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पैरों से चित्र उकेरने वाली पूनम बिटिया को मुख्यमंत्री की पहल से अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति

रायपुर 13 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं। 

आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए।

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समाज कल्याण विभाग और यूनिसेफ के विशेष सहयोग से 18 नवंबर को रायपुर में ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति हेतू कार्यशाला का आयोजन 

रायपुर, 13 नवंबर 2025/छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग और यूनिसेफ के विशेष सहयोग से आगामी मंगलवार 18 नवंबर 2025 को रायपुर स्थित होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025’’ के ड्राफ्ट को और सशक्त बनाने महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन करेगा। 

यह कार्यशाला महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगी। कार्यशाला का उद्देश्य है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए एक व्यापक और समावेशी नीति को अंतिम रूप देना है।
दिव्यागजन अधिकार अधिनियम, 2016 एक ऐतिहासिक कानून है जो दिव्यांगता को दया के बजाय ’अधिकार’ के विषय के रूप में स्थापित करता है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा ’’छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन कल्याण एवं पुनर्वास नीति 2025’’ का एक व्यापक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। ड्राफ्ट को और अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाने के लिए यह कार्यशाला यूनिसेफ के विशेष सहयोग से आयोजित की जा रही है।

यह कार्यशाला ’’हमारे बिना, हमारे बारे में कुछ भी नहीं’’ के मार्गदर्शी सिद्धांत पर आधारित होगी। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को अंतिम रूप देने से पहले प्रमुख हितधारकों, विभिन्न संबंधित विभागों और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से अमूल्य सुझाव एवं व्यावहारिक फीडबैंक प्राप्त करना है।

इस महत्वपूर्ण विमर्श को तकनीकी और विशेषज्ञ राय प्रदान करने के लिए देश के जाने-माने विशेषज्ञ शामिल होंगे। इनमें श्री राजीव रतूड़ी (राजीव रतूड़ी बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक मामले में मुख्य याचिकाकर्ता एवं डिसेबिलिटी राइट्स प्रमोशन इंटरनेशनल के एशिया पेसिफिक क्षेत्रीय अधिकारी), श्री समीर घोष (समावेश सलाहकार, विश्व बैंक), श्री अखिल पॉल (मुख्य संरक्षक, सेंस इंटरनेशनल इंडिया) और यूनिसेफ की विशेषज्ञ सुश्री अलका मल्होत्रा प्रमुख हैं।

नीति-निर्माण में ’’समग्र शासन दृष्टिकोण’’ सुनिश्चित करने के लिए कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न प्रमुख विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यशाला में गृह (पुलिस), पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण, जनसंपर्क एवं पर्यटन, सामान्य प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, परिवहन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, श्रम, खेल एवं युवा कल्याण और ग्रामोद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

कार्यशाला में मुख्य अपेक्षित परिणाम ड्राफ्ट नीति के हर अध्याय जैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुलभता और सामाजिक सुरक्षा पर विशेषज्ञों और इन सभी विभागों से ठोस इनपुट प्राप्त करना है। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को समाहित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतिम नीति न केवल व्यापक, समावेशी और सुदृढ़ बने, बल्कि प्रदेश में दिव्यांगजनों के जीवन में वास्तविक व सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विशेष ग्रामसभा का होगा आयोजन

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को माह नवम्बर 2025 में ग्रामसभाओं के सुचारू आयोजन के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 6 के अनुसार प्रत्येक तीन माह में एक बार ग्रामसभा का आयोजन आवश्यक है। शासन के निर्देशानुसार वर्ष में निर्धारित तिथियों 23 जनवरी, 14 अप्रैल, 20 अगस्त एवं 02 अक्टूबर के अतिरिक्त माह जून एवं नवम्बर में भी ग्रामसभा आयोजित की जानी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद पंचायतवार समय-सारिणी तैयार कर यह सुनिश्चित किया जाए कि एक ही दिन किसी ग्राम पंचायत के एक ग्राम में ही ग्रामसभा आयोजित हो, ताकि सरपंच एवं सचिव ग्रामसभा में उपस्थित रह सकें। कलेक्टर श्री व्यास ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामसभा सम्मिलनों का आयोजन सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं जनसहभागिता पूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि ग्रामीण विकास की दिशा में पंचायतें और अधिक सशक्त बन सकें।

 *ग्रामसभा से पूर्व की तैयारी* - 
ग्रामसभा की सूचना पंचायत के सूचना पटल पर चिपकाने, ग्राम के प्रमुख स्थलों पर चस्पा करने एवं मुनादी कराकर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामसभा प्रभारी की नियुक्ति समयपूर्व की जाएगी तथा सचिवों एवं प्रभारी अधिकारियों का एजेण्डा आधारित एक दिवसीय प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।


