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बस्तर पंडुम समापन समारोह में 9 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि


रायपुर, 08 फरवरी 2026
बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पण्डुम का समापन समारोह 9 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। 
‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव‘ के ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस गरिमामयी समापन समारोह का आयोजन 9 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान जगदलपुर में  निर्धारित है।
इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े शामिल होंगे।
बस्तर पण्डुम में सांसद द्वय श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग, विधायक श्री किरण सिंहदेव, सुश्री लता उसेंडी, श्री विनायक गोयल, श्री नीलकंठ टेकाम, श्री विक्रम उसेंडी, श्री आशाराम नेताम, श्री चैतराम अटामी, श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी, श्री लखेश्वर बघेल, श्री विक्रम मंडावी, महापौर श्री संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

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पीएमजीएसवाई सड़कों की गुणवत्ता पर राज्य शासन सख्त, लापरवाही बर्दाश्त नहीं,जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई के निर्देश

रायगढ़, 08 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं संधारित सड़कों की गुणवत्ता को लेकर राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता से समझौता कतई स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसी क्रम में मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक श्री हरिओम शर्मा ने जिला रायगढ़ के विकासखण्ड धरमजयगढ़ में पीएमजीएसवाई अंतर्गत निर्माणाधीन एवं संधारणाधीन सड़कों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं ठेकेदारों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता के साथ एवं समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता शासन की मंशा के विपरीत है और ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की सतत निगरानी रखने तथा ठेकेदारों को पूर्ण रूप से जवाबदेह बनाकर कार्य कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत जनमन योजना में निर्माणाधीन नकना से डुमरपारा (लंबाई 2.00 किमी) सड़क का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया, जो निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पाई गई। मुख्य अभियंता ने कहा कि ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सीधे ग्रामीण जीवन स्तर से जुड़ी होती है। बेहतर सड़कें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि उपज के परिवहन एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं तक ग्रामीणों की सहज पहुंच सुनिश्चित करती हैं।
साथ ही पीएमजीएसवाई अंतर्गत चल रहे संधारण कार्यों का भी विस्तार से निरीक्षण किया गया। इसके अंतर्गत विकासखण्ड धरमजयगढ़ की धरमजयगढ़-कापु रोड टी-03 से अमृतपुर (4.11 किमी), लक्ष्मीपुर से बलपेंदा (13.00 किमी), टी-01 से टोनईनारा (2.15 किमी), रनपुर से गोहेसिलार (7.35 किमी) तथा कुम्हीचुंवा से चिखलापानी (1.20 किमी) सड़कों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान धरमजयगढ़-कापु रोड टी-03 से अमृतपुर सड़क में सुधार कार्य को लेकर संबंधित उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं उक्त सड़क की संधारण अवधि छह माह बढ़ाने के निर्देश दिए गए। यह कार्रवाई शासन की जीरो टॉलरेंस नीति और जिला प्रशासन की सख्त कार्यप्रणाली को दर्शाती है।
निरीक्षण के समय कार्यपालन अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना धरमजयगढ़, सहायक अभियंता, उप अभियंता एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे। जिला प्रशासन द्वारा सभी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीण जनता तक गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पहुंचे।

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डिजिटल नवाचार से ग्रामीण सशक्तिकरण की मिसाल: रायगढ़ की 550 पंचायतों में ‘रोजगार सह आवास दिवस’ पर उमड़ा जनसैलाब


रायगढ़, 7 फरवरी 2026।
राज्य शासन एवं जिला प्रशासन की अभिनव पहल के तहत रायगढ़ जिले की सभी पांच सौ पचास  ग्राम पंचायतों में आज ‘रोजगार सह आवास दिवस’ का व्यापक एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस एकदिवसीय कार्यक्रम ने ग्रामीण विकास को तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासन तथा प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को उल्लेखनीय रूप से कम किया है।

कार्यक्रम के दौरान पंचायत स्तर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखने को मिली। नौ हजार से अधिक ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने गांव के विकास कार्यों की जानकारी सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त की। 

 *क्यूआर कोड से पारदर्शी हुआ गांव का विकास*

आयोजन का मुख्य आकर्षण डिजिटल सुशासन रहा। पंचायत परिसरों में उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन करते ही ग्रामीणों के मोबाइल पर उनके गांव की ‘एट अ ग्लांस रिपोर्ट खुल गई।
इस रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों का विस्तृत विवरण, साथ ही विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध रही।

