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रायगढ़ : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी,जिले में अब तक 2698.40 क्विंटल धान की हुई खरीदी

रायगढ़, 18 नवम्बर 2025/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 15 नवंबर से जिले में सुचारू रूप से प्रारंभ हो गया है। जिले के 69 सेवा सहकारी समितियों के 105 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी व्यवस्था बेहतर और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही है। जिले में अब तक 2698.40 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
      कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में प्रत्येक उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ताकि अवैध धान की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जा सके और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही जिले के विभिन्न स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मिलकर निरीक्षण दल का गठन कर उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं। इसी दौरान मंडी सचिव एवं मंडी उप निरीक्षक द्वारा निरीक्षण के दौरान खरसिया के ग्राम-डोमनारा में भभीक्षण साव पिता-सोहराइ साव के प्रतिष्ठान से 50 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया है।
             कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन की सतत निगरानी में उपार्जन प्रक्रिया पारदर्शी और किसान हितैषी बनाकर लागू की गई है। इससे किसानों में बढ़ा विश्वास और सहयोगिता देखने को मिल रही है तथा उपार्जन केंद्रों पर उत्साह का माहौल है। जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में सुबह से ही किसानों की सक्रिय उपस्थिति देखने को मिल रही है। किसानों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों में सुव्यवस्थित टोकन सिस्टम, पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक तोल मशीन सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
*शिकायत निवारण हेतु टोल फ्री नंबर जारी*
धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। यह कॉल सेंटर राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य करेगा। सभी उपार्जन केंद्रों में इस नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है, ताकि किसान आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। प्राप्त शिकायतों का निराकरण तीन दिवस के भीतर किया जाएगा।

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रायगढ़ : समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश,राजस्व विवाद मुक्त ग्राम, धान उपार्जन केंद्रों की सतत निगरानी और फार्मर रजिस्ट्री शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश

रायगढ़, 18 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभागीय समीक्षा बैठक में सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट और कठोर निर्देश देते हुए कहा कि जिले में राजस्व कार्यों की पारदर्शिता और दक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के प्रत्येक प्रकरण का ई-कोर्ट में अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए। किसी भी कार्यालय में एक भी प्रकरण ऑफलाइन नहीं रहना चाहिए और यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित तहसीलदार की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
              कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में राजस्व विवाद मुक्त ग्राम विकसित किए जाएं तथा इसे एक मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अविवादित खाता विभाजन, नामांतरण, सीमांकन, डायवर्सन, त्रुटि सुधार, नजूल प्रकरण और स्वामित्व योजना जैसे लंबित प्रकरणों की समय-सीमा में निराकरण को अनिवार्य बताया।

*धान खरीदी की सख्त निगरानी, अवैध परिवहन पर रोक*

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में संचालित धान खरीदी कार्यों में राजस्व अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के धान उपार्जन केंद्रों की सतत मॉनिटरिंग करें। उन्होंने पड़ोसी राज्यों के मार्गों पर धान के अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने और कोचियों पर सख्ती बरतने को कहा। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित मुसाफिर रजिस्टर को अद्यतन रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कोटवारों के कार्य की मासिक समीक्षा कर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा।

*धरमजयगढ़ क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर सतत नजर एवं राहत एवं  बचाव पर विशेष जोर देने के निर्देश*

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने धरमजयगढ़ क्षेत्र में हाथियों की मूवमेंट पर निरंतर निगरानी रखने और राजस्व एवं वन विभाग के समन्वय से राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के क्षेत्रों के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज बड़े एवं छोटे पेड़ों के जंगलों की सर्वे कर वन विभाग को खसरा-वार सूची उपलब्ध कराई जाए। वन विभाग को निर्देशित किया गया कि वह भौतिक सत्यापन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

*नक्शा बटांकन, मिसल-खसरा मिलान और अदालत प्रकरणों में प्रगति लाने के सख्त निर्देश*

