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जशपुर : स्कूल संचालन समय में किया गया परिवर्तन,अत्यधिक ठंड को देखते हुए कलेक्टर ने जारी किया आदेश,

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025/ जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जशपुर जिले की शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य सभी विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन किया है। यह संशोधित समय-सारणी 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।

दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए नया समय निर्धारण

जारी आदेश के अनुसार प्रथम पाली की शालाएं सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 8:30 बजे से 12:00 बजे तक एवं शनिवार को प्रातः 8:30 बजे से 12:00 बजे तक संचालित होंगी। द्वितीय पाली की शालाएं सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12:15 बजे से 4:15 बजे तक तथा शनिवार को दोपहर 12:15 बजे से 4:15 बजे तक संचालित होंगी।

एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए समय में बदलाव

एक पाली में संचालित होने वाली शालाएं सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक संचालित होंगी। शनिवार को इनका संचालन समय प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तत्परता से मिली राहत,विद्युत दुर्घटना में मृत बालक के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025 / बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तत्परता से विद्युत दुर्घटना में मृत बालक के परिजनों को आर्थिक राहत मिली है। पुराने प्रकरण का तत्परता से निराकरण किया गया है। कैंप कार्यालय के अधिकरियों के समन्वय से प्रकरण के तहत 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इससे परिजनों को आर्थिक राहत मिली है। इस पर परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, अम्बिकापुर द्वारा थाना कांसाबेल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोंगरो में घटित विद्युत दुर्घटना में मृत्यु के प्रकरण में अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 23 नवंबर 2021 को करेंट लगने से बालक शिवा चौहान गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिनका उपचार के दौरान 30 नवंबर 2021 को निधन हो गया।दुर्घटना में मृत बालक शिवा चौहान  के वैधानिक उत्तराधिकारी उनकी माता श्रीमती पार्वती चौहान को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई है। कंपनी ने अपनी सामाजिक एवं मानवीय संवेदनशीलता का निर्वहन करते हुए इस आर्थिक सहायता राशि को स्वीकृत किया है, जिससे मृतक के परिजनों को राहत मिल सके। मुख्य अभियंता (अं.क्षे.) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, अम्बिकापुर श्री यशवंत शिलेदार द्वारा स्वीकृत आदेश जारी करते हुए कार्यपालन यंत्री (संचा/संघा) संभाग, पत्थलगांव को स्वीकृत अनुग्रह राशि के आहरण एवं भुगतान हेतु अधिकृत किया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर केवसराईटोली को मिला नया ट्रांसफार्मर,ग्रामीणों को लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी निजात

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025/ जशपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की गंभीर समस्या से जूझ रहे निवासियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल के बाद बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग ने जिले में युद्धस्तर पर काम करते हुए बिजली की समस्या वाले जगहों में नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए हैं। इसी क्रम में फरसाबहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत दलटोली के आश्रित गाँव सराईटोली में भी बहुप्रतीक्षित नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है, जिससे अब गाँव में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही ग्रामीणों को लो वोल्टेज की समस्या से भी निजात मिलेगी। नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत विभाग ने एजेंसी को राशि जारी कर दी है। साथ ही ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य को तेज गति से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था को सुधारने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे करने और जहाँ भी आवश्यकता हो, तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए। इसी तारतम्य में तेजी से विद्युतीकरण का काम हो रहा है।

     उल्लेखनीय है कि सराईटोली में लंबे समय से बिजली की समस्या थी, जहाँ लो वोल्टेज के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। गांव के सरपंच श्री आशा राम सिदार ने इस समस्या को लेकर बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। सरपंच की मांग को तत्परता से लेते हुए कैंप कार्यालय के अधिकारियों ने गांव में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए  उच्च कार्यालय में समन्वय किया। इसके फलस्वरूप शासन से नए ट्रांसफार्मर की स्वीकृति हुई। साथ ही गांव में ट्रांसफार्मर लगाने का भी कार्य आदेश जारी हो चुका है। विद्युत विभाग के एक्जीक्यूटिव अभियंता  ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में यह कार्य तेजी से किया जा रहा है। सराईटोली में नया ट्रांसफार्मर लगने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। आम जनता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके प्रयासों से गाँव का अँधेरा छटा और जीवन स्तर में सुधार आया है।

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रायगढ़ : प्रशासन द्वारा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने जागरूकता अभियान,दीवारों में नारा लेखन के साथ विभिन्न गतिविधियों का किया जा रहा आयोजन 

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/ जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर.कच्छप ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले को 31 मार्च 2029 से पूर्व पूर्णतः बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों एवं बाल विवाह मुक्त छ.ग. अभियान के लक्ष्यों को विस्तार से बताया गया है। साथ ही बाल विवाह रोकने और इसे समाप्त करने के लिए शपथ दिलाई गई। कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण ईकाई के कर्मचारी एवं चाइल्ड हेल्प लाइन के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।
               जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए आंगनबाडी कार्यकर्ता, मिशन शक्ति, चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 के टीम द्वारा जन समुदाय के मध्य, स्कूलों, विभागीय बैठकों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जागस्कता लाने के उद्देश्य से नारा लेखन कराया जा रहा है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अधिसूचित किया गया है। बाल विवाह संबंधी सूचना इन्हें दी जा सकती है। इनके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 पर भी बाल विवाह होने की सूचना दी जा सकती है। सूचना प्रदाता की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
         जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु ग्राम पंचायतों द्वारा आयोजित ग्राम सभाओं में बाल विवाह निषेध प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए जा रहे हैं तथा ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त करने का संकल्प लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे कम आयु में विवाह कराने या सहयोग करने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एक लाख का जुर्माना एवं दो वर्ष तक की कठोर कारावास या दोनो से दण्डित किया जा सकता है। यदि किसी नाबालिग की जबरन शादी कराई जाती है, तो इसमें शामिल पुरोहित और परिजन दोनों अपराध की श्रेणी में आएंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