 *ग्रामसभा में चर्चा के विषय व एजेंडे* - 

ग्रामसभा की बैठक में पिछले सम्मेलनों में लिए गए संकल्पों के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। पंचायतों की पिछली तिमाही की आय-व्यय का वाचन कर अनुमोदन किया जाएगा।
विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की सूची, स्वीकृत राशि, प्राप्त राशि, व्यय राशि तथा कार्य की अद्यतन स्थिति की जानकारी ग्रामसभा में प्रस्तुत की जाएगी। संपत्ति कर अधिरोपण की प्रणाली को ऑनलाइन करने के लिए समर्थ पंचायत पोर्टल के उपयोग पर चर्चा की जाएगी तथा चालू वित्तीय वर्ष के लिए संपत्ति कर दर निर्धारण के बाद कर अधिरोपण प्रारंभ करने का निर्णय लिया जाएगा। ग्राम पंचायतों के वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों जिनसे पंचायतों के लेखे या बकाया राशि का हिसाब लिया जाना है, उनके नामों की जानकारी भी ग्रामसभा में दी जाएगी। ग्राम पंचायत क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों पर मवेशियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा लोगों में जागरूकता बढ़ाते हुए अपने मवेशियों को खुले नहीं छोड़ने का संकल्प पारित किया जाएगा। सड़कों पर खुला छोड़े जाने की स्थिति में छत्तीसगढ़ पंचायत अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत जुर्माना या शास्ति अधिरोपित करने की व्यवस्था की जाएगी। ग्राम पंचायतों के पंचायत उन्नति सूचकांक  के परिणामों में सुधार लाने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और भागीदारी की भावना को बढ़ावा देने पर चर्चा की जाएगी तथा समुदाय को ग्राम पंचायत स्तरीय प्रदर्शन डेटा से अवगत कराया जाएगा। ग्राम में स्थित मुक्तिधामों में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
जरूरतमंद व्यक्तियों को वितरित खाद्यान की जानकारी ग्रामसभा में प्रस्तुत की जाएगी और लाभान्वित हितग्राहियों के नामों का वाचन किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में जन्म, मृत्यु एवं युवा पंजीयन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी तथा लंबित और निराकृत प्रमाणपत्रों की जानकारी दी जाएगी। मौसमी बीमारियों की रोकथाम और निदान के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा कर ग्रामवासियों में जनजागरूकता फैलाने पर चर्चा की जाएगी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों द्वारा रोजगार की मांग और उन्हें उपलब्ध कराए गए रोजगार की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। मनरेगा योजना के अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्यों की सूची ग्रामसभा में वाचन की जाएगी। सामाजिक सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा तथा हितग्राहियों का सत्यापन कराया जाएगा।


*डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता* - 

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि ग्रामसभा में लिए गए निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए और उसे “ग्रामसभा निर्णय  मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाए। ग्रामसभा की सभी गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल में शत-प्रतिशत अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

*15 नवम्बर को विशेष ग्रामसभा, जनजातीय गौरव दिवस पर* - 

कलेक्टर श्री व्यास ने 15 नवम्बर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विशेष ग्रामसभा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस दिन ग्रामसभाओं में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी, नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सभासार नामक ए.आई. आधारित पोर्टल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामसभा की कार्यवाही का डिजिटल विवरण तैयार किया जाएगा। इस पोर्टल के उपयोग हेतु निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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धान उपार्जन केन्द्र प्रभारियों के अनिश्चत कालिन हड़ताल पर होने के कारण 46 धान खरीदी केन्द्रों में कर्मचारियों की गई व्यवस्था,