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समीक्षा बैठक में नक्शा बटांकन कार्य की विस्तृत समीक्षा करते हुए तहसील कापू, खरसिया, घरघोड़ा, छाल, तमनार, धरमजयगढ़, पुसौर, मुकडेगा, रायगढ़ और लैलूंगा के अधिकारियों को 15 दिनों की समय-सीमा में प्रगति लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने मिसल से खसरा मिलान की प्रविष्टि में तेजी लाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर न्यायालय एवं राजस्व अनुविभागीय न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा कर शीघ्र प्रगति लाने को कहा। भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए।
           कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टैक पोर्टल में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि कोई भी किसान शासन की किसी योजना से वंचित न रह जाए। फौती, वारिसान पंजीयन, भुइया पोर्टल में नाम न दिखना, खसरा त्रुटि जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर की ढिलाई को गंभीर लापरवाही माना जाएगा। कलेक्टर ने नक्शा बटांकन, सेवा भूमि, लैंड बैंक, न्यायालयीन प्रकरणों, आधार सीडिंग, मोबाइल नंबर एवं जेंडर प्रविष्टि अद्यतन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा कर कहा कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों में कार्यदक्षता बढ़ाएं, उनकी जवाबदेही तय करें तथा जो कर्मचारी बेहतर कार्य कर रहे हों उन्हें सम्मानित कर प्रोत्साहित भी करें।
            बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के प्रत्येक प्रकरण का ई-कोर्ट में अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाए, ताकि प्रकरणों की ऑनलाइन निगरानी और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कार्यालय में कोई भी प्रकरण ऑफलाइन नहीं रहना चाहिए, यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित तहसीलदार की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ.प्रियंका वर्मा सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।

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पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से मोहन सिंह ठाकुर बने मिसाल,5 किलोवाट सोलर प्लांट से लगातार चार माह तक मिले माइनस बिल, शहरवासियों के लिए भीबबनी प्रेरणा

रायगढ़, 18 नवम्बर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी मंशा और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ तेजी से असर दिखा रही है। इस योजना के तहत जिले में सैकड़ों घर रोशन हो रहे हैं और लोग मुफ्त, स्वच्छ एवं पर्यावरण-हितैषी बिजली का लाभ लेकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं। शासन द्वारा दी जा रही सब्सिडी और सरल प्रक्रिया ने इस योजना को और अधिक लोकप्रिय बना दिया है। इसी सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरक मिसाल हैं-रायगढ़ के चक्रधरनगर बंगलापारा निवासी श्री मोहन सिंह ठाकुर, जिन्होंने 5 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित कर साबित कर दिया कि सौर ऊर्जा न केवल खर्च घटाती है, बल्कि स्थायी ऊर्जा का मजबूत विकल्प भी है। श्री ठाकुर बताते हैं कि योजना के तहत उन्हें बैंक लोन लेने में एक भी दिन की देरी नहीं हुई। सभी जरूरी दस्तावेजों की जांच समयबद्ध तरीके से हुई, ऋण बिना किसी जटिलता के स्वीकृत हो गया, सीएसपीडीसीएल ने ग्रिड-कनेक्शन भी निर्धारित समय पर उपलब्ध करा दिया, केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी सीधे उनके खाते में जमा हो गई। इस पूरी प्रक्रिया को श्री ठाकुर ने पूरी तरह पारदर्शी, उपभोक्ता हितैषी और सहज बताया।
              सोलर प्लांट लगने के बाद श्री ठाकुर के घर में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की एक नई शुरुआत हुई। वे बताते हैं अब हमें बिजली बिल की चिंता नहीं रहती। हमारी जरूरत की बिजली हमारी अपनी छत से बन रही है। सोलर प्लांट स्थापित करने से पहले श्री ठाकुर को प्रतिमाह 2500 से 3000 रुपये तक का बिजली बिल भरना पड़ता था। लेकिन सोलर ऊर्जा शुरू होने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। लगातार चार माह तक माइनस बिल प्राप्त हुए, अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी गई, उसकी राशि बिजली बिल में समायोजित होती रही। मोहन सिंह ठाकुर की सफलता यह संदेश देती है कि यदि योजनाओं का लाभ सही समय पर और सही तरीके से लिया जाए, तो सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि घरेलू बजट में भी बड़ी राहत देती है। उनकी कहानी शहरवासियों के लिए एक प्रेरक उदाहरण बन चुकी है।
             बता दें कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह औसतन 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है, जिस पर 30 हजार रुपए केंद्र से और 15 हजार रुपए राज्य से, कुल 45 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है। उपभोक्ता को लगभग 15 हजार रुपए स्वयं वहन करने होते हैं। इसी प्रकार 2 किलोवॉट प्लांट के लिए प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट उत्पादन संभव है, जिस पर 90 हजार रुपए तक कुल सब्सिडी ( 60 हजार रुपए केंद्र प्लस 30 हजार रुपए राज्य) से मिलती है। उपभोक्ता को केवल  30 हजार रुपए खर्च करना होता है। 3 किलोवॉट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह औसतन 360 यूनिट उत्पादन संभव है, और इसमें 78 हजार रुपए केंद्र प्लस 30 हजार रुपए राज्य यानी कुल एक लाख 8 हजार रुपए की सहायता मिलती है। उपभोक्ता को 72 हजार रुपए वहन करना पड़ता है, जो ऋण पर भी उपलब्ध है।