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रायगढ़ : तुहर टोकन’ ऐप से किसानों को घर बैठे मिल रही सुविधा,पारदर्शी धान खरीदी नीति से किसानों में उत्साह

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान सुगम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। शासन द्वारा लागू की गई डिजिटल प्रणाली और उपार्जन केंद्रों में सुदृढ़ व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और अधिक मजबूत किया है। इसी क्रम में ग्राम बनोरा के किसान रमेश साव ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए घर बैठे ही ‘किसान-तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से टोकन मिलने से उन्हें न तो उपार्जन केंद्र के चक्कर लगाने पड़े और न ही कतार में लगने का समय गंवाना पड़ा, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई।
            किसान रमेश साव निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र लोईंग पहुंचकर अपने धान का विक्रय किया और वहां की व्यवस्थाओं से विशेष रूप से प्रभावित हुए। केंद्र में सटीक तौल हेतु इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पर्याप्त बारदाना, सुव्यवस्थित भंडारण व्यवस्था, किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रमेश साव ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने 5 एकड़ में धान की खेती की है। वे इस वर्ष लगभग 85 क्विंटल धान का विक्रय करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और किसान-केंद्रित धान खरीदी नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को 3100 रूपये प्रति क्विंटल प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कृषि के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि सेवा सहकारी समिति लोईंग में इस वर्ष 1229 किसान पंजीकृत हैं और प्रतिदिन धान विक्रय करने किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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रायगढ़ : खरसिया में 128 कट्टा अवैध धान जब्त-प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी एवं पारदर्शी धान खरीदी नीति के अनुरूप जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से संचालित है। शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर भी जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी है। इसी क्रम में बुधवार को खरसिया अनुविभाग अंतर्गत 128 कट्टा अवैध धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई एसडीएम खरसिया श्री प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में राजस्व एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
          एसडीएम श्री तिवारी ने बताया कि संयुक्त दल द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान ग्राम काफरमार में वरुण तिवारी के पास 58 कट्टा और ग्राम केवाली में गुहा दास महंत के पास 70 कट्टा अवैध धान भंडारित पाया गया। दोनों स्थानों से कुल 128 कट्टा धान जब्त कर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन के निर्देशों का पालन करते हुए अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। अनुविभागीय स्तर पर गठित टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान मण्डी सचिव श्री प्रशांत कुलमित्र, खाद्य निरीक्षक श्री बनमाली यादव और मण्डी उप निरीक्षक मौजूद रहे।

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एसआईआर फॉर्म भरते समय साइबर ठगी से रहें सतर्क : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की नागरिकों को ओटीपी धोखाधड़ी से बचने की अपील

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/ कार्यालय मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत गणना फॉर्म भरने वाले मतदाताओं और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना जारी की है। इस सूचना का उद्देश्य लोगों को उनके मोबाइल नंबर के संभावित दुरुपयोग और ओटीपी आधारित धोखाधड़ी से बचाना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन नागरिकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं।
             मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जोर देकर कहा है कि बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से एसआईआर फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगता है। यदि आपको कोई व्यक्ति फोन करे और कहे कि “आपके एसआईआर से जुड़े मोबाइल पर जो ओटीपी आया है, वह हमें दे दीजिए,” तो उन्हें तुरंत मना कर दें। बूथ लेवल ऑफिसर से सीधे संपर्क करें। अगर कोई व्यक्ति ओटीपी मांगने के लिए दबाव डाले, धमकी दे या जोर डाले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन में प्राप्त ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

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जिला स्तरीय ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता 22 और 23 नवंबर को कुनकुरी में,एसडीएम नंदजी पांडेय की अध्यक्षता में आयोजन समिति की हुई बैठक 

जशपुर 20 नवम्बर 2025 : 

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत कलेक्टर रोहित व्यास और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता आगामी 22 और 23 नवंबर को आयोजित हो रही है। आयोजन समिति के अध्यक्ष जशपुर  एसडीएम विश्वास राव मस्के के निर्देश पर सेजेस कुनकुरी के सभाकक्ष में आयोजन समिति की बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता कुनकुरी के एसडीएम नंदजी पांडेय के द्वारा की गई। बैठक में समिति के सचिव ,खेल अधिकारी समीर बड़ा और सदस्य प्राचार्य विनोद गुप्ता उपस्थित रहे।

बैठक में भोजन, आवास , पेयजल, सुरक्षा, चिकित्सा, साफ सफाई व्यवस्था, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क सहित समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। 

