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रायगढ़ : घरघोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का प्रभारी सचिव ने किया निरीक्षण,बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिए आवश्यक निर्देश

रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार प्रदेश में नागरिकों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में जिले के प्रभारी सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग, रेल परियोजनाएं एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने आज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में प्रदान की जा रही चिकित्सा सेवाओं, उपलब्ध संसाधनों एवं उपचार प्रक्रियाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया तथा स्वास्थ्य केंद्र को उत्कृष्ट एवं मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी भी साथ रहे।
           प्रभारी सचिव ने अस्पताल के पैथोलॉजी लैब, विभिन्न टेस्टिंग व्यवस्थाओं, एएनसी जांच, टीबी एवं सिकल सेल स्क्रीनिंग, ओपीडी सेवाएं, लेबर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, बेड की स्थिति, ड्यूटी चार्ट, पोर्टल में दवा एंट्री, स्टोर रूम प्रबंधन, एंबुलेंस संचालन, पुरुष एवं महिला वार्ड, नर्सिंग स्टेशन तथा इमरजेंसी यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ब्लड सैंपल परीक्षण सहित सभी महत्वपूर्ण जांच सेवाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
            प्रभारी सचिव ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा को उत्कृष्ट मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाए। अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा, एंबुलेंस सेवा, स्वच्छता और भोजन की व्यवस्था पूर्णतः मानक के अनुरूप सुनिश्चित हो। उन्होंने टेलीमेडिसिन सुविधा को आम जनता तक अधिकतम लाभ पहुंचाने, जनरेटर बैकअप एवं इमरजेंसी यूनिट को पूरी तरह फंक्शनल रखने तथा सेवाओं में तकनीकी सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम घरघोड़ा एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और अस्पताल में उपलब्ध सभी संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग हो। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, डीपीएम, बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।

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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्री पी. अंबलगन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित

जशपुरनगर, 21 नवम्बर 2025/ प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्री पी. अंबलगन की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभागार में योजना के क्रियान्वयन संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों से प्रगति की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार उपस्थित थे। श्री अंबलगन ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी एवं बकरी पालन तथा वानिकी जैसे घटकों को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को इन बहुविध कृषि गतिविधियों के प्रति प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए।
      उन्होंने उद्यानिकी फसलों का दायरा बढ़ाने, किसानों को इसके लाभों से अवगत कराने तथा सौर सुजला योजना सहित अन्य योजनाओं से उद्यानिकी उत्पादकों को लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया। श्री पी. अंबलगन ने किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग एवं इन पर मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मशीनों के उपयोग से लागत कम होती है तथा उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही खेती-किसानी में नवाचारों, विशेषकर ड्रोन तकनीक के प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को ऋण प्राप्त कराने हेतु गांव-गांव अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक कृषक इससे लाभान्वित हो सकें।
साथ ही सभी अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को नजदीक से समझने एवं उनका त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एक व्यापक कार्ययोजना बनाकर किसानों में उद्यमिता कौशल विकसित किया जाए, जिससे वे कृषि को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा सकें।
       बैठक में उन्होंने उन्नत किस्म के बीजों में उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी देने करने को कहा, ताकि कम संसाधन के उपयोग के बावजूद फसल के उत्पादन में वृद्धि हो। साथ ही  मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बनाने किसानों को जागरूक करने को कहा ताकि किसान अपने खेत की मिट्टी की स्थिति के बारे में  विवेकपूर्ण तरीके से उर्वरकों का उपयोग कर सके। उन्होंने उद्यानिकी फसलों के उत्पादन हेतु पॉली हाउस के निर्माण में मिलने वाली सब्सिडी और इससे माध्यम से उत्पादन में वृद्धि एवं होने वाले लाभों के बारे में किसानों में जागरूकता प्रसार करने के निर्देश दिए।  श्री अंबलगन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से सभी किसानों को जोड़ने को कहा, ताकि किसी आपदा में नुकशान की स्थिति में भरपाई हो सके। उन्होंने कृषि उत्पाद हेतु स्टोरेज हाउस बनाने हेतु मिलने वाली सब्सिडी के बारे में जागरूक करने को और इच्छुक व्यक्ति को इसका लाभ दिलानें की बात कही।  
    बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास और जिला पंचायत सीईओ श्री  अभिषेक कुमार ने कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और कृषकों की आमदनी बढ़ाने हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने एर्गी-हार्टी एक्सपों एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, कटहल मेला, बाला नदी, बांध और नहरों का पुनर्जीवन कर सिंचाई क्षेत्र का विस्तार, जी.कॉम के माध्यम से मार्केट लिंकेज, प्रगतिशील कृषकों का वाट्सअप ग्रुप, किसान कॉल सेंटर एग्रीबीड की स्थापना, फसल निगरानी डिवाइस की स्थापना सहित अन्य नवाचारों के बारे ने बताया और इससे कृषकों को हो रहे लाभों की जानकारी दी। श्री अंबलगन ने जिला प्रशासन की इन कार्यों की सराहना की।
     उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृृषि योजना के तहत खेती-किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाया गया है। इसका उद्देश्य इन कृषि जिलो को आत्मनिर्भर और समृद्धि बनाना है। इस योजना में छत्तीसगढ़ में जशपुर, दंतेवाड़ा और कोरबा को शामिल किया गया है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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सीजीपीएससी 2024 में अनुसूचित जनजाति वर्ग में चंचल ने किया टॉप,जिले और विद्यालय का नाम की रोशन