 
जशपुर 13 नवंबर 25/ अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में धान खरीदी की तैयारी के संबंध में समीक्षा बैठक ली।
 खरीदी केन्द्रों जशपुर के सभी धान उपार्जन केन्द्र प्रभारी वर्तमान में अनिश्चत कालिन हड़ताल पर होने के कारण राज्य शासन के निर्देश पर जिले के सभी 46 उपार्जन केन्द्र प्रभारियो के स्थान पर दिनांक 12.11.25 को शासकीय कर्मचारियो को नियुक्त किया जा कर आज दिनांक 13.11.25 को अपर कलेक्टर जिला जशपुर की अध्यक्षता में धान उपार्जन के संबंघ में विशेष प्रशीक्षण एव उपार्जन कार्य शासन नियम एवं निर्देशो के आधार पर किये जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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जिला स्तरीय ई-ऑफिस प्रशिक्षण का हुआ आयोजन,डिजिटल प्रशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025 /डिजिटल प्रशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कलेक्टोरेट कार्यालय के मंत्रणा मीटिंग हॉल में जिला स्तरीय ई-ऑफिस एवं  SPARROW प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना था।  
          कार्यक्रम में अपर कलेक्टर एवं ई-ऑफिस के नोडल अधिकारी श्री प्रदीप कुमार साहू, सामान्य प्रशासन विभाग रायपुर से मास्टर ट्रेनर श्री विनोद देवांगन, रवि निषाद तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री नरेश कुमार साहू, श्री संजय खाखा, श्री विक्की गुप्ता, श्री शशिकांत नायक राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र जशपुर एवं जिले के सभी विभागों के लगभग 150 अधिकारीगण व कर्मचारी इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए और सक्रिय भागीदारी निभाई।  
         प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसमें पत्रों का अधिकारियों के बीच संचलन, ड्राफ्ट तैयार करना, नोटशीट निर्माण और पत्र प्रेषण जैसी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार एक पत्र या फाइल विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के पास पहुँचती है और किस तरह उसका निस्तारण किया जाता है। इस अभ्यास से अधिकारियों को डिजिटल माध्यम से कार्य करने की वास्तविक समझ प्राप्त हुई।  
           सत्र में  SPARROW (Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window)  प्रणाली का भी परिचय कराया गया। यह प्रणाली गोपनीय प्रतिवेदन तैयार करने और उसे सुरक्षित रूप से संधारित करने के लिए विकसित की गई है। अधिकारियों को बताया गया कि SPARROW के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और व्यवस्थित हो जाएगी। इससे न केवल अधिकारियों के कार्य का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव होगा बल्कि प्रशासनिक दक्षता भी बढ़ेगी।  
            इस प्रशिक्षण का महत्व इसलिए भी है क्योंकि जिले में पत्र एवं फाइलों के संचलन को सरल और सुगम बनाने के लिए यह आवश्यक था कि सभी विभागों के अधिकारी एक समान रूप से प्रशिक्षित हों। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से अब फाइलों का संचलन तेज़ी से होगा, समय की बचत होगी और कार्यों में पारदर्शिता आएगी। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी और जनता को सेवाएँ समय पर उपलब्ध कराई जा सकेंगी।  
          जिले के अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ई-ऑफिस और SPARROW जैसी डिजिटल प्रणालियाँ प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक स्वरूप प्रदान करती हैं। इससे न केवल कार्यप्रवाह में सुधार होगा बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई तकनीकों को अपनाने की तत्परता दिखाई।  
         कलेक्टोरेट कार्यालय में आयोजित यह प्रशिक्षण सत्र डिजिटल इंडिया के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह पहल प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ जिले में सुशासन की नींव को मजबूत करेगी।

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बालाझापर में निःशुल्क एक दिवसीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन 

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025/ पशुधन विकास विभाग जशपुर द्वारा ग्राम बालाझापर में एक दिवसीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में कृषक व पशु पालक अपने पशु का उपचार व सलाह प्राप्त किया। पशु चिकित्सकों के द्वारा पशुओं की विभिन्न बिगारियों की पहचान कर आवश्यक उपचार प्रदान किया गया तथा 120 पशुओं में कृमि नाशक दवाइयों का वितरण किया गया।
         शिविर में उपस्थित ग्रामिणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से केसीसी, पशु नस्ल सुधार कार्यकम अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण, लिंग वर्गीकृत वीर्य, द्वारा चारा उत्पादन, चारा सरक्षण आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। शिविर में 05 उपचार एवं कृमिनाशक और किलनीनाशक 120-120 दिया गया।
      पशुधन विकास विभाग द्वारा पशु पालकों से अपील किया गया कि विभाग  द्वारा चलाये जा रहे रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण कार्यक्रम में सत् प्रतिशत सहभागिता दर्ज कराएं एवं पशुधन को सुरक्षित रखने में योगदान दें।

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मनोरा में अवैध गर्डलिंग किये गए वृक्षों का उपचार कर किया गया सुरक्षित

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025/ जशपुर वनमण्डल अन्तर्गत वन परिक्षेत्र मनोरा के सरडीह में कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा विगत सप्ताह रात्रि में एक ही जगह पर लगभग 150 साल वृक्षों की गर्डलिंग कर गंभीर पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। वन विभाग अपराधियों की तलाश करने में तत्परता दिखाते हुए ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है एवं ऐसे घटनाओं के प्रति सतर्क रहने व घटना घटित होने पर विभाग को त्वरित सूचित करने समझाइश दे रही है।
          वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से 200 मिश्रित -करंज, अर्जुन, सिंदूर व अन्य लगवा लिए हैं। गर्डलिंग किए गए साल वृक्षों की मिट्टी, प्लांट मूल हार्माेन पाउडर, दीमक रोधी रसायन मिश्रण का लेप लगाकर पट्टी की गई है, जिससे क्षतिग्रस्त वृक्षों का उपचार कर जीवित रखा जा सके।