इस दौरान अपने गांव के विकास कार्यों को पारदर्शी रूप से मोबाइल स्क्रीन पर देखकर ग्रामीणों में उत्साह और विश्वास देखने को मिला।

आजीविका डबरी से आय के नए अवसर
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डबरी निर्माण के महत्व पर विशेष फोकस किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि डबरी के माध्यम से जल संरक्षण, कृषि सिंचाई और मछली पालन जैसे कार्यों को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि संभव है।
इसी क्रम में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विशेष पम्पलेट वितरण किया गया, ताकि प्रत्येक ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सके।

*आवास और मनरेगा से जुड़े मुद्दों का मौके पर समाधान*

‘रोजगार सह आवास दिवस’ के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा से संबंधित जमीनी समस्याओं पर सीधा संवाद स्थापित किया गया। इसमें प्रमुख रूप से आवास निर्माण की किस्तों के भुगतान की स्थिति,प्रधानमंत्री आवास के साथ मिलने वाली मनरेगा की 90 दिवस की मजदूरी का समन्वय, निर्माण सामग्री की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि आवास की समयबद्ध पूर्णता के लिए मनरेगा मजदूरी का भुगतान उनका अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

*प्रशासन की प्रतिबद्धता*

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत पठारे ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य विकास की सभी कड़ियों को आपस में जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि जहां एक ओर पक्के आवास से सिर पर छत सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ‘आजीविका डबरी’ और ‘वीबी जी राम जी" के माध्यम से रोजगार और आजीविका की स्थायी गारंटी दी जा रही है।
यह समन्वित मॉडल रायगढ़ जिले को डिजिटल, आत्मनिर्भर और सशक्त ग्रामीण विकास की दिशा में नई पहचान दिला रहा है।
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कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा में सभी स्कूलों के छात्रों की अनिवार्य सहभागिता,एनसीईआरटी व राज्य पाठ्यपुस्तकों से ही अध्यापन, नियम उल्लंघन पर होगी कार्यवाही

रायगढ़, 7 फरवरी 2026/  कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वेंकट राव ने अशासकीय शालाओं के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक सेंट जेवियर स्कूल, बोईरदादर में ली। बैठक में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा पांचवीं एवं आठवीं की केंद्रीकृत वार्षिक परीक्षा के आयोजन एवं उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन संबंधी जारी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहां कि कक्षा पांचवीं एवं आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा में राज्य के समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता अनिवार्य होगी।
              लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार कक्षा पांचवीं की परीक्षा 16 से 25 मार्च तक तथा कक्षा आठवीं की परीक्षा 17 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है।
          समीक्षा बैठक में सभी अशासकीय शालाओं के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध विद्यालयों में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त पुस्तकों से तथा सीबीएसई व अन्य बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही अध्यापन किया जाएगा। अन्य प्रकाशकों की पुस्तकों से पढ़ाने पर विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
          साथ ही, किसी भी विद्यालय द्वारा पालकों को किसी एक दुकान से पुस्तक, कॉपी, ड्रेस या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और न ही स्कूल परिसर में इन वस्तुओं का विक्रय किया जाएगा। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित स्कूल पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
           बैठक में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए इस वर्ष जिले के लिए कक्षा 10वीं में 85 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य निर्धारित किया गया। प्री-बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त छात्रों के लिए विशेष मेंटर नियुक्त कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मेरिट सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर परीक्षा नोडल अधिकारी भुवनेश्वर पटेल, शाखा प्रभारी लोकेश गुप्ता, सेंट जेवियर स्कूल के प्राचार्य सहित जिले के अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।

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संभाग स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन 12 से 17 फरवरी तक, युवाओं को मिलेगा निजी क्षेत्र में रोजगार का अवसर

रायगढ़, 7 फरवरी 2026/ प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिकतम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक प्रदेश के विभिन्न संभागों में आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर, 14 एवं 15 फरवरी को दुर्ग तथा 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा एवं बस्तर संभाग में रोजगार मेला आयोजित होगा। इन मेलों में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी और योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी।
             संभाग स्तरीय रोजगार मेला में भाग लेने के इच्छुक आवेदक ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप के माध्यम से अपना पंजीयन एवं आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत अभ्यर्थियों को रोजगार मेले में साक्षात्कार एवं चयन की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिले के इच्छुक आवेदक सहायक संचालक, जिला कौशल विकास प्राधिकरण कार्यालय, रायगढ़ में संपर्क कर सकते हैं।

