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कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विभाग की कार्यवाही जारी

रायगढ़,24 नवंबर 2024  कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के सख्त निर्देश पर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए  खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों के बाद बढ़ी मिलावट की आशंका और उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सरिता पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों, दुकानों, होटल–रेस्टोरेंट तथा नाश्ता केंद्रों में व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान रायगढ़ जिले के कुल 10 प्रतिष्ठानों की जांच कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 25 नमूने संकलित किए गए।
खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा क्रमवार उन प्रतिष्ठानों में की गई कार्यवाही के दौरान अवधारण, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता और पैक्ड खाद्य पदार्थों के मानकों का अवलोकन किया गया। जांच के दौरान कई दुकानों और रेस्टोरेंट में ऐसे उत्पाद पाए गए, जिनकी गुणवत्ता संदेहास्पद लगी है, जिन्हें नियमानुसार सील कर नमूना परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया।
विभाग द्वारा जिन दस प्रतिष्ठानों में कार्रवाई की गई, उनमें अजय प्राविजन स्टोर (पद्मनगर, रायगढ़), गुड्डू कैंटीन (बैठकखोल रोड, रायगढ़), अंजलि बेकरी (धरमजयरपुर रोड, रायगढ़), आरव ट्रेडर्स (कोसमनारा, पुरानी हाटरी), आमंत्रण रेस्टोरेंट (सिविल लाइन, रायगढ़), शर्मा मार्केटिंग (पुराना हाटरी, रायगढ़), आयुष ट्रेडिंग (मोदी प्लाजा, रायगढ़), शर्मा ट्रेडिंग (पुराना हाटरी, रायगढ़), साहिल ट्रेडिंग (पुराना हाटरी, रायगढ़) तथा विशाल जनरल स्टोर (मेन रोड, रायगढ़) शामिल हैं।
इन प्रतिष्ठानों से टीम ने अलग-अलग खाद्य उत्पाद जैसे लाल मिर्च पाउडर, चना सत्तु, इडली मिक्स, वेज मंचूरियन मिक्स, मसाले, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट, तेल, मिश्रित दालें, फास्ट फूड सामग्री आदि के नमूने संकलित किए। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के अभाव तथा खाद्य पदार्थों के अवैज्ञानिक भंडारण की स्थिति पर तत्काल सुधार निर्देश भी दिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सरिता पटेल ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी भी खाद्य उत्पाद में मिलावट, अमानक गुणवत्ता या नियम उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा नियम 2011 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समय सीमा की बैठक में विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक के दौरान  जिले में मिलावटी एवं घटिया किस्म के खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए और ऐसे प्रतिष्ठानों पर बगैर किसी रियायत की कार्रवाई की जाए। उन्होंने  जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता में उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।

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राजस्व अधिकारियों की बड़ी कार्रवाई : कई जगहों पर छापा मार,अवैध 300 बोरा धान जप्त,जिले में विचौलिये विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी : कलेक्टर


रायपुर, 24 नवम्बर 2025

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर धान के अवैध भंडारण और परिवहन पर सभी अंतर्राज्यीय सीमाओं पर बसे जिलों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही इस कार्य में संलिप्त पाए जाने वालों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा रही हैं।
      कलेक्टर सूरजपुर के निर्देशन में जिले में अवैध धान भंडारण और परिवहन को लेकर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में एसडीएम भैयाथान  के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम रजबहर, तहसील भैयाथान में छापेमारी की बड़ी कार्रवाई की है।। कार्रवाई के दौरान एक व्यापारी के गोदाम में 220 बोरा धान (कुल 88 क्विंटल) बिना किसी वैध दस्तावेज के भंडारित पाया गया। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर गोदाम को सील करते हुए धान को जप्त किया गया।

       इसके अलावा कार्रवाई के दौरानग्राम भांडी, तहसील ओड़गी निवासी एक किसान द्वारा उक्त व्यापारी के गोदाम से 80 बोरा धान (32 क्विंटल) क्रय कर परिवहन किया जा रहा था। इस पर तत्परता से कार्यवाही करते हुए 80 बोरा धान सहित ट्रैक्टर को जप्त कर थाना झिलमिली के सुपुर्द किया गया।
         कलेक्टर सूरजपुर ने कहा है कि जिले में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
6157/राठौर/प्रदीप/ विशाल

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केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम: रोजगार, प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा


