोड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों को आज बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के रणजीता स्टेडियम से आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-4) अंतर्गत प्रदेश में करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाले सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, तमनार एवं घरघोड़ा क्षेत्र में 34 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से बनने वाले 11 सड़क निर्माण कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
           मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। बारहमासी सड़क सुविधा उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को बल मिलेगा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ’सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ कार्य कर रही है।
            इस अवसर पर जिला कलेक्ट्रेट स्थित सृजन सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक,  जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्री रमेश बेहरा, श्री जागेश सिंह सिदार, श्री रत्थु लाल गुप्ता, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री रविन्द्र गबेल, श्री डोल नारायण नायक, श्री जीवन पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सड़क निर्माण कार्य धरमजयगढ़, तमनार एवं घरघोड़ा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि 34 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से बनने वाली 11 सड़कें क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देंगी और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएंगी।
       प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि कुल 34.47 करोड़ रुपए की लागत से 11 सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया गया है, जिनमें धरमजयगढ़ क्षेत्र की 8 सड़कें, तमनार क्षेत्र की 2 सड़कें तथा घरघोड़ा क्षेत्र की 1 सड़क शामिल है। इनमें पखनाकोट से ठाकुरनगर (2.00 कि.मी.) 1.68 करोड़ रुपए, सोहनपुर से सजवारी (3.85 कि.मी.) 3.33 करोड़ रुपए, घोचल से बकालो (4.45 किमी) 4.64 करोड़ रुपए, पण्ड्रापाठ से सकालो (1.10 किमी) 85 लाख रुपए, धरमजयगढ़-रायगढ़ रोड से मेंढरमार (2.40 किमी) 2.11 करोड़ रुपए, कॉफरमार्ग से भंुडीबहरी (3.00 किमी) 1.90 करोड़ रुपए, सलका से दहीडंड (7.05 कि.मी.) 9.29 करोड़ रुपए, दुर्गापुर बोरो से सलहारी (2.00 किमी) 1.79 करोड़ रुपए, फगुरम से लमडांड (5.00 कि.मी.) 4.96 करोड़ रुपए, रायगढ़ घरघोड़ा रोड तराईमाल से उज्जवलपुर (1.00 कि.मी.) 90.71 लाख रुपए तथा भगोरा रोड से बकरछार (4.00 किमी) 2.98 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इन सभी सड़कों के निर्माण पूर्ण होने पर धरमजयगढ़, तमनार एवं घरघोड़ा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में संपर्क सुविधाओं का विस्तार होगा, आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

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छाल पुलिस की सख्त नाकेबंदी में खुला अवैध स्क्रैप नेटवर्क का राज, 81 टन से ज्यादा कबाड़ सहित 4 ट्रक जब्त, दस्तावेज विहीन परिवहन पर बड़ी कार्रवाई

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026 । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन_प्रहार” के तहत अवैध कबाड़ के विरुद्ध लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई जारी रही। इसी क्रम में एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में थाना छाल पुलिस द्वारा थाना बेरियर के पास सघन नाकेबंदी कर कोरबा की ओर से आ रहे चार कबाड़ लोड ट्रकों को पकड़ा गया। कार्रवाई में कुल 81.02 टन लोहे का पाइप, एंगल एवं स्क्रैप जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग34.13 लाख रुपये है, वहीं चारों वाहनों की कीमत करीब 48 लाख रुपये है। इस प्रकार *कुल 82.13 लाख रुपये की संपत्ति जप्त* कर विधिवत कार्रवाई की गई।

  पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि हाटी से छाल होते हुए घरघोड़ा की ओर अवैध कबाड़ का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नसिर खान के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा थाना के सामने बेरियर में नाकेबंदी कर संदिग्ध ट्रकों को रोका गया। जांच के दौरान ट्रक क्रमांक CG13LA3817 के चालक छोटे लाल यादव निवासी कोरबा, ट्रक CG12S1988 के चालक नरसिंग यादव निवासी कोरबा, ट्रक CG12S1525 के चालक छबिनाथ प्रसाद निवासी कोरबा तथा ट्रक CG12S5839 के चालक अरविंद कुमार सिंह निवासी कोरबा को पकड़ा गया। चारों वाहनों में भारी मात्रा में लोहा, टीना, एंगल एवं स्क्रैप लोड पाया गया, किंतु किसी भी चालक द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। क्रमवार सघन कार्रवाई की गई—