जशपुरनगर 21 नवम्बर 2025/ एकलव्य विद्यालय सन्ना में वर्ष 2018-19 में कक्षा दसवीं और बारहवीं में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण स्कूल में टॉपर रही चंचल पैंकरा ने सीजीपीएससी-2024 में अनुसूचित जनजाति वर्ग में भी टॉप कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन की है। इससे इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।


जिला प्रशासन से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सहित विद्यालय के प्राचार्य और सभी शिक्षकों ने बधाई दिए हैं।
        सीजीपीएससी-2024 में चंचल पैकरा ने ओवर आल में 204 रैंक प्राप्त की है। इसके पहले एक बार पीएससी प्री की परीक्षा दी थी। सफल नहीं होने पर कोचिंग की और प्री के बाद मेन्स निकाला। सीजीपीएससी 2024 के परिणाम में एसटी वर्ग में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले वह बीई सिविल हैं।

*पिता ने बेटी की सपना पूरा करने बेची अपनी जमीन*
          सीतापुर के काराबेल निवासी चंचल पैकरा के पिता श्री रघुवर पैकरा एवं माता श्रीमती कुंतिला पैकरा किसान हैं। वे किसानी के साथ-साथ अतिरिक्त आय के लिए सब्जी बेचते हैं। चंचल पैकरा की प्राथमिक शिक्षा काराबेल के शासकीय प्राथमिक शाला सम्पन्न हुई। इसके बाद उनका चयन एकलव्य विद्यालय सन्ना में हुआ। जहॉ उन्होंने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और स्कूल में टॉपर रहीं। 
       जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से चंलल ने सिविल में 2021-22 में बीई किया। उसके बाद वे पीएससी की तैयारी में जुट गई। पहली बार सीजी पीएससी की प्री परीक्षा दी तो सफलता नहीं मिली। बेटी के प्रयास को देखते हुए उनके पिता श्री रघुवर पैकरा ने उसे कोचिंग के लिए बिलासपुर भेजा। चंचल ने सीजीपीएस 2024 की परीक्षा में प्री के साथ मेन्स क्लियर किया और इंटरव्यू तक पहली बार पहुंचीं। पीएससी द्वारा घोषित परिणाम में चंचल पैकरा को ओवर ऑल 204 रैंक मिला है। अनुसूचित जनजाति वर्ग की कैटेगरी में चंचल ने टॉप किया है।

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भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री पी. अंबलगन ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत रामतिल फसल का किया निरीक्षण

जशपुरनगर 21 नवम्बर 2025/ कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव एवं प्रधानमंत्री धन - धान्य कृषि योजना के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्री पी. अंबलगन आज जिले के प्रवास पर रहे। उन्होंने ग्राम घाघरा में प्रधानमंत्री धन- धान्य कृषि योजना के अंतर्गत रामतिल बीज उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक कृषि एवं सहायक संचालक उद्यानिकी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कृषक श्री सतीश एक्का के खेत में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत तैयार रामतिल फसल की प्रगति व तकनीकी नवाचार का साझा मूल्यांकन किया।