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रायगढ़ जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने  उद्योग और बैंकर्स संवाद’ कार्यशाला कल होगा आयोजित

रायगढ़, 18 नवंबर 2025। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों को बैंक ऋण, अनुदान योजनाओं और वित्तीय सहायता से जोड़ने के उद्देश्य से ‘उद्योग और बैंकर्स संवाद’ शीर्षक से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 19 नवंबर 2025 को दोपहर 1 बजे, कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन सभा कक्ष में आयोजित होगी।
यह कार्यक्रम रैम्प योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से उद्योग स्थापित करने वाले युवाओं, महिला उद्यमियों तथा छोटे-बड़े उद्यम संचालकों को वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाएँ और शासन की लाभकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी। 

जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, रायगढ़ की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती अंजू नायक ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न बैंक शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो उद्यमियों को ऋण प्रक्रियाओं, आवश्यक दस्तावेजों, स्वीकृति प्रक्रिया और वित्तीय अड़चनों के समाधान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। इसी क्रम में पीएम-एफएमई, पीएम इजीपी जैसी स्वरोजगार योजनाओं पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे नए उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं एवं लाभार्थियों को काफी लाभ मिलेगा।

श्रीमती नायक ने बताया कि ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य उद्यमियों और बैंक अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर उन्हें ऋण सुविधा प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना और विस्तार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी इस कार्यक्रम के माध्यम से सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जिले में औद्योगिक विकास की गति और भी मजबूत होगी।
रायगढ़ जिले के सभी इच्छुक उद्यमियों, उद्योग स्थापित करने वाले युवाओं तथा लाभार्थियों से आग्रह है कि वे इस निःशुल्क कार्यशाला में सहभागी बनें। कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए  जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, रायगढ़ के श्री मोहनीश टोप्पो (प्रबंधक), मोबाइल 87702-64731 तथा श्री प्रकाश लहरे (प्रबंधक), मोबाइल 90317-79452 से संपर्क किया जा सकता है।

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कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए,समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त

रायपुर, 18 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
 
           महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है। 

        सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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राष्ट्रीय सम्मान से देश में बढ़ा गरियाबंद का गौरव जिले को मिला एक करोड़ रूपये का पुरस्कार,महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरुस्कृत

रायपुर, 18 नवम्बर 2025/ जल संचय और जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला को जोन-1, केटगरी-2 में देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के कर कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गरियाबंद जिले को विभिन्न विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रूपए की राशि मिली है। इससे न सिर्फ गरियाबंद जिला, बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस दौरान केंद्रिय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, जल शक्ति एवं रेल मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री वी. सोमन्ना एवं जल शक्ति मंत्रालय के राज्यमंत्री श्री राज भूषण चौधरी उपस्थित थे। यह पुरस्कार जिले के कलेक्टर श्री बी एस उइके, जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस के बर्मन एवं सहायक अभियंता श्री मनोज ताण्डिल्य ने प्राप्त किया। राष्ट्रीय जल संचय एवं जलभागीदारी कार्य के लिए तीसरा पुरस्कार के रूप में गरियाबंद जिले को एक करोड़ रूपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि गरियाबंद जिला, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतियोगिता में विभिन्न चरणों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन के बाद ईस्ट जोन का तृतीय बेस्ट जिला चुना गया। 

उल्लेखनीय है कि जिले में संबंधित विभागों के माध्यम से 26,025 सतही जल के बेहतर रख-रखाव एवं जनभागीदारी के क्षेत्र में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए गरियाबंद को छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ एक करोड़ रूपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के क्रियान्वयन का परिणाम रहा है, जिसमें जिले के नागरिकों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले में तेजी से गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले ने व्यापक रणनीति के साथ जल शक्ति अभियान - कैच द रेन मोर गांव मोर पानी के अंतर्गत मिशन जल रक्षा - नारी शक्ति से जल शक्ति की शुरूआत की गई है। भू-जल रिचार्ज के लिए तकनीकी नवाचार  जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक द्वारा असफल बोरों मे रिचार्ज का प्रयास, परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षाजल को सीधे वाटर टेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, कार्य किए गए है।