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वन विभाग द्वारा हाथी से हुए मृतक  परिवार को 25 हजार की सहायता राशि दी गई

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025/जशपुर वनमण्डल अन्तर्गत कांसाबेल परिक्षेत्र के  ग्राम सिकीपानी में 12 नवम्बर 2025 को प्रातः लगभग 05.30 बजे हाथी द्वारा जनहानि की दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। कुनकुरी परिक्षेत्र से आये 12 नग हाथियों का दल कांसाबेल परिक्षेत्र में वितरणस्त था। इस दौरान ग्राम सिकीपानी की निवासी श्रीमती दोरोथिया पन्ना अपने घर के आंगन में नतनी के साथ मौजूद थीं, तभी अचानक दौड़ते हुए एक जंगली हाथी ने उन पर आक्रमण कर दिया। घटना
में श्रीमती दोरोथिया पन्ना की मृत्यु हो गई तथा उनकी नतनी कुमारी आरती पन्ना,  घायल हुई।
            सूचना प्राप्त होते ही परिक्षेत्र कांसाबेल का वन अमला त्वरित रूप से मौके पर पहुंचा तथा घायल बालिका को तत्काल उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र कांसाबेल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पत्थलगांव रेफर किया गया। रैपिड रेस्पॉन्स टीम द्वारा निरंतर मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है तथा घटना स्थल के आसपास स्थित लगभग 10 घरों के बुजुर्ग एवं दिव्यांगजनों
को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। मृतका के ज्येष्ठ पुत्र श्री संदीप पन्ना को विभाग द्वारा तात्कालिक सहायता राशि रूपये 25 हजार प्रदाय की गई है।

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मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का आयोजन : बगीचा में 94 समूह को 01 करोड़ 50 लाख एवं 59 हितग्राहियों को 59 लाख मुद्रा लोन की गई स्वीकृति

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत  बगीचा विकासखंड में मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का आयोजन किया गया। जिसमें  बैंक द्वारा 01 करोड़ 50 लाख 50 हजार रूपए 94 समूह को एवं 59 लाख रूपए 59 हितग्राहियों हेतु व्यक्तिगत मुद्रा लोन की स्वीकृति प्रदान की गई।
         मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री नागेश उपस्थित थे। इसी प्रकार विशिष्ट अतिथि में श्री अरविंद गुप्ता, जनपद सदस्य श्रीमती सविता नागेश, दिनेश्वरी केरकेट्टा, जिला पंचायत से डीएलएम श्री वाल्टर भेंगरा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक वित्तीय समावेशन अमीन खान, जिला प्रमुख साधन श्री अखिल प्रसन्ना सेठ, जनपद पंचायत बगीचा से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रमेश सोरी, विकासखंड परियोजना प्रबंधक बिहान श्री रंगेश साहू, सह. वि.वि अधिकारी श्री मिशेल खलको,  क्षेत्रीय समन्वयक टीपेन्द्र यादव, अलमा कुजूर, सभी बैंकों से ब्रांच मैनेजर ,पीआरपी एवं बिहान की 360 महिलाएं उपस्थित रहे।
           कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष द्वारा बिहान के महिलाओं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया एवं बैंक मैनेजर द्वारा बिहान की महिलाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान किया गया।

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पोषक तत्वों से युक्त फोर्टीफाइड चावल के प्रचार-प्रसार के रथ को अपर कलेक्टर ने कलेक्टोरेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जशपुरनगर 13 नवम्बर 2025/ जिले में कुपोषण उन्मूलन और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से पोषक तत्वों से युक्त चावल फोर्टीफाइड चावल के प्रचार-प्रसार हेतु रथ को आज अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू ने कलेक्टोरेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को फोर्टीफाइड चावल के महत्व की जानकारी देगा और इसके उपयोग के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर जिला खाद्य अधिकारी श्री आशीष चतुर्वेदी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री साहू ने कहा कि शासन की यह पहल आमजन को कुपोषण से मुक्ति दिलाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि फोर्टीफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, जो शरीर में रक्त की कमी को दूर करने, थकान, कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं।