*रामतिल के उन्नत किस्म के बारे में दी जानकारी* -

निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी श्री पी. अंबलगन ने किसानों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय दोगुनी करने के साथ-साथ उन्हें वैज्ञानिक कृषि तकनीक, गुणवत्ता युक्त बीज, एग्रीस्टेक के माध्यम से डिजिटल सहयोग और सस्ती वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कृषकों को बताया कि इस योजना के अंतर्गत देसी रामतिल ब्रीडर सीड उत्कल-150 के  उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के साथ उपज भी पारंपरिक बीजों की तुलना में 30-35% अधिक मिलती है। संयुक्त सचिव श्री अंबलगन ने बताया कि प्रधानमंत्री धन- धान्य कृषि योजना किसानों को डिजिटल खेती, सिंचाई प्रबंधन, बीज प्रमाणन, कोल्ड चेन सुविधा, भण्डारण एवं विपणन की वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराती है। योजना में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म और मोबाइल आधारित एग्री एप्प के माध्यम से तकनीकी मार्गदर्शन एवं फसल सुरक्षा सलाह वास्तविक समय पर उपलब्ध कराई जा रही है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने किसानों को योजनाओं का लाभ उठाकर उन्नत तकनीकों के माध्यम से अधिक उत्पादन लेने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में एसएडीओ मनोरा, आरएईओ घाघरा, आरएईओ सोनक्यारी सहित अन्य कृषि पदाधिकारी एवं स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।

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निफ्टम पहल से गांवों में बढ़ी प्रोसेसिंग की ताकत,महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में समूह की महिलाओं को मिली ट्रेनिंग

जशपुरनगर 21 नवम्बर 2025/*ल जशपुर जिले में फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को स्व सहायता समूह मेंबर्स, किसानों, एकेडेमिया और सरकारी एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से नई रफ़्तार मिली है। ज़मीनी स्तर पर चल रही इन कोशिशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि सही ट्रेनिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केट लिंकज उपलब्ध हो, तो स्थानीय स्तर पर बने उत्पाद भी बड़े बाज़ारों तक पहुँच सकते हैं। सभी स्टेकहोल्डर्स ने इन प्रयासों को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि जशपुर के उत्पाद व्यापक उपभोक्ता आधार तक पहुँच सकें।
           खेती और बागवानी की वैल्यू चेन को मज़बूत करने और ग्रामीण आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में निफ्टम कुंडली (हरियाणा) का ग्राम अंगीकारम कार्यक्रम 19 से 27 नवंबर 2025 तक जशपुर जिले के नौ दिवसीय दौरे पर है। इस दौरान निफ्टम टीम ने जिले के कलेक्टर श्री रोहित व्यास और जिला पंचायत के सीईओ श्री अभिषेक कुमार से मुलाकात कर योजना की गई गतिविधियों की रूपरेखा साझा की।
         यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित किया जा रहा है, जिसे जिला प्रशासन जशपुर का समर्थन प्राप्त है और जिसका संचालन जय जंगल फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यह केंद्र पहले से ही महुआ, मिलेट्स और वनोपज आधारित नवाचारों का एक मजबूत हब बनकर उभर रहा है।
         कार्यक्रम के अंतर्गत स्व सहायता समूह, एसपीओएस और पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए मोटे अनाज और स्थानीय कच्चे माल पर आधारित वैल्यू-एडेड उत्पादों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सेशन शुरू किए गए हैं। कार्यक्रम के तीसरे दिन, कांसाबेल, कुनकुरी और पत्थलगांव क्षेत्रों की समूह की 20 महिलाएं और एफपीओएस के 5 पुरुषों ने सक्रिय रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
           ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को सूजी से बना पास्ता, बाजरा कपकेक और डोनट्स बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें पैकेजिंग, लेबलिंग, रेगुलेटरी कंप्लायंस, सेंसरी इवैल्यूएशन, कॉस्टिंग और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि वे अपने उत्पादों को व्यावसायिक रूप में विकसित कर सकें।
           सूजी पास्ता की ट्रेनिंग विशेष रूप से जय जंगल एफपीसी की समूह की सदस्यों द्वारा कराई गई, जिसमें गणपति और प्रभा प्रशिक्षण का नेतृत्व कर रही थीं। समूह की सदस्यों ने बताया कि यही सूजी आधारित पास्ता अब जशपप्योर पास्ता के नाम से जशपुर के लोकल रिटेल शॉप्स में अच्छी मात्रा में बिक रहा है और अपनी एक अलग पहचान भी बना रहा है। यह पास्ता आमतौर पर मिलने वाले मैदा-आधारित पास्ता की तुलना में एक अधिक हेल्दी और पौष्टिक विकल्प है। यह उदाहरण दर्शाता है कि जशपुर में दी जा रही ट्रेनिंग अब वास्तविक बाज़ार और आय के स्रोत में बदल रही है।
           इसी प्रकार बाजरा कपकेक और डोनट्स की विशेष ट्रेनिंग निफ्टम कुंडली की तकनीकी टीम द्वारा कराई गई, जिसमें महिला एसएचजी सदस्यों और एसपीओ से जुड़े युवाओं को मिलेट-बेस्ड बेक्ड प्रोडक्ट्स की वैज्ञानिक विधि, इंग्रेडिएंट बैलेंस, टेक्सचर डेवलपमेंट और शेल्फ-लाइफ स्टेबिलिटी का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए बाजरा कपकेक और डोनट्स की लागत गणना, पैकेजिंग फॉर्मेट और उपभोक्ता अपील पर भी चर्चा की गई। निफ्टम टीम के अनुसार इस प्रकार के मिलेट-आधारित उत्पाद वर्तमान में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और भविष्य में एसएचजी सदस्यों के लिए एक नया, स्थायी आजीविका स्रोत बन सकते हैं।
           पुरुषों और महिलाओं दोनों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि जिले में फूड इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को लेकर एक सकारात्मक और उत्साहजनक माहौल बन रहा है। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसी पहलें लोकल प्रोड्यूस को मार्केट-रेडी प्रोडक्ट में बदलने, नए रोजगार अवसर सृजित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
           निफ्टम कुंडली का व्हीएपी डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के मार्गदर्शन में, फूड टेक्नोलॉजी इनोवेशन को जमीनी स्तर के ग्रामीण विकास से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण फ्लैगशिप पहल है। यह कार्यक्रम देशभर के गांवों में वैल्यू एडिशन, उद्यमिता और सस्टेनेबल प्रैक्टिस को बढ़ावा देकर किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त करने का कार्य कर रहा है।
          वर्तमान में जशपुर में मौजूद निफ्टम टीम का नेतृत्व प्रो. प्रसन्ना कुमार जी. वी और श्री अभिमन्यु गौड़ कर रहे हैं। इस पहल को स्थानीय स्तर पर एनआरएलएम जशपुर के मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद तथा जय जंगल एफपीसी के डायरेक्टर श्री समर्थ जैन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।
           यह पूरी पहल जशपुर को फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और स्थानीय ब्रांडिंग के क्षेत्र में एक मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है।

