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जिला चिकित्सालय से शुरू हुआ अभियान, 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को लगाया जाएगा निःशुल्क टीका, अभिभावकों से बेटियों को टीकाकरण कराने की अपील

रायगढ़, 16 मार्च 2026/ जिले में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ जिला चिकित्सालय रायगढ़ से किया गया। अभियान के तहत जिला चिकित्सालय में प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक ओपीडी समय में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव के लिए निःशुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है। इस अभियान के माध्यम से जिले के लगभग 12 हजार छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाएगा।
              जिला स्तरीय कार्यक्रम के शुभारंभ में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को इस टीकाकरण से अवश्य लाभान्वित कराएं। नगर निगम सभापति श्री डिग्री लाल साहू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। यह टीकाकरण कार्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भानु पटेल ने बताया कि महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के लगभग 99 प्रतिशत मामलों का कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस होता है। कम आयु में यह वैक्सीन लगाए जाने से इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है। इस अवसर पर डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, सीपीएम डॉ. सोनाली मेश्राम, मितानिन दीदियां तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता, अनावश्यक परेशान होने की जरूरत नहीं – कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी

रायगढ़, 16 मार्च 2026/ जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को घबराने या अनावश्यक बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने एलपीजी की बुकिंग, वितरण और भंडारण के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में 2 लाख 63 हजार 406 घरेलू गैस उपभोक्ता हैं, जिनके लिए गैस कंपनियों द्वारा नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे रिफिल सिलेंडर की बुकिंग निर्धारित प्रक्रिया और समय अंतराल के अनुसार ही कराएं।

*बुकिंग के लिए निर्धारित अंतराल का रखें ध्यान*

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा दो रिफिल बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतराल तय किया गया है। इसके अनुसार नगरीय क्षेत्रों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल रखा गया है। उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र के अनुसार निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद ही रिफिल गैस सिलेंडर की बुकिंग करनी चाहिए। बुकिंग के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त डीएसी या ओटीपी नंबर के आधार पर संबंधित गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त किया जा सकता है या होम डिलीवरी के माध्यम से घर तक उपलब्ध कराया जाता है।

*मोबाइल ऐप और वेबसाइट से भी कर सकते हैं बुकिंग*

यदि किसी कारण से सामान्य प्रक्रिया से बुकिंग में समस्या आती है तो उपभोक्ता संबंधित ऑयल कंपनियों के मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से भी गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। उपभोक्ता HPCL –https://play.google.com/store/apps/details?id=com.drivetrackplusrefuel, IOCL– https://play.google.com/store/apps/details?id=cx.indianoil.in&pcampaignid=web_share, BPCL – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cgt.bharatgas से ऐप डाउनलोड कर बुकिंग कर सकते हैं।

*जिले में बढ़ाई गई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति*

जिले में पहले प्रतिदिन लगभग 3600 घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब 3800 सिलेंडर प्रतिदिन कर दिया गया है। गैस एजेंसियों में कंपनियों द्वारा लगातार पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि अफवाहों या दुष्प्रचार से प्रभावित होकर बार-बार ऑनलाइन बुकिंग न करें और आवश्यकता के अनुसार ही सिलेंडर बुक कराएं।

*व्यवसायिक गैस उपभोक्ताओं के लिए निर्देश*

वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऑयल कंपनियों और शासन के निर्णय अनुसार व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अत्यावश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। साथ ही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में विस्फोटक लाइसेंस के अभाव में अधिकतम 100 किलोग्राम तक ही एलपीजी भंडारण का प्रावधान है। होटल, रेस्टोरेंट, अन्य प्रतिष्ठानों तथा विवाह समारोह के आयोजकों से अपील की गई है कि गैस की खपत कम करने के लिए भोजन के मेन्यू को सीमित रखें तथा तंदूर के उपयोग के साथ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत जैसे डीजल स्टोव, इलेक्ट्रिक इंडक्शन, लकड़ी या गोबर के कंडे (सीमित मात्रा में) का उपयोग करें।

*अवैध भंडारण रोकने के लिए दल गठित*

जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध संग्रहण और दुरुपयोग की रोकथाम के लिए विकासखंडवार राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे अनियमितताओं और कालाबाजारी पर नियंत्रण रखा जा सके।

*शिकायत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित*

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। घरेलू गैस सिलेंडर से संबंधित किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए टोल फ्री नंबर 07762-319962 पर संपर्क किया जा सकता है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, निर्धारित नियमों का पालन करते हुए गैस की बुकिंग करें और गैस का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।

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बिजली जाने के विवाद से शुरू हुआ झगड़ा, घर में घुसकर महिला से छेड़खानी करने वाला आरोपी गिरफ्तार — महिला थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी को भेजा गया जेल

रायगढ़, 16 मार्च*। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई के क्रम में महिला थाना रायगढ़ द्वारा घर में घुसकर महिला से छेड़खानी और मारपीट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरफ्तार *आरोपी आशीष बघेल उर्फ संजू बघेल पिता स्व. संतोष बघेल (उम्र 24 वर्ष) निवासी इंदिरानगर पूछापारा रायगढ़* है। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली में मारपीट का भी अपराध दर्ज है, मोहल्लेवासी आरोपी आये दिन झगड़ा विवाद करने की शिकायत की गई थी ।

            प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता द्वारा दिनांक 25.02.2026 को महिला थाना रायगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि 24.02.2026 की दोपहर वह अपने घर का बिजली कनेक्शन ठीक करवा रही थी। इसी दौरान बिजली का तार हिल जाने से मोहल्ले में कुछ देर के लिए बिजली चली गई और फिर वापस आ गई। इस बात से नाराज होकर आरोपी संजू बघेल उसके घर में घुस आया और “तुम्हारी वजह से बिजली चली गई” कहते हुए गाली-गलौज कर मारपीट की। आरोपी के झगड़ालू स्वभाव को देखते हुए उस समय रिपोर्ट नहीं की गई।