      जिला खाद्य अधिकारी श्री चतुर्वेदी ने इस दौरान यह स्पष्ट किया कि फोर्टीफाइड चावल के बारे में समाज में कई भ्रांतियाँ फैली हुई हैं, जैसे यह कृत्रिम या हानिकारक होता है, परंतु यह गलत है। फोर्टीफाइड चावल पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित तकनीक से तैयार किया जाता है। यह चावल सामान्य चावल की तरह ही पकाया और खाया जा सकता है। रथ के माध्यम से प्रचार दल गांव-गांव जाकर फोर्टीफाइड चावल के लाभ, उसकी पहचान और उससे जुड़ी गलतफहमियों के बारे में आमजन को जागरूक करेगा। प्रचार रथ में इससे संबंधित प्रेरक पोस्टर- बैनर एवं जागरूकता स्लोगन युक्त ध्वनि संदेश चलाने लाउडस्पीकर लगाए गए है। इसके माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि फोर्टीफाइड चावल अपनाएं और स्वस्थ जीवन पाएं।

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पशु कृत्रिम गर्भाधान से जन्मी प्रथम पुंगनुर मादा वत्स, जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ पशु नस्ल सुधार में एक नया कदम 

जशपुर 13 नवंबर 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मत्स्य पालन पशुपालन,रेशम पालन, कृषि के क्षेत्र विस्तार को निरंतर बढ़ावा दे रहे है इसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है।
जशपुर जिले ने पशुपालन क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। कृत्रिम गर्भाधान पद्धति के माध्यम से जिले को पहली बार पुंगनुर नस्ल की मादा वत्स (बछिया) प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि जिले के पशु चिकित्सालय पत्थलगांव में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री के.के. पटेल के अथक प्रयासों से संभव हो सकी। श्री पटेल ने ग्राम करमीटिकरा, करूमहुआ के किसान श्री खगेश्वर यादव की देशी गाय को पुंगनुर नस्ल के सांड़ के हिमकृत वीर्य से दिनांक 29 जनवरी 2025 को गर्भित किया था। लगभग 284 दिनों के गर्भकाल के बाद गाय ने 11 नवंबर 2025 को एक स्वस्थ पुंगनुर मादा वत्स को जन्म दिया जो जिले के लिए गर्व का क्षण बन गया।
पुंगनुर गाय का मूल स्थान आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले का पुंगनुर क्षेत्र है। यह गाय विश्व की सबसे छोटी नस्ल के रूप में जानी जाती है। इसकी औसत ऊँचाई 70 से 90 सेंटीमीटर तथा वजन 110 से 200 किलोग्राम तक होता है। यह गाय कम चारा, कम देखभाल और कठिन परिस्थितियों में भी सहज रूप से जीवित रह सकती है।
इसका दूध भले ही 1से 2 लीटर प्रतिदिन ही हो, लेकिन इसमें A2 प्रोटीन की अधिकता होने के कारण यह अत्यंत पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है।पुंगनुर गाय का स्वभाव मृदु, स्नेहिल और मित्रवत होता है, जिससे इसे पालतू सहचर पशु के रूप में भी घरों में पाला जा सकता है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर डॉ. बी.पी. भगत ने सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री के.के. पटेल और किसान श्री खगेश्वर यादव को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल पत्थलगांव बल्कि पूरे जशपुर जिले के लिए गौरव की बात है। इससे पशु नस्ल सुधार की दिशा में नए रास्ते खुलेंगे।इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में भी पशुधन संवर्धन और उच्च नस्ल प्राप्ति संभव है।

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निमोनिया के लक्षण एवं बचाव के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने दी जानकारी