खेल अधिकारी समीर बड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले प्रतिभागी खिलाड़ियों के लिए दोनों प्रकार के नि:शुल्क एवं रियायती दर पर आवास की व्यवस्था भी की गई है। खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता स्थल पर रियायती दर पर नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता में अंडर-19 जूनियर वर्ग बालक और बालिका, सीनियर वर्ग पुरुष , वेटरन 45+ आयु वर्ग पुरुष के लिए सिंगल्स और डबल्स के मुकाबले होने हैं। पंजीयन कम होने के कारण सीनियर ओपन महिला और वेटरन महिला वर्ग के मुकाबले निरस्त किए गए हैं। जिला बैडमिंटन संघ के सेक्रेटरी विनोद गुप्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार खिलाड़ियों को यूनिफॉर्म के साथ नॉन-मार्किंग शूज़ पहनना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता में योनेक्स 350 शटल का उपयोग किया जाएगा। पंजीकृत खिलाड़ियों को प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पूर्व आधार कार्ड की एक फोटोकॉपी जमा करानी होगी तथा मैच प्रारंभ होने से 15 मिनट पूर्व अपनी उपस्थिति की सूचना आयोजन समिति को देनी होगी।
प्रतियोगिता हेतु अंडर 19 बालक वर्ग एकल में 25 डबल में 9, बालिका वर्ग सिंगल में 09, सीनियर ओपन पुरुष एकल में 27 डबल में 43, सीनियर ओपन महिला एकल में 3 डबल में 4, वेटरन‌ पुरुष एकल में 08, डबल में 11 सीनियर ओपन पुरुष एकल में 27 डबल में 43, खिलाड़ियों ने पंजीयन किया है। 

प्रतियोगिता के तीनों वर्गों के विजेताओं को नकद‌ राशि और  ट्रॉफी प्रदान की जाएगी तथा सीनियर वर्ग के विजेता को राज्य स्तरीय सीनियर ओपन प्रतियोगिता के मेन ड्रॉ में सीधे प्रवेश का अवसर मिलेगा।  तीनो वर्गों के उपविजेता को भी नकद राशि व ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।

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जनजातीय गौरव दिवस समारोह वर्ष 2025 : राष्ट्रपति ने जनजातीय संस्कृति व शिल्प को दर्शाते स्टॉलों का किया अवलोकन,कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा किया भेंट,

20 नवम्बर 2025/ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले में 20 नवम्बर को पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार श्री दुर्गा दास उईके, राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मंत्रालय भारत सरकार श्री तोखन साहू, आदिम जाति विकास विभाग कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्रभारी मंत्री जिला सरगुजा एवं वित्त वाणिज्यिक कर विभाग मंत्री श्री ओमप्रकाश चौधरी, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन परिवहन सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण चिकित्सा शिक्षा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणी महाराज, उत्तर रायपुर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, महापौर अम्बिकापुर श्रीमती मंजुषा भगत भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल में जनजातीय संस्कृति, लोक कला एवं शिल्प, आभूषण एवं वस्त्र, पूजा-पाठ, संस्कार, व्यंजन, वाद्ययंत्रों, जड़ी-बूटियों आदि को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्शनियां लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। 

*पारम्परिक अखरा स्थल एवं जनजातियों के धार्मिक आस्था के केंद्र देवगुड़ी में देवताओं की आराधना की*

कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से बनाए गए जनजातियों के पारंपरिक अखरा स्थल एवं जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र देवगुड़ी के मॉडल का अवलोकन कर यहां देवताओं की आराधना की।
अखरा छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा अंचल में निवासरत जनजातियों का सांस्कृतिक स्थल है, जो गाँवों के मध्य या चौराहे में स्थित होते हैं, जहाँ छायादार पेड़ों के झुण्ड भी होते हैं। ग्रामीणजन विभिन्न लोक पर्वों जैसे करमा, महादेव बायर, तीजा आठे, जीवतिया, सोहराई, दसई, फगवा के अवसरों में महिला एवं पुरूष सामुहिक रूप से इकट्ठा होकर लोकगीत गाकर पारम्परिक वाद्ययंत्रों की थाप में लोकनृत्य करके उत्साह मनाते हैं। प्रदर्शनी में जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया। जनजाति निवासरत ग्रामों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केन्द्र  देवगुड़ी को राज्य में क्षेत्रवार विभिन्न नामों जैसे देवाला देववल्ला, मन्दर, शीतला, सरना आदि नामों से भी जानते हैं। देवगुड़ी में ग्रामीण देवी-देवता जैसे बुढ़ादेव, बुढ़ीदाई, शीतला, सरनादेव, डीहवारीन, महादेव आदि विराजमान होते हैं। जनजातीय विभिन्न लोकपर्वों के अवसरों में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर ग्रामीण बैगा की अगुवाई में पूजा-पाठ कर ग्राम की सुख, शांति, समृद्धि हेतु कामना करते हैं। 