 रायपुर, 24 नवंबर 2025

छत्तीसगढ़ शासन एवं राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित द्वारा राज्य के वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से विभिन्न वनोपज और औषधीय पौधों को खरीदकर उनका संग्रहण एवं प्रसंस्करण किया जा रहा है। इनसे तैयार होने वाले हर्बल उत्पाद ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से निर्मित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग लोगों के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।

महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बना रहा है प्रसंस्करण कार्य
जामगांव एम, पाटन स्थित केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई लगभग 111 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है। यहां स्थापित प्रसंस्करण इकाई क्रमांक-01 में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को काम दिया गया है। यहां आंवला, बेल और जामुन से विभिन्न उत्पाद पूरी शुद्धता के साथ तैयार किए जा रहे हैं, इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। मात्र एक वर्ष में इस इकाई ने 44 लाख रुपये मूल्य के उत्पाद तैयार कर विक्रय किए हैं। यहां प्रमुख उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। जिसमे आंवला जूस, कैन्डी, लच्छा, बेल मुरब्बा, बेल शरबत,जामुन पल्प, जूस, आर.टी.एस. पेय तैयार उत्पादों का विक्रय एनडब्ल्यूएफपी मार्ट और संजीवनी स्टोर के माध्यम से किया जा रहा है।

इकाई क्रमांक-02:  20 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाला विशाल केंद्रीय वेयर हाउस
      इकाई क्रमांक-02 में कुल चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त वनोपज का सुरक्षित भंडारण किया गया है। इस यूनिट में 15 हाजर 138 किं्वटल कोदो, 229 क्विंटल कुटकी, 186 क्विंटल रागी, 31 क्विंटल हर्रा कचरिया, 32 क्विंटल चिरायता/कालमेघ, 66 क्विंटल पलास फूल, 69 किं्वटल साल बीज आदि वनोपज का भंडारण किया गया है। इन सभी उत्पादों का विक्रय निविदा के माध्यम से संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा किया जा रहा है। इन दोनों इकाइयों के संचालन से अब तक 5 हजार 200 से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ है।
पी.पी.पी.मॉडल पर स्थापित हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पी पी पी) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और स्फेयर बायोटेक कंपनी के संयुक्त प्रयास से जामगांव एम में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है। इसका लोकार्पण वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। यह यूनिट 6 एकड़ क्षेत्र में बना है, जहां पर इन औषधीय पौधों से अर्क निकाला जाता है जिसमें गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मुसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, शतावरी आदि वनोपज शामिल है । निकाले गए अर्क का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियों और वेलनेस उत्पादों के निर्माण में किया जा रहा है। वन क्षेत्रों में रहने वाले संग्राहकों से खरीदे जाने वाले वनोपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा तथा इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, ग्रामीणों के लिए नए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
ग्रामीणों और संग्राहकों को स्थायी लाभ
स्फेयर बायोटेक द्वारा ग्रामीण संग्राहकों से वनोपज और औषधीय उपज का पूर्ण क्रय किया जाएगा, इससे उन्हें नियमित आय उपलब्ध होगी और उत्पाद का सही मूल्य मिलेगा। यह केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई, गोदाम और हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट न केवल वनोपज की मूल्यवृद्धि को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि ग्रामीणों, महिलाओं और संग्राहकों के लिए रोजगार व आय के नए अवसर भी सृजित कर रहे हैं।
क्रमांक-6149/राठौर/चंद्रवंशी/सोरी

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बड़ी सौगात, दो सड़कों के निर्माण के लिए 20 करोड़ 48 लाख रुपए की मिली मंजूरी, क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार.......*


जशपुरनगर 24 नवम्बर 2025 :  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में यातायात को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए विभिन्न सड़क मार्गों के निर्माण कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिलने के साथ ही निर्माण कार्य भी द्रुत गति से जारी है। इसी क्रम में दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए कुल 20 करोड़ 48 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें 5.05 किमी लंबी जशपुर मुख्य मार्ग से खुड़ियारानी–कांजिया पहाड़ी कोरवा बस्ती तक पहुंच मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई है। पुल-पुलिया सहित इस सड़क का निर्माण 6 करोड़ 91 लाख 14 हजार रुपए में किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से पहाड़ी एवं जनजातीय बस्तियों की मुख्य बाजार तथा प्रशासनिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।
   इसी प्रकार 17.60 किमी लंबी जशपुर–सन्ना मार्ग के सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति भी प्रदान की गई है, जिसके लिए 13 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस मार्ग के उन्नयन से आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी और यातायात अधिक सुरक्षित व निर्बाध होगा। 