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क्रेटा कार में छुपाकर उड़ीसा से जशपुर लाया जा रहा था गांजा, आरा चौकी पुलिस की मुस्तैदी से बड़ा खुलासा,  दो आरोपी सलाखों के पीछे, तीसरा फरार, 

जशपुर 07 फरवरी 2026
जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। चौकी आरा क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ने उड़ीसा से गांजा तस्करी कर जशपुर लाए जा रहे 52 किलो 100 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने चिन्हित कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 07 फरवरी 2026 की सुबह चौकी आरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक क्रेटा कार (क्रमांक CG-13-AM-9231) में कुछ लोग उड़ीसा राज्य से अवैध रूप से गांजा लाकर उसे प्लास्टिक की थैलियों में भरकर वाहन में छुपाते हुए कईकछार, काशीबंध और बीरोपानी के जंगलनुमा ग्रामीण रास्तों से होकर जशपुर की ओर बिक्री के लिए ले जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए चौकी आरा पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित कर बीरोपानी–काशीबंध जंगल क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई। इसी दौरान काशीबंध की ओर से आती संदिग्ध क्रेटा कार दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रोकने का प्रयास किया।

पुलिस को देखकर कार में सवार तीन संदिग्धों में से एक आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जबकि दो अन्य को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपना नाम शहरूख शाह (उम्र 34 वर्ष) निवासी आजाद मोहल्ला जशपुर एवं तारिक अंसारी (उम्र 27 वर्ष) निवासी ग्राम कव्वाली मंच के पास जशपुर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर बताया।

पुलिस द्वारा जब क्रेटा कार की तलाशी ली गई तो वाहन की डिक्की में दो बोरियों में 50 पैकेट प्लास्टिक की पॉलिथीन में भरा हुआ कुल 52 किलो 100 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे यह गांजा उड़ीसा राज्य से अवैध रूप से लाकर जशपुर में बिक्री करने की योजना बना रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद गांजा तथा तस्करी में प्रयुक्त क्रेटा कार को विधिवत जप्त कर लिया है। जप्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इस तरह कुल लगभग 20 लाख रुपये की संपत्ति जप्त की गई है।

इस मामले में चौकी आरा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों शहरूख शाह एवं तारिक अंसारी को पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। वहीं फरार तीसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

इस पूरी कार्यवाही में एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, डीएसपी अजाक जशपुर भावेश समरत, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली जशपुर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, चौकी प्रभारी आरा सहायक उप निरीक्षक चंद्रप्रकाश त्रिपाठी सहित प्रधान आरक्षक विद्यासागर पैंकरा, आरक्षक बेलसाजार कुजूर, अरुण तिग्गा एवं अविनाश लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शने वाली नहीं है। ऑपरेशन आघात के तहत यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले को नशामुक्त बनाने के लिए कठोर कार्रवाई की जाती रहेगी।

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मनरेगा पर वार के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस, रणजीता स्टेडियम से कलेक्टर कार्यालय तक गूंजे नारे, बैरिकेडिंग पर भिड़े कार्यकर्ता


जशपुरनगर 06 फरवरी 2026 :  मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी जशपुर के आह्वान पर रणजीता स्टेडियम के पास विशाल जनसभा आयोजित की गई। किसान, मजदूर, महिलाएं और युवाओं की भारी मौजूदगी से मैदान खचाखच भर गया। सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर उग्र मार्च किया। कलेक्टोरेट के समीप पुलिस की सख्त बैरिकेडिंग पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी हुई, जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हालात बने।जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया। कहा गया कि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को कमजोर करने के लिए नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा और नकारात्मक असर पड़ रहा है।
योजनाबद्ध तरीके से कमजोर की जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सह-प्रभारी जरिता लेतफलांग ने कहा कि भाजपा शासन में जनकल्याणकारी योजनाओं को योजनाबद्ध ढंग से कमजोर किया जा रहा है। गांवों में रोजगार घटा है और गरीब परिवारों की आजीविका संकट में है।