*मिट्टी, लकड़ी से बने आवास मॉडल का किया अवलोकन*

कार्यक्रम स्थल में छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों के पारंपरिक आवास का मॉडल बनाया गया था। राष्ट्रपति ने आवास मॉडल का भी अवलोकन किया। जनजातियों का आवास मिट्टी, लकड़ी से निर्मित होते हैं, जिसमें एक या दो कमरे व मुख्य कमरे के सामने की ओर परछी (बराम्दा) बने होते हैं। घर के छप्पर में ढालनुमा खपरैल लगे होते हैं। एक कमरे को रसोई कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं, जिसमें रसोई उपकरण व घरेलू सामान रखते हैं, दूसरे कक्ष को शयन कक्ष के रूप में उपयोग करते हैं। परछी (बराम्दा) में अन्य घरेलू सामान जैसे ढ़ेकी, मूसल, सील-बट्टा, जांता आदि उपकरण होते हैं। 

*जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वों एवं आयोजनों में पहने जाने वाले आभूषणों की लगी प्रदर्शनी, कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा किया भेंट*

इस दौरान राज्य के पारंपरिक आभूषणों की प्रदर्शनी लगाई गई। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आभूषणों के संबंध में जानकारी ली। श्री कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को पैरी और गमछा भेंट किया, जिसे राष्ट्रपति ने आत्मीयता के साथ स्वीकार किया। श्री कलिंदर राम ने राष्ट्रपति को बताया कि पारम्परिक आभूषण गिलट, तांबे, चांदी, सोना आदि धातु से निर्मित  हैं, जिसे विभिन्न लोकपर्वों के अवसर में धारण करते हैं। इस दौरान गले में पहने जाने वाले हसुली, बांह में बहुटा, कलाई में ऐंठी, गले में रूपया वाला चंदवा, कमर में कमरबंध, पैर में पैरी एवं पैर की अंगुलियों में बिछिया, कान में ठोठा तथा नाक में पहने जाने वाले छुछिया (फूली) का प्रदर्शन किया गया।

*वाद्ययंत्रों की लगी प्रदर्शनी*

प्रदर्शनी में जनजातियों द्वारा लोकपर्वों में मनोरंजन के लिए बजाए जाने वाले वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति ने इन वाद्ययंत्रों को देखा। राज्य में निवासरत जनजातियां उत्साह के लिए तत, अवनद्ध, घन और सुषिर वाद्ययंत्रों का वादन करते हैं, जिनकी मधुर ध्वनियाँ उत्सव के अवसर में देखते ही बनते हैं। कई ऐसे वाद्ययंत्र है, जिनकी आवाजें मीलों दूर तक गुंजती है और लोगों को स्वतः नृत्य करने हेतु प्रेरित करती है। सरगुजा व बस्तर अंचल में तो कई महिनों तक निरंतर वाद्ययंत्र की आवाजें सुनाई पड़ती है। इन वाद्ययंत्रों के कारण ही जनजातियों के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आज भी जीवंत है। सरगुजा अंचल के जनजातियों द्वारा विभिन्न लोकपर्वां में वादन किया जाने वाले वाद्ययंत्र मांदर, ढोल, झांझ, मजीरा, तम्बूरा, सरंगी, खंजरी, बांसुरी, चौरासी, एवं पैजन आदि का प्रदर्शन किया गया है। 

*जनजातीय समुदायों द्वारा इलाज में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां की गई प्रदर्शित*

कार्यक्रम स्थल में आयोजित प्रदर्शनी में राज्य में निवासरत जनजातियों द्वारा शारीरिक विकार के उपचार हेतु प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियां प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में अष्वगंधा, कुलंजन, मुलेठी, सफेद मूसली, गिलोय, लाल झीमटी, अर्जून छाल, पिसीया, भुईचम्पा, गोखरू, कुटज की छाल, गुडमान की पत्ति, विरैता, रोहिने की छाल, बालमखिरा, हर्रा एवं बेहड़ा बड़ी ईमली की बीज, हड़सिंगार, अकरकरा, चिरईगोड़ी, शिलाजीत एवं बलराज आदि रखे गए हैं। वनांचल, पहाड़ी, घाटी, तराई में निवास करती हैं। इनके निवास क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के औषधियाँ पेड़-पौधे कन्दमूल बेल, आदि पाए जाते हैं। जनजाति समाज के लोग शारीरिक विकार होने पर इन्हीं जंगली-जडी बूटियों से अपना उपचार कराते हैं। जनजाति समाज के वैद्य, बैगा, गुनिया, हथजोड़ वंशानुगत रूप से लोगों का उपचार करते हैं। 

*पारम्परिक व्यंजन एवं कंदमूल*
तीज-त्यौहारों, अन्य अवसरों में जनजातीय समुदायों द्वारा बनाए जाने वाले व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। यहां विभिन्न प्रकार के रोटी, चटनी, कोहरी (बरी), लड्डू आदि रखे गए हैं। जनजातीय महिलाएं प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं से व्यंजन तैयार करते हैं तथा जंगलों से विभिन्न प्रकार के कंदमूल, फल-फूल आदि एकत्र कर खाद्य के रूप में उपयोग करते हैं। इस दौरान कांदा-पीठारू कांदा, डांग कांदा, नकवा (चूरका) कांदा, सखईन कांदा आदि प्रदर्शित किए गए हैं।

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जनजातीय समुदायों का योगदान भारत के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय है, जो लोकतंत्र की जननी : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