            पीड़िता के अनुसार अगले दिन 25.02.2026 की रात आरोपी फिर उसके घर में घुस आया और झगड़ा करते हुए गंदी नीयत से छेड़खानी तथा मारपीट की। इस दौरान पीड़िता के पति और पड़ोसियों ने बीच-बचाव किया। *महिला की रिपोर्ट पर महिला थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 12/2026 धारा 331(4), 200, 115(2), 76, 74 बीएनएस* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया।

          मामले की विवेचना के दौरान प्रार्थिया एवं गवाहों के बयान लिए गए और आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी, लेकिन आरोपी फरार था। इसी बीच दिनांक 15.03.2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी आशीष बघेल उर्फ संजू बघेल अपने घर पर मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम द्वारा तत्काल दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश —

          *“महिलाओं के साथ छेड़खानी, मारपीट और घर में घुसकर अपराध करने जैसे मामलों में रायगढ़ पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। ऐसे अपराधों में संलिप्त आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*

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टेट अनिवार्यता के खिलाफ देशभर के शिक्षक संगठनों का बड़ा ऐलान : 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आंदोलन, छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षकों के शामिल होने की तैयारी

रायपुर 15 मार्च //- 
         टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन पुरे भारत देश के शिक्षक साथियों के हित में और सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश जिसमें सभी शिक्षक को टेट पास करना होगा अन्यथा उनकी नौकरी पे आंच आ सकती है। के विरोध में हुआ है। जिसमें छत्तीसगढ़ के शिक्षक नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर एवं जाकेश साहू चारों ने आज सभी शिक्षक संगठन को एक करते हुए रायपुर में एक बैठक रखी थी। 
       जिसमें राज्य के जो शिक्षक टेट क्वालिफाइड नहीं है उनके पक्ष में अपनी बात रखते हुए सभी को मिलकर आंदोलन करना पड़ेगा और बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जो आदेश आया है उसके अनुसार अगर शिक्षक अगर 2 साल में टेट पास नहीं करते हैं तो उनकी नौकरी जा सकती है।
          ऐसे हमारे छत्तीसगढ़ राज्य में 82,000 से ज्यादा शिक्षक है जो टेट क्वालिफाइड नहीं है। इसलिए उनके पक्ष में हमें अपनी आवाज उठानी पड़ेगी और सरकार तक अपनी बात पहुंचानी पड़ेगी। इसलिए यह टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया गया है। जिसके तहत हमें चार अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन है। उसी के संबंध में आज महत्वपूर्ण बैठक रखी गई थी।
     शिक्षक नेता केदार जैन, रविन्द्र राठौर, मनीष मिश्रा एवं जाकेश साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ के समस्त शिक्षक संगठन ने आज रायपुर में बैठक करते हुए टेट के विरोध में अपनी आवाज़ बुलंद की और सबसे बड़ी बात सभी संगठनो ने एक राय होकर इसके खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूँक दिया है।
        टेट एक अहम मुद्दा है जिसमें कई शिक्षक जो है सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें टेट एग्जाम देना पड़ेगा। ताकि वह अपनी नौकरी बचा सके और साथ में प्रमोशन के लिए भी उन्हें टेट का एग्जाम क्वालिफाइड करना पड़ेगा इसकी वजह से कई शिक्षक साथी जो है टीईटी के नियम के आने से पहले नियुक्ति पाए हैं और वह उसे समय की जो नियुक्ति का जो पात्रता था उसे उसे क्वालिफाइड करके आया है उसके बावजूद अगर उन्हें टेट लिखना पड़ता है तो जिससे शिक्षक साथी काफी ज्यादा नाराज हैं और वह चाहते हैं कि सरकार इसके मुद्दे पर कोई ठोस हल निकाले। आज की बैठक में कई अहम प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें समस्त संगठन एक राय होकर अपनी भागीदारी दिखाया।
1) टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रस्तावित राष्ट्रीय आंदोलन को लेकर राज्य स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में विभिन्न शिक्षक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिसमें आंदोलन की रणनीति और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
2)बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 4 अप्रैल 2025 को दिल्ली में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में राज्य के विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। दिल्ली में रामलीला मैदान में छत्तीसगढ़ से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने कि बात कहीं। 
3) आंदोलन को सफल बनाने के लिए राज्य से करीब 25 हजार शिक्षकों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ट्रेन, बस और अन्य माध्यमों से यात्रा की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई। सभी संगठनों को अपने स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
4)इसके अलावा टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने प्रस्ताव रखा गया कि राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन के बाद राज्य स्तर पर भी टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और आवश्यकतानुसार आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने भविष्य के लिए यह भी कहा कि सभी संगठन जो आज इस बैठक में शामिल है वह सभी संगठन आगे चलकर छत्तीसगढ़ TFI के नाम से कार्य करे इसका प्रस्ताव रखा और हमारे जो भी अहम मुद्दे जो बचे हुए हैं जैसे वेतन विसंगति कर्मोन्नति सेवा गणना और अन्य जो भी मुद्दे हैं उसको एक साथ मिलकर के एक ही मंच के तहत सरकार तक अपनी बात पहुंचा कर हल करने की पूरी पूरी कोशिश करेंगे लेकिन अभी प्रथम प्राथमिकता हमारी टेट है क्योंकि इसमें कई शिक्षकों की नौकरी जाने का चांसेस है,अगर वह टेट पास नहीं करते हैं तो कई शिक्षकों की नौकरी जा सकती है इसलिए हमें इस नेशनल मुद्दा बना करके इसे हम अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं कि सरकार इसके पक्ष में ठोस फैसला ले और  जिस राज्य में जिस समय से लागू हुआ है उसी समय से इसे लागू करें।
5) बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 21 मार्च को राज्य के सभी जिलों में एवं 24 मार्च को सभी 146 विकासखंडों में संगठनों की समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे आंदोलन की तैयारियों को मजबूत किया जा सके।
       इस बैठक में सर्व शिक्षक संघ के प्रदीप पांडे ने कहा कि RTE के तहत 29(1) का जो नियम है उसे अगर सरकार चाहे तो वह अपना प्रस्ताव पारित करके एक अध्यादेश लाकर इसे खारिज कर सकती है जिससे सभी शिक्षकों का हित होगा, लेकिन सरकार इसे ध्यान नहीं दे रही है इसलिए हमें इस पक्ष में सरकार तक अपनी आवाज पहुंचानी पड़ेगी और अगर जरूरत पड़े तो हमें आंदोलन भी करना पड़ेगा और उन्होंने ऐसे संगठन को आड़े हाथ लिया जो हमारे एकता का समर्थन नहीं करते जो शिक्षक के हित में कार्य नहीं करते हैं वैसे संगठन का तत्काल बहिष्कार करने कि बात कहीं।
      आज के बैठक में केदार जैन, रविन्द्र राठौर, मनीष मिश्रा, प्रदीप पाण्डेय, जाकेश साहू, विष्णु साहू विक्रम राय, विजय राव, कौशल अवस्थी, रंजीत बनर्जी, कमलेश सिंह बिसेन, ममता खालसा, रामचंद्र सोनवंशी, राजनारायण द्विवेदी, बसंत कौशिक, मोहम्मद यासिर इरफान, राजू टडन, आदित्य गौरव साहू और चेतन परिहार सहित बहुत से संगठन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।