रायगढ़, 12 नवम्बर 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देषन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मागदर्शन में विश्व निमोनिया दिवस का जिला स्तरीय शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामभांठा में महिला आरोग्य समिति की सदस्य श्रीमती गीता सारथी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान के माध्यम से 0 से 5 वर्ष के अभिभावकों को निमोनिया के कारण, लक्षण एवं उसके बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.भानू प्रताप पटेल ने बताया कि पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में निमोनिया मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, जबकि यह पूर्णतः रोके जाने योग्य रोग है। बच्चों में खांसी, तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, पसलियों का अंदर धँसना जैसे लक्षण निमोनिया के संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य संस्थान में जांच व उपचार कराना आवश्यक है।
          कार्यक्रम के अंतर्गत पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की विशेष जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें आवश्यकता अनुसार दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। निमोनिया से बचाव हेतु टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है। ’पीसीवी  (Pneumococcal Conjugate Vaccine)  की तीन खुराकें 6 सप्ताह, 14 सप्ताह और 9 माह की उम्र पर- शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। सांस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को निमोनिया की पहचान एवं बचाव संबंधी जानकारी दी जा रही है।
            जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ केनन डेनियल, डॉ. सुमित कुमार शैलेन्द्र मंडल, डॉ. सोनाली मेश्राम की टीम के द्वारा संपूर्ण कार्यक्रम के प्रबंधन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है सांस अभियान के जरिये स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य न केवल बीमारी पर नियंत्रण बल्कि अभिभवकों को जागरूक कर हर बच्चे को स्वस्थ बचपन की ओर अग्रसर करना है ताकि हर माता-पिता अपने बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और निमोनिया से एक भी मृत्यु न हो।
*निमोनिया के कारण एवं लक्षण*
निमोनिया फेफड़ों में संक्रमण के कारण होता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं - खांसी-जुकाम, तेज बुखार, सांस फूलना, पसलियों का धँसना, बच्चे का खाना या दूध न पीना, सुस्ती या अत्यधिक नींद आना आदि। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय जांच आवश्यक है।
*बचाव के उपाय*
निमोनिया से बचाव के लिए घर में स्वच्छ व हवादार वातावरण रखें। रसोई व कमरों में धुआँ न हो, बच्चों को ठंड से बचाएँ, समय पर टीकाकरण कराएँ, स्तनपान करवाएँ तथा पौष्टिक आहार दें। बच्चे के जन्म के पहले घंटे में स्तनपान प्रारंभ कराना अत्यंत लाभदायक है।

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एसआईआर अंतर्गत गणना पत्रक वितरण कार्य पूर्णता की ओर,बीएलओ को दिया गया ऑफलाइन एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण

रायगढ़, 13 नवम्बर 2025/ भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)कार्य का शुभारंभ 4 नवम्बर से किया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में यह कार्य जिले भर में सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है।
          अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचक नामावली का विषेष गहन पुनरीक्षण कार्य अन्तर्गत गणना पत्रक वितरण कार्य पूर्ण होने के पश्चात् बूथ लेवल ऑफिसर द्वारा एकीकरण का कार्य किया जाना है, जिसमें घर-घर जाकर वितरण किए गए गणना पत्रक में की गई प्रविष्टि की पूर्ण जॉंच कर रंगीन फोटो सहित एक प्रति वापस लिया जाएगा तथा दूसरी प्रति में बूथ लेवल ऑफिसर द्वारा मतदाता को पावती दी जाएगी। इसी क्रम में आज तहसील तमनार, रायगढ़ एवं नगर निगम रायगढ़ के बूथ लेवल ऑफिसर एवं बीएलओ सुपरवाईजर को ऑफलाईन एवं ऑनलाईन प्रषिक्षित किया गया तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, लैलूंगा श्री भरत कौषिक द्वारा तहसील तमनार में बीएलओ एप का प्रषिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्वाचक नामावली के सटीक एवं पारदर्शी पुनरीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में जुड़ सके, इसके लिए बीएलओ को सतर्कता और निष्ठा से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जिला स्तरीय समन्वयक एवं एमआईएस सहायक के रिक्त पदों पर अंतिम मेरिट सूची जारी

रायगढ़, 13 नवम्बर 2025/ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत वन अधिकार अधिनियम 2006 का क्रियान्वयन अंतर्गत वन अधिकार प्रकोष्ठ में मानव संसाधन की नियुक्ति हेतु रायगढ़ जिला अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वयक (समन्वयक-वन अधिकार अधिनियम) एवं एमआईएस सहायक (सहायक-वन अधिकार अधिनियम)की नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र मंगाए गए थे। जिसके उपरांत 10 नवम्बर तक दावा-आपत्ति मंगाए गए थे। जिसमें कुल 6 आवेदकों द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसका निराकरण कर अंतिम मेरिट सूची जिले के वेबसाईट www.raigarh.gov.in में प्रकाशित किया गया है।

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जिले की 1 लाख 25 हजार से अधिक दीदियों ने सुनी “दीदी के गोठ”