रायपुर 20 नवंबर 2025/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, सरगुजा में आयोजित 'जनजातीय गौरव दिवस' समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों का योगदान भारत के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय है, जो लोकतंत्र की जननी है। इसके उदाहरण प्राचीन गणराज्यों के साथ-साथ कई जनजातीय परंपराओं में भी देखे जा सकते हैं, जैसे कि बस्तर में 'मुरिया दरबार' – जो आदिम लोगों की संसद है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय विरासत की जड़ें छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में गहरी हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 नवंबर से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़े को बड़े स्तर पर मनाया।

राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर योजनाएँ विकसित और कार्यान्वित की गई हैं। पिछले वर्ष, गांधी जयंती के अवसर पर ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया गया था। इस अभियान का लाभ देश भर के 5 करोड़ से अधिक जनजातीय भाई-बहनों तक पहुँचेगा। वर्ष 2023 में, 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन अभियान) शुरू किया गया। ये सभी योजनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार जनजातीय समुदायों को कितनी प्राथमिकता देती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों के विकास प्रयासों को नई ऊर्जा देने के लिए, भारत सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के वर्ष के दौरान ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस अभियान के तहत देश भर में लगभग 20 लाख स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर काम करके जनजातीय समुदायों का विकास सुनिश्चित करेंगे।

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ सहित देश भर में लोग वामपंथी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सुविचारित और सुसंगठित प्रयासों से निकट भविष्य में वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन संभव हो पाएगा। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि हाल ही में आयोजित 'बस्तर ओलंपिक्स' में 1,65,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय महापुरुषों के आदर्शों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ के लोग एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।

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केंद्रीय मंत्री ने बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का किया विमोचन

रायपुर, 19 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार का दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।

*ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’*

      राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा।


*48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचन*

         कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया,  जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है। 

*3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप  बैंकिंग सेवाएँ दे रही*

       वर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं।

*हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरण*

     इस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।

*ग्रामीण समृद्धि, महिला नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की नई दिशा*

        धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।

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उड़न दस्ता दल द्वारा मंडी अधिनियम के तहत अब तक कुल 06 प्रकरण दर्ज कर 218 क्विंटल अवैध धान किया जप्त 

रायपुर,20 नवंबर 2025/

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समर्थन मूल्य पर संचालित धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान भंडारण और परिवहन के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कृषि उपज मंडी बालोद की उड़न दस्ता टीम ने आज विभिन्न गांवों में सघन जांच कर बड़ी मात्रा में अवैध धान जब्त किया।

तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उड़न दस्ता दल द्वारा मंडी अधिनियम के तहत अब तक कुल 06 प्रकरण दर्ज कर 218 क्विंटल धान जप्त किया गया है। आज की कार्रवाई में बालोद तहसील अंतर्गत ग्राम लिमोरा से 22 क्विंटल, लोण्डी से 40 क्विंटल, पोण्डी से 99 क्विंटल, भेड़िया नवागांव से 32 क्विंटल तथा बेलमांड़ से 24 क्विंटल धान अवैध भंडारण की स्थिति में पकड़ा गया।

जिला प्रशासन की यह सख्त और निरंतर निगरानी दर्शाती है कि अवैध धान के परिवहन एवं संग्रहण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।

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हरियाली से आर्थिक रूप से सशक्त हुए मोहला जिले के ग्रामीण,तेंदूपत्ता संग्रहण से 76 हजार 105 संग्राहक परिवारों ने 63 करोड़ 87 लाख रुपए से अधिक राशि की प्राप्त

      रायपुर, 20 नवंबर 2025/ प्रदेश में हरियाली पर्यावरण एवं ग्रामीणों के जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण हैं, इसका अंदाजा ग्रामीणों के जीवन के आए बदलाव से लगाया जा सकता है। वन विभाग और ग्रामीण समुदाय के लिए विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण की दृष्टि से वर्ष 2024 एवं 2025 कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण रहे है। 

   इन दो वर्षों में मोहला-मानपुर- अम्बागढ चौकी जिले में विभागीय योजनाओं ने न केवल हरियाली का विस्तार किया, बल्कि ग्रामीण अंचलों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता के नए आयाम भी स्थापित किए।

 *वृक्षारोपण से किसानों को अतिरिक्त आय*

    किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत 642 कृषकों ने अपनी 710 एकड़ राजस्व भूमि पर कुल 4 लाख 48 हजार 220 पौधों का रोपण किया। इस योजना ने किसानों को वृक्षारोपण के माध्यम से अतिरिक्त आय का अवसर दिया और खेतों में हरियाली का विस्तार भी किया। इसी प्रकार एक पेड़ माँ के नाम पहल के तहत मातृत्व के सम्मान में 1 लाख 55 हजार 44 पौधों का वितरण किया गया, जिसने समाज में पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव का नया संदेश दिया।

*1 लाख 16 हजार 133 मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण*

         वन प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाने हेतु विदोहन से प्राप्त लाभांश राशि का 20 प्रतिशत यानी 38 लाख 59 हजार 100 रुपए विकास कार्यों के लिए 34 समितियों को प्रदान किया गया। यह कदम ग्राम स्तर पर सामुदायिक विकास और वन प्रबंधन में जनभागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। वहीं तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में 76 हजार 105 संग्राहक परिवारों ने अपनी मेहनत से 1 लाख 16 हजार 133 मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण किया और इसके बदले 63 करोड़ 87 लाख 31 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त की। यह न केवल उनकी आजीविका का प्रमुख साधन बनाए बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाया।