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वीबी-जी-राम-जी यूथ डिजिटल कैंपेन से युवाओं को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच,वीडियो चैलेंज, ऑनलाइन क्विज और लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में मिलेगा भाग लेने का मौका

रायगढ़, 15 मार्च 2026/ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा माय भारत पोर्टल के सहयोग से राष्ट्रव्यापी डिजिटल पहल वीबी-जी-राम-जी यूथ डिजिटल कैंपेन की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य देश के युवाओं को ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ना है। डिजिटल माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए युवाओं को अपने गांव की सकारात्मक कहानियां, नवाचार और विकास कार्यों को देशभर के सामने लाने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अंतिम तिथि 20 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक युवा माय भारत पोर्टल और माय जीओभी पोर्टल के माध्यम से अपनी प्रविष्टियां ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। 
            रायगढ़ जिले में भी इस अभियान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे ने जिले के युवाओं से कहा कि यह अभियान युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य, रोजगार के नए अवसर, स्वरोजगार की पहल और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को युवाओं के माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कि यह अभियान युवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए उन्हें देश के विकास की मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 
            इस डिजिटल अभियान के तहत युवाओं के लिए तीन प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें भाग लेकर वे अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का प्रदर्शन कर सकते हैं। पहली प्रतियोगिता वीडियो चैलेंज इसमें प्रतिभागियों को अपने गांव के विकास, रोजगार के अवसर, आजीविका गतिविधियों या किसी सकारात्मक पहल को दर्शाते हुए 30 से 60 सेकंड की शॉर्ट वीडियो या रील बनानी होगी। इस वीडियो को माय भारत पोर्टल पर अपलोड करना होगा, जिसकी अधिकतम फाइल साइज 25 एमबी निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता में विशेष रूप से 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को भाग लेने का अवसर दिया गया है। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को भारत सरकार के कार्यक्रम में अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
           दूसरी गतिविधि ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता है। इसमें प्रतिभागियों को माय भारत पोर्टल पर उपलब्ध अधिनियम और अभियान से संबंधित 20 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। इस क्विज में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जिससे युवाओं को ज्ञान के साथ-साथ प्रमाणपत्र भी मिलेगा। तीसरी प्रतियोगिता लोगो डिजाइन प्रतियोगिता है, जो ‘विकसित भारत-जी राम जी एक्ट, 2025’ के लिए आयोजित की जा रही है। इसमें प्रतिभागियों को एक आकर्षक और रचनात्मक लोगो डिजाइन करना होगा, जो अभियान की भावना और उद्देश्य को दर्शाए। इस प्रतियोगिता में चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो के लिए 50 हजार रुपए का नकद पुरस्कार रखा गया है। साथ ही चयनित लोगो का उपयोग भविष्य में इस अभियान से जुड़ी आधिकारिक प्रचार सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इस संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए जिला पंचायत कार्यालय के जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) शाखा रायगढ़ में संपर्क कर सकते है। जिला प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और अपने गांव के विकास की कहानी को देश के सामने लाने में योगदान दें। यह अभियान न केवल युवाओं को डिजिटल मंच प्रदान करेगा, बल्कि ग्रामीण भारत की प्रगति को भी नई पहचान दिलाएगा।

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पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर प्रशासन सतर्क, अफवाहों से बचने की अपील,पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं

रायगढ़, 15 मार्च 2025/ राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित उपलब्धता और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है।
          कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि ऑयल कंपनियों के पास इन पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उनकी नियमित आपूर्ति जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग या पेट्रोल-डीजल के अनावश्यक संग्रहण जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि ऑयल कंपनियों और जिलों में उपलब्ध एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की दैनिक जानकारी खाद्य विभाग के मॉड्यूल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आधार पर प्रतिदिन जिले में प्राप्त स्टॉक, विक्रय मात्रा तथा शेष उपलब्धता की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
          कलेक्टर ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के अवैध संग्रहण तथा दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध स्थलों की पहचान कर नियमित जांच एवं आवश्यकतानुसार छापेमारी की कार्रवाई करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही आम उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 और 1967 के अलावा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0771-2511975 पर संपर्क किया जा सकता है। जिलों में भी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम गठित कर उनके नंबर आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
             कलेक्टर ने कहा कि विभागीय कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों का निराकरण संबंधित खाद्य नियंत्रक, खाद्य अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के जिला समन्वयक द्वारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी विभागीय डैशबोर्ड में तत्काल दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों द्वारा समय-समय पर जारी एलपीजी बुकिंग, वितरण और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को सभी एलपीजी वितरकों, उचित मूल्य दुकानों तथा अन्य आवश्यक स्थानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
              कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा इसकी जानकारी शीघ्र विभाग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और आवश्यकतानुसार ही पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग करें, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।

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ऑपरेशन तलाश” का बड़ा असर: 5 दिन में 246 वारंटियों की गिरफ्तारी, उड़ीसा के दो शातिर स्थायी वारंटी भी दबोचे — एसएसपी शशि मोहन सिंह की सख्ती से फरार आरोपियों में मचा हड़कंप ⚡