1. थाना छाल क्षेत्र में ट्रक क्रमांक CG13LA3817 को रोककर जांच की गई, जिसमें चालक छोटे लाल यादव पिता स्व. जगन्नाथ प्रसाद, निवासी गोकुलगंज सीतामणी थाना सिटी कोतवाली जिला कोरबा मिला। ट्रक में लगभग 25 टन 100 किलोग्राम लोहा, पाइप, एंगल एवं स्क्रैप लोड था, जिसकी कीमत करीब 10.52 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर कुल 22.52 लाख रुपये की संपत्ति जप्त कर विधिवत कार्रवाई की गई। 

2. थाना छाल क्षेत्र में ट्रक क्रमांक CG12S1988 को पकड़ा गया, जिसे चालक नरसिंग यादव पिता मनबोध यादव, निवासी भदरापारा बाल्को थाना बाल्को जिला कोरबा चला रहा था। वाहन में करीब 24 टन 100 किलोग्राम कबाड़ लोड था, जिसकी अनुमानित कीमत 10.37 लाख रुपये एवं ट्रक की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर कुल 22.37 लाख रुपये की जप्ती कर कब्जे में लिया गया। 

3. थाना छाल क्षेत्र में ट्रक क्रमांक CG12S1525 की जांच की गई, जिसमें चालक छबिनाथ प्रसाद पिता रमाशंकर प्रसाद, निवासी पोड़ी बहार थाना आईटीआई जिला कोरबा मिला। ट्रक में लगभग 16 टन 60 किलोग्राम स्क्रैप कबाड़ लोड था, जिसकी कीमत करीब 6.72 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर कुल 18.72 लाख रुपये की जप्ती की गई। 

4. थाना छाल क्षेत्र में ट्रक क्रमांक CG12S5839 को रोककर जांच की गई, जिसे चालक अरविंद कुमार सिंह पिता शीलानाथ सिंह, निवासी तुलसीनगर थाना सीएसबी जिला कोरबा चला रहा था। वाहन में करीब 15 टन 760 किलोग्राम कबाड़ लोड था, जिसकी कीमत लगभग 6.50 लाख रुपये एवं ट्रक की कीमत करीब 12 लाख रुपये है। कुल 18.50 लाख रुपये की संपत्ति जप्त कर विधिवत कार्रवाई की गई। 

          इन चारों मामलों में अनावेदकों द्वारा किसी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस द्वारा पृथक-पृथक प्रकरण दर्ज कर धारा 35 (क) (ड) BNSS एवं 303(2) BNS के तहत कार्रवाई की गई तथा अनावेदकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

         एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी, एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में की गई है जिसमें प्रधान आरक्षक शंभू पाण्डेय, आरक्षक दिलीप सिदार, सतीश जगत, और उमाशंकर भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने सतर्कता और त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध कबाड़ परिवहन के बड़े नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है। 

एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* —

  *“ऑपरेशन_प्रहार के तहत अवैध कबाड़ के कारोबार, परिवहन और संग्रहण पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस तरह के अवैध कार्यों में संलिप्त किसी भी व्यक्तियों पर आगे भी कार्रवई जारी रहेगी । उद्योगों एवं व्यापारियों से अपेक्षा है कि वे केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर ही कबाड़ का क्रय-विक्रय करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”*

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तमनार के “अपना ढाबा” में छापा, 160 लीटर अवैध डीजल जब्त, बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहा था खतरनाक खेल, संचालक गिरफ्तार

 रायगढ़, 17 अप्रैल । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तमनार पुलिस द्वारा अवैध रूप से ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण पर कार्रवाई की गई है। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के नेतृत्व एवं थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने ग्राम गारे स्थित “अपना ढाबा” में रेड कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में अवैध डीजल जब्त किया है।

        पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि ढाबा संचालक द्वारा अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ डीजल को अवैध रूप से संग्रहित कर रखा गया है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ढाबा संचालक को तलब कर पूछताछ की गई। जांच के दौरान ढाबा के पीछे रखे प्लास्टिक जरीकेनों में भरा हुआ लगभग 160 लीटर डीजल बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 16,000 रुपये है।

           बरामद डीजल को 50-50 लीटर क्षमता के दो जरीकेन, 35 लीटर एवं 25 लीटर क्षमता के जरीकेन में संग्रहित किया गया था। आरोपी द्वारा बिना किसी सुरक्षा उपाय के सार्वजनिक स्थल पर ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण कर मानव जीवन को जोखिम में डालते हुए अवैध रूप से विक्रय हेतु रखा जाना पाया गया।