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रक्षित केन्द्र जशपुर में समस्त बस संचालकों की बैठक हुई सम्पन्न,यात्री बस में अग्निशमन सहित आपातकालीन दरवाजा और सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच करने हेतु दी गई समझाईश

*जशपुरनगर 21 नवम्बर 2025* /कलेक्टर श्री रोहित के निर्देशानुसार जिला परिवहन विभाग द्वारा आज रक्षित केन्द्र जशपुर में समस्त बस संचालकों की बैठक आहूत की गई। जिसमें लगभग कुल 29 बस संचालक व ऑपरेटर सम्मिलित हुए।
           बैठक में जिला परिवहन अधिकारी के द्वारा हर यात्री बस में अग्निशमन अनिवार्य, ए.सी. स्लीपर बसों में एक से अधिक फायर एक्सटिंगिशर, आपातकालीन दरवाजा और तोड़ने के औजार जैसे हथौड़ा, फस्ट एड बॉक्स रखने, चालक और परिचालक को अग्निशमन प्रशिक्षण दिए जाने, बसों में सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर जांच आदि कराने के संबंध जानकारी दी गई और इस दौरान अग्नि शमन यंत्र के संबंध में प्रदर्शन प्रशिक्षण पुलिस व नगर सेना टीम द्वारा दिया गया। आर.आई. श्री खूंटे द्वारा अग्नि, अग्नि के प्रकार और अग्निशमन यंत्र में लगे गैसों के प्रकार के बारे में विस्तृत रूप से बतलाया गया।

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सभी उपार्जन केंद्रों में माइक्रो लेवल पर हो निरंतर निगरानी- प्रभारी सचिव श्री रजत कुमार,किसानों को मिल रही उत्कृष्ट सुविधाओं पर जताई संतुष्टि

रायगढ़, 21 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरुप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य प्रदेश भर में सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से जारी है। इसी क्रम में जिले के प्रभारी सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सार्वजनिक उपक्रम विभाग, रेल परियोजनाएं एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने आज रायगढ़ जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीदी व्यवस्था, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं धान के सुरक्षित भंडारण की स्थिति की जानकारी ली और समग्र व्यवस्था पर संतोष जताया। इस अवसर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी भी साथ में मौजूद रहे।
            प्रभारी सचिव ने सर्वप्रथम धान उपार्जन केंद्र कोड़ातराई का दौरा किया। उन्होंने साफ-सफाई, बारदाना उपलब्धता, पेयजल, फेंसिंग, सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज सिस्टम, नमीमापक यंत्र, तौल कांटा, छाया व्यवस्था तथा अब तक की कुल खरीदी की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सुखा, स्वच्छ एवं एफएक्यू क्वालिटी का धान ही खरीदा जाए। किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव को किसानों ने उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को उत्कृष्ट बताया और पारदर्शी एवं व्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से संतोष व्यक्त करते हुए सरकार का आभार प्रकट किया।
           प्रभारी सचिव ने कहा कि सभी चेकपोस्टों पर सख्त निगरानी रखी जाए एवं किसानों का शत-प्रतिशत धान खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा बाहरी धान को जिले में प्रवेश से पहले ही रोकने के पुख्ता इंतजाम हों। उन्होंने अधिकारियों को माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग, नियमित फील्ड विजिट और निगरानी करने के निर्देश दिए।