 15 मार्च, रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए जिले में चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 10 मार्च से 15 मार्च तक चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस ने 141 स्थायी वारंट और 105 गिरफ्तारी वारंट की तामिली करते हुए कुल 246 वारंटों का निष्पादन किया है। इस विशेष अभियान में कोतवाली पुलिस ने मारपीट मामले के फरार आरोपी अभिषेक ठाकुर तमनार पुलिस ने गांजा तस्कर मिथुन सा जैसे गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को पड़कर जेल भेजा है।

     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह द्वारा क्राइम मीटिंग में प्रत्येक माह 10 से 15 तारीख के बीच विशेष अभियान चलाकर लंबित वारंटों और फरार आरोपियों की अधिक से अधिक तामिली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों की टीमों द्वारा लगातार दबिश और पतासाजी कर वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

      अभियान के दौरान थाना कोतवाली पुलिस को विशेष सफलता मिली, जहां उड़ीसा के दो शातिर स्थायी वारंटी दशरथ विश्वाल निवासी लखनपुर रेंगाली (उड़ीसा) तथा सरोज बेहरा निवासी रेंगाली (उड़ीसा) को गिरफ्तार किया गया। वारंटी दशरथ विश्वाल के विरुद्ध थाना कोतवाली में 20 स्थायी वारंट तथा थाना चक्रधरनगर में 17 स्थायी वारंट जारी थे। इसी प्रकार सरोज बेहरा के विरुद्ध थाना कोतवाली में 17 स्थायी वारंट और थाना चक्रधरनगर में 2 स्थायी वारंट लंबित थे। दोनों वारंटी अपना प्रभावशाली व्यक्तियों का परिचय देकर किस्तों में ट्रैक्टर खरीदते थे और भुगतान न कर फरार हो जाते थे, जिसके कारण न्यायालय द्वारा उनके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किए गए थे। कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने दोनों वारंटियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरोज बेहरा को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि दशरथ विश्वाल को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

     अभियान के दौरान थाना कोतवाली द्वारा 43 स्थायी वारंट और 1 गिरफ्तारी वारंट, थाना चक्रधरनगर द्वारा 34 स्थायी वारंट और 15 गिरफ्तारी वारंट, थाना छाल द्वारा 13 स्थायी वारंट और 12 गिरफ्तारी वारंट, थाना पुसौर द्वारा 10 स्थायी वारंट और 5 गिरफ्तारी वारंट, चौकी खरसिया द्वारा 6 स्थायी वारंट और 4 गिरफ्तारी वारंट, थाना लैलूंगा द्वारा 8 स्थायी वारंट और 7 गिरफ्तारी वारंट, थाना तमनार द्वारा 5 स्थायी वारंट और 1 गिरफ्तारी वारंट, कापू से 3 स्थायी और 7 गिरफ्तारी, धरमजयगढ़ से 1 स्थायी 14 गिरफ्तारी, कोतरारोड़ 1 स्थायी और 9 गिरफ्तारी तथा थाना पूंजीपथरा द्वारा 4 स्थायी वारंट और 1 गिरफ्तारी वारंट की तामिली कर अभियान को सफल बनाया गया।

         उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के रायगढ़ जिले में पदस्थापना के बाद से  फरार आरोपियों और वारंटियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उनके पदस्थापना *26 जनवरी से  अब तक 1467 वारंटों की तामिली की जा चुकी है, जिसमें 256  स्थाई वारंटी है और 1211 फरार गिरफ्तारी वारंटी पकड़े गए जिससे फरार आरोपियों पर प्रभावी अंकुश लगा है*।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — 
         फरार आरोपियों और वारंटियों के विरुद्ध इसी प्रकार सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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धामाकेदार खुलासा : मोबाइल शॉप में 14 लाख की आईफोन चोरी का पर्दाफाश, चलती ट्रेन से दबोचा गया मुख्य आरोपी — 16 के 16 आईफोन बरामद

  15 मार्च, रायगढ़ ।  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर थाना सिटी कोतवाली और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने गोपी टॉकीज के सामने स्थित सेल स्पॉट मोबाइल शॉप में हुई 16 नग आईफोन चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी आकाश चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई में चोरी गए सभी 16 आईफोन की शत-प्रतिशत बरामदगी की गई है तथा एक अन्य आरोपी लकेश्वर को भी गिरफ्तार किया गया है।

➡️ *चोरी घटना का संक्षिप्त विवरण* - 

       जानकारी के अनुसार रायगढ़ शहर के गोपी टॉकीज के सामने स्थित सेल स्पॉट मोबाइल दुकान में 09 मार्च 2026 की रात चोरी की घटना सामने आई थी। दुकान संचालक मोहम्मद फारुक निवासी लक्ष्मीपुर द्वारा पुलिस को दी गई सूचना के अनुसार वे रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह लगभग 10:00 बजे जब वे दुकान पहुंचे और शटर खोलकर अंदर गए तो शोकेस काउंटर में रखे मोबाइल फोन अस्त-व्यस्त मिले। जांच करने पर पता चला कि दुकान की दूसरी मंजिल के दरवाजे का लॉक तोड़कर अज्ञात चोर अंदर घुसा और ग्राउंड फ्लोर स्थित दुकान से 16 नग आईफोन तथा काउंटर में रखी नकदी चोरी कर फरार हो गया। 

         घटना की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध *अपराध क्रमांक 111/2026 धारा 305, 331(4) बीएनएस* के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

*पुलिस की कार्रवाई, छापेमारी*-     

      जांच के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और साइबर थाना की विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर 
उसकी तलाश तेज की गई। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संदेही मोबाइल का उपयोग कर रहा है, जिस पर साइबर टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण कर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। पुलिस टीम तत्काल रायपुर पहुंची और रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों पर आरोपी की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान आरोपी ट्रेन में बैठकर रायगढ़ की ओर आ रहा था, जिसे चलती ट्रेन में ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर धर दबोचा।