            मामले में थाना तमनार में अपराध क्रमांक 76/2026 धारा 287 बीएनएस एवं धारा 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर *आरोपी दिलहरण कश्यप (उम्र 46 वर्ष), निवासी ग्राम सलखन, थाना शिवरीनारायण जिला जांजगीर-चांपा (हाल मुकाम ग्राम गारे , अपना ढाबा संचालक)* को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

           पूरी कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरुषोत्तम सिदार एवं रंजीत भगत की टीम द्वारा संपादित की गई।

*गिरफ्तार आरोपी* —

दिलहरण कश्यप, पिता बोर्रा कश्यप, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम सलखन थाना शिवरीनारायण जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.), हाल मुकाम ग्राम गारे, थाना तमनार

*जप्त मशरूका* —

डीजल करीब 160 लीटर, कीमती लगभग 16,000 रुपये

*एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —

           *“सार्वजनिक स्थानों पर ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।”*

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प्रयास विद्यालय में करियर गाइडेंस कार्यक्रम, मेडिकल क्षेत्र की संभावनाओं से रूबरू हुए विद्यार्थी

रायगढ़, 17 अप्रैल 2026/ कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त श्री एस. के. दुबे के मार्गदर्शन में शासकीय आवासीय प्रयास विद्यालय, रायगढ़ में विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विशेष रूप से मेडिकल क्षेत्र में उपलब्ध करियर विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करना था।
            कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य एवं प्रशासनिक अधिकारी श्री तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में सही दिशा और मार्गदर्शन ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिड़मिड़ा के व्याख्याता श्री नरेंद्र देवांगन उपस्थित रहे। उन्होंने अपने लंबे शिक्षण अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
          व्याख्याता श्री देवांगन ने विद्यार्थियों को मेडिकल फील्ड में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों जैसे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, लैब टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा नीट की तैयारी के लिए सही रणनीति, समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और मानसिक दृढ़ता के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतरता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक है। उनके प्रेरणादायक उदाहरणों से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
            कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने सरल और स्पष्ट रूप से समाधान किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया। प्राचार्य श्री तिवारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए बेहद उपयोगी होते हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।

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दीनदयाल उपाध्याय जिला प्रशिक्षण के लिए प्रदेश टीम घोषित, जशपुर के ओमप्रकाश सिन्हा को मिली अहम जिम्मेदारी

जशपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला प्रशिक्षण वर्ग के लिए प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण टीम की सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में जशपुर जिले से बलरामपुर जिला के संगठन प्रभारी ओमप्रकाश सिन्हा का चयन किया गया है, जिसे संगठन में एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

श्री सिन्हा आगामी प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने के लिए इंदौर जाएंगे, जहां वे प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के बीच संगठनात्मक विषयों, विचारधारा और कार्यपद्धति पर मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। 

यह चयन न केवल श्री सिन्हा के लंबे अनुभव और संगठन के प्रति उनकी सक्रियता का परिणाम है, बल्कि जशपुर जिले के लिए भी गर्व का विषय है। इससे जिले की संगठनात्मक भूमिका प्रदेश स्तर पर और मजबूत होगी।

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मनरेगा से पनारी नाले का जीर्णोद्धार: 1200 ग्रामीणों को पेयजल व सिंचाई का लाभ,156 मानव दिवस में हुआ कार्य, नाले में लौटा 2 मीटर जलस्तर

रायपुर,17 अप्रैल 2026/
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि एवं ग्रामीण समृद्धि के संकल्प को साकार करते हुए जिला सूरजपुर  के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी (सारासोर) में पनारी नाले का मनरेगा के तहत सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार किया गया है।

कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में किए गए इस कार्य से 1200 से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

गाद सफाई एवं स्टॉप डेम मरम्मत से नाले को मिला नया जीवन
इस कार्य के अंतर्गत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया। नाले की गाद सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया गया तथा पूर्व निर्मित स्टॉप डेम की मरम्मत कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया गया।

इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में नाले में लगभग 2 मीटर तक जलस्तर दर्ज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

पेयजल संकट से राहत, पशुओं को भी मिल रहा लाभ

नाले में जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी के ग्रामीणों को हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों से सहजता से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