रायगढ़, 13 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और महिलाओं की सफलता की कहानियों को साझा करने के उद्देश्य से “दीदी के गोठ” रेडियो कार्यक्रम का चौथा एपिसोड आज दोपहर 2 बजे से आकाशवाणी के सभी केन्द्रों से प्रसारित किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री सह पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा की प्रेरक पहल पर प्रारंभ यह राज्य स्तरीय रेडियो कार्यक्रम ‘दीदी के गोठ’ बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त करने का प्रभावी माध्यम बन गया है।
         कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी प्रेरणादायी सफलता की कहानियां साझा कीं, जो अन्य समूहों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगी। इन कहानियों के माध्यम से बिहान से जुड़ी महिलाओं के नवाचार, आजीविका संवर्धन के प्रयास और उपलब्धियों की जानकारी पूरे प्रदेश में पहुंचाई गई। सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में “दीदी के गोठ” कार्यक्रम का प्रसारण सभी 7 ब्लाक के 28 संकुल स्तरों पर किया गया। इस दौरान समूहों की महिलाएं एकत्र होकर कार्यक्रम को सुनीं और उससे प्रेरणा प्राप्त की। जिले की लगभग 1 लाख 25 हजार से अधिक दीदियों ने 12,500 स्व-सहायता समूहों एवं 730 ग्राम संगठनों के सहयोग से इस कार्यक्रम को जिले के कोने-कोने तक पहुंचाया। ‘दीदी के गोठ’ न केवल स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के कार्यों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता की दिशा में नई ऊर्जा दे रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं की सशक्त आवाज बनकर उभर रही है, जो छत्तीसगढ़ के समग्र विकास की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ रही है।

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वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में “विकसित छत्तीसगढ़” का सपना साकार हो रहा है,सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

रायगढ़, 13 नवम्बर 2025/ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत विजन 2047” के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार “विकसित छत्तीसगढ़” के विजन पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। 
          वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव, कस्बों और सुदूर वनांचल क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत का अर्थ तभी सार्थक होगा जब हर गांव समृद्ध, हर किसान आत्मनिर्भर और हर युवा सशक्त बने। इसी लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन और जनसेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर है।
          प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी बुधवार को रायगढ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर थे। रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने रायगढ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्य सभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह के विशेष मांग एवं क्षेत्र के जन भावनाओ को ध्यान में रखते हुए घरघोड़ा, देवगढ़ और तमनार क्षेत्रों में अनेक जनकल्याणकारी घोषणाएं कीं। घरघोड़ा क्षेत्र में उन्होंने अमलीडीह से डोकरमुड़ा तथा जिवरापानी से कुरुंजखोल तक सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किए जाने की घोषणा की। साथ ही घरघोड़ा अस्पताल में डायलिसिस यूनिट, बर्न यूनिट और नई एम्बुलेंस की व्यवस्था किए जाने की बात कही, जिससे ग्रामीणों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
          तमनार क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने पालीघाट से जोबारो, बरकसपाली से रेंगालपाली, कांटाझरिया से देवगांव तथा कूडूमकेला से पूरी तक पक्की सड़कों के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के बन जाने से ग्रामीण अंचल के संपर्क मार्ग मजबूत होंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। तमनार के हाईस्कूल मैदान को आदर्श स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं को खेलकूद की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार में एडवांस लाइफ सिस्टम एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और विद्यार्थियों की मांग पर महाविद्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए नए भवन का निर्माण किया जाएगा। देवगढ़ क्षेत्र में वित्त मंत्री ने डागडही से छटोरिया मार्ग पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र के विकास की धुरी बनेगा और गांवों के बीच संपर्क एवं व्यापार को सुदृढ़ करेगा।
           अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने घरघोड़ा से तमनार तक लगभग 12 किलोमीटर लंबे “यूनिटी मार्च” में भी भाग लिया। यह मार्च भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “सरदार पटेल जी की एकता की भावना ही विकसित भारत की आधारशिला है। जब देश एकजुट होगा, तभी विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य पूर्ण होगा।  इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, किसान, महिलाएं और बड़ी संख्या में युवाओं ने सहभागिता की। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने वित्त मंत्री और पदयात्रियों का अभूतपूर्व स्वागत और अभिनंदन किया गया।

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देश के 5 चमत्कारिक गणेश मंदिर, एक राजस्थान में भी है स्थित

नारायणपुर : 13 नवम्बर 2025 : भगवान गणेश हिन्दू धर्म के लोकप्रिय देवताओं में से एक हैं। कोई शुभ कार्य इनकी पूजा के बगैर नहीं होता। भगवान गणेश को गणपति एवं विनायक आदि नामों से भी जाना जाता है। भगवान गणेश, भगवान शिव एवं देवी पार्वती के पुत्र तथा भगवान कार्तिकेय के भाई हैं। भगवान गणेश को साक्षात बुद्धि का स्वरुप माना जाता है। देश में भगवान गणेश के चमत्कारिक मंदिर भी हैं। आइए जानते हैं उन Famous Ganesh Temple के बारे में।  

गणेश टेंपल (Ganesh Temple)
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर माह में दो चतुर्थी पड़ती है। इसमें शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। शिव पुराण के अनुसार भगवान गणेश के दो पुत्र हैं। इनका नाम शुभ और लाभ है। शुभ व लाभ दोनों शुभता एंव आर्थिक लाभ के प्रतीक हैं। शुभ देवी रिद्धि के पुत्र हैं तथा लाभ देवी सिद्धि के पुत्र हैं।