 यातायात होगा सुगम, स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थाओं पर पहुंच होगी आसान

बेहतर अधोसंरचना अर्थव्यवस्था का मूल आधार माना जाता है। सड़क, पुल पुलिया के निर्माण से बिना कीसी बाधा के दूरस्थ क्षेत्र मुख्य मार्गों एवं शहरों से जुड़ेगें। शासकीय योजनाओं की पहुंच आसान होने के साथ ही आर्थिक गतिविधियां भी तेज हो जाएगी, गावों की उपज शहरों तक आसानी से पहुंच सकेगी। लोगों की आमदनी के इजाफा होने के साथ ही उनके जीवनस्तर ने भी सुधार होगा। नदियाँ, नाले, पहाड़ और पठार से घिरे जशपुर में सड़कों और पुलों के निर्माण दुरूह कार्य भी है। लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ इन निर्माण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। ताकि आवाजाही की दिक्कतें दूर हो और किसान, विद्यार्थी, ग्रामीणजन व्यापारी सभी को सुविधा मिले। स्वास्थ्य सुविधाएं की आसानी से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंच सके।

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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन

रायपुर, 24 नवंबर 2025/ भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”

उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की। 

मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान के साथ अहम मुलाकात, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा

रायपुर 24 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह अनुरोध भी किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत तथा इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती रितु सेन उपस्थित थीं।

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धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास,3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य से किसानों को सीधा लाभ

रायपुर, 24 नवंबर 2025/ प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है।

सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है।

किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा।

उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं।

जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।

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सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा हेतु जारी किए कड़े निर्देश

रायपुर 24 नवंबर 2025/माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुपालन में तथा छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के पत्र क्रमांक E-166671 & 153108/LAW-42/1802/2025/1724 दिनांक 13.11.2025 के आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए  आदेश जारी किया गया है। 

शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के प्रत्येक स्कूल के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। नोडल अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल परिसर या आसपास यदि आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को दें। साथ ही स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए आवश्यक अवरोधक उपाय सुनिश्चित करें। यदि किसी बच्चे के साथ आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटना होती है, तो बच्चे को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी, ताकि आवश्यक प्राथमिक इलाज समय पर उपलब्ध कराया जा सके।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप तथा पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे प्रदेश में तेजी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी तथा स्कूल प्रबंधन समितियों से अपेक्षा की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का कठोरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का समापन  मुख्य अतिथि विधायक गोमती साय हुई शामिल,24 विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और नकद राशि से किया गया पुरस्कृत

कुनकुरी 24 नवम्बर 2025 :

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत् कुनकुरी में चल रहे जिला स्तरीय ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने विभिन्न वर्गों के विजेताओं और उपविजेताओं को नकद पुरूस्कार, ट्रॉफी और सर्टिफिकेट प्रदान किया । 
 
कलेक्टर रोहित व्यास और जिला बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष सीईओ अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में 22 से 23 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के 140 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया । दर्शकों को कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। कांसाबेल के शाद अहमद ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों को मोहित किया।
 
समापन समारोह में विधायक गोमती साय ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिला हमेशा से ही न केवल खेलों में बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी आगे रहा है । माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से जिले में बेहतर सुविधाओं के लिए अधोसंरचना का निर्माण कराया जा रहा है । इसी के अंतर्गत कुनकुरी में एकीकृत खेल परिसर का निर्माण होने वाला है । हमारे जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अब जिले के अंदर ही खेलों की बेहतर सुविधाए मिल सकेगी । राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खेल अब यहां भी होंगे । उन्होंने यह भी कहा कि हम सबको मिलकर जशपुर को यशस्वी जशपुर बनाना है । जिले के युवा खेलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं ।  
 
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष एसडीएम विश्वास राव मस्के ने विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि जिले में खेलों के प्रोत्साहन के लिए इस तरह की प्रतियोगताएं आयोजित कराई जा रही है । आगामी 12-16 दिसंबर को जशपुर में स्टेट लेबल बैडमिंटन प्रतियोगिता भी आयोजित कराई जाएगी । जिले में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन कृत संकल्पित है l युवाओ को लगातार इसी प्रकार विभिन्न खेलों की गतिविधियों आयोजित कर बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा l उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को खेल से जोड़ कर उनके मोबाइल के स्क्रीन टाइम को भी कम से कम करने का प्रयास किया जाएगा l 
 