साथ ही लगभग 200 पशुओं की पानी की आवश्यकता भी इस जलस्रोत से पूरी हो रही है, जिससे पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिली है।

कृषि को मिला संबल, किसानों की आय में वृद्धि

नाले के पुनर्जीवन से क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिला है। लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर 26 किसान रबी-खरीफ फसलों के साथ-साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।

ग्राम के कृषक अम्बेलाल, नंदलाल एवं रामधन द्वारा उत्पादित सब्जियों को चंद्रमेणा बाजार में विक्रय कर अच्छी आमदनी अर्जित की जा रही है।

ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्पष्ट विजन है कि ग्रामीण, आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान आत्मनिर्भर बनें तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे उनके खेत-खलिहान तक पहुंचे।

पनारी नाले का यह जीर्णोद्धार कार्य मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, जल संरक्षण एवं कृषि विकास—इन तीनों उद्देश्यों की एक साथ सफल पूर्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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गांव में ही मिला न्याय—अकलाडोंगरी लिंक कोर्ट से राजस्व मामलों का त्वरित समाधान

*गांव में ही मिला न्याय—अकलाडोंगरी लिंक कोर्ट से राजस्व मामलों का त्वरित समाधान

रायपुर, 17 अप्रैल 2026/

     धमतरी जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ और डूबान प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व सेवाओं को सरल एवं सुलभ बनाने की दिशा में किया जा रहा नवाचार अब प्रभावी परिणाम देने लगा है। जीप।प्रशासन के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत भवन अकलाडोंगरी में आयोजित लिंक कोर्ट के माध्यम से आज कई राजस्व प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
     लिंक कोर्ट की कार्यवाही में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने आवेदन लेकर पहुंचे। पीठासीन अधिकारी ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सुनवाई करते हुए त्रुटि सुधार के 3 मामलों का तत्काल निराकरण किया। इसके अलावा फौती नामांतरण के 2, क्रय-विक्रय आधारित नामांतरण के 2, भूमि सीमांकन का 1 तथा खाता विभाजन का 1 नया आवेदन प्राप्त हुआ।
      आज की कार्यवाही की खास उपलब्धि एक जटिल और विवादित नामांतरण प्रकरण का स्थानीय स्तर पर समाधान रहा। इस मामले में सभी 12 हितबद्ध पक्षकारों के बयान मौके पर ही दर्ज किए गए, जिससे लंबे समय से लंबित प्रक्रिया को गति मिली और अनावश्यक विलंब समाप्त हुआ।
      लिंक कोर्ट के आयोजन से ग्रामीणों को अब तहसील मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। गांव में ही सुनवाई होने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है, साथ ही पारदर्शी प्रक्रिया से प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
जिला प्रशासन ने राजस्व सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि प्रत्येक गुरुवार को अकलाडोंगरी और प्रत्येक शुक्रवार को बोरई में नियमित रूप से लिंक कोर्ट आयोजित किया जाए। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में शासन की सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
     गांव में त्वरित न्याय और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से संतुष्ट ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल सुशासन और जनसेवा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रही है।

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डबरी, मछली पालन और बहुफसली खेती से बदली तकदीर—सगनू बने गांव के प्रेरणास्रोत