हर हाथ को काम, हर काम का पूरा दाम तभी रुकेगा आंदोलन
प्रदेश समन्वयक एवं विधायक उमेश पटेल ने दो टूक कहा कि जब तक हर हाथ को काम और हर काम का पूरा दाम नहीं मिलेगा, कांग्रेस का आंदोलन नहीं थमेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के निर्देश पर कांग्रेस सड़क से सदन तक मनरेगा और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।
धान खरीदी और मनरेगा दोनों पर सरकार घिरी
जिला प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पहले धान खरीदी में किसानों को धोखा दिया गया और अब मनरेगा के नियम बदलकर गांव के गरीबों से रोजगार छीना जा रहा है। उन्होंने चेताया कि मनरेगा को पंचायतों से हटाकर ठेकेदारों के हवाले करने की किसी भी कोशिश को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
पूर्व विधायक विनय भगत ने धान खरीदी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर यह आंदोलन हो रहा है और पार्टी किसान मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
बैरिकेड पार नहीं कर पाए कार्यकर्ता
कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ता सख्त बैरिकेडिंग पार नहीं कर सके। बैरिकेड के पास कुछ देर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई, हालांकि सुरक्षा घेरा नहीं टूटा। बाद में कांग्रेस नेताओं ने महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। प्रशासनिक सख्ती के बीच आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं में आक्रोश साफ नजर आया।
धान खरीदी पर सीधा हमला
धान खरीदी की बढ़ी समय-सीमा को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उमेश पटेल ने कहा कि यह बढ़ोतरी किसानों के लिए नहीं, बल्कि दलालों और बिचौलियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जशपुर जिले के कुनकुरी सहित कई खरीदी केंद्रों में भाजपा से जुड़े लोग प्रबंधक बने हुए हैं, जिससे व्यवस्था पक्षपातपूर्ण हो गई है। पटेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सभी किसानों का धान खरीदने में सक्षम नहीं है, तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं। मनरेगा और धान खरीदी दोनों मुद्दों पर कांग्रेस आंदोलन और तेज करेगी।
 कार्यक्रम में अनुप फिलिप,आरती सिंह,जशपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शहर सतीश गुप्ता,ग्रामीण अध्यक्ष अमित महतो,सहस्त्रांशु पाठक,अनोज गुप्ता,पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सागर यादव,मनोरा जनपद पंचायत के अध्यक्ष परमेश्वर भगत,चांद खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से अखिलेश कुमार बने ’ऊर्जादाता’,घर की छत बनी ’पावर हाउस’, घर का बिजली बिल हुआ शून्य

अंबिकापुर 06 फरवरी 2026/   शासन की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों के जीवन में उजियारा फैला रही है। इस योजना का लाभ उठाकर न केवल लोग बिजली बिल के बोझ से मुक्त हो रहे हैं, बल्कि बिजली बेचकर ’ऊर्जादाता’ की नई पहचान भी बना रहे हैं। लखनपुर के रहने वाले श्री अखिलेश कुमार राजवाड़े के लिए अब सूरज की किरणें केवल उजाला ही नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि भी लेकर आ रही हैं। ’पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ उठाकर अखिलेश ने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है, जिससे उनका भारी-भरकम बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो गया है।

उपभोक्ता से ’ऊर्जादाता’ तक का सफर
अखिलेश बताते हैं कि सोलर पैनल लगवाने से पहले उनका मासिक बिजली बिल 2,000 से 2,500 रुपए के बीच आता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने गर्व से कहा कि पहले हम केवल बिजली के उपभोक्ता थे, लेकिन अब हम ’ऊर्जादाता’ बन गए हैं। अपनी जरूरत पूरी करने के बाद जो अतिरिक्त बिजली बचती है, उसे हम ब्ैच्क्ब्स् (छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड) को बेच रहे हैं, जिसका भुगतान वित्तीय वर्ष के अंत में किया जाएगा।

शासन की सब्सिडी ने बनाया राह आसान
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की वित्तीय सुगमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिली सब्सिडी ने सोलर पैनल लगवाना बेहद किफायती बना दिया है। अखिलेश को केंद्र सरकार से 60,000 रुपए और राज्य सरकार से 30,000 रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है। इस योजना में उन्हें कुल 90,000 रुपए की आर्थिक मदद से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना अब एक सुलभ निवेश बन गया है।

पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम
अखिलेश कुमार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को पर्यावरण के लिए भी क्रांतिकारी बताया। उनके अनुसार, पारंपरिक बिजली उत्पादन में होने वाले प्रदूषण और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के मुकाबले सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ है। इससे न केवल आर्थिक लाभ हो रहा है, बल्कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रदूषण मुक्त वातावरण भी तैयार कर रहे हैं।

आम जन से अपील
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर कमलेश ने अपनी संतुष्टि व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया और अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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ट्रैफिक सिग्नल स्थलों पर बैनर, पोस्टर और होर्डिंग हटाने के लिए चलाया गया विशेष अभियान