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी भरत सिंह, एसडीएम नंदजी पाण्डेय, एसडीओपी विनोद मंडावी, जिला बैडमिंटन संघ के सेक्रेटरी विनोद गुप्ता, कुनकुरी बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष विनीत जिंदल भी उपस्थित रहे।

अंडर-19 बालक एकल वर्ग में विजेता आदित्य गुप्ता, उपविजेता विनय राणा, युगल वर्ग में विजेता आलीशान सिद्धिकी-राहुल झा, उपविजेता अनश रज़ा -आदित्य पाण्डेय रहे । अंडर-19 बालिका एकल वर्ग में विजेता श्रीमोयी दास, उपविजेता रांझी बंसल रहीं। सीनियर पुरुष एकल वर्ग में विजेता अमन चौरसिया , उपविजेता शाद अहमद , युगल वर्ग में विजेता कर्तव्य - शाद अहमद , उपविजेता प्रमोद यादव- कुशाग्र गुप्ता , वेटरन एकल वर्ग में विजेता डॉ अशोक लकड़ा , उपविजेता राजकुमार सिंह भदोरिया, युगल वर्ग में राजेंद्र गुप्ता-अशोक लकड़ा, उपविजेता सुधीर सिंन्हा- विनीत जिंदल रहे।‌ महिला युगल वर्ग में विजेता श्रीमोयी दास- प्रेशिला केरकेट्टा और उपविजेता  संघमित्रा दास-देवयानी सिया रही। विजेता खिलाड़ियों को 11000 रुपए और उपविजेताओं को 5100 रुपए प्रदान किया गया।
 
आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया । मंच संचालन व्याख्याता सुधीर सिन्हा ने किया। समापन समारोह में कुनकुरी बैडमिंटन संघ के सेक्रेटरी महेश त्रिपाठी,यशस्वी जशपुर के अवनीश पाण्डेय, क्रीडा अधिकारी प्रदीप चौरसिया, सुजीत सिंह, सज्जन रवानि, दिवाकर यादव, अमन चैरसिया, कुशाग्र गुप्ता सहित  बड़ी संख्या अभिभावक व खिलाड़ी उपस्थित रहे ।

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सरकार का स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की जानकारी संकलित कर जानकारी देने का अजीबोगरीब फरमान : शिक्षक फेडरेशन

रायपुर 24 नवम्बर 2025
शासकीय स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के नाम पर राज्य सरकार ने शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया था। लेकिन सरकार ने स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की जानकारी संकलित कर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा निगम को देने का अजीबोगरीब फरमान जारी किया है ! छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने सरकार से पूछा है कि क्या स्कूलों में बच्चों को विषय ज्ञान देना अत्यावश्यक सेवा नहीं है ? क्या आवारा कुत्तों की सूचना देने का कार्य,शिक्षकों से कराने का आदेश माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिया है ? 
    फेडरेशन का कहना है कि अधिकांश स्कूलों बाउंड्रीवाल नहीं है। यदि हैं तो जीर्णोद्धार की स्थिति में है। ऐसे में शाला प्रमुख/शिक्षक आवारा कुत्तों का शाला में प्रवेश के रोकथाम हेतु प्रबंध कैसे करेंगे ?आवारा कुत्तों से क्या शिक्षकों को खतरा नहीं है ? बाउंड्रीवाल नहीं होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा देर रात स्कूलों में होता है।जिसके कारण शालेय वातावरण दूषित होता है,बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता है!शाला प्रमुख/शिक्षक को इसके रोकथाम के लिये जिला प्रशासन एवं जनमानस से सहयोग नहीं मिलता है।अनेक शाला भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। लेकिन शासन-प्रशासन को सूचना रहने के बावजूद प्रबंधन का अभाव है।लेकिन दुर्घटना होने पर शिक्षकों पर जिम्मेदारी तय किया जाता है।
      उन्होंने बताया कि अनेक शिक्षकों की ड्यूटी SIR में बतौर बी एल ओ (बूथ लेवल अफसर) में लगाया गया है। बड़े मुश्किल से दो-तीन महीने बोर्ड/अन्य परीक्षाओं के लिए बचे हैं। पदोन्नति के फलस्वरूप अनेक शाला विषय शिक्षक विहीन होने वाले हैं। भारत में पिछला जनगणना रिपोर्ट 2011 में तैयार किया गया था। अगली जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन COVID-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। जोकि निकट भविष्य में संभावित है।फेडरेशन के कहना है कि विषय शिक्षक स्कूलों में अपना कार्य नहीं कर पा रहें हैं।लेकिन विभाग कमजोर परीक्षाफल के लिये संस्था प्रमुख/शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही करता है। 
आखिर दोषी कौन है ?