रायपुर, 16 अप्रैल 2026/

      ग्रामीण विकास की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक प्रभावी माध्यम के रूप में उभरकर सामने आया है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहकर स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। इसका जीवंत उदाहरण अरौद डुबान क्षेत्र के ग्राम कलारबाहरा निवासी सगनू राम की प्रेरक सफलता कहानी है।
      सगनू राम एक छोटे कृषक परिवार से हैं। सीमित भूमि और वर्षा आधारित खेती के कारण उनकी आय अस्थिर रहती थी। सिंचाई की सुविधा न होने से वे वर्ष में केवल एक ही फसल ले पाते थे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती थी।
      परिस्थितियों में बदलाव तब आया जब उन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने वर्ष 2023-24 में अपने खेत में 25×25 मीटर की डबरी निर्माण के लिए आवेदन किया, जिसे स्वीकृति मिली। लगभग 2.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी ने उनके खेत में स्थायी जल स्रोत उपलब्ध करा दिया।
      डबरी बनने के बाद उनकी खेती में उल्लेखनीय परिवर्तन आया। अब वे नियमित सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे 2 एकड़ में धान की खेती का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़े हैं। इसके साथ ही कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने 1.5 एकड़ में माड़िया (रागी) की खेती शुरू की, जिससे उन्हें लगभग 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई।
     सगनू राम ने डबरी का उपयोग मछली पालन के लिए भी किया, जिससे उन्हें करीब 30 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी होने लगी। इस तरह जल संरक्षण, बहुफसली खेती और मछली पालन को जोड़कर उन्होंने एक सशक्त और टिकाऊ आजीविका मॉडल विकसित किया है।
उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों—जैसे फसल चक्र, जैविक खाद का उपयोग और बेहतर जल प्रबंधन तकनीकों—को भी अपनाया है, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ लागत में कमी आई है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन और ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने की योजना बना रहे हैं।
आज सगनू राम न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर अन्य ग्रामीण भी मनरेगा के तहत डबरी निर्माण और उन्नत कृषि गतिविधियों की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
      इस सफलता के पीछे ग्राम पंचायत, मनरेगा योजना और कृषि विभाग का समन्वित प्रयास रहा है। समय पर मार्गदर्शन और सहायता ने सगनू राम के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
सगनू राम की यह कहानी साबित करती है कि योजनाओं का सही उपयोग और नवाचार के साथ किया गया परिश्रम सीमित संसाधनों में भी आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। यह ग्रामीण भारत के लिए आशा, प्रेरणा और विकास का सशक्त संदेश है।

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उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने किया वेदांता पावर प्लांट के घटनास्थल का निरीक्षण

*रायपुर 17 अप्रैल 2026/* छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग,  श्रम, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी विभाग के मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने मृत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
मंत्री श्री देवांगन ने सिंघीतराई में ही कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर तथा वेदांता प्रबंधन के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने श्रम कानूनों के अनुरूप घटना के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जाँच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
बैठक में वेदांता प्रबंधन के चीफ हेड ऑफ ऑपरेशन श्री सुशील बेहरा ने घटना से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान बॉयलर विशेषज्ञ श्री गुंजन शुक्ला ने हादसे की प्रारंभिक संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मंत्री श्री देवांगन ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जाँच पूरी सतर्कता और सूक्ष्मता से की जाए तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार और दुर्घटना में दिव्यांग होने की स्थिति में पेंशन जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने श्रमिकों के ईएसआईसी और पीएफ से संबंधित जानकारी भी ली।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और मुख्यमंत्री स्वयं घटना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

*अस्पताल में उपचार करा रहे घायल मजदूरों से मिले उद्योग मंत्री*

उद्योग, श्रम, वाणिज्य, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना में घायल मजदूरों से मुलाकात की, जो रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एपेक्स हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल तथा जिंदल–फोर्टिस हॉस्पिटल पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना, परिजनों से चर्चा की और शासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी।
मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतर और निरंतर उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि कंपनी के मुआवजे के अतिरिक्त प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक आप पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते, आपका उपचार सतत रूप से चलता रहेगा।

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छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की शुरूआत : अब नागरिक खुद भर सकेंगे अपनी जानकारी

रायपुर, 17 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है। 

मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे SE ID जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक श्री प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय टीम छत्तीसगढ़ पहुंची, आवासीय योजनाओं और प्रक्रियाओं का करेगी अध्ययन

रायपुर, 17 अप्रैल 2026/झारखंड राज्य आवास बोर्ड की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम अध्ययन प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंची है। यह दल 15 से 18 अप्रैल 2026 तक राज्य में प्रवास कर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की आवासीय योजनाओं, नियमों, प्रक्रियाओं और नवाचारों का विस्तृत अध्ययन करेगा।

आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा अध्ययन दल को योजनाओं, नीतियों और कार्यप्रणाली से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी ने तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य संपदा अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह ने संपत्ति प्रबंधन, मार्केटिंग, विक्रय प्रणाली एवं आईटी आधारित प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की। वहीं मुख्य लेखा अधिकारी श्रीमती पूजा मिश्रा शुक्ला ने वित्तीय प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उपायुक्त श्री बी.बी. सिंह एवं कार्यपालन अभियंता श्री संदीप साहू ने भी तकनीकी पहलुओं और कार्यप्रणाली से दल को अवगत कराया।