*लघु धान्य के संग्रहण से आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि*

       लघु धान्य जैसे कोदो, कुटकी और रागी के संग्रहण में 502 संग्राहकों को 3 हजार 41 क्विंटल उपज के बदले 97 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया गया। इस योजना ने पारंपरिक फसलों के पुनर्जीवन के साथ-साथ आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि की है।

*38 हजार 94 महिलाओं को चरण पादुका वितरित*

      महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में वर्ष 2025 में 38 हजार 94 महिलाओं को चरण पादुका वितरित की गईं, जिससे वन क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सका।

*484 वनवासी बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान*

       राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक योजना एवं सामुदायिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत 574 संग्राहकों को 5 करोड़ 21लाख 72 हजार रुपए  की राशि प्रदान की गई। जिसने वनवासियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच का कार्य किया। शिक्षा के क्षेत्र में भी वन विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया हैं। जिसके अंतर्गत 484 छात्र-छात्राओं को 58 लाख 33 हजार 500 की छात्रवृत्ति प्रदान की गई, जिससे वनवासी बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली।

*पहुँच विहीन गांवों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए 4 रपटा, 4 पुलिया एवं 3 सीसी रोड का निर्माण*

      विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र (एलडब्ल्यूई)मद के अंतर्गत पहुंच विहीन गांवों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए 4 रपटा, 4 पुलिया एवं 3 सीसी रोड का निर्माण किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली।

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छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में  मिली दो ऐतिहासिक उपलब्धि,इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) जिला अस्पताल पंडरी बना देश का सबसे पहला और इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब 

रायपुर 20 नवंबर 2025/छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल पंडरी रायपुर और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (NQAS) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इनमें पंडरी रायपुर की IPHL देश की प्रथम, जबकि बलौदाबाजार की IPHL देश एवं राज्य की द्वितीय प्रमाणित लैब बनी है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित लैब सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्रमाणित करती है।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों का यह सीधा परिणाम है कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच राज्य की कुल 832 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय मानकों के आधार पर मूल्यांकन और प्रमाणीकरण किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्र चिंतागुफा जैसे दुर्गम इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि देश में पहली बार किसी राज्य में लैब्स की इतनी बड़ी और व्यवस्थित श्रृंखला का मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण हुआ है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट स्थान दिलाया है।

दोनो लैब्स का मूल्यांकन भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा नामित विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं की टीमों ने किया। पंडरी रायपुर की IPHL का मूल्यांकन 10 सितंबर 2025, जबकि बलौदाबाजार की IPHL का मूल्यांकन 11 सितंबर 2025 को किया गया। दोनों टीमों ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएँ, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की। मूल्यांकन उपरांत, पंडरी रायपुर IPHL को 90% और बलौदाबाजार IPHL को 88% स्कोर के साथ प्रमाणन प्राप्त हुआ। यह स्कोर स्वास्थ्य गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों में उत्कृष्ट श्रेणी में आता है।

इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की अवधारणा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। इससे न केवल जांच की गति और विश्वसनीयता बढ़ती है, बल्कि लोगों को महंगी निजी जांच लैब्स पर अनावश्यक निर्भरता से भी राहत मिलती है। एकीकृत मॉडल होने के कारण, मरीजों को एक ही स्थान पर किफायती और सटीक जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो पाती है।

पंडरी रायपुर की IPHL पूरे राज्य का मॉडल लैब बन चुकी है। यहां प्रतिदिन 3,000 से अधिक जांचें की जाती हैं और 120 से अधिक प्रकार की जांच सेवाएं उपलब्ध हैं। यह लैब ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर कार्य करते हुए रायपुर जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से प्राप्त सैंपल की भी जांच करती है। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में यह लैब मेडिकल कॉलेज और अन्य जिलों से आए नमूनों की जांच भी करती रही है, जिससे इसकी क्षमता और उपयोगिता दोनों प्रमाणित होती हैं।

बलौदाबाजार की IPHL भी सेवा गुणवत्ता के मामले में तेजी से उभरती हुई लैब है। यहां प्रतिदिन 1,000 से 1,200 जांचें की जाती हैं और 100 से अधिक प्रकार की लैब टेस्टिंग उपलब्ध है। लैब में अत्याधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित तकनीशियनों और समयबद्ध रिपोर्टिंग की वजह से जिले के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अब जांच के लिए शहर या निजी लैब्स में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पूर्व में भी पंडरी रायपुर IPHL के मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जा चुकी है। देश के 13 से अधिक राज्यों की टीमें उक्त लैब का निरीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, भारत सरकार द्वारा इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स हेतु जारी की गई विस्तृत गाइडलाइन के मुख्य पृष्ठ पर रायपुर IPHL की फोटो प्रकाशित की गई है। इस मॉडल को PM–ABHIM के अंतर्गत पूरे देश में स्थापित किए जा रहे IPHL नेटवर्क के मार्गदर्शक स्वरूप में अपनाया गया है।