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की लागत वाली आवासीय परियोजनाओं का किया शुभारंभ

रायपुर, 24 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउण्ड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह 55 परियोजना राज्य के 26 जिलों में शुरू होंगी, जिनके माध्यम से 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के एआई चैट बॉट और पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी सहजता से मिल सकेगी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री अनुज शर्मा, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल श्री अनुराग सिंहदेव, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जतीन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम बहुत बेहतर है। राज्य के लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण मकान उपलब्ध कराने के लिए नवाचार के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाउसिंग बोर्ड के 790 करोड़ रूपए के कर्ज को अदा कर बोर्ड को कर्ज मुक्त कर दिया है ताकि बोर्ड बेहतर रणनीति के साथ काम करें। उन्होंने जरूरतमंदों एवं आवासहीनों को पक्का मकान दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के तहत 26 लाख लोगों को आवासों की मंजूरी दी गई। सबका आवास बन रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार तथा बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास की मंजूरी दी गई है। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय आवास मेले में आवास बुकिंग का प्रमाण पत्र, हाउसिंग बोर्ड के उपभोक्ताओं को आवास की चाबी तथा फ्री होल्ड मकान का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की और कहा कि बोर्ड की वर्तमान टीम, हाउसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास मेले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से मेला शुरू हुआ है रोड पर जाम लग गया है और टैªफिक व्यवस्था संभल नहीं रही है। उन्होंने राज्य में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसके लिए उन्होंने बजट में 14 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की सभी परियोजनाओं को जिलों में अच्छा प्रतिसाद मिलेगा। 

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड के काम-काज को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड 790 करोड़ रूपए के कर्ज से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर हाउसिंग बोर्ड ने 672 करोड़ का बिजनेस किया है। लैंड डायवर्सन एवं फ्री होल्ड की रियायत सरकार ने देकर हाउसिंग बोर्ड और उपभोक्ताओं को राहत दी है। श्री चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड उपभोक्ताओं की डिमांड के आधार पर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण का काम शुरू करेगा। 

कार्यक्रम को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड राज्य के सभी जिलों में मकान का निर्माण करेगा। हम अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेंगे। 

गौरतलब है कि बीटीआई ग्राउंड में यह राज्य स्तरीय आवास मेला 25 नवम्बर तक चलेगा। मेले के पहले दिन सुबह से ही मेला ग्राउंड में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और आवास बुक कराने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा था। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट से खम्हारडीह जाने वाली रोड पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी।

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गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मुख्यमंत्री हुए शामिल,गोंड समाज को 05 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा,

रायपुर, 23 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं।

इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

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सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक पदयात्रा में शामिल होंगे युवा,68 युवाओं के दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

रायपुर 23 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होने के लिए गुजरात जाने वाले राज्य के 68 युवाओं के दल को आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये युवा सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों और ब्रिटिश शासन के अधीन क्षेत्रों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अथक परिश्रम ने भारत को एक सूत्र में पिरोया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत दिनों वे गुजरात के केवड़िया में आयोजित भारत पर्व में सम्मिलित हुए थे, जहाँ उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—के दर्शन किए और भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत झलक देखी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, विविधता और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले यूनिटी मार्च में छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ देशभर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य किया जो भारत की एकता और अखंडता का आधार बना। उन्होंने चयनित युवाओं को राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने युवाओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पदयात्रा में शामिल होने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री नवीन मार्कण्डेय, श्री जी. वेंकट राव, श्री श्याम नारंग, श्री राहुल टिकरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री से भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ रिंकू सिंह ने की सौजन्य मुलाकात,खेल सुविधाओं के विस्तार पर हुई सार्थक चर्चा