*तरकेला उपार्जन केंद्र में किसानों से किया सीधा संवाद*

प्रभारी सचिव ने धान उपार्जन केंद्र तरकेला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पिछले वर्ष की खरीदी, पंजीकृत किसानों की संख्या, बारदाना उपलब्धता, टोकन प्रणाली, ड्रेनेज व्यवस्था एवं तौल कांटा की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए। छोटे किसानों को 2 तथा बड़े किसानों को 3 टोकन दिए जाएं। इस दौरान किसानों ने बताया कि उपार्जन केंद्र में अच्छी व्यवस्था है। ग्राम के प्रगतिशील किसान विजय शंकर चौधरी ने बताया कि इस वर्ष खाद-बीज के लिए किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं हुई। फसलों में नैनो डीएपी उर्वरक तथा ड्रोन तकनीक से दवा छिड़काव का उपयोग किया गया है। प्रभारी सचिव ने प्रगतिशील किसान श्री चौधरी को प्रेरणादायी उदाहरण बताया।

*घरघोड़ा और जरेकेला उपार्जन केंद्रों का भी किया गया निरीक्षण*

प्रभारी सचिव ने धान खरीदी केंद्र घरघोड़ा और जरेकेला में पंजीकृत किसानों की संख्या, लक्ष्य, रकबा, बारदाना उपलब्धता और इंटरस्टेट धान की रोकथाम की जानकारी ली। उन्होंने समिति एवं प्रशासनिक टीम को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केवल पंजीकृत किसान अथवा उनके नॉमिनी से ही की जाए तथा भुगतान समय पर किया जाए। उन्होंने डिजिटल एवं पारदर्शी खरीदी के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एसडीएम रायगढ़ श्री महेश शर्मा, एसडीएम घरघोड़ा श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, जिला खाद्य अधिकारी, डीएमओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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घर बैठे धान विक्रय का नया दौर: तुंहर टोकन ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत,मोबाइल से काट रहे टोकन, धान खरीदी प्रक्रिया हुई पारदर्शी और तेज

रायपुर, 21 नवंबर 2025/

 खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में लागू की गई इस व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में धान विक्रय हेतु टोकन निकाल पा रहे हैं और निर्धारित समय पर आसानी से केंद्र पहुंचकर धान बेच रहे हैं।

शुक्रवार को 52 किसानों ने मोबाइल से काटा टोकन

अम्बिकापुर जिले के उपार्जन केंद्रों में शुक्रवार को 52 किसानों ने तुंहर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे धान का टोकन काटा। बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि डिजिटल सुविधा ने किसानों का विश्वास तेजी से जीता है।

अम्बिकापुर विकासखंड के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मेड्राकला में पहुंचने वाले ग्राम भिट्ठीकला के कृषक श्री श्याम राजवाड़े और श्री मिलन राम ने बताया कि मोबाइल ऐप से टोकन काटने के बाद केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

श्री श्याम राजवाड़े ने कहा कि उन्होंने 26 क्विंटल धान का टोकन कुछ ही मिनटों में घर बैठे निकाल लिया। पूर्व में केंद्र में जाकर टोकन लेने में समय और श्रम दोनों लगते थे, पर अब आते ही बारदाना मिला और धान की तौल भी तत्काल हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने के निर्णय की सराहना की।

इसी तरह किसान श्री  मिलन राम ने बताया कि उन्होंने 62 क्विंटल धान का टोकन मोबाइल ऐप से काटा। बार-बार केंद्र नहीं आना पड़ा और पहुंचते ही बारदाना व तौल की प्रक्रिया बिना किसी बाधा पूरी हुई। उन्होंने कहा कि इस बार की खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान-मित्र साबित हो रही है।