अध्ययन दल को यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव के मार्गदर्शन में आम नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रमुख उपलब्धियों में पिछले एक वर्ष में 1100 करोड़ रुपए की 5145 संपत्तियों का विक्रय, ओटीएस-2 के तहत 174 करोड़ रुपए की 1105 पुरानी संपत्तियों का निस्तारण, आबंटी पोर्टल एवं एआई चैटबोट की सुविधा शामिल है। साथ ही पिछले दो वर्षों में 3050 करोड़ रुपए की लागत से 78 आवासीय परियोजनाओं की शुरुआत तथा 7 रि-डेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए।

उल्लेखनीय है कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा वर्ष 2000 के अधिनियम में संशोधन या नए कानून के निर्माण के उद्देश्य से इस अध्ययन दल का गठन किया गया है। दल आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक उपयोग को “मिश्रित उपयोग” में परिवर्तित करने की प्रक्रियाओं का भी अध्ययन कर रहा है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों राज्यों का गठन वर्ष 2000 में हुआ था, लेकिन छत्तीसगढ़ में गृह निर्माण मंडल द्वारा आवासीय योजनाओं का विस्तार तेजी से किया गया, जिससे आम नागरिकों को किफायती दरों पर पक्के मकान उपलब्ध हो सके हैं।

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बिना पंजीकरण प्रचार पर सीजीरेरा की सख्त कार्रवाई ,डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय व पंजीयन पर अंतरिम रोक

रायपुर, 17 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने बिना पंजीकरण रियल एस्टेट परियोजना के प्रचार-प्रसार के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” परियोजना पर क्रय-विक्रय एवं पंजीयन पर अंतरिम (प्रारंभिक) रोक लगा दी है।

प्राधिकरण द्वारा प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 में संज्ञान लेते हुए पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 स्थित लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित उक्त परियोजना के प्रमोटर द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन किया गया है।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने बिना रेरा पंजीकरण प्राप्त किए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया और आम नागरिकों को बुकिंग के लिए आमंत्रित किया। यह कृत्य अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के विपरीत है, जिसके अनुसार बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विज्ञापन, विपणन या विक्रय प्रतिबंधित है।

सीजीरेरा द्वारा नियमित निगरानी के दौरान उक्त विज्ञापन संज्ञान में आने पर प्रकरण दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित पाए जाने पर प्राधिकरण ने अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के भूखंड, मकान एवं इकाइयों के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

इस संबंध में जिला पंजीयक एवं उप-पंजीयक, रायपुर को निर्देशित किया गया है कि उक्त परियोजना से जुड़े किसी भी विक्रय विलेख का पंजीयन आगामी आदेश तक स्वीकार न किया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

प्राधिकरण ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय या कानूनी जोखिम से बचा जा सके।

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रायगढ़ में नकली सिगरेट माफिया का भंडाफोड़ — “महादेव पान मसाला” सेंटर पर पुलिस का छापा, ब्रांड की आड़ में चल रहा था करोड़ों का खेल उजागर

  रायगढ़, 16 अप्रैल  । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में थाना चक्रधरनगर पुलिस द्वारा कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चक्रधरनगर क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी पक्की खोली स्थित “महादेव पान मसाला” सेंटर एवं उसके गोदाम में छापेमारी कर असली ब्रांड से मिलते-जुलते नकली सिगरेट उत्पादों का बड़ा जखीरा जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 61,310 रुपये है।

           मामले में आईटीसी कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि सदानंद मिश्रा, नई दिल्ली द्वारा दी गई लिखित शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी काफी समय से तंबाकू निर्माण और वितरण व्यवसाय में एक सक्रिय और प्रतिष्ठित उपस्थिति बनाए रखी है , आईटीसी ने तंबाकू उद्योग में गोल्ड फ्लेक, फ्लेक और कैपस्टन सहित कई अन्य प्रमुख ब्रांडों के स्वामित्व रखा है। कंपनी को रायगढ़ में बड़े पैमाने पर नकली सिगरेट उत्पादों की बिक्री की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। उन्होंने एसएसपी श्री शशि मोहन से संपर्क किया । एसएसपी रायगढ़ के मार्गदर्शन पर पुष्टि के लिए 15 अप्रैल को गोपनीय तरीके से सिगरेट के नमूने खरीदे गए, जिसमें गोल्ड फ्लेक ब्रांड के पैकेट में लोगो एवं फॉन्ट में स्पष्ट गड़बड़ी पाई गई। इसके अलावा “गोल्ड विमल” जैसे उत्पाद भी कंपनी के पंजीकृत ट्रेडमार्क का उल्लंघन करते पाए गए, जो प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी को दर्शाते हैं।