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जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान,मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

रायपुर, 18 नवंबर 2025/ जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिले को मिला प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जिले को उत्कृष्ट कार्य के लिए एक करोड़ रूपए की राशि से सम्मानित किया है। महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने इस पुरस्कार को ग्रहण किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। 

गौरतलब है कि जल संचय, जन भागीदारी (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन में शामिल कैटेगरी 2 अंतर्गत महासमुंद जिला को बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया है। विज्ञान भवन नई दिल्ली में आज आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने महासमुंद जिले में जल संचय, जन भागीदारी में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिया। जिससे जिले को एक करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री सीआर पाटिल, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री श्री वी सोमन्ना एवं अन्य अतिथियों के अलावा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। जिले की ओर से कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के साथ जल संसाधन विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 35,182 जल संरचनाओं का निर्माण के लिए यह उपलब्धि मिली है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण महासमुंद जिले वासियों को दिया है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा सम्मानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं संपूर्ण जिले वासियों के अथक प्रयासों एवं सक्रिय सहभागिता के फलस्वरूप जल संचयन एवं जन भागीदारी अभियान में जिले को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सका है। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित पूरे जिले वासियों के प्रति आभार प्रकट किया है। श्री लंगेह ने जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान में बेस्ट परफॉर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होने पर महासमुंद जिले को भारत के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त होने पर संपूर्ण जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

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हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2025 का मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने किया अनावरण,ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री 

रायपुर, 18 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

*भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबान*

गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

रायपुर, 18 नवंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों श्रीमती रजनी ताई उपासने, श्री बनवारी लाल अग्रवाल और श्री राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक श्रीमती रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। श्री बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है। 

मुख्यमंत्री ने श्री राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

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सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति से किसानों में उत्साह का माहौल धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की किसानों ने की सराहना

रायगढ़, 18 नवंबर 2025।  प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों की आर्थिक तरक्की, उन्नति और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार बनते ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रति एकड़ 21 क्विंटल एवं प्रति क्विंटल 31 सौ रुपये की दर से धान खरीदी करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इस किसान हितैषी नीति का लाभ गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी रायगढ़ जिले के किसानों को व्यापक रूप से प्राप्त हो रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है।
ग्राम कोड़तराई के किसानों में धान खरीदी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इसी क्रम में ग्राम के किसान श्याम दयाल पटेल ने बताया कि सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और स्पष्ट धान खरीदी नीति ने उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। तीन भाई मिलकर साझा खाते में 40 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उनके परिवार का पहला टोकन जारी हुआ, जिसके अंतर्गत 44 क्विंटल धान की बिक्री की गई।
किसान श्याम दयाल पटेल ने कहा कि 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा और 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य ने उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। बढ़ी हुई आय से वे परिवार की आवश्यक जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि उपकरणों की खरीद, घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं भविष्य की योजनाओं को सुदृढ़ करने में सक्षम हो रहे हैं। इसे उन्होंने अपने आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।
धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी खरीदी के लिए उत्कृष्ट तैयारी की गई है। उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की सुविधा, पीने के पानी की उपलब्धता, सटीक तौल व्यवस्था तथा पर्याप्त बारदाना जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सहज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित व्यवस्थाओं से ग्राम कोड़तराई सहित पूरे जिले के किसानों में प्रसन्नता और संतोष का माहौल है। किसानों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

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छत्तीसगढ़ में अवैध धान की आवाजाही रोकने प्रशासन सक्रिय, सीमावर्ती चेकपोस्टों पर कड़ी निगरानी

रायपुर, 18 नवंबर 2025। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ ही कुछ क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन की संभावनाओं को रोकने राज्य भर में प्रशासन सख़्त हो गया है।  इसी क्रम में जशपुर जिला  कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने जशपुर जिले का झारखंड सीमा से लगे चेकपोस्टों पर देर रात औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण दल में तहसीलदार जयश्री राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर आलोक टोप्पो, मंडी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी शामिल थे। टीम ने भलमंडा, सकरडेगा और साईंटांगाटोली चेकपोस्टों का दौरा किया, जहाँ सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और वाहन चेकिंग प्रक्रिया को परखा गया। संभावित अवैध धान परिवहन पर रोक के लिए मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