डिजिटल नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा

तुंहर टोकन ऐप के जरिए किसानों को अब लंबी लाइनों से मुक्ति,समय और श्रम की बचत,टोकन प्रक्रिया में पारदर्शिता,भीड़-भाड़ और अव्यवस्था में कमी
जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। किसानों की संतुष्टि यह साबित करती है कि राज्य सरकार की यह डिजिटल पहल सफल रही है और धान विक्रय को अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।

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कोपरा जलाशय को मिलेगा रामसर स्थल का दर्जा,राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्ताव 

रायपुर, 21 नवम्बर 2025/वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

*कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान*

     वन मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है।

*जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ की*

      इसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है।

*दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थल*

        राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है।

*स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा*

      इसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा।

*ग्रामीण आजीविका के विकास  को मजबूत करने की तैयारी*

    सरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

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भरतपुर में नई ग्रामीण बस सेवा शुरू,मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहर

रायपुर, 21 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। 

*ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध है कराना*

     उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।

*विद्यार्थियों, महिलाओं और आमजनों को बड़ी सुविधा*

      नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।

        इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।

 *ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल*

    यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

     इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शामिल हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जशक्राफ्ट के उत्पादों की सराहना

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025/ जनजातीय गौरव दिवस 2025 के अवसर पर 20 नवम्बर 2025 को पी.जी. कॉलेज मैदान अंबिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। 
         कार्यक्रम में जशपुर वनमंडल की ओर से जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत एक प्रदर्शनी स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल में वन प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों बाँस एवं सवई यास-से निर्मित आकर्षक हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इनमें मुख्य रूप से झुमके, माला, टोपी सहित अन्य पारंपरिक आभूषण एवं उपयोगी सामग्री शामिल थीं।
           राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जशक्राफ्ट के हस्तशिल्प उत्पादों को देखकर विशेष प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने स्थानीय कारीगरों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं उनका उपयोग करते हुए विकसित की गई इन पारंपरिक कलाकृतियों को सराहा। जशक्राफ्ट उत्पादों की इस सराहना से स्थानीय ग्रामीणों एवं कारीगरों में उत्साह का संचार हुआ है। इससे न केवल आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय कला एवं हस्तकला को भी व्यापक पहचान प्राप्त होगी।

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निफ्टम ने मोटा अनाज आधारित बेकरी उत्पादों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया आयोजित

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025/ निफ्टम ने मोटा अनाज आधारित बेकरी उत्पादों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरियाणा की कुंडली में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट की ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम टीम ने प्रो. प्रसन्ना कुमार जी.वी. और श्री अभिमन्यु गौर के नेतृत्व में आज जशपुर नगर, जशपुर में महुआ पर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में मोटा अनाज से बने बेकरी प्रोडक्ट्स पर फोकस करते हुए एक हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सेशन किया। इस प्रोग्राम में सेल्फ़-हेल्प ग्रुप्स की कुल 25 महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिसका मकसद नान खटाई, न्यूट्रीबार और कुकीज़ जैसे बेकरी आइटम्स में मोटा अनाज के इस्तेमाल से न्यूट्रिशनल अवेयरनेस, स्किल डेवलपमेंट और रोज़ी-रोटी के मौकों को बढ़ावा देना था।
         निफ्टम के स्टूडेंट्स ने बाजरे के “न्यूट्री-सीरियल्स” के तौर पर महत्व पर ज़ोर दिया, जो फ़ाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। ट्रेनिंग में ग्रामीण महिलाओं के लिए एंटरप्रेन्योरशिप के मौकों पर ज़ोर दिया गया, जिससे उन्हें हेल्दी, बाजरे से बने प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड को पूरा करके अपनी इनकम के सोर्स को अलग-अलग करने में मदद मिली। पार्टिसिपेंट्स इस प्रोग्राम को लेकर बहुत उत्साहित थे, उन्होंने कहा कि निफ्टम द्वारा दिए गए प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन और गाइडेंस से उन्हें अपने समुदायों में छोटे पैमाने पर काम शुरू करने में मदद मिलेगी।
           जशपुर में निफ्टम टीम वैल्यू-एडेड फ़ूड प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन के साथ-साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए टेक्निकल सपोर्ट देकर लोकल समुदायों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप के मौके बनाने के लिए ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम लागू कर रही है। यह पहल फ़ूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को फैलाने और ज़मीनी स्तर पर फ़ूड-बेस्ड एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने की उनकी कोशिशों में एक अहम पहलु है। यह प्रोग्राम निफ्टम के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। इसे जशपुर ज़िला प्रशासन का पूरा सपोर्ट है, जिसमें ज़िला कलेक्टर श्री रोहित व्यास और ज़िला परिषद, जशपुर के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर श्री अभिषेक कुमार शामिल हैं। एक्टिविटीज़ का कोऑर्डिनेशन श्री विजय शरण प्रसाद, मिशन मैनेजर  , और जय जंगल एफपीसी, जशपुर के डायरेक्टर श्री समर्थ जैन देख रहे हैं।