            तत्काल वैधानिक कार्रवाई हेतु सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में चक्रधरनगर पुलिस ने रेड कार्रवाई की। इस दौरान आईटीसी कंपनी की टीम भी मौके पर थी । मौके पर पाया गया कि “महादेव पान मसाला” सेंटर का संचालक लक्ष्मण दास जय सिंह द्वारा नकली सिगरेट उत्पादों का संग्रहण और थोक वितरण किया जा रहा था, जिससे कंपनी की बौद्धिक संपदा को नुकसान पहुंचाने के साथ उपभोक्ताओं को भी गुमराह किया जा रहा था।

          रेड के दौरान दुकान एवं गोदाम से नकली सिगरेट के विभिन्न ब्रांडों के बड़ी मात्रा में पैकेट जब्त किए गए, जिनमें नकली गोल्ड विमल पैकेट 920 डिब्बा, गोल्ड फ्लैक किंग 111 डिब्बे, गोल्ड फ्लैक किंग 96 डिब्बा, व्हाइट फ्लेक्स 274 डिब्बा, गोल्ड किंग 4 डिब्बे, गोल किंग 307 नग खुला को जप्त किया गया इन उत्पादों के असली उत्पादों की कुल 61,310 रुपए बताया जा रहा है जिसकी जप्ती की गई है । *आरोपित लक्ष्मण दास जय सिंह पिता किशन चंद जय सिंह उम्र 52 वर्ष निवासी 350/2 चक्रधरनगर सिंधी कॉलोनी पक्की खोली थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़* के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर थाना चक्रधरनगर में *अपराध क्रमांक 161/2026 धारा 318(1), 349 बीएनएस, ट्रेडमार्क अधिनियम 1999 की धारा 103, 104 एवं कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63, 64* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है तथा न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि जिले में ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत यह पहली बड़ी कार्रवाई है।

       पूरी कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन एवं सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में की गई, जिसमें थाना चक्रधरनगर के उप निरीक्षक गेंदलाल साहू, एएसआई आशिक रात्रे, आरक्षक संदीप कौशिक, विक्रम सिंह, महिला आरक्षक माधुरी राठिया एवं अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* —

           *“नकली उत्पादों को असली के रूप में बेचकर उपभोक्ताओं को धोखा देना गंभीर अपराध है। ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि इस प्रकार के नकली उत्पादों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।”*

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पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजनाः 23 वर्ष की आयु पर मिलेगी 10 लाख की सहायता, रायगढ़ में आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण

रायगढ़, 16 अप्रैल 2026/ पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत लाभान्वित बच्चों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आज वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देशन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई, मिशन वात्सल्य कार्यालय में संपन्न हुआ।
          इस योजना के अंतर्गत उन बच्चों को सहायता प्रदान की जाती है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया है। ऐसे बच्चों को 23 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बना सकें। इस बड़ी राशि के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से बच्चों को पहले से वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देने हेतु यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रायगढ़ जिले के चार हितग्राही-आशा चौहान, देवमती राठिया, मनीषा राठिया और साहिल उरांव ने भाग लिया और विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
           प्रशिक्षण कार्यक्रम में अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री कमल किशोर सिंह ने बच्चों को सुरक्षित निवेश के विभिन्न विकल्पों जैसे मंथली इनकम प्लान, फिक्स्ड डिपॉजिट और बीमा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सुरक्षा उपायों पर जोर दिया और हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में बताया। वित्तीय साक्षरता परामर्शदाता श्री राज कुमार शर्मा ने बच्चों को अपने वित्तीय दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने, आय-व्यय का संतुलित बजट तैयार करने तथा साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज के बीच का अंतर समझाया। 
          परामर्शदाता श्री अखिलेश बरेठ द्वारा साइबर सुरक्षा एवं वित्तीय जागरूकता से संबंधित ज्ञानवर्धक वीडियो प्रस्तुत किए गए, जिससे बच्चों को व्यवहारिक समझ मिल सकी। यह प्रशिक्षण न केवल बच्चों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सहायता राशि का सही दिशा में उपयोग कर अपने जीवन को बेहतर बना सकें। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री धीरेन्द्र कुमार शर्मा, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक श्री शोभेन्द्र कुमार डनसेना, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे।

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