     पकड़े गए आरोपी की पहचान *आकाश चौहान पिता मनोहर चौहान उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम कलमी थाना कोतरारोड़* के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने सेल स्पॉट मोबाइल दुकान में चोरी करना स्वीकार किया तथा यह भी बताया कि उसने जनवरी 2026 में अपने साथियों के साथ बोईरदादर चौक स्थित साहा मोबाइल दुकान में भी चोरी की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी ने बताया कि वह रायपुर से ट्रेन में बैठकर रायगढ़ आया और दुकान के पीछे निर्माणाधीन हिस्से के पास लगी लोहे की सीढ़ी के सहारे ऊपर चढ़कर दूसरी मंजिल का लॉक तोड़कर दुकान में घुसा और शोकेस में रखे 16 नग आईफोन को एक काले रंग के बैग में भर लिया तथा काउंटर से नकदी लेकर उसी रास्ते से फरार हो गया।

         पुलिस द्वारा आरोपी आकाश चौहान से चोरी के 15 नग आईफोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। वहीं चोरी का एक आईफोन उसके साथी *लकेश्वर उर्फ लक्की चंद्रा पिता कनीराम चंद्रा उम्र 21 वर्ष निवासी सोनूमुड़ा, रायगढ़* के कब्जे से बरामद कर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। साथ ही चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में दर्ज पूर्व चोरी मामले में आरोपी को पृथक से पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

         पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, श्री अनिल विश्वकर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, उपनिरीक्षक ऐनु देवांगन, दिनेश मिंज, प्रधान आरक्षक करुणेश राय, रेणू सिंह मंडावी, आरक्षक प्रशांत पण्डा, महेश पण्डा, पुष्पेंद्र जाटवर, विक्रम सिंह, प्रताप बेहरा, रविन्द्र गुप्ता और थाना कोतवाली के उत्तम सारथी, मनोज पटनायक, कमलेश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

*गिरफ्तार आरोपी*-

1- आकाश चौहान पिता मनोहर चौहान उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम कलमी थाना कोतरारोड़
2- लकेश्वर उर्फ लक्की चंद्रा पिता कनीराम चंद्रा उम्र 21 वर्ष निवासी सोनूमुड़ा, रायगढ़

*बरामदगी*
16 चोरी गए आईफोन मोबाइल और बाइक कुल कीमत लगभग 14 लाख 15 हजार रुपये ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश*—

       *“रायगढ़ जिले में चोरी, लूट और अन्य संपत्ति संबंधी अपराध करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। तकनीकी साक्ष्यों और प्रभावी पुलिस कार्रवाई के माध्यम से ऐसे अपराधों का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।”*

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ऑपरेशन आघात” का कड़ा प्रहार : तीन थानों की संयुक्त कार्रवाई में 84 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त, चार आरोपी गिरफ्तार — एसएसपी का साफ संदेश, अवैध कारोबारियों को नहीं मिलेगी कोई राहत

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 15 मार्च, रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध शराब के कारोबार पर लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में दिनांक 14.03.2026 को थाना भूपदेवपुर, पुसौर और तमनार पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध बिक्री के लिए रखी गई महुआ शराब जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

भूपदेवपुर पुलिस की दो बड़ी शराब रेड, 70 लीटर महुआ शराब जब्त

           जानकारी के अनुसार थाना भूपदेवपुर पुलिस द्वारा ग्राम जबलपुर में दो अलग-अलग स्थानों पर शराब रेड की कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम जबलपुर निवासी शनिराम महंत नदी किनारे खेत में बने झोपड़ी में अवैध महुआ शराब रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग द्वारा टीम के साथ मौके पर रेड कार्रवाई की गई। रेड के दौरान संदेही शनिराम महंत झोपड़ी के पास मिला, जिससे पूछताछ करने पर उसने शराब बिक्री करना स्वीकार किया और 15 लीटर, 10 लीटर तथा 5 लीटर क्षमता वाले प्लास्टिक डिब्बों/जरीकेनों में रखी कुल 40 लीटर महुआ शराब बरामद कराई गई। *आरोपी शनिराम महंत पिता हनुदास महंत उम्र 43 वर्ष निवासी ग्राम जबलपुर थाना भूपदेवपुर* के विरुद्ध थाना भूपदेवपुर में धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे रिमांड पर भेजा गया है।

           इसी कार्रवाई के दौरान भूपदेवपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम जबलपुर निवासी ललिता डनसेना भी नदी किनारे झोपड़ी में अवैध महुआ शराब रखकर बिक्री कर रही है। सूचना पर रेड कार्रवाई कर आरोपी के कब्जे से 30 लीटर महुआ शराब (कीमत लगभग 3,000 रुपये) जब्त की गई। *आरोपीया ललिता डनसेना पति बाबूलाल डनसेना उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम जबलपुर* के विरुद्ध भी धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग के साथ प्रधान आरक्षक सत्यम पटेल, संजय तिर्की, सुरेन्द्र ठाकुर तथा आरक्षक जगमोहन ओग्रे, बोधराम मांझी, सुरेश सिदार, महेन्द्रपाल मरावी, गोवर्धन सिदार एवं महिला आरक्षक कलिस्ता कुजूर शामिल रहे।

पुसौर पुलिस की कार्रवाई, बरगद छाप महुआ शराब के 28 पाउच जब्त

               वहीं थाना पुसौर पुलिस को ग्राम कठानी मेन रोड के पास उड़ीसा की बरगद छाप महुआ पाउच शराब की बिक्री की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने *बनबस गुप्ता पिता बाहाबल गुप्ता उम्र 61 वर्ष निवासी ग्राम कठानी थाना पुसौर* जिला रायगढ़ को पकड़कर उसके कब्जे से 180 एमएल क्षमता वाले 28 पाउच (कुल 5 लीटर 40 एमएल) महुआ शराब, कीमत लगभग 1,400 रुपये जब्त की। आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक योगेश उपाध्याय, आरक्षक दिनेश गोड़ तथा विजय कुसवाहा शामिल रहे।