इसी दौरान संबंधित ग्रामों के सरपंच और सचिव भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने आग्रह किया, ताकि अवैध आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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जिला प्रशासन का अवैध धान परिवहन पर सख्ती :कुनकुरी राजस्व टीम ने 2 वाहन में 423 बोरा अवैध धान किया जप्त 

जशपुर 18 नवंबर 25/ कुनकुरी एसडीएम नंद जी पांडे के निर्देशन में  तहसीलदार कुनकुरी के नेतृत्व में गठित उड़नदस्ता टीम ने रात्री गश्त के दौरान ग्राम हर्राडाड़ में 2 ट्रकों में भरी 423 बोरी अवैध धान को पकड़ा गया है।

राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के दौरान पकड़े गए ट्रक JH 07 K 6124 व CG 14 MQ 7244 में भारी मात्रा में धान लदा हुआ पाया गया। 

वाहन चालकों द्वारा कोई वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जाने पर दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया एवं थाना कुनकुरी को सुपुर्द किया गया। उक्त कार्यवाही में तहसीलदार कुनकुरी नायब तहसीलदार एवं पुलिस विभाग टीम शामिल थी।

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झारखंड से सटे साईंटागर बेरियर में अवैध धान परिवहन करते   राजस्व टीम ने वाहन सहित अवैध धान किया जप्त  

जशपुरनगर 18  नवंबर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के आवागमन पर कड़ी निगरानी रखने जिला प्रशासन द्वारा सतत कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्व विभाग की टीम ने विगत देर रात झारखंड सीमा पर स्थित विभिन्न चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्व टीम में तहसीलदार  जयश्री राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर निरीक्षक, राजस्व  एवं पटवारी शामिल रहे। टीम ने जशपुर विकास खंड के ग्राम साईंटागर बैरियर के पास अवैध धान परिवहन करते हुए पिकअप वाहन JH01FW 7832 वाहन से 60 बोरी अवैध धान जप्त कर लोदाम थाने में सुपुर्द किया गया।
चेकपोस्टों का निरीक्षण किया, जो झारखंड राज्य से लगे हुए सीमावर्ती बैरियर हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेकपोस्टों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा वाहनों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा। अवैध धान परिवहन रोकने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

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हाइवे पैट्रोलिंग वाहन के चालक आरक्षक के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की एफ आई आर,नशे की हालत में गाड़ी चला किया दुर्घटना,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया निलंबित

जशपुर 17 नवम्बर 2025 :  लोरो घाट जशपुर के पास हाइवे पैट्रोलिंग वाहन के चालक आरक्षक विकास टोप्पो के द्वारा एक स्कूटी चालक व्यक्ति से दुर्घटना कारीत किया गया था। मामले में पुलिस के द्वारा आरोपी आरक्षक के खिलाफ थाना दुलदुला में बी एन एस की धारा 281,128(a ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया  ।
   मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 15.11.25को प्रार्थी कल्याण केरकेट्टा, निवासी खूंटी टोली थाना दुलदुला में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उक्त दिनांक को शाम करीबन 06.30बजे उसके भतीजे ने फोन कर बताया कि, प्रार्थी  का बड़ा भाई, घायल  सिल्बेरियूश केरकेट्टा, उम्र 45 वर्ष,लोरो बाजार से, खरीदारी कर, स्कूटी से वापस आ रहे थे, तभी रास्ते में कमरेगा पुलिया के पास वाहन क्रमांक Cg03- 8574 के द्वारा  आहत सिल्बेरियूस एक्का को ठोकर मार दिया गया है, जिससे उनका दाहिना पैर, घुटने से टूटकर अलग हो गया है , जिस पर प्रार्थी के द्वारा तत्काल घटना स्थल जाकर देखा तो पाया कि, उक्त अर्टिगा वाहन क्रमांक Cg03- 8574 की ठोकर से,   आहत सिल्बेरियूस केरकेट्टा , का दाहिना टांग, घुटने के पास से कटकर अलग हो गया। उसके आहत पिता को ईलाज हेतु शासकीय अस्पताल जशपुर लाया गया, फिर घायल  की स्थिति को गंभीर देखते हुए, उसे अग्रिम इलाज हेतु, अंबिकापुर भेजा गया है।
   मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाही करते हुए, उक्त वाहन चालक के विरुद्ध बी एन एस की धारा 281,128(a ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है ।
      पुलिस की विवेचना में पता चला कि घटना के समय उक्त शासकीय हाइवे पैट्रोलिंग अर्टिगा वाहन को, ड्यूटी में लगा आरक्षक विकास टोप्पो, चला रहा था, पुलिस के द्वारा , शराब सेवन के शक में, उसका डॉक्टर से मुलाहिजा भी कराया गया है, मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस के द्वारा, आरोपी आरक्षक विकास टोप्पो को गिरफ्तार कर, विधि सम्मत कार्यवाही की जा रही है व  अर्टिगा वाहन क्रमांकCg03- 8574 को भी पुलिस के द्वारा जप्त किया गया है।मामले में पुलिस की जांच जारी है। 
        साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने, प्रथम दृष्टिया मामले में उक्त आरक्षक की संलिप्तता के मद्देनजर, आरक्षक विकास टोप्पो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस बीच उसे केवल जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।मामले में पुलिस की जांच जारी है, उसके विरुद्ध विभागीय जांच भी संस्थित की जावेगी।
     मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है, लोरो घाट के पास, दुर्घटना कारित करने वाले आरोपी आरक्षक के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज किया गया है, उसे गिरफ्तार कर विधि सम्मत कार्यवाही की जा रही है।

