बीआरसी सभाकक्ष में चली लंबी समीक्षा—दुलदुला के प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों से हर बिंदु पर जवाब-तलब, पेंडिंग कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश
जशपुर/दुलदुला। विकास खण्ड दुलदुला में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को सख्ती साफ नजर आई, जब बीआरसी कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री हेमन्त कुमार नायक ने प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों की जमकर क्लास ली। बैठक में शिक्षा विभाग के विभिन्न लंबित और प्राथमिकता वाले कार्यों की बारीकी से समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि शासन की सभी योजनाओं और कार्यों को तय समयसीमा में हर हाल में पूरा किया जाए, अन्यथा लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक के दौरान IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर सभी कर्मचारियों और शिक्षकों द्वारा अनिवार्य तीन कोर्स पूर्ण करने की स्थिति की जानकारी ली गई। कई जगहों पर प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई और तत्काल कोर्स पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसी तरह प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी की स्वगणना की स्थिति की भी समीक्षा की गई, जिसमें देरी पाए जाने पर संबंधितों को फटकार लगाई गई।
विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ने रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर के निर्माण, जाति प्रमाण पत्र, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
बैठक में संस्थाओं के वित्तीय और भौतिक प्रबंधन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। सभी प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों को अपने-अपने संस्थानों में विभिन्न निधियों, शाखाओं और स्टॉक पंजियों का भौतिक सत्यापन कराने हेतु समिति गठित करने तथा चालू शैक्षणिक सत्र का सत्यापन कार्य अविलंब पूर्ण करने को कहा गया। उन्होंने चेतावनी दी कि वित्तीय अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश और फीस संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। संबंधित प्राचार्यों और नोडल अधिकारियों को नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने और फीस संबंधी मामलों में शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
बैठक में सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ. नरेश चौहान एवं विकास खण्ड स्रोत समन्वयक श्री दीपेंद्र कुमार सिन्हा सहित सभी प्राचार्य और संकुल शैक्षिक समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक के अंत में यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर और अधिक सख्ती बरती जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।