तमनार पुलिस की पेट्रोलिंग कार्रवाई, अवैध महुआ शराब के साथ आरोपी पकड़ा गया

        इसी तरह थाना तमनार पुलिस द्वारा दिनांक 13.03.2026 को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर सूचना पर ग्राम जरेकेला में कार्रवाई कर *मोहित भारद्वाज पिता मंगलू भारद्वाज उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम कठरापाली थाना तमनार* को अवैध बिक्री के लिए महुआ शराब परिवहन करते हुए पकड़ा गया। आरोपी के पास रखे प्लास्टिक थैले में 5 लीटर क्षमता की जरीकेन तथा दो स्प्राइट बोतलों में भरी कुल 9 लीटर महुआ शराब (कीमत लगभग 1,800 रुपये) जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक अनूप कुजूर, आरक्षक शशिभूषण उरांव तथा महिला आरक्षक सीमा लकड़ा शामिल रहे।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* — 
         *“जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रायगढ़ पुलिस की कड़ी नजर है, ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”*

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घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, आवक-जावक और वितरण पर रहेगी कड़ी निगरानी, गलत उपयोग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने और उपभोक्ताओं को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विकासखंडों में राजस्व एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया है।
     खाद्य शाखा रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह जांच दल जिले में संचालित गैस एजेंसियों से उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, दैनिक आवक-जावक और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखेगा। साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी जांच की जाएगी, ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग या अन्य प्रकार का दुरुपयोग रोका जा सके।
             रायगढ़ विकासखंड के लिए तहसीलदार शिव डनसेना (मो. 7987712715), नायब तहसीलदार हरनंदन बंजारे (मो. 9302180957) तथा सहायक खाद्य अधिकारी अंजनी कुमार राव (मो. 9340346582) को जांच दल में शामिल किया गया है। इसी तरह पुसौर विकासखंड में तहसीलदार अनुराधा पटेल (मो. 8770810450) और खाद्य निरीक्षक चुड़ामणि सिदार (मो. 6265302312) जांच की जिम्मेदारी संभालेंगे। खरसिया विकासखंड के लिए तहसीलदार संदीप राजपूत (मो. 9818069610) और खाद्य निरीक्षक बनमाली यादव (मो. 6261494293) को जिम्मेदारी दी गई है। घरघोड़ा विकासखंड में तहसीलदार मनोज गुप्ता (मो. 8839836408) और खाद्य निरीक्षक श्रीमती प्राची सिन्हा (मो. 7587440074) को टीम में शामिल किया गया है। तमनार विकासखंड में तहसीलदार ऋचा सिंह (मो. 8085744738) और खाद्य निरीक्षक प्राची सिन्हा (मो. 7587440074) को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। धरमजयगढ़ विकासखंड में तहसीलदार हितेश कुमार साहू (मो. 9669924292) तथा खाद्य निरीक्षक सुधारानी चौहान (मो. 7974750654) तथा लैलूंगा विकासखंड में तहसीलदार शिवम पाण्डेय (मो. 8770697391) और खाद्य निरीक्षक खुशीराम नायक (मो. 7777801577) जांच दल में शामिल हैं।
         कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी संयुक्त जांच दल अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की नियमित जांच करें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग की जांच भी करें। यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग या अन्य दुरुपयोग पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भर बनीं सविता राठिया : 60 हजार रुपये की राशि से शुरू की आजीविका गतिविधि, नियमित आय का बना मजबूत साधन

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ विकासखंड धरमजयगढ़ के ग्राम पंचायत बंगरसूता की श्रीमती सविता राठिया ने मेहनत और लगन से आजीविका का नया रास्ता तैयार कर लिया है। साग-सब्जी की खेती कर वे न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
          सविता राठिया पहले घर की जिम्मेदारियों तक ही सीमित थीं और उन्हें घर से बाहर निकलकर काम करने का ज्यादा अवसर नहीं मिल पाता था। लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अपने कार्य को विस्तार देने के लिए उन्होंने 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) प्राप्त की और इस राशि से साग-सब्जी उत्पादन शुरू किया। आज सविता अपने खेत में विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियों का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उनकी मेहनत से परिवार की जरूरतें पूरी होने के साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ा है। सविता राठिया का कहना है कि खेती और छोटे स्तर के आजीविका कार्य भी यदि योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं तो बेहतर आय का माध्यम बन सकते हैं। उनकी यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने “गौधाम योजना” का किया शुभारंभ,निराश्रित गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय और समुचित देखभाल

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से राज्य में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण और उनके समुचित व्यवस्थापन के उद्देश्य से “गौधाम योजना” का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री के विशेष संबोधन का लाइव प्रसारण देखा गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
              जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष श्री बंशीधर बेहरा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान, उपाध्यक्ष श्री राम श्याम डनसेना, सदस्य श्री हेमंत डनसेना, श्री दुर्गेश पटेल, विकासखंड रायगढ़ गौधाम अध्यक्ष श्री हुकुम सिंह यादव, विकासखंड तमनार गौधाम अध्यक्ष श्री भीमसेन बेहरा सहित गौधाम समिति के अन्य सदस्यगण, श्री अशोक गुप्ता, श्री रमेश कुमार कुंभकार, श्री रोमेश दास, श्रीमती पूनम द्विवेदी, श्री बंशीधर पटेल, श्री जी.आर. चौहान, श्री मुकेश पटनायक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पशुधन विकास विभाग के उप संचालक श्री एस.के. सिंह तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और पशुपालक किसान उपस्थित रहे।
             गौधाम समिति के जिला अध्यक्ष श्री बंशीधर बेहरा ने कहा कि बदलती जीवनशैली और शहरीकरण के कारण कई स्थानों पर गौवंश निराश्रित होकर सड़कों पर घूमते दिखाई देते हैं। ऐसे में गौवंश के संरक्षण, देखभाल, भोजन, उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना समाज और शासन दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। गौधाम की स्थापना से निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, जहां उनके लिए चारा, पानी, चिकित्सा और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
            जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। गौधाम योजना निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों और किसानों को भी लाभान्वित कर रही है। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में प्राचीन काल से ही गौ माता को अत्यंत पूजनीय माना गया है। हमारे धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में गौ को माता का दर्जा दिया गया है और सदियों से समाज में गौ सेवा और गौ संरक्षण की परंपरा चली आ रही है।
             पशुधन विकास विभाग के उप संचालक श्री एस.के. सिंह ने बताया कि गौधाम योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन गौधामों में शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले से गौधाम की स्थापना के लिए 20 समितियों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिनमें से 12 समितियों का पंजीयन प्रक्रियाधीन है। पंजीयन पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही गौधामों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।
             गौधाम योजना के अंतर्गत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान है तथा अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये प्रतिवर्ष सहायता दी जाएगी। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना के लागू होने से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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नेशनल लोक अदालत में 6806 लंबित प्रकरणों का निराकरण,रायगढ़ सहित जिलेभर में 29 खंडपीठों में हुई सुनवाई, बड़ी संख्या में मामलों का हुआ समाधान