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सीसीटीवी की निगरानी में रायगढ़ नगर निगम की कड़ी कार्रवाई,मुख्य मार्गों पर कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना, 6 दुकानों से वसूले 20 हजार रुपए

रायगढ़, 17 नवम्बर 2025। स्वच्छ रायगढ़, स्वस्थ रायगढ़ के संकल्प के साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ नगर पालिक निगम रायगढ़ अब और अधिक सतर्क व सख्त हो गया है। मुख्य मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फैले कचरे की पहचान अब आधुनिक तरीके से की जा रही है। कचरे में मौजूद संस्था का लेबल, पैकिंग सामग्री और सीसीटीवी फुटेज देखकर कचरा फैलाने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम टीम में सोमवार को 17 नवम्बर 2025 को निगम टीम ने वार्ड क्रमांक 20 गद्दी चौक और 19 सुभाष चौक में विशेष अभियान चलाया। मौके पर मिले कचरे में विभिन्न दुकानों के पैकिंग लेबल और सामग्री के साथ सीसीटीवी से मिली पुष्टि के आधार पर न्यू शर्मा बैग हाउस, न्यू संगम बाजार और अमर इंटरप्राइजेज के विरुद्ध कचरा बाहर फैलाने के 6 प्रकरण दर्ज करते हुए कुल 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
कार्रवाई के दौरान निगम के स्वास्थ्य अधिकारी, पीआईयू सदस्य, सफाई दरोगा और निगम कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिष्ठानों को कचरा बाहर न फेंकने, निर्धारित गाड़ी और डस्टबिन में ही डालने और स्वच्छता नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।

*सीसीटीवी बना निगम का सबसे प्रभावी हथियार*

स्टेशन रोड, गद्दी चौक, सुभाष चौक, मोती बाजार, लाइन बाजार जैसे मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे अब केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि स्वच्छता निगरानी का भी शक्तिशाली माध्यम बन गए हैं। कचरा कहां से आया, किस दुकान का है, कौन बाहर फेंक रहा है और सभी तथ्य कैमरे से स्पष्ट दिख रहे हैं। इसी वजह से शहर में कचरा फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो पाई है।