अंबिकापुर 06 फरवरी 2026/  नगर पालिक निगम अम्बिकापुर द्वारा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों एवं तिराहों पर स्थापित ट्रैफिक सिग्नलों के आसपास लगाए गए विज्ञापन पोस्टर, बैनर एवं होर्डिंग हटाने हेतु आज विशेष अभियान चलाया गया।

ज्ञात हो कि निगम द्वारा दिनांक 03 जनवरी 2024 को समाचार पत्रों में प्रकाशन के माध्यम से रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ट्रैफिक सिग्नलों पर विज्ञापन प्रदर्शन, स्थापना, संचालन एवं संधारण का कार्य एजेंसी को प्रदान किया गया है। शर्तों के अनुसार राघव एडवरटाइजिंग, रायपुर द्वारा प्रति चौक 14,251 रुपए वार्षिक विज्ञापन शुल्क निगम में जमा करते हुए ट्रैफिक सिग्नलों की स्थापना एवं संधारण का कार्य किया जा रहा है।

नगर निगम कमिश्नर श्री डी एन कश्यप ने बताया कि शहर विभिन्न ट्रैफिक सिग्नल स्थलों पर लगाए गए विज्ञापनों को समय-समय पर हटाने की कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में आज पुनः विशेष अभियान चलाकर चौक-चौराहों से सभी बैनर,पोस्टर होर्डिंग सामग्री हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

निगम प्रशासन ने नागरिकों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि बिना अनुमति किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पोस्टर, बैनर या होर्डिंग न लगाएं। उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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15 फरवरी के बाद वर्ष 2025-26 के बजट की प्रावधानिक राशि से क्रय पूर्ण प्रतिबंध

अंबिकापुर 06 फरवरी 2026/  राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित बनाए रखने के उद्देश्य से वित्त विभाग द्वारा स्थायी निर्देश जारी किए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार प्रदेश में 15 फरवरी, 2026 के बाद वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों से किसी भी प्रकार की नई सामग्री की खरीदी या क्रय आदेश जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वित्त विभाग के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखना है। यह देखा जाता है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में अनेक विभागों द्वारा जल्दबाजी में केवल बजट उपयोग करने की दृष्टि से आवश्यकता न होने पर भी सामग्री क्रय की जाती है जिससे शासन की राशि अनावश्यक रूप से अवरूद्ध हो जाती है, जिसे वित्त विभाग ने शासन के हित में अनुचित माना है।

    नए नियमों के तहत विभागों को न केवल 15 फरवरी के बाद नए ऑर्डर देने से रोका गया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि 15 फरवरी तक जारी किए गए सभी ऑर्डर्स का भुगतान हर हाल में 15 मार्च, 2026 तक पूरा कर लिया जाए।  हालांकि, जनहित और आवश्यक सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण मदों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा है। जिसमें केन्द्रीय क्षेत्रीय योजना, केन्द्र प्रवर्तित योजना (केन्द्रांश प्राप्त होने पर आनुपातिक राज्यांश सहित कुल राशि में से तथाSNA SPARSH  हेतु), विदेशी सहायता प्राप्त परियोजना, केन्द्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर प्राप्त अनुदान, नाबार्ड पोषित योजना, सिडबी, राष्ट्रीय आवास बैंक तथा विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु क्रय की जाने वाली सामग्री पर यह नियम  लागू नहीं होगा।

    इसी प्रकार निर्माण विभागों (लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) एवं वन विभाग से संबंधित चालू परियोजनाओं में भंडार की स्थिति का आंकलन करने के उपरांत आगामी एक माह में उपयोग आने वाली सामग्री।जेलों, शासकीय एवं राज्य कर्मचारी बीमा योजनान्तर्गत चल रहे अस्पतालों तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित छात्रावासों व आश्रमों में भोजन, कपड़ा, दवाईयों का क्रय तथा अन्य प्रासंगिक व्यय। पोषण आहार हेतु आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रदाय किए जा रहे खाद्यान का क्रय तथा परिवहन। आसवनियों से खरीदी गई देशी मदिरा का क्रय। पेट्रोल, डीजल, वाहन मरम्मत एवं प्रतिस्थापन मद से वाहनों के क्रय से संबंधित व्यय। लेखन सामग्री से संबंधित क्रय रूपये 5,000 तक के। रूपये 5,000 तक अन्य आकस्मिक क्रय के देयक, प्रथम अनुपूरक अनुमान में किये गये वाले प्रावधानों के विरूद्ध क्रय पर यह नियम लागू नही होगा। 15 फरवरी 2026 या इसके पश्चात वित्त विभाग द्वारा दी गई स्वीकृति से किए गए क्रय। जारी आदेश के फलस्वरूप 15 फरवरी 2026 के पश्चात से चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक क्रय के लिए विभिन्न स्तरों पर छत्तीसगढ़ वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन भाग-1 एवं 2 में प्रदत्त शक्तियों अधिक्रमित रहेंगी। निर्देशों में किसी प्रकार का शिथिलीकरण केवल वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा। उपरोक्त प्रतिबंध लोकभवन सचिवालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय, मुख्यमंत्री निवास तथा मुख्यमंत्री सचिवालय (पेंट्री), माननीय उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों पर लागू नहीं होगा।