मुद्गल पुराण के अनुसार, गणेश के आठ प्रमुख एंव महत्वपूर्ण अवतार हैं, जो कि अष्टविनायक के रूप में लोकप्रिय हैं। भगवान गणेश के अन्य 32 भिन्न-भिन्न रूप भी है जिनकी पूजा अर्चना की जाती है।  ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान गणेश के वैवाहिक जीवन के सन्दर्भ में विद्वानों के भिन्न-भिन्न मत हैं। एक मत के अनुसार गणेश जी अविवाहित एवं ब्रम्हाचारी भी हैं। मुद्गल पुराण एवं शिव पुराण के अनुसार भगवान गणेश के वैवाहिक जीवन की प्रमाणिकता को आधार माना जाता है। कहा जाता है कि गणेश जी के देश में कई चमत्कारिक टेंपल भी है जिनके दर्शन से धर्म का लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं इन चमत्कारिक टेंपल के बारे में ... 

चमत्कारिक गणेश टेंपल (Miraculous Ganesh Temple)
1. सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhi Vinayak Mandir)
यह मंदिर मुंबई में स्थित है। सिद्धिविनायक गणेश जी का लोकप्रिय रूप भी है। ऐसा कहा जाता है कि जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाई तरह मुड़ी होती है, वे मूर्तियां सिद्धपीठ से जुड़ी होती हैं। कहा जाता है कि सिद्धि विनायक मंदिर की महिमा अपरंपार है।सिद्धिविनायक गणेश जी भक्तों की मनोकामना को तुरंत पूरा कर देते हैं। मान्यता है कि ऐसे गणेश जी बहुत जल्दी प्रसन्न भी होते हैं। 

2 दगडूशेठ हलवाई गणपती मंदिर (Dagdusheth Halwai Ganpati Temple) 
यह मांदिर पुणे में स्थित है। इस मंदिर की इतनी मान्यता है कि हर साल इस मंदिर में लाखो करोड़ों की संख्या में भक्त आते हैं। इस मंदिर में एक भावुक कर देने वाली भी कहानी जुड़ी है। ऐसा कहा जाता है कि कई साल पहले अपना इकलौता बेटा प्लेग में खोने के बाद श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई ने इस गणेश मूर्ति की स्थापना की थी, जो अब भक्तों के लाड़ले भक्त बन चुके हैं।  

3. चिंतामण गणेश मंदिर (Chintaman Ganesh Temple)
यह मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित सबसे बड़ा मंदिर है।  ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में स्थापित गणेश प्रतिमा स्वयं प्रकट मानी जाती है। इस मंदिर में सभी भक्त अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए आते है। विघ्नेश्वर, दुःख के मध्यस्थ के रूप में भी जाने वाले गणेश हमेशा हिंदू देवताओं में सबसे पहले पूजे जाते हैं, ताकि वे भक्तों के मार्ग में बाधा न डालें। 

4. उच्ची पिल्लयार मंदिर (Ucchi Pillayar Temple)
यह मंदिर 7 वी शताब्दी में बना एक हिंदू मंदिर है। जो भगवान गणेश को समर्पित है। यह मंदिर भारत के तमिलनाडू के त्रिची में रॉक फोर्ट के शीर्ष पर स्थित है।  इस मंदिर के बारे में सबसे प्रसिद्ध बात यह है कि इस मंदिर की स्थापना का कारण रावण का धर्मनिष्ठ भाई विभीषण को माना जाता है। इस मंदिर पर पहुचने के लिए 400 सीढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है

5. मोती डूंगरी गणेश मंदिर (Moti Dungri Ganesh Temple)
Ganesh Temple Jaipur: मोतीडूंगरी की तलहटी में भगवान गणेश का ये मंदिर आस्था और चमत्कार का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थापित भगवान गणेश कि प्रतिमा जयपुर नरेश माधोसिंह प्रथम की पटरानी के पीहर मावली से सन् 1761 में लाई गई थी। उस समय यह प्रतिमा 500 वर्ष पुरानी थी। उस समय नगर सेठ पल्लीवाल ये मूर्ति लेकर आए थे और उन्हीं की देख-रेख में मोती डूंगरी की तलहटी में इस मंदिर को बनवाया गया था। विनायक के मंदिर में लोग अपनी नई गाड़ी की पूजा कराना बेहद शुभ मानते है और बुधवार के दिन यहां का नजारा कुछ अलग ही रहता है ऐसा माना जाता है कि मोती डूंगरी में पूजा कराने से क दुर्घटना नहीं होती है।

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