*स्वच्छ रायगढ़, स्वस्थ रायगढ़ के संकल्प में सभी नागरिक सहयोग दें-निगम आयुक्त*

नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने शहर गणमान्य नागरिकों, शहर वासियों और छोटे-बड़े सभी व्यापारियों पुनः आग्रह करते हुए कहा कि रायगढ़ की स्वच्छता व्यवस्था हमारी साझा जिम्मेदारी है। शहर के मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में कचरा फैलाने की घटनाओं पर अब सीधे और सख्त कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और कचरे में मिले लेबल के आधार पर दोषियों की पहचान हो रही है, इसलिए कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान नियमों से बच नहीं पाएगा।
हमारा लक्ष्य  रायगढ़ शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, जिसमे आपके सहयोग के बिना यह संभव नही है।  इसके लिए आवश्यक है कि सभी दुकानदार, व्यापारी और नागरिक निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालें, सड़क, नाली या दुकानों के बाहर गंदगी न फैलाएँ।
नगर निगम की टीम लगातार वार्डों में निगरानी कर रही है और जहां कचरा मिलेगा, वहीं तत्काल कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ रायगढ़, स्वस्थ रायगढ़ के संकल्प में सभी नागरिक सहयोग दें, यही आपसे अपेक्षा है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'पंडुम कैफे' का किया शुभारंभ, पंडुम कैफे का शुभारंभ बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरक प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 17 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर में सामाजिक-आर्थिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए आज जगदलपुर में ‘पंडुम कैफ़े’ का शुभारंभ किया। यह कैफ़े नक्सली हिंसा के पीड़ितों और समर्पण कर चुके सदस्यों के पुनर्वास हेतु छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। यह अनूठी पहल संघर्ष से सहयोग तक के प्रेरणादायक सफर को दर्शाती है।‘पंडुम कैफ़े’ जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘पंडुम कैफे’   में कार्यरत नारायणपुर की फगनी, सुकमा की पुष्पा ठाकुर, बीरेंद्र ठाकुर, बस्तर की आशमती और प्रेमिला बघेल के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत की। उन्होंने नई शुरुआत के लिए उनका हौसला बढ़ाया और ‘पंडुम कैफ़े’ के बेहतर संचालन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पंडुम कैफ़े का शुभारंभ बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का एक प्रेरक प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने कहा कि पंडुम कैफे आशा, प्रगति और शांति का उज्ज्वल प्रतीक है। कैफे में कार्यरत युवा, जो नक्सली हिंसा के पीड़ित तथा हिंसा का मार्ग छोड़ चुके सदस्य हैं, अब शांति के पथ पर अग्रसर हो चुके हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से उन्हें आतिथ्य सेवाओं, कैफ़े प्रबंधन, ग्राहक सेवा, स्वच्छता मानकों, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता कौशल का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति के पथ पर लौटे और कैफ़े में कार्यरत एक महिला ने इस अवसर पर भावुक होकर इस पुनर्वास पहल से हुए बदलाव की बात दोहराई। एक पूर्व माओवादी कैडर ने कहा कि,“हमने अपने अतीत में अंधेरा देखा था। आज हमें समाज की सेवा करने का यह अवसर मिला है, यह हमारे लिए एक नया जन्म है। बारूद की जगह कॉफी परोसना और अपनी मेहनत की कमाई से जीना—यह एहसास हमें शांति और सम्मान दे रहा है।”

एक अन्य सहयोगी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि,“पहले हम अपने परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का सपना भी नहीं देख सकते थे। अब हम अपनी मेहनत से कमाए पैसों से घर के सदस्यों का भविष्य संवार सकते हैं। यह सब प्रशासन और इस कैफ़े की वजह से संभव हुआ है।”

एक अन्य सदस्य ने समुदाय के सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि,“हमें लगा था कि मुख्यधारा में लौटना आसान नहीं होगा, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने हमें प्रशिक्षण दिया और हमारा विश्वास जीता। सबसे बड़ी बात यह है कि हम अब पीड़ितों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे हमें अपने अतीत के अपराधों को सुधारने और शांति स्थापित करने का अवसर मिला है।”

उन्होंने यह भी बताया कि ‘पंडुम’ बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है, और इसकी टैगलाइन “जहाँ हर कप एक कहानी कहता है” इस बात का प्रतीक है कि यहाँ परोसी गई कॉफी सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष पर विजय और एक नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लेकर आती है।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जगदलपुर महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, संभागायुक्त श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस., पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी,

रायपुर, 16 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ ने अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। देहरादून में हुई 28वीं अखिल भारतीय वन खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 150 मेडल और 578 अंक के साथ लगातार दूसरे वर्ष चैम्पियनशिप अपने नाम की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों और टीमों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी है।

उल्लेखनीय है कि 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट 12 नवम्बर से 17 नवम्बर तक देहरादून में आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 74 गोल्ड, 34 रजत, 42 कांस्य लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ की ओर से इस प्रतियोगिता में भाग लेने 253 सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कई उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने किया। इनमें सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी संगीता राजगोपालन बैडमिंटन एवं टेनिस में 4 स्वर्ण, 1 रजत, सर्वश्रेष्ठ एथलीट महिला ओपन थोटा संकीर्तन ने 5 स्वर्ण पदक प्राप्त कर “गोल्डन गर्ल का खिताब पाया। इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ एथलीट (पुरुष वेटरन) सुखनंदन लाल धु्रव ने 5 स्वर्ण, सर्वश्रेष्ठ एथलीट (महिला वेटरन) चारुलता गजपाल 4 स्वर्ण ने पदक प्राप्त किया।