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जशपुर : स्कूल संचालन समय में किया गया परिवर्तन,अत्यधिक ठंड को देखते हुए कलेक्टर ने जारी किया आदेश,

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025/ जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जशपुर जिले की शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य सभी विद्यालयों के संचालन समय में परिवर्तन किया है। यह संशोधित समय-सारणी 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।

दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए नया समय निर्धारण

जारी आदेश के अनुसार प्रथम पाली की शालाएं सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 8:30 बजे से 12:00 बजे तक एवं शनिवार को प्रातः 8:30 बजे से 12:00 बजे तक संचालित होंगी। द्वितीय पाली की शालाएं सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12:15 बजे से 4:15 बजे तक तथा शनिवार को दोपहर 12:15 बजे से 4:15 बजे तक संचालित होंगी।

एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए समय में बदलाव

एक पाली में संचालित होने वाली शालाएं सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक संचालित होंगी। शनिवार को इनका संचालन समय प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक रहेगा।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तत्परता से मिली राहत,विद्युत दुर्घटना में मृत बालक के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025 / बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की तत्परता से विद्युत दुर्घटना में मृत बालक के परिजनों को आर्थिक राहत मिली है। पुराने प्रकरण का तत्परता से निराकरण किया गया है। कैंप कार्यालय के अधिकरियों के समन्वय से प्रकरण के तहत 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इससे परिजनों को आर्थिक राहत मिली है। इस पर परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, अम्बिकापुर द्वारा थाना कांसाबेल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोंगरो में घटित विद्युत दुर्घटना में मृत्यु के प्रकरण में अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 23 नवंबर 2021 को करेंट लगने से बालक शिवा चौहान गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिनका उपचार के दौरान 30 नवंबर 2021 को निधन हो गया।दुर्घटना में मृत बालक शिवा चौहान  के वैधानिक उत्तराधिकारी उनकी माता श्रीमती पार्वती चौहान को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत की गई है। कंपनी ने अपनी सामाजिक एवं मानवीय संवेदनशीलता का निर्वहन करते हुए इस आर्थिक सहायता राशि को स्वीकृत किया है, जिससे मृतक के परिजनों को राहत मिल सके। मुख्य अभियंता (अं.क्षे.) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, अम्बिकापुर श्री यशवंत शिलेदार द्वारा स्वीकृत आदेश जारी करते हुए कार्यपालन यंत्री (संचा/संघा) संभाग, पत्थलगांव को स्वीकृत अनुग्रह राशि के आहरण एवं भुगतान हेतु अधिकृत किया गया है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर केवसराईटोली को मिला नया ट्रांसफार्मर,ग्रामीणों को लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी निजात

जशपुरनगर 20 नवम्बर 2025/ जशपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की गंभीर समस्या से जूझ रहे निवासियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल के बाद बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग ने जिले में युद्धस्तर पर काम करते हुए बिजली की समस्या वाले जगहों में नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए हैं। इसी क्रम में फरसाबहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत दलटोली के आश्रित गाँव सराईटोली में भी बहुप्रतीक्षित नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है, जिससे अब गाँव में पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही ग्रामीणों को लो वोल्टेज की समस्या से भी निजात मिलेगी। नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत विभाग ने एजेंसी को राशि जारी कर दी है। साथ ही ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य को तेज गति से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था को सुधारने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे करने और जहाँ भी आवश्यकता हो, तत्काल ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश दिए। इसी तारतम्य में तेजी से विद्युतीकरण का काम हो रहा है।

     उल्लेखनीय है कि सराईटोली में लंबे समय से बिजली की समस्या थी, जहाँ लो वोल्टेज के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। गांव के सरपंच श्री आशा राम सिदार ने इस समस्या को लेकर बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। सरपंच की मांग को तत्परता से लेते हुए कैंप कार्यालय के अधिकारियों ने गांव में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए  उच्च कार्यालय में समन्वय किया। इसके फलस्वरूप शासन से नए ट्रांसफार्मर की स्वीकृति हुई। साथ ही गांव में ट्रांसफार्मर लगाने का भी कार्य आदेश जारी हो चुका है। विद्युत विभाग के एक्जीक्यूटिव अभियंता  ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में यह कार्य तेजी से किया जा रहा है। सराईटोली में नया ट्रांसफार्मर लगने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। आम जनता ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके प्रयासों से गाँव का अँधेरा छटा और जीवन स्तर में सुधार आया है।