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आज रायगढ़ जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री जितेन्द्र कुमार जैन ने न्यायालयीन सभागार में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिला मुख्यालय रायगढ़ के साथ-साथ तहसील न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया, भटगांव और बिलाईगढ़ में भी खंडपीठों का गठन किया गया। इसके अतिरिक्त परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय तथा किशोर न्याय बोर्ड को मिलाकर कुल 29 खंडपीठों का गठन किया गया। रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ के राजस्व न्यायालयों में भी खंडपीठों का गठन कर मामलों के निराकरण की प्रक्रिया संचालित की गई।
           नेशनल लोक अदालत में लगभग 7867 लंबित प्रकरण तथा करीब 7 लाख प्रीलिटिगेशन प्रकरण राजीनामा के आधार पर निराकरण के लिए प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 6806 लंबित प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। जिला एवं तहसील न्यायालयों में विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया। इनमें मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक वसूली प्रकरण, आपराधिक मामले, विद्युत प्रकरण, श्रम विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण के मामले, सिविल प्रकरण, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 से संबंधित मामले तथा यातायात उल्लंघन के प्रकरण शामिल थे। नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में मामलों के समाधान से पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला और न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई।
             नेशनल लोक अदालत के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला न्यायालय रायगढ़ में कार्यरत महिला कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं कार्यनिष्ठा के लिए प्रशस्ति पत्र, स्मारक चिन्ह एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान महिलाओं की कार्यक्षमता, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की गई। कार्यक्रम में जिला न्यायालय रायगढ़ के न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला अधिवक्ता संघ रायगढ़ के अध्यक्ष एवं अन्य अधिवक्तागण, बैंक, विद्युत तथा अन्य विभागों के अधिकारी, राजीनामा के लिए उपस्थित पक्षकार, न्यायालयीन कर्मचारी, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी तथा पैरालीगल वालंटियर्स उपस्थित रहे।

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सीएचसी पुसौर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की कड़ी परीक्षा, एनक्यूएएस मूल्यांकन के लिए राज्य व राष्ट्रीय टीम ने दो दिनों तक खंगाली अस्पताल की हर व्यवस्था

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत रायगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर में 13 एवं 14 मार्च 2026 को दो दिवसीय मूल्यांकन किया गया। इस दौरान राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर से पहुंचे मूल्यांकन दल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
                 मूल्यांकन दल में राष्ट्रीय स्तर से नामित डॉ. अनिल कुमार एवं श्रीमती निरल कुजूर शामिल थे। वहीं राज्य स्तर से डॉ.देवेन्द्र गुर्जर शामिल थें। टीम ने अपने दौरे की शुरुआत परिचय बैठक से की, जिसमें अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों से चर्चा कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान टीम ने अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों से भी सुविधाओं के संबंध में प्रतिक्रिया प्राप्त की।
                निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और मरीजों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही अस्पताल भवन, शल्य कक्ष, प्रसव कक्ष, बाह्य रोगी विभाग, अंतः रोगी विभाग, टीकाकरण कक्ष, हमर प्रयोगशाला, एक्स-रे कक्ष, औषधि भंडार, रेफरल व्यवस्था, नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली, मरीजों के साथ व्यवहार तथा आपातकालीन सेवाओं की तत्परता का भी परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतीक्षालय और शौचालयों की स्थिति, मरीजों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सभी भौतिक सुविधाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया गया।
              राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का उद्देश्य शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता को बढ़ाना है, जिससे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। इस क्रम में टीम द्वारा मरीज पंजी, दवा भंडार, प्रयोगशाला व्यवस्थाएं, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन, हाथ स्वच्छता, संक्रमण की रोकथाम तथा मरीज सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। साथ ही आवश्यक अभिलेखों और दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। दौरे के दूसरे दिन समापन बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद नायक, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री नवीन शर्मा तथा पुसौर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार नायक ने मूल्यांकन दल, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तथा अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एनक्यूएएस का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को सुरक्षित, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इस प्रकार के मूल्यांकन से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का अवसर मिलता है।

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जिले में गैस सिलेण्डर की पर्याप्त उपलब्धता, ऑनलाइन बुकिंग के दिन ही सिलेण्डर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने जिले में संचालित समस्त गैस एजेंसी संचालकों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न ऑयल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिले की सभी गैस एजेंसियों में घरेलू गैस सिलेण्डर की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि जिले में पंजीकृत समस्त घरेलू गैस उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुरूप एजेंसियों में सिलेण्डर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
           अपर कलेक्टर श्री टोप्पो ने एजेंसी संचालकों को निर्देशित किया कि विशेषकर शहरी क्षेत्रों में गैस प्राप्त करने हेतु उपभोक्ताओं की लगने वाली लंबी कतारों को व्यवस्थित एवं नियंत्रित किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन बुकिंग अथवा डीएससी जिस दिनांक को सफल होती है, उसी दिनांक को अनिवार्य रूप से गैस सिलेण्डर का वितरण किया जाए। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अनावश्यक रूप से परेशान न हों। जिले में गैस सिलेण्डर की पर्याप्त उपलब्धता है तथा ऑनलाइन गैस सिलेण्डर बुकिंग की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है।     
           अपर कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल कक्ष भी स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत के समाधान के लिए टोल-फ्री दूरभाष नंबर 07762-319962 जारी किया गया है। साथ ही नागरिकों से यह भी अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों में प्रसारित किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या तथ्यों से प्रभावित न हों।