छत्तीसगढ़ में गुणवत्ता आधारित मूल्यांकन की यह प्रक्रिया केवल प्रमाणीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य प्रणाली में स्थायी सुधार की दिशा में एक ठोस कदम है। NQAS के मानकों में साफ-सफाई, सुरक्षा, रोगी संतुष्टि, रिकॉर्ड प्रबंधन, तकनीकी गुणवत्ता, उपकरण कैलिब्रेशन, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और स्टाफ क्षमता निर्माण जैसे बिंदुओं का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। दोनों लैब्स ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि अर्जित की है।

आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि NQAS कार्यक्रम भारत सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके जरिए सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार को संस्थागत स्वरूप दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में निर्धारित चेकलिस्ट बेहद व्यापक है और प्रमाणन तभी मिलता है जब कोई संस्थान सभी मानकों पर सतत् उत्कृष्टता प्रदर्शित करे।छत्तीसगढ़ की दोनों IPHL लैब्स ने जिस दक्षता और अनुशासन के साथ सभी मापदंडों को पूरा किया है, वह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लैब तकनीशियनों, चिकित्सकों और प्रबंधन टीमों ने बड़े समर्पण और परिश्रम के साथ कार्य किया है। पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार IPHL की उपलब्धि पूरे राज्य के लिए प्रेरक है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को सुदृढ़ता से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा दोनों जिला अस्पतालों की IPHL टीमों—चिकित्सकों, तकनीशियनों और स्टाफ—को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, और IPHLs के राष्ट्रीय प्रमाणन से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को नई विश्वसनीयता और मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन से लैस कर रही है। IPHL जैसी उच्च गुणवत्ता वाली लैब्स ग्रामीण, आदिवासी और पिछड़े इलाकों में समय पर स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आने वाले वर्षों में राज्य भर के जिला अस्पतालों और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों को इसी मॉडल पर अपग्रेड किया जाएगा।

यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए केवल प्रमाणन नहीं, बल्कि यह संकेत भी है कि राज्य अब राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता केंद्रित स्वास्थ्य प्रबंधन की दिशा में अग्रसर है। IPHL मॉडल के विस्तार से रोगियों की जाँच सेवाएँ और अधिक सुलभ, तीव्र और विश्वसनीय होंगी। इसका सीधा लाभ लाखों नागरिकों को मिलेगा और राज्य के स्वास्थ्य सूचकांकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। दोनों IPHL लैब्स की सफलता यह प्रमाणित करती है कि जब वैज्ञानिक मानकों, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आधुनिक तकनीक और शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति का संगम होता है, तब स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव संभव है। यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल है और आने वाले समय में स्वास्थ्य गुणवत्ता सुधार की दिशा में नए मानक स्थापित करेगी।

*"पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार जिलों की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स को देश की प्रथम और द्वितीय क्वालिटी सर्टिफाइड IPHL बनने पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र में आ रहे व्यापक, वैज्ञानिक और संरचनात्मक सुधारों का प्रमाण है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, और राष्ट्रीय स्तर के इस प्रमाणन ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को नई विश्वसनीयता और मजबूती प्रदान की है। IPHL मॉडल ने ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक विश्वसनीय जांच सेवाएँ पहुँचाने का मार्ग मजबूत किया है, और आने वाले समय में राज्य के सभी जिला अस्पतालों को आधुनिक, दक्ष और मानकीकृत मॉडल पर अपग्रेड किया जाएगा।"  - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*  

*"पंडरी रायपुर और बलौदाबाजार IPHL के देश की प्रथम और द्वितीय क्वालिटी सर्टिफाइड इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब बनने पर प्रदेशवासियों और पूरी स्वास्थ्य टीम को बधाई। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य प्रणाली में आए ऐतिहासिक बदलाव का परिणाम है। राज्य सरकार प्राथमिक से लेकर जिला स्तर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन और सशक्त गुणवत्ता तंत्र से लैस कर रही है। IPHL मॉडल ने जांच सेवाओं को तेज, सटीक और किफायती बनाकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच को मजबूत किया है। आने वाले समय में इसी उच्च गुणवत्ता मॉडल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता का अग्रणी राज्य बनेगा।" - स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल*

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बाल सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत संकल्प शिक्षण संस्थान के कक्षा नवी के बच्चों ने किया सिटी कोतवाली का भ्रमण ,बच्चों को राइफल्स, मशीनगन, बुलेट्स ,अश्रु गैस आदि की दी गई जानकारी