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रायगढ़ : प्रशासन द्वारा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने जागरूकता अभियान,दीवारों में नारा लेखन के साथ विभिन्न गतिविधियों का किया जा रहा आयोजन 

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/ जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर.कच्छप ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले को 31 मार्च 2029 से पूर्व पूर्णतः बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों एवं बाल विवाह मुक्त छ.ग. अभियान के लक्ष्यों को विस्तार से बताया गया है। साथ ही बाल विवाह रोकने और इसे समाप्त करने के लिए शपथ दिलाई गई। कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण ईकाई के कर्मचारी एवं चाइल्ड हेल्प लाइन के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।
               जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए आंगनबाडी कार्यकर्ता, मिशन शक्ति, चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 के टीम द्वारा जन समुदाय के मध्य, स्कूलों, विभागीय बैठकों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जागस्कता लाने के उद्देश्य से नारा लेखन कराया जा रहा है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अधिसूचित किया गया है। बाल विवाह संबंधी सूचना इन्हें दी जा सकती है। इनके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 पर भी बाल विवाह होने की सूचना दी जा सकती है। सूचना प्रदाता की जानकारी गोपनीय रखी जाती है।
         जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु ग्राम पंचायतों द्वारा आयोजित ग्राम सभाओं में बाल विवाह निषेध प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए जा रहे हैं तथा ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त करने का संकल्प लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इससे कम आयु में विवाह कराने या सहयोग करने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एक लाख का जुर्माना एवं दो वर्ष तक की कठोर कारावास या दोनो से दण्डित किया जा सकता है। यदि किसी नाबालिग की जबरन शादी कराई जाती है, तो इसमें शामिल पुरोहित और परिजन दोनों अपराध की श्रेणी में आएंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

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रायगढ़ : तुहर टोकन’ ऐप से किसानों को घर बैठे मिल रही सुविधा,पारदर्शी धान खरीदी नीति से किसानों में उत्साह

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान सुगम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। शासन द्वारा लागू की गई डिजिटल प्रणाली और उपार्जन केंद्रों में सुदृढ़ व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और अधिक मजबूत किया है। इसी क्रम में ग्राम बनोरा के किसान रमेश साव ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए घर बैठे ही ‘किसान-तुहर टोकन’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से टोकन मिलने से उन्हें न तो उपार्जन केंद्र के चक्कर लगाने पड़े और न ही कतार में लगने का समय गंवाना पड़ा, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई।
            किसान रमेश साव निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र लोईंग पहुंचकर अपने धान का विक्रय किया और वहां की व्यवस्थाओं से विशेष रूप से प्रभावित हुए। केंद्र में सटीक तौल हेतु इलेक्ट्रानिक तौल मशीन, पर्याप्त बारदाना, सुव्यवस्थित भंडारण व्यवस्था, किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रमेश साव ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने 5 एकड़ में धान की खेती की है। वे इस वर्ष लगभग 85 क्विंटल धान का विक्रय करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और किसान-केंद्रित धान खरीदी नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को 3100 रूपये प्रति क्विंटल प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कृषि के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि सेवा सहकारी समिति लोईंग में इस वर्ष 1229 किसान पंजीकृत हैं और प्रतिदिन धान विक्रय करने किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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रायगढ़ : खरसिया में 128 कट्टा अवैध धान जब्त-प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

रायगढ़, 20 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी एवं पारदर्शी धान खरीदी नीति के अनुरूप जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से संचालित है। शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर भी जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी है। इसी क्रम में बुधवार को खरसिया अनुविभाग अंतर्गत 128 कट्टा अवैध धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई एसडीएम खरसिया श्री प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में राजस्व एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
          एसडीएम श्री तिवारी ने बताया कि संयुक्त दल द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान ग्राम काफरमार में वरुण तिवारी के पास 58 कट्टा और ग्राम केवाली में गुहा दास महंत के पास 70 कट्टा अवैध धान भंडारित पाया गया। दोनों स्थानों से कुल 128 कट्टा धान जब्त कर नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन के निर्देशों का पालन करते हुए अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। अनुविभागीय स्तर पर गठित टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान मण्डी सचिव श्री प्रशांत कुलमित्र, खाद्य निरीक्षक श्री बनमाली यादव और मण्डी उप निरीक्षक मौजूद रहे।

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