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बिना लाइसेंस चल रही आरा मशीन पर वन विभाग का शिकंजा, कुसमुरा स्थित उमाशंकर सॉ मिल पर छापा मारकर कार्रवाई — भारी मात्रा में लकड़ी मिलने के बाद सॉ मिल सील, काष्ठ चिरान अधिनियम की कई धाराओं का उल्लंघन उजागर

रायगढ़, 14 मार्च 2026/ जिले में अवैध रूप से संचालित आरा मशीनों के विरुद्ध वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आज अवैध सॉ मिल संचालन की सूचना प्राप्त होने पर वनमंडलाधिकारी रायगढ़ के निर्देश पर उपवनमंडलाधिकारी रायगढ़ के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम का गठन कर ग्राम कुसमुरा स्थित उमाशंकर सॉ मिल पर छापामार कार्रवाई की गई। छापे के दौरान सॉ मिल संचालित अवस्था में पाई गई तथा परिसर में बड़ी मात्रा में काष्ठ (लकड़ी) भी पाया गया। टीम द्वारा सॉ मिल संचालक से सॉ मिल का लाइसेंस, वनोपज से संबंधित दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, निवर्तन रजिस्टर एवं आवक रजिस्टर प्रस्तुत करने को कहा गया, किंतु संचालक द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
            जांच के दौरान सॉ मिल संचालक द्वारा काष्ठ चिरान अधिनियम 1984 की धारा 4, 7, 9 एवं 10 का उल्लंघन पाया गया। इस पर वन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सॉ मिल को सील कर दिया और आगे की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि अवैध सॉ मिल संचालन एवं वनोपज से संबंधित नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में तनमय कौशिक (प्रशिक्षु भा.व.स.), परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा, उड़नदस्ता प्रभारी रोशन सिदार, राजेश तिवारी, संदीप नामदेव, स्वर्णलता लकड़ा (उपवनक्षेत्राधिकारी), वनपाल रजनी टोप्पो, टीकाराम सिदार एवं शुकलाल खड़िया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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ऑपरेशन तलाश” में तमनार पुलिस की बड़ी सफलता: टांगी से जानलेवा हमला कर फरार चल रहा आरोपी बाबूलाल राठिया गिरफ्तार, पुलिस ने हथियार सहित दबोचा

 14 मार्च, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन तलाश” के तहत फरार आरोपियों एवं वारंटियों की लगातार गिरफ्तारी की जा रही है। इसी क्रम में थाना तमनार पुलिस को मारपीट के मामले में फरार आरोपी *बाबूलाल राठिया उर्फ परसनाथ पिता धनेश्वर राठिया उम्र 50 वर्ष निवासी आमगांव थाना तमनार* को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। आरोपी द्वारा गांव के ही गोवर्धन सेठ पर टांगी से हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई गई थी, जिसके बाद वह फरार चल रहा था। तमनार पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

       प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी गोवर्धन सेठ निवासी आमगांव द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2026 को थाना तमनार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 23 फरवरी 2026 की शाम वह अपने बाड़ी से काम कर घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव में भीम सिंह चौहान के घर के पास बाबूलाल राठिया भीम सिंह को गाली-गलौज कर रहा था। प्रार्थी द्वारा उसे समझाकर घर जाने को कहा गया तो बाबूलाल राठिया प्रार्थी को भी गंदी-गंदी गालियां देने लगा और अपने घर से टांगी लाकर “जान से मार दूंगा” कहते हुए प्रार्थी की पीठ और पसली में दो बार हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।

            प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 41/2026 धारा 296, 351(3), 115(2), 118(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर घायल का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में चोट की प्रकृति गंभीर पाए जाने पर प्रकरण में धारा 118(1) बीएनएस जोड़ी गई। घटना के बाद आरोपी बाबूलाल राठिया फरार हो गया था।

        एसएसपी रायगढ़ के निर्देशन पर चलाए जा रहे ऑपरेशन तलाश के तहत थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव आहेर द्वारा फरार आरोपियों और वारंटियों को चिन्हित कर लगातार दबिश दी जा रही है। इसी दौरान आज मुखबिर सूचना पर आरोपी बाबूलाल राठिया उर्फ परसनाथ को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने घटना करना स्वीकार किया तथा उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त लोहे की टांगी भी जब्त की गई। पुलिस द्वारा आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी की पताशाजी गिरफ्तारी की कार्यवाही में प्रधान आरक्षक  देव प्रसाद राठिया और आरक्षक डोल सिदार शामिल रहे ।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश* — फरार आरोपियों और वारंटियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई, गंभीर अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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सड़क किनारे बेसहारा भटक रही मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को मिला सहारा, लैलूंगा पुलिस की मानवीय पहल से उपचार के लिए भेजा गया सेन्द्री मनोरोग अस्पताल

    14 मार्च, रायगढ़  । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर लैलूंगा पुलिस द्वारा एक सराहनीय मानवीय पहल करते हुए मानसिक रूप से अस्वस्थ अज्ञात महिला को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव को स्थानीय ग्रामीणों से सूचना प्राप्त हुई कि एक अज्ञात महिला लारीपानी बस स्टैंड के आसपास घूम रही है, जो मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रही है।

        सूचना पर थाना प्रभारी द्वारा संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला के संबंध में जानकारी एकत्र की गई, किंतु महिला अपना नाम और पता स्पष्ट रूप से बताने की स्थिति में नहीं थी तथा उसके परिजनों का भी पता नहीं चल सका। महिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके समुचित उपचार के लिए थाना प्रभारी द्वारा पहल की गई। विधिवत प्रक्रिया के तहत अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति प्राप्त कर महिला को उपचार के लिए राज्य मनोरोग अस्पताल, सेन्द्री (बिलासपुर) भेजा गया।

     महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए दो महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई, जिन्होंने महिला के दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर उसे सेन्द्री अस्पताल में सुरक्षित भर्ती कराया। रायगढ़ पुलिस की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।

        *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश* — जिला पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ सामाजिक दायित्तवों का निवर्हन किया जा रहा है, जिनमें जरूरतमंद और असहाय लोगों की सहायता करना भी है। रायगढ़ पुलिस ऐसे मानवीय कार्यों के लिए सदैव तत्पर है।

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