रायपुर 23 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज़ एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्री रिंकू सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने रिंकू सिंह का स्वागत शाल और नंदी के प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया। इस अवसर पर विधायक श्री सुशांत शुक्ला भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रिंकू सिंह को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट टीम में दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और राज्य में खेलों को नई दिशा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रिंकू सिंह को बस्तर ओलंपिक की अवधारणा और उसके माध्यम से उभर रही स्थानीय प्रतिभाओं के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में अपार संभावनाएँ हैं और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं 

रायपुर, 21 नवंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।

मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

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प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 21 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर 21 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश में चार श्रम संहिताओं के ऐतिहासिक क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम सुधारों का यह महत्वपूर्ण निर्णय देश के 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की एक अभूतपूर्व गारंटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन भारत के श्रम क्षेत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर है। चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से न्यूनतम वेतन का अधिकार, महिलाओं को समान वेतन का प्रावधान, फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, प्रत्येक श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा और ओवरटाइम पर डबल वेतन जैसी व्यवस्थाएँ पूरे देश में सुनिश्चित होंगी। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों से न केवल श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण अधिक पारदर्शी, संतुलित और श्रमिक-हितैषी होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया है, श्रम संहिताओं का लागू होना उस दिशा में एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। उन्होंने कहा कि भारत की कार्यशील जनसंख्या राष्ट्र की उत्पादन शक्ति और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला है, और उनके अधिकारों का संरक्षण किसी भी सशक्त राष्ट्र की प्राथमिकता है। यह संहिताएँ देश की श्रम शक्ति को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले इस निर्णय के लिए वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार नई अर्थव्यवस्था, बेहतर औद्योगिक संबंधों और मजबूत श्रम बाजार का आधार साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देशभर में रोजगार, उत्पादन, निवेश और औद्योगिक विकास की गति और अधिक मजबूत होगी, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।

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रायगढ़ : प्रभारी सचिव ने ली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक,शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं सहित जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ रायगढ़ जिले के प्रभारी सचिव एवं वाणिज्य, उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग, रेल परियोजनाएं एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार आज शुक्रवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेकर दस विभागों की गहन समीक्षा एवं योजनाओं, कार्यक्रमों में प्रगति लाने ने निर्देश दिए। प्रभारी सचिव श्री रजत कुमार आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर थे।  
            प्रभारी सचिव श्री रजत कुमार ने समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का संबंधित अधिकारी अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए। आगामी समीक्षा बैठक तक प्रगति होनी चाहिए। प्रभारी सचिव ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से मिले और कोई भी वंचित न रहे।
            प्रभारी सचिव ने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित है, इसलिए विभागीय समन्वय एवं समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। बैठक में उन्होंने कृषि विभाग अंतर्गत धान के बदले अन्य फसलों को प्रोत्साहन, प्रधानमंत्री कृषक उन्नति योजना, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत तिलहन क्षेत्र विस्तार, प्रधानमंत्री आशा योजना, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति सहित प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपार आईडी, छात्रों के आधार कार्ड निर्माण, शिक्षकों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम सुधार पर बल दिया। खाद्य विभाग के अंतर्गत उज्ज्वला 3.0 योजना में गैस कनेक्शन वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए मिले लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल उपलब्धता की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जल जीवन मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
            कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत सेवाओं की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि दूरस्थ ग्रामों एवं अशक्त नागरिकों को घर पहुँच सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। स्कूली बच्चों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले में उत्कृष्ट कार्य हुआ है तथा लक्ष्य पूर्ति के लिए कार्य तीव्र गति से जारी है। प्रभारी सचिव ने लंबित प्रकरणों और प्रथम किस्त भुगतान को शीघ्र पूरा करने निर्देश दिए। इसके साथ ही जिले में चल रहे अधोसंरचना विकास के कार्य की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को अगले चार महीने में कार्य प्रगति लाने के निर्देश दिए। शासन की महत्वाकांक्षी धान खरीदी पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।
           बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं सहित रेडी-टू-ईट उत्पादन, महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी, पोषण सुधार, स्वास्थ्य विभाग में एएनसी पंजीयन, दवा उपलब्धता, आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड, सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं दूरस्थ अंचलों में टेलीमेडिसिन सेवा की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दूरस्थ स्वास्थ्य केन्द्रों में दवा उपलब्ध कराने में विलंब पर नाराजगी व्यक्त की और तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, डीएफओ धरमजयगढ़ श्री जितेन्द्र उपाध्याय, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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