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7 फरवरी को रायगढ़ में मनाया जाएगा ‘रोजगार एवं आवास दिवस’,ग्रामीण सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस

रायगढ़, 6 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिले में 7 फरवरी को ‘रोजगार दिवस’ एवं ‘आवास दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता लाने, हितग्राहियों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से प्रति माह आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान आवास पूर्णता, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
          सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल आवास और रोजगार देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हितग्राहियों को निर्माण सामग्री और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की समस्या न हो। 7 फरवरी का यह आयोजन ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
            रोजगार एवं आवास दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए पाम्पलेट एवं पोस्टर वितरित किए जाएंगे। आवास दिवस के अंतर्गत हितग्राहियों को निर्माण सामग्री की उपलब्धता, स्टॉलमेंट से जुड़ी प्रक्रियाओं और तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक आवास के सामने सोख्ता गड्ढा निर्माण के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया जाएगा। मनरेगा से अभिसरण के तहत आवास हितग्राहियों को 90 दिवस की मजदूरी का लाभ लेने की जानकारी दी जाएगी। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मनरेगा क्यू आर कोड स्कैन कर पिछले 5 वर्षों के कार्यों एवं नई वीबी जी राम जी योजना के प्रावधानों को देखने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में स्वीकृत 400 से अधिक आजीविका डबरियों, चेक डैम, स्टॉप डैम, गेवियन, कुआं-तालाब निर्माण, गहरीकरण, सोख्ता गड्ढा एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर चर्चा होगी। अमृत सरोवर स्थलों पर चौपाल आयोजित कर वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत 125 दिवस रोजगार की गारंटी, 7 दिवस में मजदूरी भुगतान, अधोसंरचना निर्माण एवं आजीविका संवर्धन कार्यों की जानकारी दी जाएगी। जनपद एवं क्लस्टर स्तर पर संवाद कार्यक्रम और मीडिया टॉक का आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।

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रायगढ़ में नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विकास कार्य तेजी से जारी,वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने शहर में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का किया निरीक्षण

रायगढ़, 6 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण एवं सुशासन की नीति के अनुरूप रायगढ़ को एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने आज शहर में निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों एवं बुनियादी परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इतवारी बाजार, नालंदा परिसर, कयाघाट, किसान राइस मिल के पास ऑक्सीजोन तथा ऐतिहासिक पहाड़ मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं इंजीनियरों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
            वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग एवं विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद रायगढ़ शहर को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित क्षेत्र एवं सुव्यवस्थित शहरी सुविधाएं प्राप्त होंगी। इतवारी बाजार एवं कबीर चौक क्षेत्र में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन को उन्होंने भविष्य की महत्वपूर्ण हरित पहल बताया।
             निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने नालंदा परिसर में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि इसके पूर्ण होने के पश्चात यह लाइब्रेरी विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक आधुनिक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित होगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने किसान राइस मिल परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की तथा ऐतिहासिक पहाड़ मंदिर परिसर पहुंचकर वहां प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी ली। पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र के समग्र विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद रायगढ़ के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
     इस अवसर पर सभापति नगर निगम श्री डिग्री लाल साहू, श्री उमेश अग्रवाल, श्री सुरेश गोयल, श्री आशीष ताम्रकार, श्री पावन अग्रवाल, श्री सुशील मित्तल, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित जनप्र्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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जनदर्शन में मिले आवेदन पर जिला प्रशासन की त्वरित पहल,दिव्यांग छात्र गोविंद दास को पढ़ाई के लिए मिला लैपटॉप-कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने प्रदान किया लैपटॉप