छत्तीसगढ़ ने लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। इस खेल-कूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह तथा उत्तराखंड के वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की। छत्तीसगढ़ की ओर से यह ट्रॉफी सुश्री शालिनी रैना ने ग्रहण की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने सभी खिलाड़ियों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। 

अखिल भारतीय वन खेल-कूद प्रतियोगिता में केरल ने 31 गोल्ड लेकर द्वितीय स्थान और कर्नाटक ने 25 गोल्ड मेडल लेकर तीसरा स्थान हासिल किए। जबकि मेजबान उत्तराखंड छठे स्थान पर रहा। इस प्रतियोगिता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक विशेष पहल भी की गई। इसके तहत “एक खेल-एक वन” की अवधारणा पर सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ी के नाम पर एक पेड़ लगाया गया, जिससे खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी मिला।

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विनोबा ऐप के माध्यम से स्कूलों में नवाचारी शिक्षा को दिया जा रहा प्रोत्साहन आज जिला स्तरीय 12 शिक्षकों का किया सम्मानित 


 जशपुर 17 नवम्बर 2025 : 
जिला कलेक्टर रोहित व्यास और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन  में ओपन लिंक्स फाऊंडेशन (विनोबा एप) द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम  जिले में जिला शिक्षा अधिकारी पी के भटनागर के दिशा निर्देश और यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के माध्यम से संचालित कराया जा रहा है । उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालंन अधिकारी अभिषेक कुमार ने बोलेगा बचपन और पोस्ट ऑफ मन्थ विजेता शिक्षकों को प्रमाण पत्र एवं  उपहार देकर सम्मानित किया। इस संबंध में अभिषेक कुमार  ने कहा विनोबा एप शिक्षकों के लिए सीखने और प्रेरणा के लिए बहुत अच्छा प्लेटफार्म है। सभी शिक्षकों को बधाई संदेश के साथ भविष्य में और बड़ी उपलब्धि के लिए  प्रेरित किए । ओपन लिंक्स फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर अज़हर शेख ने बताया विनोबा एप मे बोलेगा बचपन एक क्लब है जिसमे बोलेगा बचपन के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में कविता, कहानी वाचन  और बच्चों के आत्मविश्वास स्तर को बढ़ाने का कार्य किया जाता है। इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है विनोबा के प्रोजेक्ट ऑफिसर सोमनाथ साहू  ने बताया विनोबा एप की ओर से जिले मे शिक्षकों द्वारा नवाचार को साझा करने, अन्य शिक्षकों से सीखने तथा दस्तावेजीकरण हेतु एप जिले के शिक्षकों के लिए बनाया गया है । उल्लेखनीय है कि विनोबा भावे की टीम जिले में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एफएलएन,  जवाहर नवोदय, जेईई , नीट जैसे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में सहयोग के साथ दैनिक उपस्थिति का डाटा कलेक्शन का कार्य यशस्वी जशपुर के समन्वय में कर रही है। इस कार्यक्रम के तारतम्य में विनोबा एप में जिले के समस्त शासकीय  प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का उपस्थित दर्ज किया जाता है एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों को अपलोड किया जाता है।  इस अवसर पर जिला स्तरीय विजेता हुई प्राथमिक शाला होंगरोटोली के श्रीमति प्रिया गुप्ता, प्राथमिक कन्या आश्रम कांसाबेल के श्रीमति सुमन रवानी, प्राथमिक शाला पंडरीअंबा के लोकेश कुमार, प्राथमिक शाला दीपाटोली के श्रीमति आरती ओहदार,  प्राथमिक शाला रजला के वंदना माझी,  प्राथमिक शाला छिंदभर्री के श्रीमति  संतोषी डनसेना,  जिला स्तरीय बोलेगा बचपन के अंतर्गत प्राथमिक शाला दीपाटोली के लव कुमार गुप्ता,  माध्यमिक शाला दुलदुला के ललिता गुप्ता,  माध्यमिक शाला लोदाम के श्रीमती सीमा प्रधान को  उपहार वितरण कर सम्मानित किया गया। साथ ही बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी के साथ बोलेगा बचपन कार्यक्रम में जशपुर की ओर प्रतिनिधित्व किए सेजेस बगीचा के कार्तिक कुमार सिन्हा और प्राथमिक शाला जामटोली के श्रीमती रत्ना गुरु को प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया । सभी विजेता शिक्षकों को यशस्वी जशपुर के सदस्य संजीव शर्मा, अवनीश पांडे ने बहुत बहुत बधाई दी है  ।

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