जशपुर 19 नवम्बर 2025 : 
पुलिस विभाग के द्वारा चलाए जा रहे बाल सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत तीसरे दिन संकल्प शिक्षण संस्थान के कक्षा नवी के बच्चों ने सिटी कोतवाली का भ्रमण किया इसमें बच्चों को राइफल्स, मशीनगन, बुलेट्स ,अश्रु गैस आदि की जानकारी दी गई बच्चों ने इसकी प्रदर्शनी भी देखी और कोतवाली के अंदर डी एस पी चंद्रशेखर परमा के द्वारा बच्चों को माल खाना, महिला बंदीगृह ,पुरुष बंदी गृह, कब एक स्टार , कब दो स्टार , कब तीन स्टार पुलिस की वर्दी पर लगाये जाते हैं और उनका रैंक क्या होता है उनके पोस्ट का नाम क्या होता है और किस तरह से एफ आई आर दर्ज होती है और कब एफ आई आर करनी चाहिए, इन सारी बातों की जानकारी दी। बच्चों द्वारा कई तरह के प्रश्न भी उनसे किया गया।बच्चों के जिज्ञासा का समाधान भी डी एस पी  के द्वारा दिया गया। इसके बाद नवीन कानून के बारे में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने सहभागिता दिखाई ।इस दौरान वहां  नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस शशि मोहन सिंह, उपसंचालक अभियोजन अधिकारी सुरेश साहू ,जिला अभियोजन अधिकारी विपिन शर्मा, ए डी पी ओ विवेक शर्मा ,आरती कटकवार और सामाजिक कार्यकर्ता मनीजर राम भी उपस्थित थे। इन सभी के द्वारा नए कानून की जानकारी दी गई और बताया गया कि यदि आपके साथ किसी भी राज्य में कोई घटना घटती है तो आप दूसरे राज्य में भी उसकी एफ आई आर कर सकते हैं। कानून के बदलाव के लिए सरकार के द्वारा बहुत ही सराहनीय कदम उठाया गया है ।अब पहले की तरह अदालतों में भी फैसले के लिए कई वर्षों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। त्वरित निर्णय नवीन कानून के अनुसार होगा। सिटी कोतवाली में नवीन आपराधिक कानून प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। जहां बहुत सारे पोस्टर और बैनर लगे हुए थे ।उसमें भी नए कानून की जानकारी दी गई थी। कार्यक्रम का संचालन आर आई अमरजीत खूंटे के द्वारा किया गया ।  संकल्प के बच्चों के साथ उनकी शिक्षिका सीमा गुप्ता थी। सभी ने पुलिस विभाग को उनकी इस पहल के लिए  धन्यवाद दिया। पुलिस विभाग के द्वारा बच्चों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी।

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धान विक्रय में हुई सुगमता से प्रसन्नचित है बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू,मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्र

 रायपुर, 19 नवंबर 2025/बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम निपानी के बुजुर्ग किसान श्री कोल्हु राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका लगभग 80 क्विंटल धान आसानी से विक्रय हो गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा कर लिया था। धान खरीदी के एक दिन पूर्व ही उन्होंने अपने नाती के सहयोग से मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की बड़ी सुविधा मिली है, जो कि उनके जैसे बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है। 

 बुजुर्ग किसान श्री साहू ने बताया कि उन्होंने 17 नवम्बर को 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन लिया था, उस दिन वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए थे। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया।

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वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 19 नवंबर 2025// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में श्री सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि श्री सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया श्री विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री श्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन श्री संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।

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कलेक्टर श्री व्यास के निर्देश पर अवैध धान परिवहन और भंडारण पर प्रशासन की कार्रवाई जारी,संयुक्त टीम की छापेमारी में 2220 बोरी धान जब्त, कड़ी कार्यवाही के निर्देश

जशपुरनगर 19 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। राजस्व, खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 2220 बोरी धान जब्त किया गया है। सभी मामलों में विधिसम्मत कार्यवाही प्रारम्भ की गई है।

*एसडीएम पत्थलगांव की निगरानी में अवैध भंडारित 1400 बोरी धान जब्त* -
एसडीएम पत्थलगांव के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने काडरो एवं मुड़ाबाहला के आसपास के सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि पुराने धान को अवैध बिक्री की मंशा से डंप एवं संचित किया गया था। मौके पर लगभग 1400 बोरी धान जब्त कर राजस्व विभाग को सुपुर्द किया गया है।

*संयुक्त टीम ने लोदाम बैरियर में पकड़ा 700 बोरी धान से भरा ट्रक* -
साईटांगरटोली बैरियर लोदाम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, फूड इंस्पेक्टर एवं उड़नदस्ता टीम द्वारा ट्रक क्रमांक  एपी 16 टीजे 0799 को रोककर जांच की गई। ट्रक में लगभग 700 बोरी धान लोड था। वाहन चालक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर वाहन एवं धान को तत्काल जब्त करते हुए लोदाम थाना के सुपुर्द किया गया। फूड इंस्पेक्टर को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

*बिना वैध दस्तावेज के परिवहन कर रहे 120 बोरी धान को जब्त किया गया* - 
इसी दौरान साईटांगरटोली बैरियर लोदाम में ही संयुक्त टीम द्वारा एक अन्य वाहन क्रमांक जेएच 01 ईडब्लू 9268 को रोककर पूछताछ की गई। वाहन चालक ने धान गुमला से जशपुर की ओर ले जाने की जानकारी दी, परंतु उसके पास किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज नहीं थे। वाहन में लदे लगभग 120 बोरी धान सहित वाहन को जब्त कर लोदाम थाना में सुपुर्द किया गया। फूड इंस्पेक्टर को प्रकरण बनाने के निर्देश दिए गए।


*कलेक्टर की चेतावनी — अवैध धान परिवहन भंडारण वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई*

कलेक्टर श्री व्यास ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध धान के परिवहन, भंडारण एवं बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों एवं वाहन मालिकों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे अपना धान केवल अधिकृत समर्थन मूल्य धान खरीदी केंद्रों में ही विक्रय करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दें।

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