रायगढ़, 6 फरवरी 2026/ जिला प्रशासन द्वारा जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम-बुलेकेरा विकासखंड घरघोड़ा निवासी दिव्यांग छात्र गोविंद दास को उच्च शिक्षा हेतु लैपटॉप उपलब्ध कराया गया। यह पहल जरूरतमंद एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
           जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन के दौरान ग्राम बुलेकेरा निवासी मनबन्धु दास ने कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपने पुत्र गोविंद दास की शिक्षा में आ रही आर्थिक कठिनाइयों की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि गोविंद दास डिग्री कॉलेज में एम.ए. की पढ़ाई कर रहा है, किंतु परिवार की सीमित आय एवं संसाधनों के अभाव में अध्ययन प्रभावित हो रहा है। गोविंद दास एक आंख से दिव्यांग होने के बावजूद नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा है। प्रस्तुत आवेदन एवं पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने छात्र को शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। 
          कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला कलेक्टोरेट में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो द्वारा गोविंद दास को लैपटॉप प्रदान किया गया। लैपटॉप प्राप्त होने से छात्र को स्वअध्ययन, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तथा शैक्षणिक कार्यों में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर छात्र एवं उसके पिता ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। अपर कलेक्टर श्री टोप्पो ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभावान छात्र केवल आर्थिक या संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे।

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गुड़गहन पहुंचे वित्त मंत्री श्री चौधरी, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद,ग्रामीणों की समस्याएं और मांगें सुनकर दिए त्वरित निराकरण के निर्देश

रायगढ़, 6 फरवरी 2026/ वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी आज रायगढ़ जिले के ग्राम-गुड़गहन पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने गांव से जुड़ी विभिन्न बुनियादी आवश्यकताओं की जानकारी दी। ग्रामीणों द्वारा सड़क, पेयजल, विद्युत, आवास, स्वास्थ्य एवं अन्य जनसुविधाओं से संबंधित मुद्दे रखे गए। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सभी विषयों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
             ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि सरकार का दृढ़ निश्चय है कि जिले के प्रत्येक गांव तक आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सरकार और प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गांव में पहुंचकर जनसंवाद करने से शासन को जमीनी स्तर की वास्तविक समस्याओं को समझने में सहायता मिलती है। ग्रामीणों ने उनकी समस्याएं सुनने और समाधान का भरोसा दिलाने के लिए वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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मछली पालन विभाग द्वारा विभिन्न एनीकट्स में मत्स्य बीज का संचयन,मत्स्य बीज संचयन से स्वरोजगार और पोषण को मिलेगा बढ़ावा

जशपुरनगर, 06 फरवरी 2026/ मछली पालन विभाग, जशपुर द्वारा नदी एवं एनीकट्स के माध्यम से मछली पालन करने वाली समितियों एवं समूहों के सदस्यों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिले के विभिन्न एनीकट्स में मत्स्य बीज फिंगरलिंग का संचयन कराया गया। इस पहल से स्थानीय मछुआ किसानों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा मछली के सेवन से पोषण स्तर में भी सुधार आएगा।
   जिले की इस अंतर्गत किलकिला एनीकट, विकासखंड पत्थलगांव, मैनी एनीकट विकासखंड कांसाबेल, डुमरटोली एवं सुरजुला एनीकट विकासखंड मनोरा, कोकिया (तुमला) एनीकट विकासखंड फरसाबहार, साहीडांड़ एनीकट विकासखंड बगीचा तथा हल्दीमुण्डा एनीकट विकासखंड कुनकुरी में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मत्स्य बीज का संचयन किया गया। यह संपूर्ण कार्यक्रम श्री जे.के. पैंकरा, सहायक संचालक मछली पालन के मार्गदर्शन में  संपन्न हुआ।

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जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है - प्रधानमंत्री

*जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है - प्रधानमंत्री*

*प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*

*नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है - मुख्यमंत्री*

*बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और संभावनाओं का  बन रहा प्रतीक: मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 6 फरवरी 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कल संसद में अपने उद्बोधन के दौरान विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है। विकास की धारा अब बस्तर के गांव-गांव तक पहुंच रही है। कई ऐसे गांव हैं जहां पहली बार बस सेवा शुरू हुई और पूरे गांव ने इसे उत्सव की तरह मनाया। उन्होंने  कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब कुछ जिलों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था। वहां रहने वाले करोड़ों लोगों की मौलिक आवश्यकताओं तक को नकार दिया गया था और उन्हें उसी अवस्था में जीने के लिए मजबूर कर दिया गया। इन क्षेत्रों में विकास के अभाव ने हालात को और बदतर बना दिया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि ऐसे जिलों को पनिशमेंट पोस्टिंग के लिए उपयुक्त माना जाने लगा था, जिससे वहां की व्यवस्था और अधिक बिगड़ती चली गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस सोच और संस्कृति को बदला गया। यह निर्णय लिया गया कि पिछड़े क्षेत्रों में योग्य, युवा और होनहार अधिकारियों को तैनात किया जाएगा और उन्हें पूरे तीन वर्ष का समय दिया जाएगा, ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। एक के बाद एक ठोस निर्णय लिए गए और आज उनके परिणाम देश देख रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कल संसद में प्रधानमंत्री के बस्तर में हुए विकास पर दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है। यह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है। यहां अनेक सुंदर जलप्रपात हैं, कुटुमसर जैसी विश्वविख्यात गुफा है, विशाल अबूझमाड़ का जंगल है और धुड़मारास गांव को विश्व पर्यटन संस्था द्वारा चयनित 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास इस पूरे क्षेत्र को छू नहीं पाया, जबकि बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से भी बड़ा है। अब स्थिति तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और विकास ने नई गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और उत्साह का परिणाम है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन पिछले वर्ष से किया जा रहा है। पिछले वर्ष इसमें 1 करोड़ 65 लाख युवाओं की भागीदारी रही, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 91 लाख तक पहुंच गई है। इसी तरह बस्तर पंडुम का आयोजन भी पिछले वर्ष किया गया और इस वर्ष भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का शुभारंभ 7 तारीख को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से होगा, जबकि समापन 9 तारीख को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में होगा। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी कई बार बस्तर और बस्तर ओलंपिक का उल्लेख किया जाना पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और संभावनाओं का प्रतीक बन रहा है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है।

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छात्रों के भविष्य को संवारने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संवाद अभियान, परीक्षा पे चर्चा 2026 से मिलेगा तनावमुक्त परीक्षा का संदेश

अंबिकापुर 05 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मकता और समग्र कल्याण की भावना तथा परीक्षा को लेकर भय के वातावरण को दूर करने के उद्देश्य से  06 फरवरी 2026 को विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अभिभावकों से परीक्षा पे चर्चा किया जाएगा।
      जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी) 2026 कार्यक्रम 06 फरवरी 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से जिले के प्रत्येक शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों, विकासखण्ड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का प्रसारण विभिन्न सोशल मीडिया (यूट्यूब, फेसबुक लाइव), दूरदर्शन, PM eVidya TV, रेडिया चैनलों और विभिन्न ओटीटी प्लेटफार्म आदि पर किया जाएगा।

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राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित

रायगढ़, 5 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सभाकक्ष में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) सह मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार विकासखंड घरघोड़ा एवं लोइंग, रायगढ़ अर्बन में फाइलेरिया दवा सेवन कार्यक्रम 10 से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। 10 से 12 फरवरी तक सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में बूथ लगाकर हाथीपांव की दवा खिलाई जाएगी। इसी तरह 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर जाकर दवा सेवन कराया जाएगा। शेष छूटे हुए व्यक्तियों को 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाएगा।

*मच्छर जनित गंभीर रोग है फाइलेरिया*
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जो लसीका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके लक्षण कई वर्षों बाद दिखाई देते हैं और हाथीपांव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। फाइलेरिया की कोई वैक्सीन अथवा स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, किंतु वर्ष में एक बार दी जाने वाली दवा से इस बीमारी से बचाव संभव है।

*दवा सुरक्षित, किन्तु खाली पेट सेवन नहीं*
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया की दवा से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है, केवल दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी दवा तथा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों, 90 सेमी से कम ऊंचाई वाले व्यक्तियों, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को दवा सेवन से वंचित रखा गया है।

*जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश*
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा ने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यक्रम की बारीकियों से अवगत कराते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए तथा आमजन को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में ब्लॉक एवं शहरी मलेरिया प्रभारी, मलेरिया सहायक, वीबीडी टेक्निकल सुपरवाइजर, सेक्टर सुपरवाइजर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मितानिन कार्यक्रम के विकासखंड समन्वयक सहित डॉ. सोनाली मेश्राम, प्रीति शर्मा, गौतम प्रसाद सिदार, निर्मल प्रसाद, अंजुलता पटनायक तथा पीसीआई से डीसी अशोक कुमार उपस्थित रहे।

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